aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप

Get here NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप. More Detail
NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप - Page 1 of 4

About NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप

NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप is available here for free download. Published by NCERT for Class 8, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (4 pages). Candidates preparing for Class 8 can use NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप have?

NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप contains 4 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 8 study material?

You can find more Class 8 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 8 Hindi (वसंत) Chapter 13 बाज और साँप – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (4 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH

aglase .co

Page 2

Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 17 Hindi

Class : 8th

Subject : वसंत

Chapter : 17

Chapter Name : बाज और सााँ प

Q1 लेखक ने इस कहानी का शीर्षक कहानी के दो पात्ों के आधार पर रखा है | लेखक ने बाज़ और सााँ प को ही क्ों
चुना? आपस में चचाष कीजजए |

Answer. लेखक ने बाज़ और सााँ प को ही इसजलए चुना क्ोंजक बाज़ आसमान में उड़ता है और सााँ प ज़मीन पर रहता
है | इन दोनों के माध्यम से लेखक ने जजंदगी के प्रजत दो नज़ररये बताने की कोजशश की है |

Page : 116, Block Name : शीर्षक और नायक

Q1 घायल होने के बाद भी बाज ने यह क्ों कहा,'' मुझे कोई जशकायत नहीं है।'' जवचार प्रकट कीजजए।

Answer. बाज ने अपने जीवन को जी भरकर जजया| उसने आकाश में पंख फैलाकर बहुत ऊंची उड़ाने भरी| उसने
अपने जीवन के सभी सुखों को भोग जलया था इसजलए वह अपने जीवन से पूरी तरह संतुष्ट था| और उसे अपने जीवन
से कोई जशकायत नहीं थी|

Q2 बाज जज़ंदगी भर आकाश में ही उड़ता रहा जफर घायल होने के बाद भी वह उड़ना क्ों चाहता था?

Answer. बाज अपने अंजतम समय में एक बार जफर से उड़ने का आनंद प्राप्त करना चाहता था|

Q3 सााँ प उड़ने की इच्छा को मूखषतापूर्ष मानता था। जफर उसने उड़ने की कोजशश क्ों की ?

Answer. सााँ प ने जब बाज का आकाश के जलए प्रेम दे खा तो उसने सोचा आकाश में ऐसा कौन सा खजाना हैं जजसके
जलए बाज ने अपने प्रार् गवााँ जदए| इसी खजाने के रहस्य को जानने के जलए सााँ प ने उड़ने की कोजशश की|

Q4 बाज के जलए लहरों ने गीत क्ों गाया था?

Answer. लहरों ने बाज की बहादु री और साहस को दे खकर उसके जलए गीत गाया था|

Q5 घायल बाज को दे खकर सााँ प खुश क्ों हुआ होगा?

Answer. बाज सााँ प का जशकार करता हैं | घायल बाज को दे खकर सााँ प इसजलए खुश था क्ोंजक वह बाज अपने जीवन
की अंजतम सााँ से जगन रहा था और उसे कोई नुकसान नहीं पंहुचा सकता था|

Page 1 of 3

Page 3

Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 17 Hindi

Q1 कहानी में से वे पंक्तियााँ चुनकर जलक्तखए जजनसे स्वतंत्ता की प्रेरर्ा जमलती हो|

· जब तक शरीर में ताकत रही, कोई सुख ऐसा नहीं बचा जजसे न भोगा हो। दू र-दू र तक उड़ाने भरी हैं , आकाश
की असीम ऊाँचाइयों को अपने पंखों से नाप आया हाँ ।

· वह दु ने उत्साह से अपने घायल शरीर को घसीटता हुआ चट्टान के जकनारे तक ले आया|

· वह समय दू र नहीं है , जब तुम्हारे खून की एक-एक बूाँद जजंदगी के अाँधेरे में प्रकाश फैलाएगी और साहसी,
बहादु र जदलों में स्वतंत्ता और प्रकाश के जलए प्रेम पैदा करे गी।

Page : 117, Block Name : कहानी से आगे

Q2 लहरों का गीत सुनने के बाद सााँ प ने क्ा सोचा होगा? क्ा उसने जफर से उड़ने की कोजशश की होगी? अपनी
कल्पना से आगे की कहानी पूरी कीजजए |

Answer. लहरों का गीत सुनने के बाद सााँ प में भी साहस आया होगा और शायद उसने जफर से उड़ने की कोजशश
की होगी |

Page : 117, Block Name : कहानी से आगे

Q3 क्ा पजियों को उड़ते समय सचमुच आनंद का अनुभव होता होगा या स्वाभाजवक कायष में आनंद का अनुभव होता
ही नहीं? जवचार प्रकट कीजजए |

Answer - पजियों को उड़ते समय आनंद का अनुभव होता होगा क्ोंजक ये उनका कायष है | उनकी प्रवृजि है उड़ना,
इसजलए उन्हें आसमान में अपने पंख फैलाकर उड़ान भरना अच्छा लगता होगा |

Page : 117, Block Name : कहानी से आगे

Q4 मानव ने भी हमेशा पजियों की तरह उड़ने की इच्छा की हैं | आज मनुष्य उड़ने की इच्छा जकन साधनों से पूरी
करता हैं |

Answer. मनुष्य ने अपने उड़ने की इच्छा हवाई जहाज़ के सफर को तय करके पूरी की हैं |

Page : 117, Block Name : कहानी से आगे

Q5यजद इस कहानी के पात् बाज और सााँ प न होकर कोई और होते तब कहानी कैसी होती? अपनी कल्पना से
जलक्तखए।

Answer. लेखक इस कहानी के माध्यम से जो सन्दे श दे ना चाहता है वह इन्ही दो पात्ों के प्रयोग से भली प्रकार
समझाया जा सकता है। लेखक का मूल उद्दे श्य 'जवचारों में अंतर' दशाषना है।

Page : 117, Block Name : अनुमान और कल्पना

Page 2 of 3

Page 4

Book : Vasant Ncert Solutions | Chapter - 17 Hindi

Q1 कहानी में से अपनी पसंद के पााँ च मुहावरे चुनकर उनका वाक्ों में प्रयोग कीजजए।

· आश्चयष का जिकाना न रहना - परीिा में प्रथम आने पर मोहन के आश्चयष का जिकाना न रहा|

· भााँ प लेना - घायल बाज को दे खकर सााँ प ने भााँ प जलया की अब बाज का अंजतम समय आ गया हैं |

· मन में आशा जागना – इस कहानी से हमारे मन में भी आशा की जकरर् जागी हैं |

· प्रार् हथेली में रखना – सााँ प भी अपने प्रार् हथेली पर रखकर उड़ने की कोजशश करने लगा|

· जहम्मत बााँ धना – कजिन समय में अपनों का साथ हमें जहम्मत बंधाता हैं |

Page : 118, Block Name : भार्ा की बात

Q2 आरामदे ह’ शब्द में ‘दे ह’ प्रत्यय है । ‘दे ह’ ‘दे नेवाला’ के अथष में प्रयुि होता है । दे नेवाला के अथष में ‘द’, ‘प्रद’,
‘दाता’, ‘दाई’ आजद का प्रयोग भी होता है , जैसे – सुखद, सुखदाता, सुखदाई, सुखप्रद। उपयुषि समानाथी प्रत्ययों को
लेकर दो – दो शब्द बनाइए।

द – दु खद, जलद

प्रद – लाभप्रद, जशिाप्रद

दाता - परामशषदाता, सुखदाता

दाई - सुखदाई, दु खदाई

दे ह - लाभदे ह, आरामदे ह

Page : 118, Block Name : भार्ा की बात

Page 3 of 3

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 8
TypeSolution
Pages4
Languagehindi
Updated11 Aug 2026