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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book]

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book] - Page 1 of 5

About NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book]

NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book] is available here for free download. Published by NCERT for Class 10, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 10 can use NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book] to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (नागरिकशास्त्र) लोकतंत्र और विविधता [Old Book] – Text

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Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th

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Class : 10th

Subject : सामािजक व ान

Chapter : 3

Chapter Name : लोकतं और व वधता

Q. 1. सामािजक वभाजन क राजनी त के प रणाम तय करने वाले तीन कारक क चचा कर।

Answer – सामािजक वभाजन क राजनी त के प रणाम को नधा रत करने वाले तीन कारक:

I. लोग क अपनी पहचान के बारे म धारणा - जब लोग खद ु को सबसे अलग और वशेष
समझने लगते है तो उनके लए दस
ू रे लोग से तालमेल बैठाना बहुत क ठन हो जाता है | य द लोग अपनी
रा य पहचान को सव प र समझते है तब कोई सम या नह ं होती | हमारे दे श म यादातर लोग खद ु
को पहले भारतीय मानते ह फर कसी दे श, जा त या भाषा समह ू का सद य |

II. राजनी तक नेताओं वारा एक समदु ाय का त न ध व - सं वधान के दायरे म आने
वाल व अ य समद ु ाय को नक
ु सान न पहुंचाने वाल माँगो को मान लेना सह है ले कन कसी एक
समदु ाय क अनु चत माँग को य द मान लया जाए तो यह ग़लत होगा| ीलंका म संह लय क माँग
त मल समद ु ाय क पहचान और हत के ख़लाफ़ थी |

III. सरकार का ख - अगर शासन रा य एकता के नाम पर कसी क उ चत माँग को दबाना
शु कर दे तो प रणाम हमेशा नक
ु सानदे ह होते है |

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Q. 2. सामािजक अंतर कब और कैसे सामािजक वभाजन का प ले लेते ह?

Answer – जब एक तरह का अंतर अ य अंतर से यादा मह वपण ू बन जाता है और लोग को लगने
लगता है क वे दस ू रे समद
ु ाय के है तब सामािजक वभाजन क ि त थ पैदा होती है | उदाहरण के लए,
हमारे दे श म द लत गर ब है और उ ह अ सर भेदभाव और अ याय का सामना करना पड़ता है | जब
एक-सी सामािजक असमानताएँ कई समह ू म मौजद
ू हो तो फर एक समह ू के लोग के लए अपनी
अलग पहचान बनाना मिु कल हो जाता है और एक गहरे सामािजक वभाजन क रे खा खींच जाती है |

Page: 37, Block Name: शनावल

Q. 3. सामािजक वभाजन कस तरह से राजनी त को भा वत करते ह? दो उदाहरण भी द िजए |

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Answer – सामािजक वभाजन और राजनी त का संयोजन वा तव म खतरनाक हो सकता है । एक
लोकतं म व भ न राजनी तक दल के बीच त पधा शा मल है । जैसा क उनक तयो गता समाज
को वभािजत करने के लए होती है , अगर वे कुछ मौजद ू ा सामािजक वभाजन के संदभ म त पधा
करना शु करते ह, तो यह उन सामािजक वभाजन को राजनी तक वभाजन म बदल सकता है , िजससे
संघष, हंसा और यहां तक क दे श का वभाजन भी हो सकता है । इसका एक उदाहरण यग ू ो ला वया का
छह वतं दे श म वभाजन है । आयरलड इसका दस ू रा उदाहरण है | यहाँ काफ समय तक लोग के बीच
हंसा और जातीय कटुता रह |

Page: 37, Block Name: शनावल

Q. 4. ……………. सामािजक अंतर गहरे सामािजक वभाजन और तनाव क ि त थ पैदा करते ह।
…………. सामािजक अंतर सामा य तौर पर टकराव क ि त थ तक नह ं जाते।

Answer – ए
​ क तरह के सामािजक अंतर गहरे सामािजक वभाजन और तनाव क ि त थ पैदा करते ह।
व भ न कार के सामािजक अंतर सामा य तौर पर टकराव क ि त थ तक नह ं जाते।

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Q. 5. सामािजक वभाजन को सँभालने के संदभ म इनम से कौन सा बयान लोकतां क यव था पर
लागू नह ं होता?

(क) लोकतं म राजनी तक त व दता के चलते सामािजक वभाजन क छाया राजनी त पर भी
पड़ती है ।

(ख) लोकतं म व भ न समद
ु ाय के लए शां तपण
ू ढं ग से अपनी शकायत ज़ा हर करना संभव है ।

(ग) लोकतं सामािजक वभाजन को हल करने का सबसे अ छा तर का है ।

(घ) लोकतं सामािजक वभाजन के आधार पर समाज को वखंडन क ओर ले जाता है ।

Answer – (घ) लोकतं सामािजक वभाजन के आधार पर समाज को वखंडन क ओर ले जाता है ।

Q. 6. न न ल खत तीन बयान पर वचार कर:

(अ) जहाँ सामािजक अंतर एक-दस
ू रे से टकराते ह वहाँ सामािजक वभाजन होता है ।

(ब) यह संभव है क एक यि त क कई पहचान हो।

(स) सफ़ भारत जैसे बड़े दे श म ह सामािजक वभाजन होते ह।

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Book : Loktantrik Rajniti Ncert Solutions | Chapter - 3 Social Science - Poltical Science

इन बयान म से कौन-कौन से बयान सह ह|

(क) अ, ब और स

(ख) अ और ब

(ग) ब और स

(घ) सफ स

Answer – (ख) अ और ब

Q. 7. न न ल खत बयान को ता कक म से लगाएँ और नीचे दए गए कोड के आधार पर सह जवाब
ढूँढ़े।

(अ) सामािजक वभाजन क सार राजनी तक अ भ यि तयाँ खतरनाक ह हो यह ज र नह ं है |

(ब) हर दे श म कसी न कसी तरह के सामािजक वभाजन रहते ह ह |

(स) राजनी तक दल सामािजक वभाजन के आधार पर राजनी तक समथन जट
ु ाने का यास करते ह |

(द) कुछ सामािजक अंतर सामािजक वभाजन का प ले सकते ह।

(क) द, ब, स, अ

(ख) द, ब, अ, स

(ग) द, अ, स, ब

(घ) अ, ब, स, द

Answer – (क) द, ब, स, अ

Q. 8. न न ल खत म कस दे श को धा मक और जातीय पहचान के आधार वखंडन का सामना करना
पड़ा?

(क) बेि जयम

(ख) भारत

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(ग) यग
ू ो ला वया

(घ) नीदरलड

Answer – (ग) यग
ू ो ला वया

ू र कंग जू नयर के 1963 के एक स ध भाषण के न न ल खत अंश को पढ़। वे कस
Q. 9. मा टन लथ
सामािजक वभाजन क बात कर रहे ह? उनक उ मीद और आशंकाएँ या- या थी? या आप उनके
बयान और मैि सको ओलं पक क उस घटना म कोई संबंध दे खते ह िजसका िज इस अ याय म था?

"मेरा एक सपना है क मेरे चार न ह ब चे एक दन ऐसे मु क म रहगे जहाँ उ ह चमड़ी के रं ग के आधार
पर नह ं, बि क उनके च र के असल गण ु के आधार पर परखा जाएगा। वतं ता को उसके असल प
म आने द िजए | वतं ता तभी कैद से बाहर आ पाएगी जब यह हर ब ती, हर गाँव तक पहुँचगी, हर
रा य और हर शहर म होगी और हम उस दन को ला पाएँगे जब ई वर क सार संताने - अ वेत
ी-पु ष, गोरे लोग, यहूद तथा गैर-यहूद , ोटे टट और कैथो लक - हाथ म हाथ डालगी और इस
परु ानी नी ो ाथना को गाएंगी - ' मल आज़ाद , मल आज़ाद ! भु ब लहार , मल आज़ाद !' मेरा
एक सपना है क एक दन यह दे श उठ खड़ा होगा और अपने वा त वक वभाव के अनु प कहे गा , "हम
इस प ट स य को मानते ह क सभी लोग समान ह | "

Answer – मा टन लथ ू र कंग जू नयर ने अपने भाषण म रं गभेद के ख़लाफ़ आवाज़ उठायी थी |
मैि सको ओलि पक क घटना म भी दो खला ड़य ने अमे रका म होने वाले रं गभेद के त लोग का
यान खींचने क को शश क थी |

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 10
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated30 Apr 2026