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2026
SAMPLE / MODEL
PAPERS
NCERT BASED
PRACTICE PAPERS
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STATE BOARDS
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वा षक पर ा अ यास न प (2025-26)
क ा-6, वषय- हंद
नधा रत समय : 2.30 घंटे अ धकतम अंक : 60
सामा य नदश :
न न ल खत नदश को पढ़कर उनका पालन क िजए :
इस न प म कुल चार खंड ह- ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’।
इस नप म कुल 11 न ह, सभी न अ नवाय ह।
इस न प म आतं रक वक प दए गए ह।
न के उ र दए गए नदश का पालन करते हुए ल खए।
यथासंभव येक खंड के न के उ र मश: ल खए।
खंड-क
अप ठत बोध
न 1. न न ल खत ग यांश को यानपव
ू क प ढ़ए और दए गए न के उ र ल खए-
लई
ु ेल का ज म 4 जनवर 1809 को ांस म हुआ था। बचपन म एक दघ
ु टना के कारण वे
ि टह न हो गए, ले कन उ ह ने हार नह ं मानी। उ ह ने ि टह न लोग के लए पढ़ने और
लखने क एक वशेष ल प का आ व कार कया, िजसे ेल ल प कहा जाता है । यह ल प उभरे
हुए बंदओ
ु ं से बनी होती है, िज ह उं ग लय से छूकर पढ़ा जाता है । लई
ु ेल ने अपने जीवन म
अनेक क ठनाइय का सामना कया, परं तु उ ह ने अपने जैसे ि टह न यि तय के जीवन को
उ वल बना दया। आज द ु नया भर के ि टह न लोग ेल ल प के मा यम से श ा ा त
करते ह। लई
ु ेल का जीवन ढ़ न चय, प र म और सेवा भावना का अ भुत उदाहरण है ।
(i) ग यांश के अनस
ु ार लई
ु ेल ने कसके लए वशेष ल प का आ व कार कया था? 1
(क) छोटे ब च के लए
(ख) ि टह न के लए
(ग) वै ा नक के लए
(घ) माता- पता के लए
(ii) ग यांश के अनस
ु ार लई
ु ेल का ज म कस दे श म हुआ था? 1
(क) भारत
(ख) ांस
(ग) नेपाल
(घ) पेन
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(iii) ेल ल प कैसी होती है? 1
(iv) लई
ु ेल का जीवन हम या सखाता है ? 2
न 2. न न ल खत प यांश को प ढए और दए गए न के उ र ल खए-
वश म िजससे हो जाते ह ाणी सारे ।
जन िजससे बन जाते ह आँख के तारे ।
मुख खोलो तो मीठ बोल बोलो यारे ।।
सदा जोड़ दे नेवाल जो टूटा नाता
मीठ बोल यार के बीज है बोनेवाल ।।
काँट म भी सुंदर फूल खलानेवाल ।
रखनेवाल कतने ह मख
ु ड़ क लाल ।
यह है बगड़ी बात बना दे नेवाल
होती मीठ बोल क बात नराल ।।
दल के पेचीदा ताल क स ची ताल ।
फैलानेवाल सग
ु ंध सब ओर अनूठ
मीठ बोल है वक सत फूल क डाल ।।
(i) तत
ु प यांश के अनुसार मीठ बोल का लोग पर या भाव पड़ता है? 1
(क)गाना गाने लगते ह
(ख) वश म हो जाते ह
(ग) बेहोश हो जाते ह
(घ) गु सा हो जाते ह
(ii) प यांश म मीठ बोल क तुलना कससे क गई है 1
(क) प थर का ढे र
(ख) काँट क झाडी
(ग) फूल क डाल
(घ) आँख के तारे
(iii) दल के ताल क चाबी (ताल ) कसे कहा गया है 1
(iv) प यांश म व णत मीठ बोल क कोई दो वशेषताएँ ल खए? 2
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खंड- ‘ख’ ( यावहा रक याकरण)
न 3. न न ल खत याकर णक न के उ र ल खए- (10x1=10)
वपर त श द का मलान क िजए- (उ र पुि तका म ल खए)
(i) आशा (क) कायर
(ii) वीर (ख) पू णमा
(iii) अमाव या (ग) नराशा
(iv) ‘एक _____________ सौ बीमार’- उ चत श द लखकर कहावत को परू ा क िजए।
(v) ‘नवजीवन ने ल अँगड़ाई।’ या श द पहचानकर ल खए।
(vi) ‘बाबा भारती घोड़े से उतरकर वयं लगाम पकड़कर चलने लगे।’ दए गए वा य म
सवनाम श द पहचानकर ल खए।
(vii) ‘डाल पर पीला फूल खला है।’ – वशेषण का भेद ल खए।
(viii) भाववाचक सं ा का एक उदाहरण ल खए।
(ix) ‘जल को धारण करने वाला’ – वा यांश के लए एक श द ल खए।
(x) ‘ दय पर साँप लोटना’ मह
ु ावरे का अथ ‘अ य धक ई या होना’ है । (सह / गलत)
खंड- ‘ग’
पा यपु तक
न 4. न न ल खत ग यांश को प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए- (4x1=4)
न न ल खत ग यांश को यानपव
ू क प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए-
जब रयासत दे वगढ़ के द वान सरदार सज
ु ान संह बढ़
ू े हुए तो परमा मा क याद आई।
जाकर महाराज से वनय क क “द नबंध!ु दास ने ीमान क सेवा चाल स साल तक क , अब
मेर अव था भी ढल गई, राज-काज संभालने क शि त नह ं रह । कह ं भल
ू -चक
ू हो जाए तो
बढ़
ु ापे म दाग न लगे। सार िजंदगी क नेकनामी म ट म मल जाए।” राजा साहब अपने
अनभ
ु वशील, नी तकुशल द वान का बड़ा आदर करते थे। बहुत समझाया, ले कन जब द वान साहब
ने न माना, तो हारकर उनक ाथना वीकार कर ल ; पर शत यह लगा द क रयासत के लए
नया द वान आप ह को खोजना पड़ेगा।
(i) द वान सज
ु ान संह ने महाराज से सेवा नव ृ क ाथना य क?
(क) राजा ने उनसे नाराज़गी कट क थी।
(ख) उ ह शासन से असंतोष उ प न हुआ था।
(ग) वे दस
ू रे रा य म काम करना चाहते थे।
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(घ) उनक शि त व आयु दोन घट चक
ु थीं।
(ii) “नेकनामी म ट म मल जाए” का या अथ है?
क) स मान व त ठा न ट हो जाना
ख) अपनी संप समा त हो जाना
ग) प रवार से अलग हो जाना
घ) बढ़
ु ापे म अकेले रह जाना
(iii) ाथना वीकार करते समय द वान साहब के सामने या शत रखी गई?
क) वे कसी और को श त करगे।
ख) वे नया द वान वयं खोजकर दगे।
ग) वे कुछ और समय तक काय करगे।
घ) वे अपनी परू संप दान कर दगे।
(iv) इस ग यांश से हम कौन-सी श ा मलती है?
क) पद से बढ़कर कत य न ठा का मह व होता है।
ख) हर यि त को बड़े पद पर काम करना चा हए।
ग) स मान केवल धन और पद से ह मलता है।
घ) व ृ धाव था म मह वकां ाएँ ह बढ़ानी चा हए।
न 5. ग य पाठ पर आधा रत न न ल खत न म से क ह ं दो न के उ र ल खए-
(2x2=4)
(i) एंजेला को कस कार क कहा नयाँ लभ
ु ाती थीं? ‘स या और बहू न ृ य’ पाठ के आधार
पर ल खए।
(ii) ‘हॉक का जादग
ू र’ कस खलाड़ी को कहा गया है तथा उ ह यह उपा ध य मल ?
(iii) आपके वचार से बाबा भारती ने ख ग संह से घोड़ा छ नने क बात कसी को न बताने क
ाथना य क होगी?
न 6. ग य पाठ पर आधा रत न न ल खत न म से क ह ं दो न के उ र लगभग
30-40 श द म ल खए- (2x3=6)
(i) एलेस ा भारत कस उ दे य से आ थीं? या वह उसे पूरा करने म सफल हो सक ं?
(ii) पाठ ‘ हंद महासागर म छोटा-सा हंद ु तान’ के आधार पर मॉ रशस क राजधानी ‘पोटलुई’ क
मु य वशेषताओं का उ लेख क िजए।
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(iii) पाठ ‘पेड़ क बात’ के आधार पर उदाहरण स हत ल खए क पेड़-पौधे हमारे जीवन के लए
कस कार आव यक ह?
न 7. न न ल खत प ठत प यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सबसे सह वक प
चन
ु कर ल खए। (4x1=4)
मैया म न हं माखन खायो।
भोर भयो गैयन के पीछे , मधब
ु न मो ह पठायो।
चार पहर बंसीवट भट यो, साँझ परे घर आयो।।
म बालक ब हयन को छोटो, छ को के ह ब ध पायो।
वाल-बाल सब बैर पड़े ह, बरबस मख
ु लपटायो।।
i. तुत प यांश म ीकृ ण माँ यशोदा को व वास दला रहे ह क उ ह ने -
क. माखन खाया है
ख. माखन नह ं खाया है
ग. मटक गराई है
घ. मटक नह ं गराई है
ii. ‘भोर भयो गैयन के पीछे ’ पंि त म कस समय क बात हो रह है?
क. दोपहर
ख. शाम
ग. रात
घ. सब
ु ह
iii. ीकृ ण ने छ ंक तक न पहुँच पाने के लए या तक दया है?
क. उनके पैर छोटे ह
ख. उनक बाह छोट ह
ग. उनके पास छड़ी नह ं है
घ. उनक ऊँचाई कम है
iv. ीकृ ण माँ यशोदा के सामने ‘ वाल-बाल’ को अपना _____ बता रहे ह।
क. म
ख. संबंधी
ग. श ु
घ. अ त थ
न 8. प य पाठ पर आधा रत न न ल खत लघु उ र य न को यानपूवक पढ़कर- क ह ं
दो न के उ र ल खए। (2x2=4)
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क. चेतक कौन था तथा वह कसके इशारे पर मड़
ु जाता था?
ख. ‘मातभ
ृ ू म’ क वता म हमालय और आकाश को कैसे च त कया गया है?
ग. रह म के अनुसार स जन पु ष कसके लए संप सहे ज कर रखता है?
न 9. प य पाठ पर आधा रत न न ल खत द घ उ र य न को यानपूवक पढ़कर- क ह ं
दो न के उ र 30-40 श द म ल खए। (2x3=6)
क. चेतक ने रण े म अपनी वीरता कैसे दखाई? दो पंि तय म ल खए।
ख. रह म के अनस
ु ार जीभ के काय का प रणाम सर को य भोगना पड़ता है? वचार करते
हुए ल खए।
ग. ‘जलाते चलो’ क वता म कसे जलाने और कसे बुझाने क बात कह गई है? ल खए।
खंड-घ
(रचना मक लेखन)
न 10. न न ल खत म से कसी एक वषय पर लगभग 80-100 श द म प ल खए-
(1x6=6)
आप मानसी/मनोज ह| अपनी/अपने म /सहे ल के ज म दन पर उ ह बधाई दे ते हुए प ल खए|
अथवा
आप संजना/संतोष ह| चकन गु नया बख
ु ार से पी ड़त होने के कारण दो दन के अवकाश के लए
अपने व यालय क /के धानाचाया/ धानाचाय को प ल खए।
न 11. न न ल खत म से कसी एक वषय पर लगभग 80-100 श द म अनु छे द ल खए-
(1x6=6)
(क) सुबह क सैर
(ख) मेरा दे श भारत
(ग) व याथ जीवन