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NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल

AglaSem पर कक्षा 8 गणित अध्याय 2 घातों का खेल (गणित प्रकाश) के NCERT समाधान की फ्री PDF डाउनलोड करें। नवीनतम NCERT पुस्तक (2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी प्रश्नों के चरण-दर-चरण, अभ्यास-वार हल। Free PDF of NCERT Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 Power Play (Ganita Prakash), Hindi Medium.
NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल - Page 1 of 72

About NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल

NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल is available here for free download. Published by NCERT for Class 8, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (72 pages). Candidates preparing for Class 8 can use NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

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NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 2 घातों का खेल – Text

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Page 1

F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा8

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 2: घात का खेल

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत प्रकाश

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

19 – 47 25 96 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 71 pages

Page 2

कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

कक्षा 8 · ग णत · ग णत प्रकाश

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 2: घात का खेल
ग णत प्रकाश कक्षा 8 भाग-I का अध्याय 2 एक ऐसे कागज से आरंभ होता है जसक मोटाई मात्र 0.001 सट मीटर है और पूछता है क 46 बार
मोड़ने पर वह कतना मोटा हो जाएगा — उत्तर है 7,00,000 कलोमीटर से भी अ धक। इसी एक प्रश्न से अध्याय चरघातांक संकेतन, घातांक के
नयम, शून्य और ऋणात्मक घातांक तथा वै ा नक संकेतन तक पहुँचता है और फर इन्ह से च टय , तार और पृथ्वी क आयु क बात करता है।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

ग णत प्रकाश (कक्षा 8) 19 – 47

खं ड प्रश्न

25 96

माध्यम

हन्द

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 19
2.1 घात के खेल का अनुभव

प्र.1 आप कागज को कतनी बार मोड़ सकते ह?

साधारण कागज को लगभग 6 या 7 बार — इसके पश्चात वह चाहे जतना बल लगाइए, मुड़ता ही नह ।
इसका कारण यह है क मोड़ने से दो काय एक साथ होते ह और वे एक-दूसरे के वरुद्ध जाते ह:

मोटाई प्रत्येक बार दोगुनी हो जाती है — k बार मोड़ने पर वह आरं भक मोटाई क 2k गुनी होती है;
लंबाई प्रत्येक बार आधी हो जाती है — k बार मोड़ने पर वह आरं भक लंबाई का 1/2k भाग रह जाती है।

7 बार मोड़ ने के पश्चात: मोटाई × 27 = 128 गुन ी

लंबाई ÷ 27 = कागज का 1/128 भाग

अतः 20 सट मीटर लंबा और 0.01 सट मीटर मोटा कागज अब लगभग 0.16 सट मीटर लंबा और 1.28 सट मीटर मोटा हो जाता है
— अथात एक ऐसा गुटका जो चौड़ाई से अ धक ऊँचा है। मोड़ के चार ओर घूमने के लए कागज ही शेष नह बचता।

ऐसा क्य होता है: एस्तु का "7 बार" कागज का नयम नह , दोगुना होने का नयम है। प्रत्येक मोड़ मोटाई को 2 से
गुणा करता है और बार-बार का गुणन हमारे हाथ क सामथ्य से कह तीव्र ग त से बढ़ता है। रॉक्सी क बात भी सही
है — पतला कागज छोट मोटाई से आरंभ होता है, अतः उसी अव ा तक पहुँचने म कुछ मोड़ अ धक लगते ह। वष
2002 म एक वद्याथ ने बहुत लंबे और पतले कागज को 12 बार मोड़ कर दखाया था।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्रयास क जए: एक समाचार पत्र और एक टशू पेपर मोड़कर ग नए। फर मुड़े हुए ढे र क मोटाई पैमाने से मा पए
और जाँ चए क वह वास्तव म दोगुनी हो रही है या नह ।

प्र.2 आप कागज को जतनी बार मोड़ना चाहते ह उतनी बार मोड़ सकते ह। मान ली जए आपने कागज को 30 बार
मोड़ा। 30 बार मोड़ने के पश्चात कागज क मोटाई क्या होगी? अनुमान लगाइए।

पहले अनुमान लगाइए, फर जाँ चए। अ धकांश लोग कुछ मीटर का अनुमान लगाते ह। वास्त वक उत्तर है लगभग 10.7
कलोमीटर — वह ऊँचाई जस पर हवाई जहाज उड़ते ह।

ं ीमीटर × 230
30 बार मोड़ ने के पश्चात मोटाई = 0.001 सेट

230 = 1,07,37,41,824

= 0.001 × 1,07,37,41,824 सेट
ं ीमीटर

= 10,73,741.824 सेट
ं ीमीटर

= 10.737 िकलोमीटर (लगभग 10.7 िकलोमीटर)

ऐसा क्य होता है: अनुमान इस लए गलत लगता है क्य क हम 30 मोड़ को पतली परत के 30 योग के रूप म
दे खते ह। परंतु प्रत्येक मोड़ 2 से गुणा करता है। मात्र 10 मोड़ 210 = 1024 गुना कर दे ते ह, अतः तीन बार दस-दस
मोड़ लगभग 1024 × 1024 × 1024 गुना — सौ करोड़ से भी अ धक।

संकेत: आकार का अनुभव करने क एक तीव्र व ध — 210 ≈ 103। अतः 230 = (210)3 ≈ (103)3 = 109,
अथात सौ करोड़। यह आकलन कुछ ही क्षण म हो जाता है और 8% के भीतर सही है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 20
2.1 घात के खेल का अनुभव

ग णत चचा

प्र.1 आपके वचारानुसार कागज को 30 बार मोड़ने के पश्चात कागज क मोटाई क्या होनी चा हए? इसे 45 बार मोड़ने
के पश्चात मोटाई क्या होनी चा हए? एक अनुमान लगाइए।

30 बार मोड़ने पर लगभग 10.7 कलोमीटर। 45 बार मोड़ने पर लगभग 3,51,844 कलोमीटर — अथात चंद्रमा क दूरी
(3,84,400 कलोमीटर) के बहुत नकट।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ं ीमीटर × 230 = 10,73,741.8 सेट
30 मोड़ : 0.001 सेट ं ीमीटर = 10.737 िकलोमीटर

ं ीमीटर × 245 = 3,51,84,37,20,888 सेट
45 मोड़ : 0.001 सेट ं ीमीटर ≈ 3,51,844 िकलोमीटर

इस पृष्ठ क ता लका से दे खए क उछाल कतनी शीघ्रता से बढ़ता है। 17व मोड़ (131 सट मीटर) से 26व मोड़ तक मोटाई एक
व्य क्त क ऊँचाई से बढ़कर 670 मीटर हो जाती है — दे श क अ धकांश इमारत से भी ऊँची। इसके नौ मोड़ बाद वह 343
कलोमीटर हो जाती है, अंत रक्ष स्टे शन से भी ऊपर।

ऐसा क्य होता है: दो क्रमागत मोड़ के बीच का अंतर भी दोगुना होता जाता है। 45वाँ मोड़ अकेले उतनी ही मोटाई
जोड़ता है जतनी पहले 44 मोड़ मलकर जोड़ते ह, क्य क 245 = 244 + 244। यही गुणनात्मक वृ द्ध क पहचान है
— अं तम चरण सदै व उससे पहले के सारे चरण के बराबर होता है।

प्र.2 नीचे द गई ता लका को पूण क जए। [मोड़ 18–26, 27–30 तथा 31–45]

प्रत्येक प्र व ष्ट 0.001 सट मीटर × 2n है, अथात ऊपर वाली पं क्त क दोगुनी। नीचे प्रत्येक चरण पर उपयुक्त मात्रक म मान दए
गए ह।

मोड़ मोटाई मोड़ मोटाई मोड़ मोटाई

18 ≈ 262 cm 21 ≈ 21.0 m 24 ≈ 167.8 m

19 ≈ 524 cm 22 ≈ 41.9 m 25 ≈ 335.5 m

20 ≈ 10.4 m 23 ≈ 83.9 m 26 ≈ 671 m

मोड़ मोटाई मोड़ मोटाई

27 ≈ 1.3 km 29 ≈ 5.4 km

28 ≈ 2.7 km 30 ≈ 10.7 km

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
मोड़ मोटाई मोड़ मोटाई मोड़ मोटाई

m l se km
≈a21,990
.co ag
31 ≈ 21.5 km 36 ≈ 687 km 41

se m ≈ 43.0 km
g l a
a
32 37 ≈ 1,374 km 42 ≈ 43,980 km

33 ≈ 85.9 km 38 ≈ 2,749 km 43 ≈ 87,961 km

co m
m . ag
se
34 ≈ 171.8 km 39 ≈ 5,498 km 44 ≈ 1,75,922 km

40 g l a
35 ≈ 343.6 km
a ≈ 10,995 km 45 ≈ 3,51,844 km

co m
m.
एक और मोड़ अथात 46वाँ मोड़ दे ता है ≈ 7,03,687 कलोमीटर — चंद्रमा से भी आगे।

m ase
.co a g l
स्वयं जाँ चए: अगली पं क्त के लए संगणक क आवश्यकता कभी नह पड़ती — केवल दोगुना क जए। और एक

se m
a
साथ दस पं क्तयाँ आगे बढ़ने के लए 1024 से गुणा क जए, क्य क 210 = 1024 है।

a g l

m a s
m.co agl
se
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 21

g l a
a
2.1 घात के खेल का अनुभव

m
.co
प्र.1 दो बार मोड़ने के पश्चात कागज क मोटाई म हुए प रवतन पर ध्यान द जए। इसम कतनी वृ हुई है?

se m
com g l a
m . a
e

s 4 गुनी हो जाती है।
aमोटाई
agl
se m
मोड़ 4 → 0.016 cm, मोड़ 6 → 0.064 cm
com g l a
m . a
ase
0.064 ÷ 0.016 = 4

agl
दू सरे युग् म से जाँच : मोड़ 4 → 0.016, मोड़ 5 → 0.032, अथ त एक मोड़ दोगुन ा करता है

दो मोड़ : 2 × 2 = 4 ग ुना
co m
m .
m as e
.co a g l
पुस्तक क अगली पं क्त म जाँचने को कहा गया है क 3 मोड़ मोटाई को 8 (= 2 × 2 × 2) गुना करते ह। मोड़ 9 (0.512

a s em सट मीटर) और मोड़ 12 (4.096 सट मीटर) ली जए: 4.096 ÷ 0.512 = 8। ✓

agl
.c
e m
ऐसा क्य होता है: गुणक केवल इस बात पर नभर करता है क कतने मोड़ लगाए गए, इस पर नह क आप कहाँ

om a b a–b la s
g
से आरंभ करते ह। प्रत्येक मोड़ 2 से गुणा करता है, अतः k मोड़ 2k गुना करते ह — मोड़ 3 से मोड़ 6 तक या मोड़
30 से मोड़ 33 तक, वृ द्ध वही 8 गुनeा m
. c a
a s रहती है। नयम 2 ÷ 2 = 2 यही कह रहा है, और इसी कारण इस पृष्ठ

a वृ lद्ध" वाले स्तंभ म प्रत्येक पं क्त म 1024 ही आता है।
क ता लका के " कतने गुना g

com
m .
m ase
.co


a g l Page 4 of 71

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 22
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ

प्र.1 बताइए क कागज को 10 बार मोड़ने के पश्चात नम्न ल खत म कौन-सा व्यंजक कागज क मोटाई को व्यक्त
करता है? प्रारं भक मोटाई को अक्षर संख्या v ारा नरू पत कया गया है। (i) 10v (ii) 10 + v (iii) 2 × 10 ×
v (iv) 2¹⁰ (v) 2¹⁰v (vi) 10²v

(v) 210v

पारंभ : v

1 मोड़ के पश्चात: v × 2

2 मोड़ के पश्चात: v × 2 × 2 = v × 22
…

10 मोड़ के पश्चात: v × 2 × 2 × … × 2 (दस बार 2) = 210v = 1024v

शेष वकल्प क्य गलत ह:

10v और 2 × 10 × v मोड़ क संख्या से गुणा करते ह, प्रत्येक बार 2 से नह — यह रै खक सोच है।
10 + v जोड़ता है; मोड़ना कभी जोड़ता नह ।

210 म प्रारं भक मोटाई छू ट गई है — यह केवल एक संख्या है, कोई मोटाई नह ।
102v = 100v; परंतु आधार 2 (दोगुना होना) होना चा हए और घातांक 10 (मोड़ क संख्या)। यहाँ दोन क अदला-बदली हो
गई है।

ऐसा क्य होता है: na म आधार n बताता है क क्या दोहराया जा रहा है और घातांक a बताता है क कतनी
बार। मोड़ने म "× 2" दस बार दोहराया जाता है, अतः आधार 2 है और घातांक 10 — इसका उल्टा कभी नह ।

प्र.2 संख्या 32400 को अभाज्य गुणनखंड के गुणनफल के रूप म व्यक्त क जए और अभाज्य गुणनखंड को उनके
चरघातांक रूप म प्रद शत क जए।

इस पृष्ठ के गुणनखंड-वृक्ष क भाँ त सबसे छोटे अभाज्य से बार-बार भाग द जए।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

32400 ÷ 2 = 16200

16200 ÷ 2 = 8100

8100 ÷ 2 = 4050
4050 ÷ 2 = 2025

2025 ÷ 5 = 405

405 ÷ 5 = 81

81 ÷ 3 = 27 ÷ 3 = 9 ÷ 3 = 3 ÷ 3 = 1

32400 = 2 × 2 × 2 × 2 × 5 × 5 × 3 × 3 × 3 × 3

= 24 × 52 × 34

जाँच: 24 = 16, 52 = 25, 34 = 81 और 16 × 25 × 81 = 400 × 81 = 32400। ✓

ऐसा क्य होता है: चरघातांक रूप केवल सं क्षप्त नह है — यह वह रूप है जसम संख्या क बनावट दखाई दे ती
है। 24 × 52 × 34 पढ़ते ही स्पष्ट हो जाता है क 32400 एक पूण वग है (सभी घातांक सम ह), यह 16, 25 और
81 से वभाज्य है और इसका वगमूल 22 × 5 × 32 = 180 है।

प्र.3 (–1)⁵ का मान क्या होगा? यह संख्या धनात्मक है या ऋणात्मक? (–1)⁵⁶ के वषय म आपका क्या वचार है?

(–1)5 = (–1)(–1)(–1)(–1)(–1)
= [(–1)(–1)] × [(–1)(–1)] × (–1)

= 1 × 1 × (–1) = –1 (ऋ णात्मक )

(–1)56 = (–1)(–1) के 28 युग् म

= 1 × 1 × … × 1 = 1 (धनात्मक )

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: ऋण चह्न दो-दो करके कट जाते ह, क्य क (–1) × (–1) = +1 होता है। अतः केवल घातांक
का सम या वषम होना महत्त्वपूण है। ऋणात्मक संख्या क सम घात धनात्मक होती है (सभी ऋण चह्न युग्म बना
लेते ह) और वषम घात ऋणात्मक (एक ऋण चह्न बच जाता है)। यहाँ 5 वषम है और 56 सम।

संकेत: यह कसी भी ऋणात्मक आधार के लए सही है: (–3)4 = 81 परंतु (–3)3 = –27। कोष्ठक का ध्यान र खए
— (–3)2 = 9 है जब क –32 = –9, क्य क दूसरे म केवल 3 का वग हुआ है।

प्र.4 0² एवं 0⁵ का मान क्या है? 0ⁿ का मान क्या है?

02 = 0 × 0 = 0

05 = 0 × 0 × 0 × 0 × 0 = 0

0n = 0, पत्येक गणन संख्या n के िलए

ऐसा क्य होता है: जैसे ही कोई एक गुणनखंड शून्य होता है, गुणनफल शून्य हो जाता है। 0 को स्वयं से चाहे जतनी
बार गुणा क जए, कुछ बनता ही नह — दोगुना करना बढ़ता है, आधा करना घटता तो है पर समाप्त नह होता,
परंतु 0 से बार-बार गुणा पहले ही चरण म ढह जाता है और वह रह जाता है।

क्या आप जानते ह? एक त छू ट जाती है — 00। नयम n0 = 1 म n ≠ 0 आवश्यक है, जब क प्र तरूप 0n =
0 उत्तर 0 चाहता है। दोन प्र तरूप आपस म नह मलते, अतः 00 को अप रभा षत छोड़ दया जाता है। इसी
कारण अध्याय na ÷ nb म n ≠ 0 पर बल दे ता है।

प्र.5 क्या (–2)⁴ = 16 होता है? सत्या पत क जए।

हाँ।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

(–2)4 = (–2) × (–2) × (–2) × (–2)

= [(–2) × (–2)] × [(–2) × (–2)]

=4×4

= 16

ऐसा क्य होता है: 4 सम है, अतः चार ऋण चह्न दो युग्म बना लेते ह और प्रत्येक युग्म +1 दे ता है। सामान्यतः a
सम होने पर (–n)a = na और a वषम होने पर (–n)a = –na। पछले प्रश्न से तुलना क जए: (–2)3 = –8 है, 8
नह ।

आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 22–23
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ

प्र.1 नम्न ल खत को घातांक य रूप म व्यक्त क जए। (i) 6 × 6 × 6 × 6 (ii) y × y (iii) b × b × b × b (iv) 5 ×
5 × 7 × 7 × 7 (v) 2 × 2 × a × a (vi) a × a × a × c × c × c × c × d

ग नए क प्रत्येक गुणनखंड कतनी बार दोहराया गया है; वही गनती उसका घातांक बन जाती है।

वस्ता रत रूप घातांक य रूप

(i) 6×6×6×6 64 ( = 1296)

(ii) y×y y2

(iii) b×b×b×b b4

(iv) 5×5×7×7×7 52 × 73 ( = 8575)

(v) 2×2×a×a 22a2 ( = 4a2)

(vi) a×a×a×c×c×c×c×d a3c4d

ऐसा क्य होता है: भन्न आधार अपने-अपने घातांक रखते ह; उन्ह जोड़ा नह जा सकता। (iv) म कुल पाँच
गुणनखंड ह परंतु सभी एक ही संख्या नह ह, इस लए उत्तर 52 × 73 है, 55 या 355 नह । (vi) म d केवल एक बार
आया है, अतः उसका घातांक 1 है — और d1 को केवल d लखा जाता है।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
नीचे द गई संख्याओं के अभाज्य गुणनखंडन क जए तथा इन्ह चरघातांक रूप म व्यक्त क जए। (i) 648 (ii)
e
प्र.2

m l as
.co
405 (iii) 540 (iv) 3600

a g
se m
g l a
a

(i) 648 = 2 × 324 = 2 × 2 × 162 = 2 × 2 × 2 × 81
co m
e m . ag
as
= 23 × 34 (8 × 81 = 648 ✓)

a g l

co m
m.
(ii) 405 = 5 × 81

m as e
.co l
= 34 × 5 (81 × 5 = 405 ✓)
a g
se m
g l a
a (iii) 540 = 2 × 270 = 2 × 2 × 135 = 4 × 27 × 5

m a s
.co agl
= 22 × 33 × 5 (4 × 27 × 5 = 540 ✓)

se m
g l a
a
(iv) 3600 = 36 × 100 = (22 × 32) × (22 × 52)

co m
= 24 × 32 × 52 (16 × 9 × 25 = 3600 ✓)
m .
m as e
.co a g l
s m क्य होता है: प्रत्येक संख्या का अभाज्य गुणनखंडन केवल एक ही होता है, अतः चरघातांक रूप उसक
eऐसा
a
gl पहचान है। (iv) पर ध्यान द जए — तीन घातांक सम ह, जसका अथ है क 3600 एक पूण वग है, वास्तव म
a
602, क्य क 60 = 22 × 3 × 5।
se m
com g l a
m . a
e
as गुणनखंड म तो ड़ए (3600 = 36 × 100), प्रत्येक का गुणनखंडन
a g l
संकेत: पहले संख्या को दो सु वधाजनक
क जए, फर na × nb = na+b से समान आधार जोड़ ली जए। यह 2 से ग्यारह बार भाग दे ने क तुलना म कह
तीव्र है।
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 9 of 71

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 नीचे दए गए प्रत्येक व्यंजक का संख्यात्मक मान ल खए। (i) 2 × 10³ (ii) 7² × 2³ (iii) 3 × 4⁴ (iv) (–3)² ×
(–5)² (v) 3² × 10⁴ (vi) (–2)⁵ × (–10)⁶

(i) 2 × 103 = 2 × 1000 = 2000

(ii) 72 × 23 = 49 × 8 = 392

(iii) 3 × 44 = 3 × 256 = 768

(iv) (–3)2 × (–5)2 = 9 × 25 = 225

(v) 32 × 104 = 9 × 10000 = 90000

(vi) (–2)5 × (–10)6 = (–32) × 10,00,000 = –3,20,00,000

ऐसा क्य होता है: (iv) म दोन घातांक सम ह, अतः दोन ऋण चह्न समाप्त हो जाते ह और उत्तर धनात्मक है।
(vi) म घातांक 5 ( वषम) और 6 (सम) ह: पहला गुणनखंड ऋणात्मक रहता है, दूसरा धनात्मक हो जाता है और
ऋणात्मक × धनात्मक = ऋणात्मक। इसे ma × na = (mn)a से भी दे ख सकते ह: (–3)2 × (–5)2 = (–3 × –
5)2 = 152 = 225।

स्वयं जाँ चए: –3,20,00,000 को इसी अध्याय म आगे आने वाले मानक रूप म –3.2 × 107 लखा जाएगा।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 23
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ · चमकते पत्थर...

प्र.1 आँख म उत्सुकता लए तीन पु त्रयाँ / राजसी पुरस्कार के रूप म मली प्रत्येक को तीन टोक रयाँ / प्रत्येक टोकरी
म थी चाँद क तीन चा बयाँ / प्रत्येक पुत्री सरलता से खोलती है तीन बड़े कक्ष / प्रत्येक कक्ष म मेज ह एक, दो,
तीन / दे खए प्रत्येक पर तीन चमचमाते हुए गले के हार ह। / प्रत्येक गले के हार म तीन उत्कृष्ट हीरे ह। / क्या आप
इन चमक ले रत्न क गणना कर सकते ह? [संकेत — टोक रय और कक्ष क संख्या का पता लगाइए।]

37 = 2187 हीरे।
पहेली को स्तर-दर-स्तर दे खए। प्रत्येक पं क्त गनती को 3 से गुणा कर दे ती है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

स्तर गनती मान

पुित्रयाँ 3 31 = 3

टोकिरयाँ 3×3 32 = 9

चािबयाँ 3×3×3 33 = 27

कक्ष 3×3×3×3 34 = 81

मेजें 35 243

गले के हार 36 729

हीरे 37 2187

ऐसा क्य होता है: पहेली म "प्रत्येक … तीन" वाले सात चरण ह, प्रत्येक स्तर के लए एक। हर चरण 3 से गुणा
करता है, अतः कुल संख्या 3 को स्वयं से 7 बार गुणा करने पर मलती है। घातांक केवल स्तर क गनती है — इसी
कारण जहाँ भी शाखाएँ बनती ह, वहाँ चरघातांक संकेतन ही स्वाभा वक भाषा है।

प्र.2 वहाँ कुल कतने कक्ष थे?

34 = 81 कक्ष।

3 पुित्रयाँ × पत्येक को 3 टोकिरयाँ = 3 × 3 = 9 टोकिरयाँ

9 टोकिरयाँ × पत्येक में 3 चािबयाँ = 27 चािबयाँ

27 चािबयाँ × पत्येक से 3 कक्ष = 81 क क्ष

तथा 3 × 3 = 9, 9 × 3 = 27, 27 × 3 = 81 = 34

ऐसा क्य होता है: कक्ष राजा से चार शाखाएँ नीचे ह — पु त्रयाँ, टोक रयाँ, चा बयाँ, कक्ष — अतः घातांक 4 है।
स्तर गनना 81 कक्ष बनाने से कह तीव्र और सुर क्षत है, और यही एकमात्र व ध है जो 4 के ान पर 20 स्तर होने
पर भी काम करती है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 वहाँ कुल कतने हीरे थे? क्या हम उपयुक्त गुणनफल का उपयोग करके केवल एक गुणन ारा यह ात कर सकते
ह?

हाँ — 2187 हीरे, केवल एक गुणन से।

हीरों की संख्या = 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3 = 37
सात 3 को चार और तीन में बाँिटए:

37 = (3 × 3 × 3 × 3) × (3 × 3 × 3)

= 34 × 33
= 81 × 27

= 2187

कक्ष गनते समय हम 81 तक और चा बयाँ गनते समय 27 तक पहुँच ही चुके थे। अतः केवल एक गुणन, 81 × 27, काय पूरा कर
दे ता है।

ऐसा क्य होता है: यह गुणनफल- नयम का पहला दशन है। 3 क सात प्र तय को गुणन म 4 और 3 के समूह म
बाँटा जा सकता है, क्य क गुणन म समूह बदलने क छू ट है। अतः घातांक जुड़ जाते ह: 34 × 33 = 34+3 = 37।
सामान्यतः na × nb = na+b।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 24–25
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ

ग णत चचा

प्र.1 3⁷ को 3² × 3⁵ के रूप म भी लखा जा सकता है। क्या आप इस प्रकार लखने का कारण बता सकते ह?

क्य क सात 3 को दो 3 और पाँच 3 म बाँटा जा सकता है और कोष्ठक कहाँ लगाया जाए, इससे गुणनफल नह बदलता।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

37 = 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3 × 3

= (3 × 3) × (3 × 3 × 3 × 3 × 3)

= 32 × 35

जाँच : 9 × 243 = 2187 = 37 ✓

7 को दो गणन संख्याओं म बाँटने का हर तरीका उतना ही ठ क है: 31 × 36, 33 × 34, 34 × 33। इन सभी का मान 2187 ही है।

ऐसा क्य होता है: गुणन साहचय नयम मानता है — गुणनखंड का समूह बदलने से गुणनफल कभी नह बदलता।
अतः a + b समान गुणनखंड क एक लड़ी को सदै व a और b के समूह म काटा जा सकता है। na × nb = na+b
का पूरा अथ यही है: घातांक इस लए जुड़ते ह क्य क गुणनखंड क गन तयाँ जुड़ती ह।

प्र.2 गुणनफल p⁴ × p⁶ को चरघातांक रूप म ल खए।

p4 × p6 = (p × p × p × p) × (p × p × p × p × p × p)

= p को स्वयं से 4 + 6 = 10 बार गुणा करना

= p10

ऐसा क्य होता है: इस तक म कह भी इस बात का उपयोग नह हुआ क आधार एक संख्या है। p एक अक्षर
संख्या है जो कसी भी मान को दशा सकती है और गुणनखंड क गनती फर भी 4 + 6 ही है। इसी प्रकार अध्याय
34 × 33 जैसे वशेष उदाहरण से व्यापक नयम na × nb = na+b तक पहुँचता है, जहाँ a और b गणन संख्याएँ
ह।

संकेत: यह नयम समान आधार माँगता है। p4 × q6 को छोटा नह कया जा सकता; केवल p4 × p6 को कया जा
सकता है।

प्र.3 उपयुक्त अवलोकन के आधार पर नम्न ल खत व्यंजक क गणना क जए। (i) 2⁹ (ii) 5⁷ (iii) 4⁶

प्रत्येक घातांक को उन दो भाग म बाँ टए जो आपको पहले से ज्ञात ह, फर एक ही बार गुणा क जए।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
(i) 29 = 24 × 25 = 16 × 32 = 512
e m.
m l as
.co
(अथवा 23 × 26 = 8 × 64 = 512)
m a g
l a se
a g
(ii) 57 = 53 × 54 = 125 × 625 = 78125
co m
(अथवा 52 × 55 = 25 × 3125 = 78125)
e m . ag
g l as
a
(iii) 46 = 43 × 43 = 64 × 64 = 4096
co m
em.
m as
(अथवा 42 × 44 = 16 × 256 = 4096)
.co a g l
a s em
a gl ऐसा क्य होता है: यह नयम नौ गुणन को एक गुणन म बदल दे ता है। आपको केवल कुछ छोट घात याद रखनी ह
— 24, 25, 53, 54, 43 — और उसी आधार क हर बड़ी घात इनसे एक ही गुणन दूर है। वभाजन आपक पसंद
m a s
.co agl
का है, अतः वही दो भाग चु नए जो आपको सबसे अच्छे ज्ञात ह ।

se m
g l a
a
m
क्या 2¹⁰ तथा (2⁵)² एक समान ह? आप इसे एक गुणनफल के रूप म ल खए।

co
प्र.4

m .
m as e
.co a g l
se m
l a
हाँ।

ag
210 = (2 × 2 × 2 × 2 × 2) × (2 × 2 × 2 × 2 × 2)
se m
com g l a
m . a
ase
= (25) × (25)

= (25)2 agl
जाँच : 32 × 32 = 1024 = 210 ✓
co m
m .
m as e
.co a g l
उन्ह दस 2 को दो-दो के पाँच समूह म भी बाँटा जा सकता है: 210 = (22)5 = 4 × 4 × 4 × 4 × 4 = 1024। दोन समूहन उ चत

a s emह, अतः (2 ) = (2 ) = 2 ।
5 2 2 5 10

agl
.c
ऐसा क्य होता है: (na)b का अथ है "a गुणनखंड के एक खंड क b प्र तयाँ लेना"। कुल मलाकर वे a × b
s e m
m a
. co
गुणनखंड होते ह — और a × b म क्रम का कोई महत्त्व नह । इसी लए (na)b = (nb)a = nab। गुणनफल- नयम
e m agl
l as
से अंतर ध्यान र खए: घात को गुणा करने पर घातांक जुड़ते ह, घात क घात लेने पर गुणा होते ह।
g
a

co m
m .
m ase
.co


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प्र.5 नम्न ल खत व्यंजक को कम से कम दो व धय से घात क घात के रूप म ल खए। (i) 8⁶ (ii) 7¹⁵ (iii) 9¹⁴
(iv) 5⁸

घातांक को दो गुणनखंड म बाँ टए (आधार वही रहेगा), अथवा आधार को स्वयं एक घात के रूप म ल खए (आधार बदल जाएगा)।

वही आधार — घातांक बाँ टए नया आधार — आधार बाँ टए

(i) 86 (82)3 = (83)2 8 = 23, अतः 86 = (23)6 = 218 = (29)2

(ii) 715 (73)5 = (75)3 15 = 15 × 1, अतः (715)1 भी

(iii) 914 (92)7 = (97)2 9 = 32, अतः 914 = (32)14 = 328 = (34)7 = (37)4

(iv) 58 (52)4 = (54)2 = ((52)2)2 5 अभाज्य है, अतः आधार नही ं बाँटा जा सकता

ऐसा क्य होता है: nm को घात क घात के रूप म लखने के तरीके ठ क उतने ही ह जतने m के गुणनखंडन के
— 15 = 3 × 5 = 5 × 3 से दो तरीके मलते ह, जब क अभाज्य घातांक से लगभग कोई नह । य द आधार स्वयं
एक घात हो, जैसे 8 = 23 और 9 = 32, तो और भी वकल्प मल जाते ह, क्य क (23)6 = 218 नए घातांक 18 के
साथ सारा खेल फर से खोल दे ता है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 25–26
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ · जादुई तालाब

प्र.1 एक सुंदर जादुई तालाब के मध्य म एक चमक ला गुलाबी कमल का फूल खला हुआ है। इस तालाब म प्रत्येक दन
कमल क संख्या दोगुनी हो जाती है। 30 दन के पश्चात संपूण तालाब कमल के फूल से भर जाता है। वह कौन-सा
दन था जब तालाब आधा भरा हुआ था?

29व दन।

30वें िदन कमलों की संख्या = पूरा तालाब

पत्येक िदन संख्या दोगुन ी होती है, अतः 30वाँ िदन = 2 × (29वाँ िदन)

29वाँ िदन = 30वें िदन का आधा = आधा तालाब

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: दोगुना होने का यह सबसे च काने वाला तथ्य है और इसी कारण इसे पूरा एक पृष्ठ दया गया है।
29 दन बीत जाने पर तालाब केवल आधा भरा दखता है — लगता है अभी बहुत समय शेष है। परंतु जो 29 दन म
बना, उसके बराबर अगला एक ही दन जोड़ दे ता है। चरघातांक वृ द्ध बहुत समय तक दखाई नह दे ती और फर
एक ही चरण म पूरी हो जाती है।

क्या आप जानते ह? प्रश्न को उलट कर दे खए — तालाब चौथाई भरा कस दन था? 28व दन। आठवाँ भाग?
27व दन। पीछे जाना आधा करना है, ठ क वैसे ही जैसे आगे जाना दोगुना करना।

प्र.2 य द 30व दन तालाब पूरी तरह कमल के फूल से भरा हुआ है तो 29व दन इसका कतना भाग कमल के फूल से
भरा होगा?

29व दन तालाब का आधा भाग भरा होगा।

30वें िदन के कमल = 2 × 29वें िदन के कमल

अतः 29वें िदन के कमल = (1/2) × 30वें िदन के कमल

= पूरे तालाब का आ धा

ऐसा क्य होता है: "पूरा" का अथ कतने कमल है, यह जानने क आवश्यकता ही नह । दोगुना होने का नयम
क्रमागत दन के बीच का अनुपात तय कर दे ता है और केवल यही अनुपात उत्तर दे दे ता है। यह वही तक है जो
कहता है क "10 मोड़ के पश्चात मोटाई पहले से 1024 गुनी होती है, चाहे आप कह से भी आरंभ कर"।

प्र.3 कमल के फूल क संख्या (चरघातांक रूप म) ल खए जब तालाब — (i) पूण भरा हो (ii) आधा भरा हो

तालाब म 0व दन एक कमल है और प्रत्येक दन संख्या दोगुनी होती है।

दन 0 1 2 3 … 29 30

कमल 1 = 20 2 = 21 4 = 22 8 = 23 … 229 230

(i) पूण भरा हो = 230 कमल ( = 1,07,37,41,824)

(ii) आधा भरा हो = 229 कमल ( = 53,68,70,912)

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ऐसा क्य होता है: घातांक दन क गनती है। 1,07,37,41,824 के ान पर 230 लखने से बनावट सामने रहती
है — तुरंत दखता है क (ii) का उत्तर एक घात नीचे है, क्य क 230 ÷ 2 = 229।

प्र.4 वहाँ एक अन्य तालाब भी है जसम प्र त दन कमल के फूल क संख्या तगुनी हो जाती है। जब दोन तालाब म
कोई फूल नह है तब दमयंती तालाब म ( जसम कमल के फूल दुगुने हो जाते ह) एक कमल रखती है। चार दन के
पश्चात वह वहाँ से सभी कमल के फूल लेकर उन्ह तगुने होने वाले तालाब म डाल दे ती है। चार दन के पश्चात दूसरे
तालाब म ( जसम कमल के फूल तगुने हो जाते ह) कतने कमल ह गे?

24 × 34 = 16 × 81 = 1296 कमल।

पहले 4 िदन (दोगुने होने वाले तालाब में):

1 × 2 × 2 × 2 × 2 = 24 = 16 कमल

ये 16 कमल ितगुने होने वाले तालाब में जाते है।
ं अगले 4 िदन के पश्चात:

24 × 3 × 3 × 3 × 3 = 24 × 34
= 16 × 81 = 1296

ऐसा क्य होता है: प्रत्येक तालाब अपने भीतर जो कुछ है, उसे प्र त दन अपने गुणक से गुणा भर करता है। चार दन
का दोगुना होना 24 का गुणनखंड दे ता है, चार दन का तगुना होना 34 का, और दोन गुणनखंड आपस म गुणा हो
जाते ह। आरंभ का एक कमल 1 का गुणनखंड दे ता है, इस लए हल म कह दखाई नह दे ता।

प्र.5 य द दमयंती ने तालाब म फूल को रखने के क्रम म प रवतन कर दया होता तो क्या होता? वहाँ कतने कमल
होते?

बलकुल उतने ही — 1296 कमल।

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पहले ितगुन ा, िफर दोगुन ा:

1 × 34 × 24 = 81 × 16 = 1296

पहले दोगुन ा, िफर ितगुन ा:

1 × 24 × 34 = 16 × 81 = 1296

ऐसा क्य होता है: कुल संख्या आठ गुणनखंड का गुणनफल है — चार 2 और चार 3 — और गुणन म क्रम का
कोई महत्त्व नह । अतः तालाब का क्रम अथहीन है। यह ध्यान दे ने योग्य है: योगात्मक प्र क्रयाओं म क्रम बहुत मायने
रख सकता है, परंतु बार-बार के गुणन म कभी नह ।

प्र.6 क्या इस गुणनफल को घातांक mⁿ म व्यक्त कया जा सकता है, जहाँ m और n गणन संख्याएँ ह?

हाँ — 64।

1 × 34 × 24 = (3 × 3 × 3 × 3) × (2 × 2 × 2 × 2)
एक 3 के साथ एक 2 को िमलाकर पुन : समूिहत कीिजए:

= (3 × 2) × (3 × 2) × (3 × 2) × (3 × 2)

= (3 × 2)4 = 64 = 1296 ✓

अतः m = 6 और n = 4। इससे जो व्यापक नयम मलता है वह है

ma × na = (mn)a, जहाँ a एक गणन संख्या है।

ऐसा क्य होता है: यह नयम केवल इस लए काम करता है क्य क दोन घात के घातांक समान ह। चार 3 और चार
2 पूरी तरह युग्म बना लेते ह, कुछ भी शेष नह रहता। 35 × 24 म एक 3 बच जाता, जससे 64 × 3 मलता —
सरल तो है, पर एक अकेली घात नह ।

स्वयं जाँ चए: इस नयम को 25 × 55 पर लगाइए। यह (2 × 5)5 = 105 = 1,00,000 है — 32 × 3125 करने
से कह सरल।

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as e
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a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
उपयुक्त का अवलोकन क जए। इस अवलोकन का प्रयोग 2⁵ × 5⁵ का मान ात करने क गणना म क जए।
e
प्र.7

m l as
m .co a g
a se

a5g l
2 × 55 = (2 × 5)5

co m
= 105
e m . ag
g l as
a
= 1,00,000 (एक लाख)

co m
m.
लंबी व ध से जाँच: 25 = 32, 55 = 3125 और 32 × 3125 = 1,00,000। ✓

m as e
.co a g l
m सरलता से पढ़ते ह। इसी कारण शून्य पर समाप्त होने वाली कसी भी संख्या से 10 क घात अलग क जा
ऐसा क्य होता है: प्रत्येक 2 को एक 5 के साथ जोड़ने पर पाँच 10 बन जाते ह और 10 क घात वे संख्याएँ ह जन्ह

a s eसबसे
gl सकती है — अंत के शून्य उसके अभाज्य गुणनखंडन म 2–5 के युग्म क गनती ह।
हम
a
m a s
m .co agl
l a se
a g
प्र.8 10⁴/5⁴ को सरल क जए और इसे चरघातांक रूप म ल खए।

co m
.

e m
m l as
.co
104 ÷ 54 = (10 × 10 × 10 × 10) ÷ (5 × 5 × 5 × 5)
a g
a s eपmत्येक 10 को एक 5 के साथ जोिड़ ए:
agl
= (10 ÷ 5) × (10 ÷ 5) × (10 ÷ 5) × (10 ÷ 5)
se m
com g l a
= (10 ÷ 5)4 = 24 = 16
m . a
ase
agl
जाँच: 104 = 10000, 54 = 625 और 10000 ÷ 625 = 16। ✓

co m
m .
सामान्यतः: ma ÷ na = (m ÷ n)a (n ≠ 0)
m as e
.co a g l
se m
g l a
a ऐसा क्य होता है: यह पछले नयम का भाग वाला जुड़वाँ है और इसका कारण भी वही है — समान घातांक के
c
m .
e
कारण ऊपर का प्रत्येक गुणनखंड नीचे के ठ क एक गुणनखंड से जुड़ जाता है। इसे दाएँ से बाएँ पढ़ना भी उतना ही

m a s
co agl
उपयोगी है: (m/n)a को ma/na के रूप म तोड़ा जा सकता है।
m .
ase
a g l

co m
m .
m ase
.co


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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 26
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ · कतने संयोजन

प्र.1 एस्तु के पास 4 वेशभूषा और 3 टो पयाँ ह। एस्तु वेशभूषा और टो पय का संयोजन कतने प्रकार से कर सकता
है?

12 प्रकार से।

टोिपयों से िगनने पर: पत्येक 3 टोिपयों के िलए 4 वेशभूषा

4 + 4 + 4 = 4 × 3 = 12

वेशभूषा से िगनने पर: पत्येक 4 वेशभूषा के िलए 3 टोिपयाँ

3 + 3 + 3 + 3 = 3 × 4 = 12

ऐसा क्य होता है: दोन गन तयाँ इस लए मलती ह क्य क वे उन्ह 12 युग्म को गनती ह — एक बार पं क्तय के
अनुसार, एक बार स्तंभ के अनुसार। यही गुणन का स ांत है: जब चयन चरण म होता है और चरण एक-दूसरे
को प्रभा वत नह करते, तब वकल्प क संख्याओं को गुणा कर दे ते ह। गुप्त संकेत वाला पूरा भाग इसी वचार पर
टका है।

टोपी 1 वेशभूषा 1
वेशभूषा 2
टोपी 2 वेशभूषा 3
वेशभूषा 4
टोपी 3
3 × 4 = 12 संयोजन

प्रत्येक टोपी हर वेशभूषा से जुड़ती है, अतः रेखाओं क संख्या 3 × 4 = 12 है — एक रेखा एक संयोजन के लए।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 रॉक्सी के पास 7 वेशभूषा, 2 टोपी और 3 जोड़ी जूते ह। रॉक्सी इन्ह कतने प्रकार से पहन कर सुस त हो
सकती है? [संकेत — उपयुक्त चत्र क भाँ त एक अन्य चत्र बनाने का प्रयास क जए।]

7 × 2 × 3 = 42 प्रकार से।

वेशभूषा चुिनए: 7 पकार

पत्येक के िलए टोपी चुिनए: 2 पकार → 7 × 2 = 14 वेशभूषा-टोपी युग् म

इन 14 में से पत्येक के िलए जूते चुिनए: 3 पकार → 14 × 3 = 42

ऐसा क्य होता है: तीसरा चरण जोड़ते ही एक और गुणा हो जाता है। 14 वेशभूषा-टोपी संयोजन म से प्रत्येक जूत
के लए 3 शाखाओं म बँट जाता है, अतः गनती तगुनी हो जाती है। उत्तर को चरण-दर-चरण बनाना ही इस नयम
को वश्वसनीय बनाता है — आपको सभी 42 संयोजन एक साथ कल्पना करने क आवश्यकता कभी नह पड़ती।

संकेत: चरण का क्रम महत्त्व नह रखता: 2 × 3 × 7 और 3 × 7 × 2 भी 42 ही दे ते ह। वही क्रम चु नए जसम
गणना सबसे सरल हो।

प्र.3 एस्तु और रॉक्सी को एक तजोरी प्राप्त हुई जसम इनके परदादा ारा संग्रहीत क गई पुरानी टकट और सक्के
थे। यह तजोरी 5 अंक य गुप्त संकेत वाले ताले से सुर क्षत थी। कसी को भी गुप्त संकेत के वषय म कुछ भी
ात नह था। इन दोन के पास प्रत्येक गुप्त संकेत को प्रयास करने के अ त रक्त कोई वकल्प नह था जब तक
क वह खुल न जाए। संयोगवश ताला केवल अं तम गुप्त संकेत का उपयोग करके खुला जब क वे सभी संभव
संयोजन का प्रयोग कर चुके थे। उन्ह ने कतने गुप्त संकेत क जाँच क ?

105 = 1,00,000 गुप्त संकेत (एक लाख)।
पुस्तक क सलाह मा नए और पहले समस्या को छोटा क जए।

ताला तक गुप्त संकेत

1 अंक 0 से 9 10 = 101

2 अंक 10 पहले अंक × 10 दू स रे अंक 100 = 102

3 अंक िपछले 100 में से पत्येक के िलए तीसरे अंक के 10 िवकल्प 1000 = 103

5 अंक 10 × 10 × 10 × 10 × 10 1,00,000 = 105

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ये ठ क वही संख्याएँ ह — 00000, 00001, 00002, …, 99998, 99999 — अथात 99,999 तक क हर पूण संख्या पाँच
अंक म लखी हुई।

ऐसा क्य होता है: प्रत्येक अ त रक्त खाँचा गनती को 10 से गुणा कर दे ता है, क्य क वह पहले से मौजूद हर गुप्त
संकेत को 10 नए संकेत म बदल दे ता है। अतः 105 का घातांक खाँच क संख्या है, उपलब्ध अंक क नह ।
इसी लए गुप्त संकेत म एक अक्षर बढ़ाने से उसे तोड़ना दस गुना क ठन हो जाता है, जब क उसका मान बढ़ाने से
कुछ भी नह बदलता।

क्या आप जानते ह? य द एक सेकंड म एक संकेत आजमाएँ तो 1,00,000 सेकंड अथात एक दन से कुछ अ धक
लगातार प्रयास करना पड़ेगा। एस्तु क छु य वाली चता नराधार नह थी।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 27–28
2.2 चरघातांक संकेतन और सं क्रयाएँ · 2.3 घात का दूसरा पक्ष

प्रयास क जए

प्र.1 5 अंक वाले कतने गुप्त संकेत संभव ह?

105 = 1,00,000।

पाँच ों खाँच ों में से पत्येक के िलए 10 िवकल्प (0 से 9)

10 × 10 × 10 × 10 × 10 = 105
= 1,00,000 गप्ु त संके त

सूची इस प्रकार चलती है — 00000, 00001, 00002, …, 00010, 00011, …, 00100, …, 00999, …, 30456, …,
99998, 99999।

ऐसा क्य होता है: 0 से 99,999 तक क हर संख्या को ठ क पाँच अंक म लखने पर — आगे शून्य लगाकर —
गुप्त संकेत और संख्याओं म एक-एक संग त बन जाती है। ऐसी संख्याएँ 99,999 – 0 + 1 = 1,00,000 ह, जो
गुणन के सद्धांत से स्वतंत्र रूप से इस गनती क पु ष्ट कर दे ता है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 एस्तु कहता है, “अगली बार म एक ऐसा ताला खरीदूँ गा जसम A से Z तक अक्षर वाले 6 खाँचे ह । मेरे वचार से
यह अ धक सुर क्षत है।” ऐसे ताले के कतने गुप्त संकेत संभव ह?

266 = 30,89,15,776 — लगभग 30.9 करोड़ अथात 3.09 × 108।

26 × 26 × 26 × 26 × 26 × 26 = 266

262 = 676

263 = 17,576

266 = (263)2 = 17,576 × 17,576
= 30,89,15,776

एस्तु सही है। 5 अंक वाले ताले के 1,00,000 संकेत क तुलना म यह 3000 गुना से भी अ धक है।

ऐसा क्य होता है: यहाँ दो बात एक साथ सुधर । आधार 10 से बढ़कर 26 हुआ (प्रत्येक खाँचे म अ धक चह्न) और
घातांक 5 से बढ़कर 6 (एक खाँचा अ धक)। इनम घातांक बढ़ाना प्रायः अ धक प्रभावी होता है: 267 इससे 26 गुना
बड़ा होता, जब क वणमाला म एक अक्षर बढ़ाकर 276 करने पर गनती केवल लगभग 1.26 गुनी होती है।

संकेत: छह गुणन क तुलना म (263)2 कह कम श्रम है — घात क घात वाला नयम अपना मूल्य चुकाता हुआ।

प्र.3 वचार क जए क अलग-अलग संदभ म कतने संयोजन संभव ह। इस संदभ म कुछ उदाहरण नम्न ल खत ह
— (i) भारत म ान के पनकोड — मध्यप्रदे श म व दशा का पनकोड 464001 है। मजोरम म जेमाबाक का
पनकोड 796017 है। (ii) मोबाइल संख्या (iii) वाहन पंजीकरण संख्या। यह समझने का प्रयास क जए क
संख्याएँ या कोड कैसे आवं टत कए जाते ह।

पहले कुल गनती नका लए, फर दे खए क वास्त वक व्यव ा उसे कैसे खच करती है।

कोड बनावट संभा वत कोड

िपनकोड 6 अंक , 0–9 106 = 10,00,000

मोबाइल संख्या 10 अंक , पर पहला अंक 6, 7, 8 या 9 ही 4 × 109 = 4,00,00,00,000

वाहन संख्या 2 अक्षर + 2 अंक + 2 अक्षर + 4 अंक 262 × 102 × 262 × 104 ≈ 4.57 × 1011

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as e
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a g l AglaSem · NCERT Solutions

वास्त वक व्यव
co m
ाएँ यादृ च्छक नह ह। पनकोड का पहला अंक डाक क्षेत्र बताता है (4 = मध्य भारत, इस लए व दशा; 7 = पूव

se m.
भारत, इस लए जेमाबाक), पहले दो अंक उप-क्षेत्र या राज्य वृत्त तय करते ह, तीसरा छँ टाई जला और अं तम तीन उस डाकघर का

o m g l a
.c टर और वृत्त के खंड से आरंभ होती है।
नाम। वाहन संख्या राज्य संकेत (MP, MZ, TN …) से आरंभ होती है और उसके बाद आर.ट .ओ. जले क संख्या आती है।

m a
se
मोबाइल संख्या ऑपरे

l a
g क्य होता है: अथ रखने वाला कोड भेजने और जाँचने म सरल होता है, परंतु अथ क क मत क्षमता है —
aऐसा

co m
पहला अंक भूगोल से तय हो जाने पर उस क्षेत्र के लए केवल 105 पनकोड शेष रहते ह। हर वास्त वक कोड-

e m . ag
as
व्यव ा "अ धकतम गनती" और "पठनीय बनावट" के बीच कह ठहरती है।

a g l

co m
m.
प्र.4 2 क घात म 2¹⁰⁰ ÷ 2²⁵ क्या होगा?

m as e
.co a g l
se
m
g l a
a
275।

m a s
.co agl
2100 ÷ 225 = 2100 – 25 = 275

a s em
घटाना ही सही सं क्रया क्य है: वस्तार से a gl पर ऊपर 100 दो ह और नीचे 25 दो। नीचे का प्रत्येक दो ऊपर के एक दो को काट
लखने
दे ता है और 25 कटौ तय के पश्चात 100 – 25 = 75 दो शेष रहते ह।

co m
m .
m as e
.co
सामान्यतः: na ÷ nb = na–b, जहाँ n ≠ 0 और a > b
a g l
se m
g l a
a ऐसा क्य होता है: भाग गुणा को उलटता है, अतः जहाँ गुणनफल- नयम घातांक को जोड़ता था, वहाँ भागफल-

se m
a
नयम उन्ह घटाएगा। अध्याय इस नयम तक 24 इकाई लंबी रेखा को आधा करते हुए पहुँचता है: 24 ÷ 23 = 21। n

. coनहm जा सकता। a g l
em
≠ 0 क शत आवश्यक है, क्य क शून्य को काटा

a s
agl
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 28
co m
m .
as e
om
2.3 घात का दूसरा पक्ष

ग णत.cचचा
a g l
a sem
agl c
n शून्य क्य नह हो सकता?
m .
e
प्र.1

m a s
e m . co agl
as

a g l
क्य क तब भागफल- नयम हम शून्य से भाग दे ने को कहेगा, जसका कोई अथ नह है।

co m
m .
m ase
.co


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na ÷ nb = na–b में nb से भाग दे न ा पड़ ता है

यिद n = 0 हो, तो nb = 0
और 0 से भाग पिरभािषत नही ं है

सबसे स्पष्ट त a = b है। तब नयम कहेगा क 0a ÷ 0a = 00, अथात 0 ÷ 0 = 00। परंतु 0 ÷ 0 का कोई एक मान नह है —
कोई भी संख्या 0 से गुणा करने पर 0 दे ती है, अतः चुनने को कुछ बचता ही नह । इसी लए 00 अप रभा षत रखा जाता है और
नयम म n ≠ 0 लखा जाता है।

ऐसा क्य होता है: ध्यान द जए क कस बात क रक्षा क जा रही है। घातांक के नयम समान गुणनखंड को
काटने का सं क्षप्त रूप ह और काटना तभी चलता है जब वह गुणनखंड शून्य न हो — ठ क उसी कारण से जससे
(3 × 5)/(3 × 7) म 3 काटे जा सकते ह पर (0 × 5)/(0 × 7) म 0 नह । इस अध्याय म जहाँ-जहाँ "n ≠ 0" आता
है, वह यही एक प्र तबंध बार-बार दखाई दे ना है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 29
2.3 घात का दूसरा पक्ष

ग णत चचा

प्र.1 क्या हम 10³ = 1/10⁻³ लख सकते ह?

हाँ।

1 ÷ 10–3 = 1 ÷ (1/103)

= 1 × 103 (िभन्न से भाग दे न ा अथ त उसके व्युत्क्रम से गुणा करना)

= 103

इसी तक से 72 = 1/7–2 और 4a = 1/4–a। सामान्यतः

n–a = 1/na तथा na = 1/n–a, जहाँ n ≠ 0

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ऐसा क्य होता है: ऋणात्मक घातांक का अथ है "व्युत्क्रम", और व्युत्क्रम दो बार लेने पर आप वह लौट आते ह
जहाँ से चले थे। अतः घातांक का ऋण चह्न सदै व घात को भन्न क रेखा के आर-पार खसकाकर बदला जा सकता
है — हर से अंश म या अंश से हर म। इस पूरे प्रकरण क सबसे उपयोगी आदत यही है: रेखा पार करती घात अपने
घातांक का चह्न बदल दे ती है।

प्र.2 हम a और b गणन संख्या लेने क आवश्यकता थी। क्या a और b कोई भी पूणाक हो सकते ह? क्या
व्यापक कृत रूप अभी भी सत्य होगा?

हाँ — जैसे ही n0 = 1 और n–a = 1/na इस प्रकार प रभा षत हो जाते ह, तीन नयम प्रत्येक पूणाक a और b के लए सत्य रहते
ह (n ≠ 0)।
एक घातांक ऋणात्मक होने पर गुणनफल- नयम क जाँच:

2–4 × 27 = (1/24) × 27 = 27/24 = 23

और िनयम कहता है 2–4+7 = 23 ✓

3–2 × 3–5 = (1/32) × (1/35) = 1/37 = 3–7

और िनयम कहता है 3–2–5 = 3–7 ✓

(13–2)–3 = 1/(13–2)3 = 1/13–6 = 136

और िनयम कहता है 13(–2)×(–3) = 136 ✓

ऐसा क्य होता है: ये प रभाषाएँ मनमाने ढं ग से नह चुनी गईं — इन्ह इस लए चुना गया क नयम बचे रह। अध्याय
n0 तक इस आग्रह से पहुँचता है क 24 ÷ 24 = 24–4 सत्य बना रहे, और n–a तक इस आग्रह से क 24 ÷ 25 =
24–5 सत्य बना रहे। कसी नयम को आगे बढ़ाकर नए चह्न को इस प्रकार प रभा षत करना क नयम चलता रहे
— ग णत म यह व ध बार-बार काम आती है।

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प्र.3 नम्न ल खत के समतुल्य रूप ल खए। (i) 2⁻⁴ (ii) 10⁻⁵ (iii) (–7)⁻² (iv) (–5)⁻³ (v) 10⁻¹⁰⁰

दया गया समतुल्य रूप मान

(i) 2–4 1/24 1/16 = 0.0625

(ii) 10–5 1/105 1/1,00,000 = 0.00001

(iii) (–7)–2 1/(–7)2 1/49 (धनात्मक )

(iv) (–5)–3 1/(–5)3 –1/125 (ऋणात्मक )

(v) 10–100 1/10100 दशमलव िबंद ु, 99 शून्य, िफर 1

ऐसा क्य होता है: घातांक का ऋण चह्न संख्या को उलट दे ता है; वह संख्या को ऋणात्मक नह बनाता। इसी लए
(iii) धनात्मक है — उसका चह्न सम घातांक 2 तय करता है, आगे लगा ऋण चह्न नह — जब क (iv) ऋणात्मक
है क्य क 3 वषम है। आधार 1 से बड़ा हो तो ऋणात्मक घातांक सदै व 0 और 1 के बीच क संख्या दे ता है।

क्या आप जानते ह? 10100 को गूगोल कहते ह, अतः 10–100 एक गूगोलवाँ भाग है — ब्र ांड के आकार क
तुलना म एक परमाणु के आकार से भी छोटा।

प्र.4 नीचे दए गए प्रश्न को हल क जए एवं उत्तर को चरघातांक रूप म ल खए। (i) 2⁻⁴ × 2⁷ (ii) 3² × 3⁻⁵ × 3⁶
(iii) p³ × p⁻¹⁰ (iv) 2⁴ × (–4)⁻² (v) 8ᵖ × 8ᵠ

हर बार आधार समान है, अतः घातांक जोड़ द जए।

(i) 2–4 × 27 = 2–4+7 = 23 ( = 8)

(ii) 32 × 3–5 × 36 = 32–5+6 = 33 ( = 27)

(iii) p3 × p–10 = p3–10 = p–7 ( = 1/p7)

(v) 8p × 8q = 8p+q

भाग (iv) म एक अ त रक्त चरण चा हए, क्य क आधार 2 और –4 भन्न ह। –4 को 2 क घात के रूप म ल खए, यह ध्यान रखते
हुए क घातांक सम है इस लए चह्न समाप्त हो जाएगा:

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(iv) (–4)–2 = 1/(–4)2 = 1/16 = 2–4

24 × (–4)–2 = 24 × 2–4 = 24–4 = 20 = 1

ऐसा क्य होता है: (iii) को दोबारा दे खए — घातांक का ऋणात्मक आना पूरी तरह उ चत है। p–7 केवल 1/p7 है,
जो p > 1 होने पर 1 से छोट संख्या है। कुछ गलत नह हुआ; घातांक बस शून्य के पार चला गया है, ठ क वैसे ही
जैसे अगले पृष्ठ क घात रेखा दखाती है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 30
2.3 घात का दूसरा पक्ष · घात रेखाएँ

प्र.1 4², 4⁻² से कतने गुना बड़ा है?

44 = 256 गुना।

42 ÷ 4–2 = 42–(–2) = 42+2 = 44 = 256

घात रेखा के मान से जाँच: 42 = 16 और 4–2 = 1/16, अतः 16 ÷ (1/16) = 16 × 16 = 256। ✓

ऐसा क्य होता है: घात रेखा पर ये दोन संख्याएँ चार चरण दूर ह — 4–2, 4–1, 40, 41, 42 — और प्रत्येक चरण
4 से गुणा करता है। अतः चार चरण 44 से गुणा करते ह। घात रेखा " कतने गुना बड़ा" को " कतने चरण दूर" म
बदल दे ती है, और घात को एक रेखा पर सजाने का पूरा उ े श्य यही है: मान का अनुपात घातांक का अंतर बन
जाता है।

प्र.2 नम्न ल खत प्रश्न के उत्तर दे ने के लए 7 क घात रेखा का उपयोग क जए। 2,401 × 49 = 49³ = 343 × 2,401
= 16,807/49 = 7/343 = 16,807/8,23,543 = 1,17,649 × 1/343 = 1/343 × 1/343 =

पहले घात रेखा से प्रत्येक संख्या को 7 क घात के रूप म प ढ़ए, फर केवल घातांक जो ड़ए या घटाइए।

घात 7 –4 7 –3 7 –2 7 –1 70 71 72 73 74 75 76 77

मान 1/2401 1/343 1/49 1/7 1 7 49 343 2401 16807 117649 823543

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as e
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a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
प्रश्न 7 क घात म उत्तर

m as e
2,401 × 49
.co
74 × 72 = 74+2
a g l
76 = 1,17,649

se m
g l a
a
493 (72)3 = 72×3 76 = 1,17,649

m
343 × 2,401 73 × 74 = 73+4 77 = 8,23,543

. co ag
7 ÷ 7 =e7m
as
16,807 ÷ 49 5 2 5–2 73 = 343

g l
a7 ÷ 7 = 7
7 ÷ 343 1 3 1–3 7–2 = 1/49

co m
m.
16,807 ÷ 8,23,543 75 ÷ 77 = 75–7 7–2 = 1/49

m as e
.co a g l
em
1,17,649 × 1/343 76 × 7–3 = 76–3 73 = 343

a s
a gl1/343 × 1/343 7–3 × 7–3 = 7–3–3 7–6 = 1/1,17,649

m a s
m .co
ऐसा क्य होता है: ध्यान द जए क कतनी गणना समाप्त हो गई। 343 × 2,401 छह अंक वाला क ठन गुणन है,
agl
l a se
परंतु 73 × 74 के रूप म यह केवल 3 + 4 का योग है। घातांक के साथ काम करके गुणन को योग म बदल दे ना ही
a g
लघुगणक, स्लाइड रूल और इसी अध्याय म आगे आने वाले वैज्ञा नक संकेतन क पूरी भाषा का आधार है।

co m
m .
m as e
स्वयं जाँ चए: चौथी और छठ पं क्त का उत्तर एक ही है, 7–2। यह संयोग नह है — दोन म अंश, हर से घात रेखा

.co
पर दो चरण नीचे है।
a g l
se m
g l a
a
se m
com a
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 31
. a g l
m
ase
2.4 10 क घात

a gl
प्र.1 इन संख्याओं को उपयुक्त व ध से ल खए — (i) 172 (ii) 5642 (iii) 6374

co m
m .
m a se

o l
.cक अंक को उसके ान क 10 क घात से गुणा कया जाता है। इकाई का ानag10 = 1 है।
m
0

se
प्रत्ये

a
agl c
(i) 172 = (1 × 100) + (7 × 10) + 2
m .
m a s e
. co agl
= (1 × 102) + (7 × 101) + (2 × 100)
e m
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


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(ii) 5642 = (5 × 1000) + (6 × 100) + (4 × 10) + 2

= (5 × 103) + (6 × 102) + (4 × 101) + (2 × 100)

(iii) 6374 = (6 × 1000) + (3 × 100) + (7 × 10) + 4

= (6 × 103) + (3 × 102) + (7 × 101) + (4 × 100)

ऐसा क्य होता है: हमारे अंक 10 पर आधा रत ानीय मान पद्ध त ह, अतः वस्ता रत रूप वास्तव म 10 क घात
का योग है। दाएँ से बाएँ पढ़ने पर घातांक 0, 1, 2, 3, … चलते ह — और इसी लए इकाई के ान के लए 100 =
1 चा हए। n0 = 1 क प रपाट न हो तो प्र तरूप अं तम अंक पर ही टू ट जाता।

प्र.2 हम 561.903 को कस प्रकार लख सकते ह?

दशमलव बदु के दाईं ओर भी यही प्र तरूप चलता रहता है, जहाँ घातांक घटते जाते ह: 2, 1, 0, फर –1, –2, –3।

561.903 = (5 × 100) + (6 × 10) + 1 + (9 × 1/10) + (0 × 1/100) + (3 × 1/1000)

= (5 × 102) + (6 × 101) + (1 × 100) + (9 × 10–1) + (0 × 10–2) + (3 × 10–3)

अंक 5 6 1 . 9 0 3

ानीय मान 102 101 100 10–1 10–2 10–3

ऐसा क्य होता है: दशमलव बदु पद्ध त म कोई वराम नह है — वह केवल यह च ह्नत करता है क 100 कहाँ है।
दाईं ओर हर चरण ानीय मान को 10 से भाग दे ता है, जो ठ क घात रेखा का 100 → 10–1 → 10–2 वाला चरण
है। ऋणात्मक घातांक ही पूरी दशमलव पद्ध त को दो वचार के बजाय एक ही वचार बनाते ह।

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प्र.3 पूव म पढ़ गई बड़ी संख्याओं के वषय म ात तथ्य को ल खए। [(i) सूय हमारी मल्क वे आकाशगंगा के कद्र
से 30,00,00,00,00,00,00,00,00,000 मीटर दूर त है। (ii) हमारी आकाशगंगा म तार क संख्या
1,00,00,00,00,000 है। (iii) पृथ्वी का द्रव्यमान 59,76,00,00,00,00,00,00,00,00,00,000 कलोग्राम है।]

आरं भक अंक के बाद के अंक ग नए; वही गनती घातांक है।

(i) 30,00,00,00,00,00,00,00,00,000 मीटर

= 3 के आगे 20 शून्य

= 3 × 1020 मीटर

(ii) 1,00,00,00,00,000 तारे

= 1 के आगे 11 शून्य

= 1 × 1011 (सौ अरब / सौ िबिलयन तारे)

(iii) 59,76,00,00,00,00,00,00,00,00,00,000 िकलोगाम

= 5976 के आगे 21 शून्य

= 5976 × 1021 = 5.976 × 1024 िकलोगाम

ऐसा क्य होता है: (iii) दखाता है क मानक रूप गुणांक को 1 और 10 के बीच रखने पर क्य बल दे ता है। 5976
× 1021, 59.76 × 1023 या 5.976 × 1024 — तीन एक ही संख्या ह, परंतु केवल अं तम रूप से आप एक दृ ष्ट
म दूसरी संख्या से तुलना कर सकते ह, क्य क तभी अकेला घातांक आकार बता दे ता है।

संकेत: बदलने के लए दशमलव बदु को तब तक खसकाइए जब तक उसके आगे केवल एक अशून्य अंक न रह
जाए, और खसकाने क गनती र खए। बाईं ओर खसकाने पर घातांक बढ़ता है, दाईं ओर खसकाने पर घटता है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 32–33

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2.4 10 क घात · वै ा नक संकेतन

प्र.1 क्या आप बता सकते ह क तीन दू रय म सबसे कम दूरी कसक है?

सूय और पृथ्वी के बीच क दूरी, 1.496 × 1011 मीटर।

दूरी मानक रूप घातांक

सूय से शिन 1.4335 × 1012 मीटर 12

शिन से अरुण 1.439 × 1012 मीटर 12

सूय से पथ्ृ वी 1.496 × 1011 मीटर 11

1011, 1012 से 10 गुन ा छोटा है

1.496 × 1011 ≈ 0.15 × 1012, जो 1.4335 × 1012 से कम है

ऐसा क्य होता है: पहले घातांक क तुलना क जए। तीन गुणांक लगभग 1.4 के पास ह, अतः गुणांक कुछ तय
नह करते — सब कुछ घातांक तय करता है। पूरा लखने पर ये तीन संख्याएँ 14,33,50,00,00,000,
14,39,00,00,00,000 और 1,49,60,00,00,000 मीटर ह, और सबसे छोट पहचानने के लए अल्प वराम गनने
पड़ते। वही गनती घातांक आपके लए कर दे ता है।

क्या आप जानते ह? पहली दो म श न–अरुण (1.439 × 1012) बहुत थोड़ी-सी बड़ी है — यहाँ गुणांक ही नणय
करते ह, क्य क घातांक बराबर ह।

प्र.2 नीचे द गई संख्या रेखा सूय और श न के मध्य दूरी (1.435 × 10¹² मीटर) को दशाती है। इस संख्या रेखा पर
पृथ्वी क सापेक्ष त को च त क जए। ध्यान द जए क सूय और पृथ्वी के बीच क दूरी 1.496 × 10¹¹
मीटर है।

ज्ञात क जए क पृथ्वी, सूय–श न दूरी के कतने भाग पर है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

पृथ्वी की दू री ÷ शिन की दू री

= (1.496 × 1011) ÷ (1.4335 × 1012)

= (1.496 ÷ 1.4335) × 1011–12

= 1.0436 × 10–1

≈ 0.104, अथ त रेखा के लगभग द सवें भाग पर

अतः पृथ्वी का चह्न सूय के बहुत नकट — रेखा के बाएँ सरे से लगभग दसव भाग पर — लगेगा।

पथ्ृ वी

सूय शिन
पथ्ृ वी सूय से शिन की दू री के लगभग 0.104 भाग पर

पूरी रेखा 1.4335 × 10¹² मीटर क है। पृथ्वी का चह्न सूय से लगभग दसव भाग पर आता है।

ऐसा क्य होता है: मानक रूप म दो संख्याओं का भाग सरल है — गुणांक म भाग द जए और घातांक घटा
द जए। घटाव 11 – 12 = –1 गुणांक को छु ए बना ही तुरंत कह दे ता है "लगभग दसवाँ भाग"। इस संकेतन का
व्यावहा रक लाभ यही है: मोटा उत्तर पहले आता है, सट कता बाद म।

ध्यान द जए: हद पुस्तक म यह दूरी 1.435 × 1012 मीटर छपी है, जब क पछले पृष्ठ पर और अंग्रेज़ी संस्करण
म यही दूरी 1.4335 × 1012 मीटर द गई है। यहाँ 1.4335 × 1012 मीटर ही सही मान है; इससे उत्तर लगभग नह
बदलता (0.104 के ान पर 0.1043)।

प्र.3 नम्न ल खत संख्याओं को मानक रूप म व्यक्त क जए। (i) 59,853 (ii) 65,950 (iii) 34,30,000 (iv)
70,04,00,00,000

दशमलव बदु को इतना खसकाइए क उसके आगे ठ क एक अशून्य अंक रह जाए; जतने ान खसका, वही घातांक है।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

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संख्या कतने ान खसका मानक रूप

m l a se × 10
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(i) 59,853 4 5.9853 4

se m
g l a
a
(ii) 65,950 4 6.595 × 104

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(iii) 34,30,000 6 3.43 × 106

10 m
.co ag
a se
(iv) 70,04,00,00,000 7.004 × 1010

ag l

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ऐसा क्य होता है: दशमलव बदु को एक ान बाईं ओर खसकाना संख्या को 10 से भाग दे ना है, अतः उसक

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m.
भरपाई 101 से गुणा करके करनी पड़ती है। k ान बाईं ओर खसकाने क क मत 10k होती है। अंत के शून्य

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cअंom g l
गुणांक से हटा दए जाते ह परंतु बीच के शून्य नह : (iv) म 7.004 के शून्य साथक अंक के बीच ह और सूचना रखते

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ह, जब क त के दस शून्य पूरी तरह 1010 म समा जाते ह।

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स्वयं जाँ चए: पूण संख्या म घातांक सदै व अंक क संख्या से एक कम होता है। 59,853 म 5 अंक ह, अतः घातांक
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4; 70,04,00,00,000 म 11 अंक ह, अतः घातांक 10।

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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 33–34
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2.5 क्या आपने कभी वचार कया है?

m l
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a s em बताइए क दान कए गए गुड़ का मूल्य (रुपय म) क्या होगा? दान कए गए गे ँ का मूल्य (रुपय म) क्या होगा?
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प्र.1

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com a

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पहले संबंध ल खए, फर उनम संख्याएँ र खए।

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गुड़ की कीमत (₹) = रॉक्सी का भार (िकलोगाम में) × 1 िकलोगाम गुड़ का मूल्य

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गेहूँ की कीमत (₹) = एस्त ु का भार (िकलोगाम में) × 1 िकलोगाम गेहूँ का मूल्य

em
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emलए ता कक धारणाएँ:
चार अज्ञात मान का अनुमान लगाए बना कुछ भी गणना नह हो सकती। 13 वष और 11 वष क आयु तथा वतमान क मत के

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रॉक्सी ≈ 45 िकलोगाम, गुड़ ≈ ₹70 पित िकलोगाम

गुड़ का मूल्य = 45 × 70 = ₹3150

एस्त ु ≈ 50 िकलोगाम, गेहूँ ≈ ₹50 पित िकलोगाम

गेहूँ का मूल्य = 50 × 50 = ₹2500

ऐसा क्य होता है: यहाँ ग णत केवल एक गुणा है; असली काम प्र तरूपण है — यह तय करना क कौन-सी
रा शयाँ महत्त्वपूण ह और उनम क्या संबंध है। संबंध लख लेने के बाद अज्ञात मान का अनुमान लगाया जा सकता है
और उत्तर स्वतः नकल आता है। आपके आँकड़े इनसे भन्न हो सकते ह और फर भी पूणतः सही रहगे, बशत
धारणाएँ ता कक ह और स्पष्ट लखी गई ह ।

प्र.2 ात करने के लए आवश्यक और ता कक धारणाएँ बनाइए और उत्तर ात क जए। याद र खए रॉक्सी क आयु
13 वष और एस्तु क आयु 11 वष है।

प्रत्येक धारणा ल खए, फर गणना क जए। एक पूरा उदाहरण नीचे है।

अ ात धारणा कारण

रॉक्सी का भार (13 वष) 45 िकलोग ाम इस आयु के िलए सामान्य

एस्तु का भार (11 वष) 50 िकलोग ाम पुस्तक का अपना आँक ड़ा

गड
ु़ ₹70 / िकलोग ाम स्थानीय बाजार भाव

गेहू ँ ₹50 / िकलोग ाम स्थानीय बाजार भाव

गुड़: 45 × 70 = ₹3150

गेहूँ: 50 × 50 = ₹2500

दोनों िमलाकर ≈ ₹5650, अथ त लगभग ₹5.7 × 103

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: उत्तर उतना ही अच्छा है जतनी धारणाएँ, अतः प रणाम भी उसी सट कता से बताइए जतनी
धारणाएँ सहन कर सक — "लगभग ₹5000–6000" ईमानदार उत्तर है, "₹5650.00" ऐसी सट कता का दावा है
जो कसी के पास नह । यह वही वचार है जो वैज्ञा नक संकेतन के गुणांक म है: आप कतने अंक लखते ह, यह इस
पर नभर करता है क आप संख्या को कतना जानते ह।

प्र.3 रॉक्सी वचार करती है, “य द हम गुड़ के ान पर 1 रुपए के सक्के प्रयोग कर तो मेरे भार के समान कतने
सक्क क आवश्यकता होगी?” बताइए हम यह कस प्रकार ात कर सकते ह?

पहले रा शय म संबंध ल खए:

िसक्कों की संख्या = रॉक्सी का भार ÷ एक 1 रुपए के िसक्के का भार

रॉक्सी का भार ज्ञात है (≈ 45 कलोग्राम)। एक सक्के का भार ज्ञात नह — अतः उसे मा पए। अकेला सक्का रसोई क तराजू के
लए बहुत हल्का है, इस लए 100 सक्के एक साथ तौ लए और 100 से भाग द जए। इससे प्र त सक्का लगभग 4 ग्राम मलता है।

45 िकलोगाम = 45,000 गाम

िसक्कों की संख्या ≈ 45,000 ÷ 4

= 11,250 िसक्के ≈ 1.1 × 104

ऐसा क्य होता है: एक के बदले 100 सक्के तौलना कोई चालाक नह , एक वास्त वक मापन तकनीक है। तराजू
पढ़ने म जो भी त्रु ट होगी वह 100 सक्क म बँट जाएगी, अतः प्र त सक्का त्रु ट 100 गुना कम हो जाएगी। जब भी
कोई एक वस्तु मापने के लए बहुत छोट हो, बहुत-सी वस्तुएँ मा पए और भाग दे द जए।

प्र.4 क्या सक्क क संख्या सैकड़ , हजार , लाख , करोड़ या उससे भी अ धक होगी? सहज अनुमान लगाइए।

हजार म — लगभग दस हजार।

एक िसक्का कु छ गाम का होता है, अतः लगभग 250 िसक्के 1 िकलोगाम बनाते है ं
250 × 45 ≈ 11,000 िसक्के

कोिट: लगभग 104

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लाख होने के लए प्रत्येक सक्के का भार आधे ग्राम से भी कम होना पड़ेगा — एक छोट पन से भी हल्का। सैकड़ होने के लए
प्रत्येक सक्के का भार 100 ग्राम से अ धक होना पड़ेगा — एक मोबाइल फोन से भी भारी। दोन स्पष्टतः गलत ह और इन्ह बना
कोई गणना कए ही हटाया जा सकता है।

ऐसा क्य होता है: अच्छा अनुमान मनमाना नह होता। यह पूछकर दोन छोर तय क जए क उत्तर सक्के का भार
क्या मान लेने को बाध्य करेगा, असंभव वकल्प हटा द जए और प्रायः 10 क सही घात ही शेष रह जाएगी। घातांक
सही कर लेना ही आधी से अ धक लड़ाई है; गुणांक बाद म दे ख ली जए।

प्र.5 अ ात मान के लए आवश्यक और संभा वत अ भधारणाएँ तथा स न्नकटन का उपयोग करके उत्तर ात
क जए। ध्यान द जए क हम सट क उत्तर नह अ पतु एक यथो चत रूप से नकट आकलन को दे ख रहे ह।

मान लीिजए: रॉक्सी का भार = 45 िकलोगाम = 45,000 गाम

मान लीिजए: एक 1 रुपए का िसक्का = 4 गाम

िसक्कों की संख्या = 45,000 ÷ 4 = 11,250

≈ 1.1 × 104 िसक्के , मूल्य ₹11,250

यह कतना संवेदनशील है? य द सक्का वास्तव म 3.5 ग्राम का हो तो उत्तर लगभग 12,900 आएगा; 5 ग्राम का हो तो 9,000। हर
ता कक धारणा 9,000 और 13,000 के बीच ही ले जाती है — अतः उत्तर है "लगभग दस हजार सक्के", और आँकड़े इससे
अ धक का समथन नह करते।

ऐसा क्य होता है: धारणा बदलने पर उत्तर कतना हलता है, यह जाँचना ही बताता है क उस पर कतना भरोसा
कया जाए। यहाँ उत्तर 104 क सीमा से कभी बाहर नह जाता, अतः को ट पक्क है यद्य प सट क आँकड़ा नह ।
यही अंतर — पक्का घातांक, ढ ला गुणांक — इस भाग का व्यावहा रक सार है।

प्र.6 एस्तु पूछता है, “क्या होगा य द हम इसके अ त रक्त 5 रुपए के सक्के या 10 रुपए के नोट का उपयोग कर? यह
कतने रुपए ह गे?” सवप्रथम सहज अनुमान लगाइए और इसके पश्चात ात क जए (अ ात ववरण के वषय
म आवश्यक और संभा वत अ भधारणाएँ बनाइए और उत्तर ात क जए)।

अनुमान: 5 रुपए के सक्क से 1 रुपए के सक्क क तुलना म अ धक मूल्य मलना चा हए और नोट से दोन क तुलना म कह
अ धक — नोट का भार तो नगण्य होता है।

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वस्तु माना गया भार 45 कलोग्राम म संख्या मूल्य

1 रुपए का िसक्का 4 ग ाम 11,250 ₹11,250

5 रुपए का िसक्का 6 ग ाम 7,500 ₹37,500

10 रुपए का नोट 1 ग ाम 45,000 ₹4,50,000

5 रुपए के िसक्के : 45,000 गाम ÷ 6 गाम = 7,500 िसक्के × ₹5 = ₹37,500

10 रुपए के नोट: 45,000 गाम ÷ 1 गाम = 45,000 नोट × ₹10 = ₹4,50,000

ऐसा क्य होता है: कसी भार के धन का मूल्य = (प्र त वस्तु मूल्य ÷ प्र त वस्तु भार) × कुल भार। नोट भारी अंतर से
जीतते ह क्य क कागज के लए यह अनुपात बहुत बड़ा है — ₹10 प्र त ग्राम बनाम ₹1 प्र त 4 ग्राम। मोटे तौर पर,
प्र त कलोग्राम नोट 1 रुपए के सक्क से लगभग 40 गुना अ धक धन दे ते ह।

प्रयास क जए: यही गणना ₹500 के नोट से क जए। वही 45 कलोग्राम लगभग ₹2.25 करोड़ हो जाते ह —
50 गुना क छलाँग, केवल कागज पर छपी संख्या के कारण।

प्र.7 एस्तु और रॉक्सी के उपयुक्त प्रस्ताव से वष म कतने व्य क्तय को लाभ हो सकता है? ात करने से पूव पुन:
अनुमान लगाइए।

दोन का वयस्क भार लगभग 60 कलोग्राम मान ली जए।

लेखन प ुि स्तकाए ँ। 100 पृष्ठ की एक पुिस्तका ≈ 200 गाम

60 िकलोगाम = 60,000 गाम → 60,000 ÷ 200 = 300 पुिस्तकाएँ

यिद पत्येक िव ाथ को 5 पुिस्तकाएँ िमले:ं

300 ÷ 5 = 60 िव ाथ पित वष

अ न्न द ान। एक भोजन में लगभग 150 गाम अनाज लगता है

60,000 ÷ 150 = 400 भोजन

= 400 व्यिक्त एक बार, या एक वष तक पितिदन लगभग 1 व्यिक्त, या 4-4 के 100 पिरवार

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a g l AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: दोन उत्तर इसी पर टके ह क "एक इकाई का भार कतना है", और दोन इकाइय का भार
. com
बहुत अलग है — भार के हसाब से एक पु स्तका एक भोजन से भारी है, अतः पु स्तकाएँ कम बँटeतीmह पर प्रत्येक
c o m के काम आती है। यह भी ध्यान द जए क ये प्र तवष के दान ह: 40 g l aवषs के कायकाल म
m.
केवलsपुeस्तकाओं से ही लगभग 2400 वद्या थय तक पहुँचा जा सकता है।
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कई महीन तक वद्याथ

a
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com
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क्या आप जानते ह? व्य क्त के भार के समान वस्तु दान करने क प्रथा तुलाभार या तुलाभारम कहलाती है। यह

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बहुत पुरानी है और द क्षण भारत म कई ान पर आज भी प्रच लत है। यह कृतज्ञता का प्रतीक है और समुदाय का
समथन भी करती है।
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em.
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उन्ह ने अपनी यात्रा कतने समय पूव प्रारंभ क होगी?

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प्र.8

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a लगभग 12 से 13 दन पूव — मोटे तौर पर दो सप्ताह।

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mपित घंटा agl
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मान लीिजए सुिवधाजनक चाल = 4 िकलोमीटर
a
agl (िव ाम और रात छोड़ कर)
मान लीिजए पितिदन 8 घंटे पैद ल चलना

co m
m .
पितिदन तय दू री = 4 × 8 = 32 िकलोमीटर
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. comिदन = 400 ÷ 32 = 12.5 a g l
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आवश्यक
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िद न

agl धारणाओं क जाँच क जए। 3 कलोमीटर प्र त घंटा क चाल से 6 घंटे प्र त दन चलने पर 400 ÷ 18 ≈ 22 दन; 5 कलोमीटर प्र त
se m
com a
घंटा से 10 घंटे प्र त दन चलने पर 400 ÷ 50 = 8 दन। अतः ईमानदार उत्तर है "एक से तीन सप्ताह के बीच, सबसे संभवतः

. a g l
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लगभग एक पखवाड़ा"।

ase
agl
ऐसा क्य होता है: पदयात्रा कोई दौड़ नह है, अतः उत्तर को वास्तव म चाल नह ब ल्क प्र त दन क दूरी नयं त्रत
करती है। एक बार लगभग 30 कलोमीटर प्र त दन तय कर लेने पर गणना केवल एक भाग रह जाती है। यहाँ गणना

co m
.
से पहले अनुमान लगाना वशेष रूप से उपयोगी है: अ धकांश लोग का पहला अनुमान बहुत कम होता है, क्य क
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हम दूरी को बस के समय से आँकते ह।

.co a g l
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क्या आप जानते ह? पदयात्रा धा मक या आध्या त्मक साधना के अंतगत लंबी दूरी तक पैदल चलने क परंपरागत

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प्रथा है। अजमेर शरीफ दरगाह जयारत, पंढरपुर वारी, काँवड़ यात्रा, सबरीमाला यात्रा, सम्मेद शखर जी यात्रा और

m a s e
co agl
लुं बनी से सारनाथ यात्रा कुछ प्र सद्ध तीथयात्राएँ ह।

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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 35–36
co m
m .
m as e
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2.5 क्या आपने कभी वचार कया है? · रै खक वृ बनाम चरघातांक वृ

प्र.1 य द कोई व्य क्त बना रुके चले तो वह अपने जीवनकाल म पृथ्वी क कतनी बार प रक्रमा कर सकता है? मान
ली जए क पृथ्वी के चार ओर क दूरी 40,000 कलोमीटर है।

ता कक धारणाओं पर लगभग 18 बार।

मान लीिजए 5 िकलोमीटर पित घंट ा की चाल से 8 घंटे पितिदन = 40 िकलोमीटर पितिदन

मान लीिजए जीवन के 50 वष तक चलना

एक वष में दू री = 40 × 365 = 14,600 िकलोमीटर

50 वष में दू री = 14,600 × 50 = 7,30,000 िकलोमीटर

पिरक्रमाओं की संख्या = 7,30,000 ÷ 40,000 ≈ 18 बार

मानक रूप म: 7.3 × 105 कलोमीटर चले, जब क एक प रक्रमा 4 × 104 कलोमीटर क है।

ऐसा क्य होता है: जीवन भर चलने के लए यह उत्तर आश्चयजनक रूप से छोटा है, और यही सीख है। चलना
रै खक है — दूरी प्र त दन न श्चत 40 कलोमीटर से बढ़ती है, इससे तेज कभी नह । पचास वष का चलना बीस
प रक्रमाओं से भी कम बनता है, जब क पृष्ठ 19 का कागज 46 चरण म चंद्रमा पार कर गया। अगला पृष्ठ इसी अंतर
को नाम दे ता है।

क्या आप जानते ह? आधु नक प रवहन से पूव व्यापारी, संत और व ान वास्तव म रे गस्तान, पहाड़ और न दयाँ
पार करके वश्व के दूर-दूर के भाग तक हजार कलोमीटर पैदल चलते थे।

प्र.2 रॉक्सी कहती है, “मुझे आश्चय है क य द हमारे पास वास्तव म ऐसी सीढ़ होती तो उसम कतने पायदान होते?”
इसके वषय म आपका क्या वचार है? सवप्रथम सहज अनुमान लगाइए।

गणना से पहले अनुमान लगाइए। अ धकांश पहले अनुमान लाख म होते ह; वास्त वक उत्तर है लगभग 192 करोड़ पायदान।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

चंद मा की दू री = 3,84,400 िकलोमीटर

मान लीिजए दो पायदानों के बीच 20 सेट
ं ीमीटर की दू री

ं ीमीटर = 3.844 × 1010 सेट
3,84,400 िकलोमीटर = 3,84,400 × 1,00,000 सेट ं ीमीटर

पायदानों की संख्या = 3.844 × 1010 ÷ 20

= 1.922 × 109

= 1,92,20,00,000 पायद ान

ऐसा क्य होता है: हम ऐसे प्रश्न को उन सी ढ़य से आँकते ह जो हमने दे खी ह, जनम बीस-तीस पायदान होते ह,
अतः 109 तक क छलाँग अ वश्वसनीय लगती है। 10 क घात म काम करने से यह सँभल जाता है: सट मीटर और
कलोमीटर म 105 का अंतर है और हमारा सहज बोध यही एक गुणनखंड छोड़ दे ता है।

प्र.3 क्या पायदान क संख्या हजार , लाख , करोड़ या उससे भी और अ धक होगी?

करोड़ म — 192 करोड़ 20 लाख पायदान, अथात 1 ब लयन 922 म लयन पायदान।

1,92,20,00,000 = 1.922 × 109

1 करोड़ = 107, अतः यह 192.2 करोड़ है

1 अरब = 109, अतः यह लगभग 1.9 अरब है

बना सट क गणना के भी यही नष्कष नकालने क एक तीव्र व ध: चंद्रमा लगभग 4 × 1010 सट मीटर दूर है और 20 सट मीटर =
2 × 101 सट मीटर, अतः गनती लगभग (4 ÷ 2) × 1010–1 = 2 × 109 है।

ऐसा क्य होता है: यह मोट जाँच केवल इसी अध्याय के नयम का उपयोग करती है — गुणांक म भाग द जए,
घातांक घटाइए। यह एक ही पं क्त म 10 क सही घात दे दे ती है, और प्रश्न यही तो पूछ रहा है। सट क आँकड़ा
प रशु द्ध जोड़ता है, पर "करोड़ " वाले उत्तर को बदलता नह ।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 हम ात करना है क कतने 20 सट मीटर मलकर 3,84,400 कलोमीटर बनाते ह।

3,84,400 िकलोमीटर

= 3,84,400 × 1000 मीटर (1 िकलोमीटर = 1000 मीटर)

= 3,84,400 × 1000 × 100 सेट
ं ीमीटर (1 मीटर = 100 सेट
ं ीमीटर)

= 3,84,400 × 105 सेट
ं ीमीटर

= 3.844 × 105 × 105 सेट
ं ीमीटर = 3.844 × 1010 सेट
ं ीमीटर

ं ीमीटर की लंबाइयों की संख्या = 3.844 × 1010 ÷ (2 × 101)
20 सेट

= 1.922 × 109

= 1,92,20,00,000

ऐसा क्य होता है: कलोमीटर से सट मीटर का मात्रक-प रवतन स्वयं 10 क एक घात है — 105 का गुणनखंड —
अतः पूरा प रवतन घातांक का एक ही योग है, 5 + 5 = 10। इस व ध से ऐसे प्रश्न क सबसे सामान्य भूल — बीच
म कोई शून्य छू ट जाना या बढ़ जाना — समाप्त हो जाती है।

प्र.5 क्या आप रै खक वृ और चरघातांक वृ के कुछ उदाहरण दे सकते ह?

रै खक वृ प्रत्येक चरण पर एक न श्चत मात्रा जोड़ती है; चरघातांक वृ प्रत्येक चरण पर एक न श्चत गुणक से गुणा
करती है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

रै खक वृ (योगात्मक) चरघातांक वृ (गुणनात्मक)

सीढ़ ी के पायदान: पत्येक बार + 20 से ंटीमीटर कागज मोड़ ना: पत्येक बार × 2

पित सप्ताह ₹50 की बचत चक्रवृि ब्याज पर रखा धन

एक समान गित से टंक ी भरना जादुई तालाब के कमल : पितिदन × 2

एक समान चाल से तय की गई दू र ी हर 20 िमनट में दो भागों में बँटते जीवाणु

पुस्तक के पष्ृ ठों की संख्या डालना गुप्त संकेत में खाँचे बढ़ ाना: पत्येक खाँचे पर × 10

एक-एक पुस्तक रखकर बनता ढे र "चमकते पत्थर ..." के हीरे : पत्येक स्तर पर × 3

n चरणों के पश्चात रैिखक: पारंभ + n × d

n चरणों के पश्चात चरघातांक ी: पारंभ × rn

ऐसा क्य होता है: समय के साथ दोन का व्यवहार बहुत भन्न होता है। रै खक वृ द्ध कसी भी दए गए स्तर को एक
बार, एक न श्चत क्षण पर पार करती है। चरघातांक वृ द्ध बहुत समय तक छोट रहती है और फर कसी भी रै खक
प्र क्रया को, चाहे वह कतनी भी तेज हो, पीछे छोड़ दे ती है, क्य क न श्चत गुणक चक्रवृ द्ध होता है। ठ क इसी
कारण 46 मोड़ 192 करोड़ पायदान को हरा दे ते ह।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 37–38
2.5 क्या आपने कभी वचार कया है? · बड़ी संख्याओं को समझना

प्र.1 वै श्वक स्तर पर मैना (स्टा लग) पक्षी क जनसंख्या लगभग 1.3 अरब या 1.3 ब लयन आक लत क गई थी।
[इसे वै ा नक संकेतन म ल खए — अंग्रेज़ी संस्करण म यहाँ रक्त ान (_________) दया गया है।]

1.3 × 109

1 अरब = 1,00,00,00,000 = 109

1 िबिलयन = 1,000,000,000 = 109

अतः 1.3 अरब = 1.3 िबिलयन = 1.3 × 109 मैन ा

यह पं क्त 109 शीषक के नीचे है और गुणांक 1.3 भी 1 और 10 के बीच है, अतः यह उ चत मानक रूप म है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

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m.
ऐसा क्य होता है: अरब और ब लयन एक ही संख्या 109 के दो नाम ह, जो दो भन्न नामकरण पद्ध तय से आते ह

o m l a se
— भारतीय पद्ध त सौ-सौ के चरण म गनती है (लाख, करोड़, अरब) और अंतररा ीय पद्ध त हजार-हजार के

m .c म लयन, ब लयन)। 10 क घात रा श को एक ही बार लखकर दोन aपद्धg तय म पढ़ने दे ती ह।
se
चरण म (हजार,

l a
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क्या आप जानते ह? मैना का झुंड हजार प क्षय का एक मंत्रमुग्ध कर दे ने वाला हवाई प्रदशन करता है जसे प्राय:

co m
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' नद शत नृत्य' भी कहा जाता है।

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g l as
a
वै श्वक स्तर पर मानव जनसंख्या लगभग 8 × 10⁹ है एवं अ क हा थय क संख्या लगभग 4 × 10⁵ है। क्या हम
m
प्र.2

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m.
कह सकते ह क प्रत्येक अ क हाथी पर लगभग 20,000 व्य क्त आक लत कए गए ह?

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.co a g l
se m

g l a
हाँ।
a
m a s
.co agl
पित हाथी व्यिक्त = (8 × 109) ÷ (4 × 105)

se m
= (8 ÷ 4) × 109–5
g l a
= 2 × 104 a

co m
.
= 20,000 व्यिक्त पित हाथ ी
e m
m l as
.co a g
a s em ऐसा क्य होता है: मानक रूप म भाग दो सरल भाग म बँट जाता है — गुणांक म भाग (8 ÷ 4 = 2) और घातांक

agl का घटाव (9 – 5 = 4)। दोन म कोई लंबा भाग नह करना पड़ता। इसक तुलना 8,00,00,00,000 ÷ 4,00,000
m
को हाथ से करने से क जए, जहाँ एकमात्र क ठनाई शून्य गनते रहना है; वही गनती घातांक आपके लए कर दे ता

a se
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है।

m . a
ase
agl
संकेत: जब गुणांक म भाग सरल न हो तो उन्ह पूणा कत कर ली जए। (8.2 × 109) ÷ (4.15 × 105) भी लगभग
2 × 104 ही है — 10 क नकटतम घात तक उत्तर मु श्कल से हलता है।
co m
m .
m as e
.co a g l
a s emप्र.3 संपूण वश्व म मच्छर क आक लत संख्या (वष 2023 म) 11 नील या 110 लयन है। [इसे वै ा नक संकेतन म

agl ल खए — अंग्रेज़ी संस्करण म यहाँ रक्त ान (________) दया गया है।]

.c
s e m
m a
. co agl

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1.1 × 1014

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m .
m ase
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1 नील = 1013, अतः 11 नील = 11 × 1013

1 िटिलयन = 1012, अतः 110 िटिलयन = 110 × 1012

11 × 1013 = 110 × 1012 = 1,10,00,00,00,00,00,000

मानक रूप में = 1.1 × 1014

उसी पं क्त के अंटाक टक क्रल से तुलना क जए — 50 नील / 500 लयन = 5 × 1014, अथात लगभग पाँच गुना अ धक।

ऐसा क्य होता है: 11 × 1013 और 110 × 1012 दोन सही मान ह परंतु दोन मानक रूप नह ह, क्य क गुणांक
के लए 1 ≤ x < 10 आवश्यक है। 11 म दशमलव बदु एक ान बाईं ओर खसकाने पर 10 का गुणनखंड खच
होता है, जसक भरपाई घातांक को 13 से 14 करके होती है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 38–39
2.5 क्या आपने कभी वचार कया है? · बड़ी संख्याओं को समझना

प्र.1 गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग करते हुए अपना उत्तर ल खए। (i) वश्व म प्रत्येक मानव पर
कतनी च टयाँ ह?

ची ंिटयाँ ≈ 20 पद्म / 20 क्वािडिलयन = 2 × 1016

मानव ≈ 8 × 109 (2025)

पित मानव ची ंिटयाँ = (2 × 1016) ÷ (8 × 109)

= 0.25 × 107

= 2.5 × 106 च ीिटयाँ
ं पित व्यि क्त

अथात प्रत्येक व्य क्त पर लगभग 25 लाख च टयाँ। मानव जनसंख्या का अ धक सट क आँकड़ा 8.2 × 109 लेने पर 2.4 × 106
आता है — एक साथक अंक तक वही, और आँकड़े इससे अ धक के योग्य भी नह ।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: 0.25 × 107 सही मान है पर मानक रूप नह , क्य क गुणांक कम से कम 1 होना चा हए।
दशमलव बदु एक ान दाईं ओर खसकाना 10 से गुणा करना है, अतः घातांक 1 घटाना पड़ता है: 0.25 × 107 =
2.5 × 106। जब भी ऊपर का गुणांक नीचे वाले से छोटा हो, इस पर ध्यान द जए।

प्र.2 गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग करते हुए अपना उत्तर ल खए। (ii) य द मैना के एक झुंड म
10,000 पक्षी ह तो वश्व म मैना के कतने झुंड ह गे?

मैन ा ≈ 1.3 × 109

पित झुंड पक्षी = 10,000 = 104

झुंडों की संख्या = (1.3 × 109) ÷ 104

= 1.3 × 109–4

= 1.3 × 105 झ ड
ुं (लगभग 1,30,000)

ऐसा क्य होता है: 10 क शुद्ध घात से भाग दे ने पर गुणांक अछू ता रहता है और केवल घातांक घटता है — यह
सबसे तीव्र प्रकार का भाग है। इससे यह भी दखता है क उत्तर पहले से ही मानक रूप म क्य है: 1.3 आरंभ से ही
1 और 10 के बीच था और उसे कुछ बदला ही नह ।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग करते हुए अपना उत्तर ल खए। (iii) य द प्रत्येक वृक्ष पर
लगभग 10⁴ प त्तयाँ ह तो वश्व म सभी वृक्ष पर कुल प त्तय क संख्या ात क जए।

वृक्ष ≈ 30 खरब / 3 िटिलयन = 3 × 1012

पित वृक्ष पि याँ = 104

कु ल पि याँ = (3 × 1012) × 104

= 3 × 1012+4

= 3 × 1016 पि याँ

अथात 30 पद्म प त्तयाँ — पृथ्वी पर च टय क संख्या (2 × 1016) के लगभग बराबर को ट क , जो ध्यान दे ने योग्य है।

ऐसा क्य होता है: मानक रूप म गुणा, भाग का दपण है — गुणांक को गुणा क जए और घातांक को जोड़
द जए। यहाँ गुणांक 3 ही रहता है क्य क दूसरा गुणनखंड 10 क शुद्ध घात है।

प्र.4 गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग करते हुए अपना उत्तर ल खए। (iv) य द आप कागज को एक
के ऊपर एक रख तो चंद्रमा तक पहुँचने के लए आपको कतने कागज क आवश्यकता होगी?

चंद मा की दू री = 3,84,400 िकलोमीटर = 3.844 × 1010 सेट
ं ीमीटर

ं ीमीटर = 10–3 सेट
एक कागज की मोटाई = 0.001 सेट ं ीमीटर

कागजों की संख्या = (3.844 × 1010) ÷ 10–3

= 3.844 × 1010–(–3)

= 3.844 × 1010+3

= 3.844 × 1013 कागज

लगभग 38 लाख करोड़ कागज — और फर भी एक ही कागज को 46 बार मोड़ने से उतनी ही दूरी बन जाती है, क्य क 246 ≈ 7
× 1013।

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ऐसा क्य होता है: 10–3 से भाग दे ना 103 से गुणा करने के समान है, इसी लए घातांक बढ़ा। ऋणात्मक संख्या
घटाना जोड़ना ही है, और यह यह नयम अपना मूल्य चुकाता है। यह पूरे अध्याय का सबसे स्वच्छ सार भी है: 3.8 ×
1013 कागज ढे र करना रै खक है, एक कागज को 46 बार मोड़ना चरघातांक — और दोन चंद्रमा पर जाकर
समाप्त होते ह।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 39
2.5 क्या आपने कभी वचार कया है? · अपनी आयु बताने क एक भन्न व ध!

प्र.1 “मेरी आयु ______ घंटे है।” रॉक्सी ने कहा। इस संख्या को ात करने से पूव एक अनुमान लगाइए।

लगभग 1,16,160 घंटे — अथात मोटे तौर पर 1.2 × 105 घंटे।

रॉक्सी ने कहा िक वह 4840 िदन की है

1 िदन = 24 घंटे

घंटे = 4840 × 24

= 4840 × 20 + 4840 × 4

= 96,800 + 19,360

= 1,16,160 घंटे ≈ 1.16 × 105

पहले अनुमान: 4840 ≈ 5 × 103 और 24 ≈ 2.4 × 101, अतः उत्तर लगभग 12 × 104 = 1.2 × 105 होगा। यह अनुमान सट क
मान के 4% के भीतर है।

ऐसा क्य होता है: वही आयु भन्न मात्रक म बलकुल अलग दखती है — 13 वष, 4840 दन, 1.16 लाख घंटे।
रा श त नक भी नह बदली; केवल मात्रक का आकार बदला है। छोटा मात्रक चुनने पर संख्या गु णत हो जाती है,
और यहाँ मात्रक 24 गुना छोटा हुआ है।

प्र.2 मेरी आयु 69,70,710 ... इस संख्या का क्या अथ हो सकता है? ात क जए!

यह रॉक्सी क आयु मनट म है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
em.
4840 िदन से आरंभ करके मात्रक एक-एक कर जाँिचए।
m l as
.co
घंट ों में: 4840 × 24 = 1,16,160 — बहुत कम
m a g
l a se
g
िमनटों में: 1,16,160 × 60 = 69,69,600 — िमल गया!
aसेकंडों में: 69,69,600 × 60 = 41,81,76,000 — बहुत अिधक
o m
e
. c
mअ धक है — लगभग साढ़े अठारह घंटे, अथात वह अधूरा दन जो ag
s
पुस्तक क संख्या 69,70,710, 69,69,600 से 1110 मनट
a है 69,70,710 मनट ≈ 7 × 106 मनट।
उसके 4840 दन गनने के बाद बीत चुका है। अतः lउत्तर
ag

co
ऐसा क्य होता है: कसी अज्ञात मात्रक को केवल संख्या के आकार से पहचाना जा सकता है — 10 क उसक
m
em.
as
घात एक पहचान- चह्न है। 105 का अथ घंटे, 107 का अथ मनट, 108 होता तो सेकंड। आगे के पृष्ठ क "10 क
m l
.co
घात " वाली पूरी ता लका इसी कौशल का अभ्यास कराती है।
m a g
l a se
a g
m a s
.co agl
प्र.3 एस्तु — “म आज 4070 दन का ँ। क्या आप मेरी जन्म त थ ात कर सकते ह?”

se m
g l a
a

आज से 4070 दन पीछे ग नए।

co m
m .
as e
omऔर लगभग 0.14 × 365 ≈ 51 िदन
4070 ÷ 365.25 = 11.14 वष
.cवष
=m11 a g l
ase
agl अतः एस्तु का जन्म लगभग 11 वष 7 सप्ताह पूव हुआ — जो पुस्तक के इस कथन से मेल खाता है क वह 11 वष का है। सट क
se m
त थ के लए चरण म घटाइए:
com g l a
m . a
ase
1. आज से 11 वष पीछे जाइए। इसम 11 × 365 + 3 अ धवष दन = 4018 दन आ जाते ह।

agl
2. 4070 – 4018 = 52 दन और पीछे जाना शेष है। उस त थ से 52 दन और घटा द जए।

31 अगस्त 2026 से गणना करने पर यह 10 जुलाई 2015 आता है। अपनी "आज" क त थ से यही क जए, उत्तर लगभग 11

co m
.
वष 7 सप्ताह पहले क त थ आएगी।

e m
m l as
.co a g
m भाग दे ना ठ क है। केवल 365 लेने पर 11 वष म उत्तर लगभग 11 दन खसक जाएगा — छोटा अंतर, पर त थ
ऐसा क्य होता है: वष पूरे दन का नह होता, अतः 365.25 (तीन साधारण वष और एक अ धवष का औसत) से

l a se
ag
.c
गलत बताने के लए पयाप्त।

s e m
m a
e m . co agl
g l as
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co m
m .
m as e
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 य द आप 10 लाख सेकंड तक जी वत रह तो आपक आयु कतनी होगी?

लगभग साढ़े ग्यारह दन — एक पखवाड़ा भी नह ।

1 िदन = 24 × 60 × 60 = 86,400 सेकं ड ≈ 8.64 × 104 सेकं ड

106 ÷ (8.64 × 104)

= (1 ÷ 8.64) × 106–4

= 0.1157 × 102

= 11.57 िद न (11 िदन और लगभग 14 घंटे )

ऐसा क्य होता है: "दस लाख" सुनने म बड़ी आयु लगती है और वह बड़ी संख्या है भी — परंतु सेकंड बहुत छोटा
मात्रक है। ग णत म आकार सदै व संख्या × मात्रक होता है और मात्रक भूल जाना ही ऐसी रा शय को अटपटा बना
दे ता है। तुलना के लए, एक ब लयन सेकंड 109 ÷ 8.64 × 104 ≈ 11,574 दन ≈ 31.7 वष है, जो वास्तव म एक
आयु है।

स्वयं जाँ चए: 106 से 109 सेकंड तक क छलाँग 1000 गुनी है — एक पखवाड़े से एक जीवनकाल तक। इस
अध्याय म 10 क घात कतनी तेजी से चढ़ती ह, यह दखाने वाली सबसे अच्छ तुलना यही है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 40

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

2.5 क्या आपने कभी वचार कया है?

प्र.1 10⁵ सेकंड ≈ 1.16 दन और 10⁶ सेकंड ≈ 11.57 दन। कुछ घटनाओं या प रघटनाओं जनका समय (i) 10⁵
सेकंड और (ii) 10⁶ सेकंड है, इस पर वचार क जए और इन्ह वै ा नक संकेतन म ल खए।

को ट घटना या प रघटना वै ा नक संकेतन म समय

105 से कं ड एक पूर ा िदन-रात (24 घंटे) 8.64 × 104 से कं ड
(लगभग एक िदन)

िदल्ली से चेन्नई की रे ल यात्रा, लगभग 33 घंटे 1.2 × 105 से कं ड

तट पार करता एक चक्रवात, लगभग एक िदन ≈ 1 × 105 से कं ड

पाँच िदन का टेस्ट मैच (5 × 6 घंटे का खेल ) 1.1 × 105 से कं ड

106 से कं ड मुग के अंडे से चूजा िनकलना, 21 िदन 1.8 × 106 से कं ड
(लगभग 12 िदन)

चंद मा की एक कला, अमावस्या से अमावस्या तक, 29.5 िदन 2.5 × 106 से कं ड

िवषाण ु ज्वर से स्वस्थ होना, लगभग 10 िदन 8.6 × 105 से कं ड

दो सप्ताह की िव ालय परीक्षा अविध 1.2 × 106 से कं ड

उपयोगी रूपांत रण:

1 िदन = 8.64 × 104 सेकं ड

1 सप्ताह = 6.05 × 105 सेकं ड

1 मास ≈ 2.6 × 106 सेकं ड

1 वष ≈ 3.15 × 107 सेकं ड

ऐसा क्य होता है: "105 क को ट" का अथ ठ क 1,00,000 सेकंड नह है — इसका अथ लगभग 3 × 104 से 3
× 105 तक कुछ भी है, इसी लए 24 घंटे का दन और 33 घंटे क रेल यात्रा दोन इसम आ जाते ह। यह ढ लापन
जान-बूझकर है। जब रा शयाँ 10 क बीस घात म फैली ह , जैसे इस अध्याय म, तब उन्ह सही घात म रखना गुणांक
तय करने से कह अ धक सूचना दे ता है।

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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 41–42
2.5 क्या आपने कभी वचार कया है?

प्रयास क जए

प्र.1 केलेनकेन गलरमॉई एक प्रकार का आतंक पक्षी है। इसका जीवाश्म 15 म लयन वष (150 लाख वष) (
≈_______________ सेकंड) पुराना है। [ रक्त ान भ रए।]

≈ 4.7 × 1014 सेकंड

1 वष ≈ 3.15 × 107 सेकं ड

15 िमिलयन वष = 1.5 × 107 वष

समय = (1.5 × 107) × (3.15 × 107)

= (1.5 × 3.15) × 107+7

= 4.725 × 1014

≈ 4.7 × 1014 सेकं ड

यह 1014 सेकंड वाली पं क्त म आता है, जसे ता लका ≈ 3.17 म लयन वष बताती है — और 15 ÷ 3.17 ≈ 4.7, जो गुणांक से
ठ क मेल खाता है।

ऐसा क्य होता है: पं क्त का शीषक स्वयं एक रूपांतरण गुणक है। एक बार जान लेने पर क 1014 सेकंड ≈ 3.17
म लयन वष, उस पं क्त क कोई भी अव ध केवल गुणांक के एक भाग से बदली जा सकती है, घातांक को छू ने क
आवश्यकता ही नह पड़ती। ता लका को इस तरह पढ़ना हर बार वष क लंबाई से गुणा करने से कह तीव्र है।

प्र.2 पृथ्वी पर पौध क उत्प त्त 47 करोड़ या 470 म लयन वष पूव (≈ _______________ सेकंड) हुई थी। [ रक्त ान
भ रए।]

≈ 1.5 × 1016 सेकंड

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

470 िमिलयन वष = 4.7 × 108 वष

1 वष ≈ 3.15 × 107 सेकं ड

समय = (4.7 × 108) × (3.15 × 107)

= 14.8 × 1015

= 1.48 × 1016 ≈ 1.5 × 1016 सेकं ड

पं क्त के शीषक से जाँच: 1016 सेकंड ≈ 31.7 करोड़ वष और 47 ÷ 31.7 ≈ 1.5। ✓

ऐसा क्य होता है: बीच म आए 14.8 × 1015 पर ध्यान द जए। यह सही है पर मानक नह , अतः दशमलव बदु
एक ान बाईं ओर जाता है और घातांक 1 बढ़ जाता है। मानक रूप म हर गुणा के अंत म यह समायोजन करना पड़
सकता है, क्य क 10 से छोटे दो गुणांक गुणा होकर 10 से बड़े हो सकते ह।

प्र.3 गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग करते हुए उत्तर ल खए। (i) य द एक तारे क गणना म 1 सेकंड
का समय लगता है तो इस ब्र ांड म त सभी तार क गणना म कतना समय लगेगा? वै ा नक संकेतन का
उपयोग करते हुए उत्तर को सेकंड क संख्या के रूप म ल खए।

अवलोकनीय ब ांड में तारे ≈ 2 × 1023

दर = 1 तारा पित सेकं ड

समय = 2 × 1023 ÷ 1

= 2 × 1023 सेकं ड

यह कतना लंबा है? वष म बद लए:

(2 × 1023) ÷ (3.15 × 107)

≈ 0.63 × 1016 = 6.3 × 1015 वष

ब्र ांड क आयु स्वयं लगभग 1.38 × 1010 वष है, अतः एक-एक सेकंड म एक तारा गनने पर ब्र ांड क आयु से लगभग 4.6
लाख गुना समय लगेगा।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
ऐसा क्य होता है: सेकंड क संख्या तो सरल है — प्र त तारा एक — पर जब तक उसक तुलना कसी प र चत

m l a se
रा श से न हो, उसका कोई अथ नह । 2 × 1023 सेकंड को "ब्र ांड के अ स्तत्व से भी कह अ धक" म बदल दे ना ही
o
इस भाग का .पूcरा उ े श्य है: बहुत बड़ी रा शयाँ हमारे अनुभव से परे होती ह, अतः हम उन्ह
a gउन रा शय से जोड़ते और
m
e ह जनसे हम प र चत ह।
sकरते
l a
ag
तुलना

. c om ag
s
गणना क जए और वै ा नक संकेतन का उपयोग
e m करते हुए उत्तर ल खए। (ii) य द एक व्य क्त एक गलास
la है तो पृथ्वी पर उपलब्ध संपूण पानी को पीने म उसे कतना समय
प्र.4

a g
पानी (200 मलीलीटर) 10 सेकंड म पीता
लगेगा?

co m
em.
as

m l
.co a g
पs
a emपर पानी की बूदँ े ं ≈ 2 × 1025, 16 बूदँ े ं पित िमलीलीटर
gl
ृथ्वी
a
m a s
.co agl
आयतन = (2 × 1025) ÷ 16 िमलीलीटर

se m
= 0.125 × 1025 = 1.25 × 1024 िमलीलीटर
g l a
a

com
.
िगलास = 1.25 × 1024 ÷ 200
e m
m l as
.co
= 0.00625 × 1024 = 6.25 × 1021 िगलास
a g
se m
g l a
a समय = 6.25 × 1021 × 10 सेकं ड

se m
= 6.25 × 1022 सेकं ड
com g l a
m . a
ase
agl
वष म यह लगभग 2 × 1015 वष है — फर से ब्र ांड क आयु से कह अ धक।

. c om
ऐसा क्य होता है: यह ंखला तीन चरण क है — बूँद से मलीलीटर, मलीलीटर से गलास, गलास से सेकंड —
m21 → 22 चलते जाते ह।
और प्रत्येक चरण मानक रूप म एक भाग या गुणा है, अतः घातांक सीधे 25 → 24e→
s
. omसंकेतन म काम करते रहने से 25 अंक क संख्याओं पर तीन चरण aकgगणना
cइसी la एक पं क्त म हो जाती है।
a s em
agl c
क्या आप जानते ह? आधु नक भौ तक के अनुसार 1018 सेकंड पूव ब्र ांड अ स्तत्व म ही नह था, अतः 1022
m .
m a s e
co agl
सेकंड वाला उत्तर ऐसी अव ध है जो कोई कभी बता ही नह सकता। ये प्रश्न वचार-प्रयोग ह, जनका उ े श्य आकार

m .
ase
का बोध बनाना है।

a g l

co m
m .
m ase
.co


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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 43
2.5 इ तहास क एक झलक

प्र.1 प्रत्येक नाम का पहला भाग क्या दशाता है? [ म लयन (10⁶), ब लयन (10⁹), लयन (10¹²), क्वा लयन
(10¹⁵), क्वन ट लयन (10¹⁸), सेक्स ट लयन (10²¹), सेप्ट लयन (10²⁴), ओ क्ट लयन (10²⁷), नो न लयन
(10³⁰), डे क लयन (10³³)]

यह एक गनती-शब्द है और बताता है क 1000 म 1000 को कतनी बार गुणा कया गया है।

नाम पहले भाग का अथ कैसे बना मान

िमिलयन 1 (लै िटन िमल्ले = हजार) 1000 × 1000 106

िबिलयन बाइ = 2 1000 × 10002 109

िटिलयन टाइ = 3 1000 × 10003 1012

क्वािडिलयन क्वािड = 4 1000 × 10004 1015

िक्वनिटिलयन िक्वन्ट = 5 1000 × 10005 1018

डेिकिलयन डेक = 10 1000 × 100010 1033

यिद पहला भाग k दश ता हो, तो नाम का मान 1000 × 1000k = 103 × 103k = 103k+3

जाँच : k = 3 (िटिलयन) से 109+3 = 1012 ✓

ऐसा क्य होता है: यह पूरा प रवार एक ही नयम से बनता है — प्रत्येक नाम पछले नाम का 1000 गुना है, अतः
घातांक 3-3 के चरण म बढ़ते ह। भारतीय नाम भी इसी प्रकार बनते ह, पर 100-100 के चरण म: लाख 105,
करोड़ 107, अरब 109, खरब 1011, नील 1013, पद्म 1015, शंख 1017, महाशंख 1019 — यहाँ घातांक 2-2
बढ़ते ह।

क्या आप जानते ह? प्रथम शताब्द सामान्य संवत् पूव के ल लत वस्तर म ग णतज्ञ अजुन 10 क वषम घात के
नाम तल्लाक्षण अथात 1053 तक गनाते ह। क ायन का पाली व्याकरण ग्रंथ 10140 तक जाता है, जसका नाम
असंख्येय है।

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प्र.2 वतमान समय म भारत म सबसे अ धक मूल्य का मुद्रा नोट ₹500 का है। अनुमान लगाइए क पूरे वश्व म अब तक
का सबसे अ धक मूल्य का मुद्रा नोट कौन-सा है?

यह क तमान 1 सेक्स ट लयन पगो के नोट का है — 1021 पगो, जसे 1 म लयड बलपगो भी कहते ह — जो वष 1946 म
हंगरी म मु द्रत हुआ था, यद्य प इसे कभी जारी नह कया गया।

नोट अं कत मूल्य मानक रूप म

₹500 (भारत) 500 5 × 102

100 िटिलयन िजम्बाबिवयन डॉलर (2009) 1,00,000,000,000,000 1014

1 से क्सिटिलयन पेंग ो (हंग री, 1946) 1 के आगे 21 शून्य 1021

पेंगो नोट ÷ ₹500 का नोट = 1021 ÷ (5 × 102)

= 0.2 × 1019 = 2 × 1018 ग ुना अंिकत मूल्य

ऐसा क्य होता है: ऐसे नोट तब छपते ह जब क मत स्वयं चरघातांक ग त से बढ़ रही ह — अ त-मुद्रा तम
क मत गु णत होती ह, केवल जुड़ती नह , अतः सरकार को साथ बने रहने के लए शून्य पर शून्य जोड़ते जाना पड़ता
है। जम्बाबवे का 100 लयन डॉलर का नोट छपाई के समय लगभग $30 का था, जससे पता चलता है क छपी
हुई संख्या और वास्त वक मूल्य कतनी शीघ्रता से अलग हो जाते ह।

क्या आप जानते ह? 10100 का अपना नाम है — गूगोल। ब्र ांड म परमाणुओं क आक लत संख्या केवल 1078
से 1082 है, अतः गूगोल जो कुछ भी अ स्तत्व म है उसक गनती से भी बड़ा है।

आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 44–45
2.5 इ तहास क एक झलक (अध्याय के अंत का अभ्यास)

ग णत चचा प्रयास क जए

प्र.1 2²²⁴ ÷ 4³² के मान म इकाई अंक को ात क जए? [संकेत — 4 = 2²]

इकाई अंक 6 है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

432 = (22)32 = 264

2224 ÷ 432 = 2224 ÷ 264

= 2224–64

= 2160

अब 2 क घात के इकाई अंक दे खए। ये चार का चक्र बनाकर दोहराते ह:

घात 21 22 23 24 25 26 27 28

मान 2 4 8 16 32 64 128 256

इकाई अंक 2 4 8 6 2 4 8 6

160 ÷ 4 = 40, शेषफल 0

शेषफल 0 का अथ है िक हम चक्र के अंत पर है,ं अथ त 24 वाले स्थान पर

2160 का इकाई अंक = 6

ऐसा क्य होता है: कसी गुणनफल का इकाई अंक केवल गुणनखंड के इकाई अंक पर नभर करता है, अतः 2 से
गुणा करते रहने पर 2 → 4 → 8 → 6 → 2 चलता है और इन चार से बाहर कभी नह जा सकता। चक्र क लंबाई
4 होने के कारण घातांक केवल 4 से भाग दे ने पर आए शेषफल के रूप म मायने रखता है। इसी लए 49 अंक क
संख्या के वषय म उत्तर बना उसे लखे ही दया जा सकता है।

प्र.2 एक बक्से म 5 बोतल ह। प्रत्येक दन एक नया बक्सा लाया जाता है। 40 दन के पश्चात वहाँ कतनी बोतल ह गी?

200 बोतल = 2 × 102।

पितिदन जुड़ने वाली बोतले ं = 5

िदन = 40

कु ल = 5 × 40 = 200 = 2 × 102

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल AglaSem · NCERT Solutions

ऐसा क्य होता है: यह प्रश्न यहाँ जान-बूझकर वरोधाभास दखाने के लए रखा गया है। यहाँ कुछ भी दोगुना या
तगुना नह हो रहा — प्र त दन वही 5 बोतल आती ह, अतः कुल संख्या जुड़ती है और वृ द्ध रै खक है। 40 दन बाद
200 बोतल ह गी, 540 नह । जादुई तालाब से तुलना क जए, जहाँ 40 दन दोगुना होने पर 240 ≈ 1.1 × 1012
कमल होते। घातांक उठाने से पहले त को पढ़ ली जए।

स्वयं जाँ चए: "प्र त दन 5 बोतल" 5 × n है। "प्र त दन 5 गुनी" 5n होता। एक शब्द उत्तर को 200 से बदलकर 28
अंक क संख्या बना दे ता है।

प्र.3 नीचे द गई संख्या को दो या दो से अ धक घात के गुणनफल के रूप म तीन भन्न- भन्न प्रकार से ल खए। घात
कोई भी पूणाक हो सकती ह। (i) 64³ (ii) 192⁸ (iii) 32⁻⁵

पहले प्रत्येक संख्या को अभाज्य घात म लाइए; उसके बाद घातांक का कोई भी वभाजन काम करेगा।

(i) 643 : 64 = 26, अतः 643 = (26)3 = 218

210 × 28

45 × 44 (क्योंिक 49 = 218)

83 × 83 (क्योंिक 86 = 218)

(ii) 1928 : 192 = 26 × 3, अतः 1928 = 248 × 38

248 × 38

240 × 28 × 38

240 × 68 (क्योंिक 28 × 38 = 68)

(iii) 32–5 : 32 = 25, अतः 32–5 = (25)–5 = 2–25

2–10 × 2–15

2–5 × 2–20

4–12 × 2–1 (क्योंिक 4–12 = 2–24)

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 2 घात का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
ऐसा क्य होता है: एक बार संख्या कसी एक अभाज्य क घात बन जाए, तो उस घातांक को योग के रूप म लखने
का हर तरीका एक नया गुणनखंडन दे दे ता है — और तरीके असी मत ह, क्य क भाग ऋणात्मकeभी
s mहो सकते ह।
m a
glव यही है: क्या प्रत्येक
coका योग –25 होना चा हए, अतः 2–30 × 25 भी उतना ही ठ क है। जाँचaसदै
.
eकmे घातांक ठ क-ठ क जुड़ रहे ह?
(iii) म घातांक
a s
agl
अभाज्य

. c om ag
नीचे दए गए प्रत्येक कथन क जाँच क जए और
s e m पता लगाइए क ‘यह सदै व सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’ या
la क जए। (i) घन संख्याएँ भी वग संख्याएँ होती ह। (ii) चतुथ घात
प्र.4

a g
‘कभी सत्य नह है’। अपने तक क व्याख्या
वग संख्याएँ भी होती ह। (iii) कसी संख्या क पाँचवी घात उस संख्या के घन से वभाज्य होती है। (iv) दो घन

m
संख्याओं का गुणनफल एक घन संख्या होती है। (v) q⁴⁶ एक चतुथ घात और एक छठ घात दोन है (q एक
co
e m.
अभाज्य संख्या है)।

m l as
m .co a g
se

g l a
a नणय तक

m a s
.co agl
(i) कभी-कभी 8 = 23 घन है पर वग नही ं। 64 = 43 = 82 दोनों है। कोई संख्या दोनों तभी होती है जब वह छठी घात हो: n6 = (n2)3
स त्य है
se m
a
= (n3)2।

a g l
(ii) सदै व स त्य n4 = (n2)2, अतः पत्येक चतुथ घात n2 का वग है। 4 सम है, इतना ही पय प्त है।
है
co m
m .
(iii) सदै व स त्य
as e
oहैm
n5 ÷ n3 = n5–3 = n2, जो एक पूण संख्या है। (n = 0 पर दोनों 0 है,ं अतः कथन n ≠ 0 के िलए कहा जाता है। )

.c a g l
m
se(iv) सदै व सत्य
a
agl
िनयम ma × na = (mn)a से a3 × b3 = (ab)3। जैसे 8 × 27 = 216 = 63।
है

se m
कभी स त्य
com g l a
.
(v) q अभाज्य है, अतः q46 चतुथ घात तभी होगी जब 4, 46 को िवभािजत करे , और छठी घात तभी जब 6, 46 को िवभािजत
नही ं है
em a
नही ं है, दोनों तो दू र कीsबात।
करे । 46 = 4 × 11 + 2 और 46 = 6 × 7 + 4 — दोनों में से कोई िवभािजत नही ं करता। अतः यह इनमें से एक भी

a
agl
ऐसा क्य होता है: इनम से हर कथन वास्तव म घातांक के वषय म है। "वग है" का अथ है घातांक 2 का गुणज;
co m
m .
as e
"घन है" का अथ 3 का गुणज; "दोन है" का अथ 6 का गुणज। एक बार प्रश्न को घातांक क वभाज्यता म बदल
m l
.co g
लेने पर उत्तर बना कसी बड़ी गणना के मल जाते ह। भाग (v) म q का अभाज्य होना आवश्यक है, क्य क q = 4

e m a
as
जैसे भाज्य आधार के लए 446 = 292 चतुथ घात हो ही जाती है।

agl c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 8
TypeSolution
Pages72
Languagehindi
Updated19 Sep 2026