aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

Class 11 Question Bank हिंदी

Get here Class 11 Question Bank PDF for हिंदी subject for Hindi Medium students. You will get important questions for all chapters and topics from हिंदी Class 11 in Hindi for your exams. More Detail
Class 11 Question Bank हिंदी - Page 1 of 59

Finished viewing? Save it for later —

Download Class 11 Question Bank हिंदी (PDF · 59 pages)
Downloaded 386 times

About Class 11 Question Bank हिंदी

Class 11 Question Bank हिंदी is available here for free download. Published by AglaSem for Class 11, this question bank can be viewed online or downloaded as a PDF (59 pages). Candidates preparing for Class 11 can use Class 11 Question Bank हिंदी to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download Class 11 Question Bank हिंदी?

Open this page and click the Download button to save Class 11 Question Bank हिंदी as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is Class 11 Question Bank हिंदी free to download?

Yes. Class 11 Question Bank हिंदी can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does Class 11 Question Bank हिंदी have?

Class 11 Question Bank हिंदी contains 59 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 11 study material?

You can find more Class 11 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

Class 11 Question Bank हिंदी – Text

Read the full text of this question bank below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (59 pages)

Page 1

Class 11 Hindi Question Bank

Page 2

कक्षा-11वी
ववषय – विन्दी
अनुक्रमवणका

सरल क्रमांक इकाई क्रमांक इकाई का नाम
01 1 आरोि िाग - 1, काव्य

- खण्ड
02 2 काव्य बोध

03 3 आरोि िाग -1, गद्य

खण्ड

04 4 िाषा बोध

05 5 ववतान िाग – 1

06 6 अविव्यक्ति और माध्यम

07 7 अपवित गद्यांि

08 8 पत्र - लेखन

09 9 वनबन्ध लेखन

4

Page 3

इकाई - 1

आरोि िाग - 1, काव्य – खण्ड

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इका वस्तु अं कवार प्रश्नों की संख्या कुल
ई वनष्ठ प्रश्न
पर प्रश्न
आवं
वित
अं क
1 2 3 अंक 4 अंक 5 अंक
अंक अंक
इकाई आरोि िाग -1, काव्य खंड 17 06 02 01 01 --- 04
1  पद्य साहित्य का इहििास एवं
प्रवृहियााँ
 कहव परिचय
 भावार्थ : (संदभथ , प्रसंग ,
भावार्थ , काव्य सौन्दयथ )
 सौंदयथ बोध िर्ा भाव एवं
हवषय वस्तु आधारिि प्रश्न

वस्तु वनष्ठ प्रश्न
(01 अंक )
सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए -
1. कबीि ने ईश्वि के हकिने रूप माने िैं -
(अ) एक (ब) दो (स) िीन (द) अनंि
2. मीिाबाई के आिाध्य दे व कौन र्े ?
(अ) श्री िाम (ब) श्री हिव स) श्री िाधा (द) श्री कृष्ण
3. मीिाबाई की भक्ति िै -
(अ) दास्य भाव की (ब) साख्य भाव की (स) दां पत्य भाव की िै (द) उपयुथि सभी
4. मीिाबाई ने कौन सी बेहि बोयी िै -
(अ) दया की (ब) प्रेम की (स) भक्ति की (द) माया की
5. मीिा ने श्री कृष्ण को हकस रूप में स्वीकाि हकया िै ?
(अ) ईश्वि के रूप में (ब) पहि के रूप में (स) आिाध्य के रूप में (द) सखा के रूप में
6. हििोचन हिक्तखि कहविा में िड़की का नाम िै -
(अ) चमेिी (ब) चंपा (स) हनमथिा (द) मिादे वी
7. चं पा िड़की िै -
(अ) हििोचन की (ब) गां धी बाबा की (स) सुंदि की (द) बािम की

8. हचिागा हकसके हिए िय र्े -
(अ) ििि के हिए (ब) दे ि के हिए (स) िि एक घि के हिए (द) जनिा के हिए
5

Page 4

9. हचिाग हकसे मयस्सि निीं िै -
(अ) ििि को (ब) दे ि को (स) िि घि को (द) जनिा को
10. चंद महिकाजुथन का अर्थ िै -
(अ) हिव (ब) ब्रह्मा (स) हवष्णु (द) पुिाण
11. अक्कमिादे वी हकस भाषा की कवहयिी िै -
(अ) संस्कृि (ब) कन्नड़ (स) हिं दी (द) िहमि
12. सबसे खििनाक कौन सी हदिा िै -
(अ) हजसमें आत्मा का सूिज डूब जाए (ब) उिि (स) दहिण (द) पूिब
13. हनम्न में से सबसे खििनाक िै -
(अ) पुहिस की माि (ब) मेिनि की िूट (स) सपनों का मि जाना (द) गद्दािी िोग की
14. मुट्ठी कहविा में हकसे बचाने की बाि की गई िै -
(अ) िििों को (ब) बक्तस्तयों को (स) िििों को (द) दे ि को
15. कवहयिी बच्ों के हिए बचाना चाििी िैं -
(अ) आाँ गन (ब) स्कूि (स) घि (द) मैदान
16. सं र्ािी आहदवाहसयों का िहर्याि निीं िै -
(अ) कुल्हाड़ी (ब) धनुष (स) िीि (द) हपस्तौि
17. कवहयिी हवश्वास से भिे इस दौि में क्या बचाना चाििी िै -
(अ) हवश्वास (ब) उम्मीद (स) सपने (द) उपयुथि सभी
18. हिन्दी साहित्य का स्वणथयुग कििािा िैं ।
(अ) आहदकाि (ब) भक्तिकाि (स) िीहिकाि (द) आधुहनककाि
19. 'हिन्दी पद्य साहित्य को हकिने कािो में बााँ टा गया िैं ?
(अ) चाि (ब) पााँ च (स) छः (द) आठ
20. प्रयोगवाद का समय िैं ।
(अ) सन 1900 से सन 1920 (ब) सन 1920 से सन 1936
(स) सन 1936 से सन 1943 (द) सन 1943 से सन 1950
21. िामभक्ति िाखा के प्रमुख कहव िैं ।
(अ) महिक मुिम्मद जायसी (ब) भाििेंदु (स) िुिसीदास (द) कबीिदास
22. ‘शंगाि काि‘ हकस काि को किा जािा िै –
(अ) आहदकाि (ब) भक्तिकाि (स) िीहिकाि (द) आधुहनक काि

ररि स्थान में सिी िब्द चुनकर वलक्तखए-
1. वाणी का हडक्टे टि ................... को किा जािा िै । (मीिाबाई/कबीि)
2. कबीि भक्ति काि की ................ काव्य धािा के कहव िैं । (सगुण/हनगुथण)
3. मीिा की भाषा ...............िै । (बुंदेिी/िाजस्र्ानी)
4. मीिा ने प्रेम बेहि में ........... सींचा िै । (आाँ सुओं का जि/गंगाजि)
5. कहव के हपिा को ............. व्याप्त निीं हुआ ।(दु ख/बुढापा)
6. घि की याद कहविा .............. ऋिु में हिखी गई िै । (वषाथ /ग्रीष्म)

7. चंपा ..................... निीं चीन्हिी । (पुस्तकें/कािे अिि)
8. चंपा .............. कििी िै । (चिवािी का काम/मजदू िी)

6

Page 5

9. कहव ................ से पेट ढकने की बाि कििा िै ।(िार्ों से /पैिों से )
10. दु ष्यंि कुमाि के अनुसाि............. में धूप िगिी िै ।(दिख़्ों के साए में/हपिा के साए में )
11. िे भूख मि ...............! (मचि/सिा)
12. अक्क का अर्थ ……………… िोिा िै । (बिन/मािा)
13. मिहसया का अर्थ ................. िोिा िै । (िोकगीि/िोक गीि)
14. िड़प का न .................... िोना िोिा िै । (खििनाक/सबसे खििनाक)
15. कवहयिी नाचने के हिए ........... बचाना चाििी िै । (आाँ गन/मैदान)
16. बक्तस्तयों को ............... बचाने की बाि की गई िै । (प्रदू षण से /ििि के आवो िवा से )
17. जयिंकि प्रसाद ……………… कहव िै |(छायावादी /प्रयोगवादी)
18. हनगुथण काव्यधािा के प्रमुख कहव................... िैं | (जापसी/ कबीि)
19. िीहिकाि का प्रमुख िस.................... िै | (शंगाि/ वीि)
20. संवि 1950 के बाद की कहविा को.............किा जािा िै (नई कहविा/छायावादी कहविा)
21. छायावाद के प्रमुख स्तंभ..................... िै | (चाि/पां च)
सिी जोडी बनाकर वलक्तखए-
I
अ ब
1. िम िौ एक एक करि जां नां अ. अत्यहधक दु ख
2. मेिे िो हगिधि गोपाि दू सिा न कोई नभ में ब. चंपा
3. परििाप स. कबीि
4. सोने पि सुिागा द. मीिाबाई
5. मुिमइन इ. आश्वस्त
फ. भवानी प्रसाद हमश्र

II अ ब
1. चंपा कािे अिि निीं चीन्हिी अ. अक्कमिादे वी
2. किां िो िय र्ा हचिां गा िि एक घि के हिए ब. पाि
3. िे भूख मि मचि स. दु ष्यंि कुमाि
4. सबसे खििनाक द. हििोचन
5. आओ हमिकि बचाएं इ. भवानी प्रसाद हमश्र
फ. हनमथिा पुिुि

III अ ब
1. हनिभै भया कछू नहिं ब्यापै अ. भवानी प्रसाद हमश्र
2. कहविा का गां धी ब. चंपा कािे अिि निीं चीन्हिी
3. प्राण मन हघििा ििा िै स. अक्कमिादे वी
4. किकािे पि नजि हगिे द. कबीि

5. िे मेिे जूिी के फूि जै से ईश्वि इ. घि की याद

7

Page 6

IV अ ब
1. मीिा के प्रभु अ. परिवाि की मयाथ दा
2. ििनाकि ने हनहमथि कि दी ब. आहदवाहसयों की हदिचस्पी के प्रिीक
3. कुि की काहन स . हगिधि नागि
4. धनुष िीि औि कुल्हाड़ी द . स्वणथ सड़क

V अ ब
1. हिं दी कहविा का जागिण काि अ.सूिदास
2. कृष्ण भक्ति िाखा के प्रमुख कहव ब.वीिगार्ा काि
3. हिवे दी यु ग के प्रविथ क स.प्रयोगवाद
4. आहदकाि का अन्य नाम द.जयिंकि प्रसाद
5. िाि सप्तक इ.मिावीि प्रसाद हिवेदी
फ.भाििेंदु युग
एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-

1. मानव ििीि का हनमाथ ण हकन पंचित्व से हुआ िै ?
2. जगि क्या दे खकि मोहिि िो ििा िै ?
3. कहव पां चवा (अभागा) हकसे कििे िैं ?
4. कहव हकसमें व्यस्त िै ?
5. चंपा क्या छु पा दे िी िै ?
6. चंपा कहव से क्या कििी िै ?
7. कहव दु ष्यंि कुमाि हकसका बाि के हिए बेकिाि िै ?
8. हचिां गा का हकस प्राप्त का प्रिीक िै ?
9. अक्कमिादे वी हकससे अपने पाि ढीिने के हिए कििी िै ?
10. अक्क मिादे वी ईश्वि को क्या किकि सं बोहधि कििी िै ?
11. सबसे खििनाक कौन सा गीि िोिा िै ?
12. कौन सी हदिा सबसे खििनाक िोिी िै ?
13. कवहयिी पूिी बस्ती को हकस में डूबने से बचाना चाििी िै ?
14. कवहयिी िोने के हिए क्या बचाना चाििी िै ?

सत्य / असत्य वलक्तखए –

1. सधुक्कड़ी भाषा का प्रयोग कबीि ने हकया।
2. कबीि ने ईश्वि को एक िी माना िै ।
3. कहव भवानी प्रसाद हमि की मािा बहुि पढी हिखी र्ी।
4. कहव भवानी प्रसाद हमश्र दो सौ साठ दं ड िगािे िैं ।
5. चंपा का हपिा हमस्त्री िै ।
6. चंपा चंचि औि नटखट िै ।

7. दु ष्यंि कुमाि अपने बगीचे में गुिमोिि के ििे जीना चाििे िैं ।
8. आज िि घि औि ििि के हिए हचिाग मयस्सि िै ।
9. अक्कमिादे वी िैव पिं पिा की कवहयिी िै ।
8

Page 7

10. अक्क मिादे वी स्वयं का घि पूिी ििि भूि जाना चाििी िै ।
11. पाि पंजाबी साहित्य के कहव िैं ।
12. बैठे-हबठाए पकड़े जाना सबसे खििनाक िै ।
13. हनमथिा पुिुि का जन्म आहदवासी परिवाि में हुआ।
14. इस दौि में िमािे पास बचाने को कुछ निीं बचा िै ।
15. छायावादी कहवयों के प्रकृहि का मानवीकिण हकया िै |
16. िोषकों के प्रहि घृणा औि िोहषिों के प्रहि करुणा प्रगहिवाद िै |
17. िाि सप्तक में 70 कहव सक्तम्महिि र्े |
18. मीिाबाई भक्ति काि की कवहयिी र्ी|

लघु उत्तरीय प्रश्न - (02 अंक)

1. कबीि की दृहि में ईश्वि एक िै । इसके समर्थन में उन्होंने क्या िकथ हदए िैं ?
2. कबीि ने अपने आपको दीवाना क्यों किा िै ?
3. मीिा कृष्ण की उपासना हकस रूप में कििी िैं ? वि रूप कैसा िै ?
4. मायके आई बिन के हिए कहव ने घि को परििाप का घि क्यों किा िै ?
5. हपिा के व्यक्तित्व हकसी के हविेषिाओं को उकेिा गया िै ?
6. चंपा को हकस बाि पि अचिज िोिा िै ? औि क्यों?
7. उम्र भि के हिए पिायन क्यों किना चाििा िै ?
8. अपना घि से क्या िात्पयथ िै ? इसे भूिने की बाि क्यों किी गई िै ?
9. कहव ने हकस आिय से मेिनि की िूट पुहिस की माि गद्दािी िोग को सबसे खििनाक निीं माना?
10. बक्तस्तयों को ििि की आबोिवा से बचाने की आवश्यकिा िै ?
11. भाषा में झािखाड़ीपन से क्या अहभप्राय िै ?
12. भक्ति काि को हिं दी साहित्य का स्वणथ युग क्यों किा गया िै ?
13. हनगुथण भक्ति धािा की दो हविेषिाएाँ बिािे हुए दो कहवयों के नाम हिक्तखए।
14. सगुण भक्ति धािा की दो हविेषिाएाँ बिािे हुए दो कहवयों के नाम हिक्तखए।
15. िीहिकाि की प्रमुख हविेषिाएाँ हिक्तखए।
16. छायावादी कहविा की हविेषिाएाँ हिक्तखए।
17. प्रगहिवादी कहविा की हविेषिाएाँ हिक्तखए।
18. प्रयोगवादी कहविाओं की हविेषिाएाँ हिक्तखए।
19. नई कहविा की हविेषिाएाँ हिक्तखए।
20. ििस्यवाद कहविा की हविेषिाएाँ हिक्तखए।
21. िीहिकाि को श्रृंगाि काि क्यों किा गया िै ?

कवव पररचय (03अंक )

1. कबीि अर्वा मीिा का काव्य परिचय हनम्न हबंदुओं के आधाि पि दीहजए।
(अ) दो िचनाएाँ (ब) भाव पि - किा पि (स) साहित्य में स्र्ान
2. भवानी प्रसाद हमश्र अर्वा हििोचन का काव्यगि परिचय हनम्न हबंदुओं के आधाि पि दीहजए।
(अ) दो िचनाएाँ (ब) भाव पि - किा पि (स)साहित्य में स्र्ान
3. दु ष्यंि कुमाि अर्वा अक्कमिादे वी का काव्यगि परिचय हनम्न हबंदुओं के आधाि पि दीहजए

(अ) दो िचनाएाँ (ब) भाव पि - किा पि (स)साहित्य में स्र्ान
4. अविाि हसंि पाि अर्वा हनमथिा पुिुि का काव्यगि परिचय हनम्न हबंदुओं के आधाि पि दीहजए।
9

Page 8

(अ) दो िचनाएाँ (ब) भाव पि - किा पि (स) साहित्य में स्र्ान

वनम्न पद्यांिों की संदिभ प्रसंग सवित व्याख्या वलक्तखए - ( 04 अंक )
1. िम िौ एक एक कि जां नां ।
दोइ किैं हिनिीं कौं दोजग हजन नाहिनं पाहिचां नां ।।
एकै पवन एक िी पानीं एकै जोहि समां नां ।
एकै खाक गढ सब भां डै एकै कोंििा सां नां ।।

2. जैसे बाढी काि िी काटै अहगहन न काटै कोई ।
सब घहट अंिरि िू िी व्यापक धिै सरुपै सोई ।।

3. मेिे िो हगिधि गोपाि, दू सिो न कोई
जाके हसि मोि - मुकुट, मेिो पहि सोई
छां हड़ दयी कुि की काहन, किा करििैं कोई?
संिन हढग बैहठ - बैहठ िोक - िाज कोई?
अंसुवन जि सींहच - सींहच प्रेम बेहि बोई
अब ि बेहि फैि गई आणंद - फि िोई

4. आज उनके स्वणथ बेटे,
िगे िोंगे उन्हें िे टे,
क्योंहक मैं उनपि सुिागा
बाँधा बैठा हाँ अभागा,

5. किााँ िो िय र्ा हचिागााँ ििे क घि के हिए,
किााँ हचिाग मयस्सि निीं ििि के हिए ।
यिााँ दिख्ों के साये में धूप िगिी िै ,
चिो यिााँ से चिें औि उम्र भि के हिए |

6. िेिा हनजाम िै हसि दे जुबान िायि की,
ये एिहियाि जरूिी िै इस बिि के हिए ।

7. िे भूख ! मि मचि
प्यास, िड़प मि
िे नींद ! मि सिा
क्रोध, मचा मि उर्ि - पुर्ि
िे मोि ! पाि अपने ढीि
िोभ, मि ििचा
िे मद ! मि कि मदिोि
ईष्या, जिा मि
ओ चिाचि ! मि चूक अवसि
आई हाँ संदेि िेकि चन्नमहिकाजुथन का

10

Page 9

8. सबसे खििनाक िोिा िै
मुदाथ िां हि से भि जाना
न िोना िड़प का सब सिन कि जाना

9. अपनी बक्तस्तयों को
नंगी िोने से
ििि की आबो-िवा से बचाएाँ उसे
बचाएाँ डूबने से
पूिी बस्ती को
िहड़या में

---------xxxx--------

11

Page 10

इकाई - 2
काव्य बोध

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अं कवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवं वित प्रश्न
अं क
1 2 3 4 5
अंक अंक अंक अंक अंक
इ काव्य बोध 09 05 02 --- --- --- 02
का  काव्य के भेद (प्रबन्ध एवं
ई मुिक काव्य के भेद एवं
2 उदाििण)
 िस: परिचय (परिभाषा,
अंग, प्रकाि एवं
उदाििण)
 अिंकाि : परिचय एवं
प्रकाि(वक्रोक्ति, दृिां ि,
उदाििण, हविेषोक्ति)
 छन्द :परिचय एवं
प्रकाि(िोिा एवं मुिक
छन्द )
 गजि
 िब्द िक्ति: परिचय एवं
प्रकाि
 िब्द गुण: परिचय एवं
प्रकाि
 हबम्ब हवधान
वस्तु वनष्ठ प्रश्न (01 अंक )
सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए-
1. िमणीयार्थ प्रहिपादक: िब्द: काव्यम परिभाषा िै -
(अ) आचायथ हवश्वनार् (ब) आचायथ िामचंद्र िु क्ल (स) पंहडि जगन्नार् (द) मम्मट्ट

2. मिाकाव्य में सगो की की संख्या िोिी िै -
(अ) एक (ब) चाि से कम (स) आठ या आठ से अहधक (द) चाि से अहधक

3. "जैसे बाढीं काि िी काटे , अहि ना काटे कोई "में अिंकाि िै -
(अ) अनुप्रास (ब) श्ले ष (स) दृिां ि (द) यमक

4. "यिााँ दिख्ों के साये में धूप" में अिंकाि िै -
(अ) हविोधाभास (ब) आहुक्ति (स) अनुप्रास (द) यमक

12

Page 11

5. शंगाि, िां ि व करुण िस की प्रधानिा िोिी िै -
(अ) माधुयथ (ब) ओज (स) प्रसाद (द) िब्द गुण
6. हनम्न में से कौनसा खण्डकाव्य निीं िै -
(अ) सुदामाचरिि ( ब) पंचवटी (स) िक्तििर्ी (द) पद्मावि

7. करुण िस का स्र्ाई भाव िै -
(अ) िोक (ब) िास (स) िहि (द) िोद्र

8. गजि में हिखे जानेवािे िि दो हमसिे के समूि को कििे िैं -
(अ) हमसिा (ब) िेि (स) काहफया (द) रुबाइयां

9. "यिोदा िरि पािने झुिाबै िििावै दु ििावै जोई सोई कछु गावै "
उपयुथि पंक्ति में आश्रय की चेिा को हदए गए हवकल्ों में से चयन कि हिक्तखए-
(अ) पुि के प्रहि स्नेि (ब) प्रश्न का पािना (स) मािायिोदा (द) कृष्णा को पािने में झुिाना

10. श्रीकृष्ण के सुन वचन अजुथन क्रोध से जािने िगे। िोक अपना भूिकि कििि युगि मिने िगे ।
उपयुथि पंक्तियों में अनुभाव पिचाहनए-
(अ) श्रीकृष्ण के वचन (ब) कििि यु गि (स) अजुथन का िोक (द) अजुथन का क्रोध

11. प्रबंध काव्य के भेद िैं -
(अ)खण्डकाव्य,मिाकाव्य,आख्याहनक गीहि
(ब) मिाकाव्य, चंपू काव्य, दृश्य काव्य
(स) दृश्य काव्य, श्रव्य काव्य, चंपू काव्य
(द) चंपू काव्य, मिाकाव्य

12. जिााँ कािण िोने पि भी कायथ न िो विााँ
अिंकाि िोिा िै -
(अ) व्यहििे क (ब) हवभावना
(स) हविेषोक्ति (द) हविोधाभास

13. "किि किि अभ्यास िे जड़महि िोि
सुजान ,िसिी आवि जाि िे हसि पि
पिि हनिान" पंक्ति में कौनसा अिंकाि
िै -
(अ) हविोधाभास (ब) दृिां ि
(स) व्यहििे क (द) हवभावना

13

Page 12

ररि स्थान में सिी िब्द चुनकर वलक्तखए-

1. प्रबंध काव्य के अिगथि- - - आिा िै । (सूिसागि / साकेि)
2. कामायनी' जयििंकि प्रसाद का प्रमुख- - - िैं ।(मिाकाव्य/खण्डकाव्य)
3. हजस वाक्य में हविेष अर्थका बोध िो विााँ - - -िब्दिक्ति िोिी िै ।
(ििणा/व्यंजना)
4. दोिा छं द- - -काव्य के अिगथि आिा िै । (प्रबंध / मुिक)
5. नाटक हवधा - - -काव्य िै । (दृश्य/श्रव्य)
6. सूयथ डूब गया में- - -िब्द िक्ति िै ।(अहभधा / व्यंजना)
7. चंपा कािे कािे अिि निीं चीन्हिी में - - - गुण िै ।(माधुयथ/ प्रसाद)
8. 'पेट में चूिे कूदना 'में - - - िब्द िक्ति िै । [ििणा / व्यजंना)
9. गजि मे हिक्तख जाने वािी िि िाइन यापक्ति- -कििािीिै ।(हमसिा/काहफया)
10. 22 से 26 वणो के वृि कों- -कििे िै ( सवैया /िोिा)
11. संचािी भावों की संख्या- -िै । (33 / 35 )
12. छं द में अल् हविाम को - - कििे िैं (यहि / गहि )
13. दोिा छं द मािाओं के आधाि पि- - िै । (अधथ सम माहिक / सममाहिक)
14. आश्रय की चेिाओ को - -कििे िै । (अनुभाव/ उद्दीपन)
15. नीि भिे हनि प्रहि ििे िऊ न प्यास बुझाय में- - -अिंकाि
िै (हविेषोक्ति/हवभावना)
16. िास, वत्सि ,िहि- - - िै । (स्र्ाई भाव/संचािी भाव )
17. हजसकाव्य मे एक घटना का हवविण एं व एक िी छं द का प्रयोग िोिा िै उसे - -
कििे िैं । (खण्डकाव्य/ मिाकाव्य)
18. हकसी बाि को हसद्ध कि सत्यिा प्रमाहणि किने के हिए उदाििण हदया जाये विााँ
- - - िोिा िै । (दृिां ि अिंकाि/ हविेषोक्ति अिंकाि)

सिी जोडी बनाकर वलक्तखए -
i. अ ब
1. संिन हढग बैठी -बैठी क- माधुयथ
2. पीपि पार्ि पूजन िागे ख-मिाकाव्य
3. वीि िौद्र भयानक। ग- अनुप्रास
4. साकेि। घ- पुनरुक्ति प्रकाि
5. जिां काव्य को सुनने से ह्रदय द्रहवि िो ड.- ओज गुण
ii. अ ब
1. कुंडहिया छं द क-11-13 के हविाम
2. दोिा छं द। ख- 8888पि यहि
3. िोिा +दोिा ग-कुंडहिया
4. घनाििी घ-छ:चिण
5. िोिा ड.-24 मािा
iii. अ ब

1. गजि क-हमसिा
2. िब्द के अर्थ का व्यापाि। ख- गुण

2

Page 13

3. जिां िस िोिा िै ग-मिाकाव्य
4. सगथ के में बंधी िचना घ-िब्द िक्ति
5. गजि की पंक्ति ड.-उदू थ साहित्य हवधा
एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-
1. खण्डकाव्य की परिभाषा हिक्तखए।
2. मिाकाव्य की परिभाषा हिक्तखए ।
3. दो मिाकाव्यों के नाम िर्ा एक-एक िचना का नाम हिक्तखए ।
4. दो खण्डकाव्य कािों के नाम व एक-2 िचना का नाम हिक्तखए ।
5. वीभत्स िस का उदाििण हिक्तखए ।
6. वीि िस की परिभाषा हिक्तखए ।
7. अनुभाव हकिने प्रकाि के िोिे िैं ।
8. अिंकाि की परिभाषा हिक्तखए ।
9. अर्ाथ अिंकाि का उदाििण हिक्तखए ।
10. संदेि अिंकािका उदाििण हिक्तखए।
11. िस की हनष्पिी में सिायक ित्वों के नाम हिक्तखए |
12. हबंब- हवधान का एक उदाििण हिक्तखए।
13. प्रसाद गुण का उदाििण हिक्तखए।
14. िोिा छं द की परिभाषा हिक्तखए।
15. ििणा िब्दिक्ति हकसे कििे िैं ? उदाििण सहिि हिक्तखए।
16. व्यंजना िब्द िक्ति हकसे कििे िै ?
17. िास्य िस परिभाषा हिक्तखए।
18. छं द की परिभाषा हिक्तखए।
सत्य / असत्य वलक्तखए-
1. कठोि वणों की आवृिी माधुयथ गुण में िोिी िै ।
2. िंबे-िंबे सामाहसक पदों का प्रयोग ओज गुण में िोिा िै ।
3. छं द में गणों की संख्या 9 िोिी िै ।
4. मोिन बैि िै मेंअहभधा िब्दिक्ति िै ।
5. दहध महर् घि् काहढ हियो में उपमा अिंकाि िै ।
6. िुम बिस िो वे ना बिसे में यमक अिंकाि िै ।
7. हचि् में उिेजना का सं चाि ओजगुण में िोिा िै ।
8. साकेि 'िरिओध का प्रमुख मिाकाव्य िै ।
9. एक िब्द की आवृिी िो औि अर्थ भी एकसे िो विााँ यमक अिंकाि िोिा िै ।
10. जिााँ िस िोिा िै विााँ गुण िोिे िैं ।
11. पााँ वो से पेट ढकना माहमथक हवम्व योजना का प्रयोग दु ष्यंि कुमाि जी ने हकया िै ।
12. गजि में सभी िेि आपने आप में मुकम्बि वि स्विंि िोिेिैं।
13. वक्रोक्ति अर्थ टे ढी उक्ति' से िै ।
14. दोिा औि िोिा छं द को हमिा कि कुंडहियां छं द बनिा िै ।
15. रुबाइयााँ उदू थ फािसी की िेखन िैिी िै ।
16. दोिा को उल्टा किने पि िोिा छं द बनिा िै ।
17. जि हबच मीन प्यासी मे हविेषोि अिंकाि िै

18. मोि औि जडिा संचािी भाव में आििै
19. हवभाव दो प्रकाि के िोिे िैं

3

Page 14

20. हजन छं दों में मािाओं की गणना िो उसे वहणथक छं द कििे िैं ।
21. िस के 10 अंग िै ।
लघु उत्तरीय प्रश्न – (02 अंक)

1. मिाकाव्य औि खण्डकाव्य में अंिि हिक्तखए।
2. िब्दािंकाि का एक उदाििण हिक्तखए।
3. प्रबंध का औि मुिक काव्य में अंिि हिक्तखए।
4. वक्रोक्ति अिंकाि की परिभाषा हिक्तखए।
5. वक्रोक्ति अिंकाि का एक उदाििण हिक्तखए।
6. दोिा छं द की परिभाषा हिक्तखए ।
7. स्र्ाई भाव औि व्यहभचािी भाव में अंिि हिक्तखए।
8. िब्द िक्ति से क्या िात्पयथ िै हकसी एक िब्द िक्ति का उदाििण हिक्तखए।
9. हबंब हवधान योजना से क्या िात्पयथ िै ?उदाििण सहिि हिक्तखए।

4

Page 15

इकाई 3
आरोि िाग 1, गद्य खण्ड

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अंकवार प्रश्नों की संख्या कुल प्रश्न
पर वन
आवं ष्ठ
वित प्र
अंक श्न
1 2 3 4 5
अं अं अं अं अं
क क क क क
इका आरोि िाग 1, गद्य
ई खण्ड
3  गदय साहित्य का 17 06 02 01 01 --- 04

इहििास,
हवकासक्रम,प्रवृहियााँ एवं
गद्य की हवधाएाँ (किानी,
संस्मिण, व्यं ग्यात्मक
हनबन्ध, एकां की)
 िेखक परिचय
 व्याख्या (सन्दभथ , प्रसंग,
व्याख्या, हविेष)
 हवषयवस्तु एवं हवचाि
बोध पि आधारिि प्रश्न

वस्तु वनष्ठ प्रश्न
(01 अंक )

सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए-
1. 'िं गभूहम 'िचना िै -
(अ) मन्नू भंडािी (ब) प्रेमचंद (स) िेखि जोिी (द) कृष्णा सोबिी
2. नमक का दिोगा किानी का प्रकािन वषथ िै -
(अ) 1924 (ब)1914 (स) 1934 (द) 1904
3. आदिोन्मुख यर्ार्थवाद को अपनी किानी का आधाि बनाने वािे कर्ाकाि िैं -
(अ) प्रेमचंद (ब) जै नेंद्र (स) िेखि जोिी (द) कृष्णनार्
4. नमक की गाहड़यां जा ििी र्ीं-
(अ) िामपुि (ब) नागपुि (स) कानपुि (द) श्यामपुि

5. कृष्णा सोबिी की िचना िै -
(अ) पंच पिमेश्वि (ब) हजंदगीनामा (स) पर्ेि पां चािी (द) पृथ्वी परिक्रमा

5

Page 16

6. हमयााँ नसीरुद्दीन िब्द हचि कृष्णा सोबिी के हकस संग्रि से हिया गया िै -
(अ) हदिोदाहनि (ब) हजंदगीनामा (स) िम ििमि (द) बादिों के घेिे
7. हमयााँ नसीरुद्दीन कैसे इं सान का प्रहिहनहधत्व कििे र्े ?
(अ) चिुि इं सान का (ब) त्याग िीि इं सान का (स) जो अपने पेिे को किा का
दजाथ दे िे िैं (द)जो अपने खानदान को बदनाम कििे िैं
8. हमयााँ नसीरुद्दीन हकिने प्रकाि की िोहटयां बनाने के हिए मिहि र्े ?
(अ) छिीस (ब) हछयािीस (स) छप्पन (द) हछयासठ
9. 'काम किने से आिा िै , नसीििों से निीं ' यि कर्न हकसका िै ?
(अ) िेक्तखका का (ब) हमयााँ कल्लन का (स) मीि साहिब का (द) हमयााँ
नसीरुद्दीन का
10. हमयााँ नसीरुद्दीन के दादा जी का क्या नाम र्ा?
(अ) हमयााँ कल्लन (ब) हमयां ििमि (स) मीि साहिब (द) बिादु ि िाि
11. 'अपू के सार् ढाई साि' पाठ गद्य की हवधा िै -
(अ) किानी (ब) हनबंध (स) िे खाहचि (द) संस्मिण
12. 'पर्ेि पां चािी' हफल्म की िूहटं ग का काम हकिने साि िक चिा?
(अ) एक साि (ब) डे ढ साि (स) दो साि (द) ढाई साि
13. िे िवे िाइन के समीप वािा मैदान कौन -से फूिों से भिा हुआ र्ा?
(अ) गुिाब (ब) कािफूि (स) गेंदे (द) कमि
14. 'अपू के सार् ढाई साि' नामक संस्मिण हकस हफल्म से संबंहधि िै ?
(अ) अपिाहजिा (ब) पर्ेि पां चािी (स) दे वी चारुििा (द) सद्गहि
15. 'सोने का हकिा' हकसकी िचना िै ?
(अ) सत्यजीि िाय (ब) मुंिी प्रेमचंद (स) कृष्णा सोबिी (द) मन्नू भं डािी
16. 'हवदाई संभाषण' हकस हवधा की िचना िै ?
(अ) हनबंध (ब) व्यंग्य (स) किानी (द) भाषण
17. 'हवदाई संभाषण' के िेखक िैं -
(अ) प्रेमचंद (ब) बािमुकुंद गुप्त (स) िाडथ कजथन (द) मिावीि प्रसाद हिवेदी
18. हनम्न में से िेखि जोिी की िचना िै -
(अ) हचट्ठे औि खि (ब) कोसी का घटवाि (स) अपिाहजिा (द) कफ़न
19. िेखि जोिी की िचना निीं िै -
(अ) सार् के िोग (ब) दाज्यू (स) हदिो दाहनि (द) नौिं गी बीमाि िै
20. मास्टि हििोक हसं ि ने धनिाम को हकिने का पिाड़ा याद किने के हिए हदया
र्ा?
(अ) 12 (ब) 13 (स) 14 (द) 19
21. िेखि जोिी का जन्म कब हुआ र्ा?
(अ) 1930 (ब) 1931 (स) 1932 (द) 1933
22. िेखि जोिी को कौन सा सम्मान हमिा र्ा?
(अ) पद्मश्री (ब) पिि सम्मान (स) ज्ञानपीठ (द) साहित्य अकादमी
23. िमेि, मोिन को क्या समझिा र्ा?
(अ) भाई (ब) नौकि (स) हमि (द) भिीजा
24. 'िेिे हदमाग में िो िोिा भिा िै िे !हवद्या का िाप किां िगेगा इसमें?'यि

कर्न हकसका िै ?
(अ) वंिीधि का (ब) धनिाज का (स) हििोक हसंि का (द) िमेि का

6

Page 17

25. 'उसकी आाँ खों में एक सजथक की चमक र्ी' यि कर्न हकसके हिए किा
गया िै ?
(अ) धनिाम के हिए (ब) मोिन के हिए (स) िमेि के हिए (द) वंिीधि के
हिए
26. गििा िोिा किानी में गोपाि हसंि कौन िै ?
(अ) दु कानदाि (ब) सब्जीवािा (स) गीिकाि (द) अध्यापक
27. 'िुम्हािी फाइि पू णथ िो गई िै ' में फाइि िब्द हकस अर्थ में व्यि हुआ
िै ?
(अ) हचहकत्सा की फाइि (ब) जीवन की फाइि (स) कायाथ ियीन फाइि (द)
पसथनि फाइि
28. िजनी ने अहमि के मुद्दे को गंभीििा से हिया, क्योंहक-----
(अ) वि अहमि से बहुि स्नेि कििी र्ी (ब) अहमि उसकी हमि िीिा का बेटा
र्ा (स) वि अन्याय के हवरुद्ध आवाज उठाने की सामर्थ्थ िखिी र्ी (द) उसे
अखबाि की सुक्तखथयों में आने का िौक र्ा
29. अन्याय का डटकि मुकाबिा किने की बाि कििी िै -
(अ) िीिा (ब) िजनी (स) पाठक (द) िीिा
30. मन्नू भंडािी िािा िहचि 'िजनी' मूििः क्या िै ?
(अ) कर्ा (ब) पटकर्ा (स) एकां की (द) नाटक
31. जामुन के पेड़ के नीचे दबे व्यक्ति को सवथप्रर्म हकसने दे खा?
(अ) मािी (ब) चपिासी (स) सेक्रेटर ी (द) ज्वाइं ट सेक्रेटर ी
32. 'जामुन का पेड़' कैसी कर्ा िै ?
(अ) गंभीि (ब) िास्य व्यंग्य (स) वीििा पूणथ (द) इनमें से कोई निीं
33. िेखक की नव प्रकाहिि िचना का नाम क्या र्ा?
(अ) ओस के फूि (ब) कमि के फूि (स) बूंद के फूि (द) धूप के फूि
34. जामुन के पेड़ के नीचे दबा हुआ व्यक्ति पेिे से क्या र्ा?
(अ) अध्यापक (ब) कहव (स) दु कानदाि (द) मािी
35. दबा हुआ आदमी कहव िै ,इसहिए फ़ाइि का संबंध हकस हवभाग से माना
गया?
(अ) एग्रीकल्चि (ब) िॉहटथ कल्चि (स) कल्चिि (द) प्रोफेिनि
36. पंचिीि के हसद्धां ि का प्रचाि हकया र्ा_
(अ) प्रेमचंद (ब) जवािििाि नेिरू (स) सै यद िै दि िजा (द) बािमुकुंद गुप्त
37. भािि मािा पाठ 'हिं दुस्तान की किानी' का अध्याय िै _
(अ) दू सिा (ब) िीसिा (स) चौर्ा (द)पां चवां
38. इस काि को जागिणसुधाि काि भी किा गया िै -
(अ) भाििेंदु युग (ब) हिवेदी युग (स) िुक्ल युग (द) िुक्लोिि युग
39. "यहद गद्य कहवयों या िेखकों की कसौटी िै िो हनबंध गद्य की कसौटी
िै ।"यि कर्न िै _
(अ) बाबू गुिाब िाय (ब) आचायथ िामचंद्र िु क्ल (स) मिावीि प्रसाद हिवेदी (द)
डॉ नगेंद्र
40. सामान्यिः किानी के ित्व स्वीकाि हकए जािे िैं --

(अ) 4 (ब) 5 (स) 6 (द) 7
41. "घटनात्मक इकििे हचिण का नाम किानी िै ।" किानी की परिभाषा दी िै -

7

Page 18

(अ) श्री चंद्रगुप्त हवद्यािंकि (ब) मुंिी प्रेमचंद (स) िवीद्र नार् टै गोि (द) चंद्रधि
िमाथ गुिेिी

ररि स्थान में सिी िब्द चुनकर वलक्तखए –

1. माहसक वेिन को----का चां द किा गया िै । (पूहणथमा/ अमावस्या)
2. पंहडि अिोपीदीन का-----पि अखण्ड हवश्वास र्ा। (सिस्विी/िक्ष्मी)
3. डॉ नगेंद्र ने-----को पुनजाथ गिण काि किा िै । (भाििेंदु युग /हिवेदी युग)
4. अंधेि नगिी ____की प्रहसद्ध िचना िै । (भाििेंदु िरिश्चंद्र/ बािकृष्ण भट्ट)
5. ____युग को हनबंध का स्वणथ काि माना जािा िै । (हिवेदी युग /िुक्ल युग)
6. हमयां नसीरुद्दीन के हपिा का नाम ___र्ा ।(हमयां बिकि/ हमयां कल्लन)
7. हमयां नसीरुद्दीन अखबाि बनाने वािे औि पढने वािे को___ समझिे र्े
।(कामकाजी /हनट्ठल्ला)
8. पर्ेि पां चािी हफल्म की भाषा ___िै । (हिं दी/ बां ग्ला)
9. हजंदगीनामा प्रहसद्ध___ िै ।(किानी /उपन्यास)
10. हमयां नसीरुद्दीन ___ के मसीिा र्े ।(नानबाइयों के/ नवाबों के)
11. पापड़ से भी अहधक मिीन ___िोटी िोिी िै । (बेसनी/ िुनकी)
12. अपू की भूहमका हनभाने के हिए ___वषथ के िड़के की आवश्यकिा र्ी।
(पां च/ छः )
13. अपू की भूहमका हनभाने वािे िड़के का नाम__ र्ा ।(सुबीि बनजी/ सुधीि
मुखजी)
14. इस पाठ का भाषांिि___ ने हकया िै । (सत्यजीि िाय/ हविास हगिे )
15. 'हवदाई संभाषण' व्यंग्य__ पि हिखी गई िचना िै । ( िॉडथ मैकािे /िॉडथ
कजथन)
16. ___बािमुकुंद गुप्त जी के हिए स्वाधीनिा संग्राम का िहर्याि र्ी ।(िाजनीहि/
पिकारििा)
17. 'हवदाई संभाषण' चहचथि व्यंग्य___ का अंि िै ।( हिविंभु के हचट्ठे /हचट्ठे औि
खि)
18. हबछड़न समय___ िोिा िै ।(करुणोत्पादक/ िास्योत्पादक)
19. वंिीधि ने मोिन को पढने के हिए__ के सार् िखनऊ भेजा ।(िमेि /सुिेि)
20. बचपन से िी ___बड़ा बुक्तद्धमान र्ा ।(मोिन/ धनिाम)
21. धनिाम ____का काम कििा र्ा ।(सोनाि का/ िोिाि का)
22. िजनी के पहि का नाम___ र्ा। (सूिज/ िहव)
23. िजनी ने िे ड मास्टि से ___ छोड़ने हक बाि की। (घि /कुसी)
24. िजनी ___हवधा िै । (पटकर्ा/ किानी)
25. िजनी पाठ के अनुसाि हििा ___बनिी जा ििी िै । (बोझ/ व्यवसाय)
26. 'एक हगिजा- ए- खंदक' िचना ___की िै । (कृश्नचंदि /कृष्णनार्)
27. िेखि जोिी की किानी___ पि हचल्ड्रन हफल्म सोसायटी िािा हफल्म का
हनमाथ ण हुआ। (ििवािा /दाज्यू )
28. कृश्नचंदि का ___से गििा संबंध िै ।(प्राचीन िेखक संघ/ प्रगहििीि िेखक

संघ)
29. भािि ___िब्द िै । (अंग्रेजी /संस्कृि)

8

Page 19

30. 'खैबि दिाथ ' ___हदिा में िै ।(उिि -पहश्चम /दहिण -पूवथ)
31. नेिरू जी का जन्म___ में हुआ ।(1988 /1989)
32. चाचा नेिरू का जन्म हदवस ___के रूप में मनाया जािा िै ।( हििक हदवस/
बाि हदवस)
33. अिीि के अनुभवों औि प्रभावों को िब्द के माध्यम से जब अहभव्यक्ति हमििी
िै िो उसे -----किा जािा िै । (िे खाहचि/संस्मिण)
34. िे खाहचि की हवधा ----से हमििी -जुििी िै ।(आत्मकर्ा /संस्मिण)
35. किानी हिं दी गद्य की--- हवधा िै ।(मुख्य /गौण)
36. नाटक एवं एकां की--- हवधा िै ।(श्रव्य /दृश्य)
37. संकिन िय ----हवधा में आवश्यक िै ।(उपन्यास/ एकां की)

सिी जोडी बनाकर वलक्तखए-
अ ब
1. कहव वचन सुधा क कृष्णा सोबिी
2. िजनी ख भाििेंदु िरिश्चंद्र
3. ब्राह्मण ग सूयथकां ि हिपाठी 'हनिािा'
4. प्रेमचंद घ मन्नू भंडािी
5. मिवािा ड. प्रिाप नािायण हमश्र
6. कमथवीि च कायाकल्
7. सूिजमुखी अंधेिे में छ माखन िाि चिुवेदी
एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-
1. वंिीधि ने हकससे बैि मोि हिया र्ा?
2. पंहडि अिोपीदीन ने मुंिी वंिीधि को हकस पद पि हनयुि हकया र्ा?
3. उपन्यास एवं किानी हवधा का काि हवभाजन हकसके नाम के आधाि पि हकया
गया?
4. नमक का दिोगा किानी के अंि में हकसकी जीि हुई?
5. गोदान उपन्यास एवं पूस की िाि किानी हकस प्रकाि की िचना िै ?
6. हमयां नसीरुद्दीन के खानदान का पैसा क्या र्ा?
7. 'िािीम की िािीम बड़ी चीज िै ' यि कर्न हकसका िै ?
8. पर्ेि पां चािी हफल्म में हमठाई बेचने वािे का नाम क्या र्ा?
9. अपू की मां का क्या नाम र्ा?
10. 'भािि हमि ' के संपादक का नाम हिक्तखए।
11. हकस िब्द की िु द्धिा को िेकि बािमुकुंद गुप्त जी ने मिावीि प्रसाद हिवेदी
जी से िंबी बिस की र्ी?
12. भाििेंदु युग औि हिवेदी युग के बीच की कड़ी हकसे किा जािा िै ?
13. 'खेि िमािा 'हकसकी िचना िै ?
14. 'गििा िोिा ' गद्य की कौन सी हवधा िै ?
15 िमेि , मोिन को अपने सार् किां िे गया र्ा?
16 . धनिाम के हपिा का व्यवसाय क्या र्ा?
17 . मोिन के गुरु का क्या नाम र्ा?

18 . जामुन के पेड़ के नीचे दबे आदमी ने हकसका िेि सुनाया र्ा?
19 . डायिे क्टि ऑफ एजुकेिन से िजनी हकस की हिकायि कििी िै ?

9

Page 20

20 . िजनी पटकर्ा का पाि अहमि सक्सेना कौन- सी किा में पढिा िै ?
21 . जामुन का पेड़ किां हगिा र्ा?
22 . भािि की चचाथ नेिरू जी कब औि हकससे कििे र्े ?
23 . उपन्यास एवं किानी सम्राट के नाम से कौन प्रहसद्ध िैं ?
24 . मिावीि प्रसाद हिवेदी जी ने सिस्विी पहिका का संपादन कायथ कब से प्रािं भ
हकया?
25 . हिवेदी युग के प्रविथक का नाम हिक्तखए।
26 . भाििेंदु युग के प्रविथक का पूिा नाम हिक्तखए।
27 . आधुहनक हिं दी गद्य साहित्य का प्रािं भ हकस युग से माना जािा िै ?
28 . 'हिं दी साहित्य की भूहमका 'ग्रंर् के िेखक कौन िैं ?
29 . हिं दी साहित्य के इहििास का प्रर्म िेखक कौन र्ा?
30 . हिं दी का प्रर्म मौहिक उपन्यास कौन सा िै ?
31 . 'किम का हसपािी' िचना हकस हवधा में हिखी गई।
32 . हचंिामहण हकसका हनबंध संग्रि िै ?

सत्य /असत्य वलक्तखए -
1. मुंिी वंिीधि के हपिा उन्हें ईमानदािी का पाठ पढािे र्े।
2. नमक का दिोगा किानी के अंि में धन की जीि हुई।
3. प्रेमचंद का किानी संग्रि मानसिोवि आठ खंडों में हवभि िै ।
4. न्याय के मैदान में धमथ औि धन के बीच यु द्ध ठन गया।
5. हमयां नसीरुद्दीन ने पंच िजािी अंदाज में हसि हििाया।
6. अपू की मां उसे िोटी- सब्जी क्तखिा ििी र्ी।
7. पर्ेि पां चािी हफल्म के एक सीन में िीन अिग-अिग िे िगाहड़यों का इस्तेमाि
हकया गया िै ।
8. पर्ेि पां चािी हफल्म सन् 1955 में प्रदहिथि हुई।
9. पर्ेि पां चािी हफल्म के िेखक सत्यहजि िाय िैं ।
10. हवदाई संभाषण िॉडथ कजथन की प्रिंसा में हिखी गई िचना िै ।
11. बािमुकुंद गुप्त िािरीय नवजागिण के सहक्रय पिकाि र्े।
12. 'हवदाई संभाषण' में भाििीयों की बेबसी ,दु ख एवं िाचािी को व्यंगात्मक ढं ग
से िॉडथ कजथन की िाचािी से जोड़ने की कोहिि की गई िै ।
13. िेखि जोिी की किाहनयां 'नई किानी आं दोिन ' के प्रगहििीि पि का
प्रहिहनहधत्व कििी िैं ।
14. गििा िोिा पाठ के िेखक िेखि जोिी िैं ।
15. मोिन मास्टि हििोक हसंि का चिे िा हिष्य र्ा ।
16. आठवी ं किा की पढाई के बाद मोिन को िकनीहक स्कूि में भिी किाया
गया।
17. 'एक पेड़ की याद' िेखि जोिी का िब्द हचि संग्रि िै ।
18. िजनी पटकर्ा में हििा के व्यवसायीकिण की समस्या को केंद्र में िखा गया
िै ।
19. िजनी पटकर्ा में हमस्टि पाठक गहणि हवषय के हििक िैं ।

20. िजनी पटकर्ा में कुि साि दृश्य िैं ।
21. जामुन का पेड़ कृश्नचंदि का एक प्रहसद्ध संस्मिण िै ।

10

Page 21

22. काव्यात्मक िोमाहनयि औि िैिी की हवहवधिा िेखक कृश्नचंदि की िोकहप्रयिा
के मुख्य कािण िैं ।
23. हकसान सामान्यिः भािि मािा का अर्थ धििी से िेिे र्े।
24. नेिरू जी के आिेख 'भािि मािा'का अंग्रेजी भाषां िि िरिभाऊ उपाध्याय ने
हकया।
25. संस्मिण स्मृहि पि आधारिि िोिा िै ।
26. जयिंकि प्रसाद को हिं दी में हिं दी में नाटक सम्राट किा जािा िै ।
27. पि साहित्य का हिल् िेखक की अपनी हनजी िमिा, संवेदना औि किा पि
हनभथि कििा िै ।
28. सन 1900 में सिस्विी पहिका में प्रकाहिि श्री हकिोिी िाि गोस्वामी की
'इं दुमिी' किानी को प्रर्म किानी माना गया िै ।
29. िरििंकि पिसाई, ििद जोिी, एवं ज्ञान चिुवेदी व्यंग्य हनबंधकाि िैं ।
30. गद्य का परिमाहजथि रूप 1920 के बाद गंभीििा िर्ा हवहिि िैिी के सार्
प्रस्तुि हुआ।
31. पंहडि प्रिाप नािायण हमश्र िुक्लोिि युग के हनबंधकाि िैं ।

लघुउत्तरीय प्रश्न (02 अंक)
1. मुंिी वंिीधि ने अपना हमि औि पर् प्रदिथ क हकसे बनाया?
2. पंहडि अिोपीदीन की गाहड़यां किां ,क्यों औि हकसने िोकी र्ी?
3. पंहडि अिोपीदीन ने बंिीधि को अपनी सािी जायदाद का स्र्ाई मैनेजि क्यों
हनयुि हकया?
4. नमक का दिोगा किानी का कौन - सा पाि आपको सवाथ हधक प्रभाहवि कििा
िै औि क्यों?
5. हमयां नसीरुद्दीन के व्यक्तित्व की दो हविेषिाएं हिक्तखए।
6. नानबाई हकसे कििे िैं ?
7. पर्ेि पां चािी हफल्म की िूहटं ग का काम ढाई साि िक क्यों चिा?
8. 'भूिो ' की जगि दू सिा कुिा क्यों िाया गया? उसने हफल्म के हकस दृश्य
को पूिा हकया?
9. वारिि का दृश्य हचहिि किने में क्या मुक्तिि आई औि उसका समाधान हकस
प्रकाि हुआ?
10. िाडथ कजथन कैसा वायसिाय र्ा?
11. भािि में वायसिाय िॉडथ कजथन का िासन कब से कब िक र्ा?
12. हिविंभु के दो गायों की किानी के माध्यम से िेखक क्या किना चाििा िै ?
13. िाडथ कजथन को इस्तीफ़ा क्यों दे ना पड़ गया?
14. 'हवदाई संभाषण' िचना में दे ि के हकस िासन काि का वणथन हकया गया
िै ?
15. िाडथ कजथन के व्यक्तित्व की दो हविेषिाएाँ हिक्तखए।
16. बािमुकुंद गुप्त ने दे ि को "अभागे भािि !"क्यों किा िै ?
17. वंिीधि हिवािी कौन र्े ? उन्होंने जीवन भि कैसे आजीहवका चिाई?
18. अध्यापक हििोक हसंि एवं िोिाि गंगािाम के दं ड दे ने के क्या क्या ढं ग र्े ?

19. "हबिादिी का यिी सिािा िोिा िै " यि कर्न हकसने , हकससे किा?
20. िजनी संपादक से क्या सिायिा मां गिी िै ?

11

Page 22

21. िुक्ल युग के दो प्रमुख हनबंधकाि एवं उनकी िचना हिक्तखए।
22. पटकर्ा हकसे कििे िैं ?
23. िजनी पटकर्ा पढकि आपको क्या सं देि हमििा िै ?
24. संवेदनिीि मामिों में बड़े अफसिों की िाय िेना किााँ िक ठीक िै ?हिक्तखए।
25. मनचिे क्लकथ हकस समस्या को स्वयं िि किना चाििे र्े?
26. कृहष- हवभाग वािों ने मामिे को िॉहटथ कल्चि हवभाग को सौंपने के पीछे क्या
िकथ हदए?
27. दबा हुआ आदमी एक कहव भी िै ,यि बाि कैसे पिा चिी?
28. नेिरू जी भािि के सभी हकसानों से कौन सा प्रश्न बाि-बाि कििे र्े?
29. भाििमािा के प्रहि नेिरू जी की क्या अवधािणा र्ी?
30. भाििेंदु युग की दो हविेषिाएं हिक्तखए।
31. हिवेदी युग की दो हविेषिाएं हिक्तखए।
32. िुक्ल युग को हनबंध काि का स्वणथ युग क्यों किा जािा िै ?
33. भाििेंदु युग के दो प्रमुख हनबंधकाि एवं उनके हनबंध हिक्तखए।
34. िे खाहचि से आप क्या समझिे िैं ?
35. िे खाहचि एवं संस्मिण में अंिि हिक्तखए।
36. जीवनी िर्ा आत्मकर्ा में अंिि हिक्तखए।
37. किानी िर्ा उपन्यास में अंिि हिक्तखए।
38. नाटक एवं एकां की में अंिि हिक्तखए

कवव पररचय (03 अंक )

1. प्रेमचंद एवं कृष्णा सोबिी का साहिक्तत्यक परिचय हनम्नहिक्तखि हबंदुओं के आधाि पि
हिक्तखए-
(i) दो िचनाएाँ (ii) भाषा- िैिी (iii) साहित्य में स्र्ान।
2. सत्यहजि िाय एवं बािमुकुंद गुप्त का साहिक्तत्यक परिचय हनम्नहिक्तखि हबंदुओं के
आधाि पि हिक्तखए-
(i) दो िचनाएाँ (ii) भाषा- िैिी (iii) साहित्य में स्र्ान।

3. मन्नू भंडािी एवं िेखि जोिी का साहिक्तत्यक परिचय हनम्नहिक्तखि हबंदुओं के आधाि
पि हिक्तखए-
(i) दो िचनाएाँ (ii) भाषा- िैिी (iii) साहित्य में स्र्ान।

वनम्नवलक्तखत गद्यांि की संदिभ , प्रसंग सवित व्याख्या वलक्तखए- (04 अंक)

1. नौकिी में ओिदे की ओि ध्यान मि दे ना, यि िो पीि का मजाि िै । हनगाि
चढावे औि चादि पि िखनी चाहिए। ऐसा काम ढूंढना जिां कुछ ऊपिी आय िो।
माहसक वेिन िो पूणथमासी का चां द िै जो एक हदन हदखाई दे िा िै औि घटिे - घटिे
िुप्त िो जािा िै । ऊपिी आय बििा हुआ स्रोि िै हजससे सदै व प्यास बुझिी िै ।

2. पंहडि अिोपीदीन का िक्ष्मीजी पि अखण्ड हवश्वास र्ा। वि किा कििे र्े हक
संसाि का िो किना िी क्या, स्वगथ में भी िक्ष्मी का िी िाज्य िै । उनका यि किना

12

Page 23

यर्ार्थ िी र्ा। न्याय औि नीहि सब िक्ष्मी के िी क्तखिौने िैं , इन्हें वि जै से चाििी िैं ,
नचािी िैं ।

3. दु हनया सोिी र्ी, दु हनया की जीभ जागिी र्ी। सवेिे दे क्तखए िो बािक- वृद्ध सब
के मुंि से यिी बाि सुनाई दे िी र्ी। हजसे दे क्तखए विी पंहडि जी के इस व्यविाि पि
टीका -हटप्पणी कि ििा र्ा, हनंदा की बौछािें िो ििी र्ीं, मानो संसाि से अब पापी
का पाप कट गया।
4. हमयााँ नसीरुद्दीन िमािी ओि कुछ ऐसे दे खा हक उन्हें िमसे जवाब पाना िो। हफि
बड़े िी मंजे अंदाज में किा 'किने का मििब साहिब यि हक िािीम की िािीम
भी बड़ी चीज िोिी िै ।' आक्तखि एक हदन हुआ भी वैसा िी। ििद ऋिु में भी
आसमान में बादि छा गए औि धुआंधाि बारिि िुरू हुई।उसी बारिि में भीगकि
दु गाथ भागिी हुई आई औि उसने पेड़ के नीचे भाई के पास आसिा हिया। भाई -
बिन एक -दू सिे से हचपक कि बैठे।
5. हबछड़न -समय बड़ा करुणोत्पादक िोिा िै । आपको हबछड़िे दे खकि आज हृदय
में बड़ा दु ख िै । माइ िाडथ ! आपके दू सिी बाि इस दे ि में आने से भाििवासी
हकसी प्रकाि प्रसन्न न र्े । वे यिी चाििे र्े हक आप हफि ना आवें। पि आप आए
औि उससे यिां के िोग बहुि िी दु क्तखि हुए। वे हदन -िाि यिी मनािे र्े हक जल्द
श्रीमान यिां से पधािे ।
6. आप बहुि धीि -गंभीि प्रहसद्ध र्े। उस सािी धीििा- गंभीििा का आपने इस बाि
कौंहसि में बेकानूनी कानून पास कििे औि कन्वोकेिन विृिा दे िे समय हदवािा
हनकाि हदया। यि दीवािा िो इस दे ि में हुआ। उधि हविायि में आपके बाि-बाि
इस्तीफ़ा दे ने की धमकी ने प्रकाि कि हदया हक जड़ हिि गई िै ।
7. पीहढयों से चिे आिे पैिृक धंधे ने उन्हें हनिाि कि हदया र्ा। दान -दहिणा के बूिे
पि वे हकसी ििि परिवाि का आधा पेट भि पािे र्े। मोिन पढ -हिख कि वंि
का दारिद्र्य हमटा दे यि उनकी िाहदथ क इच्छा र्ी। िेहकन इच्छा िोने भि से िी सब
-कुछ निीं िो जािा।

8. .धनिाम की संकोच, असमंजस औि धमथ- सं कट की क्तस्र्हि से उदासीन मोिन संिुि
भाव से अपने िोिे के छल्ले की िुहटिीन गोिाई को जां च ििा र्ा। उसने धनिाम
की ओि अपनी कािीगिी की स्वीकृहि पाने की मुद्रा में दे खा। उसकी आं खों में एक
सजथक की चमक र्ी_हजसमें न स्पधाथ र्ी औि न िी हकसी प्रकाि की िाि -जीि का
भाव।

9. िाम के पां च बजे स्वयं सुपरिं टें डेंट कहव की फ़ाइि िेकि उसके पास आया,"सुनिे
िो!"आिे िी वि खुिी से फ़ाइि को हििािे हुए हचल्लाया,"प्रधानमंिी ने इस पेड़
को काटने का हुक्म दे हदया, औि इस घटना की िायिी अंििाथ िरीय हजम्मे दािी अपने
हसि िे िी िै । कि यि पेड़ काट हदया जाएगा, औि िुम इस संकट से छु टकािा
िाहसि कि िोगे।

10. कभी ऐसा भी िोिा हक जब मैं हकसी जिसे में पहुं चिा, िो मेिा स्वागि "भािि
मािा की जय!"इस नािे से जोि के सार् हकया जािा। मैं िोगों से अचानक पूछ

बैठिा हक इस नािे से उनका क्या मििब िै ? यि भािि मािा कौन िै, हजसकी वे
जय चाििे िैं ।

13

Page 24

इकाई - 4

िाषा बोध

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई पर वस्तु अंकवार प्रश्नों की संख्या कुल
आवंवित वनष्ठ प्रश्न
अंक प्रश्न
1 2 3 4 5
अंक अंक अंक अंक अंक
इ िाषा बोध
का  िब्द(िेिीय िकनीकी एवं
12 05 02 01 ___ ___ 03
ई हनपाि िब्द)
4  िब्द युग्म एवं उनके
प्रकाि
 वाक्य परिचय एवं
प्रकाि(अर्थ एवं िचना के
आधाि पि)
 वाक्य िुक्तद्धकिण एवं
वाक्य परिविथन
 मुिाविे एवं िोकोक्तियां
 िाजभाषा एवं िािरभाषा
 भाव पल्लवन,साि
संिेपण,हवज्ञापन िेखन,
संवाद िेखन एवं अनुच्छेद
िेखन

वस्तु वनष्ठ प्रश्न (01 अंक)
सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए-
1. 'फूिे न समाना' मुिाविे का अर्थ िै -
(अ) भूि जाना (ब) अत्यंि खुि िोना
(स) अत्यंि प्रेम किना (द) अत्यंि दु खी िोना
2. 'बाि का धनी िोना 'मुिाविे का अर्थ िै -
(अ) बहुि पैसे वािा (ब) बािों से कमाई किने वािा

(स) जु बान का पक्का िोना (द) खानदानी िोना

3. हनम्नहिक्तखि में से कौन सा मुिाविा िै -

(अ) पौ बािि िोना (ब) र्ोर्ा चना बाजे घना

14

Page 25

(स) अंधों में काना िाजा (द) नाम बड़े औि दिथन छोटे

4. अर्थ के आधाि पि वाक्य के भेद िोिे िैं -

(अ) दो प्रकाि (ब) िीन प्रकाि (स) पां च प्रकाि (द) आठ प्रकाि

5. पाठ ध्यानपूवथक पढो में 'ध्यान पूवथक' िै -

(अ) िीहिवाचक हक्रया हविेषण (ब) गुण वाचक हक्रया हविेषण

(स) परिमाणवाचक हक्रयाहविेषण (द) कािवाचक हक्रया हविेषण

6. मुझे िुमसे ज्यादा अंक हमिे पंक्ति में 'ज्यादा' िै -

(अ) परिमाणवाचक हक्रयाहविेषण (ब) स्र्ान वाचक हक्रया हविेषण

(स) िीहिवाचक हक्रया हविेषण (द) कािवाचक हक्रया हविेषण

7. मैं आज िी आया हं पंक्ति में 'िी' िै -

(अ) हनपाि (ब) ित्सम िब्द (स) िद्भव िब्द (द) हक्रया

8. हनम्नहिक्तखि में से िुद्ध विथनी िै -

(अ) कहविी (ब) कहवहयिी (स) कवहयिी (द) कवइिी

9. हनम्नहिक्तखि में से िुद्ध विथनी िै -

(अ) प्रदिथनी (ब) प्रदहिथनी (स) प्रदथ हिनी (द) प्रदिथहन

10. 'िेि' का िद्भव िै -

(अ) घि (ब) मैदान (स) खे ि (द) िेिफि

11. आदि -सत्काि में िब्द -युग्म िै -

(अ) समानार्थक िब्द युग्म (ब) सजािीय िब्द युग्म (स) हवपिीिार्थक िब्द
युग्म (द) हनिर्थक िब्द युग्म

12. 'खुसि -फुसि' में िब्द -युग्म िै -

(अ) हनिर्थक िब्द युग्म (ब) सजािीय िब्द युग्म (स) हवपिीिार्थक िब्द युग्म
(द) पुनरुि िब्द युग्म

13. "िम इस मामिे को िॉहटथ कल्चि हडपाटथ मेंट के िवािे कि ििे िैं क्योंहक यि एक
फिदाि पेड़ का मामिा िै " -वाक्य िै -

(अ) संयुि वाक्य (ब) सिि वाक्य (स) हमहश्रि वाक्य (द) सिि औि

हमहश्रि वाक्य

14. ऐसे वाक्य हजनमें हकसी का या हकसी की अक्तस्तत्व का पिा चििा िै । वि-

15

Page 26

(अ) हवहध वाचक वाक्य (ब) इच्छा वाचक वाक्य (स) संकेिवाचक वाक्य (द)
हनषेधवाचक वाक्य

15. मािवी बोिी बोिी जािी िै -

(अ) सागि (ब) छििपुि (स) मंदसौि (द) िीवा

16. 'िुम्हािा घि किां िै ' वाक्य के अंि में कौन सा हविाम हचन्ह िगेगा-

(अ) , (ब) ? (स) ! (द) ।

ररि स्थान में सिी िब्द चुनकर वलक्तखए-

1. संस्कृि भाषा से हिं दी में हबना परिविथन के आये िब्द----- कििािे िैं ।(ित्सम
/िद्भव)

2. उठा-पटक िब्द में - - - िै ।(हवपिीिार्थक िब्द युग्म /समानार्थक- हनिर्थक
िब्द युग्म)

3. बेचािा सेक्रेटिी उसी समय अपनी गाड़ी से से सवाि िोकि सेक्रेहटर एट पहुं चा औि
दवे हुए आदमी से इं टिव्यू िेने िगा- - - वाक्य िै ।(संयुि वाक्य /सिि
वाक्य)

4. वि परिश्रम कििा िो अहधक सफि िोिा- - - वाक्य िै ।( संकेिवाचक/ संदेि
वाचक )

5. एक हक्रया से दू सिी हक्रया पि हनभथि ििने वािे वाक्यों को- - - वाक्य कििे
िैं ।(संदेिवाचक/ हवहध वाचक)

6. सिकािी कामकाज की भाषा को- - - कििे िैं । (िाजभाषा /िािरभाषा)

7. जो वाक्य एक दू सिे पि आहश्रि निीं िोिे िैं औि संयोजक अव्यय से जुड़े िोिे िैं
- - - वाक्य कििे िैं । (संयुि वाक्य/ हमहश्रि वाक्य)

8. - - - का प्रयोग वाक्य के बीच में िोिा िै ।( मुिाविा /िोकोक्ति)

9. - - - वाक्यां ि िोिा िै ।(िोकोक्ति /मुिाविा)

10. मािवीय औि हनमाड़ी भाषाएं - - - िैं । (िेिीय/ िाजभाषा)

11. िचना के आधाि पि वाक्य- - - प्रकाि के िोिे िैं । (3/ 8 )

12. िब्दों के सार्थक समूि को- - - कििे िैं । (भाषा /बोिी )

13. साि-संिेपण में हवषय को- - - िब्दों में व्यि हकया जािा िै ।( एक
हििाई/ दो हििाई )

14. र्ोड़े से सपने में 'सपने' - - - िै ।(ित्सम/ िद्भव)

15. मयस्सि का अर्थ - - - िै ।( उपिब्ध /आसान)

16

Page 27

16. 'मुिमइन' का अर्थ- - - िै ।( आश्वस्त /हनिस्त)

17. पचेहजंग पावि- - - भाषा िै ।(िेिीय /हवदे िी)

सिी जोडी बनाकर वलक्तखए-

i- अ ब
1. मुख क-मुिाविा
2. काष्ठ ख-हनपाि
3. िेि ग-खेि
4. िुम भी आ गए घ-मुंि
5. छािी पटना ड.-काठ
ii- अ ब
1. िार् मिना क-पुनरुि िब्द युग्म
2. बाि की खाि हनकािना ख- सम वगीय िब्द यु ग्म
3. आं खों में घूमना ग- बिाबि याद आना
4. पिु पिी घ-पश्चािाप किना
5. ढे ि के ढे ि ड- व्यर्थ का दोष हनकािना

iii- अ ब
1. िुभकामनाएाँ ,आिीवाथ द क- हनपाि
2. सिकािी कामकाज की भाषा ख- इच्छा वाचक
3. बहुसंख्यक के िोगों की भाषा ग- सिि वाक्य
4. एक हक्रया औि एक किाथ घ-िाजभाषा
5. जो िब्द के अर्थ पि बि दे ने के ड- िािरभाषा
हिए प्रयोग हकया जािा िै

iv- अ ब
1. बहुि छोटे िेि में बोिी जाने वािी बोिी क- दे िज
2. हजन िब्दों की मूि का पिा ना िो िेहकन
प्रचहिि िोिे िैं । ख- हनमाड़ी
3. खण्डवा खिगोन। ग- बोिी
4. जिद। घ-कमि
5. जिज ड-बादि

17

Page 28

v- अ ब
1 संस्कृि से हिं दी में परिविथन के सार् प्रयु ि िब्द क मुिाविा
2 िीवा सीधी सिना ख- भाषा
3 ध्वहनयों के समूि को ग- हवभाषा
4 बोिी का अधथ हवकहसि रूप। घ- िद्भव
5 िक्ष्यार्थ। ड- बघेिी
एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-
1. नमक का दिोगा किानी में प्रयुि एक मुिाविा हिक्तखए।
2. िकनीकी िब्द से क्या िात्पयथ िै हिक्तखए।
3. िब्द युग्म की परिभाषा हिक्तखए।
4. पुनरुि िब्द युग्म का एक उदाििण हिक्तखए।
5. वाक्य हकसे कििे िैं ?हिक्तखए।
6. इच्छा वाचक वाक्य का एक उदाििण हिक्तखए।
7. हवज्ञापन िेखन में ध्यान दे ने योग्य एक बाि हिक्तखए।
8. िाजभाषा की परिभाषा हिक्तखए।
9. िािरभाषा की परिभाषा हिक्तखए।
10. 'सीधे मुंि बाि ना किना' मुिाविे का अर्थ हिक्तखए।
11. 'कौहडयों पि ईमान बेच दे ना' मुिाविे का अर्थ हिक्तखए।
12. समुद्र के िीन पयाथ यवाची हिक्तखए।
13. साि - संिेपण का अर्थ हिक्तखए।
14. हक्रया हविेषण हकसे कििे िैं ? हिक्तखए।
15. बोिी हकसे कििे िैं ?हिक्तखए ।
16. हवभाषा हकसे कििे िैं ? हिक्तखए।
17. हनपाि हकसे कििे िैं ?हिक्तखए।
18. उपसगथ औि प्रत्यय में अं िि हिक्तखए।
19. मुिाविे औि िोकोक्ति में अंिि हिक्तखए। 20-हनपाि का एक उदाििण हिक्तखए।
सत्य - असत्य वलक्तखए-
1. िचना के आधाि पि वाक्य िीन प्रकाि के िोिे िैं ।
2. हजन िब्दों का हिक्तखि स्रोि निीं िोिा िै दे िज िब्द कििे िैं ।
3. प्रस्ति का िद्भव प्रर्म िोिा िै ।
4. हकसी िब्द पि हविेष बि दे ने के हिए हनपाि का प्रयोग हकया जािा िै ।
5. गां व-गां व में अधथ- पुनरुि िब्द -युग्म िै ।
6. अर्थ के आधाि पि वाक्य 8 प्रकाि के िोिे ।
7. सदासच बोिो यि आज्ञावाचक वाक्य िै ।
8. िािरभाषा संहवधान िािा मान्यिा प्राप्त िोना आवश्यक िै ।

9. ऑफीहसयििेग्वेज को िािरभाषा कििे िै ।
10. िोकोक्ति के पीछे कोई घटना या किानी अवश्य िोिी िै ।

18

Page 29

11. उपसगथ हकसी िब्द या िब्दां ि में पििे प्रयोग िोिा िै ।
12. उन्मुि िद्भव िब्द िै ।
13. सपनों का मि जाना मुिाविे का अर्थ नींद निीं आना िै ।
14. भाषा िमेिा कहठन सा से सिििा उन्मुख िोिी िै ।
15. बोिी में साहित्य हिहपबद्ध िोिा िै ।
16. मच्छी का ित्सम मछिी िोिा िै ।
17. जुगनू की िौ में पढना मुिाविे का अर्थ कम िोिनी में पढना िै ।
18. मन का मैि िट जाना मुिाविे का अर्थ हिकायि किना िै ।
19. 'हजसका कोई ििु न' िो के हिए अनजान ििु का कििे िैं ।
20. बोिी का हवकास मान रूप हजसमें साहित्य िचा जािा िै उसे हवभाषा कििे िैं ।
21. :-आदे ि हविामहचन्ह िै ।
22. " " उद्धिण या "हचन्ह कििे िैं ।
लघुउत्तरीय प्रश्न (02 अंक)
1. िब्द युग्म हकसे कििे िैं ? यि हकिने प्रकाि के िोिे िैं ? उदाििण सहििहिक्तखए।
2. हवज्ञापन िेखन में हकन हकन बािों का ध्यान िखना आवश्यक िोिा िै हिक्तखए।
3. िाजभाषा औि िािरभाषा में कोई िीन अंिि हिक्तखए।
4. हक्रया हविेषण हकसे कििे िैं ? एक उदाििण हिक्तखए।
5. वनदे िानुसार वाक्य पररववतभत करके वलक्तखए -
i. िुट्टन ढोिक को अपना गुरु मानिा िै । (हनषेधवाचक )
ii. गहणि का प्रश्न पि बहुि कहठन िै । (हबना अर्थ बदिे नकािात्मक)
iii. ईमानदाि व्यक्ति कभी झूठ निीं बोििा । (सं केिवाचक )
iv. ढोिक की आवाज उसे उत्साहिि कििी िै । (प्रश्नवाचक)
v. गोपाि आज इं दौि गया (संदेि वाचक)

6. वनम्नवलक्तखत वाक्यों को िुद्ध करके वलक्तखए -
i. कई ऑहफसों के अहधकािी छु ट्टी िेकि चिे गए।
ii. बंदूक एक उपयोगी िस्त्र िै ।
iii. िामचरििमानस सबसे श्रेष्ठिम ग्रंर् िै ।
iv. आपका स्वास्थ्य अब कैसा िै ।
v. वि प्रहिहदन सवेिे की समय पड़िा िै । आपके सामने एक गििी समस्या िै ।
vi. जंगि में िेि हचंघाड़ने ने िगा।
vii. वि खाना खाकि के जाएगा।
viii. वि संिान को िेकि दु :खी िै ।
ix. िक्ष्मीबाई िेजस्वी नािी र्ी।
x. मेिी अंकसूहच गुम िो गई िै ।
xi. िवा चि ििी िै ।

xii. उसका िोि उड़ गया।

19

Page 30

िाव पल्लवन/संवाद ले खन/अनुच्छेद लेखन/ववज्ञापन ले खन(03 अंक)

वनम्नवलक्तखत ववषयों का िाव पल्लवन कीवजए-

1. साहित्य समाज का दपथण िै ।
2. अज्ञान सवथि आदमी को पछाडिा िै ।
3. क्रोध अंधा िोिा िै ।
4. चरिि सबसे बड़ा धन िै ।
5. आज मयाथ दाओं को हफि से पिचानना िोगा।
6. सब उन्नहि का मूि धमथ िै ।
संवाद लेखन-
1. एक महििा औि सब्जी हवक्रेिा का संवाद हिक्तखए।
2. हपिा-पुि में पढाई को िेकि हुई बािचीि हिक्तखए।
3. आप अपने हिं दी अध्यापक से परिचय प्राप्त कििे हुए संवादों को हिक्तखए।
4. दो हमिों में बढिी मिं गाई के हवषय में बािचीि हिक्तखए।
5. भाई -बिन में हकसी ििािि पि हपिा से हमिने वािे संभाहवि दं ड पि बािचीि
हिक्तखए।

वनम्नवलक्तखत ववषयों पर अनुच्छेद वलक्तखए -
1. संगठन में िक्ति िै ।
2. हवद्यार्ी औि अनुिासन।
3. व्यायाम से िाभ
4. खेिों का मित्व
5. दे ि के प्रहि िमािा किथ व्य
6. हवज्ञान औि कंप्यूटि
7. कंप्यूटि आज की आवश्यकिा िै ।
8. आधुहनक हििा प्रणािी
9. साइबि क्राइम व िोकर्ाम के उपाय
10. वैहश्वक आपदा से हनपटने के में युवाओं की भूहमका।
वनम्नवलक्तखत ववषयों पर ववज्ञापन वलक्तखए -
1. िास्तकिा के प्रचाि प्रसाि के हिए िार् से बनी हकसी वस्तु की हबक्री िे िु एक
हवज्ञापन बनाकि हिक्तखए।
2. पुस्तकों की दु कान का एक हवज्ञापन बनाकि हिक्तखए
3. सौंदयथ प्रसाधन सामग्री हबक्री के हिए एक हवज्ञापन हिक्तखए।

4. आपकी दु कान इिेक्टरॉहनक सामान जैसे हिज ,कूिि, प्रेस इत्याहद की िै इसकी
हबक्री के हिए एक हवज्ञापन हिक्तखए।

20

Page 31

इकाई - 5
ववतान िाग – 1

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अं कवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवं वित प्रश्न
अं क
1 अंक 2 अंक 3 4 5
अंक अंक अंक
इ हविान भाग - 1
का पूिक पाठ्य पुस्तक से हवहवध पाठों
07 05 01 --- --- --- 01
ई पि आधारिि प्रश्न
5

वस्तु वनष्ठ प्रश्न (01 अंक)
सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए-
1. ििा मंगेिकि के हपिा का नाम र्ा –
(अ) दीनानार् मंगेिकि (ब) ि्दयनार् मंगेिकि (स) कुमाि गंधवथ
(द) िामनार् मंगेिकि
2. ििा के स्विों मे िै –
(अ) हनमथििा (ब) पहवििा (स) गानपन (द) मीठापन
3. कुई की खुदाई की जािी िै –
(अ) फावड़े से (ब) गेंिी से (स) बसौिी से (द) खुिपी से
4. कुंई की खुदाई किने वािों को क्या कििे िै –
(अ) चेजािो (ब) चेजा (स) चेज (द) चेवां जो
5. वि भूजि जो कुओं में से हनकािा जािा िै कििे िै –
(अ) पािि पानी (ब) पािाि पानी (स) िे जाणी पानी (द) मीठा
पानी
6. कुई को बां धने बािी िस्सी हकस घास से बनिी िै –
(अ ) सीप (ब) छीप (स) खीप (द) दीप
7. भाििीय संगीि में प्राचीन काि से प्रचहिि सबसे पुिाना वाद्य यंि कौन सा िै –
(अ) वीणा (ब) हसिाि (स) डमरू (द) बां सुिी
8. गीिगोहवन्द के िचहयिा कौन िै –
(अ) जयदे व (ब) श्रीदे व (स) घनदे व (द) मिादे व
9.िािुि क्या र्े –
(अ) हििक (ब) कृषक (स) डॉक्टि (द) िेखक

10. मधुवनी हचिकिा हकस प्रां ि की िै –
(अ) हमहर्िा (ब) उड़ीसा (स) मिािािर (द) मध्यप्रदे ि

21

Page 32

ररि स्थान में सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए –

1. संगीि के िेि में िय.............प्रकाि की िोिी िै । (दो/िीन)

2. िास्त्रीय गायन की मिहफि.............की िोिी िै । (िीन घंटे/िीन
हमहनट)

3. हचिपट संगीि का मुख्य गुण धमथ.............िै । (चपििा/गंभीििा)

4. कुई की खुदाई का काम...........कििािा िै । (चेजा/चेजािो)

5. सीधे बिसाि से हमिने वािा पानी............िै । (िे जाणीपानी/पाििपानी)

6. िािुि के यिां बेबी िािदाि को............ने काम हदिवाया ।
(सुनीि/िाजीव)

7. बेबी िािदाि ने किा.............िक पढाई की र्ी (छठी – सािवी/सािवी
आठवी)

8. .............काि किाओं के हिए स्वणथ युग माना जािा िै । (गुप्त/मौयथ )

9. .............का िास्त्रीय नृत्य कुहचपुड़ी िै । (आं ध्रप्रदे ि/कनाथ क

10. ........... से िी िास्त्रीय नृत्य हवकहसि हुआ । (िोकनृत्य/समूिनृत्य)

सिी जोवडयााँ बनाकर वलक्तखए –
अ
ब
1. स्वि साम्राज्ञी क िब्दकोि
2. िाजस्र्ान की िजि बूंदे ख िाजस्र्ान
3. आिो आं धारि ग मिािािर
4. हविायि खााँ घ गुजिाि
5. बां ग्ला अहभधान ड़ आसाम
6. घूमि च ििा मंगेिकि
7. िावणी छ अनुपम हमश्र
8. दां हडया िास ज बेबी िािदाि
9. हवहु झ हसिाि वादक
10. छाओ ञ िहमिनाडु
11. भिि नाट्यम ट केिि

12. कर्कहि ठ ब्रह्ममुहुिथ
13. कजिी ड झािखण्ड

22

Page 33

14. भैिविाग ढ दोपिि
15. दीपक औि श्रीिाग ण हगरिजा दे वी

एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए –
1. ििा जी की िोकहप्रयिा का मुख्य ममथ क्या िै ?
2. ििामंगेिकि से पििे हचिपट संगीि में कौनसी गाहयका का बोिबािा र्ा?
3. िे जाणी पानी हकसे कििे िै ?
4. कुई की हचनाई किने के हिये सबसे उम्दा िकड़ी कौन सी िोिी िै ?
5. आिो आाँ घारि का क्या अर्थ िै ?
6. िािुि ने बेबी को सवथ प्रर्म पढने को कौन सी पुस्तक दी?
7. बेबी िािदाि का घि टू टने के बाद उसे उसे हकसने आश्रय हदया?
8. आिा पूणाथ दे वी की िचना का नाम क्या िै ?
9. सबसे प्राचीन हचि हकसे माना जािा िै ?
10. किमकािी हकस प्रदे ि की हचिकािी िै ?
11. एिोिा की गुफाएाँ कब िैयाि की गई?
12. भाििीय संगीि हकससे संबद्ध िै ?
13. भािि का प्राचीन मुख्य वाद्य यंि क्या िै ?
14. हिमाचि प्रदे ि के िोकनृत्य कौन से िै ?
15. िाहि में गाये जाने वािे िाग कौन से िै ?

सत्य/असत्य वलक्तखए –

1. ििामंगेिकि हचि पट संगीि की अनहभहषि सम्राज्ञी िै ?
2. संगीि का िेि हवस्तीणथ िै ?
3. कुई का व्यास घेिा बहुि चौड़ा िोिा िै ?
4. चेिवां ची अपने हसि पि पगड़ी पिनिे िै ?
5. आज भी खिे िैं िािाब के िेखक अनुपम हमश्र िै ?
6. कुमाि गंधवथ ने कबीि के पदो का गायन हकया िै ?
7. बेबी िािदाि ने अपनी डायिी बां ग्ला में हिखी?
8. बेबी िािदाि को सं जने संविने का िौक र्ा?
9. आिापूणथ दे वी की िचना पाक्तखि खााँचा, खााँचाि पाक्तख िै ?
10. पंजाब की महििाये गवाथ नृत्य कििी िै ?
11. भीमबैठका के िै िहचि अभी वनाए गये िै ?
12. िं गोिी, अल्ना हचिकिा के रूप िै ?
13. सामवेद में हचिकिा के हनदे ि हदए गये िै ?
14. िाजस्र्ान के महििाए हगद्दा नृत्य कििी िै ?
15. िावणी नृत्य अद् भुि ऐंहद्रक आकषथण के हिए प्रहसद्ध िै ?

23

Page 34

लघु उत्तरीय प्रश्न - (02 अंक)

1. ििा मंगेिकि के गायन की हविेषिाएाँ हिक्तखए ।
2. िास्त्रीय संगीि औि हचिपट संगीि में क्या अंिि िै ।
3. “हचिपट संगीि ने िोगों के कान हबगाड़ हदये ” कुमाि गंधवथ ने ऐसा क्यों किा।
4. ििामंगेिकि को भाििीय गाहयकाओं में बेजोड़ क्यौ किा गया िै ।
5. कुई खुदाई कििे समय हसि पि धािु का टोप क्यों पिनिे िै ।
6. कुई की हचनाई हकिने ििीकों से की जािी िै । हिक्तखए ।
7. कई का मंि छोटा िखने के क्या कािण िै । हिक्तखए।
8. पािि पानी हकसे कििे िै ।
9. पािाि पानी हकसे कििे िै ।
10. िे जाणी पानी हकसे कििे िै ।
11. बेबी िािदाि को हकन प्रहसद्ध िेखकों के नाम याद र्े ।
12. िािुि ने बेबी िािदाि को पेन औि कॉपी दे कि क्या किा र्ा ।
13. िािुि बेबी िािदाि को क्या मानिे र्े औि क्या कििे र्े ।
14. बेबी िािदाि को हिखने के हिये कौन कौन प्रोत्साहिि कििे र्े ।
15. किकिा के बंधु ने बेबी के िेखन के बािे में पि में क्या हिखा िै ।
16. िािुि ने बेबी के बड़े बेटे के बािे में क्या सोचा ।
17. िमण दा के हकस काम को दे खकि बेबी को बहुि िं सी आई ।
18. आिा पूणाथ दे वी अपना िेखन कायथ कब कििी र्ी ।
19. बेबी िािदाि ने अपने सजने संविने के बािे में क्या हिखा ।
20. बेबी िािदाि ने सवथप्रर्म हचट्ठी हकसे औि क्ों हिखी िै ।
21. अनुपम हमश्र ने हकस हवषय पि िेखन कायथ हकया औि हकिनी पुस्तके हिखी ।
22. कुमाि गंधवथ ने गायन के िेि में क्या कायथ हकये ।
23. नृत्य औि नत्यथ में क्या अंिि िै ।
24. गुप्तकाि को किाओं का स्वणथ युग क्यों किा जािा िै ।
25. भाििीय किाऔं का हवस्ताि हवश्व के हकन – हकन दे िों में हदखाई दे िा िै ।
26. संगीि की िास्त्रीय पिं पिा की िुरूआि कैसे हुई ।
27. एक मागी संगीि औि दे िी संगीि में क्या अंिि िै ।
28. स्र्ायी हचिकिा औि अस्र्ायी हचिकिा के कौन – कौन से रूप िै ।
29. नृत्यकिा का संबंध जीवन की हकन हकन घटनाओं से संबंहधि िै ।
30. भाििीय नृत्य का सबसे आकषथक रूप क्या िै ।
31. िाजस्र्ान में कुंई हकसे कििे िै ।
32. िास्त्रीय एवं हचिपट संगीि के मित्व का आधाि क्या िोना चाहिऐ । कुमाि गंधवथ
की िाय हिक्तखए ।
33. आिो ऑधरि िचना बेबी की व्यक्तिगि समस्यायों औि सामाहजक मुद्दों पि आधारिि
िै । कोई दो समस्यायों को हिक्तखए ।
34. भाििीय किाओं औि भाििीय संस्कृहि में क्या सं बंध िै ?

24

Page 35

इकाई – 6

अविव्यक्ति और माध्यम
क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अं कवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवं वित प्रश्न
अं क
1 अंक 2 अंक 3 4 5
अंक अंक अंक
इकाई पाठ्य पुस्तक पि आधारिि प्रश्न
6 07 05 01 --- --- --- 01

वस्तु वनष्ठ प्रश्न (01 अंक )
सिी ववकल्प चुनकर वलक्तखए -
1. िब्द पिी के अनुसाि िब्द िोक की आबादी िै -
(अ) 1 िाख (ब) 2 िाख (स) 5 िाख (द)
6 िाख
2.िब्द पिी का नाम र्ा-
(अ) नीिजा (ब) चंहद्रका (स) जान्हवी (द)
हजज्ञासा
3.िब्दकोि की हनदे हिका को कििे िैं -
(अ) व्यक्ति कोि (ब) चरिि कोि (स) दोनों (द) इनमें
से कोई निीं
4.हकसी सामग्री से उसकी अिुक्तद्धयों को दू ि किके उसे पठनीय यि बनाना कििािा
िै -
(अ) संपादन (ब) पिकारििा (स) पटकर्ा (द)
जनसंचाि
5.िब्द पिी आई र्ी-
(अ) िब्दों के िर् पि (ब) फूिों के िर् पि (स) यादों के
िर् पि (द) जादु ई िर् पि
6. बायोडाटा की भाषा िोनी चाहिए -
(अ) आिंकारिक (ब) सिि एवं सीधी (स) घुमावदाि
(द) चौंकाने वािी
7. सकुथिि को हिं दी में कििे िैं -
(अ) प्रेस हवज्ञक्तप्त (ब) परिपि (स) कायथवृि (द)
हटप्पण

8.एनी िंट में अपनी डायिी में अनुभव हिखे िैं -

25

Page 36

(अ) हब्रहटि अत्याचाि के (ब) ग्रीक अत्याचाि
(स) नाहजयों के अत्याचाि के (द) िेंच अत्याचाि के
9.पुिाने समय में मनोिं जन के सार्-सार् संदेि पहुं चाने का कायथ कििे र्े -
(अ) िावणी (ब) िमािा (स) नौटं की (द) उपयुथि
सभी
10. सन 1894 में बनी हफल्म “द अिाइवि ऑफ टर े न” हकस दे ि में बनी-
(अ) िां स (ब) जमथनी (स) यूिोप (द) इं हडया

ररि स्थानों में सिी िब्द चुनकर वलक्तखए-
1.संचाि िब्द की उत्पहि ....... धािु से हुई िै ।( संच /चि )
2.संचाि प्रहक्रया में आने वािी बाधाओं को .......कििे िैं ।।( िडथ ि /नॉइस )
3.जनसंचाि का अंग्रेजी पयाथ य………….. िै ।।( मास कॉम्युहनकेिन / टै िी
कॉम्युहनकेिन )
4...................... को भािि का पििा समाचाि वाचक माना जािा
िै ।।( संजय/ दे वहषथ नािद )
5. हिं दी का पििा साप्ताहिक पि........... िै ।।( उदं ि मािंड/कमथवीि )
6. उदं ि मािंड के सं पादक ...............र्े।( पंहडि जुगि हकिोि िुक्ल
/मिावीि प्रसाद हिवेदी )
7.प्रहसद्ध उपन्यास दे वदास के िेखक ................... िैं ।।( बंहकमचंद्र
चटजी / िििचंद्र चट्टोपाध्याय )
8.....................की ििि फ्लैि फॉिवडथ भी पटकर्ा िेखन की एक
िकनीक िै ।।( स्क्रीन / फ्लैि बैक )
9.संचाि प्रहक्रया में प्राप्तकिाथ की प्रहिहक्रया को................ कििे िैं । (
फीडबैक / रिस्पां स )
10.स्वि िहिि व्यंजन से प्रािं भ िोने वािे िब्द उस वणथ से आिम्भ िोने वािे सभी
िब्दों के .....िखे जािे िैं ।।(पििे/बाद )
सिी जोडी बना कर वलक्तखए -
1.स्कूटी किण क मैिी भाव
2.ऑि इं हडया ख 1976
3.दू िदिथन का नामकिण ग एनकोहडं ग
4.अनौपचारिक पि घ रिमाइं डि
5.अनुस्मािक ङ 1936

एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-

1.भाििीय टे िीहवजन को दू िदिथन नाम कब हदया गया?

26

Page 37

2.हसनेमा के आहवष्काि का श्रेय हकसे हदया जािा िै ?
3.भािि की पििी मूक हफल्म कौन सी र्ी?
4.भािि की पििी बोििी हफल्म कौन सी र्ी?
5.पार्ेि पंचािी हफल्म के हनदे िक का नाम बिाइए।
6.क्तस्टंग ऑपिे िन से आप क्या समझिे िैं ?
7.आनुषंहगक हटप्पण क्या िै ?
8.अनुस्मािक को औि क्या किा जािा िै ।
9.िामवृि बेनीपुिी की डायिी का नाम क्या िै ।
10.हटप्पणी का हिं दी पयाथ य क्या िै ?
सत्य या असत्य वलक्तखए -
1.जनसंचाि माध्यमों का िोगों पि केवि सकािात्मक प्रभाव पड़िा िै ।
2.ऐनी िैंक जमथनी में पैदा हुई एक यहदी िड़की र्ी।
3.डायिी परिष्कृि औि मानक भाषा में हिखी जानी चाहिए।
4. डायिी हनिां ि वैयक्तिक िचना िै ।
5. पटकर्ा को अंग्रेजी में स्क्रीनप्ले किा जािा िै ।
6.हटप्पणी िेखन सदै व अन्य पुरुष में हकया जािा िै ।
7.स्ववृि अर्ाथ ि बायोडाटा की भाषा अिंकारिक िोिी िै ।
8.िब्दकोि में ि अिि क वगथ के सार् में िी आिा िै ।
9. इं टिनेट संचाि का अंिि हक्रयात्मक माध्यम िै ।
10.सिकािी पि अनौपचारिक पि की श्रेणी में आिे िैं ?
लघु उत्तरीय प्रश्न - (02अंक)

1.हिं दी का पििा सप्ताहिक पि कौन सा र्ा औि किां से संपाहदि हुआ र्ा?
2.जनसंचाि माध्यमों के क्या खििे िैं ?
3.जनसंचाि माध्यमों के चाि मित्वपूणथ उद्दे श्य हिक्तखए।
4.इं टिनेट पिकारििा ने दु हनया को हकस प्रकाि समेट हिया िै ?
5.पिकारििा क्या िै ?
6.समाचाि के ित्वों के नाम हिक्तखए।
7.संपादन के हिए हकन हसद्धां िों का पािन किना आवश्यक िै ?
8.पीि पिकारििा से आप क्या समझिे िैं ?
9.खोज पिक पिकारििा क्या िै ?
10.वॉच डॉग पिकारििा क्या िै ?
11.पेज थ्री पिकारििा को समझाइए।
12.डायिी िेखन की दो मित्वपूणथ हविेषिाएं हिक्तखए।

13.अपने जीवन की हकसी एक मित्वपूणथ घटना पि िीन हदवसों की डायिी हिक्तखए ।
14.पटकर्ा क्या िै ? समझाइए ।

27

Page 38

15.फ्लैिबैक िकनीक के कोई दो हबंदु हिक्तखए।
16.स्ववृि की दो हविेषिाएं हिक्तखए।
17िब्दकोि में हकसी एक वणथ की मािाओं को क्रम से बिाइए।
18.अनुस्मािक हकसे कििे िैं ?
19.अधथ सिकािी पि औि औपचारिक पि में क्या अंिि िै ?
20. हटप्पणी हकसे कििे िैं ?

---------xxxx--------

28

Page 39

इकाई – 7

अपवित बोध

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अं कवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवं वित प्रश्न
अं क
1 अंक 2 अंक 3 4 5
अंक अंक अंक
इकाई अपहठि बोध -
7 03 ___ __ 01 __ 01
अपहठि काव्यां ि / गद्यां ि

अपवित गद्यांि
(1) अहधकाि का संसाि बड़ा मधुि िोिा िै , वे बड़े सुंदि औि आकषथक िोिे
िैं । पिं िु अहधकािों की िोभा किथव्य पािन से िै । अहधकाि प्राप्त किके जो अपने
किथव्य का पािन निीं कििा उससे अहधकाि छीन िे जािे िैं । नागरिक जीवन में
अहधकािों के सार्-सार् किथव्य भी िगे हुए िैं । अहधकािों के बदिे में िमें समाज के
प्रहि भी पढिे िैं । हबना किथव्य के नागरिक के अहधकाि सुिहिि निीं िि सकिे।
िमािा सवथश्रेष्ठ किथव्य िािरभि ििना िै । जो िासन िमािी सुख समृक्तद्ध के हिए
हनिं िि प्रयत्निीि िै , उसकी ििा के हिए सदै व सन्नद्ध ििना चाहिए। िमािा यि
किथव्य िै हक िम दे ि में िां हि औि अव्यवस्र्ा न फैिने दें । िाज्य िमािी उन्नहि के
हिए जो कुछ कििा िै ,उन कायों के हिए धन की आवश्यकिा िोिी िै । िमें िाज्य
िािा िगाए गए किों को प्रसन्निा पूवथक दे ना चाहिए। हजससे िाज्य की आहर्थक क्तस्र्हि
हबगड़ने न पाए।
प्रश्न –
1. उपयुथि गद्यां ि का उहचि िीषथक दीहजए।
2. अहधकािों की िोभा हकससे िै ?
3. सन्नद्ध का हविोम हिक्तखए।

(2) सफििा प्राक्तप्त का मूि मंि िै अपने समय का सदु पयोग किना। सदु पयोग
का अर्थ िै सिी उपयोग। कायथ को समझ कि िुिंि कायथ में िग जाना। जीवन में
अनेक दबाव आिे िैं अनेक व्यस्तिाएाँ आिी िैं । व्यस्तिाओं से अहधक मन का
आिस घेििा िै । व्यवस्र्ाओं का बिाना बनाकि या आिस्य में हघिकि कायों को टाि
दे िा िै उसकी सफििा भी टि जािी िै । इसके हवपिीि जो व्यक्ति सोच समझकि

योजना पूवथक कायों की ओि हनिं िि कदम बढािा िै एक न एक हदन ममिा उसके
चिण चूम िेिी िै आज के काम को कि पि डािने की प्रवृहि सबसे घािक िै इस

29

Page 40

प्रवृहि के कािण मन में असंिोष बना िििा िै अनेक कायों का बोझ बना िििा िै
औि काम को टािने की ऐसी आदि बन जािी िै हक िुभ कायथ किने की घड़ी
आिी िी निीं।
प्रश्न -
1. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2.कौनसी प्रवृहि सबसे घािक िै ?
3.हनिं िि का हविोम िब्द हिक्तखए।
(3) हकसी भी काि का समाज साहित्य के प्रभाव से अछूिा निीं िि सकिा।
समाज की अपनी आवश्यकिाओं की पूहिथ के हिए साहित्य पि आहश्रि ििना पड़िा िै
। िाश्वि साहित्य समाज के स्वरूप में परिविथन कि दे िा िै ।साहित्य में जो िक्ति
हछपी िै वि िोप ििवाि औि बम के गोिे में भी निीं पाई जािी।हिं दी साहित्य कई
दौि से िोकि गुजिा िहद िम वीिगार्ा काि की बाि किें िो इसका वािाविण युद्ध
औि अिां हि का र्ा वीििा प्रदिथन िी जीवन का मित्व र्ा इसकी प्रधान प्रकृहि वीि
औि श्रृंगाि की र्ी इसहिए इस साहित्य की िचना हुई। भक्ति काि के आिे -आिे
हवदे हियों का िासन स्र्ाहपि िो गया र्ा। हनिािा के वािाविण में िमािे दे ि के
जनमानस को भक्ति आं दोिनों की सिि िििों ने जीवनदाहयनी िीिििा प्रदान की।
इस समय की साहित्य धािा ज्ञान औि प्रेम के रूप में प्रवाहिि हुई।

प्रश्न -
1. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2. हनिािा के वािाविण में भक्ति आं दोिनों ने क्या हकया?
3. 'िाश्वि' िब्द का एक पयाथ यवाची हिक्तखए।

(4) खेि जीवन की चेिना िक्ति िै । संसाि में खेिों का प्रावधान निीं िोिा िो
मानव जीवन चेिना िून्य िोिा। खेि िमें जीवन में संघषथ किने औि सफििा प्राक्तप्त
की हििा दे िे िैं । कहठनाइयों पि िं सिे -िं सिे हवजय प्राप्त किने का गुण उत्पन्न कििे
िैं । जीवन में अनुिासन की हििा खेिों से िी प्राप्त िोिी िै । अनुिासन में ििकि
किने का भाव खेिों से िी आिा िै क्योंहक अनु िासन औि सियोग के हबना खेि
चि िी निीं सकिे। भी खेिों से िी मनुष्य में पूणथ िन्मयिा से कायथ किने की िगन
उत्पन्न िोिी िै । खेि भावना का हवकास िोिा िै इससे सिनिीििा भी आिी िै । छोटे
बच्े खेि खेि में जीवन के हवकास औि हििा की कई बािें सीख जािे िैं । खेि
औि हििा का चोिी दामन का सार् िै । खुक्तददि बने ििना िो , स्वस्र् औि
िक्तििािी बने ििना िो, जीवन के प्रहि सकािात्मक नजरिया िखना िो िो हदन में
कम से कम एक खेि अवश्य खेिें।
प्रश्न -
1. स्वस्र् ििने के अिावा खेिों से औि कौन से फायदे िैं ?
2. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
3.'दृहिकोण' का पयाथ यवाची उपयुथि गद्यां ि में से हिक्तखए।

30

Page 41

(5) जनसाधािण में प्रचहिि साहित्य िोक साहित्य कििािा िै । यि साहित्य दोन
दोनों रूपों हिक्तखि औि मौक्तखक में हमििा िै ।यि एक पीढी से दू सिी पीढी को
पिं पिागि रूप से िस्तां िरिि िो जािा िै । यि जनसाधािण की स्मृहि के माध्यम से
आगे बढिा जािा िै । िोक साहित्य में िोक का आचिण, सुख- दु ख आहद समाहिि
िििा िै ।इसमें जन्म- मिण पूजा- हववाि िादी में गाने जाने वािे गीि, िोक कर्ाएं
,िोक नाट्य , िोकोक्तियााँ आहद सक्तम्महिि िैं । िोक साहित्य की दृहि से मध्य प्रदे ि
बहुि संपन्न प्रदे ि िै यिां पि िोक साहित्य दो रूपों में पाया जािा िै आं चहिक
िोक साहित्य एवं जनजािीय िोक साहित्य। आं चहिक िेिों औि आहदवासी टोिों में
िोक साहित्य हबखिा पड़ा िै । उस िेि की सभ्यिा औि संस्कृहि का आईना िोक
साहित्य िै िो इसमें कोई अहिियोक्ति न िोगी। िोक साहित्य िी िै जो विााँ के
जनजीवन की सिज अहभव्यक्ति कििा िै । जिां िक िोकगीिों का सवाि िै यि
गििी संवेदनाओं से भिे िोिे िैं , इसमें उस िेि हविेष की खुहियााँ , आनंद ,ददथ
,संघषथ सब कुछ बड़ी मधुििा से गाया जािा िै ।
प्रश्न –

1. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2. िोक साहित्य हकन दों रूपो में पाया जािा िै ?
3.मधुििा का हविेषण हिक्तखए।

(6) िािर के प्रहि एक हवचाि ,एक भावना, एक आस्र्ा से समपथण व बहिदान
की भावना िािरीय एकिा को प्रदहिथि कििी िै ।हभन्न-हभन्न धमथ ,जाहि, पंर् व भाषा
का िोना भािि की एकिा व अखण्डिा को बनाए िखने में एक बड़ी चुनौिी िै ।
भािि की भौगोहिक संिचना ऐसी िै हक िीन औि समुद्र से हघिा िै औि एक ओि
दु िन दे िों से।इस हिसाब से दे खा जाए िो िमािे दे ि पि संकट के बादि सदै व
मंडिािे िििे िैं । ऐसी हवषम परिक्तस्र्हियों में दे िवाहसयों का एकजुट ििना दे ि को
सुिहिि िखने के हिए बहुि आवश्यक िै । सार् िी यि भी बहुि जरूिी िै हक प्रत्येक
भाििीय मानहसक एवं वैचारिक एकिा सदै व कायम िखें। संहवधान के नीहि हनदे िक
ित्वों िर्ा न्यायपाहिका के आदे िों एवं कानूनों के हक्रयान्वयन में दे ि के प्रत्येक
नागरिक को सवथसम्महि से मानना िी िािरीय एकिा का सूचक िै ।
प्रश्न –
1 . उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2. िािरीय एकिा का सूचक क्या िै ?
3. 'िागू किना' का समानार्ी िब्द गद्यां ि से हिक्तखए।

(7) छािों को अपने जीवन में योग के मित्व से भिीभां हि परिहचि िोना चाहिए।
वैसै िो िि उम्र के व्यक्ति को इसकी जरूिि िै । योग िब्द संस्कृि के 'युज्' धािु

से बना िै हजसका अर्थ िै जोड़ना। अर्ाथ ि हकसी कायथ में स्वयं को िगाना। मिहषथ
पिंजहि के अनुसाि हचि की वृहियों का सवथर्ा अभाव िी योग िै । छाि जीवन में

31

Page 42

िािीरिक औि मानहसक स्वास्थ्य बेिद जरूिी िै । योग साधना की िािीरिक स्वास्थ्य में
मित्वपूणथ भूहमका िै इससे अंग' प्रत्यंग की कायथ िमिा में वृक्तद्ध िोिी िै , ििीि
हनिोगी बनिा िै । आसन व योग से अभी अंग सुचारू रूप से कायथ कििे िैं । इसके
िािा िािीरिक के सार्-सार् मानहसक स्वास्थ्य भी प्राप्त हकया जा सकिा िै । मन की
चंचििा को कम कि मानहसक एकाग्रिा प्राप्त की जा सकिी िै इसकी छाि जीवन में
मििी आवश्यकिा िै । प्राणायाम िािा छािों की स्मिण िक्ति बढिी िै , िनाव कम
िोिा िै ,कुहवचाि समाप्त िोकि सुहवचािों का उदय िोिा िै । योग वास्तव में जीवन
जीने की किा िै जो हक वैज्ञाहनक िै जो नैहिक औि चारिहिक पि पि भी
सकािात्मक प्रभाव छोड़िी िै ।
प्रश्न -
1. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2. 'िि ििि से' के हिए गद्यां ि में कौनसा िब्द प्रयुि हुआ िै ।
3. गद्यां ि में प्रयुि 'मििी' िब्द का समानार्ी हिक्तखए।

(8) श्रम साधना किने वािे को यि प्राप्त िोिा िै औि सार् िी सार् वैभव भी।
श्रम किके एक हनधथन परिवाि का बािक भी उच् िो जािा िै औि अपने परिवाि की
आहर्थक क्तस्र्हि बदि दे िा िै श्रम एक ऐसी चीज िै जो िमें अिौहकक आनंद की
प्राक्तप्त किवािी िर्ा उससे िमें पिम संिोष का अनुभव िोिा िै श्रम किने से िमािा
ििीि स्वस्र् िििा िै सामान्य िौि पि दे खा जािा िै हक िािीरिक श्रम किने वािे
दीघथजीवी िोिे िैं । श्रम किने वािा हवकट परिक्तस्र्हियों में भी निीं घबिािा िै ।
आत्महवश्वास उनका ििक बन जािा िै । परिश्रम िी सफििा का मूि मंि िै हबना
परिश्रम हकए हकसी को भी सफििा निीं हमििी िै हमि भी जािी िै िो वि स्र्ाई
निीं िोिी। परिश्रम व्यक्ति में आत्म संिोष औि आत्महनभथििा की भावना िािा िै । एक
आिसी व्यक्ति भी आिसी व्यक्ति को पसंद निीं कििा िै । इस दु हनया में परिश्रम का
कोई हवकल् निीं ।अिः परिश्रमी बनो।

प्रश्न -
1. उपयुथि गद्यां ि का उपयुि िीषथक दीहजए।
2. परिश्रमी का ििक कौन िोिा ?
3. 'कहठन' िब्द गद्यां ि में आए हकस िब्द का अर्थ िो सकिा िै ।

(9) जीवन का अर्थ िै जोि ,उत्साि, सािस ,हिम्मि औि हजंदाहदिी। कििे िैं
हजंदगी हजंदाहदिी का नाम िै मुदाथ हदि खाक हजया कििे िैं । ििचि हिम्मि सािस
जीवन की हनिानी िै । जो िोग िि िण उत्साि की ििं ग में िििे िैं उनके जीवन
जीने की िैिी मनोिम िोिी िै ,जो जीवन के िि खििे को चुनौिी समझ कि झेििे
िैं । उनका जीवन उत्सव जैसा बन जािा िै उन्हें िि िण नया काम हमिा िििा िै वे
अपने मन में औि नवीनिा का अनुभव कििे िैं वे कभी मन में हनिािा औि ग्लाहन
मिसूस निी कििे। बक्ति उन्हें खििों से जूझिे हुए भी िषथ औि आक्तत्मक संिोष का

अनुभव िोिा िै । इसके हवपिीि कायि औि आिसी िोग िि िोज कई बाि मििे
िैं । उन्हें पग-पग पि अपमान सिना पड़िा िै । यहद मनुष्य सोच िे हक उसे जीवन

32

Page 43

सािस हिम्मि औि हजंदाहदिी से जीना िै िो हफि जीवन इिना सुिावना िोिा िै हक
जीवन से मृत्यु का भय भी हनकि जािा िै ।
प्रश्न -
1. मनुष्य के हिए जीवन उत्सव कब बनिा िै ?
2. उपयुथि गद्यां ि का िीषथ क हिक्तखए।
3.'संिोष' िब्द का हविेषण हिक्तखए।

(10) िािरीय चरिि का हवकास िी प्रजािंि का आधाि िै । हकसी भी िािर की नींव
उसके िािरवाहसयों के चरिि पि आधारिि िोिी िै । हजस िािर के नागरिकों का चरिि
हजिना मिान िोगा उस िािर का भहवष्य भी उिना िी उज्जवि िोगा । चरिि केवि
माि एक िब्द निीं िै या केवि एक गुण निीं िै यि अपने सार् अनेक हविेषिाएं
हिए हुए िैं । एक चरििवान व्यक्ति अपने चािों ििफ के मािौि को सुंदि बनािा िै ।
चारिहिक गुणों के हवकास से िी भ्रिाचािी ,बेईमानी, हमिावट खोिी जैसे अपिाधों से
मुक्ति हमि सकिी िै ।एक मित्वपूणथ बाि िै हक प्रजािंि के हक्रयान्वयन में िािर के
चरिि की ििा आवश्यक िै क्योंहक चरिि से नैहिकिा का हवकास िोिा िै नैहिकिा
प्रजािंि की ििा कि उसे सफि बनािी िै । िािरीय चरिि से िािर के गौिव में वृक्तद्ध
िोिी िै यिी कािण िै हक भािि अपने िािरीय चरिि के नाम पि हवश्व के समि
अपना मस्तक ऊपि हकए हुए िैं ।
प्रश्न –
1. उपयुथि गद्यां ि का िीषथ क हिक्तखए।
2.प्रजािंि को सफि कौन बनािा िै ?
3. 'छु टकािा' गद्यां ि में प्रयुि हुए हकस िब्द का अर्थ िो सकिा िै ?

अपवित काव्यांि
1)बादि, गिजो!
घेि घेि घोि गगन, धािाधि ओ!
िहिि िहिि, कािे घुाँघिािे,
बाि कल्ना के से पाहि,
वज हछपा, नूिन कहविा,
हफि भि दो-बादि, गिजो!

प्रश्न-

i काव्यां ि का उहचि िीषथक हिक्तखए।

ii नूिन िब्द का पयाथ यवाची हिक्तखए ।

iii उपयुथि काव्यां ि का भावार्थ हिक्तखए।

33

Page 44

2)अट निीं ििीं िै ,
आभा फागुन की

िन सट निीं ििीं िै ।

प्रश्न-

i काव्यां ि का उहचि िीषथक हिक्तखए।

ii आभा िब्द का पयाथ यवाची हिक्तखए ।

iii उपयुथि काव्यां ि का भावार्थ हिक्तखए।

3)छाया मि छूना मन, िोगा दु ख दू ना।
जीवन में िैं सुिंग सुहधयााँ सुिावनी'
छहवयों की हचि- गंध फैिी मनभावनी:
िन- सुगंध िेष ििीं, बीि गई याहमनी,
कुंिि के फूिों की याद बनी चााँ दनी।
भूिी-सी एक छु अन बनिा िि जीहवि िण
प्रश्न-

i काव्यां ि का उहचि िीषथक हिक्तखए।

ii याहमनी िब्द का पयाथ यवाची हिक्तखए ।

iii उपयुथि काव्यां ि का भावार्थ हिक्तखए।

4)मााँ ने किा पानी में झााँ ककि
अपने चेििे पि मि िीझना
आग िोहटयााँ सेंकने के हिए िैं
जिने के हिए निीं
वस्त्र औि आभूषण िाक्तब्दक भ्रमों की ििि
बंधन िैं स्त्री जीवन के
मााँ ने किा िड़की िोना
पि िड़की जैसी हदखाई मि दे ना ।
प्रश्न-

i काव्यां ि का उहचि िीषथक हिक्तखए।

ii मााँ ने क्या सिाि दी ?

iii उपयुथि काव्यां ि का भावार्थ हिक्तखए।

34

Page 45

इकाई – 8

पत्र - लेखन

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अंकवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवंवि प्रश्न
त
अंक
1 2 3 4 5
अंक अंक अंक अंक अंक
इका पि िेखन –
ई 8 04 --- ---- --- 01 --- 01
औपचारिक/अनौपचारिक
पि

1. पिीिा काि में ध्वहन हवस्तािक यंिों के बजाने पि िोक िगाने िे िु जो हजिाधीि
को प्रार्थना पि हिक्तखए।
2. बड़ी बिन के हववाि में आमंहिि किने िे िु हमि को पि हिक्तखए।
3. नगि हनगम नगि पाहिका अध्यि को हनयहमि सफाई ना िोने पि एक हिकायिी
पि हिक्तखए।

4. अपने हमि को गमी की छु हट्टयों में पचमढी भ्रमण िे िु सार् आने हिए पि हिक्तखए।

5. नगि पुहिस अधीिक को एक पि हिक्तखए सूहचि कीहजए हक मोिल्ले में चोिी की
घटनाओं में वृक्तद्ध िो ििी िै ,पुहिस गश्त बढाई जाए।

6. आवास में ििने वािे छोटे भाई को प्रहिहदन व्यायाम किने की सिाि दे िे हुए योग
योग मित्व बिािे हुए एक पि हिक्तखए।

7. िािा िुि से मुक्ति िे िु हवद्यािय के प्राचायथ को एक आवेदन पि हिक्तखए।

8. िाईस्कूि पिीिा में मेरिट में स्र्ान बनाने के हिए अपने हमि को बधाई पि
हिक्तखए।

9. सहचव माध्यहमक हििा मंडि भोपाि को दसवी ं बोडथ पिीिा की अंकसूची की
हििीय प्रहि प्राप्त किने िे िु एक आवेदन पि हिक्तखए।

10. अपने हपिाजी को अपनी पिीिा की िैयािी के हवषय में पि हिक्तखए।

35

Page 46

इकाई – 9
वनबन्ध लेखन –

क्र इकाई एवं ववषय वस्तु इकाई वस्तु अंकवार प्रश्नों की संख्या कुल
पर वनष्ठ प्रश्न
आवंवि प्रश्न
त
अंक
1 2 3 4 5
अंक अं क अंक अंक अंक
इका
ई 9  हनबन्ध िेखन (रूपिे खा 04 --- ---- --- 01 --- 01
सहिि)

वनम्नवलक्तखत ववषयों में से वकसी एक ववषय पर सारगविभत वनबंध वलक्तखए–

1. जीवन में खेिों का मित्व
2. जि िी जीवन िै
3. विथमान समय में कंप्यूटि की उपयोहगिा।
4. आदिथ व्यक्तित्व मिात्मा गां धी ।
5. हवद्यािय का वाहषथकोत्सव
6. स्वच्छ भािि अहभयान
7. श्रम का मित्व
8. भाििीय नािी के िि िेि में बढिे कदम ।
9. हवद्यार्ी जीवन औि अनुिासन
10. मािृभाषा का मित्व
11. बाि मजदू िी
12. मेिे सपनों का भािि
13. मेिे हप्रय हििक
14. बुजुगों की समस्या
15. वनों का मित्व
16. 20-20 हक्रकेट
17. मिानगिीय जीवन
18. बागवानी
19. जीवन में हमिों का मित्व
20. वीहडयो गेम

---------xxxx--------

36

Page 47

कक्षा – 11वी

उत्तर माला
इकाई - 1

आरोि िाग - 1, काव्य – खण्ड

सिी ववकल्प

1. एक 12. हजसमें आत्मा का सूिज डूब जाए
2. श्री कृष्ण 13. सपनों का मि जाना
3. दां पत्य भाव की िै 14. बक्तस्तयों को
4. प्रेम की 15. मै दान
5. पहि 16. हपस्तौि
6. चंपा 17. उपयुथि सभी
7. सुंदि की 18. भक्तिकाि
8. िि घि के हिए 19. चाि
9. ििि को 20. सन 1943 से सन 1950
10. हिव 21. िुिसीदास
11. कन्नड़ 22. िीहिकाि
ररि स्थान

1 कबीि

2 हनगुथण 13 िोक गीि

3 िाजस्र्ानी 14 सबसे खििनाक

4 आं सुओं का जि 15 आाँ गन

5 बुढापा 16 ििि के आवो िवा से

6 वषाथ 17 छायावादी

7 कािे अिि 18 कबीि

8 चिवािी का काम 19 श्रृं गाि

9 पैिों से 20 नई कहविा

10 दिख़्ों के साए में 21 चाि

11 बिन

12 मचि

37

Page 48

सिी जोडी -

(i)

1. कबीि

2. मीिाबाई

3. अत्यहधक दु ः ख

4. भवानी प्रसाद हमस्र

5. आश्वस्त
(ii)

1. हििोचन

2. दु ष्यंि कुमाि

3. अक्क मिादे वी

4. पाि

5. हनमथ िा पुिुि
(iii)

1. कबीि

2. भवानी प्रसाद हमश्र

3. घि की याद

4. चंपा कािे अिि निीं चीन्हिी

5. अक्कमिादे वी
(iv)

1. हगिधि नागि

2. स्वणथ सड़क

3. परिवाि की मयाथ दा

4. आहदवाहसयों की हदनचयाथ के प्रिीक
(v)

1. भाििेंदु युग

2. सू िदास

3. मिावीि प्रसाद हिवेदी

38

Page 49

4. वीिगार्ा काि

5. प्रयोगवाद

एक वाक्य में उत्तर

1. पां च ित्व पृथ्वी, आकाि, वायु, अहि औि जि से।
2. जगि माया दे खकि मोहिि िो ििा िै ।
3. कहव ने स्वयं को पां चवा (अभागा) किा िै ।
4. कहव चिखा कािने में व्यस्त िै ।
5. चंपा किम- कागज छु पा दे िी िै
6. चंपा कहव से कििी िै िुम कागद िी गोदा कििे िो हदन भि।
7. कहव दु ष्यंि कुमाि अपनी आवाज में असि के हिए बेकिाि िै ।
8. हचिागााँ जनिा की सुख-सुहवधाओं का प्रिीक िै ।
9. अक्क मिादे वी मोि से अपने पाि ढीिे किने के हिए किीं।
10. अक्कमिादे वी ईश्वि को 'जू िी का फूि' किकि संबोहधि कििी िै ।
11. सबसे खििनाक िोक गीि (मिहसया) िोिा िै ।
12. सबसे खििनाक वि हदिा िोिी िै जिां आत्मा का सूिज डूब जाए।
13. कवहयिी पूिी बस्ती को िहड़या (दे िी महदिा) में डूबने से बचाना चाििी िै ।
14. कवहयिी िोने के हिए एकां ि बचाना चाििी िै ।
सत्य /असत्य

1. सत्य 10. सत्य

2. सत्य 11. सत्य

3. असत्य 12. असत्य

4. सत्य 13. सत्य

5. असत्य 14. असत्य

6. सत्य 15. सत्य

7. सत्य 16. सत्य

8. असत्य 17. असत्य

9. सत्य 18. सत्य

इकाई – 2,

काव्य बोध
सिी ववकल्प-

1. पंहडि जगन्नार् 3. दृिां ि

2. आठ या आठ से अहधक 4. हविोधाभास

39

Page 50

5. माधुयथ 10. कििि युगि

6. पद्मावि 11. खण्डकाव्य, मिाकाव्य, आख्याहनक
गीहि
7. िोक
12. हवभावना
8. िे ि
13. दृिां ि
9. कृष्णा को पािने में झुिाना

ररि स्थान -

1-साकेि 2.- मिाकाव्य 3-ििणा 4-मुिक 5- दृश्य 6 - व्यं जना 7 - प्रसाद 8 - ििणा 9 -
हमसिा 10 - सवैया 11 -33 12 - यहि 13 - अधथसममाहिक 14 - अनु भाव 15 - हविेषोक्ति
16 - स्र्ायी भाव 17 - खण्डकाव्य – 18 दृिां ि

सिी जोडी-
i.

1. पुनरुक्ति प्रकाि

2. अनु प्रास

3. ओज गुण

4. मिाकाव्य

5. माधुयथ
ii.

1. छ:चिण कुंडहिया छं द

2. 24 मािा

3. कुंडहिया

4. 8-8-8-8 पि यहि

5. 11-13 के हविाम
iii.

1. उदू थ साहित्य हवधा

2. िब्द िक्ति

3. गुण

4. मिाकाव्य

5. हमसिा

एक वाक्य में उत्तर --

1-हजसमें जीवन के हकसी एक घटना का वणथन िो वि खण्डकाव्य कििािा िै ।

40

Page 51

2- मिाकाव्य में नायक के सम्पू णथ जीवन की घटनाओं का वणथन िोिा िै ।

3-कामायनी- जयिं कि प्रसाद , िामचरििमानस – िु िसीदास

4-िक्तििर्ी -िामधािी हसंि हदनकि, पंचवटी-मै हर्िीििण गुप्त

5-हसि पि बैठयो काग आं ख दोऊ खाि हनकािि

6.सह्रदय के हृदय में जब उत्साि नामक स्र्ायी भाव का अनु भाव हवभाव संचािी भाव से संयोग

िोिा िै यिााँ वीि िस िोिा िै ।

7-काहयक, वाहचक, साक्तत्वक, आिायथ,

8-काव्य की िोभा बढाने वािे गुण धमथ को अिं काि कििे िै ।

9-कनक कनक िे सौ गुनी मादकिा अहधकाय

10- िक्ष्मी र्ी या दु गाथ र्ी या स्वयं वीििा का अविाि

11 -स्र्ाईभाव, अनु भाव, हवभाव, संचािी भाव

12- भोि का नभ िाख से िीपा हुआ चौका,

13- बड़े सदै व बड़े िोिे िैं छोटे िििे िै छोटे

14 - 11- 13 मे हविाम से 24 मािाएं िोिी िै ।

15 - िक्ष्यार्थ (हविे ष अर्थ ) प्रकट किने वािी िक्ति को ििणा िब्द िक्ति कििे िैं ।

16-अहभधा औि ििणा से िटकि हवहभन्न अर्थ का बोध किाने वािी िक्ति को व्यं जना िब्दिक्ति

कििे िै ।

17- सहृदय के हृदय में िास नामक स्र्ाई भाव का जब अनु भाव हवभाव व संचािी भाव से
संयोग िोिा िै विााँ िास्य िस िोिा िै ।

18- मािा, यहि, गहि, िय, िुक के हवधान को छं द कििे िै ।

सत्य/ असत्य-

1-असत्य 2-सत्य 3-असत्य 4-असत्य5- असत्य6- सत्य 7-सत्य 8-असत्य 9 - असत्य 10- सत्य
11-सत्य 12-सत्य 13-सत्य 14-सत्य 15-सत्य 16- सत्य 17- सत्य 18-सत्य 19-सत्य 20-
असत्य 21- असत्य

इकाई -3

आरोि गद्य खण्ड

बहुववकल्पीय प्रश्न

1. प्रेमचंद 4. कानपुि

2. 1914 5. हजदगीनामा
3. प्रेमचंद 6. िम ििमि

41

Page 52

7. जो अपने पेिे को किा का दजाथ दे िे िैं 25. मोिन के हिए

8. छप्पन 26. दु कानदाि

9. हमयां नसीरुद्दीन का 27. कायाथ ियीन फाइि

10. हमयां किन 28. वि अन्याय के हवरुद्ध आवाज उठाने
की सामर्थ्थ िखिी र्ी
11. संस्मिण
29. िजनी
12. ढाई साि
30. पटकर्ा
13. कािफूि
31. मािी
14. पर्े ि पां चािी
32. िास्य व्यं ग्य
15. सत्यहजि िाय
33. ओस
16. व्यं ग्य
34. कहव
17. बािमु कुंद गुप्त
35. कल्चिि
18. कोसी का घटवाि
36. जवािििाि ने िरू
19. हदिोदाहनि
37. पां चवां
20. 13
21. 1932 38.(ब) हिवेदी युग

22. पिि सम्मान 39.(ब) आचायथ िामचंद्र िु क्ल

23. नौकि 40.(स) 6

24. हििोक हसंि का 41.(अ) श्री चंद्रगुप्त हवद्यािं काि

ररि स्थान

1. पूहणथमा 11. िुनकी

2. िक्ष्मी 12. छः

3. भाििेंदु युग 13. सुबीि बनजी

4. भाििेंदु िरिश्चं द्र 14. हविास हगिे

5. िु क्ल युग 15. िाडथ कजथन

6. हमयां बिकि 16. पिकारििा

7. हनट्ठल्ला 17. हिविं भु के हचट्ठे

8. बां ग्ला 18. करुणोत्पादक

9. उपन्यास 19. िमे ि

10. नानबाइयों के 20. मोिन

42

Page 53

21. िोिाि 30. उिि -पहश्चम

22. िहव 31. 1989

23. कुसी 32. बाि हदवस

24. पटकर्ा 33.संस्मिण

25. व्यवसाय 34.संस्मिण

26. कृश्नचंदि 35. मुख्य

27.दाज्यू 36. दृश्य

28. प्रगहििीि िेखक संघ 37. एकां की

29. संस्कृि

सिी जोडी बनाकर वलक्तखए -

1 भाििेंदु िरिश्चं द्र 2 मन्नू भं डािी 3 प्रिाप नािायण हमश्र 4 कायाकल् 5 सूयथकां ि हिपाठी 'हनिािा'
6 माखन िाि चिुवेदी 7 कृष्णा सोबिी

एक वाक्य में उत्तर ---

1. धन से। 16. िोिािी।

2. अपनी संपूणथ संपहि का स्र्ाई मैनेजि। 17. मास्टि हििोक हसंि।

3. प्रेमचंद। 18. हमजाथ गाहिब।

4. धमथ की/सत्य की। 19. ट्यूिन िै केट।

5. यर्ार्थ वादी । 20. सािवीं किा।

6. नानबाई । 21. सीक्रेहटएट के िॉन में।

7. हमयां नसीरुद्दीन का। 22. जिसे में हकसानों से।

8. श्रीहनवास। 23. प्रेमचंद ।

9. सवथजया । 24. 1903 ।

10. बािमु कुंद गुप्त। 25. मिावीि प्रसाद हिवेदी।

11. अनक्तस्र्ििा। 26. भाििेंदु िरिश्चं द्र।

12. बािमु कुंद गुप्त। 27. भाििेंदु युग ।

13. बािमु कुंद गुप्त। 28. आचायथ िजािी प्रसाद हिवेदी।

14. किानी। 29. गासाथ द िासी

15. िखनऊ। 30.पिीिा गुरु

43

Page 54

31.जीवनी

32. आचायथ िामचंद्र िु क्ल

सत्य /असत्य

1. असत्य 17 . सत्य

2. असत्य 18. सत्य

3. सत्य 19. सत्य

4. सत्य 20. सत्य

5. सत्य 21.असत्य

6. असत्य 22.सत्य

7. सत्य 23. सत्य

8. सत्य 24. सत्य

9. सत्य 25. सत्य

10. असत्य 26. सत्य

11. सत्य 27.सत्य

12. सत्य 28.सत्य

13. सत्य 29.सत्य

14. सत्य 30.सत्य

15. सत्य 31.असत्य

16. सत्य

इकाई – 4
िाषा – बोध
सिी ववकल्प-

1- ब अत्यं ि खु ि िोना 6-अ, परिमाणवाचक हक्रयाहविे षण

2 - स जु बान का पक्का िोना 7-अ हनपाि

3-(अ) पौ बािि िोना 8-स कवहयिी

4-द- आठ प्रकाि 9 - अ प्रदिथ नी

5-अ िीहिवाचक हक्रया हविे षण 10-स खे ि

44

Page 55

11-अ समानार्थ क िब्द यु ग्म 14- अ हवहध वाचक वाक्य

12-अ हनिर्थ क िब्द यु ग्म 15-स मंदसौि

13 -अ सं युि वाक्य 16-ब ?

ररि स्थान -

1-ित्सम 2 - हवपिीिार्थ क ३- संयुि 4-संकेिवाचक 5-संकेिवाचक 6- िाजभाषा 7- संयुि 8
- मु िाविा 9- िोकोक्ति 10-िे िीय 11-3 12- भाषा 13- एकहििाई 14- िद्भव 15-उपिब्ध
16-आश्वस्त 17-हवदे िी

सिी जोडी-

i 1-घ 2-ड 3-ग 4- ख 5- क

ii. 1-घ 2-ड 3-ग 4-ख 5-क

iii. 1-ख 2-घ 3-ब 4- ग 5-क

iv. 1-ग 2-क 3-ख 4-ड 5-घ

v. 1-घ 2-ड 3-ख 4-ग 5-क

एक वाक्य में उत्तर वलक्तखए-

1-पौ-बािि, फूिे न समाना

2-हकसी हवषय से सम्बक्तन्धि िब्द हजनका प्रयोग मुख्य रूप से उस हवषय की चचाथ में िोिा िै ।

3- जब दो िब्दों को जोड़े के रूप में प्रयोग हकया जािा िै ।

4-घि-घि

5- िब्दों का दो या दो से अहधक पदो के सार्थ क समू ि को वाक्य कििे िैं ।

6- िुम्हे सफििा हमिे ।

7 - उस वस्तु पि क्या ऑफि िै ।

8 - सिकािी कामकाज या प्रिासहनक कायथ की भाषा को िाजभाषा कििे िै ।

9-िािरीय स्ति पि स्वीकाि हवहभन्न िाज्यों में अपनाई जाने समृद्ध भाषा िािर भाषा कििािी िै ।इसमें
िािर की संस्कृहि साहित्य िर्ा ऐहििाहसक ित्वों का समावेि िोिा िै । 12- नीिहध, पयोहध,
अणथव,

13 -हकसी हवषयवस्तु को एक हििाई भाग में व्यि किना ।

14- हजनिब्दो से हक्रया की हविे षिा का बोध िोिा िै ।

15-. बोिी बहुि छोटे िे ि में बोिी जािीिै ।

16 - बोिी का अधथ हवकहसि रूप हजसमे साहित्य िचा जाने िगे उसे हवभाषा कििे िैं ।

45

Page 56

17- जो िब्द के अर्थ पि बि दे ने के हिए प्रयोग िो उसे हनपाि कििे िैं ।

18- उपसगथ आगे िगकि िब्द का अर्थ बदि जािािै औि प्रत्यय िब्द के पीछे िगने से िब्द
का अर्थ बदि जािा िै।

19- मु िाविे का प्रयोग बीच में िोिा िे िोकोक्ति िो पूणथ वाक्यां ि िोिा िै ।

20- आप भी आ गये ।

सत्य / असत्य -1- सत्य 2-सत्य 3-असत्य 4-सत्य 5-सत्य 6-सत्य 7-असत्य8-सत्य 9- असत्य
10-सत्य 11-सत्य 12-असत्य 13-असत्य 14-सत्य 15-असत्य 16-असत्य 17-सत्य 18-असत्य
19 -असत्य 20- सत्य 21- सत्य 22- सत्य

इकाई - 5

ववतान िाग - 1

सिी ववकल्प

1. दीनानार् मं गेिकि 6. खीप

2. हनमथ ििा 7. वीणा

3. बसोिी से 8. जयदे व

4. चेजािो 9. हििक

5. पािािपानी 10. हमहर्िा

ररि स्थान

1. िीन 6. सुनीि

2. िीन 7. छठी सािवीं िक

3. चंचििा 8. गुप्त

4. चेजा 9. आं ध्र प्रदे ि

5. पाििपानी 10. िोक नृ त्य

सिी जोडी

1. ििा मं गेिकि 8. गुजिाि

2. अनु पम हमश्र 9. असम

3. बेबी िािदाि 10. झािखण्ड

4. हसिाि वादक 11. िहमिनाडु

5. िब्दकोि 12. केिि

6. िाजस्र्ान 13. हगरिजा

7. मिािािर 14. ब्रह्म मु हिथ

46

Page 57

15. दोपिि

एक वाक्य में उत्तर -

1. ििा जी की िोकहप्रयिा का मु ख्य ममथ गानपन िै।

2. ििा मं गेिकि से पििे हचिपट संगीि में नू िजिां का बोिबािा र्ा।

3. धिािि से नीचे उििा िेहकन पािाि में न हमि पाया पानी िे जानी पानी िै।

4. कई की हचनाई किने को सबसे उम्दा िकड़ी अिणी की िै ।

5. आिो आं धारि का अर्थ अंधेिे का उजािा िै ।

6. िािि ने आमाि मे येबेिा पुस्तक पढने को दी।

7. बेबी िािदाि का घि टू टने के बाद िािि ने आश्रय हदया।

8. पाक्तखि खााँ चा खाहचि पाक्तख आिापूणाथ दे वी की िचना िै ।

9. िै ि हचिों को सबसे प्राचीन हचि माना जािा िै।

10. किमकािी आं ध्र प्रदे ि औि छिीसगढ की हचिकािी िै ।

11. सािवीं - आठवीं सदी में एिोिा की गुफाएं िैयाि की गई।

12. भाििीय संगीि सुििाि िाग औि काि से संबंध िै ।

13. वीणा भािि का प्राचीन मुख्य वाद्य यंि िै।

14. नागमे न औि हकन्नौिी हिमाचि प्रदे ि के िोक नृ त्य िै ।

15. कौहिक औि हिं डोिा िाग़ िाहि में गाए जािे िैं।

सत्य - असत्य

1. सत्य

2. सत्य

3. असत्य

4. असत्य

5. सत्य

6. सत्य

7. सत्य

8. असत्य

9. सत्य

10. असत्य

11. असत्य

47

Page 58

12. सत्य

13. असत्य

14. असत्य

15. सत्य

इकाई – 6, अविव्यक्ति और माध्यम

उििमािा -

सिी ववकल्प -

उिि - 1.स 2. ब 3. स 4.अ 5.ब 6.ब 7.ब 8. स 9.द
10.अ

ररि स्थान -

उिि- 1.चि 2.िोि 3. मास कॉम्यु हनकेिन 4.दे वहषथ नािद 5.उदं ि मािंड 6. पंहडि जु गि
हकिोि िु क्ल 7.िििचंद्र चट्टोपाध्याय 8.फ्लै िबैक 9. फीडबैक 10. बाद

एक वाक्य में उत्तर -

उिि - 1.1 अप्रेि 1976 2. र्ॉमस अल्वा एडीसन 3.िाजा िरिश्चं द्र 4.
आिम आिा 5. सत्यहजि िाय 6.खोजी पिकारििा का नया रूप 7. हकसी हटप्पणी
की अनु िंसा किना अर्ाथ ि अपनी सिमहि या असिमहि दे ना 8.स्मिण पि 9. पैिों में
पंख बां धकि 10. नोहटं ग

सत्य या असत्य -

उिि - 1.असत्य 2. सत्य 3. असत्य 4. सत्य 5. सत्य 6. सत्य
7. असत्य 8. सत्य 9. सत्य 10. असत्य

वविेष िीप –

 विक्षक स्वयं िी उत्तरमाला की जााँच करते हुए ववद्यावथभयों को अभ्यास
कराएाँ |

 ववषय विक्षक द्वारा काव्यबोध एवं िाषा बोध इकाइयों में प्रश्नबैं क में वदए
प्रश्नों एवं उदािरणों के अवतररि अन्य प्रश्नों एवं उदािरणों का िी अभ्यास
कराया जाए |

48

Page 59

49

Document Details

Board / OrgAglasem
ExamClass 11
TypeQuestion Bank
Pages59
Languagehindi
Updated20 Sep 2026