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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (अर्थशास्त्र) Chapter 1 विकास

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (अर्थशास्त्र) Chapter 1 विकास - Page 1 of 8

About NCERT Solutions for Class 10 Social Science (अर्थशास्त्र) Chapter 1 विकास

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Frequently Asked Questions

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NCERT Solutions for Class 10 Social Science (अर्थशास्त्र) Chapter 1 विकास – Text

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Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th

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Book : Aarthik Vikas Ki Samajh Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Economics

Class : 10th

Subject : अथशा

Chapter : 1

Chapter Name : वकास

Q1 सामा यतः कसी दे श का वकास कस आधार पर नधा रत कया जा सकता है -

(क) त यि त आय

(ख) औसत सा रता तर

(ग) लोग क वा यि थत

(घ) उपरो त सभी

Answer. (क) उपरो त सभी

Page : 16, Block Name: अ यास

Q2 न न ल खत पड़ोसी दे श म से मानव वकास के लहाज से कस दे श क ि थ त भारत से बेहतर है
-

(क)बां लादे श

(ख) ीलंका

(ग) नेपाल

(घ) पा क तान

Answer. (ख) ीलंका

Page : 16, Block Name: अ यास

Q3 मान ल िजए क एक दे श म 4 प रवार ह | इन प रवार क त यि त आय 5,000 है | अगर 3
प रवार क आय मशः 4,000, 7,000 और 3,000 पए है , तो चौथे प रवार क आय या है ?

(क) 7,500 पये

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Book : Aarthik Vikas Ki Samajh Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Economics

(ख) 3,000 पये

(ग) 2,000 पये

(घ) 6,000 पये

Answer. – (घ) 6000

Page : 16, Block Name: अ यास

Q4 व व बक व भ न वग का वग करण करने के लए कस मापदं ड का योग करता है ? इस मापदं ड
क , अगर कोई है , तो सीमाएँ या है ?

Answer. व व बक वारा व भ न दे श को वग कृत करने म उपयोग क जाने वाल मु य कसौट
कसी दे श के यि त क त यि त आय या औसत आय है ।

इस मापदं ड क सीमाएं: यह हम इस बारे म नह ं बताता है क यि तगत दे श म लोग के बीच यह
औसत आय कैसे वत रत क जाती है । आय वतरण के संबंध म त यि त आय वाले दो दे श बहुत
भ न हो सकते ह। एक के पास आय का समान वतरण हो सकता है , जब क दस ू रे म अमीर और गर ब
के बीच बड़ी असमानताएँ हो सकती ह।

रा य आय वग करण का अ छा मापदं ड नह ं है |

Page: 16, Block Name: अ यास

Q5 वकास मापने का य.ू एन. डी. पी. का मापद ड कन पहलओ
ु ं म व व बक के मापद ड से अलग है
?

Answer. वकास को मापने के लए य.ू एन. डी. पी वारा उपयोग क जाने वाल कसौट , व व बक
वारा इस अथ म उपयोग कए जाने वाले से अलग है क यह

(i) वा य - वा य वकास मापने का एक मह वपण ू मापदं ड है | िजस दे श के लोग क औसतन
जीवन याशा यादा हो उससे यादा वक सत माना जाएगा |

(ii) श ा- कसी दे श के शै क तर को दे ख के उसके वकास का अंदाजा लगाया जा सकता है |

(iii) आय- त- यि त आय का इ तेमाल करके यह अंदाजा लगाया जा सकता है क उस दे श म जीवन
तर या होगा| अतः यह वकास मापने के लए एक मह वपणू मापदं ड हो सकता है |

य.ू एन. डी. पी इन कारक के संयोजन को वकास के संकेतक के प म उपयोग करता है । यह केवल त
यि त आय पर नभर नह ं करता है , जैसा क व व बक के मामले म है ।

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Book : Aarthik Vikas Ki Samajh Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Economics

Page: 16, Block Name: अ यास

Q6 हम औसत का योग य करते ह? इनके योग करने क या कोई सीमाएँ है ? वकास से जड़
ु े
अपने उदाहरण दे कर प ट क िजए |

Answer. हम औसत का उपयोग करते ह य क वे एक ह ेणी के अलग-अलग मा ा क तल ु ना करने
के लए उपयोगी ह। उदाहरण के लए, कसी दे श क त यि त आय क गणना करने के लए, औसत
का उपयोग करना होगा य क व वध लोग क आय म अंतर ह। हालां क, औसत के उपयोग क सीमाएं
ह। भले ह वे तल
ु ना के लए उपयोगी ह , ले कन वे असमानताओं को भी छपा सकते ह।

उदाहरण के लए, कसी दे श क शशु म ृ यु दर उस दे श म पैदा हुए पु ष और म हला शशओ
ु ं के बीच
अंतर नह ं करती है । इस तरह का एक औसत हम इस बारे म कुछ नह ं बताता है क एक क उ से पहले
मरने वाले ब च क सं या यादातर लड़के या लड़ कयाँ ह।

Page: 16 , Block Name: अ यास

Q7 त यि त आय कम होने पर भी केरल का मानव वकास मांक ह रयाणा से ऊँचा है | इस लए
त यि त आय एक उपयोगी मापदं ड बलकुल नह ं है और रा य क तल
ु ना के लए इसका योग नह ं
करना चा हए | या आप सहमत ह? चचा क िजए |

Answer. केरल, त यि त कम आय के साथ ह रयाणा से बेहतर मानव वकास मांक है । हालां क,
यह कहना गलत होगा क त यि त आय एक उपयोगी मापदं ड नह ं है । त यि त आय नि चत
प से एकमा मापदं ड नह ं है और इसक अपनी सीमाएं ह। ले कन इसका मतलब यह नह ं है क यह
ब कुल उपयोगी नह ं है । इस औसत क कमी का मक ु ाबला करने के लए, मानव वकास सच
ू कांक का
उपयोग कया जाता है । मानव वकास सच ू कांक तल
ु ना के लए वकास कारक (जैसे वा य, श ा,
आय) के संयोजन का उपयोग करता है । साथ ह , त यि त आय रा य के मनी इंडे स क तल ु ना के
लए उपयोगी है । इस कार, त यि त आय वकास कारक म से एक है , और इसे दरू नह ं कया जा
सकता है ।

Page: 16, Block Name: अ यास

Q8 भारत के लोग वारा ऊजा के कन ोत का योग कया जाता है ? ात क िजए | अब से 50 वष
बाद या संभावनाएँ सकती ह?

Answer. ऊजा के वतमान ोत जो भारत के लोग वारा उपयोग कए जाते ह, वे ह

(i) बजल - बजल का उपयोग बहुत फैला हुआ है | इसके सहारे तरह तरह के यं काम करते है , साथ
ह काश के लए इ तेमाल कए जाने वाले ब ब भी इसके सहारे चलते है |

(ii) कोयला- कोयले का इ तेमाल मु य प से धन के लए कया जाता है |कोयले का उपयोग वा प
इंजन म और उ योग म क चे माल के प म होता है |

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Book : Aarthik Vikas Ki Samajh Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Economics

(iii) क चा तेल - क चे तेल का सबसे बड़ा ह सा ऊजा वाहक के लए उपयोग कया जाता है िजसे
गैसोल न, जेट धन, डीजल और ह टंग तेल म जोड़ा जा सकता है ।

(v) सौर ऊजा - इसका इ तेमाल अभी बजल बनाने के लए मु य प से कया जा रहा है | सरू ज क
ऊजा का इ तेमाल रौशनी पैदा करने और ह टंग के उ दे य से कया जाता है |

अब से पचास साल बाद अ य संभावनाओं म, इथेनॉल, बायो-डीजल, परमाणु ऊजा और पवन ऊजा का
बेहतर उपयोग शा मल हो सकता है | ऊजा के अनवीकरणीय ोत एक बार योग करने पर समा त हो
जाते है | य द हम इन संसाधन को बचाना है तो नवीकरणीय संसाधन का उपयोग बढ़ाना होगा |

Page: 17, Block Name: अ यास

Q9 धारणीयता का वषय वकास के लए य मह वपण
ू है ?

Answer. वकास के लए धारणीयता का मु दा मह वपण ू है य क वकास भ व य के साथ मलकर
होना चा हए। य द ाकृ तक संसाधन का रखरखाव नह ं कया जाता है , तो एक समय के बाद वकास
क जाएगा। अनै तक प से संसाधन का शोषण अंततः उस वकास को पव ू वत कर दे गा जो कसी दे श
ने हा सल कया हो। ऐसा इस लए है य क भ व य म, वे संसाधन आगे क ग त के लए उपल ध नह ं
ह गे।

Page: 17 , Block Name: अ यास

Q10 धरती के पास सब लोग क आव यकताओं को परू ा करने के लए पया त संसाधन है , ले कन एक
भी यि त के लालच को परू ा करने के लए पया त संसाधन नह ं ह | यह कथन वकास क चचा म कैसे
ासं गक है ? चचा क िजए |

Answer. धरती के पास सभी क ज़ रत को परू ा करने के लए पया त संसाधन ह ले कन एक यि त
के लालच को परू ा करने के लए पया त नह ं है । यह कथन वकास क चचा के लए ासं गक है य क
संसाधन और वकास दोन हाथ से जाते ह। वकास क ि थरता के लए, संसाधन का रखरखाव भी
मह वपण ू है । जैसा क कथन का दावा है , भारत के पास पया त संसाधन ह- नवीकरणीय और
गैर-नवीकरणीय- सभी क ज़ रत को परू ा करने के लए; हालाँ क, इनका उपयोग पयावरण को संर त
और व छ रखने क ि ट से कया जाना चा हए ता क उ पादन और उपयोग का संतल ु न बना रहे , और
कमी से बचा जा सके।

Page: 17 , Block Name: अ यास

Q11 पयावरण म गरावट के कुछ ऐसे उदाहरण क सच
ू ी बनाइए जो आपने अपने आसपास दे खे ह |

Answer. पयावरणीय गरावट व भ न तर क से कट होती है ।

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(i) जल दष ू ण - न दय ,झील म कारख़ान से नकलने वाले गंदे पानी, कूड़ा-कचरा मलने से जल
दषू ण होता है | गंदगी से जल म ऑ सीजन क कमी हो जाती है िजससे जल य जीव िज दा नह ं रह
पाते |

(ii) वायु दष
ू ण - ऑटोमोबाइल से अ य धक वायु दष
ू ण होता है | ओज़ोन परत म छे द भी वायु दष
ू ण
क वजह से होता है | जीवा म धन जलाने से नकलने वाले धएु ँ से वायु द ू षत होती है |

(iii) भू म दष
ू ण - भू म पर कचरा फकने से म ट का रण है और भज
ू ल का तर गरता है |

Page: 17 , Block Name: अ यास

Q12 ता लका 1.6 म द गयी येक मद के लए ात क िजए क कौन-सा दे श सबसे ऊपर है और
कौन-सा सबसे नीचे |

ता लका 1.6 - वष 2017 के लए भारत और उसके पड़ोसी दे श के कुछ आँकड़े

दे श सकल रा य ज म के व यालयी व व म मानव
आय त यि त समय औसत आयु 25 वकास सचू कांक
अमे रक डॉलर म संभा वत वष या उसके (HDI) का मांक
(2011 य आयु (2017) अ धक (2017) (2016)
श कत मता )

ीलंका 11,326 75. 10.9 76
5
भारत 6,353 6.4 130
68.8
यांमार 5,567 4.9 148
66.
पा क तान 5,331 7 5.2 150

नेपाल 2,471 66. 4.9 149
6
बां लादे श 3,677 5.8 136

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70.
6

72.
8

Answer.

(i) यए
ू सम त यि त आय $: शीष दे श - ीलंका; नचला दे श - नेपाल

(ii)ज म के समय संभा वत आयु : शीष दे श - ीलंका; नचला दे श - पा क तान

(iii) व यालयी औसत आयु 25 वष या उसके अ धक : शीष दे श - ीलंका; नचला दे श - नेपाल , यांमार

(iv) द ु नया म HDI रक: शीष दे श - ीलंका; नचला दे श – नेपाल

Page: 17,Block Name: ता लका दे ख कर उ र दे

Q13 नीचे द गयी ता लका म भारत म वय क ( 15-49 वष आयु वाले ) िजनका बी.एम.आई. सामा य
से कम है (बी.एम.आई.<18.5kg/m2) का अनप
ु ात दखाया गया है | यह वष 2015-16 म दे श के
व भ न रा य के एक सव ण पर आधा रत है | ता लका का अ यनन करके न न ल खत नो का
उ र द िजए |

रा य पु ष (%) म हला (%)

केरल 8.5 10

कनाटक 17 21

म य दे श 28 28

सभी रा य 20 23

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Book : Aarthik Vikas Ki Samajh Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Economics

(क) केरल और म य दे श के लोग के पोषण तर क तल
ु ना क िजए |

(ख) या आप अंदाज़ लगा सकते ह क दे श म लगभग हर पांच म से एक यि त अ पपो षत य है ,
य य प यह तक दया जाता है क दे श म पया त खा य है ? अपने श द म ववरण द िजये|

Answer.

(क) केरल और म य दे श के लोग का पोषण तर अलग-अलग है । जहां केरल म मशः 8.5% और
10% पु ष और म हलाएं कमज़ोर ह, वह ं म य दे श मे पु ष और म हला अ पपोषण के संबं धत
तशत 28% और 28% ह। इसका ता पय यह है क केरल म म य दे श क तल ु ना म अ धक अ छ
तरह से लोग का पोषण हुआ है । इसके अलावा, म य दे श के लए अ पपोषण औसत परू े दे श के लए
अ धक है , जब क केरल के लए रा य औसत से कम है

(ख) दे श म पया त भोजन क मौजद
ू गी के बावजदू , हर पांचवा भारतीय कुपो षत ह। इसका कारण
भोजन का अ नय मत और यवि थत वतरण है । दे श के कुछ रा य राशन क दक ु ान और सावज नक
वतरण णाल (पी.डी.एस) के अ य प को सच ु ा प से चलाना सु नि चत करते ह। यह सु नि चत
करता है क कसी को भी भोजन के बना नह ं जाना है , वशेष प से गर ब के लए िजनके लए राशन
क दकु ान रयायती दर पर खा या न दान करती ह। हालां क, अ धक नयात और असंगत खा य
आपू त के कारण आम भारतीय लोग कमज़ोर ह।

Page : 17,Block Name: ता लका दे ख कर उ र दे

अ त र त प रयोजना / कायकलाप

अपने े के वकास के वषय म चचा के लए तीन भ न व ताओं को आमं त क िजए | अपने
मि त क म आने वाले सभी न को उनसे पू छए | इन वचार क समह ू म चचा क िजए | येक
समहू एक द वार-चाट बनाए िजसम कारण स हत उन वचार का उ लेख करे , िजनसे आप सहमत
अथवा असहमत ह |

Answer - छा वयं कर |

Page : 17,Block Name: अ त र त प रयोजना / कायकलाप

Page 7 of 7

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 10
TypeSolution
Pages8
Languagehindi
Updated11 Aug 2026