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2026
SAMPLE / MODEL
PAPERS
NCERT BASED
PRACTICE PAPERS
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वा षक पर ा अ यास न-प
स : 2025-26, क ा: 9
वषय: हंद ( वषय कोड – 002)
अव ध : 3 घंटे अ धकतम अंक : 80
सामा य नदश :
न न ल खत नदश को पढ़कर उनका पालन क िजए :
इस न प म कुल चार खंड ह- क, ख, ग और घ।
इस न प म कुल 15 न ह। सभी न अ नवाय ह।
न म आंत रक वक प दए गए ह।
न के उ र दए गए नदश का पालन करते हुए ल खए।
खंड-क (अप ठत बोध)
न 1. न न ल खत ग यांश को यानपूवक पढ़कर दए गए न के उ र ल खए:
आज भी नशा समु के कनारे भाग-भागकर आती-जाती लहर के साथ शंख और सी पयाँ बीन रह थी। कभी
कोई लहर जब कसी मछल को भी वहाँ छोड़ जाती तो नशा उसे उठाकर वापस पानी म फक दे ती। उसका
तड़पना उससे दे खा नह ं जाता था। यह म बहुत दे र से जार था। अब धप
ू काफ तेज़ हो गई थी। दाद जी
दरू बैठ नशा क यह भाग-दौड़ दे ख रह थीं। जब उ ह ने दे खा क नशा वापस आने का नाम ह नह ं ले
रह तो उ ह ने उठते हुए उसे आवाज़ द , “ नशा बेटे ! चलो, बहुत दे र हो रह है ।” नशा पर अभी भी उनक
आवाज़ का कोई असर नह ं हुआ था और वह पहले क तरह भागते हुए कभी कुछ उठाती तो कभी लहर के
साथ खेलते हुए दरू चल जाती। दाद जी ने पास जाकर उसका हाथ पकड़ा और जबरद ती खींचती हुई गाड़ी
क ओर बढ़ ं। “ नशा, बहुत दे र हो चुक है । तु हार माँ इंतजार कर रह ह गी। फर वह गु सा करगी।” “तो
या हुआ?” नशा ने मह
ुँ फुलाकर कहा और आगे बढ़कर गाड़ी का दरवाज़ा खोलने लगी। “ऐसा नह ं कहते
बेटे,” दाद जी भी नशा के पीछे -पीछे गाड़ी म बैठती हुई बोल ं। नशा का मन अभी भी कह ं दरू सागर म
डूबा था। दाद जी ने यार से उसका कंधा थपथपाया, “सागर कह ं भागा थोड़े ह जा रहा है । अगले इतवार
को फर आएँगे। तब जी भरकर खेलना।” “आप खेलने कहाँ दे ती ह, बस हर बार यह कहकर वापस ले जाती
ह क अगल बार जी भरकर खेलना,” नशा ने गु सा जताया।
(क) नशा मछ लय को वापस पानी म य फक दे ती थी? (1)
(i) उसे मछ लयाँ अ छ नह ं लगती थीं
(ii) उ ह अपने साथ ले जाना नह ं चाहती थी
(iii) उनका तड़पना उससे दे खा नह ं जाता था
(iv) दाद जी ने उसे ऐसा करने को कहा था
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(ख) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए: (1)
कथन : नशा का मन समु क लहर और खेल से पूर तरह ऊब चुका था।
कारण : उसे समु तट क सुंदरता और कृ त के साथ समय बताना बहुत पसंद था।
वक प -
(i) कथन सह है ले कन कारण कथन क सह या या नह ं हैl
(ii) कथन गलत है ले कन कारण सह है l
(iii) कथन सह है और कारण, कथन क सह या या हैl
(iv) कथन और कारण दोन गलत ह l
(ग) ग यांश के अनुसार नशा के यि त व म कौन-सी वशेषताएँ झलकती ह? (1)
(I) कृ त से ेम करने वाल
(II) जीव पर दया करने वाल
(III) जीव पर हंसा करने वाल
(IV) सागर से घण
ृ ा करने वाल
वक प –
(i) कथन I और II सह ह।
(ii) कथन II और III सह ह।
(iii) कथन III और IV सह ह।
(iv) कथन I और IV सह ह।
(घ) ग यांश के अनुसार नशा के गु सा करने के या कारण थे? (2)
(ङ) ग यांश म “ नशा का मन अभी भी कह ं दरू सागर म डूबा था”— इस वा य से या अ भ ाय है ?
(2)
न 2. न न ल खत का यांश को यानपूवक पढ़कर दए गए न के उ र ल खए:
िजसे सूझ कर भी नह ं सूझ पाता
नह ं बात बगड़ी हुई जो बनाता।
फसल कर सँभलना िजसे है न आता
नह ं पाँव उखड़ा हुआ जो जमाता।
पड़ेगा उसके सुख पर य न ताला
सदा ह सहे गा न वह य कसाला (दख
ु )।
रँगा जो नह ं रं गत म समय क
नह ं राह काँट भर िजसने तय क ।
बहुत है कँपाती िजसे बात भय क
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नह ं तान िजसने सन
ु ी नी त नय क ।
गला फर य न उसका फँसेगा
उजड़ता हुआ घर न उसका बसेगा।
नह ं दे खता जो क या हो रहा है
न अब भी जगा, जो पड़ा सो रहा है ।
बुरे बीज, अपने लए बो रहा है
बचा मान जो दन-ब- दन खो रहा है ।
भला ठोकर खाएगा वह न कैसे
रसातल चला, जाएगा वह न कैसे।
(क) क वता के अनस
ु ार कैसा यि त जीवन म असफल होता है? (1)
(i) जो समय पर सह नणय लेता है
(ii) जो समय के साथ नह ं बदलता है
(iii) जो गरकर संभलना जानता है
(iv) जो डरपोक और आलसी नह ं है
(ख) का यांश म ‘बरु े बीज अपने लए बो रहा है’ पंि त से क व का या अ भ ाय है? (1)
(i) यि त बुरे बीज से खेती करता है
(ii) यि त बीज को पहचानता नह ं है
(iii) यि त दस
ू र क बात म आ जाता है
(iv) यि त अपने ह वनाश का कारण है
(ग) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए: (1)
कथन : क व ने नि य और भयभीत यि त क आलोचना क है।
कारण : ऐसा यि त समय के साथ चलने और प रि थ तय से जूझने म असमथ होता है।
वक प -
(i) कथन सह है ले कन कारण कथन क सह या या नह ं हैl
(ii) कथन गलत है ले कन कारण सह है l
(iii) कथन सह है और कारण, कथन क सह या या हैl
(iv) कथन और कारण दोन गलत ह l
(घ) का यांश म क व ने जाग कता और कमशीलता को य आव यक बताया है ? (2)
( ) का यांश म ‘सुख’ और ‘दख
ु (कसाला)’ के बीच या संबंध बताया गया है? (2)
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खंड- ख ( यावहा रक याकरण)
3. नदशानस
ु ार ‘उपसग- यय’ पर आधा रत दए गए पाँच न म से क ह ं चार न के उ र ल खए-
(4x1=4)
(क) ‘ नर्’ उपसग से यु त एक श द ल खए।
(ख) ‘ योगशाला’ श द म न हत उपसग ल खए।
(ग) ‘जहर ला’ श द म न हत यय ल खए।
(घ) ‘आवट’ यय से यु त एक श द ल खए।
(ङ) ‘कड़वाहट’ श द म यु त मूल श द ल खए।
4. नदशानुसार ‘समास’ पर आधा रत दए गए पाँच न म से क ह ं चार न के उ र ल खए-
(4x1=4)
(क) ‘दे श के लए भि त’ समास व ह के लए सम त पद ल खए।
(ख) ‘ तवष’ श द म यु त समास का भेद ल खए।
(ग) ‘कालापानी’ श द म न हत समास का भेद ल खए।
(घ) ‘नवर न’ सम त पद का व ह ल खए।
(ङ) बहु ी ह समास का एक उदाहरण ल खए।
5. नदशानुसार ‘अथ क ि ट से वा य भेद’ पर आधा रत दए गए पाँच न म से क ह ं चार न के
उ र ल खए- (4x1=4)
(क) शायद तुमने ठोकर मारकर जूता फाड़ लया। ( नवाचक वा य म बद लए)
(ख) क ल पो का रा ता खुला नह ं था। ( वधानवाचक वा य म बद लए)
(ग) या होर का गोदान हो गया? (संदेहवाचक वा य म बद लए)
(घ) झूर बैल को दे खकर नेह से ग ग हो गया। ( नषेधवाचक वा य म बद लए)
(ङ) जब दोहर मार पड़ेगी तो भाग खड़ा होगा। (वा य का भेद ल खए)
6. नदशानस
ु ार ‘अलंकार’ पर आधा रत न न ल खत पाँच न म से क ह ं चार न क रे खां कत का य
पंि तय म अलंकार पहचान कर ल खए: (4x1=4)
(क) ज मभू म म ह सकल सुख सुषमा समवेत।
(ख) पूर हुई लालसा माँ क , दे ख लाल-सा लाल।
(ग) तर न तनूजा तट तमाल त वर बहु छाए।
(घ) बरस रहा बादल से जल, फर भी दय मेरा जल रहा।
(ङ) सुबरन को ढूँढत फरत क व, य भचार , चोर।
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खंड-ग (पा य पु तक एवं परू क पा य पु तक)
7. न न ल खत प ठत ग यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक उपयु त उ र वाले वक प
चुनकर ल खए- (5x1=5)
अपने प रवार म म कई पी ढ़य के बाद उ प न हुई। मेरे प रवार म ायः दो सौ वष तक कोई लड़क थी ह
नह ं। सुना है, उसके पहले लड़ कय को पैदा होते ह परमधाम भेज दे ते थे। फर मेरे बाबा ने बहुत दग
ु ा पूजा
क । हमार कुल-दे वी दग
ु ा थीं। म उ प न हुई तो मेर बड़ी खा तर हुई और मुझे वह सब नह ं सहना पड़ा जो
अ य लड़ कय को सहना पड़ता है। प रवार म बाबा फ़ारसी और उद ू जानते थे। पता ने अं ेजी पढ़ थी।
हंद का कोई वातावरण नह ं था। मेर माता जबलपरु से आ तब वे अपने साथ हंद ला । वे पज
ू ा-पाठ भी
बहुत करती थीं। पहले-पहल उ ह ने मुझको 'पंचतं ' पढ़ना सखाया। बाबा कहते थे, इसको हम वदष
ु ी बनाएँगे।
मेरे संबंध म उनका वचार बहुत ऊँचा रहा। इस लए 'पंचतं ' भी पढ़ा मने, सं कृत भी पढ़ । ये अव य चाहते
थे क म उद-फ़ारसी
ू सीख लँ ू, ले कन वह मेरे वश क नह ं थी। मने जब एक दन मौलवी साहब को दे खा तो
बस, दस
ू रे दन म चारपाई के नीचे जा छपी। तब पं डत जी आए सं कृत पढ़ाने। माँ थोड़ी सं कृत जानती
थीं। गीता म उ ह वशेष च थी।
(क) ग यांश के अनुसार ले खका के प रवार के बारे म कौन-सी बात सह ह?
(I) प रवार म दो सौ वष तक कोई लड़क नह ं हुई थी।
(II) प रवार क कुलदे वी दग
ु ा थीं।
(III) प रवार म अं ेज़ी और हंद का समान वातावरण था।
(IV) पता फ़ारसी और उद ू जानते थे।
वक प –
(i) कथन III और IV सह ह।
(ii) कथन II और III सह ह।
(iii) कथन I और IV सह ह।
(iv) कथन I और II सह ह।
(ख) ग यांश म ‘परमधाम भेजने’ का योग कस अथ को य त करने के लए हुआ है ?
(i) तीथया ा पर भेजना
(ii) बाल ववाह करना
(iii) घर से नकालना
(iv) ह या कर दे ना
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(ग) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए:
कथन : ले खका ने उद-फ़ारसी
ू उ साह से सीखी।
कारण : ले खका क उद-फ़ारसी
ू म बहुत च थी।
वक प -
(i) कथन सह है ले कन कारण कथन क सह या या नह ं हैl
(ii) कथन गलत है ले कन कारण सह हैl
(iii) कथन सह है और कारण, कथन क सह या या हैl
(iv) कथन और कारण दोन गलत हl
(घ) ग यांश के अनुसार ले खका क माँ से जुड़ी कौन-सी बात स य ह?
(I) वह जबलपुर से आई थीं
(II) वह थोड़ी उदू जानती थीं
(III) उनक गीता म वशेष च थी
(IV) वह धा मक थीं
वक प –
(i) कथन I और II सह ह।
(ii) कथन II, III और IV सह ह।
(iii) कथन I, II और IV सह ह।
(iv) कथन I,III और IV सह ह।
(ङ) ग यांश के अनुसार ले खका के पता को कौन-सी भाषा आती थी?
(i) सं कृत
(ii) अं ेजी
(iii) उद ू
(iv) फ़ारसी
8. नधा रत ग य पाठ पर आधा रत न न ल खत चार न म से क ह ं तीन न के उ र 25-30 श द
म ल खए: (3X2=6)
(क) ले खका महादे वी वमा, सभ
ु ा जी को चाँद के कटोरे म खीर य नह ं खला पाई?
(ख) पाठ ‘ ेमचंद के फटे जत
ू े’ के आधार पर ह रशंकर परसाई के लेखन क दो वशेषताएँ ल खए।
(ग) पाठ ‘साँवले सपन क याद’ सा लम अल क प य के त चंता को य त करता है । आपके
अनुसार वतमान समय म प य को कन खतर का सामना करना पड़ रहा है?
(घ) पाठ ‘दो बैल क कथा’ से एक उदाहरण दे ते हुए स ध क िजए क ह रा-मोती स चे म थे।
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9. न न ल खत प ठत का यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक उपयु त उ र वाले वक प
चुनकर ल खए: (5X1=5)
ह ती च ढ़ए ान कौ, सहज दल
ु चा डा र।
वान प संसार है, भूँकन दे झख मा र॥
काबा फ र कासी भया, राम हं भया रह म।
मोट चून मैदा भया, बै ठ कबीरा जीम॥
ऊँचे कुल का जन मया, जे करनी ऊँच न होइ।
सुबरन कलस सुरा भरा, साधू नंदा सोइ॥
(क) तुत दोह म संसार क तुलना कससे क गई है?
(i) हाथी से
(ii) मैदे से
(iii) कलश से
(iv) कु े से
(ख) तुत दोह के संदभ म कौन-से कथन स य ह-
(I) ान के लए साधना और संयम आव यक ह।
(II) हंद-ू मुि लम म भेदभाव का वरोध कया गया है।
(III) कुल से यि त क े ठता स ध होती है ।
(IV) सोने के कलश क साधु सदा ह नंदा करते ह।
वक प -
(i) कथन I और II सह ह।
(ii) कथन II और III सह ह।
(iii) कथन III और IV सह ह।
(iv) कथन I और IV सह ह।
(ग) कथन और कारण को पढ़कर उपयु त वक प चु नए:
कथन : कबीर ने राम-रह म क एकता दशाने के लए आटे और मैदे का उदाहरण दया है ।
कारण: आटा और मैदा दोन ह गेहूँ से बनते ह, वैसे ह राम-रह म एक ह ई वर के प ह।
वक प -
(i) कथन सह है ले कन कारण कथन क सह या या नह ं हैl
(ii) कथन गलत है ले कन कारण सह है l
(iii) कथन सह है और कारण, कथन क सह या या हैl
(iv) कथन और कारण दोन गलत हl
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(घ) तुत दोह के अनस
ु ार काबा और काशी या ह?
(i) दो पव के नाम
(ii) दो संत के नाम
(iii) दो तीथ थल के नाम
(iv) दो ाचीन ंथ के नाम
(ङ) तुत दोह के अनुसार यि त क शंसा कस आधार पर होनी चा हए?
(i) कुल
(ii) धन
(iii) कम
(iv) पद
10. नधा रत क वताओं के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन न के उ र 25-30
श द म ल खएl (3X2=6)
(क) य द कसी भी समाज म ब चे काम पर जा रहे ह, तो उस समाज म या क मयाँ व यमान ह?
(ख) क वता ‘मेघ आए’ म मेघ के आने पर पेड़ और तालाब ने या कया?
(ग) क वता ‘ ाम ी’ म व णत गाँव क कोई दो वशेषताएँ ल खए।
(घ) क वता ‘कैद और को कला’ के अनुसार टश राज म कै दय को कस तरह पीड़ा द जाती थी?
11. पूरक पा य पु तक के नधा रत पाठ पर आधा रत न न ल खत तीन न म से क ह ं दो न के
उ र लगभग 50-60 श द म ल खए: (2X4=8)
(क) पाठ ‘इस जल लय म’ सन ् 1949 म गाँव और 1967 म शहर म आई दो बाढ़ का च ण है । अपने
श द म ल खए क दोन ि थ तय म या अंतर था?
(ख) ले खका मद
ृ ल
ु ा गग क बहन रे णु क तरह कसी भी ी का अपनी इ छा से कह ं जाना-आना और
नणय लेने के अ धकार का ी जीवन म या मह व है ?
(ग) या गह
ृ थी को सुचा प से चलाने म ी क उ च श ा बाधक है? पाठ ‘र ढ़ क ह डी’ के
आलोक म तक स हत उ र ल खए।
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खंड-घ (रचना मक लेखन)
न 12. न न ल खत तीन वषय म से कसी एक वषय पर दए गए संकेत- ब दओ
ु ं के आधार पर
लगभग 120 श द म अनु छे द ल खए l (1X6=6)
(क) माँ – याग और नेह क मू त
जीवन क पहल गु
ेम और सुर ा का तीक
माँ के त हमारे कत य
(ख) सोशल मी डया – वरदान या अ भशाप?
जाग कता फैलाना
समय क बबाद
ववेकपूण उपयोग
(ग) पयावरण संर ण और हमार िज मेदार
दष
ू ण
पयावरण संर ण
सरकार और नाग रक क भू मका
13. (क) आप सोहे ल / फ़रज़ाना हl अपने मामा को पर ा म अ छे अंक ा त करने क खुशखबर बताते
हुए लगभग 100 श द म प ल खए। (1X5=5)
अथवा
(ख) आप आरती / अमर ह। आपके शहर म बढ़ती यातायात अ यव था और दघ
ु टनाओं पर यान आक षत
करते हुए दै नक समाचार प के संपादक को लगभग 100 श द म प ल खएl
14. (क) आप हरमन / गरु ीत ह। अपने े म कचरा उठाने क अ नय मतता क शकायत करते हुए नगर
नगम अ धकार को लगभग 100 श द म ई-मेल ल खए। (1X5=5)
अथवा
(ख) दए गए संकेत के आधार पर लगभग 100 श द म एक लघु कथा ल खए-
संकेत: ब चे का हमेशा मोबाइल म य त रहना, पढ़ाई म पीछे होते जाना, घंट ऑनलाइन खेल खेलने क
आदत, माता- पता से बात न करना, सहपा ठय वारा मज़ाक, एहसास होना।
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15.(क) माँ और बेट के बीच आ म नभरता के मह व और लाभ के वषय पर चचा करते हुए लगभग 80
श द म संवाद ल खए। (1x4=4)
अथवा
(ख) आप ए लना / पीटर ह। आप अपने व यालय म व याथ स म त क /के अ य ह। आपके व यालय
म बाढ़ पी ड़त हे तु ‘कपड़े और पु तक दान श वर’ लगाया जा रहा है। योगदान हेतु इ छुक व या थय को
सू चत करते हुए 80 श द म एक सच
ू ना ल खए।