NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) Chapter 6 देशी जनता को सभ्य बनाना राष्ट्र को शिक्षित करना – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH
aglase .co
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Class : 8th
Subject : Social Science
Chapter: 7
Chapter Name: "दे शी जनता" को सभ्य बनाना राष्ट्र को शशशित करना
Q1 शनम्नशिखित के जोड़े बनाएँ :
शिशियम जोन्स अंग्रेज़ी शशिा को प्रोत्साहन
रशिंद्रनाथ टै गोर प्राचीन संस्कृशतयों का सम्मान
टॉमस मैकॉिे गुरु
महात्मा गां धी प्राकृशतक पररिेश में शशिा
पाठशािाएँ अंग्रेज़ी शशिा के शिरुद्ध
शिशियम जोन्स प्राचीन संस्कृशतयों का सम्मान
रशिंद्रनाथ टै गोर गुरु
टॉमस मैकॉिे अंग्रेज़ी शशिा को प्रोत्साहन
महात्मा गां धी अंग्रेज़ी शशिा के शिरुद्ध
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पाठशािाएँ प्राकृशतक पररिेश में शशिा
Page : 92, Block Name : शिर से याद करें
Q2 शनम्नशिखित में से सही या गित बताएँ :
(क) जेम्स शमि प्राच्यिाशदयों के घोर आिोचक थे।
(ि) 1854 के शशिा संबंधी शिस्पैच में इस बात पर ज़ोर शदया गया था शक भारत में उच्च शशिा का माध्यम अंग्रेज़ी
होना चाशहए |
(ग) महात्मा गां धी मानते थे शक सािरता बढाना ही शशिा का सबसे महत्वपूर्ण उद्दे श्य है ।
(घ) रशिंद्रनाथ टै गोर को िगता था शक बच्चों पर सख्त अनुशासन होना चाशहए।
(क) सही
(ि) सही
(ग) गित
(घ) गित
Page : 93, Block Name : शिर से याद करें
Q3 शिशियम जोन्स को भारतीय इशतहास, दशणन और कानून का अध्ययन क्ों ज़रूरी शदिायी दे ता था?
Answer. शिशियम जोन्स कानून के ज्ञाता और एक भाषाशिद थे| उनका मानना था शक भारतीय सभ्यता प्राचीन कि
में अपने िैभि के शशिर पर थी पर बाद में उसका पतन होता गया | भारत को समझने के शिए यहाँ के पशित्र और
क़ानूनी ग्रंथों को समझना जरुरी था | शहं दुओ और मुसिमानों के असिी शिचार ि कानून को समझने के शिए इन
रचनाओं को पढना जरुरी था |
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Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 7 Social Science - History
Q4 जेम्स शमि और टॉमस मैकॉिे ऐसा क्ों सोचते थे शक भारत में यूरोपीय शशिा अशनिायण है ?
Answer. टॉमस मैकॉिे का मानना था शक अंग्रेज़ी के ज्ञान से भारतीयों को दु शनया की श्रेष्ठ कृशतयाँ पढने का अिसर
शमिेगा और भारतीय पशिम शिज्ञान और दशणन के िेत्र में हुए शिकास से अिगत हो पायेंगे | यूरोपीय शशिा के माध्यम
से भारतीयों को व्यापार और िाशर्ज्य के शिस्तार से होने िािे िाभों को समझने और दे श के संसाधनों के शिकास का
महत्व समझने में मदद शमिेगी | यशद भारतीय िोग यूरोपीय जीिन शैिी से अिगत होंगे तो उनकी रुशचयों और
आकां िाओं में भी बदिाि आएगा और िोग यूरोप में बनी चीजों को अपनाना और िरीदना शुरू कर दें गे |
Q5 महात्मा गां धी बच्चों को हस्तकिाएँ क्ों शसिाना चाहते थे?
Answer.महात्मा गां धी का कहना था शक पशिमी शशिा में जीिन अनुभि और व्यािहाररक ज्ञान की उपेिा की जाती
है | शशिा से व्यखि का शदमाग और आत्मा शिकशसत होनी चाशहए | इसके शिए िोगों को हाथ से काम करना पड़ता
है , हुनर सीिना पड़ता है | बच्चों को शुरू से ही कुछ रचने और पैदा करने के शिए तैयार करने हे तु गां धीजी सबसे
पहिे उन्हें हस्तकिाएँ शसिाना चाहते थे |
Q6 महात्मा गां धी ऐसा क्ों सोचते थे शक अंग्रेज़ी शशिा ने भारतीयों को गुिाम बना शिया है?
Answer.महात्मा गां धी पशिमी शशिा के शिरुद्ध थे | उन्हे ं िगता था की भारतीय िोग पशिमी शशिा के प्रभाि में
आकर पशिमी सभ्यता को ही श्रेष्ठ मानने िगे है और अपनी संस्कृशत भूिते जा रहे है | उनके अनुसार अंग्रेज़ी शशिा
भारतीयों को अपनी ही भूशम पर अजनबी बना दे ती है और भारतीय अपनी जनता से जुड़ने के तौर-तरीके भूिकर
पशिमी सभ्यता को अपनाने िगते है | महात्मा गां धी ने यह भी िा शक इस शशिा में शिष भरा है , इसने भारतीयों को
दास बना शदया है |
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