NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) Chapter 2 व्यापर से साम्राज्य तक – Text
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NCERT
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CLASS - 8TH
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Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 2 Social Science - History
Class : 8
Subject : सामाजिक विज्ञान
Chapter : 2
Chapter Name : व्यापार से साम्राज्य तक
Q1 ननम्नलिखित के िोड़े बनाए
दीिानी - भ-ू रािस्ि िसि
ू करने का अधिकार
शेर-ए-मैसूर - टीपू सल्
ु तान
फौिदारी अदाित - फौिदारी अदाित
रानी चेन्नम्मा - ककत्तरू में अँग्रेज़ विरोिी आंदोिन का नेतत्ृ ि ककया
लसपाही - लसपॉय
िॉरे न हे जस्टं ग्स - भारत का पहिा गिननर िनरि
Answer.-
Page : 24 , Block Name : कफर से याद करें
Q2 ररक्त स्थान भरे
(क) बंगाि पर अंग्रेज़़ों की िीत _______ की िंग से शुरू हुई थी।
(ि) है दर अिी और टीपू सुितान ______ के शासक थे।
(ग) डिहौज़ी ने _________ का लसदिांत िागू ककया।
(घ)मराठा ररयासते मुख्य रूप से भारत के _______में जस्थत थी।
Answer.(क) प्िासी
(ि) मैसरू
(ग) वििय नीनत
(घ) दक्षिण पजचचम
Page : 24 , Block Name : कफर से याद करें
Q3 सही या गित बताएँ
(क) मुग़ि साम्राज्य अठारिीं सदी में मिबूत होता गया।
(ि) इंजग्िश ईस्ट इंडडया कंपनी भारत के साथ व्यापार करने िािी एकमात्र यूरोपीय कंपनी थी।
(ग) महारािा रं िीत लसंह पंिाब के रािा थे।
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(घ) अंग्रेज़़ों ने अपने कब्ज़े िािे इिाक़ों में कोई शासकीय बदिाि नहीं ककये।
Answer. (क) गित
(ि) गित
(ग) सही
(घ) गित
Page : 25 , Block Name : कफर से याद करें
Q4 यूरोपीय व्यापाररक कंपननयाँ भारत की तरफ क्य़ों आकवषनत हो रही थी?
Answer. यरू ोपीय व्यापाररक कंपननयाँ भारत की तरफ आकवषनत इसलिए हो रही थी क्य़ोंकक-
→ भारत में ननलमनत बारीक़ सत
ू ी कपड़़ों एिं रे शम के कपड़़ों की यूरोपीय बाज़ाऱों में काफी माँग थी।
→ भारत में मसाि़ों का उत्पादन उस समय के हहसाब से सबसे ज्यादा था और इन मसाि़ों की गण
ु ित्ता बहुत अच्छी
थी जिस ििह से इन मसाि़ों की मांग भी परू े यरू ोपीय िेत्र में थी।
→ िो भी उत्पाद ये यूरोपीय व्यापारी भारत से आयात करते थे उनकी कीमत काफी कम होती थी जिस ििह से िे
व्यापारी उन्ही चीि़ों को यूरोप िे िाकर काफी ज्यादा िाभ के साथ बेचते थे।
Q5 बंगाि के निाब़ों और ईस्ट इंडडया कंपनी के बीच ककन बात़ों पर वििाद थे?
Answer. बंगाि के निाब़ों और ईस्ट इंडडया कंपनी के बीच ननम्न बात़ों पर वििाद थे-
निाब़ों ने कंपनी को व्यापार में कोई भी ररयायत दे ने से मना कर हदया अवपतु िे कंपनी से नज़रानो की माँग करने
िगे।
→ निाब़ों ने कंपनी पर िोिािड़ी के आरोप िगाना शुरू कर हदए और दिीि दी कक कंपनी कक ििह से सरकार के
रािस्ि िसि
ू ी में कमी हो रही थी।
→ िही ईस्ट इंडडया कंपनी भी टै क्स नहीं चुकाना चाह रही थी और कंपनी के अफ़सर निाब़ों को अपमान िनक
धचट्ठी लििने िगे।
→ कंपनी का मानना था कक निाब़ों की बेतक
ु ी शतों से व्यापार तबाह हो रहा है और व्यापार को फिने फुिने के लिए
सरकार को शुल्क िापस िेने ह़ोंगे।
Q6 दीिानी लमिने से ईस्ट इंडडया कंपनी को ककस तरह फायदा पहुँचा ?
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Answer. दीिानी लमिने से ईस्ट इंडडया कंपनी को ननम्न तरह फायदा पहुँचा-
→ दीिानी लमिने से ईस्ट इंडडया कंपनी को बंगाि के विशाि रािस्ि संसािऩों पर ननयंत्रण लमि गया जिससे उनके
सामने निाब़ों की शजक्त कम होने िगी।
→ दीिानी लमिने से कंपनी को अब ब्रिटे न से सब चांदी आयात करके भारतीय उत्पाद़ों को िरीदने की िरुरत नहीं
थी क्य़ोंकक अब कंपनी के पास भारत से होने िािी आमदनी से ही आयात करने के लिए पयानप्त िन मौिद
ू था।
→ दीिानी लमिने के साथ ही कंपनी ने अपनी विस्तारिादी नीनत को शरू
ु ककया और कक़ि़ों और दफ्तऱों का ननमानण
शुरू ककया ।
Q7 ईस्ट इंडडया कंपनी टीपू सुल्तान को ितरा क्य़ों मानती थी?
Answer. ईस्ट इंडडया कंपनी टीपू सुल्तान को ितरा इसलिए मानती थी क्य़ोंकक-
→ मािाबार तट पर होने िािा व्यापार मैसरू ररयासत के अंतगनत आता था और टीपू सि
ु तान िहाँ के शासक थे ।
टीपू सुितान ने 1785 में अपनी ररयासत में पड़ने िािे बंदरगाह़ों से चंदन की िकड़ी ि मसाि़ों के ननयानत पर रोक
िगा दी एिं स्थानीय सौदागऱों को भी कंपनी के साथ कारोबार करने से रोक हदया जिससे कंपनी को काफी नुकसान
हुआ ।
→ मैसूर के शासक टीपू सुल्तान ने फ़्ांसीसी व्यापाररय़ों के साथ भी काफी घननष्ट सम्बन्ि विकलसत ककये िो ईस्ट
इंडडया कंपनी के प्रनतदिंदिी थे और उनसे टीपू सुल्तान ने अपनी सेना का आिुननकीकरण भी करिाया जिससे कंपनी
के अफ़सर घबरा गए।
Q8 "सजब्सडडयरी एिायंस” (सहायक संधि ) व्यिस्था की व्याख्या करें ।
Answer. सहायक संधि के माध्यम से कंपनी अपना िचनस्ि परू े भारत में फैिाना चाहती थी । इसके अनस
ु ार िो भी
ररयासत इस बंदोबस्त को मान िेती है उसे अपनी स्ितंत्र सेनाऐं रिने का अधिकार नहीं रहता था। उसे कंपनी की
तरफ से सुरिा लमिती थी और इस सुरिा के बदिे ररयासत कंपनी को रकम का भग
ु तान करती थी। अगर कोई
शासक रकम अदा करने में चक
ू िाते थे तो कंपनी उनके अधिकार िेत्र का हहस्सा िम
ु ानने के तौर पर कब्ज़ा िेती थी।
यह संधि अंग्रेज़़ों की विस्तारिादी नीनत का एक प्रमि
ु हहस्सा थी।इस व्यिस्था के कारण अिि के निाब को अपना
आिा इिाक़ा कंपनी को सौंपना पड़ा था क्य़ोंकक उनके पास सहायक सेना के भुगतान के लिए पैसे नहीं थे।
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Q9 कंपनी का शासन भारतीय रािाओं के शासन से ककस तरह अिग था?
Answer. कंपनी का शासन भारतीय रािाओं के शासन से ननम्न तरह अिग था-
→ कंपनी का शासन सीिे सीिे गिननर िनरि के हाथ़ों था, िही भारतीय शासन में यह ताकत रािा या निाब़ों के
हाथ़ों में होती थी।
→ कंपनी के शासनकाि में हर जज़िे में फौिदारी और दीिानी अदाित अिग अिग थी िही भारतीय शासक ने
ऐसी कोई व्यिस्था नहीं बनाई थी।
→ हर जज़िे में एक किेक्टर की अहम भूलमका होती थी उसका मुख्य काम िगान िसूिना और सभी सरकारी
महकम़ों के आपसी तािमेि से जज़िे की क़ानून व्यिस्था को बनाए रिना होता था।
Q10 कंपनी की सेना की संरचना में आये बदिाि़ों का िणनन करें ।
Answer. कंपनी िब भारत आई थी तो ये भी मग़
ु ि़ों की तरह घड़
ु सिाऱों पर ज्यादा केंहित थी। िेककन िब अिि
और बनारस िैसी ररयासत़ों में ककसाऩों को भती कर उन्हें पेशेिर सैननक प्रलशिण हदया िाने िगा तो ये सूरत बदिने
िगी। उन्नीसिीं सदी के साथ ही घुड़सिाऱों की िरुरत कम पड़ने िगी। अंग्रेज़ अपनी सेना को लसपॉय आमी कहते
थे।
नयी भती सैननक़ों को मस्कट और मैचिॉक से िैस ककया िाता था और अब अंग्रेज़़ों के लिए पैदि टुकड़ी ज्यादा
महत्िपूणन होती िा रही थी तथा सैन्य िीिन भी अब काफी ज्यादा अनुशासनात्मक हो गया था।
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