aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book]

Get here NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book]. More Detail
NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] - Page 1 of 5

About NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book]

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] is available here for free download. Published by NCERT for Class 8, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 8 can use NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book]?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] have?

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] contains 5 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 8 study material?

You can find more Class 8 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (इतिहास) बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्री मालिक [Old Book] – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (5 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH

aglase .co

Page 2

Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science - History

Class : 8th

Subject : Social Science

Chapter : 6

Chapter Name : बुनकर, लोहा बनाने वाले और फैक्ट्र ी माललक

Q1 यूरोप में लकस तरह के कपड़ोों की भारी मााँ ग थी?

Answer. यूरोप में छापेदार बारीक़ सूती कपड़े की भारी मााँग थी |

Page : 79 , Block Name : लफर से याद करें

Q2 जामदानी क्या है ?

Answer. जामदानी एक तरह का बारीक़ मलमल होता है लजस पर करघे में सूती और सोने के धागोों का इस्तेमाल
करके सजावटी लिन्ह बुने जाते हैं | इनका रों ग सलेटी और सफ़ेद होता था |

Page : 79 , Block Name : लफर से याद करें

Q3 बोंडाना क्या है ?

Answer. छापेदार सूती कपड़े को बोंडाना कहा जाता था | बोंडाना शब्द का इस्तेमाल गले या लसर पर पहनने वाले
छापेदार गुलूबन्द के ललए लकया जाता था |

Page : 79 , Block Name : लफर से याद करें

Q4 अगररया कौन होते हैं ?

Answer.अगररया लौह प्रगालकोों का समूह था जो लोहा बनाने में मालहर होते थे | ये समूह मध्य भारत के गााँ व में रहते
थे |

Page 1 of 4

Page 3

Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science - History

Page : 79 , Block Name : लफर से याद करें

Q5 ररक्त स्थान भरें :

(क) अोंग्रेज़ी का लशन्टज़ शब्द लहों दी के …………… शब्द से लनकला है |

(ख) टीपू की तलवार ……… स्टील से बनी थी |

(ग) भारत का कपड़ा लनयाा त ………… सदी में लगरने लगा |

Answer.

(क) छीोंट

(ख) वुट्ज

(ग) उन्नीसवीों

Page : 80 , Block Name : लफर से याद करें

Q6 लवलभन्न कपड़ोों के नामोों से उनके इलतहासोों के बारे में क्या पता िलता है ?

Answer. यूरोप के व्यापाररयोों ने सूती कपड़ा ईराक के मोसूल शहर में अरब के व्यापाररयोों के पास दे खा था | बारीक़
बुनाई वाले सभी कपड़ोों को वे मस्लिन (मलमल) कहने लगे | पुतागाली जब भारत आये तो उन्होोंने केरल के तट पर
कालीकट में डे रा डाला और यहााँ से सूती कपड़ा अपने साथ ले गए | कालीकट से लनकले शब्द के आधार पर सूती
कपड़े को कैललको कहने लगे | छापेदार सूती कपड़े को लशोंटज़, कोसा और बोंडाना कहा जाता था | अोंग्रेज़ी का लशन्टज़
शब्द लहों दी के छीोंट शब्द से लनकला है , छीोंट रों गीन फूल-पत्ती वाले छोटे छापे के कपड़े को कहा जाता हैं |

Page : 80 , Block Name : आइए लविार करें

Q7 इों ग्लैंड के ऊन और रे शम उत्पादकोों ने अठारहवीों सदी की शुरुआत में भारत से आयात होने वाले कपड़े का
लवरोध क्योों लकया था?

Answer. इों ग्लैंड में भारतीय कपड़े की लोकलप्रयता काफी बढ़ िुकी थी | इों ग्लैंड में नए-नए कारखाने खुल रहे थे और
अोंग्रेज़ कपड़ा उत्पादक िाहते थे लक पूरे इों ग्लैंड में केवल उनका कपड़ा ही लबके | इसललए इों ग्लैंड के ऊन और रे शम
उत्पादकोों ने अठारहवीों सदी की शुरुआत में भारत से आयात होने वाले कपड़े का लवरोध लकया था |

Page 2 of 4

Page 4

Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science - History

Page : 80, Block Name : आइए लविार करें

Q8 लिटे न में कपास उद्योग के लवकास से भारत के कपड़ा उत्पादकोों पर लकस तरह के प्रभाव पड़े ?

Answer. लिटे न में सूती कपड़ा उद्योग के लवकास से भारत के कपड़ा उत्पादकोों पर कई तरह के असर पड़े |

-भारतीय कपड़े को यूरोप और अमरीका के बाज़ारोों में लिलटश उद्योग में बने कपड़ोों से मुकाबला करना पड़ता था |

-लिलटश सरकार ने भारत से आने वाले कपड़े पर भारी सीमा शुल्क लगा लदया लजससे भारत से कपड़े का लनयाा त
मुस्लिल हो गया|

-इों ग्लैंड में बने सूती कपड़े की वजह से भारतीय कपड़े अफ़्रीका, अमरीका और यूरोप के बाज़ारोों से बाहर हो गए
लजससे भारत के कई बुनकर बेरोज़गार हो गए |

-लिलटश और यूरोपीय कोंपलनयोों ने भारतीय माल खरीदना बोंद कर लदया|

Page : 80, Block Name : आइए लविार करें

Q9 उन्नीसवीों सदी में भारतीय लौह प्रगलन उद्योग का पतन क्योों हुआ?

Answer. उन्नीसवीों सदी में भारतीय लौह प्रगलन उद्योग के पतन के लनम्नललस्लखत कारण थे –

-पहला कारण नए वन कानून थे | औपलनवेलशक सरकार ने आरलित वनोों में लोगोों के प्रवेश पर पाबन्दी लगा दी तो
कोयले के ललए लकड़ी कहााँ से लमलती?

-कुछ िेत्ोों में सरकार ने जोंगलोों में जाने की अनुमलत दी लेलकन प्रगालकोों को अपनी भट्टी के ललए भारी कर िुकाना
पड़ता था लजससे उनकी आय लगर जाती थी |

-भारतीय लुहार घरे लु बतान और औज़ार बनाने के ललए लिटे न से आयालतत लोहे का इस्तेमाल करने लगे | इस वजह
से स्थानीय प्रगालकोों द्वारा बनाए लोहे की मााँ ग कम होने लगी |

Page : 80, Block Name : आइए लविार करें

Q10 भारतीय वस्त्रोद्योग को अपने शुरूआती सालोों में लकन समस्याओों से जूझना पड़ा?

Answer. भारतीय वस्त्रोद्योग को अपने शुरूआती सालोों में लनम्नललस्लखत समस्याओों से जूझना पड़ा –

Page 3 of 4

Page 5

Book : Hamare Atit III Ncert Solutions | Chapter - 6 Social Science - History

-सबसे पहली समस्या तो यह थे लक इस उद्योग को लिटे न से आये सस्ते कपड़े का मुकाबला करना पड़ा |

-अलधकतर दे शोों में सरकार आयालतत वस्तुओों पर सीमा शुल्क लगाकर अपने दे श में औद्योलगकीकरण को बढ़ावा दे ती
थी लेलकन औपलनवेलशक भारतीय सरकार ने ऐसा कोई कदम नहीों उठाया |

Page : 80, Block Name : आइए लविार करें

Q11 पहले महायुद्ध के दौरान अपना स्टील उत्पादन बढ़ाने में लटस्को को लकस बात से मदद लमली?

Answer.जब पहला लवश्व युद्ध शुरू हुआ तो लिटे न में बनने वाले इस्पात को यूरोप में युद्ध सोंबोंधी आवश्यकताओों को
पूरा करने में झोोंक लदया| लजससे भारत आने वाले लिलटश स्टील की मात्ा में भारी लगरावट आयी और रे ल की पटररयोों
के ललए भारतीय रे लवे लटस्को पर आलित हो गया | जब युद्ध लम्बा िला तो लटस्को को युद्ध के ललए गोलोों के खोल और
रे लगाड़ी के पलहये बनाने का काम भी सौोंप लदया गया | लटस्को में बनने वाले 90 प्रलतशत इस्पात को सरकार ही खरीद
लेती थी और इस तरह लटस्को लिलटश साम्राज्य में इस्पात का सबसे बड़ा कारखाना बन गया |

Page : 80, Block Name : आइए लविार करें

Page 4 of 4

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 8
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated11 Aug 2026