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Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र

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Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र - Page 1 of 67

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About Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र

Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र is available here for free download. Published by AglaSem for Class 12, this question bank can be viewed online or downloaded as a PDF (67 pages). Candidates preparing for Class 12 can use Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र?

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Is Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र free to download?

Yes. Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र have?

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Where can I find more Class 12 study material?

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Class 12 Question Bank लेखाशास्त्र – Text

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Class 12 Accountancy Question Bank

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भाग 1 -इकाई-2

साझेदारी लेखे सामान्य
मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 12 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)
6 1 - 1 12
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) साझेदारी में कम से कम होने चाहहये -

(अ) तीन व्यहि (ब) दो व्यहि

(स) सात व्यहि (द) दस व्यहि

(II) साझेदार बन सकते हैं -

(अ) व्यहियों का समुदाय (ब) कोई संस्था

(स) कोई व्यहि (द) कममचारी संघ

(III) साझेदारी का अहनवायम अंग है-

(अ) हाहन को बााँटना (ब) हाहन तथा लाभ दोनों को बााँटना

(स) सम्पहियों को बााँटना (द) लाभों को बााँटना

(IV) भारतीय साझेदारी अहिहनयम बनाया गया है -

(अ) 1947 में (ब) 1956 में

(स) 1951 में (द) 1932 में

(V) साझेदारी संलेख के अभाव में साझेदारी के लाभों का हवतरण साझेदारों में ककया जाता है -

(अ) पाँजी के अनुपात में (ब) व्यवसाय संचालन में साझेदारों द्वारा कदये गये समय के अनुपात में

(स) समान अनुपात में (द) साझेदारों की प्रबंन्ि दक्षता के अनुपात में

(VI) यकद साझेदार के आहरण की हतहथयााँ नहीं दी गई हो तो आहरण पर ब्याज की गणना की अवहि होती है-
1
(अ) 6 माह (ब) 52माह
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1
(स) 62माह (द) 12 माह

(VII) साझेदारों के मध्य लाभ के बाँटवारे के हलये बनाया जाता है-

(अ) लाभ-हाहन खाता (ब) लाभ-हाहन समायोजन खाता

(स) साझेदारों के चाल खाते (द) लाभ-हाहन हवतरण खाता

(VIII) आहरण पर ब्याज है-

(अ) फमम की हाहन (ब) साझेदारों की आय

(स) फमम की आय (द) उपयुमि में कोई नहीं

(IX) साझेदारी समझौते के अभाव में पाँजी पर ब्याज कदया जाता है-

(अ) 10% वार्षमक (ब) 9% वार्षमक

(स) 6% वार्षमक (द) ककसी भी दर से नहीं

(X) साझेदारी संलेख के अभाव में लाभ हवभाजन होता है-

(अ) पाँजी के अनुपात में (ब) त्याग अनुपात में

(स) समान अनुपात में (द) आय प्राहि अनुपात में

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) साझेदारी उन व्यहियों के बीच एक ..................है, हजन्होनें ककसी व्यवसाय के लाभों को बााँटने का
ठहराव ककया है।
(II) पररवतमनशील पाँजी पद्धहत में साझेदारों के ............खाते नहीं बनाये जाते हैं ।
(III) साझेदारी के हलए............... का हवभाजन अहनवायम नहीं है।
(IV) साझेदार द्वारा लाई गई अहतररि पाँजी पर ब्याज............ की दर से देय होता है ।
(V) साझेदारी व्यवसाय में भारतीय साझेदारी अहिहनयम .............लाग होता है।
(VI) स्थायी पाँजी खाते की दशा में साझेदारों के वेतन, कमीशन आहरण आकद का लेखा
................ में ककया जाता है।
(VII) पररवतमनशील पाँजी पद्धहत में पंजी का अंहतम शेष प्रहतवषम ............... रहता है।
(VIII) साझेदारों के मध्य लाभ के हवभाजन के हलए ............. खाता बनाया जाता है।
(IX) साझेदारी का जन्म ............... से होता है।
(X) साझेदारी व्यवसाय में साझेदारों का दहयत्व ............ होता है।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

‘अ’ ‘ब’
(I) साझेदारी संलेख के अभाव में (अ) के वल व्यहि की
(II) साझेदार बन सकते है (ब) अहनवायम

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(III) प्रत्येक साझेदार में (स) फमम को लाभ हुआ हो
(IV) साझेदारी में लाभों का बााँटना (द) संयुि तथा पृथक-पृथक दोनों प्रकार
का होता है
(V) हस्थर पाँजी की दशा में साझेदारों के (ई) एजेन्ट होता है
चाल खाते में लेखा ककया जाता है

(VI) पंजी पर ब्याज तभी कदया जाता है जब (फ) पररवतमनशील पंजी पद्धहत में बनाये जाते है

(VII) प्रत्येक साझेदार का दाहयत्व (ज) साझेदारों के वेतन, बोनस, कमीशन, लाभ, ब्याज,
आहरण आकद का

(VIII) प्रत्येक साझेदार फमम का (ण) अनुबंि करने की क्षमता होना
अहनवायम है
(IX) साझेदारों के चाल खाते (त) भारतीय साझेदारी अहिहनयम 1932 के
प्राविान लाग होते हैं
प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) व्यहियों के समुदाय, संस्था या संघ साझेदार बन सकते हैं।
(II) साझेदारी में पाँजी लगाना अहनवायम शतम होती है।
(III) प्रत्येक साझेदार में अनुबंि करने की क्षमता होनी चाहहये।
(IV) अवयस्क को फमम के लाभों में शाहमल ककया जा सकता है।
(V) साझेदारी संलेख के अभाव में भारतीय साझेदारी अहिहनयम, 1932 के प्राविान लाग होते हैं।
(VI) साझेदारी व्यवसाय का संचालन सभी साझेदार कर सकते है।
(VII) लाभों को बााँटना साझेदारी में अहनवायम नहीं है।
(VIII) पररवतमनशील पाँजी पद्धहत में चाल खाते नहीं बनाये जाते हैं।
(IX) लाभ-हाहन हनयोजन खाता साझेदारों की लाभ-हाहन की अहन्तम राहश का हहसाब रखने के हलये बनाया जाता है।
(X) साझेदारों के आहरण पर ब्याज का लेखा रोकड़ खातें में ककया जाता है।
प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) पररवतमनशील पाँजी पद्धहत की दशा में साझेदारों से संबंहित सभी व्यवहारों का लेखा ककस खातें में ककया जाता
है?
(II) साझेदारी संलेख की अनुपहस्थहत में ककस अहिहनयम के प्राविान लाग होते हैं ?
(III) साझेदारों के चाल खाते कब बनाये जाते हैं?
(IV) फमम द्वारा साझेदारों की पाँजी पर ब्याज कब कदया जा सकता है?
(V) फमम में कौन साझेदार हो सकता है ?
(VI) फमम के व्यवसाय के संचालन में कौन भाग ले सकता है ?
(VII) क्या हबना पाँजी लगाये भी कोई व्यहि फमम में साझेदार बन सकता हैं ?
(VIII) A ने B को गारण्टी दी है कक उसे न्यनतम ₹ 25,000 का लाभ प्राि होगा, इसे क्या कहते हैं?
(IX) xतथा y हबना समझौते के साझेदार हैं, y द्वारा फमम को ₹18000 का ऋण कदया जाता है। y को ककस दर से

ऋण पर ब्याज प्राि होगा।
(X) वे व्यहि जो एक-दसरे के साथ साझेदारी में सहम्महलत हुए हैं, सामहहक रूप से क्या कहलाते हैं ?

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अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. साझेदारी अधिधियम,1932 के अिुसार साझेदारी की पररभाषा दीधिये।
2. फमम से क्या आशय है ?
3. साझेदारी संलेख से क्या आशय है ?
4. धिभािि योग्य लाभ का आशय बताइए।
5. पररितमिशील पूँिी और स्थायी पूँिी का अथम समझाइए।
6. लाभ-हाधि धितरण (धियोिि) खाता क्या है ? संक्षेप में बताइए।
7. लाभ की गारण्टी से क्या आशय है ?
8. आहरण पर ब्याि की गणिा की धिधियों को समझाइए।
9. यधद कोई साझेदार प्रत्येक माह के प्रथम धदि ₹1500 िषम भर आहररत करता है तो 10%
िाधषमक दर से िषम का आहरण पर ब्याि ज्ञात कीधिए।
10. यधद कोई साझेदार प्रत्येक माह के अंधतम धदि ₹1000 िषम भर आहररत करता है तो 10%
िाधषमक दर से िषम का आहरण पर ब्याि ज्ञात कीधिए।
11. एक साझेदार िे ₹1000 प्रधत माह के मध्य में िषम भर आहररत धकए। 12% िाधषमक दर से
आहरण पर ब्याि ज्ञात कीधिए।
द घि उत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 120 ) प्रत्येक प्रश्न 4 अींक

1. लाभ-हाधि धियोिि खाता बिािे के क्या उद्दे श्य हैं ?
2. साझेदारी की धिशेषताओं को समझाइए ।
3. साझेदारी संलेख में उल्लखखत धबन्दु ओं को समझाइए ।
4. साझेदारी संलेख के अभाि में लाग होिे िाले धियमों को समझाइए।
5. साझेदार के अधिकार समझाइए ।
6. पररितमिशील पूँिी और स्थायी पूँिी में अंतर समझाइए ।
7. A और ब एक फमम में साझेदार है, हजनकी पंजी क्रमांकः ₹5,00,000 और ₹ 8,00,000 हैं। इनके बीच
साझेदारी समझौता नहीं हुआ है। 31माचम 2018 को समाि होने वाले वषम में ₹1,80,000 का लाभ हुआ B पाँजी
पर 5% प्रहतवषम की दर से ब्याज हेतु दावा करता है, जबकक A इसके पक्ष में नहीं हैं लाभ-हाहन हवतरण खाता
बनाकर साझेदारों के मध्य लाभ का हवभाजन कीहजए।
8. अचमना और अंककता एक फमम में साझेदार है, हजनकी पंजी क्रमशः ₹5,00,000 और ₹7,00,000 हैं।
साझेदारी समझौते में 5% वार्षमक की दर से हवहनयोजन के रूप में पंजी पर ब्याज देने का प्राविान है। 31 माचम
2018 को समाि होने वाले वषम में फमम को ₹30,000 की हाहन हुई। लाभ-हाहन हवभाजन अनुपात 2:3 है। हाहन
के हवभाजन के हलए आवश्यक खाता दशामइए ।
9. A,B और C एक फमम में साझेदार हैं उनकी पंजी 1 जनवरी 2018 को क्रमाशः ₹80,000 , ₹40,000 और
₹20,000 थी। A को ₹25000 वेतन कदया गया। पंजी पर ब्याज की दर 10% प्रहतवषम है। ब्याज देने के बाद
लाभ का हवभाजन हनम्ांककत रूप में ककया जाता है-
प्रथम ₹50,000, 3:3:4 के अनुपात में, अगले ₹40,000, 4:4:2 के अनुपात में, शेष लाभ 6:3:1 के अनुपात में
2018 वषम में ब्याज देने के पवम परन्तु काटने के बाद फमम का लाभ ₹1,99,000 था। लाभ-हाहन हनयोजन खाता
बनाइए।

10. x और y क्रमशः 3:2 के अनुपात में साझेदार हैं हजनकी पंजी क्रमशः ₹50,000 तथा ₹30,000 रू. है। पंजी
पर ब्याज 6 प्रहतशत वार्षमक की दर से देय है। y को ₹2,500 वार्षमक वेतन देय है। वषम 2017 में y का वेतन
देने के पवम ₹12,500 का लाभ था। मैनेजर के कमीशन हेतु लाभ का 5% आयोजन करना है। साझेदारों में लाभ
का हवतरण दशामइए तथा उनके पंजी खाते बनाइए।

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11. xऔर y एक फमम में साझेदार हैं। 31 माचम2018 को समाि होने वाले वषम में उन्होंने ₹1,60,000 लाभ अर्जमत
ककया। साझेदारी समझौते के अनुसार फमम के लाभ पर हवभाजन हनम्ानुसार ककया जाएगा-
पंजी पर 6% वार्षमक से ब्याज कदया जाएगा। x की पंजी पर ब्याज ₹8000 और y की पंजी पर ब्याज ₹7500
हैं। x को ₹12000 वार्षमक वेतन कदया जाएगा। आहरण पर 5% वार्षमक ब्याज लगाया जाएगा। आहरण पर
ब्याज x-₹1200 तथा y -₹2000 है। साझेदारों के बीच लाभ-हाहन का हवभाजन 3:2 में ककया जाएगा।
1 1 1
12. राजेश, सुनील और तरूण साझेदार हैं,जो क्रमशः 2 : 4 : 4 में लाभ बांटते है। उनकी पंजी क्रमशः ₹1,20,000 ,
₹80,000 और ₹60,000 है। साझेदारों को पंजी पर 5% ब्याज कदया जाता है और आहरण पर 5% ब्याज हलया
जाता है तरूण 30,000 रूपये वार्षमक वेतन पाने का अहिकारी है और सुनील कु ल हिकी पर 1% कमीशन पाता
है। वषम 2018 में साथम का त्याग, उपरोि समायोजनाओं के पवम ₹1,15,000 था और कु ल हवक्रय
₹14,00,000 था। उनके आहरण क्रमशः ₹40,000, ₹56,000 और ₹60,000 थे। हजन पर क्रमशः ₹800,
₹1000 और ₹1200 ब्याज हुआ। लाभ-हाहन हवतरण खाता बनाइए ।
13. सलोनी, सम्रहद्ध और सौम्या एक फमम मे साझेदार हैं, जो लाभ-हाहन 4:3:2 के अनुपात में बांटते है। सम्रहद्ध को
₹3,000 माहसक वेतन कदया जाता है और सौम्या कु ल हबक्री पर जो ₹18,00,000 है, 3% की दर से कमीशन
पाता है फमम ने वषम 2018 में हबक्री पर 15% लाभ अर्जमत ककया है। साझेदारों में लाभ हवभाजन के हलए पंजी
प्रहवहियााँ कीहजए ।
14. 1 जनवरी 2018 को ’अ’ और ’ब’ क्रमशः ₹1,00,000 और ₹1,20,000 की पंजी लगाकर साझेदार है। उसी
कदन ’अ’ ने फमम को ₹45,000 का ऋण कदया है। उस वषम का लाभ ₹45,000 है। साझेदारी समझौते के अभाव में
लाभ साझेदारों में लाभ का हवभाजन ककस प्रकार करें गे? लाभ-हाहन हवतरण खाता बनाइए ।
15. महेश और रमेश 5:3 के अनुपात में लाभ हवभाजन करते हुए एक फमम में साझेदार हैं । उनकी पंजी क्रमशः
₹3,00,000 एवं ₹2,00,000 थी। साझेदारी संलेख में व्यवस्था है कक-
(अ)पंजी पर ब्याज 12% वार्षमक की से हमलना चाहहए । (ब) रमेश को शुद्ध लाभ का 5% कमीशन हमलना चाहहए ।
वषम का लाभ ₹1,23,000 था। लाभ-हाहन हनयोजन खाता बनाइए ।
16. राम और कृ ष्ण एक फमम में 3:2 के अनुपात में लाभालाभ हवभाहजत करने वाले साझेदार हैं । उन्होंने अपने मुनीम
1
हशव को जो ₹500 माहसक वेतन पाता है, इस शतम पर साझेदार बनाया कक उसे लाभ में 10 भाग कदया जाएगा,
ककन्तु ककसी भी वषम लाभ की राहश उसके वेतन से कम नहीं होगी। प्रथम वषम में फमम को ₹50,000 का लाभ हुआ ।
साझेदारों में लाभ का हवभाजन दशामइए ।
17. A,B और C साझेदार हैं। उनकी पंजी 1 जनवरी 2018 को क्रमशः ₹40,000 , ₹32,000 तथा ₹20,000 है
। B को ₹750 माहसक वेतन कदया जाएगा । पंजी पर 6% प्रहतवषम की दर से ब्याज देय है। लाभ में से वेतन तथा
ब्याज काटने के बाद शेष लाभ हनम् प्रकार से बााँटा जाएगा-
(1) प्रथम ₹20,000, 9:8:3 के अनुपात में। (2) अगले ₹10,000 , 4:3:3 के अनुपात में।
(3) शेष लाभ 2:1:1 के अनुपात में ।
उपयुि समायोजन के पवम फमम का लाभ ₹46,920 था। लाभ हाहन हवतरण खाता और साझेदारों के मध्य लाभ-
हवभाजन दशामने वाला हववरण बनाइए ।
18. अहजत, अहमत और अकदल एक फमम में 5:3:2 में लाभ हवभाहजत करने वाले साझेदार हैं । अहजत और अकदल को
व्यहिगत रूप से गारण्टी दी है कक उसका लाभ पंजी पर 10% वर्षमक ब्याज लगाने के पश्चात ₹22,500 से कम
नहीं होगा। साझेदारों की पंजी क्रमशः ₹1,20,000,₹75,000 एवं ₹60,000 थी। वषम 2018 में लाभ पंजी पर
ब्याज काटने के पवम ₹1,19,250 था। लाभ-हाहन हनयोजन खाता बनाइए।
19. आयम और समथम 5:3 के अनुपात में लाभ हवभाजन करते हुए एक फमम में साझेदार है। उनकी पंजी क्रमशः
₹3,00,000 एवं ₹2,00,000 थी। साझेदारी संलेख में व्यवस्था है कक -

(अ) पंजी पर 12% वार्षमक की दर से ब्याज हमलना चाहहए।
(ब) समथम को शुद्ध लाभ पर 5% कमीशन हमलना चाहहए। वषम का शुद्ध लाभ ₹1,23,000 था। लाभ-हाहन
हनयोजन खाता बनाइए।

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भाग -1 इकाई– 3

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साझेदार फमि का पुनगिठन साझेदार का प्रवेश

मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 12 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

A- साझेदार फमि का पुनगिठन

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)
3 - 1 - 6

B - साझेदार का प्रवेश

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)
3 - 1 - 6
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) ख्याधत है –

(अ) एक चल सम्पधि (ब) एक स्थाई सम्पधि

(स) एक मतम सम्पधि (द) एक कृधिम सम्पधि

(II) फमम के पुिगमठि पर धिस साझेदार के लाभ का भाग पिम की तुलिा में बढ़ िाता है

उसे कहते हैं –

(अ) प्रभािपणम साझेदार (ब) िफे िाला साझेदार

(स) त्याग करिे िाला साझेदार (द) मुख्य साझेदार

(III) पुिममल्ां कि खाते की हाधि धलखी िाती है –

(अ) चाल खाते के क्रेधिट पक्ष में (ब) पंिी खाता के क्रेधिट पक्ष में

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(स) पंिी खाते के िे धबट पक्ष में (द) रोकड़ खाते के िे धबट पक्ष में

(IV) पुिममल्ां कि का लाभ/हाधि बां टा िाता है –

(अ) िए लाभ हाधि अिुपात में (ब) प्राखि अिुपात में

(स) पुरािे लाभ हाधि अिुपात में (द) त्याग अिुपात में

(V) िये साझेदार द्वारा ख्याधत का भुगताि धकया िाता है –

(अ) भािी लाभ में धहस्सा पािे के धलए (ब) पंिी के भुगताि के धलए

(स) प्रिेश शुल्क भुगताि के धलए (द) सम्पधियों पर अधिकार के धलए

(VI) िास्तधिक औसत लाभ का सामान्य लाभ पर आधिक्य है –

(अ) सामान्य लाभ (ब) असामान्य लाभ

(स) अधिलाभ (द) सम्भाधित लाभ

(VII) िब ख्याधत की राधश िगद िहीं लाई िाती है , तो इसे िे धबट धकया िाएगा–

(अ) पुरािे साझेदार के पंिी खाते में (ब) िये साझेदार के पं िी खाते में

(स) सभी साझेदारों के पंिी खाते में (द) फमम के रोकड़ खाते में

(VIII) साझेदारों के लाभािुपात में पररितमि पर संधचधतयों का धिभािि होता है –

(अ) पिम अिुपात में (ब) समाि अिुपात में

(स) िये अिुपात में (द) पंिी अिुपात में

(IX) धिद्यमाि साझेदारों के लाभािुपात में पररितमि का पररणाम है –

(अ) सभी साझेदारों के लाभािुपात में कमी (ब) सभी साझेदारों के लाभािुपात में िृखि

(स) त्यागी साझेदार के लाभािुपात में कमी (द) त्यागी साझेदार के लाभािुपात में िृखि

(X) पुिममल्ां कि खाता बिाया िाता है –

(अ) व्यिसाय बंद होिे पर (ब) िए साझेदार के प्रिेश पर

(स) फमम में लाभ होिे पर (द) फमम में हाधि होिे पर

(XI) अधितररत लाभों िह संचयों को हस्तां तररत धकया िाता है –

(अ) रोकड़ खाते में (ब) बैंक खाते में

(स) पंिी खाते में (द) लाभ/हाधि खाते में

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(XII) साझेदार के प्रिेश पर पुिममल्ां कि से हुए लाभ को अंतररत धकया िाता है –

(अ) लाभ हाधि खाते में (ब) सभी साझेदारों के पंिी खाते में

(स) िए साझेदार के पंिी खाते में (द) पुरािे साझेदारों के पंिी खाते में

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) ख्याधत व्यापार की ______ सम्पधि है ।
(II) ख्याधत लाभ कमािे में _______ होती है ।
(III) ख्याधत पर ________ िहीं लगाया िाता है ।
(IV) ख्याधत का िास्तधिक मल् व्यिसाय के _____ के समय ही ज्ञात हो सकता है ।
(V) औसत लाभ – सामान्य लाभ = _____लाभ ।
(VI) सामान्य लाभ की गणिा___पंिी पर की िाती है ।
(VII) साझेदारी ठहराि में पररितमि साझेदारी फमम का _____कहलाता है ।
(VIII) ______ = पुरािा अिुपात – िया अिुपात ।
(IX) िया अिुपात – पुरािा अिुपात = ______ ।
(X) पुिममल्ां कि पर होिे िाले लाभ/हाधि से ______साझेदार का कोई संबंि िहीं होता है ।
(XI) दाधयत्व में कमी फमम का _____ होता है ।
(XII) त्याग अिुपात_______के बराबर होता है ।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’
(I) ख्याधत एक (अ) पंिी खाते के िे धबट पक्ष में
(II) पुिममल्ां कि की हाधि (ब) लेखां कि प्रमाप- 26
(III) फमम का पुिगमठि (स) पंिी खाते के क्रेधिट पक्ष में
(IV) ख्याधत का लेखां कि (द) धिक्रय योग सम्पधि है
(V) पुिममल्ां कि पर लाभ (ई) अमतम सम्पधि है
(VI) ख्याधत एक (फ) साझेदारी ठहराि में पररितमि

B ‘अ’ ‘ब’

(I) त्याग अिुपात बराबर (अ) पुिममल्ां कि खाता िे धबट
(II) सामान्य लाभ (ब) िए साझेदार के प्रिेश पर
(III) संपधि के मल् में िृखि (स) ख्याधत का मल्ां कि
(IV) दाधयत्व के मल् में िृखि (द) लाभ प्राखि अिुपात

(V) पुिममल्ां कि खाता (ई) धिधियोधित पंिी पर
(VI) औसत लाभ (फ) पुिममल्ां कि खाता क्रेधिट

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प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) ख्याधत को प्रत्येक दशा में पुस्तकों में दशाम या िािा चाधहए।
(II) ख्याधत पर ह्रास िहीं लगाया िाता है ।
(III) त्याग के अिुपात की दशा में साझेदार को पिम की तुलिा में लाभ होता है ।
(IV) एक अच्छी फमम ख्याधत को अपधलखखत कर दे ती है ।
(V) लाभािमि में पररितमि का ख्याधत के मल् पर प्रभाि िहीं पड़ता है ।
(VI) पुिगमठि की दशा में धिद्यमाि ठहराि में पररितम ि हो िाता है ।
(VII) पुिममल्ां कि खाता सम्पधि के धिक्रय पर बिाया िाता है ।
(VIII) पुिममल्ां कि खाता एक िास्तधिक खाता है ।
(IX) िये साझेदार का प्रिेश फमम के पुिगमठि को प्रभाधित करे गा।
(X) साझेदारों के सहमत होिे पर ख्याधत का मल्ां कि धकया िाता है ।
(XI) त्याग अिुपात लाभ प्राखि अिुपात से अधिक होता है ।
(XII) लाभ में धहस्सा पािा िए साझेदार का प्रमुख अधिकार है ।

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(i) िब पुरािा अिुपात िये अिुपात की तुलिा में अधिक हो तो उसे क्या कहते हैं ?
(ii) िब ख्याधत की राधश िगद लाई िाती है तो उसे धकस खाते में िमा(क्रेधिट) करते हैं ।
(iii) लेखां कि प्रमाप-26 धकस से संबंधित है ?
(iv) ख्याधत मल्िाि सम्पधि कब कही िाती है ?
(v) ख्याधत के मल्ां कि का आिार क्या है ?
(vi) कौि सी ख्याधत का लेखा पुस्तकों में िहीं धकया िाता?
(vii) िास्तधिक औसत लाभ का सामान्य लाभ पर आधिक्य क्या कहलाता है ?
(viii) धिस सम्पधि को दे खा या स्पशम िहीं धकया िा सकता उसे क्या कहते हैं ?
(ix) फमम की सम्पधियों एिं दाधयत्वों के मल् में पररितमि का लेखा धकस खाते में धकया िाता है ।
(x) पुिममल्ां कि खाता धकस प्रकृधत का खाता है ?
(xi) त्याग अिुपात की गणिा क्यों आिश्यक है ?
(xii) दाधयत्व का मल् कम होिे पर इसे पुिममल्ां कि खाते के धकस पक्ष में धलखा िाएगा।

लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 75 ) प्रत्येक प्रश्न 3 अींक

1. िए साझेदार के प्रमुख अधिकारों को समझाइए।
2. साझेदारों के लाभािुपात में पररितमि का क्या अथम है ?
3. ख्याधत के मल्ां कि की आिश्यकता क्यों है ? समझाइए।
4. िए साझेदार की िैिाधिक खस्थधत को समझाइए।
5. एक फमम का औसत शु ि लाभ ₹60000 है । औसत लाभ के तीि िषों के क्रय के आिार पर

ख्याधत का मल् क्या होगा?
6. राि ,भाि और शाि समाि अिुपात में साझेदार हैं । िे भधिष्य में लाभ/हाधि 3 : 2 : 1 के
अिुपात में बां टिे का धिणमय करते हैं । लाभ प्राखि और त्याग अिुपात की गणिा कीधिए।
7. ख्याधत की धिशेषताएं धलखखए।

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8. ख्याधत की प्रकृधत को समझाइए।
9. सामान्य लाभ और अधिलाभ में अंतर धलखखए।
10. त्याग अिुपात और लाभ अिुपात में अन्तर बताइए।
11. पुिममल्ां कि हे तु की िािे िाली आिश्यक िकल प्रधिधियां कीधिए।
12. ख्याधत उत्पन्न होिे के कारण धलखखए। / ख्याधत को प्रभाधित करिे िाले तत्व धलखखए।
13. ख्याधत मल्ां कि की धिधियों को समझाइए।
14. औसत लाभ और अधिलाभ में अंतर धलखखए।
15. साझेदारी फमम का पुिगमठि धकि दशाओं में होता है ? समझाइए।
16. त्याग अिुपात और लाभ प्राखि अिुपात में अंतर धलखखए।
17. साझेदारी फमम में ख्याधत के मल्ां कि की आिश्यकता को समझाइए। / धकि दशाओं
में ख्याधत का मल्ां कि धकया िाता है ।
18. लेखां कि प्रमाप 26 के अिुसार ख्याधत के लेखां कि की धिधि का िणमि कीधिए।
19. साझेदारी फमम में िए साझेदार की आिश्यकता धकि दशाओं में होती है ? समझाइए ।
20. अधभषेक और अधभिि एक फमम में बराबर के साझेदार हैं । उन्ोंिे अरधिंद को 1/3 भाग के धलए
साझेदार बिाया, िो पंिी के ₹40000 दे ता है धकन्तु अपिे धहस्से की ₹12000 ख्याधत लािे में
असमथम है । अरधिंद के प्रिेश पर आिश्यक िकल प्रधिधियां कीधिए।
21. अ और ब 3 :1 के अिुपात में लाभ-हाधि बां टते हैं । िे 'स' को 1/4 भाग के धलए साझेदारी
में प्रिेश दे ते हैं । उिके लाभ/हाधि धिभािि का िया अिुपात ज्ञात कीधिए।
22. अिय तथा धििय 3 : 2 के अिुपात में लाभ बां टते हैं । उन्ोंिे संिय को 1/5 भाग का साझेदार
बिाया, िो अपिा धहस्सा अिय तथा धििय से बराबर प्राि करता है । िया अिुपात ज्ञात कीधिए।
23. सधचि और धिराट 2:1 के अिुपात में साझेदार हैं । उिकी पंिी क्रमश: ₹40000 एिं ₹20000
है उन्ोंिे 1 िििरी 2021 को िोिी को 1/4 भाग के धलए साझेदार बिाया धिसे िह सधचि और
धिराट से 3:2 के अिुपात में प्राि करता है । िोिी ₹30000 पंिी तथा ₹15000 ख्याधत के धलए
लाता है । आिश्यक िकल प्रधिधियां कीधिए।
24. मोि और सोि 2:1 के अिुपात में साझेदार हैं । फमम की सम्पधि और दाधयत्व हैं –दे िदार
₹2000, स्कंि ₹5000, भिि ₹8000 और लेिदार ₹8000। टीि के प्रिेश पर धिधित हुआ धक
भिि के मल् में ₹1100 की िृखि की िाए दे िदारों पर 3% िबत ऋण संधचधत की िाए लेिदारों
पर 2% कटौती का प्राििाि धकया िाए। स्कंि का मल् ₹5800 आं का गया। पुिममल्ां कि खाता
बिाइए।
25. लि और कुश एक फमम में साझेदार हैं िो लाभ/हाधि को 3:2 के अिुपात में बां टते हैं िे भधिष्य
में लाभ/हाधि को समाि अिुपात में बां टिे का धििय करते हैं इस उद्दे श्य हे तु ख्याधत का मल्ां कि
₹1,20,000 धकया गया। उपरोक्त व्यिस्था के धलए आिश्यक िकल प्रधिधि कीधिए।
26. अमर अकबर और एं थोिी एक फमम में साझेदार हैं िो लाभ/हाधि को 4:3:1 के अिुपात में बां टते
हैं । 1 अप्रैल 2021 को उन्ोंिे लाभ हाधि को 5:4:3 के अिुपात में बां टिे का धिणमय धलया उस
खस्थधत को लाभ हाधि खाते में ₹120000 ि सामान्य संचय खाते में ₹60000 का शेष था । संचय

एिं लाभ- हाधि खाते को बन्द करिे के बिाय समायोिि प्रधिधि करिे का धििय धकया गया ।
आिश्यक िकल प्रधिधि कीधिए।
27. अरुण और िरुण साझेदार है धििकी पंिी क्रमशः ₹8000 और ₹4000 है । िे तरुण को इस शतम
पर साझेदार बिाते हैं धक िो अपिे भाग की ख्याधत की प्रीधमयम ₹1500 और अपिे धहस्से की
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यथेि पंिी िकद दे गा िो समस्त साझेदारों की संयुक्त पंिी की 1/3 होगी। तरुण की पंिी ज्ञात
कीधिए।
28. एक फमम का औसत लाभ ₹66000 है और पंिीकरण की दर 12% है । फमम की धिधिि सम्पधियां
और दाधयत्व क्रमशः ₹750000 ि ₹350000 हैं । ख्याधत की गणिा कीधिए।
29. एक फमम की पंिी ₹600000 है , फमम का औसत लाभ ₹60000 है ऐसे व्यापार पर 7.5%
आय अपेधक्षत है । अधिलाभ के पंिीकरण मल् के आिार पर ख्याधत का मल् ज्ञात कीधिए।
30. बसंत और धिष्णु का धिम्नधलखखत धचट्ठा है -

दाधयत्व राधश ₹ में सम्पधि राधश ₹ में

पंिी– भिि 25000

बसंत 12000 उपस्कर 4000

दे िदार 12000
धिष्णु 13000 25000
बैंक शेष 15000
लेिदार 21000
रोकड़ 5000
दे य धिपि 15000

61000 61000

धिम्न शतों पर उन्ोंिे धििेक को साझेदारी में प्रिे श धदया

(i) धििेक 1/4 भाग के धलए ₹15000 पंिी के लाएगा

(ii) ख्याधत का मल्ां कि ₹14000 धकया गया

(iii) दे िदार पर 5% संधचधत का धिमाम ण धकया िाएगा

(iv) भिि एिं उपस्कर पर 5% ह्रास काटा िाएगा

पुिममल्ां कि खाता एिं साझेदारों का पंिी खाता बिाइए।

---****---

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भाग 1 – इकाई-4

साझेदार की धििृधि एिं मृत्यु
मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 8 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

2 1 - 1 8
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I)िये अिुपात में से पुरािा अिुपात घटािे पर प्रापत अिुपात कहलाता है -
(अ) तयाग अिुपात (ब ) समाि अिुपात

(स) लाभ का अिुपात (स) हाधि अिुपात

(II) मृत साझेदार के उततराधिकारी को दे य राधश का भुगताि ि करिे पर धकतिी िाधषमक दर से
बयाि दे िा पड़ता है -

(अ) 10 प्रधतशत (ब) 6 प्रधतशत

(स) 5 प्रधतशत (द) 8 प्रधतशत

(III) साझेदार की धििृधि के कारण है -

(अ) साझेदार की िृद्वािस्था (ब) साझेदार का धदिाधलया हो िािा

(स) परस्पर मतभेद हो िािा (द) उपरोकत सभी

(IV) आन्तररक कोष इिमें से िहीं है -

(अ) सामान्य संचय (ब) पूँिी संचय

(स) कममचारी दु घमटिा कोष (द) कममचाररयों का बचत खाता

(V)अिकाश ग्रहण करिे िाले साझेदार को पािे का अधिकार होता है -

(अ) खयाती का भाग का भाग (ब) अधिभाधित लाभ में धहस्सा
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(स)पूँिी पर बयाि (द) उपरोकत सभी

(VI)अिकाश ग्रहण करिे िाले साझेदार को उसकी दे य राधश के भुगताि की धिधि है -

(अ) एक (ब) दो

(स) तीि (द) चार

(VII) मृत साझेदार के उततराधिकारी को दे य राधश का भुगताि कौि सी धिधि द्वारा िहीं धकया िा
सकता है -

(अ) एक मुशत (ब) धकशतो में

(स) िाधषमक िृधि (द) दे य राधश के धिपि स्िीकार करिा

(VIII) मृत साझेदार के पंिी खाते में िाम िहीं की िाती है -

(अ) आहरण की राधश (ब) चाल खाते का िाम शेष

(स) आहरण पर बयाि की राधश (द) संचय का भाग

(IX) संचय की समपणम राधश को धितररत करिे पर-

(अ) संचय खाते को Dr. (ब) संचय खाते को Cr.

(स) साझेदारो के पूँिी खाते को Dr. (द) उपरोकत कोई िहीं

(X)धिद्यमाि खयाधत को अपधलखखत करिा है -

(अ) समस्त साझेदारों के पूँिी खाते िामे (ब) समस्त साझेदारों के पूँिी खाते को िमा

(स) खयाधत को िामे (द) उपरोकत में से कोई िहीं

(XI) दे य राधश का धकशतों में भुगताि पर कौि सा खाता खोला िाता -

(अ) साझेदार का ऋण खाता (ब) साझेदार का पूँिी खाता

(स) साझेदार का पूँिी खाता (द) उपरोकत सभी

(XII) मृत साझेदार को उततराधिकारी को दे य राधश प्रापत होती है -

(अ) मृत साझेदार की पूँिी (ब) उसके धहस्से की खयाधत

(स) उसके चाल खाते का िमा शेष (द) उपरोकत सभी

(XIII) अधिभाधित लाभ का धिभािि करते समय कौि सा खाता िाम धकया िाता है
(अ) लाभ हाधि खातों के िाम (ब) समस्त साझेदारों के पूँिी खाते िाम

(स) समस्त साझेदारों के चाल खाते िाम (द) उपरोकत सभी

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(XIV) अधिभाििीय कोष कौि सा होता है -

(अ) मलय ह्रास कोष (ब) पूँिी संचय कोष

(स) बीमा कोष (द) उचचािचि कोष

(XV) अिकाश ग्रहण करिे िाले साझेदार को दे य राधश का धििाम रण करिे के धलए उसे प्रापत होिे
िाली राधशयाूँ कौि से खाते में िमा की िाती है -

(अ) पूँिी खाते में (ब) चाल खाते में

(स) लाभ हाधि खाते में (द) उपरोकत से कोई िहीं

(XVI) समझौते के अिुसार अिकाश ग्रहण करिे िाले साझेदार को उसके ऋण पर बयाि दे िे के स्थाि
पर लाभ का कुछ अंश धदया िाता है ऐस दशा में-

(अ) बयाि की प्रधिधि की िाती है (ब) बयाि की प्रधिधि िहीं की िाती है

(स) लाभां श की प्रधिधि की िाती है (द) उपरोकत से कोई िहीं

(XVII) अिकाश ग्रहण साझेदार को िाधषमक द्वारा भुगताि करिे पर कौि सा खाता खोला िाता है -

(अ) िाधषमक उचंत खाता (ब) पूँिी खाता

(स) चाल खाता (द) उपरोकत में से कोई िहीं

(XVIII) समपणम मलय धकसका धहस्सा होता है -

(अ) बीधमत मलय का होता है (ब) बीधमत मलय का धहस्सा िहीं होता है

(स) (अ) एिं (ब) (द) उपरोकत में से कोई िहीं

(XIX) A,B औरC 4:3:1 के साझेदार है । B िे ₹8,100 में अपिा भाग A और B को ₹3,600
और ₹4,500 में बेचकर अिकाश ग्रहण धकया A और C का लाभ प्राखि का अिुपात होगा-

(अ) 5 : 4 (ब) 6 : 3

(स) 4 : 5 (द) 3 : 6

(XX) िन्द , चन्द और मंट साझेदार हैं , िो 5 : 3: 2 के अिुपात में लाभ – हाधि ब ं टते हैं ।
िन्द की मृतयु हो िािे पर चन्दु और मन्ट उसके अिुपात का 1/3 और 2/3 लेिे को सहमत हैं । उिका
िया अिुपात होगा –

(अ) 7 : 8 (ब)

8 : 7

(स) 9 : 6 (द) 10 : 5

(XXI) X,Y तथा Z साझेदार है िो 1/2 : 1/4 : 1/4 के अिुपात में लाभ ब ं टते हैं । Y के
अिकाश ग्रहण करिे पर िया अिुपात होगा-
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(अ) 1 : 1 (ब) 1 : 2

(स) 1/4 : 1/2 (द) 2:1

(XXII) A, B तथा C लाभ – हाधि को 2 : 3 : 4 के अिुपात में बाूँ टते हुए साझेदार हैं । A
अिकाश ग्रहण करता है तथा B औरC भधिषय में 3 : 4 के अिुपात में लाभ ब ं टिे हे तु सहमत हैं ।
उसका लाभ प्राखि अिुपात होगा -

(अ) 3 : 4 (ब) 2 : 3

(स) 4 : 3 (द) 1 : 1

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) िीिि बीमा संचय कोष को ..................के पूँिी खाते में हस्तां तररत करें गे।
(II) िफे के अिुपात से शेष साझेदारो के अिुपात में ...............होती है ।
(III) अिकाश ग्रहण के समय पिममलयां कि से होिे िाली हाधि सभी साझेदारो के पूँिी खाते के
...........में धलखी िाती है ।
(IV) साझेदार के अिकाश पर यधद खयाधत खाता खोला गया हो तो उसे अपधलखखत करिे के धलये
शेष साझेदारों के पूँिी खाते ......................अिुपात में ...............धकये
िाएगें ।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

‘अ’ ‘ब’
(I) फमम से अिकाश लेिा (अ) साझेदार की मृतयु पर
(II) पुरािे अिुपात से िया अिुपात अधिक (ब) मृत साझेदार का उततराधिकारी
(III) संधचधत की राधश का भाग (स) धिितमि
(IV) काििी प्रधतधिधि को भुगताि (द) लाभ प्राखि का अिुपात

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) A B और C क्रमश 3: 2: 1: के साझेदार है । B धििृत होता है । A तथा C का िया अिुपात
3: 2 होगा।
(II) िया अिुपात – पुरािा अिुपात = लाभ प्राखि अिुपात।
(III) ऐखच्छक साझेदारी के अिुसार एक साझेदार शेष सभी साझेदारों की इचछा से धििृत हो सकता है ।
(IV) िब धििृत माि साझेदार को दे य राधश िाधषमक द्वारा चुकायी िाती है तो उसका ऋण खाता रखा
िाता है ।
(V) संयुकत िीिि बीमा पाधलसी का समपणम मलय िहीं होता है ।

(VI) खयाधत की राधश पर धििृतत साझेदार का कोई अधिकार िहीं होता है ।
(VII) लाभ प्राखि अिुपात = िया अिुपात - पुरािा अिुपात।
प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –
(I) िये और पुरािे अिुपात का अन्तर क्या कहलाता है ?

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(II) िब एक साझेदार अपिे को साझेदारी से अलग करता है तो ऐसी खस्थधत िािी िाती है ।
(III) मृत साझेदार की दे य राधश का भुगताि धकसे धकया िाता है ।
(IV) साझेदार की धििृतत के धकसी एक कारण को धलखखए।
(V) साझेदार को िाधषमक द्वारा भुगताि करिे पर कौि सा खाता खोला िाता है ।
(VI) साझेदार के धििृत होिे पर धहसाब की कोई एक समस्या बताइये ।
(VII) बीधमत मलय कया है ?
(VIII) समपमण मलय कया है ?
(IX) िाधषमक प्रीधमयम कया है ?
(X) अधिभाििीय कोष क्या होता है ?
(XI) िये धचट्ठे में कौि सा कोष िहीं दशायाम िािेगा?

अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. एक साझेदार के धििृतत होिे के दो कारण बताइये।
2. िब साझेदार अिकाश ग्रहण करता है तो धहसाब समबंिी दो समस्या बताइये।
3. धििृतत साझेदार को दे श राधश के भुगताि की दो पिधत के िाम बताइये ।
4. धकि दशाओं में एक साझेदार फमम से अलग हो सकता है ।
5. संचय की समपणम राधश को धितररत करिे पर िकल प्रधिधि कीधिए।
6. आन्तररक कोष के दो मदें धलखखए।
7. िाधषमकी से कया आशय है ?
8. साझेदार की धििृधि पर ख्याधत के लेखां कि हे तु िकल प्रधिधि कीधिए।
9. स्िाधत , पिा और शिेता 1/2 : 1/3 : 1/6 के अिुपात में लाभ – हाधि बाूँ टते हैं। यधद
शिेता वयापार से अलग होती है , तो स्िाधत और पिा का िया लाभािुपात कया होगा?
10. A,B औरC एक फमम में साझेदार है और लाभ-हाधि 1/2 : 3/10 : 1/5 के अिुपात में
ब टते है । A फमम से अिकाश ग्रहण करता है और उसका धहस्सा B औरC िे 2:1 के अिुपात
में ले धलया । साझेदारों का िया लाभ धिभािि अिुपात धिकाधलए।
11. X,Yऔर Z एक फमम में 1 / 2 : 1/ 3 : 1 / 6 के अिुपात में साझेदार हैं । Z वयापार से
अिकाश ग्रहण करता है और X तथा Y उसका लाभां श 3 : 2 में क्रय करते हैं । िया अिुपात
ज्ञात कीधिए।
12. रमि , अमि और िमि एक फमम में साझेदार है । उिके लाभलाभ अिुपात 4 : 3 : 2
है । 31 माचम 2018 को अमि की मृतयु हो िाती है । अमि की मृतयु के पशचात शेष साझेदारों
के लाभलाभ अिुपात कया होंगे?
13. िया , पायल और मखल्लका अपिी पूँिी के अिुपात में लाभालाभ धिभािि करिे िाली साझेदार
हैं । उिकी पूँिी क्रमश: ₹20,000,₹15,000 और ₹10,000 थी। पायल वयापार से धििृत
होती है । िया और मखल्लका भधिषय में 5/8 और 3/8 के अिुपात में लाभ का धिभािि

करें गी । उिके लाभां श प्राखि के अिुपात की गणिा कीधिए ।
14. X,Yऔर Z साझेदार है , िो धक लाभों को 4 : 3 : 1 के अिुपात में ब ं टते हैं । Y की मृतयु हो
िाती है । X और Z भधिषय में लाभों को 2 : 1 के अिुपात में ब ं टिे का धिशचय करते हैं । लाभ
प्राखि अिुपात की गणिा कीधिए।

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द घि उत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 120 ) प्रत्येक प्रश्न 4 अींक

1. साझेदार की मृतयु की दशा में उसके िैिाधिक उततराधिकारी को दे य राधश की गणिा करते
समय धकि-धकि बातों का धिशेष धयाि रखिा चाधहए।
2. एक साझेदार के आिकाश ग्रहण पर खयाधत का लेखां कि उपचार समझाइये , िब खयाधत को
ियी फमम के खस्थधत धििरण में िहीं दशाम िा है ।
3. धििृत साझेदार को दे य राधश के भुगताि की धिधियों को समझाइये।
4. यधद धकसी साझेदार की मृतयु िषम के दौराि हो िाती है तो ऐसे साझेदार के धहस्से का लाभ
कैसे ज्ञात करें गे।
5. पारस,धिकास और धिधति एक फमम में 3: 2: 1 के अिुपात में लाभ ब ं टते हैं । धिकास 31
धदसमबर, 2018 को अिकाश ग्रहण करता है । इस धदि साझेदारों के पूँिी खातों के शेष क्रमश
: ₹6,000, ₹5,000 और ₹4,000 थे। खयाधत का मलय ₹4,500 आूँ का गया,िो पुस्तकों में
िहीं दशाम यी िािेगी। पिममलयां कि के आिार पर मशीि ₹1,200 तथा स्कन्ि ₹800 कम कर
धदया गया। संधदगि ऋणों के धलए ₹280 संधचत धकये गये। लेिदारों की राधश₹600 कम कर दी
गई और पेटेन्ट, धिसका पुस्तकीय मलय ₹300 था, धिममलय हो गया। लाभ – हाधि समायोिि
खाता तथा साझेदारों के पूँिी खाते बिाइये।
6. अिय,अतुल ि अिुराग एक फमम में साझेदार हैं । िे अपिे लाभ-हाधि 1 : 2 : 3 के अिुपात
में ब ं टते हैं । 31 धदसमबर, 2018 को उिका धचट्ठा इस प्रकार था –
वचट्ठा
दावयतव रकम समपवत्तय ीं रकम
₹ ₹

पुूँिी भिि 60,000

अिय 24,000 फिीचर 16,000
अतुल 20,000 दे िदार 20,000
अिुराग 16,000 60,000 रोकड़ 4,000
सामान्य संचय 18,000
लेिदार 22,000
1,00,000 1,00,000

अिुराग िे 1 िििरी , 2019 को अिकाश ग्रहण धकया । फमम की खयाधत ₹30,000 ऑंकी
गई। अिुराग को दी िािे िाली राधश उसके ऋण खातेमें हस्तां तररत कीधिए। उकत धििरण से
साझेदारों के पूँिी खाते बिाइए।
7. एक फमम में X,Y और Z बराबर के साझेदार हैं । 31 धदसमबर 2014 को Y की मृतयु हो गई है ।

इस धतधथ पर उसे ₹20,000 दे य थे। यह धिणम य धलया गया धक यह राधश ₹5,000 की िाधषमकी
द्वारा Y की धिििा पतिी को भुगताि की िायेगी । प्रथम भुगताि 1 िििरी, 2015को धदया गया
तथा प्रधतिषम अन्य भुगताि भी 1 िििरी को धकये गये। धिस उततराधिकारी को यह राधश धमलिी

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थी, 2 िििरी 2017 को उसकी मृतयु हो गई। प्रधतिषम अदतत राधश पर 6 प्रधतशत प्रधतिषम की
दर से बयाि की गणिा की िाती है । िाधषमकी धिलखित खाता बिाइए।
8. धकि दशाओं में एक साझेदार फमम से अिकाश ग्रहण कर सकता है ?
9. धििृधि के पशचात पूँिी खाते के समायोिि को समझाइये।
10. फमम से धििृतत होिे िाले साझेदार को दी िािे राधश की गणिा धकस प्रकार की िाती है ?
11. अ ,ब और स साझेदार हैं , िो लाभों को 2 : 3 : 5 के अिुपात में ब टते है । उिकी
पुस्तकों में पहले से ही ₹1,00,000 से एक खयाधत खाता धिद्यमाि है । ब अिकाश ग्रहण
करता है और ब के अिकाश ग्रहण करिे के धदि खयाधत का मलयां कि ₹90,000 पर धकया
गया। अ और स िे भधिषय में लाभ समाि अिुपात में बाूँ टिे का धिणमय धकया । आिशयक ििमल
प्रधिषधटयाूँ कीधिए।

12. रहव, सोम और मंगल 2:3:5 के अनुपात में लाभ-हाहन बांटते हैं। उनका हचट्ठा 31 कदसम्बर 2018
को हनम्नांककत है –
हचट्ठा
दाहयत्व रकम सम्पहियां रकम
₹ ₹
सामान्य संचय 18,000 भवन 40,000
लेनदार 12,000 फनीचर 20,000
पंजी देनदार 15,000
रहव 20,000 रोकड़ 9,000
सोम 18,000
मंगल 16,000 54,000
84,000 84,000
1 जनवरी, 2019 को मंगल अवकाश ग्रहण करता है। हनम्नांककत को ध्यान में रखकर लाभ-हाहन
समायोजन खाता बनाइए- (1) भवन व फनीचर में 5% वृहद्ध, (2) देनदारों पर पर 10%
अशोध्य ऋण संचय, (3) लेनदारों पर 5% कटौती, (4) वैिाहनक व्यय हेतु प्राविान ₹200

13. X,Y और Z एक फमम में साझेदार हैं । िे समाि अिुपात में लाभलाभ ब ं टते हैं ।31 धदसमबर,
2018 को उिका धचट्ठा धिमि था –
वचट्ठा
दावयतव रकम समपवत्तय ीं रकम
₹ ₹
सामान्य संचय 13,500 रोकड़ 2,000
लेिदार 16,500 बैंक में शेष 1,000
पूँिी खाते स्ट क 4,000
X-18,000 दे िदार 15,000

Y-15,000 फिीचर 8,000

Z-12,000 45,000 भिि 45,000
75,000 75,000

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Z िे िििरी,2019 को अिकाश ग्रहण धकया। फमम की खयाधत ₹22,500 आूँ की गई। Z को दे य
राधश की गणिा कीधिए और उसके ऋण खाते में अंतररत कीधिए। Z के ऋण का भुगताि 4
समाि धकशतों में 8प्रधतशत िाधषमक बयाि की दर से प्रतये क िषम के अन्त में धकया िाएगा। Z का
ऋण खाता चार िषों के धलए खोधलए।
14. A,B और C एक फमम में साझेदार हैं । िे 4: 3: 2 के अिुपात में लाभ धिभािि करते है । A
फमम से अिकाश ग्रहण करता है । उस धदि फमम का धचट्ठा धिमि था -
वचट्ठा
दावयतव रकम समपवत्तय ीं रकम
₹ ₹

बैंक अधिधिकषम 4,000 रोकड़ शेष 1,000
धिधिि लेिदार 9,000 धिधिि दे िदार 10,000
कममचाररयों का स्ट क 16,000
दु घमटिा कोष 15,000 मोटर कार 8,000
पूँिी खाते - फिीचर 1,000
A-27,000 पलाणट और मशीि 20,000
B-24,000 भधम और कारखािा 36,000
C-13,000 64,000
92,000 92,000
A के अिकाश ग्रहण पर धिमिधलखखत समायोिि धकए गए –
(1) दे िदारों पर 10 प्रधतशत िबत ऋण संधचत धकया गया।
(2) भधम और कारखािा ₹66,000 पलाणट और मशीिरी ₹80,000 फिीचर ₹3,000 मोटर
कार ₹11,000 और स्ट क ₹21,000 पर पुिममलयां धकत धकए गए।
(3) खयाधत का मलयां कि गत तीि िषों के औसत लाभ के धद्व-िषीय क्रय पर धकया गया।
धपछले तीि िषों के लाभ क्रमश: ₹35,000, ₹40,000 और ₹60,000 थे। आपको
धिमिधलखखत बिािा है -
(1) पुिममलयां कि खाता,
(2) साझेदारों के पूँिी खाते
15. मृत साझेदार को चुकायी िािे िाली राधश के उि धबन्दु ओं को समझाइये िो धििृतत होिे िाले
साझेदार की दे य राधश से धभन्ि है ।
16. धकसी साझेदार की मृतयु हो िािे पर उसके काििी उततराधिकारी को दे य राधश की गणिा आप
धकस प्रकार करें गे?
17. अिकाश प्रापत साझेदार को दी िािे िाली राधश का भुगताि धकि धिधियों से धकया िा सकता
है ?
धदिेश , महे श और िरे श 7 : 5 : 2 के अिुपात में लाभ – हाधि धिभाधित करते है ।

18.
धदिेश वयापार से धििृतत होता है । फमम की कुल खयाधत ₹28,000 ऑंकी गई है । आिशयक
पंिी प्रधिधिय ं कीधिए।

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19. अमि, आशीष और िमीष साझेदार थे , िो लाभों को क्रमश: 5 : 3 : 2 के अिुपात में
ब टते थे। पुस्तकों में खयाधत िहीं धदखाई िाती , परन्तु यह सहमधत हुई धक इसका मलयां कि
₹50,000 होगा। अमि फमम से अिकाश ग्रहण करता है तथा आशीष और िमीष िे धिधित
धकया धक भधिषय में लाभों को समाि ब ं टेगे। खयाधत के धलए समायोिि प्रधिधि कीधिए। अपिी
गणिा स्पषट रूप से दशाम इए।

---****---

भाग 1 – इकाई-5

साझेदारी फमम का धिघटि

मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 4 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

2 1 - - 4
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) िसली खाता है –
(अ) व्यखक्तगत खाता (ब) िाममाि का खाता
(स) साझेदारों का खाता (द) िास्तधिक खाता
(II) िसली खाता बिाया िाता है –
(अ) साझेदार के प्रिेश पर (ब) साझेदार की धििृधि पर
(स) फमम के धिघटि पर (द) फमम के पुिगमठि पर

(III) फमम के धिघटि पर साझेदार के ऋण को अंतररत धकया िाता है –

(अ) िसली खाते में (ब) साझेदार के पंिी खाते में

(स) लाभ हािी समायोिि खाते में (द) रोकड़ खाते में

(IV) कौिसा खाता फमम के िीिि में केिल एक बार ही बिाया िा सकता है –

(अ) िसली खाता (ब) पुिममल्ां कि खाता

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(स) लाभ हािी खाता (द) रोकड़ खाता

(V) फमम का आकखिक या संयोधगक धिघटि होगा यधद –

(अ) सभी साझेदार धदिाधलया हो िाएूँ (ब) एक को छोड़कर सभी साझेदार

धदिाधलया हो िाएूँ

(स) फमम का व्यिसाय अिैि हो िाए (द) कोई एक साझेदार धदिाधलया हो िाए

(VI) िसली खाते में संपधियाूँ अंतररत करते हैं –

(अ) पुस्तकीय मल् पर (ब) लागत मल् पर

(स) बािार मल् पर (द) धिक्रय मल् पर

(VII) फमम के धिघटि पर बैंक अधिधिकषम को अंतररत धकया िाता है -
(अ) िसली खाते में (ब) साझेदारों के पंिी खाते में
(स) लाभ हािी समायोिि खाते में (द) रोकड़ खाते में

(VIII) अधलखखत संपधि के धिक्रय से प्राि राधश धलखी िाती है –

(अ) साझेदारों के पंिी खाते में (ब) िसली खाते में
(स) लाभ हािी समायोिि खाते में (द) संपधि खाते में

(IX) धिम्नधलखखत में से धकसे िसली खाते में अंतररत धकया िाता है –

(अ) साझेदार का ऋण (ब) अधिभाधित लाभ

(स) बैंक अधिधिकषम (द) रोकड़

(X) धिम्नधलखखत में से धकसे िसली खाते में अंतररत िहीं धकया िाता है –

(अ) िबत ऋण संधचधत (ब) बैंक अधिधिकषम

(स) धिधियोग उच्चािचाि कोष (द) रोकड़ ि बैंक शेष

(XI) लेिदार और दे य धिपिों िैसे दाधयत्वों को िसली खाते में अंतररत करिे के पिात भुगताि की
सचिा के अभाि में ऐसे दाधयत्वों का-
(अ) भुगताि िहीं होगा (ब) पणम भुगताि होगा
(स) आं धशक भुगताि होगा (द) िसली पर लाभ होिे पर ही भुगताि होगा

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) िसली खाता फमम के िीिि में ............ बार बिाया िाता है ।
(II) िसली खाता ................ प्रकृधत का खाता होता है ।
(III) फमम के धिघटि पर बाहरी दाधयत्वों को .............. खाते में अंतररत करते हैं ।

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(IV) िसली खाते में संपधियों को उिके ............... मल् पर अंतररत करते हैं ।
(V) िसली खाते का शेष ........... साझेदारों में बां टा िाता है ।
(VI) फमम के धिघटि के पिात साझेदार स्वयं का ............. कर सकते हैं ।
(VII) फमम के धिघटि पर सिम प्रथम ............ दाधयत्वों को भुगताि धकया िाता है ।
(VIII) सभी साझेदारों के धदिाधलया होिे पर फमम का ............. धिघटि होता है ।
(IX) धिधित अिधि धिसके धलए साझेदारी की गयी थी, व्यतीत हो िािे पर फमम का
.............. धिघटि होता है ।
(X) फमम के धिघटि पर धचट्ठे की समस्त िास्तधिक सम्पधियों को िसली खाते के ........ पक्ष में
अंतररत करते हैं ।
(XI) फमम का व्यापार अिैि हो िािे पर फमम का ................. धिघटि होता है ।
(XII) फमम का कोई साझेदार िैिाधिक रूप से धदिाधलया हो िाए तो फमम का ........... धिघटि
होता है ।
(XIII) फमम के धिघटि पर धहसाब की पुस्तकों को .......... कर धदया िाता है ।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’
(I) सभी साझेदारों का धदिाधलया होिा (अ)िसली खाते में अंतररत करते हैं
(II) धकसी एक साझेदार का धदिाधलया होिा (ब)िसली खाते में अंतररत िहीं करते हैं
(III) िसली खाता (स)संयोग द्वारा धिघटि
(IV) बैंक अधिधिकषम (द)फमम के िीििकाल में एक बार बिाते हैं
(V) रोकड़ खाता (ई)अधििायम धिघटि

B ‘अ’ ‘ब’
(I) अधलखखत दाधयत्व का भुगताि (अ) िाममाि का खाता
(II) फमम धिघटि पर सबसे पहले भुगताि (ब) साझेदारों के पंिी खाते में
(III) िसली खाता (स) अधििायम धिघटि
(IV) संचय ि कोषों का अंतरण (द) िसली खाते के िाम पक्ष में
(V) फमम का व्यापार अिैि होिा (ई)बाहरी दाधयत्व

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(i) िसली खाता फमम के पु िगमठि पर बिाया िाता है ।
(ii) िसली खाता फमम के िीिि में अिेक बार बिाया िा सकता है ।
(iii) फमम के धिघटि पर सिम प्रथम बाहरी दाधयत्वों का भुगताि धकया िाता है ।
(iv) बैंक अधिधिकषम को िसली खाते में अंतररत िहीं धकया िाता है ।

(v) फमम के समापि पर संचय ि कोषों का शेष साझेदारों के पंिी खाते में अंतररत धकया िाता है ।
(vi) िसली खाता िास्तधिक प्रकृधत का खाता होता है ।
(vii) फमम के धिघटि और साझेदारी के धिघटि में कोई अंतर िहीं है ।
(viii) फमम के धिघटि पर अधलखखत संपधि से प्राखि को िसली खाते में िमा धकया िाता है ।

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(ix) फमम के धिघटि पर पुिममल्ां कि खाता बिाया िाता है ।
(x) ऐखच्छक साझेदारी का धिघटि साझेदारों द्वारा एक दसरे को धलखखत सचिा दे कर धकया िा सकता
है ।

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(i) िसली खाता कब बिाया िाता है ?
(ii) िसली खाते में सम्पधियों को धकस मल् पर अं तररत करते हैं ?
(iii) फमम के धिघटि पर सम्पधियों से प्राखि और दाधयत्वों के भुगताि के धलए कौि सा खाता बिाते हैं ।
(iv) फमम के अधििायम धिघटि की कोई 1 दशा बताइये।
(v) फमम के धिघटि पर साझेदार का ऋण धकस खाते में अंतररत करते हैं ?
(vi) फमम के सां योधगक धिघटि की कोई 1 दशा बताइये।
(vii) िसली खाता फमम के िीिि में धकतिी बार बिाया िा सकता है ?
(viii) अधलखखत संपधि से प्राि रकम को धकस खाते में िमा धकया िाता है ?
(ix) कौिसा खाता केिल फमम के धिघटि पर ही बिाया िा सकता है ?
(x) िसली खाता धकस प्रकृधत का खाता है ?

अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. िसली खाते से क्या आशय है ?
2. साझेदारी फ़मम के धिघटि से क्या आशय है ?
3. िे कौिसी दशाएूँ हैं , िब फ़मम का अधििायम धिघटि होता है ?
4. साझेदारी के धिघटि से आशय धलखखए।
5. फमम के धिघटि पर धचट्ठे से िसली खाते में धकि खातों को अंतररत िहीं धकया िाता है ?
6. फमम के धिघटि पर बिाए िािे िाले खातों के िाम दीधिये।
7. फमम के संयोधगक धिघटि की दशाएूँ धलखखए।
8. फमम के अधििायम धिघटि से क्या आशय है ?
9. फमम के समापि का क्या प्रभाि होता है ?
10. फमम का समझौते द्वारा समापि से क्या आशय है ?
11.फमम के समापि पर धिधभन्न संपधियों और बाहरी दाधयत्वों के शेष को िसली खाते के धकस पक्ष में
अंतररत करते हैं ?
12.साझेदारी फमम का सचिा द्वारा धिघटि से आप क्या समझते हैं ?
13. साझेदारी फमम के धिघटि पर बैंक अधिधिकषम और साझेदारों के ऋण को धचट्ठे से धकस खाते में
अंतररत धकया िाता है ?
14. फमम के धिघटि पर पररसंपधियों के िसली खाते में अंतरण पर क्या ििम ल प्रधिधि की िाती है ?
15. फमम के धिघटि पर बाहरी दाधयत्वों के िसली खाते में अंतरण पर क्या ििमल प्रधिधि की िाती है ?

16. धकन्ीं दो दशाओं के िाम दीधिये िब न्यायालय फमम के धिघटि का आदे श दे सकता है ?
17. फमम के धिघटि का फमम की धहसाब की पु स्तकों पर क्या प्रभाि पड़ता है ?
18. फमम के धिघटि पर एक अधलखखत संपधि ₹10000 की एक साझेदार “अ” िे ली, इसके संबंि में
िसली खाते और साझेदारों के पंिी खाते में कहाूँ और क्या लेखा होगा?

26

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19. एक फमम (धिसमें राम और श्याम बराबर के साझेदार थे ) के धिघटि के समय उसकी िास्तधिक
संपधियों का योग ₹100000 और बाहरी दाधयत्वों का योग ₹30000 था संपधियों से ₹90000 प्राि
हुये। िसली खाता बिाइये।
20. धकि दशाओं में न्यायालय फमम के धिघटि के धलए आदे श दे सकता है ?
21. फमम के सभी साझेदारों िे फमम के धिघटि की इच्छा व्यक्त की। मोहि एक साझेदार है िो अपिे
₹20000 के ऋण को साझेदारों की पंिी भुगताि से पहले भुगताि चाहता है । लेधकि सोहि एक
अन्य साझेदार है िो पूँिी का भुगताि मोहि के ऋण के भुगताि के पहले चाहता है । कारण बताते हुए धिघटि
हे तु सुझाि दीधिये।
22. ऐखच्छक साझेदारी का धिघटि कैसे धकया िा सकता है ?
23. धिम्न में से प्रत्येक दशा में फमम का धिघटि धकस रीधत से होगा-
(i) सभी साझेदारों के धदिाधलया होिे पर,
(ii) िह कायम धिसके धलए साझेदारी की गयी थी पणम हो िािे पर
24. फमम के धिघटि पर दाधयत्वों के भुगताि का क्रम बताइये।
25. क्या होगा यधद फमम के धिघटि पर कोई साझेदार स्वयं की पंिी की कमी के भुगताि में असमथम
हो?
26. क्या होगा िब ऐसा आभास हो िाए की साझेदारी फमम का व्यिसाय धिरं तर हाधि में ही चलेगा?

27. िसली खाते और पुिममल्ां कि खाते में 2 अंतर धलखखए।
28. साझेदारी के धिघटि और साझेदारी फमम के धिघटि में 2 अंतर धलखखए।
29. साझेदारी के आकखिक धिघटि और अधििायम धिघटि में 2 अंतर धलखखए।
30. िसली खाते का काल्पधिक प्रारूप दीधिये।
31. फमम के धिघटि पर साझेदारी अधिधियम के अिुसार धहसाब धकताब का धिबटारा करिे के धलए
पररसंपधियों का धकस क्रम में उपयोग धकया िा सकता है ?

---****---
भाग 2 -इकाई-1

कम्पिी लेखे – अंश पंिी के धलए लेखां कि
मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 16 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न

लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

4 4 - 1 16

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प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) कंपिी की अधिकृत पंिी का िह भाग िो ििता के समक्ष बेचिे के धलए प्रस्तुत धकया िाता है ,
कहलाता है –

(अ)धिगमधमत पंिी (ब) याधचत पंिी

(स) प्राधथमत पंिी (द) संधचत पंिी

(II) अंशो के हरण पर िि की गई राधश धकस खाते में हस्तां तररत की िाती है –

(अ) अंश प्रीधमयम खाते में (ब)अंश हरण खाते में

(स)अंश आिेदि खाते में (द)अंश याचिा खाते में

(III) अंशो के पुि:धिगममि पर धदया गया बट्टा अधिकतम धकतिा हो सकता है –

(अ) 15% (ब) 10%

(स) अंश हरण राधश के बराबर (द) इिमें से कोई िहीं

(IV) धिम्नधलखखत में से धकसे मताधिकार प्राि है –

(अ) ऋणपििारी (ब) समता अंशिारी

(स) पिाम धिकार अंशिारी (द) इिमें से कोई िहीं

(V) धिम्नधलखखत में से धकसकी लाभां श की दर अधिधित है -

(अ) ऋणपििारी (ब) समता अंशिारी

(स) पिाम धिकार अंशिारी (द) इिमें से कोई िहीं

(VI) समता अंशिारी होते हैं –

(अ) कंपिी के ग्राहक (ब) कंपिी के स्वामी

(स) कंपिी के लेिदार (द) इिमें से कोई िहीं

(VII) अंश िारी प्राि करते हैं –

(अ) ब्याि (ब) लाभां श

(स) कमीशि (द) इिमें से कोई िहीं

(VIII) धििी कंपिी के अधिकतम सदस्ों की संख्या धकतिी हो सकती है –

(अ) 20 (ब) 200

(स) 40 (द) 7
28

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(IX) िि अंशों के पुिधिमगममि करिे पर अंश हरण खाते का शेष कहां स्थािां तररत करते हैं –

(अ) अंश पंिी खाते में (ब) अंश आिंटि खाते में

(स) लाभ हाधि खाते में (द) पंिीगत संचय खाते में

(X) ऐसे अंश धिन्ें लाभां श प्राखि एिं कंपिी के समापि पर पंिी की िापसी का अधिकार
पिाम धिकारी अंशों के बाद होता है , उसे कहा िाता है –

(अ) पिाम धिकारी अंश (ब) समता अंश

(स) अधिकार अंश (द) इिमें से कोई िहीं

(XI) धिि अंशों पर लाभां श की दर धिधित होती है और धिन्ें समापि पर पंिी की िापसी का
पहला अधिकार होता है , िह कहलाते हैं –

(अ) समता अंश (ब) पिाम धिकार अंश

(स) ऋणपि (द) इिमें से कोई िहीं

(XII) िह पंिी धिससे अधिक अंशों का धिगममि िहीं धकया िा सकता, कहलाती है –

(अ)चुकता पंिी (ब) याधचत पंिी

(स) अधिकृत पंिी (द) धिगमधमत पंिी

(XIII) एक कंपिी िे ₹10 िाले 10,000 अंश धिगमधमत धकए । ििता से 12,000 अंशों के धलए
आिेदि पि प्राि हुए,यह कहलाएगा –

(अ) याचिा (ब) अधत अधभयाि

(स) अल्प अधभदाि (द) अिधशि याचिा

(XIV) भारतीय कंपिी अधिधियम 2013 के अिुसार एक कंपिी धिगमत कर सकती है –

(अ) धसफम समता अंश (ब) धसफम पिाम धिकार अंश

(स) समता एिं पिाम धिकार अंश (द) इिमें से कोई िहीं

(XV) अंश आिेदि खाता है –

(अ) व्यखक्तगत खाता (ब) अव्यखक्तगत खाता

(स) िास्तधिक खाता (द) िाममाि का खाता

(XVI) सािमिधिक कंपिी की न्यितम एिं अधिकतम सदस् संख्या है –

(अ) 7 और 50 (ब) 10 और 20

29

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(स) 7 और असीधमत (द) धििाम ररत िहीं

(XVII) अंश हरण के अंश िारी को िोधटस दे िा होगा –

(अ) 10 धदि का (ब) 60 धदि का

(स) 14 धदि का (द) 15 धदि का

(XVIII) अंश हरण सिंिी धलखखत सचिा अंशिारी को धकतिे धदि पिम दे िी चाधहए –

(अ) 21 धदि (ब) 14 धदि

(स) 7 धदि (द) इिमें से कोई िहीं

(XIX) सािमिधिक कंपिी द्वारा अंशों के धिक्रय हे तु िारी धकए िािे िाला प्रलेख है –

(अ) पाषमद सीमा धियम (ब) पाषमद अंतर धियम

(स) सारणी‘F’ (द) प्रधििरण

(XX) पंिी का भाग िो केिल कंपिी के समापि के समय मां गा िाता है ,कहलाता है -

(अ) अधिकृत पंिी (ब) धिगमधमत पंिी

(स) प्राधथमत पंिी (द) संधचत पंिी

(XXI) अिधशि याचिा पर सारणी ‘F ’ के अिुसार ब्याि की दर होती है –

(अ) 6% िाधषमक (ब) 10% िाधषमक

(स) 8% िाधषमक (द) 5% िाधषमक

(XXII) प्रधतभधत प्रीधमयम है –

(अ) पंिीगत लाभ (ब) आगमगत लाभ

(स) पंिीगत हाधि (द)आगमगत हाधि

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) ..........अंशिाररयों को प्रत्येक प्रस्ताि पर मत दे िे का अधिकार है ।
(II) कंपिी के समापि पर ........ अंशिाररयों को पंिी सबसे पहले लौटाई िाती है ।
(III) ...........कंपिी के िास्तधिक स्वामी मािे िाते हैं ।
(IV) िब धिगमधमत धकए गए अंशों की तुलिा में अधिक आिेदि प्राि हो तो इसे ...........कहते

हैं ।
(V) िब अंशों को उसके अंधकत मल् से अधिक पर िारी धकया िाए तो िह ............पर
धिगममि कहलाता है ।

30

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(VI) िब अंशों का धिगममि इसके अंधकत मल् से कम पर धकया िाए तो उसे ...........
धिगममि कहा िाता है ।
(VII) कंपिी धििाि द्वारा धिधममत एक............है ।
(VIII) प्रधतभधत प्रीधमयम संचय का शेष कंपिी के धचट्ठे में ..........की ओर धदखाया िाता है ।
(IX) अंश धिि पर एक धिधित प्रधतशत दर पर लाभां श भुगताि धकया िाता है ...........कहलाते
हैं ।
(X) अंशो के धिगममि पर प्राि प्रीधमयम, कंपिी का ...........लाभ है ।
(XI) अंश का .........मल् होता है िबधक स्कंि का कोई ...........मल् िहीं होता है ।
(XII) ₹20 िाला कोई अंश ₹25 पर िारी धकया िाए तो इसे अंश का .......पर धिगममि कहते हैं ।
(XIII) हरण धकए गए अंश के पुिधिमगममि पर बट्टे की राधश से .........खाता िे धबट धकया िाता है ।
(XIV) ताधलका ‘F’ के अिुसार अधग्रम याचिा पर .......िाधषमक की दर से ब्याि धदया िाता है ।
(XV) अंश...........प्रकार के होते हैं ।
(XVI) अंश आबंटि खाता .........खाता होता है ।
(XVII) पाषमद सीमा धियम ...........का उल्लेख करता है ।
(XVIII) अशोि ऋणपि िे होते हैं धििका .........कंपिी के समापि की दशा में धकया िाता है ।
प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’

(I) कम आिेदि की प्राखि (अ) अदि याचिा
(II) अिधशि याचिा (ब) पंिीगत संचय
(III) संधचत पंिी (स) अल्प अधभदाि
(IV) अंश हरण खाते का शेष (द) कंपिी का समापि
(V) अंश हरण पर िि राधश (इ) अंश हरण खाते

B ‘अ’ ‘ब’

(I) अधत अधभदाि (अ) पंिी िापसी की प्राथधमकता
(II) धिधित दर से लाभां श (ब) कंपिी के स्वामी
(III) समता अंशिारी (स) पिाम धिकार अंश
(IV) पिाम धिकार अंश (द) आिुपाधतक आिंटि
(V) पाषमद सीमा धियम (इ) रधिस्टिम पंिी
(VI) अधिकृत पंिी (फ) कंपिी की आिारधशला

C ‘अ’ ‘ब’

(I) संधचत पंिी (अ) समता अंशिारी
(II) लाभां श की दर अधिधितता िाले अंश (ब) अधत अधभदाि

(III) मताधिकार प्राि अं शिारी (स) कंपिी के समापि पर
(IV) लाभां श का पिाम धिकार (द) समता अंश
(V) अधिक आिेदि प्राखि (इ) पिाम धिकार अं शिारी

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प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) अधग्रम मां ग अं श पंिी का एक भाग है ।
(II) अंश स्कंि का कोई अंधकत मल् िहीं होता।
(III) समता अंशिाररयों को लाभ होिे पर लाभां श दे िा अधििायम है ।
(IV) कंपिी में अंशिाररयों का दाधयत्व असीधमत होता है ।
(V) अंश प्रीधमयम एक पंिीगत लाभ है ।
(VI) दो याचिाओं के मध्य 15 धदि से कम का अंतर िहीं होिा चाधहए।
(VII) एक सािमिधिक कंपिी न्यितम अधभदाि राधश प्राि धकए धबिा अंशों क आिंटि िहीं कर सकती
है ।
(VIII) कंपिी अधिकृत पंिी से अधिक अंश का धिगममि कर सकती है ।
(IX) अंशो के धिगममि पर धदया िािे िाला बट्टा 10% से अधिक िहीं हो सकता है ।
(X) दो याचिाओं के मध्य न्यितम 2 माह का समय होिा चाधहए।
(XI) अंशों की संपणम राधश एक साथ प्राि की िा सकती है ।
(XII) अधग्रम याचिा प्राि होिे पर बैंक खाता िे धबट और अधग्रम याचिा खाता क्रेधिट धकया िाता है ।
(XIII) एक धििी कंपिी प्रधििरण िारी िहीं करती है ।
(XIV) अंश प्रीधमयम की राधश को धचट्ठे में ‘’संचय ि अधतरे क‘’ शीषमक के अंतगमत प्रदधशम त धकया िाता
है ।
(XV) समता अंशों पर लाभां श की दर धिधित होती है ।
प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –
(I) धिगमधममत अंशों से कम के धलए आिेदि पि आए तो ऐसी खस्थधत को क्या कहते हैं ॽ
(II) कम्पिी की स्थापिा करिे िाले व्यखक्त को क्या कहते हैं ॽ
(III) क्रय प्रधतफल –शुि सम्पधि = ॽ
(IV) अंधकत मल् से अधिक मल् पर अंशों का धिगममि कहलाता है ।
(V) अंधकत मल् से कम मल् पर अंशों का धिगममि कहलाता है ।
(VI) अंधकत मल् पर अंशों का धिगममि कहलाता है ।
(VII) िब अंशों का धिगममि अंधकत मल् से अधिक मल् पर धकया िाए तो आधिक्य राधश क्या
कहलाती है ॽ
(VIII) अंश िारी को िो प्रमाण पि धदया िाता है , उसे कहते हैं ।

अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. अंश अधिपि क्या है ॽ
2. श्रम साध्य सािारण अंश से क्या तात्पयम है ॽ
3. अधग्रम याचिा से क्या आशय है ॽ
4. अंश हरण से क्या आशय है ॽ
5. धििी कंपिी को पररभाधषत कीधिए।

6. अंश समपमण धकसे कहते हैं ॽ
7. बकाया मां ग से क्या अधभप्राय है ॽ
8. प्रधतभधत प्रीधमयम का प्रयोग कहां धकया िा सकता है ॽ
9. अधग्रम मां ग से क्या अधभप्राय है ॽ
10. भाग युक्त एिं अभाग युक्त पिाम धिकार अंश से क्या आशय है ॽ
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11. शोििीय एिं अशोििीय पिाम धिकार अंश से क्या आशय है ॽ
12. न्यितम अधभदाि पर एक संधक्षि धटप्पणी धलखखए।
13. संधचत पंिी क्या होती है ॽ
14. अंश प्रीधमयम से क्या आशय है ॽ
15. समता अंशों से क्या आशय है ॽ
16. पिाम धिकार अंश धकसे कहते हैं ॽ
17. पाषमद सीमा धियम क्या है ॽ
18. न्यितम अधभदाि धकसे कहते हैं ॽ
19. स्कंि धकसे कहते हैं ॽ
20. सािमिधिक कंपिी क्या है ॽ
21. धििी कंपिी क्या है ॽ
22. अंशों का हरण कब धकया िा सकता है ॽ
23. अंश से क्या आशय है ॽ
24. कंपिी को पररभाधषत कीधिए।
25. कंपिी शब्द का क्या अथम है ॽ
26. ‘’कंपिी धििाि द्वारा धिधममत एक प्रधत व्यखक्त है ’’ समझाइए।
27. अधत अधभदाि एिं अल्प अधभदाि शब्दों को स्पि करें ।
28. संचयी और असंचयी पिाम धिकार अंशों से क्या तात्पयम है ॽ
29. पररितमिीय एिं अपररितमिीय पिाम धिकार अंशों से क्या आशय है ॽ
30. िेि धलधमटे ि िे ₹10 िाले 30,000, 12% पिाम धिकार अंश ििता में धिगमधममत धकए। सम्पणम
ू्
राधश एकमुश्त प्राि हो गयी। िेि धलधमटे ि की पुस्तकों में िकल प्रधिधियां कीधिए।
31. एक कंपिी िे ₹10 िाले 25,000 ििता में धिगमधमत धकए। सभी राधशयां एकमुश्त प्राि हो गई।
आिश्यक पंिी प्रधिधि कीधिए।
32. XYZ धलधमटे ि िे ₹10 िाले 20,000, समता अंश 10% प्रीधमयम पर, ििता में धिगमधमत
धकए। सम्पणम
ू् राधश एकमुश्त प्राि हो गयी। XYZ धलधमटे ि की पुस्तकों में िकल प्रधिधि कीधिए।

द घि उत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 120 ) प्रत्येक प्रश्न 4 अींक

1. समता अंश एिं पिाम धिकार अंश में अंतर बताइए।
2. पाषमद सीमा धियम एिं पाषमद अंतधिमयम में अंतर बताइए।
3. अंशिारी और ऋणपििारी में अंतर बताइए।
4. कम्पिी की धिशेषताओं का िणमि कररए।
5. पिाम धिकार अंश(अधिमािी अंश) क्या है ॽ धिधभन्न प्रकार के पिाम धिकार अंशों(अधिमािी अंशों) का
िणमि करें ।
6. कंपिी की पंिी संरचिा पर एक धटप्पणी धलखखए।
7. अंश हरण एिं अंश समपमण में अंतर धलखखए।

8. अधिकृत पंिी एिं चुकता पंिी में अंतर धलखखए।
9. प्रधििरण के उद्दे श्य बताइए।
10. अंशो की धिशेषताएं धलखखए।
11. समता अंश की धिशेषताएं धलखखए।

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12. अंश एिं स्कंि में अंतर धलखखए।
13. अिधशि याचिा और अधग्रम याचिा में अंतर बताइए।
14. पिाम धिकार अंशों के तीि प्रकार समझाइए।
15. अंशो के हरण शब्द की व्याख्या करें एिं हरण का लेखा धिधि को बताएं ।
16. उि पररखस्थधतयों का स्पि रूप से िणमि करें धििके अंतगमत कंपिी बट्टे पर अंशों का धिगममि कर
सकती है ।
17. उि उद्दे श्यों का िणमि करें धििके धलए कंपिी प्रधतभधत प्रीधमयम की राधश का प्रयोग धकया िा
सकता है ॽ
18. अंशो के हरण की िैि दशाओं का िणमि कीधिए।
19. इन्दौर के अमि धलधमटे ि िे ₹6,00,000 का एक भिि, भुिि टर े िसम से खरीदा। उन्ोंिे
₹1,00,000 िकद धदए और शेष राधश के धलए ₹100 िाले 5000 समता अं श पणम दि धिगमधमत
धकए। कंपिी की बही में ििमल प्रधिधियां कीधिए ।
20. राम धलधमटे ि िे एक अं शिारी के ₹10 िाले पणमयाधचत 50 अंशों को िि कर धलया। अं शिारी िे
आिेदि पर ₹3 प्रधत अंश तो दे धदए थे लेधकि आिंटि के ₹3 प्रधत अंश ि अंधतम याचिा के ₹4
प्रधत अंश िहीं दे सका। अंशो के हरण की पंिी प्रधिधि कीधिए।
21. अ ब स धलधमटे ि िे ₹100 िाले 5,000 अंश ₹10 प्रधतशत प्रीधमयम पर धिगमधमत धकए िो इस
प्रकार दे य हैं - आिेदि पर ₹20, आिंटि पर ₹50 (प्रीधमयम सधहत) एिं याचिा ₹40 प्रधत अंश
। कंपिी की पुस्तकों में आिश्यक पंिी प्रधिधियां कीधिए।
22. गणेश धलधमटे ि िे ₹100 प्रत्येक के 50,000 समता अंशों का धिगममि धकया िो ₹25 आिेदि पर
₹50 आिंटि पर एिं ₹25 प्रथम एिं अंधतम याचिा पर दे य हैं । सभी राधश धिधिित प्राि हो गई,
इि व्यिहारों को कंपिी के रोििामचे में अधभधलखखत करें ।
23. अमर धलधमटे ि की ₹3,00,000 की अधिकृत पंिी है ,िो धक ₹10 प्रत्येक अंश के 30,000 अंशों
में धिभाधित है , से पंिीकृत है । ििता को आमंधित की गई धिस पर ₹4 प्रधत अंश आिेदि पर, ₹3
प्रधत अंश आिंटि पर, ₹3 प्रधत अंश प्रथम एिं अंधतम याचिा पर दे य हैं । इि अंशों पर पणम अधभदाि
प्राि हुआ और सभी राधशयां प्राि की गई, रोििामचा एिं रोकड़ पुस्तक तैयार करें ।
24. कधिता धलधमटे ि िे ₹10 िाले 30,000 समता अंश धिगमधमत धकए। आिे दि पर ₹2, आिंटि पर ₹3
और याचिा पर ₹5 दे य थे। एक व्यखक्त धिसके पास 200 है उसिे याचिा राधश िहीं चुकाई। अत:
उसके अंश िि कर धलए गए। िि अं शों को ₹8 प्रधत अंश से पुि:धिगमधमत धकए गए। िब्ती एिं
पुि: धिगममि से संबंधित आिश्यक पंिी प्रधिधि कीधिए।
25. लधलत ग्लास धलधमटे ि में ₹100 प्रत्येक के 10,000 अंशों को ₹110 प्रधत अंशों में धिगममि धकया,
धिि पर ₹20 आिेदि पर ₹40 आिंटि पर(प्रीधमयम सधहत)₹30 प्रथम याचिा पर एिं ₹20 अंधतम
याचिा पर दे य हैं । 12,000 अंशों के धलए आिे दि प्राि हुए एिं 10,000 अंशों का आिंटि धकया
गया और 2,000 अंशों को अस्वीकार कर, उि पर प्राि राधश लौटा दी गई। सभी राधश प्राि हो
गई, आिश्यक रोििामचा प्रधिधियां कीधिए।

---****---

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भाग 2- इकाई-2

उपखंि-1 ऋणपिों का धिगम मि

मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 8 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

3 1 1 - 8
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) ऋणपिों के धिगममि पर कटौती की राधश है -
(अ) पूँिीगत हाधि (ब) आगमगत हाधि
(स) पूँिीगत व्यय (द) आगमगत व्यय
(II) ऋणपि पर ब्याि के भुगताि की अिधि है -
(अ) 3 माह (ब) 6 माह
(स) 1 िषम (द) धकसी भी समय
(III) ऋणपििारी कंपिी के होते है -
(अ) स्वामी (ब) लेिदार
(स) दे िदार (द) कममचारी
(IV) ऋणपि धििका हस्तां तरण केिल सुपुदमगी माि से हो िाता है -
(अ) िाहक ऋणपि (ब) बंिक ऋणपि
(स) रधिस्टिम ऋणपि (द) सािारण ऋणपि
(V) ऋणपिों के प्रधतफल स्वरूप ऋणपििारी को प्राि होता है -
(अ) लाभ (ब) ब्याि
(स) कमीशि (द) दलाली
(VI) ऋणपिों से होिे िाली आय होती है -
(अ) धिधित (ब) अधिधित
(स) अत्यधिक (द) इिमें से कोई िहीं
(VII) ऋणपिों के धिगममि पर प्रीधमयम को धचट्ठे में दशाम या िाता है -
(अ) अंश पूँिी में (ब) सुरधक्षत ऋण में
(स) ररििम तथा आधिक्य में (द) चाल दाधयत्व में

(VIII) स्वयं के ऋणपि िे ऋणपि है िो-
(अ) कंपिी अपिे प्रितम कों को आिंधटत करती है
(ब) अपिे धिदे शकों को आिंधटत करती है
(स) बािार से खरीदती है और धििेश के रूप में अपिे पास रखती है
(द) उपयुमक्त सभी
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(IX) ऋण पिों को धकतिे प्रकार से िगीकृत धकया िा सकता है -
(अ) दो (ब) चार
(स) पां च (द) छह

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) ऋणपििारी को कंपिी के..........में भाग लेिे का अधिकार िहीं होता है ।
(II) ऋणपि ऋण का एक धलखखत............. है ।
(III) धिि ऋणपिों को अंशों में पररिधतमत धकया िा सकता है ,उन्ें ..........ऋणपि कहते हैं ।
(IV) ऋणपििारी कंपिी........... के होते हैं ।
(V) ऋणपििारी को......... दे िे का अधिकार िहीं होता है ।
(VI) ऋणपििाररयों को ऋण िापसी के धलए ........पर प्राथधमकता दी िाती है ।
(VII) ऋणपिों पर धदया िािे िाला बट्टा धचट्ठे के ............पक्ष की ओर धिधिि व्यय शीषमक के
अंतगमत दशाम या िाता है ।
(VIII) धिि ऋणपिों का भुगताि एक धिधित अिधि के बाद कर धदया िाता है उन्ें ........
ऋणपि कहते हैं ।
(IX) कंपिी प्रितमक को उिकी सेिाओं के बदले ऋणपि िारी करिे पर........ खाता िे धबट
धकया िाता है ।
(X) िह पि िो धलए गए ऋण के बदले कंपिी की सािममुद्रा के अिीि िारी धकया िाता है .....
कहलाता है ।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

‘अ’ ‘ब’

(I) ऋणपििारी (अ) कृधिम संपधि
(II) ऋणपिों पर प्रीधमयम (ब) 10%
(III) ऋणपिों के धिगममि पर कटौधत (स) कंपिी के ऋणदाता
(IV) ऋणपिों के धिगममि से प्राि राधश (द) पूँिीगत लाभ
(V) ऋणपिों के धिगममि पर अधिकतम कटौधत (ई) पूँिीगत प्राखि

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) ऋणपि िारी कंपिी के सदस् िहीं होते हैं ।
(II) ऋणपि िाररयों को कंपिी के सामान्य सभा में मतदाि करिे का अधिकार होता है ।
(III) ऋणपि अल्पकालीि ऋण की प्रकृधत के होते है ।
(IV) ऋणपििारी को कंपिी के अंशिारी भी कहते है ।
(V) ऋणपि स्वाधमत्व पूँिी का एक धहस्सा है ।
(VI) ऋणपिों पर धदए िािे िाले ब्याि का भुगताि कंपिी के लाभों में से धकया िाता है ।
(VII) बंिक ऋणपि सुरधक्षत ऋणपि कहलाते है ।
(VIII) ऋणपििाररयों को धिधित दर से लाभां श धमलता है ।

(IX) कंपिी ऋणपिों का धिगममि रोकड़ के अधतररक्त अन्य प्रधतफल में कर सकती है ।
(X) स्थायी ऋणपिों को अमोचिीय ऋणपिों के िाम से भी िािा िाता है ।
(XI) कपि दर ऋणपिों पर ब्याि दर धििाम ररत रहती है ।
(XII) ऋणपिों को अंशों में पररिधतमत िहीं धकया िा सकता है ।

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प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) दीघमकालीि ऋणों के धलए िारी प्रपि कहलाते हैं ?
(II) ऋणपि धिन्ें अंशों में पररिधतमत धकया िा सकता है ,कहलाते है ।
(III) ऋणपििाररयों को ऋण के प्रधतफल में प्राि होता है ।
(IV) ऋणपि धिसका भुगताि केिल कंपिी के समापि पर होता है , कहलाते हैं ।
(V) धकि ऋणपिों का भुगताि केिल सुपुदमगी माि से हो िाता है ।
(VI) धिगमधमत ऋणपिों का कम से कम धकतिा भाग लाभों में संधचत करिा अधििायम है ।
(VII) ऋणपि धिसमें ब्याि का पिम उल्लेख िहीं होता है ,कहलाते हैं ।
(VIII) िे ऋणपि धििका िाम कंपिी के रधिस्टर में दिम होता है , कहलाते है ।
(IX) ऋणपििारी कंपिी के कौि होते है ?
(X) क्या ऋणपिों को िब्त धकया िा सकता है ?
अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. ऋणपि को पररभाधषत कीधिए।
2. ऋणपििारी की िै िाधिक खस्थधत समझाइए।
3. ऋणपि धिगममि के उद्दे श्य धलखखए।
4. 'पंिीकृत या रधिस्टिम ऋणपि' से क्या आशय है ?
5. 'िाहक ऋणपि' से आप क्या समझते हैं ?
6. 'पररितमिीय ऋणपि' से क्या आशय है ?
7. 'अपररितमिीय ऋणपि' को समझाइए।
8. 'शोध्य या मोचिीय ऋणपि' से क्या तात्पयम है ?
9. 'अशोध्य या स्थायी ऋणपि' से क्या आशय है ?
10. 'सुरधक्षत या प्रधतभत ऋणपि' से क्या आशय है ?
11. 'असुरधक्षत या िग्नऋण पि' को समझाइए।
12. 'एक समपाधवमक प्रधतभधत के रूप में धिगमधमत ऋणपि' का अथम बताइए।
13. प्रीधमयम पर ऋण पि के धिगममि से क्या आशय है ?

लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 75 ) प्रत्येक प्रश्न 3 अींक

1. स्वाधमत्व के आिार पर ऋणपिों के प्रकारों को समझाइए।
अथिा
'पंिीकृत ऋणपि' एिं 'िाहक ऋणपि' को समझाइए।
2. शोिि के आिार पर ऋणपिों के प्रकारों को समझाइए ।
अथिा
शोध्य एिं अशोध्य ऋणपि से क्या आशय है ?
3. सुरक्षा के आिार पर ऋणपिों के प्रकारों को समझाइए।
अथिा
सुरधक्षत एिं असुरधक्षत ऋणपि से क्या आशय है ?
4. ऋणपिों की उपयोधगता धलखखए।

5. अंकुर धलधमटे ि िे ₹50 िाले 4000 , 12% ऋणपि िारी धकए। धिि पर ₹20 आिेदि एिं शेष
राधश आिंटि पर दे य है । ऋणपि की सभी राधशयाूँ यथा समय प्राि हो गई। अंकुर धलधमटे ि की
पुस्तकों में िकल प्रधिधियाूँ कीधिए।

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6. X धलधमटे ि िे 10,000 , 6% ऋणपि प्रत्येक ₹100 िाले धिगमधमत धकए। इि ऋणपिों पर समस्त
राधश एकमुश्त प्राि हो गई। िकल प्रधिधियाूँ कीधिए।

7. अंधकत धलधमटे ि िे ₹100 िाले 10000 , 12% ऋणपि ₹10 प्रधत ऋणपि प्रीधमयम पर धिगमधमत
धकए। आिेदि के समय सभी ऋणपिों की राधश प्रीधमयम सधहत प्राि हो गई। िकल प्रधिधियाूँ
कीधिए।

8. अक्षय धलधमटे ि िे ₹100 िाले 8000 , 10% ऋण पि 5% कटौती पर धिगमधमत धकए। सभी
ऋणपिों की राधश एकमुश्त प्राि हो गई। आिश्यक पंिी प्रधिियाूँ कीधिए।

9. A धलधमटे ि िे B धलधमटे ि से ₹240000 की संपधि एिं ₹25000 के दाधयत्व ₹220000 में क्रय
धकए। ए धलधमेटेि िे क्रय प्रधतफल का भुगताि ₹100 िाले 10% ऋणपि धिगमधमत करके धकया। A
धलधमटे ि की पुस्तकों में आिश्यक पंिी प्रधिधियाूँ कीधिए।
10. ऋणपि से क्या आशय है ? ऋणपिों की धिशेषताएं धलखखए।
11. अंश एिं ऋणपि में अं तर स्पि कीधिए।
12. अंशिारी एिं ऋणपििारी में अंतर स्पि कीधिए।
13. सुधििा धलधमटे ि िे ₹100 िाले 2000 ऋणपि 10% प्रीधमयम पर िारी धकए। इि पर राधशयाूँ इस
प्रकार दे य थी- ₹20 आिेदि पर, ₹40 आिंटि पर (प्रीधमयम सधहत) एिं शेष राधश प्रथम एिं
अंधतम याचिा पर दे य थी। सभी राधशयाूँ यथा समय प्राि हो गई। आिश्यक पंिी प्रधिधियाूँ कीधिए।
14. अिंत धलधमटे ि िे ₹100 िाले 5000 , 12% ऋणपि 10% कटौती पर धिगमधमत धकए। इिका
भुगताि इस प्रकार दे य था- आिेदि पर ₹10 ,आिंटि पर ₹20 ,प्रथम याचिा पर ₹40 और शेष
अंधतम याचिा पर। सभी राधशयां यथा समय प्राि हो गई । अिंत धलधमटे ि की पुस्तकों में आिश्यक
िकल प्रधिधियां कीधिए।
15. B धलधमटे ि िे एक व्यिसाय ₹550000 में क्रय धकया। क्रयमल् का भुगताि 12% ऋणपिों द्वारा
धकया गया और इस हे तु ₹500000 के ऋण पि 10% प्रीधमयम पर धिधममत धकए गए। B धलधमटे ि
की पुस्तकों में ििरल लेखे कीधिए।
16. X धलधमटे ि िे Y धलधमटे ि से ₹500000 की संपधि तथा ₹120000 के दाधयत्व ,₹320000 में लेिे
की सहमधत दी। धिसका भुगताि ₹100 मल् िाले 15% ऋणपिों को िारी करके धकया गया। X
धलधमटे ि की पुस्तकों में िकल प्रधिियाूँ कीधिए।

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भाग 2 -इकाई-3, भाग 2 -इकाई-4
कंपिी के धििीय धििरण, धििीय धििरण का धिश्लेषण
मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 8 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

5 - 1 - 8

कंपिी के धििीय धििरण
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) धचट्ठे को कहा िाता है –

(अ) संपधि धििरण (ब) दाधयत्व धििरण

(स) खस्थधत धििरण (द) आय धििरण

(II) िाधषमक सािारण सभा में कंपिी के धहसाब धकताब प्रस्तु त धकये िाते हैं -

(अ) सधचि द्वारा (ब) संचालक मण्डल द्वारा

(स) अंकेक्षक द्वारा (द) प्रमुख प्रशासधिक अधिकारी द्वारा

(III) कंपिी का धचट्ठा तैयार धकया िाता है –

(अ) क्षैधति प्रारूप में (ब) लंबित प्रारूप में

(स) दोिों में (द) साझेदारी फमम के धचट्ठे के प्रारूप में

(IV) कंपिी अधिधियम 2013 के अंतगमत धचट्ठे की मदों को बां टा गया है -

(अ) दो िगों मे (ब) तीि िगों में

(स) पाूँ च िगों में (द) दस िगों में

(V) आधथमक धचट्ठा व्यिसाय का .........................दशाम ता है –

(अ) लाभ - हाधि (ब) धििीय खस्थधत

(स) लाभ - हाधि तथा धििीय खस्थधत (द) व्यिसाय में प्राि िोखखम

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(VI) अंश िाररयों की धिधि में शाधमल है –

(अ) समता अंश पंिी (ब) पिाम धिकार अंश पंिी

(स) समता एिं पिाम धिकार अंश पंिी (द) समता अंश पंिी, पिाम धिकार अंश ,पंिी ि संचय एिं
आधिक्य

(VII) ख्याधत को धचट्ठे में दशाम येगे –

(अ) गैर चाल आखस्तयां (ब) चाल आखस्तयां

(स) गैर चाल आखस्तयां – मतम (द) गैर चाल आखस्तयां –अमतम

(VIII) आधथमक धचट्ठे का प्रारूप कंपिी अधिधियम की धकस सची में िधणमत है -

(अ) अिुसची – V (ब) अिुसची – III

(स) अिुसची – II (द) अिुसची – I

(IX) धिम्न मे से कौि सी संपधियां चाल आखस्तयाूँ िहीं है –

(अ) दे िदार (ब) स्ट क

(स) पेटेण्ट (द) प्राप्य धबल

(X) कंपिी के धचट्ठे में चाल दाधयत्व शीषमक में धकसे शाधमल धकया िाता है -

(अ) अल्पकालीि ऋण (ब) ऋण पि

(स) सािधिक ऋण (द) बाण्ड

(XI) अदि याचिाओं को घटाया िाता है –

(अ) आधिक्य पंिी में से (ब) धिगमधमत पंिी में से

(स) प्राधथमत पंिी में से (द) चुकता पंिी मे से

(XII) पंिी संचय को आधथमक धचट्ठे में धकस शीषमक के अंतगमत दशाम या िाता है -

(अ) चाल दाधयत्व (ब) धिधिि व्यय

(स) अंश पंिी (द) संचय एिं आधिक्य

(XIII) प्रारखम्भक व्यय धचट्ठे में धिम्न शीषमक के अिीि दशाम या िाता है –

(अ) ऋण एिं अधग्रम (ब) संचय एिं आधिक्य

(स) स्थायी सं पधियाूँ (द) अन्य व्यय

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प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) धचट्ठा धकसी व्यािसाधयक उपक्रम की धििीय खस्थधत को धकसी.......................... धतधथ को प्रकट करता है ।
(II) संपधियां सदै ि समता एिं.............................के बराबर होती है ।
(III) कंपिी अधिधियम 2013 के अंतगमत धचट्ठा..................................प्रारूप में तैयार धकया िाता है ।
(IV) ख्याधत एक प्रकार की...........................और.................................संपधि है ।
(V) अंश पंिी धिस प्रमुख शीषम क में धलखी िाती है उसे......................................कोष कहते हैं ।
(VI) धिगमधमत पंिी कभी भी..................................पंिी से अधिक िहीं हो सकती है ।
(VII) चाल दाधयत्वों का धिपटारा.................................के भीतर धकया िाता है ।
(VIII) ..............................पर लाभां श का भुगताि िहीं धकया िाता है ।
(IX) ब्याि व्यय को.............................शीषमक में दशाम येगे।
(X) लेिदे ि कंपिी के..............................होते हैं ।
(XI) ऋण पि ............................ ऋण होते हैं ।
(XII) भुिाये गए धिपिों का दाधयत्व.....................................है ।
(XIII) प्रधतभधत प्रीधमयम संचय को...........................................शीषमक में धदखाया िाता है ।

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’

(I) धचट्ठा तैयार धकया िाता है (अ) कुछ धिशेष लेखां कि प्रथाओं के आिार पर
(II) लाभ तथा हाधि के धििरण में दशाम या िाता है (ब) समता तथा दाधयत्व के बराबर
(III) संपधि सदै ि बराबर होती है (स) धकसी धतधथ धिशेष पर

B ‘अ’ ‘ब’

(I) व्यापाररक दे यताएूँ (अ) स्थायी सं पधियां
(II) ऋण पि (ब) संचय एिं आधिक्य
(III) िाहि (स) धिधिि लेिदार
(IV) करों के धलए प्राििाि (द) दीघम कालीि ऋण
(V) सामान्य संचय (ई) चाल दाधयत्व

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) धििीय धििरण में लाभ - हाधि धििरण और खस्थधत धििरण दोिों को शाधमल धकया िाता है ।
(II) धििीय धििरणों में व्यािसाधयक उपक्रम के धहसाब - धकताब का सारां श दशाम या िाता है ।
(III) कंपिी के धचट्ठे में अधिकृत पंिी को दशाम िे की आिश्यकता िहीं होती है ।
(IV) चाल कायम को चल संपधि शीषमक में दशाम या िाता है ।

(V) पेटेण्ड तथा व्यापार धचन् चाल संपधियां होती है ।
(VI) आकखिक दाधयत्वों को दाधयत्व पक्ष के योग में सखिधलत धकया िाता है ।
(VII) ऐसी संपधियां िो िषम के दौराि िगद राधश में पररिधतमत की िा सकती है चाल सं पधियां कहलाती है ।
(VIII) चाल दाधयत्वों का धिपटारा 12 माह के अंदर धकया िाता है ।
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(IX) सकल लाभ की राधश में िृखि लाभदायकता में िृखि को इं धगत करती है ।
(X) धबक्री में िृखि हुए धबिा उत्पादि लागत में िृखि होिे से लाभ की मािा बढ़ती है ।
(XI) ख्याधत एक प्रकार की चल संपधि है ।
(XII) फमम का धचट्ठा स्थाधयत्व के क्रम में िहीं दशाम या िाता है ।
(XIII) धििीय धििरण धिशेष लेखां कि प्रथाओ के आिार पर तैयार धकए िाते हैं ।
(XIV) धचट्ठा एक प्रकार का खाता होता है ।
(XV) धचट्ठा को खस्थधत धििरण भी कहते हैं ।

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) कंपिी के लाभ को कौि से शीषमक में धदखाया िाता है ।
(II) कंपिी के लाभ - हाधि खाते की मदों को कौि सी अिुसची के अिुसार दशाम या िाता है ।
(III) कंपिी का खस्थधत धििरण धकस प्रारूप में तैयार धकया िाता है ।
(IV) रहधतया को धचट्ठे में धकस शीषमक के अंतगमत धदखाया िाता है ।
(V) क्या कंपिी के धचट्ठे में धपछले िषम से संबंधित आं कड़ों का प्रदशमि करिा आिश्यक होता है ?
(VI) कंपिी का धचट्ठा धकस अधिधियम द्वारा शाधसत होता है धकस शीषमक में प्रस्ताधित लाभां श दशाम या िाता है ।
(VII) धकस शीषमक में धिकास संबंिी व्यय को दशाम या िाता है ।
(VIII) कंपिी की संपधियां धकिके बराबर होती हैं ।

लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 75 ) प्रत्येक प्रश्न 3 अींक

1. धििीय धििरण की 3 उपयोधगताएूँ धलखखए।
2. धििीय धििरण की कोई 3 सीमाएूँ धलखखए ।
3. गैर – चाल संपाधतयों में धकि – धकि संपाधतयों को शधमल धकया िाता है ?
4. धििीय धििरणों की सीमाओं का िणमि कीधिए ।
5. कंपिी अधिधियम 2013 की अिुसची 3 के भाग I के अिुसार कंपिी के धचट्ठे के दाधयत्व पक्ष के मुख्य शीषमक
के िाम धलखखए ।
6. अधिकृत पंिी तथा धिगमधमत पंिी का अथम समझाइये ।
7. गैर चाल संपधि तथा गैर चाल दाधयत्व के दो - दो उदाहरण धलखखए।
8. रोकड़ एिं रोकड़ तुल् में धकि – धकि मदों को शाधमल करते हैं ।
9. धििीय धििरण की प्रकृधत बताइए।
10. धििीय धििरणों की उपयोधगता धलखखए।
11. संचालि चक्र को समझाइए ।
12. धििीय धििरणों का धिम्न के धलए महत्व बताइए –
(I) अंशिारक
(II) लेिदार
(III) सरकार

13. धििीय धििरण अधभलेखखत तथ्यो लेखां कि पररपाधटयों तथा व्यखक्तगत धिणम यों के संयोिि को प्रधतधबंधबत करते
हैं । समझाइए ?
14. कंपिी अधिधियम 2013 की अिुसधचत 3 के भाग I के अंतगमत धचट्ठे के अंशिाररयों के कोष शीषमक में क्या-
क्या दशाम या िाता है ?

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15. एक कंपिी के तु लिपि में धिम्नधलखखत मदों को आप धकस प्रकार दशाम एूँगे -
(I) चाल परर संपधियां – रधहतया
(II) िोट पर धटप्पणी में दी गई आकखिक दे यताएूँ
(III) अंश िारक धिधि - संचय एिं आधिक्य
16. धििीय धििरणों के उद्दे श्यों को समझाएये ।
17. धििीय धििरणों की धिशेषताओं को समझाएये ।
18. कंपिी अधिधियम 2013 की अपेक्षाओं के अिुसार कंपिी के धचट्ठे का प्रारूप दीधिए ।
19. कंपिी अधिधियम 2013 के अिुसार लाभ - हाधि धििरण द्वारा प्रदधशमत सचिाओं का संक्षेप में उल्लेख कीधिए |

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धििीय धििरण का धिश्लेषण

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -
(I) एक व्यािसाधयक उद्यम के धििीय धििरण में सखिधलत होते हैं -
(अ) तुलि पि (ब) लाभ ि हाधि धििरण
(स) रोकड़ प्रिाह धििरण (द) उपरोक्त सभी
(II) कंपिी की िाधषमक ररपोटम को धिगमधमत धकया िाता है -
(अ) संचालकों के धलए (ब) अंकेक्षको के धलए
(स) अंशिारको के धलए (द) प्रबंि के धलए
(III) तुलि पि उद्यम की धििीय खस्थधत संबंिी सचिाएूँ प्रस्तुत करता है -
(अ) दी गई धिशेष अिधि पर (ब) धिशेष अिधि के दौराि
(स) धिशेष अिधि के धलए (द) उपरोक्त मे से कोई िही
(IV) धिम्न धििीय धिश्लेषण का कायम िहीं है -
(अ) अिमि क्षमता का ज्ञाि (ब) शोिि क्षमता का ज्ञाि
(स) लाभ-हाधि का ज्ञाि (द) धििीय सुदृढ़ता का ज्ञाि
(V) एक व्यािसाय का उद्दे श्य कुल धमलाकर होता है -
(अ) धिधियोधित कोष पर संतोष ििक (ब) धबक्री बढ़ािा
प्रधतफल प्राि करिा
(स) संपधियों में िृखि करिा (द) ख्याधत अधिमत करिा

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) धिश्लेषण का सािारण तात्पयम ............आं कड़े हैं ।
(II) प्रधतपादि का तात्पयम ...............आं कड़े हैं ।
(III) एक संस्थाि / कारोबार में िि की आिक एिं िािक की िास्तधिक चाल

को.................धिश्लेषण भी कहते हैं ।
(IV) धििीय धिश्लेषण का आशय धििीय धििरणों के धिश्लेषण एिं ................से है ।
(V) धििीय धििरणों का धिश्लेषण व्यािसाधयक उपक्रम के...............पहल को मापिे में
सहायक िहीं होता है ।
(VI) धििीय धििरण.............तथ्यो एिं धपछली घटिाओं के ररक िम का प्रधतधिधित्व करते हैं ।
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(VII) धििीय धििरणों के धिश्लेषण का प्रमुख उद्दे श्य िधटल अंको को.............रूप मे प्रस्तुत
करिा होता है ।
(VIII) धििीय धििरण से पररितमिों को..............एिं अिुपातों मे धदखाया िा सकता है ।

प्रश्न 3. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) व्यािसाधयक उद्यम में धििीय धििरणों में रोकड़ प्रिाह धििरण सखिधलत है ।
(II) अिुपात धिश्लेषण दो धििीय धििरणों में मध्य सं बंि स्थाधपत करता है ।
(III) अिुपात धिश्लेषण धकसी उद्यम के धििीय धििरणों के धिश्लेषण हे तु एक तकिीक है ।
(IV) धििीय धिश्लेषण केिल लेिदारो द्वारा प्रयोग में लाए िाते हैं ।
(V) धििीय धिश्लेषण धिश्लेषक को उपयुक्त धिणमय लेिे में सहायक है ।
(VI) रोकड़ प्रिाह धििरण धििीय धििरण धिश्लेषण की एक तकिीक है |
(VII) गुणात्मक की अिहे लिा धििीय धििरणों की एक कमी है ।
(VIII) धििीय धििरण व्यािसाय की शोिि क्षमता के सचक हैं ।

लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 75 ) प्रत्येक प्रश्न 3 अींक

1. धििीय धििरणों के धिश्लेषण की धिशेषताएं बताइए ।
2. धििीय धििरण का महत्व बताइए ।
3. धििीय धििरण धिश्लेषण की तकिीको का संक्षेप मे िणमि कीधिए ।
4. लेिदारों एिं उपयोगकताम ओं के धलए धििीय धिश्लेषण का क्या महत्व है ?
5. धििरणों के धिश्लेषण के उद्दे श्यों को धििेचिा कीधिए ।
6. धििीय धििरणों के धिश्लेषण का महत्व बताइए ।
7. धििीय धििरणों के धिश्लेषण की सीमाओं का सं क्षेप में िणमि कीधिए ।

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भाग-2, इकाई-5

लेखां कि अिुपात

मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 4 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

2 1 - - 4

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प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -
(I) तरल अिुपात िािा िाता है -
(अ) व्यय परीक्षण (ब) आय परीक्षण
(स) अम्ल परीक्षण (द) द्रव्य परीक्षण
(II) आदशम चाल अिुपात है -
(अ) 1:1 (ब) 2:1
(स) 1:2 (द) 2:3
(III) आदशम तरल अिुपात होिा चाधहए-
(अ) 1:1 (ब) 2:1
(स) 3:2 (द) 1:2
(IV) दीघमकालीि शोिि क्षमता ज्ञात करिे के धलए धकस अिुपात गणिा की िाती
है -
(अ) तरलता अिुपात (ब) धक्रयाशीलता अिुपात
(स) लाभदायकता अिुपात (द) शोिि क्षमता अिुपात
(V) धिम्नधलखखत में से कौि-सी तरल संपधि है -
(अ) रहधतया (ब) दे िदार
(स) ख्याधत (द) फिीचर
(VI) सकल लाभ अिुपात में सकल लाभ का सं बंि स्थाधपत करते है -
(अ) कायमशील पूँिी से (ब) कुल पूँिी से
(स) शुि धिक्रय से (द) अंश पूँिी से
(VII) आदशम ऋण समता अिुपात है -
(अ) 3:2 (ब) 1:2
(स) 1:1 (द) 2:1
(VIII) पूँिी आितम अिुपात संबंि स्थाधपत करता है -
(अ) धिक्रय और धिधियोधित पूँिी में (ब) शुि धिक्रय और धियोधित पूँिी में
(स) धिक्रय और क्रय अिुपात में (द) इिमें से कोई िहीं
(IX) संचालि अिुपात है -
(अ) लाभदायकता अिुपात (ब) धक्रयाशीलता अिुपात
(स) शोिि क्षमता अिुपात (द) तरलता अिुपात
(X) यधद चाल अिुपात 2:5 है और चाल दाधयत्व ₹25000 है ,तो चाल संपधि की
राधश होगी-
(अ) ₹10000 (ब) ₹12500
(स) ₹25000 (द) ₹30000

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) दो पारस्पररक आूँ कड़ों के मध्य संबंि बतािे को ........कहते हैं ।
(II) लेखां कि अिुपात ......तथ्यों की अिहे लिा करते हैं ।

(III) स्वाधमत्व अिुपात स्वाधमत्व कोष और ......के बीच संबंि प्रदधशमत करता है ।
(IV) तरलता से तात्पयम पररसं पधियों को........ में पररिधतमत करिे की सु गमता से है ।
(V) ऋण समता अिुपात .......शोिि क्षमता की िां च करता है ।
(VI) चाल अिुपात को....... पूँिी अिुपात भी कहा िाता है ।
(VII) बेचे गए माल की लागत =........- सकल लाभ
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(VIII) ........अिुपात से अल्पकालीि धििीय खस्थधत का पता चलता है ।
(IX) आदशम चल अिुपात ......मािा िाता है ।
(X) सकल लाभ अिुपात की गणिा .....धिक्रय पर की िाती है ।
प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’

(I) स्वाधमत्व कोष - (अ) ऋण समता अिुपात
(II) लेिदार - (ब) तरलता अिुपात
(III) अल्पकालीि ऋण का भुगताि - (स) स्वाधमत्व अिुपात
(IV) दीघमकालीि ऋण का भु गताि - (द) चाल दाधयत्व
(V) पूँिी और धिक्रय का सं बंि - (ई) कायमशील पूँिी आितम अिुपात
B ‘अ’ ‘ब’

(I) आदशम त्वररत अिुपात मािा िाता है - (अ) संचालि अिुपात कहलाता है
(II) आदशम चल अिुपात मािा िाता है - (ब) चल संपधियों तथा चाल दाधयत्व के बीच
(III) कुल लागत तथा धिक्रय में संबंि - (स) संकलि लाभ तथा शुि धबक्री के बीच
दशाम िे िाला अिुपात
(IV) चल अिुपात में संबंि दशाम या िाता है - (द) 1:1
(V) सकल लाभ अिुपात में संबंि दशाम या िाता है - (ई) 2:1

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) एक अिुपात मािात्मक एिं गुणात्मक,दोिों पहल को दशाम ता है ।
(II) अिुपात एक फमम के धिधभन्न लेखां कि अिधियों के पररणामों के साथ-साथ अन्य व्यिसाधयक
उद्यमों से तु लिा में सहायता करते हैं ।
(III) चाल अिुपात व्यिसाय की तरलता की माप करते हैं ।
(IV) औसत िसली अिधि में कमी दे िदारों से शीघ्र िसली को दशाम ता है ।
(V) कायमशील पूँिी का संबंि चाल संपधियों एिं चाल दाधयत्वों से है ।
(VI) ऋण समता अिुपात अल्प अिधि की धििीय खस्थधत की माप करता है ।
(VII) स्ट क में िृखि से तरल अिुपात में कमी होगी।
(VIII) तरलता अिुपात का सं बंि संपधियों को िगद में पररिधतमत करिे की क्षमता से है ।
(IX) धक्रयाशीलता अिुपात को आितम अिुपात भी कहा िाता है ।
(X) आदशम तरल अिुपात 2:1 होता है ।

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) धिि दाधयत्वों का भुगताि 1 िषम के अंदर होता है , उन्ें क्या कहते हैं ?
(II) धकस अिुपात का संबंि तरल संपधि एिं चाल दाधयत्व से है ?
(III) धकस अिुपात का संबंि बेचे गए माल की लागत एिं औसत स्कंि से है ?
(IV) उिार धिक्रय की िसली अिधि धकस अिुपात के द्वारा प्रकट होती है ?

(V) आदशम चाल अिुपात क्या है ?
(VI) आदशम तरल अिुपात क्या है ?
(VII) चाल अिुपात व्यिसाय की कौि-सी धििीय खस्थधत को प्रकट करता है ?
(VIII) शोिि क्षमता अिुपात से क्या ज्ञात धकया िाता है ?

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(IX) कौि सी चाल संपधियों को तरल संपधियों में सखिधलत िहीं धकया िाता है ?
(X) कुल लागत कुल धिक्रय के बराबर कहाूँ होती है ?

अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. लेखां कि अिुपात से क्या आशय है ?
2. चाल दाधयत्व में कौि-कौि सी मदें सखिधलत की िाती है ? धकन्ीं चार के िाम धलखखए।
3. चाल अिुपात में 'चाल संपधियों' से क्या अधभप्राय है ?
4. तरलता अिुपात को समझाइए।
5. धकन्ीं चार चाल दाधयत्वों के िाम धलखखए।
6. शीघ्र संपधि से क्या आशय है ?
7. त्वररत अिुपात क्या है ?
8. ऋण समता अिुपात क्या दशाम ता है ?
9. दीघमकालीि ऋण से आप क्या समझते हैं ?कोई चार उदाहरण धलखखए।
10. बेचे गए माल की लागत धकस प्रकार ज्ञात करते है ?
11. औसत िसली अिधि क्या है ?
12. सकल लाभ अिुपात से क्या आशय है ?
13. शुि लाभ अिुपात से क्या आशय है ?
14. संचालि व्यय से क्या आशय है ? धकन्ी चार संचालि व्ययों के िाम धलखखए।
15. तरलता अिुपात से क्या आशय है ?
16. प्रमुख तरलता अिुपातों के िाम धलखखए।
17. चाल अिुपात से क्या आशय है ? इसकी गणिा कैसे की िाती है ?
18. शोिि क्षमता अिुपात से क्या आशय है ?
19. प्रमुख शोिि क्षमता अिु पातों के िाम धलखखए?
20. धक्रयाशीलता अिुपात से क्या आशय है ?
21. धकन्ीं चार धक्रयाशीलता अिुपातों के िाम धलखखए।
22. लाभदायकता अिुपात से क्या आशय है ?
23. धकन्ीं चार लाभदायकता अिुपातों के िाम धलखखए।
24. अंशिारी कोष धकसे कहते है ?
25. इसमें धकि मदों को सखिधलत धकया िाता है ?
26. ए धलधमटे ि का तरल अिुपात 2:1 है । यधद स्ट क ₹60000 और चाल दाधयत्व ₹150000 है
तो चाल अिुपात की गणिा कीधिए।
27. धिम्न िािकारी से ऋण समता अिुपात की गणिा कीधिए-
कुल पररसंपधियाूँ ₹1500000, चाल दाधयत्व ₹600000, कुल ऋण 1200000
28. लेखां कि अिुपात के उद्दे श्य धलखखए।
29. अिुपात धिश्लेषण का महत्व समझाइए।
30. लेखां कि अिुपातों की सीमाएं बताइए।
31. चाल अिुपात एिं तरल अिुपात में अंतर स्पि कीधिए।

32. एक कंपिी का चाल अिुपात 3:5 है , कायमशील पूँिी ₹90000 है । चाल संपधि और चाल
दाधयत्व की गणिा कीधिए।
33. एक कंपिी का तरल अिु पात 1:1 है ।चाल संपधिायाूँ ₹100000 तथा चाल दाधयत्व ₹50000 है ।
स्ट क का मल् ज्ञात कीधिए।
34. स्थाई संपधि आितम अिुपात क्या है ?
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35. चाल संपधि आितम अिुपात क्या है ?

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भाग 2- इकाई-6

"रोकड़ प्रिाह धििरण"
मा.वश.मींडल मध्य प्रदे श, िोपाल के ब्लूवप्रींट के अनुसार सत्र 2022-2023 में इस अध्याय से वावषिक
पर क्षा में कुल 8 अींक के प्रश्न पूछे जायेंगे वजसका वववरण इस प्रकार है –

अींकवार प्रश्नोीं क सींख्या कुल अींक

वस्तुवनष्ठ प्रश्न अवि लघुउत्तर य प्रश्न ववश्लेष्णात्मक प्रश्न
लघुउत्तर य प्रश्न (3 अींक) (4 अींक)
(1 अींक)
(2 अींक)

2 1 - 1 8
प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) धििीय धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह का उदाहरण है -
(अ) लाभां श का भुगताि (ब) धिधियोग पर प्राि लाभां श
(स) ग्राहकों से रोकड़ प्राि (द) स्थाई संपधियों का क्रय
(II) धििेश धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह का एक उदाहरण है -
(अ) ऋणपिों का धिगममि (ब) दीघमकालीि ऋण पिों का भुगताि
(स) कच्चे माल का िगद क्रय (द) गैर धििीय संस्थाओं द्वारा धिधियोगों
का धिक्रय
(III) संचालि धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह का एक उदाहरण है -
(अ) ऋणपिों का धिगममि (ब) स्थाई संपधियों का धिक्रय
(स) स्थाई िमा पर बैंक द्वारा धदया गया ब्याि (द) अंशों का धिगममि
(IV) रोकड़ प्रिाह धििरण तैयार करिा एिं प्रस्तुत करिा अधििायम है -
(अ) केिल धििी कंपिी के धलए (ब) केिल सािमिधिक कंपधियों के धलए
(स) केिल धिदे शी कंपधियों के धलए (द) समस्त सचीबि कंपधियों के धलए
(V) रोकड़ प्रिाह धििरण के संबंि में कौि सा लेखां कि प्रमाप है -
(अ) AS-3 (ब) AS-6
(स) AS-1 (द) AS-7
(VI) धिम्नधलखखत में कौि रोकड़ बधहिाम ह िहीं है -

(अ) लेिेदारों में िृखि (ब) स्कंि में िृखि
(स) पिमदि व्ययों में िृखि (द) इिमें से कोई िहीं
(VII) रोकड़ प्रिाह धििरण आिाररत होता है -
(अ) लेखां कि के उपािमि आिार पर (ब) लेखां कि के रोकड़ आिार पर

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(स) अ और ब दोिों (द) इिमें से कोई िहीं
(VIII) धिम्नधलखखत में से कौि रोकड़ अंतिाम ह नह ीं है -
(अ) दे िदारों में कमी (ब) ऋण पिों का धिगममि
(स) लेिदारों में कमी (द) इिमें से कोई िहीं
(IX) धिम्न में से कौि एक गैर रोकड़ मद िहीं है -
(अ) िगद धिक्रय (ब) ख्याधत का अपलेखि
(स) ह्रास (द) अप्राि ऋण के धलए प्राििाि
(X) रोकड़ प्रिाह धििरण तैयार धकया िाता है -
(अ) अधतररक्त सचिाओं से (ब) लाभ अथिा हाधि धििरण से
(स) आधथमक धचट्ठे से (द) उक्त सभी से

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) धिधियोग संबंिी धक्रया का संबंि ………… संपधि से होता है ।
(II) संचालि धक्रयाएं व्यिसाधयक उपक्रम की धक्रयाएं ………… मािी िाती हैं ।
(III) लेखां कि क्रमां क 3 के अिुसार रोकड़ धक्रयाओं को ………… भाग में बां टा गया है ।
(IV) गैर रोकड़ व्यािहार से लाभ घटता है धकंतु ………… कम िहीं होती है ।
(V) रोकड़ िहाि धििरण रोकड़ तथा रोकड़ तुल् में …………पररितमि को दशाम ता है ।
(VI) िषम के अंत में व्ययो का अधग्रम भुगताि धकया गया है धिसे िषम में अधिमत लाभ के साथ …………
िाता है ।
(VII) 1 िषम के दौराि उपाधिमत आय को शुि लाभ के साथ ………… िाता है ।
(VIII) संचालि धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह की गणिा हे तु ख्याधत का अपलेखि िषम के दौराि लाभ में
………… िाता है ।
(IX) संचालि धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह की गणिा संधदग्ध ऋण के प्रििाि के धलए िषम के दौराि लाभ
में ………… िाता है ।
प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A ‘अ’ ‘ब’

(I) स्थाई संपधियों का धिक्रय पर (अ) रोकड़ तुल्
लाभ

(II) संचालि धक्रयाओं मे शाधमल (ब) स्वामी की पंिी तथा व्यिसाय के ऋण के
है आकार एिं संरचिा में पररितमि

(III) धिधियोग संबंिी धक्रयाओं में (स) गैर संचालि आय
शाधमल हैं

(IV) धििीय धक्रयाओं का पररणाम (द) दीघमकालीि संपधियों या स्थाई संपधियों का
होता है क्रय – धिक्रय

(V) रोकड़ बैंक में (ई) आय अधिमत करिे िाली मुख्य धक्रयाएं

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B ‘अ’ ‘ब’

A B

(I) स्थाई संपधियों में िृखि (अ) रोकड़ प्रिाह धििरण

(II) िाधषमक ह्रास (ब) धििीय धक्रया

(III) भारतीय लेखां कि मािक 3 (स) धििेश या धिधियोग धक्रया

(IV) अंश पंिी में कमी (द) रोकड़ का प्रयोग

(V) लेिेदारों में कमी (ई) गैर िगद मद

(VI) संचालि धक्रया (फ) ख्याधत

(VII) अल्पकालीि धिधियोग (ि) रोकड़ प्रिाह

(VIII) अमतम संपधि (झ) शीघ्र रोकड़ में पररितमि योग्य

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) आयकर का भुगताि एक संचालि धक्रया है ।
(II) अपधलखखत की गई ख्याधत धिधियोग धक्रयाओं में दशाम ते हैं ।
(III) मल् ह्रास एक रोकड़ मद है ।
(IV) लाभां श का भुगताि एक धििीय धक्रया है ।
(V) अंशो के धिगममि से रोकड़ का बधहिाम ह होता है ।
(VI) चाल दाधयत्वों का रोकड़ का स्रोत है ।
(VII) रोकड़ प्रिाह धििरण लेखां कि के उपाधिमत आिार पर आिाररत होता है ।
(VIII) दे िदारों के भुगताि करिे पर रोकड़ में कमी होती है ।
(IX) ऋणपिों पर ब्याि भुगताि को 'संचालि धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह' के अंतगमत धदखाया िाता है ।
(X) स्कंि के मल् में िृखि से रोकड़ में कमी होती है ।
प्रश्न 5. एक शब्द / वाक्य में उत्तर द वजए-
(I) क्या धकसी अिधि के दौराि रोकड़ का कुल प्रिाह ऋणात्मक हो सकता है ?
(II) ऋणपिों के धिगममि का संबंि धकस धक्रया से होता है ?
(III) ग्राहकों से प्राि रोकड़ कौि सी धक्रयाओं का रोकड़ प्रिाह है ?
(IV) भारतीय चाटम िम अकाउं टेंट संस्थाि द्वारा रोकड़ बहाि धििरण के संबंि में कौि सा लेखां कि
मािक िारी धकया गया है ?
(V) रोकड़ प्रिाह धििरण में रोकड़ शब्द से क्या आशय है ?
(VI) रोकड़ प्रिाह धििरण रोकड़ प्रिाहों का िगीकरण धकतिी धक्रयाओं में करता है ?
(VII) रोकड़ प्रिाह कब उत्पन्न होता है ?
(VIII) अंश िाररयों को लाभां श का भुगताि कौि सी धक्रया होगी?

(IX) रोकड़ प्रिाह धििरण तैयार करते समय कमीशि तथा र यल्टी की प्राखि धकस प्रकार की
गधतधिधि होगी?
(X) आयकर की िापसी धकस धक्रया में आती है ?

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अवि लघुउत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 30 ) प्रत्येक प्रश्न 2 अींक

1. रोकड़ बहाि धििरण क्या है ?
2. रोकड़ तुल् से क्या आशय है ?
3. पररचालि धक्रयाओं से क्या आशय है ?
4. धिधियोिि धक्रयाएं धकन्ें कहते हैं ?
5. धििीय धक्रयाओं से क्या आशय है?
6. कोष प्रिाह धििरण क्या है ?
7. उस लेखां कि मािक का िाम बताएं िो रोकड़ प्रिाह धििरण के धिमाम ण को शाधसत करते हैं ?
8. रोकड़ अंतिाम ह से क्या आशय है ?
9. रोकड़ बधहिाम ह है से क्या आशय है ?
10. रोकड़ प्रिाह धििरण की गणिा की धकतिी धिधियां हैं ?
11. रोकड़ तुल् माि क्या है ?
12. संचालि संबंिी धक्रयाओं से रोकड़ अंतिाम ह या स्रोतों के दो उदाहरण दीधिए।
13. रोकड़ प्रिाह धििरण और आय धििरण में कोई दो अंतर धलखखए।
14. रोकड़ प्रिाह कब उत्पन्न होता है ?
15. बताइए धक बैंक में िमा की गई रोकड़ रोकड़ का अंतिाम ह होगा, बधहिाम ह होगा या कोई प्रभाि िहीं
होगा।
द घि उत्तर य प्रश्न (शब्द स मा 120 ) प्रत्येक प्रश्न 4 अींक

1. संचालि से रोकड़ और शुि लाभ में क्या अंतर है ?
2. रोकड़ प्रिाह धििरण की सीमाओं को बताइए।
3. रोकड़ प्रिाह धििरण के धिमाम ण में कौि-कौि से कदम उठाए िाते हैं ?
4. रोकड़ प्रिाह धििरण को तैयार करिे के उद्दे श्य क्या है ?
5. रोकड़ प्रिाह धििरण के महत्व को स्पि कीधिए।
6. प्रत्यक्ष धिधि के अंतगमत संचालि धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह की गणिा धकस प्रकार की िाती है ?
7. रोकड़ प्रिाह धििरण के कोई तीि उपयोग धलखखए।
8. संचालि संबंिी धक्रयाओं से रोकड़ बधहिाम ह के उदाहरण दीधिए।
9. रोकड़ प्रिाह धििरण के कौि-कौि से स्रोत हैं ?
10. रोकड़ प्रिाह धििरण धकस प्रकार तैयार धकया िाता है ?
11. रोकड़ प्रिाह धििरण में कौि सी सचिाएं प्रदधशमत की िाती हैं ?
12. संचालि धक्रयाओं तथा धििीय धक्रयाओं में अंतर धलखखए।
13. रोकड़ प्रिाह एिं रोकड़ बिट में अंतर धलखखए।
14. रोकड़ बहाि धििरण क्या है ? इसे तैयार करिे के उद्ू्दे श्य बताईये।
15. रोकड़ प्रिाह धििरण बिािे की प्रधक्रया का िणमि कीधिए?
16. संचालि धक्रयाकलापों से रोकड़ की गणिा धकस प्रकार की िाती है ?
17. संचालि से कोष और रोकड़ प्रिाह धििरण में क्या अंतर है ?
18. रोकड़ प्रिाह धििरण के कौि-कौि से स्रोत हैं ?
19. रोकड़ प्रिाह धििरण एिं आय धििरण में अंतर धलखखए।

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20. धिम्न सचिाओं से संचालि संबंिी धक्रयाओं से रोकड़ प्रिाह ज्ञात कीधिए-

धििरण 31 माचम 31 माचम
2019 2020
₹ ₹

लाभ हाधि खाता 120000 180000

प्राप्य धिपि 80000 108000

मल् ह्रास 180000 192000
आयोिि

दे य धकराया 9600 24000

पिम दि बीमा 8400 7200

ख्याधत 120000 96000

दे िदार 80000 108000

21. धिम्न सचिाओं से संचालि धक्रयाओं से प्रत्यक्ष धिधि द्वारा रोकड़ प्रिाह की गणिा कीधिए -
धििरण रकम ₹

दे िदारों से प्राि रोकड़ 45000

िगद धिक्रय 50000

लेिदार ओं को भुगताि 20000

िगद धकराए 35000

िेति का भुगताि 12000

कमीशि प्राि 20000

धकराया चुकाया गया 5000

प्रशासधिक व्यय का भुगताि 4000

स्कंि की हाधि पर बीमा दािा 50000

आयकर का भुगताि 23000

कर िापसी 3000

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नोट- यद्यहप प्रश्न बैंक के हनमामण में पणम साविानी रखी गयी है ,परन्तु हटाये गए
पाठ्यक्रम का कोई प्रश्न प्रश्नबैंक में शाहमल हो तो वह सत्र गत परीक्षाओं में नहीं पछा
जायेगा , अतः उन प्रश्नों को हवषय हशक्षक हटवा दें । इसी तरह उिर माला तैयार करने
में भी पणम साविानी रखी गयी है ,संशय की हस्थहत में हवषय हशक्षक उिर को ठीक कर
हवद्यार्थमयों को अवगत कराएाँ ।ररि स्थान एवं एक शब्द/ एक वाक्य के प्रश्नों के एक से
अहिक सही उिर हो सकते हैं ,अत: ऐसे प्रश्नों के संभाहवत अन्य उिर भी हवद्यार्थमयों को
बताएं ।
उत्तर माला

िाग 1 -इकाई-2

साझेदार लेखे सामान्य

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) (ब) दो व्यहि
(II) (स) कोई व्यहि
(III) (द) लाभों को बााँटना
(IV) (द) 1932 में
(V) (स) समान अनुपात में
(VI) (अ) 6 माह
(VII) (द) लाभ-हाहन हवतरण खाता
(VIII) (स) फमम की आय
(IX) (द) ककसी भी दर से नहीं
(X) (स) समान अनुपात में

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) सम्बन्ि
(II) चाल
(III) हाहन
(IV) 6% वार्षमक
(V) 1932
(VI) साझेदारों के चाल खाते

(VII) बदलता
(VIII) लाभ-हाहन हवतरण खाता
(IX) अनुबंि
(X) असीहमत
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प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

(I) (त) भारतीय साझेदारी अहिहनयम 1932 के प्राविान लाग होते हैं
(II) (अ) के वल व्यहि की
(III) (ण) अनुबंि करने की क्षमता होना अहनवायम है
(IV) (ब) अहनवायम
(V) (ज) साझेदारों के वेतन, बोनस,कमीशन,लाभ,ब्याज,आहरण आकद का
(VI) (स) फमम को लाभ हुआ हो
(VII) (द) संयुि तथा पृथक-पृथक दोनों प्रकार
(VIII) (ई) एजेन्ट होता है
(IX) (फ) पररवतमनशील पंजी पद्धहत में बनाये जाते है
प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) असत्य
(II) असत्य
(III) सत्य
(IV) सत्य
(V) सत्य
(VI) सत्य
(VII) असत्य
(VIII) सत्य
(IX) सत्य
(X) असत्य
प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) साझेदारों के पंजी खातों में
(II) भारतीय साझेदारी अहिहनयम 1932
(III) हस्थर पंजी पद्धहत में
(IV) फमम को लाभ होने की दशा में
(V) के वल व्यहि
(VI) प्रत्येक साझेदार
(VII) हााँ
(VIII) लाभ की गांरटी
(IX) 6% प्रत्येक वषम
(X) साथम(फमम)

िाग -1 इकाई– 3

साझेदार फमि का पुनगिठन-साझेदार का प्रवेश

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) (ब) एक स्थाई सम्पधि
(II) (ब) िफे िाला साझेदार
(III) (स) पंिी खाते के िे धबट पक्ष में

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(IV) (स) पुरािे लाभ हाधि अिुपात में
(V) (अ) भािी लाभों में धहस्सा पािे के धलए
(VI) (स) अधिलाभ
(VII) (ब) िए साझेदार के पंिी खाते में
(VIII) (अ) पिम अिुपात में
(IX) (स) त्यागी साझेदार के लाभािुपात में कमी
(X) (ब) िए साझेदार के प्रिेश पर
(XI) (स) पंिी खाते में
(XII) (द) पुरािे साझेदारों के पंिी खाते में

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) अमतम /स्थाई
(II) सहायक
(III) ह्रास
(IV) धिक्रय
(V) अधि
(VI) धिधियोधित
(VII) पुिगमठि
(VIII) त्याग अिुपात
(IX) लाभ प्राखि अिुपात
(X) िये
(XI) लाभ
(XII) लाभ प्राखि अिुपात

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A

(I) (द) धिक्रय योग सम्पधि
(II) (अ) पंिी खाते के िे धबट पक्ष में
(III) (फ) साझेदारी ठहराि में पररितमि
(IV) (ब) लेखां कि प्रमाप 26
(V) (स) पंिी खाते के क्रेधिट पक्ष में
(VI) (ई) अमतम सम्पधि है

B

(I) (द) लाभ प्राखि अिुपात
(II) (ई) धिधियोधित पंिी

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(III) (फ) पुिममल्ां कि खाता क्रेधिट
(IV) (अ) पुिममल्ां कि खाता िे धबट
(V) (ब) िए साझेदार के प्रिेश पर
(VI) (स) ख्याधत का मल्ां कि

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) असत्य
(II) सत्य
(III) असत्य
(IV) सत्य
(V) असत्य
(VI) सत्य
(VII) असत्य
(VIII) असत्य
(IX) सत्य
(X) असत्य
(XI) असत्य
(XII) सत्य

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) त्याग अिुपात
(II) ख्याधत प्रीधमयम खाते में
(III) ख्याधत के लेखां कि से
(IV) लाभ होिे पर
(V) लाभ
(VI) स्वधिधममत
(VII) अधिलाभ
(VIII) अमतम संपधि
(IX) पुिममल्ां कि
(X) िाममाि
(XI) ख्याधत की राधश बां टिे के धलए
(XII) क्रेधिट पक्ष में

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िाग 1 – इकाई-4

साझेदार क वनवृवत्त एवीं मृत्यु

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) (स) लाभ का अिुपात
(II) (ब) 6 प्रधतशत
(III) (द) उपरोकत सभी
(IV) (द) कममचाररयों का बचत खाता
(V) (द) उपरोकत सभी
(VI) (ब) दो
(VII) (द) दे य राधश के धिपि स्िीकार करिा
(VIII) (द) संचय का भाग
(IX) (अ) संचय खाते को Dr.
(X) (अ) समस्त साझेदारों के पूँिी खाते िामे
(XI) (अ) साझेदार का ऋण खाता
(XII) (द) उपरोकत सभी
(XIII) (अ) लाभ हाधि खाता के िाम
(XIV) (अ) मलय ह्रास कोष
(XV) (अ) पूँिी खाते में
(XVI) (अ) बयाि की प्रधिधि की िाती है
(XVII) (अ) िाधषमक उचंत खाता
(XVIII) (अ) बीधमत मलय का होता है
(XIX) (स) 4 : 5
(XX) (अ) 7 : 8
(XXI) . (द) 2:1
(XXII) (अ) 3 : 4

प्रश्न2 ररक्त स्थानोीं क पूविि क वजए–
(I) साझेदारों के
(II) िृ खि
(III) िे धबट
(IV) लाभ प्राखि अिुपात में, िे धबट

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

(I) (स) धिितमि

(II) (द) लाभ प्राखि का अिुपात
(III) (ब) मृत साझेदार का उततराधिकारी
(IV) (अ) साझेदार की मृतयु पर

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प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) असत्य
(II) सत्य
(III) असत्य
(IV) असत्य
(V) असत्य
(VI) असत्य
(VII) सत्य

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) लाभ प्राखि अिुपात
(II) साझेदार का अिकाश ग्रहण करिा
(III) उसके िैिाधिक उिराधिकारी को
(IV) अस्वस्थता/िृिािस्था
(V) िाधषमकी उचंत खाता
(VI) ख्याधत का मल्ां कि
(VII) िह राधश धिस पर बीमा कराया गया हो
(VIII) बीधमत मल् का धहस्सा
(IX) बीमा की 1िषम में दे य राधश
(X) मल् ह्रास कोष
(XI) सामान्य संचय

िाग 1 – इकाई-5

साझेदार फमि का ववघटन

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) (ब) िाममाि का खाता
(II) (स) फमम के धिघटि पर
(III) (द) रोकड़ खाते में
(IV) (अ) िसली खाता
(V) (द) कोई एक साझेदार धदिाधलया हो िाए
(VI) (अ) पुस्तकीय मल् पर
(VII) (अ) िसली खाते में
(VIII) (ब) िसली खाते में

(IX) (स) बैंक अधिधिकषम
(X) (द) रोकड़ ि बैंक शेष
(XI) (ब) पणम भुगताि होगा

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प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –
(i) एक बार
(ii) िाममाि / अिास्तधिक
(iii) िसली
(iv) पुस्तकीय
(v) सभी
(vi) व्यापार
(vii) बाहरी
(viii) अधििायम
(ix) आकखिक / संयोधगक
(x) िाम
(xi) अधििायम
(xii) आकखिक / संयोधगक
(xiii) बंद

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A
(I) (ई) अधििायम धिघटि
(II) (स) संयोग द्वारा धिघटि
(III) (द) फमम के िीििकाल में एक बार बिाते हैं
(IV) (अ) िसली खाते में अंतररत करते हैं
(V) (ब) िसली खाते में अं तररत िहीं करते हैं
B

(I) (द) िसली खाते के िाम (िे धबट) पक्ष में
(II) (ई) बाहरी दाधयत्व
(III) (अ) िाममाि का खाता
(IV) (ब) साझेदारों के पंिी खाते में करते हैं
(V) (स)अधििायम धिघटि

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) असत्य
(II) असत्य
(III) सत्य
(IV) असत्य
(V) सत्य

(VI) असत्य
(VII) असत्य
(VIII) सत्य
(IX) असत्य
(X) सत्य
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प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(i) फ़मम के समापि पर
(ii) पुस्तकीय मल् पर
(iii) िसली खाता
(iv) सभी साझेदारों का धदिाधलया होिा
(v) रोकड़ खाते में
(vi) कोई एक साझेदार का धदिाधलया होिा
(vii) एक बार
(viii) िसली खाते में
(ix) िसली खाता
(XIII) िाममाि / अिास्तधिक

िाग 2 -इकाई-1

कम्पन लेखे – अींश पूींज के वलए लेखाींकन

प्रश्न 1. सह ववकल्प चुवनये -

(I) (अ)धिगमधमत पंिी
(II) (ब) अंश हरण खातें में
(III) (स) अंश हरण राधश के बराबर
(IV) (ब) समता अंशिारी
(V) (ब) समता अंशिारी
(VI) (ब) कम्पिी के स्वामी
(VII) (ब) लाभां श
(VIII) (ब) 200
(IX) (द) पंिीगत संचय खाते में
(X) (ब) समता अंश
(XI) (ब) पिाम धिकार अंश
(XII) (स) अधिकृत पंिी
(XIII) (ब) अधत अधभदाि
(XIV) (स) समता एिं पिाम धिकार अंश
(XV) (अ) व्यखक्तगत खाता

(XVI) (स) 7 और असीधमत
(XVII) (स) 14 धदि का
(XVIII) (ब) 14 धदि
(XIX) (द) प्रधििरण

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(XX) (द) संधचत पंिी
(XXI) (ब) 10% िाधषमक
(XXII) (अ) पंिीगत लाभ

प्रश्न 2. ररक्त स्थान क पूविि क वजये –

(I) समता
(II) पिाम धिकार
(III) समता अंशिारी
(IV) अधत अधभदाि
(V) प्रीधमयम
(VI) बट्टे पर
(VII) कृधिम व्यखक्त
(VIII) समता एिं दाधयत्व
(IX) पिाम धिकार अंश
(X) पंिीगत
(XI) अंधकत,अंधकत
(XII) प्रीधमयम
(XIII) अंश हरण
(XIV) 12% िाधषमक
(XV) दो
(XVI) व्यखक्तगत खाता
(XVII) कम्पिी के कायमक्षेि
(XVIII) शोिि

प्रश्न 3. सह जोवियााँ बनाइये –

A
(I) (स) अल्प अधभदाि
(II) (अ) अदि याचिा
(III) (द) कंपिी का समापि
(IV) (इ) अंश हरण खाते
(V) (ब) पंिीगत संचय

B

(I) (द) आिुपाधतक आिंटि
(II) (स) पिाम धिकार अंश

(III) (ब) कंपिी के स्वामी
(IV) (अ) पंिी िापसी की प्राथधमकता
(V) (फ) कंपिी की आिारधशला
(VI) (इ) रधिस्टिम पंिी

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C

(I) (स) कंपिी के समापि पर
(II) (द) समता अंश
(III) (अ) समता अंशिारी
(IV) (इ) पिाम धिकार अं शिारी
(V) (ब) अधत अधभदाि

प्रश्न 4. सत्य / असत्य छाींवटए-

(I) असत्य
(II) सत्य
(III) असत्य
(IV) असत्य
(V) सत्य
(VI) असत्य
(VII) सत्य
(VIII) असत्य
(IX) सत्य
(X) असत्य
(XI) सत्य
(XII) सत्य
(XIII) सत्य
(XIV) सत्य
(XV) असत्य

प्रश्न 5. एक शब्द / एक वाक्य में उत्तर वलखखए –

(I) अल्प अधभदाि
(II) प्रिमतक
(III) ख्याधत
(IV) प्रीधमयम पर धिगममि
(V) बट्टे पर धिगममि
(VI) सममल् पर धिगममि
(VII) प्रीधमयम
(VIII) अं श प्रमाण पि

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Document Details

Board / OrgAglasem
ExamClass 12
TypeQuestion Bank
Pages67
Languagehindi
Updated20 Sep 2026