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Board Of School Education Haryana
मॉडल पेपर
2025
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Sample Question Paper (2024-2025)
Class : 11th
वषय : हद ऐ क (Hindi Elective )
ACADEMIC / OPEN
Code No. 523
समय : 3 घंटे
अ धकतम अंकः 80
कृ पया जाँच कर ल क इस -प म 13 मु त पृ तथा 13 ह।
-प
म दा हने हाथ क ओर दए गए कोड नं. को छा उ र-पु तका के मु य-पृ
पर लख।
कृ पया का उ र लखना शु करने से पहले, का मांक अव य लख।
उ र-पु तका के बीच म खाली प ा / प े न छोड़।
उ र-पु तका के अ त र कोई अ य शीट नह मलेगी। अतः आव यकतानुसार ही
लख और लखा उ र न काट।
परी ाथ अपना अनु मांक -प पर अव य लख। अनु मांक के अ त र -
प पर कु छ भी न लख और वैक पक के उ र पर कसी कार का नशान न
लगाएँ।
सामा य नदशः
(i) सभी अ नवाय ह। तथा प, कु छ म आंत रक वक प दए गए ह।
(ii) के नधा रत अंऐक उनके सामने दए गए ह।
(iii) येक खंड और के साथ आव यकतानुसार यथो चत ' नदश' दए गए ह।
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(iv) के उपभाग को यथा संभव मक और एक ान पर लखने का यास
कया जाए।
(v) शु , सट क और तकसंगत उ र को उ चत अ धमान दया जाएगा। वतनीगत
अशु य तथा वषयांतर क त म कम अथवा शू य अंक दे कर दं डत कया जा
सकता है।
खंड - क
- 1. न न ल खत ग ांश को यानपूवक पढ़कर पूछे गए ब वक पीय के
उ र ल खए। 1x5=5
ःख के वग म जो ान भय का है, वही ान आन द-वग म उ साह का है। भय म
हम तुत क ठन त के नयम से वशेष प म खी और कभी-कभी उस त
से अपने को र रखने के लए य नवान् भी होते ह। उ साह म हम आने वाली क ठन
त के भीतर साहस के अवसर के न य ारा तुत कम-सुख क उमंग से अव य
य नवान् होते ह। उ साह म क या हा न सहने क ढ़ता के साथ-साथ कम म वृ
होने के आन द का योग रहता है। साहसपूण आन द क उमंग का नाम उ साह है। कम-
सौ दय के उपासक ही स े उ साही कहलाते ह।
क या हा न के भेद के अनुसार उ साह के भी भेद हो जाते ह। सा ह य-मीमांसक ने
इसी से यु -वीर, दान-वीर, दया-वीर इ या द भेद कये ह। इनम सबसे ाचीन और
धान यु वीरता है, जसम आघात, पीड़ा या मृ यु क परवाह नह रहती। इस कार
क वीरता का योजन अ य त ाचीन काल से पड़ता चला आ रहा है, जसम साहस
और य न दोन चरम उ कष पर प च ं ते ह। पर के वल क या पीड़ा सहन करने के
साहस म ही उ साह का व प ु रत नह होता। उसके साथ आन द-पूण य न या
उसक उ क ठा का योग चा हए। बना बेहोश ए भारी फोड़ा चराने को तैयार होना
साहस कहा जायेगा, पर उ साह नह । इसी कार चुपचाप, बना हाथ-पैर हलाये, घोर
हार सहने के लए तैयार रहना साहस और क ठन से क ठन हार सहकर भी जगह
से न हटना धीरता कही जायेगी। ऐसे साहस और धीरता को उ साह के अ तगत तभी
ले सकते ह, जब क साहसी या धीर उस काम को आन द के साथ करता चला जायेगा
जसके कारण उसे इतने हार सहने पड़ते ह।
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(i) . उ साह उ प होने पर हम या य न करने को त पर हो जाते ह ?
(क) आने वाली क ठन त को सुलझाने का
(ख) साहस दखाने का
(ग) ई र भ का
(घ) क और ख दोन
(ii) . उ साह के भेद कस आधार पर कये जाते ह?
(क) क के आधार पर
(ख) हा न के आधार पर
(ग) साहस के आधार पर
(घ) उपरो सभी
(iii) उ साह के कतने भेद कये जाते ह?
(क) यु वीर और दयावीरर
(ख) दानवीर और धमवीर
(ग) क और ख दोन
(घ) उपरो म से कोई नह
(iv) उ साह का सबसे ाचीन और धान प कसे माना गया है?
(क) यु वीरता
(ख) दान वीरता
(ग) दया वीरता
(घ) उपरो म से कोई नह
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(v) . उ साह कसे कहा जाता है?
(क) साहसपूण आन द क उमंग को
(ख) यु वीरता को
(ग) दान वीरता को
(घ) ख और ग दोन को
-2 न न ल खत प ांश को यानपूवक पढ़कर पूछे गए ब वक पी के उ र
ल खए - 1x5=5
एक बार मुझे आँकड़ क उ टयाँ होने लग
गनते गनते जब सं या करोड़ को पार करने लगी
म बेहोश हो गया होश आया तो म अ ताल म था
खून चढ़ाया जा रहा था ऑ सजन द जा रही थी
क म च लाया डा टर मुझे बुरी तरह हँसी आ रही
यह हँसाने वाली गैस है शायद ाण बचाने वाली नह
तुम मुझे हँसने पर मजबूर नह कर सकते
इस दे श म हर एक को अफ़सोस के साथ जीने का पैदाइशी हक़ है
वरना कोई मायने नह रखते हमारी आज़ाद और जातं
डा टर ने समझाया- आँकड़ का वायरस बुरी तरह फै ल रहा आजकल
सीधे दमाग़ पर असर करता भा यवान ह आप क बच गए
कु छ भी हो सकता था आपको स पात क आप बोलते ही चले जाते
या प ाघात क हमेशा के लए ब द हो जाता आपका बोलना
म त क क कोई भी नस फट सकती थी इतनी बड़ी सं या के दबाव से
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हम सब एक नाजुक दौर से गुज़र रहे
तादाद के मामले म उ जे ना घातक हो सकती है आँकड़ पर कई दवा काम नह
करती शां त से काम ल अगर बच गए आप तो करोड़ म एक ह गे....
और म आँकड़ का काटा चीख़ता चला जा रहा था क हम आँकड़े नह आदमी ह।
(i) डॉ टर के अनुसार आँकड़े या कर सकते ह?
(क) ब त अ धक चता त कर सकते ह।
(ख) ब त अ धक उ े जत कर सकते ह।
(ग) आंकड़ क तादादनुसार इंसान का मू य घट-बढ़ सकता है।
(घ) च ांत कर अंट- संट बकने पर मजबूर कर सकते ह।
(ii) .क वता का सट क क य भाव कसे कहा जा सकता है?
(क) इंसान का अ त व उसक सोच व भावनाएं अब एक आंकड़ा मा ह।
(ख) आंकड़े मानवता क बारी क व अ य सामा जक पहलु का साधन ह।
(ग) अफ़सोस के साथ जीने का ज म स अ धकार है।
(घ) इंसान के गुण, तभा व वशेषताएँ आज क त म गौण हो गये ह।
(iii) अफ़सोस के साथ जीने का पैदाइशी हक़ सं वधान म दये कस अ धकार के
अंतगत आता है?
(क) . अ भ क वतं ता|
(ख) शोषण के व ।
(ग) संवैधा नक उपचार ।
(घ) सं कृ त व श ा।
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(iv) आँकड़ क उ टयाँ' - से क व का या ता पय है?
(क) आंकड़े इतने अ धक थे क दमाग उ ह वीकार नह कर रहा था।
(ख) आंकड़े इतने सट क थे क लेखक का दमाग मत हो गया था।
(ग) आंकड़ म न हत न कष अ यंत खेद-जनक व उपायहीन थे।
(घ) आंकड़े इतनी तेज़ी से बढ़ रहे थे क स पात का रोग हो सकता था।
(v) "तादाद के मामले म उ ेजना घातक हो सकती है"- पं का सही भावाथ हो
सकता है?
(क) तादाद घातीय कार से वृ कर उ े जत कर सकती है।
(ख) तादाद ारा ज नत उ ेजना ाणनाशक हो सकती है।
(ग) समझदार लोग तादाद क घात से भा वत नह होते ह।
(घ) उ ज
े ना क तादाद मनु य के पतन का एक मु य कारण हो सकता है।
खंड- ख
3. न न ल खत ब वक पीय के उ चत वक प चुनकर उ र-पु तका म
ल खए : 1x5=5
(ⅰ) महमूद कौन-सा खलौना लेता है?
(क) भ ती
(ख) सपाही
(ग) वक ल
(घ)धो बन
(ii) स े री क आँख से आंसू य टपकने लगे ?
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(क) खुशी के कारण
(ख) पा रवा रक कलह के कारण
(ग) आँख म चोट के कारण
(घ) कसी को भरपेट भोजन न मलने के ख के कारण
(iii) लोग टॉच बेचने वाले को ध का मारकर य भगा दे ते ह?
(क) उसके हँसने के कारण
(ख) वह कु प था
(ग) वह गंदेकाम करता था
(घ) उसका वहार ठ क नह था
(iv) 'गूग'े कहानी कहानी क मूल श ा या है?
(क) एक वकलांग के त समाज क संवेदनहीनता करना ।
(ख) चमेली के व का बखान करना
(ग) गूग
ं े के जीवन को दखाना
(घ) उपरो सभी
(v) महा मा यो तबा फु ले या करते थे ?
(क) गायक थे
(ख) लेखक थे
(ग) श क थे
(घ) दाश नक थे
न न ल खत के उ र द जए:
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4. (i) हा मद ने ने चमटे क उपयो गता को स करते
ए या- या तक दए? 2
(ii) गूँगा दया या सहानुभू त नह अ धकार चाहता था। स क जए। 2
(iii) मुंशी जी तथा स े री क अस ब बात कहानी से स ब कै से ह? (दोपहर का
भोजन) 3
(iv) उन लड़क ने कै से स कया क जानक सफ़ माँ नह , भारतमाता है? 3
5. न न ल खत ग ांश को पढ़कर पूछे गए के उ र ल खए: 1x5=5
ये सब तो समाज धम है, जो दे श काल के अनुसार शोधे और बदले जा सकते ह। सरी
खराबी यह ई है क उ ह महा मा बु मान ऋ षय के वंश के लोग ने अपने बाप-
दाद का मतलब न समझकर ब त से नये-नये धम बनाकर शा म धर दए। बस
सभी त थ त और सभी ान तीथ हो गए। सो इन बात को अब एक बेर आँख
खोलकर दे ख और समझ ली जए क फलानी बात उन बु मान ऋ षय ने य बनाई
और उनम दे श और काल के जो अनुकूल और उपकारी ह , उनको हण क जए। ब त
सी बात जो समाज - व मानी ह, कतु धमशा म जनका वधान है, उनको
चलाइए।जैसे जहाज का सफर, वधवा ववाह आ द। लड़क को छोटे पन म ही याह
करके उनका बल, वीय, आयु य सब मत घटाइए।
(i) गद्यांश के पाठ और लेखक का या नाम है?
(ii) सामा जक धम' कसे कहा गया है?
(iii) लेखक कस बात को हण करने को कहता है?
(iv) गद्यांश म कन सामा जक कु री तय को र करने को कहा गया है?
(v) बु मान ऋ षय क बात सही ढं ग से न समझने का या प रणाम आ ?
खंड - ग
6. न न ल खत ब वक पीय प के सही वक प चुनकर उ र-पु तका म
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ल खए :1×5=5
(ⅰ) कबीर कस का धारा के क व थे ?
(क) राम का धारा
(ख) सगुण का धारा
(ग) सूफ का धारा
(घ) नगुण का धारा
(ii) र ते न खुलने क सबसे बड़ी ववशता या है?
(क) संवादहीनता
(ख) नफरत
(ग) गरीबी
(घ) मतभेद
(III) ी कृ ण खेल म पुनः य शा मल हो गए ?
(क) वाल के भय से
(ख) ीदामा के आ ह के कारण
(ग) वे वयं खेलना चाहते थे
(घ) इनम से कोई नह
(iv) गो पय म ी कृ ण के मलने क आशा म पंच त व म से कौन-सा त व बाक रह
गया है ?
(क) जल
(ख) पृ वी
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(ग) आकाश
(घ) हवा
(V) 'दरबार' क वता म कस पर ं य कया गया है ?
(क) पतनशील और सामंती व ा पर
(ख) कृ ण और गो पय पर
(ग) गोपी के सपने पर
(घ) अ दरबार व ा पर
7. न न ल खत का ांश क स संग ा या क जए: 5
अरे इन दोहन बाह न पाई।
ह अपनी कर बड़ाई गागर छु वन न दे ई।
बे या के पायन-तर सोवै यह दे खो ह आई।
मुसलमान के पीर-औ लया मुग मुगा खाई।
खाला के री बेट याहे घर ह म करै सगाई।
बाहर से एक मुदा लाए धोय-धाय चढ़वाई।
सब स खयाँ म ल जवन बैठ घर-भर करै बड़ाई।
अथवा
गम बरफानी घाट म
शत सह फु ट ऊँचाई पर
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अलख ना भ से उठनेवाले
नज के ही उ मादक प रमल-
के पीछे धा वत हो-होकर
तरल त ण क तूरी मृग को
अपने पर चढ़ते दे खा है।
न न ल खत म से क ह दो के उ र द जए:
8.(i) कृ ण ने नंद बाबा क हाई दे कर दाँव य दया? 2
(ii) लाला के मन म उठने वाली वधा को अपने श द म ल खए। 2
(iii) र ते ह, ले कन खुलते नह - क व के सामने ऐसी कौन-सी ववशता है जससे
आपसी र ते भी नह खुलते ह ? 3
(iv) क तूरी मृग के वयं पर चढ़ने का या कारण बताया गया है? 3
खंड-घ
'अंतराल भाग-1' के आधार पर न न ल खत के उ र द जए:
कान पर बैठे-बैठे भी मकबूल के भीतर का कलाकार उनके कन
9.(i)
कायकलाप सेअ भ होता है ? 2
(ii) कला के त लोग का नज रया पहले कै सा था ? उसम अब या बदलाव
आया है? 2
(iii) शरत क रचना म उनके जीवन क अनेक घटनाएँ और पा सजीव हो उठे ह।
ववेचना क जए । 3
खंड-ड़
'अ भ और मा यम' के आधार पर न न ल खत के उ र द जए:
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10 (ⅰ) एनको डग कसे कहते ह? 1X5=5
(ii) लोकतं का चौथा तंभ कसे कहा जाता है ?
(iii) पट या से या अ भ ाय है ?
(iv) अनु मारक प लखने का या उद्दे शय होता है?
(v) डायरी लेखन हद सा ह य क कौन-सी वधा है।?
11.(i) संचार के मुख त व कौन-से ह? 3
(ii) व ानकोश से या अ भ ाय ह ? 2
12.पटकथा लखते समय कन- कन बात का यान रखना ज री है और य ? 5
अथवा
एक अ े ववृत क या वशेषताएँ होती है?
खड-च
'नै तक श ा' के आधार पर न न ल खत के उ र द जए : 2X4=8
13.(i) महारानीअ ह याबाई होलकर ारा जा क सु वधा हेतु कए गए दो काय
बताइए।
(ii) जैन धम के पाँच महा त कौन-से से ह?
(iii) सावरकर क मं दर नमाण के पीछे या भावना थी?
(iv) सी.वी.रमन क व ान म च होने का या भाव आ?
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