Page 1
F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
कक्षा 8
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 2: अदृश्य जीव-जगत — हमारी
आँख क क्षमता से परे
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ज ासा
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
8 – 27 19 47 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 44 pages
Page 2
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 8 · व ान · ज ासा
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 2: अदृश्य जीव-जगत — हमारी
आँख क क्षमता से परे
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे (पाठ्यपुस्तक ज ासा) के सभी प्रश्न के वस्तृत हल। यह अध्याय
जल से भरे गोल पदे वाले फ्लास्क से आरंभ होकर प्याज क झल्ली और कपोल क को शकाओं तक, और फर तालाब के जल क एक बूँद म रहने
वाले जीवाणु, कवक, प्रोटोजोआ और सूक्ष्म शैवाल तक ले जाता है — तथा दखाता है क ये अदृश्य जीव ही हमारी खाद, हमारा दही और हमारी
पावरोट बनाते ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
ज ासा (कक्षा 8) 8 – 27
खं ड प्रश्न
19 47
माध्यम
हन्द
खोजबीन और वचार कर — पृष्ठ 8
अध्याय का आरंभ — नग्न आँख से परे छपा संसार
खोजबीन और वचार कर
प्र.1 क्या आपने कभी सोचा है क य द आपके आस-पास का अदृश्य संसार दृश्यमान हो जाए तो आप क्या दे ख
पाएँगे?
आप पाएँगे क आपके आस-पास लगभग कुछ भी वास्तव म खाली नह है — जल क प्रत्येक बूँद, मृदा क एक चुटक ,
वायु, भोजन और स्वयं आपका शरीर भी सजीव से भरा हुआ दखाई दे गा।
इस अध्याय म जब आप वास्तव म दे खगे तो यही मलेगा —
स्लाइड पर रखी तालाब या रुद्ध जल क एक बूँद म अमीबा और पैरामी शयम ग त करते दखते ह तथा हरे एकको शक य
शैवाल भी ( क्रयाकलाप 2.4, ता लका 2.1)।
मृदा नलंबन क ऊपरी परत से ली गई बूँद म ब्रेड मोल्ड, अन्य कवक, शैवाल और गोलाकार, कॉमा, स पल तथा छड़ाकार
जीवाणु दखते ह ( क्रयाकलाप 2.5, ता लका 2.2)।
प्याज क पतली झल्ली ईंट क द वार जैसी दखती है और कपोल के भीतरी भाग से खुरचा गया पदाथ बहुभुजाकार
को शकाएँ दखाता है।
सड़ते हुए न बू या टमाटर पर कवक क वृ द्ध पाउडर या रुई जैसी दखती है, और आपक अपनी आँत म वे जीवाणु रहते ह जो
पाचन म सहायता करते ह।
Page 1 of 44
Page 3
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
ये क्य नह दखते: मानव नेत्र केवल एक न त आकार से बड़ी वस्तुओं को ही दे ख सकते ह। ये जीव उससे कह
छोटे ह, इसी लए लंबे समय तक अ ात रहे। सूक्ष्मदश इन्ह 100 से 400 गुना तक आव धत करता है, तभी ये
दखाई दे ते ह।
प्र.2 आपको क्या लगता है क इस अदृश्य संसार का अवलोकन करना — ‘आकार’, ‘ज टलता’ अथवा ‘सजीव ’ के
संबंध म आपके सोचने के ढं ग को कैसे प रव तत कर सकता है?
यह तीन ही धारणाओं को बदल दे ता है।
धारणा पहले जो अदृश्य संसार जो दखाता है
सोचते थे
आकार सजीव वही है जो जीवन की कोई न्यूनतम सीमा नही ं है। जीवाणु उस सबसे छोटे कण से भी बहुत छोटे है ं िजसे आँख पकड़
दखाई दे सकती है, िफर भी वे भोजन ले ते, बढ़ ते और गुणन करते है।ं दू स री ओर शुतरु मुग के अंडे का पीतक एक
ही कोिशका है िजसका व्यास लगभग 130 से 170 िमलीमीटर है।
जिटलता इतना छोटा है तो कोिशका तरल पदाथ का एक थैल ामात्र नही ं है। इसमें कोिशका िझल्ली, कोिशकाद व्य, के ं द क और
सरल ही होगा पादप कोिशका में लवक तथा रसधानी होते है ं — पत्येक का अपना िवशेष पकाय। एककोिशकीय अमीबा
अपने सभी जैव पक्रम उसी एक कोिशका में पूरे करता है।
‘सजीव’ सजीव और िवषाणु सूक्ष्मदश य और अकोिशकीय होते है ं — वे कोिशकाओं से बने ही नही ं है ं और जीिवत कोिशका में
िकसे कहे ं नज व स्पष्ट रूप पवेश करने पर ही गुणन करते है।ं अत: ‘सजीव’ की सीमारे खा उतनी स्पष्ट नही ं है िजतनी िदखती है।
से अलग ह
क्या आप जानते ह? यह प रवतन दूसरी दशा म भी काम करता है। जैसे ही हुक ने दे खा क कॉक छोटे -छोटे रक्त
प्रकोष्ठ से बना है, यह वचार संभव हो गया क सभी शरीर को शकाओं से बने ह — और यही एक वचार पौधे, क ट
और आपक व्याख्या कर दे ता है।
प्र.3 क्या आपने कभी सोचा है क ये सूक्ष्म जीव एक-दूसरे के साथ कस प्रकार परस्पर क्रया करते ह?
ये नरंतर परस्पर क्रया करते ह — आपस म, पौध -जंतुओं के साथ और हमारे साथ भी। अध्याय हर प्रकार क क्रया का
वास्त वक उदाहरण दे ता है।
बड़े जीव के भीतर रहकर उनक सहायता करते ह। राइजो बयम सेम, मटर और मसूर जैसी फ लय क मूल ग्रं थकाओं म
रहता है; यह वायु से नाइ ोजन अवशो षत करके पौधे के लए उपयोगी बनाता है और पौधा उसे आश्रय तथा भोजन दे ता है।
हमारी आँत के जीवाणु पाचन म सहायता करते ह।
Page 2 of 44
Page 4
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
दूसरे जीव के अवशेष पर पलते ह। कवक और जीवाणु गरी प त्तय , फल -स ब्जय के छलक और गोबर पर क्रया करके
इन ज टल पदाथ को सरल, पोषक-समृद्ध पदाथ म बदल दे ते ह — वघटन। ये पोषक तत्व म म लौट जाते ह और पौधे उन्ह
पुन: उपयोग करते ह।
एक-दूसरे का भोजन बनते ह। सूक्ष्म शैवाल सूय के प्रकाश से अपना भोजन स्वयं बनाते ह और अनेक जलीय जीव का भोजन
बनते ह — तालाब क आहार ंखला यह से आरंभ होती है।
प्र तस्पधा करते ह, और रोके भी जा सकते ह। अचार और मुरब्बे इस लए खराब नह होते क्य क नमक या चीनी क अ धक
मात्रा इन जीव को पनपने नह दे ती।
कुछ आक्रमण भी करते ह। वषाणु पौध , जंतुओं अथवा जीवा ण्वक को शकाओं को संक्र मत कर रोग उत्पन्न कर सकते ह।
यह क्य महत्त्वपूण है: इनम से लगभग हर क्रया का अंत कसी वस्तु के वघ टत होकर आगे बढ़ने म होता है —
पोषक तत्व म म, शकरा दही म, पादप अप शष्ट खाद म। यही पुनचक्रण प्रकृ त म सूक्ष्मजीव का मुख्य काय है।
प्र.4 अपने प्रश्न को साझा क जए।
इस पृष्ठ के चत्र आपके मन म जो प्रश्न उठाते ह उन्ह ल खए — यहाँ अच्छा प्रश्न वही है जसे आप आगे चलकर स्लाइड,
सूक्ष्मदश या रसोईघर के कसी प्रयोग से जाँच सक।
प्रश्न बनाने क व ध — जो आपने दे खा उसे ली जए, उसम क्य , कैसे, कहाँ या य द ऐसा हो तो जो ड़ए, और दे खए क कोई
अवलोकन उसका उत्तर दे सकता है या नह ।
नमूना प्रश्न —
य द तालाब के जल क एक बूँद म इतने जीव ह तो पूरे तालाब म कतने ह गे?
सक के पास रखी ब्रेड तीन दन म फफूँद दार क्य हो जाती है और रे जरेटर म रखी क्य नह ?
क्या मेरे बगीचे क मृदा के सूक्ष्मजीव खेत क मृदा के सूक्ष्मजीव जैसे ही ह?
य द जीवाणु मेरी आँत म रहकर पाचन म सहायता करते ह तो बीमार पड़ने पर उनका क्या होता है?
प्याज क झल्ली क को शका म को शका भ त्त है और मेरी कपोल को शका म नह — तो कपोल को शका अपना आकार
कससे बनाए रखती है?
ग मय म दही रातभर म जम जाता है पर स दय म बहुत दे र लगती है। तापमान जीवाणुओं के साथ ठ क-ठ क क्या करता है?
संकेत: इस सूची को अपनी नोटबुक म र खए। अध्याय के अंत म पुस्तक कहती है क अपने सा थय ारा बनाए
प्रश्न पर चतन कर और उत्तर दे ने का प्रयास कर — तब तक इनम से अनेक प्रश्न के उत्तर मल चुके ह गे।
क्रयाकलाप 2.1— आइए, अवलोकन कर — पृष्ठ 9
Page 3 of 44
Page 5
ase
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
जल से भरा फ्लास्क जो लस क भाँ त काय करता है
co m
e m.
m as
क्रयाकलाप
.co a g l
a s emआपने कुछ रोचक दे खा?
gl
क्या
a
प्र.1
o m
c ag
.
mके अक्षर बड़े दखाई दे ते ह।
s e
हाँ — जल से भरे फ्लास्क के माध्यम से दे खने पर पुस्तक
a
agl
ऐसा क्य होता है: गोल पदे वाले फ्लास्क म भरे जल का आकार दे खए। वह बीच से मोटा और कनार पर पतला है
— ठ क उसी काँच के व क्रत टु कड़े जैसा जसे लोग ने लस कहा था, क्य क वह मसूर क दाल के दाने जैसा
co m
दखता था। अक्षर से आने वाला प्रकाश जल के इस व क्रत पड से गुजरते समय मुड़ जाता है और आपक आँख तक
em.
c o m g l as
.
ऐसे पहुँचता है मानो वह कसी बहुत बड़े अक्षर से आया हो। इसी लए जल से भरा फ्लास्क आवधक लस क भाँ त
कायm
e a
s
करता है।
a gla
s
स्वयं जाँ चए: फ्लास्क को पृष्ठ के ऊपर धीरे-धीरे ऊपर-नीचे क जए। अक्षर बड़े-छोटे होते ह और एक स्थ त पर
m a
.co agl
धुँधले पड़ जाते ह। लस केवल उ चत दूरी पर ही स्पष्ट आवधन दे ता है — इसी कारण सूक्ष्मदश म फोकस करने का
se m
l a
नॉब होता है।
a g
co m
m .
e
अब एक वास्त वक आवधक लस ली जए और कसी छोटे जीव जैसे च ट को दे खए। क्या आप उसके शरीर क
as
प्र.2
m l
.co g
संरचना को पहले से अ धक स्पष्ट दे ख पाए?
em a
a s
agl उत्तर
m
हाँ। जो ववरण नग्न आँख से अलग-अलग नह दखते वे आवधक लस से स्पष्ट हो जाते ह।
a se
.com g l
च ट म अब आप दे ख सकते ह —
m a
ase
agl
शरीर स्पष्ट भाग म बँटा हुआ, जनके बीच पतली-सी ‘कमर’ है;
मुड़े हुए ृं गकाओं (एंट ना) का एक जोड़ा जसे च ट बार-बार भू म पर थपथपाती है;
छह सं धत टाँग, जनके सर पर बारीक नखर ह;
co m
.
शरीर पर महीन रोम और आगे क ओर जबड़े।
em
m l as
.co a g
m लगते ह। लस च ट को आपके दृ ष्ट-क्षेत्र म कह बड़ा स्थान दे दे ता है, जससे वे दोन बदु इतनी दूर पड़ते ह क
आवधक लस सहायता क्य करता है: च ट क टाँग पर दो बदु इतने पास ह क नग्न आँख को वे एक ही बदु
l a se
ag
c
आँख उन्ह अलग-अलग दे ख ले। आवधन बस इतना ही करता है — और यही कारण है क आवधक लस से
m .
सूक्ष्मदश तक प्रत्येक नए उपकरण ने पहले से अ धक दखाया।
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 4 of 44
Page 6
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 लंबे समय तक लोग अपने आस-पास के सूक्ष्म जीव को दे खने के लए उत्सुक थे परंतु वे उन्ह अपनी नग्न आँख
से नह दे ख सकते थे तो फर हम इस अदृश्य संसार क खोज कैसे कर पाए? क्या आप जानते ह क कौन-सी
वै ा नक खोज ने हम सवप्रथम इस सूक्ष्म संसार को दे खने म सहायता क ?
सूक्ष्मदश के आ वष्कार ने। सूक्ष्मदश ने ही छोटे -छोटे जीव से भरे अदृश्य संसार का माग खोला।
वै ा नक वष क्या कया
रॉबट हक
ु 1665 माइक्रोग्रा फया प्रका शत क जसम उन छोट वस्तुओं के आव धत चत्र थे जन्ह पहले कसी ने नह दे खा था।
उनका सूक्ष्मदश वस्तुओं को वास्त वक आकार से 200 से 300 गुना बड़ा दखाता था। कॉक के एक पतले
टु कड़े म उन्ह मधुमक्खी के छत्ते जैसे छोटे -छोटे रक्त प्रकोष्ठ दखे और उन्ह ने प्रत्येक को को शका कहा —
व ान म इस शब्द का पहला प्रयोग।
एंटोनी वॉन 1660 डच वै ा नक जन्ह ने अ धक प रष्कृत लस बनाकर अ धक उपयोगी सूक्ष्मदश का नमाण कया। वे जीवाणु
ल्यूवेनहॉक का और रक्त को शकाओं जैसे सूक्ष्मजीव को स्पष्ट रूप से दे खने और उनका वणन करने वाले प्रथम व्य क्त
दशक थे और सूक्ष्मजै वक के जनक कहलाते ह।
इतना समय क्य लगा: क ठनाई ज ासा क कमी नह थी — क ठनाई यह थी क इन जीव को इतना बड़ा
दखाने वाला कोई उपकरण ही नह था। जैसे ही लस इतने अच्छे बने क उन्ह जोड़कर सूक्ष्मदश बनाया जा सका,
सूक्ष्मजीव का पूरा संसार एक ही पीढ़ म दृश्यमान हो गया।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 9
आँख कतनी छोट वस्तु दे ख सकती ह?
प्र.1 क्या आपने कभी यह सोचा है क आपक आँख से दखाई दे ने वाला सबसे छोटा जीव कौन-सा है? इस वषय
पर वचार क जए क आपक आँख कतनी छोट वस्तु को दे ख सकती ह?
बना कसी उपकरण के हमम से अ धकांश लोग जो सबसे छोटे जीव दे ख पाते ह वे ह छोट च ट , पत्ती पर बैठा कुटक
(माइट) या फूल पर बैठा कोई नन्हा क ट — लगभग एक पूण वराम या सरस के दाने के बराबर। इससे छोट वस्तु को आँख
पृष्ठभू म से अलग नह कर पाती।
यह सीमा क्य है: मानव नेत्र केवल एक न त आकार से बड़ी वस्तुओं को ही दे ख सकते ह। उससे छोट वस्तु का
प्र त बब इतना छोटा बनता है क आँख उसे एक अलग आकृ त के रूप म दज ही नह कर पाती। यह ध्यान क कमी
नह , आँख क न त सीमा है — और यही कारण है क हमारे आस-पास के इतने जीव इतने लंबे समय तक अ ात
रहे।
Page 5 of 44
Page 7
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
करके दे खए: पैनी प सल से कागज़ पर एक पूण वराम बनाइए और धीरे-धीरे पीछे ह टए। जस दूरी पर बदु लुप्त
हो जाए वही आपक अपनी आँख क सीमा है। अब उसी बदु को आवधक लस से दे खए — वह एक खुरदरा,
असमान धब्बा दखेगा। इस अध्याय का प्रत्येक जीव उस बदु से भी छोटा है।
प्र.2 आपने कुछ लोग को पढ़ने के लए चश्मा पहने हुए दे खा होगा। क्या आपने सोचा है क चश्मा उन्ह स्पष्ट दे खने म
कैसे सहायता करता है? अथवा क्या होता है जब हम कसी वस्तु का अवलोकन करने के लए आवधक लस का
उपयोग करते ह?
दोन एक ही प्रकार से काय करते ह — काँच का एक व क्रत टु कड़ा वस्तु को आँख के सामने उसके वास्त वक आकार से
बड़ा प्रस्तुत कर दे ता है।
पढ़ने का चश्मा ऐसे लस का उपयोग करता है जो बीच से मोटा और कनार पर पतला होता है। जो छपाई छोट और धुँधली
लगती थी वह बड़ी और स्पष्ट दखने लगती है, जससे पाठक अक्षर को सरलता से पहचान लेता है।
आवधक लस उसके नीचे रखी वस्तु के साथ यही करता है। च ट , बालू का कण या फूल का कोई भाग आपके दृ ष्ट-क्षेत्र का
बड़ा हस्सा घेर लेता है, जससे आपस म मले हुए ववरण अलग-अलग दखने लगते ह।
ऐसा क्य होता है: काँच का यह टु कड़ा व क्रत है — बीच से मोटा, कनार पर पतला, मसूर क दाल के दाने जैसा,
इसी लए इसे लस कहा जाता है। वस्तु से आने वाला प्रकाश लस से गुजरते समय मुड़ता है और आँख म ऐसे प्रवेश
करता है मानो वह कसी बहुत बड़ी वस्तु से आया हो। इसी प्रकार लस को चरण-दर-चरण सुधारते जाने से अंतत:
सूक्ष्मदश बना।
क्रयाकलाप 2.2— आइए, को शका का अध्ययन कर — पृष्ठ 11
Page 6 of 44
Page 8
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.1 को शका क्या है? — सूक्ष्मदश से प्याज क झल्ली
क्रयाकलाप
प्र.1 आपको चत्र 2.3 (ग) और 2.3 (घ) म क्या समानताएँ दखती ह?
कोिशका िभि
कोिशका िझल्ली
कें दक
कोिशकादव्य
(ग)
(घ)
चत्र 2.3 — (ग) सूक्ष्मदश से दे खने पर प्याज क झल्ली क संरचना और (घ) ईंट से बनी द वार।
सूक्ष्मदश से दे खी गई अ भरं जत प्याज क झल्ली ( चत्र 2.3 ग) ठ क ईंट से बनी द वार ( चत्र 2.3 घ) जैसी दखती है।
दोन लगभग एक जैसे आकार क अनेक छोट इकाइय से बने ह — लगभग आयताकार को शकाएँ, और आयताकार ईंट।
ये इकाइयाँ बना कसी अंतराल के सघन रूप से पं क्तय म व्यव स्थत ह।
प्रत्येक इकाई क अपनी स्पष्ट सीमा है — झल्ली म को शका भ त्त, द वार म ईंट का कनारा।
पूरी रचना कसी एक इकाई से कह बड़ी है, परंतु बनी केवल उन्ह दोहराई गई इकाइय से है।
पुस्तक यह चत्र क्य दे ती है: यह अध्याय के कद्र य वचार को एक ही चत्र म बैठा दे ता है — को शका जीवन क
मूल इकाई है, ठ क जैसे ईंट द वार क मूल इकाई है। द वार को समझने के लए गारे का अध्ययन नह कया जाता;
एक ईंट को और फर उनके जुड़ने के ढं ग को समझा जाता है। पत्ती, प्याज और आपके अपने शरीर के लए भी यही
सच है।
संकेत: सै े नीन को शकाएँ बनाता नह — वह केवल उन्ह गुलाबी रंग दे ता है जससे उनक सीमाएँ पृष्ठभू म से उभर
आएँ। ग्लसरीन झल्ली को सूखने से बचाकर चत्र को और स्पष्ट बनाता है।
Page 7 of 44
Page 9
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 आपके वचार से जंतुओं का शरीर कससे बना होता है?
जंतुओं का शरीर भी को शकाओं से ही बना होता है। प्याज क झल्ली कोई अपवाद नह — प्रत्येक सजीव, चाहे पौधा हो या
जंतु, को शकाओं से बना है।
आप इसे अगले ही क्रयाकलाप म स्वयं पर सद्ध कर सकते ह — स्वच्छ टू थ पक के कुंद सरे से अपने कपोल के भीतरी भाग को
खुर चए, मे थलीन ब्लू से अ भरं जत क जए और सूक्ष्मदश से दे खए। आपको बहुभुजाकार कपोल को शकाएँ दखगी जो
आपके मुँह क आंत रक परत बनाती ह ( चत्र 2.4)।
क्या समान है और क्या भन्न: प्याज क झल्ली और कपोल — दोन क को शकाओं म तीन मूल भाग ह —
को शका झल्ली, को शकाद्रव्य और कद्रक। परंतु प्याज क को शका म एक अ त रक्त बाहरी परत, को शका
भ त्त, होती है जो जंतु को शका म नह होती। यही एक भन्नता है जसके कारण झल्ली दृढ़ ईंट क द वार जैसी
और कपोल को शकाएँ मुलायम तथा अ नय मत दखती ह।
क्रयाकलाप 2.3— आइए, अन्वेषण कर — पृष्ठ 12
खंड 2.1 को शका क्या है? — मानव कपोल क को शकाएँ
क्रयाकलाप
प्र.1 आपने क्या अवलोकन कया?
स्लाइड पर फैली हुई बहुभुजाकार संरचनाएँ दखती ह, जैसी चत्र 2.4 म दशाई गई है। ये कपोल क को शकाएँ ह — ये
आपके मुँह क आंत रक परत बनाती ह।
प्रत्येक को शका म तीन चीज़ पहचानी जा सकती ह —
एक पतली बाहरी सीमा — को शका झल्ली;
मध्य के पास गहरे रंग म रँगी एक गोल संरचना — कद्रक;
इन दोन के बीच का स्थान, जो को शकाद्रव्य से भरा है।
अ भरंजक क्य आवश्यक है: कपोल क को शका लगभग रंगहीन होती है, अत: चमक ली पृष्ठभू म पर उसक
रूपरेखा लगभग अदृश्य रहती है। मे थलीन ब्लू क एक बूँद वपयास (कं ास्ट) बढ़ा दे ती है — कद्रक सबसे अ धक
अ भरंजक लेता है और सबसे गहरा दखता है, जससे को शका के भाग सूक्ष्मदश म स्पष्ट रूप से अलग दखाई दे ते
ह। इसके बाद डाली गई ग्लसरीन क बूँद को शकाओं को दे खते समय सूखने से बचाती है।
Page 8 of 44
Page 10
as e
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
स्वयं जाँ चए: प्याज क झल्ली के वपरीत कपोल को शकाएँ प्राय: बखरी हुई या एक-दूसरे पर चढ़ हुई दखती ह।
mत एक-दूसरे से
ऐसा इस लए क आपने उन्ह एक परत से खुरचकर अलग कया है — मुँह के भीतर वे टाइल क eभाँ
s
सट रहती ह।.co
m gl a
em a
a s
agl
com
ag
क्रयाकलाप 2.2 म प्याज क झल्ली क को शकाओं और क्रयाकलाप 2.3 म मानव कपोल क को शकाओं के
.
प्र.2
e m
as
बीच आपने क्या समानताएँ और भन्नताएँ दे ख ?
a g l
दोन को शकाएँ ह और दोन म वही तीन मूल भाग ह; प्याज क को शका म एक अ त रक्त परत है, और उसी से पूरे
co m
ऊतक का रूप बदल जाता है।
se m.
m l a
m .co agशका (जंतु)
ase
प्याज क झल्ली क को शका (पादप) कपोल क को
aglकोिशका िझल्ली उप स्थत उप स्थत
m a s
.co agl
कोिशकाद व्य उप स्थत उप स्थत
se m
कें द क उप स्थत
g l a उप स्थत
कोिशका िभि
a
उपिस्थत — एक अितिरक्त बाहरी परत अनुपिस्थत
co m
m .
e
आकार लगभग आयताकार, न त और नय मत बहुभुजाकार, पतली और चपट
m l as
.co a g
em
व्यवस्था ईंट क भाँ त बना अंतराल के सघन पं क्तय म स्लाइड पर बखरी हुई या एक-दूसरे पर चढ़ हुई
a s
agl पयुक्त अिभरंजक सै े नीन (लाल) मे थलीन ब्लू (नीला)
se m
com g l a
. a
आकार म यह अंतर क्य : पादप को शका म को शका भ त्त मजबूती और दृढ़ता प्रदान करती है। भ त्त कठोर
m
ase
होती है, अत: वह को शका को न त आयताकार रूपरेखा म बाँधे रखती है और को शकाओं को एक-दूसरे से
a gl
सटकर सघन रूप से जमने दे ती है। जंतु को शका म केवल लचीली को शका झल्ली होती है, इस लए उसक
रूपरेखा मुलायम तथा अ नय मत होती है और वह आकार बदल भी सकती है।
co m
m .
as e
. om — पृष्ठ 12
cप्रश्न a g l
a s em
पाठ्य
agl
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 9 of 44
Page 11
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.1 — को शका के भाग और उनके प्रकाय
प्र.1 को शका म इन संरचनाओं का क्या महत्त्व है? ये क्या काय करती ह? क्या ये काय जीवन को बनाए रखने के लए
महत्त्वपूण ह?
प्रत्येक भाग एक आवश्यक काय करता है और मलकर ये को शका को — और इस प्रकार पूरे जीव को — जी वत रखते
ह। हाँ, ये काय अ नवाय ह; इनम से कोई भी रुक जाए तो को शका जी वत नह रह सकती।
को शका का क्या करता है य द न हो तो
भाग
कोिशका िझल्ली को शकाद्रव्य और कद्रक को घेरे रहती है तथा एक को शका को दूसरी से कोिशका की कोई सीमा ही न होती;
अलग करती है। यह सरंध्र होती है, अत: जैव प्रक्रम के लए आवश्यक उपयोगी पदाथ बाहर िनकल जाते और
पदाथ का प्रवेश और अप शष्ट पदाथ का नकास होने दे ती है। अपिशष्ट भीतर जमा होता रहता
कोिशकाद व्य को शका के अन्य घटक तथा काब हाइ ेट, प्रोट न, वसा और ख नज कोिशका के रासायिनक काय ं के िलए
लवण जैसे यौ गक को रखता है। अ धकांश जैव प्रक्रम को शकाद्रव्य कोई स्थान ही न होता
के भीतर ही होते ह।
कें द क को शका के भीतर होने वाली सभी ग त व धय को नयं त्रत करता है कोिशका की गितिविधयाँ अिनयंित्रत हो
और वृ द्ध को भी नयं त्रत करता है। जाती ं और वह ठीक से वृिद्ध न कर पाती
कोिशका िभि पौध को मजबूती और दृढ़ता प्रदान करती है, इसी लए पादप को शकाएँ पौधे के पास खड़ े रहने के िलए कोई दृ ढ़
(पादप कोिशका) सघन रूप से व्यव स्थत और सुदृढ़ दखती ह। संरचना न होती
कोिशका िभि
केंदक
रसधानी
कोिशका िझल्ली
हिरत लवक
कोिशकादव्य
(क) जंत ु कोिशका (ख) पादप कोिशका
जंतु को शका और पादप को शका म वही तीन मूल भाग — को शका झल्ली, को शकाद्रव्य और कद्रक। पादप को शका म इसके अ त रक्त
को शका भ त्त, ह रत लवक और एक बड़ी रसधानी होती है ( चत्र 2.5)।
Page 10 of 44
Page 12
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
इसके पीछे का वचार: को शका तरल पदाथ का एक थैलामात्र नह है। यह कई व भन्न भाग से बनी एक ज टल
संरचना है जनम से प्रत्येक का अपना वशेष प्रकाय है, और काय का यही बँटवारा को शका को — और उसके
माध्यम से संपूण जीव को — काय करने योग्य बनाता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 13
खंड 2.1.1 को शकाओं के आकार और संरचना म व भन्नता
प्र.1 क्या व भन्न जंतु को शकाएँ भी आकार और संरचना म भन्न होती ह?
हाँ। एक ही जंतु म — यहाँ तक क एक ही मानव शरीर म — को शकाएँ आकार, आमाप और संरचना म बहुत भन्न होती
ह।
पेशी को शका तकुरूपी होती है — बीच से मोट और दोन सर पर पतली ( चत्र 2.6 क)।
तं त्रका को शका बहुत लंबी और शा खत होती है ( चत्र 2.6 ख)।
कपोल क को शकाएँ, जो आपने क्रयाकलाप 2.3 म दे ख , पतली, चपट और बहुभुजाकार होती ह।
कुछ को शकाएँ गोलाकार होती ह तो कुछ लंबी एवं पतली।
व भन्न जीव म को शकाओं क संख्या भी भन्न- भन्न होती है — जीवाणु या अमीबा म केवल एक, और वृक्ष या मनुष्य म असंख्य।
ये भन्न क्य होती ह: क्य क इनके काय भन्न ह। को शकाओं का व शष्ट आकार, आमाप और संरचना उन्ह अपने
व शष्ट काय करने म सहायता करती है — अगले दो प्रश्न इसी बात को आगे बढ़ाते ह।
Page 11 of 44
Page 13
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 मानव क पेशी को शका और तं त्रका को शका को चत्र 2.6 (क) और (ख) म दशाया गया है। आप इनम क्या
समानताएँ और भन्नताएँ दे खते ह?
(क) पेशी कोिशका
(ख) तंित्रका कोिशका
चत्र 2.6 — मनुष्य म व भन्न प्रकार क को शकाएँ।
दोन एक ही योजना पर बनी जंतु को शकाएँ ह; भन्नता लगभग पूरी तरह आकार क है।
पेशी को शका ( चत्र 2.6 क) तं त्रका को शका ( चत्र 2.6 ख)
मूल भाग को शका झल्ली, को शकाद्रव्य, कद्रक को शका झल्ली, को शकाद्रव्य, कद्रक
कोिशका िभि / हिरत लवक अनुप स्थत (जंतु को शका है) अनुप स्थत (जंतु को शका है)
आकार तकु रूपी — बीच से मोटी, दोनों िसरों पर नुकीली बहुत लंबी, िसरों पर अनेक शाखाओं वाली
गण
ु पतली और लचीली, अत: छोट -लंबी हो सकती है द घ कृत और शा खत, अत: दूर तक पहुँच सकती है
पकाय संकु चत और श थल होकर ग त उत्पन्न करती है शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक संदेश ले जाती है
Page 12 of 44
Page 14
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: तं त्रका को शका को न्यूरॉन भी कहते ह। इसक शाखाएँ ही एक को शका को अनेक को शकाओं तक
पहुँचने दे ती ह, जससे संदेश शरीर म शीघ्रता से फैल जाता है।
प्र.3 को शकाएँ एक-दूसरे से इतनी भन्न क्य दखती ह? क्या को शका का आकार और संरचना उसके प्रकाय से
संबं धत है?
हाँ — को शका का आकार और संरचना सीधे उसके काय से जुड़े होते ह। को शकाओं का व शष्ट आकार, आमाप और
संरचना उन्ह अपने व शष्ट काय करने म सहायता करती है।
को शका उसका आकार वह प्रकाय जो यह आकार संभव बनाता है
कपोल की आंतिरक पतली और चपट कपोल की आंतिरक सतह पर िचकनी सुरक्षात्मक परत बनाती है
कोिशका
तंित्रका कोिशका (न्यूर ॉन) द घ कृत और शा खत शरीर के िविभन्न भागों तक पहचु ँ कर संदे शों को शीघता से पहचु ँ ाती है
भोजन नली की पेशी पतली, लचीली, तकुरूपी लहर की तरह संकुिचत और िशिथल होकर भोजन को आमाशय तक
कोिशका धके लती है
प्याज की िझल्ली की लगभग आयताकार, को शका भ त्त सघन रूप से जमकर एक दृ ढ़ सुरक्षात्मक परत बनाती है
कोिशका स हत
कु छ पादप कोिशकाएँ लंबी और न लकाकार िसरे से िसरा जुड़कर लंबी निलकाएँ बनाती है ं जो पूरे पौधे में पानी
पहचु ँ ाती है ं
ऐसा क्य होता है: कोई आकार केवल एक वशेष प्रकार के काय के लए ही उपयोगी होता है। संदेश को लंबी दूरी
तय करनी है, इस लए उसे ले जाने वाली को शका लंबे धागे जैसी खची हुई है और सर पर शा खत है। परत को
बना अंतराल के क्षेत्र ढकना है, इस लए उसक को शकाएँ चपट और चौड़ी ह। जस को शका को ख चना है उसे
छोटा होना आना चा हए, इस लए वह पतली और लचीली है। आकार बदल द जए तो को शका अपना काय ही न
कर पाएगी — यही कारण है क समान काय करने वाली को शकाएँ चाहे कह भी ह , एक जैसी दखती ह।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 14
Page 13 of 44
Page 15
as e
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.2 सजीव के शरीर म संगठन के स्तर क्या ह?
co m
em.
m l as
.co a g
ये को शकाएँ शरीर म व भन्न काय को करने म कैसे सहायता करती ह?
m
प्र.1
l a se
a g
m
एक ही प्रकार क को शकाएँ समूह बनाती ह, और वह समूह ऐसा काय करता है जो अकेली को शका नह कर सकती।
. co ag
m
पाचन तंत्र, जो आपने कक्षा 7 म पढ़ा था, इसे स्पष्ट रूप से दखाता है।
as e
a g l
भोजन नली म पेशी को शकाओं का एक समूह होता है। ये को शकाएँ लहर क तरह संकु चत और श थल होती ह जससे
भोजन आमाशय तक पहुँचता है। यह लहर इस लए बन पाती है क्य क ये को शकाएँ पतली, लचीली और तकुरूपी ह, और
m
क्य क वे एक साथ नह , एक के बाद एक क्रया करती ह।
co
m.
आमाशय क भ त्त म भी पेशी को शकाएँ होती ह; ये भोजन को मथने म सहायता करती ह।
m ase
.co l
आमाशय के आंत रक आस्तर क अन्य को शकाएँ पाचक रस और अम्ल उत्पन्न करती ह जो भोजन को वघ टत करते ह।
a g
se m
a
इनम से कोई भी को शका अकेले भोजन नह पचाती। पाचन इस लए संभव है क्य क ये सभी मलकर काय करती ह।
a g l
m a s
m.co agl
l a se अंग-तंत्र
g
कोिशका ऊतक अंग जीव
a
पेशी कोिशका पेशी ऊतक आमाशय पाचन तंत्र मनुष्य
co m
m .
m
संगठन के स्तर ( चत्र 2.7), उदाहरण के रूप म पाचन तंत्र।
as e
.co a g l
s m
eइसक
gl a
a
े पीछे का वचार: समान को शकाओं का समूह ऊतक बनाता है; व भन्न ऊतक मलकर अंग बनाते ह; कई
m
अंग मलकर अंग-तंत्र बनाते ह; और सभी अंग-तंत्र मलकर संपूण जीव बनाते ह। को शका जीवन क मूल इकाई
a se
com l
है, ठ क जैसे ईंट द वार क मूल इकाई है — परंतु एक ईंट द वार नह होती, और एक को शका आमाशय नह होती।
. a g
m
ase
agl
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 15
co m
खंड 2.3 सूक्ष्मजीव क्या ह?
m .
o m l a se
m .c परंतु इनक को शकाएँ कैसी दखती ह? क्या ये उन पौध और जंतुओंagक को शकाओं के समान ह जनके वषय
a se
प्र.1
agl
म हमने अभी-अभी पढ़ा है अथवा ये अलग ह?
.c
s e m
m a
co agl
m .
as e
ये कुछ हद तक पादप और जंतु को शकाओं जैसी ह और कुछ हद तक भन्न — और यही भन्नताएँ एक प्रकार के
सूक्ष्मजीव को दूसरे से अलग करती ह।
a g l
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 14 of 44
Page 16
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
जो समान है: जंतु और पादप को शकाओं क भाँ त सूक्ष्मजीव क को शकाएँ भी को शका झल्ली से घरी होती ह और उनम
को शकाद्रव्य होता है।
जो भन्न है:
सूक्ष्मजीव उसक को शका कस प्रकार भन्न है
कवक (यीस्ट, फफूँ दी) को शका झल्ली के अ त रक्त को शका भ त्त भी होती है, परंतु ह रत लवक नह होते — अत: ये प्रकाश
सं ेषण ारा अपना भोजन स्वयं नह बना सकते
जीवाण ु इनमें सुस्पष्ट के ं द क और के ं द कीय िझल्ली नही ं होती। उसके स्थान पर के ं द काभ होता है। यही िवशेषता इन्हे ं यीस्ट,
पोटोजोआ, शैवाल , कवक, पौधों और जंतओ ु ं की कोिशकाओं से अलग करती है
पोटोजोआ (अमीबा, एकको शक य, सुस्पष्ट कद्रक स हत; सभी जैव प्रक्रम एक ही को शका म करते ह
पैर ामीिशयम)
शैवाल और सूक्ष्म शैवाल इनम ह रत वणक होता है, अत: ये सूय के प्रकाश से अपना भोजन स्वयं बनाते ह
कुछ सूक्ष्मजीव एकको शक य होते ह (जीवाणु, प्रोटोजोआ, और कवक म यीस्ट) तथा कुछ बहुको शक य (फफूँद , कुछ शैवाल)।
इन्ह पहचानने के लए सूक्ष्मदश क्य चा हए: ये सारी भन्नताएँ ऐसे शरीर के भीतर ह जो आँख क सीमा से कह
छोटा है। 100 से 400 गुना आवधन वाला सूक्ष्मदश आकार और मुख्य भाग दखा दे ता है। को शका के भीतर के
और छोटे घटक को दे खने के लए इलेक् ॉन सूक्ष्मदश चा हए, जो को शका को लगभग 10,00,000 गुना
आव धत कर दे ता है।
क्रयाकलाप 2.6— आइए, अध्ययन कर — पृष्ठ 16
खंड 2.3 — तालाब के जल और मृदा नलंबन के जीव का अ भलेखन
क्रयाकलाप
प्र.1 क्या आपने भी इनम से कसी सूक्ष्मजीव अथवा कसी अन्य सूक्ष्मजीव का अवलोकन कया है? इसे अपनी
अभ्यास पु स्तका म अ भले खत क जए और अपनी कक्षा म इस पर चचा क जए।
पहले अवलोकन क जए, फर जो दे खा वही ठ क-ठ क अ भले खत क जए — आकार, ग तशील है या नह , हरा है या
नह — और उसके बाद ही नाम दे ने का प्रयास क जए। पुस्तक क दोन ता लकाएँ (2.1 और 2.2) कक्षा 8 के वद्या थय के
एक समूह का अ भलेख ह; आपका अ भलेख भी इसी प्रकार बनना चा हए।
पुस्तक का अ भलेख इस प्रकार है —
Page 15 of 44
Page 17
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
ता लका 2.1 — तालाब के जल म उप स्थत जीव
क्र.सं. अवलो कत अ भले खत आँकड़े
सूक्ष्मजीव
1. अमीबा (पोटोजोआ) एकल को शका, ग तशील एवं अ नय मत आकार
2. पैर ामीिशयम एकल को शका जो वशेषीकृत संरचनाओं क सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान पर संचलन करती
(पोटोजोआ) है
3. शैवाल (काई) एकल को शका, ह रत वणक क उप स्थ त के कारण हरा दखता है एवं संचलन व शष्ट संरचनाओं
क सहायता से होता है
ता लका 2.2 — मृदा नलंबन म उप स्थत जीव
क्र.सं. जीव ववरण
1. बेड मोल्ड पणह रत हीन शा खत तंतु जनम थैली जैसी संरचना होती है
(कवक)
2. फफूँ दी (कवक) पणह रत हीन शा खत तंतु जनम ब्रश जैसी संरचना होती है
3. शैवाल गोलाकार एवं पणह रत (हरे वणक) क उप स्थ त होती है
4. जीवाण ु गोलाकार, कॉमा, स पल अथवा छड़ाकार, एक लंबे बाल जैसी संरचना तथा को शका के चार ओर छोटे बाल
जैसे अनेक प्रवध
नमूना उत्तर: “तालाब के जल म मुझे दो प्रकार के जीव दखे। एक एकल को शका थी जसका कोई न त आकार नह था और
ग त करते समय उसक रूपरेखा धीरे-धीरे बदलती रही — यह अमीबा से मेल खाती है। दूसरा हरा और गोलाकार था और बहता
हुआ दखा — एकको शक य शैवाल। मृदा नलंबन म मुझे छोटे छड़ाकार पड मले जो हरे नह थे, और एक शा खत तंतु जस पर
छोटे -छोटे गोल सरे थे, जो फफूँद से मेल खाता है। पैरामी शयम मुझे नह दखा।”
संकेत: पुस्तक क ता लकाओं के स्तंभ को ही अपने शीषक बनाइए — आकार, एक को शका या अनेक, हरा या
नह , ग तशील या स्थर। ये चार अवलोकन ही कसी भी दखे जीव को प्रोटोजोआ, शैवाल, कवक या जीवाणु म
रखने के लए पयाप्त ह। और क्रयाकलाप 2.5 म पुस्तक का नदश मा नए — मृदा को नंगे हाथ से न छु एँ,
चम्मच या दस्तान का उपयोग क जए।
मृदा को बैठने क्य दया जाता है: जल म मृदा हलाने पर भारी कण नीचे बैठ जाते ह परंतु अत्यंत सूक्ष्म कण
नलं बत रह जाते ह — यही मृदा नलंबन है। बैठने के बाद ऊपरी परत से ली गई बूँद म भारी कण कम होते ह जो
दृश्य को रोक, इस लए उसम उप स्थत सूक्ष्म जीव वास्तव म दखाई दे पाते ह।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 18
Page 16 of 44
Page 18
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.4 सूक्ष्मजीव हम कैसे प्रभा वत करते ह?
प्र.1 क्या हम अन्य स्थान पर भी सूक्ष्मजीव मलते ह?
हाँ — सूक्ष्मजीव सवत्र पाए जा सकते ह।
जल, मृदा और वायु म, और यहाँ तक क कुछ खाद्य पदाथ म भी।
पौध क प त्तय , तन , जड़ अथवा कसी भी अन्य भाग क सतह पर — इन्ह सूक्ष्मदश क सहायता से दे खा जा सकता है।
चरम जलवायु प र स्थ तय म भी, जैसे गरम पानी के झरने और बफ ले ठं डे क्षेत्र, तथा साधारण औसत तापमान म भी।
हमारे अपने शरीर के भीतर, वशेषकर हमारी आँत म। जैसा आपने कक्षा 7 क पुस्तक ज ासा के अध्याय ‘जंतुओं म जैव
प्रक्रम’ म पढ़ा है, हमारी आँत म अनेक जीवाणु होते ह जो पाचन म सहायता करते ह।
ये सवत्र क्य ह: सूक्ष्मजीव अत्यंत छोटे और अत्यंत व वध ह। पौध और जंतुओं क भाँ त ये भी आकार, आमाप
और संरचना म भन्न होते ह — गोलाकार, छड़ाकार, स पल, कॉमा जैसे या अ नय मत — और इसी व वधता के
कारण पृथ्वी क लगभग हर प र स्थ त के लए, चाहे गरम हो या ठं डी, नम हो या शुष्क, कोई न कोई सूक्ष्मजीव
उपलब्ध है जो उसम रह सके।
Page 17 of 44
Page 19
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 क्या आपने कभी न बू, टमाटर, संतरा या कसी अन्य खाद्य पदाथ को कुछ समय के लए बाहर रखे रहने के बाद
सड़ते हुए दे खा है? य द हाँ, तो आपने उन पर पाउडर या रुई जैसी वृ द्ध दे खी होगी ( चत्र 2.9)। ऐसा इस लए होता
है क्य क वे सूक्ष्मजीव से संक्र मत हो गए ह ले कन ये सूक्ष्मजीव कहाँ से आए? वे भोजन के संपक म कैसे आए?
चत्र 2.9, पृष्ठ 18 — फल पर वृ द्ध करते हुए सूक्ष्मजीव (पाठ्यपुस्तक के छाया चत्र का पुनः चत्रण)।
ये आस-पास से ही आए — वायु से, जस सतह पर फल रखा था उससे, जस जल से उसे धोया गया उससे और उन हाथ
से जन्ह ने उसे छु आ। सूक्ष्मजीव सवत्र उप स्थत ह — जल, मृदा और वायु म — अत: खुले म रखा फल कभी भी सूक्ष्मजीव-र हत
स्थान पर नह होता।
फर फल पर स्वयं क्या होता है —
1. वायु से तथा जस सतह पर वह रखा है उससे कवक और जीवाणु के अत्यंत सूक्ष्म रूप उसके छलके पर आ बैठते ह।
2. पका फल उन्ह वह सब दे ता है जो चा हए — वह नम है, शकरा से भरा है और कमरा गरम है। ये ठ क वही स्थ तयाँ ह जनम
सूक्ष्मजीव वृ द्ध करते ह।
3. छलके पर कोई खर च या कटाव उन्ह भीतर के गूदे तक पहुँचा दे ता है।
4. वे गुणन करते ह। कवक शा खत तंतुओं के रूप म बढ़ता है, इसी लए आपको रुई जैसी या पाउडर जैसी वृ द्ध दखती है —
आप एक जीव को नह , इतने बड़े समूह को दे ख रहे ह क वह नग्न आँख से दख जाए।
Page 18 of 44
Page 20
ase
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
यह सड़न क्य दखती है: सूक्ष्मजीव भोजन ले रहे ह। वे फल के ज टल पदाथ को सरल पदाथ म वघ टत कर रहे
m a s emजाता है, काला
gl
ह — ठ क उसी प्र क्रया से जससे वे गरी प त्तय को खाद म बदलते ह। इसी लए फल मुलायम पड़
o गंध आने लगती है।
पड़ता है और.cउसम
a
a s em
gl
aस्वयं जाँ चए: एक ही फल के दो समान टु कड़े र खए — एक खुले म और एक रे जरेटर म। ठं डा टु कड़ा कह
co m
ag
अ धक समय तक ताज़ा रहेगा, क्य क नम्न तापमान इन जीव क वृ द्ध को धीमा कर दे ता है — उन्ह हटाता नह ।
m .
as e
a g l
परंतु सूक्ष्मजीव अचार और मुरब्ब को संक्र मत क्य नह करते?
m
प्र.3
co
se m.
o m l a
gनमक या चीनी के साथ अनेक
.cक्या मलाया जाता है, यही नणायक है। पुस्तक का अपना उत्तर — आप उनम
m a
seमलाते ह जो प ररक्षक ( प्रजव टव) का काम करते ह। नमक या चीनी क अ धक मात्रा इन जीव को पनपने नह देती।
क्य क उनम
l a
ag
मसाले
m a s
.co agl
तेज़ नमक या चीनी का घोल इन्ह क्य रोक दे ता है: कोई भी सूक्ष्मजीव केवल वह वृ द्ध कर सकता है जहाँ उसे
se m
उपयोग करने योग्य जल मले। अचार म लगभग सारा जल अत्यंत तेज़ नमक के घोल म बँधा होता है और मुरब्बे म
g l a
गाढ़ चाशनी म, अत: सूक्ष्मजीव के लए मुक्त जल बचता ही नह । इससे भी बड़ी बात यह क को शका के बाहर
a
इतना तेज़ घोल उसक को शका झल्ली से जल बाहर ख च लेता है, जससे को शका सकुड़ जाती है और गुणन
m
नह कर पाती। अचार के ऊपर तेल क परत सतह को नम वायु से दूर रखकर और सहायता करती है।
. co
e m
m l as
.co a g
क्या आप जानते ह? इसी लए हमारी दाद -नानी अचार के मतबान म सदा सूखा चम्मच डालने पर ज़ोर दे ती थ ।
s e m क एक बूँद ठ क उसी स्थान पर नमक क सांद्रता घटा दे ती है — और फफूँद सबसे पहले वह दखाई दे ती है।
la
जल
ag
se m
com g l a
. a
em
प्र.4 सूक्ष्मजीव क व वधता हमारे दै नक जीवन म क्या भू मका नभाती है? वे पयावरण को स्वच्छ बनाने म कैसे
a s
agl
सहायता करते ह?
m
. co
m
भन्न- भन्न सूक्ष्मजीव हमारे लए भन्न- भन्न काय करते ह, और इनम सबसे महत्त्वपूण काय है अप शष्ट को वघ टत करना।
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 19 of 44
Page 21
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
कहाँ कौन-सा हमारे लए क्या करता है
सूक्ष्मजीव
म ृद ा और खाद का ग ा कवक और जीवाणु पादप अपिशष्ट और मृत जंतओ ु ं के शरीर पर िक्रया करके जिटल पदाथ ं को सरल , पोषक-
समद्धृ खाद में बदल दे ते है ं — िवघटन। ये पोषक तत्व िम ी में लौट जाते है।ं
ऑक्सीजन रिहत कुछ वशेष जीवाणु पादप और जंत ु अपिशष्ट को िवघिटत करके बायोगैस िनमुक्त करते है ं — मुख्यत: मीथेन
वातावरण, अपिशष्ट और काबन डाइऑक्साइड — जो खाना पकाने, तापन, िबजली उ त्पादन और वाहनों में
जल पयुक्त होती है।
फलीदार पौधों की मूल राइजो बयम वायु से नाइटोजन अवशोिषत करके पौधे के िलए उपयोगी बनाता है, िजससे फसले ं
ग ंिथकाएँ रासायिनक उवरकों के िबना भी अच्छी वृिद्ध करती है।ं
रसोईघर खमीर, पावरोटी, के क और भटू रे को फु लाते है;ं इडली-दोसा के घोल का िकण्वन करते है;ं दू ध को
लैक्टोबै सलस दही में बदलते है।ं
हमारी आँत जीवाणु पाचन में सहायता करते है।ं
जलाशय सूक्ष्म शैवाल सूय के पकाश से भोजन बनाते है ं और ऑक्सीजन िनमुक्त करते है ं — पथ्ृ वी की आधी से
अिधक ऑक्सीजन आपूित; जलीय जीवों का भोजन बनते है;ं जल स्वच्छ करने और जैव-
ईंधन बनाने में उपयोगी है।ं
पदू िषत स्थान वशेष रूप से तेल िरसाव को िवघिटत करते है ं — आनंद मोहन चक्रवत ारा वष 1971 में िवकिसत
वक सत जीवाणु जीवाणु।
वघटन ही सबसे बड़ी सेवा क्य है: गरी हुई पत्ती या मृत जंतु के पोषक तत्व ऐसे ज टल पदाथ म बँधे रहते ह
जन्ह पौधा ग्रहण नह कर सकता। सूक्ष्मजीव उन पदाथ को सरल, पोषक-समृद्ध पदाथ म तोड़ दे ते ह जो घुलकर
म म लौट जाते ह। यह चरण न हो तो अप शष्ट ढे र होता जाएगा और पोषक तत्व कभी पुन: उपयोग म नह आएँगे
— इस लए सूक्ष्मजीव पयावरण को स्वच्छ भी करते ह और उसका पुनचक्रण भी।
क्रयाकलाप 2.7— आइए, करके दे ख — पृष्ठ 18
खंड 2.4.1 पयावरण स्वच्छता म महत्त्वपूण सूक्ष्मजीव
क्रयाकलाप
प्र.1 2–3 सप्ताह प ात इसम हुए प रवतन का अवलोकन क जए। क्या आपको पात्र म रखी साम ी म कोई अंतर
दखाई दे ता है?
हाँ। फल और स ब्जय के छलके अब पहचाने ही नह जाते — वे गहरे रंग के पदाथ म प रव तत हो गए ह।
2–3 सप्ताह प ात आप दे खगे —
छलक का मूल रंग और आकार समाप्त हो गया है और वे गहरे रंग का भुरभुरा पदाथ बन गए ह।
Page 20 of 44
Page 22
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
पात्र क सामग्री का कुल आयतन घट गया है।
अब सड़े फल क नह , म जैसी गंध आती है।
यह गहरे रंग का पदाथ खाद है। यह पोषक तत्व से भरपूर होती है और म क उवरता बढ़ाने म सहायक होती है।
संकेत: पात्र को छायादार स्थान पर र खए और उसे हल्का नम रहने द जए, जलमग्न नह । पुस्तक कहती है क खाद
का नमाण इष्टतम तापमान और उ चत नमी के स्तर पर होता है — बहुत सूखा हो तो प्र क्रया रुक जाती है और
बहुत गीला हो तो वायु भीतर नह पहुँच पाती।
प्र.2 परंतु फल और स ब्जय के छलके खाद म कैसे प रव तत हो गए?
यह काय उद्यान क मृदा म पहले से रह रहे सूक्ष्मजीव ने कया। क्रयाकलाप 2.6 म आपने दे खा क म म व भन्न प्रकार के
सूक्ष्मजीव होते ह। इनम से कुछ — कवक और जीवाणु — पादप अप शष्ट पर क्रया करते ह एवं धीरे-धीरे उसे सरल, पोषक तत्व
से भरपूर खाद म प रव तत कर दे ते ह।
मदृ ा के कवक
िछलके, पि याँ, खाद — सरल,
और जीवाण ु
मतृ पदाथ ृ
पोषक-समद्ध
ताप + नमी + वाय ु
पोषक तत्व िम ी में लौटते है,ं पौधे पुन: उपयोग करते है ं
वघटन — सूक्ष्मजीव ज टल पादप अप शष्ट को सरल पोषक तत्व म बदल दे ते ह जो म म लौट जाते ह ( चत्र 2.10)।
ऐसा क्य होता है: ये छलके इन सूक्ष्मजीव का भोजन ह। इस भोजन का उपयोग करने के लए उन्ह पादप
अप शष्ट के ज टल पदाथ को पहले सरल पदाथ म तोड़ना पड़ता है जो पोषक तत्व से समृद्ध होते ह — यही
प्र क्रया वघटन कहलाती है। उनके भोजन लेने के प ात जो शेष रहता है वही गहरे रंग क , पोषक-समृद्ध खाद है। ये
पोषक तत्व फर म म घुल जाते ह और पौध के उत्तम वकास म सहायता करते ह।
क्या आप जानते ह? इसी लए माली सूखे पत्त और पादप अप शष्ट को एकत्र करके ग म डालते ह — प्राकृ तक
खाद बनाने के लए। ये उपयोगी जीवाणु गोबर जैसे जंतु अप शष्ट को भी वघ टत कर सकते ह।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 19
Page 21 of 44
Page 23
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.4.1 — वघटन और प्राकृ तक खाद
प्र.1 आपने अपने वद्यालय म या अपने घर के पास के खेत म माली को सूखे पत्त और पादप अप शष्ट को एकत्र करके
ग म डालते दे खा होगा। क्या अब आप समझ गए ह क वे ऐसा क्य करते ह?
हाँ — वे प्राकृ तक खाद बना रहे ह। यह ग ा वही क्रयाकलाप 2.7 है, बस बड़े पैमाने पर।
ग े म क्या होता है —
1. सूखे पत्ते और पादप अप शष्ट एक साथ एकत्र कर दए जाते ह, जससे सूक्ष्मजीव को एक ही स्थान पर भोजन क बड़ी और
सघन आपू त मल जाती है।
2. ढे र को ढक दे ने से वह उपयुक्त तापमान पर रहता है और नमी भीतर बनी रहती है — खाद का नमाण इष्टतम तापमान और
उ चत नमी के स्तर पर होता है।
3. कवक और जीवाणु प त्तय के ज टल पदाथ को पोषक से समृद्ध सरल पदाथ म प रव तत कर दे ते ह — वघटन।
4. जो गहरे रंग क खाद बनती है वह म म मला द जाती है और वे पोषक तत्व अगली फसल के काम आते ह।
प त्तयाँ जला क्य नह दे ते: जलाने से पदाथ नष्ट हो जाता है और राख तथा धुएँ के अ त रक्त कुछ वापस नह
मलता। सूक्ष्मजीव से वघ टत कराने पर पोषक तत्व म म लौट आते ह और उसक उवरता बढ़ती है — सूक्ष्मजीव
अप शष्ट को हटाते नह , पुनच क्रत करते ह। यही कारण है क उद्यान म गरी प त्तयाँ और अपक्ष यत होते पौधे कुछ
समय प ात स्वयं ही लुप्त हो जाते ह; सूक्ष्मजीव ने उन्ह वघ टत कर दया होता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 20
खंड 2.4.1 और 2.4.2 — सूक्ष्मजीव के बना संसार, और रसोईघर म सूक्ष्मजीव
प्र.1 अब वचार कर क य द पृथ्वी पर सूक्ष्मजीव न होते तो क्या होता?
जीवन जस रूप म हम जानते ह वह चल ही नह पाता। सबसे गंभीर हा न यह होती क कुछ भी वघ टत न होता —
पोषक तत्व मृत शरीर म सदा के लए बँधे रह जाते।
Page 22 of 44
Page 24
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
सूक्ष्मजीव आज क्या करते ह य द वे न होते तो
िगरी पि यों, पादप अपिशष्ट, गोबर और मृत पौधे , मृत जंत ु और अपिशष्ट ढे र होते जाते और कभी िवघिटत न होते। पोषक तत्व िम ी में कभी
म ृत जंतओ
ु ं का िवघटन न लौटते, मृद ा की उवरता समाप्त हो जाती और पौधे ठीक से वृिद्ध न कर पाते।
खाद और कं पोस्ट बनाना न पाकृितक खाद होती, न खाद के ग े ; िकसान पूणतया अन्य साधनों पर िनभर हो जाते।
ऑक्सीजन रिहत िस्थितयों में अपिशष्ट से खाना पकाने, तापन, िबजली या वाहनों के िलए बायोगैस न िमलती।
बायोगैस
राइजोिबयम मूल ग ंिथकाओं में वायु से फलीदार पौधों को वायु से नाइटोजन न िमलती और फसल चक्रण से मृद ा समृद्ध न होती।
नाइटोजन अवशोिषत करता है
भोजन में खमीर और लै क्टोबैिसलस न दही, न इडली, न दोसा, न भटू रा, न पावरोटी या के क — ये सब िकण्वन पर ही िनभर है।ं
आँत के जीवाण ु पाचन में सहायता करते है ं हमारा अपना पाचन भी पभािवत होता।
सूक्ष्म शैवाल सूय के पकाश से भोजन पथ्ृ वी की आधी से अिधक ऑक्सीजन आपूित समाप्त हो जाती और सूक्ष्म शैवालों पर पलने वाले
बनाते है ं जलीय जीव अपना भोजन खो दे ते।
एकमात्र लाभ यह होता क पौध , जंतुओं और मनुष्य म रोग उत्पन्न करने वाले सूक्ष्मजीव भी न होते। परंतु ऊपर क सारी हा नय
के सामने यह लाभ बहुत छोटा है।
इसके पीछे का वचार: प्रकृ त चक्र म काय करती है। पौधा म से पोषक तत्व लेता है, जंतु पौधे को खाता है,
और अंतत: दोन मर जाते ह। इस चक्र को केवल वघटनकता ही पूरा करते ह, पोषक तत्व को म म लौटाकर।
उन्ह हटा द जए तो चक्र एकमाग रास्ता बन जाता है जो शीघ्र ही समाप्त हो जाएगा।
प्र.2 सूक्ष्मजीव क व वधता हमारे रसोईघर म कैसे सहायक होती है?
भन्न- भन्न सूक्ष्मजीव हम भन्न- भन्न खाद्य पदाथ दे ते ह — और यही व वधता कुछ खाद्य पदाथ को सूक्ष्मजीव से बचाने
म भी काम आती है।
सूक्ष्मजीव क्या है रसोईघर म क्या करता है
खमीर (यीस्ट) एकको शक य कवक आटे में श्वसन करके काबन डाइऑक्साइड िनमुक्त करता है, िजससे पावरोटी, के क
और पेस्टी नरम और फू ली हुई बनती है;ं थोड़ ी मात्रा में एल्कोहल भी बनाता है िजससे
आटे से िभन्न गंध आती है
लै क्टोबैिसलस एक जीवाणु दू ध का िकण्वन करके दही बनाता है और लै िक्टक अम्ल बनाकर उसे ख ा करता है;
इडली-दोसा के घोल और भटू रे के आटे का िकण्वन भी करता है
नमक और चीनी सूक्ष्मजीव नह — ये नमक या चीनी की अिधक मात्रा सूक्ष्मजीवों को पनपने नही ं दे ती, इसीिलए अचार और
(पिररक्षक के रूप में) सूक्ष्मजीव को रोकते ह मुरब्बे लंबे समय तक चलते है ं
Page 23 of 44
Page 25
ase
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
एक ही वचार से इतने भन्न प रणाम क्य : हर स्थ त म सूक्ष्मजीव केवल भोजन ले रहा है — अपनी वृ द्ध के
m a s em
l छोड़ता है, अत: दूध
लए ऊजा पाने हेतु शकरा को वघ टत कर रहा है। भन्नता उस उपोत्पाद म है जो वह पीछे छोड़ता है। खमीर काबन
. o एल्कोहल छोड़ता है, अत: आटा फूल जाता है। लैक्टोबै सलस लै क्टक
cऔर a gअम्ल
emहै और ख ा हो जाता है। रसोइए को केवल सही सूक्ष्मजीव और उसे भाने वाली गरमाहट दे नी होती है।
डाइऑक्साइड
a s
agl
जम जाता
co m
em . ag
as
वै ा नक प रचय — पृष्ठ 20
आनंद मोहन चक्रवत और तेल को वघ टत करने वाला जीवाणु
a g l
m
वै ा नक प रचय
co
e m.
m l as
.co g
आपके वचार से सूक्ष्मजीव क सहायता से और कौन-सी समस्याओं का समाधान कया जा सकता है?
a
प्र.1
se m
g l a
a उत्तर
s
जहाँ भी कसी वस्तु को वघ टत करना, स्वच्छ करना या अप शष्ट से कुछ बनाना हो, वहाँ सूक्ष्मजीव एक संभा वत
m a
.co agl
समाधान है। चक्रवत के वष 1971 के जीवाणु ने तेल रसाव को वघ टत कया था; वही वचार अनेक अन्य समस्याओं पर लगाया
जा सकता है।
a s em
घरेलू और नगरीय अप शष्ट। रसोई काg l स ब्जय के छलके और गरी प त्तयाँ फकने या जलाने के बजाय खाद म बदली
a कचरा,
जा सकती ह — जैसा आपने क्रयाकलाप 2.7 म कया।
c o m
.
मल-जल और अप शष्ट जल। ऑक्सीजन र हत स्थ तय म रहने वाले जीवाणु घरेलू अप शष्ट जल के अप शष्ट को वघ टत
s e
कर सकते ह और साथ ही बायोगैस भी दे सकते ह — एक ही प्र क्रया से अप शष्ट भी स्वच्छ औरmईंधन भी प्राप्त।
m उवरक पर नभरता। चक्रण म फलीदार फसल उगाने से मूल ग्रं थकाओंgकाlaराइजो बयम वायु से नाइ ोजन
रासायoनक
c
. a
a em
s दू षत जलाशय। सूक्ष्म शैवाल जल को स्वच्छ करने म सहायता करते ह और जैव-ईंधन बनाने के काम भी आते ह।
अवशो षत करता है और मृदा म नाइ ोजन स्वाभा वक रूप से बढ़ती है।
agl पोषण और आजी वका। स्पाइरुलाइना म प्रोट न प्रचुर मात्रा म होता है — उसके शरीर के भार के 60 प्र तशत से भी अ धक
se m
com
— और यह वटा मन B12 का भी अच्छा ोत है। काँच क टं क म इसक खेती आजी वका का एक व्यवहाय अवसर बनती जा
g l a
m . a
e
asगोबर को वघ टत कर सकते ह, जससे नपटान क समस्या खाद और बायोगैस म
रही है, अत: सूक्ष्म शैवाल का संरक्षण खाद्य सुरक्षा और आय — दोन को सहारा दे ता है।
a g l
खेत का जंतु अप शष्ट। उपयोगी जीवाणु
बदल जाती है।
co m
m .
se
यहाँ सूक्ष्मजीव इतने उपयोगी क्य ह: सूक्ष्मजीव को बताना नह पड़ता क क्या करना है — वह तो केवल भोजन
o m l a
ag के रूप म स्मरण कया जाता है क
.cरहेगा, बना कसी मशीन के। इसी लए चक्रवत का काय इस बात के उदाहरण
ले रहा होता है। उसे अप शष्ट भोजन के रूप म और आवश्यक ताप, वायु तथा नमी दे द जए, वघटन स्वयं होता
se m
g l a
a
प्रदूषण जैसी पयावरणीय समस्याओं के समाधान के लए सूक्ष्मजीव का उपयोग कैसे कया जा सकता है।
.c
s e m
. c om a
क्या आप जानते ह? चक्रवत क खोज को वष 1980 म पेटट प्राप्त हुआ। पेटट कसी व्य क्त को दया गया एक
gla
a s em अनुम त के बना उसके आ वष्कार क नकल, उपयोग या बक्र न कर
कॉपीराइट है ता क कोई भी व्य क्त उसक
सके।
agl
com
m .
m ase
.co
a g l Page 24 of 44
Page 26
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
क्रयाकलाप 2.8— आइए, करके दे ख — पृष्ठ 20
खंड 2.4.2 सूक्ष्मजीव और भोजन — आटे म खमीर
क्रयाकलाप
प्र.1 क्या आपने गुँधे हुए आटे के आयतन, गंध या गठन म कोई प रवतन दे खा?
हाँ — परंतु केवल कटोरा ‘क’ म, जसम खमीर मलाया गया था।
कटोरा ‘क’ (आटा + चीनी + खमीर + गुनगुना कटोरा ‘ख’ (आटा + चीनी + गुनगुना पानी, खमीर
पानी) नह )
आयतन बढ़ गया है — आटा गूँधते समय से स्पष्ट रूप से बड़ ा है लगभग अप रव तत
गठन नरम, स्पंजी और फू ला हुआ; तोड़ ने पर भीतर छोटे-छोटे िछद कठोर और एकसमान, कोई छद्र नह
िदखते है ं
गंध िभन्न, कु छ तीखी-सी गंध आटे क साधारण गंध
संकेत: य द 4–5 घंटे म कोई प रवतन न दखे तो आटे को कुछ दे र और रखा रहने द जए — पुस्तक भी यही कहती
है। खमीर को गुणन करने म समय लगता है, तभी प रवतन दखता है। कटोरा ‘ख’ व्यथ नह है — वही तुलना है,
और उसके बना आप न त नह हो सकते क प रवतन खमीर से ही हुआ।
प्र.2 ऐसा क्य होता है? खमीर क क्या भू मका है? हमने आटे म चीनी और गरम पानी क्य मलाया?
खमीर एक जी वत सूक्ष्मजीव है — एक कवक — और आटा इस लए फूलता है क्य क खमीर उसके भीतर श्वसन कर रहा
है।
कटोरा ‘क’ म क्रम इस प्रकार है —
1. खमीर सूक्ष्मजीव के उस वग का सदस्य है जसे कवक कहते ह। अन्य जीव क भाँ त यह भी श्वसन करता है और भोजन को
वघ टत करके अपनी वृ द्ध तथा जैव प्रक्रम के लए ऊजा नमुक्त करता है (कक्षा 7 का अध्याय ‘जंतुओं म जैव प्रक्रम’)।
2. इस प्र क्रया के दौरान काबन डाइऑक्साइड नमुक्त होती है।
3. गुँधा हुआ आटा नरम और लचीला होता है, अत: गैस स्वतंत्र रूप से बाहर नह नकल पाती। वह हज़ार छोटे -छोटे बुलबुल के
रूप म भीतर ही एकत्र हो जाती है।
4. प्रत्येक बुलबुला आटे को बाहर क ओर धकेलता है, अत: आटा फूल जाता है और नरम तथा फूला हुआ बन जाता है। तोड़ने पर
जो छद्र दखते ह वे यही बुलबुले ह।
5. खमीर इस प्र क्रया के दौरान थोड़ी मात्रा म एल्कोहल भी उत्पन्न करता है, जससे आटे से थोड़ी अलग गंध आती है।
Page 25 of 44
Page 27
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
काबन डाइऑक्साइड
बुलबुले → आटा फूलता है
खमीर श्वसन करता है
आटे में िमली
(गरम स्थान, नम आटा)
चीनी
वृिद्ध के िलए ऊज
थोड़ ा एल्कोहल
बदली हुई गंध
कटोरा ‘क’ का आटा क्य फूलता है — खमीर चीनी को वघ टत करके काबन डाइऑक्साइड और थोड़ा एल्कोहल नमुक्त करता है।
चीनी क्य मलाई गई: चीनी खमीर का भोजन है। इसी को वघ टत करने से वह ऊजा नमुक्त होती है जसक खमीर को
आवश्यकता है — और काबन डाइऑक्साइड उसी वघटन का उपोत्पाद है। सरलता से उपलब्ध भोजन न हो तो खमीर बहुत धीमी
ग त से काय करेगा।
गुनगुना पानी क्य लया गया: खमीर गरम स्थ तय म भली-भाँ त वृ द्ध करता है। गुनगुना पानी सूखे खमीर चूण को स क्रय
करता है, उसे पूरे आटे म फैला दे ता है और आटे को उस तापमान पर रखता है जस पर खमीर सबसे तेज़ी से गुणन करता है। ठं डे
पानी से वह लगभग न ष्क्रय ही रहेगा — ठ क वैसा ही जैसा आप क्रयाकलाप 2.9 के दही वाले प्रयोग म दे खगे।
क्या आप जानते ह? खमीर के इस वशेष गुण का उपयोग पावरोट , केक इत्या द बनाने म कया जाता है। कुछ
जीवाणु, जैसे लैक्टोबै सलस, इडली और दोसा के घोल तथा भटू रे के आटे म यही काय करते ह।
क्रयाकलाप 2.9— आइए, तैयारी कर — पृष्ठ 21
Page 26 of 44
Page 28
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
खंड 2.4.2 सूक्ष्मजीव और भोजन — लैक्टोबै सलस और दही
क्रयाकलाप
प्र.1 काँच के कटोर म रखे दूध म होने वाले प रवतन का अवलोकन क जए। अपने अनुमान और अवलोकन ता लका
2.4 म ल खए।
दूध के स्वरूप म होने वाला दूध के रंग म होने वाला संभा वत
प रवतन प रवतन कारण
कटोरा ‘क’ कटोरा ‘ख’ कटोरा ‘क’ कटोरा ‘ख’
अनुमान
अवलोकन
ता लका 2.4 — व भन्न स्थ तय म दूध का उपयोग करके दही के जमने का परीक्षण (पृष्ठ 21 पर छपी रक्त ता लका)।
कटोरा ‘क’ (गुनगुना दूध, गरम स्थान पर) दही म जम जाता है; कटोरा ‘ख’ (ठं डा दूध, रे जरेटर म) तरल ही रहता है।
ता लका 2.4 इस प्रकार भरी जाएगी —
दूध के स्वरूप म होने वाला प रवतन दूध के रंग म होने वाला संभा वत कारण
प रवतन
कटोरा ‘क’ कटोरा ‘ख’ कटोरा ‘क’ कटोरा
‘ख’
अनुम ान गाढ़ा होकर जम जाएगा तरल ही रहेगा वशेष प रवतन कोई गरम स्थान पर दही शीघ्र जमता
नह प रवतन है
नह
अवलोकन दू ध दही में पिरवितत हो दू ध दही में श्वेत ही रहता है, कोई िमलाए गए दही का
गया है — गाढ़ ा और जमा पिरवितत नही ं कुछ अ धक प रवतन लै क्टोबैिसलस गुनगुने दू ध में
हआु , स्वाद में थोड़ ा ख ा; हआु ; अब भी तरल अपारदश नह — अब शीघता से गुणन करके उसका
िकनारे पर कु छ साफ़ है, परंत ु हल्का दखता है भी श्वेत िकण्वन कर दे ता है; ठं ड में वही
तरल अलग हो सकता है ख ा हो सकता है जीवाणु बहुत धीमी वृिद्ध करते है ं
संकेत: जो एक चम्मच दही आप मलाते ह वह जामन है — वह दूध का कोई अवयव नह , जी वत जीवाणुओं क
आपू त है। इसी लए ताज़े, जी वत जामन से दूध जम जाता है जब क बहुत पुराने, अ धक ख े जामन से प्राय: नह
जमता।
Page 27 of 44
Page 29
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 क्या आप जानते ह क ऐसा क्य होता है?
इसका कारण है वह एक चम्मच दही जो आपने मलाया, और यह तथ्य क उसके जीवाणु केवल गरमाहट म ही काय कर
पाते ह।
1. दही म अनेक प्रकार के जीवाणु होते ह। उनम से एक लैक्टोबै सलस है।
2. यह जीवाणु दूध म वद्यमान शकरा (लैक्टोज) से भोजन प्राप्त करता है और गुणन करता है।
3. भोजन लेते समय यह दूध का कण्वन करके दही बनाता है। खमीर क भाँ त एल्कोहल बनाने के बजाय ये जीवाणु लै क्टक
अम्ल बनाते ह।
4. लै क्टक अम्ल ही दही को ख ा करता है, और वही दूध को तरल रहने के बजाय गाढ़ा करके जमा भी दे ता है।
5. ये जीवाणु गरम स्थ तय म अच्छ तरह पनपते ह। इसी लए कटोरा ‘क’ म दही बनता है, परंतु कटोरा ‘ख’ म नह ।
कटोरा ‘ख’ केवल हल्का ख ा क्य होता है: जीवाणु कटोरा ‘ख’ म भी ह — आपने वही एक चम्मच दही उसम
भी मलाया था। रे जरेटर उन्ह मारता नह ; केवल इतना धीमा कर दे ता है क कुछ घंट म वे बहुत कम अम्ल बना
पाते ह। बहुत लंबे समय बाद रे जरेटर का दूध भी ख ा हो जाता है, इसी लए दूध को ज म भी अ न त काल
तक नह रखा जाता।
दोन क्रयाकलाप क तुलना क जए: खमीर (कवक) और लैक्टोबै सलस (जीवाणु) — दोन ऊजा के लए एक
शकरा को वघ टत करते ह। खमीर पीछे काबन डाइऑक्साइड और थोड़ा एल्कोहल छोड़ता है, अत: आटा फूलता है।
लैक्टोबै सलस लै क्टक अम्ल छोड़ता है, अत: दूध जमता है और ख ा होता है। वचार वही, उपोत्पाद भन्न।
ज ासा बनाए रख — पृष्ठ 25
Page 28 of 44
Page 30
as e
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
अध्याय के अंत का प्रश्न समुच्चय
co m
e m.
m as
ज ासा बनाए रख
.co a g l
a s em
gl
को शका के व भन्न भाग के नाम नम्न ल खत ह। इन्ह नम्नां कत आरेख म उपयुक्त स्थान पर ल खए। कद्रक,
a
प्र.1
को शकाद्रव्य, ह रत लवक, को शका भ त्त, को शका झल्ली, कद्रकाभ
co m
e m . ag
g l as के वल जंत ु कोिशका मे ं
a
co m
m.
तीनों कोिशकाओं मे ं समान
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
a s
. comकोिशका मे ं
के वल जीवाणु के वल पादप कोिशका मे ं
agl
m
ase
agl
पृष्ठ 25 पर प्रश्न 1 के साथ छपा आरेख — चार शीषक के नीचे आठ रक्त रेखाएँ।
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
a
आरेख इस प्रकार भ रए —
ag l
se m
आरेख का भाग वहाँ क्या लख
com कोिशका िझ ली, कोिशकाद य g l a
m. a
ase
तीनों कोिशकाओं में समान ल् व्
के वल पादप कोिशका में
agl हिरत लवक, कोिशका िभि
के ं द काभ
m
के वल जीवाण ु कोिशका में
. co
em
as
के ं द क
m
के वल जंत ु कोिशका में
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
com
m .
m as e
.co
a g l Page 29 of 44
Page 31
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
जंत ु कोिशका
के ं दक
कोिशका िझल्ली
कोिशकादव्य
के ं दकाभ हिरत लवक
कोिशका िभि
जीवाणु कोिशका पादप कोिशका
प्रत्येक भाग कहाँ आता है। बीच का उभय नष्ठ भाग वही है जो तीन को शकाओं म समान है।
प्रत्येक वह क्य जाता है:
को शका झल्ली और को शकाद्रव्य — प्रत्येक को शका म होते ह। जंतु और पादप को शकाओं क भाँ त
सूक्ष्मजीव क को शकाएँ भी को शका झल्ली से घरी होती ह।
ह रत लवक — पणह रत युक्त लवक केवल पादप को शकाओं म होते ह, इसी लए केवल वे ही प्रकाश
सं ेषण से भोजन बना पाती ह। कवक और जीवाणु को शकाओं म ह रत लवक नह होते।
कद्रकाभ — जीवाणुओं म सुस्पष्ट कद्रक और कद्रक य झल्ली नह होती; उसके स्थान पर कद्रकाभ होता है।
यही वशेषता जीवाणु को यीस्ट, प्रोटोजोआ, शैवाल, कवक, पौध और जंतुओं क को शकाओं से अलग करती
है।
कद्रक — सुस्पष्ट कद्रक ही वह वस्तु है जसका जीवाणु को शका म अभाव है, इस लए इसे आरेख के जंतु वाले
भाग म लखा जाता है।
को शका भ त्त — जंतु को शका म यह नह होती, इस लए यह पादप वाले भाग म जाती है।
Page 30 of 44
Page 32
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
इन दो के वषय म सतक र हए। कड़े अथ म पादप को शका म भी कद्रक होता है, और पुस्तक स्वयं कहती है क
पादप, कवक और जीवाणु — तीन क को शकाओं म को शका भ त्त होती है। अत: इन छह म से केवल ह रत
लवक ही ऐसा है जो केवल पादप को शका म मलता है और केवल कद्रकाभ ऐसा जो केवल जीवाणु को शका म।
कद्रक और को शका भ त्त — दोन तीन म से दो-दो को शकाओं म मलते ह, और आरेख म ऐसे साझे भाग के लए
कोई स्थान च त नह है — इस लए इन्ह उस भाग म लखा जाता है जो यह दशाता है क कस को शका म ये नह
ह।
प्र.2 आनंद ने दो परखनली ल एवं उन्ह ‘क’ और ‘ख’ से च त कया। उसने प्रत्येक परखनली म दो चम्मच चीनी का
घोल डाला। परखनली ‘ख’ म उसने एक चम्मच खमीर (यीस्ट) डाला। इसके प ात उसने प्रत्येक परखनली के मुँह
पर दो कम फूले हुए गुब्बारे लगाए। उसने इस व्यवस्थापन को धूप से दूर गरम स्थान पर रखा। (i) क्या आप
अनुमान लगा सकते ह क 3–4 घंटे के प ात क्या होगा? उसने दे खा क परखनली ‘ख’ से जुड़ा गुब्बारा फूला
हुआ था। इसका संभा वत स्पष्टीकरण क्या हो सकता है? (क) परखनली ‘ख’ म पानी वा ष्पत हो गया और गुब्बारे
म जलवाष्प भर गई। (ख) गरम वातावरण ने परखनली ‘ख’ के भीतर क हवा को फैला दया जससे गुब्बारा फूल
गया। (ग) यीस्ट ने परखनली ‘ख’ के भीतर एक गैस उत्पन्न क जससे गुब्बारा फूल गया। (घ) चीनी ने गरम हवा
के साथ अ भ क्रया क जससे गैस उत्पन्न हुई और अंततः गुब्बारा फूल गया। (ii) आनंद ने एक और परखनली
ली जो चूने के पानी से ¼ भरी थी। उसने परखनली ‘ख’ से गुब्बारे को इस तरह नकाला क गुब्बारे म भरी हुई गैस
बाहर न नकले। उसने गुब्बारे को चूने के पानी वाली परखनली से जोड़ा और उसे अच्छ तरह हलाया। आपके
वचार से वह क्या जानना चाहती है?
(i) अनुमान: 3–4 घंटे प ात परखनली ‘ख’ ( जसम यीस्ट है) का गुब्बारा फूल जाएगा, जब क परखनली ‘क’ का गुब्बारा जैसा
था वैसा ही रहेगा।
सही स्पष्टीकरण है (ग) — यीस्ट ने परखनली ‘ख’ के भीतर एक गैस उत्पन्न क जससे गुब्बारा फूल गया।
शेष वकल्प क्य गलत ह —
(क) गलत है। परखनली ‘क’ म भी उतनी ही गरमाहट पर वही चीनी का घोल है। य द वाष्पन कारण होता तो ‘क’ का गुब्बारा
भी फूल जाता।
(ख) भी इसी कारण गलत है — दोन परखन लयाँ एक ही गरम स्थान पर ह, अत: गरम हवा दोन म समान रूप से फैलती।
(घ) गलत है। चीनी गरम हवा से अ भ क्रया करके गैस नह दे ती; और फर परखनली ‘क’ म भी चीनी तथा गरम हवा दोन थे,
पर कुछ नह हुआ।
(ग) सही है क्य क ‘क’ और ‘ख’ म एकमात्र अंतर यीस्ट का है। यीस्ट श्वसन करके चीनी को वघ टत करता है और ऊजा के
साथ काबन डाइऑक्साइड नमुक्त करता है — वही गैस जो क्रयाकलाप 2.8 म आटे को फुलाती है।
इसके पीछे का तक: ‘क’ और ‘ख’ हर दृ ष्ट से एक जैसे ह, केवल एक बात को छोड़कर — यीस्ट। जब दो
व्यवस्थापन म केवल एक ही अंतर हो और उनम से केवल एक म प्रभाव दखे, तो वही एक अंतर कारण होना
चा हए। परखनली ‘क’ यहाँ तुलना है, और वही एक झटके म (क), (ख) और (घ) को नरस्त कर दे ती है।
(ii) वह यह जानना चाहती है क यीस्ट ने कौन-सी गैस उत्पन्न क — वशेष रूप से यह क वह काबन डाइऑक्साइड है या
नह ।
Page 31 of 44
Page 33
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
चूने का पानी काबन डाइऑक्साइड क पहचान का परीक्षण है — काबन डाइऑक्साइड को स्वच्छ चूने के पानी के साथ हलाने पर
चूने का पानी दू धया हो जाता है। अत: य द गुब्बारे म एकत्र गैस चूने के पानी को दू धया कर दे तो यीस्ट ारा नमुक्त गैस काबन
डाइऑक्साइड है। गुब्बारा हटाते समय वह ध्यान रखती है क गैस बाहर न नकले, क्य क साधारण वायु पर कया गया परीक्षण कुछ
भी सद्ध नह करता।
प्र.3 एक कसान अपने खेत म गे ँ क फसल क बुवाई कर रहा था। उसने फसल क अच्छ उपज पाने के लए म
म नाइ ोजन समृद्ध उवरक डाला। पड़ोस के खेत म एक और कसान सेम क फसल उगा रहा था परंतु उसने
स्वस्थ फसल प्राप्त करने के लए नाइ ोजन समृद्ध उवरक नह डाला। क्या आप इसके कारण पर वचार कर
सकते ह?
क्य क सेम का पौधा अपनी नाइ ोजन क आपू त अपनी जड़ म स्वयं रखता है, और गे ँ का पौधा नह ।
सेम एक फलीदार पौधा है। कुछ फलीदार पौध — सेम, मटर और मसूर — क जड़ म फूले हुए क्षेत्र होते ह जन्ह मूल
ग्रं थकाएँ कहते ह।
इन ग्रं थकाओं म राइजो बयम जीवाणु रहते ह।
ये जीवाणु वायु से नाइ ोजन अवशो षत कर लेते ह एवं उसे पौधे के लए उपयोगी बनाते ह।
अत: सेम क फसल को नाइ ोजन स्वाभा वक रूप से मल जाती है और वह रासाय नक उवरक के बना उत्कृष्ट वृ द्ध करती
है। नाइ ोजन उवरक डालना अनावश्यक व्यय होता।
गे ँ म न मूल ं थकाएँ होती ह और न राइजो बयम, अत: उसे नाइ ोजन मृदा से ही लेनी पड़ती है। इसी लए कसान अच्छ
उपज के लए नाइ ोजन समृद्ध उवरक डालता है।
कसान फसल चक्रण क्य करते ह: सेम के खेत का राइजो बयम उस मृदा म नाइ ोजन जोड़ता रहता है। इसी लए
कसान अन्य फसल के साथ-साथ चक्रण म फलीदार फसल भी उगाते ह — इससे मृदा म नाइ ोजन क मात्रा
स्वाभा वक रूप से बढ़ती है और अगली फसल, जैसे गे ँ, के लए मृदा स्वस्थ रहती है। यह उवरक का काम एक
सूक्ष्मजीव से कराने क व ध है।
प्र.4 स्नेहल ने अपने बगीचे म दो ग े ‘क’ और ‘ख’ खोदे । ग ा ‘क’ म उसने फल और स ब्जय के छलके डाले और
उन्ह सूखे पत्त के साथ मला दया। ग ा ‘ख’ म उसने उसी तरह के कचरे को सूखे पत्त के साथ मलाए बना
डाल दया। उसने दोन ग को म से ढक दया और 3 सप्ताह बाद दे खा। वह क्या जाँचने का प्रयास कर रही
है?
वह यह जाँच रही है क गीले छलक म सूखे पत्ते मलाने से वघटन बेहतर होता है या नह — अथात सूखे पत्ते इस बात
को कतना बदलते ह क कचरा कतनी शीघ्रता से और कतनी अच्छ तरह खाद म बदलता है।
ध्यान द जए क प्रयोग कतनी सावधानी से बनाया गया है — दोन ग म एक ही प्रकार का कचरा है, म का वही आवरण है,
वही बगीचा है और वही तीन सप्ताह। केवल एक बात भन्न है — सूखे पत्ते। अत: 3 सप्ताह बाद जो भी अंतर मलेगा वह केवल
सूखे पत्त के कारण होगा।
उसे संभवत: क्या मलेगा —
Page 32 of 44
Page 34
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
ग ा ‘क’ — छलके + सूखे पत्ते ग ा ‘ख’ — केवल छलके
3 सप्ताह गहरे रंग की, भुरभुरी, िम ी जैस ी गंध वाली खाद ; िछलके गीला, दबा हुआ, लसलसा ढे र; िवघटन धीमा और अधूरा,
बाद पहचान में नही ं आते दुगधं के साथ
सूखे पत्ते सहायता क्य करते ह: सूक्ष्मजीव को अपने काय के लए वायु और उ चत नमी चा हए, और खाद का
नमाण इष्टतम तापमान तथा उ चत नमी पर होता है। केवल गीले छलके जमकर एक ठोस, लसलसा पड बन जाते
ह — जल हर र क्त भर दे ता है और भीतर के सूक्ष्मजीव तक वायु पहुँच ही नह पाती। मलाए गए सूखे पत्ते ढे र को
पोला रखते ह जससे वायु के स्थान बने रहते ह, और वे अ त रक्त नमी सोख भी लेते ह। तब कवक और जीवाणुओं
को वायु और उपयुक्त नमी दोन मलती ह और कचरा शीघ्रता से तथा पूण रूप से वघ टत हो जाता है।
प्र.5 नम्न ल खत सूक्ष्मजीव क पहचान कर — (i) म प्रत्येक प्रकार के वातावरण म और आपक आँत म रहता ँ।
(ii) म पावरोट और केक को मुलायम और फूला हुआ बनाता ँ। (iii) म दलहनी (फलीदार) फसल क जड़ म
रहता ँ और उनक वृ द्ध के लए पोषक तत्व प्रदान करता ँ।
संकेत सूक्ष्मजीव संकेत से पहचान कैसे हुई
(i) मैं पत्येक पकार के वातावरण में जीवाणु जीवाणु सवत्र पाए जाते ह — जल, मृदा और वायु म, गरम पानी के झरन और
और आपकी आँत में रहता हू ँ बफ ले ठं डे क्षेत्र म — और हमारी आँत म अनेक जीवाणु होते ह जो पाचन म
सहायता करते ह
(ii) मैं पावरोटी और के क को खमीर (यीस्ट) — खमीर आटे म श्वसन करके काबन डाइऑक्साइड नमुक्त करता है जसके
मुल ायम और फू ला हुआ बनाता हू ँ एक कवक बुलबुले आटे को फुला दे ते ह; इसी गुण का उपयोग पावरोट और केक बनाने म
होता है
(iii) मैं दलहनी फसलों की जड़ों में राइजोिबयम — यह सेम, मटर और मसूर जैसी फ लय क मूल ग्रं थकाओं म रहता है और वायु
रहता हू ँ और पोषक तत्व पदान एक जीवाणु से नाइ ोजन अवशो षत करके पौधे को दे ता है
करता हू ँ
संकेत: (ii) का उत्तर केवल ‘कवक’ नह , खमीर ल खए — खमीर वही वशेष एकको शक य कवक है जो यह
काय करता है, जब क फफूँद एक बहुको शक य कवक है जो ब्रेड को फुलाने के बजाय खराब करती है।
प्र.6 यह जाँचने के लए एक प्रयोग अ भक ल्पत क जए क सूक्ष्मजीव को अपनी वृ द्ध के लए इष्टतम तापमान, वायु
और नमी क आवश्यकता होती है।
सूक्ष्मजीव के भोजन के रूप म ेड ली जए और चार टु कड़े ऐसे र खए क हर बार केवल एक ही स्थ त भन्न हो।
Page 33 of 44
Page 35
ase
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
साम ी: एक ही ब्रेड के चार स्लाइस, चार स्वच्छ पारदश डब्बे या पॉ लथीन क थै लयाँ, थोड़ा जल, चम्मच या दस्ताने।
co m
e m.
m l as
.co g
व्यवस्थापन कैसे तैयार कर क्या जाँचा जा 4–6 दन बाद अपे क्षत
m aप रणाम
ase
रहा है
aकg(तुlलना) स्लाइस पर जल क कुछ बूँद छड़ककर कमरे के गरम, तीन स्थ तयाँ ई जैस ी या पाउडर जैस ी फफूँ दी
रु
अँधेरे कोने म हल्का ढककर र खए उप स्थत अच्छी वृिद्ध करती है
co m
ख (तापमान) वही नम स्लाइस, हल्का ढककर, परंतु रे
em .
जरेटर म केवल तापमान बहुत कम या कोई वृिद्ध नही ं ag
g l as बदला
ग (नमी)
a
स्लाइस को पहले धूप म भली-भाँ त सुखाइए, फर उसी केवल नमी बदली बहतु कम या कोई वृिद्ध नही ं
com
गरम कोने म हल्का ढककर र खए
.
a s em
comद जए, उसी गरम कोने म र खए
‘क ’ की तुल ना में बहुत कम वृि
l
घ (वायु) नम स्लाइस को थैली म रखकर हवा नकालकर बंद कर केवल वायु बदली
ag
द्ध
m .
s e
la कैसे चलाएँ: चार को एक ही समय पर र खए; प्र त दन एक ही समय पर दे खए; डब्बे खो लए नह ; जो दखे उसका चत्र
agप्रयोग
बनाइए या वृ द्ध क रूपरेखा डब्बे पर अं कत क जए।
m a s
. c o agl
प रणाम कैसे पढ़: ‘क’ म अच्छ वृ द्ध होती है। य द ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’ — तीन म ‘क’ क तुलना म बहुत कम वृ द्ध हो, तो जो-
जो स्थ त आपने हटाई थी — ताप, नमी, वायु — वह m
a s e आवश्यक सद्ध होती है। यही नष्कष इस प्रयोग का उ े श्य है।
agl
एक बार म केवल एक ही चीज़ क्य बदली जाती है: य द आपने सूखा स्लाइस रे जरेटर म रखा होता और उस
पर फफूँद न उगती, तो आप यह नह कह पाते क ठं ड ने रोका या सूखेपन ने। ठ क एक स्थ त बदलना और शेष
co m
m .
as e
सब वैसा ही रखना ही प रणाम को एक न त कारण क ओर संकेत करने दे ता है।
m l
m .co a g
a s eसावधानी:
a g l पुस्तक का ही नदश मा नए जो क्रयाकलाप 2.5 म दया है — फफूँद लगी सामग्री को नंगे हाथ से न
छु एँ, चम्मच या दस्तान का उपयोग क जए। फकने से पहले डब्बे बंद कर द जए और बाद म हाथ धो ली जए।
se m
com g l a
m . a
e
as को सक के पास एक प्लेट म र खए। दूसरे स्लाइस को रे जरेटर म
ेड के 2 स्लाइस ली जए। एकlस्लाइस
प्र.7
र खए। तीन दन प ात दोन
g
a स्लाइस क तुलना क जए। अपने अवलोकन को अ भले खत क जए। अपने
m
अवलोकन के कारण बताइए।
. co
se m
o m l a
.c तीन दन प ात सक के पास रखे स्लाइस पर वृ द्ध के धब्बे दखते ह —agपहले सफ़ेद और रुई जैसे, बाद म हरे-काले
se m
अवलोकन:
a
agl
या धूसर — और धब्बे के नीचे क ब्रेड मुलायम तथा ववण हो चुक होती है। रे जरेटर वाले स्लाइस पर ऐसी वृ द्ध लगभग नह
.c
m
होती; वह मुख्यत: सूखकर कड़ा हो जाता है।
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 34 of 44
Page 36
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
सक के पास रखा स्लाइस रे जरेटर म रखा स्लाइस
3 िदन बाद रूप रु ई जैसे या पाउडर जैसे धब्बे, हरे -काले या सफ़े द लगभग अपिरवितत, सूखा और कड़ ा
गंध सीलन भरी, अिपय सामान्य
कारण —
1. सूक्ष्मजीव वायु म सवत्र उप स्थत ह, अत: कवक के सूक्ष्म रूप दोन स्लाइस पर आ बैठते ह। इस दृ ष्ट से दोन म कोई अंतर
नह ।
2. सक के पास का स्थान गरम और नम है। ये ठ क वही स्थ तयाँ ह जनम सूक्ष्मजीव वृ द्ध करते ह, अत: कवक गुणन करके
शा खत तंतु बना लेता है — ठ क वैसा ही जैसा ता लका 2.2 म ब्रेड मोल्ड के लए लखा है, ‘पणह रत हीन शा खत तंतु जनम
थैली जैसी संरचना होती है’। इतने तंतु मलकर नग्न आँख से दखने योग्य धब्बा बना दे ते ह।
3. कवक म पणह रत नह होता, अत: वे प्रकाश सं ेषण से अपना भोजन स्वयं नह बना सकते और ब्रेड को ही खाते ह।
इसी लए धब्बे के नीचे क ब्रेड खराब हो जाती है।
4. रे जरेटर म तापमान कम है, अत: इन सूक्ष्मजीव क वृ द्ध लगभग रुक जाती है। वे वहाँ भी ह — ठं ड ने उन्ह मारा नह —
इसी लए बाहर नकालकर गरम स्थान पर रखते ही ब्रेड शीघ्र फफूँद दार हो जाती है।
स्वयं जाँ चए: यही एक तुलना भोजन को सुर क्षत रखने क लगभग सभी व धयाँ समझा दे ती है — रे जरेटर ठं ड
से सूक्ष्मजीव को धीमा करता है, सुखाना उनक नमी छ न लेता है, और अचार बनाना नमक या चीनी से उनका मुक्त
जल हर लेता है।
प्र.8 एक वद्याथ अवलोकन करता है क जब दही को एक दन के लए बाहर रखा जाता है तो वह अ धक ख ा हो
जाता है। इस अवलोकन के दो संभा वत स्पष्टीकरण क्या हो सकते ह?
स्पष्टीकरण 1 — दही म पहले से उप स्थत लैक्टोबै सलस काय करता रहता है। दही म अनेक प्रकार के जीवाणु होते ह, उनम
से एक लैक्टोबै सलस है। यह दूध म वद्यमान शकरा (लैक्टोज) से भोजन प्राप्त करता है, गुणन करता है और कण्वन के साथ
लै क्टक अम्ल बनाता है। कमरे के तापमान पर बाहर रखे रहने पर कुछ लैक्टोज अब भी शेष रहता है और जीवाणु उसे अम्ल म
बदलते रहते ह, अत: दही म और अ धक लै क्टक अम्ल एकत्र हो जाता है। अ धक अम्ल का अथ है अ धक खटास।
स्पष्टीकरण 2 — कमरे का तापमान इन जीवाणुओं के लए सवथा अनुकूल है। ये जीवाणु गरम स्थ तय म अच्छ तरह पनपते
ह। रे जरेटर से बाहर वे भीतर क तुलना म कह तेज़ी से गुणन करते ह, अत: एक दन म जीवाणुओं क संख्या — और इस लए
अम्ल बनने क दर — तेज़ी से बढ़ जाती है। इसके साथ ही वायु, चम्मच या बतन से आए अन्य अम्ल-उत्पादक सूक्ष्मजीव भी खुले
दही म पनपकर खटास बढ़ा सकते ह।
दोन म समान वचार: दोन स्पष्टीकरण म खटास लै क्टक अम्ल से ही आती है। पहला कहता है क वही जीवाणु
और अ धक अम्ल बनाते ह; दूसरा कहता है क गरमाहट अ धक जीवाणुओं को अ धक तेज़ी से अम्ल बनाने दे ती है।
इसी लए जम जाने के बाद दही रे जरेटर म रखा जाता है — ठं ड जीवाणुओं को रोकती नह , केवल इतना धीमा कर
दे ती है क दही एक-दो दन स्वा दष्ट बना रहे।
Page 35 of 44
Page 37
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.9 चत्र 2.15 म दए गए व्यवस्थापन का अवलोकन क जए और नम्न ल खत प्रश्न के उत्तर द जए। (i) फ्लास्क
‘क’ म चीनी के घोल का क्या होता है? (ii) चार घंटे प ात आप परखनली ‘ख’ म क्या दे खते ह? आपके वचार
से ऐसा क्य हुआ? (iii) य द फ्लास्क ‘क’ म यीस्ट न डाला जाए तो क्या होगा?
चीनी का गुन गुन ा
घोल + यीस्ट
चूने का
पानी
क
ख
चत्र 2.15 — परीक्षण के लए व्यवस्थापन।
व्यवस्थापन — फ्लास्क ‘क’ म चीनी का गुनगुना घोल और यीस्ट है; एक न लका ‘क’ म बनी गैस को परखनली ‘ख’ तक ले
जाती है, जसम चूने का पानी है।
काबन डाइऑक्साइड निलका से जाती है
चूने का पानी
चीनी का गुन गुन ा
घोल + यीस्ट
क ख
चत्र 2.15 का व्यवस्थापन — फ्लास्क ‘क’ के यीस्ट से बनी गैस परखनली ‘ख’ के चूने के पानी म से गुज़ारी जाती है।
Page 36 of 44
Page 38
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
(i) फ्लास्क ‘क’ म यीस्ट श्वसन आरंभ कर दे ता है। वह घोल क चीनी को वघ टत करके अपनी वृ द्ध के लए आवश्यक ऊजा
नमुक्त करता है, अत: चीनी धीरे-धीरे समाप्त होती जाती है। काबन डाइऑक्साइड नमुक्त होती है और थोड़ी मात्रा म
एल्कोहल बनता है। आप द्रव म से बुलबुले उठते और ऊपर झाग जमा होते दे खगे, यीस्ट के गुणन से घोल धुँधला हो जाएगा और
उसम एल्कोहल क हल्क गंध आने लगेगी।
(ii) परखनली ‘ख’ म चार घंटे प ात स्वच्छ चूने का पानी दू धया हो जाता है।
ऐसा इस लए हुआ क्य क फ्लास्क ‘क’ म नमुक्त काबन डाइऑक्साइड के पास नकलने का और कोई माग नह है — वह न लका
से होकर चूने के पानी म से बुलबुल के रूप म गुज़रती है। काबन डाइऑक्साइड गुज़ारने पर चूने का पानी दू धया हो जाता है,
और यही परीक्षण उस गैस क पहचान करता है। अत: परखनली ‘ख’ सद्ध करती है क ‘क’ से नकलने वाली गैस काबन
डाइऑक्साइड है।
(iii) य द फ्लास्क ‘क’ म यीस्ट न डाला जाए तो कुछ भी नह होगा। चीनी को वघ टत करने वाला कोई जीव ही नह होगा,
अत: काबन डाइऑक्साइड नह बनेगी, चीनी के घोल म बुलबुले नह उठगे, न लका से कोई गैस नह जाएगी और ‘ख’ का चूने का
पानी स्वच्छ ही बना रहेगा। चीनी का घोल भी अप रव तत रहेगा।
यह व्यवस्थापन इतना वश्वसनीय क्य है: यह कारण और प्रभाव को दो चरण क दूरी पर जोड़ता है। यीस्ट ‘क’
म है, दू धयापन ‘ख’ म है, और दोन के बीच एकमात्र माग न लका है। भाग (iii) वह नयंत्रण है जो तक को पूरा कर
दे ता है — यीस्ट हटाइए और पूरी ंखला रुक जाती है।
खोज, अ भक ल्पत कर और चचा कर — पृष्ठ 27
व ान · समाज · अंत वषयक प रयोजनाएँ
खोज, अ भक ल्पत कर और चचा कर प रयोजनाएँ
प्र.1 भारत म बायोगैस उत्पादन का एक लंबा इ तहास रहा है। हमारे सबसे पुराने बायोगैस संयंत्र म से एक 1850 के
दशक के अंत म स्था पत कया गया था। भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊजा मंत्रालय ारा आरंभ कए
गए बायोगैस कायक्रम के वषय म सूचनाएँ एकत्र क जए।
पहले वही याद क जए जो अध्याय बता चुका है, फर कायक्रम क जानकारी जुटाइए। बायोगैस गैस का वह मश्रण है जो
कुछ जीवाणु ऑक्सीजन र हत वातावरण म पादप और जंतु अप शष्ट अथवा घरेलू अप शष्ट जल को वघ टत करते समय नमुक्त
करते ह। यह मुख्यत: मीथेन और काबन डाइऑक्साइड से बनी होती है और खाना पकाने, तापन, बजली उत्पादन तथा वाहन
चलाने के लए ईंधन के रूप म उपयोग क जाती रही है।
कहाँ दे ख: भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊजा मंत्रालय क वेबसाइट और वा षक प्र तवेदन; अपने ज़ले का कृ ष या
ग्रामीण वकास कायालय; पास का कोई गाँव जहाँ बायोगैस संयंत्र चल रहा हो।
क्या पता लगाएँ और अ भले खत कर —
वतमान रा ीय बायोगैस कायक्रम का नाम और वह कस वष आरंभ हुआ।
एक प रवार को कस आकार का संयंत्र मलता है, उसम क्या डाला जाता है (गोबर, रसोई का कचरा, कृ ष अप शष्ट) और वह
प्र त दन कतनी गैस दे ता है।
संयंत्र बनवाने पर सरकार कतनी वत्तीय सहायता दे ती है और कौन पात्र है।
आपके राज्य म कतने संयंत्र लगे ह और पछले कुछ वष क प्रवृ त्त क्या रही।
Page 37 of 44
Page 39
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
गैस नकल जाने के बाद बची स्लरी का क्या कया जाता है।
बायोगैस संयंत्र एक साथ दो समस्याएँ क्य हल करता है: जो अप शष्ट भीतर डाला जाता है वह अन्यथा खुले म
सड़कर परेशानी बनता। बंद संयंत्र के भीतर वही सड़न उन जीवाणुओं से होती है जो ऑक्सीजन के बना रहते ह,
और वे जो गैस नमुक्त करते ह वह व्यथ जाने के बजाय एकत्र कर ली जाती है। जो पदाथ शेष बचता है वह पहले ही
वघ टत हो चुका होता है — वही खाद है। अत: एक ही अप शष्ट से संयंत्र ईंधन भी दे ता है और उवरक भी, इसी लए
यह ग्रामीण प रवार के लए इतना उपयुक्त है।
प्र तवेदन के लए संकेत: उसम एक स्थानीय तथ्य जो ड़ए — अपने ही ब्लॉक म लगे संयंत्र क संख्या, या पास के
कसी संयंत्र का चत्र — और एक स्पष्ट आरेख क गोबर कहाँ से भीतर जाता है, गैस ऊपर से कैसे नकलती है और
स्लरी दूसरे सरे से कैसे बाहर आती है।
प्र.2 भारत के कुछ भाग म क ण्वत सोयाबीन और बाँस के क ण्वत प्ररोह जैसे क ण्वत खाद्य पदाथ पारंप रक
भोजन के रूप म खाए जाते ह। अपने माता- पता और शक्षक क सहायता से अपने क्षेत्र के कुछ पारंप रक
खाद्य पदाथ क सूची बनाएँ जो कण्वन प्र क्रया का उपयोग करते ह। इन क ण्वत खाद्य पदाथ को तैयार करने
म प्रयुक्त साम ी, इन्ह तैयार करने क व ध, भोजन के कण्वन के लए उत्तरदायी सूक्ष्मजीव एवं क ण्वत भोजन
के सांस्कृ तक और पोषण संबंधी महत्त्व के वषय म पता लगाइए।
पहले सूची बनाइए, और प्रत्येक खाद्य पदाथ के लए वे चार बात अ भले खत क जए जो प्रश्न माँगता है — साम ी, व ध,
सूक्ष्मजीव, तथा सांस्कृ तक या पोषण संबंधी महत्त्व।
नमूना सूची (अपने क्षेत्र के व्यंजन इसम जो ड़ए) —
Page 38 of 44
Page 40
as e
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
खाद्य पदाथ मुख्य साम ी संक्षेप म व ध
. c om
मुख्य रूप से
s e m सूक्ष्मजीव
m gla
उत्तरदायी
. co a
m
ase
दही दूध + एक चम्मच पुराना दूध गुनगुना क जए, जामन डा लए, रातभर लै क्टोबैिसलस और अन्य
agl
दही गरम स्थान पर र खए जीवाणु
इडली और दोसा चावल और उड़द दाल, भगोकर पी सए, घोल को गरम स्थान पर तब लै क्टोबैिसलस , साथ में
co m
ag
यीस्ट
.
नमक तक र खए जब तक वह फूल न जाए
m
se गूँधकर ढके हुए आटे को गरम स्थान पर
l a लै क्टोबैिसलस अथवा
ag
भटू र ा मैदा, दही या खमीर
र खए खमीर
पावरोटी, के क, पेस्टी आटा/मैदा, चीनी, खमीर गुनगुने पानी से गूँधकर आटे को फूलने द जए
co m
खमीर (एक कवक)
m.
se लैजीवाणु
com a
ि टक अ ल बनाने वाले
l
कांजी काली गाजर या चुकंदर, मतबान को कुछ दन धूप म र खए जब तक
ag
क् म्
m . राई, नमक, जल वह ख ा न हो जाए
ase
agl(सोइबम, बाँस का अचार)
बाँस के िकिण्वत परोह कोमल बाँस के प्ररोह, कतरकर ढके पात्र म कसकर भ रए और लै िक्टक अम्ल बनाने वाले
नमक सप्ताह तक रहने द जए जीवाणु
omउबले बीज को लपेटकर एक से तीन a s
.cदन agl
उबले सोयाबीन गरम बैिसलस समूह के जीवाणु
m
िकिण्वत सोयाबीन (िकनेम ा,
a se
तुंग िरम्बाई, एक्सोने) तक गरम स्थान पर र खए
a g l
िकिण्वत हरी पि याँ और सरस या मूली के पत्ते, मुरझाकर पात्र म बना हवा के दबाइए, लै िक्टक अम्ल बनाने वाले
जीवाणु
om
मूल ी (ग ंदु क, िसनकी) मूली कण्वन के बाद सुखा ली जए
सांस्कृ तक और पोषण संबंधी महत्त्व, जस पर लखना है: क ण्वत खाद्य पदाथ मूल सामग्री कm
. c
s e
c ह,mजो रे जरेटर से पहले के समय म अत्यंत महत्त्वपूण था और पहाड़ी क्षेत्र मagसlदयa म आज भी है; ये पचने म सरल
तुलना म कह अ धक समय
तक चलते o
.
a s emह; कण्वन ही इन्ह उनका व शष्ट ख ा स्वाद और गंध देता है; और इनम से प्रत्येक व्यंजन कसी वशेष समुदाय और ऋतु से
gl जुड़ा है, इस लए व ध प रवार म पीढ़ -दर-पीढ़ चलती है।
होते
a
se m
com g l a
.
इन सब म वास्तव म हो क्या रहा है: सूक्ष्मजीव भोजन क शकरा या स्टाच पर पल रहा है। ऐसा करते हुए वह पीछे
m a
ase
एक उपोत्पाद छोड़ता है — दही, कांजी और बाँस के प्ररोह म लै क्टक अम्ल, इडली के घोल और आटे म काबन
a gl
डाइऑक्साइड। अम्ल ख ा स्वाद दे ता है और चूँ क अ धकांश खराब करने वाले जीव अम्लीय भोजन म नह पनप
सकते, वही उसे सुर क्षत भी रखता है। इसी लए कण्वन पकाने क भी व ध है और भंडारण क भी।
. com
संकेत: व ध के लए प रवार के कसी बुजग से बातचीत क जए — वशेष रूप सेeकतने
s m समय और कस स्थान
m a
m .cपरoरखते ह यह पू छए, और आप पाएँगे क वे ठ क वही गरमाहट और नमीagबताl रहे ह जो सूक्ष्मजीव को चा हए।
l a se
ag
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 39 of 44
Page 41
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 एक आवधक काँच और सूक्ष्मदश का उपयोग करके एक वृहत कवक मशरूम के व भन्न भाग का अध्ययन
क जए। उच्च कक्षाओं के वद्या थय से सहायता ली जए एवं अपने वद्यालय क प्रयोगशाला म सूक्ष्मदश के
ारा मशरूम के व भन्न भाग क आंत रक संरचना का अवलोकन क जए।
कस क्रम म क्या दे खना है —
भाग नग्न आँख और आवधक काँच से सूक्ष्मदश से
टोपी (कै प) छाते जैसा ऊपरी भाग; रंग दे खए और यह भी क सतह महीन तंतुओं का सघन रूप से जमा हुआ पुंज
चकनी है या शल्क य
िगल (टोपी के प हये क ती लय क भाँ त डंठल से कनारे तक जाती सतह पर सूक्ष्म बीजाणु; जल में आरोिपत एक टुकड़ ा इन्हे ं
नीचे) पतली प याँ स्पष्ट िदखा दे ता है
डंठल वह तना जो टोपी को थामे रहता है; तोड़कर दे खए क यह लंबाई म चलते लंबे तंतु
पादप तने क तरह खोखला नह है
आधार / नीचे क ओर महीन सफ़ेद रुई जैसे तंतु जो उस पदाथ म पणहिरत हीन शािखत तंत ु — ठीक वही िववरण जो
कवकजाल फैले ह जस पर मशरूम उगा है तािलका 2.2 में कवकों के िलए िदया है
बीजाणु-छाप — अवश्य क जए: डंठल काटकर हटा द जए, टोपी को गल वाली ओर से सफ़ेद कागज़ पर र खए, कटोरे से
ढककर रातभर छोड़ द जए। सुबह टोपी उठाइए — कागज़ पर गल के आकार म महीन चूण क आकृ त बनी मलेगी। यही चूण
बीजाणु ह। इसम से थोड़ा सूक्ष्मदश से दे खए।
मशरूम म हरा रंग क्य नह होता: मशरूम एक कवक है। कवक क को शकाओं म को शका भ त्त तो होती है
परंतु ह रत लवक नह होते, अत: मशरूम प्रकाश सं ेषण ारा अपना भोजन स्वयं नह बना सकता। उसे पुआल,
लकड़ी या अपक्ष यत पदाथ पर उगकर उसे वघ टत करते हुए भोजन लेना पड़ता है — इसी लए मशरूम सड़ते ल
और नम खाद म मलते ह, और इसी लए वे भी ता लका 2.2 क फफूँ दय क भाँ त वघटनकता ह।
संकेत: अध्ययन के लए बाज़ार से खरीदा हुआ अथवा शक्षक ारा दया गया मशरूम ही ली जए, और पुस्तक के
मृदा वाले नदश क भाँ त उसे चम्मच या दस्तान से सँभा लए तथा बाद म हाथ धो ली जए।
प्र.4 कसी उद्यमी से वातालाप क जए और मशरूम क खेती के चरण के संबंध म सूचना प्राप्त क जए।
प्रश्न क ल खत सूची लेकर जाइए, और चरण को उसी क्रम म ल खए जस क्रम म उद्यमी वास्तव म करता है।
ढ गरी (ऑयस्टर) मशरूम क खेती के सामान्य चरण, ता क आप जो दे ख उसे समझ सक —
1. माध्यम तैयार क जए। धान या गे ँ के पुआल को काटकर जल म भगोया जाता है।
Page 40 of 44
Page 42
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
2. पास्तुरीकरण क जए। गीले पुआल को कुछ घंट तक नयं त्रत तापमान पर गरम जल या भाप से उपचा रत कया जाता है,
फर ठं डा करके जल नथार दया जाता है।
3. स्पॉन मलाइए। स्पॉन वह अनाज है जस पर मशरूम का कवक पहले से उग रहा होता है। इसे ठं डे पुआल म परत म मलाया
जाता है।
4. थै लयाँ भ रए। मश्रण को पॉ लथीन क थै लय म भरकर वायु के लए छोटे छे द कए जाते ह और थै लयाँ अँधेरे कमरे म रखी
जाती ह।
5. कमरे क स्थ त बनाए र खए। मध्यम तापमान, अ धक आद्रता (जल का छड़काव करके) और कुछ ताज़ी वायु। दो-तीन
सप्ताह म थै लयाँ सफ़ेद हो जाती ह क्य क कवक के तंतु पूरे पुआल म फैल जाते ह।
6. फलन और तुड़ाई। थै लयाँ प्रकाश और वायु के लए खोल द जाती ह; छोटे -छोटे अंकुर नकलते ह जो कुछ ही दन म मशरूम
बन जाते ह। इन्ह घुमाकर तोड़ा जाता है और उसके बाद दो-तीन बार और फसल मलती है।
7. फसल के बाद। बचा हुआ पुआल फका नह जाता — वह पहले ही आं शक रूप से वघ टत हो चुका होता है और अच्छ खाद
बनता है।
पुआल का पास्तुरीकरण क्य कया जाता है — यही मुख्य चरण है: पुआल सूक्ष्मजीव-र हत नह होता। उस पर
पहले से वही फफूँ दयाँ और जीवाणु होते ह जो आपने ता लका 2.2 म दे खे थे, और वे मशरूम से कह तेज़ी से
बढ़कर भोजन पहले ले लेते। गीले पुआल को नयं त्रत तापमान तक गरम करने से इनम से अ धकांश अवां छत
सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते ह, जब क पुआल स्वयं नष्ट नह होता। इसके बाद डाला गया मशरूम का स्पॉन ऐसे माध्यम म
आता है जहाँ उसका लगभग कोई प्र तस्पध नह होता, अत: वह पूरे पुआल म नबाध फैल जाता है। ध्यान रहे क
पास्तुरीकरण सब कुछ नह मारता — यह केवल अवां छत सूक्ष्मजीव को इतना घटा दे ता है क मशरूम को स्पष्ट
बढ़त मल जाए, इसी लए उगाने वाला कमरे और थै लय क स्वच्छता का ध्यान फर भी रखता है।
उद्यमी से पूछने योग्य प्रश्न: स्पॉन कहाँ से खरीदते ह और कैसे रखते ह; कमरे का तापमान और आद्रता कतनी रखी जाती है;
स्पॉ नग से पहली तुड़ाई तक कतने दन लगते ह; एक थैली से कतनी उपज मलती है; फसल खराब होने का सबसे बड़ा कारण क्या
है; मशरूम कहाँ और कस भाव बकते ह; आरंभ करने म कतनी लागत आई।
जोड़कर दे खए: मशरूम क खेती, स्पाइरुलाइना क खेती और बायोगैस — तीन एक ही वचार को आजी वका म
बदलते ह — चुने हुए सूक्ष्मजीव को उसक आवश्यक स्थ तयाँ द जए, अवां छत जीव को दूर र खए, और जो वह
उत्पन्न करे उसे प्राप्त क जए।
अध्याय — एक नज़र म
मानव नेत्र केवल एक न त आकार से बड़ी वस्तुओं को ही दे ख सकते ह। काँच का एक व क्रत टु कड़ा, जो बीच से मोटा और
कनार पर पतला होता है — मसूर क दाल के दाने जैसा, इसी लए उसे लस कहा गया — छोट वस्तुओं को बड़ा दखाता
है। लस क गुणवत्ता सुधरने पर सूक्ष्मदश बना, और सूक्ष्मदश ने अदृश्य जीव-जगत का माग खोल दया।
वष 1665 म रॉबट हुक ने माइक्रोग्रा फया प्रका शत क । उनका सूक्ष्मदश वस्तुओं को 200 से 300 गुना बड़ा दखाता था।
कॉक के एक पतले टु कड़े म उन्ह मधुमक्खी के छत्ते जैसे छोटे -छोटे रक्त प्रकोष्ठ दखे और उन्ह ने प्रत्येक को को शका कहा।
लगभग 1660 के दशक म एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक ने अ धक प रष्कृत लस बनाए और वे जीवाणु तथा रक्त को शकाओं को
स्पष्ट रूप से दे खने और उनका वणन करने वाले प्रथम व्य क्त थे — सूक्ष्मजै वक के जनक।
Page 41 of 44
Page 43
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
प्रत्येक सजीव का शरीर को शकाओं से बना है। एक सामान्य को शका म को शका झल्ली (सरंध्र — आवश्यक पदाथ का
प्रवेश और अप शष्ट का नकास), को शकाद्रव्य (जहाँ अ धकांश जैव प्रक्रम होते ह) और कद्रक (जो सभी ग त व धय और
वृ द्ध को नयं त्रत करता है) होते ह। पादप को शका म अ त रक्त को शका भ त्त, लवक (ह रत लवक म पणह रत) और एक
बड़ी रसधानी भी होती है।
आकार प्रकाय के अनुसार होता है। कपोल क को शकाएँ पतली और चपट होकर सुरक्षात्मक परत बनाती ह; तं त्रका
को शकाएँ लंबी और शा खत होती ह जससे संदेश शीघ्रता से पहुँच; पेशी को शकाएँ पतली, लचीली और तकुरूपी होती ह
जससे वे लहर क तरह संकु चत- श थल होकर भोजन को आमाशय तक धकेल सक।
शरीर का संगठन स्तर म होता है — को शका → ऊतक → अंग → अंग-तंत्र → जीव। ज टल जीव का जीवन एक एकल
को शका ‘अंडे’ से आरंभ होता है जो बार-बार वभा जत होती है; ऐसे जीव बहुको शक य कहलाते ह।
सूक्ष्मजीव इतने छोटे होते ह क नग्न आँख से नह दखते — जीवाणु, प्रोटोजोआ, कवक और कुछ शैवाल। सूक्ष्मदश इन्ह
100 से 400 गुना तक आव धत करता है; इलेक् ॉन सूक्ष्मदश लगभग 10,00,000 गुना। जीवाणुओं म सुस्पष्ट कद्रक और
कद्रक य झल्ली नह होती — उनके स्थान पर कद्रकाभ होता है। वषाणु सूक्ष्मदश य और अको शक य होते ह तथा जी वत
को शका म प्रवेश करने पर ही गुणन करते ह।
सूक्ष्मजीव हमारे लए काम करते ह — कवक और जीवाणु पादप तथा जंतु अप शष्ट को वघ टत करके पोषक तत्व से भरपूर
खाद बनाते ह; कुछ जीवाणु ऑक्सीजन र हत वातावरण म बायोगैस (मुख्यत: मीथेन और काबन डाइऑक्साइड) बनाते ह;
फलीदार पौध क मूल ग्रं थकाओं म राइजो बयम वायु से नाइ ोजन अवशो षत करता है; खमीर (एक कवक) आटे को
फुलाता है; लैक्टोबै सलस दूध को दही म बदलता है और इडली-दोसा के घोल का कण्वन करता है; सूक्ष्म शैवाल जैसे
स्पाइरुलाइना पृथ्वी क आधी से अ धक ऑक्सीजन उत्पन्न करते ह।
Page 42 of 44
Page 44
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे AglaSem · NCERT Solutions
त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द अथ अध्याय म उदाहरण या मु ख्य संख्या
कहाँ
लस काँच का विक्रत टुक ड़ा जो बीच से मोटा और िकनारों पर पतला पृष्ठ 9 नाम मसूर क दाल (ल टल) के दाने के
होता है तथा छोटी वस्तुओ ं को बड़ा िदखाता है आकार से पड़ा
को शका जीवन की मूल इकाई — वह ‘ईंट’ िजससे पत्येक सजीव शरीर पृष्ठ 10–12, रॉबट हुक ने 1665 म कॉक से यह नाम
बना है 24 दया
को शका झल्ली सरंध बाहरी परत जो कोिशकाद व्य और कें द क को घे र ती है, एक पृष्ठ 12 जंतु, पादप, कवक और जीवाणु — सभी
कोिशका को दू स री से अलग करती है तथा पवेश-िनकास को को शकाओं म
िनयंित्रत करती है
को शकाद्रव्य कोिशका िझल्ली और कें द क के बीच का पदाथ; इसमें पृष्ठ 12 अ धकांश जैव प्रक्रम यह होते ह
काब हाइडेट, पोटीन, वसा और खिनज लवण होते है ं
कद्रक मध्य में िस्थत गोल संर चना जो पतली िझल्ली से ढकी होती है पृष्ठ 12–13 जीवाणुओं म सुस्पष्ट रूप म अनुप स्थत
और कोिशका की सभी गितिविधयों तथा विृ द्ध को िनयंित्रत करती
है
को शका भ त्त कोिशका िझल्ली के चारों ओर एक अितिरक्त आवरण जो पृष्ठ 13, 24 पादप, कवक और जीवाणु को शकाओं म;
मजबूती और दृ ढ़ता दे ता है जंतु को शका म नह
लवक / ह रत पादप कोिशकाओं की छड़ाकार संर चनाएँ; हिरत लवक में पृष्ठ 13 अह रत भाग म लवक पदाथ का भंडारण
लवक पणहिरत होता है जो पकाश संश्ले षण में सहायक है करते ह
रसधानी पादप कोिशका का बड़ा खाली िदखने वाला स्थान जो पदाथ ं का पृष्ठ 13 जंतु को शकाओं म प्राय: अनुप स्थत या
संग ह, अपिशष्ट का िनष्कासन और आकार बनाए रखता है बहुत छोट
संगठन के स्तर कोिशका → ऊतक → अंग → अंग -तंत्र → जीव पृष्ठ 14 समान को शकाओं का समूह ऊतक बनाता
है
सूक्ष्मजीव वह सजीव िजसे नग्न आँखों से नही ं दे खा जा सकता पृष्ठ 15–16 जीवाणु, प्रोटोजोआ, कवक, कुछ शैवाल
कद्रकाभ जीवाण ु कोिशका का वह क्षेत्र जो सुस्पष्ट कें द क के स्थान पर पृष्ठ 24 यही जीवाणु को यीस्ट, प्रोटोजोआ, शैवाल,
होता है कवक, पौध और जंतुओं से अलग करता
है
वषाणु सूक्ष्म दश य और अकोिशकीय; जीिवत कोिशका में पवेश करने पर पृष्ठ 17 पौध , जंतुओं अथवा जीवा ण्वक
ही ग ण
ु न करता है को शकाओं को संक्र मत कर सकता है
वघटन सूक्ष्म जीवों ारा म ृत पौधों-जंतओ
ु ं के जिटल पदाथ ं को सरल, पृष्ठ 19 इष्टतम तापमान और उ चत नमी आवश्यक
पोषक-सम ृद्ध पदाथ ं में बदलना
बायोगैस ऑक्सीजन रिहत वातावरण में जीवाणओ
ु ं ारा िनमुक्त गैस ों का पृष्ठ 20 खाना पकाने, तापन, बजली और वाहन
िमश्रण, मुख्यत: मीथेन और काबन डाइऑक्साइड के लए
Page 43 of 44
Page 45
ase
कक्षा 8 व ान अध्याय 2 अदृश्य जीव-जगत — हमारी आँख क क्षमता से परे
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
शब्द अथ अध्याय म उदाहरण या मु ख्य संख्या
om पौधों की मूल गंिथकाओं में रहने वाले जीवाण ु जो वायु से a se
कहाँ
.cफलीदार l
a,gमटर, मसूर — इसी लए फसल
m
ase नाइटोजन अवशोिषत करते है ं
राइजो बयम पृष्ठ 22 सेम
agl
चक्रण
लैक्टोबै सलस वह जीवाण ु जो लै क्टोज से भोजन ले क र दू ध का िकण्वन करता है पृष्ठ 21–22 इडली-दोसा के घोल और भटू रे के आटे का
m
.co ag
और लै िक्टक अम्ल बनाता है कण्वन भी
m
सूक्ष्म दश य पौधे जैसे जीव जो सूय के पकाशsसेe अपना भोजन
a
agl
सूक्ष्म शैवाल पृष्ठ 22–23 स्पाइरुलाइना, क्लोरेला, डायटम; पृथ्वी क
स्वयं बनाते है ं आधी से अ धक ऑक्सीजन
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m.co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 44 of 44