NCERT Solutions for Class 8 Hindi (संक्षिप्त बुद्धचरित) Chapter 2 अभिनिष्क्रमण – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH
aglase .co
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Class : 8th
Subject : हिन्दी
Chapter : 2
Chapter Name : अहिहिष्क्रमण
Q1 हिद्धार्थ को हिर्ाथ ण के हर्षय में पिली प्रेरणा हकि प्रकार हमली?
Answer.हिद्धार्थ को हिर्ाथ ण के हर्षय में पिली प्रेरणा उिके र्ि-भ्रमण के दौराि हमली|जब र्ि र्ि के भ्रमण पर र्े
तब अचािक उन्हें एक हिक्षु के रूप में पुरुष हदखाई हदया| हिद्धार्थ के पूछे जािे पर हक र्ि कौि िै हिक्षु िे उत्तर
हदया हक मैं मोक्ष की खोज में हिकला एक िन्यािी हूँ | मेरे अंदर अब िबके हलए एक िार् िै , मुझे अब िा तो हकिी
िे कोई आशा िै िा िी कोई हशकायत िै | मैं गृिस्र् जीर्ि त्याग,र्ि में िी हर्चरण करता हूँ | र्ि में जो हमल जाए
र्िी खाकर पेड़ के िीचे,दे र्ालय, पर्थत आहद पर रिकर जीर्ि व्यतीत करता हूँ |
Page : 38 , Block Name : प्रश्न
Q2 राजकुमार िे तपोर्ि िा जािे के हलए राजा के िमक्ष क्या क्या शतें रखीं?
Answer. राजकुमार िे तपोर्ि िा जािे के हलए राजा के िमक्ष कुछ अिंिर् शते रखी र्ी जो हक हिम्नहलखखत िैं -
1.मेरी मृत्यु िा िो,
2.मैं िदा रोगमुक्त रहूँ ,
3.मुझे किी बुढापा िा आए और
4.मेरी िंपहत्त िदा बिी रिे |
Page : 38 , Block Name : प्रश्न
Q3 छं दक कौि र्ा?हिद्धार्थ िे उिे िींद िे क्यों जगाया?
Answer. छं दक घोड़ों का दे खिाल करिे र्ाला अर्र्ा अश्वर्रक्षक र्ा| हिद्धार्थ िे छं दक को िींद िे इिहलए जगाया
क्योंहक उन्हें गृिस्र् जीर्ि त्याग कर मोक्ष की प्राखि के हलए र्ि जािा र्ा| हिद्धार्थ को छं दक पर पूरा हर्श्वाि र्ा हक
र्ि उििे हबिा कुछ िर्ाल हकए उिकी आज्ञा का पालि करे गा, और छं दक िे िी हिस्वार्थ िार् िे हिद्धार्थ की
आज्ञा का पालि हकया|
Q4 हिद्धार्थ िे अलग िोिे पर छं दक और कंर्क की दशा का र्णथि अपिे शब्ों में कीहजए?
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Answer. हिद्धार्थ िे अलग िोिे पर छं दक और कंर्क बड़़ िी दु ुःखी और व्याकुल र्े, कन्थक की आं खों िे िी
आूँ िू आ रिे र्ा| दोिों हर्रि के शोक में अत्यंत दु ुःखी र्े| जो रास्ता छं दक िे हिद्धार्थ को र्ि ले जािे के र्क्त एक
रात में पूरा हकया र्ा उिी रास्ते पर र्ापि राजमिल जािे में छं दक को आठ हदि लग गये| कंर्क िे िी हिद्धार्थ िे
हर्रि के गम में अन्न-पािी तक त्याग हदया| अपिे स्वामी िे अलग िो छं दक कुछ दे र के हलए िूहम पर अचेत अर्स्र्ा
में हगर पड़ा, हिर िोश आिे पर कंर्क िे हलपट कर रोिे लगा और कहपलर्स्तु के हलए हिकल पड़ा| रास्ते में किी
हगरता, किी रोता हिर उठता और आगे बढता, यि रास्ता उि दोिों के हलए एक िामुमहकि िा रास्ता बि गया र्ा|
Q5 तपोर्ि में हिद्धार्थ िे तपखस्वयों को क्या करिे के हलए किा?
Answer. तपोर्ि में हिद्धार्थ िे तपखस्वयों िे किा हक आप िबका धमथ स्वगथ के हलए िै और मेरी इच्छा मोक्ष की िै ,
इिहलए मेरा इि जगि पर कुछ काम ििीं िै | मुझे िी आप िब लोगों िे हबछड़ते हुए बहुत दु ुःख िो रिा िै , परं तु
मेरा यिाूँ िे जािा जरूरी िै | आप लोग धमथ के प्रहतहित लोग िैं ,अिेक कहठि तप और िाधिाओं के ज्ञािी िै | आप
लोग इिी प्रकार धमथ के मागथ पर चलें|
Q6 र्ि िे लौटिे के िंबंध में राज मंत्री के तकथ िुिकर हिद्धार्थ िे क्या किा?
Answer. जब राज मंत्री िे हिद्धार्थ िे धमथ के िाम पर र्ि िे घर लौट जािे को किा, िार् िी िार् िगर्ाि राम और
शाल्व के उदािरण िी हदये तो हिद्धार्थ िे िाि-िाि किा की उन्हें िुिी-िुिाई बातों पर हबल्कुल यकीि ििीं िै |
र्ि उन्हीं बातों पर हर्श्वाि करते िैं जो उन्होंिे अिुिर् की िैं। और जो र्ि अपिे तप िे प्राि करें गे| र्ि जलती हुई
अहि में प्रर्ेश कर िकते िैं पर हबिा ज्ञाि की प्राखि हकए घर र्ापि ििीं जा िकते| ऐिा करिा उिके हििाब िे
उहचत ििीं िै | हिद्धार्थ िे किा हक उन्हें अपिी तपस्या और शां हत िे जो तत्व-ज्ञाि हमलेगा र्ि उिे िी ित्य मािेंगे,
बाकी उदािरण उिके हलए िाम-मात्र िैं |
Q7 हबंबिार िे हिद्धार्थ की ििायता के हलए क्या प्रस्तार् रखा?
उत्तर 7. हिद्धार्थ को हिक्षा मांगते हुए दे खकर हबंबिार को दया आ गई और उन्होंिे हिद्धार्थ िे किा हक, िे!
राजकुमार आप मेरा आधा राज्य ले लीहजए और िुख िोहगये| आप चािे तो मेरे िैहिकों की ििायता िे शत्रुओं पर
आक्रमण कररए और उि पर हर्जय पाइये| अगर आपकी इच्छा िै तो आप हत्रर्गथ (धमथ, अर्थ और काम) का िेर्ि
कररए, पर अपिे धिुष चलािे र्ाले बाजुओं को हिक्षा मां गिे में व्यर्थ िा करें और अपिे उम्र के अिुिार िी मागथ चुिें|
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