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2025
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PRACTICE PAPERS
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अ यास न-प
स : 2024-25
क ा: नवमी
वषय: हंद -अ (कोड 002)
अव ध : 3 घंटे अ धकतम अंक : 80
सामा य नदश :
न न ल खत नदश को पढ़कर उनका पालन क िजए :
इस न प म कुल 15 न ह। सभी न अ नवाय ह।
इस न प म कुल चार खंड ह- क, ख, ग, घ।
खंड-क म कुल 2 न ह, िजनम उप न क सं या 10 है।
खंड-ख म कुल 4 न ह, िजनम उप न क सं या 20 है। दए गए नदश का
पालन करते हुए 16 उप न के उ र दे ना अ नवाय है ।
खंड-ग म कुल 5 न ह, िजनम उप न क सं या 20 है।
खंड-घ म कुल 4 न ह, सभी न के साथ उनके वक प भी दए गए ह।
न के उ र दए गए नदश का पालन करते हुए ल खए।
खंड-क
(अप ठत बोध) (14 अंक)
न 1. न न ल खत ग यांश को यानपूवक पढ़कर उस पर आधा रत पूछे गए न के
उ र ल खए: (7)
कबीर हंद सा ह य के भि तकाल के संत क व थे। कबीर के ज म और म ृ यु के बारे म
अनेक कंवदं तयाँ च लत ह। ऐसा माना जाता है क सन ् 1398 म काशी म उनका ज म
हुआ और सन ् 1518 के आसपास मगहर म दे हांत हुआ। उनके माता- पता का नाम मश:
नीमा और नी था। कबीर ने व धवत श ा नह ं पाई थी परं तु स संग, पयटन, अवलोकन
और अनुभव से उ ह ने ान ा त कया। उ ह ने अपने गु के प म गु रामानंद को चन
ु ा
और उनसे गु मं के प म ‘राम’ नाम को हण कया। कबीर के ई वर, नगुण राम थे। वे
बन
ु ाई का काय करके जीवन नवाह करते थे। कबीर अ यंत उदार, नभय, तथा स गह
ृ थ संत
थे। उनक प नी का नाम ‘लोई’ था। उ ह ने अपनी रचनाओं म पाखंड, भेदभाव और कमकांड
का खंडन कया। कबीर का दशन नगुण ई वर, ान, वैरा य, गु के मह व, स संग, जगतबोध
और आ मबोध के त जाग कता पर आधा रत है । कबीर ने अपनी रचनाओं म धम के
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बीच अंतर को नकारा और सभी धम के अनुया यय से एकता के साथ रहने का आ वाहन
कया। कबीर ने कहा क ई वर एक है और सभी जीव म व यमान है । कबीर ने अपनी
रचनाओं म समाज म या त कुर तय और धम के ढ ग क कड़ी आलोचना क । उनक
रचनाएँ मनु य को अपने जीवन म प रवतन लाने के लए े रत करती ह। कबीर क भाषा
क सहजता उनके का य क लोक यता का आधार है । उनक भाषा को ‘सधु कड़ी’ और
‘पँचमेल खचड़ी’ कहा जाता है । उनक रचनाओं म दोहे , साखी, सबद और रमैनी शा मल ह।
उनक मृ यु के प चात उनके य श य धमदास ने उनक रचनाओं को संक लत करके
‘कबीर बीजक’ नामक पु तक म का शत कया।
(क) कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयु त वक प चु नए: (1)
कथन (A) : भि तकाल के संत क व कबीर एक नगुण भ त क व थे।
कारण (R) : कबीर के अनस
ु ार ई वर नराकार है और वह सभी जीव म व यमान है ।
I. कथन (A) गलत है , ले कन कारण (R) सह है ।
II. कथन (A) और कारण (R) दोन ह गलत ह l
III. कथन (A) सह है और कारण (R), कथन (A) क सह या या है l
IV. कथन (A) सह है क तु कारण (R) कथन (A) क सह या या नह ं है ।
(ख) कबीर क रचनाओं म आलोचना क गई है - (1)
कथन के लए उपयु त वक प का चयन क िजए-
I. धा मक आडंबर क
II. पर पर भेदभाव क
III. धा मक कमकांड क
IV. धा मक सुधार क
वक प -
i. कथन I और II सह है ।
ii. कथन III और IV सह है।
iii. कथन I, II और III सह है ।
iv. कथन I, III और IV सह है ।
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(ग) नीचे दए हुए कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमे लत कर सह वक प का चयन क िजए-(1)
कॉलम 1 कॉलम 2
I - कबीर का श य 1 – रामानंद
II – कबीर क माता 2 – धमदास
III – कबीर के गु 3 – नीमा
i. I-(1) II-(2) III-(3)
ii. I-(2) II-(3) III-(1)
iii. I-(2) II-(1) III-(3)
iv. I-(3) II-(2) III-(1)
(घ) कबीर वारा समाज म च लत कन दो बुराइय का वरोध कया गया था? (2)
(ङ) कबीर के वभाव क क ह ं दो वशेषताओं का उ लेख क िजए। (2)
न 2. न न ल खत का यांश को यानपव
ू क पढ़कर उस पर आधा रत पछ
ू े गए न के
उ र ल खए- (7)
मज़बूत इराद के पंख लेकर, बस नकल पड़ो
जो तु ह रोकने का दःु साहस करे , उससे लड़ो
हर पल नई सीमाएँ तोड़ो, था पत नए क तमान करो
पाँव क बे ड़य को तोड़ दो, डर को पीछे छोड़ दो
यह भी तु हारे बस म है क हवाओं का ख मोड़ दो
लोग के सवाल से यूँ न घबराओ
जीतना चाहते हो तो, चलते चले जाओ
ऐसा कब हुआ क जीत और हार म ठनी नह ं
इस कायनात को अपनी जीत के लए मजबूर करो
जो आज नह ं हुआ, कल हो जाएगा
आज कसी और का दन था, कल तु हारा ज़ र आएगा
जब सपन का पीछा करते यहाँ तक आ ह गए
तो इ ह अधरू ा छोड़कर, या तुमसे लौटा जाएगा
माना मिु कल है ,पर थोड़ा स और करो
ये ह सल क उड़ान है , दरू तक भरो।
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(क) क वता म ‘पाँव क बे ड़य ’ का या अथ है ? (1)
i. शार रक बंधन
ii. मान सक बंधन
iii. सामािजक बंधन
iv. आ थक बंधन
(ख) क वता का मु य संदेश या है? उ चत वक प का चयन क िजए- (1)
I. जीवन म हार न मानना
II. संघष और हौसले से जीतना
III. सवाल से घबराना
IV. क ठन ल य बदल दे ना
वक प-
i. कथन I और II सह ह।
ii. कथन I,II और IV सह ह।
iii. केवल कथन III सह है ।
iv. कथन I, III और IV सह ह।
(ग) कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयु त वक प चु नए: (1)
कथन (A) : मनु य को हौसला रखकर संघष करते हुए आगे बढ़ना चा हए।
कारण (R) : जीवन म येक काय सरल और बाधा-मु त नह ं हो सकता।
i. कथन (A) सह है ले कन कारण (R) कथन (A) क सह या या नह ं है l
ii. कथन (A) गलत है ले कन कारण (R) सह है l
iii. कथन (A) सह है और कारण (R), कथन (A) क सह या या है l
iv. कथन (A) और कारण (R) दोन गलत ह l
(घ) का यांश के अनस
ु ार ल य ाि त के लए मनु य म कन दो वशेषताओं का होना
ज़ र है ? (2)
(ङ) का यांश के अनुसार डर और असफलता को कैसे दे खना चा हए? (2)
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खंड-ख
( यावहा रक याकरण) (16 अंक)
न 3. नदशानुसार ‘उपसग और यय’ पर आधा रत न न ल खत पाँच न म से
क ह ं चार न के उ र ल खए: (4X1=4)
(क) ‘परा म’ श द म यु त उपसग पहचानकर ल खए। (1)
(ख) ‘ नर्’ उपसग से न मत एक श द ल खए। (1)
(ग) ‘ऐ तहा सक’ श द म य ु त मल
ू श द पहचानकर ल खए। (1)
(घ) ‘चमक ला’ श द म न हत यय पहचानकर कर ल खए। (1)
(ङ) ‘दार’ यय से एक श द बनाइए। (1)
न 4. नदशानुसार ‘समास' पर आधा रत न न ल खत पाँच न म से क ह ं चार न
के उ र ल खए : (4X1=4)
(क) ‘नवरा ’ सम तपद का समास व ह ल खए। (1)
(ख) ‘ तवष’ श द म न हत समास का भेद ल खए। (1)
(ग) जहाँ पूवपद वशेषण और उ र पद वशे य हो, वह समास या कहलाता है ? (1)
(घ) बहु ी ह समास का एक उदाहरण ल खए। (1)
(ङ) ‘पंचवट ’ श द म न हत समास का भेद ल खए। (1)
न 5. नदशानुसार ‘अथ के आधार पर वा य भेद’ पर आधा रत न न ल खत पाँच न
म से क ह ं चार न के उ र ल खए : (4X1=4)
(क) गया पराये बैल पर अ धक खच नह ं करना चाहता था। (वा य-भेद ल खए) (1)
(ख) बालसभा ने बैल का खब
ू वागत कया। (वा य-भेद ल खए) (1)
(ग) शायद लेखक का घोड़ा भटक गया था। (वा य-भेद ल खए) (1)
(घ) िजन वा य म एक या के दस
ू र या पर नभर होने का बोध हो, वहाँ अथ क
ि ट से वा य का कौन-सा भेद होता है ? (1)
(ङ) ‘इ छावाचक’ वा य का एक उदाहरण ल खए। (1)
न 6. नदशानुसार ‘अलंकार’ पर आधा रत न न ल खत पाँच न म से क ह ं चार
न क रे खां कत का य पंि तय म अलंकार पहचान कर ल खए : (4X1=4)
(क) नरपख होइ के ह र भजै , सोई संत सज
ु ान। (1)
(ख) दे ख सुदामा क द न दसा, क ना क रकै क ना न ध रोए। (1)
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(ग) तीन बेर खाती थी, वो तीन बेर खाती है । (1)
(घ) सुबरन को खोजत फरत क व, य भचार , चोर। (1)
(ङ) शीतलता पाना आग से और जल से जल जाना। (1)
खंड-ग
(पा य पु तक एवं पूरक पा य पु तक) (30 अंक)
न 7. न न ल खत प ठत ग यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक
उपयु त उ र वक प चन
ु कर ल खए: (5X1=5)
व ापन और सार के सू म तं हमार मान सकता बदल रहे ह। इस दखावे क सं कृ त
के फैलाव का प रणाम या होगा? यह गंभीर चंता का वषय है । हमारे सी मत संसाधन का
घोर अप यय हो रहा है । जीवन क गण
ु व ा आलू के च स से नह ं सध
ु रती। न बहु व ा पत
शीतल पेय से। भले ह वे अंतरा य ह । पी जा और बगर कतने ह आधु नक ह , ह वे
कूड़ा खा य। समाज म वग क दरू बढ़ रह है , सामािजक सरोकार म कमी आ रह है ।
जीवन तर का यह बढ़ता अंतर आ ोश और अशां त को ज म दे रहा है। जैसे-जैसे दखावे
क यह सं कृ त फैलेगी, सामािजक अशां त भी बढ़े गी। हमार सां कृ तक अि मता का ास
तो हो ह रहा है , हम ल य- म से भी पी ड़त ह। वकास के वराट उ दे य पीछे हट रहे ह,
हम झूठ तुि ट के ता का लक ल य का पीछा कर रहे ह। मयादाएँ टूट रह ह, नै तक
मानदं ड ढ ले पड़ रहे ह। यि त क कता बढ़ रह है , वाथ परमाथ पर हावी हो रहा है । भोग
क आकां ाएँ आसमान को छू रह ह। गांधी जी ने कहा था क हम व थ सां कृ तक
भाव के लए अपने दरवाज़े- खड़क खल
ु े रख पर अपनी बु नयाद पर कायम रह। उपभो ता
सं कृ त हमार सामािजक नींव को ह हला रह है । भ व य के लए यह एक बड़ी चन
ु ौती है ।
(क) हमार मान सकता को कौन बदल रहा है ? (1)
I. बगर- प ज़ा का उपभोग
II. जीवन तर क समानता
III. व ापन और सार तं
IV. वकास के उ दे य
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(ख) उपभो ता सं कृ त का या भाव ह? सह वक प का चयन क िजए l (1)
I. परमाथ क भावना का बढ़ना
II. वग के बीच अंतर का बढ़ना
III. सां कृ तक अि मता का ास होना
IV. भोग क आकां ाएँ बढ़ना
वक प :
i. कथन I और III सह है ।
ii. कथन ll, III और IV सह ।
iii. केवल कथन ll सह है ।
iv. कथन I, ll और lll सह है ।
(ग) कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उ चत वक प चु नए: (1)
कथन (A) : उपभो ता सं कृ त हमार सामािजक नींव को ह हला रह है ।
कारण (R) : उपभो ता सं कृ त यि त क कता और वाथ को बढ़ावा दे रह है ।
i. कथन (A) सह है ले कन कारण (R) कथन (A) क सह या या नह ं है l
ii. कथन (A) गलत है ले कन कारण (R) सह है l
iii. कथन (A) सह है और कारण (R), कथन (A) क सह या या है l
iv. कथन (A) और कारण (R) दोन गलत ह l
(घ) लेखक के अनुसार या गंभीर चंता का वषय है ? (1)
I. दखावे क सं कृ त का फैलना
II. सी मत संसाधन का सदप
ु योग
III. व ापन क अ धकता होना
IV. समाज के कता का बढ़ना
(ङ) गांधी जी के अनस
ु ार, व थ सां कृ तक भाव के लए या आव यक है ? (1)
I. दरवाज़े- खड़क बंद रख और अपनी बु नयाद पर कायम रह।
II. दरवाज़े- खड़क खल
ु े रख और अपनी बु नयाद पर कायम रह।
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III. दरवाज़े- खड़क खल
ु े रख और वदे शी सं कृ त को अपनाते रह।
IV. दरवाज़े- खड़क बंद रख और पारं प रक सं कृ त को याग द ।
न 8. नधा रत ग य पाठ के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन
न के उ र 25-30 श द म ल खए: (3X2=6)
(क) पाठ ‘दो बैल क कथा’ के आधार पर ह रा और मोती के वभाव म न हत दो अंतर
पर काश डा लए। (2)
(ख) ‘मेरे बचपन के दन’ पाठ के आधार पर उस समय क लड़ कय क दशा को अपने
श द म ल खए। (2)
(ग) ‘ ेमचंद के फटे जत
ू े’ पाठ के आधार पर ेमचंद के यि त व क दो वशेषताएँ ल खए।
(2)
(घ) ‘ हासा क ओर’ या ा-वत
ृ ांत के आधार पर बताएँ क कसी दे श क या ा से हम
उस दे श वशेष के बारे म या- या जानकार मलती ह? (2)
न 9. न न ल खत प ठत का यांश पर आधा रत बहु वक पीय न के सवा धक उपयु त
उ र वाले वक प चन
ु कर ल खए: (5X1=5)
मानुष ह तो वह रसखा न बस ज गोकुल गाँव के वारन।
जौ पसु ह तो कहा बस मेरो चर नत नंद क धेनु मँझारन ।।
पाहन ह तो वह ग र को जो कयो ह रछ पुरंदर धारन।
जौ खग ह तो बसेरो कर म ल का लंद कूल कदं ब क डारन।
(क) तुत पंि तयाँ कसके वारा लखी गई ह? (1)
I. कृ ण वारा
II. मानुष वारा
III. रसखान वारा
IV. गो पय वारा
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(ख) तुत पंि तय म क व ने या इ छा य त क है ? सह वक प का चयन क िजए– (1)
I. न द क गाय के प म ज म लेना चाहते ह।
II. गोकुल के वाले के प म ज म लेना चाहते ह।
III. प ी बनकर कदं ब क डाल पर रहना चाहते ह।
IV. कृ ण क तरह गोवधन पवत उठाना चाहते ह।
वक प:
i. कथन l और lV सह है ।
ii. कथन ll और lll सह है ।
iii. कथन l, ll और lll सह है ।
iv. कथन ll, lll और lV सह है ।
(ग) कथन (A) और कारण (R) को यानपव
ू क पढ़कर सह वक प चन
ु कर ल खए: (1)
कथन : क व क भावनाएँ कृ ण के त उनक अगाध भि त को दशाती ह।
कारण : क व जीवन और कृ त के हर प म कृ ण के साथ जुड़े रहना चाहते ह।
I. कथन (A) सह है ले कन कारण (R) कथन (A) क सह या या नह ं है l
II. कथन (A) गलत है ले कन कारण (R) सह है l
III. कथन (A) सह है और कारण (R), कथन (A) क सह या या है l
IV. कथन (A) और कारण (R) दोन गलत हl
(घ) ‘पाहन ह तो वह ग र को जो कयो ह रछ पुरंदर धारन।‘-पंि त म कौन-सी घटना का
उ लेख कया गया है ? (1)
I. कंस का वध करना
II. गोवधन पवत को उठाना
III. का लया नाग का वध करना
IV. वारका का राजा बनना
(ङ) द पंि तय म न हत भाव है- (1)
I. भि त का
II. वा स य का
III. वीरता का
IV. द नता का
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वक प :
i. कथन I सह है ।
ii. कथन I और II सह है ।
iii. कथन II और III सह है ।
iv. कथन I और IV सह है ।
न 10. नधा रत क वताओं के आधार पर न न ल खत चार न म से क ह ं तीन
न के उ र 25-30 श द म ल खए: (3X2=6)
(क) कबीर ने ज म और कम म से कसे मह वपूण माना है और य ? तक स हत उ र
द िजए। (2)
(ख) गो पय वारा व णत कृ ण क मरु ल क धन
ु और मु कान के भाव को अपने श द
म ल खए। (2)
(ग) ‘कैद और को कला’ क वता म क व और को कला के बीच मौजूद दो अंतर ल खए। (2)
(घ) मेघ पी मेहमान के आने से कृ त म होने वाले दो प रवतन का उ लेख क िजए। (2)
न 11. पूरक पा य पु तक के नधा रत पाठ पर आधा रत न न ल खत तीन न म से
क ह ं दो न के उ र लगभग 50-60 श द म ल खए: (2X4=8)
(क) ‘ईह! जब दानापुर डूब रहा था तो पट नयाँ बाबू लोग उलटकर दे खने भी नह ं गए..अब
बूझो!’ – इस कथन वारा लोग क कस मान सकता पर चोट क गई है ? (4)
(ख) उमा का पा श ा वारा ी सशि तकरण का एक उदाहरण है । ‘र ढ़ क ह डी’ पाठ
म आई घटनाओं के आधार पर प ट क िजए। (4)
(ग) पाठ ‘मेरे संग क औरत’ म ले खका ने अपने घर क औरत का वणन कया है । इसी
तरह आप भी अपने जीवन को भा वत करने वाल कसी एक म हला के यि त व का
वणन क िजए। (4)
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खंड-घ
(रचना मक लेखन) (20 अंक)
न 12. न न ल खत तीन वषय म से कसी एक वषय पर दए गए संकेत- ब दओ
ु ं के
आधार पर लगभग 120 श द म अनु छे द ल खए: (1X6=6)
(क) सड़क दघ
ु टनाएँ: कारण और रोकथाम
भू मका
मु य कारण
बचाव हे तु उपाय
सरकार और जनता क भागीदार
(ख) जीवन म अ छे म का मह व
जीवन म म ता का मह व
अ छे म के गुण और संग त का भाव
जीवन के क ठन समय म सहायता करना
व वास और भावना मक सहयोग क भावना
(ग) व वधता म एकता: भारत क पहचान
व वधता का ता पय
भारतीय प रवेश क व वधता का प रचय
एकता क मह ा का उ लेख
चन
ु ौ तयाँ और समाधान
न 13. (क) आप यो गता/युवराज ह। आपक बड़ी बहन ने बारहवीं क ा म थम थान
ा त कया है , इस अवसर पर उनको बधाई दे ते हुए और भ व य म अपने लए मागदशन
ा त करने हे तु लगभग 100 श द म प ल खएl (1X5=5)
अथवा
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(ख) आप मीनल/ म हर ह। आप व ान लब क /के अ य ह, अपने लब कालांश म
न मत व ान के व भ न मॉडल क द शनी के लए व यालय म व ान दवस के
आयोजन हे तु धानाचाय/ धानाचाया को लगभग 100 श द म प ल खएl
न 14. (क) आप महक/मो हत ह। पछले स ताह आपने एक ऑनलाइन वेबसाइट से एक
द वार घड़ी खर द थी, जो अब खराब हो गई है । इस घड़ी क शकायत और बदलाव क
माँग करते हुए उपभो ता सेवा क को लगभग 100 श द म ई-मेल ल खए। (1X5=5)
अथवा
(ख) दए गए संकेत बंदओ
ु ं के आधार पर 100 श द म लघक
ु था ल खए।
रात को चोर का घर म आना..आपके वारा घर के सद य क जान बचाना..बु ध और
बहादरु का दशन..अखबार म नाम आना और पुर कार मलना
न 15. (क) अपने आस-पास क सड़क क ि थ त सुधारने के वषय पर दो व या थय
के म य 80 श द म संवाद ल खए। (1X4=4)
अथवा
(ख) आप मानसी/मानस ह। आप व यालय क ‘ हंद स म त’ क /के अ य ह। आगामी
व व हंद दवस (10 जनवर ) पर व यालयी तर पर आयोिजत भाषण तयो गता के
वषय म सभी व या थय को जानकार दे ते हुए 80 श द म सूचना तैयार क िजए।
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