NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 1 भारतीय संविधान – Text
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CLASS - 8TH
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Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Civics
Class : 8th
Subject : अर्थशास्त्र
Chapter : 1
Chapter Name : भारतीय संविधान
Q1 विसी लोितां विि दे श िो संविधान िी ज़रूरत क्ों पड़ती हैं ?
● संविधान वनयमों िा एि ऐसा समूह होता है विसिो एि दे श िे सभी लोग अपने दे श िो चलने िी पद्धवत
िे रूप में स्वीिार िरते हैं ।
● संविधान िे ज़ररये ही हम तैय िरते है वि हमारी सरिार विस तरह िी होगी।
● संविधान नागररिों िे मौवलि अवधिारों िी भी रक्षा िरता है ।
● संविधान सभी नागररिों मे समानता लाता है और ये सुवनवित िरता है वि िोई भी ताक़तिर व्यक्ति या
समूह अपने से िमज़ोर समूह या व्यक्ति पर अपनी ताित िा गलत इस्तेमाल न िरे ।
Q2 नीचे वदए दो दस्तािेज़ों िे वहस्ों िो दे क्तिये।पहला िॉलम 1990 िा नेपाल िा संविधान है ।दू सरा संविधान
नेपाल िे ताज़ा अंतररम संविधान में से वलया गया है ।
1990 िा नेपाल िा संविधान 2007 अंवतररम संविधान।
भाग-७:िायथपावलिा भाग-५ :िायथपावलिा
अनुछेद 35: सरिारी शक्तियां अनुछेद 37: िायथिारी शक्तिया
नेपाल अवधराज्य िी िायथिारी शक्तियां महामवहम नेपाल िी िायथिारी शक्तियां मंविपररषद में वनवहत
नरे श एिम मंविपररषद में वनवहत होंगी। होंगी।
नेपाल िे इन दोनों संविधानों में िायथिारी शक्तियों िे उपयोग में फिथ क्ों वदिाई दे ता है ?इस बात िो ध्यान रिते
हुए क्ा आपिो लगता है वि नेपाल िो एि नए संविधान िी ज़रूरत है ?क्ों?
● नेपाल िी िनता अपने संविधान से िुश नहीं है इसीवलए नेपाल िो नए संविधान िी ज़रूरत है ।
● नेपाल िे संविधान में िे आदशथ है ही नहीं िो नेपाल िी िनता अपने वलए चाहती है और विसिे वलए िो
शंघषथशील रहे हैं ।
● 'दे श िी सारी सत्ता और सारे वनयम िानून वनधाथ ररत िरने िी ताित वसफथ रािा िे पास होगी' इस पर
1990 िा नेपाल िा संविधान आधाररत र्ा।
● 2007 िा नेपाल िा संविधान इस बात पर आधाररत र्ा िी सारी शक्तियां मंविपररषद िे पास होंगी और
सारे िायथिारी फैसले प्रधान मंिी िे नाम पर वलए िाएं गे।
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Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 1 Social Science - Civics
Q3 अगर वनिाथवचत प्रवतवनवधयों िी शक्ति पर िोई अंिुश न होता तो क्ा होता?
⚫ यवद वनिाथवचत प्रवतवनवधयों िी शक्ति पर िोई अंिुश नहीं होता तो सारे नेता अपने मन िे विसी भी िानून
िो लागू िर दे ते विससे मज़बूरी में िनता िो मानना ही पढता।
⚫ इससे िनता िा नुिसान ही होता।
⚫ यवद उनपर अंिुश न हो तो दे श िे नेता अपनी शक्तियो िा दु रुपयोग िरते पाये िाते।
⚫ समाि में अराििता और वहंसा िा वनमाथ ण हो िाता और दे श िी शां वत चली िाती ।
Q4 वनम्नवलक्तित क्तस्तवर्यों में अल्पसंख्यि िौन है ? इन क्तथर्वतयों में अल्पसंख्यि िो िे विचारों िा सम्मान िरना
क्ों महत्वपूणथ है । इसिा एि एि िारण बताइए।
(ि) एि स्कूल में 30 वशक्षि है और उनमें से 20 पुरुष है ।
(ि) एि शहर में 5 प्रवतशत लोग बौध्य धमथ िो मानते है ।
(ग) एि िार्ल्ाथ ने में भोिनालय में 80% िमथचारी शािाहारी है ।
(घ) 50 विद्यावर्थयों िी िक्षा में 40 विद्यार्ी संपन्न पररिार से है ।
(ि) यहााँ पर मवहला वशक्षिों िी संख्या अल्पसंख्यि है ।
चाहे मवहला वशक्षिों िी संख्या वितनी ही िाम क्ों न हो िो पुरुष वशक्षिों से िही भी पीछे नहीं हैं , िे सब भी
इतनी ही पढ़ी वलिी हैं वितना िी पुरुष वशक्षि।
इसीवलए अल्पसंख्यि होने पर भी मवहला वशक्षिों िा सम्मान िरना महत्वपूणथ है ।
(ि) यहााँ पर बौध्य धमथ िे लोगो िी संख्या अल्पसंख्यि है। बौध्य धमथ हमे िीने िा सही तरीिा वसिाता है।
बौध्य धमथ में गौतम बुद्ध िे वदिाये रास्ते िा लोग पालन िरते हैं । इसीवलए अल्पसंख्यि होने पर भी हमें हर धमथ
िी व्यक्ति िा सम्मान िरना महत्वपूणथ है ।
(ग) यहााँ मां साहारी िाने िाले लोगो िी संख्या अल्पसंख्यि हैं ।
(घ) यहााँ असम्पन्न पररिार से आने िाले विद्यार्ी अल्पसंख्यि हैं ।
Q5 नीचे वदए गए िॉलम में भारतीय संविधान िे मुख्य आयामो िी सूवच दी गयी है।दू सरे िॉलम में आयामो िे
सामने दो िाक्ो में वलक्तिए िी आपिे वलए यह आयाम क्ों महत्वपूणथ है ?
मुख्या आयाम महत्त्व
● सघंिाद भारत िैसे बड़े दे श में यह बहुत मुक्तिल है वि िोई
व्यक्ति िेंद्र से ही पूरे दे श िे वनयम िानून िो चला
पाये और दे श िा सूचार रूप से वििास िर
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पाए।इसीवलए हर प्रां तीय स्तर पर सरिार और हर
ग्रामीण स्तर में पंचायती राि है िो दे श िे वििास में
मदत िरते हैं ।
● शक्तियों िा बाँटिारा शक्तियों िा बाँटिारा इसवलए विया िाता है तावि हर
विसी पर अंिुश लगाया िा सिे विससे िे अपनी
शक्तियों िा दु रुपयोग न िरे ।
● मौवलि अवधिार सत्ता िा वनरं िुश इस्तेमाल रोिने िे वलए मौवलि
अवधिार ज़रूरी हैं।
● संसदीय शासन पद्धवत नागररिों िे पास चुनाि िे माध्यम से अपना प्रवतवनवध
िुद चुनने िा अवधिार वदया गया हैं ।
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