NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 5 न्यायपालिका – Text
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CLASS - 8TH
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Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 5 Social Science - Civics
Class : 8th
Subject : अर्थशास्त्र
Chapter : 5
Chapter Name : न्यायपालिका
Q1 आप पढ़ चुके है लक कानून को कायम रखना और मौलिक अलिकारोों को िागू करना न्यायपालिका का एक
मुख्य काम होता है। आपकी राय में इस महत्वपूर्थ काम को करने के लिए न्यायपालिका का स्वतोंत्र होना क्ोों जरूरी
है ?
● यलि न्यायपालिका पर लकसी नेता का लनयोंत्रर् है तो न्यायािीश स्वतोंत्र रूप से फैसिे नहीों िे पाते।
● उिाहरर् की तौर पर मान िीलजये लकसी गरीब नागररक ने प्रतालित होने पर लकसी नेता के
खखिाफ मुकिमा िजथ करवाया।
● अब यलि उस नेता के पास न्यायपालिका का लनयोंत्रर् है तो वो लकसी भी न्यायािीश का तबाििा
कही भी करवा सकता है ।
● ऐसे में न्यायािीश हमेशा उस नेता के पक्ष में ही फैसिा सुनाएगा।
● इसीलिए न्यायपालिका का स्वतोंत्र होना बहुत ज़रूरी है ।
● हमनें ऐसे कई उिाहरर् िे खे है लजसमे आलमर और ताकतवर िोगोों ने अपनी ताकत इस्तेमाि
करके न्याय प्रलिया को प्रभालवत करने की कोलशश की है ।
● िेलकन भारत का सोंलविान ऐसी िखि अोंिाज़ी को स्वीकार नहीों करता।
● न्यायपालिका की स्वतोंत्रता अिाितोों को भारी ताकत िे ती है।
● इसी ताकत से वे लविालयका और कायथपालिका द्वारा शखियोों के िु रुपयोग को रोक सकती हैं ।
● यलि लकसी भी नागररक को ऐसा महसूस हो की उसके अलिकारोों का उल्लोंघन हो रहा है तो वो
अिाित के जाकर इसके खखिाफ आवाज़ उठा सकता है ,इस प्रकार से न्यायपालिका सबके
मौलिक अलिकारोों की रक्षा कर सकती हैं ।
Q2 अध्याय I में मौलिक अलिकारोों की सूलच िी गयी है।उससे लफर पढ़े ।आपको ऐसा क्ोों िगता है लक सोंवैिालनक
उपचार का अलिकार न्यायलयक समीक्षा के लवचार से जुिा हुआ है ?
● यलि न्यायपालिका को ऐसा महसूस होता है लक कोई कानून सोंलविान के आिारभूत ढाों चे का उल्लोंघन
करता है तो वो उस कानून को रद्द कर सकते हैं ,इसे न्यायलयक समीक्षा कहते हैं ।
● सोंवैिालनक उपचार का अलिकार सोंलविान के अनुछेि 32 में अोंलकत है ,इसके ज़ररये सोंलविान द्वारा प्रित्त
तमाम मौलिक अलिकार नागररकोों को लमि रहे हैं यह सुलनलित लकया जाता है ।
● यलि कोई ऐसा कानून बनाया गया हो लजससे नागररकोों के लिए सोंलविान द्वारा लिए गए मौलिक अलिकारोों
का उल्लोंघन हो तो न्यायलयक समीक्षा और सोंवैिालनक उपचार के अलिकार िोनोों द्वारा उस कानून को रद्द
लकया जा सकते है ।
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● इस प्रकार से सोंलविान के ढाों चे का उल्लोंघन करने वािे लकसी भी कानून को रद्द करने के अलिकार की
वजह से न्यायलयक समीक्षा का लवचार और सोंवैिालनक उपचार का अलिकार एक िू सरे से जुिे हैं।
Q3 नीचे तीनो स्तर के न्यायिय को िशाथ या गया है ।प्रत्येक के सामने लिखखए की उस इ सुिा गोयि के मामिे में
क्ा फैसिा लिया र्ा?अपने जवाब को कक्षा के अन्य लवद्यालर्थयोों से लमिकर िे खे।
⚫ लनचिी अिाित:लनचिी अिाित ने िक्ष्मर् और उसकी मााँ और उसके जेठ सुभाष चोंद्र को िोषी ठहराया
और फााँ सी की सजा सुनाई।
⚫ उच्च न्यायािय:उच्च न्यायािय ने तीनोों को लनिोष बताया।
⚫ सवोच्च न्यायािय: सवोच्च न्यायािय ने पयाथ प्त सबूत न होने पर सुभाष को बरी कर लिया और िक्ष्मर् और
उसकी मााँ को िोषी ठहराते हुए उन्हें उम्रकैि की सजा सुनाई।
Q4 सुिा गोयि मामिे तो ध्यान रखते हुए नीचे लिए गए बयानोों को पलढ़ए। जो विव्य में सही है उनपर सही का
लनशान िगाये और जो गित है उससे ठीक कीलजये।
● आरोपी इस मामिे को उच्च न्यायािय िेकर गए क्ोोंलक वे लनचिी अिाित के फैसिे से सहमत नहीों र्े:-
सही।
● वे सवोच्च न्यायािय के फैसिे के खखिाफ उच्च न्यायािय चिे गए:- गित।
कारर्: सवोच्च न्यायािय उच्च न्यायािय के ऊपर है इसीलिए उच्च न्यायािय के फैसिे के खखिाफ सवोच्च
न्यायािय जाया जा सकता हैं , िेलकन सवोच्च न्यायािय के फैसिे के खखिाफ उच्च में नहीों जाया जा सकता।
● अगर आरोलप सवोच्च न्यायािय के फैसिे से सोंतुष्ट नहीों है तो िोबारा लनचिी अिाित में जा सकते हैं :-गित
कारर्: सवोच्च न्यायािय सबसे बिा न्यायािय है । इसके फैसिा सबको मानना पढता है ,इसके फैसिे के खखिाफ
लनचिी अिाित में नहीों जाया जा सकता।
Q5 आपको ऐसा क्ोों िगता है लक 1980 के िशक में शुरू की गयी जनलहत याचको की व्यवस्र्ा सबको इन्साफ
लििाने के लिहाज से एक महत्वपूर्थ किम र्ा?
⚫ 1980 के िशक में उच्च न्यायािय और सवोच्च न्यायािय ने उन िोगो और सोंस्र्ानोों को लशकायतें िजथ
करने की अनुमलत िी लजनके अलिकारोों का उल्लोंघन हो रहा है ।
⚫ सवोच्च न्यायािय ने ज़्यािा से ज़्यािा िोगो की मित करने की और न्याय पहुाँ चाने की कोलशश की।
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⚫ इसीलिए 1980 का िशक मे शुरू लक गए जनलहत यालचका की व्यवस्र्ाता िजथ करने की अनुमलत सबको
इों साफ लििाने के लिहाज से एक महत्वपूर्थ किम र्ा।
Q6 ओल्गा टे लिस बनाम बम्बई नगर लनगम मुक़िमे में िजथ लकये गए फैसिे के अोंशो को िोबारा पलढ़ए।इस फैसिे
में कहा गया है लक आजीलवका का अलिकार जीवन के अलिकार का लहस्सा है ।अपने शब्ोों में लिखखए की इस बयान
से जजो का क्ा मतिब र्ा?
⚫ आजीलवका जीवन जीने के लिए बहुत महत्वपूर्थ है ।
⚫ ओल्गा टे लिस बनाम बम्बई नगर लनगम मुक़िमे में वे िोग झुग्गी झोपलिया हटाना चाहते र्े,इसीलिए वे
उनमे रहने वािे िोगो को कही और रहने के लिए कह रहे र्े।
⚫ इन जुखग्गयो में रहने वािे िोग छोटे छोटे व्यवसाय करके पैसे कमाते र्े।
⚫ यह ही उनके आजीलवका का सािन र्ा।
⚫ यलि उन्हें वे उस जगह को छोि िे ते तो उनकी आजीलवका भी छूट जाती और जीवन व्यापन करना मुखिि
हो जाता।
⚫ अतः इस बयान से जजो का यह मतिब है लक आजीलवका का अलिकार भी जीवन के अलिकार का लहस्सा
है ।
⚫ रोटी,कपडा और मकान जैसे महत्वपूर्थ आवश्यकता की पूलतथ जीवन के अलिकार का लहस्सा है ।
Q7 'इों साफ में िे री यानी इों साफ का कत्ल'इस लवषय पर कहानी बनाइये।
● एक बार लिनु नाम के एक युवक की सरकारी नौकरी िगने के कारर् उसने अपना पुस्तैनी मकान छोि
कर सरकारी घर में रहना शुरू कर लिया।
● उसने अलिक आमिनी के लिए अपना पुस्तैनी मकान कराए पर िे लिया।
● कई वषों बाि जब उसकी सरकारी नौकरी की अवलि समाप्त हो गई तब उसने लकराएिार को घर खािी
करने के लिए कहा जब उसके लकरायिार ने घर खािी करने से इनकार कर लिया तब लिनु ने लनचिी
अिाित में मुक़िमा िजथ कर लिया।
● कई महीनोों के बाि न्यायािय ने लिनु के पक्ष में फैसिा सुनाया।
● इस फैसिे से असहमत होने के कारर् लकरायिार ने इस मुक़िमे को उच्च न्यायािय में पेश लकया कई
तरीके िी गयी और िो साि बाि लिनु पूरी तरह से मुकिमा जीत गया और उसे उसका घर वापस लमि
गया, इन िो सािोों तक उसे कूि लकराये के घर पे रहना पिा लजससे उसे बहुत तकिीफ़ हुई।
● इों साफ में में िे री के कारर् उसके सार् इन्साफ हुआ नहीों।
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Q8 अगिे पन्ने पर सोंकिन में लिए गए प्रत्येक शब् से वाक् बनाइए।
⚫ बरी करना: श्याम के लनिोष सालबत होने पर उससे न्यायािीश ने बा इज़्ज़त बरी करने का आिे श सुनाया।
⚫ अपीि करना:कारखाने के मालिक द्वारा शोषर् से परे शान होकर मज़िू रोों ने न्यायािय में न्यायािीश से
इों साफ की अपीि की।
⚫ मुआवज़ा: सरकार ने सभी बाि पीलितोों को िो िाख का मुआवजा िे ने का वािा लकया।
⚫ बेिखिी: अिाित ने रे िवे स्टे शन के पास जुखग्गयो में रहने वािे िोगो को वहााँ से बेिखि कर लिया।
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