aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ

Get here NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ. More Detail
NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ - Page 1 of 4

About NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ is available here for free download. Published by NCERT for Class 8, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (4 pages). Candidates preparing for Class 8 can use NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ have?

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ contains 4 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 8 study material?

You can find more Class 8 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 8 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 4 कानूनों के समझ – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (4 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH

aglase .co

Page 2

Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 4 Social Science - Civics

Class : 8th
Subject : अर्थशास्त्र
Chapter : 4
Chapter Name : कानून ों की समझ

Q1 कानून का शासन पद से आप क्या समझते है ?अपने शब् ों में लिखिए।अपना जवाब दे ते हुए कानून के उल्लोंघन
का क ई वास्तलवक या काल्पलनक उदहारण दीलजये।

⚫ कानून का शासन हमे यह लसिाता है लक कानून की नज़र में सभी व्यखि एक बराबर हैं ।
⚫ कानून का शासन का मतिब है लक सभी कानून दे श के सभी नागररक ों पर सामान्य रूप से िागू ह ते हैं ।
⚫ इसके तहत क ई भी व्यखि कानून से ऊपर नहीों है चाहे व सरकारी अलिकारी ह या क ई िनाशेत।
⚫ यहााँ तक की राष्ट्रपलत भी कानून से ऊपर नहीों हैं ।
⚫ हर अपराि की या कानून के उल्लोंघन की एक सजा लनिाथ ररत है और उसे सजा तक पहुचने की एक
लनिाथ ररत प्रलिया है ।
⚫ लजसमे अपरािी का अपराि सालबत ह ता है ।
⚫ कानून के उल्लोंघन के कुछ उदहारण नीचे लदए गए है:
⚫ i.ट्र ै लिक लसग्नि पर िाि बत्ती ह ने पर भी गाड़ी न र कना कानून का उल्लोंघन है ।
⚫ ii.लबना हे िमेट् के गाडी चिाना कानून का उल्लोंघन है।

Q2 इलतहास इस दावे क गित ठहराता है लक भारत में कानून का शासन अोंग्रेज़ ने शुरू लकया र्ा।इसके कारण ों में
से द कारण बताइये।
भारत में कानून अोंग्रेज़ ने शुरू लकया र्ा इस दावे क इलतहास गित ठहराता है क्य लों क
⚫ भारत में क़ानूनी मामि के लवकास में भारतीय राष्ट्रवालदय ने एक अहम भूलमका लनभायी र्ी।
⚫ औपलनवेलशक कानून मनमानेपन पर आिाररत र्ा,1870 का राजद्र ह एक्ट अोंग्रेज़ के मनमाने शासन की
लमसाि र्ा।
⚫ इसके तहत अगर क ई भी व्यखि लिलट्श सरकार की आि चना या लवर ि करता र्ा त उसपर लबना
मुकदमा चिाये ही लगरफ्तार लकया जा सकता र्ा।
⚫ भारतीय राष्ट्रवादी अोंग्रेज़ द्वारा सत्ता के इस मनमाने इस्तेमाि का लवर ि और आि चना करते र्े।

Q3 घरे िु लहों सा पर नया कानून लकस तरह बना,मलहिा सोंगठन ने इस प्रलिया में अिग-अिग तरीके से क्या
भूलमका लनभाई उसे अपने शब् ों में लिखिए।

Page 1 of 3

Page 3

Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 4 Social Science - Civics

⚫ बहुत समय के बाद घरे िु लहों सा से परे शान ह कर कुछ मलहिाओों ने मलहिा सोंगठन के दफ्तर में इसके
खििाि लशकायत दजथ करवाई।
⚫ लदन प्रलत लदन घरे िु लहों सा की बढ़ती लशकायत ों के कारण मलहिा सोंगठन क एक नए कानून की
आवश्यकता महसूस हुई।
⚫ सभी ि ग ने घरे िू लहों सा का मुद्दा लवलभन्न मोंच पर उठाया।
⚫ 1999 में वकीि,कानून लवद्यार्ी और समाज वैज्ञालनक के सोंगठन 'िॉयसथ किेखक्टव' ने इस लवषय पर
राष्ट्रव्यापी चचाथ की और घरे िु लहों सा लविेयक का मसौदा तैयार लकया।
⚫ इस लवियक क बहुत सारे ि ग क पढ़ाया गया और 2002 में इससे सोंसद में पेश लकया गया।
⚫ कुछ मलहिा समूह ने इस लवियक का लवर ि भी लकया क्य लों क इसमें उनके सुझाई हुई एक भी बात नहीों
र्ी।
⚫ एक प्रेस काों फ्रेंस का आय जन लकया गया लजसमें सभी ि ग ने ऑनिाइन अपनी यालचकाएों भेजी।
⚫ इसे ऑनिाइन लिया गया र्ा ताकी सभी ि ग तुरोंत अपनी राय दे सके।
⚫ इसके बाद मलहिा सोंगठन ने स्र्ानीय सोंसद क अपने सुझाव सौप लदए और सोंसद ने उन्हें राज्यसभा में
सौप लदया।
⚫ इन् लशिररश क ि कसभा में भी पेश लकया गया।
⚫ कलमट्ी की ररप ट्थ ने मलहिा सोंगठन की बहुत सी माों गे स्वीकार कर िी गयी र्ी।
⚫ 2005 में एक नया लवियक सोंसद के सामने पेश लकया गया र्ा और द न ों सदन ों की मोंजूरी के बाद इससे
राष्ट्रपलत के पास मोंजूरी के लिए भेजा गया।
⚫ 2006 से घरे िु लहसा के खििाि कानून िागु ह गया र्ा।
⚫ इस प्रकार से कानून की आवश्यकता महसूस करना,लवियक बनवाना,उसे अपने सुझाव दे कर बेहतर
बनाना जैसे अिग-अिग काम क मलहिा सोंगठन ने करके इस कानून के िागू ह ने में उन्ह न
ों े एक अहम्
भूलमका लनभायी है ।

Q4 अपने शब् ों में लिखिए की इस अद्याय में आये लनम्नलिखित वाक्य से आप क्या समझते है ; अपनी बात ों क
मनवाने के लिए उन्ह न
ों े सोंघषथ शुरू कर लदया।यह समानता का सोंघषथ र्ा।उनके लिए कानून का मतिब ऐसे लनयम
नहीों र्े लजनका पािन करना मज़बूरी ह ।वे कानून क इससे अिग ऐसी व्यवस्ता के रूप में दे िना चाहते र्े ज
न्याय के लवचार पर आिाररत ह ।

⚫ भारत राष्ट्रवादी अोंग्रेज़ के मनमाने कानून से सहमत नहीों र्े इसीलिए गित कानून क सहने के बजाए
उन्ह न
ों े अपनी माों गे उनके सामने रिी और अपनी माों गे मनवाने के लिए उन्ह न
ों े सोंघषथ लकया।
⚫ वे चाहते र्े की सभी ि ग क कानून की नज़र में एक समझ जाये।
⚫ वे सभी ि ग में बराबरी चाहते र्े।
⚫ सही कानून व लनयम ह ते है ज हर व्यखि क न्याय दे और उनकी मुखिि क कम करके उनका जीवन
सरि बनाये।
⚫ ऐसा कानून ज न्याय दे ने के बजाए ि ग की स्वतोंत्रता छीन िे वे ऐसा कानून नहीों चाहते र्े।
⚫ यलद कानून से सबका न्याय ह गा त लकसी क भी उसे मज़बूरी से पािन नहीों करना पड़े गा।

Page 2 of 3

Page 4

Book : Samajik avam Rajnitik Jeevan Ncert Solutions | Chapter - 4 Social Science - Civics

⚫ इन वाक्य से हमे सही कानून क्या ह ता है यह समझाया है और अगर क ई ऐसा कानून ह ज लनदोष क
तकिीि पहुचाये या लकसी भी तरह का भेद भाव उत्पन करे त हमे उसका लवर ि करने मे सोंक च नहीों
करना चालहए।

Page 3 of 3

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 8
TypeSolution
Pages4
Languagehindi
Updated11 Aug 2026