NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 3 जयशंकर प्रसाद; आत्मकथ्य – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi
Class : 10th
Subject : हंद
Chapter : 4
Chapter Name : आ मक य
Q1 क व आ मकथा लखने से य बचना चाहता है ?
क व आ मकथा लखने से इस लएबचना चाहता है य क क व अपने जीवन क यथा बताकर कसी
को पी ड़त नह ं करना चाहते और ना ह संसार म मज़ाक का पा बनना चाहता है ।
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Q2 आ मकथा सन ु ाने के संदभ म 'अभी समय भी नह ं' क व ऐसा य कहता है ?
आ मकथा सन ु ाने के संदभ म 'अभी समय भी नह ं' क व ऐसा इसी लए कहता है य क आ मकथा
लखकर क व मन म दबे हुए क ट को मल करके दख ु ी नह ं होना चाहता है । अपनी छोट सी कथा को
बड़ा आकार दे ने म वह असमथ ह। अभी उसक पीड़ा से दय म दबी हुई है । उसका जीवन दख ु और
अभाव क यादगार है िज ह याद कर वह दख ु ी नह ं होना चाहता।
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Q3 म ृ त को 'पाथेय' बनाने से क व का या आशय है ?
क व ने अपने जीवन क सख ु द म ृ त को पाथेय कहा है य क वह सखु द म ृ तयां उसे शेष जीवन जीने
म सबलता दान करती ह। जैसे थका हुआ या ी शेष रा ता दे खते हुए अपनी मंिजल पा जाता है वैसे ह
क व उन याद के सहारे अपना शेष जीवन बता लेगा। मनु य अपनी सख ु द म ृ तय क याद तथा
दोबारा जीवन म सखु को पाने क इ छा म अपना सारा जीवन यतीत करता है ।
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Q4 भाव प ट क िजए -
(क) मला कहाँ वह सख ु िजसका म व न दे खकर जाग गया।
आ लंगन म आते-आते मस ु या कर जो भाग गया।
(ख) िजसके अ ण कपोल क मतवाल संद ु र छाया म।
अनरु ा गनी उषा लेती थी नज सहु ाग मधम
ु ाया म।
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi
(क) तत ु पंि तयां छायावाद क व जयशंकर साद वारा र चत आ मक य क वता से ल गई है ।
क व ने जीवन के यथाथ का वणन करते हुए कहा है क उसे वह सख ु नह ं मल सका िजसक वह क पना
कर रहा था। उसे सखु मलते मलते रह गया अथात इस द ु नया म सख ु छलावा मा है । मनु य के सपने
कभी हक कत नह ं होते। ज र नह ं है क सख
ु के सपने परू े साकार ह । कभी कहना चाहता है क जीवन
म सख
ु णक है ।
(ख) तत ु पंि तयां छायावाद क व जयशंकर साद वारा ल खत आ मक य क वता से अवत रत ह।
क व ने इन पंि तय म जीवन के सख ु द णो क अ भ यि त क है । यह सख ु द ण उसके जीवन का
पाथेय है । क व अपनी ेयसी के स दय का वणन करते हुए कहता है क ना यका के गाल म इतनी
ला लमा थी क उषा भी उसम अपना सह ु ाग ढूंढती थी। अतः ना यका का स दय अनप
ु म था।
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Q5 'उ वल गाथा कैसे गाऊँ, मधरु चाँदनी रात क ' – कथन के मा यम से क व या कहना चाहता है ?
क व यह कहना चाहता है क वह अपनी सख ु द णो क गाथा को कन श द म बयान कर। जीवन के
कुछ अनभ
ु व को गोपनीय रखना ह उ चत होता है । वह समय बहुत सख ु द था।
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Q6 'आ मक य' क वता क का यभाषा क वशेषताएँ उदाहरण स हत ल खए।
'आ मक य' क वता क का यभाषा क वशेषताएँ न न ल खत है :-क वता क भाषा ल लत, संद ु र एवं
माधयु गुण यु त है ।क व ने मु तक छ द म भी लय क सिृ ट क है ।अनु ास, पक और न अलंकार
वारा भाषा के स दय ने नखार उ प न कया है ।नवीन श द का योग कया गया है । भाषा क व के
भाव को अ भ य त करने म पण ू समथ है ।
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Q7 क व ने जो सख
ु का व न दे खा था उसे क वता म कस प म अ भ य त कया है ?
क व ने जो सख
ु का व न दे खा था उसे ना यका के मा यम से य त कया है और कहा है क ना यका
व न म उसके पास आते-जाते मु कुरा कर भाग गई। अतः उसे उसका सख
ु नह ं मला, वह बस छलावा
था।
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Q8 इस क वता के मा यम से साद जी के यि त व क जो झलक मलती है , उसे अपने श द म
ल खए।
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi
सद जी एक सीधे-सादे यि त व के इंसान थे। उ ह ने कभी अपने जीवन म दखावा नह ं क या। वे
अपनी कमजो रय को अपने तक ह रखना चाहते थे। वह खद ु को हं सी का पा नह ं बनाना चाहते। इस
क वता म उनक यथाथवाद व ृ भी है और वन ता भी।
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Q9 आप कन यि तय क आ मकथा पढ़ना चाहगे और य ?
हम महा मा गांधी, भगत संह, सरोिजनी नायडू, आ द य क इन महान यि तय ने समाज एवं दे श के
हत के लए बहुत कुछ कया। वह समाज के आदश है । इनसे हम बहुत कुछ सखने को मलेगा।
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Q10 कोई भी अपनी आ मकथा लख सकता है । उसके लए व श ट या बड़ा होना ज र नह ं। ह रयाणा
रा य के गुड़गाँव म घरे लू सहा यका के प म काम करने वाल बेबी हालदार क आ मकथा बहुत के
वारा सराह गई। आ मकथा मक शैल म अपने बारे म कुछ ल खए।
छा वयं कर।
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