NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 4 सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’; उत्साह – Text
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NCERT
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CLASS - 10th
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi
Class : 10th
Subject : हंद
Chapter : 5
Chapter Name : उ साह और अट नह ं रह है
Q1 क व बादल से फुहार, रम झम या बरसने के थान पर ‘गरजने' के लए कहता है , य ?
क व का बादलो को गरजने के लए कहना सच
ू क है । कभी बादल क गजना को शि त का तीक
मानकर मनु य म उ साह और साहस भरना चाहता है । फुहार, रम झम या बरसने से ां त नह ं आती
समाज म प रवतन लाने के लए ां त आव यक है यह कारण है क क व बादल से गरजने को कहता है ।
Q2 क वता का शीषक उ साह य रखा गया है ?
तत
ु क वता का शीषक उस 'उ साह' इस लए रखा गया है य क उ साह मन म नए भाव या
प रवतन का भाव जगाता है । क व समाज म ां त के लए उ सा हत है इसी लए ‘उ साह' शीषक रखा
गया है । मनु य म उ साह होना ह उसक उ न त का कारण है ।
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Q3 क वता म बादल कन- कन अथ क ओर संकेत करता है ?
क वता म बादल न न ल खत अथ क ओर संकेत करता है :- ां त आने क अथ क ओर। नवजीवन के
अथ क ओर। नत ू न क वता के अथ क ओर।
Q4 श द का ऐसा योग िजससे क वता के कसी खास भावया य म व या मक भाव पैदा हो,
नाद-स दय कहलाता है । उ साह क वता म ऐसे कौन-से श द ह िजनम नाद-स दय मौजद
ू है , छाँटकर
लख।
घेर घेर घोर गगन
ल लत ल लत, काले घंघु राले
व यत ु - छ व उर म
वकल वकल उ मन थे उ मन
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi
Q5 जैसे बादल उमड़-घम
ु ड़कर बा रश करते ह वैसे ह क व के अंतमन म भी भाव के बादल
उमड़-घमु ड़कर क वता के प म अ भ य त होते ह। ऐसे ह कसी ाकृ तक स दय को दे खकर अपने
उमडते भाव को क वता म उता रए।
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अट नह ं रह है
Q1 छायावाद क एक खास वशेषता है अंतमन के भाव का बाहर क द ु नया से सामंज य बठाना।
क वता क कन पंि तय को पढ़कर यह धारणा पु ट होती है ? ल खए।
क वता के न न ल खत पंि तय को पढ़कर यह पो ट होता है क तत ु क वता म अंतमन के भाव का
बाहर क द ु नया से सामंज य बठाया गया है :-
आंख हटाता हूं तो
हट नह ं रह है ।
प से लद डाल
कह ं हर , कह ं लाल,
कह ं पड़ी है उर म
मंद- गंध- पु प- माल
पाट पाट शोभा ी।
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Q2 क व क आँख फागुन क संद ु रता से य नह ं हट रह है ?
क व क आंख फागुन क संद ु रता से इस लए हट नह ं रह है य क इस मह ने म कृ त का स दय
अ यंत मनमोहक होता है । पेड़ पर हर और लाल प यां लटक रह होती ह। चार ओर फैल ह रयाल
और खले रं ग- बरं गे फूल अपनी सग ु ंध से मु त कर दे ते ह। कृ त का नया रं ग और सग
ु ंध जीवन म नई
ऊजा का संचार करती है ।
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Q3 तत
ु क वता म क व ने कृ त क यापकता का वणन कन प म कया है ?
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Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 5 Hindi
तत
ु क वता म क व ने कृ त क यापकता का वणन न न ल खत प म कया है :-पेड़ पौधे नए प े
पाकर खल खला रहे ह। फूल क खश
ु बू वातावरण को सग
ु ं धत कर रह है । डा लयां कह ं हर तो कह ं
लाल प य से भर जाती है ।
Q4 फागन ु म ऐसा या होता है जो बाक ऋतओ
ु ं से भ न होता है ?
फागुन म मादकता का भाव वशेष प से होता है । यह मादकता उसे अ य ऋतओु ं से अलग कर दे ती है ।
फागुन म बसंत का मोहक स दय दे खते ह बनता है । पक फसल सभी का मन मोह लेती है । ाकृ तक
संद
ु रता के कारण सभी का मन स न होता है ।
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Q5 इन क वताओं के आधार पर नराला के का य- श प क वशेषताएँ ल खए।
उनक क वता म छायावाद क वता क उड़ान है । कृ त च ण अ यंत कुशलता से कया गया है । वे
कृ त का मानवीकरण करने म कुशल है । क वता म खड़ी बोल का योग कया गया है । क वता का
श प नाद स दय उ प न करता है ।
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Q6 होल के आसपास कृ त म जो प रवतन दखाई दे ते ह, उ ह ल खए।
Page :- 35 , Block Name :- रचना और अ भ यि त
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