NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) छाया मत छूना [Old Book] – Text
Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.
📄 View text version (4 pages)
Page 1
NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th
aglase .co
Page 2
Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 7 Hindi
Class : 10th
Subject : हंद
Chapter : 7
Chapter Name : छाया मत छूना
Q1 क व ने क ठन यथाथ के पज ू न क बात य कह है ?
क व ने क ठन यथाथ क पज ू न क बात इस लए कह है य क यथाथ जीवन क स चाई है । यि त को
ना चाहते हुए भी यथाथ का सामना करना होगा वह वा त वकता से नह ं भाग सकता। हम क ठन यथाथ
का डटकर सामना करना चा हए। यह हमारे भ व य को सख ु मय बनाने का हौसला दे ती है ।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q2 भाव प ट क िजए -
भतु ा का शरण- बंब केवल मग
ृ त ृ णा है ,
हर चं का म छपी एक रात कृ णा है ।
ततु पंि त स ध क व ग रजाकुमार माथरु वारा ‘र चत छाया मत छूना’नामक क वता से ल गई
इसका भाव है क अतीत क सख ु द म ृ तयां मग ृ त ृ णा के समान है िजस कार हरण रे ग तान क रे त
क चमक को पानी समझकर उसके पास भागकर जाता है परं तु पानी ना पाकर नराश होता है इसी कार
मनु य का बड़ पन का एहसास मग ृ त ृ णा के समान है ।मनु य को याद रखना चा हए चांदनी रात म
अमाव या क रात छुपी है अथात सख ु के पीछे दख ु छुपा रहता है ।मनु य को सख
ु दख
ु का सामना करने
के लए तैयार रहना चा हए।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q3 'छाया' श द यहाँ कस संदभ म यु त हुआ है ? क व ने उसे छूने के लए मना य कया है ?
‘छाया' श द का अथ जीवन क बीती मधरु म ृ तय से है । यह मधरु याद हमारे मन म उमड़ती रहती ह।
क व ने इसे छूने से इस लए मना कया है य क म म सख ु द म ृ तय का एहसास करने से उसक
ाि त नह ं हो सकती। वह केवल दख
ु को और बढ़ा दे ती है । हम अतीत क म ृ तय के म म नह ं रहना
चा हए।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Page 1 of 3
Page 3
Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 7 Hindi
Q4 क वता म वशेषण के योग से श द के अथ म वशेष भाव पड़ता है , जैसे क ठन यथाथ। क वता म
आए ऐसे अ य उदाहरण छाँटकर ल खए और यह भी ल खए क इससे श द के अथ म या व श टता
पैदा हुई?
क वता म आए कुछ वशेषण इस कार ह:- सरु ं ग सु धया सह ु ावनी, जी वत ण, द ु वधा हत साहस, दख
ु
दन ू ा, एक रात कृ णा, रस बसंत, तन- सग
ु ंध, शरण- बंब।
इन वशेषण के योग से भाषा म व श टता उ प न हुई है । क वता का अथ अ धक तकसंगत बन गया
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q5 'मग ृ त ृ णा' कसे कहते ह, क वता म इसका योग कस अथ म हुआ है ?
मग ृ त ृ णा का अथ है हरण क चाह। हरण को रे ग तान म दरू चल चलाती धप ू म पानी तीत होता है
िजसे दे ख यास से याकुल हरण उसक ओर दौड़ता है परं तु वहां पहुंचकर उसे पानी क जगह रे ट दखाई
दे ती है िजससे उसका मन नराश हो जाता है । क व ने मग
ृ त ृ णा का योग बड़ पन के एहसास के लए
कया है िजसके पीछे मनु य आजीवन भागता फरता है ।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q6 'बीती ता ह बसार दे आगे क सु ध ले' यह भाव क वता क कस पंि त म झलकता है ?
‘जो ना मलना भलू उसे कर तू भ व य वरण' यह भाव झलकता है ।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q7 क वता म य त दख ु के कारण को प ट क िजए।
क वता म य त दख ु के कारण न न ल खत ह:-अतीत क सख ु द म ृ तय को याद करना।धन दौलत,
पंज
ू ी संजय क चाह। यथाथ क अपे ा अतीत म खोकर परु ानी याद म मत रहना। उ चत अवसर पर
सफलता न मलना।
Page :- 47 , Block Name :- न-अ यास
Q8 ‘जीवन म ह सरु ं ग सु धयाँ सह
ु ावनी’, से क व का अ भ ाय जीवन क मधरु म ृ तय से है । आपने
अपने जीवन क कौन-कौन सी म ृ तयाँ संजो रखी ह ?
छा वयं कर।
Page 2 of 3
Page 4
Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 7 Hindi
Page :- 47 , Block Name :- रचना और अ भ यि त
Q9 या हुआ जो खला फूल रस-बसंत जाने पर?’ क व का मानना है क समय बीत जाने पर भी
उपलि ध मनु य को आनंद दे ती है । या आप ऐसा मानते ह?तक स हत ल खए।
Answer
क व भले ह ऐसा मानता हो क समय बीत जाने पर उपलि ध मनु य को आनंद दे ती है । पर समय पर
मल उपलि ध का मह व और आनंद ह कुछ और होता है । य द प र म के तरु ं त बाद सफलता नह ं
मलती तो मन नराश हो जाता है । जब क समय पर मल सफलता से मन उ सा हत रहता है । हर
उपलि ध का मह व ठ क समय पर होता है ।
Page :- 47 , Block Name :- रचना और अ भ यि त
Page 3 of 3