aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत

Get here NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत. More Detail
NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत - Page 1 of 6

About NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत is available here for free download. Published by NCERT for Class 10, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (6 pages). Candidates preparing for Class 10 can use NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत have?

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत contains 6 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 10 study material?

You can find more Class 10 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (क्षितिज) Chapter 11 नौबत खाने में इबादत – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (6 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th

aglase .co

Page 2

Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi

Class : 10th
Subject : हंद
Chapter : 16
Chapter Name : नौबत खाने म इबादत

Q1 शहनाई क द ु नया म डुमराँव को य याद कया जाता है ?
मशहूर शहनाई वादक ' बि म लाह खान' का ज म डुमराँव गांव म हुआ था। शहनाई बजाने के लए र ड
का योग होता है । जो अंदर से पील होती है िजसके सहारे शहनाई को फंू का जाता है । र ड नरकुट एक
कार क घास से बनाई जाती है जो डुमराँव म मु यतः सोन नद के कनारे पाई जाती है ।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q2 बि म ला खाँ को शहनाई क मंगल व न का नायक य कहा गया है ?
शहनाई मु यतः मांग लक अवसर पर बजाया जाता है । कहां जाता है क मंगल व न पैदा करने वाला
यं है । इसी मंगल व न क साधना बि म लाह खान परू लगन से करते थे। उनके लए संगीत एक
आराधना है । बि म लाह खान अ सी वष क उ म भी पांच व त क नमाज इसी सरु को पाने क
ाथना म खच कर दे ते थे।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q3 सु षर-वा य से या अ भ ाय है ? शहनाई को 'सु षर वा य म शाह' क उपा ध य द गई होगी?
अरब दे श म फंू क कर बजाए जाने वाले वा य िजसम नाड़ी (नरकट या र ड) होती है उसे 'सु षर वा य'
कहते ह। शहनाई को भी फंू क कर बजाया जाता है । वह मंगल का प रवेश ति ठत करने वाला वा य है ।
इसी कारण उसे सश ु ीर वा य म शाह क उपा ध द गई है ।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q4 आशय प ट क िजए -
(क) 'फटा सरु न ब श। लंु गया का या है , आज फट है , तो कल सी जाएगी।'
(ख) 'मेरे मा लक सरु ब श दे । सरु म वह तासीर पैदा कर क आँख से स चे मोती क तरह अनगढ़ आँसू
नकल आएँ।'
(क) यहां बि म लाह खाने सरु तथा कपड़े म तल ु ना कर सरु को अ धक मू यवान बताया है । पहनावे से
कोई का बल नह ं बनता। कपड़ा य द एक बार फट जाए तो दोबारा सल दे ने से ठ क हो सकता है परं तु
कसी का फटा हुआ सरु कभी ठ क नह ं हो सकता। यि त अपनी शान शौकत से नह ं अ पतु अपने गुण

Page 1 of 5

Page 3

Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi

से पहचाना जाता है । वह ाथना करते ह क ई वर उ ह अ छा कपड़ा दे या ना दे ले कन अ छा सरु
अव य दे ।
(ख) बि म लाह खान अपनी 80 वष क उ म भी पांच व त क नमाज पढ़ते हुए और स चे सरु क
ाथना करते थे। वे खदु ा से कहते थे उ ह स चा सरु दे उस सरु म इतनी ताकत हो क उसे सन
ु ने वाल
क आंख से स चे मोती क तरह आंसू नकल जाए। यह उनके सरु क कामयाबी होगी।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q5 काशी म हो रहे कौन-से प रवतन बि म ला खाँ को य थत करते थे?
काशी म हो रहे प रवतन बि म लाह खान को यतीत करते थे। काशी से बहुत सी परं पराएं लु त हो गए
ह। संगीत, सा ह य और अदब क परं परा म धीरे -धीरे कमी आ गई है । अब काशी से धम क त ठा भी
लु त होती जा रह है । वहां हंद ू और मस
ु लमान म पहले जैसा भाईचारा नह ं है । वहां से मलाई बफ बेचने
वाले भी जा चक
ु े ह। अब संगीतय के लए गायको के मन म कोई आधार नह ं रहा।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q6 पाठ म आए कन संग के आधर पर आप कह सकते ह क -
(क) बि म ला खाँ मल -जल
ु सं कृ त के तीक थे।
(ख) वे वा त वक अथ म एक स चे इनसान थे।

(क) बि म ला खां मल -जल ु सं कृ त क तीक थे। मिु लम धम के त उनक स चाई आ था थी
परं तु वह हंद ू धम का भी स मान करते थे। वे मस
ु लमान होते हुए भी संकटमोचन मं दर म कए जाने
वाले 5 दन के संगीत आयोजन म अव य रहते थे। मह ु रम के मह ने म आठवीं तार ख के दन खान
साहब खड़े होकर शहनाई बजाते थे। वे कहते थे क वे काशी छोड़कर कहां जाएं गंगा मैया, यह बाबा
व वनाथ, यहां बालाजी का मं दर भी यहां। मरते दम तक न यह शहनाई छूटे गी ना काशी।
(ख) बि म लाह खान एक स चे इंसान थे। वे धम से अ धक मानवता का मह व दे ते थे। हंद ू तथा
मसु लमान धम दोन का ह स मान करते थे। भारत र न से स मा नत होने पर भी उनम घमंड नह ं था।
दौलत से अ धक सरु उनके लए ज र था।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q7 बि म ला खाँ के जीवन उन घटनाओं और यि तय का उ लेख कर िज ह ने उनक संगीत साधना
को सम ृ ध कया।
बि म लाह खान के जीवन म कुछ ऐसे यि त और कुछ ऐसी घटनाएं थी िज ह ने उनक संगीत
साधना को े रत कया।
*सव थम उनका प रवार - उनका ज म संगीत ेमी प रवार म हुआ।

Page 2 of 5

Page 4

Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi

* बि म लाह खान जब सफ 4 वष के थे तब चप ु कर अपने नाना को शहनाई बजाते हुए सन ु ते थे। रयाज़
के बाद जब उनके नाना उठ कर चले जाते तब अपनी नाना वाल शहनाई ढूंढते थे और उ ह ं क तरह
शहनाई बजाना चाहते थे।
*बालाजी मं दर तक जाने का रा ता रसलू नबाई और बतलू न बाई के यहां से होकर जाता था। इसी रा ते
से कभी ठुमर , कभी ट पे, कभी दादरा क आवाज आती थी। इ ह ं गा यका बहन को सन ु कर उ ह ेरणा
मल ।
*बचपन म भी बालाजी मं दर पर रोज शहनाई बजाते थे। इससे शहनाई बजाने क उनक कला
दन- त दन नखरने लगी।

Page :- 122 , Block Name :- न अ यास

Q8 बि म ला खाँ के यि त व क कौन-कौन सी वशेषताओं ने आपको भा वत कया?
बि म लाह खान के यि त व क न न ल खत वशेषताओं ने हम भा वत कया:-ई वर के त
उनके मन म अगाध भि त थी। हंद ू मस ु लमान एकता को कायम रखना।भारत र न मलने के बाद भी
घमंड नह ं करना।वे एक सीधे-साधे तथा स चे इंसान थे।उनम संगीत के त स ची लगन तथा स चा
ेम था।वे अपनी मातभृ ू म से स चा ेम करते थे।

Page :- 122 , Block Name :- रचना और अ भ यि त

Q9 मह ु रम से बि म ला खाँ के जड़
ु ाव को अपने श द म ल खए।
मह
ु रम के मह ने म शया मस ु लमान शोक मनाते थे। इस लए परू े 10 दन तक उनके खानदान का कोई
यि त ना तो मह ु रम के दन म शहनाई बजाता और ना ह संगीत के कसी काय म म भाग लेते थे।
आठवीं तार ख खान साहब के लए बहुत ह मह वपण ू होती थी इस दन खान साहब खड़े होकर शहनाई
बजाते और दाल मंडी से फातमान के कर ब 8 कलोमीटर क दरू तक पैदल रोते हुए नोहा बजाते हुए
जाते थे। इन दन कोई राग नह ं बचता था उनक आंख इमाम हुसन ै और उनके प रवार के लोग क
शहादत म नम रहती थी।

Page :- 122 , Block Name :- रचना और अ भ यि त

Q10 बि म ला खाँ कला के अन य उपासक थे, तक स हत उ र द िजए।
बि म लाह खान भारत के सव े ठ शहनाई वादक थे। वे अ यंत ल नपव ू क शहनाई का रयाज़ करते थे
इसके लए उ ह भारत र न से स मा नत कया गया। 90 वष क उ म भी उ ह ने शहनाई बजाना नह ं
छोड़ा। यहां तक क वे पांच व त क नमाज म भी खद ु ा से स चा सरु मांगते थे। उनम संगीत सीखने क
इ छा कभी ख म नह ं हुई। खान साहब ने कभी भी धन दौलत को पाने क इ छा नह ं क बि क उ ह ने
संगीत को ह सव े ठ माना। कला के त गहर न ठा थी। इन सबसे सा बत होता है क वह कला के
अन य उपासक थे।

Page 3 of 5

Page 5

Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi

Page :- 122, Block Name :- रचना और अ भ यि त

Q11 न न ल खत म वा य के उपवा य छाँटकर भेद भी ल खए -
(क) यह ज़ र है क शहनाई और डुमराँव एक-दस ू रे के लए उपयोगी ह।
(ख) र ड अंदर से पोल होती है िजसके सहारे शहनाई को फँू का जाता है ।
(ग) र ड नरकट से बनाई जाती है जो डुमराँव म मु यत: सोन नद के कनार पर पाई जाती है ।
(घ) उनको यक न है , कभी खद ु ा यूँ ह उन पर मेहरबान होगा।
(ङ) हरन अपनी ह महक से परे शान परू े जंगल म उस वरदान को खोजता है िजसक गमक उसी म
समाई है ।
(च) खाँ साहब क सबसे बड़ी दे न हम यह है क परू े अ सी बरस उ ह ने संगीत को संपण
ू ता व
एका धकार से सीखने क िजजी वषा को अपने भीतर िजंदा रखा।
(क) शहनाई और डुमराँव एक दस ू रे के लए उपयोगी है ।
सं ा आ त उपवा य
(ख) िजसके सहारे शहनाई को फंू का जाता है ।
वशेषण आ त उपवा य
(ग) जो डुमराँव म मु यतः सोम नद के कनारे पर पाई जाती है ।
वशेषण आ त उपवा य
(घ) कभी खद ु ा यंू ह उन पर मेहरबान।
सं ा आ त उपवा य
(ड) िजसक गमक उसी म समाई है ।
वशेषण आ त उपवा य
(च) परू े अ सी बरस उ ह ने संगीत क संपण ू ता वह एका धकार से सीखने क िजजी वषा को
अपने भीतर िजंदा रखा।
सं ा आ त उपवा य

Page :- 122 , Block Name :- भाषा अ ययन

Q12 न न ल खत वा य को म त वा य म बद लए--
(क) इसी बाल सलु भ हँसी म कई याद बंद ह।
(ख) काशी म संगीत आयोजन क एक ाचीन एवं अ भत ु परं परा है ।
(ग) धत ्! पगल ई भारतर न हमको शहनईया पे मला है ,लंु गया पे नाह ं।
(घ) काशी का नायाब ह रा हमेशा से दो कौम को एकहोकर आपस म भाईचारे के साथ रहने क ेरणा दे ता
रहा।
(क) यह वह बालसल ु भ हँसी है िजसम कई याद बंद ह।
(ख) काशी म संगीत का आयोजन होता है जो क एक ाचीन एवं अ भत ु परं परा है ।
(ग) धत ्! पगल ई भारतर न हमको लंु गया पे नाह ं,शहनईया पे मला है , ।

Page 4 of 5

Page 6

Book : Kshitij Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi

(घ) यह जो काशी का नायाब ह रा है वह हमेशा से दोकौम को एक होकर आपस म भाईचारे के साथ रहने
क ेरणा दे ता रहा।

Page :- 123 , Block Name :- भाषा अ ययन

Page 5 of 5

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 10
TypeSolution
Pages6
Languagehindi
Updated30 Apr 2026