NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 7 आत्म्त्राण – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th
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Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 9 Hindi
Class : 10th
Subject : हंद
Chapter : 9
Chapter Name : आ म ाण
(क) न न ल खत न के उ र द िजए -
Q. 1. क व कससे और या ाथना कर रहा है ?
Answer – क व ई वर से ाथना कर रहा है क मझ ु े इतनी शि त दान करना क कसी मस
ु ीबत से म
कभी भयभीत न हो पाऊँ, अपने दःु ख पर म सदा वजय ा त कर सकँू | मेरा आ मबल कभी कमज़ोर न
पड़े और मझ
ु े ई वर के अि त व पर कभी संदेह न हो |
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Q. 2. ' वपदाओं से मझ
ु े बचाओं, यह मेर ाथना नह ं' − क व इस पंि त के वारा या कहना चाहता है ?
Answer – क व इस पंि त के वारा यह कहना चाहता है क ई वर से म यह ाथना नह ं कर रहा हूँ क
मझु े मस
ु ीबत से बचाए | क व यह चाहता है क ई वर उ ह मस ु ीबत से लड़ने क शि त दान करे
िजससे मस ु ीबत आने पर वह उनसे डरे नह ं बि क मस
ु ीबत का सामना करे |
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Q. 3. क व सहायक के न मलने पर या ाथना करता है ?
Answer – क व सहायक के न मलने पर ाथना करता है क मेरा परा म कभी न डगमगाए और
आ मबल कमज़ोर न हो | अपने आ मबल से क व हर प रि थ त का सामना कर सक |
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Q. 4. अंत म क व या अनन
ु य करता है ?
Answer – क व अंत म यह कहता है क सख ु के दन म भी वह ई वर को याद कर और जब सभी लोग
उसे धोख़ा दे , उसे दःु ख दे तब भी कुछ ऐसा हो क उसक ई वर पर आ था बनी रहे और ई वर के होने पर
संदेह न हो |
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Q. 5. 'आ म ाण' शीषक क साथकता क वता के संदभ म प ट क िजए।
Answer – आ म ाण का अथ है वयं के भय का नवारण वयं के भय से मिु त | इस क वता के
स दभ म यह शीषक उ चत है य क इस क वता म क व ने अपने आप को भयमु त करने क ,
आ मबल बनाये रखने क , वयं पर व वास क ाथना ई वर से क ह |
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Q. 6. अपनी इ छाओं क पू त के लए आप ाथना के अ त र त और या- या यास करते ह?
ल खए।
Answer – अपनी इ छाओं क पू त के लए आप ाथना के अ त र त प र म करते ह | अपनी मेहनत
और आ म व वास के दम पर ह हम अपनी इ छाओं क पू त कर सकते ह |
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Q. 7. या क व क यह ाथना आपको अ य ाथना गीत से अलग लगती है ? य द हाँ, तो कैसे?
Answer – क व क यह ाथना अ य ाथना गीत से अलग ह | सभी ाथना अ धकांशतः ई वर से कुछ
माँगने के लए ह क जाती ह | यह एक क णामय ाथना है िजसम क व ई वर से अपने वाथ के लए
ाथना नह ं कर रहा बि क ई वर से शि त, आ मबल चाहता है ता क अपने लए वह खद
ु लड़ सक |
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(ख) न न ल खत अंश का भाव प ट क िजए −
Q. 1. नत शर होकर सख
ु के दन म
तव मख
ु पहचानँू छन- छन म।
Answer – इन पंि तय म क व कह रहा है क सख
ु के दन म भी वह ई वर को याद रखना चाहता ह |
सख
ु के दन म भी सर झुकाकर वह ई वर क ाथना करना चाहते ह |
Q. 2. हा न उठानी पड़े जगत ् म लाभ अगर वंचना रह
तो भी मन म ना मानँू य।
Answer – क व चाहता है क य द इस संसार म उसे कोई लाभ न मले और हा न मले तब भी उसका
मनोबल कम न हो | मन म कभी भी नराशा के भाव न आये |
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Q. 3. तरने क हो शि त अनामय
मेरा भार अगर लघु करके न दो सां वना नह ं सह ।
Answer – क व कहता है क चाहे ई वर मेरा बोझ कम न करे , मझ
ु े सां वना न दे ले कन उससे उबरने
क शि त दान करे | अपने दा य व को नभाने का साम य दान कर |
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