aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

Get here NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले. More Detail
NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले - Page 1 of 7

About NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले is available here for free download. Published by NCERT for Class 10, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (7 pages). Candidates preparing for Class 10 can use NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले have?

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले contains 7 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 10 study material?

You can find more Class 10 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 10 Hindi (स्पर्श) Chapter 12 अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (7 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 10th

aglase .co

Page 2

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

Class : 10th

Subject : ह द

Chapter : 15

Chapter name : अब कहाँ दस
ू रे के दःु ख से दख
ु ी होने वाले

न न ल खत न के उ र एक-दो पंि तय म द िजये-

Q1. बड़े-बड़े ब डर समु को पीछे य धकेल रहे थे ?

Ans. बड़े-बड़े ब डर समु को पीछे इस लए धकेल रहे ह य क बढ़ती आबाद के साथ लोग के घर
बनाने क जगह काम होती जा रह है , इस लए ब डर नए-नए घर बनाने के लए ऐसा कर रहे ह |

Page no: 114, Block: मौ खक

Q2. लेखक का घर कस शहर म था ?

Ans. लेखक का घर पहले वा लयर म था और अब मंब
ु ई के वस वा म है |

Page no: 114, Block: मौ खक

Q3. जीवन कैसे घर म समटने लगा है ?

Ans. पहले लोग बड़े-बड़े घर म मल-जल ु कर रहते थे पर तु आज के समय म लोग का जीवन ड बे
जैसे बने छोटे -छोटे घर म समटने लगा है |

Page no: 114, Block: मौ खक

Q4. कबत
ू र परे शानी म इधर-उधर य फड़फड़ा रहे थे ?

Ans. कबत
ू र परे शानी म इधर-उधर इस लए फड़फड़ा रहे थे य क उनका एक अंडा ब ल ने गरा कर
तोड़ दया था और उनका दस ू रा अंडा लेखक क माँ के हाथ म गर कर टूट गया था |

Page no: 114, Block: मौ खक

न न ल खत न के उ र (25-30 श द म) लखीए-

Q1. अरब म ल कर को नह
ू के नाम से य याद करते ह ?

Ans. अरब म ल कर को नह ू के नाम से इस लए याद करते थे य क वह सार उ रोते रहे | उनके रोने
का कारण एक कु ा था िजनको उ ह ने द ु कार दया था, और कु े ने कहा था क " न म अपनी मज़ से
कु ा हूँ, और ना तम
ु अपनी पसंद से इंसान हो "|

Page 1 of 6

Page 3

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

Page no: 114, Block: ल खत

Q2. लेखक क माँ कस समय पेड़ के प े तोड़ने के लए मना करती थी और य ?

Ans. लेखक क माँ सरू ज के ढलने के समय पेड़ के प े तोड़ने से मना करती थी | वह ऐसा इस लए
करती थी य क उनका मानना था क इस समय पेड़ के प े तोड़गे तो पेड़ रोएंगे

Page no: 114, Block: ल खत

Q3. कृ त म आये असंतल
ु न का या प रणाम हुआ ?

Ans. कृ त म आये असंतल
ु न क वजह से अब गम म बहुत यादा गम , बेमौसम क बा रश, ज़लज़ले,
सैलाब और साथ म कई तरह क बीमा रयां प रणाम व प आयी |

Page no: 114, Block: ल खत

Q4. लेखक क माँ ने परू ा दन रोज़ा य रखा ?

Ans. लेखक क माँ से कबत
ू र का अंडा गलती से उनके हाथ म ह टूट गया था िजनका उ ह बहुत ह दख
ु
हुआ था और वह दन भर रोती रह थी | अपनी इसी गलती क माफ़ मांगने के लए उ ह ने रोज़ा रखा था
|

Page no: 114, Block: ल खत

Q5. लेखक ने वा लयर से बंबई तक कन बदलाव को महसस
ू कया था ? पथ के आधार पर प ट
क िजये |

Ans. लेखक ने वा लयर से बंबई तक संसार भर के बदलाव महसस
ू कये | जहाँ वा लयर म जंगल था,
पेड़,प ी और जानवर थे, वह बंबई म समंदर, चौड़ी सड़क और ल बी चौड़ी ब ती थी |

Page no: 114, Block: ल खत

Q6. ' डेरा डालने ' से आप या समझते ह ? प ट क िजये |

Ans. ' डेरा डालने ' का मतलब है अपने रहने क जगह बनाना | इस कहानी म प य के लए घोसला
बनाने क जगह नह ं बची थी इस लए वह बड़ी-बड़ी इमारत म ह डेरा डालने लगे थे |

Page no: 114, Block: ल खत

Q7. शेख अयाज़ के पता अपने बाजू पर कला य टा रगता दे ख भोजन छोड़ कर य उठ खड़े हुए ?

Ans.शेख अयाज़ के पता अपने बाजू पर कला य टा रगता दे ख भोजन छोड़ कर इस लए उठ खड़े हुए
य क उ ह ने इस य टे को उसके घर से अलग कर दया था, और वह उसको वापस उसके घर छोड़ने
जाने लगे थे |

Page no: 114, Block: ल खत

Page 2 of 6

Page 4

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

न न ल खत न के उ र (50-60 श द म) लखीए

Q1. बढ़ती हुई आबाद का पयावरण पर या भाव पड़ा ?

Ans.बढ़ती हुई आबाद का पयावरण पर बहुत ह बरु ा भाव पड़ा | जैसे-जैसे आबाद बढ़ती गयी वैसे-वैसे
जंगल और समु सक ु ड़ते गए | सड़क बनाने के लए पेड़ो को काटा जाने लगा और घर बनाने के लए
समु के पानी को समेटा जाने लगा | इन सब क वजह से जानवर का घर उजड़ने लगा और रहने क
जगह नह ं बची, वातावरण म दष ु ण इतना बढ़ गया है क इसक वजह से नयी-नयी बीमा रयां हो रह है
| मौसम भी अब बदलने लगा है जैसे- बहुत यादा गम और बेमौसम बरसात |

Page no: 115, Block: ल खत

Q2. लेखक क प नी को खड़क म जाल य लगवानी पड़ी ?

Ans. लेखक के घर म बेस कबत ू र दन म कई बार आते-जाते थे, और उनके आने-जाने से लेखक और
उनक प नी को बहुत परे शानी होती थी | वह कभी चीज़ गरा कर तोड़ दे ते थे या कभी लाइ ेर म कताब
ख़राब कर दे ते थे | इ ह सब बात से तंग आ कर लेखक क प नी ने उनके ब च को दस ू र जगह कर
दया और कबत ू र के आ शयाने पर जाल लगा द और उनके आने जाने वाल खड़क को भी बंद रखने
लगी |

Page no: 115, Block: ल खत

Q3. समु के गु से क या वजह थी ? उसने अपना गु सा कैसे नकला ?

Ans. समु के गु से क वजह यह थी क ब डर उसे पीछे धकेलते जा रहे थे और वह समटता जा रहा
था ले कन जब उसके लए पया त जगह नह ं बची तब उसको गु सा आ गया |

समु ने अपना गु सा तीन जहाज को अपनी लहर से फककर दखाया | एक जहाज वल म समु
कनारे जा कर गरा तो दस
ू रा बां ा के काटर रोड पर गरा | और तीसरा जहाज गेटवे ऑफ़ इं डया पर
टूट-टूट कर गरा और सैला नय का नज़ारा भी बना | इसके बाद यह जहाज कभी चलने का बल नह ं हो
पाए |

Page no: 115, Block: ल खत

Q4. ' मटट से मटट मले,

खो के सभी नशान,

क मे कतना कौन है ,

कैसे हो पहचान'

इन पंि तय के मा यम से लेखक या कहना चाहता है ? प ट क िजये|

Page 3 of 6

Page 5

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

Ans. इन पंि तय के मा यम से लेखक कहना चाहता है क हम सब मटट के बने हुए है और हमारे
शर र से आ मा नकलने के बाद भी हम सब मटट म ह मल जाते ह | िजस मटट म हम मलते
उसको दे खकर हे म कभी बता नह ं पाते क यहाँ कतने म न य और कतने जांनवर ह | सब कुछ एक
जैसा ह द खता है और एक जैसा ह लगता है |

Page no: 115, Block: ल खत

न न ल खत के आशय सप ट किजए-

Q1. नेचर क सहनशि त क एक सीमा होती है | नेचर के गु से का एक नमन
ू ा कुछ साल पहले बंबई म
दे खने को मला था |

Ans. कृ त के साथ मनु य कई साल से खलवाड़ करता आ रहा है और कृ त यह सब सहती जा रह
है , ले कन मनु य यह भलू गया है क कृ त भी सहन करने क एक हद है | जब कृ त क सहन करने
क मता ख़ म हो गयी तब कृ त ने अपनी गु सा दखाना शु दया िजसका एक नामम
ु ा बंबई म
दे खा गया था | बंबई म समु ने तीन जहाज़ पानी से बहु उठाकर फ़क दए थे |

Page no: 115, Block: ल खत

Q2. जो िजतना बड़ा होता है उसे उतना ह कम गु सा आता है |

Ans. इसम लेखक यह कहना चाहता है क जो िजतना बड़ा होता है उसमे उतनी ह यादा सहन करने क
मता होती ह | वह यादा गु सा नह ं करते ले कन जब उनको गु सा आता है तब उ ह कोई शांत नह ं
करा सकता | इसी तरह जब समु को गु सा आया तब उसने तबाह मचाई और सभी ने उसका रौ प
दे खा |

Page no: 115, Block: ल खत

Q3. इस ब ती ने न जाने कतने प रंद - चरं द से उनका घर चीन लया है | इनमे से कुछ शहर छोड़ कर
चले गए है | जो नह ं जा सके उ ह ने यहाँ-वहां डेरा दाल लया है |

Ans. इससे लेखक का यह आशय है क जबसे बड़ी-बड़ी इमारत बनने लगी है तबसे पश-ु प य का घर
उजड़ने लगा है | उ ह रहने का थान नह ं मल रहा इसी लए वह सब शहर से मील दरू चले गए ह | जो
शहर छोड़कर नह ं जा पाए वह इधर-उधर भटक रहे थे और कुछ ने इ ह इमारत म डेरा दाल लया है |

Page no: 115, Block: ल खत

Q4. शेख अयाज़ के पता बोले, ' नह ं यह बात नह ं है | मने एक घरवाले को बेघर कर दया है | उस बेघर
को कँु ए पर छोड़ने जा रहा हूँ |' इन पंि तय म छुपी हुई उनक भावना को प ट क िजये |

Ans. शेख अयाज़ के पता बहुत ह दयालु थे, एक दन जब वह कँु ए पर नहा कर आने के बाद खाना खाने
बैठे तब उ ह ने अपनी बाई ओर एक य टा दे खा | तब वह अपना भोजन बीच म ह छोड़कर उस य टे
को वापस कँु ए पर या न उसके घर पर छोड़ने गए | इससे पता चलता है क शेख अयाज़ के पताजी सभी

Page 4 of 6

Page 6

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

क तरफ दयालतु ा से दे खते थे , और उ ह ने मनु य और पशु के बीच समानता दखाई थी और उस य टे
क भावना को समझा था |

Page no: 115, Block: ल खत

भाषा अ ययन

1.उदहारण के अनस
ु ार न न ल खत वा य म कारक च ह को पहचानकर रे खां कत क िजये और
उनके नाम र त थान म ल खए; जैसे:-

क) माँ ने भोजन परोसा | - कता

ख) मै कसी के लए मस
ु ीबत नह ं हूँ | - स दान

ग) मने एक घर वाले को बेघर कर दया | - कम

घ) कबत
ू र परे शानी मै इधर-उधर फड़फड़ा रहे थे | - अ धकरण

ड) द रया पर जाओ तो उसे सलाम कया करो | - कम

2. नचे दए गए श द के बहुवचन प ल खए -

चींट - चीं टयां

घोडा - घोड़े

आवाज़- आवाज़

बल - बल

फौज - फौज

रोट - रो टयां

बंद ु - बंदए
ु ं

द वार - द वार

टुकड़ा - टुकड़े

3. न न ल खत वा य म उ चत श द भरकर वाकय परु े क िजये -

क) आजकल ज़माना बहुत ख़राब ह | (जमाना/ज़माना)

ख) परू े कमरे को सजा दो | (सजा/सज़ा)

ग) ज़रा चीनी तो दे ना | (जरा/ज़रा)

Page 5 of 6

Page 7

Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 15 Hindi

घ) माँ दह जमाना भल
ू गयी | (जमाना/ज़माना)

ड) दोषी को सज़ा द जाये | (सजा/सज़ा)

च) महा मा के चेहरे पर तेज था | (तेज/तेज़)

Page 6 of 6

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 10
TypeSolution
Pages7
Languagehindi
Updated11 Aug 2026