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NCERT
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CLASS - 10th
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Book : Sparsh Ncert Solutions | Chapter - 16 Hindi
Class : 10th
Subject : ह द
Chapter : 16
Chapter Name : पतझर म टूट प यां
न न ल खत न के उ र एक-दो पंि तय म द िजये-
Q1. शु ध सोना और ग नी का सोना अलग-अलग य होता है ?
Ans. शु ध सोना और ग नी का सोना अलग-अलग इस लए होता है य क ग नी के सोने म
ता बा मला हुआ होता िजसक वजह से वह यादा चमकता है और सभी को पसंद भी आता है |
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Q2. िै टकल आइ डय ल ट कसे कहते ह ?
Ans. िै टकल आइ डय ल ट उ ह कहते ह जो अपनी यावह रकता को थोड़ा मला-जल
ु ाकर पेश
करते ह और जब जैसी ज रत होती है उसी के मत
ु ा बक बदल जाते ह |.
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Q3. पाठ के संदभ म शु ध आदश या है ?
Ans.पाठ के संदभ म शु ध आदश शु ध सोने के समान है | शु ध आदश म यावह रकता मल नह ं
होती और शु ध आदश वाले लोग सफ अपने बारे म नह ं बि क दस ू र के बारे म भी सोचते ह |
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Q4. लेखक ने जापा नय के दमाग म पीड इंजन लगने क बात य कह है ?
Ans. लेखक ने जापा नय के दमाग म पीड इंजन लगने क बात इस लए कह य क वहां के लोग
हमेशा काम म ह लगे रहते ह | वह एक मह ने का काम एक दन म ख़ म करने क को शश करते ह |
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Q5. जापानी म चाय पीने क व ध को या कहते ह ?
Ans. जापानी म चाय पीने क व ध को चो-नो-यू कहा जाता है |
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Q6. जापान म चाय कहाँ पलाई जाती है , उस थान क या वशेषता है ?
Ans. जापान म जहाँ चाय पलाई जाती है वह लकड़ी क द वार और चटाई क ज़मीन है | यहाँ पर
सबका वागत होता है और सारा काम बहुत ह ग रमा से होता है | वह पर इतनी शां त होती है क
सब कुछ सनु ाई दे ता है |
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न न ल खत न के उ र (25-30 श द म) ल खए
Q1. शु ध आदश क तलु ना सोने से और यावह रकता क तल ु ना ता बे से य क गयी है ?
Ans. शु ध आदश क तल ु ना सोने से इस लए कर गयी है य क इसम कोई दखावा और झठ ू नह ं
है और यावह रकता क तल ु ना ता बे से इस लए कर गयी है य क यावह रकता ता बे क तरह
ह आदश के साथ मल जाता है पर तु वह सच नह ं होता |
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Q2. चाजीन ने कौन-सी याएं ग रमापण ू ढं ग से पण
ू क ?
Ans. चाजीन ने बड़ी ग रमा से सबका झुक कर वागत कया, बैठने क जगह दखाई, अंगीठ
जलाकर उस पर चाय बनने रखी, और चाय पीने के सभी बतन को तौ लये से बहुत ह अ छ तरह से
साफ़ करा था |
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Q3. ट -सेरेमनी म कतने आद मय को वेश दया जाता था और य ?
Ans. ट -सेरेमनी म तीन से यादा अ धक यि तय को वेश नह ं दया जाता है य क ट -सेरेमनी
क व ध मु य बात शां त है , और िजतने कम लोग ह गे उतनी ह यादा शां त होगी |
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Q4. चाय पीने के बाद लेखक ने वयं म या प रवतन महसस ू कया ?
Ans. चाय पीने के बाद लेखक दस-पं ह मनट तो उलझन म रहा ले कन फर उसके दमाग क
र तार धीरे -धीरे काम होने लगी | थोड़ी दे र बाद उनका दमाग बलकुल शांत हो गया, इतना शांत क
उनको स नाटा भी सन ु ाई पद रहा था |
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न न ल खत न के उ र (50-60 श द म) लखीए
Q1. गाँधीजी म नेत ृ व क अ भत ु मता थी; उ धरण स हत इस बात क पिु ट क िजये |
Ans. गाँधीजी म नेत ृ व क अ भत ु मता थी इसी लए उनका भारत को आज़ाद दलाने म बहुत
बड़ा हाथ है | उ ह ने ने कभी आदश को यावह रकता के सामने गरने नह ं दया बि क उ ह ने
यावह रकता को आदश के बराबर लाया था | उनके नेत ृ व के अंदर कई आंदोलन शु हुए, रै लयाँ
नकल और कई बैठक भी बल ु ाई गयी | उ ह ने अपनी इस मता से वो काम कर दखाया जो कोई
भी नह ं कर पाया था |
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Q2. आपके वचार से कौन-से ऐसे मू य है जो शा वत ह ? वतमान समय म इन मू य क
ासं गकता प ट क िजये |
Ans. आज क समय म लोग आदश क बजाय यावह रकता पर यादा यान दे ते ह और ये भल ू
जाते ह क जीवन म आदश और यावह रकता दोन ह ज़ र ह | परु ाने समय म अ छे मू य जैसे क
ईमानदार , अ हंसा, स चाई, परोपकार िजतने ज़ र थे उतने ह ज़ र आज भी ह | अगर इंसान के
अंदर ये वचार नह ं ह गे तो वह अ छा इंसान नह ं कहलाएगा | इसी लए मेरे वचार से यह सब बात
शा वत ह |
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Q3.'शु ध सोने म ता बे क मलावट या ता बे म सोने ', गांधीजी के आदश और य हार के स दभ
म ये बात कस तरह झलकती है ? प ट क िजये |
Ans. शु ध सोना अ छे आदश को दशाता है और ता बा मला हुआ सोना यावह रकता को |
गांधीजी ने कभी भी आदश को यावह रकता के तर पर नह ं आने दया था बि क उ ह ने
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यावह रकता को आदश के बराबर लाया था | इससे यह पता चलता है क उ ह ने सोने म ता बा नह ं
बि क ता बे म सोने को मलाया था |
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Q4. ' गर गट' कहानी म आपने समाज म या त अवसरानस ु ार अपने य हार को पल-पल बदल
डालने क एक बानगी दे खी | इस पाठ के अंश ' ग नी का सोना' के स दभ म प ट क िजये क
'आदशवा दता' और ' यहवा रकता' इनमे से जीवन म कसका मह व है ?
Ans. जैसे ' गर गट' कहानी म यह बताया गया है क कैसे इं पे टर अपना रं ग बदलता रहता है वैसे
ह ' ग नी का सोना' कहानी म बताया गया है क कैसे यावह रकता वाले लोग हर जगह अपना प
बदलते रहते ह | आदश लोग हमेशा एक से रहते ह और यवाह रक लोग मिु कल आते ह बदल जाते
ह | हमारे जीवन आदशवा दता का यादा मह व है य क आदशवाद लोग हमेशा ईमानदार और
स चे होते ह ले कन यवाह रक लोग दस ू र क लाभ-हा न नह ं दे खते सफ अपने बारे म सोचते ह |
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Q5. लेखक के म ने मान सक रोग के या- या कारण बताये ? आप इन कारण से कहाँ तक
सहमत ह |
Ans. लेखक के म ने बताया क आज के समय म िज़ंदगी क र तार बढ़ गयी है , आज-कल ल ग
चलने क बजाय दौड़ने लगे ह | आज हम बोलते नह ं बड़बड़ाते ह, और अकेले म भी खद ु से बात करते
रहते ह | हम आगे नकलने क होड़ म इतने य त ह क हम एक मह ने का काम एक ह दन म
करना चाहते ह | हमारे दमाग क र तार पहले से ह बहुत तेज़ होती है पर तु हम उसे और तेज़
दौड़ना चाहते ह | इसी लए एक व त ऐसा आता है क दमाग म तनाव बहुत बाद जाता है और
दमाग काम करना बंद कर दे ता है | इसी वजह से लोग म मान सक रोग बढ़ गए ह |
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Q6. लेखक के अनस ु ार स य केवल वतमान है , उसी म जीना चा हए | लेखक ने ऐसा य कहा होगा |
प ट क िजये |
Ans. लेखक ने ऐसा इस लए कहा य क आज के समय म सब आगे नकलने क होड़ म लगे हुए ह,
सब दौड़ने म लगे हुए है कोई भी िज़ंदगी को जी नह ं रहा है | या तो हम अपने बीते समय के बारे म
सोचते रहते ह या फर अपने भ व य क चंता म लगे रहते ह ले कन अपने वतमान के बारे म नह ं
सोचते | हम बस सबसे आगे नकलना चाहते है पर ये नह ं सोचते क हम अपने इस उ दे य म
कतनो को नक ु सान पंहुचा रहे है , हम बस ये सोचते ह क भ व य म इससे हमारा या फायदा होगा |
इस लए लेखक ने कहा क स य तो केवल वतमान म ह है जो बताता है क हम कैसे इंसान है , अ छे
या फर बरु े |
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न न ल खत के आशय सप ट किजए-
Q1. समाज के पास अगर शा वत मू य जैसा कुछ है तो वह आदशवाद लोग का दया हुआ है |
Ans. समाज म सफ आदशवाद लोग ह ह जो अ छे मू य को समझते है और इ तेमाल करते ह |
यवाह रक लोग ऐसा नह ं करते ह वह तो बस प रि थ तय के साथ बदलते रहते ह |
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Q2. जब यावह रकता का बघान होने लगता ह तब ' िै टकल आइ डअ ल ट ' के जीवन से आदश
धीरे -धीरे पीछे हटने लगते ह और उनक यवाह रक सझ-ब
ू झ
ू ह आगे आने लगती है |
Ans. ' िै टकल आइ डअ ल ट' आदश का इ तेमाल न कर यावह रकता का इ तेमाल करते ह |
य क यवाह रक लोग ऐसे होते ह जो प रि त थ के साथ-साथ बदलते रहते ह | यवाह रक लोग के
िज़ंदगी म आदश क कमी होती है , और उनक वचारधारा आदशवाद लोग से बहुत अलग होती है |
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Q3. हमारे जीवन क र तार बढ़ गई है | यहाँ कोई चलता नह ं बि क दौड़ता है | कोई बोलता नह ं,
बकता है | जब हम अकेले पड़ते ह तब हम अपने आपसे लगातार बड़बड़ाते रहते ह |
Ans. जापान के लोग क जीवन क र तार बहुत ह यादा है , वहां पर कोई खाल नह ं बैठता है सब
हमेशा काम नह ं करते ह | वह मह ने भर का काम एक दन म ह कर लेते ह, िजससे उनके दमाग
पर बहुत ज़ोर पड़ता है और वह हमेशा तनाव म रहते ह | इसी वजह से जब वह खाल बैठते है तो खद ु
से ह बात करते रहते ह |
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Q4. सभी याएं इतनी ग रमापण ू ढं ग से क ं क उसक हर भं गमा से लगता था क मानो
जयजयवंती के सरू गँजू रहे ह |
Ans. ट
-सेरेमनी के समय बहुत इतनी शां त थी क स नाटा भी सन ु ाई पड़ रहा था | इस वजह से
चाज़ जो भी काम कर रहा था उसक आवाज़ सन ु ाई डी रह थी, और यह आवाज़ लेखक को
जयजयवंती के सरू जैसी सन ु ाई दे रह थीं |
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भाषा अ ययन
1 नीचे दए गए श द का वा य म योग क िजये -
यावह रकता - आज के समय म लोग यावह रकता को यादा इ तेमाल करते ह |
आदश - एक आदश यि त कभी झूठ नह ं बोलता है |
सझू -बझ
ू - हम मिु कल म सझ
ू -बझ
ू से काम लेना चा हए |
वल ण - वह एक वल ण यो यता वाला यव ु क है |
शा वत - अ छे आदश हमेशा शा वत होते ह |
2. नीचे दए गए वं व समास का व ह क िजये -
क) माता- पता = माता और पता
ख) पाप-पु य = पाप और पु य
ग) सख ू -दख
ु = सख ू और दख ु
घ) रात- दन = रात और दन
ड) अ न-जल = अ न और जल
च) घर-बहार = घर और बहार
छ) दे श- वदे श = दे श और वदे श
3. नीचे दए गए वशेषण श द क भाववाचक सं ा बनाइए -
क) सफल - सफलता
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ख) वल ण - वल णता
ग) यवहा रक - यावह रकता
घ) सजग - सजगता
ड) आदशवाद - आदशवा दता
च) शु ध - शु धता
Q4 नीचे दए गए वा य म रे खां कत अंश पर यान द िजए और श द के अथ को सम झए - शु ध
सोना अलग है । बहुत रात हो गई अब हम सोना चा हए।
ऊपर दए गए वा य म 'सोना' का या अथ है ? हले वा य म 'सोना' का अथ है धातु ' वण' दस
ु रे
वा य म सोना का अथ है 'सोना' नामक कया। अलग - अलग संदभ म ये श द अलग अथ दे ते ह
अथवा एक श द के कई अथ होते ह।ऐसे श द अनेकाथ श द कहलाते ह।नीचे दए गए श द के
भ न - भ न अथ प ट करने के लए उनका वा यो म योग क िजए-
उ र,कर,अंक,नग
Answer:
क) उ र- मेरे सभी न के उ र सह है ।
2. उ र- वह उ र दशा म गया है ।
ख) कर- मोहन ने अपना सारा कर चक ु ा दया है ।
कर- मं ी जी ने इस हॉि पटल का उदघाटन अपने कर कमल से कया।
ग) अंक- राधा के अंक पर ा म अ छे नह ं आये।
ब चा अपने पता के अंक म बैठा है ।
घ) नग- हमालय एक बड़ा नग है ।
ह रा एक क मती नग है ।
Q5 नीचे दए गए वा य को संयु त वा य म बदलकर ल खए-
क) अँगीठ सल ु गायी।
2)उस पर चायदानी रखी।
ख) चाय तैयार हुई।
2) उसने वह याल म भर ।
ग) बगल के कमरे से जाकर कुछ बतन ले आया।
2) तौ लये से बरतन साफ़ कए।
Answer:
क) अँगीठ सल ु गाई और उस पर चायदानी रखी।
ख) चाय तैयार हुई तो उसने वह याल म भर ।
ग) बगल के कमरे म जाकर कुछ बतन ले आया और तौ लए से बतन साफ़ कए।
Q6. नीचे दए गए वा य से म वा य बनाइए -
क) 1. चाय पीने क यह एक व ध है ।
2) जापानी म उसे चा- नो- यू कहते ह।
ख) 1. बाहर बेढ़ब - सा एक म ट का बरतन था।
2) उसम पानी भरा हुआ था।
ग) 1) चाय तैयार हुई।
2) उसने वह यालो म भर ।
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3) फर वे याले हमारे सामने रख दए।
Answer:
क) यह चाय पीने क एक व ध है िजसे जापानी म चा- तो- यू कहते ह।
2) बाहर बेढ़ब सा एक म ट का बरतन था िजसम पानी भरा हुआ था।
ग) जब चाय तैयार हुई उसे याल म भरा और हमारे सामने रख दए।
पतझर म टूट प याँ - पठन साम ी और सार
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