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अितयंत गोपनीय -केवल आं त रक एवं सीिमत योग हे तू
मा िमक िवधालय परी ा, माच-2020
अक-योजना : सामामिक मिज्ञान
SUBJECT कोड सं ा : 087 PAPER कोड : 32/1/2
सामा िनदश :-
1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।
2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू यांकन करते समय नवीनतम सूचना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए पूरे अंक दए जाएँ। क ा दसव के प म दए गए द ता
आधा रत(competency based) दो का मू यांकन करने म कृ पया िव ा थय ारा दए गए उ र को
समझने का यास कर; उनके उ र चाहे अंक-योजना म दए गए उ र से मेल न खाते ह तब भी सही द ता क
प रगणना क गई हो तो अंक दए जाने चािहए।
3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।
4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती है।
5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।
6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।
7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।
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8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदेखा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।
9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।
10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)
11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –
उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
कु ल अंक के योग म अशुि
उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।
12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।
13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता है।
14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।
15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।
16. क ीय मा यिमक िश ा बोड प रषद पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत
शु क भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित देती है।
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माध्यममक मिद्यालय परीक्षा (मार्च - 2020)
सामामिक मिज्ञान (087)
अंकन योिना
32/1/2
MM-80
QNO. अपेमक्षत उत्तर / मूल्य अंक PAGE MARKS
NO.
1. अनुभाग - क E(23) 1
सकल घरे लू उत्पाद:
प्रत्येक क्षेत्रक द्वारा उत्पादित अंदतम वस्तुओं और से वाओं का मूल्य , उस वर्ष में
क्षेत्रक के कुल उत्पािन की जानकारी सकल घरे लु उत्पािन (जी डी पी )
कहलाती है
सािचिमनक क्षेत्र ,मनिी क्षेत्र से अलग है-
सावषजदनक क्षेत्र में सरकार अदिकांश संपदि की मादलक होती है और सभी
सेवाएं प्रिान करती है जबदक दनजी क्षेत्र में संपदि का स्वादमत्व और दवतरण E(33) 1
सेवाएं दनजी व्यक्ति या कंपदनयों के हाथों में होत हैंI
2. H(62) 1
असहयोग आं दोलन को िापस लेना-
क्ोंदक चौरी-चौरा और कई जगहों पर दहंसा हुई और गां िी जी अदहंसा में दृढ़
दवश्वास रखते थे।
.
3. . िनाचक्युलर प्रेस एक्ट:
सरकार को भार्ाई प्रेस में छपी रपट और सम्पािकीय को सेंसर करने को
H(175) 1
व्यापक हक़ दमल गया I सरकार ने दवदभन्न प्रिे शो से छपने वाले अखबारों पर
दनयदमत नज़र रखने के दलए I
ज्योमतबा फुले द्वारा मलखित गुलामगीर पुस्तक
H(174) 1
यह जादत व्यवस्था के अन्याय के क्तखलाफ दलखा गया था।
4. तामलका: उच्चतम मििु मृ त्यु दर: E(10) 1
दबहार
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5. गलत मिकल्प: E(4) 1
D / भूस्वामी पररवार की एक ग्रामीण मदहला- दनयदमत नौकरी और बेहतर
मजिू री अपनी आय बढ़ाने के दलए
6. D/ पांडुदलदपयां नाजुक होती थीं H(167) 1
.
7. A/ बालगंगािर दतलक H(175) 1
8. ममहलाओं को घरे लू उत्पीड़न से बर्ाने के मलए DP(44) 1
(i) उनके राजनीदतक प्रदतदनदित्व को बढ़ाकर
(ii) दशक्षा के माध्यम से उन्हें सशि बनाना।
(iii) कानूनी अदिकारों के माध्यम से
(iv) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
कोई एक दबंिु
अथवा
सांप्रदामयक सद्भाि बनाने के तरीके DP(47) 1
(i) सांप्रिादयक पूवाषग्रहों और प्रचार को रोजमराष की दजंिगी में दमटाने की
जरूरत है।
(ii) कोई अन्य प्रासंदगक दबं िु
9. लोकताखिक मनयंत्रण और संतुलन DP(44) 1
B / दविादयका, कायषपादलका , न्यायपादलका
10. D/ राजस्थान G(61) 1
11. बेखियम द्वारा उठाया गया कदम: DP(4) 1
बेक्तियम संदविान बताता है दक केंद्र सरकार में डच और फ्ांसीसी बोलने वाले
मंदत्रयों की संख्या बराबर की गयीI
12. भारत G(70) 1
13. मनिेषामिकार-
यह दकसी भी दबल को एकतरफा रोकने की शक्ति है। H(99) 1
1
H(106)
कामडिं ग:
यह एक प्रदिया है दजसमें दजसमे कपास या ऊँन आदि के रे शों को कताई
के दलए तैयार दकया जाता है
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14. जापान H(154) 1
बाइदबल
H(157) 1
15. संसािनों के प्रकार: G(1) ½+½+=
A — उत्पदि के आिार पर 1
B- … दनवाषतनीयता के आिार पर
16. भारत का सबसे पुराना कृमत्रम समुद्री पत्तन: G(88) 1
चेन्नई
अथवा
1
G(88)
गहरा, भूस्खलन और संरमक्षत समुद्री पत्तन
दवशाखापट्टनम
17. गलत मिकल्प: E(4) 1
D / भूस्वामी पररवार की एक ग्रामीण मदहला- दनयदमत नौकरी और बेहतर
मजिू री अपनी आय बढ़ाने के दलए
18. हिाई िहाि मनमाचण के मलए प्रयुक्त उद्योग: G(74) 1
एल्युदमदनयम स्मेक्तटंग
19. . ग्रामीण क्षेत्रों में रोिगार सृिन का सुझाि E(29) 1
(i) दसंचाई सुदविाओं जैसी पररयोजनाएं शुरू करना
(ii) बांि बनाना।
(iii) अवसंरचनात्मक पररयोजनाओं का दवकास करना
(iv) सहकारी सदमदतयों या बैंकों जैसे रास्ते खोलकर
कोई एक दबंिु का उल्ले ख
20. सही मिकल्प: G(59) 1
C / कलोल तेल क्षेत्र - गु जरात
21. अनुभाग – ि E(20) 3
तृतीयक क्षेत्र ,प्राथममक और माध्यममक के मिकास में मदद करता है:
(i) तृतीयक क्षेत्र की गदतदवदियाँ प्राथदमक और दद्वतीयक क्षेत्र के दवकास में मिि
करती हैं
(ii) ये गदतदवदियाँ उत्पािन प्रदिया के दलए सहायक हैं।
(iii) पररवहन, भंडारण, संचार, बैंदकंग, व्यापार कुछ तृतीयक क्षेत्र का उिाहरण
हैं
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(iv) दवि, पररवहन, दवज्ञापन, आदि प्राथदमक और माध्यदमक क्षेत्रों को बढ़ावा
िे ते हैं।
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकसी भी तीन दबंिुओं का मूल्यांकन दकया जाना है।
प्रारं मभक र्रणों में प्राथममक क्षेत्र सबसे महत्वपूणच क्षेत्रक
(i) जैसे जैसे कृदर् प्रणाली पररवदतषत होती गयी तो कररश्क क्षेत्रक समृद्ध
होता गया i
(ii) पहले की तुलना में उत्पािन अदिक होता गया i
(iii) दशक्तियों और अदिकारीयों की संख्या में वृक्तद्ध होने लगी
(iv) िय - दविय की गदतदवदियां बहुत बाि गयी
(v) अदिकांश लोग इसी क्षेत्रक में रोजगार करते थे
E(23)
(vi) कोई अन्य प्रासंदगक दबं िु। 3
दकसी भी तीन दबंिुओं का मूल्यांकन दकया जाना है।
.
22. िमचमनरपेक्षता: DP(49) 3
(i) भारत जैसे िमषदनरपेक्ष राज्य में कोई आदिकाररक िमष नहीं है।
(ii) संदविान दकसी िमष को दवशे र् िजाष नहीं िे ता है।
(iii) संदविान में िमष के आिार पर भेिभाव पर रोक है
(iv) सभी व्यक्तियों और समुिायों को दकसी भी िमष का अभ्यास, प्रचार और
प्रसार स्वतंत्रता िी गई है
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबं िु।
तीन दबंिुओं का उल्लेख
भारतीय रािनीमत में िामतिाद की समस्याएँ :
(i) जादत व्यवस्था सामादजक असमानता का एक चरम रूप है
(ii) इस प्रणाली में, वंशानुगत व्यावसादयक प्रभाग द्वारा अनुमोदित दकया गया था
(iii) वे अस्पृश्यता के अमानवीय व्यवहार के अिीन थे।
(iv) पादटष यां चुनाव में उम्मीिवारों के नाम तय करते हुए जादतयों का दहसाब
DP 3
ध्यान में रखती है
(49,51)
(v)राजदनदतक समथषन हादसल करने के दलए जादतगत भावनाओ को उकसाते है
(vi)कईं बार ऐसा मन जाता है की चुनाव जादतयों का खेल है
(vi) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
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23. संघीय सरकार की मििेषताएं : DP(15) 3
(i) सरकार के िो या अदिक स्तरों को साझा करना
(ii) प्रत्येक सरकार का अपना अदिकार क्षेत्र है
(iii) न्यायालयों के पास संदविान की और सरकार के दवदभन्न स्तरों की शक्तियाँ
व्याख्या करने की शक्ति है
(iv) सरकार के प्रत्येक स्तर के दलए राजस्व के स्रोत स्पष्ट हैं
अपनी दविीय स्वायिता सुदनदित करने के दलए दनदिष ष्ट।
(v) संदविान के मूलभूत प्राविानों को बिला जा सकता है
िोनों की सहमदत से।
(vi) इसकी एकता को सुरदक्षत रखने और बढ़ावा िे ने के िोहरे उद्दे श्य हैं
िे श।
(viii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्ही तीन दबंिुओं का वणषन
एकात्मक सरकार की मििेषताएं :
(i) सभी शक्तियाँ केंद्रीय सरकार के हाथों में केंद्रीकृत हैं
(ii) उप-इकाइयाँ केंद्र सरकार के अिीनस्थ हैं।
(iii) केंद्र सरकार प्रांतीय या स्थानीय सरकार के दलए एक आिे श पाररत कर
सकती है
(iv) केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग जवाबिे ह हैं
3
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु। DP(15)
दकन्ही तीन दबंिुओं का वणषन
24. पररिहन के सािन दे ि: के मिकास के मलए G(81) 3
(i) यादत्रयों और सामान को एक स्थान से िू सरे स्थान तक ले जाने के दलए
(ii) कच्चा माल तेजी से कारखानों तक पहुँच सकता है।
(iii) उनकी आपूदतष से तैयार माल की आवाजाही
(iv) श्रम शक्ति की गदतशीलता भी बढ़ती है।
(v) पररवहन के कारण व्यापाररयों ने उपभोिाओं के दलए सुदविा प्रिान की है
(vi) आज, कुशल और तेजी से बढ़ते पररवहन की मिि।िु दनया को एक बडे
गाँव में बिल दिया गया हैI
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं तीन दबंिुओं की व्याख्या की
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25. इं ग्लैंड में िनसंख्या िृखि के प्रभाि: H(81) 3
i. दिटे न में खाद्यान्न की मांग में वृक्तद्ध
ii शहरी केंद्रों का दवस्तार हुआ
iii मकई कानूनों पर प्रभाव।
iv दिटे न में खाद्य आयात दकया गया था।
v खाद्यान्न की कीमतों में वृक्तद्ध
vi कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
दकन्हीं तीन दबंिुओं की व्याख्या की जाए।
भारतीय कपड़ा मनयाचत:
i. इं ग्लैंड में कपास उद्योग दवकदसत हुए
ii. इं ग्लैंड की कंपदनयों ने सरकार पर िबाव डाला
iii. सूती कपडा पर आयात शुल्क बढ़ाया गया तादक मैनचे स्टर माल दबना
दकसी प्रदतस्पिाष का सामना दकए बेचा जा सकता था
iv. उद्योगपदतयों ने भारतीय बाजारों में दिदटश मैन्युफैक्चरसष को बेचने के
दलए ईस्ट इं दडया कंपनी को राजी दकया
v. 19 वीं शताब्दी की शुरुआत में दिदटश सूती वस्तुओं का दनयाषत बढ़ा H(116) 3
vi. कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं तीन दबंिुओं की व्याख्या की जाए
26.
स्रोत: िहरो में आं दोलन
21.1 पररर्ि चुनावों के बदहष्कार में न्याय पाटी की भूदमका की व्याख्या 1+1+1=
H(58)
कीदजए। 3
गैर-िाहमणों की पाटी जक्तस्टस पाटी ने महसूस दकया दक पररर्ि में प्रवेश करने
का एक तरीका कुछ सिा हादसल करना था, जो आमतौर पर केवल िाह्मणों के
पास था। (1)
21.2 आदथषक मोचे पर असहयोग आं िोलन का प्रभाव नाटकीय कैसे था?
दविे शी सामानों का बदहष्कार दकया गया, शराब की िु कानों को बंि कर दिया
गया और दविे शी कपडा जलाया गया। ( 1)
21.3 दविे शी कपडा व्यापार पर बदहष्कार आं िोलन के प्रभाव को समझाइए।
i. दविे शी कपडे का आयात आिा हो गया
ii। व्यापाररयों और व्यापाररयों ने दविे शी वस्तुओं के व्यापार या दवि
दविे शी व्यापार से इनकार कर दिया।
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iii। भारतीय कपडा दमलों और हथकरघा में वृक्तद्ध हुई
iv। कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
दकसी एक दबंिु को समझाया जाना (1)
27. भारत में लोगों के स्वास्थ्य और पोषण की खथथमत में सुिार के तरीके: G(11) 3
i) स्वस्थ भोजन खाएं
ii) दनयदमत व्यायाम
iii) प्रिू र्ण मुि वातावरण।
iv) दनयदमत स्वास्थ्य जांच
v) दमलावट रदहत उत्पािों और िवाओं का उपयोग करें ।
vi) कोई अन्य प्रासंदगक दबं िु।
दकन्हीं तीन दबंिुओं की व्याख्या की जाए
28. संसािनों का मििेकपूणच उपयोग: G(4) 3
(i) संसािन दकसी भी दवकासात्मक गदतदवदि के दलए महत्वपूणष हैं।
(ii) अतादकषक खपत और अदिक उपयोग से सामादजक-आदथषक और
पयाषवरणीय समस्याएं हो सकती हैं।
(iii) अदिकांश संसािन गैर-नवीकरणीय हैं, यदि उन्हें समाप्त कर दिया जाता है,
तो वे पुनः प्राप्त करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं।
(iv) संसािन सीदमत मात्रा में ही उपलब्ध हैं
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
दकन्ही तीन दबंिुओं का वणषन
संसािन योिना के र्रण:
(i) संसािनों की पहचान और सूची
(ii) उपयुि प्रौद्योदगकी, कौशल और संस्थागत स्थापना के साथ संपन्न योजना
संरचना का दवकास करना।
(iii) संसािन दवकास योजनाओं का समग्र राष्टरीय दवकास योजनाओं के साथ
दमलान दकया जाता है।
(iv) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
G(4) 3
दकन्ही तीन दबंिुओं का वणषन
29.
7
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अनुभाग – ग
स्रोत ए- अंतर् दे िीय उत्पादन
E(Pg-
34.1 िु दनया के िे शों को जोडने में बहुराष्टरीय कंपदनयां एक प्रमुख ताकत कैसे 1+2+2=
56,59,66) 5
हैं?
(i) बहुराष्टरीय कंपदनयां राष्टरीय अथषव्यवस्थाओं के दनमाषण के सहायक होती है
(ii) दवश्व बाजारों के एकीकरण में मिि करता है
(iii) अक्सर लागत कम करने के दलए दवकदसत राष्टरों की बहुराष्टरीय कंपदनयां
अपनी उत्पािन प्रदियाओं को आउटसोसष करते हैं,
(iv) सूचना का प्रवाह
(iv) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकसी एक दबंिु को समझाया जाए। (1)
स्रोत बी- मिदे िी व्यापार और बािारों का एकीकरण:
34.2 िे शों को जोडने में दविे शी व्यापार एक मुख्य चैनल कैसे बनता है?
(i) दविे शी व्यापार उत्पािकों के दलए घरे लू बाजारों से आगे पहुंचने का अवसर
बनाता है।
(ii) दनमाषता अपनी उपज न केवल िे श के भीतर क्तस्थत बाजार में बेच सकते हैं,
बक्तल्क िु दनया के अन्य िे शों में क्तस्थत बाजारों में भी प्रदतस्पिाष कर सकते हैं।
(iii) दकसी अन्य िे श में उत्पादित सामान का प्रभाव भी एक तरह से सामान की
पसंि का दवस्तार है।
(iv) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
दकन्हीं िो दबंिुओं की व्याख्या की जाए। (2)
स्रोत C- भारत में िैश्वीकरण का प्रभाि
34.3 उपभोिाओं के दलए वैश्वीकरण कैसे लाभकारी है?
(i) उपभोिाओं के समक्ष अदिक से अदिक दवकि।
(ii) बेहतर गुणविा।
(iii) कई उत्पािों के दलए कम कीमत।
(iv) पहले के मुकाबले उच्च स्तर का जीवन
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं िो दबंिुओं की व्याख्या (2)
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30. िृक्षारोपण िेती की मििेषताएं : G(35) 5
i) वृक्षारोपण एक प्रकार की व्यावसादयक खेती है।
ii) एकल फसल की खेती।
iii) बडे क्षेत्र की आवश्यकता है।
iv) वृक्षारोपण में कृदर् और उद्योग का एक इं टरफेस है।
v) मजिू र की आवश्यक सीमा।
vi) सभी उत्पािों का उपयोग सं बंदित उद्योगों में कच्चे माल के रूप में दकया
जाता है।
vii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं पाँच दबंिुओं की व्याख्या
31. . रािनीमतक दल के कायच: D P(74) 5
(i) िल चुनाव लडते हैं।
(ii) पादटष यों ने दवदभन्न नीदतयों और कायषिमों को आगे बढ़ाया।
(iii) पादटष यां कानून बनाने में दनणाषयक भूदमका दनभाती हैं।
(iv) पादटष याँ सरकारें बनाती और चलाती हैं।
(v) वे जनमत को आकार िे ते हैं।
(vi) दवपक्ष की भूदमका दनभाएं ।
(vii) सरकारी मशीनरी और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुँच।
(viii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं पाँच दबंिुओं की व्याख्या
32. लोकतंत्र सामामिक मिमििताओं के सामिस्य में महत्वपूणच भूममका DP( 96) 5
i) लोकतंत्र अपने नागररकों को एक शांदतपूणष और नेतृत्व करने में मिि करने
की कोदशश करता है
दवदभन्न सामादजक दवभाजनों को समायोदजत करके सामं जस्यपूणष जीवन।
ii) लोकतांदत्रक सरकारें मतभेिों को सुलझाने की कोदशश करती हैं
iii) बातचीत और चचाषओं के माध्यम से संघर्ष कम करें
iv) लोकतंत्र आमतौर पर बहुमत के दलए एक प्रदिया दवकदसत करते हैं -
अिसंख्यक आवास।
v) अंतर का सम्मान करना और तंत्र दवकदसत करना सीखें।
vi) सामादजक मतभेिों को संभालने की क्षमता।
vii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
दकसी भी पांच दबंिुओं को उिाहरणों के साथ समझाया जाएगा।
.
33.
यूरोप में राष्ट्रीय एकता के मिर्ार उदारिाद की मिर्ारिारा से संबि हैं:
(i) उिारवादियों ने सहमदत से सरकार की अविारणा पर जोर दिया।
9
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(ii) उिारवादियों ने एकीकृत आदथषक क्षेत्र के दनमाषण का समथषन दकया
(iii) उिारवादियों ने बाजारों की स्वतंत्रता और माल और पूंजी के आवागमन पर
H(9,10) 5
राज्य द्वारा लगाए गए प्रदतबंिों के अंत का समथषन दकया।
(iv) उिारवाि के दलए कानून से पहले सभी की स्वतंत्रता और समानता की
आवश्यकता की बात कही
(v) प्रदशया की पहल पर एक सामान्य कस्टम यूदनयन का गठन दकया गया था।
(vi) उिारवाि ,दनरं कुशता और दवशेर् दवशेर्ादिकार के अंत को दवशेर् महत्व
िे ता था
(vii) रे लवे के नेटवकष के दनमाषण ने गदतशीलता को बढ़ावा दिया,
(viii) आदथषक राष्टरवाि की लहर ने राष्टरवािी भावनाओं को मजबूत दकया।
(vii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं पाँच दबंिुओं की व्याख्या की जाए।
. अथिा
यूनान के स्वतंत्रता संग्राम ने राष्ट्रीय भािनाओ का सं र्ार
(i) यूरोप में िांदतकारी राष्टरवाि की वृक्तद्ध हुई
(ii) यूनादनयों के बीच स्वतंत्रता के दलए संघर्ष
(ii) गष्टरवादियों को रहने पदिमी यूरोप के लोगो का समथष न दमला
(iii) प्राचीन यूनान संस्कृदत के दलए सहानुभूदत। H(13) 5
(iv) सभ्यता से राष्टरीय भावनाओ का संचार दकया
(v) कदवयों और कलाकारों ने यूनान को ुु रोदपये सभ्यता का पालना बता कर
प्रंशा की और एक मुक्तिम साम्राज्य के दवरूद्ध यूनान के संघर्ष के दलए जनमत
जुटाया
(vii) अंत में, 1832 की कॉन्स्टें दटनोपल की संदि से यूनान एक स्वतंत्र राष्टर के
रूप मान्यता िी गई
(vii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं पाँच दबंिुओं की व्याख्या की जाए
34. दे ि के आमथचक मिकास में बैंकों की भूममका: E(42) 5
(i) दवदभन्न आदथषक गदतदवदियों के दलए ऋण की भारी मांग है।
(ii) बैंक लोगों की ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के दलए जमा का उपयोग
करते हैं।
(iii) बैंक उन लोगों के बीच मध्यस्थता करते हैं दजनके पास अदिशेर् दनदि है
और दजन्हें इन दनदियों की आवश्यकता है।
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(iv) वे ऋण पर एक उच्च ब्याज िर लेते हैं जो वे जमा पर िे ते हैं।
(v) वे उिारकताषओं से शुल्क लेते हैं और जमाकताषओं को जो भुगतान दकया
जाता है वह उनकी आय का मुख्य स्रोत है।
(vi) बैंक ऋण के माध्यम से अथषव्यवस्था के सभी क्षेत्रों को बढ़ावा िे ते हैं।
(vii) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु।
दकन्हीं पाँच दबंिुओं की व्याख्या की जाए।
ऋण उिारकताचओ ं को ऐसी खथथमत में िकेलता है मिससे िसूली ददच नाक
होती है:
(i) एक क्तस्थदत में आय बढ़ाने में मिि करता है और इसदलए व्यक्ति पहले से
बेहतर होता है। E(44)
5
(ii) एक अन्य क्तस्थदत में, फसल की दवफलता के कारण, ऋण व्यक्ति को ििष नाक
क्तस्थदत में िकेल िे ता है।
(iii) कभी कभी अपने ऋण को चुकाने के दलए व्यक्ति को अपनी जमीन का एक
दहस्सा बेचना पडता है।
(iv) व्यक्ति की क्तस्थदत पहले की तुलना में बहुत खराब हो जाती है।
(v) कोई अन्य प्रासंदगक दबंिु
(समग्र रूप से मूल्यांकन दकया जाए)
35. 35A , 35 B – भरा हुआ मानदचत्र िे खें। 2+4=6
दृमष्ट्बामित परीक्षामथचयों के मलए:
35.1 महाराष्टर
35.2 दबहार
35.3 पंजाब
35.4 गु जरात
1X6=6
35.5 छिीसगढ़
35.6 महाराष्टर
35.7 केरल
35.8 मध्य प्रिे श (एमपी)
कोई छह सवाल.
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35a इमतहास-
A-मद्रास B-
चंपारण
35 b भूगोल
i-सरिार सरोवर
बांि
ii। दभलाई
दभलाई लोह
और इस्पात
संयंत्र
iii। पुणे
सॉफ्टवेयर
प्रौद्योदगकी पाकष
Iv- कोक्तच्च
समुंद्री पिन
v- इं िौर समुंद्री
पिन
vi- नरौरा समुंद्री
पिन
VIIसूती वस्त्र
उद्योग
VIII आणदवक
ऊजाष संयत्र
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