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अितयंत गोपनीय -केवल आं त रक एवं सीिमत योग हे तू
मा िमक िवधालय परी ा, माच-2020
अक-योजना : सामामिक मिज्ञान
SUBJECT कोड सं ा : 087 PAPER कोड : 32/5/1
सामा िनदश :-
1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।
2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू यांकन करते समय नवीनतम सूचना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए पूरे अंक दए जाएँ। क ा दसव के प म दए गए द ता
आधा रत(competency based) दो का मू यांकन करने म कृ पया िव ा थय ारा दए गए उ र को
समझने का यास कर; उनके उ र चाहे अंक-योजना म दए गए उ र से मेल न खाते ह तब भी सही द ता क
प रगणना क गई हो तो अंक दए जाने चािहए।
3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।
4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती है।
5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।
6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।
7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।
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8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदेखा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।
9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।
10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)
11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –
उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
कु ल अंक के योग म अशुि
उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।
12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।
13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता है।
14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।
15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।
16. क ीय मा यिमक िश ा बोड प रषद पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत
शु क भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित देती है।
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माध्यममक मिद्यालय परीक्षा (मार्च- 2020)
सामामिक मिज्ञान (087)
अंकन योिना 32/5/1
MM-80
QNO. अपेमक्षत उत्तर / मूल्य अंक PAGE MARKS
NO.
1. A/ ओटो वॉन बिस्मार्क - जर्कनी Pg-7 1
H
2. A/ उद्योगपबि र्ाांग्रेस र्े र्रीिी थे Pg-66 1
H
3. सांिIद र्ौर्ुदी / िुहफ़ि -उल -र्ुवह्बहदीन Pg-169 1
अथिा 1
Pg-172
रशसुन्दरी दे वी H
4. फ्रेमरि क सारयु का मर्त्र Pg-3 1
H
स्विांत्रिा र्ी प्रबिर्ा र्ा वांदन , बजनर्े एर् हाथ र्ें ज्ञानोदय र्ी र्शाल और
दू सरे हाथ र्ें र्नुष्य र्े अबिर्ारोां र्ा घोषणापत्र
5. खिलाफत समममत के नेता – Pg-56 1
H
र्ुहम्मद अली और शौर्ि अली
6. Pg- 1
D / भारि र्ें सवैंिाबनर् व्यवस्था र्ी र्ायकशैली र्ें पररविकन र्े सुझाव दे ने र्े
62
बलए
H
7. Pg-157 1
जोहान्स गुटेनिगक
अथवा
Pg-156
र्ार्ो पोलो 1
H
8. Pg-67 1
बनजी क्षेत्र-बटस्को(TISCO)
G
9. िामिखिक फसल- Pg-10 1
र्ाजू / अनाज / बिलहन / टर्ाटर / िम्बार्ू / चाय / र्ॉफी, / र्ाजू / रिड़ /
नाररयल-र्ोई एर्
अथिा
सामुदामयक स्वाममत्व िाले संसाधन- Pg-11
1
िालाि / सावकजबनर् पार्क, / खेल र्े र्ैदान G
1
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र्ोई एर्
10. गन्ने की फसल Pg-40 1
A- 75cms G
B- 21* से 27 *C
11. तीथचयात्रा को बढाने के मलए रे लिे - Pg-85 1
िीथक बवशेष पयकटर् टर े न / पयकटर् पैर्ेज प्रदान र्रर्े / अलग-अलग िोबडिं ग / G
डे -िोबडिं ग स्टे शन िनार्र / र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु
बर्सी एर् र्ी व्याख्या
12. Pg-68 1
िादी को बढािा दे ने के मलए योिनाएं । G
सरर्ार र्ो खादी र्ी लागि र्ो र्र् र्रर्े / इसर्े प्रचार र्े बलए योजनाओां
र्ो शुरू र्रर्े / ऋण र्ी सुबविा प्रदान र्रर्े / िुनर्रोां र्ा सर्थकन र्रर्े /
खादी र्े नए बडजाइनोां र्ो प्रोत्साबहि र्रर्े / अन्य प्रासांबगर् बिांदु
बर्सी एर् र्ी व्याख्या
13. र्ाांशीरार् र्े नेिृत्व र्ें िसपा र्ा गठन हुआ Pg-81 1
DP
14. Pg-93 1
तानाशाही शासन में आमथचक मिकास: DP
बशक्षा / िुबनयादी ढाांचे र्ें बनवेश / आबथकर् बवर्ास र्े बवबभन्न रास्ते खोलर्र /
र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु
बर्सी एर् बिांदु र्ी व्याख्या
15. Pg-59 1
िामत व्यिस्था DP
-वास्तबवर् गबिशीलिा / र्ानूनोां र्े र्ायाक न्वयन / बशक्षा र्ें सुिार / बर्सी अन्य
प्रासांबगर् बिांदु
अथवा
1
भारि एर् िर्क बनरपेक्ष दे श है I
16. 33% Pg-21 1
DP
अथवा
राज्य चुनाव आयोग PG-21
1
P
17. Pg-13 1
बशक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर र्ें सुिार E
2
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18. A/ र्ेवल I और II Pg-64 1
E
19. A / A और R दोनोां सत्य हैं और R, A र्ी सही व्याख्या है Pg-34 1
E
20. ऋि व्यिस्था-ऋण र्े अनौपचाररर् स्रोि / अनौपचाररर् स्रोिोां द्वारा र्ी गयी Pg-46 1
ऋण गबिबवबियोां र्ो बनयांबत्रि र्रने र्ें सरर्ार द्वारा र्ोई हस्तक्षेप नहीां। E
िंर-बी
21. Pg-9 3
उदारिाद की मिर्ारधारा से संबद्ध राष्ट्िीय एकता के मिर्ार: H
i. राज्य द्वारा लगाए गए प्रबििांिोां र्ा उन्मूलन
ii. व्यक्ति र्े बलए स्विांत्रिा
iii. र्ानून र्े सर्क्ष सभी र्ी सर्ानिा।
iv. सहर्बि से सरर्ार र्ी अविारणा।
v. बनरां र्ुशिा और बलबपर्ीय बवशेषाबिर्ार र्ा अांि
vi. सांसद र्े र्ाध्यर् से एर् सांबविान और प्रबिबनबि सरर्ार।
vii.िाजारोां र्ी आजादी।
viii.र्ाल और पूांजी र्ी आवाजाही पर प्रबििांि।
ix. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए.I
22. स्रोत आधाररत प्रश्न Pg-121 1+2=3
22.1 िाबर्कर् र्सलो पर हुई िहस र्े बर्सी एर् र्ुद्दे र्ा बवश्लेषण र्रें I H
i. र्ुछ ने र्ौजूदा प्रथाओां र्ी आलोचना र्ी और सुिार र्े बलए अबभयान
चलाया, जिबर् अन्य ने सुिारर्ोां र्ी दलीलें बगनाईां। ये िहस
सावकजबनर् और बप्रांट र्ें र्ी गई।
ii. बविवा बवसजकन, एर्ेश्वरवाद, ब्राह्मणवादी पुरोबहिवाद और र्ूबिकपूजा
जैसे र्ार्लोां पर सार्ाबजर् और िाबर्कर् सुिारर्ोां और बहांदू
रूब़िवाबदयोां र्े िीच गहन बववाद।
iii. iर्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्सी एर् बिांदु र्ो सर्झाया जाए। (1)
22.2 इन िहसोां र्ें बप्रांट र्ीबडया र्ी भूबर्र्ा र्ी जााँच र्रें :
i. बप्रांट ने नए बवचारोां र्े साथ-साथ इन बवचारोां र्ो भी आर्ार बदया।
ii. इसने सावकजबनर् चचाकओां र्ें सावकजबनर् भागीदारी र्ो ि़िाया।
iii. सावकजबनर् चचाक और बवचारोां र्ी अबभव्यक्ति
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iv. िर्कपूणक बवचारोां र्ो प्रसाररि बर्या गया
v. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां दो बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए। (2)
23. िमनि हमारे िीिन का एक अमनिायच महस्सा हैं : Pg-50 3
G
i. लगभग हर् जो र्ुछ भी उपयोग र्रिे हैं , एर् छोटे से बपन से लेर्र
एर् बिक्तडांग या एर् िड़ी दु र्ान िर्, सभी खबनज से िने होिे हैं।
ii. सड़र्ोां र्ी रे ल लाइनें और िारर्ैर् (फ़शक ), हर्ारे औजार और र्शीनरी
भी खबनजोां से िने हैं ।
iii. र्ारोां, िसोां, टर े नोां, एयरो बवर्ानोां र्ो खबनजोां से बनबर्कि बर्या जािा है
और पृथ्वी से प्राप्त होने वाले बिजली र्े पुलोां पर चलाया जािा है।
iv. यहाां िर् बर् जो भोजन हर् खािे हैं उसर्ें खबनज होिे हैं।
v. बवर्ास र्े सभी चरणोां र्ें, र्ानव ने अपनी आजीबवर्ा, सजावट, उत्सव,
िाबर्कर् और औपचाररर् सांस्कार र्े बलए खबनजोां र्ा उपयोग बर्या है।
vi. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
अथिा
िमनिों अनेक रूपों में पाए िाते है Pg-50,51 3
i. आग्नेय और र्ेटार्ॉबफकर् चट्टानोां र्ें खबनज दरारें , , दोष या जोड़ोां र्ें हो
G
सर्िे हैं। छोटी र्ो बशराएां र्हा जािा है और िड़े र्ो लोड् स र्हा
जािा है ।
ii. ज्यादािर र्ार्लोां र्ें, वे िि िनिे हैं जि िरल / बपघला हुआ और गैसीय
रूपोां र्ें खबनज पृथ्वी र्ी सिह र्े बलए गुहाओां र्े र्ाध्यर् से ऊपर र्ी
ओर र्जिूर होिे हैं। वे उठिे ही शाांि और जर् जािे हैं। प्रर्ुख िाक्तत्वर्
खबनज जैसे बटन, िाांिा, जस्ता और सीसा इत्याबद नसोां और गाांठोां से
प्राप्त होिे हैं।
iii. िलछटी चट्टानोां र्ें र्ई खबनज िेड या परिोां र्ें पाए जािे हैं। वे क्षैबिज
स्तर र्ें जर्ाव, सांचय और एर्ाग्रिा र्े पररणार्स्वरूप िने हैं।
उदाहरण र्े बलए बजप्सर्, पोटाश नर्र् और सोबडयर् नर्र्। ये
बवशेष रूप से शुष्क क्षेत्रोां र्ें वाष्पीर्रण र्े पररणार्स्वरूप िनिे हैं।
iv. गठन र्ी एर् अन्य बविा र्ें सिह चट्टानोां र्े बवघटन और घुलनशील
घटर्ोां र्ो हटाने र्ें शाबर्ल है , बजसर्ें बर्बिि सार्ग्री युि अवबशष्ट
द्रव्यर्ान होिा है। िॉक्साइट इसी िरह िनिा है।
v. र्ुछ खबनज घाटी र्े फशक और पहाबड़योां र्े आिार र्ें जलो़ि र्े रूप र्ें
हो सर्िे हैं। इन जर्ाओां र्ो 'प्लाज़र जर्ा' र्हा जािा है और इनर्ें
आर्िौर पर खबनज होिे हैं , जो पानी से नहीां होिे हैं , ऐसे खबनजोां र्ें
सोना, चाांदी, बटन और प्लैबटनर् सिसे र्हत्वपूणक हैं।
4
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बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाएI
24 Pg-42-43 3
कृमि में संस्थागत सुधार: G
i. भूबर् और जोिोां र्ा सर्ेर्न
ii. जर्ीांदारी प्रथा र्ा उन्मूलन।
iii. बर्सानोां र्ो र्र् ब्याज दरोां पर ऋण सुबविा प्रदान र्रने र्े बलए
ग्रार्ीण िैंर्ोां, सहर्ारी सबर्बियोां और िैंर्ोां र्ी स्थापना।
iv. बर्सान क्रेबडट र्ाडक (र्ेसीसी), व्यक्तिगि दु घकटना िीर्ा योजना (पेस)
जैसी योजनाओां र्ो शुरू बर्या गया।
v. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाएI
25 Pg-24-25 3
भारत में पंर्ायती राि प्रिाली की प्रकृमत: DP
i. 1992 र्ें सांबविान र्ें एर् और प्रभावी और शक्तिशाली िीन स्तरीय
प्रणाली िनाने र्े बलए सांशोिन बर्या गया था। ग्रार् पांचायि, ब्लॉर्
सबर्बि और बजला पररषद।
ii. ग्रार् पांचायि एर् पररषद है बजसर्ें र्ई वाडक सदस्य होिे हैं , बजन्ें
अक्सर पांच, और एर् अध्यक्ष या सरपांच र्हा जािा है।
iii. वे सीिे उस वाडक या गाांव र्ें रहने वाली सभी वयस्क आिादी द्वारा चुने
जािे हैं।
iv. यह पूरे गााँ व र्े बलए बनणकय लेने वाली सांस्था है।
v. पांचायि ग्रार् सभा र्ी सर्ग्र बनगरानी र्ें र्ार् र्रिी है।
vi. गााँव र्े सभी र्िदािा इसर्े सदस्य हैं।
vii. इसे ग्रार् पांचायि र्े प्रदशकन र्ी सर्ीक्षा र्े बलए र्र् से र्र् दो या िीन
िार बर्लना होगा।
viii.बनयबर्ि चुनाव र्राना सांवैिाबनर् रूप से अबनवायक है ।
ix. अनुसूबचि जािी जनजाबि िथा अन्य बपछड़े जाबि (एस सी, एस टी
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और ओ िी सी )र्े बलए बनवाकबचि बनर्ायोां और इन सांस्थानोां र्े
र्ायकर्ारी प्रर्ुखोां र्े बलए सीटें आरबक्षि हैं।
x. सभी पदोां र्ें से र्र् से र्र् एर् बिहाई र्बहलाओां र्े बलए आरबक्षि हैं।
xi. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
26 मिमिधताओं को समायोमित करने में बेखियम मॉरल: Pg-4,5 3
DP
i. हालाांबर् डच दे श र्ें िहुर्ि र्ें थे, र्ेंद्र सरर्ार र्ें फ्रेंच और डच भाषी
आिादी र्ो सर्ान प्रबिबनबित्व बदया गया था।
ii. िेक्तियर् र्ो एर् सांघीय राज्य र्े रूप र्ें घोबषि बर्या गया था और
इस प्रर्ार राज्य सरर्ारोां र्ो र्हत्वपूणक अबिर्ार बदए गए थे।
iii. राज्य सरर्ारोां ने र्ेंद्र सरर्ार र्े अिीनस्थ र्ायक नहीां बर्या।
iv. राजिानी ब्रुसेल्स र्ी एर् अलग सरर्ार है। हालााँबर्, शहर र्ें फ्राांसीसी
िोलने वाली आिादी िहुर्ि र्ें थी, लेबर्न उन्ोांने ब्रुसेल्स र्ें सर्ान
प्रबिबनबित्व र्ो स्वीर्ार बर्या।
v. ऐसा इसबलए था क्ोांबर् डच भाषी लोगोां ने िहुर्ि र्ें होने र्े िावजूद
र्ेंद्र सरर्ार र्ें सर्ान प्रबिबनबित्व र्ो स्वीर्ार बर्या था।
vi. सार्ुदाबयर् सरर्ार डच, फ्राांसीसी और जर्कन भाषी लोगोां द्वारा चुनी
गई और शैबक्षर्, भाषा और शैबक्षर् र्ुद्दोां पर ध्यान बदया गया।
vii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
अथिा
क्षैमति सत्ता साझाकरि:
i. सत्ता र्ो सरर्ार र्े बवबभन्न अांगोां, जैसे बविाबयर्ा, र्ायकपाबलर्ा और
न्यायपाबलर्ा र्े िीच साझा बर्या जािा है।
ii. सरर्ार र्े बवबभन्न अांग बवबभन्न शक्तियोां र्ा प्रयोग र्रिे हैं।
iii. ऐसा अलगाव यह सुबनबिि र्रिा है बर् र्ोई भी अांग असीबर्ि
शक्तियोां र्ा प्रयोग न र्र सर्े।
iv. इस व्यवस्था र्ो चेर् और सांिुलन र्ी प्रणाली र्हा जािा है।
Pg-8 3
v. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाएI DP
27 मांग िमा में मुद्रा के महत्व पूिच लक्षि Pg-40,41 3
E
i. लोग िैंर्ोां र्े पास जर्ा र्े रूप र्ें पैसा रखिे हैं।
6
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ii. लोग अपने नार् से िैंर् खािा खोलर्र इसे िैंर्ोां र्ें जर्ा र्रिे
हैं।
iii. िैंर् जर्ा स्वीर्ार र्रिे हैं और जर्ा पर ब्याज दर र्ा
भुगिान भी र्रिे हैं।
iv. इस िरह से लोगोां र्ा पैसा िैंर्ोां र्े पास सुरबक्षि है और इससे
ब्याज बर्लिा है।
v. िन र्ी आवश्यर् बवशेषिाओां र्े रूप र्ें बडर्ाांड जर्ा र्ी
सुबविा
vi. र्ोई भी िैंर् जर्ार्िाक भुगिान र्े बलए चेर् सुबविा प्राप्त र्र
सर्िा है।
vii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
अथिा
ऋिदाता उधार दे ते समय ऋिधार की मांग करते हैं :
i. यह एर् ऋणदािा र्ी गारां टी र्े रूप र्ें र्ार् र्रिा है जि िर्
बर् ऋण चुर्ाया नहीां जािा है।
Pg-44 3
ii. यबद उिारर्िाक ऋण चुर्ाने र्ें बवफल रहिा है , िो ऋणदािा
E
र्ो भुगिान प्राप्त र्रने र्े बलए सांपबत्त या सांपाबश्वकर् र्ो िेचने
र्ा अबिर्ार है।
iii. क्रेबडट सीर्ा र्े दिाव र्ें होने पर एर्-दू सरे र्े साथ अबिर्
व्यापार र्रने र्े बलए जोक्तखर् र्ें र्र्ी।
iv. पात्र सांपबत्तयोां र्ो स्थानाांिररि या बगरवी रखर्र बवबनयार्र्
पूांजीगि िचि प्राप्त र्रने र्ी सांभावना।
v. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां िीन बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
28. कृमि के क्षत्र में अलप रोिगार को कम करने के उपाय : Pg-28,29 3
E
i. नए िाांि, नहरोां जैसे अन्य बसांचाई पररयोजनाओां र्ो शुरू र्रने
से।
ii. एर् क्षेत्र र्ें िृिीयर् सुबविाओां र्ो शुरू र्रने से।
iii. अिक-ग्रार्ीण क्षेत्र र्ें उद्योगोां और सेवाओां र्ी पहचान र्रना,
उन्ें ि़िावा दे ना और उनर्ा पिा लगाना।
iv. सक्तियोां, र्ृबष उत्पादोां जैसे आलू, शर्रर्ांद, चावल, गेहां,
टर्ाटर, फलोां र्ो सांसाबिि र्रने वाले उद्योगोां र्ो स्थाबपि
र्रना भी सांभव है , बजन्ें िाहरी िाजारोां र्ें िेचा जा सर्िा है।
v. पयकटन र्ो ि़िावा दे र्र
7
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vi. क्षेत्रीय बशल्प उद्योग र्ो ि़िावा दे ना
vii. आईटी जैसी नई सेवाओां र्ो ि़िावा दे ना। इनर्ें से र्ुछ र्ो
सरर्ार से उबचि योजना और सर्थकन र्ी आवश्यर्िा होगी।
viii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्सी भी िीन बिांदु र्ो सर्झाया जाए।
िंर- ग
29. मितीय मिश्व युद्ध में ब्रेटन िुर्स संस्थानो की भूममका: Pg- 5
99,100
i. इसने पबिर्ी औद्योबगर् राष्टर र्े बलए व्यापार र्ी अभूिपूवक वृक्ति H
और आय र्े युग र्ा उद् घाटन बर्या
ii. बवश्व व्यापार र्ें वृक्ति हुई
iii. पबिर्ी दे शोां र्ें लोगोां र्ी आय ि़िी।
iv. बवर्ास र्ेबलए सिि प्रयास
v. िेरोजगारी र्ी दर र्र् हुई
vi. प्रौद्योबगर्ी और उद्यर् र्ा बवश्वव्यापी प्रसार था।
vii. बवर्ासशील दे श उन्नि औद्योबगर् दे शोां र्ो पर्ड़ने र्ी जल्दी
र्ें थे।
viii. िड़ी र्ात्रा र्ें पूांजी, औद्योबगर् सांयांत्र और आिुबनर् िर्नीर्
वाले उपर्रण बवर्बसि बर्ए गए थे।
ix. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ी पाांच बिांदुओां र्ी व्याख्या
अथिा
तररके मिनके िारा मब्रमटश मनमाचताओं ने भारतीय बािार पर कब्ज़ा मकया
:
i. बब्रबटश सरर्ार ने भारिीय सूिी वस्त्ोां पर आयाि शुल्क लगाने र्े बलए
सरर्ार पर दिाव डाला।
ii. ईस्ट इां बडया र्ांपनी र्ो भारिीयोां र्े िाजार र्ें बब्रबटश बनर्ाकिाओां र्ो
िेचने र्े बलए राजी बर्या।
iii. बवज्ञापनोां र्े र्ाध्यर् से; उत्पाद र्ें रुबच पैदा र्रना।
iv. लेिल र्े र्ाध्यर् से, जि र्ैनचेस्टर र्े उद्योगपबियोां ने भारि र्ें र्पड़ा
िेचना शुरू बर्या, िो उन्ोांने र्पड़े पर लेिल लगाए।
v. भारिीय दे विाओां और दे विाओां र्ी छबवयााँ Pg-100-
5
vi. यह ऐसा था जैसे बर् दे विाओां र्े साथ सांघ र्ो िेचे जाने वाले सार्ान र्ो 101
H
बदव्य स्वीर्ृबि दी गई थी।
vii. र्ैलेंडर: अपने उत्पादोां र्ो लोर्बप्रय िनाने र्े बलए र्ुबद्रि र्ैलेंडर
िनािी है।
viii। र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
8
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बर्न्ीां पााँच बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
30. Pg-84,85 5
भारतीय रे ल िाल के मितरि प्रमतरूप को प्रभामित करने िाले कारक: G
i. उत्तरी र्ैदान: सर्िल भूबर्, उच्च जनसांख्या घनत्व और सर्ृि र्ृबष र्े
र्ारण बवलोपन
ii. प्रायद्वीपीय क्षेत्र और बहर्ालयी क्षेत्र; यह एर् पहाड़ी इलार्ा है। रे लवे
टर ै र् र्र् पहाबड़योां, खाई या सुरांगोां र्े र्ाध्यर् से बिछाया जािा है।
iii. राजस्थान र्े रे बगस्तान: पबिर्ी राजस्थान र्े रे िीले र्ैदान र्े र्ारण
रे लवे लाइन बिछाना िहुि र्ुक्तिल है
iv. गुजराि र्े दलदलोां, र्ध्य प्रदे श, छत्तीसग़ि, उड़ीसा और झारखांड र्े
वनाच्छाबदि इलार्ोां र्ें बवर्ास नहीां
v. सह्याबद्र र्े सबन्नबहि क्तखांचाव र्ो र्ेवल अांिराल या दरे से पार बर्या जा
सर्िा है।
vi. हालाांबर् पबिर् िट र्े साथ र्ोांर्ण रे लवे र्ो बवर्बसि बर्या गया है ,
लेबर्न इसर्ें र्ुछ बहस्ोां और भूस्खलन र्ें र्ई प्रर्ार र्ी सर्स्याओां
र्ा भी सार्ना र्रना पड़ा है।
vii. रे लवे, भारि र्ें र्ाल ढु लाई और याबत्रयोां र्े बलए पररवहन र्े सािन र्ा
बसिाांि होने र्े नािे व्यापार, पयकटन स्थलोां र्ा भ्रर्ण, िीथकयात्रा आबद
जैसी बवबवि गबिबवबियोां र्ा सांचालन र्रना सांभव िनािा है।
viii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्सी भी पााँच बिांदु र्ो सर्झाया जाए।
अथिा
सड़क पररिहन की बढता महत्व:
i. सड़र्ोां र्ी बनर्ाकण लागि रे लवे लाइनोां र्ी िुलना र्ें िहुि र्र् है। Pg-82 5
ii. सड़र्ें िुलनात्मर् रूप से अबिर् बवच्छे बदि और उदीयर्ान G
स्थलार्ृबि र्ो पार र्र सर्िी हैं।
iii. सड़र्ें ढलान र्े उच्च ग्रेडर र्े रूप र्ें िािचीि र्र सर्िी हैं और इस
िरह से बहर्ालय जैसे पहाड़ोां र्ो पार र्र सर्िी हैं।
iv. सड़र् पररवहन र्ुछ व्यक्तियोां र्े पररवहन र्ें बर्फायिी है और र्र्
दू री पर अपेक्षार्ृि र्र् र्ाल है।
v. यह घर घर सेवा भी प्रदान र्रिी है , इस प्रर्ार उिारने और और
च़िाने र्ी लागि िहुि र्र् है।
vi. सड़र् पररवहन र्ो पररवहन र्े अन्य सािनोां र्े बलए फीडर र्े रूप र्ें
भी उपयोग बर्या जािा है जैसे बर् वे रे लवे स्टे शन, हवाई और सर्ुद्री
9
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िांदरगाहोां र्े िीच एर् बलांर् प्रदान र्रिे हैं।
vii। र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां पााँच बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
31. रािनीमतक दल: Pg- 1+4=5
एर् राजनीबिर् दल उन लोगोां र्ा एर् सर्ूह है जो चुनाव लड़ने और सरर्ार र्ें 72,73,74
सत्ता सांभालने र्े बलए एर्जुट होिे हैं। (1) DP
भारत में रािनीमतक दलों की आिश्यकता:
i. राजनीबिर् दलोां र्ा उदय प्रत्यक्ष रूप से प्रबिबनबि लोर्िांत्रोां र्े उद्भव
से जुड़ा हुआ है
ii. जैसे-जैसे सर्ाज िड़े और जबटल होिे गए, उन्ें बवबभन्न र्ुद्दोां पर बवबभन्न
बवचारोां र्ो एर्त्र र्रने र्े बलए र्ुछ एजेंसी र्ी भी आवश्यर्िा थी
iii. इन्ें सरर्ार र्े सर्क्ष प्रस्तुि र्रना।
iv. iउन्ें र्ुछ िरीर्ोां र्ी जरूरि थी, िाबर् बवबभन्न प्रबिबनबियोां र्ो एर्
साथ लाया जा सर्े िाबर् एर् बजम्मेदार सरर्ार िनाई जा सर्े।
v. उन्ें सरर्ार र्ा सर्थकन र्रने या उस पर लगार् र्सने, नीबियाां िनाने,
उन्ें जायज ठहराने या बवरोि र्रने र्े बलए एर् िांत्र र्ी जरूरि थी।
vi. राजनीबिर् दल इन जरूरिोां र्ो पूरा र्रिे हैं जो प्रत्येर् प्रबिबनबि
सरर्ार र्े पास है।
vii. हर् र्ह सर्िे हैं बर् लोर्िांत्र र्े बलए पाबटक याां एर् आवश्यर् शिक है।
viii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां चार बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए। (4)
32. Pg-97,98 5
लोकतंत्र लोगों की गररमा और स्वतंत्रता को बढािा दे ता है : DP
i. लोर्िांत्र लोगोां र्ी गररर्ा और स्विांत्रिा र्ो ि़िावा दे ने र्ें सरर्ार र्े
बर्सी अन्य रूप से िहुि िेहिर है।
ii. यह नागररर्ोां र्े िीच सर्ानिा र्ो ि़िावा दे िा है और इसबलए
नागररर्ोां र्े िीच एर् दू सरे र्े बलए सम्मान ि़िािा है।
iii. सम्मान और स्विांत्रिा र्ो लोर्िांत्र र्े आिार र्े रूप र्ें र्ान्यिा दी गई
है।
iv. र्बहलाओां र्ो स्विांत्रिा और सर्ानिा
v. सर्ान क्तस्थबि और सर्ान अवसर र्े बलए वांबचि और भेदभाव वाली
जाबियोां र्े दावोां र्ो र्जिूि बर्या।
vi. अल्पसांख्यर् सर्न्वय
vii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां पााँच बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
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अथवा
लोकतंत्र अपने स्वयं के पररिामों का उत्पादन करने के मलए सबसे Pg-90,98
DP
उपयुक्त है : 5
i. नागररर्ोां र्ें सर्ानिा और सह-अक्तस्तत्व र्ो ि़िावा दे िा है।
ii. व्यक्ति र्ी गररर्ा और स्विांत्रिा र्ो ि़िािा है।
iii. र्ई आबथकर्, राजनीबिर् और सार्ाबजर् सर्स्याओां र्े िावजूद बनणकय
लेने र्ी गुणवत्ता र्ें सुिार र्रिा है।
iv. सांघषों र्ो हल र्रने र्े बलए एर् बवबि प्रदान र्रिा है। गलबियोां र्ो
सुिारने र्े बलए र्र्रे र्ी अनुर्बि दें ।
v. चचाक , िािचीि र्ें बवश्वास र्रिा है और पारदबशकिा र्े र्ाध्यर् से
जवािदे ही बदखािा है ।
vi. िेहिर िरीर्े से सार्ाबजर् बवबवििाओां र्ो सर्ाबहि र्रिा है।
vii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु।
बर्न्ीां पााँच बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
33. पैसा उन सभी िस्तुओ ं और सेिाओं को नही ं िरीद सकता है िो ेे ह्तर Pg-11,12 5
िीने के मलए आिश्यक है E
i. आय र्े अलावा, लोग सर्ान उपचार और स्विांत्रिा जैसी चीजोां र्ी भी
िलाश र्रिे हैं
ii. दू सरोां र्ी सुरक्षा और सम्मान।
iii. वे भेदभाव र्ा बवरोि र्रिे हैं।
iv. र्ोई उनर्ी दोस्ती र्ी इच्छा र्र सर्िा है।
v. िुबनयादी स्वास्थ्य र्ा पयाकप्त प्राविान
vi. अच्छी शैबक्षर् सुबविाएां ।
vii. र्ोई अन्य प्रासंमगक मबंदु।
बर्न्ीां पााँच बिांदुओां र्ी व्याख्या र्ी जाए।
34. स्रोत आधाररत प्रश्न: Pg- 1+2+2=
55,59,70 5
स्रोत - िैश्वीकरि और भारतीय अथचव्यिस्था E
34.1 वैश्वीर्रण र्ा प्रभाव उपभोिाओां पर र्ैसे बदखाई दे रहा है ?
i. उन उपभोिाओां र्े सर्क्ष अबिर् बवर्ल्प हैं जो अि र्ई उत्पादोां
र्े बलए िेहिर गुणवत्ता और र्र् र्ीर्िोां र्ा आनांद लेिे हैं जो
बडबजटल र्ैर्रा, र्ोिाइल फोन, टे लीबवजन, ऑटोर्ोिाइल आबद र्े
नवीनिर् र्ॉडल र्े र्ाध्यर् से बदखाई दे िे हैं।
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ii. र्ोई अन्य प्रासांबगर् बिांदु (1)
स्रोत -B मिदे श व्यापार और बािारों का एकीकरि
34.2 बवदे शी व्यापर िाजारोां र्ो र्ैसे एर्ीर्ृि र्रिा है ?
i. व्यापार से र्ाल एर् िाजार से दू सरे िाजार र्ें जािा है। यह उत्पादन
र्े बलए घरे लू िाजारोां से आगे पहुांचने र्ा अवसर पैदा र्रिा है।
ii. िाजारोां र्ें र्ाल र्ी पसांद ि़ि जािी है।
iii. बर्सी भी अन्य प्रासांबगर् बिांदु (2)
34.3 स्रोत -C िैश्वीकरि के मलए संघिच
न्यायसांगि वैश्वीर्रण र्े सांघषक र्ें लोग र्ैसे र्हत्वपूणक भूबर्र्ा बनभािे हैं ?
i. लोगोां र्े सांगठन द्वारा व्यापर् अबभयान और प्रबिबनबित्व ने बवश्व
व्यापार सांगठन र्ें व्यापार और बनवेश से सांिांबिि र्हत्वपूणक बनणकय
र्ो प्रभाबवि बर्या है।
ii. लोग सार्ाबजर् न्याय र्ी र्ााँ ग र्र सर्िे हैं।
iii. बर्सी भी अन्य प्रासांबगर् बिांदु (2)
35. 35A और 35 B- कृपया सलंग्न मानमर्त्र दे िे 2+4=6
केिल दृमष्ट्हीनों परीक्षामथचयो के मलए प्रश्न संख्या ३५ के स्थान पर है
1X6=6
35.1 बिहार
35.2 उत्तर प्रदे श
35.3 र्द्रास (चेन्नई)
35.4 पबिर् िांगाल
35.5 र्हाराष्टर
35.6 गुजराि
35.7 ओबडशा
35.8 राजा साांसी अांिराकष्टरीय हवाई अड्डा, अर्ृिसर
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