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HBSE
MODEL PAPER
2024
Practice Papers
MODEL PAPERS
Marking Scheme
ANSWER KEY
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BOARD OF SCHOOL EDUCATIONHARYANA
MARKING SCHEME
OFFICE SECRETARYSHIP AND STENOGRAPHY HINDI
SUBJECT CODE: OSH (NUMBER CODE: 917)
CLASS: 10+1 (THEORY)
क उत्तर एवं अंक ववभाजन कुल
स. अंक
1 (D)उपर्ुुक्त सभी 1
2 (B चुनाव एवं प्रविक्षण 1
3 डाक पुस्तक 1
4 इलैक्ट्रोवनक मेल सववुस 1
5 रवजस्टर 1
6 (A) आिुवलवप 1
7 (B) र 1
8 सरल रे खा 1
9 विस्वर 1
10 स 1
11 (A) मस्तस्तष्क 1
12 (B) 3 1
13 वप्रन्ट करने 1
14 अर्ुमैविक एण्ड लोवजक र्ूवनि 1
15 स्टािु 1
16 कार्ाुलर् के सामान्य अर्ु की दो वविेषताएं वनम्नवलस्तखत हैं: 2
1.कार्ाुलर् में मुख्यतर्: कागजी कार्ु वकर्े जाते हैं। 1
2. कार्ाुलर् का एक वनवित स्र्ान होता है। 1
17 फाइवलंग : कार्ाुलर् में वववभन्न प्रकार के कागजों, ररकाडों, पत्ों आवद का प्रर्ोग वकर्ा जाता है । 2
1
इन्हें सही ढं ग से रखने की वववि को फाइवलंग कहा जाता है ।: 1
18 पंवचंग मिीन: इस मिीन का प्रर्ोग पत्ों में छे द करने के वलए वकर्ा जाता है । 1 2
पंवचंग मिीन एक र्ा दो छे द करने के वलए अलग अलग होती है । एक छे द वाली मिीन से एक से तर्ा
दो छे द वाली मिीन से दो छे द होते हैं। 1
19 वहंदी आिुवलवप में 12 स्वर होते हैं । 1 2
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इन्हें व ंदु और डै ि से प्रकि वकर्ा जाता है । 1
20 वत्स्वर: र्वद िीस्वर के पिात कोई स्वर ध्ववन आ जाए तो उसको प्रकि करने के वलए वि स्वर वचह्न पर 2
विक रे खा की ववपरीत वदिा में लगा दे ते हैं । इस प्रकार का वचह्न वत्स्वर कहलाता है ।
2
21 नोिपैड: र्ह एक पाठ्य संपादक है । 1 2
वजसका प्रर्ोग फाइलों को खोलने, नाने तर्ा पररववतुत करने के वलए वकर्ा जाता है । 1
22 की दो वविेषताएं वनम्नवलस्तखत हैं: 2
1.माउस एक संकेतक उपकरण है । 1
2.वजसका प्रर्ोग संकेतक स्तस्र्वत को स्क्रीन पर वनिाुररत करने के वलए वकर्ा जाता है । 1
23 गणक: इस र्ंत् का प्रर्ोग डे - डे व्यवसावर्क कार्ाुलर्ों, ीमा कंपवनर्ों, ैंकों तर्ा डाकखाना आवद में 2
जोड, घिाव, भाग आवद करने में होता है । 1 वहसा वकता लगाने का कार्ु डी
सरलता से इस र्ंत् िारा संपन्न वकर्ा जा सकता है 1
24 संप्रेषण कार्ु: संप्रेषण कार्ु वकसी संस्र्ा के संचालन में महत्वपूणु भूवमका वनभाते हैं क्ोंवक संप्रेषण के 3
माध्यम से ही सूचना, संदेिों तर्ा ववचारों का आदान-प्रदान होता है । 1
संप्रेषण आं तररक तर्ा ाह्य दोनों रूपों में हो सकता है तर्ा दोनों ही प्रकार के संप्रेषण में कार्ाु लर् िारा
महत्वपूणु भूवमका वनभाई जाती है । 1
कार्ाुलर् पत्ाचार, संचार माध्यमों, जनसंपकु आवद की उवचत व्यवस्र्ा करने का कार्ु करता है । वजसके
पररणाम स्वरूप संप्रेषण में उवचत सहार्ता वमलती है । 1
25 फाइवलंग के तीन उद्दे श्य वनम्नवलस्तखत है : 3
1.सुरक्षा: ाहर से आने वाले मूल पत् एवं उनके उत्तर में भेजे जाने वाले पत्ों की प्रवतवलवप भावी संदभु के
वलए सुरवक्षत रखना फाइवलंग का प्रमुख उद्दे श्य है । पत्ों को कीडों, चूहों आवद से चाना भी इसी में
सस्तिवलत है । 1
2.साक्ष्य: न्यार्ालर् में कई ार ररकॉडु की आवश्यकता पडती है । ऐसे अवसर पर ररकाडों को गवाही के
रूप में प्रस्तुत वकर्ा जाता है । कुछ प्रमाणों एवं कागजों को एक वनवित अववि तक वैिावनक रूप में
रखना आवश्यक होता है । 1
भावी संदभु: कई ार ऐसी स्तस्र्वत उत्पन्न हो जाती है ज पुराने पत्ों एवं ररकाडों की आवश्यकता पडती
है। जैसे कोई ग्राहक र्ह वलखे जो आदे ि पहले वदर्ा र्ा उतना ही माल उन्हें भेज दे । ऐसी स्तस्र्वत में
फाइवलंग भावी संदभु का कार्ु करती है । 1
26 डाक दो प्रकार की होती है । 1 3
आने वाली र्ा आवक: जो पत् कार्ाु लर् में ाहर की संस्र्ाओं से प्राप्त होते हैं , उसे आवक र्ा आने वाली
डाक कहा जाता है । 1
जाने वाली र्ा जावक डाक: जो पत् संस्र्ा से ाहर भेजे जाते हैं , उसे जाने वाली डाक र्ा
वनगुम डाक कहा जाता है । 1
27 1. सरल रे खाएं : जो व्यंजन रे खाएं ीच में से सीिी होती हैं , उन्हें सरल रे खाएं कहा जाता है । जैसे- 3
क, र, प, आवद 1
2. वक्र रे खाएं : जो रे खाएं ीच में से िे ढी होती हैं , उन्हें वक्र दे खा कहा जाता है । जैसे-ि,न, म आवद।
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3. समतल रे खाएं - जो रे खाएं आिार रे खा के समानांतर र्ा ाएं से दाएं वलखी जाती हैं , उन्हें
समतल रे खाएं कहते हैं। जैसे –क,म,,न आवद। 1
28 िब्द वचह्न: जो िब्द भाषा में ार- ार प्रर्ोग वकए जाते हैं उनके वलए आं िुवलवप में छोिे -छोिे वचह्न ना 3
वदए गए हैं वजन्हें िब्द वचह्न कहते हैं । जो एक िब्द को प्रकि करता है । िब्द वचह्न कहलाता है ।
1.5 िब्द वचह्न अपने वनर्त स्र्ान पर ही वलखे जाते हैं । िब्द वचह्नों का रूप वकसी दू सरे िब्द वचह्न के
सार् वमलने पर भी वहीं रहता है । िब्द वचन्हों पर स्वर नहीं लगाए जा सकते। 1.5
29 इनपुि उपकरण: इनपुि उपकरण ऐसे उपकरण वजनका प्रर्ोग आं कडों को वनवेि करने तर्ा संगणक 3
र्ंत् में सूचना दे ने के वलए वकर्ा जाता है , वनवेि उपकरण कहलाते हैं । र्ह उपकरण मनुष्य की भाषा को
मिीनी भाषा में पररववतुत कर दे ते हैं । 1.5 इनपुि उपकरण: कुंजीपिल -इसकी
सहार्ता से आं कडों को आसानी से कंप्यूिर में प्रवेि करवार्ा जा सकता है । मॉवनिर सूचना को प्रदविुत
करता है। र्ह वी .डी .र्ू. का सरल उदाहरण है ।
1.5
30 मॉवनिर: संगणक प्रणाली के वनगुम उपकरणों में दृश्य प्रदिुन प्रभाग को एक मुख्य भाग माना जाता है । 3
इसे मॉवनिर कहा जाता है । र्ह एक ऐसा उपकरण है जो िी.वी. के समान वदखाई दे ता है तर्ा वनगुम के
प्रदिुन के वलए प्रर्ोग वकर्ा जाता है । र्ह पाठ्य, छवव, वचत् आवद को प्रदविुत करने के वलए कैर्ोड ट्यू
का प्रर्ोग करता है । 1.5 ज एक कुंजी को द ार्ा जाता है तो वनर्ंत्ण प्रभाग
सूचना प्राप्त करता है तर्ा इन अक्षरों को अभीलेस्तखत करने के वलए मॉवनिर को सूचना भेजता है,
तत्पिात मॉवनिर सूचना को प्रदविुत करता है । र्ह वी.डीर्ू. का सरल उदाहरण है ।
1.5
31 कैलकुलेविं ग मिीन के वनम्नवलस्तखत लाभ हैं : 3
1.इससे मनुष्य मस्तस्तष्क व्यार्ाम से मुस्तक्त पा लेता है ।
2.जोड गुणा घिा आवद में गलती होने की संभावना कम होती है । 1.5
3.इस र्ंत् की सहार्ता से डे से डा वहसा िीघ्रता से वकर्ा जा सकता है ।
4.र्ोडे से प्रविक्षण से ही इस मिीन को चलाना संभव हो जाता है । 1.5
32 आने वाली डाक की व्यवस्था: 5
1.पत् प्राप्त करना- ाहर से प्राप्त होने वाली डाक तीन माध्यम से प्राप्त होती है । प्रर्म डाक खाने से
डावकए के िारा संस्र्ा में प्राप्त होती है । वितीर् कुछ संस्र्ाएं अपने नाम से डाकखाने में पोस्ट ॉक्स को
वकराए पर रख लेती है । तृतीर् कुछ स्र्ानीर् संस्र्ा में पत्वाह के माध्यम से भी पत् प्राप्त होते हैं।
1
2.डाक की छं िनी – डाक प्राप्त करने के उपरांत उनकी छिाई इस प्रकार की जाती है वक सामान्य पत्ों,
ववभागीर् पत्, वनजी पत्ों को अलग वकर्ा जा सके। र्वद वकसी पत् के वलफाफे पर गोपनीर् अंवकत हो तो
उसे सं ंवित अविकारी के पास ंद रूप में ही पहंचार्ा जाता है । 1
3.वलफाफे खोलना – वलफाफे को खोलते समर् डी साविानी रखी जाती है । वलफाफे इस प्रकार खोले
जाए वक उनके अंदर का पत् फि न जाएं क्ोंवक कई ार इस वलफाफे के अंदर कुछ वविेष सामग्री
जैसे- चैक र्ा डर ाफ्ट आवद होते हैं । 1
4.पत्ो को डाक रवजस्टर में अंवकत करना – वलफाफों से पत् वनकाल कर उन्हें पत् प्रास्तप्त रवजस्टर में
अंवकत वकर्ा जाता है । इस रवजस्टर में पत् भेजने वाले का नाम व पता, पत् की संदभु संख्या, वदनॉंक, पत्
का ववषर्, आवद दजु वकर्ा जाता है । 1
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5.डाक ांिना –पत् प्रास्तप्त रवजस्टर में डाक अंवकत करने के उपरांत सं ंवित ववभाग को भेज दी जाती
है। जरूरी डाक के पत् के सार् वलफाफों को भी संलग्न वकर्ा जाता है । 1
फाइवलंग के वनम्नवलस्तखत लाभ है : 5
1.समर् की चत: फाइलों की व्यवस्र्ा अच्छे ढं ग से करने पर आवश्यक फाइल आसानी से प्राप्त हो
जाती है। वजससे समर् की भी चत होती है तर्ा व्यवसार् के वकसी कार्ु में वकसी प्रकार की रुकावि
नहीं आती। 1
2.वनणुर् लेने में आसानी: सामान्यत: भववष्य की सभी महत्वपूणु सूचनाएं फाइलों में होती है । वजनके
आिार पर भववष्य के सं ंि में वनणुर् वलए जाते हैं । अतः फाइलों के उवचत प्र ंि के कारण वनणुर्
आसानी से व कम समर् में वलए जा सकते हैं । 1
3.वववादों में कमी: फाइलों में महत्वपूणु दस्तावेज, जानकारी, पत्, विप्पवणर्ां आवद होती है जो की
प्रमावणत होती है । इनके िारा वनणुर् आसानी से वलए जा सकते हैं । 1
4.पत्ों को वनकालने में सुवविा: र्वद फाइवलंग प्रणाली कुिलतापूवुक व्यवस्तस्र्त की गई तर्ा पत्ों को
उनमें वैज्ञावनक ढं ग से रखा गर्ा है तो पत्ों एवं उनके उत्तर में भेजी गई प्रवत वलवपर्ों को सुगमता एवं
सरलता से वनकाला जा सकता है। 1
5. संदभु पत्ों की प्रास्तप्त में सहार्क: व्यवसार् में अनेक व्यवहार ऐसे होते हैं वजनमें संदभु पत्ों की
आवश्यकता होती है । इन संदभु पत्ों को फाइवलंग के िारा आसानी से ढू ं ढा जा सकता है । 1
33 आिुलेखक में वनम्नवलस्तखत गुण होने चावहए: 5
1.आिुवलवपक में अपने कार्ाुलर् र्ा व्यवसार् से सं ंवित पत् व्यवहार को िुद्ध तर्ा संवक्षप्त रूप में
वलखने की क्षमता होनी चावहए। 1
2.र्वद पत् र्ा मसौदा आपको स्वर्ं नाना हो तो हत लं ा र्ा हत छोिा नहीं होना चावहए।
आिुवलवपक में वक्ता की गवत से वलखने और उसे सही व सुंदर ढं ग से िाइप करने की र्ोग्यता होनी
चावहए। 1
3.आिुवलवपक में प्रवतर्ोवगता की भावना होनी चावहए क्ोंवक इससे साहस और उत्साह के सार् सार्
उसकी दक्षता भी ढती है । 1
4.अच्छी भाषा ज्ञान और सामान्य ज्ञान से आं िुलेखक अच्छा लेखक तर्ा प्रवतलेखक न सकता है । वक्ता
का आश्य समझने पर ही सही प्रवतलेखन संभव है । 1
5.सही प्रवतलेखन के वलए भाषा ववज्ञान- िब्द, अर्ु, वलवप, वतुनी, वाक्, पररच्छे द आवद का
पूणु ज्ञान आवश्यक है। 1
बडा वृत के प्रयोग: 5
1.आरं वभक डा वृत: एक डा वृत जो आरं भ में स वृत की तरह सरल रे खाओं के सार् ार्ें रूप से और
वक्र रे खाओं के अंदर की ओर लगार्ा जाता है । स्व ध्ववन प्रकि करता है । जैसे-
स्वगु स्वामी
2.5
2.माध्यवमक र्ा अंवतम डा वृत: र्ह डा वृत्त मध्य र्ा अंत में स,ि,ष र्ा ज में से वकन्हीं दो को प्रकि
करता है। तृतीर् स्र्ान के स्वर वचह्न डे वृत के अंदर प्रकि वकए जाते हैं । जैसे – राक्षस
कोविि
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2.5
34 कंप्यूिर के कार्ाुलर् में वनम्नवलस्तखत उपर्ोग हैं : 5
1.वेतन प्रणाली- र्ह प्रणाली पूणुतर्ा कंप्यूिरीकृत है । आजकल वेतन की गणना कंप्यूिर िारा की जाती
है। इसके िारा उद्योगों में कमुचाररर्ों का डािा ेस नार्ा जाता है तर्ा इसकी सहार्ता से वेतन की
गणना की जाती है । 1
2.कार्ु संचालन- र्ह प्रणाली वदन प्रवतवदन प्रवसद्ध हो रही है । आजकल कार्ाुलर् में कंप्यूिर के प्रर्ोग से
पेपर कार्ु कम हो गर्ा है । ऐसा िब्द संसािन, फैक्स मिीन, मॉडम तर्ा मुद्रक आवद के कारण हआ है ।
1
3.ररकॉडु रखरखाव: वह प्रणाली वजसमें कंप्यूिर का प्रर्ोग सभी कमुचाररर्ों का ऑवफस ररकॉडु तर्ा
प्रश्नल ररकॉडु रखने के वलए वकर्ा जाता है । उसे ररकॉडु प्रणाली कहा जाता है । वजनका प्रर्ोग वनणुर् लेने
में वकर्ा जाता है । 1
4.भण्डार वनर्ंत्ण; आजकल कंप्यूिर का प्रर्ोग भंडार वनर्ंत्ण प्र ंि में भी वकर्ा जाता है । इसके अंतगुत
स्टॉक वनर्ंत्ण तर्ा व क्री से सं ंवित वक्रर्ाओं को सस्तिवलत वकर्ा जाता है । 1
5.अन्य कार्ु: गवणतीर् तर्ा सांस्तख्यकीर् की समस्याओं के समािान के वलए, संख्यात्मक अनुमान लगाने
व वनणुर् लेने के वलए, नेिवकु संचार में। 1
ववंडोज की वनम्नवलस्तखत वविेषताएं हैं : 5
1.र्ह प्रोग्राम में वसंगल स्तिक से प्रवेि प्रदान करता है ।
2.र्ह जी र्ू आई पर आिाररत है । 1
3.इसमें सभी फाइलों तर्ा वनदे िकों को आइकनो के िारा प्रस्तुत वकर्ा जाता है ।
4.इसके िारा इं िरनेि चलाना आसान है । 1
5.इससे संगणक प्रणाली को आसानी से ैकअप प्रदान वकर्ा जा सकता है ।
6.सरल व आसान कार्ों के वलए ववजाडु उपलब्ध है । 1
7.डे स्किॉप उपर्ोगकताु वमत्वत सॉफ्टवेर्र है ।
8.संवचत फाइल को प्र ंवित करना आसान होता है । 1
9.उपर्ोगकताु एक समर् में हत से कार्ु कर सकता है । 1