HBSE Class 12 Sample Paper 2024 Hindi Core – Text
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HBSE
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2024
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड
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भैंने हॉसना सीखा है
भैं नह ॊ जानती योना।
फयसा कयता ऩर-ऩर ऩय
भेये जीवन भें सोना।
भैं अफ तक जान न ऩाई
कैसी होती है ऩीडा?
हॊ स-हॊ स जीवन भें कैसे
कयती है च त
ॊ ा क्रीडा?
जग है असाय सन
ु ती हॉ
भझ
ु को सख
ु - साय ददखाता।
भेय आॉखों के आगे
सख
ु का सागय रहयाता।
कहते हैं होती जाती
खार जीवन की प्मार ।
ऩय भैं उसभें ऩाती हॉ
प्रततऩर भददया भतवार ।
उत्साह,उभॊग तनयॊ तय
यहते भेये जीवन भें ।
उल्रास ववजम का सता
भेये भतवारे भन भें ।
आशा आरोककत कयती
भेये जीवन के प्रततऺण।
हैं स्वणण-सत्र से वरतमत
भेय असपरता के घन।
सुख बये सुनहरे फादर
यहते हैं भुझको फादर घेये।
ववश्वास, प्रेभ, साहस हैं
जीवन के साथी भेये।।
(i) फयसा कयता ऩर-ऩर ऩय भेये जीवन भें सोना"| कवतमत्री का सोना से अभबप्राम है -
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(क) स्वणण
(ख) कॊ न
(ग) आनन्द
(घ) आयाभ
(ii) असपरता के फादरों को कवतमत्री ने ककससे घेयकय यखा है ?
(क) असपरता के फादरों को सोने की छडी से घेयकय यखा है ।
(ख) कवतमत्री सपरता भें बी असपरता की आशा से बय यहती है ।
(ग) कवतमत्री ने असपरता के फादरों को सोने के सत्र से घेयकय यखा है ।
(घ) फादर के फयसने ऩय तनकरने वार फॊदों से क्मोंकक इनसे नव सज
ृ न होता है ।
(iii) कवतमत्री द्वाया ववश्वास, प्रेभ औय साहस को अऩना जीवन साथी फनाकय यखना मह
तनष्कषण तनकारता है कक
(क) अनुकर ऩरयस्स्थततमाॊ सदै व वश भें नह ॊ यह सकती।
(ख) ववऩय त ऩरयस्स्थततमों भें बी आशा का दाभन नह ॊ छोडना ादहए।
(ग) जीवन भें दहतकाय साथी सदै व साथ होने ादहए।
(घ) प्रेभ, ववश्वास व साहस की डोय सदै व रॊफी होती है ।
(iv) कवतमत्री असपरताओॊ को ककस रूऩ भें स्वीकाय कयती हैं ?
(क) प्रस के साथ ग्रहण कयती हैं।
(ख) वेदनाभमी अवस्था भें ग्रहण कयती हैं।
(ग) ततयस्कृत कय दे ती हैं।
(घ) हताश होकय स्वीकाय कयती हैं।
(v) आधतु नक जीवन भें बी भनष्ु म के साभने अनेक सभस्माएॊ आती हैं। इस के
भाध्मभ से सभस्माओॊ का सभाधान कैसे ककमा जा सकता है?
(क) भनष्ु म हताश होकय सहामताथण सभस्माओॊ का हर कयने का प्रमास अथक बाव से कये ।
(ख) भनुष्म हताश न हो औय सभस्माओॊ का हर कयने का प्रमास अथक बाव से कये ।
(ग) तनयॊ तय प्रमासयत यहकय ऩयस्ऩयावरॊफ से जीवन ऩथ ऩय गततभान यहे ।
(घ) सुख औय दख
ु जीवन भें आते जाते यहते हैं।
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(iv) ‘
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(ii) A B
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