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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 8TH
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Book : Durva Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
Class : 8th
Subject : दू र्वा
Chapter : 13
Chapter Name : अन्यवय के खिलवफ
Q1 (क) आं ध्र के घने जंगल ं में रहने र्वले आदद-र्वदिय ं के बीच अपनव हक जमवने के दलए अंग्रेज ं ने क्यव दकयव?
(ि) श्री रवम रवजू कौन थव? उिने अंग्रेज ं के िवमने आत्मिमपाण क्य ं दकयव?
(ग) अंग्रेज ं िे लड़ने के दलए क यव आददर्विी क्यव-क्यव करते थे?
(घ) क यव आददर्वदिय ं के दर्द्र ह क स्वतंत्रतव िंग्रवम क्य ं कहनव चवदहए?
Answer. (क) अंग्रेज ं ने आं ध्र के घने जंगल ं में रहने र्वले आदद-र्वदिय ं के बीच अपनव हक जमवने के दलए उनके
रवशन-पवनी ले जवने र्वले रवस्ते बंद कर ददए दजििे एक जगह िे दू िरी जगह िवमवन कव आदवन-प्रदवन भी मुखिल
ह गयव ।
(ि) श्रीरवम रवजू एक िवधु थे | िवधु बनने के बवद र्ह जंगल में आकर रहने लगे और र्हवाँ के आदद-र्वदिय ं के िवथ
घुल-दमल गए। अंग्रेज ं द्ववरव आदद-र्वदिय ं क परे शवन दकयव जवतव थव | यह दे िकर उन् न
ं े अंग्रेज ं के खिलवफ़
दर्द्र ह शुरू कर ददयव लेदकन र्े हवर गए त उन् न
ं े ि चव यदद मैं आत्म िमपाण कर दू ाँ त अाँग्रेज आदद-र्वदिय ं क
परे शवन करनव बंद कर दें गे। इिदलए उन् न
ं े आत्म-िमपाण कर ददयव |
(ग) अंग्रेज ं िे लड़ने के दलए क यव आददर्विी िाँकरी पगडं दडय ं के आिपवि जंगल ं में दिपे रहते थे। उन
पगडं दडय ं िे जब अंग्रेजी िेनव की टु कड़ी गुजरती थी त उनमें िे भवरतीय िेनव क ि ड़ दे ते और अंग्रेजी िेनव क
मवर दे ते थे।
(घ) क यव आदद-र्वदिय ं के दर्द्र ह क स्वतंत्रतव िंग्रवम इिदलए कहनव चवदहए क्य दं क र्ह अपने हक के दलए लड़
रहे थे और अपने हक के दलए क ई भी लड़वई स्वतंत्रतव िे कम नहीं ह ती । र्े स्वतंत्र ह कर अपनी दजंदगी जीनव
चवहते थे ।
Page : 90 , Block Name : पवठ िे
Q2 "भवरत के ल ग ं क अाँग्रेज िरकवर कव िहय ग नहीं करनव चवदहए और उनकव कवम बंद कर दे नव चवदहए। अगर
क ई अाँग्रेज अन्यवय करे गव त हम अन्यवय िहने िे इं कवर करें गे।"
ऊपर श्रीरवम रवजू द्ववरव आददर्वदिय ं िे गवाँ धी जी की कही हुई बवत कव उल्लेि हुआ है । गवाँ धी जी ने स्वतंत्रतव िंग्रवम
के दलए बहुत िवरी बवतें कही थी। यह िब तुम्हें गवाँ धी जी पर दलिी गई दकतवब ,ं दफ़ल् ं और अन्य जगह ं पर दमल
िकतव है । तुम उनकी कही हुई बवत ं में ज बहुत महत्वपूणा िमझ उिक अपने िवदथय ं क बतवओ।
Answer.
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Book : Durva Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
⚫ अदहं िव के रवस्ते पर चलने की बवत गवं धीजी ने आजवदी की लड़वई में शवदमल हर शख्ि िे कही थी।
⚫ शवकवहवरी भ जन क गवं धीजी ने अपने जीर्न कव एक अदभन्न अंग बनव दलयव थव।
⚫ गवं धीजी ने कहव थव - अगर आप अपनी दजंदगी करनव चवहते है त अपने आप क बदले |
⚫ आपके कमा आपकी प्रवथदमकतव क दशवा ते है |
Page : 90 , Block Name : गवाँ धीजी की बवत
Q3 तुमने इि पवठ में भवरत की आजवदी के दलए िंघर्ा करने र्वले द व्यखिय ं के नवम ं क जवनव। एक गवाँ धी जी
और दू िरव श्रीरवम रवजू। पतव कर दक भवरत की आजवदी के दलए िंघर्ा करने र्वल ं में तुम्हवरे प्रदे श िे कौन-कौन
व्यखि थे। उनमें िे दकिी एक के बवरे में कक्षव में चचवा कर ।
Answer - जर्वहर लवल नेहरू, झवाँ िी की रवनी लक्ष्मीबवई, शहीद भगत दिंह, चंद्रशेिर आजवद आदद दे शभि ं ने
भवरत की आजवदी के दलए महत्वपूणा भूदमकव दनभवई।
Page : 90 , Block Name : दे शभि ं के नवम
Q4 (i)"द ददन में जंगल में िड़क बनवने कव कवम शुरू ह गव। तुम िब ल ग ं क इि कवम पर पहुाँ चनव है । अगर
नहीं पहुाँ चे त ठीक नहीं ह गव।"
(ii)"कवम करें गे त बदले में क्यव दमलेगव।"
ऊपर के कथन ं में पहलव कथन तहिीलदवर बेस्टीयन कव है ज आददर्वदिय ं के गवाँ र् ं मे जवकर दचल्लव-दचल्लवकर
ब लव थव और दू िरव कथन आददर्वदिय ं में िे दकिी कव है ज तहिीलदवर िे पूिनव चवहव थव। अब तुम ि चकर
बतवओ दक–
(क) तुम्हवरे दर्चवर िे बेखस्टयन कव कथन ठीक ह गव?
(ि) आददर्वदिय ं में िे दकिी के द्ववरव कहव गयव र्ह कथन कैिव है ? तुम्हवरे दर्चवर िे क्यव ठीक ह गव?
(िंकेत :-तुम अपनी पिंद के कथन क अपने ढं ग िे दलि िकते ह )
Answer. (क) बेखस्टयन कव कथन ठीक नहीं है क्य दं क र्ह आददर्वदिय ं क डरव-धमकवकर जबरदस्ती कवम
करर्वनव चवहतव थव|
(ि) आददर्वदिय ं कव कथन दबल्कुल िही थव। कवम के बदले उन्ें दकतनव मेहनतवनव दमलेगव ये जवननव उनकव हक़
थव|
Page : 90 , Block Name : क्यव ठीक ह गव
Q5 (i) िड़क बनवने में दकन-दकन िवमवन ं की जरूरत ह ती है ? पतव करके दलि ।
(ii) इन प्रदे श ं में कौन-कौन िे आददर्विी रहते हैं ? पतव करके दलि ?
(क) झवरिंड
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Book : Durva Ncert Solutions | Chapter - 13 Hindi
(ि) ित्तीिगढ़
(ग) उड़ीिव
(घ) दमज रम
(ङ) अंडमवन दनक बवर द्वीप िमूह
Answer. (i) िड़क बनवने में डवमर, िीमेन्ट, रे त, फवर्ड़व, कुदवल, र ड र लर आदद की आर्श्यकतव पड़ती है ।
(ii) (क) झवरिंड - िंथवल, मुंडव
(ि) ित्तीिगढ़ - मुररयव, हवल्बव, भतरव
(ग) उड़ीिव - जुंगव, कुदटयव क ध
ं
(घ) दमज रम - ररयवं ग, मीज
(ङ) अंडमवन दनक बवर द्वीप िमूह - ओंज दनक बवरी, जरवर्व
Page : 91 , Block Name : पतव कर ं
Q6 तुम्हवरे दर्चवर िे
(क) रवजू हवई स्कूल तक पढ़वई करने के बवद जंगल ं में रहने क्य ं आयव ह गव ?
(ि) रवजू के शहीद ह ने कव आदद-र्वदिय ं के आं द लन पर क्यव अिर हुआ ह गव ?
Answer. रवजू आदद-र्वदिय ं क अंग्रेज ं के प्रक प िे बचवनव चवहतव थव। उिे उनकी िहवयतव कव क ई दू िरव रवस्तव
नहीं िूझव इि कवरण र्ह हवई स्कूल की पढ़वई करने के बवद िवधू कव र्ेश धवरण करके आयव।
(ि) रवजू आदद-र्वदिय ं के दलए आशव की दकरण िवमवन थव। उिके शहीद ह जवने िे मवन र्ह दकरण भी कहीं
ि गयी और आदद-र्वदिय ं कव मन बल पूरी तरह िे टू ट गयव। अतः र्े पुनः अंग्रेज ं के गुलवम ह गए ।
Page : 91 , Block Name : तुम्हवरे दर्चवर िे
Q7 "ल ग ं की बंदूक ं के कवरतूि ित्म ह गए।"
ऊपर कव यह र्वक्य इिी पवठ कव है दजिमें आददर्वदिय ं के द्ववरव बंदूक ं र् कवरतूि ं के प्रय ग कव भी प्रमवण दमलतव
है । इि पवठ की ि जबीन कर त पवओगे दक आददर्विी "पुदलि चौदकय ं यव िेनव पर हमलव कर दे ते थे और उनके
अस्त्र-शस्त्र लूटकर भवग जवते थे।" अब तुम जरूर िमझ गए ह गे दक आददर्वदिय ं ने बंदूक ं र् कवरतूि ं कव प्रय ग
कैिे दकयव। 'कवरतूि 'ं ने िन् 1857 में स्वतंत्रतव की दचंगवरी क फैलवने में बहुत महत्वपूणा भूदमकव दनभवई थी। िमूह
बनवकर इिके बवरे में ि जबीन कर । कक्षव के प्रत्येक िमूह में िे एक प्रदतदनदध िबक अपनी ि जबीन के बवरे में
बतवएगव।
Answer. िवत्र स्वयं करें ।
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Page : 91 , Block Name: ि जबीन
Q8 नीचे दलिे गए र्वक्य ं में मुहवर्र ं कव प्रय ग दकयव गयव है । इन्ी मुहवर्र ं कव प्रय ग करते हुए तुम कुि नए र्वक्य
बनवओ।
(क) एक दिपवही ने उिकव कवम तमवम कर ददयव।
(ि) आदद-र्वदिय ं की दहम्मत जर्वब दे ने लगी ।
(ग) अंग्रेज ं ने अपने दवं त ं तले ऊाँगली दबव ली।
(घ) दकिी क कवन ं कवन िबर न ह ।
(ड़) अाँग्रेज िरकवर के िक्के िूट गए।
(च) अाँग्रेज के ह श उड़ गए।
(ि) भवरतीय िैदनक ं कव बवलबवं कव न ह ने पवए।
Answer. (क) ईमवनदवर दिपवही ने भ्र्ष्ट नेतव कव कवम तमवम कर ददयव।
(ि) उिकी बीमवरी है की ठीक ह ने कव नवम ही नहीं ले रही अब मेरी दहम्मत भी जर्वब दे ने लगी है ।
(ग) नट कव करतब दे िकर िभी ने अपने दवं त ं तले ऊाँगली दबव ली।
(घ) रमेश ददल्ली में 5 िवल िे रह रहव है और उिने मुझे कवन ं कवन िबर तक न लगने दी।
(ड़) फुटबवल मैच में िरस्वती िदन के खिलवदड़य ं ने यमुनव िदन के िक्के िु ड़व ददए।
(च) रवत में अचवनक अनजवन आदमी की आहट िुन मेरे ह श उड़ गए।
(ि) अाँग्रेज हमवरे भवरतीय िैदनक ं कव बवल भी बवं कव न कर पवए।
Page : 91 , Block Name: मुहवर्रे
Q9 ‘मन और मन’
(क) आददर्वदिय ं के िवथ मन-मजी नहीं की जव िकती।
उिके पवि कई मन गेहाँ थव।
ऊपर के पहले र्वक्य में 'मन' कव मतलब है –ददल, हृदय।
दू िरे र्वक्य में 'मन' नवप-तौल कव एक शब्द है । इि तरह मन के द अथा हैं । ऐिे शब्द ं क अनेकवथाक शब्द कहते
हैं । नीचे ददए गए शब्द ं क पढ़ और र्वक्य बनवओ।
ि नव – ि जवनव (नींद)
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स्वणा, एक धवतु
उत्तर – एक ददशव
जर्वब
हवर – परवजय, हवर जवनव
मवलव
Answer.
⚫ ि नव
ि जवनव (नींद) - ऑदफि िे आने के बवद मैं ि नव चवहतव थव |
स्वणा, एक धवतु - ि ने के आभूर्ण महाँ गे ह ते है |
⚫ उत्तर
एक ददशव - भवरत के उत्तर में चीन है |
जर्वब - मैंने परीक्षव में िभी प्रश् ं के उत्तर ददए |
⚫ हवर
परवजय, हवर जवनव - िेल में हवर-जीत त लगी रहती है |
मवलव - गुलवब के फूल ं कव हवर िुंदर है |
Q10 र्चन बदल
(i) दिपवही ने रवजू पर ग ली चलवई।
दिपवदहय ं ने ............................................
(ii) उगी हुई फिल क जलवयव जवने लगव।
.............................................................
(iii) आददर्विी की दहम्मत जर्वब दे गई।
.............................................................
(iv) आगे िे यह िर्वल मत पूिनव।
.............................................................
Answer.
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(i) दिपवदहय ं ने रवजू पर ग दलयवाँ चलवई।
(ii) उगी हुई फिल ं क जलवयव जवने लगव।
(iii) आददर्वदिय ं की दहम्मत जर्वब दे गई।
(iv) आगे िे इन िर्वल ं क मत पूिनव।
Page : 92 , Block Name : र्चन बदल
Q11 िमझकर रूप बदल
भवर्र्वचक िंज्ञव िे दर्शेर्ण बनवओ।
घमंड घमंडी
दहम्मत .....................
िवहि .....................
स्ववथा .....................
अत्यवचवर .....................
दर्द्र ह .....................
Answer.
घमंड घमंडी
दहम्मत दहम्मती
िवहि िवहिी
स्ववथा स्ववथी
अत्यवचवर अत्यवचवरी
दर्द्र ह दर्द्र ही
Page : 92 , Block Name : िमझकर रूप बदल
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