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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा6
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 9: प रवार और समुदाय
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
137 – 148 14 37 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 34 pages
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 6 · सामा जक व ान · समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 9: प रवार और समुदाय
कक्षा 6 सामा जक व ान के अध्याय 9 प रवार और समुदाय (पुस्तक — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे) के संपूण एन.सी.ई.आर.ट .
समाधान। अध्याय का प्रत्येक प्रश्न हल कया गया है — महत्वपूण प्रश्न, आइए पता लगाएँ के सात बॉक्स, पृष्ठ 142 का आइए वचार कर बॉक्स,
पृष्ठ 138, 144 और 146 के पाठ्य प्रश्न, आगे बढ़ने से पहले... तथा प्रश्न, याकलाप और प रयोजनाएँ के तीन प्रश्न — शा लनी के प रवार क
वंशावली के चत्र स हत। संयुक्त तथा एकल प रवार के चत्र, पृष्ठ 145 के ‘हलमा’ के छाया चत्र और पृष्ठ 146 का चत्र मु त पुस्तक से दे खकर उत्तर
लखे गए ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6) 137 – 148
खं ड प्रश्न
14 37
माध्यम
हन्द
महत्वपूण प्रश्न — पृष्ठ 137
अध्याय का आरंभ
महत्वपू ण प्रश्न
प्र.1 प रवार क इकाई क्य महत्वपूण ह?
क्य क यह वह पहला और सबसे छोटा समूह है जसम लोग एक-दूसरे क दे खभाल करते ह — और ब ा जो कुछ सबसे
पहले सीखता है, वह यह सीखता है। अध्याय के आरंभ म ही प रवार को “ कसी भी समाज क मूलभूत और सबसे प्राचीन
इकाई” कहा गया है।
अध्याय पाँच कारण दे ता है और हर कारण को कसी न कसी उदाहरण से सद्ध करता है।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
प रवार क्य महत्वपूण अध्याय क्या दखाता है
है
1. यही ं दे खभाल िमलती है संबंध पेम , दे खभाल , सहयोग और अंतिनभरता पर आधािरत होते है।
ं माता-िपता बच्चों को “खुशहाल व्यिक्त और
समाज के िजम्मेद ार सदस्य” बनाने के िलए उत्तरदायी होते है ं
2. हर सद स्य की भूिमका है, “पिरवार के पत्येक सदस्य की अन्य सदस्यों के पित एक भूिमका और दाियत्व होता है। ” बड़े होते बच्चे और
इसिलए काम बँटता है अिधक दाियत्व ले ते है;ं तेनिजंग की माँ का काम बढ़ ने पर उसके िपता ने घर की सफाई, सिब्जयों का बगीचा और
अन्य काम सँभाल िलए
3. यह मूल्यों का ‘िव ालय’ बच्चे अिहंस ा, दान, से वा और त्याग सीखते है ं — िकसी पाठ से नही ं, दे खकर
है
4. यह किठन समय में शािलनी के चाचा की नौकरी छू ट गई, तो उसके माता-िपता ओणम पर उनके पिरवार के िलए भी कपड़े लाए —
सहारा दे ता है “पिरवार में सभी एक-दू स रे की सहायता करते है ं और उनके पास जो कु छ भी है, उसे आपस में साझा करते है”ं
5. यह पीिढ़ यों की परंपरा “अनेक घरों में बच्चे, पिरवार ारा कई पीिढ़ यों से अपनाई गई परंपराओं तथा पथाओं को भी सीखते है”ं — और
आगे ले जाता है तेनिजंग की दादी की कहािनयों में “हँस ी-मजाक और समझदारी की बाते”ं होती है ं
प रवार को समाज क ‘इकाई’ क्य कहा जाता है: समाज सीधे अकेले व्य क्तय से नह बनता। वह उन छोटे
समूह से बनता है जो साझा करना, बारी लेना, क्षमा करना और दूसरे के लए कुछ छोड़ दे ना पहले से जानते ह।
प रवार प्र त दन जो करता है, वही उसके बच्चे आगे चलकर मोहल्ले, वद्यालय और कायस्थल पर करते ह। इसी लए
तरुवल्लुवर क पं क्त अध्याय के आरंभ म है — “प्रेम और धम पा रवा रक जीवन के पुष्प और फल ह।”
ध्यान रख: प रवार अनेक रूप म होते ह — बड़े संयुक्त प रवार, दं प त्त और बच्चे, अकेली माता या अकेले पता
और बच्चे, दादा-दाद या अन्य संबं धय के पास पल रहे बच्चे। पुस्तक स्वयं कहती है क एकल प रवार “कई बार यह
अकेली माता या पता और उनके बच्च तक सी मत” होता है। प रवार को महत्वपूण उसका आकार नह , उसके
भीतर क दे खभाल बनाती है।
प्र.2 समुदाय क्या है और इसक क्या भू मका है?
समुदाय आपस म जुड़े लोग का समूह है। पुस्तक के अपने शब्द म — “प रवार न केवल अपने अंदर ब ल्क अन्य प रवार से
और आस-पास के लोग से भी जुड़े होते ह। आपस म जुड़े लोग के इस समूह को ‘समुदाय’ कहते ह।” साथ ही यह भी कहा गया है
क “ व भन्न संदभ म ‘समुदाय’ के अन्य अथ भी होते ह”।
इसक भू मका वही काम करना है जो कोई एक प रवार अकेले नह कर सकता।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
समुदाय क अध्याय का उदाहरण
भू मका
साथ िमलकर त्योहार, मेले , िववाह तथा अन्य अवसरों पर एक साथ आना
उ त्सव मनाना
काम बाँटना कु छ गाँवों में लोग भूिम तैयार करने, बुआ ई और कटाई में एक-दू स रे की सहायता करते है ं
साझा संपदा समय के साथ पानी, चरागाहों तथा वन-उ त्पाद के साझा उपयोग पर सहमित — अिलिखत ‘िनयम’, िजनसे “संस ाधनों तक
सँभालना सुर िक्षत पहच
ु ँ ” िमलती है। यह अनेक जनजातीय समुद ायों में और कु छ सीमा तक आज के ग ाम समुद ायों में भी िदखता है
संक ट में सहारा झाबुआ के पास भील समुद ाय की हलमा परंपरा — हजारों पेड़, अनेक तालाब, कोई पािरश्रिमक नही ं; और 2015 की चेन्नई
दे ना बाढ़ , जब िनजी, आध्याित्मक तथा धािमक संग ठनों ने भोजन बनाकर बाँटा
कमी को भरना अहमदाबाद के कमल परमार ने हर शाम 150 वंिचत बच्चों को पढ़ ाया और मुफ्त भोजन कराया
स्थानीय िनयम आवासीय क ल्याण सिमितयाँ अपिशष्ट पबंध न, सामान्य क्षेत्र ों की सफाई और पालतू पशुओ ं की दे खभाल के िनयम बनाती है ं
बनाना — और िनवासी स्वयं इनके िनम ण में भागीदार होते है ं
सहयोग के साथ कतव्य भी आते ह — “समुदाय के अंदर सभी प रवार तथा व्य क्तय के व शष्ट कतव्य ह, अन्यथा समुदाय सुचारु
रूप से काय नह कर पाएँगे।”
फै लते घेरे — पृ ठ 137 से पृ ठ 147 तक की या ा
ष् ष् त्र
अने क समुद ाय, एक-दू सरे पर िनभ र
समुद ाय
त्योहार, साझा काम, साझा जल और वन
पिरवार
पे म, देख भाल
व्यापारी, नगर िनगम कम , िकसान, िशक्षक …
अध्याय बाहर क ओर बढ़ता है — प रवार से आस-पास के प रवार के समुदाय तक, और फर उन अनेक समुदाय तक जो एक-दूसरे पर
नभर ह।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
a g l AglaSem · NCERT Solutions
पुस्तक ‘समुदाय’ को लचीली संकल्पना क्य कहती है: यही शब्द जा त या उसके उप वभाजन के लए, कसी
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m a s em समुदाय’,
gl व ान क्लब, रा ीय
धम या क्षेत्र के लोग के लए, समान काय या रु च के लोग के लए प्रयुक्त होता है — ‘मुंबई का पारसी
‘केरल का वै.cा oनक समुदाय’, ‘गाँव का कसान समुदाय’ — और वद्यालय के खेल समुदाय,
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em या रा ीय कैडेट कोर के लए भी। इन सबम एक बात समान है — जुड़ाव, अथात् ऐसे लोग जो कुछ
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gl करते ह और एक-दूसरे पर भरोसा कर सकते ह।
सेवा योजना
aसाझा
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आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 138
प रवार — आस-पास के प रवार के प्रकार
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आइए पता लगाएँ
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प्र.1 m .c अपने आस-पास कस प्रकार के प रवार दखाई दे ते ह? प्रत्येक प्रकारaकgे प रवार क उनक संख्या के
se साथ सूची बनाइए।
आपको
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cकरomक जए — कसी के घरेलू जीवन म झाँककर नह । केवल यह agl
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यह एक छोटा सवक्षण है। इसे दे खकर और शष्टता से पूछ
पू छए क प रवार कस प्रकार का है; ‘क्य ’ मत a
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छए।
व ध — पहले अपना क्षेत्र तय क जए (जैaसे एक गली या एक भवन, लगभग 20–30 घर)। तीन स्तंभ क ता लका बनाइए, कसी
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सहपाठ के साथ क्षेत्र म घू मए और हर घर के सामने एक नशान लगाइए। पुस्तक के दो प्रकार ली जए और एक कोष्ठक उन घर के
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लए र खए जो इनम ठ क-ठ क नह आते।
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प रवार अथ (पृष्ठ 137–138) गने गए घर —
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नमूना उत्तर
संयक्ु त पिरवार अनेक पीिढ़ याँ एक साथ — दादा-दादी, माता-िपता, चाचा-चाची, भाई-बहन तथा 7
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चचेरे भाई-बहन
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एकल पिरवार एक दंपित्त और उनकी संतान 13
अके ली माता/िपता वाला
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अके ली माता या िपता और उनके बच्चे — पुस्तक इसे भी एकल पिरवार मानती है 3
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एकल पिरवार
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अन्य घर
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जैसे दादा-दादी के साथ रहते पोते-पोितयाँ, संतानरिहत दंपित्त, अके ले रहने 5
m . व्यिक्त, या दो पीिढ़ याँ और एक संबंध ी
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as कुल
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— 28 घर
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शष्टता से क जए: ता लका म नाम मत ल खए, केवल संख्याएँ। कुछ सहपाठ अकेली माता या पता के साथ,
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दादा-दाद के साथ, अ भभावक के साथ mया छात्रावास म रहते ह — ये सभी प रवार ह। सवक्षण घर के प्रकार
a है।
गनता है, यह नह क कौन बेहlतर
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 कस प्रकार के प रवार क संख्या अ धक है? आपके वचार से ऐसा क्य है?
ऊपर के नमूने म एकल प रवार सबसे अ धक ह (28 म से 13 + 3 = 16)। अ धकांश नगर -शहर म आपको यही मलेगा;
अनेक गाँव म आज भी संयुक्त प रवार अ धक ह।
एकल प रवार अ धक क्य — कारण संयुक्त प रवार अ धक कहाँ — कारण
काम दू स री जगह है। नौकरी दंपित्त को दू स रे नगर ले जाती काम साझा और एक ही जगह है। खेत, दुक ान या िशल्प में अनेक हाथ चािहए
है, बुजगु पीढ़ ी से दू र और सब एक ही भूिम पर काम करते है ं
शहरों में घर छोटे और िकराया अिधक होता है, इसिलए छोटा पुश्तैनी घर बड़ ा होता है और पूरे पिरवार का होता है
पिरवार सँभालना आसान है
पढ़ ाई और स्थानांतरण बार-बार जगह बदलवाते है ं भूिम , पशु और संपित्त साथ होने से पिरवार भी साथ रहता है
दुक ान, िव ालय और से वाएँ पास होने से रोज़ के कामों के बच्चों की दे खभाल , भोजन और बुजगु ं की से वा अनेक वयस्कों के साथ रहने पर
िलए कम सदस्य पय प्त है ं आसान होती है
यह कोई नणय नह है: अध्याय कह नह कहता क कोई प्रकार बेहतर है। दोन क अपनी श क्त है — संयुक्त
प रवार म अनेक हाथ और अनेक सहारे होते ह; एकल प रवार छोटा होने के कारण शीघ्र नणय ले सकता है और
आसानी से स्थान बदल सकता है। दोन प्रेम से भरे हो सकते ह और दोन क ठनाइयाँ झेल सकते ह। आपका सवक्षण
यह दखाता है क लोग का काम और आवास कैसे बदला है, यह नह क प रवार कैसे ह।
प्र.3 कक्षा क ग त व ध के रूप म आपको प्राप्त हुई जानकारी क अपने सहपा ठय क जानका रय के साथ तुलना
कर चचा क जए।
कक्षा-ग त व ध क व ध
1. हर जोड़ी केवल अपनी संख्याएँ और सव क्षत क्षेत्र बताए।
2. शक्षक सब जो ड़य के आँकड़े श्यामपट्ट पर जोड़कर एक कक्षा-ता लका बनाएँ।
3. प्रत्येक प्रकार का प्र तशत नका लए — प्र तशत = उस प्रकार के घर ÷ कुल घर × 100।
4. पुरानी गली, नई कॉलोनी और फ्लैट — इन क्षेत्र क तुलना क जए और कोई प्रवृ त्त खो जए।
नमूना कक्षा-योग (28 जो ड़याँ, 210 घर):
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प्रकार घर कुल का प्र तशत
एकल (दंपित्त और बच्चे) 104 लगभग 50%
संयक्ु त 58 लगभग 28%
अके ली माता/िपता और बच्चे 21 लगभग 10%
अन्य घर 27 लगभग 13%
चचा के लए तीन अ े प्रश्न —
क्या बस्ती के पुराने भाग म नए भाग क तुलना म संयुक्त प रवार अ धक मले? ऐसा क्य ?
संयुक्त प रवार कन काम को आसान बनाता है और एकल प रवार कन काम को?
क्या ये दोन प्रकार सचमुच अलग-अलग रहते ह? अनेक प रवार वष भर एकल रहते ह पर ववाह या त्योहार पर संयुक्त हो जाते
ह। ऐसे प रवार को ता लका म कहाँ रखगे?
चचा का नयम: बात प रवार के प्रकार क हो, कक्षा के कसी वशेष प रवार क नह । कसी को यह बताने के
लए बाध्य न कया जाए क वह कसके साथ रहता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 138
प रवार — रश्त के शब्द
प्र.1 क्या आप बता सकते ह क भारतीय भाषा म ‘क जन’ के लए कौन-सा शब्द है?
अ धकांश भारतीय भाषाओं म ऐसा कोई एक शब्द है ही नह । अध्याय स्वयं उत्तर दे ता है — “अ धकांश भारतीय भाषाओं म
आपको ऐसा कोई एक शब्द नह मलेगा! ऐसा इस लए क्य क क जन का अथ केवल ‘भाई’ और ‘बहन’ होता है।”
भारतीय भाषाएँ यह अवश्य बताती ह क कौन-सा भाई या बहन — संबंध माता या पता के रास्ते बताया जाता है, पर व्य क्त भाई
या बहन ही रहता है।
अं ेजी हद हद शब्द का शा ब्दक अथ
Cousin (चाचा का बेटा) चचेर ा भाई “चाचा की ओर का भाई”
Cousin (बुआ की बेटी) फु फे री बहन “बुआ की ओर की बहन”
Cousin (मामा का बेटा) ममेर ा भाई “मामा की ओर का भाई”
Cousin (मौसी की बेटी) मौसे र ी बहन “मौसी की ओर की बहन”
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
ध्यान द जए क सं ा कभी नह बदलती — वह सदै व भाई या बहन ही है। बोलचाल म तो पहला शब्द छू ट ही जाता है; हम केवल
‘भाई’ या ‘बहन’ कहते ह। पृष्ठ 139 क ता लका म भी यही है — रानी, जो माँ के भाई क बेट है, हद शब्द बहन के अंतगत द
गई है।
इसका महत्व, पुस्तक के शब्द म: “इससे प रवार म सभी ब के बीच गहरे संबंध का पता चलता है।” अंग्रेजी
चाचा के बेटे को ‘क जन’ के अलग खाने म रख दे ती है — भाई से एक कदम दूर। भारतीय भाषाएँ यह कदम बनने
ही नह दे त — वह भाई है। भाषा स्वयं बच्चे को सखा दे ती है क प रवार के सारे बच्चे एक ही भाई-बहन का समूह
ह।
क्या आप जानते ह? जहाँ अंग्रेजी अस्पष्ट है, वहाँ भारतीय भाषाएँ सट क ह। अंग्रेजी म एक ही शब्द ‘uncle’ है;
हद म चाचा ( पता के छोटे भाई), ताऊ ( पता के बड़े भाई), मामा (माँ के भाई) और फूफा (बुआ के प त) अलग-
अलग ह। त मल तो बड़े भाई (अण्णा) और छोटे भाई (तं ब), बड़ी बहन (अक्का) और छोट बहन (तंगै) के लए भी
अलग शब्द रखती है — जैसा अध्याय म बताया गया है।
आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 139
प रवार — अपने संबं धय क सूची
आइए पता लगाएँ
प्र.1 अपने प रवार के सभी सदस्य क सूची बनाइए जनके बारे म आप सोच पाते ह। इनम कुछ दूर के संबंधी भी हो
सकते ह। अपनी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा म इनके लए प्रयुक्त होने वाले शब्द ल खए और अं ेजी म इनके
समकक्ष शब्द खोजने का प्रयास क जए। नीचे ऐसे दो उदाहरण दए गए ह — रानी / बहन / माँ के भाई क बेट
(क जन) (अन्य संभा वत अथ म से एक); समीर / चाचा / पता के छोटे भाई (अंकल)।
व ध — पहले घर के सदस्य ल खए, फर बाहर क ओर ब ढ़ए — माता- पता के भाई-बहन, उनके प त-पत्नी, उनके बच्चे, फर
दोन ओर के दादा-दाद और नाना-नानी। वही शब्द ल खए जो आप वास्तव म बोलते ह, शब्दकोश का शब्द नह । फर अंग्रेजी म
उसका अथ ल खए, चाहे कतने भी शब्द लग। संदेह हो तो घर के कसी बड़े से पू छए — यह भी इस ग त व ध का भाग है।
नमूना उत्तर (शब्द हद के ह; आप अपनी भाषा के शब्द ली जए और अपने प रवार के अनुसार पं क्तयाँ घटाइए-बढ़ाइए) —
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नाम हद म शब्द अं ेजी म ववरण/शब्द
रानी बहन माँ के भाई की बेटी (किजन) (अन्य संभािवत अथ ं में से एक)
समीर चाचा िपता के छोटे भाई (अंक ल)
कमला दादी िपता की माँ (grandmother)
हिरराम नाना माँ के िपता (grandfather)
सुनीता बुआ िपता की बहन (aunt)
मीरा मौसी माँ की बहन (aunt)
राके श ताऊ िपता के बड़े भाई (uncle)
अंजली ताई िपता के बड़े भाई की पत्नी (aunt)
िवक्रम मामा माँ के भाई (uncle)
दीपा भाभी बड़े भाई की पत्नी (sister-in-law)
अजुन भाई ताऊ का बेटा (cousin) — पर िहंद ी में के वल ‘भाई’
सुझाव: य द आपक मातृभाषा त मल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठ , बांग्ला, ओ ड़या, अस मया, म णपुरी,
खासी, भोजपुरी, गुजराती या कोई अन्य भाषा है तो उसी के शब्द ली जए — चत्तप्पा, पे रयप्पा, मामा, अत्ता,
काका, मावशी, पशी, मेशो, खुड़ा आ द। आपक भाषा हद से जतनी भन्न होगी, यह ग त व ध उतनी ही रोचक
होगी।
सावधानी और सहृदयता: सूची उन्ह संबं धय क बनाइए जो आपके ह। कसी क सूची लंबी होना आवश्यक
नह और कोई दो सू चयाँ एक जैसी नह ह गी — इसी कारण कक्षा म तुलना करना रोचक है।
प्र.2 आप दे खगे क कस प्रकार अ धकांशत: आपक मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा म एक शब्द को अं ेजी भाषा म
स्पष्टतापूवक समझने के लए कई शब्द क आवश्यकता होती है।
यह सही है — कारण यह है क भारतीय भाषाएँ पूरा संबंध शब्द के भीतर ही रख दे ती ह, जब क अं ेजी अनेक संबंध के
लए एक चौड़ा शब्द दे ती है।
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भारतीय भाषा का एक शब्द अं ेजी म कहना पड़े गा
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चाचा
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father’s younger brother — िहंद ी का एक शब्द, अंग ेजी के चार शब्द
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ताऊ
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father’s elder brother
मामा mother’s brother
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मौसी mother’s sister
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afather’s
नानी mother’s mother
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दादी father’s mother
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दा हने स्तंभ को दे खए — पहले तीन के लए अंग्रेजी म ‘uncle’, अगले दो के लए ‘aunt’ और अं तम दो के लए
ag‘grandmother’ ही है। पाँच अलग-अलग संबंध अंग्रेजी के दो शब्द म समट जाते ह।
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िहंद ी : 1 शब्द → 1 िनिश्चत संबंध
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अंगेजी : 1 शब्द (‘uncle’) → 4 िभ न्न संबंध → इसिलए स्पष्टता के िलए “father’s younger…”,
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“mother’s…” जोड़ ना पड़ ता है
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.c रक जीवन म यह बहुत मायने रखता है क कोई पता का बड़ा भाई है याaमाँg का भाई — ववाह, त्योहार और
भाषाएँ ऐसी क्य होती ह: जस बात क चचा प्र त दन होती है, भाषा उसके लए छोटा शब्द बना लेती है। भारतीय
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aseरोज़ के व्यवहार म उसका स्थान इसी से तय होता है। इस लए भाषा ने हर संबंध को अपना अलग शब्द दया। जहाँ
पा रवा
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यह भेद रोज़ काम नह आता, वहाँ एक ही चौड़ा शब्द चल जाता है।
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आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 140agl
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भू मकाएँ एवं दा यत्व — घर म कौन क्या करता है
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आइए पता लगाएँ
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mप्र.1 a g
l a se नम्न प्रश्न के उत्तर द जए और अपने सहपा ठय के उत्तर के साथ इनक तुलना क जए — आपके प रवार म
ag इसका नणय कौन लेता है क बाजार से क्या लाना है?
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s e mएक ‘सही’ उत्तर नह है, और इस ग त व ध का उद्देश्य ही यह देखना है क एक कक्षा
म कतने भन्न उत्तर नकलते ह। gla
उत्तर अपने घर के अनुसार ल खए — कोई
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नमूना उत्तर: मेरे घर म रसोई के सामान क सूची माँ बनाती ह, पर बड़ी खरीद का अं तम नणय माता- पता मलकर लेते ह।
स ब्जय के बारे म प्रायः दाद बताती ह, क्य क उन्ह पता होता है क इस मौसम म क्या ताजा मलेगा।
अ े उत्तर म क्या हो: (1) रोज़ क खरीद का नणय कौन लेता है; (2) बड़ी या महँगी खरीद का नणय कौन लेता
है; (3) नणय एक व्य क्त लेता है या चचा से होता है। पुस्तक का अपना उदाहरण तेन जग का प रवार है — “जब
कसी वशेष खच क बात आती है, तो मने अ धकांशत: दे खा है क वे आपस म चचा करते ह।”
प्र.2 आपके घर म भोजन कौन पकाता है?
नमूना उत्तर: अ धकांश दन भोजन मेरी माँ बनाती ह। र ववार को पताजी नाश्ता बनाते ह और मने सब्जी काटने तथा चाय बनाने म
सहायता करना शुरू कया है। दाद जब हमारे साथ होती ह, तब त्योहार का भोजन वही बनाती ह, क्य क पुराने पकवान केवल उन्ह
ही आते ह।
पुस्तक यह प्रश्न क्य पूछती है: भोजन बनाना घर क भू मका का सबसे स्पष्ट उदाहरण है। कक्षा म उत्तर क
तुलना करते समय दे खए क उत्तर कतनी बार कोई म हला होती है — और फर पृष्ठ 142 का उदाहरण दे खए —
तेन जग क माँ का काम बढ़ने पर उसके पता ने घर क सफाई, स ब्जय के बगीचे और अन्य काम क जम्मेदारी
ली तथा वे दाद के साथ भोजन बनाने म भी सहायता करते ह। घर क भू मकाएँ बाँट जा सकती ह और बदली भी
जा सकती ह।
प्र.3 आपके प रवार म सबसे अ धक आयु कसक है?
नमूना उत्तर: मेरे दादाजी, जनक आयु 74 वष है। वे हमारे प रवार के सबसे बड़े सदस्य ह। मेरी परदाद , जो 91 वष क ह, गाँव म
पताजी के चाचा के साथ रहती ह और हम प्र तवष उनसे मलने जाते ह।
आगे ब ढ़ए: प रवार के सबसे बुजुग सदस्य से एक प्रश्न पू छए — जब वे आपक आयु के थे तब उनका वद्यालय,
गाँव या नगर कैसा था। उत्तर चार-पाँच पं क्तय म लख ली जए। यह इ तहास का एक ऐसा टु कड़ा है जो और कह
दज नह है।
प्र.4 आपके घर म फश क सफाई कौन करता है?
नमूना उत्तर: हम मलकर करते ह। सुबह माँ झाड़ू लगाती ह; शाम को म अपना कमरा और बैठक साफ करता ँ; छु ट्ट के दन बड़ी
बहन प छा लगाती है। सप्ताह म एक बार हम सब साथ मलकर सफाई करते ह, जससे आधा समय ही लगता है।
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तुलना के लए सुझाव: अपने उत्तर म एक और स्तंभ जो ड़ए — “और सहायता कौन करता है?” प्रायः एक
व्य क्त काम करता है और एक-दो लोग हाथ बँटाते ह। दोन बात उत्तर म आनी चा हए।
प्र.5 आपके घर म बतन कौन साफ करता है?
नमूना उत्तर: दोपहर के बाद बतन माँ साफ करती ह और रात के बतन म तथा मेरा भाई बारी-बारी से — एक सप्ताह म, एक सप्ताह
वह। जस दन घर पर मेहमान आते ह, उस दन सब मलकर करते ह।
प्र.6 आपके गृहकाय म आपक सहायता कौन करता है?
नमूना उत्तर: ग णत म बड़ी बहन सहायता करती है, माँ मुझे पढ़कर सुनाने को कहती ह और सामा जक व ान म म दादाजी से
पूछता ँ, जन्ह मान चत्र समझाना अच्छा लगता है। जब कोई खाली न हो, तो म स्वयं पूरा करके अगली सुबह जँचवा लेता ँ।
छह प्रश्न का नष्कष: अपने छह उत्तर को साथ र खए और आपके घर क भू मकाओं और दा यत्व का चत्र
सामने आ जाएगा — यही इस उपशीषक का वषय है। फर सहपा ठय से तुलना क जए, दो बात दखगी। पहली,
कोई दो प रवार काम को एक जैसे नह बाँटते। दूसरी, अनेक घर म घर का अ धकांश काम आज भी म हलाओं
और लड़ कय पर ही रहता है — इस पर कक्षा म चचा क जए क कौन-से काम अ धक समान रूप से बाँटे जा
सकते ह और आप इस महीने कौन-सा काम अपने जम्मे ले सकते ह। पुस्तक का अपना उत्तर है — “दै नक अभ्यास
से बच्चे पा रवा रक जीवन म भागीदारी करना सीखते ह।”
चचा म सम्मान र खए: कुछ सहपाठ अकेली माता या पता के साथ, दादा-दाद के साथ या कसी अ भभावक के
साथ रहते ह गे और कुछ घर म कोई सदस्य काम के लए बाहर रहता होगा। हर व्यवस्था एक प रवार है। तुलना काम
के बँटवारे क क जए, प रवार क नह ।
आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 141
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
भू मकाएँ एवं दा यत्व — शा लनी क कहानी
आइए पता लगाएँ
प्र.1 सात सदस्य के इस प रवार क वंशावली का एक सरल चत्र बनाइए।
पृष्ठ 140–141 क कहानी के आधार पर शा लनी के प रवार क वंशावली इस प्रकार बनेगी —
शािलनी का पिरवार — के रल मे ं एक ही छत के नीचे तीन पीिढ़ याँ
अच्चम्मा
दादी (िपता की माँ)
िपता माँ िच त्तप्
पा िच त्त ी
छोटा-सा व्यापार अध्यािपका िपता के भाई (चाचा) चाचा की पत्नी
शािलनी छोटा भाई िचन्नी
कहानी की नाियका शािलनी की चचेरी बहन
शा लनी के प रवार क वंशावली। सबसे ऊपर दाद क पीढ़ , बीच म माता- पता क पीढ़ (दोन छोट आड़ी रेखाएँ दो दं प त्तय को दशाती
ह) और सबसे नीचे बच्च क पीढ़ ।
स्वयं बनाने क व ध —
1. सबसे बड़ी पीढ़ ऊपर र खए — यहाँ केवल अच्चम्मा।
2. अगली पं क्त म उनके पुत्र ल खए — शा लनी के पता और चत्तप्पा, जो भाई ह। प्रत्येक को उनक पत्नी से एक छोट आड़ी
रेखा से जो ड़ए — पता–माँ, चत्तप्पा– चत्ती।
3. प्रत्येक दं प त्त के बीच से नीचे रेखा ख चकर उनके बच्चे दखाइए — पहले दं प त्त से शा लनी और उसका छोटा भाई, दूसरे से
चन्नी।
4. हर सदस्य पर वही शब्द ल खए जो कहानी म है। मलयालम म अच्चम्मा पता क माँ, चत्तप्पा पता के छोटे भाई और चत्ती
उनक पत्नी ह।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
स्वयं जाँ चए — गनती। प्रश्न म “सात सदस्य ” कहा गया है, परंतु कहानी म घर के आठ सदस्य नाम से आते ह
— अच्चम्मा, शा लनी के पता, शा लनी क माँ, चत्तप्पा, चत्ती, शा लनी, उसका छोटा भाई और चन्नी। ऊपर के
चत्र म गन ली जए। आठ को बनाइए और नीचे एक पं क्त लख द जए — “कहानी म आठ सदस्य के नाम आए
ह।” परीक्षा म कहानी के सभी सदस्य वाली वंशावली ही सही उत्तर है; कसी सदस्य को हटाकर सात करना गलत
होगा।
प्र.2 आपके वचार से शा लनी के माता- पता सभी के लए कपड़े क्य लाए?
क्य क उस वष चत्तप्पा का प रवार त्योहार के नए कपड़े नह खरीद सकता था, और प रवार म जो एक के पास होता है
वह सबका होता है।
कहानी घटनाओं क कड़ी स्पष्ट रूप से बताती है —
िचत्तप्पा की नौकरी छू ट गई, िचत्ती गृिहणी है ं → पिरवार आिथ क किठनाइयों में था
अच् च म्मा ने शािलनी के िपता को यह बात बताई → बड़ ों ने आपस में बात की
ओणम आ रहा था → त्योहार पर सबके िलए नए कपड़ े होते है ं
इसिलए शािलनी के माता-िपता िच त्तप्पा, िच त्ती और िच न्नी के िलए भी कपड़ े लाए
पैसा उतने में ही बाँट ना पड़ ा → शािलनी को रेशमी नही ं, सादे सूत ी कपड़ े िमले
इस प्रश्न का उत्तर स्वयं अच्चम्मा के शब्द म है — “प रवार म सभी एक-दूसरे क सहायता करते ह और उनके पास जो कुछ
भी है, उसे आपस म साझा करते ह।”
यह केवल दयालुता से अ धक क्य है: अध्याय पहले ही बता चुका है क प रवार कौन-से मूल्य सखाता है —
दान, सेवा और त्याग। शा लनी के माता- पता ने दान कया और शा लनी ने बना कहे त्याग कया। यह भी दे खए
क यह कस तरह कया गया — कसी को छोटा महसूस नह होने दया गया। कपड़े सबक खरीददारी के साथ ही
चुपचाप ले लए गए, ता क चत्तप्पा का प रवार त्योहार म बराबरी से स म्म लत हो, दान लेने वाले क तरह नह ।
इसी लए कहानी क अं तम पं क्त हा न क नह , खुशी क है — “उसे इस बात क खुशी थी क सभी सदस्य को
नए कपड़े मले।”
प्र.3 य द आप शा लनी क जगह होते, तो क्या करते?
यह आपके अपने ईमानदार उत्तर का प्रश्न है। नीचे बताया गया है क अच्छे उत्तर म क्या होना चा हए, और एक नमूना भी दया
गया है जसे आप अपने अनुसार बदल सकते ह।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
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नमूना उत्तर: पहले तो मुझे नराशा होती, क्य क म कई सप्ताह से उस रेशमी पोशाक क प्रतीक्षा कर रहा/रही थी। परंतु अच्चम्मा के
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समझाने के बाद म भी शा लनी क तरह सूती कपड़े खुशी से ले लेता/लेती। चन्नी मेरी अपनी बहन जैसी है, और ऐसा त्योहार जसम
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g जाती।
चन्नी से यह कभी.c
घर के एक हस्से के पास नए कपड़े ह और दूसरे के पास नह , त्योहार लगता ही नह । म यह बात अपने तक ही रखता/रखती —
न कहता/कहती क मने अपनी पोशाक छोड़ी है, क्य क इससे उसक खुशी कमaहो
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aअg े उत्तर म क्या हो: (1) पहली भावना ईमानदारी से ल खए — नराशा होना स्वाभा वक है और पुस्तक भी इसे
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छपाती नह ; (2) आपका मन कस बात से बदला; (3) आप क्या करते, केवल क्या महसूस करते, यह नह ; (4)
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दूसरे बच्चे क भावनाओं का भी ध्यान। बना कारण बताए “म सब कुछ खुशी से छोड़ दे ता” कहने वाला उत्तर ag
कमजोर है।
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एक और सही उत्तर: आप यह भी लख सकते ह क आप माता- पता से कहते क रेशमी पोशाक अगले महीने ले
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लगे — अथात् कुछ रद्द नह हुआ, केवल आगे बढ़ा। यह भी उ चत उत्तर है, बशत आप यह कहmक इस त्योहार पर
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चाचा का पoरवार l a se
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पहले है।
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आइए वचार कर — पृष्ठ 142
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भू मकाएँ एवं दा यत्व — तेन जग क कहानी
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आइए वचार कर
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तेन जग के पता वशेष खच के बारे म अपनी पत्नी से सलाह क्य लेते ह?
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प्र.1
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se क उस प रवार म पैसे के नणय दोन के ह, कसी एक के नह । तेन जग स्वयं कहता है — “जब कसी वशेष खच क
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बात आती है, तो मने अ धकांशत: दे खा है क वे आपस म चचा करते ह।”
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इस आदत के पीछे तीन अच्छे कारण ह।
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यह क्या दखाता हैse
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कारण
दोनों कमाते है ं िपता िकराने की छोटी दुक ान चलाते है ं और माँ स्थानीय हस्तिशल्प सहकारी संग ठन में कायरत है।
ं पैस ा पिरवार का है,
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इसिलए िनणय भी पिरवार का
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दो लोग एक से िवशेष खच बड़ा होता है। िमलकर सोचने से गलती कम होती है और बाद में पछतावा नही ं होता
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अिधक दे खते है ं
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agl वे भिवष्य के िलए तेनिजंग की माँ कहती है ं िक “हमें भिवष्य में अचानक आने वाले खच ं के िलए कु छ पैस ों की बचत अवश्य करनी चािहए”।
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बचत कर रहे है ं
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कोई भी बड़ा खच इस बचत को पभािवत करता है, इसिलए दोनों की सहमित आवश्यक है
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
पुस्तक ने इसे ‘आइए वचार कर’ म क्य रखा: यह प रवार के भीतर बराबरी के सम्मान का उदाहरण है। सलाह
लेना केवल औपचा रकता नह है — यह दूसरे को बराबर का साथी मानना है। यही वह सहयोग है, अथात् ‘एक साथ
काम करना’, जसे अध्याय पैसे के मामले पर लागू करके दखाता है।
प्र.2 घरेलू काय म तेन जग के पता क भागीदारी के बारे म आपका क्या वचार है?
यह प्रशंसनीय है और उ चत भी। जब तेन जग क माँ हस्त शल्प सहकारी संगठन म व्यस्त हो गईं, तो उनके पता ने “घर क
सफाई, स ब्जय के बगीचे क दे खभाल और घर के अन्य काम म हाथ बँटाना शुरू कया” तथा वे प्रायः दाद के साथ भोजन बनाने
म भी सहायता करते ह — और यह सब अपनी कराने क दुकान चलाते हुए।
उन्ह ने क्या कया यह सम्मान योग्य क्य है
पत्नी का काम बढ़ ने पर घर के काम सँभाल उनका काम बढ़ ा तो घर का बोझ के वल उ न्ही ं पर नही ं छोड़ ा गया
िलए
दादी के साथ भोजन बनाते है ं वे घर के काम को सबका काम मानते है,ं िकसी एक वग का नही ं
िबना कहे िकया यही पष्ृ ठ 139 का “सहयोग और अंतिनभरता” व्यवहार में है
तेनिजंग यह गव से बताता है बच्चे भूिमकाएँ दे खकर सीखते है।
ं उस घर की अगली पीढ़ ी के िलए काम बाँटना स्वाभािवक
होगा
यह कहना क्य आवश्यक है: भोजन बनाना, सफाई और दे खभाल — इनम वास्त वक समय और कौशल लगता
है, फर भी अनेक घर म ये काम लगभग पूरी तरह म हलाओं और लड़ कय पर छोड़ दए जाते ह, प्रायः बाहर क
नौकरी के साथ-साथ। तेन जग के पता दखाते ह क घर का कोई काम ऐसा नह जो पुरुष न कर सके। मेरा वचार
— मुझे उनके प्र त सम्मान होता है, और मुझे लगता है क यह असाधारण नह , सामान्य बात होनी चा हए।
यह क जए: एक सप्ताह म अपने घर के काम और उन्ह करने वाल क सूची बनाइए। फर एक काम चु नए जो
इस महीने से आप अपने जम्मे लगे — और उसे बना याद दलाए क जए।
प्र.3 तेन जग के दाद -दादा कौन-सी भू मकाएँ नभाते ह?
दोन घर के स य सदस्य ह — एक घर के भीतर, दूसरे मोहल्ले म।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
दाद दादा
पूरे पिरवार का भोजन बनाती है,ं िजसमें िपता सहायता करते है ं तेनिजंग की पढ़ ाई में सहायता करते है ं
तेनिजंग को “रोचक कहािनयाँ” सुनाती है,ं िजनमें “हँस ी- उसे स्कू ल बस स्टॉप तक ले जाते है ं
मजाक और समझदारी की बाते”ं होती है ं
लोगों को सबसे अच्छी तरह समझती है ं — “लोगों को उनसे कॉलोनी के सामािजक काय में सिक्रय रहते है ं और सदै व दू स रों की सहायता के
बेहतर तरीके से समझने वाला शायद कोई और नही ं हो िलए तैयार रहते है ं
सकता”
संक्षेप में — पिरवार की रसोइया, कथावाचक और जीवन की िबजली जाने पर पास के काय लय में िशकायत दज कराई; तूफ ान में पड़ ोसी
िशिक्षका का घर टू टने पर आस -पास के सब पिरवारों से धनरािश एक त्र कर मर म्मत के
िलए दी
अथात् दाद क भू मकाएँ ह दे खभाल, संस्कार और संग त; दादा क ह शक्षा, रोज़ क सहायता और सामा जक सेवा। दोन
मलकर माता- पता को उनके काम के लए मुक्त करते ह और इस प रवार तथा आस-पास के समुदाय के बीच क कड़ी ह — और
अध्याय आगे इसी ‘समुदाय’ क ओर बढ़ता है।
ध्यान द जए: तूफान के बाद दादा का चंदा एकत्र करना एक छोटा ‘हलमा’ ही है। एक प रवार के टू टे घर को पूरे
मोहल्ले ने अपनी समस्या माना — वही भावना जो पृष्ठ 144 के भील समुदाय म दखती है, बस छोटे पैमाने पर।
आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 143
भू मकाएँ एवं दा यत्व — कहानी, ना टका और दो प्रकार के प रवार
आइए पता लगाएँ
प्र.1 भारत के कसी क्षेत्र के ऐसे प रवार क कहानी क रचना क जए, जहाँ प रवा रक मूल्य का पालन कया जा रहा
हो। इसे लखकर अथवा चत्र बनाकर कक्षा म साझा क जए।
व ध — वही ढाँचा अपनाइए जो पुस्तक ने शा लनी और तेन जग के लए अपनाया है — (1) प रवार को भारत के कसी वास्त वक
स्थान पर र खए और सदस्य के नाम द जए; (2) उन्ह सामान्य काम द जए; (3) एक क ठनाई लाइए; (4) कोई पा रवा रक मूल्य
— दान, सेवा, त्याग, सहयोग, दे खभाल — उसे हल करता दखाइए; (5) अंत म बताइए क कसने क्या सीखा। 150–200 शब्द
पयाप्त ह। चत्र बनाना हो तो चार-पाँच खाने बनाइए और नीचे एक-एक पं क्त ल खए।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
नमूना उत्तर — “साइ कल”, भागलपुर ( बहार) का एक प रवार
रत्ना कक्षा 6 म पढ़ती है। वह अपनी माँ (जो सलाई करती ह), पता (जो ऑटो चलाते ह), दाद और छोटे भाई मनु
के साथ रहती है। एक वष से वह एक पुरानी साइ कल के लए स्ट ल के डब्बे म पैसे जोड़ रही थी, ता क वद्यालय
तक चार कलोमीटर पैदल न जाना पड़े। अगस्त म वषा से वह नीची गली डू ब गई जहाँ पता के चचेरे भाई रहते थे
और उनक सलाई मशीन — कमाई का एकमात्र साधन — खराब हो गई।
उस शाम भोजन के समय कोई कुछ नह बोला। फर रत्ना अपना डब्बा लाकर चटाई पर रख आई। बोली,
“साइ कल रुक सकती है।” पता कुछ दे र चुप रहे, फर बोले क जब तक डब्बा फर से न भर जाए, वे रोज़ दो घंटे
अ धक ऑटो चलाएँगे।
छह सप्ताह बाद चाचा के घर मशीन सुधर चुक थी और रत्ना के पास साइ कल थी — डब्बे, पता के अ त रक्त घंट
और दाद क चाँद क अँगूठ से आई हुई। जस सुबह उसने पहली बार साइ कल चलाई, मनु मोड़ तक उसके साथ
दौड़ता रहा।
पालन कए गए मूल्य: त्याग और दान, तथा हर सदस्य का सहयोग — हा न कसी एक ने अकेले नह उठाई।
सुझाव: इस ग त व ध म छोट कहा नयाँ ही सबसे अच्छ बनती ह — एक क ठनाई, एक नणय, तीन-चार व्य क्त।
ऐसी कहानी से ब चए जसम कोई धनी अजनबी आकर सब हल कर दे ता है; अध्याय का वषय यह है क प रवार
स्वयं क्या करता है।
प्र.2 अपनी कक्षा के सहपा ठय को साथ लेकर दो या तीन प रवार के आस-पास एक लघु ना टका का मंचन क जए।
आपके ारा लखे गए नाटक म ऐसी चुनौतीपूण प र तय को अवश्य स म्म लत क जए, जनका सामना
प रवार करते ह एवं उन्ह हल करते ह।
कक्षा के लए व ध — छह से आठ वद्या थय के तीन समूह बनाइए। हर समूह एक प रवार बने और पाँच से सात मनट का अपना
दृश्य लखे; शक्षक या दो वद्याथ सूत्रधार बनकर तीन दृश्य को जोड़। सामग्री सरल र खए — कुछ कु सयाँ, एक शॉल, एक थैला।
दृश्य प रवार चुनौती समाधान
दृ श्य ओिडशा के गाँव का संयक्ु त वष से पहले तीन िदन में धान पड़ोसी साथ आते है;ं बच्चे खेत तक पानी और भोजन
1 पिरवार — दादा-दादी, दो भाई काटना है और एक भाई बीमार पड़ पहुच
ँ ाते है;ं वष से पहले फसल बच जाती है
और उनकी पित्नयाँ, चार बच्चे गया है
दृ श्य काम के िलए अभी-अभी शहर माता-िपता दोनों की पाली बदल गई वे पड़ोिसयों से बात करते है;ं बगल की से वािनवृत्त
2 आया एकल पिरवार — माता, और छोटा बच्चा िव ालय से लौटने िशिक्षका रोज़ एक घंटे अपना बरामदा दे दे ती है ं और
िपता और दो बच्चे पर घर में अके ला रहता है बड़ा बच्चा ग ृहकाय की िजम्मेद ारी ले ता है
दृ श्य वह पिरवार िजसमें माँ अके ले दो िव ालय की यात्रा का खच इस पिरवार िमलकर तय करता है — इस वष एक बच्चा
3 बच्चों का पालन करती है,ं नानी महीने के बजट से अिधक है जाएगा, अगले वष दू स रा; आधा खच नानी की बचत से
के सहयोग से आता है; िकसी को छोटा महसूस नही ं होने िदया जाता
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
सूत्रधार के अं तम तीन वाक्य सीधे अध्याय से ली जए — संबंध प्रेम, दे खभाल, सहयोग और अंत नभरता पर आधा रत होते ह;
प्रत्येक सदस्य क दूसर के प्र त भू मका और दा यत्व होता है; और “प रवार म सभी एक-दूसरे क सहायता करते ह और उनके
पास जो कुछ भी है, उसे आपस म साझा करते ह”।
पात्र चुनते समय ध्यान र खए: प रवार को पात्र क तरह ल खए, कक्षा के कसी व्य क्त क नकल क तरह नह ।
और क ठन काम मंच पर लड़के-लड़ कयाँ दोन कर — सारा रसोई का काम एक ही ओर मत र खए।
प्र.3 शा लनी और तेन जग क कहा नय म हम संयुक्त प रवार को दे खते ह। आपके वचार से आधु नक जीवन-शैली
के वह कौन-से आयाम ह जनके कारण कुछ दं प त्त एकल प रवार को अपनाते ह (अथात, बुजुग पीढ़ या अन्य
प रजन से अलग जीवन जीना)। दोन प्रकार के प रवार के कुछ लाभ और कुछ हा नयाँ क्या ह?
भाग 1 — आज कुछ दं प त्त अलग क्य रहते ह
काम दूसरी जगह होना। नौकरी या स्थानांतरण दं प त्त को दूर के शहर ले जाता है और बुजुग पीढ़ अपना प र चत स्थान
छोड़ना नह चाहती।
छोटे और महँगे घर। शहर के फ्लैट म दो कमरे होते ह; गाँव या कस्बे के पुश्तैनी घर म आठ थे।
दोन का नौकरी करना, लंबी यात्रा और बदलती पा लयाँ — जससे बड़े प रवार क दनचया नभाना क ठन होता है।
पढ़ाई और आवागमन। युवा दं प त्त पाठ्यक्रम , प्र शक्षण और बेहतर अवसर के लए स्थान बदलते रहते ह।
अपने नणय स्वयं लेने क इ ा — पैसे, बच्च क पढ़ाई और जीवन-शैली के वषय म।
प रवार का आकार छोटा होना, और एक ही प रवार के बच्च का अलग-अलग शहर या दे श म बस जाना।
भाग 2 — दोन के लाभ और हा नयाँ
संयुक्त प रवार एकल प रवार
लाभ काम और बच्चों की दे खभाल के िलए अनेक हाथ; बच्चे दादा-दादी और कम लोगों से पूछना पड़ता है, इसिलए िनणय शीघ ; दंपित्त
चचेरे भाई-बहनों के साथ बड़े होते है;ं बुजगु तथा रोगी की से वा घर पर; वहाँ जा सकता है जहाँ काम है; रोज़ की बातों पर टकराव
खच बँटने से िचत्तप्पा जैस ी नौकरी छू टने की चोट सह ली जाती है; कम; छोटे घर का खच िनयोिजत करना आसान; माता-
परंपराएँ, पकवान और कहािनयाँ आगे बढ़ ती है;ं बात करने वाला सदै व िपता और बच्चों को एक-दू स रे का बहुत समय िमलता है
कोई होता है
हािनयाँ एकांत और व्यिक्तगत स्वतंत्र ता कम; अनेक वयस्कों के बीच मतभेद ; बीमारी या आपात िस्थित में तुर ंत कोई सहायता नही ं; बच्चे
िनणय धीमे; घर का काम पायः कु छ ही सदस्यों — अिधकतर मिहलाओं दादा-दादी से कम िमल पाते है;ं एक नौकरी छू टने से पूर ा
— पर पड़ जाता है; युवा दंपित्त को अपने िनणय ले ने में किठनाई घर एक साथ पभािवत; बुजगु दू स रे नगर में अके ले रह
जाते है;ं माता-िपता काम और घर के बीच बहुत िखंच जाते
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
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उ चत नष्कष: कोई प्रकार दूसरे से अच्छा या बुरा नह है — दोन अलग-अलग प र स्थ तय के लए उपयुक्त ह,
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जाने पर संय.ुक्cतoहो जाता है; संयुक्त प रवार ववाह पर जुटता है और फर बखर जाता है।gपl रवार को सफल उसका
और अ धकांश प रवार जीवन भर इन दोन रूप के बीच आते-जाते रहते ह। शहर का एकल प रवार
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प्रकारsनह
m, यह बात बनाती है क उसके सदस्य काम बाँटते ह और एक-दूसरे का सहाराaबनते ह — और यही इस
gla का मूल वचार है।
aउपशीषक
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पुस्तक से आगे: आप कभी-कभी एक तीसरा शब्द सुनगे — वस्ता रत प रवार (extended family) — जो ag
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ऐसे घर के लए प्रयुक्त होता है जो दं प त्त और बच्च से बड़ा है पर पूरा संयुक्त प रवार नह , जैसे दं प त्त, बच्चे और
एक दाद या बुआ; अथवा व्यापक अथ म उन सब संबं धय के लए जनसे प रवार का नकट संबंध बना रहता है,
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भले ही वे अलग घर म रहते ह । आपक पुस्तक केवल संयुक्त और एकल नाम दे ती है, इस लए परीक्षा म यही दो
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ल खए और ‘ वस्ता रत’ का उल्लेख अ त रक्त जानकारी के रूप म ही क जए।
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a प्रश्न — पृष्ठ 144
पाठ्य
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समुदाय — ध्यान रख
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ध्यान रख
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इस प्रकार के अन्य अनेक उदाहरण ह, जब लोग बना कसी लाभ क उम्मीद के समुदाय के हत के लए एक
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साथ मलकर आगे आए। क्या आपने ऐसी कसी घटना के वषय म सुना है?
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mध्यान से दे ख तो ऐसे उदाहरण हर ओर मलते ह। कुछ प्र सद्ध उदाहरण नीचे ह, और फर वैसे उदाहरण जो आपक
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gl अपनी गली म मल सकते ह।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
उदाहरण लोग ने मलकर, बना पा रश्र मक क्या कया
श्रमदान गाँव के लोग एक िदन का श्रम दे क र तालाब की सफाई, बंधे की मरम्मत, रास्ता बनाने या नहर से गाद िनकालने का
काम करते है।
ं राजस्थान, महारा और अनेक राज्यों में पूरे -पूरे गाँव के तालाब इसी तरह पुनज िवत हएु है ं
सामुद ाियक रसोई ु ारों का लंग र , मंिदरों का अन्नदान, मिस्जदों, िगरजाघरों तथा स्थानीय
जो भी आए उसके िलए िनःशुल्क भोजन — ग रु
समूहों ारा भोजन िवतरण, िवशेषकर बाढ़ और आपदा के समय
के रल की बाढ़ मछु आ रे अपनी नावें ले क र भीतरी इलाकों तक गए और हजारों फँ से लोगों को बचाया; िव ाथ और स्वयंसे वक हफ्तों
(2018) राहत िशिवर चलाते रहे
सफाई अिभयान मोहल्ले और िव ालय के समूहों ारा समुद तट, नदी िकनारे , उ ान या बाजार की सफाई और कचरे को अलग करना
— पायः गांध ी जयंती पर या स्वच्छ भारत के अंतगत
र क्तदान तथा स्वास्थ् य महािव ालय, काय लय और आवासीय सिमितयाँ िशिवर लगाती है;ं स्वयंसे वक अनजान लोगों के िलए रक्तदान करते है ं
िशिवर
गाँव और कॉलोनी के लोग पुस्तकें और एक कमरा दे क र, बारी-बारी से एक छोटा िनःशुल्क पुस्तकालय या शाम की कक्षा चलाते है ं —
पुस्तकालय िबलकु ल कमल परमार की कक्षाओं जैस ा
महामारी या तालाबंद ी पड़ोिसयों ने अके ले रहने वाले बुजगु ं तक राशन और दवाइयाँ पहच
ु ँ ाईं; स्वयंसे वकों ने रोज़गार खो चुके लोगों तक भोजन
में सहायता के पैके ट पहच
ु ँ ाए
अपनी कॉपी के लए नमूना उत्तर: हाँ। पछले वष तेज वषा के बाद हमारी कॉलोनी क नाली भर गई थी। र ववार क सुबह
लगभग तीस लोग — दुकानदार, वद्याथ , दो ऑटो चालक और कई गृ ह णयाँ — फावड़े और बा ल्टयाँ लेकर नकले और नाली
साफ कर द ; एक प रवार ने सबके लए चाय भेजी। न कसी को पैसा मला, न कोई प्रधान था। पास ही रहने वाले सफाईकम ने
बताया क रुकावट कहाँ है।
इन सबम समान बात: लोग यह काम कतव्य मानकर करते ह, पा रश्र मक के लए नह — ठ क वैसे ही जैसे भील
ने ‘हलमा’ परंपरा म कया, जसका उद्दे श्य “धरती माँ क सेवा करना है”। पृष्ठ 145 के छाया चत्र दे खए — पूरी
पहाड़ी पर सैकड़ लोग खं तयाँ खोदते हुए, अपने औजार लेकर पैदल आते हुए, ढोल बजाते हुए, और अंत म वहाँ
पानी से भरा तालाब जहाँ पहले सूखी ढलान थी। उन चत्र म कोई भी वेतन पाने वाला मजदूर नह है।
यह क जए: घर के कसी बुजुग से उनके जीवन का एक ऐसा उदाहरण पू छए — कोई कुआँ खुदा हो, वद्यालय का
कमरा बना हो, सड़क सुधरी हो, या पूरे मोहल्ले ने कोई ववाह सँभाला हो। उसे वष स हत लख ली जए। यह आपके
समुदाय के इ तहास का एक टु कड़ा है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 146
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
समुदाय — अहमदाबाद के कमल परमार क कहानी
प्र.1 अपनी कक्षा म इस कहानी पर चचा क जए। यह कहानी समुदाय के प्र त कस तरह क मनोवृ त्त को दशाती है?
यह उत्तरदा यत्व क मनोवृ त्त दशाती है — क सड़क पर दख रहे ब े कसी और क नह , अपने ही समुदाय क
जम्मेदारी ह।
कमल परमार एक छोट -सी ऑटो फे केशन वकशॉप के मा लक थे। न वे अध्यापक थे, न उनके पीछे कोई संस्था थी, और न कसी
ने उनसे कहा था। उन्ह ने बस उन बच्च को दे खा जनम कुछ ने पढ़ाई छोड़ द थी और कुछ कभी वद्यालय गए ही नह थे, और
अपने नय मत काम के बाद हर दन शाम 5.30 से रात 9.30 बजे तक पढ़ाना शुरू कर दया, साथ म मुफ्त भोजन भी।
उन्ह ने क्या कया यह कौन-सी मनोवृ त्त दखाता है
बच्चों को दे खा ही उ न्होंने उ न्हे ं सड़ क का िहस्सा मानकर अनदे खा नही ं िकया। िजम्मेद ारी दे खने
से ही शुरू होती है
जो उनके पास था — शामें — उसी से शुरू िकया आरंभ करने के िलए धन या पद नही,ं आरंभ करने का िनश्चय चािहए
पूरे िदन काम के बाद रोज़ चार घंटे यह एक िदन का आयोजन नही,ं िनरंतर िनभाया गया संक ल्प था
भोजन भी कराया वे समझते थे िक भूखा बच्चा नही ं पढ़ सकता — उ न्होंने पूरे बच्चे को दे खा
दू स रे भी जुड़े — िव ालय के अध्यापक और बड़े िव ाथ एक व्यिक्त की पहल से एक समुद ाय बन गया — यही अध् याय का ‘समुद ाय’
स्वयंसे वक बनकर बनते हुए िदखता है
एक स्वयंसेवक क बात इसका सार है — “हम वहाँ पढ़ाने गए थे, कतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।” यह ऊपर से नीचे दे खने
वाली दया नह , बराबरी का मेल है, जसम दोन पक्ष कुछ पाते ह।
प्र.2 कमल परमार के प्रयास म कौन-कौन से मूल्य प्रद शत होते है?
लगभग वे सभी मूल्य जो अध्याय अब तक बता चुका है — और ये वही मूल्य ह जो पृष्ठ 140 के अनुसार प रवार सखाता है।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
मूल्य कहानी म कहाँ दखता है
से वा िबना िकसी पितफल की आशा के हर शाम चार घंटे पढ़ ाना
दान एक छोटी वक शॉप चलाने वाले व्यिक्त ारा 150 बच्चों को िनःशुल्क िशक्षा और िनःशुल्क भोजन
त्याग पूरे िदन के काम के बाद अपना िवश्राम और खाली समय, िदन-पितिदन छोड़ दे ना
क रुणा और समानता उन्होंने सड़क के बच्चों को परे शानी नही ं, पढ़ ने के अिधकारी बच्चे माना
समुद ाय के पित आवश्यकता उनके सामने थी, इसिलए उन्होंने काय िकया — िकसी कतव्य-सूची में िलखा था इसिलए नही ं
उ त्त रदाियत्व
सहयोग अध्यापक और बड़े िव ाथ जुड़ते गए और काम साझा पयास बन गया
दृ ढ़ता यह इतने समय चला िक 150 बच्चे िनयिमत आने लगे — बीस वष से अिधक पहले की बात, जो आज भी याद की
जाती है
िशक्षा के पित आदर अध्यापक के अपने शब्द — बैठने को बेच
ं नही ं, शांित नही ं, वाहनों का शोर, “िफर भी वे अध्यापकों की बातों पर अपना
पूर ा ध्यान लगाते है”ं
प्र.3 उन वं चत ब के बारे म सो चए। क्या आप ऐसा मानते ह क समाज ने उनके प्र त अन्यायपूण व्यवहार कया
है?
हाँ। बना उनक कसी गलती के उन्ह वह चीज़ नह मली जसका अ धकार भारत के हर ब े को है — व ालय। कुछ ने
पढ़ाई छोड़ द थी और कुछ “कभी वद्यालय गए ही नह थे”, जब क 6 से 14 वष के हर बच्चे को नःशुल्क और अ नवाय शक्षा का
अ धकार प्राप्त है।
क्या अन्यायपूण था क्य
उसी शहर में, उन्ही ं की आयु के बच्चे कक्षाओं में थे और ये सड़क यह अंतर उनके िकसी कम से नही,ं उस पिरवार से बना िजसमें वे जन्मे
पर
वे सड़क िकनारे पढ़ ते थे — न बेच
ं , न शांित, पास से ग ज
ु रते वाहन वे इच्छु क और ध् यानम ग्न थे; कमी व्यवस्था की थी, योग्यता की नही ं
कु छ को पढ़ ने के बजाय काम करना पड़ता था कमाई में लगा बच्चा वे वष खो दे ता है िजनमें सीखना सबसे सरल होता है
उनकी िशक्षा एक भले व्यिक्त की खाली शामों पर िटकी थी भलाई अनमोल है, पर अिधकार िकसी के भले होने पर िनभर नही ं होना
चािहए
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
‘समाज’ शब्द पर सावधानी: कहानी दखाती है क ‘समाज’ कोई एक ठोस चीज़ नह है। जस समाज ने उन
बच्च को सड़क पर छोड़ा, उसी ने कमल परमार, उनके साथ जुड़े अध्यापक और स्वयंसेवक वद्याथ भी दए।
इस लए ईमानदार उत्तर यह है — समाज ने उनके साथ अन्याय कया, और फर उसी समाज के कुछ लोग ने उसे
सुधारने का प्रयास कया। हम कस भाग म ह, यह हमारे कम तय करते ह।
बना कसी को नीचा दखाए क हए: ये बच्चे धन से वं चत थे, योग्यता से नह — अध्यापक क अपनी गवाही है
क उनका ध्यान और उनका स्नेह असाधारण था। अन्याय उन प र स्थ तय म था जो उन्ह द गईं, बच्च म कभी नह ।
प्र.4 समाज को सभी ब क शक्षा तक पहुँच सु न त करने के लए क्या करना चा हए?
शक्षा को ऐसा अ धकार माना जाए जो हर ब े तक पहुँचे, और एक-एक करके वे बाधाएँ हटाई जाएँ जो ब े को
व ालय से दूर रखती ह।
ब ा व ालय से बाहर क्य रह जाता है क्या कया जाना चा हए
पिरवार को बच्चे की कमाई चािहए िनःशुल्क िशक्षा, िनःशुल्क पुस्तकें और पोशाक , छात्रवृित्त याँ तथा बाल श्रम पर कठोर रोक
बच्चा भूखा िव ालय आता है म ध् याह्न भोजन — भूखा बच्चा नही ं सीख सकता, यही कमल परमार ने भी समझा था
पास में िव ालय नही ं, या पहच
ु ँ ने का सुर िक्षत रास्ता हर बस्ती की पहच
ु ँ में िव ालय, तथा वाहन या सुर िक्षत रास्ते — जो लड़ िकयों के िलए
नही ं और भी आवश्यक है ं
पिरवार काम के िलए घूम ता रहता है, या सड़क/ से त ु पाठ क्रम , शाम की क क्षाएँ और आवासीय िव ालय; ऐसे कागज़ों की माँग िकए िबना
िनम ण स्थल पर रहता है पवेश जो पिरवार दे ही नही ं सकता
बच्चे का कभी नामाक
ं न ही नही ं हआ
ु , या वष ं पहले िवशेष क क्षाएँ, िजनसे वह अपनी आयु-वग के स्तर तक आकर िनयिमत क क्षा में बैठ सके
छू ट गया
िदव्यांग बच्चे के िलए िव ालय उपयोगी नही ं रै ंप, सुल भ शौचालय, उपयुक्त रूप में सामगी और पिशिक्षत िशक्षक
एक आयु के बाद लड़िकयों की पढ़ ाई रोक दी जाती पिरवारों से संवाद , बािलका छात्रावास , हर िव ालय में शौचालय और छात्रवृित्त याँ
है
पढ़ ाई की ग ण
ु वत्ता कम, िशक्षक अनुपिस्थत पय प्त पिशिक्षत िशक्षक , से वाकालीन पिशक्षण और यह िनयिमत जाँच िक बच्चे वास्तव में
सीख रहे है ं या नही ं
और युवा नाग रक क्या कर सकते ह — कहानी वस्तुतः इसी ओर संकेत करती है : अपनी गली के कसी छोटे बच्चे को गृहकाय म
सहायता द जए; अपनी पुरानी पुस्तक वद्यालय के पुस्तकालय को द जए; वद्यालय के स्वच्छता या वृक्षारोपण अ भयान म भाग
ली जए; बड़े होकर रा ीय सेवा योजना जैसे समूह से जु ड़ए; और य द आपके मोहल्ले का कोई बच्चा वद्यालय नह जा रहा तो
कसी बड़े को बताइए।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
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क्या आप जानते ह? नःशुल्क और अ नवाय बाल शक्षा का अ धकार अ ध नयम, 2009 प्रत्येक 6 से 14 वष
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co भोजन योजना, जसे अब पी.एम. पोषण कहा जाता है, वश्व क सबसेagबड़ीl वद्यालयी भोजन
के बच्चे को शक्षा का कानूनी अ धकार दे ता है और सं वधान का अनुच्छेद 21क इसे मौ लक अ धकार
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emम से एक है।
भारत क मध्याह्न
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योजनाओं
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आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 147
समुदाय — आपक सहायता कौन करता है
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अपने प रवार के बाहर उन सभी लोग क सूची बनाइए, जो अपने काय के माध्यम से कसी न कसी रूप म
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संभव हुआ?” आपक सूची अपेक्षा से कह लंबी होगी। इसे.cता agl
व ध — अपने एक साधारण दन को सुबह उठने से रात सोने तक मन म दोहराइए और हर बदु पर पू छए — “यह कसके काम से
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नमूना उत्तर —
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व्य क्त उनका काम मेरी सहायता कैसे करता है
िकसान और खेितहर मजदू र मेरे पितिदन के चावल, गेहू,ँ दाल और सिब्जयाँ उगाते है ं
दू ध वाला, स ब्जीवाला, िकराना दुक ानदार वही भोजन मेरे घर से कु छ कदम की दू र ी पर पहच
ु ँ ा दे ते है ं
टक और रे ल वे के कम चारी सामान को उत्पादन-स्थल से मेरे नगर तक लाते है ं
नगर िनगम के सफाईकम और कू ड़ ा उठाने वाले मेर ी गली और कॉलोनी साफ रखते है ं तथा पितिदन कचरा ले जाते है ं
जलापूित और िबजली िवभाग के कम नल में पानी और कमरे में रोशनी; तूफ ान में लाइन टू टने पर उसे ठीक करते है ं
िशक्षक और िव ालय के कम चारी मुझे पढ़ ाते है;ं िलिपक, रसोइया और सफाईकम िव ालय चलाए रखते है ं
बस या ऑटो चालक मुझे सुर िक्षत िव ालय ले जाते और वापस लाते है ं
डॉक्टर , नस , दवा िवक्रे ता बीमार पड़ने पर उपचार करते है;ं दवा दुक ान पर दवाइयाँ उपलब्ध रहती है ं
पुिलस और अिग्नशमन से वा क्षेत्र को सुर िक्षत रखते है ं और आपात िस्थित में आते है ं
दज , मोची, नाई, बढ़ ई, िबजली िम स्त्री, नलसाज, राजिम स्त्री मेरे कपड़े, जूते, फन चर और घर की चीज़ें बनाते और सुध ारते है ं
डाक और पास ल पहच
ु ँ ाने वाले पत्र, पासल और कागज़ात पहच
ु ँ ाते है ं
बुनकर , दज और कारखाने के श्रिमक इस समय मैंने जो कपड़े पहने है,ं वे उन्ही ं ने बनाए है ं
ले खक , मुद क और पुस्तक िवक्रे ता वही पाठ पुस्तक बनाई िजसमें मैं यह अध्याय पढ़ रहा/रही हू ँ
पड़ ोसी और िम त्र आपात िस्थित में सहायता करते है,ं चाबी रखते है,ं पढ़ ाई में मदद करते है ं
यह सूची क्या सद्ध करती है: पृष्ठ 146 क वही बात — “हमारे ज टल समाज म प्रत्येक व्य क्त कई अन्य
व्य क्तय और समुदाय पर नभर होता है।” इनम से अ धकांश लोग को आपने चुना नह , शायद उनके नाम भी
नह जानते, फर भी उनके बना आपका एक भी साधारण दन नह चल सकता। यही अंत नभरता है।
सुझाव: कक्षा म सूची पढ़ते समय एक पं क्त और जो ड़ए — “और म कसक सहायता करता/करती ँ?” शायद
आप छोटे भाई-बहन को पढ़ाते ह , पड़ोसी का पानी भर दे ते ह या घर म कसी का ध्यान रखते ह । नभरता दोन
ओर से होती है।
आइए पता लगाएँ — पृष्ठ 147
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समुदाय — आप कन समुदाय का हस्सा ह
आइए पता लगाएँ
प्र.1 आप कन प्रकार के समुदाय का हस्सा ह?
हम सब एक साथ अनेक समुदाय का हस्सा होते ह। पृष्ठ 147 के उदाहरण को शीषक बनाकर अपने उत्तर भ रए।
समुदाय का प्रकार नमूना उत्तर — म जनका हस्सा ँ
पिरवार और संबंध ी मेर ा अपना पिरवार, और वह बड़ा दायरा जो िववाह और त्योहारों पर जुटता है
पड़ ोस मेर ी गली के पिरवार; हमारी आवासीय कल्याण सिमित, जो कू ड़ा उठाने और सामुद ाियक उ ान की सफाई के िनणय
ले ती है
िव ालय मेर ी कक्षा; िव ालय का खेल समुद ाय (मैं कब ी खेल ता/खेल ती हू)ँ ; िव ान क्लब; िव ालय का बैड
ं
स्थान या क्षेत्र मेरे नगर के लोग, और वे लोग िजनकी मातभृ ाषा मेर ी ही है
काय या रुिच कॉलोनी का साइिकल समूह; रिववार को िनःशुल्क पुस्तकालय में पढ़ ने वाले बच्चे
से वा समूह स्काउट और गाइड; मेरे िव ालय के बड़े िव ाथ रा ीय से वा योजना और रा ीय कै डेट कोर से जुड़ते है ं
जाित या धािम क पुस्तक बताती है िक एक जाित या िकसी धम का समूह भी समुद ाय कहलाता है
समुद ाय
उत्तर ‘एक साथ अनेक’ ही क्य है: पुस्तक ‘समुदाय’ को लचीली संकल्पना कहती है। आप कसी एक खाने म
बंद नह ह। एक ही व्य क्त उसी दन कक्षा, खेल दल, कॉलोनी, नगर, भाषा-समूह और कसी सेवा संगठन का सदस्य
हो सकता है — और उनम से हर समुदाय म ऐसे लोग भी ह जो कसी और बात म आपसे भन्न ह। अनेक समुदाय
से जुड़ा होना ही समाज को आपस म सले रखता है।
प्र.2 क्या आपके व ालय म कोई क्लब है, जसम आप स म्म लत ह? यह कैसे काम करता है?
उत्तर अपने व ालय के अनुसार ल खए — उसी क्लब का वणन क जए जसके आप वास्तव म सदस्य ह। य द आप कसी
क्लब म नह ह, तो उस क्लब के बारे म ल खए जससे आप जुड़ना चाहगे और यह बात ईमानदारी से लख द जए।
नमूना उत्तर: म अपने वद्यालय के पयावरण क्लब का सदस्य ँ। इसम कक्षा 6 से 9 तक के लगभग 30 वद्याथ और एक प्रभारी
श क्षका ह। हम प्रत्येक श नवार को अं तम कालांश म मलते ह। सदस्य ारा चुने गए दो वद्याथ स चव महीने क योजना बनाते ह
और उप स्थ त र जस्टर रखते ह। हम वद्यालय क रसोई-वा टका और पछले वषा-ऋतु म लगाए पौध क दे खभाल करते ह, महीने
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
म एक बार रद्द संग्रह अ भयान चलाते ह और सूचना पट्ट पर हर सप्ताह एक ‘ह रत तथ्य’ लगाते ह। बीज और गमल का खच रद्द
बेचकर नकलता है। नणय चचा से होते ह और मतभेद होने पर मतदान कर लेते ह। हर सदस्य से अपेक्षा है क वह महीने म कम-से-
कम दो बैठक म आए और एक बार पौध को पानी दे ने क बारी नभाए।
पूरे उत्तर म क्या होना चा हए: (1) क्लब का नाम और उ े श्य; (2) सदस्य कौन ह और नेतृत्व कसका है; (3)
कब और कहाँ बैठक होती है; (4) वह वास्तव म क्या करता है; (5) नणय कैसे होते ह और खच कहाँ से आता है;
(6) सदस्य से क्या अपेक्षा क जाती है। यह अं तम बदु पृष्ठ 143 वाली बात ही है — समुदाय तभी चलता है जब
उसके सदस्य अपने कतव्य नभाएँ।
क्लब समुदाय का अ ा छोटा नमूना क्य है: यह स्वै च्छक है, अपने नयम स्वयं बनाता है, सदस्य से काम
माँगता है और अपने बाहर के लोग पर नभर भी है — प्रभारी श क्षका, वद्यालय कायालय और माली पर। यह लघु
रूप म आवासीय कल्याण स म त ही है।
आगे बढ़ने से पहले... — पृष्ठ 148
अध्याय तीन बदुओं म
आगे बढ़ने से पहले . ..
प्र.1 प रवार मानव समाज का आधार है। आदश रूप म प रवार के सदस्य अपने अनेक कतव्य और काय म एक-
दूसरे को सहयोग प्रदान करते ह।
इस वाक्य को दो भाग म प ढ़ए — एक तथ्य और एक आदश।
वाक्य का भाग अध्याय ने क्या दखाया
“पिरवार मानव समाज यह “िकसी भी समाज की मूल भूत और सबसे पाचीन इकाई है” और “हम सभी अिधकांशत: एक पिरवार में रहते है”ं ।
का आधार है” समाज अलग-अलग व्यिक्तयों से नही ं, पिरवारों से बनता है
“सद स्य … एक -दू स रे संबंध पेम , दे खभाल, सहयोग और अंतिनभरता पर आधािरत है;ं पत्येक सदस्य की “अन्य सदस्यों के पित एक भूिमका
को सहयोग पदान करते और दाियत्व” है — तेनिजंग के िपता का घर के काम सँभालना, दादी का भोजन बनाना और कहािनयाँ सुनाना, दादा
है”ं का पढ़ ाना तथा कॉलोनी की से वा करना
एक सावधान शब्द — पुस्तक यह दावा नही ं करती िक हर पिरवार ऐसा ही है। वह कहती है िक पिरवार अपने श्रेष्ठ रूप में ऐसा होता है —
“आदश रूप में” इसीिलए अध्याय के अभ्यास आपसे यह भी पूछते है ं िक आपके अपने घर में काम वास्तव में कौन करता है
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
‘आधार’ शब्द ही उपयुक्त क्य है: आधार वह है जस पर सब कुछ टका होता है और जो प्रायः दखाई नह दे ता।
घर पर सीखे मूल्य — साझा करना, बारी लेना, दूसरे के लए कुछ छोड़ दे ना — हर सुबह घर से नकलने वाला
व्य क्त गली, वद्यालय और कायस्थल तक ले जाता है। शा लनी का सूती कपड़ा छोट बात है; जस आदत का वह
हस्सा है, वह छोट नह ।
प्र.2 समुदाय अपेक्षाकृत बड़ी इकाई है। इसका अथ यह भी है क लोग एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करने के लए
अपना सव त्तम प्रयास करते ह। ‘समुदाय’ को अनेक प्रकार से प रभा षत कया जा सकता है और समुदाय अनेक
प्रकार के होते ह।
एक वाक्य म तीन बात ह और अध्याय तीन को सद्ध करता है।
कथन अध्याय म प्रमाण
समुद ाय पिरवार से बड़ ी “पिरवार न के वल अपने अंद र बिल्क अन्य पिरवारों से और आस-पास के लोगों से भी जुड़े होते है”ं — घे र ा बस बड़ा
इकाई है हो जाता है
इसमें लोग एक -दू स रे का त्योहार, मेले और िववाह; बुआ ई-कटाई में सहायता; भील समुद ाय की हलमा परंपरा; 2015 की चेन्नई बाढ़ में भोजन
सहयोग करते है ं बनाकर बाँटना; अहमदाबाद में कमल परमार की शाम की कक्षाएँ
इसे अनेक पकार से एक जाित या उसका उपिवभाजन; िकसी धम, क्षेत्र , सामान्य काय या रुिच का समूह — ‘मुंबई का पारसी समुद ाय’,
पिरभािषत िकया जा ‘के रल का वै ािनक समुद ाय’, ‘गाँव का िकसान समुद ाय’; और िव ालय में आपकी कक्षा, खेल समुद ाय, रा ीय
सकता है से वा योजना, रा ीय कै डेट कोर, िव ान या नाट समूह
नए पकार भी बनते रहते िपछले 30–40 वष ं की आवासीय क ल्याण सिमितयाँ, जो अपिशष्ट, सफाई और पालतू पशुओ ं के अपने िनयम बनाती है ं
है ं
और सहयोग के साथ कतव्य भी आते ह — “समुदाय के अंदर सभी प रवार तथा व्य क्तय के व शष्ट कतव्य ह, अन्यथा समुदाय
सुचारु रूप से काय नह कर पाएँगे।”
प्र.3 अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर नभर करते ह।
कोई भी समुदाय अकेले नह चल सकता। पुस्तक का अपना उदाहरण — जो आवासीय कल्याण स म त अपनी कॉलोनी के
नयम बनाती है, वही “ कराने क आपू त के लए व्यापारी समुदाय और कूड़े के नपटान के लए नगर नगम के कामगार पर
नभर” रहती है।
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
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अंतिनभरता का पुस्तक का अपना उदाहरण (पष्ृ ठ 146)
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semसामान की आपूित
यापारी समुदाय नगर िनगम कम
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िकसान सम ुदाय
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सबके िलए अन्न
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a यही ंखला आगे भी चलती है — व्यापा रय को प रवहन और कसान क आवश्यकता है; नगर नगम के कामगार को औजार
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चा हए जो कोई और बनाता है; कसान को बीज, औजार और बाजार चा हए। पुस्तक का नष्कष स्पष्ट है — “हमारे ज टल समाज
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म प्रत्येक व्य क्त कई अन्य व्य क्तय और समुदाय पर नभर होता है।”
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agl होता है: अध्याय सबसे छोटे घेरे — प रवार — से आरंभ हुआ था, जहाँ
अध्याय ‘अंतत:’ शब्द पर क्य समाप्त
अंत नभरता स्पष्ट दखती है : बच्चा माता- पता पर, माता- पता एक-दूसरे पर और बुजुग युवाओं पर नभर ह। अंत म
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वह दखाता है क सबसे बड़े घेर के बीच भी यही संबंध है। समाज म कुछ भी अकेले खड़ा नह ; हर चीज़ कसी और
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के सहारे टक है।
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याकलाप और प रयोजनाएँ — पृष्ठ 148
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अध्याय के अंत का अभ्यास
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आप अपने प रवार और पास-पड़ोस म कन नयम का पालन करते ह? ये क्य महत्वपूण ह?
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.c कहती है, यद्य प “वे शायद ही कभी लखे गए”। वही नयम ल खए जनकाagआप वास्तव म पालन करते ह, और साथ म
घर और पड़ोस के अ धकांश नयम अ ल खत होते ह — ठ क वैसे ही जैसे पृष्ठ 143 क सामुदा यक प्रथाएँ, जन्ह पुस्तक
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se यह भी क हर नयम कस चीज़ क रक्षा करता है।
‘ नयम’
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय AglaSem · NCERT Solutions
मेरे प रवार के नयम — नमूना उत्तर यह क्य महत्वपूण है
रात का भोजन सब साथ करते है ं और सबके बैठने से पहले कोई यही एक समय है जब पूर ा पिरवार बाते ं करता है; सम स्याएँ सबसे पहले
शुरू नही ं करता यही ं सामने आती है ं
कही ं जाने से पहले बड़ों को बताना िक कहाँ जा रहे है ं और कब सुर क्षा — और सबकी िचंता भी बचती है
लौटेंग े
खेल ने से पहले ग ृहकाय और बस्ता पूर ा काम पहले हो जाए तो पूर ी शाम िबना झगड़ े बीतती है
जो िजस वस्तु का पयोग करे , वही उसे यथास्थान रखे; अपना कोना घर का काम बँटता है, िकसी एक पर नही ं पड़ ता
स्वयं साफ रखे
बड़ा खच माता-िपता िमलकर तय करते है ं तेनिजंग के पिरवार वाली पथा — गलती कम होती है और बराबरी का
स म्मान बना रहता है
भोजन बब द नही ं करना; बचा हुआ भोजन पयोग या साझा करना हर थाली के पीछे लगे श्रम और पैसे का आदर
बड़ों से और घर में काम करने वाले हर व्यिक्त से िशष्टता से बोलना आदर सबका अिधकार है, के वल बड़ ों का नही ं
मेरे पड़ोस के नयम — नमूना उत्तर यह क्य महत्वपूण है
कचरा सुबह बाहर रखा जाता है, गीला और सूखा अलग-अलग गली साफ रहती है और कचरा उठाने वाले का काम संभव होता है
रात में लाउडस्पीकर नही ं; 10 बजे के बाद संग ीत धीमा बच्चे पढ़ ते है ं और बुजगु सोते है;ं एक घर का उ त्सव दू स रे की परे शानी न बने
वाहन िनध िरत स्थान पर खड़े हों, िकसी के गेट के सामने नही ं एंबल
ु े ंस और दमकल का भीतर आना आवश्यक है
पानी बब द न करना; साझा टंक ी पर नल बंद रखना आपूित साझा और सीिमत है — यह पष्ृ ठ 143 का ‘साझा संस ाधन’ वाला
िनयम ही है, शहरी रूप में
पालतू पशुओ ं के मािलक उनकी गंद गी स्वयं साफ करे ं; उ ान यह वही िनयम है िजसका उ ल्ले ख पुस्तक आवासीय क ल्याण सिमितयों के
सबके िलए रहे संद भ में करती है
त्योहार और सफाई अिभयान में सब श्रम या धन से भाग ले ं साझा चीज़ें तभी िकसी की होती है ं जब हर कोई उनमें िहस्सा ले
नयम क्य आवश्यक ह, एक पं क्त म: प रवार और पड़ोस साझा स्थान ह जहाँ समय, पैसा, पानी, शां त और
ध्यान — सब सी मत ह। नयम इन्ह बाँटने क आपसी सहम त ह, ता क हर दन उसी बात पर झगड़ा न करना पड़े।
पुस्तक समुदाय के बारे म यही कहती है — इन प्रथाओं से समुदाय को “संसाधन तक सुर क्षत पहुँच” मली, और
बदले म “सभी प रवार तथा व्य क्तय के व शष्ट कतव्य ह, अन्यथा समुदाय सुचारु रूप से काय नह कर पाएँगे”।
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प्र.2 क्या आपको लगता है क प रवार या समुदाय म कुछ लोग के प्र त कुछ नयम अनु चत होते ह? क्य ?
हाँ — कुछ नयम अनु चत होते ह, और कसी नयम क परख सरल है : जन्ह उसे मानना है, क्या उनक राय भी उसम है,
और क्या वह सब पर समान रूप से लागू होता है?
ऐसा नयम जो अनु चत हो सकता यह अनु चत क्य है इसका उ चत रूप
है
भोजन और सफाई का काम के वल घर एक , काम एक , पर बोझ के वल आधे बच्चों पर बारी-बारी की सूची, िजसमें हर बच्चे
लड़िकयाँ करे ं, लड़कों से न कहा जाए — और उनकी पढ़ ाई तथा खेल का समय भी घटता की बारी आए — जैस ा तेनिजंग के
है िपता ने कर िदखाया
अच्छे या दू र के िव ालय में के वल लड़कों बच्चे की िशक्षा इस बात पर िनभर नही ं होनी चािहए हर बच्चे को समान िशक्षा; पैसे की
को भेजना िक वह लड़ की है या लड़ का कमी हो तो पिरवार िमलकर और
खुल कर िनणय ले
“बड़ों के बीच बच्चे न बोले ं” हर बात पर लागू कर िदया जाए तो िजनके िवषय में पहले सुनना, िफर बोलना; और िजन
िनणय हो रहा है वे ही चुप करा िदए जाते है ं — जैसे बातों से बच्चे जुड़े है ं उनमें उनकी बात
बच्चे की अपनी पढ़ ाई सुनी जाए
कॉलोनी का ऐसा िनयम िक घरे ल ू सहायक यह कु छ लोगों को उनके काम के कारण छोटा सबके िलए एक ही पवेश और एक ही
या सामान पहच
ु ँ ाने वाले मुख्य िलफ्ट या गेट मानता है — जबिक कॉलोनी पूर ी तरह उ न्ही ं पर िलफ्ट
का पयोग न करे ं िनभर है
कॉलोनी के एकमात्र मैद ान में खेल ने पर िनयम घास बचाता है और बच्चों का एकमात्र मैद ान खेल ने का समय और क्षेत्र तय हो —
रोक छीन ले ता है और यह बच्चों से पूछकर तय हो
कोई पुर ानी पथा जो कु छ पिरवारों को साझा यह अन्यायपूण है और संिवधान की समानता की िबना िकसी अपवाद के हर पिरवार को
कु एँ, मंिदर या सभा से दू र रखे गारंटी के िवरुद्ध — कोई परंपरा इसे उिचत नही ं समान पहच
ुँ
ठहरा सकती
बैठक का समय या सूचना ऐसी हो िजससे उ न्हे ं ऐसे िनयम मानने पड़ ते है ं िजन पर वे कभी बोल स्थानीय भाषा में घोषणा, और ऐसा
अनपढ़ या दे र तक काम करने वाले छू ट ही नही ं सके समय जब काम करने वाले लोग आ
जाएँ सकें
कसी भी नयम को परखने के तीन प्रश्न:
1. बनाया कसने? क्या उन लोग क आवाज़ उसम थी जन पर वह लागू है? पुस्तक स्वयं सराहना से कहती है क
आवासीय कल्याण स म तय म “इन समुदाय म रहने वाले लोग इन नयम और कानून के नमाण म भागीदार
होते ह”।
2. बोझ कस पर पड़ता है? जो नयम सदा उन्ह लोग पर भारी पड़े — सबसे छोट , म हलाओं या सबसे नधन
पर — वह कतना भी पुराना हो, अनु चत है।
3. क्या इसे बदला जा सकता है? लोग के बनाए नयम लोग बदल भी सकते ह। यही सोचने के लए यह प्रश्न
आपसे कहा गया है।
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घर म बात कैसे उठाएँ: नयम मानने से इनकार करके नह , ब ल्क कारण पूछकर और अ धक उ चत रूप सुझाकर
— “क्या हम बतन के लए बारी क सूची बना ल?” जो कारण सुना जा सके, वही नयम को आदे श से अलग
बनाता है।
प्र.3 कुछ ऐसी प र तय का वणन क जए जहाँ आपने दे खा है क समुदाय के सहयोग से लाभ होता है। आप
इसके बारे म ल खए अथवा चत्र बनाइए।
व ध — हर प र स्थ त को चार चरण म ल खए : (1) क्या हुआ, (2) अकेला प रवार क्या कर पाता, (3) समुदाय ने क्या
कया, (4) इससे क्या अंतर पड़ा। तीन-चार प र स्थ तयाँ पयाप्त ह। चत्र बनाना हो तो खाने बनाकर हर खाने के नीचे एक वाक्य
ल खए।
नमूना उत्तर
पर त समुदाय ने क्या कया क्या अंतर पड़ा
1. तेज वष के बाद रिववार सुबह लगभग तीस पड़ोिसयों ने फावड़े और पानी सप्ताह भर खड़े रहने के बजाय एक ही सुबह में
गली में भरा पानी बािल्टयों से बंद नाली साफ की; एक पिरवार ने चाय िनकल गया। यह काम कोई एक पिरवार नही ं कर
भेजी; स्थानीय सफाईकम ने रुकावट का स्थान बताया सकता था और कोई िशकायत इतनी जल्दी नही ं सुनी
जाती
2. कम साधनों वाले घर पड़ोिसयों ने कु िसयाँ, बतन और शािमयाना िदया; चार पिरवार का िववाह ठीक से हआ
ु और कज़ भी नही ं ले ना
में िववाह पिरवारों ने भोजन बनाया; युवाओं ने अितिथयों की पड़ा — काम और सामान का वही बँटवारा जो ग ाम
व्यवस्था सँभाली समुद ाय में होता है
3. िव ालय के बाहर दुक ानदारों ने यातायात रोका, एक ऑटो चालक घायल कु छ ही िमनटों में सहायता िमल गई। अजनबी इसिलए
सड़ क दुघ टना को अस्पताल ले गया, िकसी ने उसके घर सूचना दी आगे आए क्योंिक संक ट में पड़ा व्यिक्त उनकी गली में
था
4. अके ली रहने वाली पड़ोिसयों ने बारी-बारी से भोजन और दवा पहच
ु ँ ाई तथा उनकी दे खभाल घर पर ही हो गई। यही हलमा का
बुजगु मिहला का बीमार उनके पास बैठे; एक िव ाथ ने बैक
ं का काम कर िदया िवचार है — संक ट के समय िकसी व्यिक्त को सहारा
पड़ ना दे ना
5. गाँव का सूखा तालाब पूरे गाँव ने वष से पहले तीन िदन श्रमदान करके तालाब तालाब पूर ी गम भरा रहा और पास के कु एँ नही ं सूखे
से गाद िनकाली और बंध ा सुध ारा — झाबुआ के पास भीलों की खंितयों वाला तक ही
6. हमारे क्षेत्र के दो महािव ालय-छात्रों और एक से वािनवृत्त िशक्षक ने अगले वष ग्यारह बच्चों ने िनयिमत िव ालय में पवेश
िव ालय न जाने वाले सामुद ाियक भवन में शाम की िनःशुल्क कक्षाएँ शुरू की ं; िलया — छोटे रूप में कमल परमार की कहानी की
बच्चे िनवािसयों ने पुस्तकें दी ं पुनरावृित्त
नष्कष म क्या लख: इन सबम एक ही ढाँचा दखता है — ऐसी समस्या जो कसी एक प रवार के बस क नह थी, ऐसे लोग ने
हल क जन्ह बदले म कुछ नह चा हए था, और जन्ह ने इसे पा रश्र मक नह , कतव्य माना। पुस्तक के शब्द म — समुदाय
इसी लए चलते ह क्य क “समुदाय के अंदर सभी प रवार तथा व्य क्तय के व शष्ट कतव्य ह” और क्य क “प्रत्येक व्य क्त कई
अन्य व्य क्तय और समुदाय पर नभर होता है”।
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य द चत्र बनाएँ: चार खाने अच्छे रहते ह — समस्या, लोग का जुटना, मलकर काम, प रणाम। वचार के लए
पाठ्यपुस्तक के पृष्ठ 145 के छाया चत्र दे खए — पूरी पहाड़ी पर खं तयाँ खोदते सैकड़ लोग, अपने औजार लेकर
पैदल जाते लोग, और अंत म वहाँ पानी से भरा तालाब जहाँ पहले सूखी ढलान थी।
अध्याय — एक नज़र म
अध्याय का एक ही वचार — कोई भी अकेला नह जीता। प रवार एक-दूसरे क दे खभाल करने वाले लोग का सबसे
छोटा घेरा है और समुदाय उससे बड़ा घेरा, जसम अनेक प रवार तथा आस-पास के लोग जुड़े होते ह। अध्याय पहले घेरे से
दूसरे घेरे क ओर बढ़ता है और अंत म दखाता है क समुदाय भी अकेले नह चल सकते — वे एक-दूसरे पर नभर ह।
प रवार समाज क सबसे प्राचीन इकाई है और उसके एक से अ धक रूप ह। पुस्तक दो रूप बताती है — संयुक्त
प रवार, जसम अनेक पी ढ़याँ एक साथ रहती ह (दादा-दाद , माता- पता, चाचा-चाची, भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन) और
एकल प रवार, जसम “एक दं प त्त और उनक संतान होती है तथा कई बार यह अकेली माता या पता और उनके बच्च तक
सी मत होता है”। कसी भी प्रकार को दूसरे से अच्छा नह बताया गया — ये साथ रहने के अलग-अलग तरीके भर ह।
भारतीय भाषाएँ रश्त को शब्द म ही सँजोए रखती ह। अंग्रेजी म पा रवा रक संबंध के शब्द कम ह; हद म बुआ, ताऊ,
ताई, चाचा, मौसी, नाना, नानी और अनेक संबोधन ह, त मल म तो बड़े और छोटे भाई-बहन के लए भी अलग शब्द ह। परंतु
अ धकांश भारतीय भाषाओं म ‘क जन’ के लए कोई शब्द नह — चचेरे-ममेरे सब केवल भाई और बहन ह, “इससे प रवार
म सभी बच्च के बीच गहरे संबंध का पता चलता है”।
प रवार के भीतर — भू मकाएँ, दा यत्व और आपसी लेन-दे न। संबंध प्रेम, दे खभाल, सहयोग और अंत नभरता पर
आधा रत होते ह; ‘सहयोग’ का अथ है ‘एक साथ काम करना’। अपने धम या कतव्य का पालन भारतीय संस्कृ त का
महत्वपूण सद्धांत रहा है और प रवार वह ‘ वद्यालय’ है जहाँ बच्चे अ हसा, दान, सेवा और त्याग सीखते ह। दो कहा नयाँ
यही दखाती ह — केरल क शा लनी, जसके माता- पता ओणम पर चाचा के प रवार के लए भी कपड़े लाते ह, और पूव त्तर
के तेन जग, जसके पता घर के काम सँभालते ह और जसके दादा-दाद पढ़ाते, सुनाते तथा मोहल्ले क सेवा करते ह।
समुदाय जुटते ह, नयम बनाते ह और सेवा करते ह। लोग त्योहार , भोज और ववाह के लए, गाँव म बुआई-कटाई के
लए एक साथ आते ह; समय के साथ पानी, चरागाह और वन-उत्पाद जैसे साझा संसाधन पर अ ल खत ‘ नयम’ बने —
जनके कारण हर प रवार के कतव्य भी ह। झाबुआ (मध्य प्रदे श) के भील समुदाय ने हलमा परंपरा के अंतगत बना
पा रश्र मक हजार पेड़ लगाए और जल संचय क संरचनाएँ बनाईं; 2015 क चेन्नई बाढ़ म नजी तथा धा मक संगठन ने
भोजन बाँटा; अहमदाबाद म कमल परमार ने अपने काम के बाद हर शाम 150 बच्च को नःशुल्क पढ़ाया।
‘समुदाय’ एक लचीली संकल्पना है और समुदाय एक-दूसरे पर नभर ह। जा त या उसका उप वभाजन, कसी धम-क्षेत्र-
काय-रु च का समूह, वद्यालय का क्लब, रा ीय सेवा योजना, रा ीय कैडेट कोर — सब समुदाय कहलाते ह। पछले 30–40
वष म आवासीय कल्याण स म तयाँ जैसे नए समुदाय उभरे ह, जो अप शष्ट, सफाई और पालतू पशुओं के अपने नयम
बनाते ह। फर भी वही स म त सामान के लए व्यापारी समुदाय और कूड़े के लए नगर नगम के कामगार पर नभर है —
“हमारे ज टल समाज म प्रत्येक व्य क्त कई अन्य व्य क्तय और समुदाय पर नभर होता है।”
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कक्षा 6 सामा जक व ान अध्याय 9 प रवार और समुदाय
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त्व रत पुनरावृ त्त
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a योग्य
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शब्द अध्याय म कहाँ याद रखने
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प रवार िकसी भी समाज की मूल भूत और सबसे पाचीन पृष्ठ 137,
‘प रवार’
“हम सभी अ धकांशत: एक प रवार म रहते ह”
इकाई — साथ रहकर एक-दू स रे की दे खभाल
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करने वाले लोग
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m पृष्ठ 137
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संयुक्त प रवार वह पिरवार िजसमें अनेक पीिढ़ याँ एक साथ रहती दादा-दाद , माता- पता, चाचा-चाची, भाई-बहन
है ं
a g तथा चचेरे भाई और बहन
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एकल प रवार वह पिरवार िजसमें एक दंपित्त और उनकी संतान पृष्ठ 138 अकेली माता या पता और उनके बच्चे भी एकल
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होती है प रवार ह
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सहयोग
.co ‘एक साथ काम करना’ — अथ पुस्तक ने स्वयं
पृष्ठ 139,
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प्रेम, दे खभाल और अंत नभरता के साथ
a s em िदया है ‘भू मकाएँ एवं पा रवा रक संबंध का चौथा आधार
ag l दा यत्व’
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अंत नभरता पृष्ठ 139 और प रवार के भीतर भी और समुदाय के बीच भी
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एक-दू स रे पर िनभर होना, दोनों ओर से
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धम अपने कतव्य का पालन — “भारतीय संस्कृ ित का पृष्ठ 140 अध्याय क आरं भक पं क्त — “प्रेम और धम
एक महत्वपूण िसद्धांत” पा रवा रक जीवन के पुष्प और फल ह।” —
तरुवल्लुवर
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अ हसा, दान, पृष्ठ 140 “प रवार एक ‘ वद्यालय’ भी है”
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घर पर सीखे जाने वाले मूल्य
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सेवा, त्याग
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दाय आपस में जुड़े लोगों का समूह — पिरवार अन्य पृष्ठ 143, व भन्न संदभ म ‘समुदाय’ के अन्य अथ भी होते
a पिरवारों तथा आस-पास के लोगों से जुड़े होते है ं ‘समुदाय’ ह
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हलमा संक ट के समय िकसी व्यिक्त या पिरवार को पृष्ठ 144–145, बना पा रश्र मक हजार पेड़ और जल संचय
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सहारा दे ने के िलए साथ िमलकर काम करने की ‘ध्यान रख’ संरचनाएँ; शवगंगा आंदोलन के महेश शमा को
भील परंपरा
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अ ल खत साझा जल, चरागाह और agवन-उत्पाद के उपयोग पृष्ठ 143 इनसे संसाधन तक सुर क्षत पहुँच मलती है —
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‘ नयम’ पर समुद ाय की सहमित और हर प रवार के कतव्य भी बनते ह
पछले m . c o
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m glaसमुदाय
आवासीय नगरीय समुद ाय, जो अपिशष्ट पबंध न, सामान्य पृष्ठ 146 30–40 वष म उभरा ‘नए प्रकार’ का
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कल्याण स म त क्षेत्र ों की सफाई, पालतू पशुओ ं आिद के िनयम
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जा त पारंपिरक सामािजक व्यवस्था का समुद ाय; एक पृष्ठ 147 ‘समुदाय’ शब्द जन अनेक भन्न चीज़ के लए
जाित या उसका उपिवभाजन भी समुद ाय प्रयुक्त होता है, उनम से एक
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कहलाता है
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