Page 1
FOR HARYANA CLASS 11 PREPARATION
HBSE Class 11 Sample
Paper 2027 Music
Instrument with
Marking Scheme
EXAM YEAR TYPE SUBJECT
Haryana Class 11 2027 Sample Paper Music
Notes · Sample Papers · Previous Year Papers · Mock Tests
Page 2
m
m .co
.co m
Marking Scheme
m s e
se l
BSEH Model Paper ( 2026-2027)
g a
th
CLASS: 11 (Sr. Secondary)
a Code: A
Roll No.
fganqLrkuh laxhr oknu
( Hindustani Music Instrument) Melodic m
m (Hindi and English Medium) .co
.co s e m
s em ACADEMIC / OPEN
g l a
l a a
ag
(Time allowed: 2½ hours) (Maximum Marks: 30)
[kaM ¼1½ वस्तुनन् ्ቚकार के ्ቚ्
Section (1) Objective type questions
……………………………………………………………………………………
iz”u 1- राग यमन ककस थाट का राग है? m
iz”u 2- संगीत र्ቌाकर के रचनयता कौन हैं?
m .co
iz”u 3 स्क में कु ल __ स्वर होते हैं। s e
iz”u 4- रूपक ताल में __ मा्ቔाएँ होती हैं।g la
a
iz”u 5- अनिकथन A): राग में कम से कम पाँच स्वर होने चानहए।
कारण R): चार स्वरों से राग नहीं बनता।
A) दोनों सत्य हैं तथा कारण सही है।
B) दोनों सत्य हैं पर कारण सही नहीं है।
C) A सत्य, R असत्य।
m
.co
D) A असत्य, R सत्य।
m
c. oiz”u 6- अनिकथन A): कहरवा ताल मा्ቔाओं की होती है। s e m
e m l a
las कारण R): इसका नविाजन होता है। ag
ag
A) दोनों सत्य हैं तथा कारण सही है।
B) दोनों सत्य हैं पर कारण सही नहीं है।
C) A सत्य, R असत्य।
D) A असत्य, R सत्य।
D) एक शब्द में उ्ቈर
m .
.co s e m
s em l a
g la ag
a For more Question Papers, Sample Papers, Notes & Syllabus visit Page 1 of 4
Page 3
iz”u 7- नाद के ककतने ्ቚकार होते हैं?
iz”u 8 राग आसावरी ककस थाट का राग है?
mÙkj 01 B) कल्याण
mÙkj 02 B) शारं गदेव
mÙkj 03 स्क में कु ल 7 स्वर होते हैं
mÙkj 04 रूपक ताल में 7 मा्ቔाएँ होती हैं।
mÙkj 05 A) दोनों सत्य हैं तथा कारण सही है।
mÙkj 06 A) दोनों सत्य हैं तथा कारण सही है।
mÙkj 07 दो आहत एवं अनाहत
mÙkj 08 आसावरी थाट
[kaM ¼2½ अनत लघुउ्ቈरात्मक ्ቚकार के ्ቚ्
Section (2) Very short answer type questions
iz”u 9- संगीत की पररिाषा नलनिए। अथवा नाद की पररिाषा नलनिए।
iz”u 10- गत क्या है? अथवा झाला क्या है?
iz”u 11- थाट की पररिाषा नलनिए। अथवा राग की दो नवशेषताएँ नलनिए।
iz”u 12- लय तथा ताल में अंतर नलनिए। अथवा ्शुनत क्या है?
mÙkj 9- संगीत की पररिाषा गीत, वादन तथा नृत्य के समन्वय को संगीत कहते हैं। या
ननयनमत एवं मधुर ध्वनन को नाद कहते हैं।
mÙkj 10- गत वा्ቕ संगीत में नननित ताल में बजाई जाने वाली रचना को गत कहते हैं। या
झाला वादन का ती्व गनत वाला अंनतम िाग है।
mÙkj 11- थाट सात स्वरों के ्ቅमब्ध समूह को थाट कहते हैं।
mÙkj 12- लय तथा ताल
लय गनत
ताल मा्ቔाओं का नननित च्ቅ
For more Question Papers, Sample Papers, Notes & Syllabus visit Page 2 of 4
Page 4
m
m .co
m .co s e m
se
_____________________________________________________
g a
l ्ቚ्
a
[kaM ¼3½ लघुउ्ቈरात्मक ्ቚकार के
Section (3) short answer type questions
____________________________________________________________
iz”u 13- उ्ቈरी एवं दनिणी िारतीय स्वरनलनप प्धनत में तीन अंतर नलनिए।
m
अथवा
c o m m .co
स्वरनलनप m . के लाि नलनिए।
प्धनत s e
s e l a
iz”u 14 राग
g a
l यमन का पररचय नलनिए। ag
a
आरोह, अवरोह, वादी, संवादी, पकड़
अथवा
राग जौनपुरी का पररचय नलनिए।
iz”u 15 पं रनवशंकर का संनि् जीवन पररचय नलनिए।
m
अथवा .co
s em
प्ቐालाल घोष का संनि् जीवन पररचय नलनिए।
g la
a में अंतर। दोनों प्धनतयों के तीन अंतर।
mÙkj 13- िातिंडे एवं पलुस्कर स्वरनलनप
mÙkj 14 राग यमन
थाट – कल्याण
जानत – सम्पूणण
वादी – ग m
m संवादी – नन .co
m .co s e m
s e आरोह – नन रे ग म ती्व प ध नन सां g l a
g la a
a अवरोह – सां नन ध प म ती्व ग रे सा
पकड़ – नन रे ग रे सा
mÙkj 15 पं रनवशंकर नव्ቫ ्ቚनस्ध नसतार वादक ,िारत र्ቌ सम्मान ्ቚा्। िारतीय संगीत
का नव्ቫिर में ्ቚचार ्ቚसार ककया। या
प्ቐालाल घोष , ्ቚनस्ध बाँसुरी वादक । शाኚᮌीय संगीत में बड़ी बाँसुरी का ्ቚचलन
m .
.co
ककया। िारतीय संगीत में महत्वपूणण योगदान कदया।
s e m
s em l a
g la ag
a For more Question Papers, Sample Papers, Notes & Syllabus visit Page 3 of 4
Page 5
------------------------------------------------------------------------------------------------
[kaM ¼4½ दीघण उ्ቈरात्मक ्ቚकार के ्ቚ्
Section (4) Long answer type questions
------------------------------------------------------------------------------------------------
iz”u 16- वैकदक काल से वीं शताब्दी तक िारतीय संगीत के नवकास का वणणन कीनजए
तथा 'संगीत र्ቌाकर' का महत्व बताइए।
अथवा
राग आसावरी का नवस्तृत पररचय नलनिए तथा उसका आरोह , अवरोह, पकड़, दो
आलाप एवं दो तोड़े नलनिए।
mÙkj 16- वैकदक काल से वीं शताब्दी सामवेद में संगीत का ्ቚारम्ि। िरतमुनन का
ना्शाኚᮌ। मतंग मुनन का बृह्देशी । शारं गदेव का संगीत र्ቌाकर । संगीत र्ቌाकर
का महत्व।
या
राग आसावरी
थाट – आसावरी
वादी – ध
संवादी – ग
आरोह – सा रे म प ध सा
अवरोह – सा नन कोमल ध कोमल प म ग कोमल रे सा
पकड़ – रे म प ध, म ग रे सा
दो सरल आलाप
दो सरल तोड़े
For more Question Papers, Sample Papers, Notes & Syllabus visit Page 4 of 4