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ANNUAL EXAMINATION
Question Paper
2024
NCERT BASED SYLLABUS
FOR CBSE AND STATE BOARD
FOLLOWING NCERT
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Annual Exam Question Paper 2024
2023-24
विषय-हिंदी आधार (302)
कक्षा-11वीं
समय-3 घंटे पर्णां
ू क-80
सामान्य और आवश्यक निर्देश-
1. इस प्रश्न पत्र में दो खंड हैं- खंड ‘अ’ और खंड ‘ब’ |
2. खंड अ में कुल 40 वस्तप ु रक प्रश्न पछू े गए हैं जिनमें सभी प्रश्नों के उत्तर दे ना अनिवार्य है |
3. खंड ब में वर्णनात्मक प्रश्न पछ ू े गए हैं, प्रश्नों के उचित आंतरिक विकल्प दिए गए हैं |
4. प्रश्नों के उत्तर दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए दीजिए |
5. दोनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर दे ना अनिवार्य है |
6. यथासंभव दोनों खंडों के प्रश्नों के उत्तर क्रमशः लिखिए |
खंड ‘अ’ (वस्तप
ु रक प्रश्न)
प्रश्न1- निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपर्व ू क पढ़कर पछ ू े गए प्रश्नों के सही विकल्प चनि ु ए- 1X10=10
वास्तव में मनष्ु य स्वयं को दे ख नहीं पाता | उसके नेत्र दस ू रों के चरित्र को दे खते हैं, उसका हृदय दस ू रों के दोषों को
अनभ ु व करता है | उसकी वाणी द स
ू रों के अवग ण
ु ों का विश्ले ष ण कर सकती है , कि ं त ु उसका अपना चरित्र, उसके
अपने दोष एवं उसके अवगुण, मिथ्याभिमान और थोथे आत्म-गौरव के काले आवरण में इस प्रकार प्रच्छन्न
रहते हैं कि जीवन-पर्यंत उसे दृष्टिगोचर ही नहीं हो पाते | इसीलिए मनष्ु य स्वयं को सर्वगण ु संपन्न दे वता समझ
बैठता है | क्षुद्र व्यक्ति एवं मस्तिष्क अपनी क्षुद्र सीमा से परे किसी भी वस्तु का सही मल् ू य आंकने में असमर्थ
रहते हैं | इसलिए व्यक्ति स्वयं के द्वारा जितना छला जाता है , उतना किसी अन्य के द्वारा नहीं |
आत्म-विश्लेषण करना कोई सहज कार्य नहीं | इसके लिए अत्यंत उदारता, सहनशीलता एवं महानता की
आवश्यकता होती है | इसका तात्पर्य यह नहीं कि आत्म-विश्लेषण मनष्ु य कर ही नहीं सकता | अपने
गण ु ों-अवगण ु ों की अनभ ू मनष्ु य को सदै व रहती है | अपने दोषों से वह हर पल, हर क्षण अवगत रहता है , किंतु
ु ति
अपने दोषों को मानने के लिए तैयार न रहना ही उसकी दर्ब ु लता होती है और यही उसे आत्म-विश्लेषण की क्षमता
नहीं दे पाती | उसमें इतनी उदारता और हृदय की विशालता ही नहीं होती कि वह अपने दोषों को स्वयं दे खकर कह
सके | इसके विपरीत पर-निंदा एवं पर-दोष-दर्शन में अपना कुछ नहीं बिगड़ता, उल्टे मनष्ु य आनंद अनभ ु व करता
है , परं तु आत्म-विश्लेषण करके अपने दोष दे खने से मनष्ु य के अहं कार को चोट पहुँचती है |
ु ेलित कीजिए-
(i)-सम
कालम-1 कालम-2
1. मिथ्याभिमान i- पर दोष दर्शन
2. पर निंदा ii- विशालता
3. उदारता iii- थोथा आत्मगौरव
(क)- 1-(i), 2-(ii), 3-(iii) (ख) 1-(ii), 2-(iii), 3-(i)
(ग) 1-(iii), 2-(ii), 3-(i) (घ) 1-iii), 2-(i), 3-(ii)
(ii)- कथन (A)- मनष्ु य स्वयं को दे ख नहीं पाता |
कारण (R) वह स्वयं के प्रति उदासीन रहता है |
(1) कथन A सही है किंतु उसकी व्याख्या भ्रामक है |
(2) कथन A सही है और उसकी व्याख्या भी सही है |
(3) कथन A गलत है और उसकी व्याख्या भी गलत है |
(4) कथन A गलत है किंतु उसकी व्याख्या सही है |
(III)-आत्म-विश्लेषण का अर्थ है -
(क)- आत्मा को जानना (ख)- स्वयं के गुण अवगुण को समझना
(ग)- स्वयं विश्लेषण करना (घ)- औरों का स्वयं विश्लेषण करना
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(IV)-मनष्ु य को अपने अवगण
ु किस कारण नहीं दिखाई दे ते ?
(क)- मोह के कारण (ख)- मिथ्या अभिमान के कारण
(ग)- उदासीनता के कारण (घ)- दस
ू रों के कारण
(V)- कौन लोग अपना सही मल्
ू यांकन नहीं कर पाते ?
(क)- क्षुद्र लोग (ख)- उदार लोग (ग)- मर्ख
ू लोग (घ)- अज्ञानी लोग
(VI)- व्यक्ति को सबसे अधिक धोखा कौन दे ता है ?
(क)- शत्रु (ख)- मित्र (ग)- स्वजन (घ)- स्वयं
(VII)- आत्म-विश्लेषण के लिए कौन सा गुण चाहिए ?
(क)- बद्
ु धि (ख)- विवेक (ग)- योग्यता (घ)- उदारता
(VIII)- परनिंदा करने में किसे सख
ु मिलता है ?
(क)- निंदा करने वाले को (ख)- निंदा सनु ने वाले को
(ग)- सारे समाज को (घ)- निंदित व्यक्ति को
(IX)- हम पर निंदा क्यों करते हैं ?
(क)- दसू रों को सही राह पर लाने के लिए (ख)- सख
ु पाने के लिए
(ग)- सही विश्लेषण करने हे तु (घ)- समय बिताने के लिए
(X)- आत्म विश्लेषण करने से किसे चोट पहुंचती है ?
(क)- दस
ू रों को (ख)-मित्रों को (ग)-अहं कार को (घ)- शांति को
प्रश्न 2- निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यान पर्व ू े गए प्रश्नों के सही विकल्प चनि
ू क पढ़कर पछ ु ए-
1X5=5
जैसे खड़े होना, वैसे ही झुकना भी
एक स्वाभाविक क्रिया है
कितनी ही चीजें बिना झुके पहुँच से बाहर रहती हैं
कुछ चीजें हाथ से जानबझ ू कर इसलिए गिर जाती हैं
कि हम अगर झुकना या परू ी तरह झुकना भल ू गए हों
तो न भलू ें और याद हो तो फिर ठीक से याद रखें
किसी के पैर छूने के लिए हम झक ु ें
मगर मां-बाप, पत्नी-बच्चों, मौसी-मामा
आदि के समझाने पर हमें कई बार झक ु ना पड़ता है
ईश्वर के सामने तो उसके मानने वाले, खैर
रोज ही झुकते हैं बल्कि दिन में कई-कई बार
कुछ आदतन, कुछ इरादतन, कुछ चापलस ू ी में
इतने ज्यादा झुके रहते हैं कि सीधे खड़े होना भल ू जाते हैं
कुछ के आगे झक ु जाने का
और कुछ के आगे न झुक पाने का अफसोस
कई बार हमें जिंदगी भर रहता है
मगर वक्त बीत जाने के बाद हम कुछ नहीं कर पाते
कुछ करते हैं तो हास्यास्पद बन जाते हैं|
(I)- ‘खड़े होने’ का भावार्थ है -
(क)- स्वाभिमानी होना (ख)- विद्रोही होना (ग)- विरोध करना (घ)- कर्म करना
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(II)- ‘झक
ु ना’ का आशय है -
(क)- चापलस ू ी (ख)- विनम्रता (ग)- समझौता (घ)- दिखावा
(III)- लोग किसलिए झुकते हैं ?
(क)- आदतवश (ख)- किसी उद्दे श्य प्राप्त के लिए (ग)- चापलस
ू ी के कारण (घ)- तीनों
ठीक हैं
(IV)- कथन A और कारण R पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए-
कथन A- हमें झुक न पाने का अफसोस जीवन-भर रहता है |
करण R- झकु ना एक अच्छी आदत है |
(क)-कथन A सही है किंतु कारण R उसकी सही व्याख्या नहीं है |
(ख)- कथन A सही है और कारण R उसकी सही व्याख्या है |
(ग)- कथन A गलत है और कारण R उसकी सही व्याख्या है |
(घ)- कथन A गलत है किंतु कारण R उसकी सही व्याख्या नहीं है |
(V)- हम हँसी के पात्र कब बन जाते हैं ?
(क)- जब हम समय बीत जाने के बाद क्षमा माँगते हैं |
(ख)- जब हम समय बीत जाने के बाद विनम्रता दिखाते हैं |
(ग)- जब हम परु ानी बातों को याद करते हैं |
(घ)- घर जब हम गलत समय पर झक ु ते हैं |
प्रश्न3- निम्नलिखित प्रश्नों के सही विकल्प चनि
ु ए- 1X5=5
(I)- संचार में आने वाली बाधा को क्या कहते हैं ?
(क)- फीडबैक (ख)- शोर (नॉयज) (ग)- एनकोडिंग (घ)- फाल्ट
(II)- सनसनी पैदा करने वाली पत्रकारिता को क्या कहते हैं ?
(क)- स्टिं ग आपरे शन (ख)- पेज-थ्री पत्रकारिता (ग)- मख्
ु य पत्रकारिता (घ)- पीत-पत्रकारिता
(III)- समाचार लाने वालों को पत्रकारिता में क्या कहते हैं ?
(क)- उप-संपादक (ख)- संपादक (ग)- संवाददाता (घ)- विशेष
संवाददाता
(IV)- भारत का पहला हिंदी पत्र कौन-सा था ?
(क)- नवभारत (ख)- बंगाल गजट (ग)- उदं त मार्तंड (घ)- सरस्वती
(V)- एक व्यक्ति मन-ही-मन स्वयं से जो बात करता है , उसे क्या कहें गे ?
(क)- अंतःवैयक्तिक (ख)- अंतरवैयक्तिक (ग)- समह ू -संचार (घ)- जनसंचार
प्रश्न-4- निम्नलिखित पठित काव्यांश को पढ़कर पछ
ू े गए प्रश्नों के सही विकल्प चनि
ु ए- 1X5=5
और कहना मस्त हूँ मैं कूदता हूँ, खेलता हूँ
कातने में व्यस्त हूँ मैं, दःु ख डटकर ठे लता हूँ,
वज़न सत्तर सेर मेरा और कहना मस्त हूँ मैं
और भोजन ढे र मेरा | यों न कहना अस्त हूँ मैं |
(I)-कथन-1. कवि जेल में मस्त है |
2. कवि जेल में पस्त है |
3. कवि मस्त रहने का दिखावा कर रहा है |
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विकल्प-
(क)- कथन 1 और 2 ठीक हैं | (ख)- कथन केवल 3 ठीक है |
(ग)- कथन 2 ठीक है | (घ)- कथन 2-3 ठीक हैं |
(II)- कवि किसे संबोधित कर रहा है ?
(क)- पिता को (ख)- माता को (ग)- सावन को (घ)- वर्षा को
(III)- दःु ख ठे लना का क्या आशय है -
(क)- द:ु खों से छुटकारा पाना (ख)- दख ु को निमंत्रण दे ना
(ग)- द:ु खों से जझू ना (घ)- द:ु ख में मस्त रहना
(IV)- कवि मस्त होने का दिखावा क्यों कर रहा है ?
(क)- अपनी पराजय छिपाने के लिए (ख)- पिता को खशु करने के लिए
(ग)- परिजनों की चिंता कम करने के लिए (घ)- झूठा प्रभाव जमाने के लिए
(V)- अस्त होने का आशय है -
(क)- आराम से (ख)- शांत (ग)- परास्त (घ)- निराश
प्रश्न5- निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पछ
ू े गए प्रश्नों के सही विकल्प चनि
ु ए- 1X5=5
दनिु या सोती थी, पर दनि ु या की जीभ जागती थी | सवेरे दे खिए तो बालक-वद् ृ ध सबके महु ँ से यही बात सनु ाई
दे ती थी | जिसे दे खिए, वही पंडितजी के इस व्यवहार पर टीका-टिप्पणी कर रहा था, निंदा की बौछारें हो रही थीं,
मानो संसार से अब पापी का पाप कट गया | पानी को दध ू के नाम से बेचनेवाला ग्वाला, कल्पित रोजनामचे
भरने वाले अधिकारी वर्ग, रे ल में बिना टिकट सफ़र करने वाले बाबू लोग, जाली दस्तावेज बनाने वाले सेठ और
साहूकार, यह सब-के-सब दे वताओं की भांति गरदनें चला रहे थे | जब दस ू रे दिन पंडित अलोपीदीन अभियक् ु त
होकर कांस्टे बलों के साथ, हाथों में हथकड़ियां, हृदय में ग्लानि और क्षोभ भरे , लज्जा से गरदन झक ु ाए अदालत
की तरफ चले, तो सारे शहर में हलचल मच गई | मेलों में कदाचित ् आँखें इतनी व्यग्र न होती होंगी | भीड़ के मारे
छत और दीवार में कोई भेद न रहा |
(I)- कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए |
कथन (A)- चोर भी किसी और की चोरी को सहन नहीं करते |
कारण (R)- समाज के भ्रष्ट लोग भी सेठ जी की रिश्वतखोरी की निंदा कर रहे थे |
विकल्प-
(क)- कथन (A) सत्य है और कारण (R) इसकी पष्टिु करता है |
(ख)- कथन (A) सत्य है किंतु कारण (R) भ्रामक है |
(ग)- कथन (A) गलत है और कारण (R) सही है |
(घ)- कथन (A) गलत है और कारण (R)भी गलत है |
(II)- जीभ जागने का क्या आशय है ?
(क)- खाने को तैयार (ख)- बोलने में लगे रहना (ग)- निंदा-प्रशंसा करना (घ)- सत्य
बोलना
(III)- लोगों की आँखें किसलिए व्यग्र थीं ? अलोपीदीन की-
(क)- महिमा को दे खने के लिए (ख)- पहुँच को दे खने के लिए
(ग)- दर्दु शा को दे खने के लिए (घ)- सच्चाई को दे खने के लिए
(IV)- अलोपीदीन को गिरफ्तार दे खकर लोगों ने क्या प्रतिक्रिया कीं ?
(क)- अलोपीदीन से सहानभ ु तिू प्रकट की (ख)- अलोपीदीन की निंदा की
(ग)- अलोपीदीन के बारे में जिज्ञासा प्रकट की (घ)- अलोपीदीन की प्रशंसा की
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(V)- गरदनें चलाने का आशय है -
(क)- समर्थन करना (ख)- शेखी बघारना (ग)- बढ़-चढ़कर बातें बनाना (घ)- निंदा
करना
प्रश्न 6- वितान परू क पस्
ु तक के पाठों के आधार पर पछ
ू े गए प्रश्नों के उचित और सटीक विकल्प चन ु कर
लिखिए- 1X10=10
(I)- कुमार गंधर्व ने जब पहली बार लता मंगेशकर का गाना रे डियो पर सन ु ा तो उन्हें कै सा लगा ?
(क)- वे सन्न रह गए (ख)- वे कलेजे को लगा बैठे (ग)- वे प्रसन्न हो उठे (घ)- वे निराश हो गए
(II)- बेबी हालदार के कितने बच्चे थे ?
(क)- तीन-एक लड़का,2 लड़की (ख)- तीन लड़के (ग)- तीन लड़कियाँ (घ)- तीन-दो लड़के, एक लड़की
(III)- श्रोता को संगीत में किस चीज से मतलब होता है ?
(क)- राग से ु का से
(ख)- ध्वनिमद्रि (ग)- ताल से (घ)- मिठास से
(IV)- लता के स्वर में कौन-सा गुण प्रमख
ु है ?
(क)- निर्मलता (ख)- कोमलता (ग)- मग्ु धता (घ)- तीनों
(V)- नादमय उच्चार से क्या आशय है ?
(क)- उच्चारण में नाद का होना (ख)- उच्चारण में मधरु ता होना
(ग)- आलाप होना (घ)- दो शब्दों में नाद होना
(VI)- चेलवांजी किसे कहते हैं?
(क)- चालबाज को (ख)- कंु ई खोदने वाले
(ग)- खेतिहर किसान को (घ)- कंु ई की खद
ु ाई और चिनाई करने वाले कारीगर को
(VII)- बेबी हालदार अनपढ़ क्यों रह गईं ?
(क)- माँ ने स्कूल नहीं भेजा (ख)- माँ ने पढ़ाना उचित नहीं समझा
(ग)- माँ बचपन में चल बसी थी (घ)- सभी
(VIII)- प्राय: पानी किस समय निकाला जाता है ?
(क)- सबु ह-सवेरे (ख)- गोधलि
ू वेला में (ग)- दोपहर को (घ)- रात को
(IX)- कौन-सा जिला कुइयों की अधिकता के लिए प्रसिद्ध है ?
(क)- बीकानेर (ख)- चरूू ग)- जैसलमेर (घ)- बाड़मेर
(X)- बेबी हालदार अलग क्यों रह रही थीं ?
(क)- विधवा होने के कारण (ख)- तलाकशद ु ा होने के कारण
(ग)- पति से झगड़ा होने के कारण (घ)- पति विदे श होने के कारण
खंड-ब (वर्णनात्मक प्रश्न)
प्रश्न7- निम्नलिखित दिए गए शीर्षकों में से किसी एक विषय पर एक लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख
लिखिए- 5X1=5
(क)- हाउसिंग सोसाइटी का दृश्य
(ख)- लोकतंत्र में मीडिया की भमि
ू का
(ग)- परीक्षा तनाव के कारण व उसे रोकने के उपाय
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प्रश्न8- किसी एक विषय पर पत्र लिखिए- 5X1=5
मच्छरों की अधिकता एवं सफाई के अभाव में अपने मोहल्ले में तेजी से फैलते डेंगू के प्रकोप को ध्यान में रखते
हुए अपने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को एक पत्र लिखिए |
अथवा
किसी दै निक समाचार पत्र के संपादक को एक पत्र लिखिए, जिसमें बिजली के संकट से उत्पन्न कठिनाइयों का
संक्षेप में वर्णन किया गया हो |
प्रश्न9- निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए- 2X2=4
(क)- भाषण दे ने के पहले अनभ ु व को डायरी में लिखें |
(ख)- ‘डायरी लेखन में कल्पना कम यथार्थ अधिक होता है ’ सिद्ध कीजिए |
(ग)- कथा और पटकथा में अंतर स्पष्ट कीजिए |
ृ , शब्दकोश और संदर्भ ग्रंथ से संबधि
प्रश्न10- स्ववत्त ं त प्रश्नों में से किसी एक का उत्तर लगभग 60 शब्दों में
दीजिए- 3X1=3
शब्दकोश एवं संदर्भ ग्रंथ को स्पष्ट कीजिए |
अथवा
हिंदी अध्यापक पद हे तु अपना स्व-वत्तृ तैयार कीजिए |
प्रश्न11- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए |
3X2=6
(क)- बस्तियों को शहर की किस आबो-हवा से बचाने की आवश्यकता है ?
(ख)- चंपा ने ऐसा क्यों कहा कि कलकत्ता पर बजर गिरे ?
(ग)- दष्ु यंत के पहले शेर में चिराग शब्द एक बार बहुवचन में आया है और दस ू री बार एकवचन में | अर्थ की दृष्टि
से इसका क्या महत्व है ?
प्रश्न12- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए-
2X2=4
(क)- मीरा जगत को दे खकर रोती क्यों हैं ?
(ख)- कवि ने चंपा की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है ?
(ग)- कवि पाश की कविता में सबसे खतरनाक शब्द के बार-बार दोहराए जाने से कविता में क्या असर पैदा हुआ ?
प्रश्न13- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्हीं दो के उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए-
3X2=6
(क)- मियां नसीरुद्दीन को नानबाइयों का मसीहा क्यों कहा गया है ?
(ख)- किन दो दृश्यों में दर्शक यह पहचान नहीं पाते कि उनकी शटि ं में कोई तरकीब अपनाई गई है ? ‘अपू के
ू ग
साथ ढाई साल’ पाठ के आधार पर लिखिए |
(ग)- लॉर्ड कर्जन को इस्तीफा क्यों दे ना पड़ गया ?
प्रश्न14- निम्नलिखित प्रश्नों में से किन्ही दो के उत्तर लगभग 40 शब्दों में दीजिए | 2X2=4
(क)- धनराम मोहन को अपना प्रतिद्वंद्वी क्यों नहीं समझता था ?
(ख)- नेहरू जी भारत के सभी किसानों से कौन-सा प्रश्न बार-बार करते थे ?
(ग)- पथेर पांचाली फिल्म की शटि ू ग
ं का काम ढाई साल तक क्यों चला ?
प्रश्न15- वितान के पाठों पर आधारित दो में से किसी एक प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए |
3X1=3
(क)- अपने परिवार से तातश ु के घर तक के सफ़र में बेबी हालदार के सामने रिश्तों की कौन-सी सच्चाई उजागर
होती है ?
(ख)- कंु ई निर्माण से संबधि
ं त निम्न शब्दों के बारे में टिप्पणी लिखिए-
पालरपानी, पातालपानी, रे जाणीपानी
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िावषिक परीक्षा 2023-24
विषय- व ंदी आधार
विषय कोड- 302
कक्षा- 11िी ं
अंक-योजना
वनधािररत समय -3 घंटे अवधकतम अंक- 80
सामान्य वनदे श:-
1-अंक योजना का उद्दे श्य मूल्ांकन को अवधकावधक िस्तुवनष्ठ बनाना ै |
2-खंड में वदए गए िस्तुपरक प्रश्ों के उत्तरों का मूल्ांकन वनवदि ष्ट अंक योजना के आधार पर ी
वकया जाए|
3-खंड ब में िर्िनात्मक प्रश्ों के अंक योजना में वदए गए उत्तर वबं दु अंवतम न ी ं ै ये सुझािात्मक
एिं सांकेवतक ैं |
4-यवद परीक्षार्थी सांकेवतक उत्तर से वभन्न, वकंतु उपयुक्त उत्तर दे , तो उसे अंक वदए जाएं |
5-मूल्ांकन कायि वनजी व्याख्या के अनुसार न ी ं, बल्कि अंक योजना में वनवदि ष्ट वनदे शानुसार ी
वकया जाए|
खंड अ िस्तुपरक प्रश्
प्रश् 1- 1X 10=10
I- (घ)- 1-(iii),2-(i),3-(ii)
II-(क)- कथन A सही है ककिंतु उसकी व्याख्या भ्रामक है |
III-(ख)-स्वयिं के गुण-अवगुण को समझना
IV-(ख)-कमथ्या अकिमान के कारण
V-(क) क्षुद्र लोग
VI-(घ)- स्वयिं
VII- (घ)- उदारता
VIII-(क)- कनिंदा करने वाले को
IX-(ख)- सुख पाने के कलए
X- (ग)- अहिं कार को
प्रश् 2- 1X5=5
I- (क)- स्वाकिमानी होना
II- (ख)- कवनम्रता
III-(घ)- तीनोिं ठीक हैं |
IV-(क)- कथन (A) सही है ककिंतु कारण (R) उसकी सही व्याख्या नहीिं है |
V-(ख)- जब हम समय बीत जाने के बाद िी नम्रता कदखाते हैं |
प्रश् 3- 1X5=5
I-(ख)- शोर (नायज)
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II- (घ)- पीत पत्रकाररता
III-(ग)- सिंवाददाता
IV-(ग)- उदिं त मातंड
V-(क) अतः वैयक्तिक
प्रश् 4- 1X5=5
I-(घ) कथन 2-3 ठीक है |
II-(ग)- सावन को
III-(ग)- दु खोिं से जूझना
IV-(ग)- पररजनोिं की क िंता कम करने के कलए
V-(घ)- कनराश
प्रश् 5- 1X5=5
I-(क)- कथन (A) सत्य है और कारण (R) उसकी पुकि करता है |
II-(ख)- बोलने में लगे रहना
III-(ग)- दु ददशा को दे खने के कलए
IV-(ख)- अलोपीदीन की कनिंदा की
V-(ग)- बढ़- ढ़कर बातें बनाना
प्रश् 6- 1X10=10
I-(ग) वे प्रसन्न हो उठे
II-(घ)-तीन-दो लडके,एक लड़की
III-(घ)- कमठास से
IV-(घ)- तीनोिं
V-(क)- उच्चारण में नाद का होना
VI-(घ)- कुिंई की खुदाई और क नाई करने वाले कारीगर को
VII-(ग)- मााँ ब पन में ल बसी थी
VIII-(ख)- गोधूकल वेला में
IX-(ग) जैसलमेर
X-(ग)-पकत से झगड़ा होने के कारण
खंड ब िर्िनात्मक प्रश्
प्रश् 7- 5
कवषयवस्तु , प्रस्तुतीकरण, शुद्ध लेखन आकद को ध्यान में रखते हुए स्व कववेक से मूल्ािं कन
प्रश् 8- 5
पत्र की प्रारिं किक औप ाररकताएिं - 1 अिंक
पत्र की कवषय वस्तु - 2 अिंक
समापन की औप ाररकताएिं - 1 अिंक
सुलेख और शुद्ध लेखन - 1 अिंक
प्रश् 9- कोई दो 2X2=4
(क)- कवषय वस्तु के आधार पर कशक्षक स्व कववेक से मूल्ािं कन करें |
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(ख)- डायरी लेखन में अपने साथ बीती बातोिं का उल्लेख होता है बीती बातोिं में सत्य और तथ्य ही होते हैं
कल्पनाएिं नहीिं यकद कोई अनुिव कल्पना लोग का हो तो उसमें िी सच्चाई ाकहए कहानी नाटक आकद में
कल्पना अकनवायद रूप से होती है
(ग)- कर्था- कथा सुनने या पढ़ने के कलए होती है इसमें कथाकार और पाठक या श्रोता ही होते हैं सिी
घटनाएिं सिी सिंवाद सिी क्तिकतयािं कथाकार सुनता है और श्रोता या पाठक सुनते या पढ़ते हैं
पटकर्था- पटकथा में पटकथा लेखक और दशक के मध्य कथा की पत्र स्वयिं आकर सिंवाद बोलते हैं
कनदे शक को कदशा कनदे श कमलते हैं किल्म कनमाद ता की पूरी टीम कैमरामैन तकनीकी सहायक के कलए
प्रकाश ध्वकन, ठहराव अिंतराल आकद की सारी सू नाएाँ होती हैं ।
प्रश् 10- कोई एक 3X1=3
I-शब्दकोश-शब्दकोश शब्दोिं का वह कवशाल सिंग्रह है कजसमें सिी शब्द अपने क्रम से सजे हैं तथा अपना
अथद बता रहे हैं |वे िाषा के कलए अनुपम ििंडार हैं |ककसी कजज्ञासु के कलए शब्दकोश होना अकनवायद है |
संदभि ग्रंर्थ- कवकवध व्यक्तियोिं व्यक्तित्व अथवा ज्ञान कवज्ञान सिंबिंधी जानकारी के कलक्तखत कोश को सिंदिद
ग्रिंथ कहते हैं | यह कोश प्रामाकणक जानकारी के रूप में उपलब्ध होते हैं | इनमें एक साथ ढे र सारी
प्रामाकणक जानकारी उपलब्ध होती है | शब्दकोश की िािं कत अकाराकद क्रम से इनका उपयोग ककया जा
सकता है |
अथवा
II-प्रारूप को ध्यान में रखते हुए स्व कववेकानुसार
प्रश् 11- 3X2=6
क-बक्तस्तयोिं को शहर की नग्नता और जड़ता से ब ाने की आवश्यकता है |नग्नता के तीन आयाम हैं -
1- स्विावगत नग्नता, 2-वेशिूषा की नग्नता,3-पेड़-रकहत प्राकृकतक पररवेश|
जड़ता या ‘ठिं डी होती कदन याद ’ िी एक शहरी बीमारी है |शहरवाकसयोिं के जीवन में न उमिंग हैं
उत्साह है ,न ना है , न गान है |वे बिंधी बाँधाई अलगाव-िरी कजिंदगी जीते हैं |
ख- िंपा नहीिं ाहती कक उसकी शादी के बाद उसका पकत धन कमाने के कलए कलकत्ता जाए । कलकत्ता
उसके पररवार को तोड़ने वाला है , उसे उसके पकत से अलग करने वाला है । वह ऐसे कलकत्ता या
महानगर को सहन नहीिं कर सकती। इसकलए वह कहती है कक कलकत्ता पर वज्र कगरे ।
ग- दोनोिं बार 'क राग' शब्द रोशनी के कलए आया है । पहली बार आया 'क रागााँ ' शब्द बहुव न है । अतः
इसका अथद है - ढे र सारी रोशनी तथा अत्यकधक सुख- सुकवधा। ककव हर घर में ढे र सारी खुकशयािं दे खना
ाहता था|
दू सरी बार आया 'क राग' शब्द छोटे -से एकमात्र सुख का प्रतीक है । ककव कहना ाहता है कक अब तक
पूरा समाज एक नन्हे -से सुख के कलए तरस रहा है । ककसी को िी कोई रोशनी नहीिं कमल सकी।
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प्रश् 12- 2X2=4
क- मीरा जगत की लीला को व्यथद मानती हैं । वह सािं साररक सुख-दु ख को असार मानती हैं । किर िी लोग
उसमें कलप्त रहते हैं । यह दे खकर मीरा रोती हैं ।
ख- ककव ने िंपा की कनम्नकलक्तखत कवशेषताओिं का उल्लेख ककया है -
1-िोलापन ।
2-शरारती स्विाव।
3-मुखर स्विाव -मन की बात को कबना कछपाए सीधे मुहाँ पर कहना।
4-आत्मीयता- पररवार के साथ कमलकर रहने की िावना।
5-कवद्रोही- कि दे ने वाले के प्रकत खुला कवद्रोह।
ग- ‘सबसे खतरनाक’ शब्द के बार-बार दोहराए जाने से खतरनाक बातोिं के प्रकत पाठकोिं का ध्यान अकधक
गया है |वे कथन के मूल में जाने को अकधक तत्पर हुए|उनमें कजज्ञासा उत्पन्न हुई।कवकिन्न बुरी पररक्तिकतयोिं में
तुलना का िाव पैदा हुआ|इससे पाठक ककवता में तल्लीन हो सका|
प्रश् 13- कोई दो 3 X 2 =6
क- कमयााँ नसीरुद्दीन साधारण नानबाई नहीिं हैं । वे खानदानी नानबाई हैं । उनके पास 56 प्रकार की रोकटयााँ
बनाने का हुनर है । वे तुनकी और रूमाली जैसी महीन रोकटयााँ बनाना जानते हैं । वह रोटी बनाने को एक
कला मानते हैं तथा स्वयिं को इस कला का उस्ताद कहते हैं । उनकी बात ीत का ढिं ग िी महान कलाकारोिं
जैसा है - आत्मकवश्वास और िक्कड़ पन से िरपूर हैं , इसकलए उन्हें नानबाइयोिं का मसीहा ठीक ही कहा
गया है ।
ख- कुत्ते और श्रीकनवास नामक पात्र के दृश्यािं कन में दशदक यह नहीिं पह ान पाए कक इनमें ककसी तरकीब
को अपनाया गया है । िूलो नामक कुत्ता आधे दृश्यािं कन के बाद मर गया। अतः उसकी जगह उससे
कमलता-जु लता एक और कुत्ता लाया गया शे ष दृश्य उस पर शूट ककया गया| लेखक ने यह दृश्य इतनी
कुशलता से अिंककत ककया कक दशदक कुत्तोिं के अिंतर को नोट नहीिं कर पाए।
श्रीकनवास नामक पात्र को कमठाई बे ने वाले की िूकमका दी गई वह िी आधे सीन के बाद ल बसा।
उसकी जगह कजस पात्र को ढूिंढा गया वह डीलडौल में तो श्रीकनवास जैसा था परिं तु उसका ेहरा अलग
प्रकार का था इसकलए दू सरे दृश्य में उसकी पीठ कदखाकर काम लाया गया। यह तरकीब इतनी कारगर
रही कक दशदक पात्र के अिंतर को समझ नहीिं पाए।
ग- कजदन के इस्तीिे के दो कारण हैं -
1- बिंग-ििंग की योजना को मनमाने ढिं ग से लागू करने के कारण सारे िारतवासी उसके कवरुद्ध उठ खड़े
हुए। इससे कजदन की जड़ें कहल गईिं। वह इिं ग्लैंड वापस जाने के बहाने खोजने लगा।
2- कजदन ने इिं ग्लैंड में एक िौजी अिसर को अपनी इच्छा से कनयुि कराना ाहा। उसकी
कसिाररश को अनसुना कर कदया गया इससे क्षुब्ध होकर उसने इस्तीिा दे ने की पेशकश कर दी
और इिं ग्लैंड के शासक ने उसका इस्तीिा स्वीकार कर कलया।
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3-
प्रश् 14- कोई दो 2X 2 = 4
क- धनराम स्वयिं को नी ी जाकत का तथा मोहन को ऊाँ ी जाकत का समझता था। दू सरे , मोहन कक्षा में
उससे अकधक होकशयार था। इसकलए मास्टर कत्रलोक कसिंह ने उसे कक्षा का मॉनीटर बना कदया था। तीसरे ,
मास्टर जी कहा करते थे कक वह एक कदन बड़ा होकर उनके तथा स्कूल का नाम करे गा। इन सब बातोिं के
कारण धनराम मोहन से स्पधाद नहीिं करता था। उसने उसे अपने से ऊाँ ा मान कलया था।
ख-नेहरू जी िारत के सिी ककसानोिं से कनम्नकलक्तखत प्रश्न बार-बार करते थे-
*’िारत माता की जय’नारे का क्या अथद है ?
*यह िारत माता कौन हैं ?
*वह धरती कौन-सी है ,कजसे वे ‘िारत माता’ कहते हैं -गााँ व की,कजले की,सूबे की या पूरे कहिं दुस्तान की?
ग- पथेर पािं ाली किल्म की शूकटिं ग का काम ढाई साल तक इसकलए ला क्योिंकक-
1- लेखक एक कवज्ञापन किंपनी में नौकरी करता था इसकलए समय कम कमल पाता था।
2- धन का अिाव बना रहता था। 3-बी -बी में पात्रोिं, िान आकद की समस्याएाँ आ जाती थीिं।
प्रश् 15- कोई एक 3X1=3
क- इस सफ़र में बेबी ने जान कलया था कक ररश्ते कदलोिं से बनते हैं |तातुश उसे कदल से ाहते थे|उन्होिंने उसे
बेटी बनाकर रखा था| उसे ककसी ीज की कमी नहीिं होने दी| इस घर से पहले वह अनेक जगह ककराए के
मकानोिं में रही|मगर हर जगह उसने लोगोिं की गिंदी नज़रोिं का सामना ककया|हर आदमी उसकी मजबूरी का
िायदा उठाना ाहता था|औरतोिं ने िी उसका ददद कम ही समझा|हर समय उसके पकत के बारे में
पूछताछ होती रहती थी|बाप तथा िाईयोिं ने िी उसके बुरे वि में मुहाँ िेर कलया|
अर्थिा
ख- पालरपानी- पालरपानी का अथद है बरसात का सीधे रूप में कमलने वाला पानी। यह पानी नकदयोिं,
तालाबोिं, कृकत्रम जलाशयोिं , बड़े -बड़े गड्ोिं में रुक जाता है । इस पानी को उपयोग में नहीिं लाया जा सकता।
खुले में होने के कारण यह पानी जल्दी गिंदा हो जाता है । अकधकािं श पानी िाप बनकर उड़ जाता है । बहुत
सारा पानी िूकम के अिंदर ला जाता है ।
पातालपानी- जो पानी िूकम में जाकर िूजल में कमल जाता है । उसे पातालपानी कहते हैं । इस पानी को
कुएिं , पिंपोिं द्वारा कनकाला जाता है ।
रे जार्ीपानी- पालरपानी और पातालपानी के बी में पानी का तीसरा रूप है रे जाणीपानी। धरातल से
नी े जाकर पाताल पानी में ना कमलकर बी में ही नमी के रूप में रह जाने वाला पानी रे जाणीपानी
कहलाता है । िूकम के अिंदर खकड़या पत्थर की सतह के कारण यह पानी पाताल पानी में नहीिं कमल पाता।
इसी पानी को कुइयोिं के माध्यम से इकट्ठा ककया जाता है ।
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