aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय

कक्षा 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय के सभी प्रश्नों के विस्तृत हल AglaSem Docs पर निःशुल्क डाउनलोड करें। नवीनतम एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तक (हमारा अद्भुत संसार, 2026-27 एनईपी पाठ्यक्रम) पर आधारित, विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए चरण-दर-चरण समाधान। Download NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय PDF free at AglaSem Docs, with step-by-step answers based on the latest NCERT textbook (Our Wondrous World, 2026-27 NEP syllabus).
NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय - Page 1 of 46

About NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय

NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय is available here for free download. Published by NCERT for Class 5, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (46 pages). Candidates preparing for Class 5 can use NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय free to download?

Yes. NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय have?

NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय contains 46 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 5 study material?

You can find more Class 5 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions Class 5 The World Around Us Chapter 9 प्रकृति की लय – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (40 pages)

Page 1

F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा5

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 9: प्रकृ त क लय

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — हमारा अ त संसार

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

147 – 160 13 30 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 39 pages

Page 2

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

कक्षा 5 · हमारे चार ओर क दु नया · हमारा अ त सं सार

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 9: प्रकृ त क लय
हमारा अ त संसार का अध्याय 9 इकाई 5 हमारा अ त ग्रह से आरंभ होता है। सबा और अपणा एक वष बाद मलती ह और दे खती ह क उनम,
उनके व ालय म और उनके आस-पास कतना कुछ बदल गया है। यह से अध्याय उन प रवतन क ओर बढ़ता है जो बार-बार लौटकर आते ह —
दन और रात का प रवतन तथा वषभर चलने वाला ऋतुओं का क्रम। इसम एक क्रमां कत ग त व ध (टॉच और ग्लोब से दन-रात का कायात्मक
प्रदशन), चार चरण वाली लंबी कक्षा क ग त व ध — ऋतुओं का आरेख, तीन ल खए बक्से, एक पता क जए बक्सा, एक चचा क जए बक्सा,
पव के मलान क ता लका और अंत म आइए वचार कर के 6 प्रश्न ह। अध्याय के अंत म कोई अलग अभ्यास नह है — प्रश्न पूरे अध्याय म फैले हुए
ह।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

हमारा अ त संसार (कक्षा 5) 147 – 160

खं ड प्रश्न

13 30

माध्यम

हन्द

ल खए — पृष्ठ 147
सबा और अपणा एक वष बाद मलती ह

ल खए

प्र.1 उस समय का स्मरण क जए जब आप कक्षा 3 और 4 म थे। आपने अपने मत्र , व ालय, वातावरण और स्वयं
के अंदर जो भी प रवतन दे खे उनके वषय म सो चए और ल खए। पृष्ठ 148 पर द गई ता लका भ रए।

कक्ष ा 3 कक्ष ा 4 कक्ष ा 5
आप और आपके िमत्र
िव ालय
आस-पास का पिरवेश

पृष्ठ 148 पर छपी खाली ता लका।

प्रत्येक शीषक के नीचे एक बात कक्षा 3 क , एक कक्षा 4 क और एक अभी क ल खए। तब आप प रवतन को अपनी
आँख से दे ख सकगे, ठ क वैसे ही जैसे सबा ने दे खा क अपणा लंबी हो गई है।
इसे कैसे कर —

Page 1 of 39

Page 3

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

1. आँख बंद करके कक्षा 3 के पहले दन क कल्पना क जए। आप कतने लंबे थे? आपके पास कौन बैठता था?
2. घर पर पू छए। पुराने चत्र, पुरानी व ालय-डायरी और पुरानी कॉ पयाँ बहुत सहायता करती ह।
3. प्रत्येक बक्से म केवल एक छोट पं क्त ल खए। यह ता लका प रवतन पहचानने के लए है, नबंध लखने के लए नह ।
4. एक पं क्त पूरी भरने के बाद ही अगली पं क्त आरंभ क जए, ता क तीन वष क तुलना हो सके।

नमूना उत्तर — आपक ता लका इससे अलग होगी, और यही ठ क भी है।

कक्षा 3 कक्षा 4 कक्षा 5

आप और म अपनी पं क्त म सबसे छोट थी। म लगभग 5 सट मीटर लंबी अब मैं मीना से लंबी हू।ँ मैं थोड़ ा तैरना जानती
आपके मत्र मुझे जूते के फ ते बाँधने नह आते हुई। मने साइ कल चलाना हू ँ और ढोलक सीख रही हू।ँ मेरी सबसे िपय
थे। मीना ही मेरी एकमात्र सहेली सीखा। कक्षा म दो नए मत्र सहेल ी दू स रे शहर चली गई।
थी। आए।

व ालय हमारी कक्षा नीचे क मं ज़ल पर नई बच आईं। मैदान के पास अब हमारी कक्षा ऊपर है। एक छोटा
थी। हम दरी पर बैठते थे। एक ही पीने के पानी क टं क लगी। पुस्तकालय और िव ान का कोना बना है।
श्यामपट्ट था। संगीत के िलए नए िशक्षक आए है।ं

आस-पास व ालय के सामने क ी सड़क सड़क पक्क बन गई। दो नई फाटक के पास लगाए गए नीम के पौधे अब
का प रवेश थी। बगल म खुला मैदान था। दुकान खुल । मुझसे ऊँ चे है।ं सड़ क पर बित्तयाँ लगी है।ं
िव ालय के पीछे का तालाब पहले से छोटा हो
गया है।

यह ता लका क्य महत्वपूण है: प रवतन नरंतर होता रहता है, परंतु इतना धीरे क होते समय दखाई नह दे ता।
एक-दो वष पहले क बात लख लेने से वही अदृश्य प रवतन दखाई दे ने लगता है। आगे इसी अध्याय म ऋतुओं क
प त्रका के साथ आप ठ क यही तरीका अपनाएँगे।

सुझाव: इस पृष्ठ को सँभालकर र खए। कक्षा 6 म यही ता लका फर भ रएगा तो दो और वष का प रवतन एक साथ
दख जाएगा।

ल खए — पृष्ठ 148–149
प रवतन म कतना समय लगता है?

ल खए

प्र.1 1. क्या आप ऐसी कसी वस्तु के वषय म सोच सकते ह जसके प रवतन म लंबा समय अथात अनेक वष लगते
ह?

कोई बड़ा वृक्ष। बरगद या आम के वृक्ष को ऊँचा और मोटा होने म अनेक वष लगते ह। प्र त दन दे खने पर कुछ भी बदलता नह
दखता। दस वष बाद दे खए तो व ास ही नह होगा क यह वही वृक्ष है।
ऐसी और वस्तुएँ जो केवल वष म बदलती ह —

Page 2 of 39

Page 4

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

पवत और च ान। वायु और वषा उन्ह कण-कण करके घसती ह। इसम हज़ार वष लगते ह।
नद का माग। नद एक ओर का कनारा काटती है और दूसरी ओर रेत जमा करती है, इस लए उसका मोड़ धीरे-धीरे खसकता
रहता है।
समुद्र का कनारा। समुद्र तट को बहुत धीरे-धीरे काटता रहता है।
मनुष्य का बड़ा होना। शशु व ाथ बनता है और फर बड़ा व्य क्त।
गाँव का कस्बा बन जाना। एक-एक करके नए घर, नई सड़क और नई दुकान बनती जाती ह।
कछु ए का आकार। कछु आ पचास वष से भी अ धक समय तक बढ़ता रह सकता है।

ये प रवतन दखाई क्य नह दे ते: एक दन म होने वाला प रवतन इतना छोटा होता है क हमारी आँख उसे पकड़
ही नह पात । जब वष तक ऐसे असंख्य छोटे प रवतन जुड़ते जाते ह, तभी अंतर इतना बड़ा होता है क दखाई दे ।
इसी लए पुराना चत्र इतना काम आता है — वह एक दन को रोक लेता है ता क आप उसक तुलना आज से कर
सक।

यह क जए: द वार से सटकर खड़े होइए और कसी से प सल ारा अपनी ऊँचाई का नशान लगवाइए। छह महीने
बाद फर नशान लगवाइए। दोन रेखाओं के बीच का अंतर वह प रवतन है जो प्र त दन हो रहा था और आपको पता
ही नह चला।

प्र.2 2. ऐसे कौन-से प रवतन ह जो कुछ ही वष म घ टत हो जाते ह?

व ालय के मैदान म लगाया गया पौधा। दो-तीन वष म वह आपसे ऊँचा हो जाता है और छाया दे ने लगता है।
कुछ और प रवतन जनम केवल कुछ वष लगते ह —

क्या बदलता है लगभग कतने समय म कैसे पता चलता है

पल्ला 1–2 वष वह पूरा बड़ ा कु त्ता बन जाता है

पपीते या केले का पौधा 1–2 वष उसमें फल आने लगते है ं

बछड़ा 3–4 वष वह दू ध दे ने वाली गाय बन जाती है

दूध के दाँत 2–3 वष वे िगर जाते है ं और नए, बड़ े दाँत आते है ं

व ालय क पोशाक 1–2 वष वह छोटी और तंग हो जाती है

नई सड़क या पुल 2–3 वष वह बनकर तैयार हो जाता है और बसे ं चलने लगती है ं

आपका पढ़ना 2–3 वष िचत्र वाली पुस्तकों से आप कहानी की पुस्तकों तक पहचु ँ जाते है ं

Page 3 of 39

Page 5

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
ये तेज़ क्य होते ह: जन जीव का जीवन छोटा होता है वे तेज़ी से बढ़ते ह — पल्ले को लगभग एक वष म बड़ा
mधीरे-धीरे बढ़
कुत्ता बनना ही है, इस लए वह तेज़ी से बदलता है। बरगद सैकड़ वष जीता है, इस लए वह आरामeसे
s
सकता है। .co
m gl a
em a
a s
agl

co m
ag
3. ऐसे कौन-से प रवतन ह जो प्र तवष बार-बार होते ह?
.
प्र.3

e m
g l as
a
हाँ — ऋतुए।ँ ीष्म, फर वषा, फर शीत और फर ीष्म। यह प्रत्येक वष होता है और सदा एक ही क्रम म। इसी लए इसे प्रकृ त

co m
m.
क लय कहते ह।

m
और भी प रवतन जो प्र तवष लौटकर आते ह —
o l a se
c झड़ना और उगना। शरद और हेमंत म पुरानी प त्तयाँ झड़ती ह; वसंत म नईaपgत्तयाँ आती ह।
प त्तय .का
m
aफsू लe का खलना। आम फरवरी-माच म बौराता है। गुलमोहर ीष्म म खलता है। गदा द पावली के आस-पास खलता है।
agl फल। ीष्म म आम और लीची, शीत म अमरूद — हर वष उसी समय पर।
m a s
.co agl
प क्षय का आना और जाना। सारस और बत्तख जैसे प्रवासी पक्षी शीत ऋतु म हमारी झील पर आते ह और गम आते ही

se m
लौट जाते ह।

g l
कोयल का बोलना। वसंत आते ही वह फर से बोलने लगती है।
a
a
फ़सल। धान वषा म और गेहूँ शीत ऋतु म — वष दर वष।

m
पव। जनवरी म प गल, वसंत म होली, शरद म द पावली — ये ऋतुओं के साथ चलते ह, इस लए ये भी लौटकर आते ह।

. co
m
आपका जन्म दन। वह वष म एक बार आता है, क्य क पृथ्वी को सूय का एक चक्कर लगाने म इतना ही समय लगता है।

o m l a se
g है। चक्कर पूरा होते ही सब कुछ
.c क्य जाते ह: पृथ्वी सूय के चार ओर एक चक्कर एक वष म पूरा करती
a
m
seवह आ जाता है जहाँ से आरंभ हुआ था, इस लए वही मौसम लौट आता है और प्रकृ त वही सब दोहराती है।
ये दोहराए
a
agl इसी लए हम आज भी व ास से बता सकते ह क अगले जून का मौसम कैसा होगा।

se m
com g l a
m . a
ase
agl
प्र.4 4. क्या आप ऐसे प रवतन के नाम बता सकते ह जो मात्र कुछ मनट और क्षण म घ टत हो जाते ह?

. com
m a s emधूसर हो जाता है।
gl
सूयास्त के समय आकाश का रंग। कुछ ही मनट म वह नीले से नारंगी, फर गुलाबी और फर

. coतेज़ी से होने वाले प रवतन — a
sem
बहुत

a
agl c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

com
m .
m ase
.co


a g l Page 4 of 39

Page 6

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

क्या बदलता है कतनी तेज़ी से क्या होता है

साबुन का बुलबुला कुछ क्षण वह ऊपर उठता है, डोलता है और फू ट जाता है

बजली क चमक एक क्षण से भी कम पूरा आकाश चमककर िफर अंधेरा हो जाता है

हथेली पर रखी बफ़ कुछ मनट वह िपघलकर जल बन जाती है

गरम रोट कुछ मनट वह खाने योग्य ठं डी हो जाती है

तेज़ हवा के दन बादल कुछ मनट वे आकार बदलते है ं और सूय को ढक ले ते है ं

आपका चेहरा एक क्षण गंभीर चेहरा मुस कराते चेहरे में बदल जाता है

छु ई-मुई का पत्ता एक क्षण छू ते ही वह िसकु ड़ जाता है

गरम तवे पर पानी कुछ क्षण वह छन्न करके वाष्प बनकर उड़ जाता है

क्षण → बुलबुले का फूटना

िमनट → बफ़ का िपघलना

िदन → बीज का अंकु िरत होना

महीने → एक ऋत ु का बीतना

वष → वृक्ष का ऊँ चा होना

हज़ारों वष → पवत का िघसना

चार प्रश्न मलकर क्या सखाते ह: प रवतन एक ही प्रकार का नह होता। वह अनेक ग तय से होता है। कुछ
प रवतन हम होते हुए दे ख सकते ह; कुछ केवल पुराने चत्र से तुलना करके दखते ह; और कुछ इतने धीमे ह क कोई
एक व्य क्त उन्ह पूरा होते कभी नह दे ख पाता।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 149
हमारे आस-पास एक दन म होने वाले प रवतन ( दन और रात)

प्र.1 रात और दन होने का क्या कारण है?

दन और रात इस लए होते ह क्य क पृथ्वी अपने ऊपर घूमती है। पृथ्वी एक वशाल गद है। सूय उसके केवल उसी आधे भाग
को प्रका शत कर सकता है जो सूय के सामने है। उस प्रका शत भाग म दन होता है। शेष आधा भाग छाया म रहता है और वहाँ रात
होती है। पृथ्वी घूमती रहती है, इस लए प्रत्येक स्थान प्रका शत भाग से अंधेरे भाग म और फर वापस आता रहता है।

Page 5 of 39

Page 7

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

एक पूरे चक्कर को क्रम से दे खए —

1. पृथ्वी अपने बीच से जाती एक काल्प नक रेखा पर घूमती है। इस रेखा को अक्ष कहते ह और इस घूमने को घूणन।
2. एक पूरा चक्कर लगभग 24 घंटे म पूरा होता है — यही एक दन और एक रात मलकर होते ह।
3. जब आपका नगर प्रकाश म आने ही वाला होता है तब आपको आकाश के कनारे पर सूय दखता है। इसे सूय दय कहते ह।
4. पृथ्वी और घूमती है तो आपका नगर पूरे प्रकाश म आ जाता है। यह मध्याह्न है।
5. फर आपका नगर प्रकाश से बाहर जाने लगता है। सूय नीचा दखने लगता है। यह सूयास्त है।
6. अब आपका नगर अंधेरे भाग म है। रात हो गई। पृथ्वी घूमती रहती है और कुछ घंट बाद फर सूय दय हो जाता है।

पथ्ृ वी का
घूणन

िदन रात

अक्ष
सूय (या टॉच)
िस्थर रहता है
एक पूरा चक्कर = लगभग 24 घंटे

एक समय म पृथ्वी का केवल आधा भाग सूय के सामने हो सकता है। वहाँ दन होता है; दूसरे आधे भाग म रात।

सूय पूरी पृथ्वी को क्य नह प्रका शत कर पाता: प्रकाश सीधी रेखा म चलता है। वह गद के पीछे मुड़ नह
सकता। इस लए पृथ्वी का दूसरा भाग सदा स्वयं पृथ्वी क छाया म रहता है। पृथ्वी कभी रुकती नह , इस लए यह
छाया संसार पर घूमती रहती है — और यही घूमती हुई छाया रात कहलाती है।

क्या आप जानते ह? अरुणाचल प्रदे श के ड ग गाँव को भारत का ‘सूय दय का पहला गाँव’ कहा जाता है। यह हमारे
दे श म सबसे पूव म है, इस लए वहाँ सबसे पहले सूय का प्रकाश पहुँचता है।

प्र.2 सूय पूव दशा म उ दत और प म दशा म अस्त होता हुआ प्रतीत होता है तो क्या सूय नरंतर घूम रहा है?

नह । सूय पृथ्वी के चार ओर नह घूम रहा। सूय अपने स्थान पर स्थर रहता है। घूमती पृथ्वी है, और उसी घूमने के कारण सूय
आकाश म चलता हुआ प्रतीत होता है।

Page 6 of 39

Page 8

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

यह धोखा आपने पहले भी अनुभव कया है —

1. चलती बस या रेलगाड़ी म बैठकर खड़क से बाहर दे खए।
2. वृक्ष और खंभे पीछे क ओर भागते दखाई दे ते ह।
3. परंतु वृक्ष तो बलकुल भी नह चल रहे। चल तो आप रहे ह।
4. ठ क इसी प्रकार पृथ्वी पूव क ओर घूमती है, इस लए सूय आकाश म प श्चम क ओर सरकता प्रतीत होता है।

बस वास्तव मे ं इस ओर चल रही है

ृ केवल इस ओर चलते पतीत होते है ं
वक्ष
वृक्ष स्थर ह, बस चलती है। सूय स्थर है, पृथ्वी घूमती है।

हम क्या दखता है वास्तव म क्या हो रहा है

सूय पूव म उगता है हमारा भाग पूव की ओर से धूप में आ जाता है

सूय आकाश पार करता है पथ्ृ वी धूप के नीचे घूमती चली जाती है

सूय प श्चम म अस्त होता है हमारा भाग पिश्चम की ओर से धूप से बाहर िनकल जाता है

पूरी रात सूय दखाई नह दे ता हम पथ्ृ वी के छाया वाले भाग में है ं

घूमने वाली पृथ्वी ही क्य , सूय क्य नह : सूय पृथ्वी से असंख्य गुना बड़ा है और बहुत-बहुत दूर है। घूमती छोट
वस्तु है, वह वशाल वस्तु नह जो उसे प्रकाश दे रही है। पृष्ठ 150 क ग त व ध 1 म आप यह स्वयं दे ख सकते ह —
टॉच कभी हलती नह , केवल ग्लोब घूमता है, फर भी उस ग्लोब पर खड़े कसी नन्हे व्य क्त को टॉच उगती और
डू बती ही दखाई दे गी।

याद रखने योग्य बात: सूय वास्तव म न उगता है न डू बता है; वह केवल ऐसा प्रतीत होता है। हम आज भी सूय दय
और सूयास्त शब्द इस लए बोलते ह क्य क ये छोटे ह और सब समझ जाते ह।

ग त व ध 1 — पृष्ठ 150

Page 7 of 39

Page 9

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

दन और रात — सूय-पृथ्वी का खेल तथा टॉच और ग्लोब से कायात्मक प्रदशन

गतवध

प्र.1 एक न त दूरी पर खड़े दो व ा थय म से एक व ाथ को ‘सूय’ और दूसरे व ाथ को ‘पृथ्वी’ बनने के लए
क हए। ‘सूय’ बना हुआ व ाथ कद्र म खड़ा होगा। ‘पृथ्वी’ बनने वाला व ाथ धीरे-धीरे अपने अक्ष पर घूणन
करेगा (घूमेगा)। जतने समय तक पृथ्वी बने हुए व ाथ को ‘सूय’ बना व ाथ दखाई दे ता रहेगा, वह नरंतर
“ दन… दन… दन”, कहता रहेगा। जैसे ही वह व ाथ सूय को दे खना बंद करेगा वह “रात…रात…रात” कहने
लगेगा।

आप क्या पाएँगे: पृथ्वी बना व ाथ हर चक्कर के ठ क आधे समय तक “ दन” कहता है और आधे समय तक “रात” — और उसे
कोई बताता भी नह क कब बदलना है। ‘सूय’ बना व ाथ बलकुल नह हलता, फर भी दन और रात एक के बाद एक आते रहते
ह।
खेल कैसे खेल —

1. कक्षा म जगह बनाइए या मैदान म चले जाइए।
2. एक व ाथ बीच म स्थर खड़ा हो। यही सूय है। सूय को न हलना है, न घूमना है।
3. दूसरा व ाथ लगभग चार कदम दूर सूय क ओर मुँह करके खड़ा हो। यही पृथ्वी है।
4. अब पृथ्वी अपनी जगह पर धीरे-धीरे घूमे — लट्टू क तरह, बना कह चले। इसी को घूणन कहते ह।
5. पृथ्वी को सदा सीधे सामने ही दे खना है; गदन घुमाकर सूय को नह झाँकना है। पूरी बात इसी पर टक है।
6. जब तक सूय सामने दखाई दे ता रहे, पृथ्वी कहती रहे — “ दन… दन… दन”।
7. जैसे ही सूय दखना बंद हो, वह कहने लगे — “रात… रात… रात”।
8. शेष कक्षा चक्कर गने और ध्यान दे क शब्द कब बदलता है।

‘पृथ्वी’ कतना घूम चुक है क्या ‘सूय’ दखाई दे ता है? व ाथ क्या कहता है

सूय के ठ क सामने हाँ, बलकुल सामने िदन (यह मध्याह्न जैस ा है)

चौथाई चक्कर घूमने पर केवल आँख के कोने म िदन, पर समाप्त होता हुआ — सूय स्त जैस ा

सूय क ओर पीठ करके नह रात (यह अधराित्र जैस ा है)

तीन-चौथाई चक्कर घूमने पर फर दखने लगता है िदन आरंभ — सूय दय जैस ा

यह खेल काम क्य करता है: आपक आँख केवल वही दे ख सकती ह जो सामने हो, ठ क जैसे सूय का प्रकाश
केवल उसी भाग पर पड़ सकता है जो सूय के सामने हो। इस लए “मुझे सूय दख रहा है” का अथ ठ क वही है जो
“यहाँ धूप पड़ रही है” का — अथात दन। आधा चक्कर बाद वही स्थान पीछे क ओर हो जाता है और वहाँ रात हो
जाती है। व ाथ का एक पूरा चक्कर पृथ्वी के एक पूरे चक्कर अथात लगभग 24 घंटे का प्रतीक है।

Page 8 of 39

Page 10

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
इसे और स्पष्ट क जए: ‘पृथ्वी’ से बहुत धीरे घूमने और हर कदम पर शब्द ज़ोर से बोलने को क हए। पूरी कक्षा

m a s emऐसी ही सुनाई
gl
सुनेगी क दन रात म और रात फर दन म एक न श्चत लय के साथ बदल रहा है — प्रकृ त क लय
. co a
em
दे ती है।

a s
agl

co m
ag
कायात्मक प्रदशन — दन और रात। चरण 1— एक ग्लोब को मेज पर र खए और ग्लोब के एक ओर टॉच से
.
प्र.2

e m
as
प्रकाश डा लए। यहाँ टॉच सूय का प्रतीक है। ग्लोब का वह भाग जहाँ प्रकाश पड़ रहा है, वहाँ दन है और जहाँ

a g l
प्रकाश नह पड़ रहा है, वहाँ रात है। चरण 2— घूणन— टॉच को स्थर रखते हुए ग्लोब को धीरे-धीरे घुमाइए। चरण
3— ग्लोब के घूणन करने पर इसके व भन्न भाग पर पड़ने वाले प्रकाश का अवलोकन क जए।

co m
se m.

o m l a
.cसे अंधेरे भाग म जाता है और फर लौट आता है। टॉच ज़रा भी नह हली। केवलagग्लोब घूमा।
आप क्या दे खगे: टॉच ग्लोब का ठ क आधा भाग प्रका शत करती है और आधा भाग अंधेरे म छोड़ दे ती है। ग्लोब घुमाने पर भारत

se m
प्रका शत भाग

l a
ag
इसे कैसे कर —

s
1. कमरे को जतना हो सके अंधेरा कर ली जए। परदे बंद क जए या खड़क से दूर कसी कोने म यह क जए।

om a
. c agl
2. ग्लोब मेज़ पर ऐसे र खए क सबको दखाई दे ।
m ग्लोब के बीच पर डा लए। टॉच को दोन हाथ से स्थर पक ड़ए या
3. लगभग एक मीटर दूर खड़े होकर टॉच का प्रकाशeसीधे
s
a
पुस्तक के ढे र पर टका द जए ता क वहglहल ही न सके।
a
4. ग्लोब पर भारत ढूँ ढ़ए। ग्लोब को इस प्रकार घुमाइए क भारत प्रका शत भाग के ठ क बीच म आ जाए।

co m
.
5. अब ग्लोब को धीरे-धीरे घुमाइए, सदा एक ही दशा म। टॉच को मत हलाइए।

e m
as
6. भारत पर दृ ष्ट जमाए र खए और दे खए क उसके साथ क्या होता है।
m l
.co a g
a s em
आप क्या करते ह आप क्या दे खते ह वास्त वक पृथ्वी पर इसका अथ

ag l
टॉच जलाइए, ग्लोब न घुमाइए एक आधा भाग प्रका शत, दूसरा पूरी तरह अंधेरा। दोन के िकसी भी क्षण आधे संस ार में िदन और आधे
में रात रहती है
se m
com a
बीच क रेखा स्पष्ट है।

. a g l
m
ase
भारत प्रकाश के बीच म है भारत पूरी तरह प्रका शत है भारत में मध्याह्न

ग्लोब को चौथाई चक्कर agl
भारत प्रकाश के कनारे पर आ जाता है संध्या — सूय अस्त हो रहा है
घुमाइए

co
भारत में.रात
m
em
और घुमाइए भारत अंधेरे भाग म है

m a s
घुcमo
. a gl पातःकाल — सूय उदय हो रहा है
m
ase
ाते र हए भारत दूसरे कनारे से फर प्रकाश म आ जाता है

agl भारत के प्रका शत रहते दूसरी अमे रका जैसे दे श अंधेरे म ह यहाँ िदन है तो वहाँ रात है
c
m .
e
ओर दे खए

m a s
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 9 of 39

Page 11

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

टॉच सूय का अ ा प्रतीक क्य है: सूय क तरह टॉच भी अपने स्थान पर स्थर रहती है और सीधी रेखाओं म
प्रकाश भेजती है। सीधा प्रकाश गद के पीछे मुड़ नह सकता, इस लए गद का ठ क आधा भाग ही प्रका शत होता है
— न कम, न अ धक। जो कुछ आपक मेज़ पर रखे ग्लोब पर हो रहा है, वही इसी क्षण वास्त वक पृथ्वी पर भी हो
रहा है, बस बहुत बड़े पैमाने पर।

स्वयं जाँ चए: ग्लोब घुमाने के बजाय एक बार टॉच को ग्लोब के चार ओर घुमाकर दे खए। इससे भी दन और रात
बनगे — परंतु वास्तव म ऐसा नह होता। सूय हमारे चार ओर नह घूमता; घूमते हम ह। एक बार ग़लत ढं ग से करके
दे ख लेने से सही बात और पक्क याद रहती है।

प्र.3 क्या आपने ध्यान दया है क कस प्रकार टॉच के प्रकाश ने ग्लोब के एक भाग म दन कर दया और दूसरे भाग म
रात?

हाँ। टॉच ने ग्लोब का एक आधा भाग प्रका शत कया और दूसरा आधा अंधेरे म रखा — और दोन एक ही समय पर थे। सबसे
महत्वपूण बात यही है — पूरी पृथ्वी पर दन और रात एक के बाद एक नह आते। वे एक साथ, अलग-अलग स्थान पर होते ह।
तीन बात ध्यान से दे खने योग्य ह —

1. सदा ठ क आधा। ग्लोब को जैसे भी घुमाइए, प्रका शत भाग सदा लगभग आधा ही रहता है। न कभी छोटा-सा टु कड़ा, न कभी
पूरा ग्लोब।
2. बीच क रेखा खसकती रहती है। प्रकाश और अंधेरे के बीच क रेखा एक ही दे श पर नह टक रहती। ग्लोब घूमने के साथ
वह रेखा संसार पर सरकती जाती है। जस स्थान से वह गुज़रती है वहाँ उसी क्षण या तो सूय दय होता है या सूयास्त।
3. सूय कभी नह हला। टॉच पूरे समय अपने स्थान पर ही रही। सारा प रवतन केवल ग्लोब के घूमने से हुआ।

पृथ्वी का पकािशत आधा भाग = िदन

पृथ्वी का छाया वाला आधा भाग = रात

पृथ्वी घूमती रहती है ⟶ हर स्थान की बारी आती है

एक पूरा च क्कर = लगभग 24 घंटे = एक िदन और एक रात

यह हमारे आरं भक प्रश्न का उत्तर कैसे दे ता है: पृष्ठ 149 पर हमने पूछा था क दन-रात क्य होते ह और क्या सूय
घूमता है। ग्लोब और टॉच ने दोन उत्तर एक साथ दखा दए। सूय टॉच क तरह स्थर है। पृथ्वी ग्लोब क तरह घूणन
करती है। दन और रात बस एक घूमती गद का प्रका शत भाग और छाया वाला भाग ह।

एक बात और क जए: ग्लोब पर अपने नगर क जगह काग़ज़ क एक नन्ही झंडी चपका द जए। अब ग्लोब को
धीरे-धीरे घुमाइए और अपनी झंडी को प्रकाश म जाते और बाहर आते दे खए। वही आपका दन और आपक रात है।

Page 10 of 39

Page 12

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

पता क जए — पृष्ठ 151
ग्लोब का अध्ययन क जए

पता क जए

प्र.1 ग्लोब का अध्ययन क जए और नीचे दए गए स्थान पर ल खए क जब भारत म दन होता है तब कन दे श म
रात होती है?

जब भारत म दन होता है तब ग्लोब के ठ क दूसरी ओर स्थत दे श म रात होती है — मुख्यतः उत्तरी और द क्षणी अमे रका
के दे श म। इनम संयुक्त राज्य अमे रका, कनाडा, मै क्सको, ाज़ील, अजट ना, पेरू और चली स म लत ह।
ग्लोब पर इसे कैसे पता कर —

1. ग्लोब पर भारत ढूँ ढ़ए और उस पर उँ गली र खए।
2. अब ग्लोब को आधा घुमाइए, जब तक भारत के ठ क वपरीत वाला बदु सामने न आ जाए।
3. दे खए क उस बदु के पास कौन-से दे श ह। जब भारत म धूप है तब वे ही दे श अंधेरे म ह।
4. टॉच से जाँ चए — टॉच का प्रकाश भारत पर र खए और ग्लोब क दूसरी ओर दे खए। वहाँ पूरा अंधेरा है।

दे श भारत म दोपहर 12 बजे वहाँ लगभग कतना समय होता दन या रात?
है

संयुक्त राज्य अमे रका (न्यूयॉक) लगभग रात के डेढ़ बजे रात

संयुक्त राज्य अमे रका (लॉस लगभग रात के साढ़े दस बजे रात
एंजे लस)

कनाडा लगभग रात 11 बजे से भोर 3 बजे के बीच रात

मै क्सको लगभग रात के साढ़े बारह बजे रात

ब्राज़ील, अजट ना, पेरू, चली लगभग रात के डेढ़ से साढ़े तीन बजे के बीच रात

जापान और ऑस् े लया दोपहर बाद का समय दन

यूरोप के दे श, जैसे ब्रटे न प्रातः लगभग साढ़े छह बजे दन (अभी आरंभ हुआ
है)

ऐसा क्य होता है: पृथ्वी गद के आकार क है और सूय उसका केवल आधा भाग प्रका शत कर सकता है। भारत
और अमे रका पृथ्वी के दो वपरीत आधे भाग पर ह। इस लए जब हमारा भाग सूय क ओर होता है तब उनका भाग
वपरीत दशा म ही होगा — और वहाँ रात होगी। लगभग बारह घंटे बाद पृथ्वी आधा चक्कर घूम जाती है और स्थ त
उलट जाती है — तब धूप उन्ह मलती है और रात हम।

Page 11 of 39

Page 13

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

याद रखने का सरल तरीका: इसी लए ऑस् े लया म खेला जाने वाला क्रकेट मैच हमारे यहाँ सुबह दखाया जाता है
और अमे रका का मैच हमारी आधी रात को। वहाँ के खलाड़ी तो अपने दन म ही खेल रहे होते ह।

कक्षा क ग त व ध — ऋतुओं का आरेख — पृष्ठ 152–155
पूरे वष के अवलोकन को एक ही आरेख पर लाना

गतवध

प्र.1 चरण 1— कक्षा के लए एक आरेख बनाना। आइए हम अपनी प त्रका से अवलोकन को ध्यान म रखते हुए कक्षा
क द वार के लए एक आरेख बनाना आरंभ कर। आरेख म अप्रैल–जून, जुलाई– सतंबर, अक्तूबर– दसंबर और
जनवरी–माच तक क समय अव धय को स्तंभ म बाँटा जाएगा। पं क्त म पौध का जीवन; पशु और पक्षी; वायु,
उष्मा और प्रकाश; जल और जल नकाय; तथा मानव ग त व धयाँ लखी जाएँगी।

िवषय समय अविध
अपै ल–जून जुलाई –िसतंब र अ क् तूब र–िदसंब र जनवरी–माच
पौधों का जीवन
पशु और पक्षी
वायु, उष्मा और पकाश
जल और जल िनकाय
मानव गितिविधयाँ

आरेखीय प्रारूप, पृष्ठ 153 — कक्षा क द वार के लए खाली आरेख।

4 स्तंभ और 5 पं क्तय वाला एक बड़ा आरेख बनाइए। चार स्तंभ वष के चार भाग ह। पाँच पं क्तयाँ वे पाँच बात ह जन्ह आप
वषभर दे खते रहे ह। इस प्रकार भरने के लए 20 बक्से बनते ह।
इसे कैसे बनाएँ —

1. दो-तीन चाट पेपर टे प से जोड़कर एक बड़ी शीट बनाइए। वह इतनी बड़ी हो क पूरी कक्षा अपनी जगह से पढ़ सके।
2. बाईं ओर पं क्तय के नाम के लए और ऊपर स्तंभ के नाम के लए चौड़ी जगह छो ड़ए।
3. पैमाने और गहरे माकर से रेखाएँ ख चए। पहले प सल से हल्का बनाइए, फर ऊपर से माकर चलाइए।
4. ऊपर चार समय अव धयाँ ल खए — अप्रैल–जून, जुलाई– सतंबर, अक्तूबर– दसंबर, जनवरी–माच।
5. बाईं ओर पाँच वषय ल खए — पौध का जीवन, पशु और पक्षी, वायु, उष्मा और प्रकाश, जल और जल नकाय, मानव
ग त व धयाँ।

Page 12 of 39

Page 14

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

6. प्रत्येक वषय के नाम के आगे उसका छोटा चह्न बनाइए, जैसा पुस्तक म है — पत्ता, पक्षी, सूय, जल क बूँद और चलता हुआ
व्य क्त।
7. ऊपर शीषक ल खए — हमारी ऋतुओं का आरेख — और उसके नीचे वष ल खए।
8. इसे कक्षा क उस द वार पर लगाइए जहाँ सब पहुँच सक, ता क बाद म भी कुछ जोड़ा जा सके।

वषय अप्रैल–जून जुलाई– सतंबर अक्तूबर– दसंबर जनवरी–माच

पौध का जीवन

पशु और पक्षी

वायु, उष्मा और प्रकाश

जल और जल नकाय

मानव ग त व धयाँ

केवल प त्रकाएँ क्य नह , आरेख क्य : आप म से प्रत्येक ने वष का थोड़ा-सा भाग ही दे खा। आपक प त्रका म
आपक गली और आपका वृक्ष है। जब सबक टप्प णयाँ एक ही जगह आ जाती ह तो पूरी कक्षा एक ही दृ ष्ट म पूरे
वष का रूप दे ख लेती है। जो क्रम एक कॉपी म दखाई नह दे ता, वह एक द वार पर स्पष्ट हो जाता है।

सुझाव: हर बक्से म खूब जगह छो ड़ए। बीस-तीस व ाथ कुछ न कुछ जोड़ना चाहगे और बक्से आपके सोचने से
कह जल्द भर जाते ह।

Page 13 of 39

Page 15

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

. com
emगए प रवतन के
प्र.2 चरण 2— प्रारूप भ रए। प्रत्येक बक्से के लए (उदाहरण के लए अप्रैल से जून म पौध म प रवतन) आप म से

m a s
l और अनुभव कक्षा म
वषय म.cपूoछ सकता है। आप म से प्रत्येक व ाथ अपनी प त्रका म लखी गई टप्प g
कोई एक व ाथ खड़े होकर कक्षा के सभी सहपा ठय से न त अव ध म उनके ारा लखे

a
emकरेगा। टप्प णय पर चचा क जाएगी और मुख्य टप्प णयाँ आरेख म लखी जाएँगी।
णयाँ

a s
gl
साझा
a

co m
िवषय
e m . समय अविध
ag
अपै ल–lजूaनs
ag
जुलाई –िसतंब र अ क् तूब र–िदसंब र जनवरी–माच
पौधों का जीवन
com
m.
पशु और पक्षी
as e
. om, उष्मा और पकाश
cवायु a g l
e m
as जल और जल िनकाय
agl मानव गितिविधयाँ
m a s
आरेखीय प्रारूप, m
e
. c o agl
a s
पृष्ठ 153 — कक्षा क द वार के लए खाली आरेख।

agl
. com
m a s emका जीवन” — और शेष
co प त्रका से बताए क उसने क्या लखा था। कक्षा मुख्य बात तय करे और वहीagआरेl ख म लखी जाएँ। फर अगला
एक-एक करके बक्से ली जए। एक व ाथ खड़ा होकर बक्से का नाम पढ़े — “अप्रैल से जून, पौध

.
वem
कक्षा अपनी

l a s ाथ अगला बक्सा ले।

ag इसे व्यव स्थत कैसे रख —
se m
m प त्रका से पढ़।
coअपनी l a
1. पहले क्रम तय कर ली जए — एक-एक पं क्त पूरी क जए, इधर-उधर मत कू दए।
. a g
eकm
2. जो व ाथ खड़ा है वही आरेख पर लखे। शेष सब

l a s
g
3. केवल छोटे बदु ल खए — तीन-चार शब्द े , पूरे वाक्य नह ।
4. य द दो लोग ने अलग-अलग बातaदे खी ह तो दोन ल खए। अलग-अलग ग लय म सचमुच अलग-अलग बात दखती ह।

m
5. य द कसी ने ऐसी बात बताई जो और कसी ने नह दे खी, तो पहले पू छए — “तुमने यह ठ क कब दे खा था?” और तब

. co
m
ल खए।

as e
. cनमूoनmा उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र के लए है। g l
भरे हुए आरेख का नमूना। आपक कक्षा का आरेख इससे अलग होगा, क्य क यह इस पर नभर करता है क आप कहाँ रहते ह।
a
sem
यह
a
agl c
m .
m a s e
em . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 14 of 39

Page 16

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

वषय अप्रैल–जून जुलाई– सतंबर अक्तूबर– दसंबर जनवरी–माच

पौध का आम, जामुन और लीची सब कु छ हरा हो जाता है। गेंद ा और गुल दाउदी सरसों के खेत पीले हो जाते
जीवन पकते है।ं गुल मोहर और खाली ज़ मीन पर नई घास िखलते है।ं धान सुनहरा है।ं गेहू ँ बढ़ ता है। क्यािरयों
अमलतास फू लों से लद उग आती है। कु कु रमुत्ते होकर कट जाता है। में मटर, गाजर और
जाते है।ं घास सूखकर िनकल आते है।ं गीली दीवारों अमरूद , संतरा, शरीफा पालक। फरवरी में आम
भूरी हो जाती है। पित्तयाँ पर काई। खेतों में धान की और गन्ना तैयार। कु छ बौराता है। पलाश और
धूल भरी और मुरझाई- रोपाई। वक्षृ ों से पित्तयाँ झड़ ने से मल िखलते है।ं माच में
सी लगती है।ं लगती है।ं नई पित्तयाँ।

पशु और कोयल िदनभर ज़ ोर से रात में मेंढक टर ते है।ं गीली झील पर पवासी पक्षी आते पवासी पक्षी अब भी झील पर,
पक्षी बोलती है। कौए और ज़ मीन पर के ं चुए और घोंघे है ं — बत्तख, सारस , माच तक लौट जाते है।ं पक्षी
गौरै या छाया में चोंच िनकल आते है।ं चारों ओर हंस । कीट कम हो जाते घोंस ले बनाने लगते है।ं
खोले बैठे रहते है।ं कु त्ते व्याध -पतंग (डै गन ़ ल ाई)। है।ं मवेशी कटे खेतों में कोयल िफर बोलने लगती
खड़ ी गािड़ यों के नीचे बहुत मच्छर। साँप भरे हुए चरते है।ं िगलहिरयाँ है। फू लों के साथ िततिलयाँ
ले टे रहते है।ं मवेिशयों िबलों से बाहर आ जाते है।ं भोजन जमा करती है।ं और मधुमिक्खयाँ लौट आती
को बार-बार पानी है।ं
िपलाना पड़ ता है।

वायु, उष्मा बहतु गम और आकाश पायः बादलों से भरा। आकाश साफ़ और गहरा जनवरी सबसे ठं डी। कई
और प्रकाश सूखापन। दोपहर में लू धूप कम। हवा नम और नीला। हवा ठं डी और िदन घना कोहरा। आरंभ में
चलती है। िदन लंबे, िचपिचपी। मई िजतनी गम शुष्क हो जाती है। सुबह िदन सबसे छोटे, िफर धीरे -
राते ं छोटी। सूय दय नही,ं पर उमस भरी। बादल कु हासा, घास पर ओस। धीरे लंबे होने लगते है।ं
लगभग साढ़ े पाँच बजे, गरजते है,ं िबजली चमकती िदन छोटे — साढ़ े पाँच दोपहर की धूप सुहावनी
सूय स्त लगभग सात है। िदन छोटे होने लगते है।ं बजे ही अंधेरा। लगती है। माच के मध्य तक
बजे। धूप तीखी और िफर गरमी।
सफ़े द।

जल और ग े और छोटे तालाब जगह-जगह पानी भर जाता तालाब अब भी भरे है ं पर पानी बफ़ -सा ठं डा लगता
जल नकाय सूख जाते है।ं तालाब है। तालाब और निदयाँ भर स्तर धीरे -धीरे घटता है। है। सबसे ठं डी सुबहों में
की तली में दरारे ं। नल - जाती है,ं कभी-कभी उफनती नल का पानी ठं डा लगता घास पर पाला। तालाब का
हैडं पंप से पानी धीरे आता भी है।ं पानी मटमैल ा िदखता है। सुबह घास पर खूब स्तर नीचा। हमें प्यास कम
है। हम कही ं अिधक है — उबालकर या छानकर ओस। लगती है और हम पानी कम
पानी पीते है।ं घड़ े का ही पीना चािहए। कु ओं का पीते है।ं
पानी ठं डा रहता है। जल -स्तर बढ़ जाता है।

मानव गम की छु ि याँ। पतले िव ालय िफर खुल ते है।ं स्वेटर बक्सों से बाहर आते ऊनी वस्त्र, मफ़ लर, मोज़ े।
ग त व धयाँ सूती वस्त्र और टोपी। छाता, बरसाती और गमबूट। है।ं उपज घर आती है। शाम को अलाव। गजक,
पंखे और कू लर चलते धान और मक्का की बुवाई। गेहू,ँ सरसों और चने की ितल के ल ू , गुड़, सरसों
है।ं ल स्सी, आम पना, भु ा और पकौड़ े। रक्षाबंधन, बुवाई। नवरात्र, दशहरा, का साग। लोहड़ ी, मकर
स त्तू, तरबूज़, बफ़ । जन्माष्टमी, ओणम, गणेश दीपावली, छठ, गुरु नानक संक्रांित, पोंगल , गणतंत्र
काम सुबह जल्दी या चतुथ , नाग पंचमी। जयंती, िक्रसमस। िदवस , वसंत पंचमी, होली।
सूय स्त के बाद। खेतों रज़ ाइयाँ धूप में डाली पतंगबाज़ ी। माच के अंत में
की जुताई करके जाती है।ं गेहू ँ की कटाई आरंभ।
तैयारी।

Page 15 of 39

Page 17

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

भरा हुआ आरेख क्या दखाता है: कसी भी पं क्त को बाएँ से दाएँ प ढ़ए और वही एक कहानी पाँच अलग-अलग
ढं ग से कही मलेगी — गम और सूखा, फर गीला और हरा, फर ठं डा और सुनहरा, फर सद और पीला, और फर से
गम। पौधे, पशु, वायु, जल और मनुष्य अलग-अलग काम नह कर रहे। वे सब एक ही मौसमी प रवतन का उत्तर दे
रहे ह।

त थयाँ भी ल खए: प्रत्येक बदु के आगे वह महीना ल खए जसम आपने वह दे खा। अगले वष आपके क नष्ठ
व ाथ जाँच सकगे क आम उसी समय बौराया या नह — असली प्रकृ त-अवलोकन ऐसे ही कया जाता है।

प्र.3 चरण 3— वषभर म हुए प रवतन का अध्ययन। आइए हम सभी व ाथ पाँच समूह म बँट जाएँ। प्रत्येक समूह
प्रस्तुत आरेख म से एक वषय का चुनाव करेगा और व भन्न समय अव धय म हुए प रवतन क्रम का अध्ययन
करेगा। कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का उपयोग करते हुए आप अपने वषय पर पोस्टर बनाइए तथा उसम
वषभर होने वाले प रवतन को दशाइए।

िवषय समय अविध
अपै ल–जून जुलाई –िसतंब र अ क् तूब र–िदसंब र जनवरी–माच
पौधों का जीवन
पशु और पक्षी
वायु, उष्मा और पकाश
जल और जल िनकाय
मानव गितिविधयाँ

आरेखीय प्रारूप, पृष्ठ 153 — कक्षा क द वार के लए खाली आरेख।

प्रत्येक समूह आरेख क एक पं क्त लेकर उसे ऐसा पोस्टर बनाए जसम पूरा वष एक साथ दखे। समूह 1 — पौध का
जीवन, समूह 2 — पशु और पक्षी, समूह 3 — वायु, उष्मा और प्रकाश, समूह 4 — जल और जल नकाय, समूह 5 — मानव
ग त व धयाँ।
अ ा पोस्टर कैसे बनाएँ —

1. चाट पेपर को चार भाग म बाँ टए, प्रत्येक समय अव ध के लए एक। बाएँ से दाएँ, ता क वष कहानी क तरह पढ़ा जाए।
2. प्रत्येक भाग के ऊपर महीने स्पष्ट ल खए।
3. हर भाग म अनेक छोटे चत्र के बजाय एक बड़ा चत्र बनाइए।
4. चत्र के नीचे केवल तीन-चार छोटे बदु ल खए।
5. रंग से बात क हए — वषा के लए हरा, ीष्म के लए पीला और भूरा, शीत के कोहरे के लए धूसर और सफ़ेद।

Page 16 of 39

Page 18

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

6. ऊपर शीषक और नीचे समूह के सदस्य के नाम ल खए।
7. प्रस्तु त से पहले एक बार अभ्यास क जए। तय कर ली जए क कौन कस भाग पर बोलेगा।

कस समूह का पोस्टर क्या दखाए —

समूह वषय पोस्टर का सुझाव

समूह पौध का जीवन एक ही वृक्ष चार बार — गीष्म की गम में सूखा-सा, वष में गहरा हरा, शरद में पित्तयाँ झड़ ाता हुआ, और वसंत में
1 नई पित्तयों तथा फू लों से भरा। नीचे एक प ी में िदखाइए िक िकस ऋतु में बाज़ ार में कौन-सा फल आता है।

समूह पशु और पक्षी एक ही तालाब चार बार। गीष्म में बोलती कोयल , वष में मेंढक और व्याध-पतंग, शीत में आते पवासी बत्तख और
2 सारस , तथा वसंत में घोंस ला बनाते पक्षी।

समूह वायु, उष्मा और हर ऋतु का आकाश — गीष्म में चमकीला सफ़े द , वष में काले बादल , शरद में साफ़ नीला, शीत में कोहरे से
3 प्रकाश भरा। हर ऋतु के सूय दय-सूय स्त के समय िलिखए और िदखाइए िक िदन कै से लंबे-छोटे होते है।ं

समूह जल और जल एक ही तालाब या ग ा चार बार — सूखा और दरारों वाला, लबालब भरा, धीरे -धीरे घटता हुआ, और नीचा
4 नकाय जल -स्तर तथा घास पर पाला। हर बार जल -स्तर पर एक रे खा खी ंिचए।

समूह मानव एक ही गली के चार िचत्र — िशकं जी बेचता ठे ल ा, छाते के नीचे चलते लोग, दीपावली का बाज़ ार, और शॉल
5 ग त व धयाँ ओढ़ े लोगों के साथ अलाव। पव ं के नाम और लोगों के वस्त्र भी िदखाइए।

एक समूह एक ही वषय क्य ले: य द आप पूरे वष एक ही धागा पकड़कर चल तो उसका बदलना स्पष्ट दखता है;
एक साथ सब कुछ दे खने पर बात खो जाती है। और जब पाँच पोस्टर अगल-बगल लगते ह तो कक्षा को पता चलता
है क पाँच धागे ठ क एक ही समय पर बदलते ह — ऋतु इसी का नाम है।

बनावट बात मत ल खए: पोस्टर पर वही डा लए जो आपक कक्षा ने सचमुच अपनी प त्रकाओं म लखा है। य द
कसी ने प्रवासी पक्षी नह दे खा तो उसे मत बनाइए। जो सचमुच दे खा गया उसका पोस्टर, कल्पना के सुंदर पोस्टर से
कह अ धक मूल्यवान है।

Page 17 of 39

Page 19

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

प्र.4 चरण 4— पूरे वष का एक साथ अवलोकन। जब सभी समूह अपनी प्रस्तु तयाँ कर ल तो नए समूह बनाइए, परंतु
ध्यान रहे क प्रत्येक नए समूह म प्रत्येक वषय से एक व ाथ होना चा हए। अब प्रत्येक समय अव ध के लए
चार नए समूह बनाइए। इन अवलोकन क सहायता से अपनी समय अव ध (उदाहरण के लए, जनवरी–माच) के
वषय म जो आपने प्रकृ त म दे खा, उसे लोग के जीवन म घ टत होने वाले प रवतन से जोड़ते हुए एक सं क्षप्त
कहानी ल खए। इसे कक्षा म पढ़कर सुनाइए।

िवषय समय अविध
अपै ल–जून जुलाई –िसतंब र अ क् तूब र–िदसंब र जनवरी–माच
पौधों का जीवन
पशु और पक्षी
वायु, उष्मा और पकाश
जल और जल िनकाय
मानव गितिविधयाँ

आरेखीय प्रारूप, पृष्ठ 153 — कक्षा क द वार के लए खाली आरेख।

अब समूह को आपस म मला द जए। प्रत्येक नए समूह म पौध वाला एक, प क्षय वाला एक, वायु वाला एक, जल वाला एक
और मानव ग त व धय वाला एक व ाथ हो — और प्रत्येक नया समूह वष का एक भाग ले। इन पाँच को मलाकर उन तीन महीन
के वषय म आरेख क हर बात पता है।
कहानी कैसे बुन —

1. साथ बैठकर अपनी समय अव ध के अपने-अपने पाँच सेट बदु एक-एक करके प ढ़ए।
2. एक पात्र चु नए — कोई ब ा, कोई कसान, कोई गौरैया, कोई तालाब, या आम का वृक्ष भी।
3. उस पात्र को तीन महीन क यात्रा कराइए और रास्ते म उसे पाँच वषय से मलाइए।
4. कहानी छोट र खए — दस-बारह वाक्य पयाप्त ह।
5. ध्यान र खए क हर वषय से कम-से-कम एक बात कहानी म आए, ता क कोई सदस्य छू ट न जाए।
6. कक्षा म बारी-बारी से एक-एक वाक्य पढ़कर सुनाइए।

नमूना उत्तर — जनवरी–माच क कहानी
वसंत क प्रतीक्षा करती गौरैया
जनवरी म सुबह इतनी कोहरे भरी थ क छत से नीम का पेड़ ही नह दखता था। घास पाले से सफ़ेद रहती और दुकान के बाहर रखे
घड़े का पानी बफ़-सा ठं डा होता। दुकान पर आने वाले ब े कान पर मफ़लर लपेटे रहते और मकर संक्रां त पर उनक दाद उन्ह
गजक और तल के लड्डू खलात । चीकू गौरैया का पेड़ नंगा था और वह भूखी थी, क्य क क ड़े कह चले गए थे।

Page 18 of 39

Page 20

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

फर फरवरी के एक दन चीकू ने कुछ दे खा। दुकान के पीछे का खेत चमक ला पीला हो गया था — सरस फूल आई थी।
co m
मधुम क्खयाँ लौट आईं। कुछ तत लयाँ भी लौट आईं। नुक्कड़ वाले आम के पेड़ से मीठ गंध आने लगी और उसक डा लय पर
e m.
m l as
.co g
छोटे -छोटे भूरे बौर लगे थे।

m a
a se
माच तक कोहरा जा चुका था। दन लंबे हो गए थे और दोपहर क धूप इतनी गुनगुनी थी क ब े बना स्वेटर के खेल सकते थे।

a g l
होली पर रंग उड़े और पूरी गली सरस के खेत जैसी दखने लगी। जो बत्तख पूरी सद झील पर बताकर गई थ , वे उत्तर क ओर उड़
गईं और चीकू नीम के पेड़ पर तनके ले जाने लगी, क्य क घ सला बनाने का समय आ गया था। खेत का गेहूँ सुनहरा हो चुका था

co m
और कसान कह रहा था क अगले सप्ताह कटाई आरंभ हो जाएगी।

e m .
चीकू ने कोई आरेख नह पढ़ा था। पर वह जानती थी, जैसे हर जीव जानता है, क वष का ठं डा भाग बीत चुका है और गम भाग फर ag
से आरंभ हो रहा है।
g l as
a
m
कहानी ही अं तम चरण क्य है: आरेख तथ्य को अगल-बगल रखकर दखाता है। कहानी दखाती है क वे तथ्य
co
m.
आपस म कैसे जुड़े ह। कोहरा, सरस , मधुम क्खयाँ, मफ़लर, पतंग और घ सला — ये पाँच अलग बात नह ह; ये सब

as e
coक्रमmसमझ लया है, केवल बक्से रट नह लए। l
इस लए हुईं क्य क वष का सबसे ठं डा भाग समाप्त हो रहा था। कहानी कहकर आप स्वयं को यह सद्ध कर दे ते ह
. a g
m
ase
क आपने

agl
अपनी समय अव ध के लए: अप्रैल–जून क कहानी सूखता हुआ तालाब कह सकता है। जुलाई– सतंबर क
m a s
.co agl
कहानी धान का नन्हा पौधा। अक्तूबर– दसंबर क कहानी दूर से उड़कर आया सारस। ऐसा पात्र चु नए जसे प रवतन
झेलना पड़े — कहानी अपने आप बन जाएगी।
se m
g l a
a

co m
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 155
m .
m as e
.co
ऋतुओं के वषय म पता लगाना
a g l
a s em
agl प्र.1 वषभर हमने ये प रवतन दे खे ह, परंतु क्या पछले वष भी ऐसा ही हुआ होगा? क्या अगला वष भी ऐसा ही होगा?
se m
com g l a
. a

m
ase
agl
दोन का उत्तर है — हाँ। पछले वष भी यही हुआ था और अगले वष भी यही होगा। इसी कारण इसे क्रम कहते ह — वह बात जो
एक ही क्रम म बार-बार लौटकर आती है।
इसे आप स्वयं ऐसे जाँच सकते ह —

co m
m .
e
1. अपने दादा-दाद से पू छए क आपक गली का आम कब बौराता है। वे बना सोचे कहगे — “फरवरी के आस-पास”।

omहोता है। g l as
.cबोना
2. कसी कसान से पू छए क वषा सामान्यतः कब आरंभ होती है। वह हर वष के वही सप्ताह बताएगा, क्य क उसे ठ क समय पर

em3. कोई पुराना कैलडर दे खए। द पावली और प गल हर वष लगभग एक ही समय पर पड़ते ह। a
a s
agl 4. पछले वष के अपने वस्त्र याद क जए। स्वेटर लगभग इसी समय नकले थे।
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


a g l Page 19 of 39

Page 21

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

क्या होता है कब क्या यह दोहराया जाता है?

दन बहुत गम हो जाते ह अप्रैल – जून हाँ, पत्येक वष

वषा आती है जून के अंत, जुलाई हाँ, पत्येक वष

प्रवासी पक्षी आते ह अक्तूबर – नवंबर हाँ, पत्येक वष

सरस के खेत पीले होते ह जनवरी – फरवरी हाँ, पत्येक वष

आम बौराता है फरवरी – माच हाँ, पत्येक वष

यह दोहराया क्य जाता है: पृथ्वी सूय के चार ओर एक चक्कर ठ क एक वष म पूरा करती है। चक्कर पूरा होते ही
पृथ्वी वह आ जाती है जहाँ से चली थी और सूय के सामने उसी तरह होती है — इस लए वही मौसम लौट आता है
और प्रकृ त वही सब दोहराती है। वषभर चलने वाले इसी दोहराए जाने वाले प रवतन-क्रम को हम ऋतुए ँ कहते ह।

पर बलकुल वैसा ही नह : कसी वष वषा एक सप्ताह दे र से आ सकती है। कोई शीत ऋतु पछली से अ धक ठं डी
हो सकती है। क्रम दोहराया तो जाता है, पर हूबहू नह — कुछ-कुछ वैसे ही जैसे वही गीत हर बार थोड़ा अलग ढं ग से
गाया जाता है।

प्र.2 आपके क्षेत्र म ऋतुओं को क्या कहते ह?

घर पर पू छए और वही नाम ल खए जो आपका प रवार सचमुच बोलता है। रोज़मरा क हद म अ धकतर लोग तीन-चार
ऋतुओं के ही नाम लेते ह — गरमी, बरसात, सद और कभी-कभी बसंत — जब क पुस्तक छह नाम बताती है।
नमूना उत्तर: हमारे क्षेत्र म मुख्यतः तीन ऋतुएँ कही जाती ह — अप्रैल से जून तक गरमी, जुलाई से सतंबर तक बरसात, और नवंबर
से फरवरी तक सद । बीच के सुहावने सप्ताह को फरवरी-माच म बसंत और अक्तूबर-नवंबर म, जब प त्तयाँ झड़ती ह, पतझड़ कहा
जाता है।

पुस्तक म (संस्कृत नाम) रोज़मरा क हद म कुछ अन्य भारतीय भाषाओं म

वसंत बसंत बोस तो (बांग्ला) · इलवे नल (त मल) · वसंत (मराठ )

ीष्म गरमी ीष्मो (बांग्ला) · मुदुवे नल (त मल) · उन्हाळा (मराठ )

वषा बरसात बोषा (बांग्ला) · कार् (त मल) · पावसाळा (मराठ )

शरद शरद / पतझड़ शरत् (बांग्ला) · कू दर् (त मल)

हेमंत हेमंत हेम तो (बांग्ला) · मुन्प न (त मल)

श शर सद / जाड़ ा शीत (बांग्ला) · पन्प न (त मल) · हवाळा (मराठ )

Page 20 of 39

Page 22

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

अलग-अलग जगह नाम क संख्या अलग क्य : लोग उन्ह ऋतुओं को नाम दे ते ह जन्ह वे सचमुच अनुभव करते
ह। उत्तर भारत म कड़ी सद , तेज़ गम और स्पष्ट वषा होती है, इस लए वह तीन नाम सबसे अ धक चलते ह। केरल
म वषभर गम रहती है और बदलती है केवल वषा, इस लए वहाँ बात मुख्यतः बरसात के महीन क होती है। ऋतुएँ
प्रकृ त बनाती है; नाम लोग बनाते ह।

पता क जए: प रवार के कसी बुजग से उनक भाषा के ऋतु-नाम पू छए। इनम से कुछ पुराने नाम धीरे-धीरे भुलाए
जा रहे ह, और उन्ह लख लेना उन्ह बचाने का एक छोटा-सा तरीका है।

भारत क ऋतुए ँ — पृष्ठ 156
छह ऋतुए ँ और उनके महीने

प्र.1 क्या आप जानते ह क भारत म कतनी ऋतुए ँ होती ह?

भारत म छह ऋतुए ँ होती ह। ये ह — वसंत, ग्रीष्म, वषा, शरद, हेमंत और श शर। प्रत्येक ऋतु लगभग दो महीने क होती है
और छह मलकर एक पूरा वष बनाती ह।

Page 21 of 39

Page 23

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

िशिशर वसंत
जनवरी–फरवरी माच–अपैल

हे मत
ं एक गीष्म
नवंबर–िदसंबर वष मई–जून

शरद वष
िसतंबर–अक्तूबर जुलाई–अगस्त

वृत्त में घूमते जाइए और आप वही ं लौट आएँगे जहाँ से चले थे।

भारत क छह ऋतुए,ँ क्रम से। श शर समाप्त होते ही वसंत फर आरंभ हो जाता है — यही वष क लय है।

चार नह , छह क्य : बहुत-से दे श म केवल चार ऋतुओं के नाम ह। भारत म छह इस लए ह क्य क हमारे वष म
सचमुच छह स्पष्ट रूप से अलग मौसम आते ह। हमारे यहाँ एक लंबी, अलग वषा ऋतु होती है जो अनेक ठं डे दे श म
होती ही नह , और हमारी ठं ड दो चरण म आती है — पहले हलक , ओस भरी हेमंत और फर तीखी, कोहरे भरी
श शर। इन्ह अलग नाम दे ने से भारत का वष अ धक ठ क-ठ क बताया जा सकता है।

क्या आप जानते ह? पृथ्वी का सबसे अ धक वषा वाला स्थान मेघालय का मॉ सनराम भी भारत म है और सबसे
शुष्क स्थान म से एक राजस्थान का थार मरुस्थल भी। दोन एक ही दे श म ह और दोन म वही छह ऋतुएँ आती ह,
पर वे बलकुल अलग अनुभव होती ह।

Page 22 of 39

Page 24

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 ता लका भ रए — ऋतु / वष के महीने (अपने क्षेत्र के अनुसार इसे भ रए)।

ऋतु वष के महीने
(अपने क्षे त्र के अनुसार इसे भिरए )

वसंत
गीष्म
वष
शरद
हेमंत
िशिशर

पृष्ठ 156 पर छपी खाली ता लका।

प्रत्येक ऋतु लगभग दो महीने क होती है। नीचे उत्तर तथा मध्य भारत के अ धकांश भाग का सामान्य क्रम दया है। आपके क्षेत्र
म यह कुछ सप्ताह आगे या पीछे हो सकता है, इस लए अपनी पुस्तक म लखने से पहले शक्षक और बड़ से पूछ ली जए।

ऋतु वष के महीने (नमूना उत्तर) कैसा लगता है

वसंत फरवरी के मध्य से अपैल के मध्य तक (माच – अपैल ) सुहावने दन, ठं डी सुबह। फूल खलते ह, नई प त्तयाँ आती ह, कोयल
बोलती है।

ीष्म अपैल के मध्य से जून के मध्य तक (मई – जून) बहुत गम और सूखापन। लंबे दन, लू, सूखते तालाब।

वषा जून के मध्य से अगस्त के मध्य तक (जुल ाई – अगस्त) भारी वषा, बादल भरा आकाश, चप चपी हवा। सब कुछ हरा हो जाता
है।

शरद अगस्त के मध्य से अक्तूबर के मध्य तक (िसतंबर – वषा रुक जाती है, आकाश साफ़ नीला हो जाता है, फ़सल पककर कट
अक्तूबर) जाती है।

हेमंत अक्तूबर के मध्य से िदसंबर के मध्य तक (नवंबर – ठं डी और शुष्क हवा, सुबह ओस, दन छोटे होते जाते ह।
िदसंबर)

श शर िदसंबर के मध्य से फरवरी के मध्य तक (जनवरी – सबसे ठं डे सप्ताह, कोहरा और पाला, नंगे वृक्ष, लंबी रात।
फरवरी)

कुछ क्षेत्र म यह क्रम काफ़ अलग है —

Page 23 of 39

Page 25

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
क्षेत्र वहाँ वष कैसे चलता है

m a e
भीs होती है। शीत ऋतु
केरल और प श्चमी तट
o
.c के वल हलकी ठं डक भर होती है। ag l
वष जल्दी आती है — लगभग जून के पहले स प्ताह में — और अक्तूबर-नवंबर में दू स री बार

se m
l a
g घाट
aकश्मीर शीत ऋतु लंबी और िहमपात वाली होती है, नवंबर से माच तक। वसंत दे र से , अपैल में आता है, जब बादाम और चेरी के
वक्षृ िखलते है।ं
m
co की और बहतु थोड़ ी। शीत ऋतु की राते ं आश्चयजनक रूप से ठं डी।
गीष्म बहतु लंबी और तपती हईु । वष कम .समय ag
sem
राजस्थान (थार

gla
मरुस्थल)

त मलनाडु
a
मुख्य वष जून-जुल ाई में नही,ं अक्तूबर-िदसंबर में लौटती हुई हवाओं से होती है।

co m
m.
असम और पूव त्तर वष जल्दी आरंभ होकर बहुत लंबी चलती है; अपैल -मई में भी खूब वष होती है।
m as e
.co a g l
a s emकेवल लगभग क्य बताए जाते ह: ऋतुएँ कसी न श्चत तारीख़ से आरंभ नह होत , जैसे व ालय का सत्र
महीने

a gl होता है। वे एक-दूसरे म घुलती- मलती ह। मानसून पहले केरल पहुँचता है और पूरे दे श म फैलने म लगभग एक
महीना लेता है, इस लए केरल का जुलाई और पंजाब का जुलाई एक जैसे नह होते। इसी लए पुस्तक कहती है —
m a s
.co agl
“अपने क्षेत्र के अनुसार इसे भ रए”।

a s em
वास्त वक जीवन से जाँ चए: पता aकglजए क व ालय गम क छु ट्टयाँ कब घो षत करता है, पछले वष पहली
तेज़ बा रश कब हुई थी और ऊनी कपड़े कब नकाले गए थे। ये तीन त थयाँ आपके क्षेत्र क ऋतुएँ कसी भी पुस्तक

co m
.
से बेहतर बता दगी।
em
m l as
.co a g
a s em
a glल खए — पृष्ठ 157
ऋतु बदलने पर कैसा लगता है?
se m
com g l a
ल खए
m . a
ase
प्र.1 agl
जब ऋतु प रव तत होती है तो आप कैसा अनुभव करते ह? क्या आप चाहगे क वषभर केवल एक ही ऋतु बनी

m
रहे? अपने दए गए उत्तर के लए कारण भी बताइए।

. co
se m
o m l a
gही प्रय क्य न हो। प्रत्येक ऋतु हम कुछ ऐसा
नह.c— वषभर केवल एक ही ऋतु रहना अ ा नह होगा, चाहे वह हम कतनी

m a
a se
agl
दे ती है जो दूसरी नह दे सकती, और प रवतन ही वह चीज़ है जो सब कुछ जी वत और बढ़ता हुआ रखती है।

.c
m
नमूना उत्तर: ऋतु बदलने पर मुझे बहुत उत्साह होता है। लंबी गम के बाद पहली वषा क गंध बहुत अ लगती है और सब बाहर

m a s e
co agl
दौड़ पड़ते ह। पहली ठं डी सुबह का अथ है रज़ाई और गजक। सद के बाद पहला गुनगुना दन आते ही म बना स्वेटर के बाहर जा

m .
se
सकता हूँ। पर म नह चाहूँगा क कोई एक ऋतु पूरे वष बनी रहे। य द बारह महीने गम रहे तो तालाब और कुएँ सूख जाएँगे, फ़सल

l a
छgभी नह पकेगा और आम तो मलगे ही नह । मुझे ऋतुएँ इस लए अ
जल जाएँगी और पीने का पानी ही नह बचेगा। य द वषभर वषा हो तो फ़सल खेत म ही सड़ जाएँगी और सड़क पर पानी भरा
रहेगा। य द वषभर सद रहे तो कुa लगती ह क्य क हर ऋतु
अपना फल, अपना पव और अपना आनंद लाती है — और कुछ महीने बाद म अगली ऋतु के लए तैयार हो जाता हूँ।

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 24 of 39

Page 26

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

य द यही ऋतु क्या अ ा लगेगा क्या बगड़ जाएगा
वषभर रहे…

ीष्म लंबे दन, छु ट्टयाँ, आम, तैरना तालाब और कु एँ सूख जाएँगे। फ़ सले ं नष्ट हो जाएँगी। पीने, पकाने और खेती के
िलए पानी नही ं बचेगा।

वषा चार ओर ह रयाली, भरपूर फ़ सले ं सड़ जाएँगी। बाढ़ रुके गी ही नही ं। कपड़ े कभी नही ं सूखेंगे। गंदे पानी से
पानी, गम नह होने वाले रोग बढ़ जाएँगे।

शीत ठं डी हवा, पसीना नह , अ धान और आम को गम चािहए — वे होंगे ही नही ं। िनधन लोगों को ठं ड में बहतु
नद कष्ट होगा। कोहरे से रे ल और बसे ं रुक जाएँगी।

प रवतन स्वयं क्य आवश्यक है: अलग-अलग फ़सल को अलग-अलग मौसम चा हए। गेहूँ के दाने भरने के लए
ठं डे महीने चा हए; धान को गम और गीली ऋतु चा हए; आम को पकने के लए तपती गम चा हए। वृक्ष एक ऋतु म
पुरानी प त्तयाँ गराते ह और दूसरी म नई उगाते ह। पक्षी एक ऋतु म यहाँ आते ह और दूसरी म लौट जाते ह।
प रवतन हटा द जए तो यहाँ रहने वाला आधा जीवन ही समाप्त हो जाएगा। इसी लए अध्याय कहता है क यह
प रवतन स्वाभा वक और आवश्यक है।

अपनी स ी बात ल खए: यह “ ल खए” बक्सा है, परीक्षा नह । कसी को वषा क क चड़ भरी सड़क बुरी लगती
ह और कसी को वषा ही सबसे प्रय होती है। अपनी स ी भावना ल खए — पर उसका कारण अवश्य ल खए,
जैसा प्रश्न म कहा गया है।

चचा क जए — पृष्ठ 157
एक ही ऋतु, अलग-अलग स्थान

चचा क जए

प्र.1 केरल क शीत ऋतु कश्मीर क शीत ऋतु से अलग होती है। असम क वषा ऋतु राजस्थान क वषा ऋतु से अलग
होती है। आपको क्या लगता है, ऐसा क्य होता है?

क्य क भारत बहुत बड़ा दे श है, और कसी स्थान का मौसम इस पर नभर करता है क वह स्थान कहाँ है — भूमध्य रेखा
से कतना दूर, कतनी ऊँचाई पर, समुद्र से कतना पास, और उसके आस-पास पवत ह या नह । ऋतु वही है; स्थान अलग
है।
शीत ऋतु अलग क्य होती है —

1. भूमध्य रेखा से दूरी। केरल भूमध्य रेखा के पास है, जहाँ वषभर सूय क करण लगभग सीधी पड़ती ह। कश्मीर बहुत उत्तर म
है, जहाँ करण तरछ पड़ती ह और बहुत कम गम दे ती ह।
2. समुद्र तल से ऊँचाई। कश्मीर घाट पवत के बीच ऊँचाई पर है। जतनी ऊँचाई, उतनी ठं ड। केरल समुद्र तल पर है।
3. समुद्र क नकटता। केरल के एक ओर समुद्र है। जल धीरे गम होता है और धीरे ठं डा होता है, इस लए समुद्र तट का मौसम
संतु लत रखता है — न बहुत गम, न बहुत ठं डा। कश्मीर के पास कोई समुद्र नह है।

Page 25 of 39

Page 27

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

4. हमालय। शीत ऋतु म कश्मीर घाट के चार ओर के पवत पर हम गरता है और उस हम क ठं डी हवा घाट म बैठ जाती है।
केरल के आस-पास कह हम नह है।

वषा ऋतु अलग क्य होती है —

1. मानसूनी हवाएँ बंगाल क खाड़ी के ऊपर से बहते हुए बहुत सारी जलवाष्प अपने साथ ले लेती ह।
2. वे सबसे पहले असम और पूव त्तर पहुँचती ह, जब वे नमी से भरी होती ह।
3. वहाँ क पहा ड़याँ हवा को ऊपर चढ़ने पर ववश करती ह। ऊपर उठती हवा ठं डी हो जाती है और ठं डी हवा अपनी नमी सँभाल
नह पाती — इस लए वह भारी वषा हो जाती है। असम के पास मेघालय का मॉ सनराम पृथ्वी का सबसे अ धक वषा वाला
स्थान है।
4. राजस्थान तक पहुँचते-पहुँचते ये हवाएँ बहुत दूर स्थल पर चल चुक होती ह और अपनी अ धकांश नमी खो चुक होती ह।
5. राजस्थान समुद्र से बहुत दूर, दे श के भीतर है, और अरावली पहा ड़याँ हवाओं के माग के आर-पार नह , ब ल्क उनके साथ-साथ
फैली ह, इस लए वे हवा को ऊपर उठने पर ववश नह करत ।
6. प रणाम है थार मरुस्थल — भारत के सबसे शुष्क स्थान म से एक।

कश्मीर घाट (शीत ऋतु) केरल (शीत ऋतु)

कतनी ठं ड हाड़ कँपाने वाली; कई रात म तापमान शून्य से नीचे के वल थोड़ ी ठं डक, लगभग 22–28 °C

हम खूब हमपात कभी िहम नही ं िगरती

वस्त्र फ़रन, भारी ऊनी वस्त्र, गम के लए कांगड़ी वष के बाकी िदनों जैसे ही सूती वस्त्र

वृक्ष चनार आ द वृक्ष नंगे खड़े रहते ह नािरयल के वृक्ष वषभर हरे रहते है ं

असम (वषा ऋतु) राजस्थान (वषा ऋतु)

वषा महीन तक बहुत भारी कु छ ही िदनों में थोड़ ी-सी

न दयाँ ब्रह्मपुत्र उफनकर बाढ़ ले आती है नाले थोड़ े समय भरते है ं और िफर सूख जाते है ं

भू म हरी, गीली, घने वन और चाय के बाग़ान रे तीली, सूखी, काँटेद ार झािड़ याँ

खेती धान, जसे बहुत पानी चा हए बाजरा और ज्वार, िजन्हे ं बहुत कम पानी चािहए

इन सबके पीछे का वचार: ऋतु मौसम का वह प रवतन है जो पूरे दे श पर आता है, पर जस भू म पर वह पहुँचता
है वह हर जगह अलग है। ऊँची भू म ठं डी होती है। समुद्र के पास क भू म संतु लत रहती है। पवत के पीछे क भू म
को वषा कम मलती है। इसी लए जो मानसून चेरापूँजी को डु बो दे ता है वही जैसलमेर पर केवल छ टे डालता है —
और दोन जगह वषा ऋतु ही चल रही होती है।

अपने स्थान क बात क जए: चचा म अपने नगर क तुलना उस स्थान से क जए जहाँ आपका कोई संबंधी रहता
है। पू छए — “वहाँ मई म अ धक गम पड़ती है या कम? वषा अ धक होती है या कम? ऐसा क्य ?” और ऊपर
बताए चार कारण से उत्तर समझाइए।

Page 26 of 39

Page 28

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

ऋतुओं का उत्सव — पृष्ठ 157
ऋतुओं के गीत और ऋतुओं क फ़सल

पता क जए

प्र.1 भारत म ऋतुओं से जुड़े कई गीत गाए जाते ह। क्या आप ऐसे कसी गीत के वषय म जानते ह? कुछ गीत के
वषय म पता क जए।

हाँ — भारत के लगभग हर भाग म ऋतुओं के गीत ह, वशेषकर वषा और वसंत के। अपनी दाद -नानी, संगीत के शक्षक और
पड़ो सय से पू छए और कम-से-कम तीन गीत लख ली जए।
इन्ह कैसे खोज —

1. घर के सबसे बुजग व्य क्त से क हए क बचपन म सीखा हुआ कोई गीत सुनाएँ।
2. संगीत के शक्षक से पू छए क व ालय के कायक्रम म कौन-से ऋतु-गीत गाए जाते ह।
3. पव के समय ध्यान से सु नए — तीज, होली और बहू के गीत सब ऋतु-गीत ही ह।
4. गीत क पहली दो पं क्तयाँ, उसक ऋतु का नाम और यह ल खए क आपको कसने सखाया।

ऋतु कस प्रकार के गीत भारत के भन्न भाग के उदाहरण

वषा वषा और झूले के गीत, जो स्त्रयाँ वृक्ष उ त्तर पदे श और िबहार के कजरी तथा झूल ा गीत; वष के िलए गाया जाने वाला राग
पर पड़े झूल पर गाती ह म ार; राजस्थान के तीज गीत; पंजाबी के बरसात-गीत

वसंत फूल , रंग और नए आरंभ के गीत बज क्षेत्र के होरी और फाग; वसंत पंचमी पर गाए जाने वाले बसंत गीत; बंगाल में
रवी ंद नाथ ठाकु र के वसंत-गीत

शरद / फ़सल कटने के बाद कृतज्ञता के गीत असम के िबहू गीत; बैस ाखी पर पंजाब के भांगड़ ा और िगद्धा गीत; पोंगल और ओणम
उपज पर गाए जाने वाले उपज-गीत

श शर अलाव और पव के गीत पंजाब के लोहड़ ी गीत, जैसे दुल्ला भ ी वाला पिस द्ध गीत, जो आग के चारों ओर गाया
जाता है

ऋतुए ँ गीत क्य बन गईं: समाचार-पत्र और मौसम क भ वष्यवाणी से बहुत पहले, गीत ही वह तरीका था जससे
लोग याद रखते थे क कब बोना है, कब काटना है और कब उत्सव मनाना है। पहली वषा का गीत गाना मलकर
आकाश दे खने का ही एक ढं ग है। इसी लए इनम से लगभग हर गीत म कोई फ़सल, कोई वृक्ष या कोई पक्षी भी आता
है।

कक्षा म यह क जए: प्रत्येक व ाथ एक गीत लाए। उन्ह ऋतुओं के क्रम म गाइए — वसंत, ीष्म, वषा, शरद,
शीत — और आपने गाते-गाते पूरा वष पार कर लया होगा।

Page 27 of 39

Page 29

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 अपने शक्षक क और बड़ क सहायता से यह जानने का प्रयास क जए क आपके क्षेत्र म ग्रीष्म ऋतु और शीत
ऋतु म उगने वाली फ़सल कौन-सी ह? नीचे द गई ता लका भ रए।

गीष्मकालीन फसलें शीतकालीन फसलें

पृष्ठ 157 पर छपी खाली ता लका।

कसी कसान से पू छए, या सब्ज़ी बाज़ार म दे खए क इस समय कौन-सी स ब्ज़याँ आ रही ह। नीचे उत्तर भारत के मैदानी
क्षेत्र का नमूना उत्तर है। अपने क्षेत्र क फ़सल स्वयं भ रए।

ग्रीष्मकालीन फसल शीतकालीन फसल

धान — पहली वष के साथ बोया जाता है गेहू ँ

मक्का सरसों

बाजरा और ज्वार चना और मटर

कपास और गन्ना आलू, गाजर, मूल ी और शलजम

तरबूज़, खरबूजा और खीरा पालक, मेथी, सरसों का साग और धिनया

क्षेत्र वहाँ क्या उगाया जाता है

पंजाब और ह रयाणा वष में धान; शीत ऋतु में गेहू ँ और सरसों

राजस्थान वष में बाजरा, ज्वार और मोठ; शीत ऋतु में चना और सरसों — सभी कम पानी वाली फ़ सले ं

केरल और तट य कनाटक धान, नािरयल , के ला, काली िमच और कसावा — गम और नम मौसम में लगभग वषभर

असम और प श्चम बंगाल वष में धान, जूट और चाय; शीत ऋतु में आलू और सरसों

महाराष्ट्र और गुजरात वष में कपास , ज्वार और मूँगफली; शीत ऋतु में गेहू,ँ चना और प्याज़

Page 28 of 39

Page 30

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

.
कोई फ़सल कसी ऋतु क क्य होती है: हर पौधे क अपनी ज़रूरत होती है। धान को पानी म खड़ा रहना पड़ता
com
m a s emसमय गम, शुष्क
o नवंबर म बोया और माच म काटा जाता है। खरबूजे-तरबूज़ को तेज़ धूपagऔरl शुष्क गम चा हए,
है, इस लए वह वषा आते ही बोया जाता है। गेहूँ को दाना भरते समय ठं डा मौसम चा हए और पकते
दन, इस लए.cवह

a s eवेmीष्म म उगाए जाते ह। ग़लत ऋतु म बोई गई फ़सल या तो सूख जाती है या सड़ जाती है — इसी लए
l ऋतुओं पर सबसे अ धक ध्यान दे ता है।
agकसान
इस लए

com
e m . ag
as
दो शब्द जो आप सुनगे: वषा के साथ बोई और शरद म काट जाने वाली फ़सल खरीफ़ कहलाती ह। वषा के बाद

a g l
बोई और वसंत म काट जाने वाली फ़सल रबी कहलाती ह। कसी कसान से पू छए, वह तुरंत ये दोन शब्द बोलेगा।

co m
se m.
m a
पव और ऋतुए ँ — पृष्ठ 158
o
c से मलान क जए जनम वे मनाए जाते ह
पव का उन ऋतु.ओं a g l
se m
l a
ag हमारे बहुत-से पव ऋतुओं से संबं धत ह। आइए दे खते ह क क्या आप इन पव का उन ऋतुओं से मलान कर
प्र.1

m a s
.co agl
सकते ह जनम उन्ह मनाया जाता है? 1. प गल, मकर संक्रां त 2. होली 3. द पावली 4. बैसाखी, गुड़ी पड़वा,

se m
वशु, र गाली बहू — (क) वसंत — जब फूल खलते ह (ख) शरद — जब उपज प्रप्त होती ह (ग) नव वष और
उपज या पैदावार का उत्सव (घ) शीत
g l a
a
m

. co
em
1 → (घ)
c o m 2 → (क) 3 → (ख) 4 → (ग) g l as
. a
a s em
agl क्रमांक पव उत्तर ऋतु मलान का कारण

se m
(घ )
com g l a
.
1. प गल, मकर शीत ये जनवरी के मध्य म पड़ते ह, वष के सबसे ठं डे भाग म। शरीर गम
संक्रां त
e m रखने के लए तल के लड्डू, गजक, गुड़ और खचड़ी खाई जाती है a
a s
a(कg) l
और साफ़ आकाश म पतंग उड़ाई जाती ह।

2. होली वसंत — जब फूल होली फाल्गुन क पू णमा को, फरवरी-माच म आती है, ठ क तब
खलते ह
co m
जब पलाश और सेमल खलते ह और खेत सरस से पीले रहते ह।

m .
e
होली के रंग वसंत के ही रंग ह।

m l as
m .co
3. द पावली (ख) शरद — जब उपज
a g
द पावली अक्तूबर-नवंबर म, खरीफ़ क फ़सल कटकर घर आ जाने

l a se प्राप्त होती है के बाद पड़ती है। भंडार भरे होते ह, इस लए द प जलाकर उत्सव

ag मनाया जाता है।

.c
(ग )
s e m
m a
agl
4. बैसाखी, गुड़ी नव वष और उपज चार अप्रैल के मध्य म पड़ते ह। ये पंजाब, महाराष्ट्र, केरल और
पड़वा, वशु,
. co
या पैदावार का असम म नववष का आरंभ ह और साथ ही रबी क फ़सल कटने का

e m
las
र गाली बहू उत्सव उत्सव भी।

ag

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 29 of 39

Page 31

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

हमारे पव ऋतुओं पर क्य टके ह: सैकड़ वष तक भारत म लगभग सभी लोग खेती से जीवन चलाते थे। वष के
सबसे बड़े क्षण बुवाई और कटाई के होते थे, और वे क्षण मौसम तय करता है। इस लए पव उन्ह क्षण के आस-पास
बने — फ़सल सुर क्षत घर आने पर एक पव, वष बदलने पर एक पव, फूल लौटने पर एक पव। हमारा पव का
कैलडर वास्तव म ऋतुओं का ही कैलडर है।

1 और 4 को ध्यान से दे खए: दोन उपज के पव ह, इस लए दोन (ग) म जाते हुए लग सकते ह। अंतर यह है क
प गल और मकर संक्रां त जनवरी क ठं ड म पड़ते ह — इस लए वे शीत के साथ जाते ह। बैसाखी, गुड़ी पड़वा, वशु
और र गाली बहू अप्रैल म पड़ते ह और अपने-अपने क्षेत्र म नववष भी ह — इस लए वे (ग) के साथ जाते ह।

आइए वचार कर — पृष्ठ 159–160
अं तम प्रश्न

आइए वचार कर

प्र.1 1. ऋतुओं म आए प रवतन के वषय म अपने अनुभव बताइए।

इसे वष क एक कहानी क तरह, एक ऋतु से दूसरी ऋतु तक बताइए, और ल खए क आपने क्या दे खा, सूँघा, खाया
और अनुभव कया। अ े उत्तर म केवल “गम थी” या “ठं ड थी” नह होता; उसम वृक्ष, फल, पक्षी और पव के नाम होते ह।
अ े उत्तर म क्या-क्या होना चा हए —

1. प्रत्येक ऋतु का नाम और वह लगभग कब आई।
2. उस ऋतु म प्रकृ त म दे खी गई एक बात।
3. आपके अपने जीवन म बदली एक बात — वस्त्र, भोजन, खेल या व ालय।
4. एक ऐसा क्षण जो आपको स्पष्ट याद है।

नमूना उत्तर
हमारी गम अप्रैल म आरंभ हुई। पंखा दनभर चलता रहता और शाम को भी सड़क चप्पल के नीचे गरम लगती। हम घड़े का ढे र सारा
पानी पीते और लगभग रोज़ आम खाते। हमारी गली के पीछे का तालाब सूखकर दरार वाली मट्ट बन गया और कोयल सुबह से
दोपहर तक बोलती रहती।
फर जून के अं तम सप्ताह क एक दोपहर आकाश कुछ ही मनट म गहरा धूसर हो गया और मूसलाधार वषा हुई। पूरे वष म मुझे
वही पहली वषा सबसे अ धक याद है — गीली मट्ट क गंध, और हम सबका भीगते हुए बाहर खड़े रहना जब क माँएँ दरवाज़े से
पुकारती रह । उसके बाद लगभग एक सप्ताह म सब कुछ हरा हो गया। रातभर मढक टराते। हम गमबूट पहनकर व ालय जाते और
मेरी कॉपी के कोने गीले ही रहते।
अक्तूबर तक वषा रुक गई और आकाश बहुत साफ़ नीला हो गया। दाद ने रज़ाइयाँ छत पर सुखाईं। हमने द पावली पर रंगोली
बनाई। नवंबर म सुबह कुहासे भरी होने लग और मुझे पहली बार स्वेटर पहनना पड़ा।
जनवरी सबसे ठं डी थी। नौ बजे तक कोहरा रहता और व ालय जाते समय हाथ सुन्न हो जाते। लोहड़ी पर हमने अलाव जलाया और
गजक खाई। फर फरवरी म व ालय के पास वाला सरस का खेत चमक ला पीला हो गया और आम के पेड़ से मीठ गंध आने
लगी। माच म हमने होली खेली और उसी महीने के अंत तक मने स्वेटर फर से रख दया — और पूरा क्रम दोबारा आरंभ होने को

Page 30 of 39

Page 32

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

तैयार था।

यह प्रश्न अंत म क्य आता है: पूरा अध्याय आपको दे खना सखाता रहा है। यह प्रश्न पूछता है क आप यह सद्ध
क जए क आपने सचमुच दे खा। छह ऋतुओं के नाम तो कोई भी पुस्तक से उतार सकता है; पहली वषा कस दन
हुई और मट्ट क गंध कैसी थी, यह केवल वही बता सकता है जसने सचमुच ध्यान दया।

सुझाव: लखने से पहले अपनी ऋतुओं क प त्रका खोल ली जए। वषभर लखी वे त थयाँ और छोट -छोट बात ही
आपके उत्तर को अ ा बनाएँगी।

प्र.2 2. अपने प रवार के सदस्य से ऋतुओं के वषय म चचा क जए और उनके अनुभव को ल खए। क्या आपको
ऋतुओं के क्रम या उनम होने वाले प रवतन म कोई बड़ा अंतर दखाई दया? आपके अनुसार इन प रवतन के
क्या कारण हो सकते ह?

हाँ — अ धकांश बुजग कहगे क ऋतुए ँ बदल गई ह। सबसे अ धक सुनने को मलता है क गम अब अ धक तेज़ और लंबी हो
गई है, सद छोट और कम कड़ी हो गई है, और वषा पहले जतनी नय मत नह रही।
इसे ठ क ढं ग से कैसे कर —

1. अलग-अलग आयु के कम-से-कम तीन लोग से पू छए — दादा-दाद , माता- पता, और कोई बुजग पड़ोसी या कसान।
2. सबसे वही प्रश्न पू छए, ता क उत्तर क तुलना क जा सके।
3. अ े प्रश्न — “जब आप मेरी आयु के थे तब वषा कब आरंभ होती थी?” “क्या आपको भी इतनी जल्द स्वेटर पहनना पड़ता
था?” “क्या यहाँ कोई तालाब या खेत था जो अब नह रहा?”
4. उनके ठ क-ठ क शब्द और उनक आयु दोन ल खए।

वे प्रायः क्या कसी बुजग का नमूना उत्तर
कहते ह

वषा के वषय म “वष जून के म ध् य तक आ ही जाती थी, लगभग हर वष उसी तारीख़ के आस -पास। अब वह जून के अंितम स प्ताह में या
जुल ाई में आती है, और कभी-कभी पूरे महीने की वष दो ही िदनों में हो जाती है।”

गम के वषय म “गम तब भी पड़ ती थी, पर राते ं ठं डी हो जाती थी ं। अब राते ं भी गरम रहती है ं और कोई छत पर नही ं सोता। ”

सद के वषय म “हम दीपावली से होली तक ऊनी कपड़ े पहनते थे। अब ठं ड के वल जनवरी में आती है और जल्दी चली जाती है। ”

आस-पास के “इस सड़ क पर आम और नीम के वृक्ष थे और िव ालय के पीछे बड़ ा तालाब था। अब दोनों नही ं रहे और सड़ क कही ं
वषय म अिधक तपती है।”

इन प रवतन के संभा वत कारण —

वृक्ष का काटा जाना। वृक्ष छाया दे ते ह, मट्ट म जल रोकते ह और हवा ठं डी रखते ह। वन और सड़क कनारे के पुराने वृक्ष कट
जाने पर स्थान गरम और सूखा हो जाता है।

Page 31 of 39

Page 33

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

नगर का फैलना। सीमट, तारकोल और ईंट दनभर ऊष्मा सोखते ह और रात म छोड़ते ह। इसी लए शहर सूयास्त के बाद भी
गरम रहता है।
तालाब और आद्रभू मय का पाट दया जाना। खुला जल अपने चार ओर क हवा ठं डी रखता है। उस पर नमाण हो जाने
से वह ठं डक समाप्त हो जाती है।
वाहन , कारख़ान और कचरा जलाने से नकलने वाला धुआँ और गैस। ये हवा म जमा होकर धीरे-धीरे पूरी पृथ्वी को गरम
कर रही ह। इसे वै क तापन (ग्लोबल वा मग) कहते ह।
अ धक वाहन, वातानुकूलन यंत्र और मशीन, जनम से हर एक ऊष्मा बाहर फकती है।

केवल एक व्य क्त क स्मृ त पयाप्त क्य नह : स्मृ त धोखा दे सकती है और हर कसी को अपने बचपन क
ग मयाँ बेहतर लगती ह। इसी लए तीन लोग से पूछा जाता है, और इसी लए वैज्ञा नक प्र त दन यंत्र से तापमान और
वषा नापते ह। जब स्मृ तयाँ और माप दोन एक ही बात कह — और यहाँ वे यही कह रहे ह — तब हम उस पर
भरोसा कर सकते ह।

क्या कया जा सकता है: वृक्ष लगाइए और जो पहले से ह उनक दे खभाल क जए। तालाब मत पा टए। छोट दूरी
पैदल या साइ कल से तय क जए। पत्ते और प्ला स्टक मत जलाइए। एक कक्षा अकेले पृथ्वी को ठं डा नह कर
सकती, पर जो व ालय पचास वृक्ष लगाकर उनक रक्षा करता है, वह अपनी गली को सचमुच ठं डा कर दे ता है।

प्र.3 3. ऋतुओं के स्थानीय नाम पता क जए। नीचे अपनी भाषा और क्षेत्र- वशेष के अनुसार उनके नाम ल खए। (क)
वसंत (ख) ग्रीष्म (ग) वषा (घ) शरद (ङ) हेमंत (च) शीत

प रवार के बड़ से वे नाम पू छए जो वे बोलते ह और वही अपनी पुस्तक म ल खए। नीचे कुछ भारतीय भाषाओं के नाम दए
ह, ता क आप तुलना कर सक।

ऋतु हद / संस्कृत बांग्ला त मल बोलचाल का नाम

(क) वसंत वसंत বসন্ত — बोस तो இளேவன ல் — इलवे नल बसंत

(ख) ीष्म गीष्म গী — ीष्मो முதுேவன ல் — मुदुवे नल गरमी, उन्हाळा

(ग) वषा वष বষা — बोषा கார் — कार् बरसात, पावसाळा

(घ) शरद शरद শরৎ — शरत् கூத ர் — कू दर् शरद, पतझड़

(ङ) हेमंत हेमंत হমন্ত — हेम तो முன் பன — मुन्प न हेमंत

(च) शीत िशिशर / शीत শীত — शीत ப ன் பன — पन्प न सद , जाड़ा, हवाळा

उत्तर प्रदे श के कसी व ाथ के लए नमूना उत्तर: (क) बसंत (ख) गरमी (ग) बरसात (घ) पतझड़ (ङ) हेमंत — पर घर पर हम
इसे बस “द वाली के बाद क ठं डक” कहते ह (च) सद या जाड़ा।

Page 32 of 39

Page 34

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

ये नाम इक े करने योग्य क्य ह: नाम बताता है क लोग क्या अनुभव करते ह। त मल म वसंत को इलवे नल
अथात “नई गम ” और ीष्म को मुदुवे नल अथात “पुरानी गम ” कहते ह — अथात दोन को एक ही गम के दो
चरण माना गया है। बांग्ला म छह नाम रोज़मरा क बोलचाल म चलते ह, क्य क बंगाल म छह ऋतुएँ स्पष्ट अनुभव
होती ह। ये नाम इस बात का लेखा ह क कोई स्थान अपने वष को कैसे जीता है।

कक्षा क ग त व ध: द वार पर एक सूची बनाइए जसम आपक कक्षा म बोली जाने वाली हर भाषा का एक स्तंभ
हो। अनेक कक्षाओं म यह चार-पाँच भाषाएँ ह गी — और पाँच भाषाओं क छह ऋतुएँ अथात तीस नाम, जो आपक
कक्षा मलकर जानती है।

प्र.4 4. नीचे द गई ता लका को अपने अनुभव और अवलोकन के आधार पर भ रए—

ऋतु का िकया जाने वाला पहने जाने वाले मनाए जाने वाले आपके आस-पास की
नाम भोजन व स्त्र पव प कृित
वसंत
गीष्म
वष
शरद
हेमंत
िशिशर

पृष्ठ 160 पर छपी खाली ता लका।

प्रत्येक पं क्त अपने जीवन से भ रए — आपके घर म सचमुच क्या पकता है, आप सचमुच क्या पहनते ह, आपका प रवार
सचमुच कौन-से पव मनाता है। नीचे पूरा भरा हुआ नमूना दया है, जससे आप तुलना कर सकते ह।

Page 33 of 39

Page 35

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
ऋतु का कया जाने वाला पहने जाने वाले मनाए जाने वाले पव आपके आस-पास क प्रकृ त

as e
coीmमटर, गाजर, संतरा,
नाम भोजन वस्त्र

.ताज़ aृ g l
वसंत
a s em गन्ने का रस, होली पर गुिझया हलके सूती वस्त्र; वसंत पंचमी, महािशवराित्र, वक्षों पर नई पित्तयाँ, आम का बौर,
g
aमाच) l
(फरवरी–
और ठं डाई
के वल सुबह पतला
स्वेटर
होली, गुड़ी पड़ वा, उगािद सरसों के पीले खेत, पलाश और गेंदे
के फू ल , कोयल का बोलना,
मधुमिक्खयाँ और िततिलयाँ
m
पतले , हलके रंग.केco बैस ाखी, रोंगाली िबहू, ag
ग्रीष्म आम, तरबूज़, खरबूजा,
m िवशु, पुत्तांडु, रथ यात्रा
सूती वaस्त्रs,eटोपी या
बहतु गम िदन और लंबी शामें, लू,

aसूgतlी दुप ा, चप्पल
(अप्रैल– खीरा, दही, ल स्सी, आम सूखी घास , िसकु ड़ ते तालाब,
जून) पना, स त्त,ू बेल का शरबत गुल मोहर और अमलतास के फू ल ,
छाया में हाँफ ते पक्षी
m
भु ा, पकौड़ े, िखचड़ ी, बरसाती, छाता, नाग पंचमी, तीज,
m .co , जगह-जगह
चारों ओर हिरयाली
पानीs,eभरे तालाब, टर ते मेंढक,
वषा

o m
अदरक वाली चाय, गरम गमबूट, जल्दी रक्षाबंधन, जन्माष्टमी,
l aचुए और घोंघे, व्याध-पतंग, गीली
ag केज़ ं मीन
(जुलाई–
अगस्त)
m .c भोजन ; क च्चा सलाद कम , सूखने वाले वस्त्र ओणम, गणेश चतुथ ,
a se यों ि क रोग का डर रहता है स्वतंत्रता िदवस पर कु कु रमुत्ते , इंद धनुष
aglशरद
क्

नया चावल , अमरूद , अनार, िदन में सूती वस्त्र, नवरात्र, दुग पूजा, साफ़ नीला आकाश, िखली हुई
शरीफा, पव ं की िमठाइयाँ
या शॉल com
रात में पतला स्वेटर दशहरा, दीपावली, छठ, सफ़े द काँस , गेंदे के फू ल , कटे हुए
a s
agl
( सतंबर–
अक्तूबर)
m . भाई दू ज, गांधी जयंती खेत, झील पर आते पवासी पक्षी,

ase
ठं डी राते ं

हेमंत गन्ना, शकरकं द , मूँगफली, a
gl स्वेटर, मोज़ े, सुबह गुरु नानक जयंती, सुबह घनी ओस , ठं डी शुष्क हवा,
गुड़, गरम दू ध, ताज़ ी हरी टोपी; रज़ ाइयाँ काितक पूिणमा, िक्रसमस पीले पड़ ते सरसों के खेत, झड़ ती
mिदन, साढ़ े पाँच बजे ही
(नवंबर–
दसंबर) सि ज़ याँ बाहर िनकलती है ं
. c o
पित्तयाँ, छोटे
अंm
se
धेरा
com सरसों का साग और मक्के l a
m . लोहड़ ी, मकर संक्रांिaत,g
ase(जनवरी– की रोटी, गाजर का हलवा,
श शर ऊनी स्वेटर, सुबह कोहरा और धुंध, घास पर

agl
जैकेट, शॉल , पोंगल , माघ िबहू, गणतंत्र पाला, सबसे लंबी राते,ं नंगे वृक्ष,
फरवरी) गजक, ितल के ल ू , गरम मफ़ लर, ऊनी िदवस झील पर पवासी पक्षी, शाम को
सूप, मेथी और पालक टोपी, रात में कं बल अलाव
se m
com g l a
m . a
ase
agl
भरी हुई ता लका क्या सद्ध करती है: कसी भी पं क्त को आर-पार प ढ़ए और आप दे खगे क भोजन, वस्त्र, पव
और बाहर क प्रकृ त — चार एक-दूसरे से मेल खाते ह। यह कसी ने योजना बनाकर नह कया। हम आम ग मय
म इस लए खाते ह क्य क आम तभी पकता है; प गल जनवरी म इस लए मनाते ह क्य क धान तभी घर आता है।

co m
चार स्तंभ चुपचाप ऋतुएँ ही तय कर रही ह।
m .
o m l a se
gच मनाता है और वही भोजन जो आप
.cअपनी ता लका म सच ल खए: वही पव ल खए जो आपका प रवार सचमु
a
s e m
a
agl
सचमुच खाते ह। आपक और आपके सहपाठ क ता लका अलग होगी — और दोन क तुलना करना ही इस प्रश्न
.c
m
का सबसे रोचक भाग है।

m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 34 of 39

Page 36

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 5. ऋतुओं क प त्रका का अपना अनुभव साझा क जए।

बताइए क आपने क्या कया, क्या क ठन लगा, कस बात ने च काया और अगली बार आप क्या अलग करगे। प त्रका
गृहकाय क कॉपी नह है — वह पूरे वष के अवलोकन का लेखा है, और रोचक बात यही है क उस दे खने से आपने क्या सीखा।
अ े उत्तर म क्या-क्या हो —

1. आपने प त्रका कैसे रखी — कतनी बार लखा और कन बात पर लखा।
2. एक बात जो क ठन लगी।
3. एक बात जो प त्रका के बना आप कभी न दे ख पाते।
4. अगले वष आप क्या बेहतर करगे।

नमूना उत्तर
मने अपनी ऋतुओं क प त्रका एक पतली लाइन वाली कॉपी म रखी और हर र ववार को उसम लखा। हर बार पाँच बात लखता था
— तारीख़, मौसम, घर के बाहर वाला नीम कैसा दख रहा है, कौन-से पक्षी दखे, और कोई नई चीज़ जो हमने खाई। कभी-कभी
कसी पत्ते या फूल का छोटा चत्र बनाकर चपका भी दे ता था।
सबसे क ठन था लखना याद रखना। गम क छु ट्टय के बीच म तीन सप्ताह भूल गया, और बाद म उन दन क बात भर ही नह
पाया, क्य क मुझे कुछ याद ही नह आया। इससे मने सीखा क उसी दन लख लेना बहुत ज़रूरी है।
सबसे सुखद आश्चय नीम का पेड़ था। म जीवन भर रोज़ उसके पास से नकलता था और सोचता था क वह कभी बदलता ही नह ।
पर मेरी प त्रका ने दखाया क माच म उसक पुरानी प त्तयाँ झड़ , अप्रैल म उस पर छोटे सफ़ेद फूल आए जनम हलक मीठ गंध
थी, जून म छोटे हरे फल लगे, और उन फल के लए पक्षी आए। लखना आरंभ करने से पहले मने इनम से एक भी बात कभी नह
दे खी थी।
मने यह भी जाना क पहली तेज़ वषा 27 जून को हुई थी और कोयल जुलाई के अंत तक बोलना बंद कर दे ती है। अगले वष म महीने
म एक बार सूयास्त का समय भी लखना चाहता हूँ, क्य क कक्षा के आरेख से पता चला क दन छोटे होते जाते ह और म यह
अपनी आँख से दे खना चाहता हूँ।

प त्रका इतनी काम क क्य है: प्रकृ त इतनी धीरे बदलती है क हम उसे बदलते हुए दे ख ही नह पाते। प त्रका हर
क्षण को रोक लेती है, ता क बाद म आप उन क्षण को अगल-बगल रखकर प रवतन दे ख सक। वैज्ञा नक भी ठ क
यही करते ह — वैज्ञा नक क कॉपी भी एक प त्रका ही है और इसी कारण रखी जाती है।

अगले वष के लए: वही प त्रका चलाते र हए। दो वष क टप्प णयाँ तुलना करने दे ती ह — क्या आम उसी तारीख़
को बौराया? क्या वषा जल्द आई? तभी प त्रका गृहकाय न रहकर स ा प्रमाण बन जाती है।

प्र.6 6. तीन मुख्य ऋतुओं का तुलनात्मक चत्र बनाइए। (ग्रीष्म, वषा, शीत)

एक ही दृश्य तीन बार, अगल-बगल बनाइए — प्रत्येक ऋतु के लए एक बार। दृश्य को एक ही रखना ही पूरी बात है — तब
तीन चत्र म जो भी अंतर दखेगा वह ऋतु के कारण ही होगा।

Page 35 of 39

Page 37

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

इसे कैसे कर —

1. कोई एक जाना-पहचाना दृश्य चु नए — वृक्ष और तालाब वाला घर, या व ालय के मैदान का कोना।
2. पृष्ठ को तीन बराबर स्तंभ म बाँ टए और उन पर ल खए — ग्रीष्म, वषा, शीत।
3. तीन म वही घर, वही वृक्ष और वही तालाब, ठ क उसी स्थान पर बनाइए।
4. अब केवल वही बद लए जो ऋतु बदलती है — आकाश, वृक्ष, जल, लोग के वस्त्र, पशु और पक्षी।
5. रंग ध्यान से भ रए। अथ अ धकतर रंग से ही नकलता है — ीष्म के लए पीला-भूरा, वषा के लए गहरा हरा और धूसर, शीत
के लए हलका सफ़ेद-धूसर।
6. प्रत्येक स्तंभ म तीन-चार लेबल ल खए और तीर बनाकर बताइए क वे कसक ओर संकेत करते ह।

क्या बनाएँ ग्रीष्म वषा शीत

आकाश और बड़ ा सफ़े द सूय, चमकता फीका गहरे धूस र बादल , ितरछी वष की फीका आकाश, नीचे लटका छोटा-सा मंद
सूय आकाश, बादल नही ं रे खाएँ, िबजली की चमक सूय, ज़ मीन के पास कु हासा

वृक्ष धूल भरी, मुरझाई पित्तयाँ; नीचे चमकीला हरा, टपकता हुआ; चारों नंगी या पतली डािलयाँ; ज़ मीन पर झड़ ी
सूखी भूरी घास ओर नई घास पित्तयाँ

तालाब लगभग सूखा, िकनारों पर दरार लबालब भरा, पानी बाहर छलकता आधा भरा, शातं , ऊपर उठती धुंध
भरी िम ी हुआ

लोग पतले सूती वस्त्र, टोपी, पानी पीते छाता और बरसाती, गमबूट, पानी में स्वेटर , मफ़ लर और टोपी, छोटी-सी आग के
हुए, छाया में बैठे छपछप करते बच्चे पास हाथ से ंकते हुए

पशु और छाया में सोता कु त्ता, डाल पर बैठी मेंढक, घोंघा, पानी के ऊपर उड़ ती तालाब पर बत्तख या सारस , पीठ पर बोरी
पक्षी कोयल व्याध -पतंग डाले गाय

भोजन या वृक्ष पर आम, तरबूज़ बेचता ठे ल ा छोटी आग पर भुनता भु ा, घास में सरसों का पीला खेत, टोकरी में गाजर और
फ़सल कु कु रमुत्ते मूल ी

गीष्म वष शीत
ृ , वही तालाब, वही ज़मीन — केवल ऋतु अलग है।
वही वक्ष
आपके तीन स्तंभ वाले चत्र क एक रूपरेखा। दृश्य को स्थर र खए और सारा प रवतन ऋतु को करने द जए।

Page 36 of 39

Page 38

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

चत्र “तुलनात्मक” क्य होना चा हए: य द आप तीन अलग-अलग दृश्य बनाएँगे तो दे खने वाला यह नह जान
पाएगा क कौन-सा अंतर ऋतु ने कया और कौन-सा आपने स्वयं चुना। एक ही वृक्ष तीन बार बनाइए और प रवतन
प्रमाण बन जाता है। यह ठ क वही वचार है जो कक्षा के आरेख का था — चीज़ को अगल-बगल र खए और क्रम
स्वयं दखने लगता है।

अ ा समापन क जए: तीन स्तंभ के नीचे एक पं क्त ल खए जो तीन को जोड़ दे — जैसे, “एक ही वृक्ष, एक
ही वष म तीन बार। कुछ नया नह जोड़ा गया; यह सब ऋतु ने कया।”

अध्याय — एक नज़र म
हमारे आस-पास सब कुछ नरंतर बदलता रहता है। पृष्ठ 148 पर बने चार वृक्ष को दे खए। यह एक ही वृक्ष है, जो चार बार
बनाया गया है — पूरा हरा, फर पीला और प त्तयाँ झड़ता हुआ, फर नारंगी फूल से भरा, और फर बलकुल नंगा। कुछ
प रवतन बहुत धीमे होते ह, जैसे वृक्ष का बड़ा होना। कुछ बहुत तेज़ होते ह, जैसे बादल का सूय के आगे से हट जाना। कक्षा 3
से कक्षा 5 तक आप स्वयं भी बदले ह — आप लंबे हुए, आपक लखाई सुधरी, नए मत्र बने।
कुछ प रवतन बार-बार लौटकर आते ह। दन रात म बदलता है और रात फर दन म। प त्तयाँ झड़ती ह और पुनः उगती ह।
फूल खलते ह, मुरझाते ह और फर खलते ह। जो प रवतन एक ही क्रम म बार-बार दोहराया जाए, उसे लय कहते ह —
प्रकृ त का एक न श्चत क्रम। यह अध्याय ऐसी दो लय के वषय म है — एक दन क लय और एक वष क लय।
दन और रात इस लए होते ह क्य क पृथ्वी घूमती है। सूय पूव म उगता, आकाश पार करता और प श्चम म डू बता प्रतीत
होता है। परंतु सूय हमारे चार ओर नह घूम रहा। पृथ्वी लट्टू क तरह अपने ऊपर घूम रही है। इस घूमने को घूणन कहते ह।
पृथ्वी अपने बीच से जाती एक काल्प नक रेखा पर घूमती है, जसे उसका अक्ष कहते ह, और एक पूरा चक्कर लगभग 24 घंटे
म पूरा होता है। पृथ्वी का जो आधा भाग सूय के सामने है वहाँ दन होता है और जो भाग पीछे क ओर है वहाँ रात।
ग्लोब पृथ्वी का छोटा प्र तरूप (मॉडल) है। यह ठ क पृथ्वी क तरह गद के आकार का होता है। इसका नीला भाग समुद्र
और महासागर ह, जो पृथ्वी का लगभग तीन-चौथाई भाग घेरते ह। महासागर वशाल और खुले होते ह; समुद्र छोटे होते ह और
आं शक रूप से भू म से घरे रहते ह। शेष भाग स्थलखंड है, जहाँ सभी दे श स्थत ह। ग्लोब के एक ओर टॉच जलाकर उसे धीरे-
धीरे घुमाइए — आपने मेज़ पर ही दन और रात बना दए।
वष क अपनी लय होती है और उसे हम ऋतुए ँ कहते ह। वषभर मौसम पहले कम गम रहता है, फर बहुत गम हो जाता है,
फर वषा होती है, फर मौसम ठं डा होता है और फर से गम होने लगता है। पछले वष भी ऐसा ही हुआ था। अगले वष भी ऐसा
ही होगा। इसी दोहराए जाने वाले क्रम को ऋतु कहते ह। ऋतुओं क प त्रका — वह कॉपी जसम आप प्रत्येक महीने प्रकृ त
म दे खी बात लखते ह — इसी क्रम को स्वयं पहचानने का तरीका है।
भारत म छह ऋतुए ँ होती ह। ये ह — वसंत, ीष्म, वषा, शरद, हेमंत और श शर। प्रत्येक ऋतु लगभग दो महीने क होती है
और प्रत्येक अपने साथ अपना मौसम, अपने फूल, अपने पक्षी, अपना भोजन और अपने पव लेकर आती है।
ऋतुए ँ बदलती क्य ह? पृथ्वी प्र त दन अपने अक्ष पर घूमने के साथ-साथ प्र तवष सूय के चार ओर एक चक्कर भी लगाती
है। और पृथ्वी का अक्ष सीधा खड़ा नह है — वह थोड़ा झुका हुआ है, ठ क जैसे घूमता हुआ लट्टू एक ओर झुक जाता है। यह
झुकाव सदा एक ही दशा म रहता है। इस लए वष के कुछ महीन म हमारा आधा भाग सूय क ओर झुका रहता है और उसे
सीधी, तेज़ धूप मलती है — यही ीष्म है। छह महीने बाद वही भाग सूय से दूर क ओर झुक जाता है, धूप तरछ पड़ती है
और शीत ऋतु आ जाती है। ऋतुएँ इस लए नह बदलत क पृथ्वी सूय के पास या दूर चली जाती है।
भारत म एक ही ऋतु हर जगह एक-सी नह होती। कश्मीर घाट क शीत ऋतु म हम गरता है; केरल क शीत ऋतु म दन
बस थोड़े ठं डे हो जाते ह। भूमध्य रेखा से दूर के स्थान और पवत पर ऊँचाई वाले स्थान अ धक ठं डे होते ह। समुद्र के पास के
स्थान का मौसम संतु लत रहता है — न बहुत गम, न बहुत ठं डा। पवत वषा भी तय करते ह — पूव त्तर क पहा ड़याँ मानसूनी

Page 37 of 39

Page 39

कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय AglaSem · NCERT Solutions

हवाओं को ऊपर उठने पर ववश करती ह और वे वह बरस जाती ह, इस लए असम और मेघालय भीगते रहते ह, जब क समुद्र
से बहुत दूर स्थत राजस्थान सूखा रह जाता है।
ऋतुए ँ ही तय करती ह क हम क्या उगाएँ, क्या खाएँ, क्या पहन और कौन-से पव मनाएँ। कसान वषा म धान, मक्का
और बाजरा बोते ह तथा शीत ऋतु म गेहूँ, सरस और चना। ीष्म म हम लस्सी पीते और आम खाते ह; शीत म गजक और
साग। हमारे पव भी इसी लय पर चलते ह — शीत क उपज पर प गल और मकर संक्रां त, वसंत म होली, शरद क उपज के
बाद द पावली, और नववष के आरंभ पर बैसाखी, वशु, गुड़ी पड़वा तथा र गाली बहू। भारत म प्र तवष 1000 से भी अ धक
पव मनाए जाते ह और उनम से अ धकांश कसी न कसी ऋतु से जुड़े ह।
प्रकृ त स्वयं संकेत दे ती है। ओ डशा म जब कोयल गाती है तो कसान समझ जाते ह क वषा आने वाली है और बीज बोने
का समय आ गया। जब च टयाँ अपने अंडे ऊँचाई पर ले जाती ह तो शीघ्र वषा होने वाली होती है। मानसून म साँप जल से भरे
बल से बाहर आ जाते ह — इसी लए उसी समय नाग पंचमी मनाई जाती है। अरुणाचल प्रदे श का ड ग गाँव भारत म सबसे
पहले सूय दय दे खता है। मेघालय का मॉ सनराम पृथ्वी का सबसे अ धक वषा वाला स्थान है और थार मरुस्थल सबसे शुष्क
स्थान म से एक — दोन एक ही दे श म ह।

Page 38 of 39

Page 40

as e
कक्षा 5 हमारे चार ओर क दु नया अध्याय 9 प्रकृ त क लय
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
त्व रत पुनरावृ त्त
a se
. com l
ag रोज़मरा का उदाहरण
sem
शब्द अथ अध्याय म कहाँ

a
agl
प रवतन िकसी वस्तु का पहले जैस ी न रह जाना पृष्ठ 148, चार वृक्ष आप कक्षा 3 क तुलना म अब
अ धक लंबे ह

co m
लय (क्रम) वह बात जो एक ही क्रम में बार-बार होती रहे
em .ऋतुओं के वषय म पता लगाना, पृष्ठ 155 दन, रात, दन, रात…
ag
g l as
घूणन
एक चक्कर
a
पथ्ृ वी का अपने ऊपर घूम ना, लगभग 24 घंटे में ग त व ध 1, पृष्ठ 150 लट्टू या चरखी का घूमना

co m
m.
अक्ष पथ्ृ वी के बीच से जाती वह काल्पिनक रे खा िजस कायात्मक प्रदशन, पृष्ठ 150 ग्लोब के बीच से नकली छड़

m as e
l
पर वह घूम ती है

.co a g
दन
a s em वह समय जब आपका भाग सूय के सामने है पृष्ठ 150 सूय दय से सूयास्त तक

ag l और उसे पकाश िमल रहा है

a s
रात पृष्ठ 150 सूयास्त से सूय दय तक
m
वह समय जब आपका भाग सूय से िवपरीत िदशा

.co agl
में घूम गया है

se m
ग्लोब
g
पथ्ृ वी का छोटा गोल पितरूप (मॉडल)
l a क्या आप जानते ह?, पृष्ठ 151 कक्षा म रखा ग्लोब
a
महासागर बहुत िवशाल और खुल ा खारे जल का क्षेत्र ; क्या आप जानते ह?, पृष्ठ 151 ग्लोब का नीला भाग

co m
.
समुद छोटा और भूिम से िघरा होता है

e m
m l as
.co और जो पितवष लौटकर आता है g
ऋतु वष का वह भाग िजसका अपना मौसम होता है पृष्ठ 155 वषा ऋतु, जो हर जून-जुलाई म

em a आती है

a s
a gl ऋतुओं क वह कॉपी िजसमें आप वषभर पकृ ित में दे खी बाते ं ऋतुओं पर आधा रत प त्रका, पृष्ठ 151 सबा और अपणा क प त्रकाएँ

se m
प त्रका िलखते है ं

वे पक्षी जो एक ऋतु के िलए बहुत दू र से आते हैoं m ऋतुओं का आरेख, शरद के अवलोकन l a
m .c ag
प्रवासी पक्षी शीत ऋतु म झील पर आने वाले
और बाद में लौट जाते है ं
l a se सारस और बत्तख

उपज काटना फ़ सल पकने पर उसे काटकर ag घर लाना पव क ता लका, पृष्ठ 158 धान कटने के बाद मनाया जाने

m
वाला प गल

. c o
प रक्रमण
m
पथ्ृ वी का सूय के चारों ओर एक पूर ा चक्कर,
है क ऋतुएँ लौटकर आती ह as
em आपका
अध्याय म छपा नह है — पर यही कारण जन्म दन हर एक

. co agl
िजसमें एक वष लगता है चक्कर पर आता है

e m
g l as
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


a g l Page 39 of 39

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 5
TypeSolution
Pages46
Languagehindi
Updated13 Oct 2026