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2026
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वार्षिक परीक्षा अभ्यास प्रश्ि-पत्र, सत्र: 2025-26
कक्षा: 8 र्वषय: ह द
िं ी
निर्ािररत समय : 2.30 घिंटे अधधकतम अंक: 60 अिंक
सामान्य निदे ि:
निम्िलिखित निर्दे शों को पढ़कर उिका पािि कीजिए :
➢ इस प्रश्ि पत्र में कुि चार िंड हैं- 'क', 'ि', 'ग' और 'घ'।
➢ इस प्रश्िपत्र में कुि 11 प्रश्ि हैं। सभी प्रश्ि अनिवार्य हैं।
➢ प्रश्िपत्र में आंतररक ववकल्प दर्दए गए हैं।
➢ प्रश्िों के उत्तर दर्दए गए निर्दे शों का पािि करते हुए लिखिए।
➢ र्थासंभव प्रत्र्ेक िंड के प्रश्िों के उत्तर क्रमशः लिखिए।
प्रश्ि प्रश्ि अिंक
सिंख्या
खिंड-क (अपहित बोर्) (10 अिंक)
1. निम्िलिखखत गदयािंश को ध्यािपूवक
ि पढ़कर उस पर आर्ाररत पूछे गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए-
वीरता की अलभव्र्जतत अिेक प्रकार से होती है । िड़िा-मरिा, िूि बहािा, तोप-तिवार के सामिे ि
झुकिा ही िहीं; कर्य की भााँनत र्ाचक को िािी हाथ ि िौटािा र्ा बद्
ु ध की भााँनत ज्ञाि व निवायर्
की िोि में सांसाररक सि
ु त्र्ाग र्दे िा भी वीरता ही है । वीरता तो भीतर से उपिी प्रेरर्ा है । वीरता
र्दे श-काि के अिुसार संसार में िब भी प्रकट हुई, तभी अपिा एक िर्ा रूप िेकर आई और िोगों
को चककत कर गई। वीर कारिािों में िहीं ढिते, ि िेतों में उगाए िाते हैं; वे तो र्दे वर्दार के वक्ष
ृ के
समाि िीविरूपी वि में स्वर्ं उगते हैं, बबिा ककसी के पािी दर्दए, बबिा ककसी के िार्द डािे। वीर
का दर्दि सबका दर्दि और उसके ववचार सबके ववचार हो िाते हैं। उसके संकल्प सबके संकल्प हो
िाते हैं। औरतों और समाि का हृर्दर् वीर के हृर्दर् में धड़कता है ।
(क) गद्र्ांश के केंद्रीर् ववचार के आधार पर उचचत शीर्यक का चर्ि कीजिए- 1
I. सच्ची वीरता
II. मािवीर् त्र्ाग
III. सांसाररक सि
ु
IV. महाि चररत्र
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(ख) “उसके ववचार सबके ववचार हो िाते हैं, उसके संकल्प सबके संकल्प हो िाते हैं”— इस कथि से 1
वीरता का कौि-सा पहिू उभरकर आता है ?
I. सबको एक दर्दशा में िोड़िे की क्षमता।
II. कदिि पररजस्थनतर्ों में अधीर होिे का गुर्।
III. र्ुद्ध में िीत हालसि करिे का कौशि।
IV. अपिे लिए िाभ कमािे की प्रववृ त्त।
(ग) गद्र्ांश के अिुसार वीरता का वास्तववक स्रोत तर्ा है ? 1
(घ) िेिक िे वीर को ‘र्दे वर्दार के वक्ष
ृ ’ के समाि तर्ों बतार्ा है ? स्पष्ट कीजिए। 2
2. निम्िलिखखत कावयािंश को ध्यािपूवक
ि पढ़कर उस पर आर्ाररत पूछे गए प्रश्िों के उत्तर लिखखए-
निमायर्ों के पावि र्ुग में हम चररत्र निमायर् ि भूिें।
स्वाथय साधिा की आाँधी में वसुधा का कल्र्ार् ि भूिें।।
शीि वविर् आर्दशय श्रेष्िता तार बबिा झंकार िहीं है ,
लशक्षा तर्ा स्वर साध सकेगी? र्दर्द िैनतक आधार िहीं है ,
कीनतय कौमर्द
ु ी की गररमा में संस्कृनत का सम्माि ि भि
ू े।
निमायर्ों के पावि र्ग
ु में हम चररत्र निमायर् ि भि
ू ें।।
आववष्कारों की कृनतर्ों में , र्दर्द मािव का प्र्ार िहीं है ,
सि
ृ िहीि ववज्ञाि व्र्थय है , प्रार्ी का उपकार िहीं है ,
भौनतकता के उत्थािों में, िीवि का उत्थाि ि भूिें।
निमायर्ों के पावि र्ुग में हम चररत्र निमायर् ि भूिें।।
(क) निम्िलिखित में से ककसके बबिा लशक्षा व्र्थय है - 1
I. धि-संपवत्त
II. भौनतक साधि
III. िैनतकता
IV. पुरस्कार
(ख) काव्र्ांश के अिुसार ववज्ञाि और आववष्कार केवि तभी साथयक मािे िाते हैं िब— 1
I. वे समाि में िई तकिीक फैिाएाँ।
II. वे मािवता और उपकार को बढ़ाएाँ।
III. वे राष्र को ववश्व-स्तर पर प्रलसद्ध करें ।
IV. वे धि और असुववधा को बढ़ाएाँ।
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(ग) ू िे” की सिाह र्दी गई है ? कोई एक सिाह लिखिए।
काव्र्ांश में ककस बात को “ि भि 1
(घ) काव्र्ांश में कवव भौनतक प्रगनत के साथ ककि मूल्र्ों को बिाए रििे की प्रेरर्ा र्दे ता है ? 2
खिंड-ख (वयाव ाररक वयाकरण) (10 अिंक)
3. निम्िलिखखत वयाकरखणक प्रश्िों के उत्तर लिखखए- 10x1=10
स्तंभ ‘क’ के रे िांककत भाग को स्तंभ ‘ि’ में दर्दए व्र्ाकरखर्क पररचर् से सुमेलित करके उत्तर
पुजस्तका में लिखिए-
क्र.सिं. स्तिंभ ‘क’ स्तिंभ ‘ख’
I. बबिवासी िी िे झाऊिाि को 250 रूपए दर्दए। 1. ववशेर्र् (संख्र्ावाचक)
II. बस तो फस्टि तिास है िी। 2. सवयिाम (उत्तम पुरुर्वाचक)
III. परं तु मैं उसे ‘बर्दिू काका’ कहा करता था। 3. कमय कारक
.
IV. ‘सुमेलित’ शब्र्द में प्रर्ुतत उपसगय लिखिए।
V. ‘दार’ प्रत्र्र् का प्रर्ोग कर एक शब्र्द लिखिए।
VI. ‘दो और दो जोड़िा’ मुहावरे का अथय लिखिए।
VII. ‘मर्ुकर’ शब्र्द के र्दो पर्ायर्वाची शब्र्द लिखिए।
VIII. ‘शीत’ शब्र्द का वविोम शब्र्द लिखिए।
IX. ‘माखि चुरािे वािा’—वातर्ांश के लिए एक शब्र्द लिखिए।
X. “पािी परात को ाथ छुयो िह ,िं िैिि के जि सों पग र्ोए।”— पंजतत में प्रर्त
ु त अिंकार लिखिए।
खिंड-ग (पाठ्यपुस्तक) (28 अिंक)
4. निम्िलिखित गद्र्ांश को पदढ़ए और पछ
ू े गए प्रश्िों के उत्तर लिखिए- 4x1=4
हम पााँच लमत्रों िे तर् ककर्ा कक शाम चार बिे की बस से चिें। पन्िा से इसी कंपिी की बस
सतिा के लिए घंटे भर बार्द लमिती है िो िबिपरु की रे ि लमिा र्दे ती है । सब
ु ह घर पहुाँच िाएाँग।े
हम में से र्दो को सुबह काम पर हाजिर होिा था इसलिए वापसी का र्ही रास्ता अपिािा िरूरी
था। िोगों िे सिाह र्दी कक समझर्दार आर्दमी इस शाम वािी बस से सफ़र िहीं करते। तर्ा रास्ते
में डाकू लमिते हैं? िहीं, बस डाककि है । बस को र्दे िा तो श्रद्धा उमड़ पड़ी। ख़ब
ू वर्ोवद्
ृ ध थी।
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सदर्दर्ों के अिुभव के निशाि लिए हुए थी। िोग इसलिए इससे सफ़र िहीं करिा चाहते कक
वद्
ृ धावस्था में इसे कष्ट होगा। र्ह बस पि
ू ा के र्ोग्र् थी। उस पर सवार कैसे हुआ िा सकता है !
(क) निम्िलिखित में से कौि-सी बात बस की ववशेर्ता के संर्दभय में इंचगत िहीं की गई है ?
I. वर्ोवद्
ृ ध व अिुभवी
II. अिुभवी व पूििीर्
III. िर्ी िवेिी व तेि
IV. िियर व डाककि
(ख) िेिक और उसके लमत्रों का वास्तववक गंतव्र् तर्ा था?
I. पन्िा
II. सतिा
III. िबिपुर
IV. रीवा
(ग) िोगों िे शाम वािी बस से सफ़र करिे से तर्ों मिा ककर्ा था?
I. तर्ोंकक बस में बैििे की िगह कम थी।
II. तर्ोंकक रास्ता सि
ु साि और डराविा था।
III. तर्ोंकक वह बस बहुत पुरािी और िियर थी।
IV. तर्ोंकक बस का ककरार्ा बहुत अचधक था।
(घ) ‘िोग इसलिए इससे सफ़र िहीं करिा चाहते कक वद्
ृ धावस्था में इसे कष्ट होगा’ — इस वातर् में
कौि-सा भाव निदहत है ?
I. व्र्ंग्र्
II. करुर्ा
III. संर्देह
IV. घर्
ृ ा
5. गद्र् पािों पर आधाररत निम्िलिखित प्रश्िों में से ककन ीिं दो प्रश्िों के उत्तर लिखिए- 2x2=4
(i) बाि और सााँप में से कौि-सा पात्र आपको अचधक समझर्दार िगा और तर्ों?
(ii) ‘मशीिी र्ुग िे ककतिों के हाथ काट दर्दए’- पंजतत का अथय स्पष्ट कीजिए।
(iii) ‘तर्ा निराश हुआ िाए’ पाि के माध्र्म से िेिक तर्ा सीि र्दे िा चाहते हैं?
6. गद्र् पािों पर आधाररत निम्िलिखित प्रश्िों में से ककन ीिं दो प्रश्िों के उत्तर िगभग 30-40 शब्र्दों 2x3=6
में लिखिए-
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(i) पुडुकोट्टई की मदहिाओं पर साइककि के प्रभाव की तरह; आपके िीवि में ककसी घटिा से आए
सकारात्मक बर्दिाव का अिभ
ु व लिखिए।
(ii) बबिवासी लमश्र िे जिस प्रकार झाऊिाि के लिए पैसों का प्रबंध ककर्ा- आपके ववचार में वह सही
था र्ा ग़ित? कारर् सदहत लिखिए।
(iii) हाइड्रोिि और ऑतसीिि को अपिा पूवि
य ककसिे कहा और इसके पक्ष में तर्ा तकय दर्दए गए?
7. निम्िलिखित पद्र्ांश को पढ़कर पछ
ू े गए प्रश्िों के उत्तर लिखिए- 4x1=4
पक्षी और बार्दि, र्े भगवाि के डाककए हैं,
िो एक महार्दे श से, र्दस
ू रे महार्दे श को िाते हैं।
हम तो समझ िहीं पाते हैं, मगर उिकी िाई चचट्दिर्ााँ
पेड़, पौधे, पािी और पहाड़, बााँचते हैं।
(क) “िो एक महार्दे श से र्दस
ू रे महार्दे श को िाते हैं”– काव्र्ांश के अिुसार र्ह पंजतत ककस पर िागू
होती है ?
(i) पेड़ और पौधों पर
(ii) पक्षी और बार्दि पर
(iii) पािी और पहाड़ पर
(iv) मिुष्र् और पेड़ों पर
(ख) “चचट्दिर्ााँ” शब्र्द कववता में ककसका प्रतीक है ?
(i) धालमयक उपर्दे शों का
(ii) िोककथा वर्यि का
(iii) प्राकृनतक संर्देशों का
(iv) कवव की कल्पिा का
(ग) “मगर उिकी िाई चचट्दिर्ााँ पेड़, पौधे, पािी और पहाड़ बााँचते हैं” में ‘बााँचते हैं’ का तर्ा अथय है ?
(i) वे अपिे आचरर् से समािता के भाव को िीते हैं।
(ii) वे चचट्दिर्ों को ध्र्ाि से पढ़ते और समझते हैं।
(iii) वे पक्षक्षर्ों और बार्दिों से परस्पर संवार्द करते हैं।
(iv) वे ईश्वर के आर्दे शों का पािि िहीं करते हैं।
(घ) पद्र्ांश में निदहत मूि लशक्षा है -
(i) प्रेम संर्देश
(ii) प्रकृनत आर्दर
(iii) मािवीर् एकता
(iv) वैजश्वक बंधत्ु व
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8. पद्र् पािों पर आधाररत निम्िलिखित प्रश्िों में से ककन ीिं दो प्रश्िों के उत्तर लिखिए- 2x2=4
(i) कवव िे ‘र्दीवािों की हस्ती’ कववता में ‘र्दीवािे’ शब्र्द का प्रर्ोग ककस प्रकार के व्र्जततर्ों के लिए
ककर्ा है ?
(ii) कबीर िे अपिे र्दोहे में ‘तिवार’ और ‘म्र्ाि’ का प्रर्ोग ककसके प्रतीक रूप में ककर्ा है ?
(iii) कृष्र् अपिी मााँ से अपिी चोटी के संर्दभय में तर्ा-तर्ा प्रश्ि करते हैं?
9. पद्र् पािों पर आधाररत निम्िलिखित प्रश्िों में से ककन ीिं दो प्रश्िों के उत्तर िगभग 30-40 शब्र्दों 2x3=6
में लिखिए-
(i) ू रों को उसका ववरोधी बिा र्दे ते हैं? — पदित कबीर के
मिष्ु र् के आचरर् में कौि-से र्दोर् हैं िो र्दस
र्दोहों के संर्दभय में स्पष्ट कीजिए।
(ii) कृष्र् द्वारा सर्द
ु ामा की सहार्ता गुप्त रूप से करिे का तर्ा कारर् रहा होगा? अपिे ववचार
लिखिए।
(iii) र्शोर्दा से कृष्र् की लशकार्त करते समर् गोपी उसे ‘अिोिा पूत’ तर्ों कहती हैं? स्पष्ट कीजिए।
खिंड-घ (रचिात्मक िेखि) (12 अिंक)
10. निम्िलिखित में से ककसी एक र्वषय पर िगभग 80-100 शब्र्दों में पत्र लिखिए- 1x6=6
क) आप सौम्र् / सौम्र्ा हैं। आपके मोहल्िे में सड़क के र्दोिों ओर स्रीट िाइटें कई दर्दिों से िराब
हैं, जिससे शाम के समर् अंधेरा रहता है और र्दघ
ु ट
य िाओं का ख़तरा बढ़ गर्ा है । िगर निगम
अचधकारी को स्रीट िाइटें िीक करवािे हे तु पत्र लिखिए।
अथवा
ि) आप अदर्दनत / आदर्दत्र् हैं। आपके लमत्र/सिी को ववद्र्ािर् की वार्द-वववार्द प्रनतर्ोचगता में
प्रथम स्थाि प्राप्त हुआ है । उन्हें बधाई र्दे ते हुए तथा मेहित िारी रििे की प्रेरर्ा र्दे ते हुए
एक पत्र लिखिए।
11. निम्िलिखित में से ककसी एक र्वषय पर िगभग 80-100 शब्र्दों में अिुच्छे र्द लिखिए- 1x6=6
क) सच्ची लमत्रता का महत्त्व
ि) मेरी र्ार्दगार रे ि-र्ात्रा
ग) त्र्ोहारों का र्दे श-भारत