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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा8
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 5: संख्याओं का खेल
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत प्रकाश
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
112 – 135 25 94 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 74 pages
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 8 · ग णत · ग णत प्रकाश
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 5: संख्याओं का खेल
ग णत प्रकाश भाग I का अध्याय 5 वभाज्यता का अध्याय है और उस प्रकार के तक का भी, जो कसी प्रश्न को एक साथ हर संख्या के लए हल कर
दे ता है। यह अंशु के क्रमागत संख्याओं के योग से आरंभ होता है, समता एवं 4 के गुणज तक बढ़ता है और अंत म यह सद्ध करता है क 9, 3 व 11 से
वभाज्यता क सं क्षप्त व धयाँ काय क्य करती ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
ग णत प्रकाश (कक्षा 8) 112 – 135
खं ड प्रश्न
25 94
माध्यम
हन्द
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 112
5.1 क्या यह गुणज है? — क्रमागत संख्याओं का योग
MATH TALK
प्र.1 “क्या म प्रत्येक प्राकृत संख्या को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म लख सकता ँ?”
नह । 2 क घात — 1, 2, 4, 8, 16, 32, … — दो या अ धक क्रमागत प्राकृत संख्याओं के योग के रूप म नह लखी जा सकत ।
शेष सभी संख्याएँ लखी जा सकती ह।
a से आरंभ होने वाली k क्रमागत संख्याओं का योग ल खए—
a + (a + 1) + … + (a + k – 1)
= ka + (1 + 2 + … + (k – 1))
= ka + k(k – 1)/2
अत: 2N = k(2a + k – 1)
ऐसा क्य होता है: दोन गुणनखंड k और (2a + k – 1) को दे खए। य द k सम है तो 2a + k – 1 वषम होगा,
और य द k वषम है तो 2a + k – 1 सम होगा। अथात इनम से एक सदै व वषम होता है, और k ≥ 2 के लए
दोन 1 से बड़े होते ह। अत: 2N म — और इस लए N म — 1 से बड़ा कोई वषम गुणनखंड होना ही चा हए। 2 क
घात म ऐसा कोई गुणनखंड नह होता।
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N 1 से बड़ा वषम गुणनखंड? क्रमागत संख्याओं का योग
6 3 1+2+3
7 7 3+4
8 कोई नही ं संभव नही ं
9 3, 9 4 + 5 तथा 2 + 3 + 4
16 कोई नही ं संभव नही ं
प्र.2 “म कन संख्याओं को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म एक से अ धक प्रकार से लख सकता ँ?”
वे संख्याएँ जनके तीन या अ धक वषम गुणनखंड ह । वास्तव म प्रकार क संख्या वषम गुणनखंड क संख्या से ठ क एक कम
होती है।
15 → िवषम गुणनखंड 1, 3, 5, 15 (चार) → 4 – 1 = 3 पकार
15 = 7 + 8 = 4 + 5 + 6 = 1 + 2 + 3 + 4 + 5 ✓ (यही अंश ु ने पाया)
संख्या वषम गुणनखंड प्रकार क संख्या
7 1, 7 1 — के वल 3 + 4
9 1, 3, 9 2 — 4 + 5, 2 + 3 + 4
10 1, 5 1—1+2+3+4
12 1, 3 1—3+4+5
45 1, 3, 5, 9, 15, 45 5
ऐसा क्य होता है: प्र.1 से, N को लखने का प्रत्येक तरीका 2N = k × (2a + k – 1) के ऐसे गुणनखंडन से मेल
खाता है जसम एक गुणनखंड वषम हो। N का प्रत्येक वषम गुणनखंड (उसे छोड़कर जो k = 1 दे ता है) ठ क एक
ऐसा क्रम बनाता है।
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प्र.3 “ओह! म समझ गया क सभी वषम संख्याओं को दो क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म लखा जा सकता है।
क्या हम सभी सम संख्याओं को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म लख सकते ह?”
अंशु का पहला कथन सरलता से सद्ध हो जाता है, कतु उसके प्रश्न का उत्तर नह है — सम संख्याएँ 2, 4, 8, 16, 32, … (2 क
घात) इस प्रकार नह लखी जा सकत ।
कोई भी िवषम संख्या = 2n + 1
2n + 1 = n + (n + 1) — दो क्रमागत संख्याएँ
जै से 35 = 17 + 18, 101 = 50 + 51
कोई सम संख्या दो क्रमागत संख्याओं का योग कभी नह हो सकती, क्य क n + (n + 1) सदै व वषम होता है। अत: उसके लए
तीन या अ धक संख्याओं का क्रम चा हए—
6 = 1 + 2 + 3 10 = 1 + 2 + 3 + 4
12 = 3 + 4 + 5 14 = 2 + 3 + 4 + 5
18 = 5 + 6 + 7 20 = 2 + 3 + 4 + 5 + 6
स्वयं जाँ चए: 8, 16 या 32 को क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म लखने का पूरा प्रयास क जए। सफलता नह
मलेगी — इनम 1 से बड़ा कोई वषम गुणनखंड ही नह है।
प्र.4 “क्या म 0 को भी क्रमागत संख्याओं के योग के रूप म लख सकता ँ? संभवत: मुझे ऋणात्मक संख्याओं का
उपयोग करना पड़ेगा।”
हाँ, जब ऋणात्मक संख्याओं का उपयोग कया जाए। ऐसा कोई भी क्रम ली जए जो 0 के प रत: सम मत हो — धनात्मक व
ऋणात्मक भाग एक-दूसरे को काट दे ते ह।
0 = (–1) + 0 + 1
0 = (–2) + (–1) + 0 + 1 + 2
0 = (–3) + (–2) + (–1) + 0 + 1 + 2 + 3
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
ऐसा क्य होता है: –m से m तक के क्रम म प्रत्येक ऋणात्मक संख्या अपने वपरीत के साथ युग्म बनाती है और 0
बीच म रहता है। प्रत्येक युग्म का योग 0 है, अत: पूरा योग 0 है। ध्यान द जए क ऐसे क्रम म पद eकmसंख्या सदै व
omहोती है।
वषम (2m .+c1) g l as
e m a
g l as
aप्रयास क जए: ऋणात्मक संख्याओं के साथ प्रत्येक संख्या क्रमागत संख्याओं का योग बन जाती है — 8 भी। जैसे
co m
ag
8 = (–7) + (–6) + … + 6 + 7 + 8, क्य क –7 से 7 तक सब कट जाता है।
m .
as e
a g l
कोई 4 क्रमागत संख्याएँ ली जए, उदाहरण के लए 3, 4, 5 और 6। संख्याओं के बीच ‘+’ एवं ‘–’ चह्न लगाइए।
m
प्र.5
co
m.
इस प्रकार संख्याओं को लखने क कतनी व भन्न संभावनाएँ हो सकती ह? उन सभी को ल खए।
m ase
.co a g l
se m
g l a
आठ संभावनाएँ। चार संख्याओं के बीच 3 रक्त ान ह और प्रत्येक म दो म से कोई एक चह्न आ सकता है, अत: कुल 2 × 2 ×
a 2 = 2³ = 8।
m a s
.co agl
व्यंजक मान
se m
g l a
a
3+4+5+6 18
m
3+4+5–6 6
. co
em
as
3+4–5+6 8
–o
3 + 4.c
m g l
a
sem
5–6 – 4
a 3–4+5+6
agl 10
se m
3–4+5–6
com
–2
g l a
m . a
ase
agl
3–4–5+6 0
3–4–5–6 – 12
co m
m .
e
पुस्तक का आरेख इन्ह इसी क्रम म सूचीबद्ध करता है — पहले 4 के पहले का चह्न, फर 5 के पहले का, फर 6 के पहले का।
omआपने दे खा? आठ मान सम संख्याएँ ह। g l as
m .cक्या a
l a se
ag
.c
s e m
m a
. co agl
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 113
e m
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
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5.1 क्या यह गुणज है? — क्रमागत संख्याओं का योग
MATH TALK
प्र.1 प्रत्येक व्यंजक क गणना क जए एवं प रणाम को इनके सामने ल खए। क्या आपको इसम कुछ रोचक दखाई
दे ता है?
3, 4, 5, 6 के लए आठ मान ह — 18, 6, 8, – 4, 10, – 2, 0, – 12 — और रोचक बात यह है क इनम से प्रत्येक सम संख्या
है।
व्यंजक मान व्यंजक मान
3+4+5+6 18 3–4+5+6 10
3+4+5–6 6 3–4+5–6 –2
3+4–5+6 8 3–4–5+6 0
3+4–5–6 –4 3–4–5–6 – 12
दूसरी ध्यान दे ने योग्य बात — कोई भी मान वषम नह है और कोई मान दोहराया नह गया है।
प्र.2 अब चार अन्य क्रमागत संख्याएँ ली जए। पूवानुसार ‘+’ एवं ‘–’ चह्न लगाइए। प्रत्येक व्यंजक का मान ात
क जए। आपने क्या अवलोकन कया?
5, 6, 7, 8 लेने पर—
व्यंजक मान व्यंजक मान
5+6+7+8 26 5–6+7+8 14
5+6+7–8 10 5–6+7–8 –2
5+6–7+8 12 5–6–7+8 0
5+6–7–8 –4 5–6–7–8 – 16
अवलोकन: आठ मान पुन: सम ह। और इनम से तीन — 0, – 2 व – 4 — ठ क वही ह जो पहले प्राप्त हुए थे।
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प्र.3 अब आप उपयुक्त क्रयाकलाप को 4 क्रमागत संख्याओं के एक अन्य समूह (सेट) के साथ दोहराइए। अपने
प रणाम को साझा क जए।
7, 8, 9, 10 लेने पर—
व्यंजक मान व्यंजक मान
7 + 8 + 9 + 10 34 7 – 8 + 9 + 10 18
7 + 8 + 9 – 10 14 7 – 8 + 9 – 10 –2
7 + 8 – 9 + 10 16 7 – 8 – 9 + 10 0
7 + 8 – 9 – 10 –4 7 – 8 – 9 – 10 – 20
वही तीन अचर उत्तर पुन: प्राप्त हुए। संख्याओं को n, n + 1, n + 2, n + 3 लखने पर स्पष्ट हो जाता है क ऐसा होना ही था—
n – (n + 1) – (n + 2) + (n + 3) = 0
n – (n + 1) + (n + 2) – (n + 3) = – 2
n + (n + 1) – (n + 2) – (n + 3) = – 4
ऐसा क्य होता है: इन तीन म दो n जोड़े जाते ह और दो घटाए जाते ह, अत: सभी n कट जाते ह। जो शेष रहता है
वह एक न त संख्या है जो इस बात पर नभर नह करती क कौन-सी चार क्रमागत संख्याएँ ली गई थ ।
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प्र.4 क्या यह प्र तरूप तब भी बनता है जब कन्ह भी 4 क्रमागत संख्याओं का चयन कया जाता है? क्या तकश क्त
ारा इसका उत्तर प्राप्त कया जा सकता है? संकेत— बीजग णत का उपयोग क जए और इन 8 व्यंजक को
सामान्य रूप म ल खए।
+ 6 3+4+5+6
5 −
+
6 3+4+5−6
4
−
+ 6
+
5 −
6
3
+ 6
−
5 −
+
6
4
−
+ 6
5 −
6
पृष्ठ 113 का आरेख— 3 से आरंभ करके 4, 5 और 6 के आगे ‘+’ अथवा ‘−’ चह्न लगाने क आठ संभावनाएँ। पहली
दो शाखाएँ पूरी लखी गई ह।
हाँ — और बीजग णत इसे एक ही चरण म सद्ध कर दे ता है, अ धक समूह क जाँच कए बना।
सामान्य व्यंजक है
n ± (n + 1) ± (n + 2) ± (n + 3)
= n(1 ± 1 ± 1 ± 1) + (0 ± 1 ± 2 ± 3)
दोन कोष्ठक को अलग-अलग दे खए।
1 ± 1 ± 1 ± 1 का मान 4, 2, 0 या – 2 होता है — सदै व सम। अत: पहला भाग n का एक सम गुणज है।
0 ± 1 ± 2 ± 3 का आरंभ 1 + 2 + 3 = 6 से होता है जो सम है, और कसी चह्न को बदलने पर इसम उस संख्या का दुगुना
अंतर आता है — पुन: सम। अत: दूसरा भाग भी सदै व सम है।
सम + सम = सम
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ऐसा क्य होता है: मान म केवल सम अंतर ही आ सकता है, अत: वह सम से वषम क ओर कभी नह जा सकता।
इसी लए कसी भी चार क्रमागत संख्याओं के लए उत्तर सम ही रहेगा — तीन अचर मान 0, – 2, – 4 हर बार
आएँगे और कक्षा म कसी को भी वषम संख्या प्राप्त नह होगी।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 114
5.1 क्या यह गुणज है? — क्रमागत संख्याओं का योग
MATH TALK
प्र.1 अब कोई भी 4 संख्याएँ ली जए, उनके बीच ‘+’ और ‘–’ चह्न आठ व भन्न प्रकार से लगाइए और प रणामी
व्यंजक का मान ात क जए। आप उनक समताओं के वषय म क्या अवलोकन करते ह? इसी प्र क्रया को 4
संख्याओं के अन्य समूह के साथ इसे दोहराइए।
आठ व्यंजक क समता समान होती है — और वह a + b + c + d क समता ही है।
चार संख्याएँ A+B+C+D A+B–C–D A–B–C–D आठ क समता
2, 5, 7, 4 18 –4 – 14 सम
1, 2, 3, 5 11 –5 –9 िवषम
10, 4, 6, 8 28 0 –8 सम
3, 3, 3, 3 12 0 –6 सम
चार क्रमागत संख्याओं म दो वषम व दो सम होती ह, अत: a + b + c + d सदै व सम होता है — यही वह वशेष त थी जो
पछले पृष्ठ पर मली। कन्ह भी चार संख्याओं के लए यह उभय नष्ठ समता वषम भी हो सकती है, कतु वह आठ म समान ही
रहती है।
प्र.2 क्या ऐसी कोई पद्ध त है जससे यह समझाया जा सके क ऐसा क्य होता है? संकेत— दो संख्याओं के योग या
अंतर क समता के लए नयम पर वचार क जए।
हाँ। मुख्य बात यह है क एक चह्न बदलने पर मान म सम अंतर आता है, अत: समता कभी नह बदल सकती।
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
a + b – c – d लीिजए और + b को – b से बदिलए—
m l as
.co
(a + b – c – d) – (a – b – c – d)
m a g
l a se
g
=a+b–c–d–a+b+c+d
a= 2b — एक सम संख्या
o m
. c
य द दो संख्याओं के मध्य अंतर सम है तो उनम समताएँ भन्नmनह हो सकत — या तो दोन सम ह या दोन वषम। ag
l a se
ag
ऐसा क्य होता है: आठ म से कसी भी एक व्यंजक से आरंभ करके एक, दो या तीन चह्न बदलकर शेष सात प्राप्त
कए जा सकते ह। प्रत्येक प रवतन मान को 2 × (कोई एक संख्या) से बदलता है, जो सम है। सम प रवतन क
co m
ंखला भी सम ही रहती है, अत: आठ व्यंजक क समता एक ही है।
e m.
c o m g l as
.
पुस्तक कmदूसरी व्याख्या समता के नयम से यही नष्कष नकालती है— a
l a se
ag
s
िवषम ± िवषम = सम सम ± सम = सम िवषम ± सम = िवषम
m a
m.co agl
प्रत्येक नयम म ‘+’ और ‘–’ दोन
l a se
तय म उत्तर एक ही है। अत: a ± b क समता एक ही रहती है; फर a ± b ± c क भी;
और फर a ± b ± c ± d क भी।
a g
. com
व्यंजक a + b – c – d म कसी भी एक ऋणात्मक चह्न को एक धनात्मक चह्न सेeपmरव तत क जए और दोन
प्र.3
c o asहोता है?
mयाओं के मध्य अंतर ात क जए। आपको अवलोकन से क्या प रणामgप्राप्त
l
m . a
e
सं ख्
las
ag उत्तर
se m
com a
– c को + c से बद लए—
. a g l
(a + b + c – d) – (a + b – c – ld)as
em
ag
=a+b+c–d–a–b+c+d
co m
= 2c — एक सम संख्या
m .
m as e
c o
. े ान पर – d को + d से बद लए तो अंतर 2d आता है, जो पुन: सम है। a g l
s e m
इसक
a
agl c
नष्कष: इससे कोई अंतर नह पड़ता क कौन-सा चह्न बदला गया या कस दशा म बदला गया। ‘+’ को ‘–’ करने
m .
m a s e
co agl
पर मान म – 2 × (उस संख्या) का अंतर आता है और ‘–’ को ‘+’ करने पर + 2 × (उस संख्या) का। दोन सम ह।
m .
e
अत: चार संख्याओं का चयन करते ही व्यंजक क समता न त हो जाती है — चह्न उसे बदल नह सकते।
g l as
a
com
m .
m as e
.co
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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 115
सम संख्याओं का वभंजन
प्र.1 क्या सभी व्यंजक क समान समता होने क प रघटना केवल 4 संख्याएँ लेने तक सी मत है? इस वषय म
आपका क्या वचार है?
नह — यह कसी भी संख्या-गणना के लए सत्य है। तक म कह भी ‘चार’ का उपयोग नह हुआ था।
n संख्याओं a₁ ± a₂ ± … ± aₙ के िलए
2ⁿ⁻¹ व्यंजक बनते है,ं
और एक िचह्न बदलने पर मान 2aᵢ से बदलता है — जो अब भी सम है
अत: सभी 2n–1 व्यंजक क समता a₁ + a₂ + … + an जैसी ही होती है।
संख्याएँ कतने व्यंजक उभय नष्ठ समता
3, 4, 5 2² = 4 सम (3 + 4 + 5 = 12)
3, 4, 5, 6 2³ = 8 सम (18)
3, 4, 5, 6, 7 2⁴ = 16 िवषम (25)
स्वयं जाँ चए: 3 – 4 + 5 = 4, 3 + 4 – 5 = 2, 3 – 4 – 5 = – 6 — सभी सम, जैसा 3 + 4 + 5 = 12 से
अपे क्षत था।
प्र.2 हम जानते ह क सम संख्याओं क पहचान कैसे क जाती है। बना गणना कए ात क जए क नम्न म से
कौन-से अंकग णतीय व्यंजक सम ह? 43 + 37, 672 – 348, 4 × 347 × 3, 708 – 477, 809 + 214, 119 ×
303, 543 – 479, 513³
इनम से चार सम ह — 43 + 37, 672 – 348, 4 × 347 × 3 और 543 – 479।
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व्यंजक समता का तक सम है?
43 + 37 वषम + वषम = सम हाँ
672 – 348 सम – सम = सम हाँ
4 × 347 × 3 गुणनफल म गुणनखंड 4 है, अत: वह सम होगा हाँ
708 – 477 सम – वषम = वषम नही ं
809 + 214 वषम + सम = वषम नही ं
119 × 303 वषम × वषम = वषम नही ं
543 – 479 वषम – वषम = सम हाँ
513³ वषम × वषम × वषम = वषम नही ं
बाद म स्वयं जाँ चए: मान क्रमश: 80, 324, 4164, 231, 1023, 36057, 64 व 135005697 ह। समता के
नयम ने यह सारी गणना कए बना ही सही उत्तर दे दया।
प्र.3 व भन्न सं क्रयाओं के अंतगत समता कैसे व्यवहार करती है, हमारी इस समझ का उपयोग करके पता लगाइए क
अक्षर-संख्याओं (चर संख्याएँ) के कसी भी पूणाक मान के लए नीचे दए गए बीजग णतीय व्यंजक म से कन
व्यंजक का मान एक सम संख्या के रूप म प्राप्त होता है। 2a + 2b, 3g + 5h, 4m + 2n, 2u – 4v, 13k – 5k,
6m – 3n, x² + 2, b² + 1, 4k × 3j
नौ म से पाँच सदै व सम ह — 2a + 2b, 4m + 2n, 2u – 4v, 13k – 5k तथा 4k × 3j। इन सबम 2 पूरे व्यंजक का गुणनखंड
है।
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व्यंजक पुन: लखने पर सदै व सम?
2a + 2b 2(a + b) हाँ
3g + 5h — नही ं
4m + 2n 2(2m + n) हाँ
2u – 4v 2(u – 2v) हाँ
13k – 5k 8k = 2(4k) हाँ
6m – 3n 3(2m – n) नही ं
x² + 2 — नही ं
b² + 1 — नही ं
4k × 3j 12kj = 2(6kj) हाँ
ऐसा क्य होता है: जब कोई व्यंजक 2 × (कोई पूणाक) के रूप म लखा जा सके तो अक्षर के कसी भी मान के
लए 2 उसका गुणनखंड रहेगा। जो चार असफल ह उनम ऐसा कोई गुणनखंड नह है — प्रत्येक के लए एक प्र त-
उदाहरण पयाप्त है: g = 1, h = 0 पर 3g + 5h = 3; m = n = 1 पर 6m – 3n = 3; x = 3 पर x² + 2 = 11; b
= 2 पर b² + 1 = 5।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 116
सम संख्याओं का वभंजन / चार के समूह बनाने के लए युग्म
प्र.1 इसी प्रकार ात क जए एवं व्याख्या क जए क कौन-से अन्य व्यंजक का मान सदै व सम संख्याएँ होती ह।
प्रत्येक व्यंजक के लए मान सम संख्या होने व सम संख्या ना होने के कुछ उ चत उदाहरण द जए।
प्रत्येक व्यंजक के साथ वैसा ही क जए जैसा पुस्तक ने 4m + 2q और x² + 2 के साथ कया — या तो गुणनखंड 2 बाहर
नका लए, या एक प्र त-उदाहरण द जए।
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व्यंजक व्याख्या उदाहरण / प्र त-उदाहरण
2a + 2b = 2(a + b), अत: 2 गुणनखंड है a = 3, b = 5 → 16; a = 4, b = – 7 → – 6। कभी
िवषम नही ं।
3g + 5h वषम × वषम वषम ही रहता है; वषम + वषम सम है कतु उदाहरण g = 1, h = 1 → 8 (सम)। पित-उदाहरण g
वषम + सम वषम है = 1, h = 0 → 3 (िवषम )।
2u – 4v = 2(u – 2v) u = 5, v = 1 → 6; u = – 3, v = 2 → – 14। कभी
िवषम नही ं।
13k – = 8k = 2(4k) — पहले पद जुड़ जाते ह k = 1 → 8; k = – 3 → – 24। कभी िवषम नही ं।
5k
6m – = 3(2m – n); 3 वषम है, अत: समता 2m – n पर और अंतत: उदाहरण m = 1, n = 2 → 0 (सम)। पित-उदाहरण m
3n n पर नभर है = 1, n = 1 → 3 (िवषम )।
b² + 1 b सम होने पर b² सम और b वषम होने पर b² वषम, अत: b² उदाहरण b = 1 → 2 (सम)। पित-उदाहरण b = 2 →
+ 1 क समता b के साथ पलटती है 5 (िवषम )।
4k × 3j = 12kj = 2(6kj) k = 1, j = 1 → 12; k = 2, j = – 1 → – 24। कभी
िवषम नही ं।
ऐसा क्य होता है: कोई व्यंजक प्रत्येक पूणाक मान के लए तभी सम होता है जब 2 को पूरे व्यंजक के गुणनखंड के
रूप म बाहर नकाला जा सके। य द ऐसा नह है तो अक्षर के कसी न कसी मान पर वह वषम हो जाएगा — और
एक प्र त-उदाहरण ही नणय के लए पयाप्त है।
प्र.2 कुछ बीजग णतीय व्यंजक ल खए जनका मान सदै व सम संख्या होता है।
ऐसा कोई भी व्यंजक चलेगा जसका गुणनखंड 2 हो—
2n 6p – 4q 10a + 8b
2(m + n) + 4 14x × 5y 8k² – 6k
एक ऐसा उदाहरण भी ली जए जो स्पष्ट रूप से 2 × (कुछ) के रूप म नह है—
k² + k = k(k + 1)
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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
ऐसा क्य होता है: k और k + 1 क्रमागत पूणाक ह, अत: इनम से एक सम होगा। जस गुणनफल म एक सम
m
गुणनखंड हो वह सम होता है। जाँ चए: k = 3 → 12, k = 4 → 20, k = – 5 → 20।
as e
.co a g l
se m
g l a
a सम संख्याओं का एक युग्म ली जए तथा उनका योग क जए। क्या यह योग 4 से वभाज्य है? इसे सम संख्याओं
प्र.3
com
ag
के व भन्न युग्म के लए प्रयोग क जए। कब योगफल 4 का एक गुणज है और कब नह है? क्या इसका कोई
m .
as e
सामान्य नयम या प्र तरूप है?
a g l
कभी हाँ, कभी नह — और प्र तरूप बलकुल न त है।
co m
e गुणज?
4sका
m.
m l a
.co ag
युग्म 4 से भाग दे ने पर शेषफल योग
se m
g l a
4+8 0 और 0 12 हाँ
a 0 और 0 हाँ
s
12 + 16 28
m a
m.co हाँ agl
se
2+6 2 और 2 8
g l a
6 + 10 2 और 2
a 16 हाँ
m
नही ं
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2+4 2 और 0 6
. c
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as
नही ं
com
0 और 2
l
8 + 10 18
. a g
m
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agl समान ह ।
नयम: प्रत्येक सम संख्या को 4 से भाग द जए — शेषफल या तो 0 होगा या 2। योग 4 का गुणज तभी होगा जब दोन शेषफल
se m
com g l a
.
ऐसा क्य होता है: दोन शेषफल का योग 0, 2 या 4 हो सकता है। इनम से केवल 0 और 4 ही 4 के गुणज ह।
m a
ase
अत: या तो दोन शेषफल 0 ह या दोन 2 — एक 0 और एक 2 कभी नह ।
agl
co m
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 117
m .
m as e
.co
चार के समूह बनाने के लए युग्म
a g l
a s em
agl दो सम संख्याओं का योग कब 4 के गुणज के रूप म प्राप्त होगा? यह समस्या दो संख्याओं को जोड़ने पर
c
प्र.1
m .
e
प रणामत: एक सम संख्या प्राप्त होने का पता लगाने के प्रश्न के समान है। क्या आप इसे दे ख सकते ह?
m a s
e m . co agl
as
a g l
तभी, जब दोन 4 के गुणज ह अथवा दोन म से कोई भी 4 का गुणज न हो। जाँच करने क तीन तयाँ ह और बीजग णत तीन
का नणय कर दे ता है—
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 14 of 74
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
त बीजग णत 4 का गुणज? उदाहरण
दोन 4 के गुणज 4p + 4q = 4(p + q) सदै व 12 + 16 = 28 = 4 × 7
दोन 4 के गुणज नह (4p + 2) + (4q + 2) = 4(p + q + 1) सदै व 6 + 10 = 16 = 4 × 4
एक गुणज, एक नह 4p + (4q + 2) = 4(p + q) + 2 कभी नही ं 8 + 10 = 18 = 4 × 4 + 2
हाँ, यह वही समस्या एक स्तर ऊपर है। दोन सार णय क तुलना क जए—
सम + सम = सम ↔ 4p + 4q, 4 का गुणज है
िवषम + िवषम = सम ↔ (4p + 2) + (4q + 2), 4 का गुणज है
सम + िवषम = िवषम ↔ 4p + (4q + 2), 4 का गुणज नहीं है
ऐसा क्य होता है: समता के प्रश्न म प्रत्येक पूण संख्या 2 से भाग दे ने पर शेषफल 0 या 1 दे ती है और ‘समान
शेषफल’ क त म योग सम होता है। यहाँ प्रत्येक सम संख्या 4 से भाग दे ने पर शेषफल 0 या 2 दे ती है और पुन:
‘समान शेषफल’ ही नणायक है। संरचना एक ही है — केवल भाजक बदला है।
प्र.2 क्या होगा जब हम एक 4 क गुणज संख्या को ऐसी सम संख्या जो 4 क गुणज ना हो के साथ जोड़ते ह? क्या यह
एक सम संख्या एवं एक वषम संख्या के योग क समता के समान है?
योग कभी भी 4 का गुणज नह होगा — उसम सदै व 2 शेष बचेगा।
4p + (4q + 2)
= 4p + 4q + 2
= 4(p + q) + 2
हाँ, यह पूणत: समान है। एक सम और एक वषम संख्या को जोड़कर सम संख्या कभी नह मलती; इसी प्रकार 4 के एक गुणज
और एक अगुणज को जोड़कर 4 का गुणज कभी नह मलता। दोन तय म दोन शेषफल भन्न ह (वहाँ 0 और 1, यहाँ 0 और
2), अत: बचा हुआ भाग कभी पूरा नह हो पाता।
स्वयं जाँ चए: 20 + 6 = 26 = 4 × 6 + 2; 8 + 22 = 30 = 4 × 7 + 2; 100 + 2 = 102 = 4 × 25 + 2।
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 आगे दए गए व्यंजक एवं दृश्यांकन को दे खए एवं उनक संगत व्याख्या और उदाहरण ल खए। 4p और (4q +
2) = 4p + (4q + 2) = 4p + 4q + 2 = 4 (p + q) + 2
व्याख्या। 4 के कसी गुणज को 4p लखा जा सकता है और ऐसी सम संख्या को जो 4 क गुणज न हो, 4q + 2। दोन को जोड़ने
पर 4(p + q) + 2 प्राप्त होता है, अथात योग 4 के एक गुणज और शेष 2 के रूप म है। वह सम है, कतु 4 का गुणज कभी नह ।
चत्र। पहली संख्या को 4-4 क p पूरी पं क्तय म तथा दूसरी को 4-4 क q पूरी पं क्तय एवं 2 शेष टोकन म र खए। दोन को
मलाइए — पूरी पं क्तयाँ मलकर 4-4 क (p + q) पं क्तयाँ बनाती ह और 2 टोकन शेष ही रह जाते ह, क्य क एक और पं क्त
बनाने के लए वे पयाप्त नह ह।
4p (यहाँ p = 3) 4q + 2 (q = 2) 4(p + q) + 2
+ =
2 शे ष
12 + 10 = 22 = 4 × 5 +
2
4-4 क पूरी पं क्तयाँ मल जाती ह; शेष 2 टोकन कभी पं क्त पूरी नह कर पाते।
उदाहरण।
12 + 6 = 18 = 4(3 + 1) + 2
8 + 2 = 10 = 4(2 + 0) + 2
16 + 22 = 38 = 4(4 + 5) + 2
20 + 10 = 30 = 4(5 + 2) + 2
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 118
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सदै व, कभी-कभी या कभी नह
प्र.1 1. य द 8 दो संख्याओं को भन्न- भन्न प्रकार से वभा जत करता है, तो यह उनके योग को भी अवश्य ही पूणत:
वभा जत करेगा। कथन 1 सदै व सत्य है। नधा रत क जए क क्या घटाव के साथ यह सत्य होगा।
योग के लए सदै व सत्य है, और घटाव के लए भी सदै व सत्य है।
दोनों संख्याएँ 8 की गुणज है:ं 8a और 8b
8a + 8b = 8(a + b) → 8 का गुणज
8a – 8b = 8(a – b) → यह भी 8 का गुणज
8 के दो गुणज योग अंतर
8 और 16 24 = 8 × 3 – 8 = 8 × (– 1)
16 और 56 72 = 8 × 9 – 40 = 8 × (– 5)
80 और 120 200 = 8 × 25 – 40 = 8 × (– 5)
ऐसा क्य होता है: 8 के गुणज 8 को बार-बार जोड़ने से प्राप्त होते ह। ऐसे दो ढे र को मलाने पर या एक म से दूसरा
नकालने पर भी 8 के पूरे-पूरे समूह ही बचते ह — कोई अधूरा समूह नह बनता। बीजग णत म, दोन तय म 8
उभय नष्ठ गुणनखंड के रूप म बाहर आ जाता है।
संकेत: यह सामान्य तथ्य है — य द a, M को वभा जत करता है और a, N को वभा जत करता है, तो a,
M + N और M – N को भी वभा जत करेगा। 8 म कुछ वशेष नह था।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 119
सदै व, कभी-कभी या कभी नह
प्र.1 2. य द कोई संख्या 8 से वभा जत होती है तो 8 उन दो संख्याओं (अलग-अलग) को भी वभा जत करेगा
जनका योगफल वह संख्या हो।
कभी-कभी सत्य। जो शब्द इसे तोड़ दे ता है वह है ‘उन दो संख्याओं’ — अथात कोई भी दो संख्याएँ।
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
72 = 48 + 24 = 8 × 6 + 8 × 3 → दोनों भाग 8 से िवभाज्य ✓
72 = 50 + 22 → कोई भी भाग 8 से िवभाज्य नही ं ✗
72 = 64 + 8 → दोनों िवभाज्य ✓
72 = 70 + 2 → कोई िवभाज्य नही ं ✗
ऐसा क्य होता है: 8 के गुणज को 8a + 8b के रूप म तोड़ा तो जा सकता है, कतु उसे p + q के रूप म भी तोड़ा
जा सकता है जहाँ p व q कुछ भी ह — ढे र को कह से भी काटा जा सकता है। कुछ वभाजन काम करते ह और
कुछ नह , अत: कथन कभी-कभी सत्य है।
संकेत: इसका एक सही रूप अवश्य है। य द 8 पूरी संख्या को वभा जत करता है और उसके एक भाग को भी, तो
वह दूसरे भाग को भी अवश्य वभा जत करेगा — क्य क दूसरा भाग (पूरी संख्या – पहला भाग) है, अथात 8 के दो
गुणज का अंतर।
प्र.2 3. य द कोई संख्या 7 से वभाज्य है तो उस संख्या के सभी गुणज 7 से वभाज्य ह गे।
सदै व सत्य।
संख्या 7 से िवभाज्य है, अत: उसे 7j िलिखए
उसके गुणज है ं (7j) × m = 7(jm)
7 गुणनखंड है, अत: पत्येक गुणज 7 से िवभाज्य है
14 = 7 × 2 ली जए (अथात j = 2)। इसके गुणज—
28 = (7 × 2) × 2 = 7 × 4
70 = (7 × 2) × 5 = 7 × 10
154 = (7 × 2) × 11 = 7 × 22
पुस्तक का चत्र यही बात कहता है: 7j अथात 7-7 क j पं क्तयाँ, और इसे m बार लेने पर 7-7 क mj पं क्तयाँ — पं क्तयाँ पूरी ही
रहती ह, कुछ शेष नह बचता।
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ase
कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
संकेत: सामान्यत: य द A, k से वभाज्य है तो A के सभी गुणज k से वभाज्य ह गे। यही अध्याय के सारांश
m as e
l
का पहला बदु है।
m .co a g
l a se
a g
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 120
co m
. ag
सदै व, कभी-कभी या कभी नह
se m
l a
हैgतो वह संख्या 12 के सभी गुणनखंड से भी वभाज्य होगी।
4. य द कोई संख्या 12 से वभाज्य a
प्र.1
co m
e m.
m l as
.co g
सदै व सत्य।
em a
a s
a gl संख्या 12 की गुणज है, मान लीिजए 12m
12m = 2 × 6 × m = 3 × 4 × m = 1 × 12 × m
om a s
अत: 1, 2, 3, 4, 6 व 12 पत्येक गुणनखंड के रूप.cमें उपिस्थत है
em agl
a s
a gl
सामान्यत:, य द f, 12 का गुणनखंड है तो कसी पूण संख्या t के लए 12 = f × t, और तब
co m
m .
m
12m = (f × t) × m = f × (tm)
as e
.co a g l
a s em
g l
24 ली जए, जो 12 से वभाज्य है। इसके गुणनखंड म 12 के सभी गुणनखंड स म लत ह — 1, 2, 3, 4, 6, 8, 12, 24।
a
ऐसा क्य होता है ( चत्र से): 12 का कोई गुणज 12-12 क m पं क्तयाँ है। 12 का कोई गुणनखंड एक पं क्त को
se m
comहै और इस प्रकार पूरी रचना को बना कुछ शेष छोड़े भर दे ता g l a
. a
em
पूणत: भरता है — अत: वह प्रत्येक पं क्त को भरता
a s
agl
है।
संकेत: सामान्यत: य द A, k से वभाज्य है, तो A, k के सभी गुणनखंड से भी वभाज्य होगा।
co m
m .
m as e
.co a g l
a s emप्र.2
gl
5. य द कोई संख्या 7 से वभाज्य है तो वह 7 के कसी भी गुणज से वभाज्य होगी।
a c
m .
m a s e
co agl
m .
e
कभी-कभी सत्य। 42, 7 से और 14 से वभाज्य है, कतु 28 से नह ।
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 19 of 74
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
42 = 7 × 6 और 14 = 7 × 2 → 42 ÷ 14 = 3 ✓
42 = 7 × 6 और 28 = 7 × 4 → 42 ÷ 28 = 1.5 ✗
ठ क शत बीजग णत से मल जाती है—
7k, 7m से िवभाज्य होगा यिद और के वल यिद m, k का एक गुणनखंड हो
यिद k = ym, तो 7k ÷ 7m = 7ym ÷ 7m = y
42 के लए k = 6। 6 के गुणनखंड 1, 2, 3, 6 ह — अत: 42, 7 × 1 = 7, 7 × 2 = 14, 7 × 3 = 21 व 7 × 6 = 42 से वभाज्य
है, 7 के कसी अन्य गुणज से नह ।
संकेत: कथन 3 और कथन 5 दखने म समान ह कतु दशाएँ वपरीत ह। संख्या के गुणज क ओर बढ़ना सदै व
काय करता है; 7 के अन्य गुणज क ओर जाना नह ।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 121
सदै व, कभी-कभी या कभी नह / क्या शेष बचता है?
MATH TALK
प्र.1 नीचे दए गए कथन म से प्रत्येक क जाँच क जए एवं नधा रत क जए क यह ‘सदै व सत्य है’, ‘कभी-कभी
सत्य है’ या ‘कभी सत्य नह है’। 6. य द कोई संख्या 9 और 4 दोन से वभाज्य है तो यह 36 से अवश्य वभाज्य
होगी।
सदै व सत्य।
9 = 3², 4 = 2² — इनमें कोई उभयिनष्ठ अभाज्य नही ं
LCM (9, 4) = 3² × 2² = 36
य द संख्या 9 से वभाज्य है तो उसके अभाज्य गुणनखंडन म 3 × 3 है। य द वह 4 से भी वभाज्य है तो उसम 2 × 2 भी है। ये भन्न
अभाज्य ह, अत: दोन समूह साथ-साथ रहते ह और 3 × 3 × 2 × 2 = 36 उस संख्या को वभा जत करता है।
उदाहरण: 36, 72, 108, 180, 900 — पत्येक 9 से, 4 से और 36 से िवभाज्य
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: सामान्य नयम है — य द A, k से वभाज्य है और m से भी, तो A, LCM (k, m) से भी वभाज्य
होगा।
प्र.2 7. य द कोई संख्या 6 और 4 दोन से वभाज्य है तो यह 24 से अवश्य वभाज्य होगी।
कभी-कभी सत्य। प्र त-उदाहरण छोटा-सा है — 12।
12 ÷ 6 = 2 ✓ 12 ÷ 4 = 3 ✓ िकं त ु 12 ÷ 24 ✗
ऐसा क्य होता है: 6 = 2 × 3 और 4 = 2 × 2 म गुणनखंड 2 उभय नष्ठ है। नयम केवल LCM (6, 4) = 2² × 3
= 12 तक क गारंट दे ता है, 24 तक क नह । अत: 6 और 4 दोन से वभाज्य प्रत्येक संख्या 12 क गुणज तो है,
कतु 12 के गुणज 12, 24, 36, 48, … म से केवल आधे ही 24 के गुणज ह।
अत: कथन 24, 48, 72 के लए सत्य है कतु 12, 36, 60 के लए असत्य। कथन 6 से तुलना क जए, जहाँ 9 और 4 म कोई
उभय नष्ठ गुणनखंड नह था और गुणनफल ही LCM था।
प्र.3 8. जब आप एक वषम संख्या म एक सम संख्या जोड़ते ह तो 6 का गुणज प्राप्त होता है।
कभी सत्य नह । एक वषम और एक सम संख्या का योग वषम होता है, जब क 6 का प्रत्येक गुणज सम होता है।
मान लीिजए (2n) + (2m + 1) = 6j
2n + 2m = 6j – 1
2(n + m) = 6j – 1
बाईं ओर सम संख्या है; दाईं ओर एक सम संख्या से 1 कम, अथात वषम संख्या। सम संख्या कभी वषम संख्या के बराबर नह हो
सकती, अत: n, m, j के ऐसे कोई मान ह ही नह ।
क्या आप जानते ह? हा शये पर पूछा गया प्रश्न — “क्या म एक सम संख्या को 2n और एक वषम संख्या को
2n+1 लख सकता ँ?” — का उत्तर यहाँ नह है। 2n और 2n + 1 लखने से दोन संख्याएँ क्रमागत हो जाएँगी।
2n और 2m + 1 लखने पर वे स्वतंत्र रहती ह, और इस कथन के लए यही आवश्यक है।
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 एक संख्या ात क जए जसे 5 से वभा जत करने पर 3 शेषफल प्राप्त हो। ऐसी ही कुछ अन्य संख्याएँ भी
ल खए।
3, 8, 13, 18, 23, 28, 33, 38, … — इनम से प्रत्येक 5 के कसी गुणज से 3 अ धक है।
K 0 1 2 3 4 5
5K + 3 3 8 13 18 23 28
जाँच : 18 = 5 × 3 + 3 28 = 5 × 5 + 3 103 = 5 × 20 + 3
सूची म क्रमागत संख्याओं के बीच अंतर सदै व 5 है, क्य क 5 के अगले गुणज पर जाने से शेष 3 अप रव तत रहता है।
प्र.5 कौन-सा बीजीय व्यंजक ऐसी सभी संख्याओं को समा हत करता है? (i) 3k + 5 (ii) 3k – 5 (iii) 3k/5 (iv)
5k + 3 (v) 5k – 2 (vi) 5k – 3
(iv) 5k + 3 तथा (v) 5k – 2. ये दखने म भन्न ह कतु ठ क एक ही संख्या-समुच्चय बनाते ह।
5k – 2 = 5k – 5 + 3 = 5(k – 1) + 3
वकल्प आरं भक कुछ मान 5 से भाग पर शेषफल
(i) 3k + 5 5, 8, 11, 14, 17 बदलता रहता है — 0, 3, 1, 4, 2
(ii) 3k – 5 – 2, 1, 4, 7, 10 बदलता रहता है
(iii) 3k/5 0.6, 1.2, 1.8, … पूण संख्या ही नही ं
(iv) 5k + 3 3, 8, 13, 18, 23 सदै व 3 ✓
(v) 5k – 2 3, 8, 13, 18, 23 (k ≥ 1) सदै व 3 ✓
(vi) 5k – 3 2, 7, 12, 17, 22 सदै व 2 ✗
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
ऐसा क्य होता है: 5 से भाग दे ने पर शेषफल 3 पाने के लए संख्या 5 के कसी गुणज म 3 जोड़कर ही बननी
चा हए। केवल 5k + c रूप के व्यंजक ऐसा कर सकते ह, जहाँ c स्वयं 5 से भाग दे ने पर 3 शेष दे । यहाँ (iv) म c =
3 और (v) म c = – 2 है, और – 2 = – 5 + 3।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 122
क्या शेष बचता है?
प्र.1 क्या ऐसे अन्य व्यंजक ह जो 5 के गुणज से 3 अ धक वाली संख्याएँ बनाते ह ?
अन गनत। 5k + c रूप का कोई भी व्यंजक चलेगा, बशत c स्वयं 5 से भाग दे ने पर 3 शेष दे ।
5k + 8 (8 = 5 + 3)
5k + 13 (13 = 10 + 3)
5k – 7 (– 7 = – 10 + 3)
5k – 12 (– 12 = – 15 + 3)
ये सब वही सूची 3, 8, 13, 18, 23, … बनाते ह — केवल k का आरं भक मान बदल जाता है।
व्यंजक k=0 k=1 k=2 k=3
5K + 3 3 8 13 18
5K + 8 8 13 18 23
5K – 7 –7 –2 3 8
संकेत: जो नह चलेगा वह है 5 को बदलना। 10k + 3 जैसा व्यंजक केवल 3, 13, 23, … दे ता है — संख्याएँ सही
ह, कतु 8, 18, 28 छू ट जाती ह। सभी संख्याएँ पाने के लए गुणांक ठ क 5 ही होना चा हए।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 122
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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions
5.1 क्या यह गुणज है?
co m
e m.
m l as
.co a g
चार क्रमागत संख्याओं का योग 34 है। ये कौन-सी संख्याएँ ह?
m
प्र.1
l a se
a
उत्तरg
m
ये संख्याएँ ह 7, 8, 9 और 10।
. co ag
e m
g l as
a
मान लीिजए संख्याएँ n, n + 1, n + 2, n + 3 है ं
n + (n + 1) + (n + 2) + (n + 3) = 34
co m
m.
4n + 6 = 34
m as e
4n = 28
.co a g l
ns=e7m
gl a
a
m a s
जाँच: 7 + 8 + 9 + 10 = 34 ✓
m .co agl
l a se
संकेत: 4n + 6 सदै व सम होता है, अत: चार क्रमागत संख्याओं का योग कभी वषम नह हो सकता। 35 लेकर
दे खए — कोई उत्तर ही नह मलेगा।ag
co m
m .
m as e
प्र.2
.co g l
मान ली जए पाँच क्रमागत संख्याओं म p सबसे बड़ा है। अन्य चार संख्याओं को p के पद म व्यक्त क जए।
a
a s em
agl उत्तर
अन्य चार संख्याएँ ह p – 1, p – 2, p – 3 और p – 4।
se m
com g l a
m . a
gl
बढ़ ते क्रम में पाँच ों संख्याएँ है ं ase
a
p – 4, p – 3, p – 2, p – 1, p
co m
m .
as e
इनका योग (p – 4) + (p – 3) + (p – 2) + (p – 1) + p = 5p – 10 = 5(p – 2) है, अत: कन्ह भी पाँच क्रमागत संख्याओं का
m
.co
योग 5 का गुणज होता है।
a g l
se m
g l a
a स्वयं जाँ चए: p = 20 ली जए। संख्याएँ 16, 17, 18, 19, 20 ह और इनका योग 90 = 5 × 18 = 5(20 – 2) ✓
c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 24 of 74
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 नीचे दए गए प्रत्येक कथन के लए नधा रत क जए क ‘यह सदै व सत्य है’, ‘कभी-कभी सत्य है’, या ‘कभी
सत्य नह है’। अपने उत्तर क व्याख्या क जए। उपयुक्तता के आधार पर जो उदाहरण ह तथा जो उदाहरण नह ह
उनका उल्लेख क जए। बीजग णत का उपयोग करके अपने तक क पु ष्ट क जए। (i) दो सम संख्याओं का
योगफल 3 का एक गुणज है। (ii) य द कोई संख्या 18 से वभाज्य नह है तो यह 9 से भी वभाज्य नह होगी।
(iii) य द दो संख्याएँ 6 से वभाज्य नह ह तो उनका योगफल 6 से वभाज्य नह होगा। (iv) 6 के एक गुणज और
9 के एक गुणज का योगफल 3 का एक गुणज होता है। (v) 6 के एक गुणज और 3 के एक गुणज का योगफल 9
का एक गुणज होता है।
(i) कभी-कभी सत्य।
2m + 2n = 2(m + n) — 3 का गुणज तभी जब 3, m + n को िवभािजत करे
उदाहरण: 2 + 4 = 6 ✓ तथा 4 + 8 = 12 ✓। प्र त-उदाहरण: 2 + 6 = 8 ✗ तथा 6 + 8 = 14 ✗।
(ii) कभी-कभी सत्य।
उदाहरण: 20, 18 से वभाज्य नह है और 9 से भी वभाज्य नह है ✓। प्र त-उदाहरण: 27, 18 से वभाज्य नह है, फर भी 27 =
9 × 3 अथात 9 से वभाज्य है ✗।
ऐसा क्य होता है: 18 के गुणज 9 के हर दूसरे गुणज ह (9, 18, 27, 36, 45, 54 …)। अत: 9 के सभी वषम
गुणज — 9, 27, 45, 63 — इस कथन को तोड़ दे ते ह। जो सदै व सत्य है वह उलटा कथन है: य द कोई संख्या 9 से
वभाज्य नह है तो वह 18 से भी वभाज्य नह हो सकती।
(iii) कभी-कभी सत्य।
प्र त-उदाहरण: 8 और 10, 6 से वभाज्य नह ह, कतु 8 + 10 = 18, 6 से वभाज्य है — यहाँ कथन असफल है। उदाहरण (जहाँ
कथन सत्य है): 8 और 9, 6 से वभाज्य नह ह और 8 + 9 = 17 भी 6 से वभाज्य नह है।
दोनों संख्याओं को 6a + r और 6b + s िलिखए, जहाँ r, s ≠ 0
योग = 6(a + b) + (r + s)
6 से िवभाज्य तभी जब r + s = 6 (या 12)
अत: 5 और 7 (शेषफल 5 व 1) से 12 ✓, जब क 5 और 8 (शेषफल 5 व 2) से 13 ✗।
(iv) सदै व सत्य।
6x + 9y = 3(2x + 3y) — 3 पूरे योग का गुणनखंड है
उदाहरण: 12 + 9 = 21 = 3 × 7 ✓; 18 + 27 = 45 = 3 × 15 ✓; 6 + 90 = 96 = 3 × 32 ✓।
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ऐसा क्य होता है: 3, 6 को भी वभा जत करता है और 9 को भी, अत: वह दोन संख्याओं को वभा जत करता है
— और जो दो संख्याओं को वभा जत करता है वह उनके योग को भी वभा जत करता है।
(v) कभी-कभी सत्य।
6x + 3y = 3(2x + y) — 9 का गुणज तभी जब 3, 2x + y को िवभािजत करे
उदाहरण: 18 + 9 = 27 = 9 × 3 ✓। प्र त-उदाहरण: 12 + 9 = 21 ✗ तथा 6 + 6 = 12 ✗।
प्र.4 ऐसी कुछ संख्याएँ ात क जए जन्ह 3 से वभा जत करने पर शेषफल 2 प्राप्त हो और 4 से वभा जत करने पर
शेषफल 2 प्राप्त हो। ऐसी सभी संख्याओं को व्यक्त करने के लए एक बीजग णतीय व्यंजक ल खए।
ऐसी संख्याएँ ह 2, 14, 26, 38, 50, 62, … और ये ठ क 12n + 2 रूप क संख्याएँ ह।
N को 3 से भाग दे ने पर शेषफल 2 → N – 2, 3 का गुणज है
N को 4 से भाग दे ने पर शेषफल 2 → N – 2, 4 का गुणज है
अत: N – 2, 3 और 4 का उभयिनष्ठ गुणज है
LCM (3, 4) = 12
N – 2 = 12n → N = 12n + 2
N N÷3 N÷4
14 4, शेषफल 2 ✓ 3, शेषफल 2 ✓
26 8, शेषफल 2 ✓ 6, शेषफल 2 ✓
38 12, शेषफल 2 ✓ 9, शेषफल 2 ✓
ऐसा क्य होता है: दोन शत N – 2 के वषय म एक ही बात कहती ह — वह 3 का गुणज भी हो और 4 का भी।
पृष्ठ 121 पर सद्ध नयम से वह LCM (3, 4) = 12 का गुणज होना चा हए। इसी लए सूची 12-12 क छलाँग
लगाती है।
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प्र.5 “मुझम ह कुछ कंकड़, बहुत अ धक तो नह , म बाँटता जब उन्ह 3 के समूह म तो एक बच ही जाता यह ; य द म
चा ँ उन्ह युग्म म बाँटना, मुझसे तो हो पाता नह , क्य क एक कंकड़ अकेला, अक्खड़, रह ही जाता वह ; 5 के
समूह म बाँटने पर, फर भी एक बचा है यह कह , कतु 7 के समूह म बाँटने पर, पूणता मलती है सही। 100 से
अ धक रखना, नह है मेरे लए आसान, कहलाओगे तुम चतुर, य द कंकड़ क संख्या गए जान।”
कंकड़ क संख्या 91 है।
पहले पहेली क प्रत्येक पं क्त को एक शत म बद लए—
पहेली क पं क्त शत
3 के समूह म एक बचता है 3 से भाग पर शेषफल 1
युग्म म नह बँटते, एक वषम कंकड़ बचता है 2 से भाग पर शेषफल 1
5 के समूह म भी एक बचता है 5 से भाग पर शेषफल 1
7 के समूह म पूणता 7 से भाग पर शेषफल 0
100 से अ धक नह संख्या 100 से कम
2, 3 और 5 से भाग पर शेषफल 1
→ N – 1, 2, 3 व 5 का उभयिनष्ठ गुणज है
LCM (2, 3, 5) = 30
N = 30k + 1 → 1, 31, 61, 91, 121, …
100 से कम और 7 से िवभाज्य: 91 = 7 × 13 ✓
91 पर पाँच पं क्तयाँ जाँ चए: 91 = 3 × 30 + 1 ✓; 91 वषम है ✓; 91 = 5 × 18 + 1 ✓; 91 = 7 × 13 पूणत: ✓; 91 <
100 ✓।
यह सं क्षप्त व ध क्य काम करती है: 100 से कम प्रत्येक संख्या जाँचने के बजाय ध्यान द जए क पहली तीन
पं क्तयाँ N – 1 के वषय म एक ही बात कहती ह। इससे तीन शत एक म बदल जाती ह — और केवल चार
संभावनाएँ शेष रह जाती ह।
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प्र.6 तथागत ने ऐसी अनेक संख्याएँ लखी ह जन्ह 6 से वभा जत करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है। वह पु ष्ट करता
है “य द आप ऐसी कन्ह तीन संख्याओं का योग कर तो योगफल सदै व 6 का एक गुणज होगा।” क्या तथागत क
पु ष्ट सही है?
हाँ, तथागत क पु ष्ट सही है।
तीनों संख्याएँ है ं 6a + 2, 6b + 2 और 6c + 2
योग = 6a + 6b + 6c + 6
= 6(a + b + c + 1) — 6 का गुणज
ऐसा क्य होता है: प्रत्येक संख्या म 2 शेष रहता है और तीन शेषफल मलकर 6 बनाते ह — ठ क एक और पूरा
समूह। अत: कोई शेषफल बचता ही नह ।
तीन संख्याएँ योग ÷6
2 + 8 + 14 24 4 ✓
8 + 20 + 32 60 10 ✓
2+2+2 6 1 ✓
प्रयास क जए: केवल दो ऐसी संख्याओं को जोड़ने पर क्या होगा? (6a + 2) + (6b + 2) = 6(a + b) + 4 —
कभी 6 का गुणज नह । तीन ही ठ क संख्या है।
प्र.7 7 से वभा जत करने पर संख्या 661 म शेषफल 3 प्राप्त होता है और संख्या 4779 म शेषफल 5 प्राप्त होता है।
गणना कए बना क्या आप बता सकते ह क 7 से वभा जत करने पर नीचे दए गए व्यंजक म शेषफल कतना
होगा? हल को बीजग णतीय एवं दृश्यांकन रूप म दशाइए। (i) 4779 + 661 (ii) 4779 – 661
(i) शेषफल 1 (ii) शेषफल 2.
बीजग णतीय रूप से। प्रत्येक संख्या को 7 के गुणज व उसके शेषफल के रूप म ल खए—
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as e
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
4779 = 7p + 5 661 = 7q + 3
m l as
m .co a g
l a se
g
(i) 4779 + 661 = 7p + 7q + 8
a= 7(p + q) + 7 + 1
co m
. ag
= 7(p + q + 1) + 1 → शेषफल 1
e m
g l as
(ii) 4779 – 661 = 7p + 5 – 7q – 3 a
co m
m.
= 7(p – q) + 2 → शेषफल 2
o m l a se
m .c से। प्रत्येक संख्या को 7-7 क पं क्तय म र खए और शेष टोकन को नीचे छोड़agद जए।
दृश्यांकन रूप
l a se
ag
4779 = पूरी पंि तयाँ, िफर 5 शेष
m ने पर: 5 और 3 शेष िमलकर a s
.co agl
जोड़
7-7 की 682 पंि तयाँ
se m 8 होते है ं — 7 की एक और पंि त,
g l a
a और 1 शेष।
→ 1
com
661 = पूरी पंि तयाँ, िफर 3 शेष
m .
घटाने पर: 5 शेष मे ं से 3 शेषse
m
.co7-7 की 94 पंि तयाँ िनकािलए — 2 बचतेaहैg।
la
se m ं
g l a
a
se m
com g l a
.
शेषफल केवल बचे हुए टोकन से तय होता है; पूरी पं क्तयाँ कट जाती ह।
m a
ase
agl
स्वयं जाँ चए: 4779 + 661 = 5440 = 7 × 777 + 1 ✓ तथा 4779 – 661 = 4118 = 7 × 588 + 2 ✓ —
कतु यह कहने के लए भाग दे ने क आवश्यकता नह पड़ी।
co m
m .
m as e
.co a g l
a s emप्र.8 वह संख्या ात क जए जसे 3 से वभा जत करने पर शेषफल 2 प्राप्त होता है एवं 4 से वभा जत करने पर
agl शेषफल 3 प्राप्त होता है एवं 5 से वभा जत करने पर शेषफल 4 प्राप्त होता है। ऐसी सबसे छोट संख्या कौन-सी
.c
m
है? क्या आप यह बता सकते ह क यह संख्या सबसे छोट क्य है?
m a s e
e m . co agl
as
ऐसी सबसे छोट संख्या 59 है।
a g l
तीन शत को साथ-साथ दे खए: प्रत्येक शेषफल अपने भाजक से ठ क 1 कम है।
co m
m .
m as e
.co
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भाजक शेषफल अथ
3 2 3 के िकसी गुणज से 1 कम
4 3 4 के िकसी गुणज से 1 कम
5 4 5 के िकसी गुणज से 1 कम
अत: N + 1, 3 का, 4 का और 5 का गुणज है
N + 1, LCM (3, 4, 5) = 3 × 4 × 5 = 60 का गुणज है
सबसे छोटा ऐसा N + 1 है 60 → N = 59
जाँच: 59 = 3 × 19 + 2 ✓, 59 = 4 × 14 + 3 ✓, 59 = 5 × 11 + 4 ✓।
59 सबसे छोट क्य है: N + 1 को 3, 4 व 5 का उभय नष्ठ गुणज होना ही है और 60 उनका सबसे छोटा धनात्मक
उभय नष्ठ गुणज है। इससे छोट कोई संख्या लेने पर N + 1 को इससे छोटा उभय नष्ठ गुणज होना पड़ेगा, जो है ही
नह । इस प रवार क अगली संख्याएँ ह 119, 179, 239 — प्रत्येक पछली से 60 अ धक।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 123
5.2 वभाज्यता क शीघ्र जाँच
प्र.1 उपयुक्त के आधार पर बीजग णत का उपयोग करके व्याख्या क जए क 5, 2, 4 व 8 से वभाज्यता क जाँच
करने म सं क्षप्त व धयाँ कैसे काय करती ह।
संख्या को ानीय मान के योग के रूप म व्यापक रूप म ल खए—
… + 10000e + 1000d + 100c + 10b + a
अब प्रत्येक भाजक के लए उसे ठ क उपयुक्त ान पर तो ड़ए।
5 और 2 से वभाज्यता। इकाई के ऊपर का प्रत्येक ानीय मान — 10, 100, 1000, … — 10 का गुणज है, अत: वह 5 का
भी गुणज है और 2 का भी।
N = (10 का कोई गुणज) + a
अत: N, 5 से तभी वभाज्य है जब a, 0 या 5 हो, और 2 से तभी जब a सम हो। केवल इकाई अंक महत्त्वपूण है।
4 से वभाज्यता। 100 = 4 × 25, और इससे ऊपर का प्रत्येक ानीय मान 100 का गुणज है। अत:
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N = (100 का कोई गुणज) + 10b + a
= (4 का कोई गुणज) + (अंितम दो अंक )
अथात N, 4 से तभी वभाज्य है जब अं तम दो अंक से बनी संख्या 4 से वभाज्य हो। 2856 → 56 = 4 × 14 ✓; 1586 → 86
= 4 × 21 + 2 ✗।
8 से वभाज्यता। 1000 = 8 × 125, और इससे ऊपर का प्रत्येक ानीय मान 1000 का गुणज है। अत:
N = (1000 का कोई गुणज) + 100c + 10b + a
= (8 का कोई गुणज) + (अंितम तीन अंक )
अथात N, 8 से तभी वभाज्य है जब अं तम तीन अंक 8 का गुणज बनाएँ। 2856 → 856 = 8 × 107 ✓; 6686 → 686 = 8
× 85 + 6 ✗।
प्र तरूप क्य : हर बार हमने संख्या को उस पहले ानीय मान पर काटा जसे भाजक पहले से ही वभा जत करता
है। बाईं ओर का सारा भाग न त रूप से भाजक का गुणज है, अत: केवल दाईं ओर के छोटे भाग क जाँच शेष
रहती है। 2 और 5 के लए 10 पयाप्त है; 4 के लए 100 चा हए; 8 के लए 1000।
प्र.2 वास्त वक गणना कए बना क्या आप बता सकते ह क इनम से कौन-सी संख्याएँ 9 से वभाज्य ह— 999, 909,
900, 90, 990?
सभी संख्याएँ 9 से वभाज्य ह।
999 = 9 × 111 909 = 9 × 101
900 = 9 × 100 90 = 9 × 10 990 = 9 × 110
ऐसा क्य होता है: ये सभी संख्याएँ केवल अंक 9 और 0 से बनी ह। ऐसी कसी भी संख्या के वस्ता रत रूप म
प्रत्येक पद या तो 9 × ( ानीय मान) है या 0 × ( ानीय मान) — और प्रत्येक पद 9 का गुणज है। 9 के गुणज का
योग भी 9 का गुणज होता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 124
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9 से वभाज्यता के लए सं क्षप्त व ध
प्र.1 क्या हम कह सकते ह क कसी भी क्रम म केवल ‘0’ और ‘9’ अंक से बनी संख्या सदै व 9 से वभाज्य होगी?
हाँ। य द प्रत्येक अंक 0 या 9 है तो वस्ता रत रूप म प्रत्येक पद 9 का गुणज होगा।
99009 = 9 × 10000 + 9 × 1000 + 0 × 100 + 0 × 10 + 9 × 1
= 9 × (10000 + 1000 + 1)
= 9 × 11001 = 99009 ✓
90, 909, 9900, 90909, 999000 के लए भी यही होता है — 9 को उभय नष्ठ गुणनखंड के रूप म बाहर नका लए और शेष
एक पूण संख्या बचती है।
संकेत: यह सं क्षप्त व ध 9 के कुछ गुणज पहचानती है, सभी नह — 18, 27, 36 और 405 भी 9 के गुणज ह
जनम कोई 9 दखाई नह दे ता। 2, 5 व 10 के वपरीत, केवल इकाई अंक दे खकर 9 के गुणज क पहचान नह हो
सकती: 99 और 109 दोन 9 पर समाप्त होते ह, कतु केवल 99, 9 का गुणज है।
प्र.2 क्या 10, 9 से वभाज्य है? य द नह , तो शेषफल क्या है? 10 के अन्य गुणज (10, 20, 30, ...) क 9 से
वभाज्यता क जाँच क जए।
नह — 10 म शेषफल 1 प्राप्त होता है, क्य क 10 = 9 + 1।
10 का गुणज 10 20 30 40 50 60 70 80 90
9 से भाग पर शेषफल 1 2 3 4 5 6 7 8 0
अत: 10 के कसी भी गुणज के लए शेषफल दहाई क संख्या के समान होता है।
ऐसा क्य होता है: 10 = 9 + 1, अत: b दहाई अथात 10b = 9b + b। 9b वाला भाग 9 के पूरे-पूरे समूह बनाकर
समाप्त हो जाता है और b शेष बचता है। (b = 9 पर शेष 9 स्वयं एक और पूरा समूह बना लेता है, इसी लए 90 म
शेषफल 0 है।)
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प्र.3 इसी प्रकार जब 100 के गुणज (100, 200, 300, …) को 9 से वभा जत कया जाता है तो शेषफल को दे खए।
आपने क्या अवलोकन कया?
शेषफल सैकड़ क संख्या के समान होता है।
100 का गुणज 100 200 300 400 500 700 900
9 से भाग पर शेषफल 1 2 3 4 5 7 0
100 = 99 + 1, और 99, 9 का गुणज है
अत: 100c = 99c + c → शेषफल c
700 क जाँच: 700 = 693 + 7, और 693 = 9 × 77 ✓ अत: शेषफल 7 है।
क्या आपने दे खा? दहाई ने ऐसा व्यवहार इस लए कया क्य क 10 = 9 + 1; सैकड़ा ऐसा व्यवहार इस लए करता
है क्य क 100 = 99 + 1। यही यु क्त अब प्रत्येक ानीय मान के लए काम करने वाली है।
प्र.4 इस अवलोकन का उपयोग करके 427 को 9 से वभा जत करने पर शेषफल ात क जए।
शेषफल 4 है।
427 में 4 सैक ड़ े → शेषफल में 4 का योगदान
427 में 2 दहाई → शेषफल में 2 का योगदान
427 में 7 इकाई → शेषफल में 7 का योगदान
कु ल शेष = 4 + 2 + 7 = 13
13 से 9 का एक और समूह बनता है, शेष 4
जाँच: 427 = 9 × 47 + 4 = 423 + 4 ✓
ऐसा क्य होता है: 400 = 396 + 4 और 20 = 18 + 2, जहाँ 396 व 18 दोन 9 के गुणज ह। अत: 427 =
(396 + 18) + (4 + 2 + 7) — 9 का एक बड़ा गुणज और अंक का योगफल। शेषफल केवल अंक का योगफल
ही दे सकता है।
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ase
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 125
m as e
.co
9 से वभाज्यता के लए सं क्षप्त व ध
a g l
a s em
aप्र.1gl
क्या बड़ी संख्याओं के साथ ऐसा होगा?
. com ag
a s emबड़ा हो। प्र तरूप यही तो कहता है—
agl
हाँ — प्रत्येक ानीय मान के लए, चाहे वह कतना ही
m
1=0+1
co
em.
as
10 = 9 + 1
. co+m1 a g l
em= 999 + 1
100 = 99
a s
a gl 1000
10000 = 9999 + 1, और इसी पकार आगे भी
om a s
प्रत्येक ानीय मान 9 के कसी गुणज से 1 अ धक हैe,m
. c agl
a s अत: प्रत्येक अंक शेषफल म ठ क अपने आप का योगदान दे ता है। 7309
ली जए—
agl
co m
7 × 1000 + 3 × 100 + 0 × 10 + 9 × 1
m .
m as e
.co
= 7 × (999 + 1) + 3 × (99 + 1) + 0 × (9 + 1) + 9 × (0 + 1)
a g l
se m
l a
= (7 × 999 + 3 × 99 + 0 × 9 + 9 × 0) + (7 + 3 + 0 + 9)
ag = (9 का एक गुणज) + 19
se m
o m l a
m .c फर 1 + 0 = 1। अत: 7309, 9 के एक गुणज से 1 अ धक है और 7309 ag
se
अब 19 को भी इसी प्रकार छोटा क जए: 1 + 9 = 10,
l a
ag+ 1 ✓
÷ 9 से शेषफल 1 प्राप्त होता है।
जाँच: 7309 = 9 × 812 + 1 = 7308
co m
m .
संकेत: स्मरण रखने योग्य नयम — कोई संख्या 9 से केवल तभी वभाज्य होगी य द उसके अंक का योगफल
m as e
.cशेoषफल 0 है)। l
9 से वभाज्य हो, और अंक को बार-बार जोड़कर एक अंक तक लाने पर वही शेषफल मलता है (जहाँ 9 का अथ
a g
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 34 of 74
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प्र.2 नम्न कथन म से प्रत्येक कथन को दे खए। कौन-से कथन सही ह और क्य ? (i) य द कोई संख्या 9 से वभाज्य
है तो इसके अंक का योगफल 9 से वभाज्य होगा। (ii) य द कसी संख्या के अंक का योगफल 9 से वभाज्य है
तो यह संख्या 9 से वभाज्य होगी। (iii) य द कोई संख्या 9 से अ वभाज्य है तो इसके अंक का योगफल 9 से
अ वभाज्य होगा। (iv) य द कसी संख्या के अंक का योगफल 9 से अ वभाज्य है तो यह संख्या 9 से अ वभाज्य
होगी।
चार कथन सही ह।
सब कुछ इसी पृष्ठ पर ा पत एक तथ्य से नकलता है—
N = (9 का एक गुणज) + (N के अंक ों का योगफल)
अत: N और उसके अंक ों का योगफल 9 से भाग दे ने पर समान शेषफल दे ते है ं
कथन रूप सही?
(i) संख्या 9 से वभाज्य ⇒ अंक-योग 9 से वभाज्य एक दशा हाँ
(ii) अंक-योग 9 से वभाज्य ⇒ संख्या 9 से वभाज्य (i) का वलोम हाँ
(iii) संख्या 9 से अ वभाज्य ⇒ अंक-योग 9 से अ वभाज्य (ii) का प्र तधनात्मक हाँ
(iv) अंक-योग 9 से अ वभाज्य ⇒ संख्या 9 से अ वभाज्य (i) का प्र तधनात्मक हाँ
चार सही क्य ह: कोई कथन और उसका प्र तधनात्मक रूप सदै व साथ-साथ सत्य या साथ-साथ असत्य होते ह,
अत: (iii), (ii) पर टका है और (iv), (i) पर। जो स्वत: सद्ध नह है वह यह है क (i) और (ii) दोन सत्य ह —
प्राय: कोई कथन और उसका वलोम साथ नह चलते। यहाँ चलते ह, क्य क शेषफल बराबर ह, केवल संबं धत नह ।
स्वयं जाँ चए: 405 → 9 ✓ और 405 = 9 × 45 ✓ (यहाँ (i) व (ii) दोन लागू)। 8888 → 32 ✗ और 8888 =
9 × 987 + 5 ✗ (यहाँ (iii) व (iv) दोन लागू)।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 126
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9 से वभाज्यता के लए सं क्षप्त व ध
प्र.1 वभा जत कए बना ात क जए क क्या द गई संख्याएँ 9 से वभाज्य ह। (i) 123 (ii) 405 (iii) 8888 (iv)
93547 (v) 358095
केवल (ii) 405, 9 से वभाज्य है।
संख्या अंक का योगफल एक अंक तक 9 से वभाज्य?
123 1+2+3=6 6 नही ं (शेषफल 6)
405 4+0+5=9 9 हाँ
8888 8 + 8 + 8 + 8 = 32 3+2=5 नही ं (शेषफल 5)
93547 9 + 3 + 5 + 4 + 7 = 28 2 + 8 = 10 → 1 नही ं (शेषफल 1)
358095 3 + 5 + 8 + 0 + 9 + 5 = 30 3+0=3 नही ं (शेषफल 3)
संकेत: जोड़ते समय 9 को तथा 9 बनाने वाले युग्म को छोड़ द जए। 358095 म 9 हटाइए, 3 + 5 + 8 + 5 =
21, फर 2 + 1 = 3 — वही उत्तर, कम श्रम।
प्र.2 9 का सबसे छोटा गुणज ात क जए जसम कोई वषम अंक न हो।
सबसे छोटा ऐसा गुणज 288 है।
पयोग करने योग्य अंक : 0, 2, 4, 6, 8 — सभी सम
सम अंक ों का योग सम होता है
अत: अंक ों का योगफल 9 का सम गुणज होना चािहए → 18, 36, …
दो अंक? अ धकतम संभव अंक-योग 8 + 8 = 16 है, जो 18 से कम है। असंभव।
तीन अंक? सैकड़े का अंक जतना छोटा हो सके, फर दहाई का—
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सैक ड़ े का अंक 2 → शेष दो सम अंक ों का योग 16 होना चािहए
के वल 8 + 8 = 16 संभ व है
→ 288
जाँच: 2 + 8 + 8 = 18, जो 9 का गुणज है, और 288 = 9 × 32 ✓। प्रत्येक अंक सम है ✓। इससे छोटा कुछ भी संभव नह ,
क्य क सभी अंक सम रखते हुए 288 से छोट संख्या या तो दो अंक क होगी या 2 से आरंभ होकर 8, 8 को बाध्य करेगी।
प्र.3 9 का वह गुणज ात क जए जो संख्या 6000 के सबसे समीप हो।
सबसे समीप गुणज 6003 है।
6 + 0 + 0 + 0 = 6, अत: 6000, 9 के िकसी गुणज से 6 अिधक है
ठीक नीचे का गुणज: 6000 – 6 = 5994 (= 9 × 666)
ठीक ऊपर का गुणज: 5994 + 9 = 6003 (= 9 × 667)
6000 – 5994 = 6 6003 – 6000 = 3
6003 केवल 3 क दूरी पर है, अत: दोन म यही अ धक समीप है।
संकेत: अंक के योगफल ने बना कसी भाग के शेषफल बता दया। जब भी शेषफल 4½ से अ धक हो, ऊपर वाला
गुणज ही अ धक समीप होगा।
प्र.4 4300 व 4400 संख्याओं के बीच 9 के कतने गुणज ह?
इनक संख्या 11 है।
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4 + 3 + 0 + 0 = 7, अत: 4300, 9 के िकसी गुणज से 7 अिधक है
4300 से ऊपर 9 का पहला गुणज: 4300 + (9 – 7) = 4302 = 9 × 478
4400 से नीचे 9 का अंितम गुणज: 4 + 4 + 0 + 0 = 8, अत: 4400 – 8 = 4392 = 9 × 488
गणना = 488 – 478 + 1 = 11
ये ग्यारह संख्याएँ ह — 4302, 4311, 4320, 4329, 4338, 4347, 4356, 4365, 4374, 4383, 4392।
11 ही क्य , 100 ÷ 9 ≈ 11.1 क्य नह : 100 क्रमागत संख्याओं के कसी भी अंतराल म 9 के या तो 11 गुणज
होते ह या 12, यह इस पर नभर करता है क अंतराल कहाँ से आरंभ होता है। पहला और अं तम गुणज ठ क-ठ क
नकाल लेना ही सुर क्षत तरीका है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 126
3 से वभाज्यता के लए सं क्षप्त व ध
प्र.1 3 से वभाज्यता क सं क्षप्त व ध को ात करना 9 से वभाज्यता क व ध के समान है। कोई संख्या 3 से
वभाज्य है य द इसके अंक का योग 3 से वभाज्य हो। जब 10 क घात 3 से वभा जत क जाती ह तो शेषफल
ात क जए। व्याख्या क जए क यह व ध कैसे काय करती है।
10 क प्रत्येक घात को 3 से भाग दे ने पर शेषफल 1 प्राप्त होता है।
10 क घात इस रूप म 3 से भाग पर शेषफल
1 0+1 1
10 9+1=3×3+1 1
100 99 + 1 = 3 × 33 + 1 1
1000 999 + 1 = 3 × 333 + 1 1
10000 9999 + 1 = 3 × 3333 + 1 1
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
यह व ध कैसे काय करती है: 9, 99, 999, 9999 सभी 9 के गुणज ह — और चूँ क 9 स्वयं 3 का गुणज है, अत:
m ase
l
ये सभी 3 के भी गुणज ह। संख्या को पूववत तोड़ने पर—
m .co a g
l a se
a g … + 1000d + 100c + 10b + a
= (999d + 99c + 9b) + (d + c + b + a)
. com ag
a s emे अंक का योगफल 3 से भाग दे ने पर समान शेषफल दे ते ह।
agl
पहला कोष्ठक 3 का गुणज है, अत: संख्या और उसक
उदाहरण: 15 → 1 + 5 = 6 ✓ और 15 = 3 × 5
co m
em.
m l as
87 → 8 + 7 = 15 ✓ और 87 = 3 × 29
. c o a g
s e
429714m → 4+2+9+7+1+4 = 27 ✓ और 429714 = 3 × 143238
a gla
m
संकेत: इससे यह भी स्पष्ट होता है क 9 का प्रत्येक गुणज 3 का गुणज क्य है, कतु उलटा क्य नह । 15, 33 व 87
a s
के अंक-योग 6, 6 व 15 ह — 3 से वभाज्य, 9 से नह ।
m .co agl
l a se
a g
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 127
co m
m .
as e
com
11 से वभाज्यता क सं क्षप्त व ध
. a g l
em
MATH TALK
a s
a gl
m
इन अवलोकन का उपयोग करते हुए क्या आप बता सकते ह क क्या संख्या 462, 11 से वभाज्य है?
se
प्र.1
com g l a
m . a
ase
हाँ, 462, 11 से वभाज्य है।
agl
ानीय मान के एकांतर व्यवहार का उपयोग क जए: 1 और 100, 11 के गुणज से 1 अ धक ह, जब क 10, 1 कम है।
c o m
.
m / न्यूनता
भाग 11 का नकटतम गुणज
s e
अ धकता
. co(4mसै कड़े) la
ag 4 अिधक
e m
as
400 396 = 11 × 36
a g l
c
6 कम
.
60 (6 दहाई) 66 = 11 × 6
s e m
m a
.co agl
2 (2 इकाई) 0 = 11 × 0 2 अिधक
se m
g l a
a
कु ल अिधकता – कु ल न्यून ता = (4 + 2) – 6 = 0
co m
m .
m ase
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कुछ भी शेष नह बचा, अत: 462, 11 का गुणज है। जाँच: 462 = 11 × 42 ✓
प्र.2 11 से वभाज्यता जाँचने क एक सामान्य व ध या सं क्षप्त व ध क्या हो सकती है?
सं क्षप्त व ध दो रूप म, जैसा अध्याय म प्रयुक्त है।
रूप 1 — अ धकता और न्यूनता।
1. 1, 100, 10000, … ान पर त अंक को जो ड़ए (ये 11 के गुणज से 1 अ धक ह)। इसे कुल अ धकता क हए।
2. 10, 1000, 100000, … ान पर त अंक को जो ड़ए (ये 11 के गुणज से 1 कम ह)। इसे कुल न्यूनता क हए।
3. (कुल अ धकता) – (कुल न्यूनता) ात क जए। य द यह 0 या 11 का गुणज है तो संख्या 11 से वभाज्य है; अन्यथा यही
बताता है क कतनी दूरी शेष है।
रूप 2 — एकांतर चह्न। इकाई अंक के आगे ‘+’, दहाई के आगे ‘–’, सैकड़े के आगे ‘+’ और इसी क्रम म चह्न लगाकर जोड़
ली जए। उत्तर वही, लेखन कम।
462 → + 2 – 6 + 4 = 0 → िवभाज्य ✓
320185 → + 5 – 8 + 1 – 0 + 2 – 3 = – 3 → 11 के गुणज से 3 कम
यह क्य काय करती है: 1 = 11 × 0 + 1, 10 = 11 × 1 – 1, 100 = 11 × 9 + 1, 1000 = 11 × 91 – 1,
और यही एकांतर क्रम प्रत्येक उच्चतर ान के लए चलता रहता है। अत: प्रत्येक अंक शेष म या तो + स्वयं का या –
स्वयं का योगदान दे ता है, और एकांतर योग ही वह शेष है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 128
11 से वभाज्यता क सं क्षप्त व ध
प्र.1 य द यह अंतर 11 हो या 11 का कोई गुणज हो तो संख्या को 11 से वभा जत करने पर मलने वाले शेषफल के
वषय म यह क्या दशाता है?
शेषफल 0 होगा — संख्या 11 से पूणत: वभाज्य है।
पुस्तक के उदाहरण 320185 में:
कु ल अिधकता = 2 + 1 + 5 = 8, कु ल न्यून ता = 3 + 0 + 8 = 11
8 – 11 = – 3 → 11 के गुणज से 3 कम
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अब मान ली जए यह अंतर 11, या 22, या – 11 आता। वह शेष स्वयं 11 के पूरे-पूरे समूह ह, अत: वह पहले से बने 11 के गुणज म
जुड़ जाता है और कुछ भी शेष नह बचता।
ऐसा क्य होता है: संख्या = (11 का एक गुणज) + (अंतर)। य द अंतर भी 11 का गुणज है तो कुल योग 11 के
एक गुणज और 11 के एक अन्य गुणज का योग है — जो उसी नयम से 11 का ही गुणज है क a | M और a |
N से a | M + N।
संकेत: य द अंतर ऋणात्मक आए तो उसम 11 (या 11 का कोई गुणज) जोड़कर शेषफल प ढ़ए। – 3 का अथ है
शेषफल 11 – 3 = 8।
प्र.2 इस सं क्षप्त व ध का उपयोग करते हुए ात क जए क क्या द गई संख्याएँ 11 से वभाज्य ह। इसके साथ ही
य द संख्या 11 से अ वभाज्य है तो शेषफल ात क जए। (i) 158 (ii) 841 (iii) 481 (iv) 5529 (v) 90904
(vi) 857076
इकाई अंक से आरंभ करके एकांतर ‘+’ और ‘–’ चह्न लगाइए।
संख्या एकांतर योग मान नष्कष
(i) 158 8–5+1 4 िवभाज्य नही;ं शेषफल 4
(ii) 841 1–4+8 5 िवभाज्य नही;ं शेषफल 5
(iii) 481 1–8+4 –3 िवभाज्य नही;ं शेषफल 8 (= 11 – 3)
(iv) 5529 9–2+5–5 7 िवभाज्य नही;ं शेषफल 7
(v) 90904 4–0+9–0+9 22 11 से िवभाज्य
(vi) 857076 6–7+0–7+5–8 – 11 11 से िवभाज्य
वास्त वक भाग ारा सत्यापन—
158 = 11 × 14 + 4 ✓ 841 = 11 × 76 + 5 ✓
481 = 11 × 43 + 8 ✓ 5529 = 11 × 502 + 7 ✓
90904 = 11 × 8264 ✓ 857076 = 11 × 77916 ✓
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
संकेत: (iii) म एकांतर योग ऋणात्मक आया। – r का अथ है क संख्या 11 के गुणज से r कम है, अत: शेषफल
11 – r होगा। (v) म उत्तर 22 है जो 11 का गुणज है, अथात शेष 0।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 129
11 से वभाज्यता क सं क्षप्त व ध / वभाज्यता क सं क्षप्त व धय पर कुछ अन्य बदु
MATH TALK
प्र.1 नम्न ल खत प्र क्रया का अवलोकन क जए। 1. इकाई के अंक से प्रारंभ करते हुए प्रत्येक अंक के आगे एकांतर
क्रम म ‘+’ एवं ‘–’ चह्न लगाइए। 2. व्यंजक का मान ात क जए। 3. यह प रणाम संख्या को 11 से वभा जत
करने पर मलने वाले शेषफल को दशाता है। जो व ध हमने इस व ध से ठ क पूव म दे खी क्या यह व ध उसके
समान है या उससे भन्न है?
यह वही व ध है, केवल अ धक संक्षेप म लखी गई।
पूव क व ध (320185) एकांतर चह्न वाली व ध
कुल अ धकता = 2 + 1 + 5 = 8 ( ान 1, 100, 10000) इन अंक ों पर ‘+’ लगता है
कुल न्यूनता = 3 + 0 + 8 = 11 ( ान 10, 1000, 100000) इन अंक ों पर ‘–’ लगता है
8 – 11 = – 3 –3+2–8+1–0+5=–3
दोन एक ही क्य ह: (कुल अ धकता) – (कुल न्यूनता) लखने का अथ ही है कुछ अंक को जोड़ना और शेष को
घटाना। कौन-सा अंक कौन-सा चह्न पाएगा, यह ानीय मान तय करता है — और ानीय मान 11 के गुणज से
एकांतर क्रम म 1 अ धक व 1 कम होते ह। अत: इकाई से आरंभ करके एकांतर चह्न लगाना वही गणना है, बस एक
पं क्त म।
संकेत: सं क्षप्त रूप तेज़ है और उसम त्रु ट क संभावना कम है, कतु पहला रूप ही यह समझाता है क ऐसा क्य
होता है। 320185 के लए दोन – 3 दे ते ह: 11 के गुणज से 3 कम या 8 अ धक।
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 नीचे द गई सारणी म सं क्षप्त व ध का उपयोग करते हुए रक्त ान क पू त क जए। क्या इसे शीघ्रता से करने
का कोई उपाय है?
संख्या से वभाज्य है
2 3 4 5 6 8 9 10 11
128 हाँ नही ं हाँ नही ं नही ं हाँ नही ं नही ं नही ं
990
1586
275
6686
639210
429714
2856
3060
406839
संख्या 2 3 4 5 6 8 9 10 11
128 हाँ नही ं हाँ नही ं नही ं हाँ नही ं नही ं नही ं
990 हाँ हाँ नही ं हाँ हाँ नही ं हाँ हाँ हाँ
1586 हाँ नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं
275 नही ं नही ं नही ं हाँ नही ं नही ं नही ं नही ं हाँ
6686 हाँ नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं
639210 हाँ हाँ नही ं हाँ हाँ नही ं नही ं हाँ हाँ
429714 हाँ हाँ नही ं नही ं हाँ नही ं हाँ नही ं नही ं
2856 हाँ हाँ हाँ नही ं हाँ हाँ नही ं नही ं नही ं
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m नही ं
m.
3060 हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ नही ं हाँ हाँ
o mं l a seनही ं
c ag
नही हाँ नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं नही ं
.
406839
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शीघ्र उपाय — प्रत्येक पं क्त के लए केवल चार जाँच क जए और शेष पढ़ ली जए—
a 2 — इकाई अंक सम हो। 5 — इकाई अंक 0 या 5 हो। 10 — इकाई अंक 0 हो (अथात 2 और 5 दोन )।
co m
3 और 9 — एक ही अंक-योग दोन के काम आता है। य द अंक-योग 9 का गुणज है तो वह स्वत: 3 का भी गुणज है।
m . ag
se
6 — कोई नया श्रम नह : यह केवल 2 और 3 है।
l a
aतgर योग।
4 — अं तम दो अंक; 8 — अं तम तीन अंक।
11 — इकाई से आरंभ करके अंक का एकां
co m
639210 → अंक -योग 21 → 3 का गुणज, 9 का नही ं
em.
m l as
.co a g
eअंmितम दो अंक 10 → 4 का गुणज नही ं
→ एकात
ं र योग 0 – 1 + 2 – 9 + 3 – 6 = – 11 → 11 का गुणज ✓
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a gl →
m a s
.co agl
पुस्तक क नमूना पं क्त पर ध्यान द जए: पृष्ठ 129 क मु द्रत सारणी म 128 को 4 से वभाज्य नह दशाया गया
se m
l a
है। यह मुद्रण क त्रु ट है — 128 = 4 × 32, अत: वहाँ हाँ होना चा हए। (वस्तुत: 128 = 2⁷ है, अत: यह 2, 4, 8,
16, 32, 64 व 128 सभी से वभाज्यgहै।)
a
com
m .
m as e
प्र.3
.co
हम कैसे ात कर सकते ह क क्या कोई संख्या 6 से वभाज्य है?
a g l
a s em
agl उत्तर
2 से और 3 से वभाज्यता क जाँच क जए — दोन सत्य होनी चा हए।
se m
com g l a
m . a
ase
agl
6 = 2 × 3, और 2 व 3 में कोई उभयिनष्ठ गुणनखंड नही ं
LCM (2, 3) = 6
co m
m .
m l a se
यह क्य काय करती है: य द कोई संख्या 2 से और 3 से भी वभाज्य है तो पृष्ठ 121 के नयम से वह LCM (2, 3)
o ag गुणनखंड से वभाज्य है, अथात 2 व
.c= 6 से वभाज्य है। इसके वपरीत, य द वह 6 से वभाज्य है तो वह 6 के सभी
m 3 से। दोन जाँच तुल्य ह।
l a se
ag
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 क्या 6 से वभाज्यता क जाँच इसके गुणनखंड 2 एवं 3 से वभाज्यता ारा क जा सकती है? द गई संख्याओं
पर 2 एवं 3 के लए वभाज्यता क सं क्षप्त व धय का उपयोग क जए एवं प्रत्येक संख्या को 6 से वभा जत
करके अपने उत्तर क जाँच क जए— 38, 225, 186, 64
हाँ, यह हर बार काय करती है।
संख्या ÷ 2? अंक-योग → ÷ 3? पूवानुमान वास्त वक ÷ 6
38 हाँ 11 → नही ं िवभाज्य नही ं 38 = 6 × 6 + 2 ✓
225 नही ं 9 → हाँ िवभाज्य नही ं 225 = 6 × 37 + 3 ✓
186 हाँ 15 → हाँ िवभाज्य 186 = 6 × 31 ✓
64 हाँ 10 → नही ं िवभाज्य नही ं 64 = 6 × 10 + 4 ✓
ध्यान द जए क 38 और 64, 2 क जाँच पास करते ह कतु 3 क नह , और 225 इसका उलटा करती है। दोन जाँच पास होनी
चा हए।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 130
अन्य संख्याओं के लए वभाज्यता क सं क्षप्त व धयाँ / अंक य मूल
MATH TALK
प्र.1 24 से वभाज्यता क जाँच कैसे क जाए? क्या 24 के गुणनखंड 4 एवं 6 ारा वभाज्यता क जाँच से यह कया
जा सकता है? क्य या क्य नह ?
नह , इससे काम नह चलता। सबसे छोटा प्र त-उदाहरण 12 है।
12 ÷ 4 = 3 ✓ 12 ÷ 6 = 2 ✓ िकं त ु 12 ÷ 24 ✗
क्य नह : 4 = 2 × 2 और 6 = 2 × 3 म गुणनखंड 2 उभय नष्ठ है। दोन से वभाज्य होना केवल LCM (4, 6) =
12 से वभाज्यता क गारंट दे ता है, 24 से नह । 4 और 6 क जाँच पास करके 24 पर असफल होने वाली अन्य
संख्याएँ — 36, 60, 84।
अध्याय का सुझाया गया वकल्प है — इसके ान पर 3 और 8 से वभाज्यता क जाँच क जए।
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 व्याख्या क जए क क्य 24 ारा वभाज्यता क जाँच 3 एवं 8 ारा वभाज्यता क जाँच करके क जा सकती है
जब क 24 ारा वभाज्यता क जाँच के लए 4 एवं 6 ारा वभाज्यता क जाँच पयाप्त नह है।
सब कुछ अभाज्य गुणनखंड म ल खए—
24 = 2 × 2 × 2 × 3 = 2³ × 3
3 और 8 से। 8 से वभाज्यता संख्या के अभाज्य गुणनखंडन म 2³ रख दे ती है; 3 से वभाज्यता वहाँ एक 3 रख दे ती है। ये भन्न
अभाज्य ह, अत: दोन समूह साथ-साथ रहते ह—
संख्या में 2³ × 3 = 24 िवद्यमान है ✓
LCM (3, 8) = 3 × 8 = 24
4 और 6 से। 4 से वभाज्यता 2² दे ती है; 6 से वभाज्यता 2 × 3 दे ती है। कतु 6 के भीतर का 2 वही 2 हो सकता है जो 4 के भीतर
पहले से है — दोन माँग एक-दूसरे पर आ जाती ह।
4 = 2², 6 = 2 × 3
LCM (4, 6) = 2² × 3 = 12, अथ त 24 से 2 का एक गुणनखंड कम
सामान्य बात: दो जाँच k और m मलकर केवल LCM (k, m) से वभाज्यता सद्ध करती ह, इससे अ धक कभी
नह । अत: कोई जाँच-युग्म कसी संख्या N के लए तभी काम करता है जब LCM (k, m) = N हो — और यह
तभी होता है जब k व m सहअभाज्य ह तथा उनका गुणनफल N हो।
प्र.3 आपके अनुसार इस अंक य मूल म कौन-सी वशेषता होगी? स्मरण क जए 9 ारा वभाज्यता क सं क्षप्त व ध
को ात करते समय हमने ऐसा कया था।
कसी संख्या का अंक य मूल उसे 9 से भाग दे ने पर प्राप्त शेषफल ही होता है — केवल इतना अंतर क 9 के गुणज का अंक य मूल
0 के ान पर 9 आता है।
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संख्या अंक य मूल 9 से भाग पर शेषफल
489710 29 → 11 → 2 2
427 13 → 4 4
7309 19 → 10 → 1 1
405 9 0
ऐसा क्य होता है: कसी संख्या के ान पर उसके अंक का योगफल रखने से 9 से भाग का शेषफल नह बदलता,
क्य क संख्या = (9 का एक गुणज) + (अंक का योगफल)। इस चरण को दोहराते रहने पर शेषफल एक अंक तक
अप रव तत रहता है — और एक अंक क संख्याएँ 1 से 9 तक ही ह, इसी लए शेषफल 0, 9 के रूप म दखाई दे ता
है।
प्र.4 संख्या 600 और 700 के मध्य कन संख्याओं का अंक य मूल है— (i) 5 (ii) 7 (iii) 3?
यहाँ प्रत्येक संख्या 6ab के रूप क है, अत: अंक का योगफल 6 + a + b है। प्रत्येक त म a + b का मान नका लए।
(i) अंक य मूल 5 → 6 + a + b का मान 5, 14 या 23 → a + b = 8 या 17
608, 617, 626, 635, 644, 653, 662, 671, 680, 689, 698
(ii) अंक य मूल 7 → 6 + a + b का मान 7 या 16 → a + b = 1 या 10
601, 610, 619, 628, 637, 646, 655, 664, 673, 682, 691
(iii) अंक य मूल 3 → 6 + a + b का मान 12 या 21 → a + b = 6 या 15
606, 615, 624, 633, 642, 651, 660, 669, 678, 687, 696
क्या आपने दे खा? प्रत्येक सूची म 11 संख्याएँ ह और वे 9-9 क छलाँग लगाती ह। यह संयोग नह है — 9 जोड़ने
से 9 से भाग का शेषफल नह बदलता, अत: अंक य मूल वही रहता है।
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प्र.5 कन्ह 12 क्रमागत संख्याओं के अंक य मूल ल खए। आपने क्या अवलोकन कया?
25 से 36 तक ली जए—
संख्या 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36
अंक य मूल 7 8 9 1 2 3 4 5 6 7 8 9
अवलोकन: अंक य मूल हर बार 1 बढ़ता है और 9 के बाद पुन: 1 से आरंभ हो जाता है। प्र तरूप प्रत्येक 9 संख्याओं पर दोहराता है
— इसी लए 12 मूल म पहले तीन दो बार दखाई दे ते ह।
ऐसा क्य होता है: संख्या म 1 जोड़ने पर 9 से भाग का शेषफल भी 1 बढ़ जाता है, जब तक वह पुन: 0 न हो जाए
— और अंक य मूल उसे 9 के रूप म दज करता है।
प्र.6 हमने दे खा क 9 के गुणज का अंक य मूल सदै व 9 होता है। अब इन संख्याओं के कुछ क्रमागत गुणज के अंक य
मूल ात क जए— (i) 3 (ii) 4 (iii) 6
3 के गुणज 3 6 9 12 15 18 21 24 27
अंक य मूल 3 6 9 3 6 9 3 6 9
(i) मूल 3, 6, 9 के चक्र म चलते ह — केवल तीन मान, प्रत्येक 3 गुणज पर दोहराव।
4 के गुणज 4 8 12 16 20 24 28 32 36
अंक य मूल 4 8 3 7 2 6 1 5 9
(ii) मूल 4, 8, 3, 7, 2, 6, 1, 5, 9 के चक्र म चलते ह — दोहराव से पहले नौ के नौ मान आ जाते ह।
6 के गुणज 6 12 18 24 30 36
अंक य मूल 6 3 9 6 3 9
(iii) मूल 6, 3, 9 के चक्र म चलते ह — पुन: केवल तीन मान।
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as e
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a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
चक्र क लंबाई भन्न क्य है: प्रत्येक चरण म मूल म गुणक जुड़ता है और 9 के सापेक्ष गणना होती है। 3 व 6 के
लए यह चरण 9 के साथ गुणनखंड 3 साझा करता है, अत: मूल म केवल 3 के गुणज ही आते ह e—
s mतीन मान। 4 के
m a
coकोई उभय नष्ठ गुणनखंड नह है, अत: चरण अंतत: नौ के नौ मूल पर पहुँaचglजाते ह और चक्र क
m .
लंबाईs9eहो जाती है।
लए 9 के साथ
a
agl
co m
em . ag
as
प्र.7 6 के गुणज से 1 अ धक वाली संख्याओं के अंक य मूल क्या ह? आपने क्या अवलोकन कया? आपने जो
a g l
प्र तरूप दे खा उसक व्याख्या करने का प्रयत्न क जए।
co m
em.
as
मूल 7, 4, 1 के चक्र म चलते ह।
c o m g l
6K + m . a
a s e 1 7 13 19 25 31 37 43 49 55
aglअंक य मूल 7 4 1 7 4 1 7 4 1
m a s
em
.co agl
अवलोकन: नौ संभा वत मूल म से केवल तीन ही आते ह, और वे ठ क वही मूल ह जो 3 से भाग दे ने पर शेषफल 1 दे ते ह।
a s
glजाने म 6 जुड़ता है, अत: अंक य मूल 6 आगे बढ़ता है और सीमा पार करते
व्याख्या: एक ऐसी संख्या से अगलीaतक
ही 9 घट जाता है: 7 → 13 से 4, 4 → 10 से 1, 1 → 7। चूँ क 6 और 9 म गुणनखंड 3 उभय नष्ठ है, चरण केवल
co m
.
उन्ह मूल तक पहुँच सकते ह जो 7 से 3 के गुणज जतना भन्न ह — अथात 7, 4 और 1। चक्र क लंबाई 9 ÷ 3 =
e m
m as
3 है, ठ क वैसे ही जैसे 3 व 6 के गुणज के लए थी।
.co a g l
s m
eप्रयास
gl a
a
क जए: 6 के गुणज से 2 अ धक संख्याओं — 8, 14, 20, 26, … — के साथ यही क जए। मूल 8, 5, 2
m
के चक्र म चलते ह। लंबाई वही, केवल एक ान खसक हुई।
a se
.com a g l
m
gl ase
प्र.8
a
अंक से ँ म बना, हर एक छोटा और वषम, 1 नह है अंक य मूल मेरा, बात है ये कतनी वषम! मेरे अंक, उनका
योग, जो है मेरा मूल सारा, सभी मलकर करते ह एक सुदृढ़ संख्या क ओर इशारा; गव से कहता ँ म, वह मूल है
सबसे बड़ी एक-अंक य वषम संख्या। क्या है मेरा नाम? कौन-सी ँ म संख्या?
co m
m .
m as e
.co a g l
mयह संख्या है 11,11,11,111 — एक पं क्त म नौ बार 1।
l a se
ag
.c
भारतीय संख्या पद्ध त म इसका नाम: ग्यारह करोड़ ग्यारह लाख ग्यारह हज़ार एक सौ ग्यारह।
s e m
m a
संकेत को एक-एक करके प ढ़ए—
em . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
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संकेत यह क्या तय करता है
“अंक से ँ म बना, हर एक छोटा और वषम” पत्येक अंक 1 है — सबसे छोटा िवषम अंक
“वह मूल है सबसे बड़ी एक-अंक य वषम संख्या” ल क्ष्य मान 9 है
“मेरे अंक … सभी 9 क ओर इशारा करते ह” अंक ों की संख्या 9 है
“उनका योग … 9 क ओर” 1 + 1 + … + 1 (नौ बार ) = 9 ✓
“मेरा मूल … 9 क ओर” अंक -योग 9 है, अत: अंक ीय मूल 9 ✓
11,11,11,111 = 111111111
अंक : 9 अंक ों का योग: 9 अंक ीय मूल: 9
और 111111111 = 9 × 12345679 ✓
क्या आप जानते ह? यह अं तम भाग स्वयं म एक रोचक बात है — 111111111 ÷ 9 = 12345679, अथात 1
से 9 तक के अंक जनम 8 अनुप त है।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 131
अंक य मूल
MATH TALK
प्र.1 8 अंक क एक संख्या का अंक य मूल 5 है। उस संख्या से 10 अ धक संख्या का अंक य मूल क्या होगा?
नया अंक य मूल 6 होगा।
अंक ीय मूल 5 का अथ है िक संख्या 9 के िकसी गुणज से 5 अिधक है
10 = 9 + 1, अत: 10 जोड़ ने पर शेष में 1 जुड़ता है
नया शेष = 5 + 1 = 6
वास्त वक 8 अंक क संख्या से जाँ चए—
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50000000 → अंक -योग 5 → मूल 5
50000000 + 10 = 50000010 → अंक -योग 6 → मूल 6 ✓
14000000 → अंक -योग 5 → मूल 5
14000010 → अंक -योग 6 → मूल 6 ✓
संकेत: य द आरं भक मूल 8 या 9 होता तो उत्तर लपेटकर आता: 8 + 1 = 9, और 9 + 1 = 10 → 1। यहाँ 5 + 1
= 6 है जो 9 से कम है, अत: लपेटने क आवश्यकता नह ।
प्र.2 कोई भी संख्या ल खए। 11 को बार-बार जोड़कर संख्याओं का अनुक्रम बनाइए। संख्याओं के इस अनुक्रम का
अंक य मूल क्या होगा? अपने अवलोकन को साझा क जए।
10 से आरंभ करके बार-बार 11 जो ड़ए—
संख्या 10 21 32 43 54 65 76 87 98 109 120
अंक य मूल 1 3 5 7 9 2 4 6 8 1 3
अवलोकन।
प्रत्येक चरण म अंक य मूल 2 बढ़ता है और 9 के बाद लपेट जाता है।
नौ के नौ मूल आते ह और पूरा प्र तरूप 9 पद के बाद दोहराता है।
मूल को क्रम म प ढ़ए — 1, 3, 5, 7, 9, 2, 4, 6, 8 — पहले वषम मूल, फर सम।
2 ही क्य : 11 = 9 + 2, अत: 11 जोड़ने पर 9 से भाग के शेषफल म 2 जुड़ता है। चूँ क 2 और 9 म कोई उभय नष्ठ
गुणनखंड नह है, बार-बार 2 क छलाँग लगाने पर आरंभ पर लौटने से पहले नौ के नौ मूल आ जाते ह।
स्वयं जाँ चए: 7 से आरंभ क जए — 7, 18, 29, 40, 51, …। मूल ह 7, 9, 2, 4, 6, …। वही 2 का चरण, केवल
आरंभ भन्न।
प्र.3 संख्या 9a + 36b + 13 का अंक य मूल क्या होगा?
अंक य मूल 4 होगा, चाहे a व b कोई भी पूण संख्याएँ ह ।
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9a + 36b + 13
= 9a + 36b + 9 + 4
= 9(a + 4b + 1) + 4
कोष्ठक 9 से गु णत है, अत: वह भाग 9 का गुणज है और शेष म कोई योगदान नह दे ता। बचता है 4।
a = 2, b = 1 से जाँच : 18 + 36 + 13 = 67 → 6 + 7 = 13 → 1 + 3 = 4 ✓
a = 0, b = 0 से जाँच : 13 → 1 + 3 = 4 ✓
a = 5, b = 3 से जाँच : 45 + 108 + 13 = 166 → 13 → 4 ✓
प्र.4 जाँच ारा अनुमान लगाइए य द नम्न ल खत के मध्य कोई प्र तरूप बन रहा हो अथवा संबंध हो। (i) एक संख्या
और उसके अंक य मूल क अनुरूपता या समता (ii) कसी संख्या का अंक य मूल तथा शेषफल जो संख्या को 3
अथवा 9 से वभा जत करने पर प्राप्त होता है।
(i) समता और अंक य मूल — कोई संबंध नह है।
संख्या समता अंक य मूल मूल क समता
12 सम 3 िवषम
24 सम 6 सम
15 िवषम 6 सम
27 िवषम 9 िवषम
चार संयोजन प्राप्त होते ह, अत: समता जानने से अंक य मूल का कुछ पता नह चलता और न ही इसका उलटा।
क्य : समता 2 से भाग के शेषफल क बात है और अंक य मूल 9 से भाग के शेषफल क । 2 और 9 म कोई
उभय नष्ठ गुणनखंड नह है, अत: दोन सूचनाएँ पूणत: स्वतंत्र ह।
(ii) अंक य मूल और शेषफल — दोन बार स्पष्ट संबंध है।
9 से भाग: शेषफल अंक य मूल के बराबर होता है, केवल अंक य मूल 9 का अथ शेषफल 0 है।
3 से भाग: शेषफल वही है जो अंक य मूल को स्वयं 3 से भाग दे ने पर मलता है।
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अंक य मूल 9 से भाग पर शेषफल 3 से भाग पर शेषफल
1, 4, 7 1, 4, 7 1
2, 5, 8 2, 5, 8 2
3, 6 3, 6 0
9 0 0
क्य : कोई संख्या और उसके अंक का योगफल 9 से भाग दे ने पर समान शेषफल दे ते ह — और चूँ क 9, 3 का
गुणज है, वे 3 से भाग दे ने पर भी समान शेषफल दे ते ह। अंक को बार-बार जोड़ने पर दोन शेषफल अप रव तत
रहते ह। अत: अंत म मलने वाला एक अंक दोन उत्तर अपने म समेटे रहता है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 131
5.3 छु पे हुए अंक क पहेली
MATH TALK
प्र.1 नीचे दए गए गूढ़कलन को हल क जए। (i) A1 + 1B = B0 (ii) AB + 37 = 6A (iii) ON + ON + ON = PO
(iv) QR + QR + QR = PRR
(i) A = 7, B = 9 → 71 + 19 = 90
इकाई: 1 + B का अंत 0 पर होना चािहए → B = 9, हािसल 1
दहाई: A + 1 + 1 = B = 9 → A = 7
जाँच : 71 + 19 = 90 ✓
(ii) A = 2, B = 5 → 25 + 37 = 62
दहाई: A + 3 + (हािसल) = 6
यिद हािसल 0 हो: A = 3, तब इकाई से 3 = B + 7 अथ त B = – 4 ✗
अत: हािसल 1 है: A + 4 = 6 → A = 2
इकाई: B + 7 = A + 10 = 12 → B = 5
जाँच : 25 + 37 = 62 ✓
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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co
(iii) तीन हल संभव ह, जनम से एक है O = 3, N = 1, P = 9. पहेली है 3 × ON = PO और गुणनफल दो अंक का है।
m
e m.
m l as
m .co
इकाई: 3N का अंत O पर होना चािहए
a g
l a se
g
गुणनफल 100 से कम रहना चािहए, अत: ON ≤ 33 → O = 1, 2 या 3
a
co m
. ag
O N (ता क 3N का अंत O पर हो) जाँच
e m
g l as ✓ →P=5
a
1 7 (3 × 7 = 21) 17 × 3 = 51 = PO
2 4 (3 × 4 = 12) 24 × 3 = 72 = PO ✓ →P=7
o m
= 9.c
✓ → Pm
se
3 1 (3 × 1 = 3) 31 × 3 = 93 = PO
o m l a
g24 + 24 + 24 = 72 तथा 31 +
तीन म प्रत्ये.कc अक्षर का अंक अलग-अलग रहता है, अत: तीन मान्य ह: 17 + 17 + 17 = 51,
a
e m
l a+s31 = 93। (पुस्तक क उत्तर-सूची म केवल अं तम हल दया गया है।)
ag
31
(iv) Q = 8, R = 5, P = 2 → 85 + 85 + 85 = 255
om a s
e
. c
mQR ≥ 34 agl
s
3 × QR = PRR, तीन अंक ों की संख्या, अत:
a
इकाई: 3R का अंत R पर → 2R काagअंl त 0 पर → R = 0 या 5
m
R = 0 से 30Q = 100P बनता है, जो अंक ों के िलए असंभ व है
. co
e m
as
अत: R = 5: 3(10Q + 5) = 100P + 55
. c+om a g l
m
ase
30Q 15 = 100P + 55 → 3Q = 10P + 4
agl
P = 2 से 3Q = 24 → Q = 8
जाँच : 85 × 3 = 255 ✓
se m
com g l a
m . a
ase
प्र.2
agl
PQ × 8 = RS. गुना कहता है, “ओह, इसका अथ है क एक 2 अंक वाली संख्या को 8 से गुणा करने पर एक 2
co m
अंक वाली संख्या प्राप्त होगी। म जानता ँ क 10 × 8 = 80 परंतु 10 और 80 का इकाई अंक समान है, जसक
m .
हम आवश्यकता नह है। इसी तक से PQ, 11 नह हो सकता क्य क P और Q भन्न- भन्न अंक ह। 12 × 8 = 96
m as e
.co l
सभी प्र तबंध को पूरा करता है। क्या PQ, 13 हो सकता है? वचार क जए।
a g
a s emउत्तर
agl
.c
m
नह , PQ, 13 नह हो सकता — और 12 ही एकमात्र संभव मान है।
m a s e
m
13 × 8 = 104, जो 3 अंक ों की संख्eया . c✗o agl
a s
है
agl
गुणनफल दो अंक का रहने के लए PQ × 8 ≤ 99 चा हए, अथात PQ ≤ 12। अत: केवल 10, 11 व 12 ही वचारणीय ह—
co m
m .
m ase
.co
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PQ PQ × 8 स्वीकाय?
10 80 नही ं — Q और S दोनों 0 हो जाएँगे
11 88 नही ं — P और Q दोनों 1 हो जाएँगे
12 96 हाँ — P = 1, Q = 2, R = 9, S = 6
इससे बड़ा कुछ क्य नह चलता: 8 से गुणा करने पर गुणनफल बढ़ता ही जाता है, अत: जैसे ही 13 × 8, 100
को पार करता है, हर बड़ी दो-अंक य संख्या भी पार कर जाती है। सीमा पर क एक जाँच शेष 87 संभावनाओं को
एक साथ हटा दे ती है — यही मतव्य यता गुना अपना रहा है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 132
5.3 छु पे हुए अंक क पहेली
प्र.1 इसे हल करने का प्रयास क जए— GH × H = 9K. इसका अथ है क कसी 2 अंक क संख्या को 1 अंक क
संख्या से गुणा करने पर 90 के दशक क 2 अंक वाली अन्य संख्या प्राप्त होती है। इस गूढ़ समीकरण म इकाई के
अंक के संगत अक्षर को दे खए। नीचे दए गए वकल्प म से इस प्रश्न का उत्तर छाँ टए। 11 × 9 = 99, 12 × 8 =
96, 46 × 2 = 92, 24 × 4 = 96, 47 × 2 = 94, 31 × 3 = 93, 16 × 6 = 96
हल है 24 × 4 = 96, अथात G = 2, H = 4, K = 6।
ध्यान दे ने योग्य अक्षर है H: वह दो अंक क संख्या का इकाई अंक भी है और गुणक भी। अत: गुणक इकाई अंक के बराबर होना
चा हए।
वकल्प इकाई अंक बनाम गुणक GH × H = 9K म बैठता है?
11 × 9 = 99 1 ≠ 9 नही ं
12 × 8 = 96 2 ≠ 8 नही ं
46 × 2 = 92 6 ≠ 2 नही ं
24 × 4 = 96 4=4✓ हाँ
47 × 2 = 94 7 ≠ 2 नही ं
31 × 3 = 93 1 ≠ 3 नही ं
16 × 6 = 96 6 = 6 ✓, कतु तब H = 6 और K = 6 नही ं — दो अक्षर एक ही अंक नही ं हो सकते
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संकेत: 16 × 6 = 96 वह वकल्प है जसे ध्यान से दे खना चा हए। यह इकाई अंक क जाँच तो पास कर लेता है,
कतु गूढ़कलन का मूल नयम तोड़ दे ता है — भन्न अक्षर भन्न अंक के लए ही होते ह।
प्र.2 एक अन्य प्रश्न BYE × 6 = RAY. अंशु कहता है, “चूँ क गुणनफल एक तीन अंक वाली संख्या है अत: B, 2 या
उससे अ धक नह हो सकता। य द B = 2 अथात 200 तब गुणनफल 1200 से अ धक होगा। अत: B = 1 होगा।”
आप ‘Y’ के वषय म क्या कह सकते ह? कौन-से अंक संभव ह या नह ह?
Y सम होना चा हए और 7 से कम, अत: केवल Y = 0, 2, 4 या 6 संभव ह। इन्ह जाँचने पर ठ क एक हल बचता है।
दो तथ्य Y को तुरंत सी मत कर दे ते ह—
Y सम है। गुणनफल RAY का अंत Y पर होता है और 6 × (कुछ भी) सम होता है। अत: Y, 1, 3, 5, 7 या 9 नह हो सकता।
Y, 7 से कम है। य द Y = 7 हो तो BYE कम-से-कम 170 होगा और 170 × 6 = 1020 — चार अंक का गुणनफल। अत: 7,
8 व 9 भी बाहर ह।
अब बचे हुए प्रत्येक मान को जाँ चए, यह स्मरण रखते हुए क B = 1 है और 6 × E का अंत Y पर होना चा हए—
Y “6 × E का अंत Y पर” से E प रणाम
0 E = 5 (6 × 5 = 30) 105 × 6 = 630 → R = 6, A = 3 ✓ सभी अक्षर िभन्न
2 E = 7 (6 × 7 = 42) 127 × 6 = 762 → R = 7, जो E = 7 से टकराता है ✗
4 E = 9 (6 × 9 = 54) 149 × 6 = 894 → A = 9, जो E = 9 से टकराता है ✗
6 E = 1 या 6 दोनों टकराते है ं — E = 1 तो B है, E = 6 तो Y ✗
अत: B = 1, Y = 0, E = 5, R = 6, A = 3 और 105 × 6 = 630 ✓
संकेत: Y = 0 स्वीकाय है क्य क Y कसी भी संख्या का पहला अंक नह है। पहले अंक केवल B और R ह, और
इनम से कोई 0 नह हो सकता।
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प्र.3 नम्न ल खत को हल क जए। (i) UT × 3 = PUT (ii) AB × 5 = BC (iii) L2N × 2 = 2NP (iv) X4 × 4 =
ZX (v) PP × QQ = PRP (vi) JK × 6 = KKK
ध्यान द जए: हद संस्करण म (iv) ‘X4 × 4 = ZX’ छपा है; अं ेज़ी संस्करण म यह XY × 4 = ZX है। ‘4’ वहाँ
Y का मुद्रण-दोष है — य द इकाई अंक सचमुच 4 मान लया जाए तो 14 × 4 = 56 और 24 × 4 = 96, दोन म
गुणनफल का इकाई अंक X के बराबर नह आता, अथात कोई हल ही नह बचता। नीचे इसे XY × 4 = ZX मानकर
हल कया गया है।
(i) U = 5, T = 0, P = 1 → 50 × 3 = 150
3(10U + T) = 100P + 10U + T
30U + 3T = 100P + 10U + T
20U + 2T = 100P → 10U + T = 50P
अत: UT = 50P; P = 1 से UT = 50 (P = 2 से UT = 100 चािहए)
(ii) A = 1, B = 9, C = 5 → 19 × 5 = 95
2 अंक ों × 5 दो अंक ों का तभी रहेगा जब AB ≤ 19, अत: A = 1
(10 + B) × 5 = 10B + C
50 + 5B = 10B + C → C = 50 – 5B
C अंक होना चािहए → 50 – 5B ≤ 9 → B = 9, C = 5
(iii) दो हल: L = 1, N = 5, P = 0 तथा L = 1, N = 4, P = 8.
2(100L + 20 + N) = 200 + 10N + P
200L + 40 + 2N = 200 + 10N + P
200L + 40 = 200 + 8N + P
L = 1 → 8N + P = 40 (L = 2 से 8N + P = 240 चािहए)
N = 5 से P = 0 → 125 × 2 = 250 ✓ N = 4 से P = 8 → 124 × 2 = 248 ✓। दोन म प्रत्येक अक्षर का अंक भन्न है और
कोई अक्षर मु द्रत अंक 2 के बराबर नह है। (पुस्तक क उत्तर-सूची म केवल 125 × 2 = 250 दया गया है।)
(iv) X = 2, Y = 3, Z = 9 → 23 × 4 = 92
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4(10X + Y) = 10Z + X → 39X + 4Y = 10Z
गुणनफल 2 अंक ों का → XY ≤ 24, अत: X = 1 या 2
X = 1: 39 + 4Y = 10Z के िलए 4Y का अंत 1 पर चािहए — असंभ व, 4Y सम है
X = 2: 78 + 4Y = 10Z के िलए 4Y का अंत 2 पर चािहए → Y = 3 → Z = 9
(v) तीन हल, जनम से एक है P = 2, Q = 1, R = 4.
PP = 11P और QQ = 11Q, अत: PP × QQ = 121 × P × Q
गुणनफल 3 अंक ों का → P × Q ≤ 8
121 × 2 = 242, 121 × 3 = 363, 121 × 4 = 484 — पत्येक PRP के रूप में है
गुणनफल PRP के रूप म पढ़ने पर गूढ़कलन
242 P = 2, R = 4, अत: Q = 1 22 × 11 = 242 ✓
363 P = 3, R = 6, अत: Q = 1 33 × 11 = 363 ✓
484 P = 4, R = 8, अत: Q = 1 44 × 11 = 484 ✓
121 × 1 = 121 असफल है क्य क इससे P = Q = 1 हो जाता है, और 121 × 5 = 605 से आगे गुणनफल का पहला व अं तम
अंक समान नह रहता।
(vi) J = 7, K = 4 → 74 × 6 = 444
KKK = 111K, अत: 6(10J + K) = 111K
60J + 6K = 111K
60J = 105K → 4J = 7K
K, 4 का गुणज होना चािहए → K = 4, J = 7 (K = 8 से J = 14 आता)
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 132
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 5 संख्याओं का खेल
a g l AglaSem · NCERT Solutions
5.3 छु पे हुए अंक क पहेली
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e m.
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TRY THIS MATH TALK
.co a g l
a s eदm31z5, 9 का गुणज है जहाँ z एक अंक है तब z का मान क्या होगा? व्याख्या क जए क यहाँ इस प्रश्न के दो
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य
a
प्र.1
उत्तर क्य ह?
co m
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z = 0 अथवा z = 9, जनसे 3105 और 3195 प्राप्त होते ह।
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a
अंक ों का योगफल = 3 + 1 + z + 5 = 9 + z
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em.
cमेoं m as
z एक अंक है, अत: 9 + z का मान 9 से 18 तक है
. a g l
e m
इस परास 9 के गुणज: 9 और 18
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agl 9 + z = 9 → z = 0 9 + z = 18 → z = 9
m a s
.co agl
जाँच: 3105 = 9 × 345 ✓ तथा 3195 = 9 × 355 ✓
a s em
a gl पहले से ही 9 है — 9 का एक गुणज। 0 जोड़ने पर वह 9 का गुणज
दो उत्तर क्य : z के बना अंक का योगफल
बना रहता है और 9 जोड़ने पर अगले गुणज पर पहुँच जाता है। चूँ क एक अंक योगफल को अ धक-से-अ धक 9 ही
बढ़ा सकता है, 9 से 18 के बीच 9 के ठ क दो गुणज आते ह, अत: ठ क दो उत्तर ह।
co m
m .
m as e
.co a g l
a s em स्नेहल पु ष्ट करता है— “म एक संख्या लेता ँ जसे 12 से वभा जत करने पर शेषफल 8 प्राप्त होता है। म एक
agl प्र.2
और संख्या लेता ँ जो 12 के गुणज से 4 कम है। इनका योगफल सदै व 8 का गुणज होगा।” उसक पु ष्ट क जाँच
se m
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क जए और अपने नष्कष का सत्यापन क जए।
. a g l
m
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agl
स्नेहल क पु ष्ट सही नह है। योग कभी 8 का गुणज होता है और कभी नह ।
co m
m .
e
पहली संख्या: a = 12n + 8
m l as
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दू सरी संख्या: b = 12m – 4
m a + b = 12n + 12m + 4 = 12(n + m) + 4 = 4(3(n + m) + 1) a g
l a se
ag
.c
s e m
m a
co agl
अत: योग सदै व 4 का गुणज है, कतु 8 का गुणज होने के लए कोष्ठक 3(n + m) + 1 का सम होना आवश्यक है — अथात n +
m वषम होना चा हए।
m .
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m .
m ase
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