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NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 7 समानुपातिक तर्कण-1

AglaSem पर कक्षा 8 गणित अध्याय 7 समानुपातिक तर्कण-1 (गणित प्रकाश) के NCERT समाधान की फ्री PDF डाउनलोड करें। नवीनतम NCERT पुस्तक (2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी प्रश्नों के चरण-दर-चरण, अभ्यास-वार हल। Free PDF of NCERT Solutions for Class 8 Maths Chapter 7 Proportional Reasoning 1 (Ganita Prakash), Hindi Medium.
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About NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 7 समानुपातिक तर्कण-1

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NCERT Solutions Class 8 Maths Chapter 7 समानुपातिक तर्कण-1 – Text

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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा8

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 7: समानुपा तक तकण-1

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत प्रकाश

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

159 – 177 12 67 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 47 pages

Page 2

कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

कक्षा 8 · ग णत · ग णत प्रकाश

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 7: समानुपा तक तकण-1
अध्याय 7 ग णत प्रकाश भाग-I का अं तम अध्याय है। यह एक ही बाघ के पाँच ड जटल चत्र से आरंभ होता है और पूछता है — तीन चत्र सही क्य
दखते ह और दो वकृत क्य ? उत्तर है अनुपात: कोई आकृ त आकार बदलने पर तभी वैसी ही दखती है जब उसक प्रत्येक माप समान गणक से गुणा
क जाए। इसी एक वचार से अध्याय समानुपात, वज्र गुणन, प्राचीन त्रैरा शक (तीन का नयम), कसी रा श को दए गए अनुपात म बाँटना तथा इकाई
रूपांतरण तक पहुँचता है।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

ग णत प्रकाश (कक्षा 8) 159 – 177

खं ड प्रश्न

12 67

माध्यम

हन्द

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 159–160
7.1 प रवतन म समानता का अवलोकन

ग णत चचा

प्र.1 आपको उपयुक्त चत्र म से कौन-से चत्र एक समान और कौन-से भन्न दखाई दे रहे ह?

चत्र 'क', 'ग' और 'घ' एक समान दखाई दे ते ह तथा चत्र 'ख' और 'ङ' भन्न दखाई दे ते ह — जब क पाँच म वही एक बाघ
है।

'क' → 60 िममी. × 40 िममी. → 3 : 2

'ग' → 30 िममी. × 20 िममी. → 3 : 2

'घ' → 90 िममी. × 60 िममी. → 3 : 2

'ख' → 40 िममी. × 20 िममी. → 2 : 1

'ङ' → 60 िममी. × 60 िममी. → 1 : 1

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

घ ङ
क
ख ग

90 × 60 60 × 40 60 × 60 40 × 20 30 × 20
3:2 3:2 1:1 2:1 3:2

चौड़ाई और ऊँचाई ममी. म, मापानुसार। नीले आयत का सरलतम रूप 3 : 2 है; लाल आयत का नह ।

ऐसा क्य होता है: एक समान दखने का अथ एक ही आकार का होना नह है। 'क', 'ग' और 'घ' तीन भन्न
आकार के ह — 'ग' प्रत्येक दशा म 'क' का आधा है, 'घ' डेढ़ गुना — फर भी तीन म एक संख्या साझी है,
चौड़ाई से ऊँचाई का अनुपात 3 : 2। यही एक संख्या े म का आकार तय करती है, और इसी से यह भी तय होता है
क भीतर का बाघ सही खचा है या दबा हुआ।

प्र.2 क्या चत्र 'ख' और 'ङ' अन्य तीन चत्र के समान प्रतीत होते ह?

नह । ये वकृत ह। चत्र 'ख' म बाघ लंबा दखाई दे ता है और 'ङ' म संकु चत एवं मोटा।

'ख' → 40 : 20 = 2 : 1 (अपनी ऊँ चाई के अनुपात में अिधक चौड़ ा)

'ङ' → 60 : 60 = 1 : 1 (अपनी ऊँ चाई के अनुपात में कम चौड़ ा)

2 : 1 वाला े म 3 : 2 वाले े म से सापेक्ष रूप म अ धक चौड़ा है, अत: उसी बाघ को भरने के लए उसे बगल म ख चना पड़ता है।
1 : 1 वाला े म सापेक्ष रूप म अ धक ऊँचा है, अत: बाघ बगल से दब जाता है — वह छोटा और मोटा दखता है।

प्र.3 ऐसा क्य ?

क्य क 'ख' और 'ङ' म चौड़ाई और ऊँचाई म समान गणक से प रवतन नह हुआ है।

'क' → 'ख' : चौड़ ाई 60 → 40, गणक 40⁄60 = 2⁄3 ; ऊँ चाई 40 → 20, गणक 20⁄40 = 1⁄2
'क' → 'ङ' : चौड़ ाई 60 → 60, गणक 1 ; ऊँ चाई 40 → 60, गणक 60⁄40 = 3⁄2

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

दोन तय म गणक भन्न ह, अत: एक दशा दूसरी से अ धक खच गई।

सरल उत्तर पयाप्त क्य नह है: यह कहना सरल लगता है क “'ङ' इस लए भन्न दखता है क्य क वह वगाकार है
और शेष आयताकार।” कतु 'ख' भी आयताकार है और फर भी भन्न दखता है। अत: आयताकार होना कसौट
नह है। कसौट यह है क प रवतन के दोन गणक समान ह या नह ।

प्र.4 चत्र 'क', 'ग' और 'घ' एक समान क्य दखाई दे ते ह? साथ ही 'ख' और 'ङ' भन्न क्य दखते ह?

'क', 'ग' और 'घ' एक-दूसरे से चौड़ाई और ऊँचाई दोन को समान गणक से गुणा करके प्राप्त होते ह। 'ख' और 'ङ' इस प्रकार
प्राप्त नह होते।

'क' से चौड़ाई का गणक ऊँचाई का गणक समान?

'ग' (30 × 20) 30⁄60 = 1⁄2 20⁄40 = 1⁄2 हाँ — एक समान

'घ' (90 × 60) 90⁄60 = 3⁄2 60⁄40 = 3⁄2 हाँ — एक समान

'ख' (40 × 20) 40⁄60 = 2⁄3 20⁄40 = 1⁄2 नही ं — िवकृ त

'ङ' (60 × 60) 60⁄60 = 1 60⁄40 = 3⁄2 नही ं — िवकृ त

ऐसा क्य होता है: दे खए 'ख' वास्तव म कैसे बना — चौड़ाई से 20 ममी. और ऊँचाई से भी 20 ममी. घटाए गए।
अंतर समान है, फर भी चत्र वकृत हो गया। कारण यह है क 20 ममी., 60 ममी. चौड़ाई का एक- तहाई है परंतु
40 ममी. ऊँचाई का आधा — वही घटाव प्रत्येक भुजा का भन्न भाग खा जाता है। आकार भाग पर नभर है, अत:
वह गुणा से सुर क्षत रहता है और जोड़-घटाव से नष्ट हो जाता है। जन प रवतन म गणक समान हो, उन्ह
समानुपा तक कहते ह।

प्र.5 क्या आप बता सकते ह क चत्र 'घ' क चौड़ाई और ऊँचाई म चत्र 'क' क तुलना म कस गणक से प रवतन
हुआ है? क्या गणक समान ह?

दोन गणक 3⁄2 ह, अत: हाँ, वे समान ह।

चौड़ ाई: 60 × f = 90 ⇒ f = 90⁄60 = 3⁄2

ऊँ चाई: 40 × f = 60 ⇒ f = 60⁄40 = 3⁄2

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
'घ' वस्तुत: 'क' का प्रत्येक दशा म डेढ़ गुना बड़ा रूप है। इसी कारण 'घ' पाँच म सबसे बड़ा होते हुए भी ठ क 'क' जैसा ही
दखता है।
e m.
m l as
.co a g
s em
स्वयं जाँ चए: उल्ट दशा म च लए — 'घ' से 'क' तक गणक दोन दशाओं म 2⁄3 है (90 × 2⁄3 = 60 तथा 60 ×
a
agl
2⁄3 = 40)। समानुपा तक प रवतन को उलटने पर पुन: समानुपा तक प रवतन ही मलता है।

com
e m . ag
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 161
g l as
7.2 अनुपात · 7.3 अपने सरलतम रूप म अनुपात a

co m
em.
90 : 60 ( चत्र 'घ') प्राप्त करने के लए हम अनुपात 60 : 40 ( चत्र 'क') को कस गणक से गुणा करना चा हए?

as
प्र.1

m l
.co a g
a s em
l 3⁄2 से, और वह दोन पद पर लगाना होगा।

a gगणक
m a s
60 × 3⁄2 : 40 × 3⁄2
m .co agl
l a se
= 90 : 60
a g

co m
m .
दोन पद को क्य गुणा कर: अनुपात दो अलग-अलग संख्याएँ नह , एक तुलना है। य द केवल एक पद गुणा कया

o m l a se
जाए तो तुलना ही बदल जाती है। दोन पद को समान गणक से गुणा करने पर तुलना ज्य क त्य रहती है — ठ क
c जैसे कसी भन्न के अंश और हर को समान संख्या से गुणा करने पर तुल्aयgभन्न मलती है।
वैस.े ही
se m
a
agl
se m
com g l a
.
चत्र 'ख' और 'ङ' के अनुपात का सरलतम रूप क्या है?
a
प्र.2

m
ase
agl
प्रत्येक अनुपात के पद को उनके म.स.प. से भाग द जए।

co m
m .
m as e
.co
िचत्र 'ख': 40 : 20, म.स.प. = 20 → 40⁄20 : 20⁄20 = 2 : 1
a g l
se m िचत्र 'ङ': 60 : 60, म.स.प. = 60 → 60⁄60 : 60⁄60 = 1 : 1
g l a
a c
m .
इनम से कोई भी 3 : 2 नह है, अत: 'ख' और 'ङ' के अनुपात 'क', 'ग' और 'घ' के अनुपात के समानुपाती नह ह — जो आपक
m a s e
. co agl
आँख पहले ही दे ख चुक थी, वही अब अंकग णत कह रहा है।

e m
g l as
a

com
m .
m ase
.co


a g l Page 4 of 47

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

संकेत: कसी भी साव गुणनखंड से भाग दे ने पर आप सरलतम रूप क ओर बढ़ते ह, पर एक ही चरण म वहाँ
पहुँचाता है केवल म.स.प.। 40 : 20 को 4 से भाग दे ने पर 10 : 5 मलता है — सही है, पर सरलतम नह ।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 162–163
7.4 समानुपा तक तक के साथ समस्या समाधान (उदाहरण 1–5)

ग णत चचा

प्र.1 उदाहरण 1— क्या अनुपात 3 : 4 और 72 : 96 समानुपा तक ह?

हाँ। दोन का सरलतम रूप एक ही है।

3 : 4 पहले से ही सरलतम है (3 और 4 का म.स.प. 1 है)

72 : 96, म.स.प. = 24 → 72⁄24 : 96⁄24 = 3 : 4

अत: 3 : 4 :: 72 : 96

स्वयं जाँ चए: वज्र गुणन क जए — 3 × 96 = 288 तथा 4 × 72 = 288। गुणनफल समान ह, अत: सरल कए
बना भी समानुपात सद्ध हो जाता है।

प्र.2 72 और 96 का म.स.प. क्या है?

24।

72 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 = 2³ × 3²
96 = 2 × 2 × 2 × 2 × 2 × 3 = 2⁵ × 3

उभयिनष्ठ भाग = 2³ × 3 = 24

72 : 96 के दोन पद को 24 से भाग दे ने पर 3 : 4 प्राप्त होता है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

प्र.3 उदाहरण 2— केसांग एक उत्सव के लए न बू पानी बनाना चाहती थी। उसने एक पात्र म 6 गलास न बू पानी
बनाया और उसम 10 चम्मच चीनी मला द । उसके पताजी को आशा थी क उत्सव म और भी व्य क्त उप त
हो सकते ह। अतः पताजी ने उसे 18 गलास न बू पानी और बनाने के लए कहा। केसांग को समान मठास के
न बू पानी के घोल म कतनी चम्मच चीनी मलानी चा हए?

18 अ त रक्त गलास के लए 30 चम्मच चीनी।

िगलास : चम्मच समानुपाती रहने चािहए
6 : 10 :: 18 : ?

पथम पद: 6 → 18, गणक = 18 ÷ 6 = 3

दू सरा पद भी 3 से बदले: 10 × 3 = 30

6 : 10 :: 18 : 30

गणक समान क्य होना चा हए: मठास का अथ है प्र त गलास चीनी क मात्रा। पहले पात्र म यह 10⁄6 चम्मच
प्र त गलास है। य द गलास क संख्या तगुनी हो जाए पर चीनी न बढ़े तो प्रत्येक गलास म चीनी एक- तहाई रह
जाएगी और स्वाद फ का हो जाएगा। दोन को तगुना करने पर 30⁄18 = 10⁄6 बना रहता है — वही मठास।

संकेत: कुल मलाकर केसांग 6 + 18 = 24 गलास बनाएगी और 10 + 30 = 40 चम्मच चीनी लगेगी; 24 : 40 का
सरलतम रूप भी 3 : 5 है। अत: पूरा घोल पहले पात्र जतना ही मीठा रहेगा।

प्र.4 हम अनुपात म प रवतन का गणक कैसे ात कर सकते ह?

उसी रा श के नए पद को पुराने पद से भाग द जए।

गणक = नया पथम पद ÷ पुराना पथम पद

= 18 ÷ 6 = 3

गणक का पूणाक होना आवश्यक नह है। य द प्रथम पद 6 से 9 हो जाता तो गणक 9 ÷ 6 = 3⁄2 होता, और दूसरे पद को भी 3⁄2 से
गुणा करना पड़ता।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 उदाहरण 3— न तन और हरी अपने घर के प रसर क द वार बना रहे थे। न तन 60 फुट लंबाई वाली लंबी द वार
बना रहा था और हरी 40 फुट लंबाई वाली छोट द वार बना रहा था। न तन ने 3 थैले सीमट का उपयोग कया
कतु हरी ने मात्र 2 थैले सीमट का उपयोग कया। न तन च तत था क हरी ने जो द वार बनाई है वह उतनी सुदृढ़
नह होगी जतनी सुदृढ़ द वार उसने बनाई है क्य क हरी ने कम सीमट का उपयोग कया था। क्या न तन सही
सोच रहा है?

नह , न तन सही नह सोच रहा। दोन द वार समान रूप से सुदृढ़ ह।

िनितन: लंबाई : थै ले = 60 : 3, म.स.प. = 3 → 20 : 1

हरी: लंबाई : थै ले = 40 : 2, म.स.प. = 2 → 20 : 1

60 : 3 :: 40 : 2

ऐसा क्य होता है: दृढ़ता इस बात पर नभर है क द वार के प्रत्येक फुट म कतना सीमट लगा, कुल कतने थैले लगे
इस पर नह । दोन प्र त 20 फुट पर 1 थैला लगा रहे ह। हरी ने थैले कम इस लए लगाए क्य क उसे द वार भी कम
बनानी थी। केवल कुल संख्याओं (3 और 2) क तुलना भन्न- भन्न आकार क दो वस्तुओं क तुलना है; अनुपात ही
उ चत तुलना करता है।

प्र.6 उदाहरण 4— मेरे व ालय म 5 शक्षक और 170 व ाथ ह। यहाँ शक्षक और व ा थय का अनुपात 5 : 170
है। अपने व ालय म शक्षक और व ा थय क संख्या क गणना क जए और बताइए क व ालय म शक्षक
और व ा थय का अनुपात क्या है? इसे नम्न रक्त ान पर ल खए। ______ : ______ क्या आपके व ालय के
शक्षक व व ाथ का अनुपात मेरे व ालय के अनुपात के समानुपाती है?

इसके लए आपके अपने वद्यालय के आँकड़े चा हए, कतु नणय ठ क इस प्रकार ली जए।

िदया गया िव ालय: 5 : 170, म.स.प. = 5 → 1 : 34

(पत्येक 34 िव ािथयों पर एक िशक्षक)

अपने वद्यालय के शक्षक और वद्याथ ग नए, अनुपात ल खए और उसे सरलतम रूप म लाइए। फर तुलना क जए —

य द आपका सरलतम रूप भी 1 : 34 है तो दोन अनुपात समानुपाती ह;
य द वह 1 : 25 है तो आपके वद्यालय म प्रत्येक शक्षक पर कम वद्याथ ह;
य द वह 1 : 40 है तो प्रत्येक शक्षक पर अ धक वद्याथ ह।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

स्वयं जाँ चए: मान ली जए आपके वद्यालय म 12 शक्षक और 408 वद्याथ ह। 12 : 408 का म.स.प. 12 है और
सरलतम रूप 1 : 34 — अथात 5 : 170 के समानुपाती, यद्य प दोन संख्याएँ कह बड़ी ह। वज्र गुणन भी यही
कहता है: 5 × 408 = 2040 = 170 × 12।

प्र.7 उदाहरण 5— आपके कक्षा-कक्ष म श्यामपट्ट (ब्लैकबोड) क चौड़ाई और ऊँचाई ( नकटतम सट मीटर तक) को
मा पए। श्यामपट्ट क चौड़ाई और ऊँचाई का अनुपात क्या है? ______ : ______ क्या आप अपनी अभ्यास पु स्तका
म एक आयत बना सकते ह जसक चौड़ाई और ऊँचाई श्यामपट्ट के अनुपात के समानुपाती हो?

मीटर पैमाने से मा पए और प्राप्त अनुपात को सरलतम रूप म लाइए। कक्षा-कक्ष म 240 सेमी. × 120 सेमी. का माप बहुत सामान्य
है।

चौड़ ाई : ऊँ चाई = 240 : 120, म.स.प. = 120 → 2 : 1

अभ्यास पु स्तका म समानुपाती आयत बनाने के लए कोई भी सु वधाजनक गणक चुनकर दोन पद को उससे गुणा क जए —

गणक चौड़ाई ऊँचाई अनुपात

× 4 से म ी. 8 से म ी. 4 से म ी. 2:1

× 5 से म ी. 10 से म ी. 5 से म ी. 2:1

× 6.5 से म ी. 13 से म ी. 6.5 से म ी. 2:1

संकेत: य द आपका श्यामपट्ट 210 सेमी. × 90 सेमी. का है तो अनुपात 210 : 90 = 7 : 3 होगा, और 14 सेमी. ×
6 सेमी. का आयत उसके समानुपाती होगा।

प्र.8 आपके ारा बनाए गए आयत और आपके सहपा ठय ारा बनाए गए आयत क परस्पर तुलना क जए। क्या ये
सभी एक समान दखाई दे ते ह?

वे आकार म भन्न पर आकृ त म एक समान ह गे — प्रत्येक श्यामपट्ट क ही एक मा पत प्र त ल प है।

ऐसा क्य होता है: गणक चुनने क छू ट सबको थी, अत: आकार भन्न ह। कतु अनुपात बदलने क छू ट कसी को
नह थी, अत: आकृ त भन्न नह है। कन्ह दो चत्र को एक कोना मलाकर एक के ऊपर एक र खए — दोन के
वकण एक ही रेखा पर पड़गे, जो समान अनुपात वाले आयत क न त पहचान है।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
स्वयं जाँ चए: जस आयत का अनुपात मेल नह खाता, उसका वकण स्पष्ट रूप से भन्न ढाल पर होगा। बना कुछ

m as e
l
मापे पूरी कक्षा म से भन्न आयत पहचानने क यह त्व रत व ध है।

m .co a g
l a se
a g
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 164–165

co m
. ag
7.4 समानुपा तक तक के साथ समस्या समाधान (उदाहरण 6–7) · फल्टर कॉफ !

e m
ग णत चचा
g l as
a

co m
प्र.1 उदाहरण 6— जब नी लमा क आयु 3 वष थी तब उसक माताजी क आयु उससे 10 गुना थी। नी लमा और

m.
उसक माताजी क आयु का अनुपात क्या था? जब नी लमा क आयु 12 वष होगी तब उनक आयु का अनुपात

m as e
.co l
क्या होगा? क्या यह अनुपात एक समान रहेगा?
a g
se m
g l a
a 3 वष क आयु पर अनुपात 1 : 10 है; 12 वष क आयु पर 4 : 13। नह , यह एक समान नह रहता।

om a s
नीिलमा 3, माताजी 3 × 10 = 30 → 3 : 30em . c agl
a s
= 1 : 10

ag+l9 = 39 वष की
12 − 3 = 9 वष पश्चात माताजी 30

m
12 : 39, म.स.प. = 3 → 4 : 13
. co
se m
o m
ऐसा.cक्य होता है: दोन आयु म 9 वष जोड़े गए। अनुपात के दोन पद म समान l a
gसंख्या जोड़ने से अनुपात बना नह
m a
aseरहता; वह केवल समान गणक से गुणा करने पर बना रहता है। समानुपाती रहने के लए नी लमा के 12 वष के होने
agl पर माताजी को 120 वष का होना पड़ता, जो असंभव है। आयु समानुपाती रहती ही नह ; र रहता है 27 वष का

se m
com a
अंतर।

. a g l
e m
g l asके साथ अनुपात धीरे-धीरे 1 : 1 क ओर खसकता जाता है। 30 और 57
पर वह 10 : 19 है, 60 और 87aपर 20 : 29। इसी कारण आयु का अंतर बालक और अ भभावक के बीच बहुत
क्या आप जानते ह? दोन आयु बढ़ने

co m
बड़ा लगता है और दो वयस्क के बीच लगभग नगण्य।

m .
m as e
.co a g l
a s emप्र.2
gl
उदाहरण 7— नम्न ल खत अनुपात के लए लुप्त संख्याएँ ल खए जो 14 : 21 के समानुपाती ह । ______ : 42,

a 6 : ______, 2 : ______
c
m .
m a s e
m . co agl

ase
l
28 : 42, 6 : 9, 2 : 3।

a g

com
m .
m ase
.co


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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

14 : 21 का सरलतम रूप 2 : 3 है (म.स.प. = 7)

___ : 42 → 42 ÷ 21 = 2, अत: पथम पद = 14 × 2 = 28
6 : ___ → 6 ÷ 14 = 3⁄7, अत: दू सरा पद = 21 × 3⁄7 = 9

2 : ___ → 14 ÷ 7 = 2, अत: दू सरा पद = 21 ÷ 7 = 3

स्वयं जाँ चए: प्रत्येक उत्तर का सरलतम रूप 2 : 3 होना चा हए — और 28 : 42, 6 : 9 तथा 2 : 3 तीन का यही
है। वज्र गुणन दूसरी जाँच है: 14 × 42 = 588 = 21 × 28।

प्र.3 दूसरे अनुपात के लए प्रथम पद 6 है। 14 को कस गणक से गुणा करना चा हए क हम 6 प्राप्त हो जाए? क्या यह
एक पूणाक हो सकता है या यह एक भन्न होना चा हए?

गणक 3⁄7 है — यह भन्न ही होगा, पूणाक नह ।

14y = 6

y = 6⁄14 = 3⁄7

पूणाक क्य नह हो सकता: 6, 14 से छोटा है, अत: गणक 1 से कम होना चा हए, और 1 से छोटा एकमात्र
पूणाक 0 है जो यहाँ कसी काम का नह । 1 से छोटा गणक रा श को घटाता है — इसम कुछ असामान्य नह । यही
3⁄7 दूसरे पद पर लगाने से 21 × 3⁄7 = 9 मलता है, अत: अनुपात 6 : 9 है।

प्र.4 यह कॉफ कड़क क्य है?

क्य क कप म कॉफ के घोल का भाग अ धक है।

सामान्य: 15 िमली. घोल + 35 िमली. दू ध = 50 िमली. कप → घोल 15⁄50 = 30%

कड़ क: 20 िमली. घोल + 30 िमली. दू ध = 50 िमली. कप → घोल 20⁄50 = 40%

दोन कप 50 मली. के ही ह, पर दूसरे म 5 मली. घोल अ धक और 5 मली. दूध कम है। अनुपात क भाषा म 15 : 35 = 3 : 7,
अब 20 : 30 = 2 : 3 हो गया, और दूध के प्रत्येक भाग पर 2 : 3 म घोल अ धक है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

संकेत: दो अनुपात क त्व रत तुलना के लए एक पद को समान क जए। 3 : 7 ज्य का त्य है और 2 : 3 वही है
जो 4.67 : 7 — उतने ही दूध पर स्पष्टत: अ धक घोल।

प्र.5 यह कॉफ कम कड़क क्य है?

क्य क कप म कॉफ के घोल का भाग कम है।

कम कड़ क: 10 िमली. घोल + 40 िमली. दू ध = 50 िमली. कप → घोल 10⁄50 = 20%
अनुपात 10 : 40 = 1 : 4, जबिक सामान्य 15 : 35 = 3 : 7

इस कप म दूध के प्रत्येक 4 भाग पर घोल का केवल 1 भाग है, जब क सामान्य कप म प्रत्येक 2⅓ भाग दूध पर 1 भाग घोल होता
है। दूध क तुलना म घोल कम होने का अथ है हल्का स्वाद।

मात्रा नह , अनुपात क्य : मंजुनाथ एक जग म 100 मली. घोल और 400 मली. दूध डाल सकते ह। यह सामान्य
कप से कह अ धक घोल है, फर भी कॉफ हल्क ही रहेगी — क्य क कड़कपन अनुपात 1 : 4 से तय होता है, कुल
मात्रा से नह ।

प्र.6 नम्न ल खत ता लका म मंजुनाथ ारा दूध के साथ कॉफ के घोल को मलाने के व भन्न अनुपात दशाए गए ह।
अं तम स्तंभ म ल खए क कॉफ सामान्य कॉफ से अ धक कड़क है या कम कड़क।

प्रत्येक पं क्त को सरलतम रूप म लाकर सामान्य मश्रण 15 : 35 = 3 : 7 से तुलना क जए।

कॉफी का घोल (िमली में) दू ध (िमली में) सरलतम रूप कप में घोल सामान्य/कड़क/कम कड़क

300 600 1:2 300⁄900 = 33.3% कड़क

150 500 3 : 10 150⁄650 = 23.1% कम कड़क

200 400 1:2 200⁄600 = 33.3% कड़क

24 56 3:7 24⁄80 = 30% सामान्य

100 300 1:3 100⁄400 = 25% कम कड़क

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

सरलतम रूप से तुलना क्य चलती है: सामान्य कॉफ म 3 भाग घोल पर 7 भाग दूध होता है, अथात 30% घोल।
कोई मश्रण तभी कड़क है जब उसम घोल का भाग 30% से ऊपर हो। चौथी पं क्त स्वयं 3 : 7 म समट जाती है,
अत: 24 मली. और 56 मली. वास्तव म साधारण फल्टर कॉफ का ही छोटा कप है — मात्राएँ भन्न, पेय वही।

संकेत: पहली और तीसरी पं क्त क मात्राएँ भन्न ह (300 : 600 तथा 200 : 400) पर सरलतम रूप एक ही 1 : 2
है, अत: दोन का स्वाद ठ क एक जैसा होगा। अनुपात को सरल करने का यही प्रयोजन है — वह मात्रा हटा दे ता है
और व ध छोड़ जाता है।

आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 165–167
7.4 समानुपा तक तक के साथ समस्या समाधान

ग णत चचा

प्र.1 नम्न ल खत समानुपात के सही कथन पर गोला बनाइए। (i) 4 : 7 :: 12 : 21 (ii) 8 : 3 :: 24 : 6 (iii) 7 : 12
:: 12 : 7 (iv) 21 : 6 :: 35 : 10 (v) 12 : 18 :: 28 : 12 (vi) 24 : 8 :: 9 : 3

सही कथन: (i), (iv) तथा (vi)।

कथन वज्र ग ण
ु न (ad तथा bc) सरलतम रूप सही?

(i) 4 : 7 :: 12 : 21 4 × 21 = 84, 7 × 12 = 84 4 : 7 और 4 : 7 सही

(ii) 8 : 3 :: 24 : 6 8 × 6 = 48, 3 × 24 = 72 8 : 3 और 4 : 1 गलत

(iii) 7 : 12 :: 12 : 7 7 × 7 = 49, 12 × 12 = 144 7 : 12 और 12 : 7 गलत

(iv) 21 : 6 :: 35 : 10 21 × 10 = 210, 6 × 35 = 210 7 : 2 और 7 : 2 सही

(v) 12 : 18 :: 28 : 12 12 × 12 = 144, 18 × 28 = 504 2 : 3 और 7 : 3 गलत

(vi) 24 : 8 :: 9 : 3 24 × 3 = 72, 8 × 9 = 72 3 : 1 और 3 : 1 सही

(iii) म छपा जाल: अनुपात के पद को उलट दे ने से समानुपाती अनुपात नह मलता। 7 : 12 और 12 : 7 तभी
बराबर होते जब 7 × 7 = 12 × 12 होता, अथात 7 = 12। सामान्यत: a : b :: b : a केवल तभी होता है जब a =
b हो।

संकेत: (ii) म प्रथम पद तगुने हुए (8 → 24) पर दूसरे पद दुगुने (3 → 6)। दो भन्न गणक — अत: कथन गलत
है, और यह बना कोई गुणा कए ही दख जाता है।

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प्र.2 4 : 9 के समानुपाती 3 अनुपात ल खए।

8 : 18, 12 : 27, 16 : 36 — और ऐसे अनंत अनुपात ह।

4 : 9 × 2 → 8 : 18

4 : 9 × 3 → 12 : 27

4 : 9 × 4 → 16 : 36

कोई भी गणक चलेगा, पूणाक हो या भन्न: × 10 से 40 : 90, × 1⁄2 से 2 : 4.5, × 25 से 100 : 225।

4 : 9 स्वयं क्य नह बदलता: 4 और 9 का म.स.प. 1 है, अत: 4 : 9 पहले से ही सरलतम रूप म है। इसके
समानुपाती प्रत्येक अनुपात को सरल करने पर 4 : 9 ही वापस मलेगा — इसी कारण सरलतम रूप पहचान का
काम करता है। कसी भी उत्तर को वज्र गुणन से जाँ चए: 4 × 18 = 72 = 9 × 8।

प्र.3 दए गए अनुपात क लुप्त संख्याएँ ल खए जो 18 : 24 के समानुपाती ह। 3 : ______ 12 : ______ 20 : ______
27 : ______

पहले सरल क जए: 18 : 24 = 3 : 4 (म.स.प. = 6)। प्रत्येक उत्तर को सरल करने पर 3 : 4 आना चा हए, अत: दूसरा पद सदै व
पहले पद का 4⁄3 होगा।

3 : ___ → 3 × 4⁄3 = 4 → 3 : 4
12 : ___ → 12 × 4⁄3 = 16 → 12 : 16

20 : ___ → 20 × 4⁄3 = 80⁄3 = 26⅔ → 20 : 26⅔

27 : ___ → 27 × 4⁄3 = 36 → 27 : 36

एक उत्तर पूणाक क्य नह है: 3 से 20 तक पहुँचने का गणक 20⁄3 है, जो पूणाक नह ; अत: दूसरा पद 4 × 20⁄3
= 80⁄3 भी पूणाक नह हो सकता। इसम कुछ गलत नह — अनुपात के पद भन्न भी हो सकते ह। य द भन्न से
बचना हो तो दोन पद को 3 से गुणा करके यही अनुपात 60 : 80 लख ली जए।

स्वयं जाँ चए: 20 × 4 = 80 तथा 3 × 80⁄3 = 80। वज्र गुणनफल समान ह, अत: 3 : 4 :: 20 : 80⁄3 सही है।

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a g l AglaSem · NCERT Solutions

m
प्र.4
और ऊँचाई को मापकर और उनके अनुपात क तुलना करके इसे सत्या पत कर सकते ह। em
.co
दए गए आयत को दे खए। कौन-से आयत एक-दूसरे के समान ह? आप एक पैमाने का उपयोग करके चौड़ाई

c o m g l as
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उत्तर as
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Aaऔर D परस्पर एक समान ह, तथा C और E परस्पर एक समान ह। B कसी के समान नह है।

co m
ag
प्रत्येक आयत क दोन भुजाएँ पैमाने से मा पए — तीन आयत तरछे छपे ह, अत: भुजा के साथ-साथ मा पए, पृष्ठ के आर-पार

m .
e
नह । नकटतम मलीमीटर तक —

g l as
आयत छोटी भुजा aबड़ी भुजा बड़ी : छोटी सरलतम रूप

co m
m.
A 6 िममी. 18 िममी. 3.0 3:1

m l a s3e: 2
.co ag
B 12 िममी. 18 िममी. 1.5

se m
g l a
C 20 िममी. 51 िममी. 2.55 5:2

a D 13 िममी. 39 िममी. 3.0 3:1

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E 7 िममी.
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17 िममी.
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B D

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as 6 × 18 mm
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18 × 12 mm 51 × 20 mm 39 × 13 mm 17 × 7 mm
1:3 3:2 5:2 3:1 5:2

se m
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पाँच आयत सीधे खड़े करके मापानुसार बनाए गए ह; भुजाएँ नकटतम मलीमीटर तक मापी गई ह। नीचे लंबी भुजा : छोट भुजा दया है।

. a g
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agl
आयत का घुमा होना क्य मायने नह रखता: C, D और E तरछे छपे ह, पर कसी आकृ त को घुमाने से वह
अपने ान से हटती भर है, कोई लंबाई नह बदलती। भुजाओं का युग्म — और इस लए अनुपात — घुमाने के बाद

c om
भी वही रहता है। अत: भुजाओं के अनुपात क तुलना क जए और तरछे पन को छोड़ द जए। A का 3 : 1 है और
.
s e m नह ।
D का भी; C लगभग 5 : 2 है और E भी; B का 3 : 2 है जसका इस समूह म कोई साथी
m a
m .co agl
l a se
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संकेत: आपका माप कह -कह एक मलीमीटर इधर-उधर हो सकता है, अत: 2.43 और 2.55 को “दोन लगभग
2.5” प ढ़ए। जब दो अनुपात आपक माप-त्रु ट के भीतर मेल खाएँ तो आयत को एक समान मा नए और हो सके
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s e m
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agl
तो एक वकण को दूसरे पर रखकर जाँच ली जए।
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प्र.5 नीचे दए गए आयत को दे खए। क्या आप अपनी अभ्यास पु स्तका म समान चौड़ाई और ऊँचाई के अनुपात
वाला एक छोटा आयत और एक बड़ा आयत बना सकते ह? अपने आयत क तुलना अपने सहपा ठय के चत्र
से क जए। क्या ये सभी समान ह? य द ये आपके चत्र से भन्न ह तो आपके अनुसार ऐसा क्य ह? क्या वे
त्रु टपूण ह?

छपे हुए आयत का माप लगभग 35 ममी. × 21 ममी. है, अत: चौड़ाई : ऊँचाई = 5 : 3। दोन पद को समान गणक से गुणा
करके जतनी चाह उतनी प्र त ल पयाँ बनाइए।

गणक चौड़ाई ऊँचाई अनुपात

× 0.4 से म ी. (छोटा) 2 से म ी. 1.2 से म ी. 5:3

छपा हुआ आयत 3.5 से म ी. 2.1 से म ी. 5:3

× 1.6 से म ी. (बड़ा) 8 से म ी. 4.8 से म ी. 5:3

नह , सहपा ठय के आयत आकार म एक समान नह ह गे — और नह , वे त्रु टपूण नह ह।

भन्न उत्तर सही क्य ह: प्रश्न आकृ त न त करता है पर आकार स्वतंत्र छोड़ दे ता है। सबने अपना-अपना गणक
चुना, अत: चत्र आकार म भन्न ह; पर अनुपात कसी ने नह बदला, अत: आकृ त म भन्न नह ह। अनंत सही उत्तर
वाला प्रश्न दोषपूण नह होता — वह एक आकृ त के बारे म नह , आकृ तय के एक प रवार के बारे म होता है।

स्वयं जाँ चए: कन्ह दो चत्र को इस प्रकार र खए क उनके नीचे-बाएँ कोने मल और भुजाएँ एक-दूसरे पर पड़।
दोन के ऊपर-दाएँ कोने तथा साझा कोना एक ही सरल रेखा पर ह गे। य द कसी सहपाठ का आयत उस रेखा से
हटता है तो उसका अनुपात 5 : 3 नह है।

प्र.6 नीचे द गई आकृ त रंगीन ईंट से बने प्र तरूप वाली एक लंबी ईंट क द वार के एक छोटे भाग को दशाती है।
द वार के प्रत्येक भाग म यह प्र तरूप नरंतर बना रहता है। आप बताइए क भूरी ईंट और रंगीन ईंट का अनुपात
क्या है? इस अनुपात को सरलतम रूप म लाने का प्रयास क जए।

(क) 9 : 6 = 3 : 2 (ख) 16 : 12 = 4 : 3
प्र तरूप अनंत बार दोहराया जाता है, अत: पूरी द वार गनने क आवश्यकता नह । एक आवत खंड ढूँ ढ़ए, उसी म ग नए, और वही
अनुपात पूरी द वार पर लागू होगा।
द वार (क)। खंड 5 स्तंभ चौड़ा और 3 पं क्त ऊँचा है — 15 ईंट। रंगीन ईंट नीचे क ओर मुख कए त्रभुज बनाती ह —

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ऊपरी पंिक्त: 3 रंगीन, 2 भूरी

बीच की पंिक्त: 2 रंगीन, 3 भूरी

िनचली पंिक्त: 1 रंगीन, 4 भूरी
रंगीन = 3 + 2 + 1 = 6, भूरी = 15 − 6 = 9

भूरी : रंगीन = 9 : 6 = 3 : 2

द वार (क) का एक आवत खंड: 5 स्तंभ × 3 पं क्तयाँ = 15 ईंट, जनम 3 + 2 + 1 = 6 रंगीन और 9 भूरी ह।

द वार (ख)। यहाँ रंगीन ईंट हीरे जैसी आकृ त क रूपरेखा बनाती ह और प्र तरूप प्रत्येक 4 स्तंभ के बाद, 7 पं क्तय म दोहराया
जाता है — एक खंड म 28 ईंट —

ऊपर से पंिक्तयों में रंगीन: 1, 2, 2, 2, 2, 2, 1

रंगीन = 1 + 2 + 2 + 2 + 2 + 2 + 1 = 12, भूरी = 28 − 12 = 16

भूरी : रंगीन = 16 : 12 = 4 : 3

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द वार (ख): रंगीन ईंट हीरे जैसी आकृ त बनाती ह जो प्रत्येक 4 स्तंभ के बाद दोहराई जाती है ( बदुदार रेखा)। एक खंड = 4 स्तंभ × 7
पं क्तयाँ = 28 ईंट — 12 रंगीन, 16 भूरी।

एक खंड से पूरी द वार का नणय क्य हो जाता है: प्र तरूप (क) क 20 खंड लंबी द वार म 20 × 9 भूरी और
20 × 6 रंगीन ईंट ह गी। दोन संख्याएँ 20 से गुणा हुईं, अथात दोन पद पर समान गणक — अत: अनुपात
अप रव तत रहा। इसी कारण द वार कतनी भी लंबी हो, एक अनुपात उसका पूरा वणन कर दे ता है।

संकेत: खंड कहाँ से आरंभ करते ह, इससे अंतर नह पड़ता, बशत खंड पूरे एक आवत जतना चौड़ा हो। एक ईंट
आगे से गनना आरंभ क जए, (क) म फर भी 9 भूरी और 6 रंगीन ही मलगी।

प्र.7 आइए, कुछ मानव आकृ तयाँ च त्रत करते ह। आप अपने मत्र के शरीर क लंबाई मा पए, जैसे— उनके सर,
भुजाओं और पैर क लंबाई। नीचे दए गए अनुपात को ल खए। सर : धड़ ______ : ______ धड़ : भुजा ______ :
______ धड़ : पैर ______ : ______ उपयुक्त अनुपात के अनुसार सर, धड़, भुजाओं और पैर के साथ एक आकृ त
बनाइए। क्या अनुपात समानुपा तक होने पर चत्र अ धक वास्त वक प्रतीत होता है? क्य ? क्य नह ?

फ ते से मा पए, लंबाइयाँ ल खए, फर प्रत्येक युग्म को सरल क जए। लगभग 150 सेमी. लंबे एक वद्याथ का वास्त वक माप —

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अंग लंबाई पूछा गया अनुपात सरलतम रूप

िसर 22 से म ी. िसर : धड़ = 22 : 55 2:5

धड़ 55 से म ी. धड़ : भुजा = 55 : 60 11 : 12

भुजा 60 से म ी. धड़ : पैर = 55 : 80 11 : 16

पैर 80 से म ी. — —

आकृ त बनाने के लए एक सु वधाजनक गणक चुनकर उसे प्रत्येक माप पर लगाइए। वास्त वक लंबाइय का 1⁄5 लेने पर: सर 4.4
सेमी., धड़ 11 सेमी., भुजा 12 सेमी., पैर 16 सेमी.।
हाँ, अनुपात बनाए रखने पर चत्र कह अ धक वास्त वक लगता है।

ऐसा क्य होता है: हम मानव आकृ त को उसके अंग के सापेक्ष आकार से पहचानते ह, उसक वास्त वक ऊँचाई से
नह — इसी लए 5 सेमी. का रेखा चत्र और आदमकद पोस्टर, दोन मनुष्य जैसे लग सकते ह। केवल सर बड़ा कर
द जए और शेष वैसा ही रहने द जए, तो दोन गणक भन्न हो जाते ह और आकृ त काटू न लगने लगती है। एक ही
गणक सब पर लगाइए तो चत्र क प्रत्येक दूरी वास्त वक दूरी का उतना ही गुना होती है, और कुछ भी बेमेल नह
दखता।

क्या आप जानते ह? चत्रकार आकृ त को प्राय: “ सर क लंबाइय ” म मापते ह। एक वयस्क लगभग 7 से 8 सर
ऊँचा होता है, जब क छोटा ब ा लगभग 5 — और यही अनुपात का अंतर, ऊँचाई का नह , ब े के चत्र को ब ा
दखाता है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 167–170
त्रैरा सका — तीन का नयम (उदाहरण 8–10) · ग त व ध 1

प्र.1 उदाहरण 8— 120 व ा थय वाले एक व ालय म मध्याह्न भोजन के लए रसोइया 15 कलो ाम चावल बनाता
है। एक दन वषा के कारण मात्र 80 व ाथ व ालय म उप त रहे। रसोइए को कतने कलो ाम चावल बनाने
चा हए क भोजन व्यथ न जाए?

10 कलो ाम चावल।

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िव ाथ : चावल समानुपाती रहने चािहए
m l as
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120 : 15 :: 80 : ?
m a g
l a se
g
पिरवतन का गणक = 80⁄120 = 2⁄3
aचावल = 15 × 2⁄3 = 10 िकलोग ाम

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m . ag
l a se
अथात 15⁄120 = 0.125 कलो ाम प्र तagवद्याथ । वद्याथ कम होने से यह दर नह बदलती, अत: 80 × 0.125 =
यह क्य चलता है: रसोइया वस्तुत: एक न त दर पर काम कर रहा है — 120 वद्या थय पर 15 कलो ाम,

10 कलो ाम। चावल को उसी 2⁄3 से गुणा करना, जससे वद्याथ गुणा हुए, यही बात कहने का छोटा तरीका है।

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em.
m l as
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स्वयं जाँ चए: वज्र गुणन — 120 × 10 = 1200 तथा 15 × 80 = 1200। समान ह, अत: समानुपात सही है।

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प्रथम पद म प रवतन का गणक क्या है?

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प्र.2

se m
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2⁄3 — वद्या थय क संख्या घटकर सामान्य का दो- तहाई रह गई है।

co m
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80⁄120 = 8⁄12 = 2⁄3
m as e
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a s eसेmछोटा गणक बताता है क रा श घट है। दूसरे पद को भी ठ क इसी 2⁄3 से गुणा करना होगा।
gl
1

a
m
o m दूरी तय करती है। य द वह इसी ग त से चलती रहे तो 4 घंटे glase
उदाहरण 9— एक कार 150 मनट म 90 cकलोमीटर
. a
म वह कतनी दूरी तय करेगी? sem
प्र.3

a
agl
m

. co
m
144 कलोमीटर।

m as e
.co a g l
a s em 4 घंटे = 4 × 60 = 240 िमनट

agl
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150 : 90 :: 240 : x

s e m
m a
agl
वज्र गुणन से: 150 × x = 240 × 90
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x = (240 × 90) ÷ 150

a
x = 21600 ÷ 150 = 144 g l िकलोमीटर

co m
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m ase
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समय और दूरी को इस प्रकार क्य जोड़ा जा सकता है: ग त नह बदलती, अत: समय बढ़ने के साथ दूरी ठ क
उसी अनुपात म बढ़ती है — समय दुगुना तो दूरी भी दुगुनी। जो रा शयाँ इस प्रकार साथ-साथ बढ़ती ह, तीन का
नयम केवल उन्ह पर लागू होता है।

स्वयं जाँ चए: कार क ग त 90 ÷ 150 = 0.6 कलोमीटर प्र त मनट है। 240 मनट म वह 240 × 0.6 = 144
कलोमीटर होगी। दूसरे माग से वही उत्तर।

प्र.4 क्या यह प्रश्न नमाण क सही व ध है?

नह । 150 : 90 :: 4 : ? म इकाइयाँ मली-जुली ह — 150 मनट म है और 4 घंट म।

गलत: 150 िमनट : 90 िकमी :: 4 घंटे : ?

सही: 4 घंटे = 240 िमनट, अत: 150 : 90 :: 240 : ?

इकाइयाँ समान क्य होनी चा हए: प रवतन का गणक प्रथम पद को भाग दे कर नकाला जाता है, और जब एक
घंटे म हो तथा दूसरा मनट म, तब 4 ÷ 150 एक नरथक संख्या है। दोन के मनट म आते ही 240 ÷ 150 = 8⁄5
स ा गणक बन जाता है, और 90 को 8⁄5 से गुणा करने पर 144 मलता है। क े 4 का उपयोग करने पर चार घंटे
क यात्रा के लए 90 × 4⁄150 = 2.4 कलोमीटर मलता — जो सामान्य बु द्ध से ही तुरंत गलत ठहरता है।

प्र.5 आप 240 मनट म तय क गई दूरी कैसे ात कर सकते ह? अपने सहपा ठय के साथ चचा क जए और व भन्न
यु क्तय का उपयोग कर उत्तर ात क जए।

नीचे तीन माग से 144 कलोमीटर ही मलता है। जो सबसे स्पष्ट लगे, वही अपनाइए।

ऐ कक व ध। 1 मनट म कार 90 ÷ 150 = 0.6 कलोमीटर चलती है। 240 मनट म 240 × 0.6 = 144 कलोमीटर।
अनुपात को बढ़ाना। 240 ÷ 150 = 8⁄5, अत: दूरी को भी 8⁄5 से गुणा क जए: 90 × 8⁄5 = 144 कलोमीटर।
समय के टु कड़े करना। 150 मनट → 90 कमी, अत: 300 मनट → 180 कमी और 30 मनट → 18 कमी। अब 240 =
300 − 60, तथा 60 मनट → 36 कमी, अत: 180 − 36 = 144 कमी।

तल
ु ना हेत ु वज्र गुणन:

150 : 90 :: 240 : x ⇒ 150x = 240 × 90 ⇒ x = 144 िकमी

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तीन उत्तर समान क्य ह: ये सभी उसी एक तथ्य का उपयोग कर रहे ह क कार प्रत्येक मनट 0.6 कलोमीटर
चलती है। वज्र गुणन कोई चौथा वचार नह है — वही समीकरण है जसम भाग दे ने का काम अंत तक टाल दया
गया है।

प्र.6 उदाहरण 10— हमाचल प्रदे श म एक कसान 200 ाम चाय पैकेट को ₹ 200 म बेचता है। मेघालय म एक बड़ा
कसान 1 कलो ाम चाय को ₹ 800 म बेचता है। क्या दोन ान के भार और मूल्य के अनुपात समानुपाती ह?

नह , ये समानुपाती नह ह। पहले दोन भार एक ही इकाई म लाइए।

िहमाचल: 200 गाम : ₹ 200 → म.स.प. 200 → 1 : 1

मेघालय: 1 िकलोगाम = 1000 गाम, अत: 1000 : 800 → म.स.प. 200 → 5 : 4

1 : 1 और 5 : 4 समान नही ं, अत: अनुपात समानुपाती नही ं है ं

1 : 800 लखना गलत क्य होता: हमाचल का अनुपात भार को ाम म लेकर बना था। य द मेघालय का भार
कलो ाम म ही रहे तो दोन अनुपात अलग-अलग वस्तुओं को माप रहे ह गे और उनक तुलना का कोई अथ ही नह
रहेगा। समान इकाई म लाना औपचा रकता नह है — उसी से तुलना अथपूण बनती है।

स्वयं जाँ चए: सुधरे हुए अनुपात का वज्र गुणन — 200 × 800 = 160000 जब क 200 × 1000 = 200000।
गुणनफल असमान ह, अत: अनुपात समानुपाती नह ।

प्र.7 बताइए क दोन म से कौन-सी चाय अ धक मूल्यवान है? क्य ?

हमाचल क चाय अ धक मूल्यवान है — ₹ 1,000 प्र त कलो ाम, जब क मेघालय क ₹ 800 प्र त कलो ाम।

मेघालय: 1 िकलोगाम का मूल्य ₹ 800

िहमाचल: 200 गाम, 1 िकलोगाम का 1⁄5 है, अत: यिद 1 िकलोगाम का मूल्य ₹ x हो,

1⁄5 × x = 200

x = 200 × 5 = ₹ 1,000

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

पैकेट के मूल्य क सीधी तुलना क्य नह हो सकती: ₹ 200, ₹ 800 से बहुत कम दखता है, पर दोन पैकेट
एक आकार के नह ह। मूल्य तभी तुलनीय बनते ह जब वे एक ही भार के लए बताए जाएँ। दोन को “रुपये प्र त
कलो ाम” म लाने से ठ क यही होता है, और तब हमाचल क चाय ₹ 200 प्र त कलो ाम महँगी नकलती है।

क्या आप जानते ह? दुकान क अलमारी पर प्र त कलो ाम, प्र त लीटर या प्र त 100 ाम का मूल्य इसी कारण
छापा जाता है। वह प्रत्येक पैकेट को, चाहे उसका आकार कुछ भी हो, एक तुलनीय अनुपात म बदल दे ता है।

प्र.8 ग त व ध 1— अपनी रु च के अनुसार कसी एक व्यंजन का चयन क जए। अपने प रवार हेतु यह व्यंजन बनाने
के लए इसक सभी साम ी और आवश्यक मात्रा ात क जए। मान ली जए आप कोई उत्सव मना रहे ह और
आप 15 अ त थय को आमं त्रत करना चाहते ह। अ त थय हेतु इसी व्यंजन को बनाने म उपयोग होने वाली
साम ी क मात्रा ात क जए।

पहले प रवार क व ध ल खए, फर प्रत्येक साम ी को एक ही गणक से बढ़ाइए। यहाँ 5 सदस्य के प रवार के लए बनने वाले
उपमा का उदाहरण है, जसम 15 अ त थ आमं त्रत ह अथात कुल 20 व्य क्त।

पिरवतन का गणक = 20⁄5 = 4

सामग ी 5 व्यिक्तयों के िलए ×4 20 व्यिक्तयों के िलए

रवा (सूजी) 250 ग ाम 250 × 4 1000 ग ाम = 1 िकलोग ाम

पानी 600 िमलीलीटर 600 × 4 2400 िमलीलीटर = 2.4 लीटर

प्याज 1 मध्यम 1×4 4 म ध् यम

तेल 2 बड़े चम्मच 2×4 8 बड़े चम्मच

नमक 1 छोटा चम्मच 1×4 4 छोटे चम्मच

प्रत्येक साम ी पर समान गणक क्य : कसी व्यंजन का स्वाद उसक साम य के आपसी अनुपात से तय होता है
— रवा से पानी, नमक से रवा। सबको 4 से बढ़ाइए तो ये सारे अनुपात ज्य के त्य रहते ह, अत: स्वाद वही रहता है,
केवल मात्रा बढ़ जाती है। रवा चौगुना कर द जए पर पानी केवल दुगुना, तो 250 : 600 बदलकर 1000 : 1200 हो
जाएगा और उपमा सूखा बनेगा।

संकेत: य द आपका प रवार 6 सदस्य का है और 6 + 15 = 21 व्य क्तय के लए बनाना है तो गणक 21⁄6 = 3.5
होगा — भन्न, और पूणत: उपयोगी। तब 250 ाम रवा 875 ाम हो जाएगा।

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आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 170–171
त्रैरा सका — तीन का नयम

प्र.1 पृथ्वी 1 वष म सूय के चार ओर लगभग 940 म लयन कलोमीटर क दूरी तय करती है। वह एक सप्ताह म
कतने कलोमीटर क दूरी तय करेगी?

लगभग 1,80,76,923 कलोमीटर, अथात एक सप्ताह म मोटे तौर पर 1.81 करोड़ कलोमीटर।

1 वष ≈ 52 सप्ताह

940 िमिलयन िकमी = 940 × 10⁶ = 94,00,00,000 िकमी

52 : 940000000 :: 1 : x
x = 940000000 ÷ 52

x = 1,80,76,923 िकमी (लगभग)

यह समानुपात क्य है: पृथ्वी क कक्षीय ग त लगभग र रहती है, अत: दूरी और समय साथ-साथ बढ़ते ह।
इसी लए सप्ताह और कलोमीटर को 52 : 940000000 के रूप म जोड़ा जा सकता है, और 52 से भाग दे ने पर
एक सप्ताह क दूरी मल जाती है।

स्वयं जाँ चए: 52 × 1,80,76,923 = 93,99,99,996 कमी — पूणाकन को छोड़ द तो वापस 940 म लयन।
52 सप्ताह के ान पर 365 दन लेने पर 940000000 × 7 ÷ 365 ≈ 1,80,27,397 कमी आता है; यह छोटा
अंतर इस लए है क एक वष 52 सप्ताह और एक दन का होता है।

प्र.2 एक राज मस्त्री चत्र म दशाए गए आकार म एक घर बना रहा है। उसे ऐसी बाहरी और भीतरी द वार का नमाण
करना है, जो दो कक्ष को पृथक करती ह। उसे एक 10 फुट क द वार बनाने के लए लगभग 1450 ईंट क
आवश्यकता है। बताइए क उसे घर बनाने के लए कुल कतनी ईंट क आवश्यकता होगी? माना क सभी द वार
समान ऊँचाई और मोटाई क ह।

15,660 ईंट। पहले न े क द वार के सभी फुट जो ड़ए, फर अनुपात लगाइए।

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
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m 15 ft
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m .co a g
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12 ft 9 × 12 co m 15 × 12
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m 6×9 9 ft agla
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agl दीवार = 12 फु ट
भीतरी
co m
m .
o m l a se6 फुट × 9 फुट का कक्ष जुड़ा है।
.c ag
घर का न ा: 9 फुट और 15 फुट चौड़े दो कक्ष के बीच 12 फुट क भीतरी द वार (लाल) है, और नीचे

se m रूपरेखा का प्रत्येक खंड एक द वार है।

g l a
a
se m
com
ऊपरी भाग (9 फु ट और 15 फु ट के कक्ष, दोनों 12 फु ट गहरे):
g l a
m . a
ase
ऊपरी भुजा 9 + 15 = 24 फु ट

िनचली भुजा 9 + 15 = 24 फु ट agl
m
बाईं भुजा 12 फु ट, दाईं भुजा 12 फु ट
. co
em
as
भीतरी िवभाजक दीवार 12 फु ट

com कक्ष (6 फु ट × 9 फु ट):
.िनचला a g l
se m
g l a
a
बाईं 9 फु ट, दाईं 9 फु ट, िनचली 6 फु ट
.c
s e m
m a
m . co
कु ल = 24 + 24 + 12 + 12 + 12 + 9 + 9 + 6 = 108 फुट
e agl
g l as
a

co m
m .
m as e
.co


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10 : 1450 :: 108 : x

10 × x = 108 × 1450

x = 156600 ÷ 10 = 15,660 ई ंटें

साझी भुजा एक ही बार क्य गनी जाती है: नचले छोटे कक्ष क ऊपरी भुजा वही चनाई है जो बड़े भाग क
नचली भुजा का एक हस्सा है — राज मस्त्री उन ईंट को एक ही बार लगाता है। दोन आयत का प रमाप अलग-
अलग जोड़ने से वह द वार दो बार गनी जाएगी और 108 फुट के ान पर 132 फुट मलेगा। सदै व वास्त वक
द वार क रूपरेखा ख चए, फर भीतरी द वार जो ड़ए।

संकेत: 108 फुट, 10 फुट का 10.8 गुना है, अत: उत्तर 10.8 × 1450 होना ही चा हए। इस रूप म जोड़ते-जोड़ते
चूक हो सकती है; वज्र गुणन का रूप 108 × 1450 ÷ 10 गणना को पूणाक म बनाए रखता है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 171–172
त्रैरा सका — तीन का नयम · ग त व ध 2

ग णत चचा

प्र.1 पुनीत के पताजी 50 कलोमीटर प्र त घंटा क ग त से मोटरसाइ कल चलाकर दो घंटे म लखनऊ से कानपुर
पहुँचते ह। य द वे 75 कलोमीटर प्र त घंटा क ग त से मोटरसाइ कल चलाते ह तो उन्ह कानपुर पहुँचने म कतना
समय लगेगा? क्या हम इस समस्या को समानुपात के रूप म दशा सकते ह— 50 : 2 :: 75 : ___ पुनीत के
पताजी को कानपुर पहुँचने म अ धक समय लगेगा या कम? इस वषय पर ध्यान द जए।

1 घंटा 20 मनट, और नह — इस समस्या को 50 : 2 :: 75 : ___ के रूप म नह लखा जा सकता।

दू री = गित × समय = 50 × 2 = 100 िकमी

75 िकमी/घंट ा पर: समय = 100 ÷ 75 = 4⁄3 घंटे

4⁄3 घंटे = 1 घंट ा + 1⁄3 × 60 िमनट = 1 घंट ा 20 िमनट

यहाँ तीन का नयम क्य वफल है: तीन के नयम के लए ऐसी दो रा शयाँ चा हए जो साथ-साथ बढ़। यहाँ दूरी
न त है, अत: तेज़ चलने का अथ है कम समय — ग त बढ़ने पर समय घटता है। 50 : 2 :: 75 : x लखने पर x =
3 घंटे मलता, अथात तेज़ चलने पर अ धक समय — जो असंगत है। यहाँ र रहने वाली वस्तु अनुपात ग त :
समय नह , गुणनफल ग त × समय है, जो लखनऊ और कानपुर के बीच क 100 कलोमीटर सड़क है।

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संकेत: कोई भी समानुपात बनाने से पहले स्वयं से पू छए: य द पहली रा श बढ़े तो क्या दूसरी को भी बढ़ना चा हए?
वद्याथ और चावल — हाँ। न त दूरी पर ग त और समय — नह । यही एक प्रश्न बता दे ता है क तीन का नयम
लागू होगा या नह ।

प्र.2 ग त व ध 2— बाजार जाकर एक ही शपू के भन्न- भन्न आकार के पात्र, जैसे— कोष्ठ (पाउच), छोट बोतल,
मध्यम बोतल, बड़ी बोतल के मूल्य क जानकारी एक त्रत क जए और नीचे दए अनुसार एक ता लका बनाइए।
पता लगाइए क शपू का आयतन मूल्य के समानुपाती है या नह । (कोष्ठ 6 मलीलीटर ₹ 2; छोट बोतल 180
मलीलीटर ₹ 154; मध्यम बोतल 340 मलीलीटर ₹ 276; बड़ी बोतल 1000 मलीलीटर ₹ 540)

दुकान से वास्त वक मूल्य एक त्रत क जए, फर प्रत्येक आकार के लए एक मलीलीटर का मूल्य नका लए — यही एक संख्या चार
पात्र को तुलनीय बनाती है। पुस्तक क प्र तदश ता लका के लए —

पात्र आयतन मूल्य मूल्य ÷ आयतन 1 िमलीलीटर का मूल्य

कोष्ठ (पाउच) 6 िमली. ₹2 2÷6 ₹ 0.33

छोटी बोतल 180 िमली. ₹ 154 154 ÷ 180 ₹ 0.86

मध्यम बोतल 340 िमली. ₹ 276 276 ÷ 340 ₹ 0.81

बड़ी बोतल 1000 िमली. ₹ 540 540 ÷ 1000 ₹ 0.54

आयतन मूल्य के समानुपाती नह है। य द होता तो अं तम स्तंभ क प्रत्येक पं क्त म एक ही संख्या आती; यहाँ वह 0.33, 0.86,
0.81, 0.54 चलती है।

प्र त इकाई दर ही सही कसौट क्य है: दो अनुपात ठ क तभी समानुपाती होते ह जब उनके सरलतम रूप समान
ह , और आयतन : मूल्य को सरल करने पर “1 मलीलीटर के इतने रुपये” मलता है। चार भन्न दर का अथ है चार
भन्न अनुपात, अत: पूरी ता लका पर कोई एक समानुपात लागू नह होता। यह भी दे खए क यहाँ दर आकार के
साथ लगातार घटती भी नह — तीन बोतल म घटती है, पर सबसे छोटा कोष्ठ प्र त मलीलीटर सबसे सस्ता है।
बाजार म प्राय: इसका उल्टा मलेगा; अपनी ता लका बनाकर दे खए।

प्र.3 शपू के कोष्ठ और छोट बोतल के आयतन का अनुपात 6 : 180 है। उनके मूल्य का अनुपात 2 : 154 है। क्या ये
अनुपात समानुपाती ह?

नह ।

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आयतन: 6 : 180, म.स.प. = 6 → 1 : 30

मूल्य: 2 : 154, म.स.प. = 2 → 1 : 77

1 : 30 और 1 : 77 समान नही ं

वज्र गुणन भी यही कहता है: 6 × 154 = 924 जब क 180 × 2 = 360।

इन दो संख्याओं का अथ: छोट बोतल म कोष्ठ से 30 गुना शपू है, पर उसका मूल्य 77 गुना है। मूल्य समानुपाती
होता तो बोतल का दाम 30 × ₹ 2 = ₹ 60 होना चा हए था। ₹ 154 पर वह प्र त मलीलीटर कह महँगी है।

प्र.4 आपके वचार से ऐसा क्य है क मूल्य का अनुपात और आयतन का अनुपात समानुपाती नह ह? कंपनी और
ाहक के लए भन्न- भन्न आकार क बोतल के लाभ और हा न पर चचा क जए। पा र तक पद चह्न कम
करने के लए आप ाहक और कंपनी को क्या सुझाव दगे? क्या अन्य उत्पाद के लए भी यही बात लागू होती है?

कसी पात्र का मूल्य केवल उसके भीतर रखी वस्तु का मूल्य नह होता।

प्र त पैक र लागत। बोतल, ढक्कन, लेबल, छपाई, भराई और ढु लाई क लागत लगभग उतनी ही रहती है, चाहे पैक 180
मलीलीटर का हो या 1000 मलीलीटर का। बड़ी बोतल म यही लागत अ धक शपू पर बँट जाती है, अत: उसक प्र त
मलीलीटर दर घट जाती है।
थोक छू ट। कंपनी बड़ी बोतल कम दर पर बेचती है ता क ाहक एक बार म अ धक खरीदे ।
क्रय-क्षमता। कोष्ठ का मूल्य इतना कम रखा जाता है क जो व्य क्त आज ₹ 540 नह दे सकता वह भी शपू खरीद सके। यहाँ
मूल्य इस बात से तय होता है क ाहक कतना दे सकता है, केवल लागत से नह ।

छोटे पैक बड़े पैक

ग ाहक के आज का खच कम, ले जाने में सुग म, कभी-कभी उपयोग हो तो व्यथ पित िमलीलीटर पाय: स स्ता, दुक ान के चक्कर कम
िलए नही ं जाता

कं पनी के अिधक ग ाहकों तक पहच
ु ँ , पर पित लीटर पैिकं ग और ढुल ाई कही ं पित लीटर पैिकं ग और ढुल ाई कम , एक बार में बड़ी
िलए अिधक िब ी

पा र तक पद चह्न घटाने के लए: ाहक वह सबसे बड़ा आकार खरीदे जसे वह वास्तव म समाप्त कर सके, और जहाँ री फल
पैक मल वहाँ बोतल दोबारा भरे; कंपनी री फल पाउच दे , बोतल वापस लेकर पुन: उपयोग करे, और बड़े आकार क प्र त
मलीलीटर दर सचमुच कम रखे ता क कम कचरे वाला वकल्प सस्ता भी हो।

असली लागत प्ला स्टक क है: कोष्ठ से 1 लीटर शपू लेने का अथ है लगभग 167 कोष्ठ — 167 ढक्कन, सील
और पन्नी के टु कड़े, जनका पुनचक्रण लगभग नह होता, जब क वकल्प एक अकेली बोतल है। रुपय का अनुपात
और कचरे का अनुपात दो भन्न अनुपात ह, और वे एक ही दशा म संकेत नह करते।

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प्रयास क जए: यही ता लका चावल या आटे के लए 500 ाम, 1 कलो ाम और 10 कलो ाम पर बनाइए। मुख्य
खाद्यान्न का मूल्य प्राय: भार के लगभग समानुपाती होता है, अत: उनक प्र त इकाई दर लगभग बराबर नकलती ह
— शपू से बल्कुल भन्न। तुलना क जए और कारण पर चचा क जए।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 172–174
7.5 साझा क जए परंतु समान रूप से नह ! · ग त व ध 3

प्र.1 ग त व ध 3— एक युग्म बनाइए। गणना योग्य 12 वस्तुए ँ या गणक ली जए। ये काउंटस, ये सक्के, बीज या कंकड़
भी हो सकते ह। अब आप दोन इन्ह आपस म भन्न प्रकार से बाँट ली जए। य द आप इन्ह समान रूप म बाँट लेते
ह तो आप म से प्रत्येक के पास उपलब्ध गणना योग्य वस्तुओं क संख्या का अनुपात क्या होगा?

6 : 6, जसका सरलतम रूप 1 : 1 है।

12 ÷ 2 = पत्येक को 6 गणक

6 : 6, म.स.प. = 6 → 1 : 1

“समान रूप से” का अथ 1 : 1 ही क्य है: सरलतम रूप कुल संख्या को हटा दे ता है और केवल तुलना रखता है।
12 गणक समान रूप से बाँ टए, या 50, या 400 — सदै व 1 : 1 ही मलेगा, अथात आपके प्रत्येक एक गणक पर
साथी को भी एक। “समान रूप से” शब्द यही सूचना दे ता है।

प्र.2 य द आपके साथी को 5 गणक मलते ह तो आपको कतने गणक प्राप्त ह गे? बताइए क गणक प्रा प्त का क्या
अनुपात होगा?

आपको 7 गणक मलगे, और साथी के गणक का आपके गणक से अनुपात 5 : 7 होगा।

12 − 5 = 7

साथी : आप = 5 : 7, और 5 तथा 7 का म.स.प. 1 है, अत: यह पहले से ही सरलतम है

संकेत: क्रम महत्त्वपूण है। आपके गणक का साथी के गणक से अनुपात 7 : 5 होगा, जो 5 : 7 से भन्न है। सदै व
बताइए क पहले कौन-सी रा श रखी गई है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
m.
अब य द आप दोन आपस म 3 : 1 के अनुपात म गणक बाँटना चाहते ह तो आप म से प्रत्येक को कतने गणक
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प्र.3

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प्राप्त ह गे?

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g l a
a

आपके साथी को 9 और आपको 3 गणक मलगे।

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3 और 1 करके बाँटते जाइए और दे खए कहाँ पहुँचते ह —

m .
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चरण साथी ले ता है
a g l आप ले ते है ं शेष गणक

आरंभ — — 12

co m
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1 3 1 8

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3 3 1 0

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कु ल 9 3 —

m .
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अथवा एक ही चरण में: 3 + 1 = 4 समूह, पत्येक समूह = 12 ÷ 4 = 3 गणक

साथी: 3 × 3 = 9 आप: 1 × 3 = 3
co m
m .
e
जाँच : 9 : 3 = 3 : 1 ✓ तथा 9 + 3 = 12 ✓
m l as
.co a g
a s eसंmपूण 4 क्य बनता है, 3 या 1 क्य नह : अनुपात 3 : 1 गणक को चार समान समूह के रूप म दे खता है — तीन
agl एक व्य क्त के और एक दूसरे का। संख्या 12, 4 का 3 गुना है, अत: अनुपात 3 : 1 को 3 से बढ़ाकर 9 : 3 मलता

se m
com a
है। पद के योग से भाग दे ना ही वह क्रया है जो तुलना को वास्त वक मात्राओं म बदलती है।

. a g l
m
gl ase
प्र.4
a
अब य द आप दोन व्य क्तय म 42 गणक को 4 : 3 के अनुपात म बाँटना चाहते ह तो आप इसे कस प्रकार
बाँटगे?
co m
m .
m as e
.co
a g l
se mआपके साथी को 24 और आपको 18 गणक मलगे।
g l a
a c
m .
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g l as
a

co m
m .
m ase
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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

कु ल समूह = 4 + 3 = 7

पत्येक समूह का आकार = 42 ÷ 7 = 6

साथी: 4 × 6 = 24 आप: 3 × 6 = 18
जाँच : 24 + 18 = 42 ✓ तथा 24 : 18 = 4 : 3 ✓

बार-बार बाँटते जाना अ यु क्त क्य नह है: 4 और 3 करके बाँटना चलता तो है, पर उसम छह चरण लगते ह
और यह अंत म ही पता चलता है क गणक ठ क-ठ क बँटे या नह । 7 समान समूह म बाँटना एक ही भाग म उत्तर दे
दे ता है, और यह भी तुरंत बता दे ता है क बँटवारा कब असंभव है — 40 गणक को 4 : 3 म बाँटने के लए समूह
40⁄7 का होता, जो पूरा गणक नह है।

संकेत: सामान्यत: x को m : n म बाँटने पर भाग m × x⁄(m+n) तथा n × x⁄(m+n) होते ह। यहाँ 4 × 42⁄7 =
24 और 3 × 42⁄7 = 18।

प्र.5 प्रत्येक समूह का आकार क्या है?

6 गणक।

समूहों की संख्या = 4 + 3 = 7

पत्येक समूह का आकार = 42 ÷ 7 = 6

सात समूह म 6-6 गणक ह; इनम से चार समूह आपके साथी को और तीन आपको मलते ह।

आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 175
7.5 साझा क जए परंतु समान रूप से नह !

प्र.1 ₹ 4,500 को 2 : 3 के अनुपात म दो भाग म वभा जत क जए।

₹ 1,800 तथा ₹ 2,700।

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कु ल समूह = 2 + 3 = 5

पत्येक समूह = 4500 ÷ 5 = ₹ 900

पहला भाग = 2 × 900 = ₹ 1,800

दू सरा भाग = 3 × 900 = ₹ 2,700

जाँच : 1800 + 2700 = 4500 ✓ तथा 1800 : 2700 = 2 : 3 ✓

संकेत: भाग को संपूण क भन्न के रूप म सो चए — ₹ 4,500 का 2⁄5 और ₹ 4,500 का 3⁄5। दोन भन्न का
योग 1 है, जो कहने का दूसरा तरीका है क कुछ शेष नह बचता।

प्र.2 एक व ान क प्रयोगशाला म अम्ल और जल को 1 : 5 क मात्रा म मलाकर एक वलयन तैयार कया जाता है।
240 मलीलीटर वलयन वाले एक पात्र म अम्ल और जल क कतनी मात्रा होगी?

40 मलीलीटर अम्ल तथा 200 मलीलीटर जल।

कु ल समूह = 1 + 5 = 6

पत्येक समूह = 240 ÷ 6 = 40 िमली.

अम्ल = 1 × 40 = 40 िमली.

जल = 5 × 40 = 200 िमली.

जाँच : 40 + 200 = 240 ✓ तथा 40 : 200 = 1 : 5 ✓

240 को 1 और 5 म क्य नह बाँटा जाता: अनुपात 1 : 5 का अथ 1 मलीलीटर और 5 मलीलीटर नह है;
इसका अथ है क पात्र 6 समान भाग से बना है — एक भाग अम्ल और पाँच भाग जल। अम्ल वलयन का 1⁄6 है,
1⁄5 नह — यह चूक ध्यान दे ने योग्य है, और प्रयोगशाला म तो खतरनाक भी।

प्र.3 हरा रंग बनाने के लए नीले और पीले रंग का 3 : 5 के अनुपात म एक मश्रण तैयार कया गया है। 40 मलीलीटर
हरा रंग बनाने के लए दोन रंग क कतनी मात्रा क आवश्यकता होगी? हरे रंग को कुछ हल्का बनाने के लए
मने मश्रण म 20 मलीलीटर पीला रंग मलाया। बताइए क इस रंग म नीले और पीले रंग का नया अनुपात क्या
है?

15 मलीलीटर नीला और 25 मलीलीटर पीला। पीला मलाने के बाद नया अनुपात 1 : 3 है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

कु ल समूह = 3 + 5 = 8

पत्येक समूह = 40 ÷ 8 = 5 िमली.

नीला = 3 × 5 = 15 िमली. पीला = 5 × 5 = 25 िमली.

20 िमली. पीला िमलाने पर: पीला = 25 + 20 = 45 िमली., नीला अब भी 15 िमली.

नीला : पीला = 15 : 45, म.स.प. = 15 → 1 : 3

अनुपात इतना क्य बदल गया: केवल एक पद बदला है। नीला ज्य का त्य है, अत: तुलना 3 : 5 से 1 : 3 हो गई
— अब नीले के प्रत्येक भाग पर पीले के तीन भाग ह, पहले 1⅔ भाग थे। कुल मात्रा भी 40 मली. से बढ़कर 60
मली. हो गई। अनुपात के एक पद म जोड़ने से अनुपात सदै व बदलता है; चत्रकार रंग को हल्का इसी प्रकार करता
है।

प्र.4 नरम इडली बनाने के लए आपको चावल और उड़द दाल को 2 : 1 म मलाना होगा। य द आपको कल सुबह
इडली बनाने के लए इस मश्रण के 6 कप चा हए तो आपको कतने कप चावल और उड़द दाल क आवश्यकता
होगी?

4 कप चावल तथा 2 कप उड़द दाल।

कु ल समूह = 2 + 1 = 3

पत्येक समूह = 6 ÷ 3 = 2 कप

चावल = 2 × 2 = 4 कप

उड़ द दाल = 1 × 2 = 2 कप

जाँच : 4 + 2 = 6 ✓ तथा 4 : 2 = 2 : 1 ✓

संकेत: य द 9 कप चा हए होते तो प्रत्येक समूह 3 कप का होता, अथात 6 कप चावल और 3 कप दाल। अनुपात 2
: 1 व ध तय करता है; कुल मात्रा बताती है क बनाना कतना है।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

प्र.5 मेरे पास एक नारंगी रंगलेप (पट) से भरी हुई बाल्ट है। इस रंगलेप को 3 : 5 क मात्रा से लाल और पीले रंग को
मलाकर बनाया गया है। मने इस मश्रण म पीले रंगलेप क एक और बाल्ट मला द । इस मश्रण म लाल रंगलेप
और पीले रंगलेप क मात्रा का नया अनुपात क्या होगा?

3 : 13।

नारंगी रंगलेप की एक बाल्टी में:

लाल = 3⁄8 बाल्टी, पीला = 5⁄8 बाल्टी

पीले की पूरी 1 बाल्टी और िमलाने पर:

पीला = 5⁄8 + 1 = 13⁄8 बाल्टी, लाल ज्यों का त्यों 3⁄8

लाल : पीला = 3⁄8 : 13⁄8

दोनों पदों को 8 से गुणा कीिजए → 3 : 13

लीटर म आयतन जानना क्य आवश्यक नह : यहाँ बाल्ट ही इकाई है। बाल्ट म कुछ भी आता हो, नारंगी रंगलेप
का 3⁄8 लाल और 5⁄8 पीला है, और मलाई गई बाल्ट पूरी क पूरी पीली है। 3⁄8 : 13⁄8 के दोन पद को 8 से गुणा
करने पर भन्न हट जाती ह और अनुपात अछू ता रहता है।

स्वयं जाँ चए: बाल्ट को 8 लीटर क मान ली जए। तब नारंगी रंगलेप म 3 लीटर लाल और 5 लीटर पीला है; 8
लीटर पीला और मलाने पर 3 लीटर लाल पर 13 लीटर पीला — वही 3 : 13, जैसा होना ही चा हए।

आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 176–177
7.6 इकाई रूपांतरण (अध्याय-अंत का प्रश्न-समूह)

प्रयास क जए

प्र.1 अनघ 600 मलीलीटर संतरे के रस को 900 मलीलीटर सेब के रस के साथ मलाकर फल का रस तैयार करता
है। संतरे के रस और सेब के रस का अनुपात सरलतम रूप म ल खए।

2 : 3।

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ase
कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
e m.
संत रा : सेब = 600 : 900
m l as
.co
600 और 900 का म.स.प. = 300
m a g
l a se
g
600⁄300 : 900⁄300 = 2 : 3
a

. c om
संकेत: दोन मात्राएँ पहले से ही मलीलीटर म थ , अत: कोई रूपांतरण आवश्यक नह हुआ। य द सेब का रस 0.9
ag
a s emलखना होता।
लीटर दया होता तो पहला काम उसे 900 मलीलीटर

agl

co m
m.
वगत वष हमने शै क्षक भ्रमण हेतु 3 बस कराए पर ली थ । उस भ्रमण पर कुल 162 व ाथ और शक्षक थे।
e
प्र.2

com होगी? क्या सभी बस भरी ह गी? l as
बस क सभी सीट भरी हुई थ । इस वष हमारे पास व ा थय क संख्या 204 है। हम कतनी बस क
. a g
sem
आवश्यकता

la
agउत्तर
m a s
.co agl
4 बस चा हए, और सभी बस भरी नह ह गी — 12 सीट खाली रहगी।

se m
g l a
a
एक बस की सीटें = 162 ÷ 3 = 54

आवश्यक बसे ं = 204 ÷ 54 = 3.78, अत: 4 बसे ं

co m
4 बसों की सीटें = 4 × 54 = 216
m .
m as e
.co
खाली सीटें = 216 − 204 = 12
a g l
se m
g l a
a उत्तर 3.78 क्य नह है: समानुपात 3 : 162 :: x : 204 से x = 3.78 मलता है, और यहाँ तक ग णत ठ क है।

se m
comपात से कसी न बँटने वाली वस्तु का भन्नात्मक मान आए, l a
कतु बस पूरी ही मलती ह। 3.78 को घटाकर 3 करने पर 204 − 162 = 42 व्य क्त सड़क पर रह जाएँगे, अत:
उत्तर को ऊपर पूणा कत करना होगा। जब भी.समानु a g
a s em
ag l
पहले सो चए क पूणाकन कस ओर होना चा हए।

co m
m .
प्र.3
m a e है? यह आपने कैसे ात
sवाला
दल्ली का क्षेत्रफल 1484 वग कलोमीटर और मुंबई का क्षेत्रफल 550 वग कलोमीटर है। दल्ली क जनसंख्या

.c o ag l
लगभग 3 करोड़ और मुंबई क 2 करोड़ है। कौन-सा शहर अ धक जनसंख्या

a s em कया?

agl
.c
e m

m a s
. co agl
मुंबई अ धक भीड़भाड़ वाला है — प्रत्येक वग कलोमीटर म लगभग 36,364 व्य क्त, जब क दल्ली म लगभग 20,216।

e m
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

िदल्ली: 3,00,00,000 ÷ 1484 ≈ 20,216 व्यिक्त पित वग िकमी

मुंबई: 2,00,00,000 ÷ 550 ≈ 36,364 व्यिक्त पित वग िकमी

अ धक जनसंख्या वाला शहर अ धक भीड़भाड़ वाला क्य नह है: दल्ली म 1 करोड़ व्य क्त अ धक ह, पर उन्ह
फैलाने के लए लगभग तीन गुना भू म भी है। भीड़भाड़ का अथ है प्र त इकाई क्षेत्रफल व्य क्त — यह एक अनुपात
है, केवल गनती नह । दोन शहर को “एक वग कलोमीटर म इतने व्य क्त” म लाते ही उ चत तुलना संभव हो जाती
है, और मुंबई उतने ही ान म लगभग दुगुने व्य क्त समेटे हुए मलता है।

क्या आप जानते ह? इस अनुपात को जनसंख्या घनत्व कहते ह। इसी कारण एक छोटा पीय नगर, कह अ धक
जनसंख्या वाले बड़े राज्य से भी अ धक भीड़भाड़ वाला लग सकता है।

प्र.4 155 सट मीटर ऊँचाई वाले एक सारस क गदन और शेष शरीर का अनुपात 4 : 6 है। आपक ऊँचाई के लए य द
आपक गदन और शेष शरीर का अनुपात भी यही हो तो आपक गदन कतनी लंबी होगी?

आपक गदन आपक ऊँचाई का 4⁄10 = 2⁄5 भाग होगी। स्वयं को मा पए और गुणा क जए।

कु ल समूह = 4 + 6 = 10

गदन = 4⁄10 × आपकी ऊँ चाई = 0.4 × आ पकी ऊँ च ाई

सारस के िलए: 4⁄10 × 155 = 62 सेमी. गदन

यिद आपकी ऊँ चाई 150 सेमी. है: 4⁄10 × 150 = 60 सेमी.

यिद आपकी ऊँ चाई 160 सेमी. है: 4⁄10 × 160 = 64 सेमी.

यह उत्तर रुककर सोचने योग्य क्य है: 150 सेमी. के व्य क्त पर 60 सेमी. क गदन आपके सर और छाती को
मलाकर भी अ धक लंबी होगी। सारस के लए 4 : 6 पूणत: सामान्य अनुपात है, क्य क उसक लंबी गदन उथले
पानी म मछली पकड़ने के लए बनी है; मानव शरीर पर वही अनुपात हास्यास्पद हो जाता है। अनुपात सदै व कसी
वस्तु का होता है — उसे एक जीव से दूसरे पर लादने से पहले प रणाम दे ख लेना चा हए।

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प्र.5 आइए, लीलावती ंथ क एक प्राचीन समस्या हल कर। प्राचीन समय म भार को पलास नामक इकाई म मापा
जाता था और मुद्रा क इकाई नष्कस होती थी। “य द 2½ पलास केसर का मूल्य 3⁄7 नष्कस हो तो अरे व ान
व्यापारी! मुझे शीघ्रता से बताइए क 9 नष्कस म केसर क कतनी मात्रा का वक्रय कया जा सकता है?”

52.5 पलास केसर।

2½ पलास = 5⁄2 पलास, मूल्य = 3⁄7 िन ष्कस

3⁄7 : 5⁄2 :: 9 : x

वज्र गुणन से: 3⁄7 × x = 5⁄2 × 9

3⁄7 × x = 45⁄2

x = 45⁄2 × 7⁄3 = 315⁄6 = 52.5 पलास

उत्तर इतना बड़ा क्य है: पहले मुद्रा क तुलना क जए — 9 ÷ 3⁄7 = 9 × 7⁄3 = 21, अथात क्रेता पहले से
इक्क स गुना धन दे रहा है। अत: केसर भी इक्क स गुना मलनी चा हए: 5⁄2 × 21 = 105⁄2 = 52.5 पलास।
आँकड़ म भन्न होने से व ध नह बदलती; केवल प रवतन का गणक स्वयं भन्न हो जाता है।

क्या आप जानते ह? भास्कराचाय ने लीलावती क रचना 1150 ई. म क , और उसम प्रश्न पाठक से बातचीत क
तरह पूछे गए ह — “अरे व ान व्यापारी!”। उसके त्रैरा शक प्रश्न ठ क इसी अध्याय का तीन का नयम ह।

प्र.6 हरमन एक बा लका है और उसक आयु 1 वष है। हरमन के बड़े भाई क आयु 5 वष है। बताइए क जब हरमन
और उसके भाई क आयु का अनुपात 1 : 2 हो तब हरमन क आयु क्या होगी?

हरमन 4 वष क होगी (और उसका भाई 8 वष का), अथात 3 वष प ात।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

माना अब से x वष पश्चात।

हरमन: 1 + x, भाई: 5 + x

(1 + x) : (5 + x) = 1 : 2

वज्र गुणन से: 2(1 + x) = 1(5 + x)

2 + 2x = 5 + x

x=3

हरमन की आयु = 1 + 3 = 4 वष, भाई = 5 + 3 = 8 ✓ तथा 4 : 8 = 1 : 2 ✓

आयु का अनुपात क्य बदलता रहता है: 4 वष का अंतर कभी नह बदलता, पर प्रत्येक वष दोन पद म 1 जुड़ता
है — और अनुपात के दोन पद म समान संख्या जोड़ने से अनुपात बदल जाता है। आज वह 1 : 5 है, तीन वष बाद
1 : 2, और आगे चलकर 10 : 14 = 5 : 7, सदै व 1 : 1 क ओर खसकता हुआ। ठ क 1 : 2 वह क्षण है जब भाई
क आयु हरमन से दुगुनी हो, और अंतर 4 होने के कारण वह 4 और 8 पर ही संभव है।

प्र.7 सोने और पानी के समान आयतन का द्रव्यमान 37 : 2 के अनुपात म है। य द 1 लीटर पानी का द्रव्यमान 1
कलो ाम है तो 1 लीटर सोने का द्रव्यमान कतना होगा?

18.5 कलो ाम।

समान आयतन के िलए सोना : पानी = 37 : 2

37 : 2 :: x : 1

2 × x = 37 × 1

x = 37⁄2 = 18.5 िकलोगाम

“समान आयतन” क्य अ नवाय है: अनुपात 37 : 2 द्रव्यमान क तुलना तभी करता है जब दोन नमूने समान
ान घेरते ह । एक कलो ाम सोने और एक कलो ाम पानी के बारे म यह कुछ नह कहता — उनके द्रव्यमान तो
प रभाषा से ही समान ह। यह बताता है क सोना पानी से 18.5 गुना सघन है, अत: एक लीटर सोना साढ़े अठारह
लीटर पानी जतना भारी है।

क्या आप जानते ह? एक लीटर क बोतल य द सोने से भरी हो तो उसका भार 18.5 कलो ाम होगा — भरे हुए
स्कूल बैग से भी अ धक। यही वह गुण है जससे आ क मडीज ने मुकुट क शुद्धता जाँची थी, ऐसा कहा जाता है।

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प्र.8 एक एकड़ भू म के लए 10 टन गोबर क खाद का उपयोग करना एक अ कृ ष पद्ध त मानी जाती है। एक
कृषक 200 फुट लंबाई × 500 फुट चौड़ाई के आकार के एक भूखंड म टमाटर उगाने क योजना बना रहा है। उसे
गोबर खाद क कतनी मात्रा आवश्यक होगी? (कृपया इस अध्याय के पूव खंड म व णत इकाई रूपांतरण वाले
भाग को दे खए)।

लगभग 22.96 टन, अथात लगभग 22,957 कलो ाम गोबर क खाद।

भूखंड का क्षेत्रफल = 200 × 500 = 1,00,000 वगफुट
1 एकड़ = 43,560 वगफुट

भूखंड एकड़ में = 100000 ÷ 43560 = 2.2957 एकड़

खाद = 10 × 2.2957 = 22.957 टन ≈ 22.96 टन

िकलोगाम में: 22.957 × 1000 ≈ 22,957 िकलोगाम

रूपांतरण छोड़ा क्य नह जा सकता: संस्तुत मात्रा प्र त एकड़ द गई है, पर भूखंड फुट म मापा गया है। 10 टन
को सीधे 1,00,000 वगफुट के साथ रखने का अथ होगा टन-प्र त-एकड़ क तुलना टन-प्र त-वगफुट से — दो भन्न
दर। भूखंड को एकड़ म बदलने से दोन रा शयाँ एक ही पैमाने पर आ जाती ह, और तभी तीन का नयम लगाया जा
सकता है।

संकेत: खाद ै क्टर- ॉली के हसाब से बकती है, अत: कृषक ऊपर पूणा कत करके 23 टन खरीदे गा। बस क तरह
यहाँ भी ग णत सही संख्या दे ता है और प र त तय करती है क पूणाकन कस ओर हो।

प्र.9 एक नल एक मग पानी भरने म 15 सेकंड का समय लेता है। मग का आयतन 500 मलीलीटर है। य द बाल्ट क
क्षमता 10 लीटर है तो वही नल एक बाल्ट पानी भरने म कतना समय लेगा?

300 सेकंड, अथात 5 मनट।

10 लीटर = 10 × 1000 = 10,000 िमलीलीटर

मगों की संख्या = 10000 ÷ 500 = 20

समय = 20 × 15 = 300 सेकं ड = 5 िमनट

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as e
कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
a g l AglaSem · NCERT Solutions

co m
e m.
तीन के िनयम से:
m l as
.co
500 : 15 :: 10000 : t
m a g
l a se
g
500 × t = 10000 × 15
at = 150000 ÷ 500 = 300 सेकं ड

com
m . ag
l a se
agसे नल म कुछ नह बदलता, अत: बीस गुना पानी भरने म ठ क बीस
यहाँ आयतन और समय समानुपाती क्य ह: नल एक न त दर से बह रहा है — 500 ÷ 15 = 33⅓
मलीलीटर प्र त सेकंड। नीचे बड़ा पात्र रखने
गुना समय लगेगा।

co m
em.
m l as
.co a g
a s em एक एकड़ भू म का मूल्य ₹ 15,00,000 है। बताइए क उसी भू म के 2400 वगफुट भूखंड का मूल्य क्या होगा?
l
प्र.10

ag
s

m a
लगभग ₹ 82,645।
m .co agl
l a se
a
1 एकड़ = 43,560 वगफुट का मूल्य ₹ 15,00,000
g
43560 : 1500000 :: 2400 : x
co m
m .
as e
om
43560 × x = 2400 × 15,00,000

xm=.c36,00,00,00,000 ÷ 43560 a g l
ase
agl x = ₹ 82,644.63 ≈ ₹ 82,645

se m
यह भाग इतना छोटा क्य है: 2,400 वगफुट.cएक omएकड़ का केवल 2400⁄43560 ≈ 5.5% है, अत: उसका मूल्य g l a
emहए — लगभग ₹ 82,500, जो मेल खाता है। यह मोटा अनुमान पहले a
a s
gl
₹ 15,00,000 का लगभग 5.5% होना चा
लगा लेने से तुरंत पता चल जाताaहै क लंबी भाग- क्रया म कह चूक तो नह हुई।

c o m
संकेत: प्र त वगफुट दर 1500000 ÷ 43560 ≈ ₹ 34.44 है। 2400 × 34.44 से ₹m .
s e 82,656 मलता है — यह

. cछोटा laसुर क्षत है।
omअंतर केवल दर के पूणाकन का है, इसी लए भाग सबसे अंत म दे ना अagधक
as em
agl c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a

co m
m .
m ase
.co


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प्र.11 एक खेत को एक ै क्टर 1 जोड़ी बैल क अपेक्षा तीव्र ग त से जोत सकता है। एक कृषक अपने 20 एकड़ खेत
क जुताई करना चाहता है। बैल क एक जोड़ी को एक एकड़ जमीन जोतने म 6 घंटे का समय लगता है। य द
कसान बैल क जोड़ी से खेत जोतता है तो बताइए क उसे कतना समय लगेगा?

बैल क जोड़ी से 120 घंटे लगगे।

बैल: 1 एकड़ के िलए 6 घंटे

1 : 6 :: 20 : t

t = 20 × 6 = 120 घंटे

यह सीधा समानुपात क्य है: क्षेत्रफल और समय साथ-साथ बढ़ते ह — खेत दुगुना तो घंटे भी दुगुने। बैल क ग त
नह बदलती, अत: 20 एकड़ के लए 20 × 6 घंटे लगगे।

संकेत: इसी प्रश्न के अं ेज़ी संस्करण म यह भी दया है क ै क्टर बैल से 4 गुना तेज़ जोतता है, और ै क्टर से लगने
वाला समय भी पूछा गया है। वहाँ ै क्टर 1 एकड़ 6 ÷ 4 = 1.5 घंटे म जोतेगा, अत: 20 एकड़ के लए 20 × 1.5 =
30 घंटे, अथात 120 ÷ 4 = 30 घंटे। ध्यान द जए क यहाँ दो भन्न संबंध एक साथ ह — क्षेत्रफल के साथ समय
बढ़ता है, पर ग त के साथ घटता है; इन्ह गड्डमड्ड करने पर ै क्टर के लए 30 के ान पर 480 घंटे आ जाते।

प्र.12 ₹ 10 का सक्का ताँबे और नकल क एक मश्रधातु ‘क्यूप्रो- नकल’ से न मत है। इस मश्रधातु को ताँबे और
नकल क 3 : 1 क मात्रा से मलाकर प्राप्त कया जाता है। सक्के का द्रव्यमान 7.74 ाम है। य द ताँबे का
मूल्य ₹ 906 प्र त कलो ाम तथा नकल का मूल्य ₹ 1341 प्र त कलो ाम है तो ₹ 10 के सक्के म इन धातुओं
का मूल्य क्या होगा?

ताँबा ≈ ₹ 5.26, नकल ≈ ₹ 2.59, दोन मलाकर लगभग ₹ 7.85।

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कु ल समूह = 3 + 1 = 4, पत्येक समूह = 7.74 ÷ 4 = 1.935 गाम

ताँबा = 3 × 1.935 = 5.805 गाम

िनकल = 1 × 1.935 = 1.935 गाम

ताँबा: ₹ 906 पित 1000 गाम → 5.805 × 906 ÷ 1000 = 5259.33 ÷ 1000 = ₹ 5.26

िनकल: ₹ 1341 पित 1000 गाम → 1.935 × 1341 ÷ 1000 = 2594.835 ÷ 1000 = ₹ 2.59

कु ल धात ु मूल्य ≈ ₹ 7.85

₹ 10 के सक्के म ₹ 10 क धातु क्य नह होती: सक्के क धातु का मूल्य लगभग ₹ 7.85 है, जो उसके अं कत
मूल्य से कम है। यह अंतर महत्त्वपूण है: य द धातु ₹ 10 से अ धक मूल्य क होती तो सक्क को चलाने के बजाय
गलाना लाभप्रद हो जाता और सक्के प्रचलन से गायब हो जाते। टकसाल मश्रधातु और द्रव्यमान इसी अनुपात को
ध्यान म रखकर चुनती है।

स्वयं जाँ चए: ताँबा द्रव्यमान का 3⁄4 है पर मूल्य का केवल 5.26⁄7.85 ≈ 67%, क्य क नकल महँगी धातु है — ₹
1,341 बनाम ₹ 906 प्र त कलो ाम। द्रव्यमान का अनुपात और मूल्य का अनुपात दो भन्न अनुपात ह, और इनका
समान होना आवश्यक नह ।

पहेली का समय — बनौरो
बनौरो (ताकुजू) — भाग-I के अंत म

प्रयास क जए

प्र.1 नम्न ल खत बनौरो पहे लयाँ हल क जए। (पहली जाल — पं क्त 2 के स्तंभ 3 म ऊध्वाधर रेखा तथा स्तंभ 5
और 6 म क्षै तज रेखाएँ; पं क्त 3 के स्तंभ 2 म क्षै तज रेखा; पं क्त 4 के स्तंभ 3 और 5 म ऊध्वाधर रेखाएँ; पं क्त
5 के स्तंभ 1 और 5 म क्षै तज रेखाएँ; पं क्त 6 के स्तंभ 3 म ऊध्वाधर रेखा)

पूरा कया हुआ जाल नीचे है। छायां कत प्रकोष्ठ वे ह जो पुस्तक म पहले से छपे ह।

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पहेली 1 का हल। छायां कत प्रकोष्ठ पुस्तक म पहले से दए गए ह; प्रत्येक पं क्त और स्तंभ म तीन ऊध्वाधर और तीन क्षै तज रेखाएँ ह, तीन
समान रेखाएँ कभी सट हुई नह ह, और छह पं क्तयाँ तथा छह स्तंभ भन्न ह।

तक क ंखला, जसम ऊ = ऊध्वाधर रेखा तथा क्ष = क्षै तज रेखा —

पं क्त 2 म स्तंभ 5 और 6 पर क्ष ह, अत: स्तंभ 4 क्ष नह हो सकता — तीन एक साथ व जत ह। स्तंभ 4 ऊ है। अब स्तंभ 3
और 4 दोन ऊ ह, अत: स्तंभ 2 ऊ नह हो सकता; स्तंभ 2 क्ष और स्तंभ 1 ऊ। पं क्त 2 = ऊ क्ष ऊ ऊ क्ष क्ष।
स्तंभ 3 म अब पं क्त 2, 4 और 6 पर ऊ ह — पूरे तीन। अत: उसी स्तंभ क पं क्त 1, 3 और 5 क्ष ह गी।
पं क्त 5 म तब स्तंभ 1, 3 और 5 पर क्ष हो गईं — तीन पूरी — अत: स्तंभ 2, 4 और 6 ऊ ह गे: क्ष ऊ क्ष ऊ क्ष ऊ।
स्तंभ 1 म पं क्त 2 और 3 पर ऊ ह, अत: पं क्त 1 और 4 क्ष ह गी; तब तीन-तीन पूरी करने के लए पं क्त 6 ऊ बचती है।
इसी प्रकार आगे ब ढ़ए — तीन तक ग नए, तीन समान कभी सटने न द जए, और प्रत्येक पं क्त व स्तंभ भन्न र खए — शेष
जाल स्वयं भर जाता है, कह कोई वकल्प नह बचता।

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1 AglaSem · NCERT Solutions

हल एकमात्र क्य है: ऊपर का प्रत्येक चरण बाध्य था, अनुमान कह नह लगाया गया। नयम 1 (प्रत्येक पं क्त म
तीन-तीन) और नयम 2 (तीन समान सटे हुए नह ) मलकर यह सु न त करते ह क जैसे ही दो समान चह्न साथ
आते ह, उनके दोन सर के प्रकोष्ठ तय हो जाते ह। नयम 3 उन दो पं क्तय के बीच क अं तम दु वधा हटा दे ता है
जो अन्यथा आपस म बदली जा सकती थ ।

प्र.2 नम्न ल खत बनौरो पहे लयाँ हल क जए। (दूसरा जाल — पं क्त 1 के स्तंभ 1, पं क्त 2 के स्तंभ 1 और 6 तथा
पं क्त 5 के स्तंभ 6 म क्षै तज रेखाएँ; पं क्त 3 के स्तंभ 4, पं क्त 4 के स्तंभ 2 और 3 तथा पं क्त 6 के स्तंभ 2 और
5 म ऊध्वाधर रेखाएँ)

पूरा कया हुआ जाल —

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कक्षा 8 ग णत अध्याय 7 समानुपा तक तकण-1
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पहेली 2 का हल। छायां कत प्रकोष्ठ पुस्तक म पहले से दए गए ह; प्रत्येक पं क्त और स्तंभ म तीन ऊध्वाधर और तीन क्षै तज रेखाएँ ह, तीन

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समान रेखाएँ कभी सट हुई नह ह, और छह पं क्तयाँ तथा छह स्तंभ भन्न ह।

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पंिक्त 1: क्ष क्ष ऊ ऊ क्ष ऊ

पंिक्त 2: क्ष ऊ ऊ क्ष ऊ क्ष

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पंिक्त 3: ऊ क्ष क्ष ऊ क्ष ऊ
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पंिक्त 4: क्ष ऊ ऊ क्ष क्ष ऊ
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पंिक्त 5: ऊ क्ष क्ष ऊ ऊ क्ष
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पंिक्त 6: ऊ ऊ क्ष क्ष ऊ क्ष

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स्तंभ 1.क coपंmक्त 1 और 2 म क्ष ह, अत: पं क्त 3 म ऊ होना ही है। a g l
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पंs क्त 4 के स्तंभ 2 और 3 पर ऊ ह, अत: स्तंभ 1 और 4 ऊ नह हो सकते — दोन क्ष ह।
a gla पं क्त 6 के स्तंभ 2 और 5 पर ऊ ह; शेष इस प्रकार भ रए क तीन समान न सट और पं क्त 6 प्रत्येक अन्य पं क्त से भन्न रहे
— केवल ऊ ऊ क्ष क्ष ऊ क्ष ही बचता है।
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प्रत्येक पं क्त और प्रत्येक स्तंभ म ठ क तीन ऊध्वाधर और तीन क्षै तज रेखाएँ ह, तथा छह पं क्तयाँ और छह स्तंभ परस्पर
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भन्न ह।
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स्वयं जाँ चए: प्रत्येक स्तंभ को ऊपर से नीचे प ढ़ए — क्ष क्ष ऊ क्ष ऊ ऊ, क्ष ऊ क्ष ऊ क्ष ऊ, ऊ ऊ क्ष ऊ क्ष क्ष, ऊ क्ष

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ऊ क्ष ऊ क्ष, क्ष ऊ क्ष क्ष ऊ ऊ, ऊ क्ष ऊ ऊ क्ष क्ष। छह स्तंभ भन्न, प्रत्येक म तीन-तीन चह्न, और कह तीन समान
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सटे हुए नह ।

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नम्न ल खत बनौरो पहे लयाँ हल क जए। (तीसरा जाल — पं क्त 1 के स्तंभ 5, पं क्त 2 के स्तंभ 6 तथा पं क्त
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3 के स्तंभ 1, 3 और 6 म क्षै तज रेखाएँ; पं क्त 5 के स्तंभ 3 और 4 तथा पं क्त 6 के स्तंभ 1 म ऊध्वाधर रेखाएँ)
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पूरा कया हुआ जाल —

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पहेली 3 का हल। छायां कत प्रकोष्ठ पुस्तक म पहले से दए गए ह; प्रत्येक पं क्त और स्तंभ म तीन ऊध्वाधर और तीन क्षै तज रेखाएँ ह, तीन
समान रेखाएँ कभी सट हुई नह ह, और छह पं क्तयाँ तथा छह स्तंभ भन्न ह।

पंिक्त 1: क्ष ऊ क्ष ऊ क्ष ऊ

पंिक्त 2: ऊ क्ष ऊ क्ष ऊ क्ष

पंिक्त 3: क्ष ऊ क्ष ऊ ऊ क्ष

पंिक्त 4: ऊ क्ष ऊ क्ष क्ष ऊ

पंिक्त 5: क्ष क्ष ऊ ऊ क्ष ऊ

पंिक्त 6: ऊ ऊ क्ष क्ष ऊ क्ष

पं क्त 3 म स्तंभ 1, 3 और 6 पर क्ष द गई ह — यही उसक तीन क्षै तज रेखाएँ ह, अत: स्तंभ 2, 4 और 5 ऊ ह गे।

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पं क्त 5 के स्तंभ 3 और 4 पर ऊ ह, अत: स्तंभ 2 और स्तंभ 5 ऊ नह हो सकते; इससे पं क्त क्ष क्ष ऊ ऊ क्ष से आरंभ होती है
और तीन-तीन क गनती स्तंभ 6 को ऊ बना दे ती है।
प्रत्येक स्तंभ म नीचे क ओर बढ़ते हुए तीन-तीन क गनती बनाए र खए — शेष जाल बना कसी वकल्प के भर जाता है।

गनती अनुमान से बेहतर क्य है: 6 × 6 के बनौरो म प्रत्येक पं क्त और स्तंभ म ठ क तीन-तीन चह्न होते ह।
जस क्षण कसी पं क्त म एक प्रकार के तीन चह्न रख दए जाते ह, उसके शेष सारे प्रकोष्ठ तय हो जाते ह। जो पं क्त
अपनी संख्या के सबसे नकट हो — यहाँ पं क्त 3 — उससे आरंभ करना सबसे तेज़ रास्ता है, और यही आदत
समानुपात को भी सरल बनाती है: पहले वह पद ढूँ ढ़ए जसे न त कया जा सके।

अध्याय — एक नज़र म
दो आकृ तयाँ तब एक समान दखती ह जब उनक माप म समान गणक से (गुणा ारा) प रवतन हो। दोन म समान मात्रा
घटाने से आकृ त वकृत हो जाती है — चत्र 'क' क चौड़ाई और ऊँचाई दोन से 20 ममी. घटाकर बना चत्र 'ख' इसी कारण
लंबा दखता है।
अनुपात a : b का अथ है क पहली रा श क प्रत्येक a इकाई के लए दूसरी रा श क b इकाइयाँ ह। दोन पद को उनके
म.स.प. से भाग दे ने पर सरलतम रूप मलता है, जो अनुपात क तुलना का आधार है।
दो अनुपात समानुपाती होते ह (a : b :: c : d) जब उनके सरलतम रूप समान ह । बीजग णत म यही बात ad = bc है —
वज्र गुणन का नयम, जसे अध्याय केवल बताता नह , व्युत्पन्न करके दखाता है।
त्रैरा शक अथात तीन का नयम: चार पद म से तीन ात ह तो चौथा d = bc⁄a होता है। आयभट्ट के शब्द म — इ ाफल =
(फल × इ ा) ÷ प्रमाण।
कसी रा श x को m : n के अनुपात म बाँटने के लए x को m + n समान समूह म बाँ टए; दोन भाग m × x⁄(m+n) तथा
n × x⁄(m+n) ह गे।
चार संख्याओं वाली प्रत्येक समस्या समानुपात नह होती। न त दूरी पर ग त बढ़ने से समय घटता है, अत: 50 : 2 :: 75 :
___ गलत नरूपण है। साथ ही तुलना से पहले इकाइयाँ समान करनी पड़ती ह — 4 घंटे को 240 मनट और 1 कलो ाम को
1000 ाम बनाना आवश्यक है।

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त्व रत पुनरावृ त्त

वचार संकेत म इस अध्याय से सावधानी

अनुपात a:b चत्र 'क', चौड़ाई : ऊँचाई = 60 : 40 क्रम महत्त्वपूण है — 60 : 40 और 40 : 60
भन्न ह

अनुपात के पद a तथा b 60 और 40 इस अनुपात के पद ह तुलना से पहले दोन पद एक ही इकाई म ह

सरलतम रूप दोनों पदों को म.स.प. 60 : 40 → 3 : 2 (म.स.प. = 20) कसी भी साव गुणनखंड से भाग चलेगा, पर
से भाग पूरा काम म.स.प. ही करता है

समानुपात a : b :: c : d 60 : 40 :: 30 : 20 :: 90 : 60 समान गणक चा हए, समान अंतर नह

वज्र गुणन ad = bc 150 : 90 :: 240 : x ⇒ 150x = 240 × 90 दोन अनुपात एक ही दो रा शय क , एक ही
क्रम म तुलना कर

त्रैरा शक (तीन का d = bc⁄a 120 : 15 :: 80 : 10 ( कलो ाम चावल) केवल उन रा शय के लए जो साथ-साथ
नयम) घटती-बढ़ती ह

x को m : n म m × x⁄(m+n) तथा n ₹ 4,000 को 3 : 1 म → ₹ 3,000 और ₹ संपूण m + n समूह है — न m, न n
बाँटना × x⁄(m+n) 1,000

एक समान पत्येक लंबाई × समान चत्र 'क', 'ग', 'घ' सभी 3 : 2 समान लंबाई जोड़ने-घटाने से आकार बदल
आकृ तयाँ गणक जाता है

व्युत्क्रम त गित × समय = दू र ी 50 कमी/घंटा पर 2 घंटे ⇒ 75 कमी/घंटा पर 1 ग त अ धक तो समय कम — यहाँ तीन का
(िस्थर) घंटा 20 मनट नयम लागू नह

इकाई रूपांतरण पहले इकाइयाँ 1 एकड़ = 43,560 वगफुट; 1 लीटर = 1000 150 मनट के साथ रखने से पहले 4 घंटे =
िमलाइए मलीलीटर; 1 मीटर = 3.281 फुट 240 मनट क जए

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 8
TypeSolution
Pages48
Languagehindi
Updated19 Sep 2026