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Class 8 Sample Paper 2025 Hindi

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Frequently Asked Questions

How can I download Class 8 Sample Paper 2025 Hindi?

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Is Class 8 Sample Paper 2025 Hindi free to download?

Yes. Class 8 Sample Paper 2025 Hindi can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does Class 8 Sample Paper 2025 Hindi have?

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Class 8 Sample Paper 2025 Hindi – Text

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Page 1

2025
SAMPLE / MODEL
PAPERS
NCERT BASED
PRACTICE PAPERS
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FOR
CBSE BOARD
AND
STATE BOARDS

Page 2

अ यास न-प
स : 2024-25
क ा - 8
वषय - हंद
समय – 2:30 घंटे अ धकतम अंक – 60
सामा य नदश :-
1. न प दो खंड , खंड ‘अ’ और खंड ‘ब’ म वभ त है I
2. खंड ‘अ’ म बहु वक पीय न पूछे गए हI
3. खंड ‘ब’ म वणना मक न पूछे गए हI न म उ चत आंत रक वक प दए गए हI
4. दोन खंड के न के उ र दे ना अ नवाय है I
5. यथासंभव येक खंड के न के उ र मशः द िजए।
खंड – ‘अ’ (बहु वक पीय)
न 1. न न ल खत ग यांश को यानपूवक प ढ़ए और पूछे गए न के उ र ल खए – 2x2=4
अचरज नह ं क पहले उ र भारत म जो चीज गल -मुह ल क दक
ु ान म आम हुआ करती थीं, उ ह
अब खास दक
ु ान म तलाशा जाता है । यह भी एक कड़वा सच है क कई थानीय यंजन को हमने
तथाक थत आधु नकता के चलते छोड़ दया है और पि चम क नकल म बहुत सी ऐसी चीज अपना ल ह, जो
वाद, वा य और सरसता के मामले म हमारे बहुत अनुकूल नह ं ह। हो यह भी रहा है क खानपान क
म त सं कृ त म हम कई बार चीज़ का असल और अलग वाद नह ं ले पा रहे । अकसर ी तभोज और
पा टय म एक साथ ढे र चीज़े रख द जाती ह और उनका वाद ग डम ड होता रहता है ।

(i) ग यांश के अनुसार आधु नकता का हमारे खान-पान पर या भाव हुआ है ?
(क) थानीय यंजन को हमने वयं अपना लया है ।
(ख) ‘फा ट फूड’ के त लोग का आकषण कम हुआ है ।
(ग) आसानी से उपल ध यंजन खास दक
ु ान पर ढूँढ़ रहे ह।
(घ) खास दक
ु ान के यंजन, गल मह
ु ल क दक
ु ान पर ढूँढ़ रहे ह।
(ii) खान-पान क म त सं कृ त म हम चीज का असल और अलग वाद य नह ं ले पा रहे ह?
(क) ी तभोज और पा टय म कम चीज रखने के कारण।
(ख) ी तभोज और पा टय म कम लोग के आने के कारण।
(ग) ी तभोज और पा टय म ढे र चीज रख दे ने के कारण।
(घ) ी तभोज और पा टय म थानीय यंजन रखने के कारण।

Page 3

न 2. न न ल खत का यांश को यानपूवक प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए – 2x2=4
कठपुतल
गु से से उबल
बोल -ये धागे
य ह मेरे पीछे -आगे?
इ ह तोड़ दो;
मुझे मेरे पाँव पर छोड़ दो।
सुनकर बोल ं और-और
कठपुत लयाँ
क हाँ,
बहुत दन हुए
हम अपने मन के छं द छुए।
(i) का यांश के अनुसार कठपुतल ोध म य थी?
(क) धाग से खेल न पाने के कारण
(ख) धाग से संचा लत होने के कारण
(ग) धाग से मु त होने के कारण
(घ) कठपुतल को पाँव पर छोड़ने के कारण
(ii) ‘हम अपने मन के छं द छुए।’- पंि त म कठपुतल अपने मन क कौन-सी इ छा पूर करना चाहती है ?
(क) न ृ य करने क
(ख) वतं होने क
(ग) मन को पश करने क
(घ) दस
ू र कठपुत लय कोदे खने क
न 3. न न ल खत याकर णक न के उ र ल खए – 1x4=4
(i) न न ल खत म से यि तवाचक सं ा है –
(क) त णाई
(ख) कबीरदास
(ग) बचपना
(घ) व यालय
(ii) भाववाचक सं ा पहचा नए –
(क) द ल
(ख) गंगा

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(ग) मठास
(घ) भज

(iii) ‘दरवाज़े पर कौन खड़ा है ?’ वा य म सवनाम क पहचान क िजए –
(क) दरवाज़े
(ख) पर
(ग) कौन
(घ) खड़ा है
(iv) ‘पुल कत पंख’ म वशेषण के भेद क पहचान बताइए –
(क) गुणवाचक वशेषण
(ख) प रमाणवाचक वशेषण
(ग) सं यावाचक वशेषण
(घ) सावना मक वशेषण
न 4. न न ल खत ग यांश को यानपूवक प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए-1x4=4
दोष का पदाफाश करना बुर बात नह ं है । बुराई यह मालूम होती है क कसी के आचरण के गलत
प को उ घा टत करके उसम रस लया जाता है और दोषो घाटन को एकमा कत य मान लया जाता है ।
बुराई म रस लेना बुर बात है, अ छाई म उतना ह रस लेकर उजागर न करना और भी बुर बात है । सैकड़
घटनाएँ ऐसी घटती ह िज ह उजागर करने से लोक- च म अ छाई के त अ छ भावना जगती है।
एक बार रे लवे टे शन पर टकट लेते हुए गलती से मने दस के बजाय सौ पये का नोट दया और म
ज द -ज द गाड़ी म आकर बैठ गया। थोड़ी दे र म टकट बाबू उन दन के सेकंड लास के ड बे म हर
आदमी का चेहरा पहचानता हुआ उपि थत हुआ। उसने मुझे पहचान लया और बड़ी वन ता के साथ मेरे हाथ
म न बे पये रख दए और बोला, "यह बहुत गलती हो गई थी। आपने भी नह ं दे खा, मने भी नह ं दे खा।"
उसके चेहरे पर व च संतोष क ग रमा थी। म च कत रह गया।
(i) ग यांश के अनुसार दोष का पदाफाश करना बुर बात नह ं है इसका आशय है:
(क) क मय पर हँसना चा हए।
(ख) क मय के चार से बचना चा हए।
(ग) क मय को उजागर करना चा हए।
(घ) क मय क संसा करनी चा हए।
(ii) ग यांश के अनुसार लोक- च म अ छाई के त अ छ भावना कैसे जगती है ?
(क) बुराई का म हममंडन करने से
(ख) अ छाई को उजागर करने से
(ग) समाज म वैमन य फैलाने से
(घ) समाज क मा बुराई करने से

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(iii) ग यांश के अनस
ु ार टकट बाबू गाड़ी के ड बे म य उपि थत हुए ह गे?
(क) लेखक से शेष रा श लेने के लए।
(ख) लेखक को शेष रा श दे ने के लए।
(ग) लेखक को टकट दे ने के लए।
(घ) लेखक को बना टकट पकड़ने के लए।
(iv) ग यांश के अनुसार लेखक को आ चय य हुआ?
(क) टकट बाबू क बेईमानी पर
(ख) टकट बाबू क चालाक पर
(ग) टकट बाबू क ईमानदार पर
(घ) टकट बाबू क शरारत पर
न 5. न न ल खत का यांश को यानपूवक प ढ़ए और पछ
ू े गए न के उ र ल खए – 1x4=4
मैया, कब हं बढ़े गी चोट ?
कती बार मो हं दध
ू पयत भई, यह अजहूँ है छोट ।
तू जो कह त बल क बेनी य, वै है लाँबी-मोट ।
काढ़त-गुहत हवावत जैहै, ना गनी सी भुइँ लोट ।
काँचौ दध
ू पयावत प च-प च, दे त न माखन-रोट ।
सूर चरजीवौ दोउ भैया, ह र-हलधर क जोट ।

(i) का यांश के अनुसार बालक कृ ण, माँ से या न पूछ रहे ह?
(क) चोट कब छोट होगी?
(ख) चोट कब बड़ी होगी?
(ग) चोट कब पतल होगी?
(घ) चोट कब काल होगी?
(ii) का यांश के अनुसार बालक कृ ण अपनी चोट बढ़ाने के लए या य न करते ह?
(क) माखन रोट खाते ह
(ख) दं ड-बैठक लगते ह
(ग) दध
ू का सेवन करते ह
(घ) जड़ी-बूट का सेवन करते ह
(iii) बालक कृ ण माँ से या न दे ने का उलाहना दे ते ह?
(क) गुड़-रोट
(ख) नमक-रोट
(ग) माखन-रोट

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(घ) चटनी-रोट
(iv) इस पद के रच यता कौन ह?
(क) कंु भनदास
(ख) कृ णदास
(ग) सूरदास
(घ) नंददास
न 6. न न ल खत न के उ र ल खए - 1x2=2
(i) बदलू क चढ़ कससे थी? ‘लाख क चू ड़याँ’ पाठ के आधार पर बताइए?
(क) गाँव के लोग से
(ख) शहर के लोग से
(ग) काँच क चू ड़य से
(घ) लाख क चू ड़य से
(ii) ‘बस क या ा’ पाठ म बस कैसी थी?
(क) नई-नवेल और जानदार
(ख) सुंदर और चमक ल
(ग) मजबूत और शानदार
(घ) वयोव ृ ध और द न-ह न
न 7. न न ल खत न के उ र ल खए - 1x2=2
(i) ‘भगवन के डा कए’ क वता के रचनाकार कौन ह?
(क) रामदरश म
(ख) रामधार संह ‘ दनकर’
(ग) नरो मदास
(घ) सरू दास
(ii) प ी और बादल कसके डा कए ह?
(क) भगवान के
(ख) शहर के
(ग) गाँव के
(घ) लोग के
खंड ब (वणना मक)
न 8. न न ल खत याकर णक न के उ र ल खए – 1x4=4
(i) ‘सुख-दख
ु ’ म समास बताइए?
(ii) ‘आरामदे ह’ श द म मल
ू श द और यय ल खए I

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(iii) ‘नादान’ श द क भाववाचक सं ा ल खए I
(iv) ख टे आम ले आओ l वा य म वशेषण छाँटकर ल खए l

न 9. न न ल खत न के उ र का य पाठ के आधार पर ल खए - 1x4=4
(i) ‘यह क ठन समय नह ं है ’ यह बताने के लए कव य ी वारा दए गए कोई एक तक द िजएl
(ii) कबीर ने तलवार और यान म से कसका मोल करने क बात कह है?
(iii) बालक कृ ण कस लोभ के कारण दध
ू पीने के लए तैयार हुए?
(iv) एक महादे श से दस
ू रे महादे श को कौन जाते ह? ‘भगवान के डा कए’ पाठ के आधार पर बताइएl

न 10. न न ल खत न के उ र ग य पाठ के आधार पर ल खए - 1x4=4
(i) लाला झाऊलाल से उनक प नी ने कतने पये माँगे थे?
(ii) बदलू कस चीज़ क चू ड़याँ बनाता था?
(iii) स वनय अव ा आंदोलन कसके नेत ृ व म हुआ था?
(iv) कस सवार को वन सवार कहा जाता है ?
न 11. न न ल खत ग य आधा रत न म से क ह ं चार न के उ र लगभग 30-40 श द म
ल खए- 2x4=8
(i) 'व त-ु व नमय णाल ’ या है ?
(ii) साइ कल चलाना ामीण म हलाओं के लए आज़ाद का तीक कस कार बन गया?
(iii) लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा पसंद नह ं था ले कन वे अपनी प नी को कुछ नह ं बोलेl वे चप
ु य रहे
ह गे? अपना वचार ल खए l
(iv) धोखे मलने के बाद भी लेखक नराश य नह ं है ? अपना वचार ल खए l
न 12. न न ल खत प य आधा रत न म से क ह ं तीन न के उ र लगभग 30-40 श द म
ल खए– 2x3=6
(i) ‘एक दे श क धरती दस
ू रे दे श को सुगंध भेजती है l’ कथन का भाव प ट क िजएl
(ii) च ड़या च च म तनका दबाकर उड़ने क तैयार म य है? वह तनक का या या करती होगी? ‘यह
सबसे क ठन समय नह ं’ पाठ के आधार पर ल खएl
(iii) म खन चुराते और खाते समय ीकृ ण थोड़ा-सा म खन बखरा य दे ते ह?
(iv) कबीर घास क नंदा करने से य मना करते ह? प ट क िजएl
न 13. न न ल खत म से कसी एक वषय पर लगभग 80-100 श द म अनु छे द ल खए - 5x1=5
(क) वायु दष
ू ण (ख) द पावाल (ग) मोबाइल का भाव
न 14. न न ल खत म से कसी एक वषय पर लगभग 80-100 श द म प ल खए - 5x1=5

Page 8

अपने बड़े भाई के ववाह म सि म लत होने के लए दो दन के अवकाश हेतु व यालय के धानाचाय
को ाथना प ल खए I
अथवा
वाद- ववाद तयो गता म थम आने पर अपने छोटे भाई को बधाई दे ते हुए प ल खए I

Page 9

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Updated30 Apr 2026