aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science

Get here HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science. These are marking scheme / answer key for the latest Haryana Board Sample Papers 2026. HBSE Class 12 Political Science Sample Paper 2026 Answers are given below. More Detail
HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science - Page 1 of 11

Finished viewing? Save it for later —

Download HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science (PDF · 11 pages)
Downloaded 25 times

About HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science

HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science is available here for free download. Published by Haryana Board for Class 12, this answer key can be viewed online or downloaded as a PDF (11 pages). Candidates preparing for Class 12 can use HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science?

Open this page and click the Download button to save HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science free to download?

Yes. HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science have?

HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science contains 11 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 12 study material?

You can find more Class 12 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

HBSE Class 12 Sample Paper 2026 Answers Political Science – Text

Read the full text of this answer key below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (11 pages)

Page 1

उत्तर कुं जी – कक्षा 12 राजनीति शास्त्र (पूर्ण 1–40)

खुंड क (1 अुंक प्रत्येक): वस्ततनष्ठ प्रश्न (MCQs)

क्र. उत्तर

1 (D) सीरिल िे डक्लिफ

2 (C) 1930 का दशक

3 (A) डी.के. बरुआ

4 (D) 1971

5 (D) गुजिात

6 (B) 1991

7 (C) न्यूयॉकक

8 (C) 1992

9 (C) डें ग स्याओप िंग

10 (A) भाित–बािंग्लादे श

11 (B) एिं टोपियो गुटेिेस

12 (D) उ िोक्त सभी

एक शब्द में उत्तर दीतजए:

13. द्रपिड़ मुिेत्र कड़गम (DMK)

14. बी. ी. मिंडल

15. 1974

ररक्त स्थान पूतिण:

Page 2

16. श्यामाप्रसाद मुखजी

17. गुलजािीलाल ििंदा

18. पििायक दामोदि साििकि

अतिकथन-कारर् आधाररि प्रश्न:

19. (A) A औि R दोिोिं सही हैं औि R, A की सही व्याख्या किता है।

20. (B) A औि R दोिोिं सही हैं लेपकि R, A की सही व्याख्या िहीिं किता।

खुंड ख (2 अुंक प्रत्येक): लघ उत्तरात्मक प्रश्न

21.

➤ सािंप्रदापयक दिं गे औि पहिंसा
➤ शिणार्थी सिंकट औि पिस्र्था ि

22.

➤ सािंस्कृपतक िाष्ट्रिाद औि पहिंदुत्व
➤ एक भाित, श्रे ष्ठ भाित की अिधािणा

23.

➤ स्वतिंत्र पिदे श िीपत से भाित अ िी सिंप्रभुता बिाए िख सकता र्था
➤ यह उ पििेशिाद से ूणक मुक्लक्त का सिंकेत र्था

िंचशील: िंचशील के ााँच पसद्ािंत – एक-दू सिे की सिंप्रभुता का सम्माि, आिं तरिक मामलोिं में
हस्तक्षे िहीिं, समािता, शािं पत औि सह-अक्लस्तत्व – भाित-चीि के बीच 1954 में स्र्थाप त हुए।

या
भाित की पिदे श िीपत की तीि पिशेषताएाँ :
➤ गुटपिि े क्षता
➤ शािंपत ूणक सह-अक्लस्तत्व
➤ सिंयुक्त िाष्ट्र में सपिय भागीदािी

24.

Page 3

➤ दल-बदल का अर्थक है पििाक पचत सदस्य द्वािा ाटी रिितकि
➤ इससे अक्लस्र्थिता आती है, पजसे िोकिे हेतु 1985 में कािू ि लाया गया

25.

➤ साझा समस्याओिं का समाधाि
➤ क्षेत्रीय सहयोग औि पिकास की आिश्यकता

26.

➤ 1972 की एक रि ोटक जो सिंसाधिोिं की सीमाओिं औि अपियिंपत्रत पिकास की चेताििी दे ती है

याकििण की पचिंता के दो कािण:
➤ जलिायु रिितकि
➤ जैि पिपिधता का पििाश

या
➤ प्राकृपतक, कृपत्रम, औि सामापजक याकििण की सिंिचिा

27.

➤ भाित- ाक युद् के बाद शािंपत बहाली हेतु ताशकिंद समझौता (1966) हुआ
➤ युद् से ूिक की क्लस्र्थपत बहाल कििा औि शािं पत बिाए िखिा

28.

➤ िैश्वीकिण का अर्थक है दु पिया भि में िस्तुओिं, सेिाओिं, ूिंजी औि सिंस्कृपत का आदाि-प्रदाि

➤ घिे लू उद्योगोिं को खतिा, सािंस्कृपतक एकरू ता
या
➤ व्या ाि बढािा, पििेश आकपषक त कििा, िै पश्वक सिं कक बिािा

खुंड ग (3 अुंक प्रत्येक): दीघण उत्तरात्मक प्रश्न

29.

➤ ूिक में सीमा, भाषा, जिजातीय मु द्दे प्रमुख र्थे
➤ पिम में पिभाजि औि सािंप्रदापयक पहिंसा की चुिौती

Page 4

30.

➤ सिंसाधिोिं का न्याय ूणक पितिण
➤ आपर्थकक आत्मपिभकिता
➤ सामापजक समािता

➤ स्वतिंत्रता के बाद सिंसाधिोिं का पियोपजत उ योग आिश्यक र्था
या
➤ पिकास भू-िाजिीपत, शासि प्रणाली औि जिता की भागीदािी ि पिभकि किता है

31.

➤ पि क्ष कमजोि हुआ, लोकतािंपत्रक सिंस्र्थाएिं प्रभापित हुईिं
➤ कािंग्रेस के पिरुद् जिता ाटी का उदय हुआ

➤ िाजिीपतक स्वतिंत्रता सीपमत हुई
➤ मीपडया सेंसिपश
➤ िागरिक अपधकािोिं का हिि

या
➤ िचिबद् न्याय ापलका िह है जो कायक ापलका की इच्छािुसाि पिणकय दे ती है – यह आ ातकाल
के दौिाि दे खिे को पमला

32.

➤ मिंडल-कमिं डल, गठबिंधि की िाजिीपत, आपर्थकक उदािीकिण, क्षेत्रीय दलोिं का उदय
➤ िाष्ट्रीय दलोिं में गठबिंधि की बाध्यता

33.

➤ आपर्थकक असफलता, अफगाि युद्, भ्रष्ट्ाचाि, िाजिीपतक असिंतोष, सूचिा की स्वतिंत्रता की मािंग

34.

➤ साझा समस्याओिं का समाधाि, क्षेत्रीय शािं पत
➤ SAFTA व्या ारिक शुल्क घटािे हेतु दपक्षण एपशयाई समझौता
या
➤ चीि में खुले द्वाि िीपत, पििेश, उद्योग औि पियाकत में िृ क्लद्

Page 5

35.

➤ शक्लक्त सिंतुलि = दो या अपधक दे शोिं में सैन्य/िाजिीपतक सिंतुलि
➤ एक दे श सैन्य गठबिंधि, हपर्थयािोिं के पिकास से इसे बिाए िखता है

36.

➤ औद्योगीकिण, िाहिोिं से प्रदू षण
➤ ििोिं की कटाई

खुंड घ (5 अुंक प्रत्येक): तनबुंधात्मक प्रश्न

37.

(मख्य उत्तर)
भाित की पिदे श िीपत में गु टपिि ेक्षता, क्षेत्रीय सहयोग औि सिंप्रभुता का सम्माि मुख्य आधाि िहे हैं,
लेपकि 1971 के बािंग्लादे श युद् िे भाित की क्षेत्रीय शक्लक्त के रू में क्लस्र्थपत को स्पष्ट् रू से उजागि
पकया।

• 1971 में ापकस्ताि द्वािा ूिी ापकस्ताि (अब बािंग्लादे श) में अत्याचाि औि भाित में आए
लाखोिं शिणापर्थकयोिं िे सुिक्षा सिंकट खड़ा पकया।

• भाित िे कूटिीपत, सैन्य िणिीपत औि अिं तििाष्ट्रीय दबाि के बीच सिंतुलि बिाकि युद् लड़ा
औि 13 पदिोिं के भीति ापकस्ताि को हिाकि बािंग्लादे श की स्वतिंत्रता सुपिपित की।

• भाित की यह कािक िाई उसकी िक्षा क्षमताओिं, पिणकय शक्लक्त औि क्षेत्रीय िेतृत्व को दशाकती है।

• यह युद् इस बात का प्रमाण है पक भाित आिश्यकता ड़िे ि क्षेत्रीय महाशक्लक्त की भू पमका
पिभा सकता है।

तनष्कर्ण:
भाित की पिदे श िीपत मुख्यतः शािंपत ूणक िही है, लेपकि जब िाष्ट्रीय पहत की बात आती है तो िह दृढ
रुख भी अ िा सकता है — यह उसकी क्षेत्रीय महाशक्लक्त बििे की क्षमता को दशाकता है।

(वैकल्पिक A) िारि की परमार् नीति पर तिप्पर्ी करें ।

उत्तर:
भाित की िमाणु िीपत का आधाि "नो फर्स्ण यूज़" (No First Use) औि "न्यूनिम प्रतिरोधक
क्षमिा" (Minimum Credible Deterrence) है।

Page 6

• भाित िे 1974 में ोखिण में हला िमाणु िीक्षण पकया औि 1998 में ुिः िीक्षण पकए।

• भाित की िीपत आत्मिक्षा औि िमाणु हपर्थयािोिं के गै ि-प्रसाि ि आधारित है।

• भाित NPT औि CTBT में शापमल िहीिं हुआ, क्ोिंपक िे भे दभाि ूणक मािे जाते हैं।

• भाित की िीपत यह सुपिपित किती है पक िमाणु हपर्थयाि केिल अत्यिंत आिश्यक क्लस्र्थपत में
ही प्रयोग पकए जाएाँ गे।

तनष्कर्ण:
भाित की िमाणु िीपत सिंतुपलत, पजम्मेदाि औि िै पश्वक शािंपत के क्ष में है, जो शक्लक्त का प्रदशकि िहीिं
बक्लल्क आत्म-िक्षा ि केंपद्रत है।

(वैकल्पिक B) तवदे श नीति के मामलोुं पर सवणसम्मति पर तिप्पर्ी करें ।

उत्तर:
भाित में पिदे श िीपत के मामलोिं में आमतौि ि सवणदलीय सहमति (Bipartisan Consensus) िही
है, पजससे पिदे श िीपत में पिििं तिता बिी िहती है।

• कािंग्रेस या अन्य पकसी भी सिकाि के समय, पिदे श िीपत में अपधक रिितकि िहीिं हुए हैं।

• गुटपिि े क्षता, ड़ोसी दे शोिं से सिंबिंध, सिंयुक्त िाष्ट्र की भूपमका आपद ि लगभग सभी दलोिं की
एक जैसी सोच िही है।

• उदाहिण: ापकस्ताि, चीि या अमे रिका से सिंबिंधोिं में कोई बड़ा पििोध िहीिं दे खा गया।

• यह सिकसम्मपत भाित की िै पश्वक छपि को मजबू त बिाती है।

तनष्कर्ण:
पिदे श िीपत के मामलोिं ि िाष्ट्रीय एकता औि िाजिीपतक सिकसम्मपत, भाित की पिश्वसिीयता औि
दीघककापलक पहतोिं की िक्षा किती है।

38.

आनुंदपर सातहब प्रस्ताव 1973 में अकाल दल द्वािा ारित पकया गया र्था, पजसमें िंजाब को अपधक
राजनीतिक और आतथणक स्वायत्तिा की मााँग की गई र्थी।

यह प्रस्ताव तववादास्पद क्ोुं था:

Page 7

1. सुंघीय ढाुंचे की चनौिी:
प्रस्ताि में भाित के सिंघीय ढािं चे को कमजोि कििे िाली बातें र्थीिं, पजससे केंद्र औि िाज्य के
सिंबिंधोिं ि प्रश्न उठे ।

2. धातमणक स्वरूप:
इसमें िंजाब को एक पिशेष धापमकक हचाि दे िे की बात कही गई, पजससे दे श की
धमणतनरपेक्षिा ि सिाल खड़े हुए।

3. राजनीतिक प्रयोग:
पििोधी दलोिं िे इसे खातलस्तान आुं दोलन से जोड़ा, पजससे इसके उद्दे श्योिं को सिंदेह की दृपष्ट्
से दे खा गया।

4. केंद्र–राज्य िनाव:
प्रस्ताि िे िंजाब औि केंद्र सिकाि के बीच तवश्वास की खाई बढाई, पजससे बाद में उग्रिाद
की क्लस्र्थपत भी उत्पन्न हुई।

तनष्कर्ण:
हालााँ पक इसका उद्दे श्य िंजाब के पिकास औि पसख हचाि की िक्षा कििा र्था, लेपकि इसकी भाषा
औि समय िे इसे पििादास्पद बिा पदया।

असम आुं दोलन (1979–1985) एक छात्र नेिृत्व वाला आुं दोलन र्था, जो अिैध पिदे शी िागरिकोिं की
घुस ैठ के पिरुद् शुरू हुआ, ििं तु इसके मूल में गहिी साुं स्कृतिक, सामातजक और आतथणक
समस्याएँ र्थीिं।

आुं दोलन के प्रमख पहलू:

1. साुंस्कृतिक अतियान:
आिं दोलि का मूल उद्दे श्य असम की िार्ा, सुंस्कृति और पहचान की िक्षा कििा र्था, जो
पिदे शी घुस ैपठयोिं से खतिे में र्थी।

2. अतिमान की िावना:
असमिापसयोिं में अ िे इपतहास, सिंस्कृपत औि भूपम ि गिक र्था। बाहिी लोगोिं की बढती सिंख्या
िे इस आत्मसम्माि को ठे स हुाँचाई।

3. आतथणक तपछडापन:
असम के सिंसाधिोिं का दोहि हो िहा र्था, लेपकि िाज्य में बेिोज़गािी औि बुपियादी पिकास की
भािी कमी र्थी।
बाहिी लोगोिं को िौकिी पमलिे से स्थानीय यवाओुं में असुंिोर् गहिाया।

Page 8

पररर्ाम:

• असम समझौता (1985) के तहत 1971 के बाद आिे िाले पिदे पशयोिं को िा स भेजिे की शतक
बिी।

• आिं दोलि िे लोकिाुंतत्रक चेिना को भी बढािा पदया।

तनष्कर्ण:
असम आिं दोलि पसफक जिसिंख्या समस्या िहीिं र्था, बक्लल्क यह असम के लोगोिं की साुंस्कृतिक अल्पििा,
आत्मसम्मान और आतथणक अतधकारोुं की लड़ाई र्थी।

39.

सिंयुक्त िाष्ट्र सिंघ (UNO) की स्र्था िा 1945 में हुई र्थी, पजसका उद्दे श्य अुंिरराष्ट्रीय शाुंति, सरक्षा और
सहयोग बिाए िखिा र्था।
हालािं पक यह सिंस्र्था कई बाि सिंघषों को िोकिे में पिफल िही है (जैसे: सीरिया, यूिेि), पफि भी इसे
समाप्त िहीिं पकया जा सकता।

इसके बनाए रखने के कारर्:

1. एकमात्र वैतश्वक मुंच:
सिंयुक्त िाष्ट्र ऐसा अकेला सिंगठि है जहााँ सिी दे शोुं को समान रूप से िाग लेने का
अतधकार है।

2. बहुपक्षीय वािाण और समाधान:
यह मिंच पिपभन्न दे शोिं के बीच सुंवाद और समझौिे का स्थान है।

3. तवकास और मानवातधकार कायण:
इसके अिंतगकत WHO, UNICEF, UNESCO जैसे सिंगठि पशक्षा, स्वास्थ्य औि मािि अपधकािोिं
ि कायक कि िहे हैं।

4. शाुंति तमशन (Peacekeeping):
यह सिंगठि दु पिया के कई पहस्ोिं में शािं पत स्र्थाप त कििे के पलए सैपिक बल भेजता है , जैसे
पक अफ्रीका औि एपशया के कई दे शोिं में।

5. परमार् प्रसार और जलवाय पर तनयुंत्रर्:
जलिायु रिितकि, आतिं किाद औि शिणापर्थकयोिं की समस्या जैसे वैतश्वक मद्ोुं पर समन्वय
केिल सिंयुक्त िाष्ट्र ही कि सकता है।

Page 9

तनष्कर्ण:
हालााँ पक सिंयुक्त िाष्ट्र की कुछ सीमाएाँ हैं, लेपकि िै पश्वक सिंतुलि बिाए िखिे के पलए यह सिंस्र्था आज भी
अत्युंि आवश्यक है।

भाित, सिंयुक्त िाष्ट्र का सिंस्र्था क सदस्य है औि अिंतििाष्ट्रीय शािंपत ि सुिक्षा की स्र्था िा में उसका
सतक्रय और रचनात्मक योगदान िहा है।

िारि के योगदान:

1. शाुंति सेना (Peacekeeping):
भाित िे सिंयुक्त िाष्ट्र के सबसे बड़े शाुंति तमशनोुं में भाग पलया है — जैसे पक कािंगो, पसएिा
पलयोि, सूडाि आपद।

2. गितनरपेक्ष आुं दोलन (NAM):
भाित िे शीतयुद् काल में गुटपिि े क्षता को बढािा पदया, पजससे वैतश्वक िनाव कम हुआ।

3. परमार् तनरस्त्रीकरर्:
भाित िे परमार् हतथयारोुं के तनर्ेध औि न्यायपूर्ण परमार् समझौिोुं की िकालत की है।

4. आिुंकवाद तवरोध:
भाित िे बाि-बाि सिंयुक्त िाष्ट्र में आिुंकवाद के ल्पखलाफ कडे कानूनोुं की मााँग की है।

5. जलवाय पररविणन और तवकास:
भाित िे जलिायु समझौते ( े रिस समझौता) औि सतत पिकास के लक्ष्ोिं में सतक्रय िूतमका
तनिाई है।

तनष्कर्ण:
भाित की पिदे श िीपत हमेशा शाुंति, सुंवाद और सहयोग ि आधारित िही है, औि उसिे िैपश्वक
मिंचोिं ि तजम्मेदार दे श की भूपमका पिभाई है।

40.

वैश्वीकरर् की आतथणक पररर्तियाँ क्ा रही हैं? इसका िारि पर क्ा प्रिाव पडा?

वैश्वीकरर् की आतथणक पररर्तियाँ:

• वातर्ज्य और तनवेश में वृल्पि: दे शोिं के बीच व्या ाि औि पिदे शी पििेश में तेजी आई।

• िकनीकी प्रगति: सूचिा औि सिंचाि तकिीक के क्षेत्र में अभूत ूिक पिकास हुआ।

Page 10

• उत्पादकिा और प्रतिस्पधाण: िैपश्वक प्रपतस्पधाक से उत्पादकता बढी औि लागत कम हुई।

• रोजगार के अवसर: िई औद्योपगक औि सेिा क्षेत्रोिं में िोजगाि के अिसि बढे ।

• आतथणक असमानिा: कुछ क्षेत्रोिं औि िगों के बीच आय औि सिंसाधिोिं का असमाि पितिण भी
बढा।

िारि पर प्रिाव:

• आतथणक तवकास: भाित की अर्थकव्यिस्र्था िे तेजी से पिकास पकया, खासकि आईटी, सेिा औि
पिपिमाकण क्षेत्रोिं में।

• तवदे शी तनवेश: पिदे शी ूिंजी का आगमि बढा पजससे उद्योगोिं को लाभ हुआ।

• रोजगार: िई िौकरियोिं का सृजि हुआ लेपकि अस्र्थायी औि असुिपक्षत िोजगाि भी बढे ।

• साुंस्कृतिक प्रिाव: पिमी जीििशैली औि उ भोक्तािाद में िृक्लद् हुई।

• क्षेत्रीय असमानिा: पिकास कुछ शहिोिं औि िाज्योिं तक सीपमत िहा, ग्रामीण औि प छड़े
इलाकोिं की क्लस्र्थपत उतिी बेहति िहीिं हुई।

िकनीकी प्रगति: इिं टििेट, सिंचाि औि रििहि में सुधाि िे सीमाओिं को कम पकया।

व्यापार और तनवेश की उदारीकरर्: कई दे शोिं िे व्या ाि में प्रपतबिंध कम पकए औि पिदे शी
पििेश को प्रोत्सापहत पकया।

बहुराष्ट्रीय कुंपतनयोुं का तवस्तार: किं पियोिं िे िै पश्वक स्ति ि उत्पादि औि पि णि का
िेटिकक बिाया।

राजनीतिक पररविणन: शीत युद् के बाद पिश्व में िए िाजिीपतक समीकिण बिे औि खुले
बाजाि को प्रोत्साहि पमला।

तवत्तीय बाज़ारोुं का वैश्वीकरर्: ूिंजी के तेज प्रिाह िे िैपश्वक अर्थकव्यिस्र्था को जोड़ पदया।

या
सकारात्मक दृतष्ट्कोर्: भाित िे िैश्वीकिण को आपर्थक क पिकास औि तकिीकी प्रगपत के पलए
अिसि मािा है।

आतथणक सधार: 1991 में आपर्थकक उदािीकिण औि िै श्वीकिण की शुरुआत की गई।

सुंिावनाएँ : िैपश्वक बाजािोिं में भाित की भागीदािी बढी, िोजगाि औि पिदे शी पििेश में िृ क्लद्
हुई।

Page 11

तचुंिाएँ : सािंस्कृपतक हचाि का सिंिक्षण, स्र्थािीय उद्योगोिं की सुिक्षा, औि असमािता बढिे की
पचिंता भी िही।

समायोजन: भाित िे िै पश्वक प्रपतस्पधाक में बिे िहिे के पलए पशक्षा, तकिीकी पिकास, औि
अधुपिकीकिण ि जोि पदया।

Document Details

Board / OrgHaryana Board
ExamClass 12
TypeSample Paper
Pages11
Updated24 Sep 2026