Page 1
F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा6
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 9: सम म त
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ग णत प्रकाश
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
217 – 241 12 58 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 79 pages
Page 2
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 6 · ग णत · ग णत प्रकाश
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 9: सम म त
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक ग णत प्रकाश (कक्षा 6) के अध्याय 9 — सम म त के सभी प्रश्न के वस्तृत, चरण-दर-चरण हल। पृष्ठ 217 से 241 तक
के प्रत्येक “आइए, पता लगाएँ” प्रश्न तथा पाठ के भीतर पूछे गए प्रश्न को चत्र स हत हल कया गया है — कागज मोड़कर सम म त क रेखाएँ,
पं चग और कटाई, परावतन, घूणन सम म त, सम म त के कोण, घूणन सम म त का क्रम, सम बहुभुज, कोच स्नोफ्लेक तथा अशोक चक्र।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
ग णत प्रकाश (कक्षा 6) 217 – 241
खं ड प्रश्न
12 58
माध्यम
हन्द
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 217 और 218
अध्याय का आरंभ — फूल, ततली, रंगोली, फरक
MATH TALK
प्र.1 फूल को हम कसी भी तरफ से दे ख वह हर तरफ से सुंदर, आकषक एवं जैसा है वैसा ही दखाई दे ता है। ततली
के वषय म आपका क्या वचार है? ततली के रंग बहुत आकषक ह। क्या आपको ततली के वषय म कुछ और
आकषक लगता है?
ततली म जो बात सबसे अ धक आक षत करती है, वह यह है क उसका बायाँ आधा भाग और दायाँ आधा भाग बल्कुल एक
जैसे ह।
Page 1 of 79
Page 3
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
समिमित रेखा
ततली को उसके शरीर क रेखा के अनु दश मोड़ने पर दोन पंख एक-दूसरे को पूणतया ढक लेते ह।
य द चत्र को ततली के शरीर से होकर जाने वाली रेखा के अनु दश मोड़, तो बायाँ पंख ठ क दाएँ पंख पर आ जाता है — वही
आकार, वही माप, वही धब्बे। ये दपण के आधे भाग ह।
फूल से अंतर: फूल घुमाने पर वैसा ही दखता है (घूणन), जब क ततली पलटने पर वैसी ही दखती है (परावतन)।
ततली म ठ क एक सम म त क रेखा है और कोई घूणन सम म त नह ।
Page 2 of 79
Page 4
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 ऊपर क सभी आकृ तय को दे खने से ऐसा प्रतीत होता है क आकृ त के कुछ भाग दोहराए गए ह और ये दोहराव
एक न त पैटन म घ टत होते दख रहे ह। क्या आप दे ख सकते ह क रंगोली क आकृ त म क्या दोहराया गया
है?
पृष्ठ 217 क रंगोली।
हाँ। रंगोली म एक चौथाई भाग चार बार कद्र के चार ओर दोहराया गया है।
लाल पंखु ड़याँ, हरे पत्ते और छोट नीली बूँद — कद्र के प रत 90° घुमाने पर सभी अपने-अपने ान पर वापस आ जाते ह।
फर 90° (अथात् 180°), फर 270° और अंत म 360° घुमाने पर भी रंगोली वैसी ही दखती है।
रंगोली के समिमित के कोण = 90°, 180°, 270°, 360°
रंगोली म 4 सम म त क रेखाएँ भी ह — एक ऊध्वाधर, एक क्षै तज तथा कद्र से जाती हुई दो तरछ रेखाएँ।
Page 3 of 79
Page 5
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
प्रयास कर: वगाकार कागज पर रंगोली का केवल एक चौथाई भाग बनाइए। कागज को दो बार मोड़कर का टए और
m as e
l
खो लए — पूरी रंगोली स्वयं बन जाएगी।
m .co a g
l a se
a g
प्र.3 फरक के वषय म आप क्या सोचते ह? क्या आप दे ख सकते ह क फरक के संदभ म कौन-सा पैटन दोहराया
co m
ag
जा रहा है? (संकेत— पहले षटभुज को दे ख) क्या आप बता सकते ह क षटभुज क प्रत्येक भुजा पर कौन-सी
m .
as e
आकृ त दोहराई जाती है? प्रत्येक भुजा पर चपकाई गई आकृ त का आकार क्या है? क्या आप इसे पहचानते ह?
g l
जब आप षटभुज क सीमा रेखाओं के साथ आगे क ओर बढ़ते ह तब आकृ तयाँ कैसे बनती ह?
a
co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m ase
.co a g l
se m
g l a
a
पृष्ठ 217 क फरक ।
.c
s e m
m a
e m . co agl
as
a g l
बीच से शुरू क जए। फरक के कद्र म एक सम षट् भुज (छह बराबर भुजाएँ) है और उसक प्रत्येक भुजा पर एक समचतुभुज
चपका है, जो दो समबाहु त्रभुज को जोड़कर बना है।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 4 of 79
Page 6
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
सम षट् भुज क प्रत्येक भुजा पर एक समचतुभुज (दो समबाहु त्रभुज) चपका है, और सभी एक ही दशा म झुके ह।
आकृ तयाँ कैसे बढ़ती ह: षट् भुज क सीमा पर आगे बढ़ने पर हर अगला समचतुभुज पछले समचतुभुज को कद्र के प रत 60°
घुमाने से प्राप्त होता है। सभी पंखे क पंखु ड़य क तरह एक ही ओर झुके ह।
िफरकी के समिमित के कोण = 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360° (6 कोण)
ध्यान द जए: सभी पंखु ड़याँ एक ही ओर झुक ह, इस लए दपण उन्ह उल्ट ओर झुका दे गा। अत: फरक म कोई
सम म त क रेखा नह है, फर भी वह सुंदर रूप से सम मत है — यही घूणन सम म त है, जसे अनुभाग 9.2 म
पढ़ा जाएगा।
Page 5 of 79
Page 7
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 आप इन सुंदर संरचनाओं म कौन-सी सम म तयाँ दे खते ह? (ताजमहल तथा गोपुरम्)
ताजमहल। सामने से दे खने पर—
बीच बीच गुंबद और मुख्य मेहराब से होकर एक ऊध्वाधर सम म त क रेखा जाती है। बायाँ और दायाँ आधा भाग — मेहराब,
छोटे गुंबद तथा चार मीनार — पूरी तरह दपण-प्र त बब ह।
सामने बनी जल-नहर एक दूसरा, क्षै तज दपण जोड़ दे ती है — पानी म बना प्र त बब इमारत क उलट प्र त ल प है।
ठ क ऊपर से दे खने पर पूरे प रसर म 4 सम म त क रेखाएँ ह और वह हर 90° पर स्वयं के ऊपर आ जाता है।
गोपुरम् (मं दर का प्रवेश- ार)।
इसम भी एक ऊध्वाधर सम म त क रेखा है — प्रत्येक मं जल का बायाँ और दायाँ भाग एक जैसा है।
ऊपर क ओर बढ़ते हुए मू तय क वही पं क्त मं जल-दर-मं जल दोहराई जाती है, हर बार थोड़ी छोट होकर। यही दोहराव
गोपुरम् को इतना व्यव त रूप दे ता है।
Math Talk: कुतुब मीनार, कोणाक का प हया, चारमीनार और कसी कोलम के चत्र दे खए। हर एक के बारे म
दो प्रश्न पू छए — “क्या म इसे मोड़ सकता ँ?” और “क्या म इसे घुमा सकता ँ?”
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 219
अनुभाग 9.1 सम म त क रेखा
प्र.1 क्या आप इस अध्याय के प्रारंभ म द गई आकृ तय म सम म त क रेखा दे ख पाए ह? बादल क आकृ त के
वषय म आपका क्या वचार है?
फू ल िततली रंगोली िफरकी
अध्याय के प्रारंभ म दए गए चार चत्र, पृष्ठ 217। पृष्ठ 218 पर बादल का चत्र नीले आकाश म एक साधारण रुई जैसे
सफेद बादल का फोटो है — यहाँ केवल वणन दया गया है; फोटो के लए पाठ्यपुस्तक दे खए।
हाँ — चार म से तीन आकृ तय को मोड़कर दपण-भाग बनाए जा सकते ह; फरक और बादल म ऐसा संभव नह ।
Page 6 of 79
Page 8
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
आकृ त सम म त क रेखाएँ कहाँ
फूल (6 पंखु ड़याँ) 6 प्रत्येक पंखुड़ी के बीच से एक और दो पंखु ड़य के बीच से एक
रंगोली 4 ऊध्वाधर, क्षै तज तथा कद्र से जाती दो तरछ रेखाएँ
ततली 1 शरीर के अनु दश ऊध्वाधर रेखा
फरक 0 सभी पंखु ड़याँ एक ही ओर झुक ह, इस लए कोई मोड़ काम नह करता
बादल 0 इसम कुछ भी दोहराया नह जाता
अंतर सम झए: फरक म कोई सम म त क रेखा नह है, फर भी 60° घुमाने पर वह वैसी ही दखती है। बादल म
दोन म से कोई भी सम म त नह है।
प्र.2 नम्न आकृ तय म य द सम म त क रेखाएँ ह, तो उन्ह पहचा नए।
(i) (ii) (iii) (iv) (v)
पृष्ठ 219 पर द गई पाँच आकृ तयाँ।
पाँच म से तीन आकृ तय म ठ क एक-एक सम म त क रेखा है; दो म कोई नह । नीचे लाल बदु कत रेखाएँ ही सम म त क रेखाएँ
ह।
Page 7 of 79
Page 9
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
(i) 1 रेखा
(ii) 1 रेखा (iii) कोई नही ं
(iv) 1 रेखा (v) कोई नही ं
पृष्ठ 219 क पाँच आकृ तयाँ और उनक सम म त क रेखाएँ ( बदु कत)।
(i) बाण जैसी आकृ त — 1 सम म त क रेखा: जो V-आकार के कटाव और उसके सामने वाले कोने से होकर जाती है।
मोड़ने पर ऊपर का नुक ला सरा नीचे के सरे पर आ जाता है।
(ii) पतंग (kite) — 1 सम म त क रेखा: ऊपर के कोने को नीचे के कोने से जोड़ने वाली ऊध्वाधर रेखा। इसका दूसरा
वकण सम म त क रेखा नह है, क्य क उससे बने दोन भाग असमान ह।
(iii) असमान ऊध्वाधर भुजाओं वाली चतुभुज आकृ त — कोई सम म त क रेखा नह । कोई भी मोड़ छोट भुजा को
बड़ी भुजा पर नह ला सकता।
(iv) L-आकार — 1 सम म त क रेखा: बाहरी कोने से भीतरी कोने तक जाने वाला तरछा वकण। दोन भुजाएँ समान
लंबाई और समान मोटाई क ह, इस लए वे आपस म बदल जाती ह।
(v) पतला त्रभुज — कोई सम म त क रेखा नह । इसक तीन भुजाएँ अलग-अलग लंबाई क ह ( वषमबाहु त्रभुज)।
स्वयं जाँ चए: हर आकृ त का अक्स बनाकर काट ली जए और हर संभव तरीके से मोड़कर दे खए। मोड़ तभी सही
है जब दोन भाग पूरी तरह एक-दूसरे को ढक ल — कोई भाग बाहर न नकले।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 221 और 222
Page 8 of 79
Page 10
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
एक से अ धक सम म त क रेखाओं वाली आकृ तयाँ; प्र त बब
co m
em.
m as
TRY THIS
.co a g l
a s emवग को मोड़ने का कोई अन्य तरीका है जससे क दोन आधे हस्से एक दूसरे को आच्छा दत कर? वग जैसी
gl
क्या
a
प्र.1
आकृ त म कतनी सम म त क रेखाएँ ह?
com
m . ag
l a se 1
मोड़
ag
co m
e m.
m l as
m.co a g
l a se
a g
मोड़ 2
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
मोड़ 3 मोड़ 4 sem
.
com a
m . agl
ase
agl
एक वगाकार कागज तथा पृष्ठ 220 पर दखाए गए चार मोड़।
se m
com g l a
m . a
e
s 4 सम म त क रेखाएँ होती ह।
नह , पाँचवाँ कोई तरीका नह है। वग म ठaक
l
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
com
m .
m as e
.co
a g l Page 9 of 79
Page 11
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
वग के चार मोड़: ऊध्वाधर, क्षै तज तथा दोन वकण।
मोड़ 1 — ऊध्वाधर मोड़ (बायाँ आधा भाग दाएँ पर)।
मोड़ 2 — क्षै तज मोड़ (ऊपरी आधा भाग नीचे पर)।
मोड़ 3 — एक वकण के अनु दश।
मोड़ 4 — दूसरे वकण के अनु दश।
और क्य नह : वग क सम म त रेखा को उसके कद्र से होकर जाना पड़ता है और कोन को कोन पर भेजना पड़ता
है। ऐसी रेखाएँ केवल 4 ह — दो सम्मुख भुजाओं के मध्य- बदुओं से और दो सम्मुख कोन से।
Page 10 of 79
Page 12
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 अत: हम यह कह सकते ह क चत्र म अनेक सम म त क रेखाएँ हो सकती ह। नीचे दए गए चत्र म अनेक
सम म त क रेखाएँ ह। क्या आप इन सभी को ढूँ ढ़ सकते ह?
पृष्ठ 221 क तीन आकृ तयाँ — एक हमकण, छह पंखु ड़य वाला फूल तथा एक फंदे दार वग का डज़ाइन।
हाँ। पृष्ठ 221 क तीन आकृ तय म एक से अ धक सम म त क रेखाएँ ह।
आकृ त सम म त क रेखाएँ सम म त के कोण
लाल हमकण (कोच स्नोफ्लेक) 6 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°
6 पंखु ड़य वाला पीला फूल 6 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°
हरा गाँठदार डज़ाइन (लूप वाला वग) 4 90°, 180°, 270°, 360°
Page 11 of 79
Page 13
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
छह नुक ले सर वाली आकृ त म 6 सम म त क रेखाएँ होती ह — 3 सम्मुख सर से और 3 सम्मुख कटाव से।
जल्द गनने का तरीका: य द कोई डज़ाइन एक ही टु कड़े को कद्र के चार ओर n बार दोहराकर बना हो और वह
टु कड़ा तरछा न हो, तो उसम n सम म त क रेखाएँ और n सम म त के कोण होते ह।
प्र.3 हमने दे खा क एक वग का वकण भी सम म त क रेखा है। आइए, उदाहरण के रूप म एक आयत को लेते ह
जो क एक वग नह है। क्या इसका वकण सम म त क रेखा है? सवप्रथम, आयत को दे खए और इन प्रश्न का
उत्तर द जए। अब कागज का एक आयताकार टु कड़ा लेते ह और इसे वकण के अनु दश मोड़कर दे खते ह क
दोन हस्से पूणतया आच्छा दत ह या नह । आप क्या दे खते ह?
नह । आयत का वकण सम म त क रेखा नह है।
Page 12 of 79
Page 14
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
िवकण ✗
वास्तिवक दो रेखाएँ ✓
आयत म केवल 2 सम म त क रेखाएँ (हरी) ह। वकण (लाल) उनम से नह है।
आयताकार कागज को उसके वकण के अनु दश मोड़ने पर दोन त्रभुज एक-दूसरे को नह ढकते — एक ओर लंबी भुजा और
दूसरी ओर छोट भुजा बाहर नकल जाती है।
ऐसा क्य : वकण के अनु दश मोड़ने पर लंबी भुजा (मान ली जए 8 सेमी) को छोट भुजा (5 सेमी) पर आना पड़ेगा।
मोड़ने से लंबाई नह बदलती, इस लए 8 सेमी कभी 5 सेमी पर नह आ सकती। वग म चार भुजाएँ बराबर होती ह,
इसी लए उसके वकण काम कर जाते ह।
अत: वग न होने वाले आयत म ठ क 2 सम म त क रेखाएँ ह — दोन लंबी भुजाओं के मध्य- बदुओं से जाने वाली रेखा और दोन
छोट भुजाओं के मध्य- बदुओं से जाने वाली रेखा।
Page 13 of 79
Page 15
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
य द हम इस आकृ त को A और C से होकर जाने वाले वकण के अनु दश पराव तत कर, तो क्या होगा? बदु A,
emकर, तो क्या होगा?
प्र.4
m a s
agl
B, C और D कन
co
ान पर जाएँगे? य द हम इसे क्षै तज सम मत रेखा के अनु दश पराव तत
m .
as e
a g l
co m
A e m . B ag
g l as
a
co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m D l a se C
m .co ag
l a se
ag वग ABCD तथा उसक ऊध्वाधर सम म त क रेखा, पृष्ठ 222।
se m
com g l a
m . a
ase
agl
वग के कोने इस प्रकार अं कत ह — A (ऊपर बाएँ), B (ऊपर दाएँ), C (नीचे दाएँ) तथा D (नीचे बाएँ)।
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 14 of 79
Page 16
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
A B
D C
वग ABCD — ऊध्वाधर रेखा (लाल), क्षै तज रेखा (हरी) तथा वकण AC (बगनी)।
वकण AC के अनु दश परावतन:
A अपने स्थान पर A C अपने स्थान पर C B, D के स्थान पर D, B के स्थान पर
A और C दपण-रेखा पर त ह, इस लए वे हलते नह । B और D रेखा के दोन ओर बराबर दूरी पर ह, इस लए वे आपस म ान
बदल लेते ह।
क्षै तज सम म त रेखा के अनु दश परावतन:
A↔D B↔C
ऊपरी भुजा नीचे क भुजा पर आ जाती है, अत: A बदु D का ान लेता है, D बदु A का, B बदु C का तथा C बदु B का।
Page 15 of 79
Page 17
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
दपण-रेखा A जाता है B जाता है C जाता है D जाता है
ऊध्वाधर रेखा B A D C
क्षै तज रेखा D C B A
वकण AC A D C B
वकण BD C B A D
प्र.5 इंक-ब्लॉट डे वल्स: कागज का एक टु कड़ा ली जए। उसे आधा मो ड़ए। एक आधे भाग पर स्याही (या पट) क
कुछ बूँद छड़ कए। अब इन दोन आधे भाग को एक दूसरे पर दबाइए तथा पुन: कागज को खो लए। • आप क्या
दे खते ह? • क्या प रणामी आकृ त सम मत है? • य द हाँ, तो सम म त क रेखा कहाँ है? • क्या कोई अन्य
सम म त क रेखा भी है, जसके अनु दश मोड़ने पर एक जैसे (identical) दो भाग प्राप्त ह गे?
क्या दखता है: स्याही फैलकर दूसरे आधे भाग पर अपनी प्र त ल प छाप दे ती है। अब मोड़ के दोन ओर एक जैसे दो धब्बे
दखते ह — प्राय: वे ततली, चमगादड़ या कसी चेहरे जैसे लगते ह। इसी लए इसे इंक-ब्लॉट डे वल कहते ह।
क्या आकृ त सम मत है? हाँ। धब्बे का आकार चाहे जैसा हो, दोन भाग एक-दूसरे के दपण-प्र त बब होते ह।
सम म त क रेखा कहाँ है? ठ क मोड़ (crease) के अनु दश — वही रेखा दपण का काम करती है।
कोई अन्य रेखा? प्राय: नह । कसी भी अ नय मत धब्बे म केवल यही एक रेखा होती है। दूसरी रेखा तभी मलेगी जब स्याही
क बूँद स्वयं मोड़ के लंबवत कसी रेखा के प रत सम मत रूप से डाली गई ह ।
यह काम कैसे करता है: दोन भाग को दबाने पर स्याही का प्रत्येक बदु मोड़ से उतनी ही दूरी पर, ठ क सामने वाले
बदु पर छप जाता है। परावतन यही करता है।
प्रयास कर: कागज को दो बार मो ड़ए (एक बार ऊध्वाधर, एक बार क्षै तज), एक चौथाई भाग पर स्याही डा लए,
दबाइए और खो लए। अब पैटन म 2 सम म त क रेखाएँ ह गी और आधा चक्कर घुमाने पर भी वह वैसा ही
दखेगा।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 223
Page 16 of 79
Page 18
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
कागज को मोड़ना और काटना
TRY THIS
प्र.1 इन दोन चत्र म कागज को मोड़ने के प ात् चत्र म दशाई गई बदु रेखा के अनु दश काटते ह। एक क ा चत्र
बनाइए जसम कागज को खोलने पर दखने वाले चत्र का पूवानुमान हो। क्या आप इस आकृ त म सम म त क
रेखा दे खते ह? ये कहाँ है?
मोड़ मोड़
िबंद ु रेखा के अन ुिदश कािटए
पृष्ठ 223 के दोन चत्र — बाईं ओर से मुड़ा हुआ कागज तथा वह बदु रेखा जसके अनु दश काटा जाता है।
कट मुड़े हुए कनारे से शुरू कया गया है, इस लए जो टु कड़ा गरता है वह छे द का केवल आधा भाग है। कागज खोलने पर उसम
उसका दपण-प्र त बब जुड़ जाता है और कागज के बीच -बीच पूरा छे द बन जाता है।
→
मोड़ समिमित की रेखा
बाएँ: मुड़ा हुआ कागज और बदु कत कट। दाएँ: खुला हुआ कागज — छे द = कटा टु कड़ा + उसका दपण-प्र त बब।
Page 17 of 79
Page 19
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
हाँ, खुली हुई आकृ त म सम म त क रेखा है — वह ठ क मोड़ क रेखा (crease) है। मोड़ के दाईं ओर का प्रत्येक भाग (छे द
स हत) बाईं ओर के भाग का दपण-प्र त बब है।
संकेत: छे द का आकार सदै व “कटा हुआ टु कड़ा + उसका दपण-प्र त बब” होता है। मोड़ पर आधा दल का टए तो
पूरा दल बनेगा; आधा तारा का टए तो पूरा तारा।
प्र.2 पतले रंगीन आयताकार कागज का उपयोग क जए। जैसा क चत्र म दखाया गया है इसे कई बार मोड़कर और
कागज को काटकर कुछ ज टल पैटन बनाइए। दोहराए जाने वाली आकृ तय म सम मत रेखाओं क पहचान
क जए। उत्सव के अवसर पर ऐसे कागज को काटकर सजावट आकार बनाइए।
पृष्ठ 223 पर दखाया गया कागज काटकर बनाया दोहराव वाला डज़ाइन।
पतले कागज क लंबी प को पंखे क तरह बार-बार मो ड़ए (अकॉ डयन मोड़), सभी परत को एक साथ काटकर कोई छोट
आकृ त बनाइए और फर खो लए। वही आकृ त प भर म बार-बार दोहराई हुई मलेगी।
हर कट सभी परत से होकर जाता है, इस लए एक ही कट से उतनी प्र त ल पयाँ बनती ह जतनी परत ह। चार मोड़ = 16 परत
= 16 प्र त ल पयाँ!
प्रत्येक मोड़ क रेखा सम म त क रेखा है — उसके एक ओर का डज़ाइन दूसरी ओर के डज़ाइन का दपण-प्र त बब है।
छपे हुए डज़ाइन म हर नीले तारे क अपनी भी रेखाएँ ह: आठ नुक ले सर वाले तारे म 8 और हर छोटे समचतुभुज म 2।
एक ही प म दो प्रकार के पैटन: पूरी प लंबाई म खसकाने से दोहराती है और प्रत्येक दोहराव अपने पड़ोसी
का दपण है। इसी लए यह कनारी इतनी सुंदर लगती है।
Page 18 of 79
Page 20
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
प्रयास कर: द वाली या जन्म दन के लए ऐसा कागज का तोरण बनाइए। मो ड़ए, मोड़ पर आधा फूल का टए,
m as e
l
खो लए — फूल क पूरी पं क्त बन जाएगी।
m .co a g
l a se
a g
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 223 से 230
co m
. ag
पं चग खेल, कागज काटना तथा सम म त क रेखाएँ
em
TRY THIS
g l as
a
co m
प्र.1 द गई प्रत्येक आकृ त म कागज क मुड़ी हुई चौकोर शीट म एक छे द कया गया है और फर कागज को खोल
m.
दया गया है। उस रेखा क पहचान क जए जसके साथ कागज को मोड़ा गया था। चत्र (d) एक छे द करके
m as e
.co l
बनाया गया है। ात क जए कागज को कैसे मोड़ा गया था।
a g
se m
g l a
a
m a s
m .co agl
l a se
a g
com
a. b. c. d.
m .
m ase
पृष्ठ 224 पर द गई चार खुली हुई शीट (a) से (d)।
e m . co agl
g l as
a
m
a se
coहैm। l
एक ही पंच से बने दोन छे द सदै व मोड़ क रेखा म एक-दूसरे के दपण-प्र त बब होते ह। अत: मोड़ वही रेखा है जो दोन छे द के
. a g
em
ठ क बीच से और उन्ह जोड़ने वाली रेखा के लंबवत जाती
a s
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
(a) ऊ व धर (b) िवकण
m
(c) ैितज (d) दो मोड़
a s e
e m . co agl
as
मोड़ क रेखा ही छे द क दपण-रेखा है। (d) म दो मोड़ लगाए गए, इस लए एक पंच से चार छे द बने।
a g l
(a) दोन छे द समान ऊँचाई पर अगल-बगल ह। कागज को बीच क ऊध्वाधर रेखा के अनु दश मोड़ा गया था।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 19 of 79
Page 21
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
(b) दोन छे द तरछे , एक ऊपर और एक नीचे, कोने क ओर ह। कागज को वग के वकण के अनु दश (नीचे-बाएँ कोने से
ऊपर-दाएँ कोने तक) मोड़ा गया था।
(c) दोन छे द दाएँ कनारे के पास एक के ऊपर एक ह। कागज को बीच क क्षै तज रेखा के अनु दश मोड़ा गया था।
(d) एक ही पंच से चार छे द बने ह, हर कोने पर एक। अत: कागज को दो बार मोड़ा गया था — पहले आधा ऊध्वाधर, फर
आधा क्षै तज (या इसका उल्टा)। पंच 4 परत से होकर गया।
1 मोड़ → 2 परते ं → 2 छे द
2 मोड़ → 4 परते ं → 4 छे द
3 मोड़ → 8 परते ं → 8 छे द
प्र.2 सम म त रेखाएँ द गई ह, अन्य छे द को ात क जए—
a. b. c. d. e.
इस प्रश्न के साथ पृष्ठ 224 पर छपी पाँच आकृ तयाँ। प्रत्येक म बदु कत रेखा द गई सम म त क रेखा है और नीला वृत्त
पहले से बना छे द है।
प्रत्येक आकृ त म ना पए क दया हुआ छे द दपण-रेखा से कतनी दूर है, और उतनी ही दूरी पर दूसरी ओर, रेखा के लंबवत दशा म,
नया छे द अं कत क जए।
(a) 1 नया छे द (b) 1 नया छे द (c) 1 नया छे द (d), (e) 1 छे द
नीला = पुस्तक म दया गया छे द, पीला = आपको बनाना है। दपण-रेखा से दोन क दूरी बराबर है।
Page 20 of 79
Page 22
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
(a) वकण दपण वाला वग — छे द बाएँ कनारे के पास, ऊपरी-बाएँ कोने के नीचे है। उसका प्र त बब ऊपरी कनारे के पास
बनेगा — बाएँ कनारे से जतनी दूरी है, ऊपरी कनारे से उतनी ही। (1 नया छे द।)
(b) क्षै तज दपण वाला आयत — छे द रेखा के नीचे, दाएँ कनारे के पास है। नया छे द ठ क उसके ऊपर, रेखा से उतनी ही
दूरी पर बनेगा। (1 नया छे द।)
(c) ऊध्वाधर दपण वाला त्रभुज — छे द रेखा के थोड़ा बाईं ओर है, इस लए नया छे द उसी ऊँचाई पर रेखा के थोड़ा दाईं
ओर बनेगा। (1 नया छे द।)
(d) तथा (e) तरछे व्यास वाला वृत्त — छे द से व्यास पर लंब डा लए, उसे उतनी ही दूरी आगे बढ़ाइए और वहाँ छे द क जए।
(हर एक म 1 नया छे द।)
दपण का नयम: कोई बदु और उसका प्र त बब सदै व दपण के लंबवत रेखा पर, दपण से बराबर दूरी पर होते ह।
दूसरा छे द ात करने के लए इतना ही पयाप्त है।
प्र.3 नीचे कागज काटने से संबं धत कुछ प्रश्न दए गए ह। एक ऊध्वाधर मोड़ पर वचार क जए। उसे हम नम्न प्रकार
से दशाते ह— (ऊध्वाधर मोड़)। इसी प्रकार, क्षै तज मोड़ को नम्न प्रकार से दशाते ह— (क्षै तज मोड़)।
यह भाग केवल उन दो चत्र को समझाता है जनका उपयोग प्रश्न 4 म होगा। इन्ह पढ़ना सी खए:
चत्र अथ मोड़ कहाँ कट का क्या होगा
ऊध्वाधर कागज का दायाँ आधा भाग बाएँ पर (या बीच की हर कट बाएँ-दाएँ दोहराया जाता है — खुले कागज म
मोड़ बायाँ दाएँ पर) पलटा जाता है ऊ व धर रे खा ऊध्वाधर सम म त रेखा बनती है
क्षै तज ऊपरी आधा भाग नीचे (या नचला ऊपर) बीच की ैितज हर कट ऊपर-नीचे दोहराया जाता है — खुले कागज
मोड़ पलटा जाता है रे खा म क्षै तज सम म त रेखा बनती है
एक मोड़ के बाद कागज 2 परत का हो जाता है, इस लए एक कट से 2 एक जैसे नशान बनते ह। दो मोड़ के बाद 4 परत और
एक कट से 4 नशान।
संकेत: मोड़ क रेखा खुले कागज क सम म त रेखा बन जाती है। जो कट मोड़ को छू ता है वह खुलने पर एक बड़ा
छे द बनाता है; खुले कनारे पर बना कट दो अलग-अलग कटाव बनाता है।
Page 21 of 79
Page 23
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 नीचे द गई प्रत्येक त म काटने के प ात् जब कागज को खोला जाए तब छे द के आकार का अनुमान लगाकर
उसे सत्या पत क जए।
a. b.
c.
d.
प्रश्न 4, पृष्ठ 225 — चार कट। प्रत्येक कागज़ का मोटा कनारा मोड़ है; खं डत या बदुदार रेखा दशाती है क कची कहाँ
चलेगी। c और d म अं तम चत्र कट लगाने के बाद का मुड़ा हुआ कागज़ है।
हर त म उत्तर एक ही तरीके से मलता है: कटे हुए टु कड़े म मोड़ के प रत उसका दपण-प्र त बब जोड़ द जए।
Page 22 of 79
Page 24
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
(a) चार नोकों वाला छे द (b) िरबन जैसा छे द (d) छे द + दो कटाव
खोलने पर कागज कैसा दखेगा। लाल बदु कत रेखा मोड़ है।
(a) कटा हुआ टु कड़ा मोड़ को छू ता है और उसक दूसरी ओर V-आकार का कटाव है। खोलने पर कागज के बीच एक ही छे द
बनता है जसम ऊपर दो नोक, नीचे दो नोक तथा दोन ओर एक-एक V-कटाव होते ह — ततली जैसा छे द। मोड़ ही
उसक सम म त रेखा है।
(b) मोड़ से एक प काट गई है जसके सरे पर “<” जैसा कटाव है। खोलने पर बीच म लंबा रबन जैसा छे द बनता है
जसके दोन सर पर V-कटाव होते ह। इस छे द क दो सम म त रेखाएँ ह — मोड़, तथा प के बीच से जाती क्षै तज रेखा।
(c) यहाँ कागज को दो बार मोड़ा गया है (पहले ऊध्वाधर, फर क्षै तज), अत: वह 4 परत का है। मुड़े हुए कोने पर काटे गए दो
छोटे वगाकार कटाव खुलने पर चार कटाव बन जाते ह, जो दोन मोड़ के प रत सम मत होते ह; जो कटाव मोड़ पर था वह दुगुने
आकार का छे द बन जाता है। खुले कागज म ऊध्वाधर और क्षै तज — दोन सम म त रेखाएँ होती ह।
(d) एक ऊध्वाधर मोड़। मुड़े कनारे पर बना कटाव खुलने पर कागज के बीच म आयताकार छे द बनाता है, और खुले कनारे
पर बना कटाव बाएँ तथा दाएँ कनारे पर एक-एक कटाव बना दे ता है।
स्वयं जाँ चए: उत्तर दे खने से पहले रफ कागज पर स्वयं करके दे खए — पहले अनुमान लगाना ही इस प्रश्न का
उ े श्य है।
Page 23 of 79
Page 25
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
मान ली जए क आपको इनम से प्रत्येक आकार को कुछ मोड़ और एक सीधे कट के साथ प्राप्त करना है। आप
e
प्र.5
com l as
ऐसा कस प्रकार करगे? a. कद्र म त छे द एक वग है। b. कद्र म त छे द एक वग है।
. a g
m
ase
agl
com
e m . ag
g l as
a. a b.
co m
e m.
m l as
m .co a g
l a se
a g प्रश्न 5, पृष्ठ 226 — वे दो शीट जो आपको प्राप्त करनी ह। प्रत्येक के बीच का सफ़ेद भाग छे द है।
m a s
.co agl
नोट— उपरोक्त दोन प्रश्न के लए, इसक जाँच क जए क क्या कद्र म चार-भुजीय आकृ त एक वग के दोन
गुण क वशेषताओं को इं गत करती है।
se m
g l a
a
co m
.
कागज को दो बार इस प्रकार मो ड़ए क कागज का कद्र मुड़े हुए पैकेट के एक कोने पर आ जाए। वही बंद कोना कागज का कद्र है।
e m
as
उसके पास एक सीधा कट चार परत से एक साथ टु कड़ा हटा दे ता है और खुलने पर बीच म छे द बन जाता है।
m l
m .co a g
l a se
ag
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a (a) सीधा कट (b) ितरछा कट
c
m .
m a s e
co agl
दोन छे द दोन मोड़ के कटान- बदु पर, अथात् कागज के कद्र पर बनते ह।
m .
as e
(a) सीधा खड़ा वगाकार छे द
a g l
1. कागज को आधा क्षै तज मो ड़ए, फर आधा ऊध्वाधर मो ड़ए। अब कागज का कद्र छोटे वगाकार पैकेट का बंद कोना है।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 24 of 79
Page 26
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
2. उसी बंद कोने पर एक छोटा वगाकार कटाव का टए, जसक दोन सीधी भुजाएँ दोन मोड़ के अनु दश ह ।
3. खो लए — चार चौथाई कटाव मलकर बीच म एक वगाकार छे द बना दे ते ह।
(b) कोने पर खड़ा वगाकार छे द (हीरे जैसा)
1. पहले क तरह क्षै तज और फर ऊध्वाधर मोड़ लगाइए।
2. अब बंद कोने पर एक ही सीधा तरछा कट लगाकर एक छोटा समकोण त्रभुज काट ली जए, जसक दोन बराबर भुजाएँ
मोड़ पर ह ।
3. खो लए — चार त्रभुज मलकर 45° घुमा हुआ वगाकार छे द बना दे ते ह।
नोट क जाँच: (a) म छे द क चार भुजाएँ बराबर और हर कोण 90° है — वग के दोन गुण (S1 तथा S2) पूरे होते
ह। (b) म कट दोन मोड़ से 45° पर और दोन पर बराबर दूरी पर लगाया गया है, अत: चार भुजाएँ फर बराबर
और कोने समकोण ह। यह वही वग है, बस तरछा — घुमाने से न भुजाएँ बदलती ह, न कोण।
Page 25 of 79
Page 27
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 इन आकृ तय म कतनी सम म त क रेखाएँ ह? a.
प्रश्न 6a, पृष्ठ 226 — कोने पर खड़ा एक वग तथा आठ नोक वाला एक तारा।
b. समान भुजाओं और समान कोण वाला एक त्रभुज
प्रश्न 6b, पृष्ठ 226 — समान भुजाओं और समान कोण वाला एक त्रभुज।
c. समान भुजाओं और समान कोण वाला एक षट् भुज
Page 26 of 79
Page 28
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्रश्न 6c, पृष्ठ 227 — समान भुजाओं और समान कोण वाला एक षट् भुज।
वग: 4 आठ नोकों वाला तारा: 8 समबाहु ि भुज: 3 ु :6
सम षट् भज
हर बदु कत रेखा सम म त क रेखा है। ध्यान द जए क n भुजाओं (या n नोक ) वाली सम आकृ त म ठ क n रेखाएँ होती ह।
a. पहली आकृ त कोने पर खड़ा वग है — वग को घुमाने से वह वग ही रहता है, अत: उसम अब भी 4 सम म त क रेखाएँ ह: दो
सम्मुख कोन से और दो सम्मुख भुजाओं के मध्य- बदुओं से।
दूसरी आकृ त आठ नोक वाला सम तारा है — इसम 8 सम म त क रेखाएँ ह: 4 सम्मुख नोक से और 4 सम्मुख भीतरी कोन
से।
b. समान भुजाओं और समान कोण वाला त्रभुज समबाहु त्रभुज है। इसम 3 सम म त क रेखाएँ ह — प्रत्येक शीष से सम्मुख
भुजा के मध्य- बदु तक।
c. समान भुजाओं और समान कोण वाला षट् भुज सम षट् भुज है। इसम 6 सम म त क रेखाएँ ह — 3 सम्मुख कोन को जोड़ने
वाली और 3 सम्मुख भुजाओं के मध्य- बदुओं को जोड़ने वाली।
Page 27 of 79
Page 29
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
पैटन: n भुजाओं वाले सम बहुभुज म ठ क n सम म त क रेखाएँ होती ह। य द n वषम है तो हर रेखा एक शीष को
सम्मुख भुजा के मध्य- बदु से जोड़ती है; य द n सम है तो आधी रेखाएँ सम्मुख शीष को और आधी सम्मुख भुजाओं
के मध्य- बदुओं को जोड़ती ह।
प्र.7 प्रत्येक आकृ त का अक्स बनाइए तथा सम म त क रेखाएँ ख चए, य द कोई है तो—
इस प्रश्न के साथ पृष्ठ 227 पर छपी आठ आकृ तयाँ — चार समचतुभुज से बनी और चार वगा कत कागज पर बनी।
समचतुभुज (डायमंड) वाली चार आकृ तयाँ:
Page 28 of 79
Page 30
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
आकृ त सम म त क कहाँ
a se
coएकmऊपर, दो नीचे
रेखाएँ
तीन समचतुभुज .—
g l
ऊपर वाले समचतुभुज से जातीaऊध्वाधर रेखा
a s em 1
aतीनglसमचतुभुज एक पं क्त म 2 बीच वाले से जाती ऊध्वाधर रेखा तथा तीन कद्र से जाती क्षै तज
रेखा
. comकद्र से जाती ऊध्वाधर और क्षै तज रेखा ag
e m
as
चार समचतुभुज मलकर एक बड़ा 2
g l
समचतुभुज
चार समचतुभुज, दो तरछ जो ड़य म
a
2 कद्र से जाती ऊध्वाधर और क्षै तज रेखा
co m
e m.
as
वगा कत कागज पर बनी चार आकृ तयाँ:
m l
m .co a g
l a se
a g
m a s
m.co agl
l a se
a g
m
4 रे खाए ँ 2 रे खाए ँ 1 रे खा 4 रे खाए ँ
. co
e m
m l as
.co g
पृष्ठ 227 क चार वगा कत आकृ तयाँ और उनक सभी सम म त रेखाएँ।
em a
a s
agl बड़े वग के भीतर छोटा वग, जो चार भाग म बँटा है — 4 सम म त क रेखाएँ (ऊध्वाधर, क्षै तज तथा दोन वकण)। छोटा
m
वग ठ क बीच म है, इस लए कोई रेखा नह बगड़ती।
a se
com l
आठ भुजाओं वाली आकृ त — 2 सम म त क रेखाएँ (ऊध्वाधर और क्षै तज)। यह चौड़ाई से अ धक ऊँची है, इस लए
. a g
m
ase
वकण सम म त क रेखाएँ नह ह।
agl
पाँच भुजाओं वाली आकृ त — 1 सम म त क रेखा, बाएँ कोने से जाती क्षै तज रेखा।
चार नोक वाला तारा — 4 सम म त क रेखाएँ (ऊध्वाधर, क्षै तज तथा दोन वकण)।
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 29 of 79
Page 31
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.8 नीचे दए गए कोलम म सम म त क रेखाएँ ात क जए—
पृष्ठ 228 पर छपा कोलम — छह-नोक वाले सात तारे और उनके बीच समचतुभुज।
यह कोलम छह नोक वाले सात तार से बना है — एक बीच म और छह उसके चार ओर — तथा बीच के खाली ान म छोटे
समचतुभुज ह। अत: यह एक षट् कोणीय डज़ाइन है।
Page 30 of 79
Page 32
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
कोलम का सरल रेखा चत्र: बीच म एक तारा और चार ओर छह तारे, साथ म 6 सम म त क रेखाएँ।
कोलम म 6 सम म त क रेखाएँ ह, और सभी बीच वाले तारे से होकर जाती ह:
3 रेखाएँ जो सम्मुख बाहरी तार के जोड़ से होकर जाती ह;
3 रेखाएँ जो तार के बीच से, समचतुभुज से होकर जाती ह।
कोलम 60°, 120°, 180°, 240°, 300° तथा 360° पर भी स्वयं के ऊपर आ जाता है — 6 समिमित के कोण।
क्या आप जानते ह? कोलम और रंगोली बनाने वाले यही तरीका अपनाते ह: वे डज़ाइन का केवल छठा (या चौथा)
भाग ध्यान से बनाते ह और फर उसे कद्र के चार ओर दोहरा दे ते ह। इसी लए ये चत्र इतने प रपूण दखते ह।
Page 31 of 79
Page 33
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.9 नम्न ल खत का चत्र बनाइए— a. एक त्रभुज जसम सम म त क केवल एक रेखा हो। b. एक त्रभुज जसम
सम म त क केवल तीन रेखाएँ ह । c. एक त्रभुज जसम सम म त क कोई रेखा ना हो। क्या ठ क दो सम मत
रेखाओं का त्रभुज बनाना संभव है?
(a) समि बाहु: 1 (b) समबाहु: 3 (c) िवषमबाहु: 0
ठ क एक, ठ क तीन तथा शून्य सम म त रेखाओं वाले त्रभुज।
a. सम बाहु त्रभुज बनाइए — दो भुजाएँ बराबर, तीसरी अलग (जैसे 6 सेमी, 6 सेमी और 4 सेमी)। इसक एकमात्र
सम म त रेखा शीष से असमान भुजा के मध्य- बदु तक जाती है।
b. समबाहु त्रभुज बनाइए — तीन भुजाएँ बराबर (जैसे 5 सेमी)। इसम 3 सम म त क रेखाएँ ह।
c. वषमबाहु त्रभुज बनाइए — तीन भुजाएँ अलग-अलग (जैसे 4 सेमी, 6 सेमी और 7 सेमी)। इसम कोई सम म त रेखा
नह ।
क्या ठ क दो सम म त रेखाओं वाला त्रभुज संभव है? नह , यह असंभव है।
क्य : त्रभुज क प्रत्येक सम म त रेखा उसक दो भुजाओं को बराबर बना दे ती है।
एक रेखा → ठ क दो भुजाएँ बराबर (सम बाहु)।
य द दूसरी रेखा भी हो, तो भुजाओं का एक और जोड़ा बराबर हो जाएगा — तब तीन भुजाएँ बराबर हो जाएँगी
और त्रभुज समबाहु बन जाएगा, जसम तीन रेखाएँ होती ह, दो नह ।
अत: त्रभुज म सम म त क रेखाओं क संख्या केवल 0, 1 या 3 हो सकती है — कभी 2 नह ।
Page 32 of 79
Page 34
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.10 नम्न ल खत का चत्र बनाइए। प्रत्येक त म, आकृ त म कम से कम एक घुमावदार सीमा अवश्य हो। a. ठ क
एक सम म त क रेखा वाला चत्र b. ठ क दो सम म त क रेखाओं वाला चत्र c. ठ क चार सम म त क रेखाओं
वाला चत्र
(a) अधवृत्त: 1 (b) अंडाकार: 2 (c) फूल: 4
ठ क 1, 2 तथा 4 सम म त रेखाओं वाली घुमावदार आकृ तयाँ।
a. ठ क एक रेखा: अधवृत्त (आधी रोट )। इसक एकमात्र सम म त रेखा सीधी भुजा के मध्य- बदु से जाने वाला लंब है। “D”
जैसी आकृ त, दल या शंकु भी चलेगा।
b. ठ क दो रेखाएँ: अंडाकार (द घवृत्त), या ऐसा आयत जसक दोन छोट भुजाओं क जगह अधवृत्ताकार उभार ह ।
सम म त रेखाएँ लंबा अक्ष और छोटा अक्ष ह।
c. ठ क चार रेखाएँ: चार बराबर पंखु ड़य वाला फूल, या ऐसा वग जसक हर भुजा पर अधवृत्ताकार उभार हो। रेखाएँ —
ऊध्वाधर, क्षै तज तथा दोन वकण।
सावधान: (c) के लए पूरा वृत्त नह चलेगा — उसम अन गनत सम म त रेखाएँ होती ह, ठ क चार नह ।
Page 33 of 79
Page 35
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
emके लए दे खए क
प्र.11 नम्न ल खत आकृ तय को एक वगाकार कागज पर बनाइए। उन्ह इस प्रकार पूरा क जए क नीले रंग क रेखा
m a s
o को घुमाने से कुछ सहायता प्राप्त होती है! gl
सम म त क रेखा हो। समस्या (a) को आपके लए पूरा कया गया है। संकेत — (c) और (f)
क्या पु.स्cतक
em a
l a s
ag
co m
e m . ag
g l as
a
co m
m.
(a) (b) (c)
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
m a s
m .co agl
(d)
l a se (e) (f)
a g
वगा कत कागज पर बनी छह आकृ तयाँ, पृष्ठ 228 और 229। नीली रेखा सम म त क रेखा बननी चा हए; (a) पूरा
co m
करके दया गया है — बदुदार भाग दपण-प्र त बब है।
m .
m as e
.co a g l
a s em
agl ड पर एक-एक खाना गनकर काम क जए। द गई लाल आकृ त के हर कोने के लए नीली रेखा से खान क संख्या ग नए,
दूसरी ओर उतने ही खाने जाकर संगत बदु अं कत क जए, और फर उन्ह क्रम म नए बदुओं को मलाइए।
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
ठोस = िदया हुआ
m .
m l a se
m .co िबंदिु कत a=gपितिलिप
l a se
ag नीली = समिमित रे खा
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 34 of 79
Page 36
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
भाग (a) इसी प्रकार पूरा कया गया है — हर बदु नीली रेखा के दूसरी ओर उतनी ही दूरी पर।
(a) पुस्तक म हल कया गया है: ऊध्वाधर नीली रेखा के दाईं ओर बना आधा बाण बाईं ओर उतार दया गया है, जससे पतंग
जैसी आकृ त बनती है।
(b) नीली रेखा क्षै तज है। सीढ़ नुमा आकृ त को नीचे क ओर उता रए: रेखा से 3 खाने ऊपर वाला बदु 3 खाने नीचे जाएगा।
पूरी आकृ त ऐसी दखेगी मानो वही मीनार अपने प्र त बब पर खड़ी हो।
(c) नीली रेखा तरछ है। पुस्तक को इस प्रकार घुमाइए क यह रेखा ऊध्वाधर हो जाए — तब प्र त ल प बनाना आसान हो
जाता है। तरछे दपण म, रेखा के कसी बदु से a खाने दाएँ और b खाने ऊपर वाला बदु b खाने दाएँ और a खाने ऊपर आ
जाता है।
(d) ऊध्वाधर नीली रेखा, बाईं ओर छोटा हुक — उसे दाईं ओर उता रए; दोन हुक मलकर “]—[” जैसी आकृ त बनाते ह।
(e) ऊपर क्षै तज नीली रेखा और उसके नीचे पाँच भुजाओं वाली आकृ त — उसे रेखा के ऊपर उता रए, जससे दोन सर पर
चपट , हीरे जैसी बंद आकृ त बनती है।
(f) फर तरछ नीली रेखा; पुस्तक घुमाइए और षट् भुज जैसी आकृ त को रेखा के दूसरी ओर पराव तत क जए।
संकेत क्य काम करता है: दपण-रेखा को इससे फक नह पड़ता क पन्ना कस ओर पकड़ा गया है। पुस्तक घुमाने
से केवल खाने गनना आँख के लए आसान हो जाता है — उत्तर वही रहता है।
प्र.12 नम्न ल खत आकृ तय को एक वगाकार कागज पर बनाइए। उनम से प्रत्येक को इस प्रकार पूरा क जए क
प रणामी आकृ त म सम म त क रेखाओं के रूप म दो नीली रेखाएँ हो।
(a) (b) (c)
(d) (e) (f)
वगा कत कागज पर बनी छह आकृ तयाँ, पृष्ठ 229। दोन नीली रेखाएँ सम म त क रेखाएँ बननी चा हए।
परावतन दो बार क जए:
Page 35 of 79
Page 37
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
1. दए गए लाल भाग को पहली नीली रेखा म पराव तत क जए।
2. अब दोन भाग ( दए हुए और नए) को दूसरी नीली रेखा म पराव तत क जए।
अंत म उस भाग क 4 प्र त ल पयाँ बनगी — दोन रेखाओं से बने चार क्षेत्र म एक-एक।
दोन नीली रेखाओं को सम म त रेखा बनाने पर एक दया हुआ भाग चार भाग म बदल जाता है।
(a) दोन नीली रेखाएँ वकण ह। नीचे बना छोटा लाल रेखाखंड चार चौथाइय म उतारना होगा; पूरी आकृ त कोने पर खड़े वग
जैसी दखेगी जसके चार ओर बराबर नशान ह।
(b) फर वकण, और बाईं ओर टे ढ़ -मेढ़ रेखा। पहले एक वकण म, फर दोन को दूसरे वकण म पराव तत क जए — चार
भुजाओं वाली “दपण- फरक ” बन जाएगी।
(c), (d), (e), (f) यहाँ नीली रेखाएँ ऊध्वाधर और क्षै तज ह। दए हुए भाग को पहले ऊध्वाधर रेखा म, फर दोन को क्षै तज
रेखा म पराव तत क जए — कद्र के प रत सम मत रूप से रखे चार एक जैसे भाग मलगे।
Page 36 of 79
Page 38
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
एक अ त रक्त तथ्य: जब कसी आकृ त क दो सम म त रेखाएँ परस्पर लंबवत ह , तो उसम स्वत: ही घूणन
सम म त का क्रम 2 आ जाता है — कटान- बदु के प रत आधा चक्कर (180°) उसे स्वयं पर ला दे ता है।
प्र.13 नम्न ल खत रेखा आकृ तय को डॉट ड पर बनाइए। प्रत्येक आकृ त के लए दो और रेखाएँ ख चए ता क
ऐसी एक आकृ त बन सके, जसम सम म त क एक रेखा हो।
(a) (b) (c)
(d) (e) (f)
डॉट ड पर बनी छह रेखा-आकृ तयाँ, पृष्ठ 230।
उत्तर कई हो सकते ह। सबसे आसान तरीका यह है:
1. जस रेखा को अक्ष बनाना है उसे चु नए — प्राय: बदुओं से जाती ऊध्वाधर, क्षै तज या 45° क रेखा।
2. द हुई रेखाओं को उसम पराव तत क जए। चूँ क दए गए दो कोने प्राय: अक्ष पर ही पड़ते ह, आकृ त बंद करने के लए ठ क
दो नई रेखाएँ ही चा हए।
Page 37 of 79
Page 39
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
छह म से एक आकृ त पूरी क गई: लाल बदु कत रेखाएँ ही दो नई रेखाएँ ह और हरी रेखा सम म त क रेखा है।
नीचे हर आकृ त के लए एक-एक संभव उत्तर दया है (बाएँ से स्तंभ 0–5 और ऊपर से पं क्त 0–5):
Page 38 of 79
Page 40
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
आकृ त पहले से बनी रेखाएँ जोड़ने योग्य दो सम म त क रेखा
m a se
रेखाएँ
. c o l
agबदुओं से जाती तरछ रेखा
sem
1 (4,0)–(0,1)–(4,5) (4,5)–(5,1) तथा (5,1)– दोन समांतर भुजाओं के मध्य-
a
agl
(4,0) (सम बाहु समलंब)
2 (2,0)–(0,3)–(1,5)–(3,5) (3,5)–(4,3) तथा (4,3)– (2,0) से जाती ऊध्वाधर रेखा
co m
. ag
(2,0)
e m
3 (0,0)–(2,1)–(4,0)–
g l as
(2,5)–(0,2) तथा (0,2)– (2,0) से जाती ऊध्वाधर रेखा
(4,2)–(2,5) a
(0,0)
4 (0,0)–(4,0)–(4,1)–(1,4) (1,4)–(0,4) तथा (0,4)– (0,0) से शुरू होती 45° क वकण रेखा
co m
em.
(0,0)
m l as
5
m .co(2,3)–(0,1)–(2,5) (0,5)–(2,3) तथा (0,5)–
a g
पं क्त 3 से जाती क्षै तज रेखा
l a se (2,1)
g
a 6 (0,0)–(2,0)–(5,2)–(2,4) (2,4)–(0,4) तथा (0,4)– पं क्त 2 से जाती क्षै तज रेखा
m a s
agl
(0,0)
m.co
l a se
ag
स्वयं जाँ चए: बनाने के बाद चुनी हुई रेखा पर एक छोटा दपण सीधा र खए। य द दखने वाला आधा भाग और
उसका प्र त बब मलकर ठ क आपक पूरी आकृ त जैसा लगे, तो उत्तर सही है।
com
m .
m पृष्ठ 230 और 231 as e
. co— a g l
em
पाठ्य प्रश्न
a s
agl
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
sem
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 39 of 79
Page 41
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 9.2 घूणन सम म त
प्र.1 क्या उपरोक्त पवन-चक्क ठ क पहले जैसी ही दखाई दे गी, जब उसे 90° से छोटे कसी कोण पर घुमाया जाता
है?
पृष्ठ 230 क कागज क पवन-चक्क । बीच का लाल बदु घूणन का कद्र है।
नह । कागज क पवन-चक्क म चार एक जैसी पंखु ड़याँ कद्र के चार ओर बराबर दूरी पर लगी ह।
दो पड़ ोसी पंखिु ड़ यों के बीच का कोण = 360° ÷ 4 = 90°
य द आप उसे 90° से कम — जैसे 30°, 45° या 80° — घुमाएँ, तो हर पंखुड़ी दो पुरानी तय के बीच रुक जाती है, इस लए
चत्र टे ढ़ा दखता है और मूल त से मेल नह खाता।
Page 40 of 79
Page 42
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
केवल 90° पर ही हर पंखुड़ी ठ क अगली पंखुड़ी के ान पर पहुँचती है और पवन-चक्क पहले जैसी दखने लगती है।
90° से कम क्य नह : आकृ त के वैसा ही दखने के लए एक पंखुड़ी को दूसरी पंखुड़ी पर आना ही पड़ेगा। यह
सबसे पहले तभी होता है जब पूरा एक “अंतराल” घूम जाए, और वह अंतराल 90° का है। इसी लए 90° को पवन-
चक्क का न्यूनतम सम म त कोण कहते ह।
प्र.2 इस प्रकार, हम दे खते ह क पवन-चक्क के सम म त के 4 कोण ह। क्या आप कसी एक अन्य आकृ त के वषय
म जानते ह, जसके सम म त के ठ क 4 कोण होते ह?
पृष्ठ 230 क कागज क पवन-चक्क । बीच का लाल बदु घूणन का कद्र है।
हाँ, अनेक। जो भी आकृ त एक ही टु कड़े को कद्र के चार ओर चार बार दोहराकर बनी हो, उसके ठ क 4 सम म त कोण होते ह —
90°, 180°, 270°, 360°।
Page 41 of 79
Page 43
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
वग (और शतरंज क बसात का वगाकार खाना)।
चार बराबर भुजाओं वाला जोड़ का चह्न “+”, जैसा पृष्ठ 232 क आकृ त म है।
चार पंखु ड़य वाला फूल तथा पृष्ठ 227 का चार नोक वाला तारा।
4 पंख वाला टे बल फैन या छत का पंखा, तथा चार बराबर ती लय वाला स्ट य रग व्हील।
अनेक रंगोली डज़ाइन।
सावधान: वग म 4 सम म त कोण तथा 4 सम म त रेखाएँ ह, परंतु पवन-चक्क म 4 सम म त कोण ह और कोई
सम म त रेखा नह । कोण और रेखाएँ अलग-अलग गनी जाती ह।
प्र.3 एक वग के कतने सम म त कोण ह? प्रारं भक वग प्राप्त करने के लए, उसे कतने घूणन क आवश्यकता है?
क्या आप जानते ह क घूणन के कद्र को कहाँ च ह्नत करना है? इसक सम म त के अन्य कोण क्या ह?
वग के 4 सम म त कोण होते ह।
A B D A
90°
→
D C C B
लाल कद्र के प रत 90° (चौथाई चक्कर) घुमाने पर A, B के ान पर; B, C के; C, D के तथा D, A के ान पर आ जाता है।
कतना घूणन चा हए? 90° का घूणन ही पयाप्त है — वग स्वयं पर आ जाता है। हर कोना अगले कोने के ान पर चला
जाता है: A → B, B → C, C → D, D → A।
घूणन का कद्र कहाँ? वग के कद्र पर — वह जहाँ उसके दोन वकण काटते ह। केवल यही बदु र रहता है।
सम म त के अन्य कोण:
90° (चौथाई चक्कर), 180° (आधा चक्कर), 270° (तीन-चौथाई चक्कर), 360° (पूरा चक्कर)
Page 42 of 79
Page 44
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
ठ क यही चार क्य : 180° के बाद कोने C, D, A, B पढ़े जाते ह; 270° के बाद D, A, B, C; और 360° पर सब
कुछ अपनी जगह लौट आता है। कसी अन्य कोण पर कोने दो तय के बीच रह जाएँगे और वग टे ढ़ा दखेगा।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 232 से 235
Page 43 of 79
Page 45
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
करण-संबंधी भुजाओं वाली आकृ तय म घूणन सम म त
co m
em.
m as
TRY THIS
.co a g l
m
दseगई आकृ त को दे खए, इसम 4 करण-संबंधी भुजाएँ ह। इसक सम म त के कतने कोण ह? वे कौन-से ह?
gl a
a
प्र.1
ध्यान द जए क प्रत्येक दो आसन्न कद्र य बदु कत रेखाओं के बीच का कोण 90° है।
co m
e m . ag
g l as
a
co m
em.
m l as
m .co a g
90°
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m ase
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
.
4 करण-संबंधी भुजाओं वाली आकृ त, पृष्ठ 232। दो आसन्न बदु कत रेखाओं के बीच का कोण 90° है।
e m
m l as
.co a g
a s emउत्तर
agl
.c
m
चार भुजाएँ एक जैसी ह और आसन्न भुजाओं के बीच का कोण 90° है, इस लए हर भुजा अगली भुजा का ान ले सकती है।
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 44 of 79
Page 46
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
90°
चार करण-संबंधी भुजाएँ, 90° के अंतर पर। हर चौथाई चक्कर आकृ त को स्वयं पर ले आता है।
समिमित के कोण = 90°, 180°, 270°, 360° → 4 कोण
क्य : 90° का घूणन भुजा 1 को भुजा 2 पर, भुजा 2 को भुजा 3 पर, भुजा 3 को भुजा 4 पर तथा भुजा 4 को भुजा
1 पर ले जाता है — चत्र वैसा ही रहता है। यही बात 180°, 270° और 360° के लए भी सत्य है।
Page 45 of 79
Page 47
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 क्या आप इन करण-संबंधी भुजाओं के बीच के कोण को बदल सकते ह, ता क प्राप्त आकृ त के अभी भी
सम म त के 4 कोण ह ? इसे ख चने का प्रयास क जए।
90°
4 करण-संबंधी भुजाओं वाली आकृ त, पृष्ठ 232। दो आसन्न बदु कत रेखाओं के बीच का कोण 90° है।
नह — य द चार भुजाएँ रखनी ह तो नह । 4 भुजाओं के साथ 4 सम म त कोण पाने का एकमात्र तरीका है क उन्ह आपस म
90° पर ही रखा जाए।
न्यून तम समिमित कोण = 360° ÷ 4 = 90°
Page 46 of 79
Page 48
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
क्य : य द 90° घुमाने पर आकृ त वैसी ही दखती है, तो वह घूणन हर भुजा को अगली भुजा पर ले जाएगा। अत:
लगातार भुजाओं के बीच के सभी अंतराल बराबर होने चा हए, और पूरे चक्कर म चार बराबर अंतराल का अथ है
90° प्रत्येक। य द एक अंतराल 80° और दूसरा 100° कर द, तो चौथाई चक्कर पर भुजाएँ मेल नह खाएँगी और
केवल 360° बचेगा।
क्या बदला जा सकता है: भुजाएँ स्वयं। उन्ह लंबा, छोटा, मोटा, पंखे क तरह घुमावदार या पत्ती जैसा बनाइए — जब तक चार
एक जैसी ह और 90° के अंतर पर ह, आकृ त के ठ क 4 सम म त कोण रहगे। चार पंख वाला पंखा और चार पंखु ड़य वाला फूल
बनाकर कागज के कट-आउट से जाँ चए।
प्र.3 आप इस आकृ त को कस प्रकार संशो धत करगे क इसके केवल सम म त के 2 कोण ह ?
90°
4 करण-संबंधी भुजाओं वाली आकृ त, पृष्ठ 232। दो आसन्न बदु कत रेखाओं के बीच का कोण 90° है।
भुजाओं को जो ड़य म असमान कर द जए: दो सम्मुख भुजाएँ एक जैसी र खए और शेष दो सम्मुख भुजाएँ अलग बना द जए।
Page 47 of 79
Page 49
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
दो लंबी और दो छोट भुजाएँ। अब चौथाई चक्कर मेल नह खाता — केवल आधा चक्कर ही काम करता है।
समिमित के कोण = 180°, 360° → के वल 2 कोण
90° का घूणन लंबी भुजा को छोट भुजा पर लाना चाहेगा — यह वफल हो जाता है।
180° का घूणन हर भुजा को उसक सम्मुख (एक जैसी) भुजा पर लाता है — यह सफल होता है।
दूसरा आसान तरीका: भुजाएँ बराबर ही र खए, परंतु हर भुजा के सरे पर एक ही दशा म मुड़ी हुई छोट झंडी जोड़
द जए (जैसा पुस्तक म दखाया गया है)। आधा चक्कर तब भी मेल खाएगा, चौथाई चक्कर नह ।
Page 48 of 79
Page 50
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
तm
आइए, नीचे द आकृ त के अनुसार 3 करण-संबंधी भुजाओं को लेकर प्रयास कर। इसके कतने सम म त के
कोण ह तथा ये कौन-से ह? इस आकृ त क एक प्र त बनाइए और काट ली जए। इस आकृ e
प्र.4
m a s
o े घूणन कोण नधा रत क जए। gl
पर कट-आउट को
घुमाकर.cइसक
m a
ase
agl
com
e m . ag
g l as
a
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
पृष्ठ 233 क 3 करण-संबंधी भुजाओं वाली आकृ त — तीन भुजाएँ बराबर दूरी पर नह ह।
co m
m .
o m l a se
.c बनाकर का टए और उसे छपी हुई आकृ त पर धीरे-धीरे घुमाइए। आप देखगे aकgकोई भी अधूरा घूणन मेल नह खाता।
se m
अक्स
a
agl c
समिमित का कोण = के वल 360° → 1 कोण
m .
a s e
. c om agl
अत: तीन भुजाएँ होने पर भी इस आकृ त मem
a s घूणन सम म त नह है।
agl
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 49 of 79
Page 51
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
असफल क्य : छपी हुई आकृ त म तीन भुजाएँ बराबर दूरी पर नह ह — उनके बीच के कोण अलग-अलग ह।
भुजा 1 को भुजा 2 पर लाने के लए भुजा 1 और 2 के बीच का कोण, भुजा 2 और 3 के बीच के तथा भुजा 3 और
1 के बीच के कोण के बराबर होना चा हए। यहाँ ऐसा नह है, इस लए केवल 360° का पूरा चक्कर ही काम करता
है।
याद र खए: 360° हर आकृ त का सम म त कोण होता है। कसी आकृ त म घूणन सम म त तभी मानी जाती है जब
उसका कोई सम म त कोण 360° से छोटा हो।
प्र.5 यद्य प, क्या इस आकृ त म कोई ऐसा प रवतन कया जा सकता है जससे इसके 3 सम म त के कोण हो जाएँ?
क्या बदु कत रेखाओं के बीच के कोण म प रवतन करके ऐसा कया जा सकता है? ध्यान द जए क ∠A को
∠B के साथ, ∠B को ∠C के साथ तथा ∠C को ∠A के साथ अ तव्यापी होना चा हए। इस लए ∠A = ∠B =
∠C है। यह कोण क्या होना चा हए? अब इस आकृ त के कतने घूणन के कोण ह तथा ये कौन-से ह?
C A B C
B A
पृष्ठ 234 के दो क े चत्र — आकृ त तथा उसक एक घुमाई हुई प्र त।
हाँ — भुजाओं के बीच के कोण को इस प्रकार बद लए क तीन बराबर हो जाएँ।
∠A = ∠B = ∠C
∠A + ∠B + ∠C = 360° (एक पूरा चक्कर)
3 × ∠A = 360°
∠A = 360° ÷ 3 = 120°
Page 50 of 79
Page 52
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
120°
तीन बराबर भुजाएँ और आसन्न भुजाओं के बीच 120° — अब आकृ त म घूणन सम म त है।
आसन्न बदु कत रेखाओं के बीच 120° होने पर आकृ त के 3 सम म त कोण हो जाते ह:
120° (एक-ितहाई चक्कर), 240° (120° + 120°), 360° (120° + 120° + 120°)
ठ क यही क्य : 120° का घूणन भुजा A को B पर, B को C पर तथा C को A पर ले जाता है। दो बार करने पर
(240°) A, C पर पहुँचता है और तीन बार करने पर (360°) सब कुछ अपने ान पर लौट आता है। ध्यान द जए
क सभी सम म त कोण न्यूनतम कोण 120° के गुणज ह।
Page 51 of 79
Page 53
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.6 क्या आप करण-संबंधी भुजाओं को लेकर ऐसी आकृ त बना सकते ह जसम— a. ठ क 5 सम म त के कोण
ह ? b. 6 सम म त के कोण ह ? प्रत्येक आकृ त का सम म त का कोण भी ात कर। संकेत— पहली त के
लए 5 करण-संबंधी भुजाएँ ली जए। दो आसन्न करण-संबंधी भुजाओं के बीच क्या कोण होना चा हए?
जतने सम म त कोण चा हए उतनी ही बराबर भुजाएँ ली जए और 360° के पूरे चक्कर को उनम बराबर बाँट द जए।
a) ठ क 5 सम म त कोण — 5 बराबर भुजाएँ बनाइए।
दो आसन्न भुजाओं के बीच का कोण = 360° ÷ 5 = 72°
समिमित के कोण = 72°, 144°, 216°, 288°, 360°
b) ठ क 6 सम म त कोण — 6 बराबर भुजाएँ बनाइए।
दो आसन्न भुजाओं के बीच का कोण = 360° ÷ 6 = 60°
समिमित के कोण = 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°
5 भुजाएँ, 72° 6 भुजाएँ, 60°
बराबर भुजाएँ कद्र के चार ओर बराबर बाँट गईं: 5 भुजाओं से 72° और 6 भुजाओं से 60°।
सामान्य नयम: n बराबर भुजाओं वाली, बराबर दूरी पर रखी आकृ त के n सम म त कोण होते ह और उसका
न्यूनतम सम म त कोण 360° ÷ n होता है। शेष सभी कोण उसी के गुणज ह।
Page 52 of 79
Page 54
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.7 एक ऐसी करण-संबंधी भुजाओं से बनी आकृ त ली जए जसम ठ क 7 सम म त के कोण ह । इसका न्यूनतम
सम म त कोण कतना होगा? क्या इस त म कोण क माप एक पूण संख्या होगी? य द नह , तो उसे म त
भन्न म व्यक्त क जए।
न्यून तम समिमित कोण = 360° ÷ 7
360 म 7 का भाग द जए: 7 × 51 = 357 तथा 360 − 357 = 3।
360 ÷ 7 = 51 शेष 3 → 513⁄7°
नह , यह पूण संख्या नह है। न्यूनतम सम म त कोण 513⁄7° (लगभग 51.43°) है।
सात सम म त कोण इस प्रकार ह—
513⁄7°, 1026⁄7°, 1542⁄7°, 2055⁄7°, 2571⁄7°, 3084⁄7°, 360°
पूण संख्या क्य नह : 7, 360 का गुणनखंड नह है (360 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 5)। जब भी भुजाओं क
संख्या 360 का गुणनखंड नह होती, न्यूनतम सम म त कोण भन्न के रूप म आता है। 3, 4, 5, 6, 8, 9, 10, 12
भुजाओं के लए उत्तर पूण संख्या होता है; 7 या 11 भुजाओं के लए नह ।
आइए, पता लगाएँ — पृष्ठ 235 और 236
Page 53 of 79
Page 55
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 9.2 घूणन सम म त
co m
em.
m l as
.co a g
द गई आकृ तय म दए गए चह्न • के प रत सम म त के कोण ात क जए।
m
प्र.1
l a se
a g
co m
em . ag
g l as
a
co m
(a) (b) (c)
e m.
as
पृष्ठ 235 क तीन आकृ तयाँ, प्रत्येक म बदु • अं कत है।
m l
m .co a g
l a se
a gउत्तर
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a (a) 90°, 180°, 270°, 360° (b) केवल 360° (c) 180°, 360°
se m
m अं कत बदु के प रत उनके सम म त कोण।
coऔर g l a
. a
em
पृष्ठ 235 क तीन आकृ तयाँ
a s
gl प याँ समकोण पर):
(a) जोड़ के चह्न जैसी आकृ त (दोaबराबर
co m
m .
e
समिमित के कोण = 90°, 180°, 270°, 360° (4 कोण, क्रम 4)
m l as
.co
mहर चौथाई चक्कर एक भुजा को अगली भुजा पर ले जाता है। a g
s e
agla
c
(b) कोष्ठक जैसी आकृ त (रेखाखंड, जसके दोन सर पर एक ही ओर छोटा वग है):
m .
m a s e
समिमित का कोण = के वल 360° (1 कोण, क्रम 1)
m . co agl
l a se
आधा चक्कर ऊपर वाले वग को a g तो ले जाएगा, पर रेखा क दूसरी ओर, इस लए वह मेल नह खाता। इस आकृ त म घूणन
नीचे
m
सम म त नह है — यद्य प इसम एक क्षै तज सम म त रेखा अवश्य है।
. co
e m
m l as
.co a g
Page 54 of 79
Page 56
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
(c) H जैसी आकृ त:
समिमित के कोण = 180°, 360° (2 कोण, क्रम 2)
बीच क प के मध्य- बदु के प रत आधा चक्कर दोन खड़ी रेखाओं को आपस म बदल दे ता है और बीच क प को स्वयं पर ले
आता है।
प्र.2 नम्न ल खत म से कस आकृ त म एक से अ धक सम म त के कोण ह?
पृष्ठ 235 पर द गई सात आकृ तयाँ।
सात म से पाँच आकृ तय म एक से अ धक सम म त कोण ह।
आकृ त एक से अ धक? सम म त के कोण
दो परस्पर लंब व्यास वाला वृत्त हाँ 90°, 180°, 270°, 360°
नीचे क ओर नुक ला त्रभुज (सम बाहु, समबाहु नह ) नही ं केवल 360°
तीन बराबर त्रज्याखंड म बँटा वृत्त हाँ 120°, 240°, 360°
चार घुमावदार पंखु ड़य वाली फरक हाँ 90°, 180°, 270°, 360°
दो सीधी रेखाओं से बना “X” हाँ 180°, 360°
पाँच नोक वाला तारा हाँ 72°, 144°, 216°, 288°, 360°
एक ही ओर दो अधवृत्त वाला रेखाखंड (“B” जैसा) नही ं केवल 360°
Page 55 of 79
Page 57
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
जल्द कैसे तय कर: ग नए क कद्र के चार ओर कतने एक जैसे भाग ह। चार पंखु ड़याँ → 4 कोण; तीन
त्रज्याखंड → 3 कोण; पाँच नोक → 5 कोण। य द कद्र के चार ओर के भाग एक जैसे नह ह — जैसे सम बाहु
त्रभुज और “B” जैसी आकृ त म — तो केवल 360° ही सम म त कोण होता है।
त्रभुज पर ध्यान द जए: यह समबाहु त्रभुज से अ धक ऊँचा है, इस लए इसके तीन कोने एक जैसे नह ह। इसम
एक सम म त रेखा तो है, पर घूणन सम म त नह । रेखाएँ और कोण सदै व अलग-अलग जाँ चए।
प्र.3 प्रत्येक आकृ त के लए घूणन सम म त का क्रम बताइए—
(a) (b) (c)
(d) (e) (f)
पृष्ठ 236 पर द गई छह आकृ तयाँ।
घूणन सम म त का क्रम = सम म त कोण क संख्या, अथात् एक पूरे चक्कर म आकृ त कतनी बार स्वयं पर आ जाती है।
आकृ त क्रम सम म त के कोण
तरछा रेखाखंड, जसके दोन सर पर वपरीत दशाओं म झंडी है 2 180°, 360°
दो काटती रेखाएँ, ऊपरी भुजाओं के बीच चाप बना हुआ 1 केवल 360°
छह नोक वाला तारा 6 60°, 120°, 180°, 240°, 300°, 360°
मु य वाली तीन मुड़ी भुजाएँ 3 120°, 240°, 360°
पाँच वग से बना जोड़ का चह्न 4 90°, 180°, 270°, 360°
सम पंचभुज 5 72°, 144°, 216°, 288°, 360°
Page 56 of 79
Page 58
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
न्यून तम समिमित कोण = 360° ÷ क्रम
क्रम 2 → 180° • क्रम 3 → 120° • क्रम 4 → 90° • क्रम 5 → 72° • क्रम 6 → 60°
दूसरी आकृ त के वषय म: केवल दो काटती रेखाओं का क्रम 2 होता। परंतु छोटा चाप केवल ऊपरी भुजाओं के
बीच बना है और आधा चक्कर उसे नीचे ले जाएगा। अत: चाप को आकृ त का भाग मानने पर केवल पूरा चक्कर ही
काम करता है और क्रम 1 है।
पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 236 और 237
न्यूनतम कोण के गुणज; सत्य या असत्य; वृत्त क सम म तयाँ
MATH TALK
प्र.1 प्रत्येक त म कोण, न्यूनतम कोण के गुणज ह। आप उत्साहपूवक पूछ सकते ह क क्या ऐसा सदै व होता है?
आप क्या सोचते ह?
हाँ, ऐसा सदै व होता है। कसी भी आकृ त का प्रत्येक सम म त कोण उसके न्यूनतम सम म त कोण का गुणज होता है।
ठीक 2 कोण: 180°, 360° → 180 के गुणज
ठीक 3 कोण: 120°, 240°, 360° → 120 के गुणज
ठीक 4 कोण: 90°, 180°, 270°, 360° → 90 के गुणज
ऐसा होना ही क्य चा हए: मान ली जए न्यूनतम सम म त कोण s है। s से घुमाने पर आकृ त वैसी ही रहती है, तो
दुबारा s घुमाने (अथात् 2s) पर भी वैसी ही रहेगी, और 3s, 4s … पर भी। अब मान ली जए कोई सम म त कोण a
ऐसा है जो s का गुणज नह है। तब a दो गुणज के बीच होगा, मान ली जए ks और (k+1)s के बीच। पहले a
घुमाकर फर ks पीछे घुमाने पर भी आकृ त वैसी ही रहेगी — पर वह घूणन s से छोटा है, जब क s को न्यूनतम माना
गया था। अत: ऐसा a हो ही नह सकता।
चूँ क 360° सदै व सम म त कोण होता है, न्यूनतम कोण s को 360 म पूरा-पूरा वभा जत करना ही पड़ेगा। इसी लए s के पूण संख्या
होने पर वह सदै व 360 का गुणनखंड होता है।
Page 57 of 79
Page 59
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 सत्य या असत्य: प्रत्येक आकृ त का 360° एक सम म त का कोण होगा।
सत्य।
क्य : 360° का घूणन एक पूरा चक्कर है। यह आकृ त के हर बदु को ठ क उसी ान पर लौटा दे ता है जहाँ वह था,
अत: आकृ त न त रूप से वैसी ही दखती है। यह हर आकृ त के लए सत्य है, चाहे वह कतनी भी अ नय मत हो
— बादल या कसी टे ढ़ -मेढ़ लक र के लए भी।
इसी लए कहा जाता है: कसी आकृ त म घूणन सम म त तभी मानी जाती है जब उसका कोई सम म त कोण 0°
और 360° के बीच हो। केवल 360° होने का अथ है क्रम 1 — घूणन सम म त नह ।
प्र.3 सत्य या असत्य: य द एक आकृ त क सम म त का न्यूनतम कोण एक प्राकृत संख्या है, तो वह 360° का एक
गुणनखंड होगी।
सत्य।
यिद न्यून तम समिमित कोण s है, तो 360° इनमें से कोई होगा—
s, 2s, 3s, … → 360 = n × s (िकसी पूण संख्या n के िलए)
अत: s, 360 का गुणनखंड है और n घूणन समिमित का क्रम।
क्य : 360° सदै व सम म त कोण होता है ( पछला प्रश्न दे खए) और हर सम म त कोण न्यूनतम कोण का गुणज
होता है। अत: 360, s का गुणज है — “s, 360 का गुणनखंड है” का यही अथ है।
इस लए संभव न्यूनतम कोण केवल 360 के गुणनखंड ह: 1°, 2°, 3°, 4°, 5°, 6°, 8°, 9°, 10°, 12°, 15°, 18°, 20°, 24°,
30°, 36°, 40°, 45°, 60°, 72°, 90°, 120°, 180° तथा 360°। 7°, 17° या 50° जैसा कोण कभी न्यूनतम सम म त कोण
नह हो सकता।
प्र.4 वृत्त एक मनमोहक आकृ त है। तब क्या होता है, जब आप एक वृत्त को उसके कद्र के प रत घड़ी क दशा म
घुमाते ह? अब, एक वृत्त क प रसीमा पर एक बदु ली जए और इसे कद्र से मलाइए। इसे बढ़ाकर वृत्त का एक
व्यास बनाइए। क्या यह व्यास इस वृत्त क परावतन सम म त क एक रेखा है?
घुमाने पर: वृत्त कसी भी कोण पर स्वयं के साथ संपाती हो जाता है — 1°, 37°, 90° या 156.5°, कोई फक नह पड़ता।
Page 58 of 79
Page 60
as e
कक्षा 6 ग णत अध्याय 9 सम म त
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
वृत्त के िलए पत्येक कोण समिमित का कोण है।
m as e
.co a g l
se m
a
अत: वृत्त का कोई न्यूनतम सम म त कोण नह होता — आप हमेशा उससे भी छोटा कोण ढूँ ढ़ सकते ह। यही सबसे अ धक
a g l
सम मत आकृ त है।
मोड़ने पर: हाँ, प्रत्येक व्यास सम म त क रेखा है। कागज के वृत्त को कसी भी व्यास के अनु दश मो ड़ए, दोन अधवृत्त पूरी तरह
com
ag
मेल खाते ह, क्य क प रसीमा का हर बदु कद्र से समान दूरी पर है।
m .
as e
a g l
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
वृत्त क कुछ सम म त रेखाएँ। उसके अन गनत व्यास म से हर एक सम म त क रेखा है।
.c
s e m
com a
. agl
आस-पास दे खए: प हए, पंखे, फूल, थाली, चूड़ी और तवे का ऊपरी भाग — सभी घुमाने पर स्वयं पर आ जाते ह।
3 पंख वाले पंखे का क्रम 3 (120°)eहैmऔर 36 ती लय वाले साइ कल के प हए का क्रम 36 (10°)।
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 59 of 79