Page 1
F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T
क ा6
एनसीईआरट समाधान
अध्याय 4: चुब
ं क को जान
एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ज ासा
पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम
59 – 76 10 43 हन्द
Solutions, notes, sample papers & more at 45 pages
Page 2
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
कक्षा 6 · व ान · ज ासा
एनसीईआरट समाधान — अध्याय 4: चुब
ं क को जान
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान (पाठ्यपुस्तक ज ासा) के सभी प्रश्न के वस्तृत एनसीईआरट समाधान। अध्याय के सात क्रयाकलाप
4.1 से 4.7, पृष्ठ 60 से 70 तक के सभी पाठ्य प्रश्न, आइए, और अ धक सीख के 11 प्रश्न तथा और भी सीख क पाँच प रयोजनाएँ — प्रत्येक
उत्तर म अवलोकन, उसका कारण तथा ुव, आकषण, प्र तकषण और दक्सूचक के स्पष्ट नामां कत चत्र दए गए ह।
पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ
ज ासा (कक्षा 6) 59 – 76
खं ड प्रश्न
10 43
माध्यम
हन्द
क्रयाकलाप 4.1— आइए, खोज कर — पृष्ठ 60 और 61
अनुभाग 4.1 चुंबक य और अचुंबक य पदाथ
क्रयाकलाप
प्र.1 क्या चुंबक केवल कुछ वशेष पदाथ से बनी वस्तुओं पर ही चपकते ह?
हाँ। चुंबक हर वस्तु से नह चपकता। वह केवल कुछ वशेष पदाथ — मुख्यतः लोहा, तथा नकेल और कोबाल्ट (और इनसे बने
मश्रण जैसे स्ट ल) — से बनी वस्तुओं से ही चपकता है।
चुंबक + लोहे की कील → िच पकती है
चुंबक + स्टील की U-िक्लप → िच पकती है
चुंबक + लकड़ ी की पेंिसल → नही ं िचपकती
चुंबक + रबड़ → नही ं िचपकती
अतः कसौट यह नह है क वस्तु कठोर है या चमक ली है, यहाँ तक क यह भी नह क वह धातु है या नह । ताँबे का तार और
ऐलु म नयम क पन्नी भी धातु ह, फर भी चुंबक उन्ह नह ख चता। असली बात यह है क वह कौन-सी धातु है।
ऐसा क्य होता है: केवल लोहा, नकेल और कोबाल्ट म ही चुंबक पास आने पर उनके भीतर के सूक्ष्म चुंबक य भाग
एक ही दशा म पं क्तबद्ध हो जाते ह। पं क्तबद्ध होते ही वह वस्तु स्वयं उस समय के लए एक छोटा चुंबक बन जाती
है और खच आती है। लकड़ी, प्ला स्टक या काँच म ऐसा कुछ नह होता, इस लए वे नह खचत ।
Page 1 of 45
Page 3
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
करके दे ख: एक रुपये के सक्के, स्ट ल के चम्मच, प्ला स्टक के ढक्कन और पीतल क चाबी के पास चुंबक ले
जाइए। जल्द ही आपको समझ आ जाएगा क कौन-से पदाथ चुंबक को उत्तर दे ते ह और कौन-से चुप रह जाते ह।
Page 2 of 45
Page 4
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 पूवानुमान लगाएँ क कौन-सी वस्तुए ँ चुंबक से चपक जाएँगी। अपना पूवानुमान ता लका 4.1 म अं कत कर। अब
अपने हाथ म एक चुंबक पकड़ और उसे एक-एक करके सभी वस्तुओं के पास ले जाएँ ( चत्र 4.3)। अवलोकन
कर क कौन-कौन सी वस्तुए ँ चुंबक से चपकती ह। अपने अवलोकन को ता लका 4.1 म अं कत कर।
लकड़ ी का पेंच इरेजर पेपर िक्लप िबजली का तार
टुकड़ ा
चाबी शापनर लोहे की कीलें मािचस की स्के च पेन
िडब्बी
काँच का कै ं ची मोमबत्ती प्लािस्टक स्टे पलर
िगलास का स्के ल
पेंिसल कपड़ ा चुबं क
चत्र 4.3, पृष्ठ 61 — पुनः चत्रण: वे वस्तुए ँ जन्ह आप चुंबक से जाँचते ह।
Page 3 of 45
Page 5
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
m l as
.co
वस्तु का नाम पदाथ जससे वह वस्तु बनी है चुंबक ारा आक षत होती है? (हाँ/नह )
a g
sem
(प्ला स्टक/लकड़ी/काँच/लोहा/अन्य)
gla
पूवानुमान अवलोकन
a प सल लकड़ी
com
m . ag
इरेजर (रबड़) रबर
as e
a g l
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
e
ता लका 4.1, पृष्ठ 61 — इसे अपनी कॉपी म बनाइए और खाली खाने भ रए।
m l as
.co a g
a s em
agl उत्तर
लगभग आठ-दस रोज़मरा क वस्तुएँ इक क जए, पहले अपना पूवानुमान ल खए और उसके बाद चुंबक से जाँ चए। पूरी क गई
se m
com g l a
. a
ता लका 4.1 इस प्रकार दखेगी।
m
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 4 of 45
Page 6
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
वस्तु का नाम पदाथ जससे वह वस्तु बनी है पूवानुमान (हाँ/नह ) अवलोकन (हाँ/नह )
प सल लकड़ी नह नही ं
इरेजर (रबड़) रबर नह नही ं
लोहे क क ल लोहा हाँ हाँ
सेफ्ट पन / U- क्लप स्टील (िजसमें लोहा है) हाँ हाँ
स्केल प्लािस्टक नह नही ं
चूड़ी काँच नह नही ं
शापनर का ब्लेड स्टील हाँ हाँ
चाबी पीतल हाँ (प्रायः गलत अनुमान) नही ं
ऐलु म नयम क पन्नी ऐलुिमिनयम हाँ (प्रायः गलत अनुमान) नही ं
कॉपी का पन्ना कागज नह नही ं
सुझाव: चुंबक को कसी वस्तु से छु आने से पहले ही पूवानुमान वाला स्तंभ प सल से भर ली जए। इस क्रयाकलाप
का पूरा उ े श्य यही जानना है क आपका अनुमान और प्रकृ त कहाँ अलग-अलग ह — पीतल क चाबी और
ऐलु म नयम क पन्नी प्रायः पूरी कक्षा को च का दे ती ह।
प्र.3 क्या आपका पूवानुमान सभी वस्तुओं के लए सही था? कौन-सी वस्तुए ँ चुंबक से चपक जाती ह? आप क्या
नष्कष नकाल सकते ह?
प्रायः सभी वस्तुओं के लए नह । लकड़ी, रबर, प्ला स्टक, काँच और कागज के लए अ धकांश व ाथ सही अनुमान लगाते ह,
परंतु चमक ली धातुओं पर चूक जाते ह — पीतल क चाबी, ऐलु म नयम क पन्नी या ताँबे का तार दे खकर लगता है क ये चपकगी,
पर ऐसा नह होता।
जो वस्तुए ँ चपक वे सब लोहे या स्ट ल क थ — क ल, U- क्लप, सेफ्ट पन, ब्लेड, लोहे क चाबी।
नष्कष:
जो पदाथ चुंबक की ओर आकिषत होते है ं = च ुंबकीय पद ाथ (लोहा, िनके ल, कोबाल्ट)
जो पदाथ आकिषत नही ं होते = अच ुंबकीय पद ाथ (लकड़ ी, रबर, प्लािस्टक, काँच , कागज, ताँबा, ऐलुिमिनयम)
चुंबक हर वस्तु को नही,ं के वल चुंबकीय पदाथ ं को आकिषत करता है।
Page 5 of 45
Page 7
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
चमक ली धातु वाला अनुमान क्य गलत नकलता है: ‘धातु’ एक बहुत बड़ा प रवार है। साधारण धातुओं म
केवल तीन — लोहा, नकेल और कोबाल्ट — चुंबक य ह। ताँबा, ऐलु म नयम, पीतल, सोना और चाँद भी धातुएँ ह,
पर चुंबक का उन पर कोई वश नह चलता।
प्र.4 आपके ारा ता लका 4.1 म सूचीबद्ध कौन-सी वस्तुए ँ अचुंबक य पाई गईं?
वस्तु का नाम पदाथ जससे वह वस्तु बनी है चुंबक ारा आक षत होती है? (हाँ/नह )
(प्ला स्टक/लकड़ी/काँच/लोहा/अन्य)
पूवानुमान अवलोकन
प सल लकड़ी
इरेजर (रबड़) रबर
ता लका 4.1, पृष्ठ 61 — इसे अपनी कॉपी म बनाइए और खाली खाने भ रए।
ऊपर क ता लका के अनुसार अचुंबक य पदाथ ये थे —
लकड़ी — प सल
रबर — इरेजर
प्ला स्टक — स्केल
काँच — चूड़ी
कागज — कॉपी का पन्ना
पीतल — चाबी
Page 6 of 45
Page 8
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
ऐलु म नयम — पन्नी
चुंबक कतना भी पास ले जाया गया, इनम से कोई भी वस्तु ज़रा-सी भी उसक ओर नह खची।
क्या आप जानते ह? यही सरल अंतर कबाड़ी और पुनचक्रण क म रोज़ काम आता है। एक बड़ा चुंबक मले-जुले
कचरे के ढे र से सारा लोहा और स्ट ल उठा लेता है और प्ला स्टक, काँच व ऐलु म नयम पीछे छोड़ दे ता है — जो काम
हाथ से घंट म होता, वह कुछ ही क्षण म हो जाता है।
क्रयाकलाप 4.2— आइए, जाँच कर — पृष्ठ 62
अनुभाग 4.2 चुंबक के ुव
क्रयाकलाप
प्र.1 क्या चुंबक के सभी भाग चुंबक य पदाथ को समान रूप से आक षत करते ह?
नह । चुंबक का खचाव उसक पूरी लंबाई म एक-सा नह होता। वह दोन सर पर सबसे प्रबल और बीच म सबसे कमजोर होता
है।
इसे आप स्वयं अनुभव कर सकते ह — छड़ चुंबक के मध्य भाग को पन के ढे र से छु आकर उठाइए, मु श्कल से एक-दो पन
आएँगी। अब उसी ढे र से चुंबक का सरा छु आइए, पन का गुच्छा लटक जाएगा।
ऐसा क्य होता है: चुंबक क चुंबक य श क्त उसके दोन सर पर क त रहती है। इन प्रबल सर को चुंबक के ुव
कहते ह। मध्य भाग लगभग उदासीन होता है, इस लए वहाँ रखी चुंबक य वस्तु को बहुत कम खचाव मलता है।
प्र.2 कागज क एक शीट पर थोड़ा-सा लोहरेतन (लोहे के बहुत छोटे टु कड़े) फैलाएँ। लोहरेतन के ऊपर एक छड़ चुंबक
रख। कागज को थपथपाएँ और ध्यान से दे ख क लोहरेतन का क्या होता है। क्या आप लोहरेतन के चुंबक से
चपकने के तरीके म कोई वशेष बात दे खते ह? क्या लोहरेतन पूरे चुंबक पर समान रूप से चपक जाता है? या
फर यह कुछ जगह पर अ धक चपकता है?
अवलोकन: लोहरेतन समान रूप से नह फैलता। वह छड़ चुंबक के दोन सर पर घने गुच्छ के रूप म जमा हो जाता है और
बीच के भाग पर बस इक्का-दुक्का कण दखाई दे ते ह।
Page 7 of 45
Page 9
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
N S
यहाँ अिधक लोहरे तन लगभग खाली और यहाँ भी
चत्र 4.4 का पुन चत्रण — लोहरेतन छड़ चुंबक के दोन सर पर ढे र हो जाता है और मध्य क ओर वरल होता जाता है।
तीन प्रश्न के उत्तर:
हाँ, एक वशेष बात दखती है — लोहरेतन दो गु म, एक-एक सरे पर, इस प्रकार जमता है क वह चपटा पड़ा रहने के
बजाय दाढ़ क तरह खड़ा दखाई दे ता है।
नह , वह पूरे चुंबक पर समान रूप से नह चपकता।
हाँ, वह दोन सर पर कह अ धक चपकता है। ये प्रबल सरे ही चुंबक के ुव ह — उत्तरी ुव और द क्षणी ुव।
स्वयं जाँच: चुंबक को लोहरेतन पर रखने के बजाय चुंबक के ऊपर एक पतला गत्ता र खए और उस पर लोहरेतन
छड़ कए। गत्ते को धीरे से थपथपाइए। अब लोहरेतन केवल गुच्छे नह बनाता — वह एक ुव से दूसरे ुव तक जाती
हुई सुंदर वक्र रेखाओं म सज जाता है। यही चुंबक के चुंबक य क्षेत्र का चत्र है।
Page 8 of 45
Page 10
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
co m
e m . ag
g l as
aN S
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
em
.co agl
a s
l घनी होती ह — इसी लए वह खचाव सबसे प्रबल है।
छड़ चुंबक के ऊपर रखे गत्ते पर लोहरेतन जो प्र तरूप बनाता है। वक्र रेखाएँ उत्तरी ुव से नकलकर घूमती हुई द क्षणी ुव म जाती ह और
ुव के पास g
a सबसे
co m
m .
m ase
प्र.3
.co g l
य द हम इस क्रयाकलाप को अन्य आकार के चुंबक के साथ दोहराएँ, तो क्या हम यही प रणाम प्राप्त होगा?
a
a s em
agl उत्तर
हाँ — हर आकार के चुंबक के लए प रणाम यही रहता है। चुंबक का आकार चाहे जो हो, अ धकांश लोहरेतन उसके ुव पर ही
se m
com g l a
. a
जमा होता है।
m
ase
agl
चुंबक का आकार लोहरेतन कहाँ जमा होता है
m
छड़ चुंबक दोनों चपटे िसरों पर
. co
U-आकार (घोड़े क नाल जैसा) चुंबक पास -पास खुले दोनों िसरों पर
se m
com l a
m .वलय agतल और िनचला तल)
se
चुंबक दोनों चपटे तलों पर (ऊपरी
g l a
a c
.
चकती / बेलनाकार चुंबक दोनों वृत्त ाकार चपटे तलों पर
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 9 of 45
Page 11
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
आकार से नयम क्य नह बदलता: आकार केवल यह तय करता है क ुव कहाँ ह गे, यह नह क ुव ह गे या
नह । हर आकार और हर आमाप के चुंबक म ठ क दो ुव होते ह, और लोहरेतन हर बार उन्ह आपके लए च ह्नत
कर दे ता है। यही बात अध्याय के अंत वाले ‘और अ धक जान!’ बॉक्स म चुंबक स्वयं कहता है क उसके ुव सदै व
जोड़े म होते ह, चाहे उसका आकार कुछ भी हो।
सुझाव: समान पदाथ क छड़ चुंबक क तुलना म U-आकार चुंबक अ धक पन उठाता है, क्य क उसके दोन ुव
एक ही ओर मुड़े होते ह और एक साथ मलकर एक ही ढे र को ख चते ह।
प्र.4 क्या हम एक ुव वाला चुंबक प्राप्त कर सकते ह?
नह । एक ुव वाला चुंबक हो ही नह सकता। उत्तरी और द क्षणी ुव सदै व जोड़े म रहते ह।
जाँचकर दे खए — N और S अं कत एक छड़ चुंबक ली जए और उसे बीच से तोड़ द जए।
एक चुंबक : N ——— S
तोिड़ ए → दो चुंबक : N ——— S और N ——— S
िफर तोिड़ ए → चार चुंबक, पत्येक में दोनों धु व
टु क ड़ ा िकतना भी छोटा हो, उसमें एक उत्तरी और एक दि णी धु व अवश्य होगा।
ऐसा क्य होता है: चुंबक ‘उत्तरी हस्से’ और ‘द क्षणी हस्से’ को जोड़कर नह बना होता। उसके पदाथ का हर सूक्ष्म
भाग स्वयं दो सर वाला पूरा नन्हा चुंबक है और सभी एक ही दशा म पं क्तबद्ध ह। कह से भी का टए, आप बस
उस छोट पं क्त के दो सरे उघाड़ दे ते ह — इस लए कटे ान पर नया N और नया S प्रकट हो जाता है।
क्या आप जानते ह? वै ा नक सौ वष से भी अ धक समय से एकल चुंबक य ुव (चुंबक य एक ुव) क खोज कर
रहे ह, पर आज तक वह कह नह मला। प्रकृ त ने यह नयम अब तक बना कसी अपवाद के नभाया है।
क्रयाकलाप 4.3— आइए, प्रयोग कर — पृष्ठ 63 और 64
Page 10 of 45
Page 12
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 4.3 दशाएँ ात करना
क्रयाकलाप
प्र.1 अब फर से चुंबक के एक सरे पर हल्का-सा धक्का दे कर उसे घुमाएँ और उसके वश्राम क त म आने तक
प्रतीक्षा कर। अब यह दे ख क क्या चुंबक उसी रेखा के अनु दश वरामाव ा म ठहरता है?
हाँ। स्वतंत्र रूप से लटके छड़ चुंबक को आप कतनी भी बार घुमाइए, वह हर बार उसी एक रेखा के अनु दश आकर ठहर जाता है
जसे आपने फश पर च ह्नत कया था।
क्रयाकलाप ठ क से कैसे कर:
1. धागा ठ क चुंबक के मध्य म बाँ धए ता क वह क्षै तज रूप से संतु लत लटके।
2. इसे लोहे क अलमारी, लोहे क ल और मोबाइल फोन से दूर लटकाइए — ये चुंबक को अपनी ओर ख चकर प रणाम बगाड़
दे ते ह।
3. उसे स्वयं रुकने द जए; हाथ से मत रो कए।
4. नीचे रखे कागज पर दोन सर के बदु अं कत क जए, उन्ह जो ड़ए और दो-तीन बार दोहराइए।
पयास 1 → चुंबक रेखा PQ के अनुिदश ठहरा
पयास 2 → वही रेखा PQ
पयास 3 → वही रेखा PQ
िन ष्कष: स्वतं त्र रूप से लटका चुंबक सदै व एक ही िनिश्चत रेखा के अनुिदश ठहरता है।
ऐसा क्य होता है: पृथ्वी स्वयं एक वशाल चुंबक क तरह व्यवहार करती है। उसका चुंबकत्व लटके हुए चुंबक
को तब तक घुमाता है जब तक चुंबक का उत्तरी ुव पृथ्वी क उत्तर दशा क ओर न हो जाए। उस त म पहुँचते
ही घूमना रुक जाता है, इस लए हर प्रयास का अंत एक जैसा होता है।
प्र.2 वह कौन-सी दशा है, जसके अनु दश चुंबक वराम अव ा म ठहरता है? हम इसे कैसे पता कर सकते ह?
यह रेखा उत्तर-द क्षण रेखा है। स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक सदै व उत्तर-द क्षण दशा म ठहरता है।
बना दक्सूचक के इसे कैसे जाँच: सूय क सहायता ली जए। सूय लगभग पूव म उ दत होता है और लगभग प म म अस्त होता
है। सुबह अपना दा हना हाथ उगते सूय क ओर करके खड़े होइए; तब आपका मुख उत्तर क ओर और पीठ द क्षण क ओर होगी।
इसक तुलना अपनी च ह्नत रेखा से क जए — दोन मेल खाएँगी।
Page 11 of 45
Page 13
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
पिश्चम पूव
दि ण
चार मुख्य दशाएँ। सुई का लाल भाग उत्तर क ओर और नीला भाग द क्षण क ओर इं गत करता है — उत्तर क ओर मुँह करने पर पूव
दशा दा हनी ओर होती है।
यह इतना उपयोगी क्य है: एक बार कोई एक दशा न त हो जाए तो शेष सभी दशाएँ अपने-आप ात हो जाती
ह। दक्सूचक से पहले ना वक रात म ुव तारे का सहारा लेते थे, परंतु बादल भरी रात म — रेशमा क कहानी क
ठ क यही समस्या थी — तारे नह दखते। चुंबक बादल भरी रात म, कोहरे म और जहाज के भीतर भी काम करता
है।
सुझाव: जो सरा उत्तर क ओर मुड़ता है उसे उत्तरोन्मुखी ुव या केवल उत्तरी ुव कहते ह; दूसरा सरा
द क्षणोन्मुखी ुव या द क्षणी ुव कहलाता है।
Page 12 of 45
Page 14
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.3 इस क्रयाकलाप को छड़ चुंबक के ान पर लोहे क एक छोट छड़ के साथ दोहराएँ। आप क्या दे खते ह? क्या
यह छड़ हमेशा उत्तर-द क्षण दशा म ठहरती है?
अवलोकन: लोहे क छड़ जहाँ रुक जाए वह रुक जाती है। कभी वह पूव-प म म ठहरती है, कभी तरछ , कभी उत्तर-द क्षण म
— और हर बार अलग दशा म।
नह , वह हमेशा उत्तर-द क्षण दशा म नह ठहरती।
स्वतंत्र रूप से लटकाई गई वस्तु प्रयास 1 प्रयास 2 प्रयास 3 नष्कष
छड़ चुंबक उत्तर-दि ण उत्तर-दि ण उत्तर-दि ण यह चुंबक है
लोहे क छड़ कोई भी िदशा दू स री ही िदशा िफर कोई और िदशा यह चुंबक नही ं है
लोहे क छड़ अलग व्यवहार क्य करती है: साधारण लोहे क छड़ के अपने कोई ुव नह होते, इस लए पृथ्वी के
चुंबकत्व के पास घुमाने के लए कुछ न त है ही नह । चुंबक म उत्तरी और द क्षणी ुव होते ह और पृथ्वी उन्ह
अपनी जगह पर घुमा दे ती है — मानो कोई नन्हा लीवर मरोड़कर सीध म लाया जा रहा हो।
सुझाव: इससे हम एक सुंदर परीक्षण मलता है — केवल चुंबक ही उत्तर-द क्षण दशा म ठहरता है। धातु के
कसी सं दग्ध टु कड़े को स्वतंत्र रूप से लटकाइए; य द वह हर बार एक ही दशा म रुकता है तो वह चुंबक है।
प्र.4 हम अपना चुंबक य दक्सूचक कैसे बना सकते ह?
घर क चीज़ से कुछ ही मनट म बनाया जा सकता है — क्रयाकलाप 4.4 म यही करने को कहा गया है।
आवश्यक साम ी: सलाई क लोहे क सुई, एक छड़ चुंबक, कॉक का टु कड़ा, काँच का कटोरा और पानी।
1. सुई को चुंबक बनाइए। सुई को लकड़ी क मेज पर र खए। छड़ चुंबक का कोई एक ुव सुई के एक सरे पर रखकर उसे पूरी
लंबाई म ख चए — हमेशा एक ही दशा म और हमेशा उसी ुव से। दूसरे सरे पर पहुँचकर चुंबक को ऊपर उठाइए, फर
पहले वाले सरे पर लाकर दोबारा ख चए। ऐसा 30 से 40 बार दोहराइए।
2. जाँ चए। सुई के पास लोहरेतन या स्ट ल क पन लाइए। य द वे चपक जाएँ तो सुई चुंबक बन चुक है।
3. तैराइए। सुई को कॉक म क्षै तज रूप से घुसाकर कॉक को पानी भरे कटोरे म इस तरह तैराइए क सुई पानी के स्तर से ऊपर
रहे।
4. प ढ़ए। जब वह रुक जाए तो सुई उत्तर-द क्षण रेखा म होगी। आपका दक्सूचक तैयार है।
एक ही दशा म क्य ख चना है: हर बार ख चने पर स्ट ल क सुई के भीतर के नन्हे चुंबक थोड़ा-थोड़ा एक ही दशा
म मुड़ते ह। य द आप आगे-पीछे दोन दशाओं म ख चगे तो वे एक-दूसरे का प्रभाव मटा दगे और सुई चुंबक नह
बनेगी।
Page 13 of 45
Page 15
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
. com
क्या आप जानते ह? आधु नक दक्सूचक से बहुत पहले भारतीय ना वक मत्स्य-यंत्र (या मच्छ-यंत्र) का उपयोग
mतेल इस लए,
ानeपर
s
m
coहोता है और जहाज के हलने पर भी मछली को र रखता है। agl a
करते थे — तेल के बतन म रखा मछली के आकार का चुंबक कृत लोहे का टु कड़ा। पानी के
.
em
क्य क वह गाढ़ा
a s
agl
क्रयाकलाप 4.4— आइए, नमाण कर — पृष्ठ 65 m
. co ag
e m
as
अनुभाग 4.3 — अपना चुंबक य दक्सूचक बनाना
क्रयाकलाप a g l
co m
em.
जब सुई रुक जाती है तो आपका चुंबक य दक्सूचक उपयोग के लए तैयार है। ध्यान द क सुई के दोन सरे
as
प्र.1
cसुoईmके सरे हमेशा एक ही दशा म इं गत करते ह? g l
कौन-कौन सी दशा इं गत करते ह। कॉक धीरे से घुमाएँ और इसके रूकने तक प्रतीक्षा कर। इसे कई बार दोहराएँ।
. a
sem
क्या
la
agउत्तर
m a s
.co agl
हाँ। कॉक को आप कतनी भी बार घुमाइए, सुई थोड़ा डोलकर हर बार उसी सरे को उत्तर और दूसरे सरे को द क्षण क ओर करके
se m
ठहर जाती है।
g l a
a
पहली बार घुमाया → सुई उत्तर-द ि ण में ठहरी
co m
.
दू सरी बार → वही िसरे, वही िदशाएँ
e m
m l as
.co
तीसरी बार → िफर वही
a
चुmंबकीकृ त सुई ठीक स्वतं त्र रूप से लटके छड़ चुंबक की तरह व्यवहार कर रही है।
g
s e
agla
se m
o m
कॉक और पानी क आवश्यकता क्य : सुई को लगभग बना कसी घषण के घूमने क स्वतंत्रता चा हए। पानी पर
l a
m .c शेष काम पृथ्वी का चुंबकत्व कर दे ता है। ध्यान द जए क कॉक म ag
seरहती है।
तैरने से वह क्षै तज तल म सहज घूम पाती है और
आर-पार घुसी होने से सुई क्षै तज भी a
ag l बनी
co m
स्वयं जाँच: अपने तैरते दक्सूचक के पास स्ट ल क कची लाइए। सुई उत्तर से हटकर घूम जाएगी। कची हटाते ही
m .
वह लौट आएगी। इसी लए दक्सूचक को लोहे क वस्तुओं से दूर रखकर पढ़ना चा हए।
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
.
जब हम दो चुंबक एक-दूसरे के पास लाते ह तो क्या होता है?
m
प्र.2
m a s e
e m . co agl
as
a g l
यह पूरी तरह इस बात पर नभर करता है क कौन-से ुव आमने-सामने ह — और प रणाम केवल दो ही संभव ह।
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 14 of 45
Page 16
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
उत्तरी धु व के सामने दि णी धु व → आ कषण (वे पास िखंच ते है)ं
उत्तर के सामने उत्तर, या दि ण के सामने दि ण → पितकषण (वे दू र हटते है)ं
असमान धु व आकिषत करते है;ं समान धु व पितकिषत करते है।
ं
अगले पृष्ठ का क्रयाकलाप 4.5 इसे बहुत सुंदर ढं ग से दखाता है — गोल प सल पर रखा छड़ चुंबक एक त म पास आते चुंबक
क ओर लुढ़कता है और दूसरे चुंबक को उलट दे ने पर उससे दूर लुढ़कने लगता है।
प सल का उपयोग क्य : वे बेलन (रोलर) का काम करती ह, जससे ऊपर रखा चुंबक लगभग बना घषण के चल
सकता है। तब कुछ सट मीटर दूर रखे चुंबक का हल्का-सा धक्का या खचाव भी उसे लुढ़का दे ने के लए पयाप्त
होता है — इससे सद्ध होता है क चुंबक बना स्पश कए एक-दूसरे पर प्रभाव डालते ह।
क्रयाकलाप 4.5— आइए, प्रयोग कर — पृष्ठ 66
अनुभाग 4.4 चुंबक के बीच आकषण और प्र तकषण
क्रयाकलाप
प्र.1 अब चुंबक II का एक सरा प सल पर रखे चुंबक I के सरे के पास लाएँ। सु न त कर क दोन चुंबक एक-दूसरे
को स्पश न कर। अब दे ख क क्या होता है।
अवलोकन: चुंबक I चुंबक II क ओर लुढ़क जाता है, जब क दोन एक-दूसरे को छू ते तक नह । चत्र 4.8(क) म चुंबक I का
द क्षणी ुव चुंबक II के उत्तरी ुव के सामने है — असमान ुव — इस लए वे आक षत करते ह।
असमान धु व आमने-सामने → आकषण
N S N S
समान धु व आमने-सामने → पितकषण
N S S N
Page 15 of 45
Page 17
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
ऊपर: एक चुंबक का S ुव दूसरे के N ुव के सामने है, इस लए चुंबक पास खचते ह। नीचे: दो S ुव आमने-सामने ह, इस लए चुंबक
एक-दूसरे को दूर धकेलते ह।
यह बना स्पश के क्रया कैसे सद्ध करता है: चुंबक I बेलन पर है और चुंबक II उसे कभी छू ता नह , फर भी वह
ग त करता है। धक्का और खचाव हवा के अंतराल को पार कर जाते ह। यही बात चुंबक य बल को हाथ से डब्बा
सरकाने वाले साधारण बल से अलग बनाती है।
प्र.2 इसके बाद, चुंबक II का दूसरा सरा चुंबक I के उसी सरे के पास लाएँ जैसे चत्र 4.8 (ख) म दखाया गया है।
क्या प सल पर रखा चुंबक I ग तमान हो जाता है? क्या यह हमेशा पास आने वाले चुंबक क दशा म ग त करता
है? इन अवलोकन से क्या नष्कष नकलता है?
चुंबक I चुंबक I
N N
S S
N S
चुंबक II चुंबक II
S N
(क) (ख)
चत्र 4.8, पृष्ठ 66 — पुनः चत्रण। (क) चुंबक II का एक सरा चुंबक I के पास; (ख) चुंबक II का दूसरा सरा चुंबक I
के उसी सरे के पास।
हाँ, चुंबक I ग तमान हो जाता है — परंतु इस बार वह चुंबक II से दूर लुढ़कता है।
नह , वह हमेशा पास आने वाले चुंबक क दशा म ग त नह करता। ग त क दशा इस बात से तय होती है क कौन-से ुव
आमने-सामने ह।
Page 16 of 45
Page 18
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
आमने-सामने के ुव चुंबक I क्या करता है प्रभाव का नाम
चुंबक I का S ← चुंबक II का N [ चत्र 4.8(क)] चुंबक II की ओर लुढ़कता है आकषण
चुंबक I का S ← चुंबक II का S [ चत्र 4.8(ख)] चुंबक II से दू र लुढ़कता है पितकषण
इन अवलोकन से नकलने वाला नष्कष:
असमान धु व (उत्तर-दि ण) एक-दू सरे को आकिषत करते है।
ं
समान धु व (उत्तर-उत्तर या दि ण-दि ण) एक-दू सरे को पितकिषत करते है।
ं
सुझाव: इसे ऐसे याद र खए — “ वपरीत ख च, समान धकेल”। दोन चत्र म केवल चुंबक II का पलटना बदला
था, बाक सब वैसा ही था — इस लए कारण ुव ही हो सकते ह।
प्र.3 कसी एक चुंबक के ान पर लोहे क छड़ से इसी क्रयाकलाप को दोहराएँ। इस बार आप क्या दे खते ह?
अवलोकन: लोहे क छड़ चुंबक के दोन सर से आक षत होती है। उत्तरी ुव पास लाइए — वह खचती है। द क्षणी ुव पास
लाइए — तब भी खचती है। वह कभी दूर नह हटती।
लोहे क छड़ के पास लाया गया प रणाम
चुंबक का उत्तरी ुव आकषण
चुंबक का द क्षणी ुव आकषण
कोई भी ुव पितकषण कभी नही ं िदखता
नष्कष: कसी चुंबक क पहचान उसके प्र तकषण के गुण से होती है, आकषण से नह । केवल आकषण प्रमाण नह है, क्य क
लोहे का साधारण टु कड़ा भी चुंबक को आक षत करता है।
लोहे क छड़ कभी प्र तक षत क्य नह करती: उसके अपने कोई ायी ुव नह होते। चुंबक पास आते ही लोहे
म ुव प्रे रत हो जाते ह और वे सदै व इसी क्रम म बनते ह क खचाव उत्पन्न हो — लोहे का नकटवत तल असमान
ुव बन जाता है। इस लए आप कोई भी ुव सामने लाइए, आकषण ही मलेगा।
सुझाव: यही एक वचार इस अध्याय के तीन अभ्यास प्रश्न (प्र.5, प्र.6 और प्र.7 का एक भाग) का उत्तर दे दे ता है।
प्र तकषण ही चुंबक क पक्क पहचान है।
Page 17 of 45
Page 19
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
क्रयाकलाप 4.6— आइए, प्रयोग कर — पृष्ठ 67
अनुभाग 4.4 — दक्सूचक सुई और एक चुंबक
क्रयाकलाप
प्र.1 दक्सूचक क सुई भी एक चुंबक है। य द कोई चुंबक इसके समीप लाया जाए तो क्या वह भी यही व्यवहार
दखाएगी?
हाँ। दक्सूचक क सुई एक छोटा, स्वतंत्र रूप से घूमने वाला चुंबक है, इस लए वह छड़ चुंबक के ही नयम का पालन करती है —
उसका उत्तरी ुव दूसरे उत्तरी ुव से प्र तक षत और द क्षणी ुव से आक षत होता है।
अंतर केवल इतना है क सुई बहुत हल्क है और नुक ली पन पर टक है, इस लए वह पूरी क पूरी खसकने या पास आने के बजाय
बस घूम जाती है ( वक्षे पत होती है)।
सुई अ संसूचक क्य है: वह इतनी स्वतंत्र है क हल्का-सा चुंबक य प्रभाव भी उसे घुमा दे ता है। इसी लए यह
जाँचने के लए क चुंबक य प्रभाव है या नह , भारी छड़ चुंबक नह , ब ल्क दक्सूचक काम म लाया जाता है।
प्र.2 अब धीरे-धीरे छड़ चुंबक का उत्तरी ुव दक्सूचक सुई के उत्तरी ुव के पास लाएँ, जैसा क चत्र 4.9(क) म
दखाया गया है। दक्सूचक सुई का अवलोकन कर। आप क्या दे खते ह? क्या सुई वक्षे पत होती है? य द हाँ तो
कस दशा म वक्षे पत हुई?
N
S N W E
छड़ चुबं क
S
चुबं कीय िदक्सूचक
चत्र 4.9(क), पृष्ठ 67 — पुनः चत्रण: छड़ चुंबक का उत्तरी व
ु दक्सूचक सुई के उत्तरी व
ु के पास लाया गया है।
हाँ, सुई वक्षे पत होती है। सुई का उत्तरी ुव पास आते हुए छड़ चुंबक के उत्तरी ुव से दूर हट जाता है — सुई घूमकर अपना
उत्तरी सरा कह और कर लेती है।
Page 18 of 45
Page 20
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
चुंबक का N धु व → सुई के N धु व के पास लाया गया
m l as
.co
समान धु व → पितकषण
m a g
सुई aकाseउत्तरी िसरा चुंबक से दू र मुड़ जाता है।
agl
. c om
वह भागकर दूर क्य नह चली जाती: सुई अपने मध्य म पन पर टक है, इस लए वह ान बदल ही नह सकती
ag
mंबक हटाते ही पृथ्वी का चुंबकत्व उसे फर उत्तर-द क्षण रेखा पर
— धक्का मलने पर वह केवल घूम सकती है। छड़eचु
s
a
ले आता है।
agl
co m
m.
सुझाव: छड़ चुंबक धीरे-धीरे पास लाइए। झटके से लाने पर सुई तेजी से चक्कर काटने लगती है और यह दे ख पाना
m as e
.co l
क ठन हो जाता है क वह पहले कधर मुड़ी।
a g
se m
g l a
a
अब छड़ चुंबक के द क्षणी ुव के साथ उपरोक्त चरण दोहराएँ। क्या आप इस बार कोई अंतर दे खते ह?
s
प्र.3
m a
em
.co agl
l a s
हाँ — इस बार वक्षेपण उल्ट ओर होताaहैg। दक्सूचक सुई का उत्तरी ुव पास आते हुए छड़ चुंबक के द क्षणी ुव के और पास
आ जाता है [ चत्र 4.9(ख)]।
. c om
सुईm
m
सुई के उत्तरी ुव के पास लाया गया छड़ चुंबक का ुव शा मल ुव
a s e के उत्तरी सरे का व्यवहार
m . co agl दू र मुड़ जाता है (पितकषण)
se
उत्तरी ुव [ चत्र 4.9(क)]
a
N और N — समान धु व
l
ag द क्षणी ुव [ चत्र 4.9(ख)] S और N — असमान धु व चुंबक की ओर मुड़ता है (आकषण)
se m
com g l a
. a
अतः दक्सूचक सुई बता सकती है क बना चह्न वाले चुंबक का कौन-सा ुव कौन-सा है — जो ुव सुई के लाल (उत्तरी) सरे
m
ase
को दूर धकेले, वह उत्तरी ुव है।
a gl
यह क्य महत्वपूण है: इसी कारण दक्सूचक को चुंबक , लाउडस्पीकर और मोबाइल फोन से दूर रखना पड़ता है।
co m
.
पास रखा कोई भी चुंबक पृथ्वी के मंद चुंबकत्व पर भारी पड़ जाता है और तब दक्सूचक उत्तर के बजाय उसी चुंबक
e m
as
क ओर इशारा करने लगता है।
m l
m .co a g
l a se
ag क्रयाकलाप 4.7— आइए, जाँच कर — पृष्ठ 68 और 69
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 19 of 45
Page 21
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
अनुभाग 4.4 — क्या चुंबक य प्रभाव अन्य पदाथ के पार जाता है?
क्रयाकलाप
प्र.1 मान ली जए हम दक्सूचक सुई और चुंबक के बीच लकड़ी का एक टु कड़ा रखते ह। क्या इससे दक्सूचक सुई के
वक्षेपण पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
नह , कोई प्रभाव नह पड़ेगा। दक्सूचक क सुई लगभग उतना ही वक्षे पत होती है जतना पहले होती थी। लकड़ी चुंबक य प्रभाव
को नह रोकती।
चुंबक → हवा → सुई : सुई िव ेिपत होती है
चुंबक → लकड़ी → सुई : सुई तब भी लगभग उतनी ही िव ेिपत होती है
ऐसा क्य होता है: लकड़ी एक अचुंबक य पदाथ है। चुंबक का चुंबक य प्रभाव अचुंबक य पदाथ के आर-पार ऐसे
नकल जाता है मानो वे वहाँ ह ही नह । वास्तव म केवल चुंबक और सुई के बीच क दूरी मायने रखती है — इस लए
लकड़ी सरकाते समय चुंबक क दूरी बलकुल न बदलने द जए, वरना आप स्वयं को ही धोखा दे बैठगे।
प्र.2 क्या लकड़ी का टु कड़ा मध्य म रखने से दक्सूचक सुई के वक्षेपण पर कोई प्रभाव हुआ? अपने अवलोकन
ता लका 4.2 म अं कत कर।
क्र. सं. चुंबक और दक्सूचक सुई के मध्य रखी गई साम ी अवलोकन
1. लकड़ी
2. काडबोड
3. प्ला स्टक
4. काँच
ता लका 4.2, पृष्ठ 69 — इसे अपनी कॉपी म बनाइए और ‘अवलोकन’ वाला स्तंभ भ रए।
कोई वशेष प्रभाव नह हुआ। इसे इस प्रकार अं कत क जए —
Page 20 of 45
Page 22
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
क्र. चुंबक और दक्सूचक सुई के मध्य रखी गई अवलोकन
सं. साम ी
1. लकड़ी सुई पहले की तरह ही िव ेिपत होती है — िव ेपण में कोई िवशेष
पिरवतन नही ं
स्वयं जाँच: क्रम सही र खए — पहले बना कसी वस्तु के वक्षेपण नोट क जए, फर चुंबक और दक्सूचक को
हलाए बना लकड़ी बीच म सरकाइए और फर वक्षेपण नोट क जए। इन दोन पाठ्यांक क तुलना ही प रणाम
को वश्वसनीय बनाती है।
प्र.3 लकड़ी के टु कड़े के ान पर काडबोड शीट, पतली प्ला स्टक शीट और पतली काँच क शीट रखकर उपरोक्त
प्र क्रया दोहराएँ।
चार के लए प रणाम एक ही रहता है। पूरी क गई ता लका 4.2 —
क्र. सं. चुंबक और दक्सूचक सुई के मध्य रखी गई साम ी अवलोकन
1. लकड़ी िव ेपण में कोई िवशेष पिरवतन नही ं
2. काडबोड िव ेपण में कोई िवशेष पिरवतन नही ं
3. प्लािस्टक िव ेपण में कोई िवशेष पिरवतन नही ं
4. काँच िव ेपण में कोई िवशेष पिरवतन नही ं
नष्कष:
च ुंबकीय पभाव अच ुंबकीय पद ाथ ं के भीतर से होकर उनके पार जा सकता है — लकड़ ी, काडबोड, प्लािस्टक
और काँच उसे नही ं रोकते ।
यह रोज़ कहाँ दखता है: ज का चुंबक कागज क मोट शीट को स्ट ल के दरवाज़े से चपकाए रखता है —
चुंबकत्व कागज के पार पहुँच जाता है। चत्र 4.12 क भूलभुलैया म गत्ते क े के नीचे चलाया गया चुंबक ऊपर रखी
स्ट ल क गद को ख चता है। दुकान के काँच के दरवाज़े का चुंबक और कपड़े से ढके प सल बॉक्स के फ्लैप का
चुंबक भी ऐसे ही काम करते ह।
Page 21 of 45
Page 23
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
क्या आप जानते ह? नम लोहे क शीट इस प्रभाव को बहुत घटा दे ती है, क्य क लोहा चुंबक य है और चुंबकत्व को
स्वयं म समेट लेता है। इसी लए अध्याय कहता है क चुंबक के सर पर नम लोहे के दो टु कड़े रखकर उन्ह संभालना
चा हए।
चुब
ं क के साथ मनोरंजन — पृष्ठ 69 और 70
अनुभाग 4.5 चुंबक के साथ मनोरंजन
क्रयाकलाप
प्र.1 क्या हम चुंबक का प्रयोग करके एक माला ( चत्र 4.11) बना सकते ह?
छड़ चुंबक S N
स्टील की U-िक्लप
चत्र 4.11, पृष्ठ 69 — पुनः चत्रण: छड़ चुंबक से लटक स्ट ल क U- क्लप क चुंबक य माला।
हाँ। चुंबक य माला स्ट ल के पेपर क्लप क वह लड़ी है जो एक ही चुंबक से एक के नीचे एक लटकती है और जसे जोड़े रखने
वाला केवल चुंबकत्व है।
कैसे बनाएँ:
1. एक मजबूत छड़ चुंबक को एक सरे से पक ड़ए।
2. स्ट ल का एक पेपर क्लप उसके खुले ुव से छु आइए। वह चपक जाएगा।
3. दूसरा क्लप पहले क्लप के नचले सरे से छु आइए — वह भी चपक जाएगा। फर तीसरा, चौथा, और आगे भी।
4. लड़ी तब तक बढ़ती है जब तक नीचे के क्लप चुंबक से इतने दूर न हो जाएँ क टक न सक। अब चुंबक को धीरे से उठाइए —
पूरी माला उससे लटक रहेगी।
Page 22 of 45
Page 24
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
दूसरा क्लप पहले से क्य चपकता है: पहला क्लप जब तक चुंबक से लगा है, तब तक वह स्वयं अपने दो ुव
वाला अ ायी चुंबक बन जाता है और अगले क्लप को थाम सकता है। चुंबकत्व के इस आगे बढ़ने को प्रे रत
चुंबकत्व कहते ह। चुंबक हटाते ही पूरी माला एक साथ गर जाती है, क्य क क्लप अपना उधार लया हुआ चुंबकत्व
खो दे ते ह।
करके दे ख: ग नए क आपक माला म कतने क्लप टकते ह। अब कसी अ धक श क्तशाली चुंबक से दोहराइए
— लड़ी लंबी हो जाएगी। दो चुंबक क श क्त क तुलना करने का यह एक अच्छा तरीका है।
Page 23 of 45
Page 25
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
क्या हम गत्ते क े के नीचे चुंबक को चलाकर स्ट ल क गद भूलभुलैया से बाहर नकाल सकते ह? ( चत्र 4.12)
e
प्र.2
m l as
m .co a g
l a se
a g
co m
e m . ag
g l as स्टील की गेदं ें
a
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a
se m
गत्ते की टे
com g l a
m . a
e
s — पुनः चत्रण: गत्ते क े पर बनी भूलभुलैया म स्ट ल क गद।
चत्र 4.12, पृष्ठa70
a g l
co m
m .
as e
m l
.co a g
हाँ। चुंबक को गत्ते क े के नीचे, ठ क कसी स्ट ल क गद के नीचे र खए और धीरे-धीरे सरकाइए। गद चुंबक के पीछे -पीछे
mभूलभुलैया म चलती है और बना छु ए ही बाहर नकाली जा सकती है।
l a se
ag
.c
टे के नीचे चुंबक → चुंबकीय पभाव गत्ते के पार जाता है → ऊपर रखी स्टील की गेंद आकिषत होती है → गेंद
s e m
m a
चुंबक के पीछे चलती है
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 24 of 45
Page 26
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
यह क्य काम करता है: गत्ता एक अचुंबक य पदाथ है, इस लए वह चुंबक य प्रभाव को नह रोकता ( क्रयाकलाप
4.7)। स्ट ल म लोहा होता है, इस लए गद चुंबक य वस्तु है। गद इस लए चलती है क्य क वह हमेशा चुंबक के
नकटतम और प्रबलतम भाग क ओर खचती रहती है।
सुझाव: चुंबक को धीरे-धीरे सरकाइए। झटका दे ने पर गद पीछे छू ट जाती है — चुंबक और गद के बीच क दूरी बढ़ते
ही खचाव बहुत तेजी से घट जाता है।
प्र.3 क्या पानी म गरे हुए स्ट ल के पेपर क्लप को चुंबक का उपयोग करके हम अपनी अँगु लय या चुंबक को गीला
कए बना बाहर नकाल सकते ह? ( चत्र 4.13)
िगलास के बाहर पकड़ा गया चुंबक
स्टील का पेपर िक्लप
पानी से भरा िगलास
चत्र 4.13, पृष्ठ 70 — पुनः चत्रण: पानी से भरे गलास म स्ट ल का पेपर क्लप और गलास के बाहर पकड़ा गया
चुंबक।
हाँ। गलास क द वार को ही द वार क तरह उपयोग क जए।
1. चुंबक को गलास के बाहर द वार से सटाकर, क्लप क सीध म पक ड़ए।
2. क्लप काँच और पानी के पार आक षत होकर भीतरी द वार से चपक जाएगा।
3. अब चुंबक को गलास के बाहर धीरे-धीरे ऊपर सरकाइए। क्लप भीतरी द वार पर उसके साथ ऊपर चढ़ता जाएगा।
4. कनारे पर पहुँचते ही गलास को हल्का झुकाकर क्लप हथेली पर ले ली जए। न अँगु लयाँ गीली हुईं, न चुंबक।
Page 25 of 45
Page 27
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
यह क्य काम करता है: काँच और पानी दोन अचुंबक य ह, इस लए चुंबक य प्रभाव उनके पार सहज नकल
जाता है। यह केवल खेल नह है — इसी तरह च कत्सक आँख म घुसे लोहे के सूक्ष्म कण को नकालते ह और
कारखान म तेल या रसायन म गरे लोहे के टु कड़े बाहर ख चे जाते ह।
प्र.4 चत्र 4.14 म दशाई गई दोन कार को पास म लाने पर क्या वे एक-दूसरे क ओर तेजी से बढ़गी या एक-दूसरे से
दूर जाएँगी?
सफे द िबंद ु चुंबक का उत्तरी धु व दश ता है।
चत्र 4.14, पृष्ठ 70 — पुनः चत्रण: मा चस क ड ब्बय से बनी दो कार जनके ऊपर छड़ चुंबक रखे गए ह।
चत्र 4.14 म दोन कार पर रखे चुंबक के समान ुव आमने-सामने ह, इस लए वे एक-दूसरे से दूर जाएँगी — उनम प्र तकषण
होगा।
कार पर चुंबक कस प्रकार रखे ह कार क्या करगी
समान ुव आमने-सामने (N–N या S–S) — जैसे चत्र 4.14 म कारे ं एक -दू स रे से दू र भागेंगी (पितकषण)
असमान ुव आमने-सामने (N–S) कारे ं एक -दू स रे की ओर तेजी से बढ़ कर जुड़ जाएँगी (आकषण)
कार का उपयोग क्य : प हए लगभग सारा घषण हटा दे ते ह, ठ क जैसे क्रयाकलाप 4.5 क गोल प सल। इस लए
कुछ सट मीटर क दूरी पर रखे दो चुंबक के बीच का छोटा-सा धक्का भी कार को लुढ़का दे ने के लए पयाप्त होता
है।
क्या आप जानते ह? मैग्लेव े न इसी धक्के पर चलती है। पटरी और े न पर लगे श क्तशाली चुंबक एक-दूसरे को
प्र तक षत करते ह, जससे े न पटरी से थोड़ा ऊपर तैरती है। प हए पटरी को छू ते ही नह , इस लए घषण लगभग
शून्य होता है और ऐसी े न 400 कलोमीटर प्र त घंटा से भी तेज दौड़ती ह।
Page 26 of 45
Page 28
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
आइए, और अ धक सीख — पृष्ठ 72–74
अध्याय के अंत के प्रश्न
आइए, और अ धक सीख
प्र.1 नम्न ल खत म रक्त ान क पू त क जए — (क) दो चुंबक के वपरीत ुव एक-दूसरे को ______ करते ह,
जब क समान ुव एक-दूसरे को ______ करते ह। (ख) वे पदाथ जो चुंबक क ओर आक षत होते ह, उन्ह ______
कहते ह। (ग) चुंबक य दक्सूचक क सुई ______ दशा म ही ठहरती है। (घ) चुंबक म सवदा ______ ुव होते ह।
रक्त ान उत्तर
(क) दो चुंबक के वपरीत ुव एक-दूसरे को ______ करते ह, जब क समान ुव एक-दूसरे को ______ करते ह। आकिषत … पितकिषत
(ख) वे पदाथ जो चुंबक क ओर आक षत होते ह, उन्ह ______ कहते ह। चुंबकीय पदाथ
(ग) चुंबक य दक्सूचक क सुई ______ दशा म ही ठहरती है। उ त्त र -दि ण
(घ) चुंबक म सवदा ______ ुव होते ह। दो
हर उत्तर का कारण:
(क) एक चुंबक का उत्तरी ुव और दूसरे चुंबक का द क्षणी ुव वपरीत ुव ह और वे पास खचते ह। दो उत्तरी
ुव या दो द क्षणी ुव समान ुव ह और वे दूर हटते ह।
(ख) लोहा, नकेल, कोबाल्ट और स्ट ल खच आते ह; लकड़ी, प्ला स्टक और काँच नह खचते और वे
अचुंबक य पदाथ कहलाते ह।
(ग) सुई एक छोटा चुंबक है जो स्वतंत्र रूप से घूमता है, और स्वतंत्र रूप से घूमने वाला चुंबक हमेशा उत्तर-द क्षण
रेखा म ठहरता है, क्य क पृथ्वी स्वयं वशाल चुंबक क तरह व्यवहार करती है।
(घ) ुव केवल जोड़ म होते ह। चुंबक को जतनी बार चाह तो ड़ए — हर टु कड़े म एक उत्तरी और एक द क्षणी
ुव रहेगा।
Page 27 of 45
Page 29
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 ✔ ✘
नम्न ल खत कथन सत्य ( ) ह या असत्य ( ) — (क) कसी चुंबक को टु कड़ म तोड़कर एक ुव प्राप्त कया
जा सकता है। (ख) चुंबक के समान ुव एक-दूसरे को प्र तक षत करते ह। (ग) जब कसी छड़ चुंबक को
लोहरेतन के पास लाया जाता है, तो अ धकांश लोहरेतन उसके बीच म चपक जाता है। (घ) स्वतंत्र रूप से लटका
हुआ छड़ चुंबक हमेशा उत्तर-द क्षण दशा क ओर इं गत करता है।
कथन सत्य / कारण
असत्य
(क) कसी चुंबक को टु कड़ म तोड़कर एक ुव प्राप्त अस त्य (✘) हर टुक ड़े में, चाहे वह िकतना भी छोटा हो, टू टे हुए तल पर नया
कया जा सकता है। उत्तरी और नया दि णी धु व बन जाता है। एकल धु व का अिस्तत्व
नही ं होता।
(ख) चुंबक के समान ुव एक-दूसरे को प्र तक षत स त्य (✔) समान धु व (N–N या S–S) हमेशा एक-दू स रे को दू र धके लते है।
ं
करते ह।
(ग) जब कसी छड़ चुंबक को लोहरेतन के पास लाया अस त्य (✘) वह अिधकतर दोनों िसरों — धु वों — पर िचपकता है। मध्य भाग
जाता है, तो अ धकांश लोहरेतन उसके बीच म चपक लगभग खाली रहता है (ि याकलाप 4.2, िचत्र 4.4)।
जाता है।
(घ) स्वतंत्र रूप से लटका हुआ छड़ चुंबक हमेशा उत्तर- स त्य (✔) पथ्ृ वी स्वयं िवशाल चुंबक की तरह व्यवहार करती है और लटके
द क्षण दशा क ओर इं गत करता है। चुंबक को उत्तर-दि ण रे खा में ले आती है।
सुझाव: कथन (ग) परीक्षा म सबसे अ धक भ्र मत करने वाला है। चत्र 4.4 क कल्पना क जए — लोहरेतन सर
पर दो घनी दा ढ़य जैसा दखता है, बीच म प जैसा नह ।
प्र.3 स्तंभ I म व भन्न तयाँ दशाई गई ह, जनम एक चुंबक का कोई एक ुव दूसरे चुंबक के कसी ुव के नकट
त होता है। स्तंभ II म व भन्न तय के लए उनके बीच होने वाली अंतः क्रया दशाई गई है। रक्त ान
क पू त क जए। स्तंभ I: N–N, N–___, S–N, ___–S। स्तंभ II: ___, आकषण, ___, प्र तकषण।
केवल एक नयम काम म लाइए — समान ुव प्र तक षत करते ह, असमान ुव आक षत करते ह।
स्तंभ I स्तंभ II
N–N पितकषण
N–S आकषण
S–N आकषण
S–S प्र तकषण
Page 28 of 45
Page 30
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
पं क्त-दर-पं क्त हल:
co m
em.
m l as
.co
पंिक्त 1: N और N समान धु व है ं → पितकषण
m a g
l a se
g
पंिक्त 2: पिरणाम आकषण है, अतः धु व असमान होने चािहए। N िदया है, इसिलए िरक्त स्थान में S
aपंिक्त 3: S और N असमान धु व है ं → आकषण
co m
. ag
पंिक्त 4: पिरणाम पितकषण है, अतः धु व समान होने चािहए। S िदया है, इसिलए िरक्त स्थान में S
e m
g l as
a
सुझाव: ध्यान द जए क N–S और S–N का अथ एक ही है। पहले कस चुंबक का नाम लया गया, इससे कोई
अंतर नह पड़ता — केवल यह दे खना है क दोन ुव समान ह या असमान।
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co agl
l a se
a g
co m
m .
m ase
.co a g l
se m
g l a
a
se m
com g l a
m . a
ase
agl
co m
m .
m as e
.co a g l
se m
g l a
a c
m .
m a s e
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 29 of 45
Page 31
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 अथव ने एक प्रयोग कया जसम उसने एक छड़ चुंबक लया और उसे स्ट ल क पन के ढे र पर घुमाया ( चत्र
4.15)।
N S
क ख ग
स्टील िपनों का ढेर
चत्र 4.15, पृष्ठ 73 — पुनः चत्रण: एक छड़ चुंबक जस पर तयाँ क, ख और ग अं कत ह, तथा स्ट ल पन का ढे र।
आपके अनुसार ता लका 4.3 म दए गए अवलोकन के समुच्चय म से कौन-सा वकल्प संभवतः उसका
वास्त वक अवलोकन है? (i) क-10, ख-2, ग-10 (ii) क-10, ख-10, ग-2 (iii) क-2, ख-10, ग-10 (iv) क-10,
ख-10, ग-10
त ‘क’ त ‘ख’ त ‘ग’
(i) 10 2 10
(ii) 10 10 2
(iii) 2 10 10
(iv) 10 10 10
ता लका 4.3, पृष्ठ 73 — चुंबक ारा उसके व भन्न ान पर आक षत पन क संख्या।
उत्तर: वकल्प (i) — त ‘क’ : 10, त ‘ख’ : 2, त ‘ग’ : 10।
चत्र 4.15 म ‘क’ और ‘ग’ छड़ चुंबक के दोन सरे ( ुव) ह और ‘ख’ उसका मध्य भाग है।
िस्थित ‘क’ = उत्तरी धु व → आकषण सबसे पबल → अिधक िपन (10)
िस्थित ‘ख’ = मध्य भाग → आकषण सबसे कमजोर → बहुत कम िपन (2)
िस्थित ‘ग’ = दि णी धु व → आकषण सबसे पबल → अिधक िपन (10)
Page 30 of 45
Page 32
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
क ख ग
N S
10 िक्लप 2 िक्लप 10 िक्लप
चुंबक को ढे र पर घुमाने पर दोन सरे बहुत-सी U- क्लप उठा लेते ह, जब क मध्य भाग बहुत कम।
शेष वकल्प क्य गलत ह: (ii) और (iii) म एक सरा कमजोर दखाया गया है, जब क चुंबक के दोन सरे समान
रूप से प्रबल होते ह। (iv) म मध्य भाग को सर जतना प्रबल बताया गया है, जो क्रयाकलाप 4.2 के अवलोकन के
वपरीत है।
प्र.5 रेशमा ने बाजार से तीन एकसमान धातु क छड़ खरीद । इनम से दो छड़ चुंबक थ और एक लोहे का टु कड़ा था।
बना कसी अन्य साम ी का उपयोग कए, वह कैसे पहचानेगी क तीन म से कौन-सी दो छड़ चुंबक हो सकती
ह?
उसे प्र तकषण का परीक्षण करना चा हए — यही चुंबक क एकमात्र पक्क पहचान है।
व ध। छड़ को 1, 2 और 3 नाम द जए। दो-दो को लेकर एक का सरा दूसरे के सरे के पास लाइए, और हर बार दोन सरे
आजमाइए।
1. छड़ 1 क छड़ 2 से जाँच।
2. छड़ 1 क छड़ 3 से जाँच।
3. छड़ 2 क छड़ 3 से जाँच।
प रणाम कैसे पढ़।
कसी युग्म म जो दखे उसका अथ
दोन छड़ कसी त म एक-दूसरे को दूर धकेल उस युग्म की दोनों छड़ ें चुंबक है ं
दोन छड़ हर त म केवल आक षत कर उनमें से एक लोहे की साधारण छड़ है
Page 31 of 45
Page 33
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
पितकषण ठीक एक ही युग् म में िदखे → वे द ोनों छड़े ं च ुंबक है ं
जो छड़ उस युग् म से बाहर रह गई, वही लोहे की साधारण छड़ है
आकषण से काम क्य नह चलता: चुंबक लोहे क छड़ को भी आक षत करता है और दूसरे चुंबक के असमान
ुव को भी। इस लए आकषण से कुछ सद्ध नह होता। परंतु लोहे का टु कड़ा कसी को कभी प्र तक षत नह कर
सकता — प्र तकषण तभी दखता है जब दोन वस्तुएँ चुंबक ह ।
एक और तरीका (यह भी बना अ त रक्त साम ी के): एक छड़ के सरे को दूसरी छड़ के मध्य से छु आइए। य द
खचाव प्रबल हो तो दूसरी छड़ लोहे क है; य द खचाव बहुत कम हो तो दूसरी छड़ चुंबक है, क्य क चुंबक का मध्य
भाग उसका सबसे कमजोर भाग होता है।
प्र.6 आपको एक चुंबक दया गया है जस पर ुव क पहचान अं कत नह है। आप एक अन्य चुंबक जस पर ुव
अं कत ह क सहायता से दए गए चुंबक के ुव का पता कैसे लगा सकते ह?
अं कत चुंबक के ात उत्तरी ुव का उपयोग क जए और प्र तकषण दे खए।
1. बना चह्न वाले चुंबक को मेज पर, या गोल प सल पर र खए ता क वह आसानी से ग त कर सके।
2. अं कत चुंबक का उत्तरी ुव धीरे-धीरे उसके एक सरे के पास लाइए।
3. य द वह सरा दूर धकेला जाए (प्र तक षत हो), तो वही बना चह्न वाले चुंबक का उत्तरी ुव है।
4. य द वह सरा खच आए (आक षत हो), तो वह द क्षणी ुव है।
5. दूसरा सरा स्वतः वपरीत ुव होगा। दोन सर पर माकर से चह्न लगा द जए।
ात N + अ ात िसरा → पितकषण → वह िसरा N है
ात N + अ ात िसरा → आकषण → वह िसरा S है
प्र तकषण ही क्य दे खते ह, आकषण क्य नह : आकषण तब भी हो सकता है जब चुंबक का कोई भाग जंग
खाया हो या आसपास लोहा पड़ा हो, इस लए वह भ्र मत कर सकता है। प्र तकषण केवल एक ही कारण से होता है
— दो समान ुव। अपने प रणाम क पु ष्ट अं कत चुंबक के द क्षणी ुव से दोहराकर क जए; उत्तर ठ क उल्टे मलने
चा हए।
Page 32 of 45
Page 34
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.7 एक छड़ चुंबक पर उसके ुव को दशाने के लए कोई चह्न अं कत नह है। आप कसी अन्य चुंबक का उपयोग
कए बना यह कैसे पता लगाएँगे क उसका उत्तरी ुव कस छोर पर त है?
यह काम पृथ्वी से करवाइए — पृथ्वी स्वयं एक वशाल चुंबक है, इस लए दूसरे चुंबक क आवश्यकता ही नह ।
1. छड़ चुंबक के ठ क मध्य म धागा बाँ धए ता क वह क्षै तज और संतु लत लटके।
2. उसे कसी खुली जगह म स्टड या हुक से लटकाइए, लोहे क अलमारी, ल, मोबाइल फोन और स्ट ल के फन चर से अच्छ
तरह दूर।
3. हल्का-सा घुमाकर उसे स्वयं ठहरने द जए।
4. चुंबक उत्तर-द क्षण रेखा म ठहरेगा। जो सरा उत्तर क ओर इं गत करे वही उसका उत्तरी ुव है; दूसरा सरा द क्षणी ुव।
दोन पर चह्न लगा द जए।
उत्तर कधर है, यह कैसे जान? उस सुबह सूय कहाँ उगा था, यह दे खए — वही लगभग पूव है। उगते सूय क ओर मुँह क जए;
तब उत्तर आपके बाएँ हाथ क ओर होगा।
स्वतं त्र रूप से लटका चुंबक → उत्तर-द ि ण में ठहरता है
उत्तर की ओर इंिगत करने वाला िसरा = उत्तरी (उत्तरोन्मुखी) धु व
दि ण की ओर इंिगत करने वाला िसरा = दि णी (दि णोन्मुखी) धु व
एक और तरीका: चुंबक को थम कोल या कॉक के छोटे टु कड़े पर रखकर र पानी के कटोरे म तैराइए। वह धीरे-
धीरे घूमकर उत्तर-द क्षण म ठहर जाएगा, ठ क वैसे ही जैसे क्रयाकलाप 4.4 म बनाई गई दक्सूचक सुई।
प्र.8 य द पृथ्वी स्वयं एक चुंबक है तो क्या आप चुंबक य दक्सूचक से दशा दे खकर पृथ्वी के चुंबक य ुव का
अनुमान लगा सकते ह?
हाँ, लगा सकते ह। और उत्तर च काने वाला है।
चरण-दर-चरण तक:
1. िदक्सूच क सुई का उत्तरी धु व पृथ्वी के भौगोिलक उत्तर की ओर इंिगत करता है।
2. िकसी धु व को के वल असमान धु व ही खी ंचता है।
3. अतः भौगोिलक उत्तर के पास जो कु छ है, वह एक उत्तरी धु व को आकिषत कर रहा है।
4. इसिलए पृथ्वी के भौगोिलक उत्तर के पास पृथ्वी के चुंबक का दि णी धु व है।
5. और भौगोिलक दि ण के पास पृथ्वी के चुंबक का उत्तरी धु व है।
Page 33 of 45
Page 35
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
m l as
.co
भौगोिलक उत्तर g
m a
l a se (यहाँ चुंबकीय दि णी धु व)
a g
co m
e m . ag
g l as
a
S
co m
em.
m l as
m .co a g
l a se
a g
m a s
m .co N agl
l a se
a g
co m
m .
s e
.co
m (यहाँ चुंबकीय उत्तरी धु व)agla
se m
g l a
a भौगोिलक दि ण
se m
com g l a
. उत्तर के पास पड़ता है। a
पृथ्वी अपने भीतर रखे एक वशाल छड़ चुंबक क तरह व्यवहार करती है — परंतु उलट दशा म, जसका चुंबक य द क्षणी ुव भौगो लक
e m
as
agl
m
यह उलटा क्य लगता है: नाम पहले पड़े और व ान बाद म समझा गया। चुंबक के जस सरे को ‘उत्तरी ुव’ कहा
. co
m
गया, वह केवल इस लए क वह उत्तर क ओर मुड़ता है। यह नाम तय हो जाने के बाद ‘असमान ुव आक षत करते
m as e
.co l
ह’ नयम के कारण पृथ्वी के चुंबक का द क्षणी ुव ही भौगो लक उत्तर के पास होना पड़ा।
a g
se m
g l a
a c
m .
s e
एक मस्त्री पचकस क सहायता से एक यंत्र क मरम्मत कर रहा था ले कन स्ट ल के पच बार-बार नीचे गर रहे थे।
m a
प्र.9
. co agl
इस अध्याय म आपने जो सीखा है, उसके आधार पर मस्त्री क समस्या को हल करने का उपाय सुझाइए।
e m
g l as
a
पचकस के सरे को चुंबक बना ली जए। तब स्ट ल का हर पच यंत्र म गरने के बजाय सरे से चपका रहेगा।
com
m .
m ase
.co
a g l Page 34 of 45
Page 36
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
मस्त्री यह कैसे करे (ठ क क्रयाकलाप 4.4 क व ध से):
1. पचकस को मेज पर र खए और एक मजबूत ायी चुंबक ली जए।
2. चुंबक का एक ुव पचकस क स्ट ल क छड़ पर मूठ वाले सरे पर रखकर उसे नोक तक ख चए — हमेशा एक ही दशा म
और उसी ुव से।
3. चुंबक को ऊपर उठाकर फर पहले सरे पर लाइए और दोबारा ख चए। यह 30 से 40 बार दोहराइए।
4. नोक से एक स्ट ल का पच छु आकर जाँ चए। य द पच लटका रहे तो पचकस चुंब कत हो चुका है।
और भी तेज उपाय: पचकस क छड़ पर नोक के पास एक छोटा चुंबक चपका या टे प कर द जए, अथवा बाजार म मलने वाला
चुंबक य पचकस काम म ली जए।
यह क्य काम करता है: पचकस क छड़ स्ट ल क होती है, जसम लोहा होता है और इस लए वह चुंबक य पदाथ
है। ख चने से उसके भीतर के नन्हे चुंबक एक दशा म पं क्तबद्ध हो जाते ह, वह स्वयं चुंबक बन जाती है और स्ट ल
के पच को आक षत करने लगती है।
सुझाव: चुंब कत पचकस को घड़ी, मोबाइल फोन या दक्सूचक के पास काम म नह लेना चा हए। य द बाद म नोक
का चुंबकत्व हटाना हो तो उसे कई बार जोर से ठोकना या गरम करना पयाप्त है — और यही कारण है क अध्याय
आपको चुंबक गराने, हथौड़े से पीटने या गरम करने से मना करता है।
Page 35 of 45
Page 37
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.10 दो वलय चुंबक, ‘क’ और ‘ख’, चत्र 4.16 म दशाए अनुसार व्यव त ह। यह दे खा गया है क चुंबक ‘क’ नीचे
क ओर नह जाता है। इसका संभा वत कारण क्या हो सकता है? कसी भी चुंबक को बना धकेले चुंबक ‘क’
को चुंबक ‘ख’ के संपक म लाने का उपाय सुझाइए।
लकड़ ी की छड़
क
ख
‘क’ ‘ख’ से कु छ ऊपर ठहरा रहता है।
चत्र 4.16, पृष्ठ 74 — पुनः चत्रण: एक खड़ी लकड़ी क छड़ पर दो वलय चुंबक ‘क’ और ‘ख’।
कारण: ‘क’ और ‘ख’ के आमने-सामने वाले तल समान ुव ह (या तो दोन उत्तरी या दोन द क्षणी)। समान ुव प्र तक षत करते
ह, इस लए चुंबक ‘क’ ऊपर क ओर धकेला जाता है। वह उसी ऊँचाई पर तैरता रह जाता है जहाँ यह ऊपर का धक्का उसके अपने
भार को ठ क संतु लत कर दे ता है, और इससे नीचे नह आ पाता।
Page 36 of 45
Page 38
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
S
N
क
N
S
क
N N
S
ख S
ख
N के सामने N → पितकषण → ‘क’ तैरता रहता है ‘क’ को उलटा िकया: S के सामने N → आकषण → दोनों
जुड़ जाते है ं
बाएँ: समान ुव आमने-सामने ह, इस लए ‘क’ ‘ख’ के ऊपर अधर म ठहरा है। दाएँ: ‘क’ को उतारकर, उलटकर वापस डाल दया गया —
अब असमान ुव सामने ह और दोन चुंबक जुड़ जाते ह।
संपक म लाने का उपाय: चुंबक ‘क’ को छड़ से बाहर नका लए, उसे उलटा क जए और फर से छड़ म डाल द जए। अब
‘क’ का असमान ुव ‘ख’ के ऊपरी ुव के सामने होगा, इस लए प्र तकषण के ान पर आकषण होगा — और ‘क’ स्वयं नीचे
सरककर ‘ख’ पर आ टकेगा। कसी को धकेलने क आवश्यकता नह पड़ेगी।
वलय चुंबक के ुव चपटे तल पर क्य होते ह: वलय (या चकती) चुंबक म दोन ुव उसके दो चपटे वृत्ताकार तल
होते ह, कनारा नह । इस लए वलय को उलटते ही यह बदल जाता है क नीचे क ओर कौन-सा ुव है — और इसी
एक पलटाव से प्र तकषण आकषण म बदल जाता है।
क्या आप जानते ह? छड़ पर हवा म ठहरा चुंबक कक्षा के आकार का मैग्लेव ही है। समान ुव के प्र तकषण का
यही वचार पूरी े न को पटरी से ऊपर उठा दे ता है।
Page 37 of 45
Page 39
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.11 तीन छड़ चुंबक को चत्र 4.17 म दशाए अनुसार एक मेज पर व्यव त कया गया है। एक सरे (5) क ुवता
आपको द गई है। अब आप बताइए क चुंबक के सर 1, 2, 3, 4 और 6 पर ुवता N या S म से क्या-क्या है?
2
3
1
6
4
5 N
चत्र 4.17, पृष्ठ 74 — पुनः चत्रण: मेज पर व्यव त तीन छड़ चुंबक; केवल सरे 5 क ुवता द गई है।
उत्तर: 1 = N, 2 = S, 3 = N, 4 = S, 5 = N ( दया गया), 6 = S।
मुख्य वचार: तीन चुंबक सरे से सरा जुड़े हुए र पड़े ह। दो सरे चुपचाप एक-दूसरे से लगे तभी रह सकते ह जब वे आक षत
करते ह , अथात जब वे असमान ुव ह । य द वे समान ुव होते तो एक-दूसरे को धकेल दे ते और यह आकृ त बखर जाती।
िसरा 5 = N (िदया गया)
िसरे 4 और 5 जुड़े है ं → असमान होने चािहए → िसरा 4 = S
िसरे 3 और 4 एक ही चुंबक के दो िसरे है ं → िसरा 3 = N
िसरे 2 और 3 जुड़े है ं → असमान होने चािहए → िसरा 2 = S
िसरे 1 और 2 एक ही चुंबक के दो िसरे है ं → िसरा 1 = N
िसरे 5 और 6 एक ही चुंबक के दो िसरे है ं → िसरा 6 = S
Page 38 of 45
Page 40
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
e m.
1.com g l as
2 a
a sem N
agl
S
N 3
co m
e m . ag
g l as
a
4
om
S
c
N
emS.
m l as
.co 5 a g 6
a sem
agl
हर जोड़ पर N के सामने S है — इसीिलए यह आकृित बनी रहती है।
m
तीन छड़ चुंबक, जन पर सभी छह ुवताएँ भरी गई ह। लाल सरे उत्तरी ुव और नीले सरे द क्षणी ुव ह।
a s
em
.co agl
a s
a glबार सरा 5 को N मान लेने के बाद शेष सभी सरे अपने-आप तय हो जाते
इससे भन्न उत्तर क्य संभव नह : एक
ह — हर चुंबक म एक N और एक S होना ही है, और हर जोड़ पर N के सामने S होना ही है। दए गए सरे से शुरू
करके आकृ त के साथ-साथ चलना ही ऐसे हर प्रश्न को हल करने का भरोसेमंद तरीका है।
co m
m .
m as e
.co a g l
e m
las भी सीख — पृष्ठ 74 और 75
agप रयोजनाएँ और आगे क खोज
और
se m
com g l a
. a
और भी सीख
m
ase
प्र.1 agl
3–4 भन्न- भन्न चुंबक का उपयोग करके कुछ स्ट ल पन या U- क्लप को उठाने का प्रयास कर और पता लगाएँ
क कौन-सा चुंबक अ धकतम संख्या म पन या क्लप उठाता है। अपने मत्र के साथ चचा कर क भन्न- भन्न
co m
.
चुंबक ने अलग-अलग संख्या म पन क्य उठाए ह गे?
em
m l as
.co a g
emनष्पक्ष तरीका: उन्ह एक जैसी पन के ढे र का उपयोग क जए, हर चुंबक का एक ुव एक ही ढं ग से ढे र म डु बोइए, सीधा ऊपर
a s
agl उठाइए और लटक पन ग नए। हर चुंबक के लए तीन बार दोहराकर सबसे बड़ी संख्या ली जए।
.c
s e m
m a
e m . co agl
g l as
a
co m
m .
m ase
.co
a g l Page 39 of 45
Page 41
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
चुंबक प्रयास 1 प्रयास 2 प्रयास 3 सवा धक
छोटा छड़ चुंबक 6 7 6 7
बड़ा छड़ चुंबक 12 11 13 13
U-आकार चुंबक 18 17 19 19
वलय चुंबक 9 10 9 10
नमूना उत्तर (आपक संख्याएँ अलग ह गी): U-आकार चुंबक ने सबसे अ धक और छोटे छड़ चुंबक ने सबसे कम पन उठाईं।
भन्न- भन्न चुंबक अलग-अलग संख्या म पन क्य उठाते ह:
चुंबक क श क्त। कुछ चुंबक अ धक प्रबल पदाथ के बने होते ह और उन्ह अ धक अच्छ तरह चुंब कत कया गया होता है।
आमाप। एक ही पदाथ का बड़ा चुंबक प्रायः अ धक प्रबल होता है।
आकार। U-आकार चुंबक म दोन ुव एक ही ओर मुड़े होते ह और एक साथ मलकर एक ही ढे र को ख चते ह, इस लए वह
समान आमाप के छड़ चुंबक से आगे नकल जाता है।
आयु और रख-रखाव। जो चुंबक गराया, पीटा, गरम कया या लापरवाही से रखा गया हो, वह कमजोर पड़ जाता है।
ढे र को कहाँ से छु आया। ुव बहुत-सी पन उठाता है, मध्य भाग लगभग कुछ नह — इस लए हमेशा ुव का ही उपयोग
क जए।
सुझाव: पन गनना चुंबक क श क्त मापने का वास्त वक तरीका है। अपनी ता लका कॉपी म लख ली जए और
उन्ह चुंबक क छह महीने बाद फर जाँच क जए — बना रक्षक टु कड़ के रखा चुंबक कमजोर पड़ चुका होगा।
Page 40 of 45
Page 42
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.2 अपने शक्षक क सहायता से एक संयुक्त कक्षा क्रयाकलाप के रूप म एक खलौना ‘फुदकता हुआ मढक’
बनाएँ। इसके लए एक स्केल ल और ग द का उपयोग करके, स्केल क लंबाई के अनु दश वलय चुंबक को
क्र मक रूप से उनके उत्तर तथा द क्षण ुव ऊपर रखते हुए चत्र 4.18 (क) क तरह चपकाएँ। मढक म रंग भर।
उसे रूपरेखा के साथ काट और उसके नीचे क ओर एक वलय चुंबक चपकाएँ। चत्र 4.18 (क) म दशाई गई एक
छोटे आकार क पारदश , लचीली प्ला स्टक क प ल और इसे मढक से जुड़े वलय चुंबक पर चपकाएँ। जब
आप प्ला स्टक क प को मढक के साथ स्केल पर सरकाएँगे तो आप दे खगे क मढक उछल रहा है [ चत्र 4.18
(ख)]।
वलय चुबं क लगा मेढं क
लािस्टक की प ी
प्
वलय चुबं कों वाला स्केल
(क) (ख)
चत्र 4.18, पृष्ठ 75 — पुनः चत्रण: (क) प्ला स्टक क प पर लगा मढक तथा वलय चुंबक वाला स्केल; (ख) प को
स्केल पर सरकाया गया।
आवश्यक साम ी: लकड़ी या प्ला स्टक का स्केल, 6–8 वलय चुंबक, ग द, मोटे कागज का मढक और एक छोट पारदश लचीली
प्ला स्टक क प ।
चरण:
1. वलय चुंबक को स्केल पर एक पं क्त म चपकाइए, पर उनके तल क्र मक रूप से बदलते हुए — पहले का उत्तरी ुव ऊपर,
अगले का द क्षणी ुव ऊपर, फर उत्तरी, और इसी क्रम म।
2. कागज के मढक म रंग भरकर उसे का टए और उसके नीचे एक वलय चुंबक चपकाइए।
3. उसी चुंबक पर लचीली प्ला स्टक क प चपकाइए ता क मढक थोड़ा उछल-कूद कर सके।
4. प को मढक स हत स्केल पर धीरे-धीरे सरकाइए और मढक को फुदकते दे खए।
Page 41 of 45
Page 43
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
मढक फुदकता क्य है: जब मढक का चुंबक ऐसे चुंबक के ऊपर से गुजरता है जसका सामने वाला ुव उसके
अपने ुव के समान है, तो वह प्र तक षत होकर ऊपर उछलता है। ठ क अगले चुंबक पर सामने वाला ुव असमान
होता है, इस लए वह आक षत होकर नीचे आ जाता है। स्केल पर चुंबक N, S, N, S… क्रम म लगे होने के कारण
मढक को बारी-बारी धक्का और खचाव मलता रहता है और वह फुदकता हुआ प्रतीत होता है। लचीली प्ला स्टक
क प उसे चपके रहने के बजाय उछलने दे ती है।
सुझाव: चपकाते समय हर वलय चुंबक के ऊपरी तल पर एक बद बना ली जए, ता क आप जाँच सक क क्रम
सचमुच बदल-बदलकर चल रहा है। य द दो पड़ोसी चुंबक एक ही ओर से लग गए तो मढक वहाँ एक फुदक छोड़
दे गा।
प्र.3 मैग्लेव े न के बारे म पता लगाएँ और उसका मॉडल बनाने का प्रयास कर।
मैग्लेव े न क्या है: ‘मैग्लेव’ का अथ है चुंबक य उत्प्लावन (magnetic levitation)। यह े न प हय पर नह दौड़ती — वह
पटरी से कुछ सट मीटर ऊपर तैरती है और चुंबक ारा ही आगे धकेली जाती है।
काम चुंबक उसे कैसे करते ह
े न को ऊपर टेन और पटरी के शिक्तशाली चुंबकों के समान धु व आमने-सामने होते है,ं इसिलए वे पितकिषत करते है ं और टेन उठ
उठाना जाती है
उसे सीध म रखना बगल के चुंबक टेन के इधर-उधर िखसकते ही उसे वापस बीच में धके ल दे ते है ं
उसे आगे बढ़ाना पटरी का चुंबकत्व लहर की तरह बारी-बारी चालू-बंद होता है, िजससे टेन आगे से िखंचती और पीछे से धके ली जाती है
यह तेज और शांत क्य है: कुछ भी पटरी को छू ता नह , इस लए घषण लगभग नह होता। मैग्लेव े न 400 कमी/घंटा से भी
अ धक ग त पकड़ती ह, बहुत सहज चलती ह और उनक मरम्मत कम पड़ती है। ऐसी े न जापान, चीन और द क्षण को रया म
चलती ह; शंघाई क मैग्लेव सबसे प्र सद्ध है।
एक सरल मॉडल जो आप बना सकते ह:
1. लकड़ी क एक नाली म वलय या प चुंबक क दो पं क्तयाँ लगाइए, सबका एक ही ुव ऊपर क ओर।
2. हल्के गत्ते क ‘ े न’ के नीचे भी वैसे ही चुंबक चपकाइए, सबका एक ही ुव नीचे क ओर — वही ुव जो पटरी पर ऊपर है।
3. े न को नाली पर र खए। समान ुव आमने-सामने होने से े न तैरने लगेगी।
4. हल्का-सा धक्का द जए; वह नाली म सरकती चली जाएगी। दोन ओर क छोट द वार उसे गरने से बचाएँगी।
स्वयं जाँच: गत्ते क े न को उलटकर वापस र खए। अब वह तैरने के बजाय पटरी से चपक जाएगी — यही प्रमाण
है क तैरना समान ुव के प्र तकषण से हो रहा था।
Page 42 of 45
Page 44
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
प्र.4 यह जानने का प्रयास कर क अलग-अलग आकार के चुंबक बनाने क आवश्यकता क्य है?
क्य क आकार यह तय करता है क ुव कहाँ ह गे — और अलग-अलग काम के लए ुव अलग-अलग जगह चा हए।
आकार ुव कहाँ ह वह आकार क्य उपयोगी है
छड़ चुंबक दोनों िसरों पर, एक-दू स रे से धु वों को समझने के िलए और स्वतंत्र रूप से लटकाकर िदशा जानने के िलए
दू र सव त्त म
U-आकार (घोड़े क पास-पास, एक ही ओर मुड़े दो दोनों धु व एक ही वस्तु को खी ंचते है,ं इसिलए यह कही ं अिधक भार उठाता है —
नाल) िसरे े न और होल्डर में उपयोगी
वलय चुंबक दोनों चपटे तलों पर छड़ या शाफ्ट में िपरोया जा सकता है — लाउडस्पीकर , मोटर और फु दकते मेंढक
के िखलौने में
चकती ( डस्क) दोनों चपटे तलों पर पतला और चपटा — पेंिसल बॉक्स , पस , िफ ज िस्टकर और अलमारी की कुं डी में
चुंबक िफट हो जाता है
बेलनाकार चुंबक दोनों वृत्त ाकार िसरों पर पतले िछद ों और निलयों में बैठ जाता है — कुं िडयों और संवेद कों में
सुई के आकार का दोनों नुक ीले िसरों पर हल्का और िपन पर स्वतंत्र रूप से घूम ने वाला — िद क्सूचक की सुई
चुंबक
गोलीय चुंबक गेंद पर आमने-सामने के दो स्वतंत्र रूप से लुढ़कता है — िखलौनों और पहेिलयों में
िबंद ुओ ं पर
इन सबके पीछे का नयम: आकार चाहे जो हो, चुंबक म ठ क दो ुव, जोड़े म ही रहते ह। आकार केवल यह
बदलता है क ुव कहाँ बैठगे और कतनी दूर ह गे — और यही बात एक चुंबक को ज के दरवाज़े के लए तथा
दूसरे को दक्सूचक के लए उपयुक्त बनाती है।
प्र.5 च कत्सा के क्षेत्र म चुंबक के उपयोग से संबं धत जानकारी एक त्रत कर।
अस्पताल म चुंबक का उपयोग हमारी कल्पना से कह अ धक होता है। समाचार-पत्र , पुस्तक और कसी अस्पताल क यात्रा से
एक कक्षा-सवक्षण म यह सामने आएगा।
Page 43 of 45
Page 45
as e
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान
a g l AglaSem · NCERT Solutions
co m
m.
च कत्सा म उपयोग वह क्या करता है
a se
. com l
aदेgख पाते है ं
एम.आर.आई. जाँच (चुंबक य एक अत्यंत शिक्तशाली चुंबक की सहायता से िचिकत्सक मिस्तष्क, मेरुदंड, घुटने और शरीर के
s em
अनुनाद प्र त बबन) अन्य कोमल भागों को िबना शल्यि या और िबना एक्स-रे के स्पष्ट
a
glके कण नकालना
aलोहे आँख या घाव में घुस ा लोहे का सूक्ष्म कण चीर-फाड़ के बजाय छोटे चुंबक से बाहर खी ंच िलया जाता है
co m
. ag
श्रवण यंत्र और कॉ क्लयर इंप्लांट के बाहरी भाग को िसर पर उसकी जगह िटकाए रखते है ं और ध्विन संके त पहच
ु ँ ाने में सहायता करते है ं
se m
चुंबक
l a
चुंबक य च कत्सा वाली बेल्ट और
चटाइयाँ
ag और जोड़ों के दद के िलए बेची जाती है।ं इनका लाभ िव ान ारा भली-भाँित पमािणत नही ं
घुटने, पीठ
है — ऐसे दावों को सावधानी से लीिजए
co m
m.
प्रयोगशाला म को शकाओं और
e
सूक्ष्म चुंबकीय मनकों की सहायता से रक्त के नमूने से िवशेष कोिशकाएँ अलग खी ंच ली जाती है ं
m l as
.co
प्रोट न का पृथक्करण
a g
se m
l a
औष ध को सही ान तक पहुँचाना नए शोधों में चुंबक से औषिध को के वल रोगग स्त भाग तक पहच
ु ँ ाया जाता है, तािक स्वस्थ भागों तक
a g कम दवा जाए
om a s
. c agl
महत्वपूण सुरक्षा सूचना: एम.आर.आई. का चुंबक अत्यंत श क्तशाली होता है, इस लए रोगी को कमरे म जाने से
पहले लोहे और स्ट ल क सभी वस्तुएँ — हेयरem
a s पन, चा बयाँ, सक्के, घड़ी — उतारनी पड़ती ह। हृदय का पेसमेकर
a gl
या धातु का इंप्लांट लगे व्य क्त क एम.आर.आई. हमेशा नह क जा सकती। यह वही सीख है जो अध्याय चुंबक को
मोबाइल फोन से दूर रखने के बारे म दे ता है, बस कह बड़े पैमाने पर।
co m
m .
o m l a se
अपनी जानकारी कैसे प्रस्तुत कर: तीन स्तंभ वाला एक चाट बनाइए — चुंबक कहाँ उपयोग हुआ, वह क्या करता
m .c चुंबक का कौन-सा गुण उसका आधार है (लोहे का आकषण, या शरीर aकेgपार जाने वाला चुंबक य प्रभाव)।
seसाथ म समाचार-पत्र से काटा हुआ एम.आर.आई. मशीन का चत्र चपकाइए।
है, और
a
agl
se m
com g l a
m . a
ase
अध्याय — एक नज़र म agl
co
चुंबक वह वस्तु है जो लोहा, नकेल और कोबाल्ट को आक षत करती है। प्रकृ त म पाए जाने वाले चुंबक चुंबक पत्थर
m
m .
e
कहलाते ह; प्रयोगशाला के छड़, U-आकार और वलय चुंबक कृ त्रम चुंबक ह।
c o m g l as
. अचुंबक य पदाथ ह (लकड़ी, रबर, प्ला स्टक, काँच, कागज, ताँबा, ऐलु म नयम)।
a
जो पदाथ चुंबक क ओर आक षत होते ह वे चुंबक य पदाथ ह (लोहा, नकेल, कोबाल्ट, स्ट ल)। जो आक षत नह होते वे
se m
g l a
a
प्रत्येक चुंबक के दो ुव होते ह — उत्तरी ुव और द क्षणी ुव — जो उसके सर पर होते ह और वह आकषण सबसे प्रबल
.c
m
होता है। ुव सदै व जोड़ म होते ह; चुंबक को कतना भी छोटा तोड़, एकल ुव प्राप्त नह होता।
m a s e
co agl
स्वतंत्र रूप से लटका चुंबक हमेशा उत्तर-द क्षण दशा म ठहरता है, क्य क पृथ्वी स्वयं एक वशाल चुंबक क तरह
m .
se
व्यवहार करती है। इसी गुण पर चुंबक य दक्सूचक और भारत का पुराना मत्स्य-यंत्र आधा रत ह।
l a
कgक पक्क पहचान है, क्य क लोहे क छड़ दोन ुव से केवल आक षत होती है, प्र तक षत
दो चुंबक के बीच असमान ुव आक षत करते ह (उत्तर-द क्षण) और समान ुव प्र तक षत करते ह (उत्तर-उत्तर, द क्षण-
द क्षण)। प्र तकषण ही चुंबa
कभी नह ।
co m
m .
m as e
.co
a g l Page 44 of 45
Page 46
कक्षा 6 व ान अध्याय 4 चुंबक को जान AglaSem · NCERT Solutions
चुंबक य प्रभाव अचुंबक य पदाथ के पार जा सकता है — लकड़ी, काडबोड, प्ला स्टक और काँच उसे नह रोकते। चुंबक
को जोड़ म वपरीत ुव एक ही ओर रखकर संभाल तथा गरम करने, पीटने और मोबाइल फोन से दूर रख।
त्व रत पुनरावृ त्त
शब्द अथ अध्याय म रोज़मरा का उदाहरण
कहाँ
चुंबक वह वस्तु जो लोहे को आकिषत करती है और स्वतंत्र रूप पृष्ठ 60 प सल बॉक्स के ढक्कन या ज स्टकर
से लटकाने पर उत्तर-दि ण िदशा में ठहरती है का चुंबक
चुंबक पत्थर पाकृ ितक रूप से पाया जाने वाला चुंबक, िजसकी खोज पृष्ठ 60 पुराने समय के ना वक इसका उपयोग
पाचीन काल में हुई करते थे
कृ त्रम चुंबक मनुष्य ारा बनाया गया चुंबक — छड़, U-आकार, वलय, चत्र 4.2, पृष्ठ प्रयोगशाला का छड़ चुंबक, खलौन के
चकती, बेल नाकार, गोलीय 60 चुंबक
चुंबक य पदाथ वह पदाथ जो चुंबक की ओर आकिषत होता है अनुभाग 4.1, लोहे क क ल, स्ट ल क U- क्लप, सेफ्ट
पृष्ठ 62 पन
अचुंबक य पदाथ वह पदाथ जो चुंबक की ओर आकिषत नही ं होता अनुभाग 4.1, लकड़ी क प सल, रबड़, प्ला स्टक स्केल,
पृष्ठ 62 काँच क चूड़ी
चुंबक के ुव चुंबक के वे दो िसरे जहाँ आकषण सबसे पबल है — अनुभाग 4.2, लोहरेतन छड़ चुंबक के केवल दोन सर
उत्तरी धु व और दि णी धु व पृष्ठ 63 पर चपकता है
उत्तरी (उत्तरोन्मुखी) स्वतंत्र रूप से लटके चुंबक का वह िसरा जो उत्तर की अनुभाग 4.3, दक्सूचक क सुई का लाल सरा
ुव ओर मुड़ता है; पायः लाल रंग का पृष्ठ 64
चुंबक य दक्सूचक एक छोटा बॉक्स िजसमें स्वतंत्र रूप से घूम ने वाली चत्र 4.6, पृष्ठ पवतारो हय का कंपास; पुराना भारतीय
चुंबकीय सुई उत्तर-दि ण िदशा दश ती है 64 मत्स्य-यंत्र
आकषण असमान धु वों (उत्तर-दि ण) के बीच का िखंचाव अनुभाग 4.4, ज का चुंबक स्ट ल के दरवाज़े को
पृष्ठ 66 पकड़े रहना
प्र तकषण समान धु वों (उत्तर-उत्तर या दि ण-दि ण) के बीच का अनुभाग 4.4, मा चस क ड ब्बय से बनी दो चुंबक-
धक्का पृष्ठ 66 कार का एक-दूसरे से दूर भागना
पदाथ के पार बीच में लकड़ी, काडबोड, प्लािस्टक या काँच रखने पर ता लका 4.2, गत्ते क े क भूलभुलैया म स्ट ल क गद
चुंबक य प्रभाव भी चुंबकीय बल काय करता रहता है पृष्ठ 69 चलाना
Page 45 of 45