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NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 5 लंबाई एवं गति का मापन

AglaSem पर कक्षा 6 विज्ञान अध्याय 5 लंबाई एवं गति का मापन (जिज्ञासा) के NCERT समाधान की फ्री PDF डाउनलोड करें। नवीनतम NCERT पुस्तक (2026-27 पाठ्यक्रम) के सभी प्रश्नों के चरण-दर-चरण, अभ्यास-वार हल। Free PDF of NCERT Solutions for Class 6 Science Chapter 5 Measurement of Length and Motion (Curiosity), Hindi Medium.
NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 5 लंबाई एवं गति का मापन - Page 1 of 58

About NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 5 लंबाई एवं गति का मापन

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NCERT Solutions Class 6 Science Chapter 5 लंबाई एवं गति का मापन – Text

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F R E E S T U D Y M AT E R I A L F O R E V E R Y S T U D E N T

क ा6

एनसीईआरट समाधान

अध्याय 5: लंबाई एवं ग त का मापन

एनसीईआरट पाठ्यपुस्तक — ज ासा

पुस्तक पृष्ठ खंड प्रश्न माध्यम

77 – 98 17 48 हन्द

Solutions, notes, sample papers & more at 57 pages

Page 2

कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

कक्षा 6 · व ान · ज ासा

एनसीईआरट समाधान — अध्याय 5: लंबाई एवं ग त का मापन
कक्षा 6 व ान (पाठ्यपुस्तक ज ासा) के अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन के सभी प्रश्न के वस्तृत NCERT हल। सात क्रयाकलाप (5.1 से
5.7), पृष्ठ 77 से 92 तक के सभी पाठ्य प्रश्न एवं वचार कर! बॉक्स, तथा आइए, और अ धक सीख के सभी 13 प्रश्न एवं और भी सीख क छह
प रयोजनाएँ — प्रत्येक मात्रक-रूपांतरण चरण-दर-चरण हल करके समझाया गया है।

पाठ्यपु स्तक पु स्तक पृ ष्ठ

ज ासा (कक्षा 6) 77 – 98

खं ड प्रश्न

17 48

माध्यम

हन्द

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 77
अध्याय का आरंभ — द पा क नई वद

प्र.1 क्या फ ता और छड़ उस पैमाने के समान ह जो मेरी बड़ी बहन के ज्या म त बॉक्स म है? चार अँगुल से माँ का क्या
तात्पय है?

हाँ — तीन ही लंबाई मापने के उपकरण ह, परंतु प्रत्येक अलग-अलग काय के लए बना है। और चार अँगुल का अथ है “चार
अँगुली क चौड़ाई”, अथात् लगभग 6 cm से 8 cm अ धक कपड़ा।

उपकरण कैसा होता है कसके लए उपयुक्त

धातु क मापक छड़ कठोर, सीधी छड़, पायः एक मीटर लंबी काउं टर पर फै ला कपड़ ा — सीधी लंबाइयाँ
(दुकानदार)

मापन-फ ता (दज ) लंबी, मुल ायम एवं लचीली प ी जो मुड़ सकती है छाती, कमर, आस्तीन — शरीर के वक्र भागों की
लंबाई

15 cm पैमाना (ज्या म त छोटा, कठोर प्लािस्टक पैम ाना, cm एवं mm में पेंिसल , रबड़ , कॉपी में खी ंची रे खाएँ
बॉक्स) अंिकत

अतः काय क दृ से तीन समान ह — सभी पर अंकन ह और सभी एक ही मात्रक म लंबाई बताते ह — कतु ये लंबाई एवं
कठोरता म भन्न ह।
चार अँगुल क्या है?

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

अँगलु = एक अँगलु ी की चौड़ ाई
चार अँगल
ु = 4 × एक अँगल
ु ी की चौड़ ाई

एक अँगल
ु ी की चौड़ ाई ≈ 1.5 cm से 2 cm
ु ≈ 4 × 1.5 cm से 4 × 2 cm = 6 cm से 8 cm
अतः चार अँगल

द पा क माँ चाहती थ क वद लगभग 6–8 cm अ धक लंबी हो, ता क द पा का कद और बढ़ने पर भी वद पहनी जा सके।

ऐसा क्य : अँगुल भारत के प्राचीन मात्रक म से एक है, जसका उल्लेख धनुष एवं योजन के साथ प्राचीन सा हत्य म
मलता है और जसका उपयोग बढ़ई तथा दज आज भी करते ह। यह शरीर पर आधा रत मात्रक है — सदा साथ
रहता है, इस लए सु वधाजनक है — परंतु सबके लए एक-सा नह होता। दज क चार अँगु लयाँ माँ क चार
अँगु लय के बराबर ह , यह आवश्यक नह ।

यह करके दे खए: 15 cm पैमाने से अपनी तजनी क चौड़ाई मा पए, फर अपने पता या माता क । दोन को mm
म ल खए। जो अंतर मलेगा, वही मानक मात्रक क आवश्यकता का कारण है।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 79

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

5.1 हम कैसे मापते ह?

प्र.1 ""अरे, मेज क लंबाई के माप म हम सभी के बा लश्त क संख्या तो भन्न- भन्न प्राप्त हुई है। तब हम बा लश्त म
मेज क लंबाई के बारे म क्या कह सकते ह?""

व ाथ का नाम बा लश्त क संख्या

अनीश 13 से थोड़ा अ धक

प ा 13

तस्नीम 13 से थोड़ा कम

द पा 13 एवं 14 के बीच म

हरद प 14

ता लका 5.1, पृष्ठ 79 — उसी मेज क लंबाई, जसे पाँच व ा थय ने अपने-अपने बा लश्त से मापा।

बहुत कम, और वह भी अधूरा! हम केवल इतना कह सकते ह क मेज क लंबाई लगभग 13 से 14 बा लश्त है — और यह वाक्य
भी अधूरा है, क्य क इसम यह नह बताया गया क कसका बा लश्त।

व ाथ का नाम बा लश्त क संख्या

अनीश 13 से थोड़ ा अिधक

प ा 13

तस्नीम 13 से थोड़ ा कम

द पा 13 एवं 14 के बीच में

हरद प 14

पाँच मत्र के मापने के दौरान मेज क लंबाई तो बदली ही नह । केवल मात्रक बदला — और इसी लए संख्या बदल गई।

मेज की लंबाई = संख्या × एक बािलश्त की लंबाई

लंबाई िनयत है, अतः बड़ ा बािलश्त होने पर संख्या छोटी,
और छोटा बािलश्त होने पर संख्या बड़ ी िमलेगी।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
a g l AglaSem · NCERT Solutions

कोई माप तभी साथक है जब सुनने वाला उसे दोहरा सके। “13 बा लश्त” को कोई दूसरा दोहरा नह सकता, अतः यह मेज क
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उ चत माप नह है। हम ऐसा मात्रक चा हए जो सबके लए एक समान हो।
em.
m l as
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ऐसा क्य : लंबाई दो भाग — संख्या और मात्रक — म व्यक्त क जाती है। य द मात्रक नयत न हो तो संख्या से
a
gl जानकारी नह मलती। “मेज 13 लंबी है” कहना उतना ही अधूरा है जतना “थैले का दाम 50 है” कहना, बना
aरुपये
कोई
बताए।

co m
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प्र.2 परंतु ये संख्याएँ भन्न क्य होनी चा a gla
हए?

co m
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comबराबर नह ह — यही पूरा कारण है। g l as
क्य क बा लश्त स्वयं भन्न- भन्न माप के ह। जब पाँच मत्र ने अपने-अपने फैले हाथ एक-दूसरे के साथ रखे तो उन्ह पता चला
क उनके बा.लश्त a
a s em
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मेज की लंबाई = (बािलश्तों की संख्या) × (एक बािलश्त की लंबाई)
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मेज की लंबाई सबके िलए समान है।
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∴ िजसका बािलश्त छोटा, उसकी संख्या बड़ ी।
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अतः ता लका 5.1 को उलटकर पढ़ने से उनके हाथ का क्रम मल जाता है —

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व ाथ बा लश्त क संख्या अतः बा लश्त…

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eतस्नीम a
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13 से थोड़ा कम पाँचों में सबसे बड़ ा
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उससे कु छ छोटा
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प ा 13

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अनीश 13 से थोड़ा अिधक मध्यम
ase
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द पा 13 एवं 14 के बीच में छोटा

पाँचों में सबसे छोटा
com
हरद प 14

.
m a s em और प्रत्येक चरण पर थोड़ा
gl
एक दूसरा, छोटा कारण यह भी है क एक ही व्य क्त हर बार हाथ को ठ क उतना ही नह फैलाता,
अंतc
. o या अ तव्यापन रह जाता है। a
sem
राल

a
agl c
.
सीख: शरीर से लया गया मात्रक — बा लश्त, पैर, हाथ, अँगुल — व्य क्त के अनुसार बदलता है। अतः हम ऐसे
मात्रक क आवश्यकता है जससे अलग-अलग लोग ारा लया गया एक ही लंबाई का माप एक समान हो।
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ऐसे मात्रक को मानक मात्रक कहते ह, और खंड 5.2 इसी क चचा करता है।
e m
g l as
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co m
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a g l Page 4 of 57

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

स्वयं जाँ चए: कक्षा के दरवाज़े क चौड़ाई अपने बा लश्त म मा पए, फर अपने शक्षक से मपवाइए। दोन संख्याएँ
श्यामपट्ट पर ल खए। अब मीटर पैमाने से मा पए — यह संख्या दोन के लए एक ही होगी।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 80 और 81
5.2 मानक मात्रक

प्र.1 क्या बड़ी लंबाइय जैसे क दो शहर के बीच रेल क पट रय क लंबाई अथवा छोट लंबाइय जैसे क कसी
पुस्तक के पृष्ठ क मोटाई मापने के लए मीटर का मात्रक के रूप म उपयोग सु वधाजनक रहेगा?

नह , दोन ही स्थ तय म यह सु वधाजनक नह रहेगा। मीटर कमरे या कपड़े जैसी रोज़मरा क वस्तुओं के लए उपयुक्त है,
परंतु रेल क पट रय के लए बहुत छोटा और पुस्तक के पृष्ठ के लए बहुत बड़ा है।
स्थ त 1 — दो शहर के बीच रेल क पट रयाँ। दल्ली–मुंबई रेल माग लगभग 1384 km लंबा है।

1 km = 1000 m (रूपांत रण गुणक)

1384 km = 1384 × 1000 m = 13,84,000 m

सात अंक क संख्या कहने, लखने एवं तुलना करने म क ठन है। 1384 km लखते ही बात तुरंत समझ आ जाती है — इसी लए
लंबी दू रय के लए कलोमीटर का उपयोग करते ह।
स्थ त 2 — पुस्तक के एक पृष्ठ क मोटाई। एक पृष्ठ लगभग 0.1 mm मोटा होता है।

1 m = 100 cm तथा 1 cm = 10 mm

∴ 1 m = 100 × 10 mm = 1000 mm

अतः 1 mm = 1/1000 m = 0.001 m

पृष्ठ की मोटाई ≈ 0.1 mm = 0.1 × 0.001 m = 0.0001 m

0.0001 m लखा माप न तो कल्पना म आता है और न ही उसम शून्य गनना आसान है। 0.1 mm लखना सरल है — इसी लए
बहुत छोट लंबाइय के लए मलीमीटर का उपयोग करते ह।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

क्या मापना है सु वधाजनक मात्रक सामान्य मान

दो शहर के बीच रेल क पट रयाँ िकलोमीटर (km) ≈ 1384 km (िदल्ली–मुंबई)

कपड़े क लंबाई, कमरे क ऊँचाई मीटर (m) 2 m, 3 m

प सल क लंबाई से ंटीमीटर (cm) ≈ 17 cm

पृष्ठ क मोटाई, सक्के क मोटाई िमलीमीटर (mm) 0.1 mm, 2 mm

ऐसा क्य : अ ा मात्रक वही है जो मापी जाने वाली वस्तु के लए छोट एवं सरल संख्या दे । km, m, cm और
mm — चार के होने का यही एकमात्र कारण है। लंबाई कभी नह बदलती, केवल उसे लखने का ढं ग बदलता है।
दूध को बूँद म या नद को बूँद म कोई नह मापता।

प्र.2 ""मान ली जए क हम सभी फर से मेज क लंबाई मापते ह, कतु इस बार हम मीटर पैमाने का उपयोग करगे।
क्या हमारे प रणाम अब भी भन्न- भन्न ह गे?""

व ाथ का नाम बा लश्त क संख्या

अनीश 13 से थोड़ा अ धक

प ा 13

तस्नीम 13 से थोड़ा कम

द पा 13 एवं 14 के बीच म

हरद प 14

ता लका 5.1, पृष्ठ 79 — उसी मेज क लंबाई, जसे पाँच व ा थय ने अपने-अपने बा लश्त से मापा।

नह — इस बार सबको लगभग एक ही उत्तर मलेगा, क्य क मीटर पैमाने पर मानक मात्रक अं कत है। द पा के पैमाने का एक
सट मीटर हरद प के पैमाने के एक सट मीटर के ठ क बराबर है, जब क बा लश्त सबका अलग-अलग था।
य द मेज क लंबाई मान ली जए 1.24 m है, तो पाँच मत्र को यही मलना चा हए —

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

लंबाई = 1.24 m

= 1.24 × 100 cm = 124 cm (1 m = 100 cm से)

= 124 × 10 mm = 1240 mm (1 cm = 10 mm से)

परंतु — और पुस्तक म द गई उत्तर-पं क्त यही कहती है — एक-दो मलीमीटर का अंतर फर भी आ सकता है, और उसका
मात्रक से कोई संबंध नह । वह पैमाने के असावधान उपयोग से आता है —

पैमाने को मेज से सटाकर न रखना;
पैमाने को मेज क लंबाई के अनु दश न रखना;
अंकन को ठ क ऊपर से न दे खकर तरछे दे खना;
लंबी मेज पर पैमाना बार-बार उठाकर आगे बढ़ाते समय हर बार एक मलीमीटर छू ट जाना या दोहरा जाना।

इसी लए अगली सीख यही है — पैमाने का सही उपयोग।

ऐसा क्य : मानक मात्रक बड़ा अंतर (13 बनाम 14) समाप्त कर दे ता है। सावधानीपूवक व ध छोटा अंतर (124.0
cm बनाम 124.2 cm) घटाती है। वश्वसनीय माप के लए दोन आवश्यक ह।

संकेत: य द मेज पैमाने से लंबी है तो जहाँ पैमाना समाप्त हो वहाँ प सल से नशान लगाइए और अगली माप ठ क
उसी नशान से आरंभ क जए। 100 cm + 24 cm जोड़ने पर 124 cm मलेगा।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 82 और 83
5.3 लंबाई मापने क सही व ध

प्र.1 पैमाने को रखने क सही व ध क्या है?

पैमाने को वस्तु के संपक म, उसक लंबाई के अनु दश (साथ-साथ) र खए — पैमाने का अं कत कनारा वस्तु से सटा हो और
शून्यांक ठ क वस्तु के एक सरे पर हो ( चत्र 5.4क)।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

(क) सही (ख) गलत

0 5 10 15 0 5 10 15

पैमाना वस्तु से सटा है, वस्तु पैमाने से ऊपर एवं ितरछी है —
शून्याक
ं एक िसरे पर है अतः पाठ ाक ं गलत आएगा

पैमाना रखने क व ध ( चत्र 5.4 के अनुसार)। (क) म वस्तु पैमाने पर, उसक लंबाई के अनु दश, 0 से आरंभ होकर रखी है। (ख) म वह
ऊपर एवं तरछ है, अतः पाठ्यांक अ धक आता है।

तीन नयम:

1. संपक — वस्तु पैमाने से वास्तव म सट होनी चा हए। बीच म अंतराल होने पर अंकन तरछा दखाई दे ता है।
2. लंबाई के अनु दश — पैमाना वस्तु क दशा म ही रखा जाए, तरछा नह । तरछा पैमाना सदै व अ धक लंबाई दे ता है।
3. शून्यांक एक सरे पर — 0 का अंकन वस्तु के एक सरे से मलाइए और दूसरे सरे का पाठ्यांक प ढ़ए।

तरछा रखने पर माप अ धक क्य आता है: दो सर को जोड़ने वाली तरछ रेखा सीधी रेखा से लंबी होती है,
ठ क वैसे ही जैसे खेत को तरछे पार करना सीधे पार करने से लंबा पड़ता है। अतः हर डग्री का झुकाव पाठ्यांक म
कुछ न कुछ जोड़ दे ता है।

संकेत: अनेक प्ला स्टक पैमान म 0 अंकन से पहले पतली सफेद पट्ट होती है। सदै व 0 के अंकन से मा पए,
प्ला स्टक के कनारे से नह ।

प्र.2 पैमाने को पढ़ते समय आँख क सही स्थ त क्या है?

आँख को पढ़े जाने वाले अंकन के ठ क ऊपर होना चा हए — चत्र 5.5 म त ‘ख’। तरछ तय ‘क’ एवं ‘ग’ से वही
प सल क न क कसी दूसरे अंकन के सामने दखाई दे ती है और पाठ्यांक गलत आ जाता है।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
a g l AglaSem · NCERT Solutions

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क ख ग e m.
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cm
‘क’ से लगभग 11.7 cm — अिधक
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‘ख’ से 11.0 cm — सही
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‘ग’ से लगभग 10.3 cm — कम

. ag l
em आँख क सही
l as
त ‘ख’ है। ‘क’ से न क सही अंकन के दाईं ओर तथा ‘ग’ से बाईं ओर दखाई दे ती है।

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‘क’ एवं ‘ग’ म गड़बड़ी क्य : प सल अंकन के तल से थोड़ा ऊपर होती है। तरछे दे खने पर दृ ष्ट-रेखा न क से आगे बढ़कर पैमाने
m a
.co agl
के कसी दूसरे अंकन पर पहुँचती है। इस त्रु ट को लंबन (पैरेलैक्स) त्रु ट कहते ह।

se m
g l a
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आँख ‘क ’ पर (बाईं ओर) → दृ िष्ट-रेखा दाईं ओर बढ़ ती है → पाठ ांक अिधक

आँख ‘ख’ पर (ठीक ऊपर) → दृ िष्ट-रेखा ऊध्व धर → पाठ ांक सही
co m
m .
आँख ‘ग’ पर (दाईं ओर) → दृ िष्ट-रेखा बाईं ओर बढ़ ती है → पाठ ांक कम
m as e
.co a g l
a s em
agl केवल ‘ख’ ही सही क्य : केवल ऊध्वाधर दृ ष्ट-रेखा ही न क को उसके ठ क नीचे वाले अंकन से जोड़ती है। अन्य
m
कोई रेखा न क से होकर कह और पहुँच जाती है, और जतना अ धक झुकगे त्रु ट उतनी बढ़े गी।

a se
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स्वयं जाँ चए: प सल को पैमाने पर रखकर सर ठ क ऊपर रखकर पाठ्यांक प ढ़ए। अब प सल हलाए बना सर
को 20 cm बाईं ओर ले जाकर फर प ढ़ए। कुछ छु आ नह , फर भी पाठ्यांक बदल गया — यही लंबन त्रु ट है।

co m
m .
m as e
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प्र.3 य द पैमाने के सरे टू टे ह तो लंबाई का मापन कैसे कर?
a g l
a s em
agl उत्तर
.c
टू टे पैमाने का उपयोग भी कया जा सकता है। शून्य कहाँ था, इसका अनुमान मत लगाइए। इसके ान पर वस्तु का एक सरा
s e m
m a
. co agl
कसी स्पष्ट पूणाक — जैसे 1.0 cm — पर र खए, दूसरे सरे का पाठ्यांक प ढ़ए और घटा द जए।

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m .
m as e
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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

लंबाई = 9.4 cm

1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15
cm
शून्याक
ं टू टा हुआ
ं 1.0 cm
पाठ ाक ं 10.4 cm
पाठ ाक

टू टे कनारे वाले पैमाने को रखने क सही व ध ( चत्र 5.6 के अनुसार)। वस्तु का एक सरा 1.0 cm पर तथा दूसरा 10.4 cm पर है।

दू सरे िसरे का पाठ ाक
ं = 10.4 cm
पहले िसरे का पाठ ांक = 1.0 cm

वस्त ु की लंबाई = 10.4 cm − 1.0 cm = 9.4 cm

िमलीमीटर में: 9.4 cm × 10 mm/cm = 94 mm

घटाने से उत्तर क्य मलता है: पैमाने पर लखी संख्याएँ शून्यांक से नापी गई दू रयाँ ह। अतः 10.4 cm और 1.0
cm दोन एक ही आरंभ- बदु से दू रयाँ ह, और उनके बीच का अंतराल केवल उनका अंतर है। टू टा हुआ भाग गणना
म आता ही नह ।

संकेत: सदै व कसी पूण सट मीटर अंकन जैसे 1.0 cm या 2.0 cm से आरंभ क जए, 1.3 cm से नह । पूण
संख्या घटाना तेज़ होता है और उसम भूल क संभावना बहुत कम रहती है।

प्र.4 दृ बा धत व ाथ लंबाई का मापन कैसे करते ह?

वे उभरे अंकन बदु वाले पैमाने का उपयोग करते ह, जन्ह स्पश से महसूस कया जा सकता है — अथात् अंकन दे खने के
बजाय अँगु लय से पहचाने जाते ह।

स्पश य (उभरे) पैमाने — सट मीटर एवं मलीमीटर क रेखाएँ सतह से ऊपर उठ होती ह, और उनके पास संख्याएँ ेल म
अं कत होती ह।
खाँचेदार धातु पैमाने — प्रत्येक सट मीटर पर छोटा खाँचा या उभार होता है, और हर पाँचव या दसव अंकन पर गहरा खाँचा,
जससे अँगु लयाँ शीघ्र गनती कर सक।
क्लक करने वाले मापन-फ ते — फ ता ख चते समय प्रत्येक सट मीटर पर हल्क -सी ‘ क्लक’ सुनाई दे ती है।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

बोलने वाले उपकरण — आधु नक ड जटल फ ते एवं लेज़र दूरी-मापी पाठ्यांक बोलकर बताते ह।

मात्रक नह बदलता। स्पश य पैमाना भी उन्ह सट मीटर एवं मलीमीटर म मापता है; केवल पाठ्यांक व्य क्त तक पहुँचने का ढं ग
बदलता है — दृ ष्ट के ान पर स्पश या ध्व न।

मूल वचार: कसी भी मापक यंत्र के दो काय ह — नयत अंकन रखना, और वे अंकन उपयोगकता तक पहुँचाना।
ेल तथा उभरे अंकन केवल दूसरे काय को बदलते ह, अतः माप क प रशुद्धता ज्य क त्य बनी रहती है।

क्या आप जानते ह? ेल स्वयं उभरे बदुओं क प्रणाली है, जसे लुई ेल ने केवल पंद्रह वष क आयु म वक सत
कया था। भारत म व ालय के लए ेल पैमाने, चाँदा (प्रो ै क्टर) एवं ज्या म त बॉक्स बनाए जाते ह।

क्रयाकलाप 5.1— आइए, मापन कर — पृष्ठ 83 और 84
5.3 लंबाई मापने क सही व ध

क्रयाकलाप

प्र.1 लंबाई मापने के लए अपने आस-पास क कुछ वस्तुए ँ ली जए। जैसे— कंघा, पेन, प सल और एक रबड़
(इरेजर)। मीटर पैमाने से उनक लंबाई का एक-एक करके मापन क जए और उसे ता लका 5.2 म ल खए।

वस्तु वस्तु क लंबाई

ता लका 5.2, पृष्ठ 83 — भरने के लए ता लका।

व ध। प्रत्येक वस्तु को मेज पर सीधा र खए। मीटर पैमाने को उससे सटाकर, उसक लंबाई के अनु दश र खए और 0 का अंकन
ठ क एक सरे पर मलाइए। अब आँख को दूसरे सरे के ठ क ऊपर लाकर वहाँ का अंकन प ढ़ए।
नीचे भरी हुई ता लका 5.2 द गई है जसम प्रायः मलने वाले मान ह। अपनी वस्तुए ँ स्वयं मा पए — आपके मान कुछ भन्न
ह गे।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

वस्तु वस्तु क लंबाई वही लंबाई MM म

कंघा 15.5 cm 155 mm

पेन 13.8 cm 138 mm

प सल 17.2 cm 172 mm

रबड़ (इरेजर) 4.3 cm 43 mm

उपयोग िकया गया रूपांत रण: 1 cm = 10 mm

15.5 cm × 10 mm/cm = 155 mm
4.3 cm × 10 mm/cm = 43 mm

मात्रक लखना कभी न भू लए। केवल “15.5” लखने से कसी को पता नह चलेगा क सट मीटर है, इंच है या मीटर। प रणाम
के सदै व दो भाग होने चा हए — एक अंक और एक मात्रक।

संकेत: संख्या और मात्रक के बीच स्थान छो ड़ए — 15.5 cm ल खए, 15.5cm नह । मात्रक के संकेत छोटे
अक्षर म (cm, mm, m, km) ल खए, बहुवचन के लए ‘s’ कभी न लगाइए, और संकेत के अंत म बदु न
लगाइए।

अं तम अंक कैसे पढ़: 15 cm पैमाने पर प्रत्येक सट मीटर म 10 छोटे भाग होते ह, अतः उससे मापा जा सकने
वाला लघुतम मान 1 mm = 0.1 cm है। इसी लए प्रत्येक पाठ्यांक cm म एक दशमलव ान तक लखा जाता है
— 15.5 cm, न क केवल 15 cm और न ही 15.53 cm।

प्र.2 आपक कक्षा म आपके कुछ मत्र ने भी उन्ह वस्तुओं क लंबाई मापी होगी जनका मापन आपने कया है।
आपके ारा मापी गई कसी वस्तु क लंबाई क तुलना अपने मत्र ारा मापी गई उसी वस्तु क लंबाई से कर।
क्या मापी गई लंबाई समान है या थोड़ी भन्न है? य द समान नह है तो भन्न होने के संभा वत कारण पर चचा
कर।

लंबाइयाँ लगभग समान ह गी — प्रायः 1 mm या 2 mm के भीतर। खंड 5.1 के बा लश्त वाले माप क तुलना म यह बहुत
बड़ा सुधार है, जहाँ उत्तर पूरे एक मात्रक तक भन्न थे।

वस्तु आप मत्र 1 मत्र 2 अंतर

प सल 17.2 cm 17.1 cm 17.3 cm 0.2 cm = 2 mm

रबड़ 4.3 cm 4.3 cm 4.4 cm 0.1 cm = 1 mm

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

थोड़े अंतर के संभा वत कारण:

1. आँख अंकन के ठ क ऊपर न होना — चत्र 5.5 वाली लंबन त्रु ट। यही सबसे सामान्य कारण है।
2. पैमाना वस्तु से न सटा होना, अथवा उसक लंबाई के अनु दश न होना; तरछा रखने पर पाठ्यांक सदै व अ धक आता है।
3. शून्यांक न मलाना — 0 के अंकन के बजाय पैमाने के प्ला स्टक कनारे से आरंभ कर दे ना।
4. पुराने पैमाने का घसा या टू टा सरा, जसम पहला मलीमीटर मट चुका हो।
5. सरा दो अंकन के बीच पड़ना — कोई ऊपर वाला अंकन ले लेता है, कोई नीचे वाला। पैमाना 1 mm से छोटा माप नह
सकता, अतः यह उसक वास्त वक सीमा है।
6. वस्तु स्वयं — कंघे का कोई दाँत मुड़ा हो, या दो माप के बीच प सल छ ल द गई हो, तो उसक लंबाई सचमुच बदल गई है।

महत्वपूण नष्कष: अब अंतर छोटे एवं यादृ क ह, बड़े और व्यव त नह । मानक मात्रक ने बड़ी समस्या हल
कर द ; सावधान व ध शेष छोट समस्या घटाती है। कोई भी माप पूणतः यथाथ नह होता — हर उपकरण का एक
लघुतम वभाजन होता है जससे नीचे वह नह जा सकता।

यह करके दे खए: एक ही प सल को पाँच बार मा पए, हर बार पैमाना उठाकर, और पाँच पाठ्यांक ल खए। बीच
वाला मान ली जए। माप को दोहराकर औसत लेना ठ क वही है जो वै ा नक ऐसी त्रु टयाँ घटाने के लए करते ह।

प्र.3 लंबाई मापने वाले कुछ उपकरण लचीले पदाथ से क्य बने होते ह?

क्य क जन वस्तुओं को हम मापना होता है उनम से अनेक सीधी नह होत । कठोर पैमाना केवल सरल रेखा के अनु दश ही
रखा जा सकता है, अतः वह कसी वक्र सतह का अनुसरण नह कर सकता। लचीला फ ता मुड़कर वक्र से चपक जाता है, और
मुड़ते समय भी उसके अंकन क दूरी वही बनी रहती है।

क्या मापना है आकार उपयुक्त उपकरण

प सल क लंबाई सीधी 15 cm पैम ाना

कमरे क ऊँचाई सीधी पर लंबी मीटर पैमाना या मापन-फीता
कमीज़ क छाती, कमर, आस्तीन वक्र (शरीर के चारों ओर) दज का लचीला फीता

वृक्ष के तने क मोटाई वक्र लचीला फीता या धागा

हेलमेट के लए सर का माप वक्र लचीला फीता

लचीला फ ता लपेटा भी जा सकता है, अतः 3 m या 30 m का फ ता जेब म आ जाता है, जब क 3 m क कठोर छड़ कब ी के
मैदान तक ले जाना असंभव होता।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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एक शत: पदाथ मुड़ना तो चा हए, परंतु खचना नह चा हए। दज का फ ता ले पत कपड़े या फाइबरग्लास का,
m भी मुड़ेगा, पर
ग-स्ट ल का बनता है — दोन मुड़ते ह पर लंबाई नह बदलते। रबड़eबड
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o हर पाठ्यांक कम आएगा। यही कारण है क तस्नीम को अपने मीटरaपैgमlाने के लए लचीली रबड़
और बढ़ई का फ ता पतली
वह खचता है.c
emनह करना चा हए (प्रश्न 12)।
, अतः

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का उपयोग

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स्वयं जाँ चए: एक धागा अपनी कलाई पर एक बार लपे टए, जहाँ वह मले वहाँ नशान लगाइए, फर धागा सीधा

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कर 15 cm पैमाने पर मा पए। आपने सीधे पैमाने से एक वक्र माप लया।

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पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 84

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5.4 कसी वक्र रेखा क लंबाई मापना

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a s emअनीश और उसके माता- पता ने घर म उत्सव के अवसर पर सजावट के लए व ुत बल्ब क लड़ी लगाई जैसा
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क चत्र 5.7 म दखाया गया है। उन्ह ने लड़ी क आवश्यक लंबाई का मापन कैसे कया होगा?

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िव त ब बो ं की लड़ी

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बरामदे की तीन मेह राबे ं

चत्र 5.7, पृष्ठ 84 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: अनीश के घर का बरामदा, a
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se m जसक प्रत्येक मेहराब के वक्र पर और ऊपरी

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कनारे पर बल्ब क लड़ी लगी है।

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मेहराब वक्र ह, अतः कठोर मीटर पैमाना काम नह आएगा। उन्ह ने वक्र को धागे से (या लचीले मापन-फ ते से) मापा होगा और फर
धागे को सीधा करके मीटर पैमाने पर मापा होगा।

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धागे क व ध, चरण-दर-चरण:

1. धागे के एक सरे पर गाँठ लगाइए और उसे पहली मेहराब के आरंभ- बदु पर पक ड़ए।
2. धागे को अँगु लय से मेहराब के अनु दश दबाइए ता क वह वक्र का ठ क-ठ क अनुसरण करे — न खचे और न ढ ला रहे ( चत्र
5.8)।
3. जहाँ मेहराब समाप्त हो, वहाँ धागे पर पेन से नशान लगाइए।
4. धागे को मेज पर सीधा करके नशान तक क लंबाई मीटर पैमाने से मा पए।
5. प्रत्येक मेहराब के लए दोहराइए और लंबाइयाँ जोड़ द जए।

एक हल कया हुआ उदाहरण। मान ली जए बरामदे म 3 मेहराब ह और एक मेहराब का धागा 2 m 40 cm नकलता है —

एक मेहराब की लंबाई = 2 m 40 cm = 2.40 m
मेहराबों की संख्या = 3

कु ल = 3 × 2.40 m = 7.20 m

सेट
ं ीमीटर में: 7.20 m × 100 cm/m = 720 cm

झूलने एवं जोड़ ने के िलए लगभग 10% अिधक = 7.20 m + 0.72 m ≈ 8 m लड़ ी

धागा क्य काम करता है: धागा वक्र का आकार ले लेता है, अतः जतना धागा लगा वही वक्र क लंबाई है। उसे
सीधा करने से धागे क मात्रा नह बदलती — केवल वक्र लंबाई सीधी लंबाई म बदल जाती है, जसे पैमाना पढ़
सकता है।

संकेत: ऐसा धागा ली जए जो खचे नह — सूती या जूट का, इला स्टक या नायलॉन का नह । मेहराब पर दबाते
समय धागा खच गया तो उत्तर अ धक आएगा और आवश्यकता से अ धक लड़ी खरीदनी पड़ेगी।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 85
5.5 स्थ त का नधारण

प्र.1 तस्नीम और प ा कहती ह क उ ान पास म होगा, द पा और अनीश को लगता है क व ालय पास म होगा,
हरद प सोचता है क दोन लगभग बराबर दूरी पर ह। आप क्या सोचते ह क कौन सही है?

सभी सही ह। कसी ने भूल नह क — प्रत्येक ब ा दूरी का अनुमान अपने-अपने घर से लगा रहा है, और घर सड़क पर अलग-
अलग ान पर ह।

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बस स्टैड
ं दीपा हरदीप प ा
िव ालय अनीश तस्नीम उ ान

दीपा एवं अनीश िव ालय के पास रहते है ं · तस्नीम एवं प ा उ ान के पास
हरदीप लगभग बीच मे ं रहता है — अतः सभी सही है ं

द पा एवं उसके मत्र के घर , बस स्टड, व ालय और उ ान क त ( चत्र 5.9 के अनुसार)।

ब ा घर कहाँ है क्या कहता है सही?

द पा, अनीश सड़क के िव ालय वाले िसरे के पास िव ालय पास है हाँ

हरद प दोनों के लगभग बीच में दोनों लगभग बराबर दू र ी पर है ं हाँ

तस्नीम, प ा सड़क के उ ान वाले िसरे के पास उ ान पास है हाँ

ऐसा क्य : दूरी कभी केवल “दूरी” नह होती। वह सदै व कसी वस्तु से दूरी होती है। पाँच अलग-अलग आरंभ-
बदुओं से पाँच अलग-अलग — और समान रूप से सही — उत्तर मलगे।

प्र.2 तब, उनका प्रेक्षण भन्न- भन्न क्य है?

क्य क प्रत्येक भन्न संदभ बदु का उपयोग कर रहा है — अपना-अपना घर। व ालय और उ ान अपनी जगह से हले ही नह ;
केवल वह बदु बदला जससे दू रय का अनुमान लगाया गया।
जैसे ही वे सब एक ही सामान्य बदु, जैसे बस स्टड, से मापने पर सहमत हो जाते ह, उनके प्रेक्षण एक समान हो जाते ह —

कससे मापा व ालय क दूरी उ ान क दूरी कौन पास?

प ा का घर अिधक कम उ ान
द पा का घर कम अिधक िव ालय

बस स्टड (सामान्य) कम अिधक िव ालय — सबके िलए

इसी से अध्याय क वह प रभाषा नकलती है जसक ओर बात बढ़ रही थी —

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िकसी वस्त ु की दू री का िनध रण जब िकसी िनयत वस्त ु या िबंद ु के सापेक्ष िकया जाता है,

तब उस िबंद ु को संद भ िबंद ु कहते है।
ं

संदभ बदु क्य अ नवाय है: उसके बना “उ ान दूर है” जैसे कथन क जाँच कोई दूसरा नह कर सकता। उसके
साथ — “उ ान बस स्टड से 2 km दूर है” — कक्षा के प्रत्येक व ाथ को एक ही उत्तर मलेगा। यह वही वचार है
जो मानक मात्रक का है, बस लंबाई के ान पर त पर लागू।

यह करके दे खए: तीन सहपा ठय से पू छए क व ालय का गेट “यहाँ” से कतनी दूर है। फर पू छए क वह
व ालय के ध्वज-स्तंभ से कतनी दूर है। पहली बार उत्तर भन्न ह गे; दूसरी बार एक समान।

पाठ्य प्रश्न — पृष्ठ 86 और 87
5.5 स्थ त का नधारण

प्र.1 ये कलोमीटर सूचक पत्थर क्या दशाते ह? प ा यह नष्कष कैसे नकाल पाती है क वह अपने गंतव्य स्थान के
नकट पहुँच रही है?

कलोमीटर सूचक पत्थर उस ान क कसी ना मत स्थान से दूरी दशाता है — यहाँ दल्ली से। दल्ली संदभ बदु है, और पत्थर
पर लखी संख्या उसके सापेक्ष प ा क स्थ त है।

70 km → 60 km : संख्या घट रही है, अतः बस िनकट पहुँच रही है
प ा यहाँ से चली

0 10 20 30 40 50 60 70

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िद ली

संद भ िबंद ु
सभी दूिरयाँ िदल्ली से km में है ं

दल्ली को संदभ बदु मानकर व भन्न कलोमीटर सूचक पत्थर क तयाँ ( चत्र 5.13 के अनुसार)।

प ा को कैसे पता चला क वह नकट पहुँच रही है: उसने दो भन्न समय पर लए गए दो पाठ्यांक क तुलना क ।

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पहला पत्थर: िस्थित = िदल्ली से 70 km

अगला पत्थर: िस्थित = िदल्ली से 60 km

दोनों पत्थरों के बीच तय की गई दू री = 70 km − 60 km = 10 km
संख्या घट रही है ⇒ बस िदल्ली की ओर जा रही है।

य द संख्याएँ बढ़ रही होत — 60 km, 70 km, 80 km — तो वह जान जाती क बस दल्ली से दूर जा रही है।

ऐसा क्य : कलोमीटर सूचक पत्थर यह नह बताता क बस घर से कतनी दूर आ चुक है। वह बस और संदभ बदु
के बीच का अंतराल बताता है। जब यह अंतराल समय के साथ घटता है तो बस पास आ रही है; बढ़ता है तो दूर जा
रही है।

क्या आप जानते ह? भारत म सूचक पत्थर के ऊपरी भाग का रंग सड़क का प्रकार बताता है — रा ीय राजमाग के
लए पीला, राज्य राजमाग के लए हरा, ज़ला या नगर क सड़क के लए काला या नीला, तथा प्रधानमंत्री ग्राम
सड़क योजना क ग्रामीण सड़क के लए नारंगी।

प्र.2 क्या इसका तात्पय है क संदभ बदु के सापेक्ष प ा क स्थ त समय के साथ प रव तत हो रही है? कसी वस्तु क
स्थ त एक संदभ बदु के सापेक्ष कब प रव तत होती है? क्या यह तब प रव तत होती है जब वस्तु ग तशील होती
है?

तीन का उत्तर हाँ है। एक-एक करके दे खए।
(i) क्या प ा क स्थ त समय के साथ बदल रही है? हाँ। एक क्षण वह दल्ली से 70 km दूर थी; कुछ दे र बाद 60 km दूर।
संदभ बदु ( दल्ली) हला नह , सड़क हली नह — केवल प ा चली। अतः दल्ली के सापेक्ष उसक त समय बीतने के साथ
बदल रही है।
(ii) कसी वस्तु क स्थ त संदभ बदु के सापेक्ष कब बदलती है? तभी, जब वस्तु और उस बदु के बीच का अंतराल बदले।
ऐसा तब होता है जब वस्तु पास आती है या दूर जाती है, और इसे दो भन्न समय के पाठ्यांक क तुलना से मापा जाता है।

समय 1 पर िस्थित = िदल्ली से 70 km

समय 2 पर िस्थित = िदल्ली से 60 km

िस्थित में पिरवतन = 10 km, िद ल्ली की ओर

(iii) क्या यह तब बदलती है जब वस्तु ग तशील होती है? हाँ — और अगले ही खंड म ग त क प रभाषा ठ क यही है —

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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कोई वस्त ु गित में तब कही जाती है जब िकसी संद भ िबंद ु के सापेक्ष उसकी िस्थित समय के साथ पिरवितत होती
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है।
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यिद िस्थित समय के साथ नही ं बदलती, तो वस्त ु िस्थर है।
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एक सावधानी: वस्तु को चुने हुए संदभ बदु के सापेक्ष चलना चा हए। य द प ा का थैला उसक बगल क सीट पर
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रखा है तो वह प ा के सापेक्ष
a s em पर तेज़ी से जा रहे ह — क्य क प ा और थैले के बीच
र है, चाहे दोन राजमाग
का अंतराल कभी नह बदलता। ग त और g l सदै व इस पर नभर करते ह क आपने कौन-सा संदभ बदु चुना।
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संकेत: ग त तय करने के लए सदै व दो पाठ्यांक चा हए — एक त कभी पयाप्त नह । केवल “ दल्ली से 70

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km” बताता है क वह कहाँ है, यह नह क वह चल रही है या नह ।

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क्रयाकलाप 5.2— आइए, खोज कर — पृष्ठ 87 और 88
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5.6 ग तशील वस्तुए ँ

क्रयाकलाप

प्र.1 अपने आस-पास क वस्तुए ँ दे खए और पाँच ग तशील वस्तुओं तथा पाँच ऐसी वस्तुओं क सूची बनाइए जो स्थर
( वराम अवस्था म) ह। अपने प्रेक्षण को ता लका 5.3 म ल खए। वचार क जए क आपने यह कैसे सु न त
कया क कोई वस्तु ग तशील है अथवा स्थर है? ता लका 5.3 म अपने नणय का औ चत्य ल खए।

ग तशील वस्तुए ँ औ चत्य स्थर वस्तुए ँ औ चत्य

गाय खेत म चर रही है पेड़

ता लका 5.3, पृष्ठ 88 — भरने के लए ता लका; पहली पं क्त उदाहरण के रूप म भरी हुई है।

सबसे पहले कोई संदभ बदु चु नए — कक्षा के क्रयाकलाप के लए व ालय भवन या मैदान सु वधाजनक रहेगा — और फर
प्रत्येक वस्तु को एक मनट के अंतराल पर दो बार दे खए।

ग तशील वस्तुए ँ औ चत्य स्थर वस्तुए ँ औ चत्य

गाय खेत म चर रही एक िमनट बाद वह खेत में िकसी दू स रे स्थान पेड़ िव ालय की दीवार से उसकी दू र ी कभी नही ं
है पर है बदलती

सड़क पर चलती दोबारा दे खने पर वह बस स्टॉप से आगे िनकल श्यामपट्ट वह उसी दीवार पर उसी ऊँचाई पर रहता है
बस चुक ी है

चलते पंखे के ब्लेड एक ब्ले ड पर लगा िनशान हर क्षण नई िस्थित कक्षा क बच एक िमनट बाद भी कमरे में उसी स्थान पर है
में आता है

मैदान म दौड़ता गोल-पोस्ट से उसकी दू र ी घट रही है बजली का खंभा गेट से उसकी दू र ी सदै व वही रहती है
बालक

नाली म बहता पानी उस पर तैर ता पत्ता आगे बह जाता है बाल्ट म रखा उसकी सतह जहाँ है वही ं रहती है
पानी

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नणय कैसे लया, शब्द म: संदभ बदु के सापेक्ष वस्तु क त दे खए, कुछ समय प्रतीक्षा क जए, फर दोबारा दे खए। य द
अब वह भन्न दूरी या दशा म है तो ग त म है; य द ठ क वह है जहाँ थी तो र है।

संदभ बदु बताना क्य आवश्यक है: एक ही वस्तु दोन सू चय म आ सकती है। चलती बस म बैठा यात्री बस के
सापेक्ष स्थर है, परंतु सड़क कनारे के भवन के सापेक्ष ग त म है। संदभ बदु बताए बना न कोई उत्तर सही है, न
गलत।

यह करके दे खए: अपनी पाँच ग तशील वस्तुएँ फर से ल खए, पर इस बार संदभ बदु सूय ली जए। अब पेड़ और
बजली का खंभा भी ग त म ह, क्य क पूरी पृथ्वी उन्ह लेकर सूय के चार ओर चल रही है।

प्र.2 अपने औ चत्य क तुलना एवं व ेषण क जए। कोई कैसे नणय ले सकता है क कोई वस्तु ग तशील है या
स्थर है?

सबके औ चत्य प ढ़ए और एक बात हर एक म मलेगी — प्रत्येक म एक नयत बदु और एक समय-अंतराल का उल्लेख है।

चरण 1 — कोई संद भ िबंद ु चुिनए (दीवार, खंभ ा, भवन)।

चरण 2 — उसके सापेक्ष वस्त ु की िस्थित एक समय पर नोट कीिजए।

चरण 3 — कु छ समय बाद िस्थित िफर नोट कीिजए।

चरण 4 — िस्थित बदल गई ⇒ वस्त ु गित में है।

िस्थित नही ं बदली ⇒ वस्त ु िस्थर है।

पुस्तक के अपने शब्द म —

कोई वस्तु ग त म तब कही जा सकती है जब कसी संदभ बदु के सापेक्ष उसक स्थ त समय के साथ प रव तत होती
है।
य द कसी संदभ बदु के सापेक्ष कसी वस्तु क स्थ त म समय के साथ प रवतन नह होता है, तो वह वस्तु स्थर है।

द पा क बस इसका सव त्तम उदाहरण है। सभी यात्री बैठे ह। एक मनट बाद भी वे अपनी सीट पर ह, अतः बस को संदभ बदु
मान तो वे र ह। परंतु खड़क से बाहर दे खने पर पेड़ और खंभे पीछे छू टते दखते ह — अतः बाहर के कसी भवन को संदभ
बदु मान तो वही यात्री ग त म ह।

दोन उत्तर सही क्य ह: ग त कोई ऐसा गुण नह जो वस्तु म स्वयं हो। वह वस्तु और संदभ बदु के बीच का
संबंध है। संदभ बदु बद लए और उत्तर उ चत रूप से बदल जाएगा। इसी लए वै ा नक सदै व कहते ह — “…के
सापेक्ष ग त म”।

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वचार कर! — पृष्ठ 88
5.6 ग तशील वस्तुए ँ

वचार कर!

प्र.1 मान ली जए क आप ऐसे पानी के जहाज म यात्रा कर रहे ह जो शांत समुद्र पर नयत चाल से सरल रेखा म चल
रहा है। यह भी मान ली जए क जहाज म कोई खड़क नह है। क्या कोई ऐसी व ध है जससे आप यह सु न त
कर सक क जहाज ग त म है या वराम अवस्था म है?

नह । बंद कक्ष के भीतर ऐसा कोई प्रयोग नह है जो बता सके क जहाज चल रहा है या खड़ा है — बशत चाल सचमुच नयत
हो, पथ सचमुच सरल रेखा हो और समुद्र सचमुच शांत हो।
क्य नह ? कक्ष के भीतर क हर वस्तु — आप, फ़श, हवा, पानी का गलास — जहाज के साथ ठ क उसी चाल से चल रही है।
अतः इनम से कसी क भी त जहाज के सापेक्ष कभी नह बदलती, और जहाज ही आपके पास बचा एकमात्र संदभ बदु है।

आप जो प्रयोग करगे जहाज खड़ा हो जहाज नयत चाल से चल रहा हो

हाथ से एक सक्का गराइए सीधे आपके पैर ों के पास िगरता है सीधे आपके पैरों के पास िगरता है — वही पिरणाम
गलास म पानी डा लए सीधा िगलास में िगरता है सीधा िगलास में िगरता है — वही पिरणाम

गद ऊपर उछालकर पक ड़ए हाथ में ही वापस आती है हाथ में ही वापस आती है — वही पिरणाम

कटोरे म पानी क सतह दे खए समतल रहती है समतल रहती है — वही पिरणाम

कब आप बता सकते ह। जैसे ही ग त नयत एवं सरल रेखीय नह रहती, शरीर तुरंत उसे अनुभव कर लेता है —

जहाज क चाल बढ़े या घटे — आप पीछे या आगे क ओर झटका अनुभव करते ह;
जहाज मुड़े — आप एक ओर झुक जाते ह और लटक हुई वस्तुएँ हलने लगती ह;
समुद्र अशांत हो — कक्ष डोलने लगता है;
आप खड़क खोल द — अब समुद्र और तट बाहरी संदभ बदु के रूप म उपलब्ध ह और उत्तर स्पष्ट हो जाता है।

बड़ा वचार: सरल रेखा म नयत चाल क ग त को भीतर से पहचाना नह जा सकता। यही कारण है क 100
km/h से समान रूप से दौड़ती रेलगाड़ी म आप आराम से पुस्तक पढ़ लेते ह, परंतु ेक लगते ही वही पुस्तक गोद से
फसल जाती है। गैली लयो ने लगभग चार सौ वष पहले ठ क यही पहेली — जहाज का ही उदाहरण लेकर —
प्रस्तुत क थी।

क्या आप जानते ह? इसी लए हम पृथ्वी क ग त का अनुभव नह होता। पृथ्वी हम लगभग 30 km प्र त सेकंड क
चाल से सूय के चार ओर ले जाती है, पर इतनी समान रूप से क हवा, भवन, बादल — सब हमारे साथ ही चलते ह।

क्रयाकलाप 5.3— आइए, खोज कर — पृष्ठ 89

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5.7 ग त के प्रकार

क्रयाकलाप

प्र.1 एक रबड़ ली जए और न त ऊँचाई से उसे छो ड़ए। उसक ग त का अवलोकन क जए। क्या रबड़ एक सरल
रेखा के अनु दश ग त करती है?

हाँ। छोड़ते ही रबड़ फ़श तक सीधे नीचे एक ऊध्वाधर रेखा के अनु दश गरती है। उसका पथ सरल रेखा है, अतः यह सरल रेखीय
ग त है।

जब कोई वस्त ु सरल रेखा के अनुिदश गित करती है,

तो उसकी गित को सरल रेखीय गित कहते है।
ं

ध्यान से क्या दे ख: रबड़ को र पक ड़ए, फर केवल अँगु लयाँ खोल द जए — उसे बगल म फ कए नह । पथ को बगल से
दे खए। वह सीधे नीचे जाती है और छोड़े गए बदु के ठ क नीचे गरती है।

वह सीधी क्य गरती है: पृथ्वी प्रत्येक वस्तु को सीधे अपने कद्र क ओर ख चती है। य द रबड़ को बगल से कोई
धक्का नह मला तो उसके दाएँ-बाएँ हटने का कोई कारण नह , अतः पथ ऊध्वाधर सरल रेखा ही रहता है। (ध्यान
द जए क गरते समय चाल बढ़ती है — परंतु ग त का प्रकार पथ के आकार से तय होता है, चाल से नह ।)

यह करके दे खए: एक रबड़ छो ड़ए और ठ क उसी क्षण उसी ऊँचाई से दूसरी रबड़ बगल क ओर फ कए। छोड़ी
गई रबड़ सरल रेखा म चलती है; फक गई रबड़ वक्र पथ पर। केवल पहली ही सरल रेखीय ग त है।

प्र.2 जब एक संतरा पेड़ से गरता है तो क्या वह सरल रेखा म ग त करता है?

हाँ। पका हुआ संतरा जब डंठल से अलग होता है तो वह ऊध्वाधर दशा म सरल रेखा के अनु दश नीचे गरता है, ठ क रबड़ क
तरह। यह भी सरल रेखीय ग त का उदाहरण है।
दो बात ध्यान दे ने योग्य:

संतरा प्रायः उसी डाल के ठ क नीचे गरता है जससे वह लटका था — यही प्रमाण है क पथ ऊध्वाधर था।
नीचे आते समय वह तेज़ और तेज़ होता जाता है, परंतु इससे ग त का प्रकार नह बदलता। सरल रेखीय ग त का अथ केवल
इतना है क पथ सरल रेखा है।

कब पथ सरल रेखा नह होगा: य द तेज़ हवा चले, या कोई पक्षी अथवा पत्थर संतरे को बगल से टकरा दे , तो नीचे
के खचाव के साथ बगल का धक्का भी लगेगा और पथ वक्र हो जाएगा। शांत हवा म गरना सीधा ही होता है।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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क्या आप जानते ह? कहा जाता है क पेड़ से गरते सेब को दे खकर ही आइज़क न्यूटन ने यह सोचना आरंभ कया

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था क वस्तुएँ सदै व पृथ्वी क ओर ही क्य गरती ह।

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प्र.3 क्या आपने गणतंत्र दवस परेड दे खी है? परेड के समय व ा थय ारा प्रस्तुत माच-पास्ट का स्मरण क जए।

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क्या वे एक सरल रेखा म चलते ह?

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हाँ। कतव्य पथ पर माच-पास्ट के दौरान टु क ड़याँ सरल रेखाओं म चलती ह — पूरे अभ्यास का यही उ े श्य है। प्रत्येक पं क्त अपनी
सीध बनाए रखती है, प्रत्येक व ाथ आगे वाले से नयत दूरी रखता है, और पूरा दल सरल रेखा के अनु दश आगे बढ़ता है। यह
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सरल रेखीय ग त है।
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com l a
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. ag ग त का प्रकार
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परेड का भाग पथ
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aglसड़क पर माच करते व ाथ सरल रे खा सरल रे खीय गित

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पूरी टु कड़ी का मोड़ लेना वक्र (चाप) सरल रे खीय नही ं

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माच करते समय भुजाओं का आगे-पीछे झूलना
g l a कं धे के इधर-उधर दोलन-गित

झाँ कय के प हए
a गोल-गोल वृत्तीय गित

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अभ्यास म इसका आग्रह क्य : सरल रेखीय पथ ही एकमात्र ऐसा पथ है जस पर एक eपंm
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glपड़ता और पं क्त टूट जाती।
क्त के सभी व ाथ
. coसमय म समान दूरी तय करते ह। वक्र पर बाहरी ओर वाले को अ धक चलना
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समान

aseइसी लए मोड़ लेते समय टुक ड़याँ धीमी होकर कदम बदलती ह।
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यह भी दे खए: पुस्तक के इसी चत्र ( चत्र 5.14) म एक भारी बॉक्स को फ़श पर धकेलते दखाया गया है — सरल
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रेखीय ग त का एक और रोज़मरा का उदाहरण।

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जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनु दश ग त करती है तो उसक ग त को सरल रेखीय ग त कहते ह। अपने चार
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प्र.4

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ओर के प रवेश से इसी प्रकार क ग त क पहचान क जए।
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सरल रेखीय पथ ढूँ ढ़ना आरंभ क जए तो ऐसी ग त चार ओर दखाई दे गी।

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आस-पास का उदाहरण यह सरल रेखीय ग त क्य है

सीधी सड़क पर चलती कार या बस पूर ा वाहन सरल रे खा के अनुिदश चलता है

ऊपर-नीचे जाती लफ़्ट मंिज़लों के बीच ऊध्व धर सरल रे खीय पथ

फ़श पर धकेला जाता भारी बॉक्स धक्के की िदशा में सीधा िखसकता है

100 m दौड़ का धावक आरंभ से अंत तक सीधा टैक

सीधी ढलान पर लुढ़कती गद पथ सीधी ढलान है

मेज़ से बाहर ख चा जाता दराज़ अपनी पटिरयों पर सीधा बाहर आता है

शांत दन म गरती वषा पत्येक बूदँ ऊध्व धर सरल रे खा में िगरती है

सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी पटिरयाँ उसे ठीक सरल रे खा पर रखती है ं

एक उपयोगी सावधानी: सीधी सड़क पर चलती साइ कल समग्र रूप से सरल रेखीय ग त दखाती है, परंतु उसी
समय उसके प हए वृत्तीय ग त म ह और पैडल भी गोल-गोल घूमते ह। एक ही मशीन एक साथ एक से अ धक
प्रकार क ग त दखा सकती है — इस लए सदै व बताइए क आप कस भाग क बात कर रहे ह।

प्र.5 परंतु क्या वस्तुए ँ हमेशा सरल रेखा के अनु दश ही ग त करती ह? आपने झूल और घूमने वाले हडोल पर झूलने
का आनंद लया होगा। क्या ग त के ये प्रकार भी सरल रेखीय ग त ह?

नह । इनम से कोई भी सरल रेखीय ग त नह है, क्य क कसी का भी पथ सरल रेखा नह है।

झूला/ हडोला पथ का आकार ग त का प्रकार

घूमने वाला हडोला कें द ीय खंभे के चारों ओर पूर ा वृत्त , बार-बार वृत्तीय गित
झूला छोटा चाप — आगे-पीछे , उसी पथ पर दोलन-गित

दोन का अंतर ध्यान द जए। हडोला एक ही दशा म घूमता रहता है और वृत्त पर वृत्त पूरा करता जाता है। झूला उसी चाप पर
वापस आता है — आगे, पीछे , आगे, पीछे — एक नयत नम्नतम त के इधर-उधर।

पथ सरल रेखा → सरल रेखीय गित

पथ वृत्त → वृत्तीय गित

पथ िकसी िनयत िस्थित के इधर-उधर → दोलन -गित

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ग त का प्रकार क्य महत्वपूण है: नाम पूणतः पथ के आकार से तय होता है, न चाल से और न इससे क वस्तु
क्या है। सीधी सड़क पर धीमी कार और तेज़ कार — दोन सरल रेखीय ग त म ह; धीमा पंखा और तेज़ पंखा —
दोन वृत्तीय ग त म।

संकेत: संदेह हो तो हवा म अँगुली से पथ बनाइए। य द अँगुली उसी छोटे पथ पर लौट आए तो दोलन-ग त; य द
गोल-गोल चलती रहे तो वृत्तीय; और य द सीधी आगे बढ़ती जाए तो सरल रेखीय।

क्रयाकलाप 5.4— आइए, जाँच कर — पृष्ठ 90
5.7 ग त के प्रकार

क्रयाकलाप

प्र.1 एक धागे के एक छोर पर एक रबड़ या एक आलू बाँ धए। इसके दूसरे छोर को हाथ से पक ड़ए तथा इसे चत्र
5.15 क तरह घुमाइए। इसक ग त का अवलोकन क जए। क्या रबड़ क ग त घूमने वाले हडोले क ग त के
समान है?

धागे से बँधी रबड़

वत्त
ृ ीय पथ

िहंडोला

चत्र 5.15, पृष्ठ 90 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: धागे से घुमाई जा रही रबड़ और हडोला। दोन वृत्तीय पथ पर ग त करते
ह।

हाँ — दोन एक ही प्रकार क ग त ह। रबड़ वृत्तीय पथ के अनु दश गोल-गोल घूमती है, और हडोले पर बैठा ब ा भी। दोन
वृत्तीय ग त के उदाहरण ह।

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जब कोई वस्त ु वृत्तीय पथ के अनुिदश गित करती है,

तब उसकी गित वृत्तीय गित कहलाती है।

घुमाई जाती रबड़ घूमने वाला हडोला

वृत्त का कद्र आपका हाथ कें द ीय खंभा

वृत्त पर कौन रोके रखता है धागा उसे भीतर की ओर खी ंचता है धातु की भुजाएँ सीट को भीतर की ओर खी ंचती है ं

कद्र से दूरी सदै व समान (धागे की लंबाई) सदै व समान (भुजा की लंबाई)

बना पथ वृत्त, बार-बार दोहराया हआ
ु वृत्त, बार-बार दोहराया हआ
ु

वृत्तीय ग त क मुख्य पहचान: ग तशील वस्तु कसी एक नयत बदु से नयत दूरी पर बनी रहती है। धागा मा पए
— मान ली जए 40 cm — तो घुमाव के प्रत्येक क्षण रबड़ आपके हाथ से 40 cm दूर है। यही बात पथ को वृत्त
बनाती है।

स्वयं जाँ चए: घुमाते-घुमाते धागा छोड़ द जए (यह खुले मैदान म, लोग और खड़ कय से दूर क जए)। रबड़
सरल रेखा म उड़ जाती है, वृत्त म नह — यही प्रमाण है क अब तक धागे का खचाव ही उसके पथ को वृत्त म मोड़
रहा था।

क्रयाकलाप 5.5— आइए, जाँच कर — पृष्ठ 90

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5.7 ग त के प्रकार

क्रयाकलाप

प्र.1 एक धागे के एक छोर पर एक रबड़ या एक आलू बाँ धए। धागे का दूसरा छोर पकड़कर रबड़ को ( चत्र 5.16)
लटकाइए। अपना हाथ स्थर र खए। दूसरे हाथ का उपयोग करते हुए धीरे से रबड़ को एक ओर ले जाइए और फर
छोड़ द जए। क्या यह एक माध्य स्थ त के इधर-उधर ग त करता है? क्या इसक ग त झूले क ग त के समान है?

हाथ िस्थर रिखए

रबड़ इधर-उधर झूलती है पाक का झूला

चत्र 5.16, पृष्ठ 90 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: धागे से लटक रबड़ झूले क तरह इधर-उधर ग त करती है।

दोन का उत्तर हाँ है। रबड़ नम्नतम त के इधर-उधर झूलती है, और उसक ग त पाक के झूले जैसी ही है। यह दोलन-ग त है।

जब कोई वस्त ु िकसी िनयत िस्थित के इधर-उधर गित करती है,
तब उसकी गित दोलन -गित कहलाती है।

आप क्या दे खगे:

रबड़ हर बार उसी नम्नतम बदु से होकर गुजरती है — वही वह नयत त है जसके इधर-उधर वह दोलन करती है।
वह अपना पथ बार-बार दोहराती है: दाएँ, नम्नतम बदु, बाएँ, नम्नतम बदु, दाएँ…
प्रत्येक पूरा इधर-उधर का चक्कर समान समय लेता है, अतः यह ग त आवत भी है।
झूलना धीरे-धीरे कम होकर रुक जाता है, क्य क वायु का प्र तरोध और ऊपर का घषण उसक ग त धीरे-धीरे ले लेते ह।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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लटक हुई रबड़ पाक का झूला

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ऊपर का नयत बदु
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आपका िस्थर हाथ
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झूले के ढाँचे की छड़

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क्या ग त करता है
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धागे के िसरे पर बँध ी रबड़ बच्चे सिहत सीट

पथ छोटा चाप, इधर-उधर दोहराया हुआ छोटा चाप, इधर-उधर दोहराया हुआ

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हाथ स्थर क्य रखना है: दोलन कसी नयत
l a se त के सापेक्ष मापा जाता है। य द हाथ हलता रहे तो नम्नतम
बदु भी हलता रहेगा और शुद्ध इधर-उधरag
क ग त दे खने को ही नह मलेगी। द वार घड़ी के लोलक म भी घड़ी का
ढाँचा ऊपरी सरे को पूणतः र रखता है।

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.cे साथ। लंबे धागे से चक्कर कम मलगे — यही गुण लोलक को समय मापनेagके योग्य बनाता है।
यह करके दे खए: 30 cm के धागे के साथ 30 सेकंड म रबड़ कतने पूरे चक्कर लगाती है, ग नए; फर 60 cm

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के धागे क

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क्रयाकलाप 5.6— आइए, जाँच कर — पृष्ठ .91
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5.7 ग त के प्रकार

क्रयाकलाप

प्र.1 लगभग 50 cm लंबी धातु क एक पतली प ली जए। इसका एक छोर मेज पर दबा द जए। आप इसे दबाने के
लए कुछ पुस्तक या एक ईंट का उपयोग ( चत्र 5.17) कर सकते ह। प ( स् प) के दूसरे छोर को थोड़ा दबाइए
और फर छो ड़ए। प के इस छोर क ग त का अवलोकन क जए। क्या ये ऊपर-नीचे ग त करती है?

कु छ पुस्तकें (या एक ईंट)

धातु की पतली प ी

मेज

मुक्त छोर ऊपर-नीचे गित करता है

चत्र 5.17, पृष्ठ 91 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: प का एक छोर मेज पर पुस्तक के नीचे दबा है; मुक्त छोर ऊपर-नीचे
कंपन करता है।

हाँ। मुक्त छोर अपनी मूल सीधी त के इधर-उधर ऊपर-नीचे कंपन करता है — पहले तेज़ी से, फर धीरे-धीरे कम होकर रुक
जाता है। यह भी दोलन-ग त है।

प ी एक िनयत िस्थित (अपने िवराम-तल) के इधर-उधर गित करती है।

∴ उसकी गित दोलन -गित है।

क्रयाकलाप 5.5 क लटक रबड़ से तुलना क जए:

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लटक हुई रबड़ धातु क प

इधर-उधर क दशा बगल में (बाएँ–दाएँ) ऊपर-नीचे

कस नयत स्थ त के इधर-उधर चाप का िनम्नतम िबंद ु िजस तल पर प ी िवराम में रहती है

हर बार वापस कौन लाता है पथ्ृ वी का िखंचाव धातु का लचीलापन (िस्पंग जैस ा ग ण
ु )

ग त का प्रकार दोलन-गित दोलन-गित

ऊपर-नीचे भी दोलन क्य है: प रभाषा म दशा का कोई उल्लेख नह है। कसी नयत स्थ त के इधर-उधर
दोहराई जाने वाली कोई भी ग त दोलन-ग त है — झूले क तरह बगल म, इस पट्ट क तरह ऊपर-नीचे, या ढोल
क झल्ली क तरह भीतर-बाहर।

क्या आप जानते ह? पट्ट को बहुत थोड़ा दबाकर छो ड़ए तो वह इतनी तेज़ी से दोलन करती है क आपको एक
हल्क भनभनाहट सुनाई दे ती है। आप जो भी ध्व न सुनते ह, वह कसी दोलन करती वस्तु से ही उत्पन्न होती है —
पट्ट , तार, ढोल क झल्ली, या आपके अपने स्वर-तंतु।

क्रयाकलाप 5.7— आइए, पहचान — पृष्ठ 91 और 92

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5.7 ग त के प्रकार

क्रयाकलाप

प्र.1 चत्र 5.18 म दशाए गए ब का पाक दे खए अथवा कसी ब के पाक का भ्रमण क जए। व भन्न प्रकार क
ग त पर ध्यान द जए। उनका सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-ग त म वग करण क जए। ता लका 5.4 म सभी
ग त सूचीबद्ध क जए। आपने कसी ग त को कसी वशेष वग म क्य रखा? इसका औ चत्य बताइए।

िफसलप ी िहंडोला झूला

सी सॉ- रस्सी कूद म ंकी बार

चत्र 5.18, पृष्ठ 92 — ब के पाक का पुनः च त्रत रेखा चत्र: वे छह वस्तुए ँ जनक ग त का वग करण करना है।

वस्तु सरल रेखीय ग त वृत्तीय ग त दोलन-ग त

झूला नयत बदु के इधर-उधर ग त

ता लका 5.4, पृष्ठ 92 — वग करण ता लका; झूला उदाहरण के रूप म भरा हुआ है।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

प्रत्येक वस्तु का पथ दे खए, उत्तर तुरंत मल जाएगा।

सीधा पथ

सरल रे ख ीय गित वृत्तीय गित

दोलन-गित

ग त के तीन प्रकार — सरल रेखीय पथ, वृत्तीय पथ, तथा कसी नयत त के इधर-उधर का पथ।

ता लका 5.4— ग त के प्रकार

वस्तु सरल रेखीय ग त वृत्तीय ग त दोलन-ग त

झूला िनयत िबंद ु के इधर-उधर गित
सी-सॉ (ऊँच-नीच) दोनों िसरे बीच के आधार के इधर-
उधर ऊपर-नीचे होते है ं

घूमने वाला हडोला के ं द ीय खंभे के चारों ओर गोल -
गोल घूमता है

फसलपट्ट से नीचे िफसलप ी की सीधी ढलान के
आता ब ा अनुिदश िफसलता है
सीढ़ चढ़ता ब ा पायदान-दर-पायदान सीधे ऊपर
जाता है
घुमाई जाती रस्सी रस्सी बच्चे के हाथों के चारों ओर
(रस्सी-कूद) गोल -गोल घूमती है

छड़ पर लटककर शरीर पकड़ ी हईु छड़ के इधर-उधर
झूलता ब ा झूल ता है

औ चत्य कैसे लख: वस्तु का नह , पथ का नाम ली जए। “सी-सॉ दोलन-ग त म है क्य क उसका प्रत्येक सरा
बीच के नयत आधार के इधर-उधर बार-बार ऊपर-नीचे होता है” — यह औ चत्य है; “सी-सॉ दोलन-ग त म है
क्य क वह सी-सॉ है” — यह औ चत्य नह ।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
a g l AglaSem · NCERT Solutions

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संकेत: एक ही वस्तु दो स्तंभ म आ सकती है। रस्सी कूदता ब ा ऊपर-नीचे होता है (दोलन-ग त) जब क रस्सी

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गोल-गोल घूमती है (वृत्तीय ग त)। आप कस भाग क बात कर रहे ह, यह अवश्य ल खए।

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आइए, और अ धक सीख — पृष्ठ 94 और 95

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अध्याय के अभ्यास प्रश्न

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आइए, और अ धक सीख
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ता लका 5.5 के स्तंभ I म द गई लंबाइय का उनके मापन के लए स्तंभ II म दए गए मात्रक म से उपयुक्त
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प्र.1

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मात्रक से मलान क जए।

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स्तंभ I स्तंभ II

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दल्ली एवं लखनऊ के बीच क दूरी सट मीटर

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सक्के क मोटाई कलोमीटर

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रबड़ (इरेजर) क लंबाई ag मीटर

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व ालय के मैदान क लंबाई मलीमीटर

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ता लका 5.5, पृष्ठ 94 — जैसी पुस्तक म छपी है। दोन स्तंभ मलान के क्रम म नह ह।

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वही मात्रक चु नए जो उस लंबाई के लए छोट एवं सरल संख्या दे ।

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स्तंभ I gl (स्तंभ
aमलान सामान्य यही मात्रक क्य
II) मान

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दल्ली एवं लखनऊ के बीच क िकलोमीटर
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≈ 500 km मीटर में यह 5,00,000 m होगा — बहुत बड़ी संख्या

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दूरी

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s e m सक्के क मोटाई िमलीमीटर
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≈ 2 mm से ंटीमीटर में के वल 0.2 cm; mm में पूण संख्या िमलती

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से ंटीमीटर
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रबड़ (इरेजर) क लंबाई

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≈ 4 cm 15 cm पैम ाने पर सुिवधा से मापी जा सकती है

मीटर m.c
o km में यह 0.1 km होगा — असुिवधाजनक दशमलव a
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व ालय के मैदान क लंबाई
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≈ 100 m

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

रूपात
ं रण गुणकों से जाँिचए:
500 km = 500 × 1000 m = 5,00,000 m (1 km = 1000 m)

2 mm = 2 × 0.1 cm = 0.2 cm (1 mm = 0.1 cm)

100 m = 100 ÷ 1000 km = 0.1 km

सरल नयम: वही मात्रक चु नए जससे संख्या लगभग 1 से 1000 के बीच आए। इसी लए हम 500 km कहते ह,
5,00,000 m नह — और 2 mm कहते ह, 0.002 m नह ।

प्र.2 नम्न ल खत कथन को प ढ़ए एवं सत्य कथन के सामने ‘सत्य’ एवं असत्य कथन के सामने ‘असत्य’ ल खए।
(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार क ग त सरल रेखीय ग त का उदाहरण है। (ख) कोई वस्तु य द समय के
साथ कसी संदभ बदु के सापेक्ष अपनी स्थ त म प रवतन करती है तो वह ग त म है। (ग) 1 km = 100 cm

कथन सत्य / असत्य

(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गित सरल रे खीय गित का उदाहरण है। सत्य
(ख) कोई वस्तु यिद समय के साथ िकसी संद भ िबंद ु के सापेक्ष अपनी िस्थित में पिरवतन करती है तो वह गित में है। सत्य

(ग) 1 km = 100 cm असत्य

(क) सत्य। कार का पथ सरल रेखा है, और सरल रेखा के अनु दश ग त को प रभाषा के अनुसार सरल रेखीय ग त कहते ह।
(ख) सत्य। यह ठ क वही प रभाषा है जो आपक पुस्तक के पृष्ठ 88 पर द गई है — संदभ बदु के सापेक्ष त का समय के साथ
प रवतन।
(ग) असत्य। रूपांतरण चरण-दर-चरण क जए —

1 km = 1000 m (रूपांत रण गुणक)

1 m = 100 cm (रूपात
ं रण गुणक)
∴ 1 km = 1000 × 100 cm

1 km = 1,00,000 cm (एक लाख सेट
ं ीमीटर)

अतः कथन 1000 गुना गलत है। सही सं क्षप्त कथन है — 1 m = 100 cm।

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भूल कहाँ से आती है: व ाथ “100” को सट मीटर के साथ याद रखते ह और उसे गलत मात्रक से जोड़ दे ते ह।
यह ंखला मन म बैठा ली जए, फर कभी भूल नह होगी — km → m म ×1000, m → cm म ×100, cm
→ mm म ×10।

प्र.3 नम्न म से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नह है? (क) मलीमीटर (ख) सट मीटर (ग) कलोमीटर (घ)
बा लश्त

उत्तर: (घ) बा लश्त।

वकल्प मानक? कारण

(क) मानक मीटर का िनयत भाग; 1 mm = 0.1 cm संस ार भर में एक-सा
मलीमीटर

(ख) सट मीटर मानक 1 m = 100 cm, सबके िलए एक समान

(ग) मानक 1 km = 1000 m, सबके िलए एक समान
कलोमीटर

(घ) बा लश्त मानक इसकी माप इस पर िनभर है िक हाथ िकसका है — दीपा, अनीश और हरदीप को एक ही मेज के िलए िभन्न
नही ं संख्याएँ िमली ं

मानक मात्रक कसे कहते ह: मानक मात्रक वह है जो एक ही मान दे चाहे कोई भी मापे, कह भी मापे और कभी
भी मापे। mm, cm एवं km — तीन SI मीटर के नयत भाग ह। बा लश्त शरीर का माप है, अतः व्य क्त-व्य क्त म
बदलता है — इसी लए ता लका 5.1 म पाँच अलग-अलग उत्तर मले।

संकेत: पैर, हाथ, अँगुल एवं कदम — ये सभी बा लश्त वाले अ-मानक प रवार के ही मात्रक ह, चाहे मोटे अनुमान के
लए कतने ही उपयोगी क्य न ह ।

प्र.4 अपने घर एवं व ालय म उपलब्ध व भन्न पैमाने अथवा मापन फ ते ली जए। इन सभी पैमान म से प्रत्येक ारा
मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ात क जए। अपने प्रेक्षण को ता लका म ल खए।

व ध। प्रत्येक उपकरण पर दो पास-पास के अंकन के बीच का अंतराल दे खए। वही उस उपकरण से मापा जा सकने वाला
लघुतम मान है — इसे अल्पतमांक कहते ह।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

अल्पतमाक
ं = दो बड़ े अंक नों के बीच की दू री ÷ उनके बीच के छोटे भागों की संख्या
15 cm पैमाने पर: 1 cm ÷ 10 = 0.1 cm = 1 mm

नीचे भरी हुई ता लका है। घर एवं व ालय म जो उपकरण आपको वास्तव म मल, उन्ह को ल खए।

पैमाना / मापन उपकरण अ धकतम कतनी लंबाई माप सकता है लघुतम मान

15 cm प्ला स्टक पैमाना (ज्या म त बॉक्स) 15 cm 1 mm = 0.1 cm

30 cm प्ला स्टक पैमाना 30 cm 1 mm

लकड़ी का मीटर पैमाना (श्यामपट्ट वाला) 100 cm = 1 m 1 mm

दज का कपड़े वाला मापन-फ ता 150 cm 1 mm (कु छ में के वल 0.5 cm)

बढ़ई का स्ट ल मापन-फ ता 3 m या 5 m 1 mm

खेल के मैदान के लए लंबा फ ता 30 m 1 cm

केवल सट मीटर म अं कत फ ता 150 cm 1 cm

लघुतम मान क्य महत्वपूण है: आप उपकरण क सीमा से अ धक सूक्ष्म लंबाई नह लख सकते। 15 cm पैमाने
से प सल क लंबाई 17.2 cm लखी जा सकती है, 17.24 cm कभी नह — पैमाने पर वहाँ कोई अंकन ही नह
है। यह भी ध्यान द जए क 30 m का लंबा फ ता अ धक स्थूल है: लंबी दू रय के लए बने उपकरण के
वभाजन प्रायः बड़े होते ह।

संकेत: छोटे भाग ध्यान से ग नए। य द 1 cm म 10 छोटे अंतराल ह तो अल्पतमांक 1 mm है; य द केवल 2 ह तो
5 mm।

प्र.5 मान ली जए आपके व ालय एवं घर के बीच क दूरी 1.5 km है। इसे मीटर म व्यक्त क जए।

रूपांतरण गुणक 1 km = 1000 m का उपयोग कर गुणा क जए।

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दू री = 1.5 km

1 km = 1000 m (रूपांत रण गुणक)

∴ 1.5 km = 1.5 × 1000 m
दू री = 1500 m

दूसरी व ध से जाँ चए। 1.5 km अथात् 1 km और आधा कलोमीटर —

1 km = 1000 m

0.5 km = 1000 ÷ 2 = 500 m

कु ल = 1000 m + 500 m = 1500 m ✓

यही दूरी अन्य मात्रक म —

मात्रक गणना मान

मीटर 1.5 × 1000 1500 m

सट मीटर 1500 × 100 1,50,000 cm

मलीमीटर 1,50,000 × 10 15,00,000 mm

गुणा क्य , भाग क्य नह : मीटर कलोमीटर से छोटा मात्रक है, अतः उतनी ही दूरी तय करने म उनक संख्या
अ धक लगेगी। बड़े मात्रक से छोटे मात्रक म जाने पर संख्या सदै व बढ़ती है।

संकेत: तुरंत जाँच — 1500 m क संख्या 1.5 से बड़ी है। य द उत्तर 0.0015 आता तो आप तुरंत जान जाते क
भूल से भाग कर दया है।

प्र.6 एक गलास या बोतल ली जए। गलास या बोतल के तल के वक्र भाग क लंबाई मा पए और ल खए।

तल वृत्ताकार है, अतः कठोर पैमाना उसके अनु दश नह रखा जा सकता। चत्र 5.8 वाली धागे क व ध अपनाइए।
चरण:

1. ऐसा धागा ली जए जो खचे नह । उसके एक सरे के पास स्याही से छोटा नशान लगाइए।
2. धागे को गलास के तल पर ठ क एक बार लपे टए — कसकर, पर ख चकर नह ।
3. जहाँ धागा पहले नशान से मले, वहाँ दूसरा नशान लगाइए।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
a g l AglaSem · NCERT Solutions

4. धागा उतारकर, सीधा करके, नशान तक क लंबाई 15 cm या मीटर पैमाने से मा पए।
co m
e m.
as
5. दो बार और दोहराइए और बीच वाला मान ली जए।
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एक नमूना प्रेक्षण (अपना गलास स्वयं मा पए — मान भन्न ह गे):
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g
aप्रयास धागे क लंबाई

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1 21.9 cm

22.1 cmem
.
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2

3 a 22.0 cm

co m
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लखा गया मान 22.0 cm = 220 mm = 0.220 m

m as e
.co a g l
se m
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तल की चौड़ ाई से जाँच :
a g पैमाने से मापा गया तल का व्यास = 7.0 cm

om a s
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वृत्त के चारों ओर की लंबाई = 3.14 × व्यास
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a s em✓
= 3.14 × 7.0 cm = 21.98 cm ≈ 22.0 cm

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धागा खचना क्य नह चा हए: खचे हुए धागे को घेरा पूरा करने म अ धक लंबाई चा हए, अतः पाठ्यांक बड़ा आ
co m
m .
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जाता है। सूती या जूट का धागा सव त्तम है; रबड़ बड सबसे बुरा वकल्प है।
m l as
.co a g
a s eसंmकेत: धागा केवल एक बार लपे टए। य द भूल से दो बार लपट गया तो लगभग 44 cm मलेगा, जसे आधा
a gl करना पड़ेगा।
se m
com g l a
m . a
e
asउसे मीटर, सट मीटर एवं मलीमीटर म व्यक्त क जए।
प्र.7
a g l
अपने दोस्त क लंबाई मा पए और

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.

s
व ध। अपने मत्र को बना जूत के द वार से सटकर सीधा खड़ा क जए — ए ड़याँ द वार से लगी
e m ह और दृ ष्ट सामने हो। सर पर
m समतल र खए, जो द वार को छू ती हो, और पुस्तक के नचले कनारे पर दgवारlaपर नशान लगाइए। फ़श से नशान तक
एक पुoस्तक
c
. a
a s emक दूरी मीटर पैमाने या मापन-फ ते से मा पए।
agl मान ली जए नशान 142 cm पर है। तब —
c
m .
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e m . co agl
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कसम पूछा गया प्रयुक्त रूपांतरण गुणक गणना उत्तर

सट मीटर म सीधे मापा गया — 142 cm

मीटर म 1 m = 100 cm 142 ÷ 100 1.42 m

मलीमीटर म 1 cm = 10 mm 142 × 10 1420 mm

लंबाई = 142 cm

मीटर में: 142 cm ÷ 100 = 1.42 m

िमलीमीटर में: 142 cm × 10 = 1420 mm

जाँच : 1.42 m × 1000 mm/m = 1420 mm ✓

अपने मत्र को मापकर अपना मान ल खए। कक्षा 6 के अ धकांश व ाथ 1.30 m से 1.55 m के बीच होते ह।

प्रत्येक रूपांतरण क दशा दे खए: cm → m म हम बड़े मात्रक क ओर जाते ह, अतः भाग करते ह और संख्या
छोट होती है (142 → 1.42)। cm → mm म छोटे मात्रक क ओर जाते ह, अतः गुणा करते ह और संख्या बड़ी
होती है (142 → 1420)। लंबाई स्वयं कभी नह बदली।

संकेत: पुस्तक क्षै तज र खए। तरछ होने पर नशान ऊँचा लग जाएगा और तीन उत्तर एक साथ गलत हो जाएँगे।

प्र.8 आपको एक सक्का दया गया है। अनुमान लगाइए क कसी पु स्तका के एक ओर के पूरे कनारे पर कोई रक्त
स्थान छोड़े बना एक के बाद एक रखने पर कतने सक्क क आवश्यकता होगी? पु स्तका के उसी कनारे और
सक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी क जए।

चरण 1 — पहले अनुमान लगाइए। बना मापे सक्के और पु स्तका को दे खकर अंदाज़ा लगाइए। ₹5 का सक्का लगभग अँगूठे के
नाखून जतना चौड़ा है और पु स्तका का लंबा कनारा लगभग आपक कलाई से कोहनी तक — अतः लगभग 10 सक्के का
अनुमान उ चत है।
चरण 2 — 15 cm पैमाने से दोन को मा पए।

क्या मापा कैसे मान

₹5 के सक्के का व्यास िसक्का पैम ाने पर रखकर उसके सबसे चौड़े भाग का पाठ ांक 2.5 cm

पु स्तका का लंबा पैम ाना के वल 15 cm का है, अतः 15.0 cm मापकर िनशान लगाइए, िफर शेष 15.0 cm + 9.0 cm = 24.0
कनारा मािपए cm

चरण 3 — गणना क जए।

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िसक्कों की संख्या = िकनारे की लंबाई ÷ एक िसक्के का व्यास

= 24.0 cm ÷ 2.5 cm

= 9.6

िसक्का काटा नही ं जा सकता, अतः 9 पूरे िसक्के रखे जा सकते है।
ं

9 िसक्कों से ढकी लंबाई = 9 × 2.5 cm = 22.5 cm

बचा हआ
ु स्थान = 24.0 cm − 22.5 cm = 1.5 cm

चरण 4 — सत्यापन। अब वास्तव म 9 सक्के कनारे पर एक-दूसरे से सटाकर र खए। वे कोने से लगभग 1.5 cm पहले ही
समाप्त हो जाएँगे — ठ क वैसा ही जैसा गणना म आया। दसव सक्के को 2.5 cm चा हए और केवल 1.5 cm बचा है, अतः वह
नह आएगा।

उत्तर 9 है, 10 क्य नह : भाग करने पर 9.6 आया, और 0.6 सक्का जैसी कोई वस्तु होती नह । जब पूरी वस्तुएँ
कसी ान के भीतर रखनी ह , तो सदै व प रणाम से नीचे वाली पूण संख्या ली जाती है।

यह करके दे खए: ₹1 के सक्के (व्यास लगभग 2.0 cm) से दोहराइए। अब 24.0 ÷ 2.0 = ठ क 12 सक्के। छोटे
सक्के से उतनी ही लंबाई ढकने म अ धक सक्के लगते ह — वही “छोटा मात्रक, बड़ी संख्या” का नयम जो आपने
mm और cm म दे खा था।

प्र.9 सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-ग त के दो-दो उदाहरण द जए।

ग त का प्रकार उदाहरण 1 उदाहरण 2 पहचान का आधार

सरल रेखीय ग त सीधी सड़ क पर चलती कार ऊँ चाई से िगराई गई रबड़ पथ सरल रे खा है

वृत्तीय ग त चलते पंखे के ब्ले ड घूमने वाले िहंडोले पर बैठा बच्चा पथ वृत्त है, बार-बार दोहराया जाता है

दोलन-ग त झूले पर झूल ता बच्चा दीवार घड़ ी का लोलक पथ िकसी िनयत िस्थित के इधर -उधर है

इनके स्थान पर ये उदाहरण भी दए जा सकते ह:

सरल रेखीय — ऊपर जाती लफ़्ट; 100 m दौड़ का धावक; धकेला जाता भारी बॉक्स; सीधी पटरी पर चलती रेलगाड़ी।
वृत्तीय — धागे से बँधी घुमाई जाती रबड़; घड़ी क सुइयाँ; चलती साइ कल के प हए; कुम्हार का चाक।
दोलन-ग त — सी-सॉ; मेज़ पर दबाई गई धातु क पट्ट ; सलाई मशीन क सुई; हवा म झूलती वृक्ष क डाल।

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याद र खए: वृत्तीय और दोलन — दोन ग तयाँ आवत ह, अथात् वस्तु एक न त समय अंतराल के बाद अपना
पथ दोहराती है। सरल रेखीय ग त आवत नह होती, क्य क वस्तु आगे बढ़ती जाती है और उसी पथ पर लौटती
नह ।

प्र.10 अपने चार ओर क व भन्न वस्तुओं पर ध्यान द जए। कुछ वस्तुओं क लंबाई को mm म, कुछ क cm म और
कुछ क m म व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक ेणी म 3 वस्तुओं क सूची बनाइए एवं ता लका 5.6 म
ल खए।

लंबाई का उपयुक्त मात्रक मापनीय वस्तु

mm

cm

m

ता लका 5.6, पृष्ठ 95 — भरने के लए ता लका।

वही मात्रक चु नए जससे संख्या छोट और कहने म सरल हो।

लंबाई का उपयुक्त मात्रक मापनीय वस्तु लगभग लंबाई

mm िसक्के की मोटाई 2 mm
पेंिसल के सीसे की मोटाई 0.7 mm
चावल के एक दाने की लंबाई 7 mm

cm रबड़ (इरे जर) की लंबाई 4 cm
चॉक की लंबाई 8 cm
मोबाइल फोन की चौड़ ाई 7 cm

m दरवाज़ े की ऊँ चाई 2m
कक्षा-कक्ष की लंबाई 8m
अपने िशक्षक की ऊँ चाई 1.6 m

गलत मात्रक लेने पर क्या होता है, दे खए — लंबाई वही रहती है, पर संख्या असु वधाजनक हो जाती है —

िसक्के की मोटाई = 2 mm = 0.2 cm = 0.002 m

दरवाज़े की ऊँ चाई = 2 m = 200 cm = 2000 mm

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सामान्य नयम: एक सट मीटर से पतली वस्तुओं के लए mm, मेज़ पर आ जाने वाली वस्तुओं के लए cm, और
कमरे या व्य क्त जतनी बड़ी वस्तुओं के लए m। कुछ सौ मीटर से आगे क दू रय के लए km पर चले जाइए।

यह करके दे खए: जो वस्तुएँ आपने सूचीबद्ध क , उन्ह मा पए और प्रत्येक लंबाई तीन मात्रक म ल खए। तुरंत
दख जाएगा क तीन म से एक ही स्वाभा वक चुनाव है।

प्र.11 एक रोलर कोस्टर का ै क चत्र 5.19 म दखाए गए आकार म बनाया गया है। एक गद बदु ‘क’ से प्रारंभ होती है
और बदु ‘च’ से नकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गद क ग त के प्रकार और ै क के संगत भाग क पहचान
क जए।

क
घ

ङ
ख च

ग

चत्र 5.19, पृष्ठ 95 — रोलर कोस्टर ै क। गद ‘क’ से प्रारंभ होती है और ‘च’ से नकल जाती है।

गद का ‘क’ से ‘च’ तक अनुसरण क जए और प्रत्येक भाग म ै क का आकार दे खए।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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क m l as
.co घ a g
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ङ
ख
a g l च
ग
क → ख : सरल रेखीय गित ख → ग → घ → ङ : वृत्तीय गित comरेखीय गित
.
ङ → च : सरल
m
m ase
e m . co agl
रोलर कोस्टर ै क ( चत्र 5.19 के अनुसार)। सीधी ढलान एवं सीधा नकास भाग सरल रेखीय ग त दे ते ह; लूप वृत्तीय ग त दे ता है।

g l as
a ै क का भाग उस भाग का आकार ग त का प्रकार

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क से ख
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सीधी ढलान वाला भाग सरल रे खीय गित agl
a s
ख से ग से घ से ङ
a gपूरlा लूप — वृत्तीय पथ वृत्तीय गित

सरल रे खीय गित
m
ङ से च

co
सीधा क्षैितज िनकास भाग

m .
m as e
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अथात् एक ही यात्रा म गद दो प्रकार क ग त दखाती है — दोन सीधे भाग पर सरल रेखीय और लूप पर वृत्तीय।

a g
a s eलूmप वृत्तीय क्य है, दोलन क्य नह : गद पूरा चक्कर लगाकर दूसरी ओर नकल जाती है; वह उसी पथ पर वापस
a gl नह मुड़ती। दोलन-ग त म वस्तु को उसी पथ पर इधर-उधर लौटना अ नवाय है।

se m
com g l a
m . a
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as केवल पथ के आकार से तय होता है।
संकेत: गद ‘ग’ पर सबसे तेज़ (सबसे नीचे) और ‘घ’ पर सबसे धीमी (लूप के शीष पर) होती है। पूरी यात्रा म
चाल बदलती रहती है, परंतु ग त काlप्रकार
a g

. com
तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लए नम्न ल खतem
m a s
gl उपयोग नह करना चा हए और
सामग्री पर वचार करती है—
co प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्ट ल आ द। इनम से उसे aकसका
प्र.12

.
a s em
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क्य ?

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उसे कागज, कपड़ा एवं लचीली रबड़ का उपयोग नह करना चा हए। वह प्लाईवुड या स्ट ल का उपयोग कर सकती है।
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co m
m .
m ase
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सामग्री उपयोग कर? कारण

लचीली नही ं — सबसे बुरा खी ंचने पर यह िखंच जाती है। अंक नों की दू र ी बढ़ जाती है, अतः 1 m की रबड़ कभी 1 m और कभी 1.2
रबड़ िवकल्प m बता सकती है। िजस पैम ाने की अपनी लंबाई ही बदलती हो, वह व्यथ है।

कपड़ा नही ं कपड़ा भी खी ंचने पर कु छ िखंचता है, लटकाने पर ढीला पड़ता है, िकनारों से उधड़ता है और ध ल
ु ने पर
िसकु ड़ जाता है। उसके अंक न एक से ंटीमीटर की दू र ी पर िटके नही ं रहेगं े।

कागज नही ं कागज सरलता से फट जाता है, मुड़ता है, सलवट पड़ती है, नमी से ऐंठ जाता है और वस्तु से सटाकर
सीधा नही ं रखा जा सकता। एक मीटर की कागज़ की प ी कठोर नही ं रह पाएगी।

प्लाईवुड हाँ कठोर, सीधा एवं मज़बूत; अपनी लंबाई बनाए रखता है। कक्षा के अिधकांश मीटर पैम ाने इसी के बनते है।
ं

स्ट ल हाँ — सव त्तम अत्यंत कठोर; न िखंचता है, न फटता है, न मुड़ता है, और नमी से भी अपभािवत रहता है, अतः अंक न वष ं
तक सही बने रहते है।
ं

कोई पैमाना तभी िवश्वसनीय है जब

उसके िकन्हीं दो अंकनों के बीच की दू री कभी न बदले।

दज के फ ते से अंतर ध्यान द जए: दज का फ ता जान-बूझकर लचीला बनाया जाता है ता क वह शरीर के वक्र
भाग पर लपेटा जा सके — परंतु वह ले पत कपड़े या फाइबरग्लास का होता है जो बना खचे मुड़ता है। लचीला
होना ठ क है; खचने वाला होना नह ।

संकेत: य द तस्नीम प्लाईवुड लेती है तो पहले उसका कनारा सीधा छ लना चा हए और फर अ े स्ट ल पैमाने से
पूरे 100 सट मीटर अं कत करने चा हए — क्य क घर पर बना पैमाना उससे अ धक शुद्ध कभी नह हो सकता
जससे उसक नकल क गई है।

प्र.13 अपने दोस्त के साथ खेलने के लए लंबाई के मात्रक के रुपांतरण पर एक काड का खेल (काड गेम) बनाने के
संबंध म वचार क जए। इसक योजना बनाइए और इसे वक सत क जए।

नीचे एक पूरा खेल दया है जसे आप एक कालांश म बना सकते ह। अपना स्वयं का रूप बनाइए — अंक वचार एवं नयम के
लए ह, नकल के लए नह ।
नाम: मापक मलान
सामग्री: पुराने ग्री टग काड या मोटे कागज़ से काटे 40 काड, प्रत्येक लगभग 7 cm × 5 cm, और एक स्केच पेन।
काड बनाना — 20 मलान-जोड़े। प्रत्येक जोड़े के एक काड पर एक लंबाई ल खए और दूसरे पर वही लंबाई कसी दूसरे मात्रक
म—

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काड क काड ख (इसका जोड़ा) प्रयुक्त रूपांतरण

1 km 1000 m 1 km = 1000 m

2.5 km 2500 m × 1000

1m 100 cm 1 m = 100 cm

3.5 m 350 cm × 100

1 cm 10 mm 1 cm = 10 mm

7.2 cm 72 mm × 10

1m 1000 mm 100 × 10

0.5 km 500 m × 1000

खेलने क व ध (2 से 4 खलाड़ी):

1. चालीस काड फटकर 5 × 8 क जमावट म उल्टे बछा द जए।
2. बारी-बारी से प्रत्येक खलाड़ी दो काड पलटकर सबको दखाता है।
3. य द दोन पर एक ही लंबाई भन्न मात्रक म लखी हो, तो खलाड़ी को रूपांतरण बोलकर बताना होगा — “2.5 km =
2500 m, क्य क 1 km = 1000 m” — और वह जोड़ा रखकर 1 अंक पाता है तथा एक और बारी लेता है।
4. य द जोड़ा न मले या रूपांतरण गलत बोला जाए, तो काड फर उल्टे रख दए जाते ह और बारी अगले खलाड़ी क हो जाती है।
5. सभी काड उठ जाने पर खेल समाप्त। सवा धक अंक वाला वजेता।

खेल को क ठन बनाने के दो नयम:

चुनौती काड: कोई भी खलाड़ी बोले गए रूपांतरण को चुनौती दे सकता है। चुनौती सही नकलने पर जोड़ा चुनौती दे ने वाले को
मलता है।
जाल काड: कुछ गलत जोड़े भी बनाइए, जैसे “1 km / 100 cm”। जाल जोड़ा पलटने पर खलाड़ी का 1 अंक कट जाता है
— यही तो प्रश्न 2(ग) वाली भूल है।

यह खेल अ ा क्य सखाता है: हर बार रूपांतरण बोलकर बताना पड़ता है, अतः आप उत्तर रटने के बजाय
गुणक (×1000, ×100, ×10) का उपयोग करना सीखते ह। बीस जोड़ के बाद km → m → cm → mm क
ंखला अपने आप याद हो जाती है।

यह करके दे खए: एक दूसरा सेट वास्त वक वस्तुओं का बनाइए — “ सक्के क मोटाई” का जोड़ा “2 mm” के
साथ, “दरवाज़े क ऊँचाई” का “2 m” के साथ। अब खेल रूपांतरण के साथ-साथ सही मात्रक चुनना भी
सखाएगा।

और भी सीख — पृष्ठ 96 और 97

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वस्ता रत क्रयाकलाप एवं प रयोजनाएँ

और भी सीख

प्र.1 क्या आप पैमाने का उपयोग करके अपनी पु स्तका या पाठ्यपुस्तक के कसी एक पेज क मोटाई को ात कर
सकते ह? एक व ध के बारे म सो चए और ल खए। क्रयाकलाप करके प रणाम ल खए।

हाँ — एक पेज मापकर नह , ब ल्क बहुत-से पेज एक साथ मापकर और भाग दे कर। एक पन्ना लगभग 0.1 mm मोटा होता
है, जो आपके पैमाने के लघुतम वभाजन से भी दस गुना छोटा है, अतः उसे सीधे नह मापा जा सकता।
व ध:

1. पुस्तक खो लए और जस ग ी को दबाना है उसके पहले एवं अं तम मु द्रत पृष्ठ क पृष्ठ संख्याएँ नोट क जए — मान ली जए
पृष्ठ 1 से 200 तक।
2. याद र खए क कागज़ के एक पन्ने पर दो पृष्ठ संख्याएँ होती ह, प्रत्येक ओर एक। अतः 200 पृष्ठ = 100 पन्ने।
3. बना जल्द के, ग ी को समतल एवं कसकर दबाइए।
4. ग ी क मोटाई 15 cm पैमाने से मा पए, आँख अंकन के ठ क ऊपर रखते हुए।
5. भाग द जए।

िगने गए पृष्ठों की संख्या = 200

पन्नों की संख्या = 200 ÷ 2 = 100 पन्ने

ग ी की मापी गई मोटाई = 1.2 cm = 12 mm

एक पन्ने की मोटाई = 12 mm ÷ 100

= 0.12 mm

= 0.12 ÷ 10 cm = 0.012 cm
= 0.12 ÷ 1000 m = 0.00012 m

प रणाम: पु स्तका का एक पेज लगभग 0.12 mm मोटा है — अथात् एक मलीमीटर के लगभग आठव भाग जतना।

यह यु क्त क्य काम करती है: पैमाना पढ़ने क त्रु ट लगभग उतनी ही (± 0.5 mm) रहती है, चाहे आप एक पन्ना
माप या सौ। सौ पन्न म बँट जाने पर यह त्रु ट घटकर प्र त पन्ना ± 0.005 mm रह जाती है। बहुत-सी वस्तुएँ एक
साथ मापकर भाग दे ना, अत्यंत छोट रा शयाँ मापने क वै ा नक क मानक व ध है।

संकेत: सबसे आम भूल है पन्न के बजाय पृष्ठ क संख्या से भाग दे ना, जससे उत्तर आधा रह जाता है। संदेह हो तो
कनार को छू कर पन्ने ग नए।

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन AglaSem · NCERT Solutions

प्र.2 एक ही पेड़ से गरी हुई कुछ प त्तय को एक त्रत क जए। जस पेड़ क प त्तयाँ आपने ली ह उसका नाम
पहचा नए। 15 cm पैमाने का उपयोग कर इन सभी प त्तय क लंबाई एवं चौड़ाई का मापन क जए जैसा क
चत्र 5.20 म दया गया है। अपने प्रेक्षण को ता लका 5.7 म ल खए। चचा क जए क एक ही पेड़ क प त्तयाँ
लंबाई एवं चौड़ाई म भन्न- भन्न क्य ह।

6

5

4

3
पत्ती की लंबाई
2

1

0 1 2 3 4 5 6 7 8 0
पत्ती की चौड़ ाई
15 cm पैम ाना (cm अंक न)

चत्र 5.20, पृष्ठ 96 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: लंबाई के लए पत्ती को पैमाने के अनु दश और चौड़ाई के लए पैमाने के
आर-पार रखा जाता है।

क्र.सं. पेड़ का नाम पत्ती क लंबाई पत्ती क चौड़ाई

1.

ता लका 5.7, पृष्ठ 96 — भरने के लए ता लका।

पत्ती कैसे माप ( चत्र 5.20)। पत्ती को मेज़ पर समतल र खए। लंबाई के लए पैमाने को मध्य- शरा के अनु दश, पत्र-फलक के
आधार से सरे तक र खए। चौड़ाई के लए पैमाने को पत्ती के सबसे चौड़े भाग पर आड़ा र खए। दोन को नकटतम मलीमीटर तक
प ढ़ए।
ता लका 5.7— प त्तय क लंबाई एवं चौड़ाई — पीपल के वृक्ष का एक नमूना प्रेक्षण:

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कक्षा 6 व ान अध्याय 5 लंबाई एवं ग त का मापन
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क्र.सं. पेड़ का नाम पत्ती क लंबाई पत्ती क चौड़ाई

mपीपल as e
1.
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11.4 cm
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8.2 cm
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2.
g l a पीपल
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9.8 cm 7.0 cm

3. पीपल 12.6 cm 8.9 cm

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4. पीपल 10.5 cm 7.6 cm

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5. पीपल
ag 8.9 cm 6.4 cm

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सबसे लंबी पत्ती = 12.6 cm, सबसे छोटी पत्ती = 8.9 cm
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अंत र = 12.6 cm − 8.9 cm = 3.7 cm

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अथ त् एक ही पेड़ की पित्तयाँ लंबाई में 3 cm से अिधक िभन्न हो सकती है।
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एक ही पेड़ क प त्तयाँ भन्न क्य होती ह?
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s e m है; पछले वष क पत्ती अपना पूरा आकार पा चुक है।
a प्रायः छोट एवं मोट होती ह; नीचे छाया म लगी प त्तयाँ अ धक प्रकाश पाने के
आयु — पछले महीने नकली पत्ती अभी बढ़ ही रही
पेड़ पर स्थान — ऊपर तेज़ धूप म लगीgपlत्तयाँ
लए चौड़ी हो जाती ह।
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जल एवं पोषक तत्व — जस डाल को अ धक जल एवं ख नज मलते ह उसक प त्तयाँ बड़ी होती ह।
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क्ष त — क ट, इ ल्लयाँ, ओले एवं हवा पत्ती के भाग नोच लेते ह, जससे मापी गई लंबाई या चौड़ाई कम हो जाती है।

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प्राकृ तक व वधता — कोई भी दो जी वत वस्तुएँ पूणतः एक-सी नह होत , जैसे आपक कक्षा के दो ब क ऊँचाई ठ क

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एक-सी नह होती।
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वै ा नक बात: जी वत वस्तुओं म व वधता सामान्य है। इसी लए जीव-वै ा नक कभी एक पत्ती पर नभर नह रहते

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— वे अनेक प त्तयाँ मापकर औसत लेते ह। ध्यान द जए क प सल मापने से यह कतना भन्न है, जहाँ बार-बार
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मापने पर लगभग वही मान मलता है।

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संकेत: केवल गरी हुई प त्तयाँ ली जए, और सब एक ही दन एक ही पेड़ से। दो पेड़ क प त्तयाँ मला द तो जो

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व वधता मलेगी उसका कारण ही दूसरा होगा।

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agl प्र.3 अपने आस-पास के बड़ से चचा क जए क पुराने दन म लंबाई के मापन के लए कन मात्रक का उपयोग

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कया जाता था। इंटरनेट का उपयोग कर भारत म पुराता वक स्थल के खनन म प्राप्त लंबाई के पैमान क

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जानकारी भी प्राप्त करने का प्रयास क जए।

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भाग 1 — बड़ से पू छए। मात्रक, उसक प रभाषा और उसका उपयोग ल खए। भारत म प्रायः ये मात्रक सुनने को मलगे —

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पुराना मात्रक कैसे प रभा षत था लगभग बराबर कसके लए उपयोग

अँगुल एक अँग ल
ु ी की चौड़ाई ≈ 1.5–2 cm बढ़ ईगीरी, िसलाई, मंिदर-वास्तुक ला

बा लश्त फै ले हाथ के अँग ूठे से किनष्ठा के िसरे तक ≈ 20 cm कपड़ा, रस्सी, छोटा फन चर
(हडस्पैन)

हाथ (हस्त) कोहनी से मध्यमा के िसरे तक ≈ 45 cm बाज़ार में कपड़ा, घर की िचनाई

गज़ दो हाथ, लगभग नाक से अँग ल
ु ी के िसरे ≈ 90 cm कपड़ा एवं भूिम का माप
तक

पैर / कदम पैर की लंबाई; चलते समय एक कदम की ≈ 25 cm / 75 cm खेत एवं क्यािरयाँ नापना, जैस ा प ा ने
लंबाई बताया

कोस वह दू र ी जहाँ तक गाय की आवाज़ सुनाई दे ≈ 3 km गाँवों के बीच की दू र ी

योजन, धनुष पाचीन भारतीय सािहत्य में विणत मात्रक क्षेत्र एवं काल के अनुस ार नगर िनयोजन, लंबी यात्राएँ
िभन्न

भाग 2 — खनन म मले पैमाने। चार हज़ार वष से भी अ धक पुरानी सधु-सरस्वती (हड़प्पा) सभ्यता म सावधानीपूवक अं कत
पैमाने पहले से मौजूद थे —

लोथल (गुजरात) — हाथीदाँत का एक छोटा टु कड़ा जस पर महीन समांतर रेखाएँ ह और वभाजन लगभग 1.7 mm क
दूरी पर ह। यह प्राचीन वश्व के सूक्ष्मतम अंकन म से एक है।
मोहनजोदड़ो — शंख का पैमाना, जसके अंकन लगभग 6.7 mm क समान दूरी पर ह और प्रत्येक पाँचव वभाजन पर
वृत्त- बदु का चह्न है।
हड़प्पा — काँसे क एक टू ट छड़, जस पर बराबर लंबाइयाँ अं कत ह।
कालीबंगा (राजस्थान) एवं धोलावीरा (गुजरात) — ईंट तथा ग लय क योजना नयत अनुपात का पालन करती है, जो
कसी सवमान्य लंबाई-मानक के बना संभव ही नह ।

इससे क्या पता चलता है: हड़प्पा के नमाता मीटर के आ वष्कार से बहुत पहले ही मानक मात्रक का उपयोग
करते थे। सैकड़ कलोमीटर दूर बसे नगर-दर-नगर उनक ईंट 1 : 2 : 4 (मोटाई : चौड़ाई : लंबाई) के अनुपात म
बनती थ — यह संयोग से नह हो सकता।

संकेत: बड़ के ठ क वही शब्द ल खए और फर उस मात्रक को स्वयं मा पए। दाद से एक हाथ कपड़ा दखाने को
क हए और फर उसे मीटर पैमाने से मा पए। आपको पुराने मात्रक क उपयो गता और उनक प रवतनशीलता —
दोन दखाई दगी।

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प्र.4 1 cm, 2 cm क रेखाओं अथवा उनके संयोजन का उपयोग करके एक भूल-भुलैया क रचना क जए। आपके
लए इसका एक भाग चत्र 5.21 म बनाया गया है। अब, आप अपनी कल्पना का उपयोग क जए और अपनी
इ ानुसार इसका वस्तार इतने बड़े आकार तक क जए जतना आप चाहते ह।

चत्र 5.21, पृष्ठ 96 — भूल-भुलैया का वह भाग जो आपके लए बनाया गया है; इसम केवल 1 cm और 2 cm क
रेखाएँ ह।

क्या करना है। ऐसा वग-अं कत (ग्राफ) कागज़ ली जए जसका प्रत्येक छोटा वग 1 cm × 1 cm हो, अथवा 15 cm पैमाने से
स्वयं 1 cm का जाल बनाइए। फर केवल 1 cm एवं 2 cm क रेखाओं से भूल-भुलैया क द वार बनाइए।
चरण:

1. एक वगाकार सीमा ख चए, मान ली जए 10 cm × 10 cm। बाईं भुजा पर 1 cm का एक अंतराल प्रवेश के लए और दाईं
भुजा पर एक नकास के लए छोड़ द जए।
2. भीतर द वार केवल जाल-रेखाओं पर ही ख चए। प्रत्येक द वार ठ क 1 cm या 2 cm क हो — हर एक रेखा के लए पैमाने
का उपयोग क जए।
3. पहले प्रवेश से नकास तक जाने वाला एक माग बनाइए। फर उसके दोन ओर बंद-गली (डेड-एंड) शाखाएँ जो ड़ए ता क
खेलने वाला भ्र मत हो।
4. चत्र 5.21 क तरह दो रंग ली जए — एक रंग 1 cm क द वार के लए और दूसरा 2 cm क द वार के लए।
5. मत्र के साथ भूल-भुलैया क अदला-बदली क जए और एक-दूसरे को हल करने म लगा समय मा पए।

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1 cm के जाल पर 10 cm × 10 cm की भूल-भुलैया

= 10 × 10 = 100 इकाई वग

दीवारों के िलए उपलब्ध जाल-रेखाएँ = 11 आड़ ी + 11 खड़ ी
यिद सभी रेखाएँ खी ंच दे ं तो कु ल दीवार-लंबाई = 11 × 10 cm × 2 = 220 cm = 2.2 m

इसम मापन कहाँ है: यह चत्रकला का अभ्यास तो है ही, मापन का भी अभ्यास है। प्रत्येक रेखा पैमाने से जाँचनी
पड़ती है, अतः भूल-भुलैया पूरी होते-होते आप सौ बार 15 cm पैमाने का उपयोग कर चुके ह गे और 1 cm आपक
आँख का अंदाज़ बन जाएगा।

यह करके दे खए: वही भूल-भुलैया सभी लंबाइयाँ दुगुनी करके फर बनाइए — 20 cm × 20 cm के कागज़ पर
2 cm एवं 4 cm क द वार। आकृ त वही रहेगी पर हर लंबाई दुगुनी। बड़े पैमाने पर बनाने का यही वचार हर
मान चत्रकार उपयोग करता है।

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प्र.5 मेरी लंबाई कतनी है? एक द वार के अनु दश खड़े हो जाइए और कसी वयस्क (अपने से बड़े व्य क्त) क
सहायता से अपनी ऊँचाई ( चत्र 5.22) को च त क जए। अपनी एवं अपने भाई-बहन क लंबाई का अ भलेख
रखने के लए इसे प्रत्येक तीन माह म दोहराइए।

िसर पर समतल रखा पैम ाना

यहाँ िच ह्न लगाइए

दीवार

एिड़याँ दीवार से सटाकर सीधे खड़े हों

चत्र 5.22, पृष्ठ 97 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: एक वयस्क ब े क ऊँचाई द वार पर च त कर रहा है।

व ध — हर बार ठ क एक ही ढं ग से क जए, अन्यथा तुलना नरथक हो जाएगी।

1. ऐसी द वार चु नए जसके सामने समतल, कठोर फ़श हो — कालीन कभी नह ।
2. बना जूत के, ए ड़याँ, पीठ एवं सर द वार से सटाकर, पैर मलाकर, सामने दे खते हुए खड़े हो जाइए।
3. कोई बड़ा व्य क्त आपके सर पर एक पुस्तक या सेट-स्क्वायर समतल रखकर, द वार से सटाकर, उसके नचले कनारे पर
पतली प सल-रेखा ख चे।
4. फ़श से उस नशान तक क दूरी मापन-फ ते या मीटर पैमाने से मा पए, फ ता ऊध्वाधर रखते हुए और आँख नशान के तल म
रखते हुए।
5. त थ एवं ऊँचाई ता लका म ल खए। हर तीन माह म दोहराइए।

नमूना ऊँचाई-अ भलेख — ऐसी ही एक ता लका अपनी कॉपी म र खए:

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तथ ऊँचाई मीटर म पछली बार से वृ द्ध

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15 अप्रैल
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142.0 cm 1.420 m —
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15 जुलाई
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143.5 cm 1.435 m 1.5 cm

15 अक्तूबर 145.0 cm 1.450 m 1.5 cm

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15 जनवरी 146.2 cm
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1.462 m 1.2 cm ag
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पूरे वष में वृि = 146.2 cm − 142.0 cm = 4.2 cm

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तीन माह में औसत वृि = 4.2 cm ÷ 4 = 1.05 cm

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िमलीमीटर में, पित माह वृि ≈ 4.2 × 10 ÷ 12 = 3.5 mm
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a हर तीन माह म क्य , हर सप्ताह क्य नह : एक माह म आप केवल लगभग 3 से 4 mm बढ़ते ह, जो माप क

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अपनी त्रु ट के लगभग बराबर है। तीन माह प्रतीक्षा करने पर वृ द्ध (लगभग 1 cm) त्रु ट से कह अ धक हो जाती है,

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अतः जो प रवतन दखता है वह वास्त वक होता है।

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क्या आप जानते ह? आप सुबह रात क अपेक्षा मापने योग्य रूप से अ धक लंबे होते ह — एक सट मीटर तक —

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क्य क दन भर रीढ़ क मुलायम ग याँ थोड़ी दब जाती ह। इस लए सदै व दन के एक ही समय मा पए।

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प्र.6 आइए, साइ कल का उपयोग कर दो स्थान के बीच क दूरी का मापन करने के लए एक मनोरंजक व ध क
रचना करते ह। धातु क एक लचीली प को साइ कल के आगे के प हए क तीली पर इस प्रकार लगाते ह क हर
बार जब भी यह प हए को धारण करने वाले े म को पार करता है तो इससे टकराता है और ध्व न उत्पन्न करता है
( चत्र 5.23)। … ‘जोनेस काउंटर’ के बारे म पता करने का प्रयास क जए।

तीली पर बँधी लचीली धातु की प ी

फे म (काँटा)

अगला पिहया
चत्र 5.23, पृष्ठ 97 — पुनः च त्रत रेखा चत्र: साइ कल, जसके अगले प हए क तीली पर लचीली धातु क प लगी है।
प हए के प्रत्येक चक्कर म प े म के काँटे से टकराकर ध्व न उत्पन्न करती है।

मूल वचार: पट्ट प हए के प्रत्येक पूरे चक्कर म एक बार े म से टकराती है। अतः ध्व नय क संख्या ही चक्कर क संख्या है,
और प्रत्येक चक्कर म साइ कल ठ क प हए क प र ध जतनी आगे बढ़ती है।

तय की गई दू री = (पिहए की पिरिध की लंबाई) × (चक्करों की संख्या)

चरण 1 — प हए क प र ध मा पए, ठ क चत्र 5.8 क तरह धागे से। धागा टायर पर एक बार लपे टए, नशान लगाइए, सीधा
क जए और मीटर पैमाने से मा पए।

मापी गई पिरिध = 2 m 10 cm = 2.10 m

चरण 2 — धीरे-धीरे साइ कल चलाइए और ध्व नयाँ ग नए। मान ली जए व ालय के गेट से बाज़ार तक आपने 500 ध्व नयाँ
गन ।

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चक्करों की संख्या = 500

दू री = 2.10 m × 500

= 1050 m
िकलोमीटर में: 1050 ÷ 1000 = 1.05 km (1 km = 1000 m)

चरण 3 — दूसरी व ध से जाँ चए। उसी रास्ते पर कदम गनते हुए च लए। य द आपका एक कदम 0.6 m का है और आपने
1750 कदम लए, तो दूरी = 0.6 × 1750 = 1050 m — दोन उत्तर मेल खाते ह।
‘जोनेस काउंटर’ क्या है? यह एक छोटा यां त्रक गणक है जो साइ कल के अगले धुरे पर लगाया जाता है और प हए से जुड़ा रहता
है। ध्व न करने के बजाय यह प्रत्येक चक्कर पर एक नयत संख्या म — लगभग 23 — गणनाएँ चुपचाप दज करता है, अतः यह
चक्कर का अंश भी माप लेता है। सड़क पर होने वाली दौड़ (जैसे मैराथन) के माग क लंबाई प्रमा णत करने के लए आ धका रक
रूप से यही उपकरण उपयोग होता है। दौड़ से पहले साइ कल को एक सावधानी से मापी गई दूरी पर चलाकर पता कया जाता है क
एक कलोमीटर म कतनी गणनाएँ होती ह, और फर पूरे माग पर चलाया जाता है।

यह व ध इतनी शुद्ध क्य है: प र ध एक बार मापने म जो त्रु ट (मान ली जए 210 cm म 1 cm) आती है, वह
चलाते समय बढ़ती नह । 500 चक्कर गनने का अथ है क प हए ने वही माप 500 बार दोहराया — 1050 m
सड़क पर फ ता घसीटने से यह कह बेहतर है।

संकेत: टायर म हवा ठ क से भरी र खए और सीधे रास्ते पर ग नए। हवा कम होने पर टायर क प र ध कुछ घट
जाती है, अतः प्रत्येक चक्कर म कम दूरी तय होती है और आपका कुल उत्तर अ धक आ जाता है।

अध्याय — एक नज़र म
कसी भी माप के दो भाग होते ह — एक संख्या और एक मात्रक। “मेज 13 बा लश्त लंबी है” म 13 संख्या है और बा लश्त
मात्रक है।
शरीर के अंग पर आधा रत मात्रक — बा लश्त, अँगुल, पैर, हाथ — भन्न- भन्न व्य क्तय के लए भन्न होते ह। इसी लए
एक ही मेज के लए ब को 13, 14 और “13 से थोड़ा अ धक” जैसे भन्न मान मले। यही मानक मात्रक क आवश्यकता
का कारण है।
आजकल अंतररा ीय मात्रक प्रणाली (SI मात्रक) का उपयोग होता है। लंबाई का SI मात्रक मीटर (m) है तथा 1 km =
1000 m, 1 m = 100 cm, 1 cm = 10 mm (अतः 1 m = 1000 mm एवं 1 km = 1,00,000 cm)।
पैमाने का सही उपयोग — पैमाना वस्तु के संपक म एवं उसक लंबाई के अनु दश र खए, आँख पाठ्यांक के ठ क ऊपर
र खए, और य द शून्यांक टू टा हो तो कसी पूणाक से आरंभ कर घटाइए — जैसे 10.4 cm − 1.0 cm = 9.4 cm।
वक्र रेखा क लंबाई धागे या लचीले मापन-फ ते से मापी जाती है; फर धागे को सीधा कर मीटर पैमाने से मापा जाता है।
त सदै व कसी संदभ बदु के सापेक्ष बताई जाती है। य द समय के साथ संदभ बदु के सापेक्ष त बदले तो वस्तु ग त म
है, अन्यथा स्थर है। ग त सरल रेखीय, वृत्तीय या दोलन-ग त हो सकती है; वृत्तीय एवं दोलन-ग त दोन आवत ह।

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त्व रत पुनरावृ त्त

शब्द अथ अध्याय म उदाहरण / मान
कहाँ

मात्रक तुल ना के िलए चुनी गई िनयत लंबाई। माप = संख्या + मात्रक पृष्ठ 79 “13 बा लश्त” — 13 संख्या,
बा लश्त मात्रक

बा लश्त (हडस्पैन) फै ले हुए हाथ के अँग ूठे के िसरे से किनष्ठा के िसरे तक की दू र ी चत्र 5.1, पृष्ठ व्य क्त-व्य क्त म भन्न → मानक
78 मात्रक नह

मानक मात्रक / SI दे शों की सहमित से िनयत मात्रक, िजससे सबको एक ही मान खंड 5.2, पृष्ठ लंबाई का SI मात्रक = मीटर
मात्रक िमले । वतमान पणाली अंतररा ीय मात्रक पणाली है 80 (m)

मीटर (m) लंबाई का SI मात्रक; एक मीटर 100 बराबर भागों में िवभािजत पृष्ठ 80 दरवाज़े क ऊँचाई ≈ 2 m
होता है

सट मीटर (cm) एवं मीटर पैम ाने का एक भाग 1 cm है; से ंटीमीटर का दसवाँ भाग 1 पृष्ठ 80–81 1 m = 100 cm; 1 cm = 10
मलीमीटर (mm) mm है — 15 cm पैम ाने से मापा जा सकने वाला लघुतम मान mm; 1 mm = 0.1 cm

कलोमीटर (km) लंबी दू िरयों के िलए बड़ा मात्रक; 1 km = 1000 m पृष्ठ 81 दल्ली से लखनऊ ≈ 500 km

संदभ बदु वह िनयत वस्तु या िबंद ु िजसके सापेक्ष दू र ी या िस्थित बताई पृष्ठ 85 कलोमीटर सूचक पत्थर पर
जाती है लखा ‘ दल्ली’

ग त एवं वराम गित में = समय के साथ संद भ िबंद ु के सापेक्ष िस्थित बदलती है; पृष्ठ 88 बस के यात्री — बस के सापेक्ष
िस्थर = िस्थित नही ं बदलती र, भवन के सापेक्ष ग त म

सरल रेखीय ग त िकसी वस्तु का सरल रे खा के अनुिदश गित करना पृष्ठ 89 धकेला जाता भारी बॉक्स; परेड
का माच-पास्ट

वृत्तीय ग त िकसी वस्तु का वृत्त ीय पथ के अनुिदश गित करना पृष्ठ 90 घूमने वाला हडोला; धागे से बँधी
घुमाई जाती रबड़

दोलन-ग त िकसी िनयत िस्थित के इधर-उधर वस्तु का गित करना पृष्ठ 90 झूला; दबाकर छोड़ी गई धातु क
पट्ट

आवत ग त ऐसी गित जो एक िनिश्चत समय अंतराल के बाद दोहराई जाती और भी जान!, वृत्तीय एवं दोलन-ग त दोन
है पृष्ठ 91 आवत ह

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Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 6
TypeSolution
Pages58
Languagehindi
Updated19 Sep 2026