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Senior School Certificate Examination - 2020
HMJ/1 Marking Scheme – ECONOMICS
SUBJECT CODE: 030 PAPER CODE –58/2/1
General Instructions: -
1. You are aware that evaluation is the most important process in the actual and correct
assessment of the candidates. A small mistake in evaluation may lead to serious
problems which may affect the future of the candidates, education system and teaching
profession. To avoid mistakes, it is requested that before starting evaluation, you must
read and understand the spot evaluation guidelines carefully.Evaluation is a 10-12
days mission for all of us. Hence, it is necessary that you put in your best efforts
in this process.
2. Evaluation is to be done as per instructions provided in the Marking Scheme. It should
not be done according to one’s own interpretation or any other consideration. Marking
Scheme should be strictly adhered to and religiously followed. However, while
evaluating, answers which are based on latest information or knowledge and/or
are innovative, they may be assessed for their correctness otherwise and marks
be awarded to them.
3. The Head-Examiner must go through the first five answer books evaluated by each
evaluator on the first day, to ensure that evaluation has been carried out as per the
instructions given in the Marking Scheme. The remaining answer books meant for
evaluation shall be given only after ensuring that there is no significant variation in the
marking of individual evaluators.
4. Evaluators will mark( √ ) wherever answer is correct. For wrong answer ‘X”be marked.
Evaluators will not put right kind of mark while evaluating which gives an impression that
answer is correct and no marks are awarded. This is most common mistake which
evaluators are committing.
5. If a question has parts, please award marks on the right-hand side for each part. Marks
awarded for different parts of the question should then be totaled up and written in the
left-hand margin and encircled. This may be followed strictly.
6. If a question does not have any parts, marks must be awarded in the left-hand margin
and encircled. This may also be followed strictly.
7. If a student has attempted an extra question, answer of the question deserving more
marks should be retained and the other answer scored out.
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8. No marks to be deducted for the cumulative effect of an error. It should be penalized
only once.
9. A full scale of marks 0-80 has to be used. Please do not hesitate to award full marks if
the answer deserves it.
10. Every examiner has to necessarily do evaluation work for full working hours i.e. 8 hours
every day and evaluate 20 answer books per day in main subjects and 25 answer
books per day in other subjects (Details are given in Spot Guidelines).
11. Ensure that you do not make the following common types of errors committed by the
Examiner in the past:-
● Leaving answer or part thereof unassessed in an answer book.
● Giving more marks for an answer than assigned to it.
● Wrong totaling of marks awarded on a reply.
● Wrong transfer of marks from the inside pages of the answer book to the title page.
● Wrong question wise totaling on the title page.
Wrong totaling of marks of the two columns on the title page.
● Wrong grand total.
● Marks in words and figures not tallying.
● Wrong transfer of marks from the answer book to online award list.
● Answers marked as correct, but marks not awarded. (Ensure that the right tick mark is
correctly and clearly indicated. It should merely be a line. Same is with the X for
incorrect answer.)
● Half or a part of answer marked correct and the rest as wrong, but no marks awarded.
12. While evaluating the answer books if the answer is found to be totally incorrect, it should
be marked as cross (X) and awarded zero (0)Marks.
13. Any unassessed portion, non-carrying over of marks to the title page, or totaling error
detected by the candidate shall damage the prestige of all the personnel engaged in the
evaluation work as also of the Board. Hence, in order to uphold the prestige of all
concerned, it is again reiterated that the instructions be followed meticulously and
judiciously.
14. The Examiners should acquaint themselves with the guidelines given in the Guidelines
for spot Evaluation before starting the actual evaluation.
15. Every Examiner shall also ensure that all the answers are evaluated, marks carried over
to the title page, correctly totalled and written in figures and words.
The Board permits candidates to obtain photocopy of the Answer Book on request in an
RTI application and also separately as a part of the re-evaluation process on payment
of the processing charges.
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अपेक्षिक ईत्तर
क्र.सं. ऄंक
खण्ड क समष्टि अर्थशास्त्र
प्रश्न: यदद दकसी ऄथथव्यवस्था की सम्पूणथ ऄक्षतररक्त अय का ईपभोग दकया जाता है, तो क्षनवेश गुणक का मूल्य ____होगा।
(सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
1
(A) शून्य (0) (B) ऄपररभाक्षषत (∞) (C) एक (1) (D) दस (10)
ईत्तर: ऄपररभाक्षषत (∞) 1
2 प्रश्न: एक गृहस्थ द्वारा क्रय की गइ कार एक_________________है। (सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) एकल ईपयोग पूूँजीगत वस्तु (B) एकल ईपयोग ईपभोक्ता वस्तु (C) रिकाउ ईपभोक्ता वस्तु (D) ऄधथ-रिकाउ ईपभोक्ता वस्तु
ईत्तर : (C) रिकाउ ईपभोक्ता वस्तु 1
प्रश्न:क्षनम्नक्षलक्षखत में से कौन-सा सूत्र सकल राष्ट्रीय ईत्पाद (GNP) ऄवस्फीक्षतक को दशाथता है ? (सही क्षवकल्प का चयन दकक्षजए)
(A) मौदिक GNP/वास्तक्षवक GNP x 100 (B) वास्तक्षवक GNP /मौदिक GNP x 100
(C ) वास्तक्षवक GNP/मुिास्फीक्षत की दर में पररवतथन x 100 (D) मुिास्फीक्षत की दर में पररवतथन/वास्तक्षवक GNPx100
1
ईत्तर :(A) मौदिक GNP / वास्तक्षवक GNP ×100
3 प्रश्न: एक बंद ऄथथव्यवस्था में समग्र माूँग के दो घिकों के नाम क्षलक्षखए ।
ईत्तर: (i) ईपभोग व्यय (C) (ii) क्षनवेश व्यय (I) ½+½
4 प्रश्न:_____________भारत सरकार का एजेंि (प्रक्षतक्षनक्षध) तथा सलाहकार होता है । (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत कीक्षजए)
ईत्तर: भारतीय ररजवथ बैंक 1
प्रश्न: ईल्लेख कीक्षजए दक क्षनम्नक्षलक्षखत कथन सत्य है या ऄसत्य :
5
“मुिास्फीक्षत को कम करने के क्षलए, के न्िीय बैंक को नक़द अरक्षित ऄनुपात (CRR) को कम करना चाक्षहए।"
ईत्तर: ऄसत्य 1
6 प्रश्न:. रिा मदों पर होने वाला सरकारी व्यय, सरकारी बजि का _______ व्यय का एक प्रकार है।(सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत कीक्षजए)
ईत्तर : राजस्व / पूंजीगत (दोनों ईत्तर सही हैं, ऄतःदोनों में से दकसी भी ईत्तर पर ऄंक ददए जायें
) 1
7 प्रश्न: ईल्लेख कीक्षजए दक क्षनम्नक्षलक्षखत कथन सत्य है या ऄसत्य :
"प्रबंक्षधत क्षतरती क्षवक्षनमय दर प्रणाली में सरकार प्रत्यि रूप से क्षवक्षनमय दर को क्षनयंक्षत्रत करती है।"
ईत्तर: ऄसत्य 1
8 प्रश्न: 'क्षवदेशों से प्राप्त दान' भुगतान संतुलन खाते के _____(जमा/नामे) पि में दजथ दकया जाएगा। (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत कीक्षजए)
1
ईत्तर : जमा
9 प्रश्न: गैर-कर अगम (राजस्व) प्राक्षप्तयों के कोइ दो ईदाहरण दीक्षजए।
ईत्तर: फीस, जुमाथना (ऄन्य दकसी मान्य ईदाहरण को भी ऄंक प्रदान दकयें जायें) ½+½
10 प्रश्न:मान लीक्षजए दक एक काल्पक्षनक ऄथथव्यवस्था में, अय की राक्षश 500 करोड़ से बढ़ कर ₹ 600 करोड़ हो जाती है । पररणामतः,
ईपभोग व्यय ₹ 400 करोड़ से बढ़ कर ₹ 500 करोड़ हो जाता है । आस पररक्षस्थक्षत में सीमांत ईपभोग प्रवृक्षत्त का मान होगा।
(A) 0.8 (B) 0.4 (C) 1.0 (D) 06
ईत्तर : (C) 1.0 1
11 प्रश्न: “सकल घरे लू ईत्पाद (GDP) दकसी देश की ऄथथव्यवस्था के अर्तथक कल्याण का सवोत्तम सूचक नहीं है ।” ददए गए कथन का
मान्य कारणों सक्षहत समथथन ऄथवा खंडन कीक्षजए।
ईत्तर : ददए गए कथन का क्षनम्नक्षलक्षखत अधार पर समथथन दकया जा सकता है क्योंदक जीडीपी में क्षनम्न को शाक्षमल नहीं दकया जा
सकता
1
(i) गैर मौदिक क्षवक्षनमय जैसे गृक्षहणी की सेवाएं
1
(ii) बाह्यताएूँ - फमथ ऄथवा मानव गक्षतक्षवक्षधयों के फलस्वरूप होने वाला लाभ ऄथवा हाक्षन।
1
(iii) अय का क्षवतरण (मान्य व्याख्या सक्षहत)
(कारण न ददया गया हो ऄथवा कारण गलत हो तो ऄंक प्रदान ना दकयें जायें)
12 प्रश्न: यदद समग्र अपूर्तत (AS) की तुलना में समग्र माूँग (AD) ऄक्षधक हो, तो ईस पररक्षस्थक्षत में समायोजन तंत्र की कायथप्रणाली की
चचाथ कीक्षजए ।
ईत्तर :यदद प्रत्याक्षशत समग्र मांग (AD), प्रत्याक्षशत समग्र पूर्तत (AS) से ऄक्षधक है तो आसका ऄथथ है दक ईत्पादक क्षजतने ईत्पादन की
योजना बना रहे हैं, क्रेता ईससे ऄक्षधक खरीदने की योजना बना रहे हैं। ऄतः ईत्पादकों के पास ईपलब्ध स्िॉक वांछनीय स्तर से कम हो
3
जाएंगे। पररणाम स्वरूप ईत्पादक ऄक्षधक ईत्पादन करें गे क्षजससे रोजगार के स्तर एवं अय में वृक्षि होगी। यह प्रदक्रया तब तक जारी
रहेगी जब तक प्रत्याक्षशत समग्र पूर्तत (AS), प्रत्याक्षशत समग्र मांग (AD) के बराबर ना हो जाए। (एक साथ मूल्यांदकत दकया जाए)
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प्रश्न यदद एक ऄथथव्यवस्था में : प्रारं क्षभक क्षनवेश में पररवतथन (∆I) = ₹1,000 करोड़ तथा सीमांत बचत प्रवृक्षत्त (MPS) = 0.2
क्षनम्नक्षलक्षखत के मूल्य ज्ञात कीक्षजए : (a) क्षनवेश गुणक (K) (b) ऄंक्षतम अय में पररवतथन (∆Y)
1
ईत्तर: (a) क्षनवेश गुणक (K) = ½
𝑀𝑃𝑆
1 ½
K=
0.2 ½
K=5 ...........................(i)
∆𝑌
(b) क्षनवेश गुणक (K) =
∆𝐼
K= 5 का (i) से मान रखने पर ½
5=
∆𝑌 ½
1000 ½
∆ Y = ₹ 5000 करोड़
13 प्रश्न: बैंककग प्रणाली की साख क्षनमाथण िमता का क्षनधाथरण करने में साख गुणक की क्या भूक्षमका है ? संख्यात्मक ईदाहरण द्वारा
समझाआए ।
ईत्तर : साख गुणक ईस मुिा की ईस राक्षश को मापता है, जो बैंक ऄपने पास रखे हुए प्रारं क्षभक जमा की प्रत्येक मौदिक आकाइ से
½
जमाओ के रूप में सृक्षजत करने में समथथ होते हैं।
बैंककग प्रणाली द्वारा दकया गया साख सृजन, साख गुणक पर क्षनभथर करता है। साख गुणक का वैधाक्षनक ररज़वथ ऄनुपात (LRR) के साथ
1½
क्षवपरीत संबंध होता है। साख गुणक का मूल्य ऄक्षधक होता है तो साख सृजन भी ऄक्षधक होता है, क्षवलोम सत्य।
ईदाहरण के दकये, मान लीक्षजये: LRR= 0.5 और प्रारं क्षभक जमा = ₹1000
1 1
साख गुणक = = =2
LRR 0.5
कु ल साख सृजन = साख गुणक x प्रारं क्षभक जमा = 2×1000 = ₹2000
ऄब, मान लीक्षजये: यदद LRR=0.2 और प्रारं क्षभक जमा =₹1000
साख गुणक =
1
=
1
=5 2
LRR 0.2
कु ल साख सृजन = = साख गुणक x प्रारं क्षभक जमा = 5×1000 = ₹5000
ऄतः प्रारं क्षभक जमा के क्षलए क्षस्थर रहने से भी साख गुणक के मान को बढ़ाने से साख सृजन बढ़ता है। (ऄन्य कोइ प्रासंक्षगक ईदाहरण)
प्रश्न: भारतीय ररज़वथ बैंक द्वारा, साख क्षनयंत्रण में रखने के क्षलए ईपयोग दकए जाने वाले दकन्हीं दो साधनों की क्षवस्तार से क्षववेचना
कीक्षजए ।
ईत्तर :साख क्षनयंत्रण के दो ईपकरण क्षनम्न है-
i. रे पो दर - यह वह ब्याज की दर है क्षजस पर कें िीय बैंक वाक्षणक्षययक बैंकों को ऄल्पकालीन ऊण प्रदान करता है। रे पो दर के
2
बढ़ने से वाक्षणक्षययक बैंक ऄपने ऊण की दर को बढ़ाने के क्षलए मजबूर होते हैं। क्षजससे सामान्य जनता के क्षलए ऊण लेना
महंगा हो जाता है, क्षवलोम सत्य।
ii. खुले बाजार की दक्रयाएं - आससे ऄक्षभप्राय, कें िीय बैंक द्वारा सरकार की प्रक्षतभूक्षतयों के खुले बाजार में क्रय तथा क्षवक्रय से
है। जब कें िीय बैंक सरकारी प्रक्षतभूक्षतयों को बेचता है तो आससे वाक्षणक्षययक बैंकों की साख िमता कम होती है। तथा बैंक की 2
साख सृजन शक्षक्त को प्रक्षतकू ल रूप से प्रभाक्षवत करती है, क्षवलोम सत्य। (ऄन्य दकसी मान्य कारण/तकथ /व्याख्याको भी ऄंदकत दकया जाये)
14
प्रश्न: “क्षपछले एक माह में ऄमेररकी डॉलर (US $) में 0.75 पैसे प्रक्षत डॉलर (p/$) की ईछाल दजथ हुइ है; यह पररक्षस्थक्षत ऄलग-ऄलग
प्रकार के व्यापाररयों (क्षनयाथतकों तथा अयातकों) के क्षलए मुस्कु राहि या ईदासी ला सकती है ।” ददए गए कथन का औक्षचत्य क्षसि
कीक्षजए।
ईत्तर: दी गइ पररक्षस्थक्षत घरे लू मुिा(₹) में क्षवदेशी मुिा($) की ऄपेिा मूल्यह्रास दशाथती है। आसका ऄथथ है दक ऄब क्षवदेशी मुिा($) की 1
एक आकाइ खरीदने के क्षलए घरे लू मुिा(₹) की ऄक्षधक आकाआयां देनी पड़ेगी।
1½
आससे अयातकों के क्षलए ईदासी हो सकती है क्योंदक ईन्हें ऄब ऄपने अयात के क्षलए ऄक्षधक धनराक्षश देनी पड़ेगी।
आसके क्षवपरीत, आससे क्षनयाथतकों के क्षलए मुस्कु राहि अ सकती है क्योंदक ईन्हें ऄब ऄपने क्षनयाथत के क्षलए ऄक्षधक धनराक्षश की प्राक्षप्त होगी। 1½
15 प्रश्न: “एक देश के सरकारी बजि में राजस्व घािे के ऄक्षस्तत्व के क्षबना राजकोषीय घािा नहीं हो सकता ।” ददए गए कथन का समथथन
ऄथवा खंडन कीक्षजए ।
ईत्तर: ददए गए कथन का खंडन दकया जा सकता है क्योंदक राजस्व घािे के ऄक्षस्तत्व के क्षबना भी राजकोषीय घािा हो सकता है यदद,
2
(i) संतुक्षलत राजस्व बजि(RE=RR) की क्षस्थक्षत में पूंजीगत बजि घािे (CE>CR) में हो।
2
(ii) पूंजीगत बजि में घािा(CE>CR), बचत के राजस्व बजि(RR<RE) से ऄक्षधक हो।
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16 प्रश्न:(a) “एक दो-िेत्रक ऄथथव्यवस्था में अय का वतुथल प्रवाह आस स्वयंक्षसि (axiom) पर अधाररत है दक दकसी एक का व्यय दूसरे की
अय होती है ।” मान्य तकों सक्षहत ऄपने ईत्तर का समथथन कीक्षजए।
ईत्तर:(a) दो िेत्रक ऄथथव्यवस्था में ग्रहस्थ िेत्र और फ़मथ का ऄक्षस्तत्व ही ऄथथव्यवस्था को चलाता है । ग्रहस्थ िेत्र फ़मथ को कारक
सेवाएूँ प्रदान करता है तथा पररणामस्वरूप कारक अय प्राप्त करता है जबदक फ़मथ वस्तुओं और सेवाओं का ईत्पादन करती है तथा
4
आन्हे गृहस्थ िेत्र को बेचती है और समान अय सृक्षजत करती है क्षजतनी की ग्रहस्थ िेत्र ने ऄर्तजत की थी । ऄतः अय का वतुथल प्रवाह
आस क्षसिहांत को क्षसि करता है दक दकसी एक का व्यय दूसरे दक अय होता है (एक साथ मूल्यांदकत दकया जाए)
(ऄन्य दकसी मान्य व्याख्या को भी ऄंक प्रदान दकयें जायें) (क्षचत्र की अवश्यकता नहीं हैं)
प्रश्न: (b) ईत्पादन के मूल्य' तथा 'मूल्य वृक्षि' में ऄंतर स्पष्ट कीक्षजए ।
ईत्तर: (b) ईत्पादन का मूल्य सभी वस्तुओं और सेवाओं का ऄनुमाक्षनत मौदिक मूल्य होता है क्षजसमें स्िॉक में पररवतथन तथा स्वयं 1
ईपभोग के क्षलए दकया गया ईत्पादन भी शाक्षमल होता है। जबदक;
मूल्य वृक्षि का ऄथथ ईत्पादन के मूल्य और मध्यवती ईपभोग के मूल्य के बीच ऄंतर से है 1
प्रश्न: एक काल्पक्षनक ऄथथव्यवस्था के क्षनम्नक्षलक्षखत अूँकड़ों के ईपयोग से, ददए गए वषों के क्षलए वास्तक्षवक सकल घरे लू ईत्पाद (GDP)
की गणना व तुलना कीक्षजए :
वषथ 2015-16 2016-17
मौदिक GDP दर 8.4% 9%
GDP ऄवस्फीक्षतक 140 125
मौदिक 𝐺𝐷𝑃
ईत्तर - GDP ऄवस्फीक्षतक = 𝑥 100
वास्तक्षवक 𝐺𝐷𝑃
2
वषथ 2014-15 2015-16 2016-17
मौदिक GDP 10,000 (माना ) 10,840 11,815
4
वास्तक्षवक GDP = 10,000 (माना )
7,742 (लगभग ) 9,452 (लगभग )
(क्षशिाथी द्वारा ददए गए दकसी ऄन्य ईत्तर को भी ऄंक दकया जाय)
17 प्रश्न: ददए गए क्षचत्र में, “KT" ऄंतराल क्या प्रदर्तशत करता है ? आस पररक्षस्थक्षत के समाधान के क्षलए दकन्हीं दो राजकोषीय ईपायों का
ईल्लेख व चचाथ कीक्षजए ।
ईत्तर "KT" स्फीक्षतक ऄंतराल को प्रदर्तशत करता है। 1
स्फीक्षत ऄंतराल को क्षनयंत्रण करने के क्षलए दो राजकोषीय ईपाय है -
i. करों में वृक्षि - स्फीक्षतक ऄंतराल पर क्षनयंत्रण करने के क्षलए सरकार करों में वृक्षि करती है। यह जनता की क्रय शक्षक्त को
2½
कम करती है, क्षजसके कारण ऄथथव्यवस्था में समग्र मांग कम हो सकती है जो आसे समग्र पूर्तत के बराबर लाती है।
ii. सरकारी व्यय में कमी - स्फीक्षतक ऄंतराल पर क्षनयंत्रण करने के क्षलए सरकार ऄपने गैरक्षवकासात्मक खचों में कमी करती
है। यह जनता की क्रय शक्षक्त में कमी लाती है। क्षजसके कारण ऄथथव्यवस्था में समग्र मांग की कमी होती है, जो आसे समग्र पूर्तत के 2½
बराबर लाती है।
दृक्षष्टबाक्षधत छात्रों के क्षलए:
प्रश्न: ऄपस्फीक्षतक ऄंतराल से क्या तात्पयथ है ? ऄपस्फीक्षतक ऄंतराल की क्षस्थक्षत को ठीक करने के दकन्हीं दो राजकोषीय ईपायों का
ईल्लेख व चचाथ कीक्षजए । 1
ईत्तर: ऄपस्फीक्षतक ऄंतराल ऐसी क्षस्थक्षत है क्षजसमें समग्र मांग पूणथ रोजगार संतुलन पर अवश्यक समग्र पूर्तत से कम होती है 2½
ऄपस्फीक्षतक ऄंतराल को क्षनयंक्षत्रत करने के दो राजकोषीय ईपाय क्षनम्न है।
(i) करों में कमी
2½
(ii) सरकारी व्यय में वृक्षि (कोइ ऄन्य मान्य ईपाय – ईक्षचत व्याख्या सक्षहत)
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खण्ड ख भारतीय ऄथथव्यवस्था का क्षवकास
18 प्रश्न: वषथ____ में भारत सरकार ने 6 से 14 वषथ के बीच सभी बच्चों के क्षलए क्षशिा क्षन:शुल्क तथा ऄक्षनवायथ कर दी थी।
(सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) 2001 (B) 2009 (C) 2003 (D) 2007
1
ईत्तर: (B) 2009
प्रश्न: क्षनम्नक्षलक्षखत में से कौन-सा संगठन भारत में स्वास््य िेत्र को क्षनयंक्षत्रत करता है ? (सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) ICMR (B) UGC (C ) AICTE (D) RBI 1
ईत्तर : (A) ICMR
19 प्रश्न:ईल्लेख कीक्षजए दक क्षनम्नक्षलक्षखत कथन सत्य है ऄथवा ऄसत्य :
“भूक्षम सीमा क्षनधाथरण का ऄथथ है दकसी व्यक्षक्त के क्षलए भूक्षम-धारण की न्यूनतम सीमा क्षनधाथररत करना है।”
ईत्तर : ऄसत्य 1
20
प्रश्न: कॉलम I में दी गइ संस्थाओं के कायथ के साथ क्षमलान करके कॉलम II में ददए गए क्षवकल्पों के सही ऄनुक्रम की पहचान कीक्षजए :
कॉलम I कॉलम II
a. क्षवश्व व्यापार संगठन (WTO) (i) भुगतान संतुलन की समस्या को हल करने के क्षलए ऄल्पकालीन ऊण प्रदान करता है.
b. भारतीय ररज़वथ बैंक(RBI) (ii) एक बहुपिीय व्यापार वाताथ क्षनकाय है ।
c. ऄंतराथष्ट्रीय मुिा कोष (IMF) (iii) पुनर्तनमाथण और क्षवकास के क्षलए ऊण देने की सुक्षवधा प्रदान करता है
d. ऄंतराथष्ट्रीय पुनर्तनमाथण और (iv) भारत का के न्िीय बैंक है ।
क्षवकास बैंक (IBRD)
(A) a-(ii),b-(i),c-(iii),d-(iv) (B) a-(ii),b-(iv),c-(iii),d-(i)
(C) a-(ii),b-(iii),c-(iv),d-(i) (D) a-(ii),b-(iv),c-(i),d-(iii)
ईत्तर - (D) a-(ii),b-(iv),c-(i),d-(iii) 1
21 प्रश्न 21. माओ ने 'ग्रेि लीप फॉरवडथ' की शुरुअत वषथ ______में की थी। (सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) 1951 (B) 1955 (C) 1958 (D) 1962
ईत्तर : (C) 1958 1
22 प्रश्न : भारत में ग्रामीण क्षवत्तपोषण के क्षलए शीषथ संस्था का नाम क्षलक्षखए ।
ईत्तर: नाबाडथ/ NABARD 1
23 प्रश्न: भारत की प्रथम सात पंचवषीय योजनाओं में ____ नीक्षत का ऄनुगमन घरे लू ईद्योगों के संरिण के क्षलए दकया गया था ।
ईत्तर : अयात प्रक्षतस्थापन/ ऄंतमुथखी व्यापार 1
24 प्रश्न: _______उजाथ के व्यावसाक्षयक स्रोत का एक ईदाहरण है । (सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) जलाउ लकड़ी (B) कोयला (C) कृ क्षष का कू ड़ा-कचरा (D) सूखी गोबर के ईपले
ईत्तर:(B) कोयला 1
25 प्रश्न: ईल्लेख कीक्षजए दक क्षनम्नक्षलक्षखत कथन सत्य है ऄथवा ऄसत्य
“पादकस्तान की तुलना में, भारत में गरीबी रे खा से नीचे रहने वाले लोगों का ऄनुपात ऄक्षधक है।"
ईत्तर : सत्य 1
26 प्रश्न: दकसी एक महारत्न कम्पनी का नाम क्षलक्षखए ।
ईत्तर: आं क्षडयन ऑयल कॉरपोरे शन क्षलक्षमिेड ऄथवा स्िील ऄथॉररिी ऑफ आं क्षडया क्षलक्षमिेड (ऄन्य कोइ प्रासंक्षगक ईदाहरण) 1
27 प्रश्न:क्षनम्नक्षलक्षखत में से कौन-सा जैक्षवक खेती का एक लाभ नही है ? (सही क्षवकल्प का चयन कीक्षजए)
(A) सस्ते अगत (B) क्षनवेश पर अकषथक प्रक्षतफल (C) अयात की ऄक्षधक संभावनाएूँ (D) ईच्च पोषण मान
ईत्तर: (C) अयात की ऄक्षधक संभावनाएूँ 1
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28 प्रश्न: “भारत में क्षबजली (शक्षक्त) िेत्र को कइ प्रमुख चुनौक्षतयों का सामना करना पड़ता है।” ददए गए कथन की मान्य तकों सक्षहत चचाथ
कीक्षजए ।
ईत्तर : भारत में क्षबजली (शक्षक्त) िेत्र को क्षनम्नक्षलक्षखत प्रमुख चुनौक्षतयों का सामना करना पड़ता है:
(i) भारत की क्षबजली ईत्पादन िमता पयाथप्त नहीं है। यहाूँ तक दक स्थाक्षपत िमता का भी ऄल्प ईपयोग होता है क्योंदक 1½
क्षबजली घर ईक्षचत तरीके से नहीं चल रहे हैं।
(ii) रायय क्षवद्युत बोडथ जो क्षवद्युत क्षवतरण करते हैं हाक्षन में हैं आसका कारण संप्रेषण और क्षवतरण का नुकसान तथा क्षबजली 1½
की ऄनुक्षचत कीमतें हैं (ऄन्य कोइ प्रासंक्षगक बबदु)
प्रश्न: “1964 - 66 के क्षशिा अयोग की क्षसफाररशों को लागू करने में भारत ऄसफल रहा है ।” ददए गए कथन के समथथन में मान्य तकथ
प्रस्तुत कीक्षजए ।
ईत्तर: क्षवगत वषों से भारत शैक्षिक मापदंडों को ऐक्षछछक स्तर तक ले जाने में सफल नहीं हुअ । क्षशिा अयोग (1964- 66) ने
3
क्षसफाररश की थी दक शैक्षिक ईपलक्षब्धयों की संवृक्षि दर में ईल्लेखनीय सुधार लाने के क्षलए सकल घरे लू ईत्पाद का कम से कम 6%
क्षशिा पर खचथ दकया जाना चाक्षहए दकन्तु क्षशिा पर वतथमान व्यय ऄपयाथप्त है ऄतः सरकार को आस ददशा में अवश्यक कदम ईठाने
चाक्षहए। (ऄन्य दकसी मान्य कारण/तकथ /व्याख्या को भी ऄंदकत दकया जाये) (एक साथ मूल्यांकन दकया जाए )
29 प्रश्न: “भारत सरकार ने हाल ही में बढ़ती हुइ हाक्षनयों के कारण MTNL तथा BSNL के क्षवलय की घोषणा की है ।” भारत सरकार
द्वारा ईठाए गए कदमों का औक्षचत्य क्षसि कीक्षजए ।
ईत्तर: भारत सरकार ने हाक्षनयों के कारण एमिीएनएल तथा बीएसएनल का क्षवलय क्षनम्न ईद्देश्यों के क्षलए दकया-
(i) अर्तथक तथा कायाथत्मक(व्यावहाररक) कायथकुशलता की प्राक्षप्त।
3
(ii) संभव हाक्षनयों में कमी। (ऄन्य दकसी मान्य कारण/तकथ /व्याख्या को भी ऄंदकत दकया जाये) (एक साथ मूल्यांकन दकया जाए )
30 प्रश्न 30. संिेप में चचाथ कीक्षजए दक, दकस प्रकार संस्थागत सुधारों (भूक्षम सुधारों) ने भारतीय कृ क्षष को बदलने में महत्त्वपूणथ भूक्षमका क्षनभाइ है ।
ईत्तर: स्वतंत्रता के पश्चात भारत सरकार ने भारतीय कृ क्षष में सुधार के क्षलए क्षवक्षभन्न संस्थागत/ भूक्षम सुधारों को लागू दकया जैसे -
(i) भूक्षम की ऄक्षधकतम सीमा - आस सुधार कायथक्रम ने कु छ हाथों में भूक्षम के स्वाक्षमत्व के के न्िीयकरण को कम करना
सुक्षनक्षश्चत दकया।
2
(ii) जमीदारी व्यवस्था का ईन्मूलन - यह दकसानों का शोषण को खत्म करने और कृ क्षष ईपज के प्रोत्साहन पर कें दित था।
आन सुधारो ने कृ क्षष को एक अजीक्षवका के रूप में क्षस्थरता प्रदान की और समानता का बढ़ावा ददया। 2
(ऄन्य दकसी मान्य कारण/तकथ /व्याख्या को भी ऄंदकत दकया जाये)
प्रश्न: “क्षवदेशी मुिा भंडार की बचत व अत्म-क्षनभथरता के दोहरे ईद्देश्यों के साथ भारत में अयात प्रक्षतबंध लगाए गए थे ।” मान्य तकों सक्षहत ददए गए
कथन का औक्षचत्य क्षसि कीक्षजए।
ईत्तर : यह कथन सही है क्योंदक आस नीक्षत का ईद्देश्य था -
(i) अयात को घरे लू ईत्पाद द्वारा प्रक्षतस्थापन करना क्योदक आससे घरे लू ईद्योगों को क्षवदेशी प्रक्षतस्पधाथ से संरिण क्षमला।
(ii) अयात की मात्रा पर प्रक्षतबंध से दुलथभ क्षवदेशी क्षवक्षनमय की बचत हुइ। 2
2
आस प्रकार स्वतंत्रता प्राक्षप्त के बाद आन दोहरे ईद्देश्यों की सहायता से भारत अत्मक्षनभथरता के लक्ष्य की ओर ऄग्रसर हुअ
(ऄन्य दकसी मान्य कारण/तकथ /व्याख्या को भी ऄंदकत दकया जाये)
31 प्रश्न: स्वतंत्रता की पूव-थ संध्या पर भारत की व्यावसाक्षयक संरचना की दकन्हीं दो मुख्य क्षवशेषताओं पर रिप्पणी कीक्षजए।
ईत्तर स्वतंत्रता पूवथ भारत की व्यावसाक्षयक संरचना की दो प्रमुख क्षवशेषताएं क्षनम्न हैं-
(i) कृ क्षष िेत्र का प्रभुत्व- कु ल कायथबल का लगभग तीन चौथाइ भाग प्रत्यि या परोि रूप से कृ क्षष पर क्षनभथर होने के कारण, 2
कृ क्षष िेत्र में कायथबल का सबसे ऄक्षधक भाग कायथरत था।
(ii) िेत्रीय क्षवषमताओं में वृक्षि- क्षवक्षनमाथण और सेवा िेत्रों में वृक्षि के कारण कु छ क्षनक्षश्चत िेत्रों जैसे मिास,बम्बइ और बंगाल
अदद सूबों में कृ क्षष िेत्र पर कायथबल की क्षनभथरता में अनुपाक्षतक कमी अइ। ( या ऄन्य कोइ ईपयुक्त क्षवशेषता) 2
32 प्रश्न . मान्य कारणों द्वारा भारत व चीन के ददये गये अंकड़ों की तुलना व क्षवश्लेषण करें :
राष्ट्र जनसंख्या वृक्षि की वार्तषक दर (2015) बलगानुपात (प्रक्षत हज़ार पुरुष)
भारत 1.2% 929
चीन 0.5% 941
स्रोत : क्षवश्व क्षवकास संकेतक, 2015.
ईत्तर: (i) ददए गए अंकड़े दशाथते हैं दक चीन ने 1970 के दशक में "एक क्षशशु नीक्षत" जैसे कु छ सख्त ईपायों की सहायता से ऄपनी 2
जनसंख्या की वार्तषक वृक्षि दर को क्षनयंक्षत्रत दकया है। ये ईपाय चीन के क्षलए जनसंख्या वृक्षि को क्षनयंक्षत्रत करने में मददगार क्षसि हुए।
भारत की जनसंख्या की वार्तषक वृक्षि दर जो 1.2% है, चीन क्षजसकी वार्तषक वृक्षि दर 0.5% , से लगभग दुगनी है।
(ii) दोनो देशों का सामाक्षजक ढांचा लगभग समान है। लड़को को प्राथक्षमकता देने के कारण दोनों ही देशों का बलगानुपात कम तथा
पिपातपूणथ है। जहां भारत 929 मक्षहला प्रक्षत 1000 पुरुष पर खड़ा है वही चीन भी 941 मक्षहला प्रक्षत 1000 पुरुष के साथ बहुत दूर नही 2
है।
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33 33. क्षनम्नक्षलक्षखत को पररभाक्षषत कीक्षजए :
(A) पयाथवरण की धारण िमता
(B) जैक्षवक कं पोस्ि खाद
(C) धारणीय क्षवकास
(D) पयाथवरण की ऄवशोषी िमता
ईत्तर:
(A) पयाथवरण की धारण िमता - आसका ऄथथ है दक संसाधनों का क्षनष्कषथण, आनके पुनजथनन की दर से ऄक्षधक नहीं है और ईत्पन्न ऄवशेष 1½
पयाथवरण की समावेशन िमता के भीतर हैं
(B) जैक्षवक कं पोस्ि खाद - एक ऐसी प्रदक्रया क्षजसमें क्षवक्षभन्न प्रकार के जैव ऄपक्षशष्टों को मूल्यवान प्राकृ क्षतक खाद में पररवर्ततत दकया 1½
जाता है।
(C) धारणीय क्षवकास - ऐसा क्षवकास जो वतथमान पीढी की अवश्यकताओं को भावी पीढ़ी की अवश्यकताओं की पूर्तत िमता से समझौता 1½
दकए क्षबना, पूरा करें ।
(D) पयाथवरण की ऄवशोषण िमता - पयाथवरणीय िक्षत पहुूँचाये क्षबना, पयाथवरण की ऄपिय को सोखने की योग्यता से है। 1½
(या ऄन्य कोइ ईक्षचत पररभाषा)
34 प्रश्न: (a) भारत में श्रमबल के ऄनौपचारीकरण पर रिप्पणी कीक्षजए ।
(b) श्रक्षमक-जनसंख्या ऄनुपात की पररभाषा क्षलक्षखए ।
ईत्तर :(a) क्षवगत वषों में भारत के ऄनौपचाररक ऄथवा ऄसंगरठत िेत्र में कायथबल का ऄनुपात तेजी से बढा है।देश में लगभग
पूरा कृ क्षष िेत्र तथा ईद्योग और सेवा िेत्र का एक बहुत बड़ा भाग ऄनौपचाररक िेत्र में अता है। आस िेत्र में कायथरत श्रक्षमक
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सामान्यता क्षनयक्षमत वेतन तथा ऄन्य सामाक्षजक सुरिा लाभो से वंक्षचत रहते हैं। श्रमबल का ऄनौपचाररकरण एक ऐसी प्रदक्रया है
क्षजसमें कायथबल औपचाररक िेत्र से ऄनौपचाररक िेत्र की ओर स्थानांतररत होता है।
प्रश्न: (b) श्रक्षमक जनसंख्या ऄनुपात का अशय कु ल श्रक्षमकों की संख्या तथा कु ल जनसंख्या के ऄनुपात से है सामान्यतया आसे
प्रक्षतशत में दशाथया जाता है। 2
कु ल श्रक्षमकों की संख्या
श्रक्षमक-जनसंख्या = x 100
कु ल जनसंख्या
प्रश्न : भारत में स्वतंत्रता से ऄब तक कायाथक्षन्वत दकए गए ग़रीबी ईन्मूलन कायथक्रमों के पररणामों का
अलोचनात्मक परीिण कीक्षजए ।
ईत्तर : स्वतंत्रता के पश्चात क्षनधथनता क्षनवारण के क्षलए क्षनधाथररत दकए गए कायथक्रमों के पररणामस्वरूप क्षनधथनों की क्षनरपेि संख्या
तथा ईनके प्रक्षतशत में कमी अइ है । कु छ राययों में यह ऄनुपात क्षनधथनता के राष्ट्रीय औसत से भी कम हो गया है। आन कायथक्रमों के
बावजूद भी देश में ऄभी भी क्षनधथनता, भुखमरी, कु पोषण, क्षनरिरता और बुक्षनयादी सुक्षवधाओं का ऄभाव क्षनरं तर बना हुअ है 6
क्षजसके कारण क्षनम्नक्षलक्षखत हैं-
1.पररसंपक्षत्तयों के स्वाक्षमत्व में कोइ मौक्षलक पररवतथन ना होना।
2.भूक्षम और ऄन्य पररसंपक्षत्तयों के क्षवतरण की क्षवषमताओं के कारण प्रत्यि क्षनधथनता क्षनवारण कायथक्रमों का लाभ प्राय गैर क्षनधथन
वगथ के लोग ही ईठा पाए।
3. आन कायथक्रमों के क्षलए अवंरित संसाधन क्षनतांत ही ऄपयाथप्त रहे।
4. क्षनधथनता क्षनवारण कायथक्रमों के दक्रयान्वयन के क्षलए ईत्तरदायी ऄक्षधकाररयों में ईपयुक्त चेतना का ऄभाव तथा ईनका ऄपयाथप्त
प्रक्षशिण।
ऄतः यह कहा जा सकता है की क्षनधथनता क्षनवाथरण कायथक्रम बहुत ऄछछे कदम थे लेदकन सही तरह से दक्रयाक्षन्वत न होने के कारण
प्रत्याक्षशत पररणाम प्राप्त न हो सके ।
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