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Senior School Certificate Examination - 2020
HMJ/1
Marking Scheme – ECONOMICS
SUBJECT CODE: 030 PAPER CODE –58/4/1
General Instructions: -
1. You are aware that evaluation is the most important process in the actual and correct
assessment of the candidates. A small mistake in evaluation may lead to serious
problems which may affect the future of the candidates, education system and teaching
profession. To avoid mistakes, it is requested that before starting evaluation, you must
read and understand the spot evaluation guidelines carefully.Evaluation is a 10-12
days mission for all of us. Hence, it is necessary that you put in your best efforts
in this process.
2. Evaluation is to be done as per instructions provided in the Marking Scheme. It should
not be done according to one’s own interpretation or any other consideration. Marking
Scheme should be strictly adhered to and religiously followed. However, while
evaluating, answers which are based on latest information or knowledge and/or
are innovative, they may be assessed for their correctness otherwise and marks
be awarded to them.
3. The Head-Examiner must go through the first five answer books evaluated by each
evaluator on the first day, to ensure that evaluation has been carried out as per the
instructions given in the Marking Scheme. The remaining answer books meant for
evaluation shall be given only after ensuring that there is no significant variation in the
marking of individual evaluators.
4. Evaluators will mark( √ ) wherever answer is correct. For wrong answer ‘X”be marked.
Evaluators will not put right kind of mark while evaluating which gives an impression that
answer is correct and no marks are awarded. This is most common mistake which
evaluators are committing.
5. If a question has parts, please award marks on the right-hand side for each part. Marks
awarded for different parts of the question should then be totaled up and written in the
left-hand margin and encircled. This may be followed strictly.
6. If a question does not have any parts, marks must be awarded in the left-hand margin
and encircled. This may also be followed strictly.
7. If a student has attempted an extra question, answer of the question deserving more
marks should be retained and the other answer scored out.
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8. No marks to be deducted for the cumulative effect of an error. It should be penalized
only once.
9. A full scale of marks 0-80 has to be used. Please do not hesitate to award full marks if
the answer deserves it.
10. Every examiner has to necessarily do evaluation work for full working hours i.e. 8 hours
every day and evaluate 20 answer books per day in main subjects and 25 answer
books per day in other subjects (Details are given in Spot Guidelines).
11. Ensure that you do not make the following common types of errors committed by the
Examiner in the past:-
● Leaving answer or part thereof unassessed in an answer book.
● Giving more marks for an answer than assigned to it.
● Wrong totaling of marks awarded on a reply.
● Wrong transfer of marks from the inside pages of the answer book to the title page.
● Wrong question wise totaling on the title page.
Wrong totaling of marks of the two columns on the title page.
● Wrong grand total.
● Marks in words and figures not tallying.
● Wrong transfer of marks from the answer book to online award list.
● Answers marked as correct, but marks not awarded. (Ensure that the right tick mark is
correctly and clearly indicated. It should merely be a line. Same is with the X for
incorrect answer.)
● Half or a part of answer marked correct and the rest as wrong, but no marks awarded.
12. While evaluating the answer books if the answer is found to be totally incorrect, it should
be marked as cross (X) and awarded zero (0)Marks.
13. Any unassessed portion, non-carrying over of marks to the title page, or totaling error
detected by the candidate shall damage the prestige of all the personnel engaged in the
evaluation work as also of the Board. Hence, in order to uphold the prestige of all
concerned, it is again reiterated that the instructions be followed meticulously and
judiciously.
14. The Examiners should acquaint themselves with the guidelines given in the Guidelines
for spot Evaluation before starting the actual evaluation.
15. Every Examiner shall also ensure that all the answers are evaluated, marks carried over
to the title page, correctly totalled and written in figures and words.
The Board permits candidates to obtain photocopy of the Answer Book on request in an
RTI application and also separately as a part of the re-evaluation process on payment
of the processing charges.
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ऄपेक्षिक ईत्तर
प्रश्न ऄंक
खण्ड –क समक्षि ऄथथशास्त्र
प्रश्न : मुद्रा पूर्तत के दो घटक ______तथा ______हैं। (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें ।)
ईत्तर: मुद्रा पूर्तत के दो घटक हैं- 1) जनता के पास करें सी। 2) व्यवसाक्षयक बैंकों के पास मांग जमाए।
½+ ½
प्रश्न: मौद्रद्रक नीक्षत का मुख्य ईद्देश्य-----------------------है। (सही क्षवकल्प का चयन
1
करें ।)
(क) ऄथथव्यवस्था में कीमत क्षस्थरता लाना । (ख) देश में रोजगार सृजन करना । 1
(ग) व्यापार ऄक्षधशेष में वृक्षि करना। (घ) ऄक्षधक कर राजस्व ऄर्तजत करना ।
ईत्तर : (क) ऄथथव्यवस्था में कीमत क्षस्थरता लाना।
2 प्रश्न : ईल्लेख करे द्रक, द्रदया गया कथन सत्य ऄथवा ऄसत्य है : ‘ऄप्रत्याक्षशत ऄप्रचलन मूल्यह्रास का एक घटक
है।'
1
ईत्तर: ऄसत्य
3 प्रश्न: एक क्षवद्याथी, रोक्षहणी के बटुए में रखा ₹2,000 का नोट ______ (स्टॉक/प्रवाह) चर का ईदाहरण है।
ईत्तर: स्टॉक 1
4 प्रश्न: मध्यवती ईपभोग को पररभाक्षषत करें ।
ईत्तर: ईत्पादन प्रद्रिया के दौरान ईपभोग की गइ वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य मध्यवती ईपभोग कहलाता है। 1
प्रश्न: वाक्षणज्य बैंकों द्वारा द्रदए गए ऊण, ऄथथव्यवस्था में मुद्रा पूर्तत में ______ (वृक्षि/कमी) करते हैं।
ईत्तर: वृक्षि 1
5
6 प्रश्न: साधन भुगतानों का योग ---------------------------------के बराबर होता है। (सही क्षवकल्प का चयन 1
करें ।)
(क) घरे लू अय (ख) राष्ट्रीय अय (ग) प्रक्षत-व्यक्षक्त वास्तक्षवक अय (घ) प्रक्षत-व्यक्षक्त मौद्रद्रक अय
ईत्तर : (क) घरे लू अय (ख) राष्ट्रीय अय (दोनों में से द्रकसी भी क्षवकल्प के क्षलए ऄंक द्रदए जायँ
)
7 प्रश्न: ईल्लेख करें द्रक, द्रदया गया कथन सत्य ऄथवा ऄसत्य है :
‘सरकार द्वारा लागू की गइ ईज्ज्वला योजना पर द्रकया गया व्यय, पूँजीगत व्यय का एक ईदाहरण हैं।
1
ईत्तर: ऄसत्य
8 प्रश्न : पूणथ रोजगार को पररभाक्षषत करें ।
ईत्तर: पूणथ रोज़गार एक ऐसी क्षस्थक्षत को दशाथता है क्षजसमें ऐसे सभी व्यक्षक्तयों, जो वतथमान मजदूरी दरों पर काम 1
करने के आच्छु क तथा योग्य हैं, को रोज़गार प्राप्त होता है। (ऄन्य द्रकसी प्रमाक्षणक पररभाषा के क्षलए भी ऄंक द्रदए जाए)
9 प्रश्न: यद्रद, औसत ईपभोग प्रवृक्षत्त (APC) का मूल्य 0.8 तथा राष्ट्रीय अय ₹ 4,000 करोड़ है, तो बचत का मूल्य ___होगा।
(क) ₹ 100 करोड़ (ख) ₹ 200 करोड़ (ग) ₹ 800 करोड़ (घ) ₹ 500 करोड़ (सही क्षवकल्प का चयन करें ।)
ईत्तर: (ग) ₹800 करोड़ 1
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10 प्रश्न: सरकारी बजट में 'ऊण सृक्षजत पूँजीगत प्राक्षप्तयों' का कोइ एक ईदाहरण दें।
ईत्तर :ईधार 1
11 प्रश्न : “एक गृक्षहणी द्वारा दी गइ घरे लू सेवाएँ अर्तथक द्रिया नहीं मानी जाती है ।"
द्रदए गए कथन का मान्य तकथ द्वारा समथथन ऄथवा खंडन करें ।
ईत्तर: द्रदए गए कथन का समथथन द्रकया जाता है। गृक्षहणी द्वारा दी गइ घरे लू सेवाओं का मौद्रद्रक मूल्यांकन नहीं 3
द्रकया जा सकता। ऄतः यह द्रियाएं अर्तथक द्रियाओं में सक्षममक्षलत नहीं की जाती हैं। (एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया जाए)
12 प्रश्न : क्षनम्नक्षलक्षखत अँकड़ों द्वारा साधन लागत पर शुि मूल्य वृक्षि (NVA FC)की गणना करें :
ि.सं क्षववरण राक्षश (₹ करोड़ में)
(i) ईत्पादन का मूल्य 800
(ii) मध्यवती ईपभोग 200
(iii) ऄप्रत्यि कर 30
(iv) मूल्यह्रास 20
(v) ईपदान 50
(vi) मशीन का िय 50
ईत्तर: NVAFC = (i) – (ii) – (iv) – [(iii) – (v)] 1½
= 800 – 200 – 20- [30 – 50] 1
= ₹ 600 करोड़ ½
प्रश्न संपक्षत्त तथा ईद्यम से ऄर्तजत अय के तीन घटकों का ईल्लेख करें ।
ईत्तर संपक्षत्त तथा ईद्यम से ऄर्तजत अय के तीन घटक हैं:
i. द्रकराया/ रायल्टी 1
ii. ब्याज 1
iii. लाभ 1
13 प्रश्न: सरकारी बजट में 'संसाधनों के अवंटन' के ईद्देश्य की व्याख्या करें ।
ईत्तर: संसाधनों का अवंटन - सरकार, समाज के सभी वगों में संतुलन स्थाक्षपत करने के ईद्देश्य को प्राप्त करने हेतु
संसाधनों का अवंटन करती है। स्वास््य के क्षलए हाक्षनकारक वस्तुओं और सेवाओं के ईत्पादन को कर नीक्षत के द्वारा
हतोत्साक्षहत द्रकया जाता है। आसी प्रकार समाज के क्षलए लाभदायक वस्तुओं के ईत्पादन को अर्तथक सहायता द्वारा
प्रोत्साक्षहत द्रकया जाता है। यद्रद क्षनजी िेत्र आन क्षवशेष द्रियाकलापों (सावथजक्षनक वस्तुए)ं में पहल नहीं करते हैं तो 4
सरकार ईन्हें सीधे क्षनयंक्षत्रत कर सकती है, जैसे जल-अपूर्तत तथा सफाइ व्यवस्था अद्रद। ( एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया
जाए)
14 प्रश्न: प्रभावी माँग को पररभाक्षषत करें । क्षववेचना करें , यद्रद प्रत्याक्षशत समग्र माँग (AD), प्रत्याक्षशत समग्र पूर्तत
(AS) से ऄक्षधक है, तो द्रकस प्रकार प्रभावी माँग को बहाल द्रकया जा सकता है।
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ईत्तर: प्रभावी मांग रोजगार के ईस स्तर से संबंक्षधत है जहां समग्र मांग( AD), समग्र पूर्तत (AS) के बराबर होती
है। 1
यद्रद प्रत्याक्षशत समग्र मांग (AD), प्रत्याक्षशत समथथ समग्र पूर्तत (AS) से ऄक्षधक है तो, आसका ऄथथ है द्रक ईत्पादक
क्षजतने ईत्पादन की योजना बना रहे हैं, िे ता ईससे ऄक्षधक खरीदने की योजना बना रहे हैं।
ऄतः, ईत्पादकों के स्टॉक वांछनीय स्तर से कम हो जाएंगे। पररणाम स्वरूप, ईत्पादक ऄक्षधक ईत्पादन करें गे
3
क्षजससे रोजगार के स्तर एवं अय में वृक्षि होगी। यह प्रद्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक प्रत्याक्षशत समग्र पूर्तत
(AS), ऄप्रत्याक्षशत समग्र मांग (AD) के बराबर ना हो जाए।
15 प्रश्न: के न्द्रीय बैंक के „सरकार के बैंकर, ऐजेंट तथा सलाहकार' के कायथ की व्याख्या करें ।
ईत्तर: सरकार के बैंकर के रूप में, कें द्रीय बैंक सरकार की प्राक्षप्तओं को स्वीकार करता है तथा ईसकी ओर भुगतान करता है।
यह सरकार को क्षवक्षभन्न ईद्देश्यों के क्षलए ऊण प्रदान करता है। कें द्रीय बैंक एजेंट तथा सलाहकार के रूप में सरकार के क्षलए 4
सावथजक्षनक ऊण का प्रबंध करता है तथा अर्तथक मामलों में सरकार को सलाह भी देता है। (एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया जाए)
प्रश्न: समझाएँ द्रक, के न्द्रीय बैंक द्रकस प्रकार 'बैंक दर' द्वारा मुद्रा पूर्तत में क्षस्थरता लाता है ।
ईत्तर: बैंक दर, ब्याज की वह दर है क्षजस पर कें द्रीय बैंक, व्यवसाक्षयक बैंकों को ईनकी दीघथकालीन अवश्यकताओं को पूरा
करने के क्षलए ऊण देता है। बैंक दर में वृक्षि, व्यवसाक्षयक बैंकों पर ईनकी ब्याज दरों में वृक्षि के क्षलए दबाव बनाती है। यह
सामान्य जनता के क्षलए ऊण/ईधार को महंगा करता है। जो जनता को ऊण लेने के क्षलए हतोत्साक्षहत करता है। क्षजससे
4
ऄथथव्यवस्था में मुद्रा की पूर्तत बाक्षधत होती है ऄथवा क्षवलोम सत्य। (एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया जाए)
16 प्रश्न: ईक्षचत तकथ सक्षहत बताएँ, द्रक क्षनम्नक्षलक्षखत कथनों में से कौन सा कथन सत्य ऄथवा ऄसत्य है :
(i) एक ऄथथव्यवस्था के क्षलए व्यापार घाटा सदैव बड़ी क्षचन्ता का क्षवषय होता है।
(ii) मुद्रा के मूल्यह्रास तथा मुद्रा-ऄवमूल्यन का क्षनयाथत पर एक समान प्रभाव पड़ता है।
(iii) ‘भारतीयों द्वारा क्षवदेशी समपक्षत्तयों में क्षनवेश' भुगतान संतुलन के पूँजी खाते के नामे (डेक्षबट) पि में लेखांद्रकत द्रकया
जाता है।
ईत्तर: (i) ऄसत्य, व्यापार घाटा कम चचताजनक होता है यद्रद यह ऐसे क्षनवेश में वृक्षि दशाथता है, जो की पूंजी के स्टॉक में वृक्षि करता है 2
तथा क्षजससे भक्षवष्य में ईत्पादन की वृक्षि होती है।
(ii) सत्य, मूल्यह्रास तथा ऄवमूल्यन दोनों द्रकसी ऄथथव्यवस्था के क्षनयाथत पर समान प्रभाव डालते हैं। यह दोनों शब्द यद्यक्षप पयाथयवाची हैं 2
परं तु क्षभन्न संदभों में प्रयोग द्रकए जाते हैं। ऄवमूल्यन को क्षस्थर क्षवक्षनमय प्रणाली में प्रयोग द्रकया जाता है, जबद्रक मूल्यह्रास को नमय
क्षवक्षनमय दर प्रणाली के ऄंतगथत प्रयोग द्रकया जाता है।
2
(iii) सत्य, भारतीयों द्वारा क्षवदेशी संपक्षत्तयों में क्षनवेश के कारण क्षवदेशी मुद्रा का बक्षहगथमन होता है। ऄतः यह भुगतान संतुलन के पूंजी
खाते के नामें (डेक्षबट) पि में लेखांद्रकत द्रकया जाएगा।
प्रश्न: (क) समझाएँ द्रक, घरे लू मुद्रा के मूल्यह्रास का राष्ट्र में अयात पर क्या संभाक्षवत प्रभाव पड़ता है।
3
ईत्तर: (क) घरे लू मुद्रा के मूल्यह्रास का ऄथथ क्षवदेशी मुद्रा ($) के संदभथ में घरे लू मुद्रा (₹) के मूल्य में कमी से है। आसके पररणाम स्वरूप,
क्षवदेशी वस्तुएं घरे लू मुद्रा के संदभथ में महंगी हो सकती हैं। क्षजसके कारण ऄथथव्यवस्था में अयात कम हो सकता है।
प्रश्न: (ख) चालू व्यापार घाटा (CAD) तथा चालू व्यापार ऄक्षधशेष (CAS) में ऄंतर स्पि करें ।
ईत्तर: (ख) चालू व्यापार घाटा ईस क्षस्थक्षत में ईत्पन्न होता है जब दृश्य मदों तथा ऄदृश्य मदों (चालू हस्तांतरण सक्षहत) से होने वाली 1½
क्षवदेशी क्षवक्षनमय प्राक्षप्तयाँ, ऐसी ही मदों के क्षलए द्रकए गए क्षवदेशी क्षवक्षनमय भुगतान से कम होती हैं।
जबद्रक
चालू व्यापार ऄक्षधशेष ईस क्षस्थक्षत में ईत्पन्न होता है जब दृश्य मदों तथा ऄदृश्य मदों (चालू हस्तांतरण सक्षहत) से होने वाली क्षवदेशी 1½
क्षवक्षनमय प्राक्षप्तयां ऐसी ही मदों के क्षलए द्रकए गए क्षवदेशी क्षवक्षनमय भुगतान से ऄक्षधक होती हैं।
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17 प्रश्न: (क) क्षनम्नक्षलक्षखत अँकड़ों के अधार पर बताएं द्रक क्या ऄथथव्यवस्था संतुलन में है या नहीं:
ि.सं क्षववरण राक्षश
(i) स्वायत ईपभोग तथा क्षनवेश व्यय ( ) ₹ 500 करोड़
(ii) सीमांत बचत प्रवृक्षत्त (MPS) 0.2
(iii) राष्ट्रीय अय ₹ 4,000 करोड़
ईत्तर: (क) ऄथथव्यवस्था संतुलन में होती है जब AD = AS (Y)
AD = + MPC (Y) 1
AD = 500 + 0.8 (4,000) ( द्रदया है Y = ₹4,000) ½
½
AD = 500 + 3200 =₹ 3,700करोड़ ½
AD (₹3,700) < AS(₹ 4,000), ½
ऄतः ऄथथव्यवस्था संतुलन में नही है।
प्रश्न (ख): द्रदए गए क्षचत्र के अधार पर क्षनम्नक्षलक्षखत प्रश्नों के ईत्तर दें:
(i) छायांद्रकत िेत्र AOB क्या दशाथता है ?
(ii) चबदु B का क्या महत्त्व है ?
ईत्तर: (ख) (i) छायांद्रकत िेत्र AOB एक ऄथथव्यवस्था में ईपभोग के रूप में ईपयोग की गइ कु ल ऊणात्मक बचत 1
या ऄव्बचत को दशाथता है।
2
(ii) चबदु B अय का समस्तर चबदु है, जहां ईपभोग(C), अय(Y) के बराबर होता है ऄथवा बचत शून्य
होती हैं।
के वल दृक्षिबाक्षधत छात्रों के क्षलए
प्रश्न (ख) (i) बचत फलन को पररभाक्षषत करें ।
(ii) ऄब्बचत का क्या महत्व होता है?
ईत्तर (ख) (i) बचत फलन- बचत फलन, बचत (S) तथा अय (Y) के बीच फ़लनात्मक संबंध को दशाथता है। 1
(ii) ऄव्बचत की क्षस्थक्षत तब ईत्पन्न होती है जब ऄथथव्यवस्था में ईपभोग(C) अय(Y) से ऄक्षधक होता है। आसका महत्व यह
है, द्रक आस क्षस्थक्षत में जीवन के क्षलए अधारभूत अवश्यकताएं पूवथ बचतों और ईधाररयों को खचथ करके पूरी की जाती हैं। 2
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खंड- ख भारतीय ऄथथव्यवस्था का क्षवकास
18 प्रश्न: भारत की प्रथम सात पंचवषीय योजनाओं में ______नीक्षत का ऄनुगमन द्रकया गया था. क्षजसका ईद्देश्य
अयात के बदले घरे लू ईत्पादन द्वारा पूर्तत करना था। (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें ।)
1
ईत्तर: अयात प्रक्षतस्थापन
19 प्रश्न: क्षनम्नक्षलक्षखत में से क्या जैक्षवक कृ क्षष का एक लाभ नहीं है ? (सही क्षवकल्प का चयन करें ।)
(क) सस्ते अगत (ख) अकषथक क्षनवेश के प्रक्षतफल
(ग) अयात की ऄक्षधक संभावनाएँ (घ) ईच्च पोषण मान
ईत्तर : (ग) अयात की ऄक्षधक संभावनाएं 1
20 प्रश्न: क्षमक्षित ऄथथव्यवस्था को पररभाक्षषत करें ।
ईत्तर: क्षमक्षित ऄथथव्यवस्था में बाजार व्यवस्था ईन सभी वस्तुओं और सेवाओं को प्रदान करता है, क्षजन्हें वह ऄच्छे
से ईत्पाद्रदत कर सकता है। और सरकार ईन ऄक्षनवायथ वस्तुओं और सेवाओं को प्रदान करती है क्षजन्हें प्रदान करने में 1
बाजार ऄसफल रहते हैं। (ऄन्य कोइ प्रमाक्षणक पररभाषा के क्षलए भी ऄंक द्रदए जाय)
21 प्रश्न: _______________के परवती क्षवश्व व्यापार संगठन (WTO) का गठन 1995 में द्रकया गया था।
ईत्तर: टैररफ और व्यापार पर सामान्य समझौता (GATT) 1
22 प्रश्न: भारत क्षनम्नक्षलक्षखत में से द्रकस िेत्रीय/वैक्षश्वक समूह का सदस्य नहीं है ? (सही क्षवकल्प का चयन करें ।)
(क) साकथ (SAARC) (ख) BRICS (क्षिक्स) (ग) G-7 (घ) G-20
ईत्तर: (ग) G-7 1
23 प्रश्न: क्षवगत् कु छ दशकों में, भारत में _______ (प्राथक्षमक/क्षद्वतीयक/तृतीयक) िेत्र ने रोज़गार के सवाथक्षधक
ऄवसर पैदा द्रकए हैं। (सही क्षवकल्प द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें ।)
ईत्तर : तृतीयक 1
24 प्रश्न: चीन में ‘ग्रेट लीप फॉरवडथ' (GLF) का मुख्य ईद्देश्य------------------में तेजी से वृक्षि सुक्षनक्षित करना था।
(क) कृ क्षष (ख) ईद्योगों (ग) सेवाओं (घ) अयात
1
ईत्तर: (ख) ईद्योगों
25 प्रश्न: प्रच्छन्न बेरोजगारी को पररभाक्षषत करें ।
ईत्तर: प्रच्छन्न बेरोजगारी वह क्षस्थक्षत है, क्षजसमें द्रकसी कायथ में क्षजतने व्यक्षक्तयों की वास्तव में (आिम) अवश्यकता 1
है, ईससे ऄक्षधक व्यक्षक्त कायथरत रहते हैं।
26 प्रश्न: ईल्लेख करें द्रक, क्षनम्नक्षलक्षखत कथन सत्य ऄथवा ऄसत्य है :
“क्षवश्व बैंक को पंजीकरण तथा पररसीमन के ऄंतराथष्ट्रीय बैंक (IBRD) के नाम से भी जाना जाता है।
1
ईत्तर ऄसत्य
प्रश्न: क्षवपक्षणत ऄक्षधशेष को पररभाक्षषत करें ।
1
ईत्तर: कृ क्षष ईत्पाद का वह ऄंश जो द्रकसानों द्वारा बाजार में बेचा जाता है, क्षवपक्षणत ऄक्षधशेष कहलाता है।
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27 प्रश्न: चीन में अर्तथक सुधार वषथ______________में लागू द्रकए गए थे। (सही क्षवकल्प का चयन करें ।)
(क) 1978 (ख) 1980 (ग) 1988 (घ) 1991
ईत्तर: (क) 1978 1
28 प्रश्न: “अर्तथक संवृक्षि में तीव्र वृक्षि ऄवश्य ही पूणथतः क्षनधथन वगथ के व्यक्षक्तयों तक पहँच जाती है ।” द्रदए गए कथन
का तकथ सक्षहत समथथन ऄथवा खंडन करें ।
ईत्तर: द्रदए गए कथन का खंडन द्रकया जाता है क्योंद्रक -
(i) तेजी से बढ़ती हइ जनसंख्या के कारण प्रक्षत व्यक्षक्त अय में वृक्षि बहत कम हइ। 1
(ii) हररत िांक्षत ने िेत्रीय क्षवषमताओं को बढ़ाया और बड़े तथा छोटे द्रकसानों के बीच खाइ गहरी की थी। 1
1
(iii) अर्तथक सुधारों के लाभों को धनी वगथ द्वारा हक्षथया क्षलया गया। (द्रकसी ऄन्य ईक्षचत तकथ को भी ऄंद्रकत द्रकया जाय)
प्रश्न: “मानव पूँजी क्षनमाथण नवोत्थान, अक्षवष्कार तथा तकनीकी सुधारों को जन्म देता है।"
क्या अप द्रदए गए कथन से सहमत है ? ऄपने ईत्तर का ईक्षचत तकथ सक्षहत समथथन करें ।
ईत्तर: हां आस कथन से सहमत हैं। मानव पूंजी क्षनमाथण के वल मानव संसाधनो की ईत्पादकता को ही नही बढ़ाता है
बक्षल्क नवोत्थान तथा नइ तकनीकी को ऄपनाने की योग्यता को भी प्रेररत करता हैं। क्षशिा में क्षनवेश नइ तकनीक
को ऄपनाने की योग्यता,वैज्ञाक्षनक प्रगक्षत के ऄवसर तथा नवोत्थान में सहायता करता है क्योंद्रक क्षशक्षित कायथबल
सामान्यत: नइ तकनीक तथा नवोत्थान को तेजी से सीखता तथा ऄपनाता है।
3
(कोइ ऄन्य ईक्षचत तकथ को भी ऄंद्रकत द्रकया जाय) (पूरा एक साथ मूल्यांकन द्रकया जाए)
29
प्रश्न : मान्य कारणों द्वारा भारत व चीन के द्रदये गये अंकड़ों की तुलना व क्षवश्लेषण करें :
राष्ट्र जनसंख्या वृक्षि की वार्तषक दर (2015) चलगानुपात (प्रक्षत हज़ार पुरुष)
भारत 1.2% 929
चीन 0.5% 941
स्रोत : क्षवश्व क्षवकास संकेतक, 2015.
ईत्तर: (i) द्रदए गए अंकड़े दशाथते हैं द्रक, चीन ने 1970 के दशक में ‘एक क्षशशु नीक्षत’ जैसे कु छ सख्त ईपायों की
सहायता से ऄपनी जनसंख्या की वार्तषक वृक्षि दर को क्षनयंक्षत्रत द्रकया है। ये ईपाय चीन के क्षलए जनसंख्या वृक्षि को
क्षनयंक्षत्रत करने में मददगार क्षसि हए। भारत की जनसंख्या की वार्तषक वृक्षि दर 1.2% है, जो की चीन क्षजसकी
वार्तषक वृक्षि दर 0.5% से लगभग दुगनी है। 2
(ii) दोनो देशों का सामाक्षजक ढांचा लगभग समान है। लड़को को प्राथक्षमकता देने के कारण दोनों ही देशों का
चलगानुपात कम तथा पिपातपूणथ है। जहां भारत में यह ऄनुपात 929 मक्षहला प्रक्षत 1000 पुरुष पर खड़ा है, वहीं
चीन में भी यह ऄनुपात 941 मक्षहला प्रक्षत 1000 पुरुष है। दोनों देश आस ऄनुपात के स्तर पर एक दुसरे से बहत 1
दूर नही है।
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30 प्रश्न (क) भारत सरकार की AYUSH (अयुश) योजना के ऄंतगथत अने वाली छ: भारतीय क्षचद्रकत्सा प्रणाक्षलयों के नाम का ईल्लेख करें ।
ईत्तर (क) भारत सरकार की अयुष योजना के ऄंतगथत क्षनम्न क्षचद्रकत्सा प्रणाक्षलयों को सक्षममक्षलत द्रकया जाता है- ½x6 =
1.अयुवेद 2.योग 3.यूनानी 4.क्षसि 5.प्राकृ क्षतक क्षचद्रकत्सा और 6.होमयोपैथी 3
प्रश्न (ख) उजाथ के द्रकन्हीं दो गैर-पारं पररक स्रोतों के नाम क्षलखें।
½+½
ईत्तर (ख) उजाथ के दो गैर पारं पररक स्रोत है : सौर उजाथ तथा पवन उजाथ (या ऄन्य कोइ उजाथ का ईपयुक्त स्रोत)
31 प्रश्न: स्वतंत्रता पूवथ भारत की व्यावसाक्षयक संरचना की द्रकन्हीं दो प्रमुख क्षवशेषताओं का संिेप में वणथन करें ।
ईत्तर: स्वतंत्रता पूवथ भारत की व्यावसाक्षयक संरचना की दो प्रमुख क्षवशेषताएं क्षनम्नक्षलक्षखत हैं:
(i) कृ क्षष िेत्र का प्रभुत्व- कु ल कायथबल का लगभग तीन चौथाइ भाग प्रत्यि या परोि रूप से कृ क्षष पर क्षनभथर होने के कारण, कृ क्षष िेत्र
2
में कायथबल का सबसे ऄक्षधक भाग कायथरत था।
(ii) िेत्रीय क्षवषमताओं में वृक्षि- क्षवक्षनमाथण और सेवा िेत्रों में वृक्षि के कारण भारत के कु छ िेत्रों (मद्रास,बमबइ और बंगाल अद्रद सूबों)
में कृ क्षष िेत्र पर कायथबल की क्षनभथरता में अनुपाक्षतक कमी अइ थी। (या ऄन्य कोइ ईपयुक्त क्षवशेषता) 2
प्रश्न: भारतीय ऄथथव्यवस्था के योजना ईद्देश्य के रूप में „अत्मक्षनभथरता' के चयन के औक्षचत्य का संिेप में क्षववेचन करें ।
ईत्तर: भारतीय ऄथथव्यवस्था के योजना ईद्देश्य के रूप में अत्मक्षनभथरता के चयन के मुख्य औक्षचत्य थे-
(i) क्षवदेशो पर क्षनभथरता में कमी- योजना ईद्देश्य में अत्मक्षनभथरता का लक्ष्य अर्तथक क्षवकास और अधुक्षनकीकरण था। स्वतंत्रता के पिात 2
पंचवषीय योजना के अरक्षमभक वषो में क्षवदेशो पर क्षनभथरता कम करने के क्षलए घरे लू संसाधनों के ईपयोग पर बल द्रदया गया।
(ii) क्षवदेशी हस्तिेप को रोकना- स्वतंत्रता के पिात यह डर था द्रक अयाक्षतत खाद्य सामग्री, क्षवदेशी तकनीक और क्षवदेशी पूंजी पर
क्षनभथरता, हमारे देश की नीक्षतयों में क्षवदेशी हस्तिेप को बढ़ा सकती है। 2
32 प्रश्न: भारत को प्रायः क्षवश्व का ‘बाह्य प्रापण गंतव्य' कहा जाता है । भारत को द्रदए गए आस नाम के मुख्य कारणो का वणथन करें ।
ईत्तर: भारत को क्षवश्व का ‘बाह्य प्रापण गंतव्य’ कहने के मुख्य कारण हैं -
(1) कु शल मानव शक्षक्त की ईपलब्धता - भारत में कु शल मानव शक्षक्त की बहतायत है जो बहराष्ट्रीय कं पक्षनयों के क्षवश्वास को बढ़ाता है।
(2) ऄनुकूल सरकारी नीक्षतयां - भारतीय सरकार बहराष्ट्रीय कं पक्षनयों को क्षवक्षभन्न प्रकार के लाभ प्रद प्रस्ताव जैसे करो मे छू ट, करो की 2
क्षनम्न दर अद्रद, देती है क्षजससे बहराष्ट्रीय कं पक्षनयां भारत की ओर अकर्तषत होती है। (या ऄन्य कोइ ईपयुक्त कारण सक्षहत व्याख्या) 2
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प्रश्न: क्षनम्नक्षलक्षखत को पररभाक्षषत करें :
(i) पयाथवरण की धारण िमता (ii) जैक्षवक कं पोस्ट खाद
(iii) धारणीय क्षवकास (iv) पयाथवरण की ऄवशोषी िमता
ईत्तर: (i) पयाथवरण की धारण िमता - आसका ऄथथ है द्रक संसाधनों का क्षनष्कषथण, आनके पुनजथनन की दर से ऄक्षधक नहीं है और ईत्पन्न 1½
ऄवशेष पयाथवरण की समावेशन िमता के भीतर हैं।
(ii) जैक्षवक कं पोस्ट खाद - एक ऐसी प्रद्रिया क्षजसमें क्षवक्षभन्न प्रकार के जैव ऄपक्षशिों को मूल्यवान प्राकृ क्षतक खाद में पररवर्ततत द्रकया 1½
जाता है।
(iii) धारणीय क्षवकास - ऐसा क्षवकास जो वतथमान पीढी की अवश्यकताओं को भावी पीढ़ी की अवश्यकताओं की पूर्तत िमता से समझौता
द्रकए क्षबना, पूरा करें । 1½
(iv) पयाथवरण की ऄवशोषण िमता - पयाथवरण की ऄवशोषण िमता से तात्पयथ पयाथवरणीय िक्षत पहँचाये क्षबना, पयाथवरण की ऄपिय
को सोखने की योग्यता से है। (या ऄन्य कोइ ईक्षचत पररभाषा)
1½
34 प्रश्न : (क) िक्षमक-जनसंख्या ऄनुपात को पररभाक्षषत करें । आसका क्या महत्त्व है ?
ईत्तर: (क) िक्षमक-जनसंख्या ऄनुपात: िक्षमक-जनसंख्या ऄनुपात, कु ल िक्षमको का कु ल जनसंख्या से ऄनुपात दशाथता है। आसे सामान्यतः
प्रक्षतशत में प्रदर्तशत द्रकया जाता है। आसे सभी िक्षमकों की संख्या को देश की कु ल जनसंख्या से भाग कर ईसे 100 से गुणा कर प्राप्त द्रकया
जा सकता है। 2
यह ऄनुपात, जनसंख्या के ईस भाग को दशाथता है जो देश में सद्रिय रूप से वस्तुओं और सेवाओं के ईत्पादन में योगदान करता है।
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प्रश्न: (ख) द्रदए गए अंकड़ों के अधार पर भारत में िम बल के िेत्रकवार क्षवतरण की प्रवृक्षत्तयों का क्षवश्लेषण करें ।
रोजगार प्रारूप में प्रवृक्षत्तयाँ (िेत्रकवार) 1972-2012 (% में) 1
िेत्रक 1972-73 1983 1993-94 1999-2000 2011-2012
प्राथक्षमक 74.3 68.6 64 60.4 48.9
क्षद्वतीयक 10.9 11.5 16 15.8 24.3
सेवाएँ 14.8 16.9 20 23.8 26.8
कु ल 100.0 100.0 100.0 100.0 100.0
ईत्तर (ख) द्रदए गए अंकड़े दशाथते हैं द्रक द्रदए गए समयकाल के दौरान प्राथक्षमक िेत्र में िमबल का ऄनुपात तेजी से घटा है जबद्रक
क्षद्वतीयक तथा सेवायें दोनो िेत्रों में रोजगार की सहभाक्षगता बढ़ी है। 1993 - 94 से 2011 - 12 के बीच क्षद्वतीयक िेत्रक में क्षहस्सेदारी 3
लगभग 9% तथा सेवा िेत्र में आसी समय-काल के क्षलए लगभग 7% बढ़ी है। (एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया जाए) (या ऄन्य कोइ ईपयुक्त व्याख्या)
प्रश्न (क): “प्रधानमंत्रीजी ने ग्रामीण िेत्र की अय में वृक्षि के क्षलए गैर-कृ क्षष द्रियाकलापों को बढ़ावा देने का अग्रह द्रकया है।" द्रकस
प्रकार गैर-कृ क्षष द्रियाकलाप ग्रामीण िेत्र में लोगों की अय में वृक्षि कर सकते हैं ?
ईत्तर(क) गैर कृ क्षष द्रियाकलाप धारणीय अजीक्षवका के क्षलए एक वैकक्षल्पक मागथ प्रदान करते हैं। यह द्रियाकलाप ईत्पादन तथा बाजार
कीमतों में ईतार-चढ़ाव के जोक्षखम को कम करके अय के स्तर में वृक्षि करते हैं। भारत में कृ क्षष एक मौसमी व्यवसाय है। गैर मौसम में 3
रोज़गार की तलाश और द्रकसानों की अय को क्षस्थर रखना करठन हो जाता है। आसमें भी गैर कृ क्षष द्रियाकलाप सहायक होते हैं। आसक्षलए
प्रधानमंत्री जी ने ग्रामीण भारत के द्रकसानों के क्षहत मे ईक्षचत अग्रह द्रकया है। (एक साथ मूल्यांद्रकत द्रकया जाए)
प्रश्न (ख) “भारतीय स्वास््य प्रणाली को स्वयं को ठीक करने के क्षलए सावथजक्षनक व्यय की खुराक में वृक्षि करने की अवश्यकता है।" द्रदए गए
कथन का समथथन ऄथवा खंडन ईक्षचत तकथ सक्षहत करें ।
ईत्तर (ख) आस कथन का समथथन द्रकया जाता है क्योद्रक स्वतंत्रता से ही भारत में स्वास््य प्रणाली में सुधार की गक्षत ऄतार्ककक रूप से कम
रही है। दूसरे कारणों के साथ साथ स्वास््य प्रणाली ऄपेिाकृ त कम सावथजक्षनक व्यय की क्षशकार रही है। कु छ बड़े क्षवकासशील देशों की
तुलना में हमारा स्वास््य पर जीडीपी के प्रक्षतशत के रूप में, ख़चथ बहत कम रह है। यह 2014-15 में कु ल सकल घरे लू ईत्पाद का लगभग 3
4.7% है। आसक्षलए वास्तव में “भारतीय स्वास््य प्रणाली को स्वयं को ठीक करने के क्षलए सावथजक्षनक व्यय की खुराक में वृक्षि करने की
अवश्यकता है। (पूरा एक साथ मूल्यांकन द्रकया जाए) (अंकड़े के वल ईत्तर के समथथन के क्षलए द्रदए गए हैं। अंकडें नही देने पर ऄंक न काटे जाएं)
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