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Senior School Certificate Examination - 2020
HMJ/1
Marking Scheme – ECONOMICS
SUBJECT CODE: 030 PAPER CODE –58/5/2
General Instructions: -
1. You are aware that evaluation is the most important process in the actual and correct
assessment of the candidates. A small mistake in evaluation may lead to serious
problems which may affect the future of the candidates, education system and teaching
profession. To avoid mistakes, it is requested that before starting evaluation, you must
read and understand the spot evaluation guidelines carefully.Evaluation is a 10-12
days mission for all of us. Hence, it is necessary that you put in your best efforts
in this process.
2. Evaluation is to be done as per instructions provided in the Marking Scheme. It should
not be done according to one’s own interpretation or any other consideration. Marking
Scheme should be strictly adhered to and religiously followed. However, while
evaluating, answers which are based on latest information or knowledge and/or
are innovative, they may be assessed for their correctness otherwise and marks
be awarded to them.
3. The Head-Examiner must go through the first five answer books evaluated by each
evaluator on the first day, to ensure that evaluation has been carried out as per the
instructions given in the Marking Scheme. The remaining answer books meant for
evaluation shall be given only after ensuring that there is no significant variation in the
marking of individual evaluators.
4. Evaluators will mark( √ ) wherever answer is correct. For wrong answer ‘X”be marked.
Evaluators will not put right kind of mark while evaluating which gives an impression that
answer is correct and no marks are awarded. This is most common mistake which
evaluators are committing.
5. If a question has parts, please award marks on the right-hand side for each part. Marks
awarded for different parts of the question should then be totaled up and written in the
left-hand margin and encircled. This may be followed strictly.
6. If a question does not have any parts, marks must be awarded in the left-hand margin
and encircled. This may also be followed strictly.
7. If a student has attempted an extra question, answer of the question deserving more
marks should be retained and the other answer scored out.
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8. No marks to be deducted for the cumulative effect of an error. It should be penalized
only once.
9. A full scale of marks 0-80 has to be used. Please do not hesitate to award full marks if
the answer deserves it.
10. Every examiner has to necessarily do evaluation work for full working hours i.e. 8 hours
every day and evaluate 20 answer books per day in main subjects and 25 answer
books per day in other subjects (Details are given in Spot Guidelines).
11. Ensure that you do not make the following common types of errors committed by the
Examiner in the past:-
● Leaving answer or part thereof unassessed in an answer book.
● Giving more marks for an answer than assigned to it.
● Wrong totaling of marks awarded on a reply.
● Wrong transfer of marks from the inside pages of the answer book to the title page.
● Wrong question wise totaling on the title page.
Wrong totaling of marks of the two columns on the title page.
● Wrong grand total.
● Marks in words and figures not tallying.
● Wrong transfer of marks from the answer book to online award list.
● Answers marked as correct, but marks not awarded. (Ensure that the right tick mark is
correctly and clearly indicated. It should merely be a line. Same is with the X for
incorrect answer.)
● Half or a part of answer marked correct and the rest as wrong, but no marks awarded.
12. While evaluating the answer books if the answer is found to be totally incorrect, it should
be marked as cross (X) and awarded zero (0)Marks.
13. Any unassessed portion, non-carrying over of marks to the title page, or totaling error
detected by the candidate shall damage the prestige of all the personnel engaged in the
evaluation work as also of the Board. Hence, in order to uphold the prestige of all
concerned, it is again reiterated that the instructions be followed meticulously and
judiciously.
14. The Examiners should acquaint themselves with the guidelines given in the Guidelines
for spot Evaluation before starting the actual evaluation.
15. Every Examiner shall also ensure that all the answers are evaluated, marks carried over
to the title page, correctly totalled and written in figures and words.
The Board permits candidates to obtain photocopy of the Answer Book on request in an
RTI application and also separately as a part of the re-evaluation process on payment
of the processing charges.
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प्र.सं. अपेक्षित उत्तर अंक
खण्ड-क समक्षि अर्थशास्त्र
1 प्रश्न: सरकार द्वारा विगत् िर्षों के ऊण पर ब्याज भुगतान_____ घाटे में सवममवित होता है। (ररक्त स्थान की पूर्तत सही ईत्तर द्वारा
करें)
1
ईत्तर: राजकोर्षीय/राजस्ि (दोनों में से ककसी भी ईत्तर पर ऄंक कदये जायें)
2 प्रश्न: एक ऄथथव्यिस्था में साख ईपिब्धता को कम करने के विए, के न्द्रीय बैंक __________। (सही विकल्प का चयन करें )
(क) खुिे बाजार में प्रवतभूवतयााँ क्रय कर सकता है। (ख) खुिे बाजार में प्रवतभूवतयााँ विक्रय कर सकता है।
(ग) अरवित ऄनुपात में कमी कर सकता है । (घ) रे पो रे ट में कमी कर सकता है।
ईत्तर: (ख) खुिे बाजार में प्रवतभूवतयााँ विक्रय कर सकता है।
1
3 प्रश्न: ईल्िेख करें , कक वनम्नविवखत कथन सत्य है ऄथिा ऄसत्य ।
“एक ईत्पादक द्वारा क्रय की गइ मशीनरी एक मध्यिती िस्तु होती है।'
1
ईत्तर: ऄसत्य
4 प्रश्न : ऄल्परोजगार की पररवस्थवत में वनम्नविवखत में से कौन सा विकल्प सही नहीं है ? (सही विकल्प का चयन करें )
(क) समग्र मााँग और समग्र पूर्तत बराबर होते हैं। (ख) ऄथथव्यिस्था में ऄवतररक्त ईत्पादन िमता मौजूद होती है
(ग) संसाधनों का पूणथतम तथा कु शितम प्रयोग नहीं होता है। (घ) संसाधनों का पूणथतम तथा कु शितम प्रयोग होता है।
1
ईत्तर: (घ) संसाधनों का पूणथतम तथा कु शितम प्रयोग होता है।
5 प्रश्न: वनम्नविवखत में से क्या एक „साधन भुगतान नहीं हैं ? (सही विकल्प का चयन करें )
(क) रिा कर्तमयों को मुफ्त िदी (ख) संसद सदस्यों का िेतन
(ग) आमारत के माविक को कदया गया ककराया (घ) विद्यार्तथयों को दी गइ छात्रिृवत्त
ईत्तर: (घ) विद्यार्तथयों को दी गइ छात्रिृवत्त
1
6 प्रश्न: संयुक्त कारक अय, वजसे कारक अय के विवभन्न घटकों में पृथक नहीं ककया जा सकता _________ कहिाती है।
ईत्तर: स्िवनयोवजतो की वमवित अय 1
7
प्रश्न: ईल्िेख करें , कक वनम्नविवखत कथन सत्य है ऄथिा ऄसत्य । "सभी वित्तीय संस्थाएाँ बैंककग संस्थाएाँ होती हैं।"
ईत्तर: ऄसत्य 1
8 प्रश्न: वनिि घरे िू स्थायी पूाँजी वनमाथण + स्टॉक में पररितथन = _________ (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें )
1
ईत्तर: वनिि घरे िू पूंजी वनमाथण।
प्रश्न: जब मौकरक सकि घरे िू ईत्पाद (GDP) ₹ 840 करोड़ है तथा कीमत सूचकांक 120 हो, तो िास्तविक सकि घरे िू ईत्पाद
(GDP) _________ होगा। (सही विकल्प द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत कीवजए ।)
1
(क) ₹700 करोड़ (ख) ₹900 करोड़ (ग) ₹ 800 करोड़ (घ) ₹ 500 करोड़
ईत्तर: (क) ₹700 करोड़
9
प्रश्न: यकद सीमांत बचत प्रिृवत्त (MPS) 0.25 तथा वनिेश में प्रारं वभक पररितथन ₹ 250 करोड़ है, तो अय में ऄंवतम
पररितथन ___________ होगा। (सही विकल्प
का चयन करें )
(क) ₹ 1,000 करोड़ (ख) ₹ 1,200 करोड़ (ग) ₹ 500 करोड़ (घ) ₹3,500 करोड़
ईत्तर: (क) ₹ 1,000 करोड़
1
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10 प्रश्न: वनम्नविवखत में से कौन सा कथन सही नहीं है ?
(क) बाजार कीमत पर सकि घरे िू ईत्पाद (GDP) = साधन िागत पर GDP जमा शुद्ध ऄप्रत्यि कर
(ख) बाजार कीमत पर शुद्ध राष्ट्रीय ईत्पाद (NNP) = साधन िागत पर NNP
(ग) बाजार कीमत पर सकि राष्ट्रीय ईत्पाद (GNP) = बाजार कीमत पर GDP जमा विदेशों से प्राप्त शुद्ध साधन अय
(घ) साधन िागत पर शुद्ध राष्ट्रीय ईत्पाद (NNP) = राष्ट्रीय अय
ईत्तर: (ख) बाजार कीमत पर शुद्ध राष्ट्रीय ईत्पाद (NNP) = साधन िागत पर NNP
1
प्रश्न: यकद एक ऄथथव्यिस्था में िास्तविक सकि घरे िू ईत्पाद (GDP) ₹ 520 करोड़ तथा मौकरक सकि घरे िू
ईत्पाद(GDP) ₹ 650 करोड़ है, तो कीमत सूचकांक की गणना करें ।
1
ईत्तर: ₹125 करोड़
11 प्रश्न: „ईत्पादको को कदया गया ईपदान, हस्तांतरण भुगतान की तरह माना जाना चावहए।' कदए गए कथन का ईवचत कारण
सवहत समथथन ऄथिा खंडन करें ।
ईत्तर: कदए गए कथन का समथथन ककया जाता है क्योकक, ईपदान एक हस्तांतरण भुगतान है। ईपदान सरकार द्वारा ईत्पादकों को
3
प्रदान की जाने िािी वित्तीय सहायता है, जो कक सरकार के समाज कल्याण के ईदेश्यों को पूरा करती है। ईपदान से िस्तुओं ि
सेिाओं के प्रिाह में कोइ िृवद्ध नहीं होती ना ही यह मूल्यिृवद्ध में कोइ योगदान होता है। (एक साथ मूल्यांककत ककया जाए)
(कारण न कदया गया हो ऄथिा कारण गित हो तो ऄंक प्रदान ना ककयें जायें)
प्रश्न: एक वद्व-िेत्रक ऄथथव्यिस्था में अय के चक्रीय प्रिाह की व्याख्या करें ।
ईत्तर: वद्व-िेत्रीय ऄथथव्यिस्था में ईत्पादक (फमथ) तथा गृहस्थ- िेत्र को शावमि ककया जाता है। कारक सेिाओं के स्िामी के रूप में
गृहस्थ िेत्र, फमथ को कारक सेिाएं प्रदान करते हैं। वजनकी सहायता से फमथ िस्तुओं तथा सेिाओं का ईत्पादन करती हैं तथा भुगतान
के रूप में गृहस्थ िेत्र को कारक भुगतान (ककराया, मजदूरी, ब्याज तथा िाभ) करता है। गृहस्थ िेत्र आस प्राप्त अय को फमथ द्वारा
ईत्पाकदत िस्तुओं तथा सेिाओं के ईपभोग पर व्यय करता है। वजससे ईपभोग व्यय के रूप में अय गृहस्थ िेत्र से फमथ की ओर 3
प्रिावहत होती है और अय का चक्रीय प्रिाह पूरा करती है। (एक साथ मूल्यांककत ककया जाए) (वचत्र की अिश्यकता नहीं हैं)
12 प्रश्न: वनम्नविवखत अाँकड़ों से, शुद्ध मूल्य िृवद्ध की गणना करें :
क्र.सं. वििरण (₹ िाख में)
(i) रटकाउ ईत्पादक िस्तुएाँ (10 िर्षथ जीिन काि की) 10
(ii) एकि ईपयोग ईत्पादक िस्तुएाँ 5
(iii) वबक्री 20
(iv) ऄनवबका माि (स्टॉक) 2
(v) िस्तु ि सेिा कर (GST) 1
ईत्तर: शुद्ध मूल्य िृवद्ध = (iii)+(iv)+(ii)-(V)- मूल्य ह्रास
1½
=20+2-5-1-1
½
= ₹ 15 िाख ½
संपवत्त की िागत 10िाख
मूल्यह्रास = = = ₹1 िाख प्रवत िर्षथ
संपवत्त की ऄनुमावनत अयु 10 िर्षथ ½
13
प्रश्न: कदए गए वचत्र में, “KT" ऄंतराि क्या प्रदर्तशत करता है ? आस पररवस्थवत के समाधान के विए ककन्द्हीं दो राजकोर्षीय
ईपायों का ईल्िेख ि चचाथ कीवजए ।
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ईत्तर "KT" स्फीवतक ऄंतराि को प्रदर्तशत करता है। 1
स्फीवत ऄंतराि को वनयंत्रण करने के विए दो राजकोर्षीय ईपाय है -
i. करों में िृवद्ध - स्फीवतक ऄंतराि पर वनयंत्रण करने के विए सरकार करों में िृवद्ध करती है। यह जनता की क्रय शवक्त
1½
को कम करती है, वजसके कारण ऄथथव्यिस्था में समग्र मांग कम हो सकती है जो आसे समग्र पूर्तत के बराबर िाती है।
ii. सरकारी व्यय में कमी - स्फीवतक ऄंतराि पर वनयंत्रण करने के विए सरकार ऄपने गैरविकासात्मक खचों में कमी
करती है। यह जनता की क्रय शवक्त में कमी िाती है। वजसके कारण ऄथथव्यिस्था में समग्र मांग की कमी होती है, जो 1½
आसे समग्र पूर्तत के बराबर िाती है।
दृविबावधत छात्रों के विए:
प्रश्न: ऄपस्फीवतक ऄंतराि से क्या तात्पयथ है ? ऄपस्फीवतक ऄंतराि की वस्थवत को ठीक करने के ककन्द्हीं दो मौकरक ईपयों को
दशाथआए ।
ईत्तर: ऄपस्फीवतक ऄंतराि ऐसी वस्थवत है वजसमें समग्र मांग पूणथ रोजगार संतुिन पर अिश्यक समग्र पूर्तत से कम होती है 1
ऄपस्फीवतक ऄंतराि को वनयंवत्रत करने के दो मौकरक ईपाय वनम्न है।
(i) रे पो दर में कमी 1½
(ii) खुिे बाजार में प्रवतभूवतयों का क्रय (कोइ ऄन्द्य मान्द्य ईपाय – ईवचत व्याख्या 1½
सवहत)
प्रश्न: समझाआए कक, ऄवधमांग को वनयंवत्रत करने में „ररिसथ रे पो रे ट' ककस प्रकार सहायता करता है ?
ईत्तर: ररिसथ रे पो दर ब्याज की िह दर है, वजस पर व्यिसावयक बैंक ऄल्पकाि के विए ऄपने ऄवतररक्त कोर्षों को कें रीय बैंक के
पास जमा करता है। ऄवधमांग की वस्थवत के समाधान हेतु कें रीय बैंक ररिसथ रे पो दर में िृवद्ध करता है, वजससे व्यिसावयक बैंक 4
ऄपने कोर्षों को कें रीय बैंक में जमा कराने हेतु प्रोत्सावहत होता है। पररणामत: व्यिसावयक बैंक की साख वनमाथण हेतु कोर्ष
ईपिब्धता घट जाती है। ऄतः ईपभोग व्यय तथा वनिेश व्यय घटता है वजससे समग्र मांग में कमी होती है।
(एक साथ मूल्यांककत ककया जाए) (ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय)
14 प्रश्न: “अय की ऄसमानता को कम करने में कराधान एक प्रभािशािी ईपकरण है।” कदए गए कथन का ईवचत कारणों द्वारा
औवचत्य वसद्ध करें ।
ईत्तर: यह कथन ईवचत है, कक अय की ऄसमानता को कम करने में कराधान एक प्रभािशािी ईपकरण है। सरकार ऄवधक अय
ऄर्तजत करने िािे व्यवक्तयों पर उंची दर से कर (प्रत्यि ि ऄप्रत्यि कर) िगाकर ईनकी प्रयोज्य अय कम कर सकती है।
सरकार करों से प्राप्त राजस्ि को वनधथन व्यवक्तयों की प्रयोज्य अय बढाने हेतु ईनके द्वारा प्रयोग की जाने िािी िस्तुओं ि सेिाओं
की (वनशुल्क तथा ईपदान प्राप्त कीमतों पर) अपूर्तत कर सकती है। (एक साथ मूल्यांककत ककया जाए) 4
(कारण न कदया गया हो ऄथिा कारण गित हो तो ऄंक प्रदान ना ककयें जायें)
15 प्रश्न 15.. के न्द्रीय बैंक के “नोट जारीकताथ बैंक” कायथ का िणथन करें ।
ईत्तर कें रीय बैंक को देश में नोट जारी करने का एकमात्र ऄवधकार होता है। कें रीय बैंक करें सी जारी करने पर ऄपना एकावधकार
बनाए रखता है ताकक करें सी में एकरूपता बनी रहे तथा जनता का मौकरक प्रणािी में विश्वास बना रहे। नोट जारी करके कें रीय
बैंक ऄथथव्यिस्था में मुरा अपूर्तत पर वनयंत्रण बनाए रखता है ( एक साथ मूल्यांकन ककया जाए) 4
(ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय)
16 प्रश्न: कदए गए अाँकड़ों के अधार पर वनम्नविवखत प्रश्नों का ईत्तर दें : (i) वनयोवजत वनिेश = ₹ 100 करोड़
(ii) C = 50 + 0.50Y
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(क) अय के संतुिन स्तर की गणना करें । (ख) अय के संतुिन स्तर पर बचत के मूल्य की गणना करें ।
(ग) वनिेश गुणक के मूल्य की गणना करें ।
ईत्तर: (क) अय का संतुिन स्तर - AD = Y = C+I ½
½
आसविए, Y = (50 + 0.5Y) + 100 ½
Y – 0.5 Y = 150 ½
Y = 150/0.5 = ₹ 300 करोड़.
ऄतः अय के संतुिन स्तर = ₹ 300 करोड़.
(ख) अय के संतुिन स्तर पर बचत
S= (-) c + (1-b)Y
S = (-)50 +( 0.5)(300) 1
½
S = ₹100 करोड़ (ऄन्द्य कोइ मान्द्य विवध को भी ऄंककत ककया जाय)
1
½
(ग) वनिेश गुणक (K) =
1−𝑀𝑃𝐶
1 1
K = ½
1−0.5
K = 2 ½
प्रश्न: वनम्न पररवस्थवतयों में समायोजन तंत्र की कायथप्रणािी की चचाथ कीवजए :
(क) यकद समग्र अपूर्तत की तुिना में समग्र मााँग ऄवधक हो ।
ईत्तर: (क) यकद प्रत्यावशत समग्र मांग (AD), प्रत्यावशत समथथ समग्र पूर्तत (AS) से ऄवधक है तो आसका ऄथथ है कक ईत्पादक वजतने
ईत्पादन की योजना बना रहे हैं, क्रेता ईससे ऄवधक खरीदने की योजना बना रहे हैं। ऄतः ईत्पादकों के स्टॉक िांछनीय स्तर से
कम हो जाएंगे। पररणाम स्िरूप, ईत्पादक ऄवधक ईत्पादन करें गे वजससे रोजगार के स्तर एिं अय में िृवद्ध होगी। यह प्रकक्रया तब 3
तक जारी रहेगी जब तक प्रत्यावशत समग्र पूर्तत (AS), ऄप्रत्यावशत समग्र मांग (AD) के बराबर ना हो जाए।(एक साथ मूल्यांककत
ककया जाए)
(ख) यकद प्रत्यावशत बचत (Ex-Ante Savings) की तुिना में प्रत्यावशत वनिेश (Ex-Ante Investment) कम हो।
(ख) प्रत्यावशत वनिेश यकद प्रत्यावशत बचत से कम हो तो आसका ऄथथ है, कक ईत्पादक वजतना ईत्पादन करने की योजना बना
रहें हैं, ईपभोक्ता ईससे कम िस्तुएं खरीदने की योजना बना रहें हैं। वजससे ऄप्रत्यावशत ऄनवबके माि का स्टॉक ईत्पादकों के पास
ईपिब्ध होगा। ऄतः ईत्पादक भविष्य में ईत्पादन ि रोजगार में कमी करें गे और यह प्रकक्रया तब तक जारी रहेगी जब तक 3
प्रत्यावशत वनिेश ि प्रत्यावशत बचत बराबर ना हो जाए। (एक साथ मूल्यांककत ककया जाए)
17 प्रश्न: (क) 'हाि ही में भारतीय रुपये (₹) काफी ऄवधक मूल्यह्रास हुअ है । आस कारण भारतीय अयातक संकट में है।' कदए गए
कथन का ईवचत कारण सवहत समथथन ऄथिा खंडन करें ।
ईत्तर: (क) यह कथन सही है कक हाि ही में भारतीय रुपए का काफी ऄवधक मूल्यह्रास हुअ है आस कारण भारतीय अयातक
संकट में है। भारतीय रुपए के मूल्यह्रास का ऄथथ है कक विदेशी मुरा की तुिना में घरे िू मुरा के मूल्य में कमी। वजससे विदेशी मुरा 3
से होने िािे अयात महंगे हो जाएंगे। ऄब अयातको को अयातो के विए ऄवधक भुगतान करना होगा वजससे अयात कम हो
जायेगें।
प्रश्न: (ख) ‘व्यापार घाटा' तथा 'चािू खाते में घाटे' में विभेद करें ।
1½
ईत्तर: (ख) व्यापार घाटा ऐसी वस्थवत है वजसमें दृश्य मदों (िस्तुओं) के वनयाथत से होने िािी प्रावप्तयॉ ऐसी मदों के अयात के
विए ककए गए भुगतान से कम होती है, जबकक
चािू खाते में घाटा आस वस्थवत में ईत्पन्न होता है जब दृश्य तथा ऄदृश्य मदों (एकपिीय हस्तांतरणों सवहत) से होने िािी विदेशी 1½
विवनयम प्रावप्तयॉ ऐसी ही मदो के विए ककए गए विदेशी विवनयम में भुगतान से कम होती है।
खण्ड-ख भारतीय ऄथथव्यिस्था का विकास
18 प्रश्न: 'कोटा' (Quota) को पररभावर्षत करें ।
ईत्तर: कोटा ऐसा प्रवतबन्द्ध है, वजसे िस्तुओं के अयात तथा वनयाथत की ऄवधकतम मात्रा वनवित करने के विए िगाया जाता
1
है।
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19 प्रश्न: वनम्नविवखत में से ककस राष्ट्र ने सन् 1991 में अर्तथक सुधारों की प्रकक्रया का अरं भ ककया था ? (सही विकल्प का चयन
करें )
(क) पाककस्तान (ख) भारत (ग) रूस (घ) चीन
ईत्तर: (ख) भारत 1
20
प्रश्न: ______ (शहरी/ग्रामीण) िेत्र में भारतीय िम बि के घटक के रूप में मवहिा िवमकों का ऄनुपात ऄवधक पाया जाता है।
ईत्तर: ग्रामीण 1
21 प्रश्न: ईल्िेख करें , कक वनम्नविवखत कथन सत्य है या ऄसत्य: “GATT की स्थापना सन् 1923 में 48 सदस्य राष्ट्रों के साथ हुइ थी।"
ईत्तर: ऄसत्य 1
22 प्रश्न: चीनी गणराज्य के संदभथ में 'GLF" का ऄथथ ____________ है। (सही विकल्प का चयन करें )
(क) Giant Leap Forward (ख) Great Lead Forum (ग) Great Leap Forward (घ) Giant Lead Forum
1
ईत्तर: (ग) Great Leap Forward
23
प्रश्न: 'अयात प्रवतस्थापन' की नीवत का िक्ष्य __ईद्योगों को संरिण देना था। (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें )
ईत्तर: घरे िू 1
24 प्रश्न: वनम्नविवखत में से क्या धारणीय विकास की एक रणनीवत के तौर पर प्रयोग नहीं की जाती है ? (सही विकल्प का चयन करें)
(क) गोबर गैस का प्रयोग (ख) सौर उजाथ का प्रयोग (ग) तापीय उजाथ का प्रयोग (घ) जिीय उजाथ का प्रयोग
1
ईत्तर: (ग) तापीय उजाथ का प्रयोग
25 प्रश्न: मातृ मृत्यु दर -------- (चीन/पाककस्तान) में ऄवधक है। (सही विकल्प से ररक्त स्थान की पूर्तत करें ।)
ईत्तर: पाककस्तान 1
प्रश्न: ईल्िेख करें , कक वनम्नविवखत कथन सत्य है या ऄसत्य:“2018 की मानि विकास ररपोटथ के ऄनुसार भारत 180िीं पायदान पर था।"
26
ईत्तर: ऄसत्य
1
27 प्रश्न: यकद एक वनमाथण स्थि के प्रबंधक ने दो मजदूरों को दैवनक मजदूरी अधार पर काम कदया है तो, आस प्रकार की वस्थवत
को_____ (औपचाररक/ऄनौपचाररक) िेत्रक के ऄंतगथत सवममवित ककया जाएगा। (सही ईत्तर द्वारा ररक्त स्थान की पूर्तत करें )
1
ईत्तर: ऄनौपचाररक
28 प्रश्न: भारत में 'िमशवक्त के ऄनौपचारीकरण' की संकल्पना को संिेप में समझाएाँ।
ईत्तर: हाि के िर्षों में भारत, िम शवक्त के औपचाररक िेत्र से ऄनौपचाररक िेत्र में बढने की प्रिृवत्त का सािी रहा है। िह
3
प्रकक्रया वजसमें कु ि िमबि में ऄनौपचाररक िवमकों का ऄनुपात बढता है, िम शवक्त का ऄनौपचाररककरण कहिाता है।
सरकार ने ऄनौपचाररक िेत्र के अधुवनकीकरण का सूत्रपात ककया है और ऄनौपचाररक िेत्र के िवमकों को भी सामावजक सुरिा
देने की पहि की है। (एक साथ मूल्यांककत ककया जाए)
प्रश्न: भारत में ग्रामीण विकास के समि प्रस्तुत ककन्द्हीं तीन चुनौवतयों का ईल्िेख करें ।
ईत्तर: भारत में ग्रामीण विकास के तीन चुनौवतयां वनम्न है
1
(i) मानि संसाधनों का विकास
1
(ii)अधाररक संरचना का विकास 1
(iii) वनधथनता वनिारण के ईपाय (ककसी ऄन्द्य मान्द्य बबदु को भी ऄंककत ककया जाय)
29 प्रश्न : मान्द्य कारणों द्वारा भारत ि चीन के कदये गये अंकड़ों की तुिना ि विश्लेर्षण करें :
राष्ट्र जनसंख्या िृवद्ध की िार्तर्षक दर (2015) बिगानुपात (प्रवत हजार पुरुर्ष)
भारत 1.2% 929
चीन 0.5% 941
स्रोत : विश्व विकास संकेतक, 2015.
ईत्तर: (i) कदए गए अंकड़े दशाथते हैं कक, चीन ने 1970 के दशक में „एक वशशु नीवत‟ जैसे कु छ सख्त ईपायों की सहायता से ऄपनी
जनसंख्या की िार्तर्षक िृवद्ध दर को वनयंवत्रत ककया है। ये ईपाय चीन के विए जनसंख्या िृवद्ध को वनयंवत्रत करने में मददगार वसद्ध
हुए। भारत की जनसंख्या की िार्तर्षक िृवद्ध दर 1.2% है, जो की चीन वजसकी िार्तर्षक िृवद्ध दर 0.5% से िगभग दुगनी है। 2
(ii) दोनो देशों का सामावजक ढांचा िगभग समान है। िड़को को प्राथवमकता देने के कारण दोनों ही देशों का बिगानुपात कम
तथा पिपातपूणथ है। जहां भारत में यह ऄनुपात 929 मवहिा प्रवत 1000 पुरुर्ष पर खड़ा है, िहीं चीन में भी यह ऄनुपात 941
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मवहिा प्रवत 1000 पुरुर्ष है। दोनों देश आस ऄनुपात के स्तर पर एक दुसरे से बहुत दूर नही है।
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30 प्रश्न: स्ितंत्रता पूिथ भारत की व्यािसावयक संरचना की ककन्द्हीं दो प्रमुख विशेर्षताओं का संिेप में िणथन करें ।
ईत्तर: स्ितंत्रता पूिथ भारत की व्यािसावयक संरचना की दो प्रमुख विशेर्षताएं वनम्नविवखत हैं:
i. कृ वर्ष िेत्र का प्रभुत्ि- कु ि कायथबि का िगभग तीन चौथाइ भाग प्रत्यि या परोि रूप से कृ वर्ष पर वनभथर होने के
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कारण, कृ वर्ष िेत्र में कायथबि का सबसे ऄवधक भाग कायथरत था।
ii. िेत्रीय विर्षमताओं में िृवद्ध- विवनमाथण और सेिा िेत्रों में िृवद्ध के कारण भारत के कु छ िेत्रों (मरास,बमबइ और बंगाि
अकद सूबों) में कृ वर्ष िेत्र पर कायथबि की वनभथरता में अनुपावतक कमी अइ थी। (या ऄन्द्य कोइ ईपयुक्त 2
विशेर्षता)
प्रश्न: भारतीय ऄथथव्यिस्था के योजना ईद्देश्य के तौर पर „समानता के साथ संिृवद्ध के चयन के औवचत्य का संिेप में िणथन करें ।
ईत्तर: समानता के साथ संिृवद्ध - संिृवद्ध का ऄथथ है, देश में िस्तुओं और सेिाओं के ईत्पादन तथा ईत्पादकता में िृवद्ध जबकक
समानता
का ऄथथ है अय ि धन की ऄसमानता में कमी है। ककसी देश में ईच्च संिृवद्ध दर के बािजूद ऄवधकांश िोग गरीब हो सकते हैं। ऄतः 4
यह सुवनवित करना अिश्यक है, कक अर्तथक संिृवद्ध के िाभ देश के वनधथन िोग को भी सुिभ हो। भारत जैसे देश में समानता के
साथ संिृवद्ध ऄत्यंत अिश्यक है।(पूरा एक साथ ऄंककत ककया जाय) (ककसी ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय)
31 प्रश्न: “वनयोजन के ईद्देश्य के तौर पर अधुवनकीकरण तथा रोजगार सृजन में विरोधाभास िवित होता है।” कथन का औवचत्य
वसद्ध करें ।
ईत्तर: कदया गया कथन सत्य है, अधुवनकीकरण निीन तकनीक (प्रौद्योवगकी) के प्रयोग को बढािा देता है। तकनीक के प्रयोग से 4
ईत्पादन में िृवद्ध होती है वजससे कम िागत पर ऄवधक ईत्पादन होता है। परं तु अधुवनककरण बेरोजगारी को बढािा देता है,
क्योंकक अधुवनक तकनीक के प्रयोग से प्रवत ईत्पादन आकाइ के विए कम िवमकों की अिश्यकता होती है।
(एक साथ मूल्यांककत ककया जाए) (ऄन्द्य कोइ मान्द्य तकथ को भी ऄंककत ककया जाय)
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प्रश्न: “विरटश काि के दौरान भारतीय स्िदेशी ईद्योगों में व्यिवस्थत ऄवस्थरता के दोहरे ईद्देश्यों का ईल्िेख करें ।
ईत्तर: विरटश काि के दौरान भारतीय स्िदेशी ईद्योगो में व्यिवस्थत और वस्थरता के दोहरे ईद्देश्य वनम्न है: 2
i. विटेन में विकवसत हो रहे अधुवनक ईद्योगो के विए भारत से कम कीमतों पर कच्चा माि प्राप्त करना।
ii. भारतीय बाजारों में विरटश ईद्योगों द्वारा ईत्पाकदत माि उंची कीमतों पर बेचना।
32 प्रश्न: भारत में विद्युत िेत्र के समि अने िािी ककन्द्हीं दो समस्याओं पर चचाथ करें ।
ईत्तर: भारतीय विद्युत िेत्रक में दो चुनोवतयााँ हैं -
i. भारत की विद्युत ईत्पादन िमता ऄपयाथप्त है और ईसका भी पूणथ ईपयोग नही हो पाता। भारत में शवक्त सयंत्रों की
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कायाथत्मक िमता वजसे पिांट िोड फै क्टर (PLF) के रूप में दशाथया जाता है, बहुत कम है।
ii. राज्य विद्युत बोडथ संचरण और वितरण की हावन, वबजिी की दोर्षपूणथ कीमतें और ऄन्द्य ऄकु शिताओ से त्रस्त हैं।
(ककसी ऄन्द्य ईवचत बबदु के विए भी ऄंक प्रदान ककये जायें) 2
33 प्रश्न: भारतीय स्ितंत्रता से ऄब तक कायाथवन्द्ित ककए गए वनधथनता वनिारण कायथक्रमों के पररणामों की समीिा करें ।
ईत्तर: स्ितंत्रता के पिात वनधथनता वनिारण के विए वनधाथररत ककए गए कायथक्रमों के पररणामस्िरूप वनधथनों की वनरपेि संख्या तथा ईनके
प्रवतशत में कमी अइ। कु छ राज्यों में यह ऄनुपात वनधथनता के राष्ट्रीय औसत से भी कम हो गया है। आन कायथक्रमों के बािजूद भी देश में ऄभी
भी वनधथनता, भुखमरी, कु पोर्षण, वनरिरता और बुवनयादी सुविधाओं का ऄभाि वनरं तर बना हुअ है वजसके कारण वनम्नविवखत हैं-
1.पररसंपवत्तयों के स्िावमत्ि में कोइ मौविक पररितथन ना होना।
2.भूवम और ऄन्द्य परी संपवत्तयों के वितरण की विर्षमताओं के कारण प्रत्यि वनधथनता वनिारण कायथक्रमों का िाभ
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प्राय गैर वनधथन िगथ के िोग ही ईठा पाए।
3. आन कायथक्रमों के विए अिंरटत संसाधन वनतांत ही ऄपयाथप्त रहे।
4. वनधथनता वनिारण कायथक्रमों के कक्रयान्द्ियन के विए ईत्तरदायी ऄवधकाररयों में ईपयुक्त चेतना का ऄभाि तथा ईनका ऄपयाथप्त
प्रवशिण। (ककसी ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय) (पूरा एक साथ ऄंककत ककया जाय)
प्रश्न: (क) 'ग्रामीण भारत के विए ईज्जििा योजना प्रमुख पररितथक रही है ।' ऐसे ककन्द्हीं तीन गैर-पारमपररक ईंधनों का ईल्िेख
करें वजनके प्रयोग को कम करने की कदशा में ईज्जििा योजना कायथ कर रही है।
ईत्तर: (क) उजाथ के पारं पररक स्रोत िायु प्रदूर्षण के कारण बनते हैं आसविए सरकार ने ग्रामीण भारत के विए मुफ्त एिपीजी
गैस वसिेंडर ( स्िच्छ ईंधन) वितरण योजना द्वारा ईज्ज्ििा योजना की शुरुअत की है जो ग्रामीण गृहस्थों के विए प्रमुख
पररितथक रही है।
तीन पारं पररक ईंधन वजनका प्रयोग ईज्जििा योजना के कारण कम हुअ है-
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(i) कृ वर्ष ऄिशेर्ष और सूखा गोबर। 1
(ii) जिाने की िकड़ी। 1
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(iii) कोयिा। (ऄन्द्य कोइ ईवचत ईदाहरण)
प्रश्न: (ख) “ऄथथशावियों का मानना है कक आवच्छत पररणामों को प्राप्त करने के विए भारत को वशिा पर कम से कम GDP का
6% व्यय करना चावहए।” कदए गए कथन का औवचत्य मान्द्य कारणों द्वारा वसद्ध करें ।
ईत्तर: (ख) कदया गया कथन ईवचत है ऐसा 1964-65 के वशिा अयोग द्वारा ऄनुमोकदत ककया गया है।ितथमान पररदृश्य में
सरकार ऄपने व्यय का के िि 4% भाग ही वशिा पर व्यय कर रही है। वशिा पर व्यय मानि पूंजी वनमाथण का एक महत्िपूणथ
भाग है। यकद सरकार ऄपने कु ि व्यय का 6% वशिा पर व्यय करें तो आससे वशवित ि कु शि िमबि की ईपिब्धता में िृवद्ध 3
होगी वजससे ईत्पादन तथा अर्तथक समृवद्ध बढ जाएगी। (पूरा एक साथ ऄंककत ककया जाय)
(ककसी ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय) (अंकड़े के िि ईत्तर के समथथन के विए कदए गए हैं। अंकडें नही देने पर ऄंक न काटे
जाएं)
34 प्रश्न: (क) एक कमथचारी के विए नौकरी पर प्रवशिण की अिश्यकता की वििेचना करें ।
ईत्तर: (क) वनयोक्ता नौकरी पर प्रवशिण का प्रयोग, ऄपने कमथचाररयों के कोशि तथा िमता में िृवद्ध करने के विए करते हैं ।
नौकरी पर प्रवशिण से िवमकों की ईत्पादकता तथा िस्तुओं ि सेिाओं के कु ि ईत्पादन का ईनका योगदान बढ जाता है। आस
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प्रकार के प्रवशिण कमथचररयों को कायथशेत्र में होने िािे निीनतम पररितथनों से भी ऄिगत कराते हैं ।
(पूरा एक साथ ऄंककत ककया जाय) (ककसी ऄन्द्य ईवचत व्याख्या को भी ऄंककत ककया जाय)
प्रश्न: (ख) भारत में ग्रामीण विकास की कदशा में बागिानी के योगदान की वििेचना करें ।
ईत्तर: (ख)भारत में ग्रामीण विकास में बागिानी ने भोजन और पोर्षण ईपिब्ध कराने में महत्िपूणथ भूवमका ऄदा की है।
बागिानी से बेरोजगारी की समस्या कम हुइ है साथ ही ग्रामीण स्तर पर ककसानों की अर्तथक वस्थवत में भी सुधार हुअ है। भारत
में बागिानी ईत्पादन ऄनेक िंवचत िगथ के िोगों की अजीविका के स्रोत बने हुए हैं। बागिानी ईत्पादन ने ग्रामीण स्तर पर
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मवहिाओं के विए ऄवधक अय िािे रोजगार के ऄिसर बना कदए।
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