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ANNUAL EXAMINATION
Question Paper
2025
NCERT BASED SYLLABUS
FOR CBSE AND STATE BOARD
FOLLOWING NCERT
KVS QUESTION PAPERS
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Series : HGFE1 SET ~ 1
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अंकन योजना
अत्यंत गोपनीय (के वल आंतरिक और सीमित प्रयोग हेतु)
सेकें डरी स्कू ल परीक्षा 2025
कक्षा- 10 वीं विषय: हिंदी (A) विषय कोड- 002 प्रश्न पत्र कोड- 3/1/1
सामान्य निर्देश:
1. प जानते हैं कि परीक्षार्थियों के सही और उचित आकलन के लिए उत्तर पुस्तिकाओंकामूल्यांकनएक
आ
महत्वपूर्ण प्रक्रिया है । मूल्यांकन में एक छोटी सी भूल भी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है जो
परीक्षार्थियों के भविष्य, शि
क्षा व्यवस्था और अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती है ।
गलतियोंसेबचनेके लिएअनुरोधकियाजाताहै किमूल्यांकनप्रारं भकरनेसेपूर्वहीआपमूल्यांकननिर्देशों
को ध्यानपूर्वक पढ़ और समझ लें।
2. ल्यांकननीतिएकगोपनीयनीतिहै ।आयोजितपरीक्षाओंकीगोपनीयता,किएगएमूल्यांकनऔरकईअन्य
मू
पहलुओं से संबंधित होने की वजह से मूल्यांकन की गोपनीयता अनिवार्य है । किसी भी प्रकार से इसके
सार्वजनिकहोनेया‘लीक’होनेपरपरीक्षाव्यवस्थापरदु ष्प्रभावपड़सकताहै जिससेलाखोंउम्मीदवारोंका
जीवनऔरभविष्यप्रभावितहोसकताहै ।इसनीति/दस्तावेजकोकिसीसेभीसाझाकरना,किसीपत्रिकामें
प्रकाशित करना और समाचार पत्र/वेबसाइट आदि में छापनाभारतीयदं डसंहिता(IPC)के तहतकार्र वाई
को आमंत्रित कर सकता है।
3. ल्यांकनअंकनयोजनामेंदिएगएनिर्देशोंके अनुसारहीकियाजानाचाहिए,अपनीव्यक्तिगतव्याख्याया
मू
किसी अन्य धारणा के अनुसार नहीं। यह अनिवार्य है कि अंकन योजना का अनुपालनसमग्रतापूर्वकऔर
निष्ठापूर्वककियाजाए।हालाँकि,मूल्यांकनकरतेसमय,जोउत्तरनवीनतमजानकारीयाज्ञानपरआधारित
या अभिनव हैं (innovative),उनकीसत्यताऔरउपयुक्तताकोपरखतेहुएउचितअंकदिएजासकतेहैं ।
कक्षा दसवीं के प्रश्न पत्र में दिए गए दोदक्षताआधारित(competencybased)प्रश्नोंकामूल्यांकनकरनेमें
कृ पयाविद्यार्थियोंद्वारादिएगएउत्तरकोसमझनेकाप्रयासकरें ।विद्यार्थियोंद्वारादिएगएउत्तरचाहेअंकन
योजना में दिएगएउत्तरसेमेलनखातेहों,तबभीयदिउन्होंनेसहीदक्षताओंकोव्यक्तकियाहोतोउन्हें
उचित अंक दिए जाने चाहिए।
4. कन योजना में उत्तरों के लिए के वल बिंदु सुझाएजातेहैं ।येबिंदुप्रकृ तिमेंके वलदिशानिर्देशोंकीभाँ ति
अं
होते हैं और पूरे उत्तर का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं । विद्यार्थी अपनी शैली में उत्तर दे सकते हैं और यदि
उनकी अभिव्यक्ति सही है, तो उसके अनुसार उचित अंक दिए जाने चाहिए।
5. कन योजना में दिएगएनिर्देशोंके अनुसारहीमूल्यांकनकियागयाहै ,यहसुनिश्चितकरनेके लिएमुख्य
अं
परीक्षकपहलेदिनप्रत्येकमूल्यांकनकर्ताद्वाराजाँ चीगईपहलीपाँ चउत्तरपुस्तिकाओंके मूल्यांकनकीजाँ च
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नपूर्वककरें ।यदिकोईअंतरहै ,तोविचार-विमर्शऔरचर्चाके बादवहसमाप्त/शून्यहोजानाचाहिए।
ध्या
परीक्षकों को मूल्यांकन के लिए शेष उत्तरपुस्तिकाएँ तभी दी जाएँ जब मुख्य परीक्षक आश्वस्त हो कि
मूल्यांकनकर्ताओं के अंकन में बहुत अधिक भिन्नता नहीं है।
6. ल्यांकनकर्तासहीउत्तरपरसहीकानिशान(✔)लगाएँ ।गलतउत्तरके लिएगलतकाचिह्न(x)लगाएँ ।
मू
मूल्यांकनकर्ताद्वाराऐसाचिह्ननलगानेसेऐसालगताहै किउत्तरसहीहै परं तुउसपरअंकनहींदिएगएहैं ।
यह मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा की जाने वाली सबसे आम गलती है।
7. दिकिसीप्रश्नके उपभागभीहों,तोकृ पयाप्रश्नोंके प्रत्येकउपभागके उत्तरपरदाईंओरअंकदिएजाएँ ।
य
बादमें,उसप्रश्नके सभीउपभागोंके इनअंकोंकायोगबाईंओरके हाशियेमेंलिखकरउसेगोलाकृ तकर
दिया जाए। इसका अनुपालन दृढ़तापूर्वक किया जाए।
8. दिकिसीप्रश्नकाकोईउपभागनहो,तोबाईंओरके हाशियेमेंअंकदिएजाएँ औरउन्हेंगोलाकृ तकिया
य
जाए। इसके अनुपालन में भी दृढ़ता बरती जाए।
9. दिपरीक्षार्थीनेकिसीप्रश्नकाउत्तरदोस्थानोंपर लिखदियाहै औरकिसीएककोकाटानहींहै तोजिस
य
उत्तर पर अधिकअंकप्राप्तहोरहेहों,उसपरअंकदें औरदू सरे कोकाटदें ।यदिपरीक्षार्थीनेअतिरिक्त
प्रश्न/प्रश्नों का उत्तर दे दिया है तो जिनउत्तरोंपरअधिकअंकप्राप्तहोरहेहों,उन्हींपरअंकदें औरअन्य
उत्तर को काटकर उस पर ‘अतिरिक्त प्रश्न’ लिख दें।
10. कहीप्रकारकीअशुद्धिबार-बारहोतोहरबारउसके अंकनकाटें।एकजैसीत्रुटिके लिएअंकएकबार
ए
ही काटे जाएँ ।
11. हाँ यह ध्यान रखना होगा कि मूल्यांकन में संपूर्ण अंक पैमाने 0-80 (उदाहरण के लिए प्रश्न-पत्र में दिए
य
अधिकतम अंकों के अनुसार 0 से 80/70/60/50/40/30 अंक) का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाए।
परीक्षार्थी ने यदि सभी अपेक्षित उत्तर बिंदुओं का उल्लेख किया है तो उसे पूरे 80 अंक देने में संकोच न करें ।
12. त्येकमूल्यांकनकर्ताकोपूर्णकार्यअवधिमेंअर्थात8घंटेप्रतिदिनअनिवार्यरूपसेमूल्यांकनकार्यकरनाहै
प्र
और प्रतिदिन मुख्य विषयों की 20 उत्तर पुस्तिकाएँ तथा अन्य विषयों की 25उत्तरपुस्तिकाएँ जाँ चनीहैं ।(
विस्तृत विवरण ‘स्पॉट गाइडलाइन’ में दिया गया है)
13. चेकु छसामान्यत्रुटियोंकीसूचीदीगईहै जिन्हेंपिछलेवर्षोंमेंमूल्यांकनकर्ताओंद्वाराकियाजातारहाहै ।
नी
यह सुनिश्चित करें कि आप इस प्रकार की त्रुटियाँ न करें –
● उत्तरपुस्तिका में किसी उत्तर या उत्तर के अंश को जाँचे बिना छोड़ देना
● उत्तर के लिए निर्धारित अंकों से अधिक अंक दे देना
● उत्तर के लिए दिए गए अंकों का योग ठीक न होना
● उत्तरपुस्तिका के अंदर दिए गए अंकों का आवरण पृष्ठ पर सही अंतरण न होना
● आवरण पृष्ठ पर प्रश्नानुसार योग करने में अशुद्धि
● आवरण पृष्ठ पर दो कॉलम के अंकों का योग करने में अशुद्धि
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कु ल अंकों के योग में अशुद्धि
●
● प्राप्तांकों को संख्याओं और शब्दों में लिखने में अंतर होना
● उत्तरपुस्तिकाओं से ऑनलाइन अंकसूची में सही अंतरण न होना
● उत्तरों पर सही का चिह्न (✔) लगाना किं तु अंक न दे ना। (सुनिश्चित करें कि ( ✔ ) या ( x ) का
उपयुक्त चिह्न ठीक ढं ग से और स्पष्ट रूप से लगा हो। यह मात्र एक रे खा के रूप में न हो)
● उत्तर का एक भाग सही और बाकी गलत हो किं तु कोई अंक न दिए गए हों।
14. त्तरपुस्तिकाओंकामूल्यांकनकरतेहुए,यदिकोईउत्तरपूर्णरूपसेगलतहोतोउसपर(x)निशानलगाएँ
उ
और शून्य (0) अंक दें।
15. त्तरपुस्तिकापरकिसीप्रश्नकाबिनाजाँ चकिएछू टजाना,मुख्यपृष्ठपरअंतरणनहोनायाप्राप्तांकोंके योग
उ
में किसी त्रुटि का पता लगना मूल्यांकनकार्यसेजुड़ेसभीलोगोंकीछविकोऔरकें द्रीयमाध्यमिकशिक्षा
परिषद की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है । इसलिए, सभी की प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए यह फिर से
दोहराया जाता है कि निर्देशों का सावधानीपूर्वक और विवेकपूर्ण तरीके से पालन किया जाए।
16. भी मूल्यांकनकर्ता वास्तविक मूल्यांकन कार्य प्रारं भ करने से पहले ‘स्पॉट इवैल्यूएशन’ के निर्देशों से
स
सुपरिचित अवश्य हो जाएँ ।
17. त्येक मूल्यांकनकर्ता सुनिश्चित करे कि सभी उत्तरों का मूल्यांकनकियाजाचुकाहै ,आवरणपृष्ठपरतथा
प्र
योग में कोई अशुद्धि नहीं रह गई है तथा कु ल योग को शब्दों और अंकों में लिखा गया है।
18. द्रीयमाध्यमिकशिक्षापरिषदपुनर्मूल्यांकनप्रक्रियाके अंतर्गतपरीक्षार्थियोंके अनुरोधपरनिर्धारितशुल्क
कें
भुगतान के बाद उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं की फोटो कॉपी प्राप्त करने की अनुमति दे ती है । सभी
मूल्यांकनकर्ताओं/अतिरिक्त मुख्य परीक्षकों/प्रधानपरीक्षकोंकोएकबारफिरयाददिलायाजाताहै किवे
सुनिश्चित करें कि प्रत्येक उत्तर का मूल्यांकन अंक योजना में दिए गए मूल्य बिंदुओं के अनुसार ही किया जाए।
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अंकनयोजना मार्च,2025
प्रश्नपत्र कोड:3/1/1
विषय:हिं दी(पाठ्यक्रम‘अ’) विषय कोड 002 कक्षा–दसवीं
श्न
प्र उत्तर-संके त / मूल्य बिंदु अंक
संख्या
[ खंड - क ] (अपठित बोध) 14
1. अपठित गद्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 7
(i) (B) I, II और III 1
(ii) (A) वे एक प्रमुख कवि थे परं तु असफल गद्य लेखक भी थे। 1
(iii) (C) कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की उचित व्याख्या भी है। 1
(iv) परीक्षार्थी गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़करदोउपयुक्तबिंदुओं में उत्तर लिखेंगे- 2
● कविता और गद्य दोनों पर समान अधिकार :न के वल महत्त्वपूर्णकवि, बल्कि गद्य की
विध शैलियों में लेखन
वि
● प्रभावशाली शैली :कविताओं में नई भंगिमा
● विधाओं की विविधता :निबंध, डायरी-संस्मरण और ऐतिहासिकतथा दार्शनिक विवेचनों
का लेखन
● सरल और प्रांजल भाषा :निबंधों की रचना में स्पष्टता,गद्य में सीधी-सरल, सहज, स्पष्ट
भाषा का प्रयोग
* कोई दो उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
*के वल एक उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1 अंक )
------------------------------
* असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(v) परीक्षार्थी गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़करदोउपयुक्तबिंदुओं में उत्तर लिखेंगे - 2
● अत्यंत हर्ष का अवसर
● जीवन के अंतिम अध्याय का स्वर्णिम क्षण
● साहित्यिक योगदान की उच्चतम स्वीकृ ति का प्रतीक
● प्रशंसा और सम्मान मिलने का प्रमाण
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● गौरव और संतोष का भाव
● अपनी रचनाओं की स्वीकृ ति से अभिभूत
* कोई दो उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* के वल एक उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1अंक)
------------------------------
* असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
2. अपठित काव्यांश पर आधारित प्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 7
(i) (C) आसमान में मेघों ने विभिन्न आकृ तियाँ बनाईं। 1
(ii) (A) के वल I और II 1
(iii) (C) कथन सही है और कारण गलत है। 1
(iv) परीक्षार्थी काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़करदोउपयुक्तबिंदुओं में उत्तर लिखेंगे- 2
● मेघों की तरह-तरह की आकृ तियाँ
● रं ग-बिरं गा आसमान
● सू रज का सुनहरा प्रकाश
डू बते हुए सूरज के साथ बढ़ता अँधेरा
●
● क्षितिज पर बने रं गीन चित्र अब पेंसिल के रे खा-चित्र जैसे
* कोई दो उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* के वल एक उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1 अंक)
-----------------------------
* असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(v) परीक्षार्थी काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उपयुक्त स्वतंत्र उत्तर लिखेंगे,जैसे- 2
● उपयुक्त शीर्षक :संध्या : मेघमय सौंदर्य/ मेघों नेकितने चित्र बनाए / संध्या का सौंदर्य /
प्रकाश और छाया का सांध्य नृत्य
● शीर्षक के लिए तर्क :मेघों में बने रं ग-बिरं गे चित्रोंसे संध्या के सौंदर्य का निखरना
2
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* कोई उपयुक्त शीर्षक एवं तर्क लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* के वल शीर्षक या के वल तर्क लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
* असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
[ खंड - ख ] (व्यावहारिक व्याकरण) 16
3. ‘रचना के आधार पर वाक्य-भेद’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हींचारप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 4
(क) जब हमने मुक्तेश्वर की यात्रा की तब हिमालय की अभिराम छविको देखा। 1
(ख) अधिक बारिश होने पर सड़कों पर पानी भर जाता है। 1
(ग) कल मैं सोई / सोया और मैंने एक सुंदर सपना देखा। 1
(घ) शोर मत मचाओ - संज्ञा आश्रित उपवाक्य +½=
½
1
(ङ) सरल वाक्य 1
4. ‘वाच्य’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हींचारप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 4
(क) ड्राइवर द्वारा ज़ोर से ब्रेक मारे गए। 1
(ख) उनसे / उनके द्वारा कबीर के आदेशों पर चला जाता। 1
(ग) नवाब साहब ने दृढ़ निश्चय कर खीरों को उठाया। 1
(घ) कर्तृवाच्य 1
(ङ) कर्मवाच्य में सकर्मक क्रिया का प्रयोग अनिवार्य है जबकि भाववाच्य में अकर्मक क्रिया का। 1
5. ‘पद-परिचय’परआधारितपाँ चप्रश्नोंमेंसेकिन्हींचारप्रश्नोंके लिएसही व्याकरणिक कोटिके 4
साथ कोईएक अन्य बिंदुअपेक्षित:
(क) उन्हें - सर्वनाम, पुरुषवाचक, अन्यपुरुष, पुल्लिंग / स्त्रीलिंग, बहुवचन, कर्म कारक 1
(ख) अक्सर- अव्यय, क्रियाविशेषण, कालवाचक, ‘घूमता हूँ’ - क्रिया की विशेषता 1
3
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(ग) कि- अव्यय, समुच्चयबोधक, व्यधिकरण, दो वाक्यों को जोड़ने वाला 1
(घ) अंतिम- विशेषण, निश्चित संख्यावाचक, पुल्लिंग, एकवचन, ‘वर्ष’ विशेष्य 1
(ङ) संन्यासी- संज्ञा, जातिवाचक, पुल्लिंग, एकवचन, संप्रदान कारक 1
6. ‘अलंकार’ पर आधारित पाँच प्रश्नों में से किन्हींचारप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 4
(क) उपमा अलंकार 1
(ख) रूपक अलंकार 1
(ग) मानवीकरण अलंकार 1
(घ) अतिशयोक्ति अलंकार के उपयुक्त उदाहरण पर पूरे अंक दिए जाएँ - 1
उदाहरणार्थ : एक साथ रघुने पैरों से चाँपा अविकल।
पितृ-दत्त सिंहासन और सकल अरिमंडल।
(ङ) उत्प्रेक्षा अलंकार के उपयुक्त उदाहरण पर पूरे अंक दिए जाएँ - 1
उदाहरणार्थ: उस काल मारे क्रोध के तनु काँपने उसका लगा,
मानो हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा।
[ खंड - ग ] ( पाठ्य-पुस्तक और पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित ) 30
7. पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 5
(i) (D) I, II और IV 1
(ii) (A) कथन सही है, परं तु कारण गलत है। 1
(iii) (B) बालगोबिन भगत कबीर को ईश्वर-तुल्य मानते थे। 1
(iv) (D) अपनी पूरी फ़सल को कबीर-दरबार में चढ़ाना और प्रसाद स्वरूप जो मिले 1
उसे स्वयं के लिए लाना।
(v) (A) I, II और III तीनों 1
8. निर्धारित गद्य पाठों के आधार पर चार प्रश्नों में से किन्हींतीनप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 6
(क) परीक्षार्थी पाठ के आधार पर कोईदोउपयुक्त कारण लिखेंगे- 2
● अनुमान के विपरीत कद-काठी और शारीरिक अवस्था देखकर
4
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दे शभक्त की दीन-हीन स्थिति देखकर
●
● कै प्टन कोई सैन्य अधिकारी नहीं बल्कि एक फे रीवाला
* कोई दो उपयुक्त कारण लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* कोई एक कारण लिखने अथवा पाठ के आधार पर थोड़े-बहुत वाक्य लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ख) परीक्षार्थी पाठ के आधार परदोउपयुक्त बिंदुओं मेंउत्तर लिखेंगे- 2
पिता द्वारा बहन के साथ की गई तुलना के प्रभाव स्वरूप लेखिका में हीन भावना
●
● माँ के दब्बू और असहाय व्यक्तित्व को देखकर उनके जैसा न बनने का निर्णय
● पिता का व्यक्तित्व अधिक प्रभावी होने के कारण न चाहते हुए भी लेखिका में पिता के
स्वभाव की झलक
● पिता द्वारा देश की तत्कालीन स्थितियों पर चर्चा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित
करना और रसोईघर से दू र रहकर पढ़ाई-लिखाई के लिए प्रेरित करना
( अन्य उपयुक्त बिंदु भी स्वीकार्य )
* कोई दो उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* कोई एक बिंदु लिखने पर (1अंक)
------------------------------
* असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ग) परीक्षार्थी पाठ के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 2
● विशिष्ट प्रतिभा से संपन्न होने के कारण बचपन से ही सुरों की समझ और बालाजी के मंदिर
में नियमित शहनाई वादन
● शहनाई बजाने में विश्वप्रसिद्धि के बावजूद अस्सी बरस की उम्र तक नियमित रियाज़ किया
जाना
(अन्य उपयुक्त बिंदु भी स्वीकार्य )
* उपयुक्त उत्तर लिखने पर (2 अंक)
------------------------------
5
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* उपयुक्त उत्तर नहीं लिख पाने परं तु पाठ के आधार पर थोड़े-बहुत वाक्य लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(घ) परीक्षार्थी पाठ के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 2
● संस्कृ ति : व्यक्ति विशेष की वह योग्यता, प्रवृत्ति अथवा प्रेरणा जिसके बल पर वह कु छ नया
आविष्कार, त्याग और परोपकार करता है।
● सभ्यता : संस्कृ ति का परिणाम, संस्कृ ति द्वारा किए गए आविष्कार
* उपयुक्त अंतर लिखने पर (2 अंक)
- -----------------------------
* उपयुक्त अंतर नहीं लिख पाने परं तु सभ्यता अथवा संस्कृ ति के संदर्भ में थोड़े-बहुत वाक्य लिखने
पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
9. पठित काव्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 5
(i) (B) मन रूपी भ्रमर 1
(ii) (C) I और II उपयुक्त हैं। 1
(iii) (D) कथन और कारण दोनों सही हैं, परं तु कारण, कथन की सही व्याख्यानहींकरता है। 1
(iv) (A) I, II और III तीनों 1
(v ) (A) इस संसार में सीधेपन का मज़ाक उड़ाया जाता है। 1
10. निर्धारित कविताओं के आधार पर चार प्रश्नों में से किन्हींतीनप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 6
(क) परीक्षार्थी कविता के आधार पर कोईदोउपयुक्त बिंदुलिखेंगे- 2
राम का मृदु, शांत और शीतल व्यक्तित्व परशुराम के क्रोध को शांत करने वाला
●
● साहस के साथ विनयशीलता का प्रभाव अधिक होना
( अन्य उपयुक्त बिंदु भी स्वीकार्य )
6
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* दो उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1+1=2 अंक)
- -----------------------------
*के वल एक उपयुक्त बिंदु लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ख) परीक्षार्थी कविता के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 2
● मुख्य गायक का साथ देना;
हाँ , वह अपने काम में सफल है;
उदाहरण:
● गायन में साथ देना
● उत्साह को बनाए रखना
● अके लेपन का अहसास न होने देना
● अनहद में खो जाने पर स्थायी को सँभाले रखना
● स्वर को बिखरने से पहले ही सँभाल लेना
● अपनी आवाज़ को ऊँ चा न उठाना
*प्रश्न के दोनों हिस्सों का विस्तृत और उपयुक्त उत्तर लिखने पर (1+1=2 अंक)
------------------------------
* के वल पहलेअथवादू सरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखनेपर
अथवा
*किसी एक हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने पर
अथवा
*उत्तर का पर्याप्त विस्तार नहीं कर पाने परं तु प्रश्न के संदर्भ में थोड़े-बहुत वाक्य लिखने पर
(1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ग) परीक्षार्थी कविता के आधार पर कोईदोउपयुक्त कारण लिखेंगे- 2
शोषित पीड़ित जनता के कल्याण के लिए
●
● नव-निर्माण के लिए
*दो उपयुक्त कारण लिखने पर (1+1=2 अंक)
7
Page 27
- -----------------------------
* कोई एक कारण लिखने पर अथवा पाठ के आधार पर थोड़े-बहुत वाक्य लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(घ) परीक्षार्थी कविता के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 2
फ़सल के आवश्यक कारक :
● प्रकृ तिके तत्त्व- मिट्टी, पानी, हवा, प्रकाश
● मनुष्य का परिश्रम
* विस्तृत और उपयुक्त उत्तर लिखने पर (2 अंक)
-----------------------------
* उत्तर का पर्याप्त विस्तार न कर पाने परं तु फसल के संदर्भ में थोड़े-बहुत वाक्य लिखने पर
(1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
11. पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित तीन प्रश्नों में से किन्हींदोप्रश्नों के उत्तर अपेक्षित : 8
(क) प्रश्न के पहले हिस्से के लिए परीक्षार्थी पाठ के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 4
व्यवहार:
● अनजाने में निर्दयी व्यवहार
● खेल का सामान समझना
उदाहरण:
● खेत में चिड़ियों-तितलियों के पीछे भागना और उन्हें पकड़ने की कोशिश करना
● चूहों के बिल में पानी डालना;
प्रश्न के दू सरे हिस्से के लिए परीक्षार्थी उपयुक्त स्वतंत्र और तर्क पूर्ण उत्तर लिखेंगे,जैसे-
करुणा और सहानुभूतिसे भरा व्यवहार रखना
●
● पशु-पक्षियों को न सताना
*प्रश्न के दोनों हिस्सों का उपयुक्त उत्तर लिखने पर (2+2= 4 अंक)
8
Page 28
- -----------------------------
*एक हिस्से का उपयुक्त उत्तर और दू सरे का अत्यंत संक्षिप्त उत्तर लिखने पर (3 अंक)
------------------------------
*एक हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने और दू सरे का उत्तर न लिखने पर (2 अंक)
------------------------------
* किसी एक हिस्से का अत्यंत संक्षिप्त उत्तर लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ख) प्रश्न के पहले दोनों हिस्सों के लिए परीक्षार्थी पाठ के आधार पर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 4
आधार:
● वे अचानक किसी बात पर ठहाका लगाकर हँस पड़ीं;
जीवन स्थितियाँ :
● अथक परिश्रम, मातृत्व और श्रम-साधना का संतुलन (पत्थर तोड़ने का कार्य करते हुए
छोटे बच्चे साथ)
● प्रतिकू ल परिस्थितियाँ- गरीबी, अभावों, वंचनाओं की शिकार, कठोर एवं विषम
प्राकृ तिक स्थितियाँ;
सीख: प्रश्न के इस हिस्से के लिए परीक्षार्थी दो बिंदुओंमें उपयुक्त स्वतंत्र उत्तर लिखेंगे,जैसे-
परिश्रमी होना
●
● जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी आनंद और उल्लास का होना
● समाज से कम लेना और अधिक लौटाना
*प्रश्न के तीनों हिस्सों का उपयुक्त उत्तर लिखने पर (1+1+2=4 अंक)
------------------------------
*पहलेअथवादू सरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने औरतीसरे हिस्से का विस्तृत उत्तर लिखने पर
अथवा
पहले और दू सरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने और तीसरे हिस्से का संक्षिप्त उत्तर लिखने पर
(3 अंक)
------------------------------
*पहले और दू सरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने और तीसरे हिस्से का उत्तर न लिखने पर
अथवा
9
Page 29
* पहले और दू सरे हिस्से का गलत उत्तर लिखने और के वल तीसरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने
पर
(2 अंक)
-----------------------------
* पहलेअथवादू सरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर और तीसरे हिस्से का उत्तर नहीं लिखने पर
अथवा
* के वल तीसरे हिस्से का संक्षिप्त उत्तर लिखने पर (1 अंक)
------------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
(ग) प्रश्न के पहले हिस्से के लिएपरीक्षार्थी पाठ के आधारपर उपयुक्त उत्तर लिखेंगे- 4
प्रत्यक्ष अनुभव – जिसे हमने घटित होते हुए देखा हो
●
● अनुभूति– जो घटना हमारे अनुभव की न हो, पर आंतरिक स्तर पर उसे हमने भोक्ता की
तरह महसूस किया हो।
प्रश्न के दू सरे हिस्से के लिए परीक्षार्थी उपयुक्त स्वतंत्र उत्तर लिखेंगे,जैसे-
● अगर मैं लेखन के क्षेत्र में आया/आई तो अनुभव आधारित लेखन करूँ गा/करूँ गी क्योंकि
वह प्रामाणिक होता है।
*प्रश्न के तीनों हिस्सों का उपयुक्त उत्तर लिखने पर (2+1+1=4 अंक)
------------------------------
*पहले हिस्से का अपूर्ण उत्तर लिखने और दू सरे तथा तीसरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने पर
अथवा
*पहले हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने और दू सरे अथवा तीसरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने पर
(3 अंक)
------------------------------
*के वल पहले हिस्से का उपयुक्त उत्तर देने पर
अथवा
*पहले हिस्से का उत्तर न लिखने तथा दू सरे और तीसरे हिस्से का उत्तर लिखने पर
अथवा
*पहले हिस्से का अपूर्ण उत्तर लिखने और दू सरे अथवा तीसरे हिस्से का उपयुक्त उत्तर लिखने पर
(2 अंक)
-----------------------------
* पहले हिस्से का संक्षिप्त उत्तर लिखने पर अथवा दू सरे या तीसरे हिस्से का उत्तर लिखने पर
(1 अंक)
10
Page 30
- -----------------------------
*असंगत या निरर्थक उत्तर लिखने पर (0 अंक)
[ खंड - घ ] ( रचनात्मक लेखन ) 20
12. किसीएकविषय पर लगभग 120 शब्दों में एक अनुच्छे द लेखनअपेक्षित : 6
अनुच्छे द-लेखन
● भूमिका = 1 अंक
● विषयवस्तु = 3 अंक
● निष्कर्ष = 1 अंक
● भाषा शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश:
● दिए गए संके त बिंदुओं को शामिल करते हुए यथोचित विषय-वस्तु, स्तरीय और रचनात्मक
भाषा प्रयोग पर पूरे अंक दिए जाएँ ।
● भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
● सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
● प्रस्तुतीकरण प्रभावी और उपयुक्त होने पर शब्द-सीमा के उल्लंघन पर अंक न काटे जाएँ ।
3.
1 किसीएकविषय पर लगभग 100 शब्दों में पत्र लेखन अपेक्षित: 5
(क)
थवा पत्र-लेखन :
अ
(ख) ● प्रारूप (आरं भ और अंत की औपचारिकताएँ ) = 1 अंक
विषयवस्तु
● = 3 अंक
● भाषा-शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश :-
● उपयुक्त प्रारूप होने पर ही पत्र माना जाए और अंक दिए जाएँ ।
● प्रारूप और आरं भ-अंत की औपचारिकताओं में किसी तरह का रूढ़ बंधन तय नहीं किया
जाए। (दाएँ -बाएँ , सेवा में आदि पर अतिरिक्त ध्यान न दिया जाए।)
● प्रस्तुतीकरण प्रभावी और उपयुक्त होने पर शब्द-सीमा के उल्लंघन पर अंक न काटे जाएँ ।
● भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
● सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
11
Page 31
14. किसीएकविषय पर लगभग 80 शब्दों में स्ववृत्त अथवा ई-मेललेखन अपेक्षित : 5
(क) स्ववृत्त-लेखन :
● प्रारूप = 1 अंक
● विषयवस्तु = 3 अंक
● भाषा-शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश :-
● व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यताएँ आदि को शामिल कर यथोचित विषय-वस्तु,
स्तरीय और उपयुक्त भाषा प्रयोग पर पूरे अंक दिए जाएँ ।
● भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
● सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
● प्रस्तुतीकरण प्रभावी और उपयुक्त होने पर शब्द-सीमा के उल्लंघन पर अंक न काटे जाएँ ।
अथवा
(ख) औपचारिक ई-मेल :
● प्रारूप = 1 अंक
● विषयवस्तु = 3 अंक
● भाषा-शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश :-
● उपयुक्त प्रारूप होने पर ही ई-मेल माना जाए और अंक दिए जाएँ ।
● प्रस्तुतीकरण प्रभावी और उपयुक्त होने पर शब्द-सीमा के उल्लंघन पर अंक न काटे जाएँ ।
● भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
● सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
15. किसीएकविषय पर लगभग 40 शब्दों में विज्ञापन अथवा संदेशलेखन अपेक्षित: 4
(क) विज्ञापन-लेखन:
● रचनात्मकता + प्रस्तुति = 1 अंक
● विषयवस्तु = 2 अंक
● भाषा-शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश :-
● विज्ञापन-लेखन में रं गों और चित्रों का प्रयोग अनिवार्य नहीं है। इसके लिए अंक न काटे
जाएँ ।
12
Page 32
भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
●
● सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
अथवा
(ख)
संदेश-लेखन :
● प्रारूप = 1 अंक
● विषयवस्तु = 2 अंक
● भाषा-शुद्धता = 1 अंक
विशेष निर्देश :-
● संदेश लेखन का कोई एक निश्चित प्रारूप नहीं है। परीक्षार्थी द्वारा किसी उपयुक्त प्रारूप के
उपयोग पर ही अंक दिए जाएँ ।
● प्रस्तुतीकरण प्रभावी और उपयुक्त होने पर शब्द-सीमा के उल्लंघन पर अंक न काटे जाएँ ।
● भाषा में बहुत अधिक अशुद्धियाँ होने पर ही अधिकतम एक अंक काटा जा सकता है।
सामान्य अशुद्धियों पर अंक न काटे जाएँ ।
13
Page 33
QUESTION PAPERS
GET PREVIOUS YEAR QUESTION PAPERS FOR ALL CLASSES FOR CBSE, ISCSE, ISC AND ALL ALL
STATE BOARDS HERE AT
Andhra Pradesh Board Question Papers
BOARD
WISE Assam Board Question Papers
Bihar Board Question Papers
Chhattisgarh Board Question Papers
Goa Board Question Papers
Gujarat Board Question Papers
Haryana Board Question Papers
Himachal Pradesh Board Question Papers
J&K State Board Question Papers
Jharkhand Board Question Papers
Karnataka Board Question Papers
Kerala Board Question Papers
Madhya Pradesh Board Question Papers
Maharashtra State Board Question Papers
Manipur Board Question Papers
Meghalaya Board Question Papers
Mizoram Board Question Papers
Nagaland Board Question Papers
Orissa Board Question Papers
Punjab Board Question Papers
Rajasthan Board Question Papers
Tamil Nadu Board Question Papers
Telangana State Board Question Papers
Tripura Board Question Papers
Uttarakhand Board Question Papers
Uttar Pradesh (UP) Board Question Papers
West Bengal (WB) Board Question Papers
Page 34
ANNUAL EXAMINATION
Question Paper
2025
NCERT BASED SYLLABUS
FOR CBSE AND STATE BOARD
FOLLOWING NCERT
KVS QUESTION PAPERS
Page 35
Series : HGFE1 SET ~ 1
- 4/1/1
- -
-
:
(I) - 11
(II) - - - -
(III) - 16
(IV) , -
(V) - 15 -
10.15 10.15 10.30 -
# -
HINDI (B)
3 80
:
:
(i) - 16
(ii) - , ,
(iii) ,
(iv) ,
(v) - ,
(vi) ,
(vii)
4/1/1 1 P.T.O.
#
Page 36
1.
7
,
,
(i) 1
(A)
(B)
(C)
(D)
(ii) ? 1
(A)
(B) -
(C) -
(D)
4/1/1 2
#
Page 37
(iii)
: 1
:
:
:
(A) ,
(B)
(C) ,
(D)
(iv) 2
(v) ? ? 2
2.
7
-
, ,
,
-
- ,
,
-
(i) ? 1
(A)
(B)
(C)
(D)
4/1/1 3 P.T.O.
#
Page 38
(ii) ? 1
(A)
(B)
(C)
(D)
(iii)
: 1
: -
: ,
:
(A) , ,
(B)
(C)
(D) ,
(iv) , ? 2
(v) 2
3. : 4 1=4
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-
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( ) - -
4/1/1 4
#
Page 39
4.
: 4 1=4
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5. : 4 1=4
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( )
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6. : 4 1=4
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4/1/1 5 P.T.O.
#
Page 40
-
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(D)
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(B)
(C) -
(D)
4/1/1 6
#
Page 41
(iii)
: 1
: ,
:
:
(A)
(B) ,
(C) ,
(D) ,
(iv) -I -II : 1
-I -II
1. - I.
2. II.
3. - III.
:
(A) 1-III, 2-II, 3-I
(B) 1-I, 2-II, 3-III
(C) 1-II, 2-III, 3-I
(D) 1-II, 2-I, 3-III
(v) 1
I.
II.
III.
IV.
:
(A) IV (B) II
(C) I II (D) I IV
4/1/1 7 P.T.O.
#
Page 42
8. 25 30
3 2=6
( ) -
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(B) -
(C) -
(D) -
(ii) ? 1
(A) (B)
(C) (D)
4/1/1 8
#
Page 43
(iii) ? 1
(A) (B)
(C) (D)
(iv) ? 1
(A) (B) -
(C) (D)
(v) ? 1
(A)
(B) -
(C)
(D)
10.
25 30 3 2=6
( )
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( ) ?
( )
( )
11. -
40 50 : 2 3=6
( )
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( ) -
-
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4/1/1 9 P.T.O.
#
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12. -
120 : 5
( )
-
( )
-
( ) -20 (2024)
-
13. 100 5
( ) -
( )
-
4/1/1 10
#
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14. 60 4
( )
( )
-
15. 40 3
( )
( )
16. ( )
80 - 5
( )
100
4/1/1 11 P.T.O.
#
Page 46
अत्यतं गोपनीय-के वल आतं रिक एवं सीमित प्रयोग हेतु
सेकेंडिी स्कूल समटिमिके ट पिीक्षा, 2024-25
अंक-योजना
महंदी ‘ब’ मवषय कोड—085
प्रश्न-पत्र कोड-- 4/1/1, 4/1/2, 4/1/3
सामान्य निर्देश:-
1. आप जािते हैं नि परीक्षानथियों िे सही और उनित आिलि िे नलए उत्तर पनु ततिाओ ं िा मलू याि ं ि एि महत्त्वपर्ू ि प्रनिया
है। मलू यांिि में एि छोटी-सी भलू भी गभं ीर समतया िो जन्म र्दे सिती है, जो परीक्षानथियों िे भनवष्य, नशक्षा-प्रर्ाली और अध्यापि-
व्यवतथा िो भी प्रभानवत िर सिती है। इससे बििे िे नलए अिरु ोध निया जाता है नि मलू यांिि प्रारंभ िरिे से पवू ि ही आप मलू यांिि
निर्देशों िो पढ़ और समझ लें।
2. मलू याि
ं ि िीनत एि गोपिीय िीनत है क्योंनि यह आयोनजत परीक्षाओ ं िी गोपिीयता, निए गए मलू याि ं ि तथा िई अन्य
पहलओ ु ं से संबंनधत है | इसिा निसी भी तरह से साविजनिि रूप से लीि होिा परीक्षा- प्रर्ाली िे पटरी से उतरिे िा िारर् बि
सिता है और लाखों परीक्षानथियों िे जीवि और भनवष्य िो प्रभानवत िर सिता है | इस िीनत /र्दततावेज िो निसी िो भी साझा
िरिा, निसी पनििा में प्रिानशत िरिा और समािार पि/वेबसाइट आनर्द में छापिा IPC िे तहत िायिवाही िो आमनं ित िर सिता
है |
3. मलू यांिि अि ं -योजिा में नर्दए गए निर्देशों िे अिसु ार ही निया जािा िानहए, अपिी व्यनिगत व्याख्या या निसी अन्य
धारर्ा िे अिसु ार िहीं। यह अनिवायि है नि अि ं -योजिा िा अिपु ालि परू ी तरह और निष्ठापवू ि
ि निया जाए। हालााँनि, मलू याि
ं ि
िरते समय िवीितम सिू िा और ज्ञाि पर आधाररत अथवा िवािार पर आधाररत उत्तरों िो उििी सत्यता और उपयि ु ता िो परखते
हुए परू े अि
ं नर्दए जाएाँ।
4. मख्ु य परीक्षि प्रत्येि मलू यांिििताि िे द्वारा पहले नर्दि जााँिी गई उत्तर-पनु ततिाओ ं िे मलू यांिि िी जााँि ध्यािपवू ि
ि िरें
और आश्वतत हों नि मलू याि ं ि-योजिा में नर्दए गए निर्देशों िे अिसु ार ही मलू याि ं ि निया जा रहा है। परीक्षिों िो बािी उत्तर-
पनु ततिाएाँ तभी र्दी जाएाँ जब वह आश्वतत हों नि उििे अि ं ि में िोई नभन्िता िहीं है।
5. परीक्षि सही उत्तर पर सही िा निशाि (√) लगाएाँ और गलत उत्तर पर गलत िा (×) । मलू यांिि-िताि द्वारा ऐसा निह्न ि
लगािे से ऐसा समझ में आता है नि उत्तर सही है परंतु उस पर अि
ं िहीं नर्दए गए। परीक्षिों द्वारा यह भल
ू सवािनधि िी जाती है।
6. यनर्द निसी प्रश्न िा उपभाग हो तो िृ पया प्रश्नों िे उपभागों िे उत्तरों पर र्दायीं ओर अि
ं नर्दए जाएाँ। बार्द में इि उपभागों िे
अि ं ों िा योग बायीं ओर िे हानशये में नलखिर उसे गोलािृ त िर नर्दया जाए। इसिा अिपु ालि दृढ़तापवू ि ि निया जाए।
7. यनर्द निसी प्रश्न िा िोई उपभाग ि हो तो बायीं ओर िे हानशये में अि
ं नर्दए जाएाँ और उन्हें गोलािृ त निया जाए। इसिे
अिपु ालि में भी दृढ़ता बरती जाए।
4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 1
Page 47
8. यनर्द परीक्षाथी िे निसी प्रश्न िा उत्तर र्दो तथािों पर नलख नर्दया है और निसी िो िाटा िहीं है तो नजस उत्तर पर अनधि अि ं
प्राप्त हो रहे हों, उस पर अि ं र्दें और र्दसू रे िो िाट र्दें। यनर्द परीक्षाथी िे अनतररि प्रश्न/प्रश्नों िा उत्तर र्दे नर्दया है तो नजि उत्तरों पर अनधि
अि ं प्राप्त हो रहे हों उन्हें ही तवीिार िरें और उन्हीं पर अि ं र्दें।
9. एि ही प्रिार िी अशनु ि बार-बार हो तो उसे अिर्देखा िरें और उस पर अि
ं ि िाटे जाएाँ।
10. यहााँ यह ध्याि रखिा होगा नि मलू यांिि में संपर्ू ि अि ं पैमािे 0 – 80 (उर्दाहरर् 0--80 अि ं जैसा नि प्रश्न-पि में नर्दया गया
है) िा प्रयोग अभीष्ट है अथाित परीक्षाथी िे यनर्द सभी अपेनक्षत उत्तर-नबर्दं ओ
ु ं िा उललेख निया है तो उसे परू े अि
ं र्देिे में सि
ं ोि ि
िरें ।
11. प्रत्येि परीक्षि िो पर्ू ि िायि-अवनध में अथाित 8 घटं े प्रनतनर्दि अनिवायि रूप से मलू यांिि िायि िरिा है। (नवततृत नववरर्
‘तपॉट गाइडलाइि’ में नर्दया गया है)
12. यह सनु िनित िरें नि आप निम्िनलनखत प्रिार िी िनु टयााँ ि िरें जो नपछले वर्षों में िी जाती रही हैं-
• उत्तर पनु ततिा में निसी उत्तर या उत्तर िे अश
ं िो जााँिे नबिा छोड़ र्देिा
• उत्तर िे नलए निधािररत अि
ं ों से अनधि अि
ं र्देिा
• उत्तर में नर्दए गए अि
ं ों िा योग ठीि ि होिा
• उत्तर-पनु ततिा िे अर्दं र नर्दए गए अि
ं ों िा आवरर् पृष्ठ पर सही अतं रर् ि होिा
• आवरर् पृष्ठ पर प्रश्नािसु ार योग िरिे में अशनु ि
• योग िरिे में अि
ं ों और शब्र्दों में अतं र होिा
• उत्तर पनु ततिाओ ं से ऑिलाइि अि
ं सिू ी में सही अतं रर् ि होिा
• िुल अि
ं ों िे योग में अशनु ि
• उत्तरों पर सही िा निह्न (√) लगािा निंतु अि
ं ि र्देिा
13. प्रत्येि परीक्षि यह भी सनु िनित िरें नि सभी उत्तरों िा मलू याि
ं ि निया जाए, शीर्षिि पृष्ठ पर िी गई प्रनवनष्ट सही हो तथा िुल
अिं ों िो आाँिड़ों और शब्र्दों में नलखें ।
14. उम्मीर्दवार निधािररत प्रसंतिरर् शलु ि िे भगु ताि पर अिरु ोध िर उत्तर-पनु ततिा िी फोटोिॉपी प्राप्त िरिे िे हिर्दार हैं । अतः
सभी मख्ु य परीक्षिों/ अनतररि मख्ु य परीक्षिों/ परीक्षिों/ समन्वयिों िो एि बार नफर से यार्द नर्दलाया जाता है नि उन्हें यह सनु िनित
िरिा िानहए नि मलू यांिि योजिा में नर्दए गए प्रत्येि उत्तर िे नलए मलू य-नबंर्दओ
ु ं िे अिसु ार मलू यांिि निया जाए ।
4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 2
Page 48
Series: HGFE1 प्रश्न-पत्र कोड 4/1/1, 4/1/2, 4/1/3
अंक योजना
महदं ी ‘ब’(085)
प्रश्न स.ं 4/1/1 4/1/2 4/1/3 िूलयांकन मबदं ु अंक
खंड - क
(अपमित बोध)
1 1 2 1 अपमित गद्ांश पर आधाररत बहुनविलपीय/वततपु रि प्रश्न : (7)
(i) (i) (i) (C) तवात्य 1
(ii) (ii) (ii) (A) समाज िे नविास में योगर्दाि र्देिे वाला सनिय िागररि 1
(iii) (iii) (iii) (A) िथि सही है लेनिि िारर्, िथि िी ग़लत व्याख्या िरता है । 1
(iv) (iv) (iv) पयािवरर् पररवतिि 2
सामानजि संरििा में आए बर्दलाव
प्रनततपधाि और उपभोिावार्दी सतं िृ नत
(निन्हीं र्दो नबंर्दओ
ु ं िा उललेख अपेनक्षत)
(v) (v) (v) 1+1
निसे-
शारीररि और मािनसि रूप से िुशलक्षेम िी अवतथा
िै से-
व्यायाम, पौनष्टि भोजि लेिे और बरु ी आर्दतों में पररवतिि
2 2 1 2 अपमित गद्ांश पर आधाररत बहुनविलपीय/वततपु रि प्रश्न : (7)
(i) (i) (i) (B) र्दख ु िे िेति िारर् िे साक्षात्िार िा अिमु ाि 1
(ii) (ii) (ii) (D) मााँ िी आिृ नत पहिाि भख ू शांत हो जािे िी आशा है । 1
(iii) (iii) (iii) (A) िथि सही है लेनिि िारर्, िथि िी गलत व्याख्या िरता है । 1
(iv) (iv) (iv) र्दसू रों िे द्वारा पहुिाँ ाए जािे वाले िष्टों से बििे िे नलए 2
समाज से निराशा और अत्यािार र्दरू िरिे िे नलए
(v) (v) (v)
र्दख
ु िे िारर् िी जाििारी या अिमु ाि से जन्म लेिे वाला भाव 2
र्दसू रों िे द्वारा सताए जािे पर उत्पन्ि होिे वाला भाव
िोध िे िारर् तथा पररर्ाम िे अन्य नबंर्दु भी तवीिायि
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खंड – ख
(व्यावहारिक व्याकिण)
3 3 3 3 ‘पदबंध’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - सबु ह से शाम ति 1
(ख) - - नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1
(ग) - - संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
(घ) - - सवििाम पर्दबंध 1
(ङ) - - निया पर्दबधं 1
- (ि) - नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1
- (ख) - हवेली से र्दालाि िी ओर 1
- (ग) - संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
- (घ) - सवििाम पर्दबंध 1
- (ङ) - निया पर्दबंध 1
- - (ि) लढ़ु िते-सरिते हुए 1
- - (ख) संज्ञा पर्दबंध, संज्ञा पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द संज्ञा ½+½
- - (ग) सवििाम पर्दबधं 1
- - (घ) निया पर्दबंध 1
- - (ङ) नवशेर्षर् पर्दों िा समहू / शीर्षि पर्द नवशेर्षर् 1
4 4 4 4 ‘िचना के आधाि पि वाक्य भेद’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि (1x4
प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : =4)
(ि) - - नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शातं हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
संयि ु में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शांत हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
(ख) - - हमारा र्दोतत सआर्दत अली बहुत ऐश पसंर्द आर्दमी है । 1
(ग) - - िेिर िी जो सहिशनि है उसिी भी एि सीमा होती है ।/ जो िेिर िी 1
सहिशनि है उसिी भी एि सीमा होती है ।
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(घ) - - िहू उििी बात सिु िर र्दख
ु ी हुए और मद्दु त ति रोते रहे । 1
(ङ) - - सरल वाक्य 1
- (ि) - शि ु सोिा और नगन्िी िा सोिा अलग-अलग है । 1
- (ख) - नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शांत हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
सयं िु में रूपातं रर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शातं हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- (ग) - बड़े-बड़े नबलडर समर्दं र िो पीछे धिे ल रहे हैं और उसिी ज़मीि हनथया रहे हैं । 1
- (घ) - हमारे ग्वानलयर िा जो मिाि था उसिे र्दालाि में र्दो रोशिर्दाि थे । 1
- (ङ) - सरल वाक्य 1
- - (ि) ‘जागते रहो’ नफलम में राजिपूर िे जो अनभिय निया उसे बहुत सराहा गया । 1
- - (ख) अच्छी शासि व्यवतथा समता पर िलती है । 1
- - (ग) िेखव लेखि हैं और वे सारे संसार िे िहेते मािे जाते हैं । 1
- - (घ) नमश्र वाक्य िे प्रधाि एवं आनश्रत उपवाक्यों िो तवतंि वाक्यों में बर्दलिा तथा ½+½
उन्हें योजि से जोड़िा,
उर्दाहरर्- नमश्र वाक्य- जैसे ही अध्यापि िक्षा में आए छाि शांत हो गए ।
सरल वाक्य में रूपांतरर् : अध्यापि िक्षा में आए । छाि शांत हो गए ।
सयं िु में रूपातं रर् : अध्यापि िक्षा में आए और छाि शातं हो गए ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- - (ङ) सरल वाक्य 1
5 5 5 5 ‘सिास’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, ½+½
उर्दाहरर्- सुख-र्दख ु , र्दधू -र्दही आनर्द ।
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
(ख) - - तल ु सीिृ त – तत्परुु र्ष समास ½+½
(ग) - - िृ ष्र् है जो मृग – िमिधारय समास ½+½
(घ) - - नवग्रह िे अिसु ार- बहुव्रीनह समास/नद्वगु समास/िमिधारय समास 1
(ङ) - - पीला/पीत है जो अबं र – िमिधारय समास या पीले/पीत हैं अबं र नजििे – बहुव्रीनह ½+½
समास
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- (ि) - शरर्ागत – तत्परुु र्ष समास ½+½
- (ख) - मधु िी मक्खी/मधु िा सग्रं ह िरिे वाली मक्खी – तत्परुु र्ष समास ½+½
- (ग) - द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, उर्दाहरर्- सख
ु -र्दख
ु , र्दधू -र्दही आनर्द । ½+½
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
- (घ) - बहुव्रीनह समास- अन्य पर्द प्रधाि/ िमिधारय समास – पवू ि पर्द नवशेर्षर् (िोई एि ½+½
उत्तर अपेनक्षत)
- (ङ) - िीला है जो िंठ – िमिधारय समास या िीला है िंठ नजसिा (नशव) – बहुव्रीनह ½+½
समास
- - (ि) मेखालािार- तत्परुु र्ष समास ½+½
- - (ख) िोध रूपी अनग्ि- िमिधारय समास ½+½
- - (ग) बहुव्रीनह समास - अन्य पर्द प्रधाि/ िमिधारय समास – पवू ि पर्द नवशेर्षर् (िोई एि ½+½
उत्तर अपेनक्षत)
- - (घ) श्वेत है जो अबं र- िमिधारय समास या श्वेत हैं अबं र नजििे - बहुव्रीनह समास ½+½
- - (ङ) द्वद्वं समास में पवू ि और उत्तर र्दोिों पर्द प्रधाि, उर्दाहरर्- सख
ु -र्दख
ु , र्दधू -र्दही आनर्द । ½+½
(अन्य उपयि ु उर्दाहरर् तवीिायि)
6 6 6 6 ‘िुहाविे’ पर आधाररत पााँि प्रश्नों में से निन्हीं चाि प्रश्नों िे उत्तर अपेनक्षत : (1x4
=4)
(ि) - - ‘मिं ि लगिा’ महु ावरा, उपयुि वाक्य प्रयोग ½+½
(ख) - - फूटी आाँख ि सहु ािा 1
(ग) - - उपयि ु वाक्य प्रयोग 1
(घ) - - पााँव जमीि पर ि पड़िा 1
(ङ) - - राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1
- (ि) - छोटा महाँु बड़ी बात – महु ावरा, उनित वाक्य प्रयोग ½+½
- (ख) - र्दीवार खड़ी िरिा/ राह में रोड़े अटिािा/ टााँग अड़ािा 1
- (ग) - उनित वाक्य प्रयोग 1
- (घ) - ततू ी बोलती (ततू ी बोलिा) / धमू मििा 1
- (ङ) - राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1
- - (ि) प्रार् सख
ू िा, उनित वाक्य प्रयोग ½+½
- - (ख) गााँठ बााँध लेिा 1
- - (ग) उनित वाक्य प्रयोग 1
- - (घ) राई िा पहाड़ बिािा/बात िा बतंगड़ बिािा 1
- - (ङ) खरी-खोटी सिु ािा 1
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खंड – ग
(पाि्य-पुस्तक)
7 7 7 7 ‘पमित गद्ांश’ पर आधाररत बहुनविलपीय प्रश्नों िे उत्तर : 1x 5
(i) (i) (i) (A) छोटे भाई िो अनभमाि िे र्दष्ु पररर्ामों से अवगत िरािे िे नलए =5
(ii) (ii) (ii) (B) संपर्ू ि संसार पर अपिा आनधपत्य तथानपत िरिा
(iii) (iii) (iii) (B) िथि और िारर् र्दोिों सही हैं और िारर्, िथि िी सही व्याख्या
िरता है ।
(iv) (iv) (iv) (C) 1-II, 2-III, 3-I
(v) (v) (v) (C) I और II र्दोिों
8 8 8 8 ‘गद् खंड’ पर आधाररत निन्हीं तीन प्रश्नों िे उत्तर (लगभग 25-30 शब्र्दों में ) – (2 x 3
= 6)
(ि) - - 2
सगं ठि में शनि
अग्रं ेज सरिार िे िोनटस िे बावजर्दू िलित्तावानसयों (स्त्री और
परुु र्ष) द्वारा मोिमु टें पर झडं ा फहरािा और तवतंिता िी प्रनतज्ञा पढ़ा
जािा
सभु ार्ष बाबू िे िेतत्ृ व में िलित्तावानसयों िा एिजटु होिा
(ख) - - भौगोनलि नतथनत - 1+1
अर्दं माि द्वीपसमहू में पोटि ब्लेयर से लगभग सौ निलोमीटर र्दरू नतथत
नलनटल अर्दं माि द्वीप िे बार्द नििोबार द्वीपसमहू िी शृंखला आरंभ
नलनटल अर्दं माि द्वीप से 96 निलोमीटर र्दरू नििोबार द्वीपसमहू िा
पहला द्वीप िार –नििोबार
पररवतिि -
लोििथा िे अिसु ार पहले र्दोिों द्वीप जड़ु े हुए, ततााँरा िे िोध िे
िारर् र्दो भागों में नवभि
(ग) - - लोिनप्रय निलमों िे प्रनतनष्ठत िलािार होिे िे बावजर्दू शि
ु र्देहाती 2
गाड़ीवाि हीरामि िे िररि िा प्रभावी अनभिय
नसफि नर्दल िी जबु ाि समझिे वाले भोले गाड़ीवाि िे िररि में डूब
जािा
4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 7
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(घ) - - 1+1
रोिे िा िारर् -
घायल िुत्ते द्वारा गलती िा बोध िरािे पर िहू िा पिाताप िरिा
िररि िी नवशेर्षता -
संवर्दे िशील, र्दया और िरुर्ा िी भाविा से ओत-प्रोत
- (ि) - 2
प्रशासि द्वारा िानं तिाररयों िे साथ निया गया व्यवहार निर्दं िीय,
तवतंिता िी वर्षिगााँठ मिािा अपराध िहीं
तवतंिता प्रत्येि व्यनि िा जन्मनसि अनधिार है और इसिे नलए
प्रर्दशिि, नवरोध उनित
(अन्य उनित तिि भी तवीिायि)
- (ख) - समाज िे नलए निया गया बनलर्दाि व्यथि िहीं 2
ततााँरा-वामीरो िे बनलर्दाि से रूनढ़वार्दी परंपरा िा अतं और िई
परंपरा िा आरंभ
समाज द्वारा उििे बनलर्दाि िो सर्दैव यार्द निया जािा
- (ग) - राजिपरू द्वारा निलम िी संभानवत असफलता िे खतरों से आगाह 2
निए जािे िे बार्द भी निलम बिािा
शिं र जयनिशि िे िहिे पर भी गीत िे बोल में पररवतिि िे नलए
तैयार ि होिा
आत्मसंतनु ष्ट िे नलए निलम बिािा
- (घ) - 2
नियिं र् खोिे िा िारर् -
बड़े-बड़े नबलडरों द्वारा समद्रु िी जमीि िा अनतिमर् िरिा
र्दष्ु पररर्ाम -
समद्रु द्वारा अपिी लहरों पर र्दौड़िे वाले जहाज़ों िो तहस-िहस िर
र्देिा
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- - (ि) पाठ में वनर्ित तरीिे – 2
घर-घर जािर प्रिार िरिा और समझािा
वतिमाि तरीिे -
नवज्ञाि और तििीि िे माध्यम से
मनु द्रत और इलेक्रॉनिि माध्यमों (सोशल मीनडया) िे द्वारा
- - (ख) 2
(नवद्यानथियों िे व्यनिगत अिभु व पर आधाररत मि
ु उत्तर )
- - (ग) निलम में िनवता जैसी सवं र्दे िा और भाव-प्रवर्ता 2
पािों िा अनभिय जीवतं एवं सहज
निलम िे गीत िनवता िी भााँनत मानमिि
- - (घ) (नवद्यानथियों िे व्यनिगत अिुभव पर आधाररत मि
ु उत्तर) 2
9 9 9 9 ‘पमित काव्यांश’ पर आधाररत बहुनविलपीय प्रश्नों िे उत्तर : 1x5
(i) (i) (i) (C) प्रिृ नत िा रूप-सौंर्दयि पल-पल िए रूप धारर् िर रहा है =5
(ii) (ii) (ii) (C) पष्ु पों िो
(iii) (iii) (iii) (C) पारर्दनशिता
(iv) (iv) (iv) (C) अपिा नवशाल आिार
(v) (v) (v) (A) वर्षाि ॠतु में पवितीय प्रर्देश िी अलौनिि सर्षु मा
10 10 10 10 ‘काव्य खडं ’ पर आधाररत निन्हीं तीन प्रश्नों िे उत्तर (लगभग 25-30 शब्र्दों में ) – (2x3
=6)
(ि) - - निर्दं ि अपिी आलोििाओ ं से हमें हमारी िनमयों से अवगत िराता है । 2
िनमयों िो र्दरू िर, तवभाव िो निमिल िरिे िा अवसर प्रर्दाि िरता है ।
(ख) - -
श्रीिृ ष्र् िे साम्यि और परुु र्षाथि िो जि-सामान्य ति पहुिाँ ािा
2
उििे भक्तवत्सल तवरूप िा उर्दाहरर् र्देते हुए लोगों िे साथ-साथ तवयं िी भी
पीड़ा हरिे िा निवेर्दि िरिा
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(ग) - - प्रतीिात्मिता- 1+1
तोप- सत्ता िी निरंिुशता िा प्रतीि
निनड़या - जिता िा प्रतीि
संर्दश
े -
अत्यािारी िे आति
ं िा अतं निनित है इसनलए शनि िा र्दरुु पयोग िहीं िरिा
िानहए ।
(घ) - - 2
लक्ष्मर् िी भााँनत रावर् रूपी शिओ
ु ं िे समक्ष वीरता एवं बनलर्दाि िी तपष्ट
लिीर खींििा
- (ि) - निंर्दिो िो अपिे पास रखिर 2
उििे द्वारा िी जािे वाली आलोििा से तवयं में सधु ार
- (ख) - श्रीिृ ष्र् िा सानन्िध्य प्राप्त िरिा 2
र्दशिि, सनु मरि और भनक्त िा अवसर पािा
- (ग) - 2
ऐनतहानसि धरोहर िे रूप में
अतीत में हुई गलनतयों िो जाििर उन्हें ि र्दोहरािे िी सीख
- (घ) - राम िी नविम्रता और सहिशीलता तथा लक्ष्मर् िी उग्रता, र्दोिों िी वीरता, 2
साहस, ित्तिव्यनिष्ठा आनर्द नवशेर्षताओ ं िो अपिािर रावर् रूपी शिु से सीता
रूपी भारत माता िी रक्षा िरिा
राम-लक्ष्मर् िी भााँनत सीनमत संसाधिों िे साथ बलशाली शिु िा सामिा
िरिा
- - (ि) 2
समाज में पररवतिि िे नलए तवयं में सधु ार िा उर्दाहरर् प्रतततु िरिा
तवाथि भाव से मि
ु लोग ही सामानजि पररवतिि में सहभागी
- - (ख) श्रीिृ ष्र् िा सानन्िध्य प्राप्त िरिा 2
र्दशिि, सनु मरि और भनक्त िा अवसर पािा
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- - (ग) समय िे अतं राल से आतंि िा प्रतीि तोप िा भी प्रर्दशिि िी वतत,ु बच्िों एवं 2
निनड़या िे मिोरंजि िा साधि बििर रह जािा
िोई भी सत्ता, शनक्त नितिी भी ताितवर क्यों ि हो उसिा अतं निनित
- - (घ) 2
‘सीता’ िे पनवि र्दामि िी तरह भारत िी अखडं ता एवं सप्रं भतु ा िो िोई
ििु ौती ि र्दे सिे
11 11 11 11 परू ि पाठ्य पतु ति पर आधाररत निन्हीं दो प्रश्नों िे उत्तर लगभग 40 – 50 शब्र्दों में (3x2
अपेनक्षत – =6)
(ि) (ि) (ि) 3
हररहर िािा िा जीवि भी मझधार में फाँ सी िाव में सवार लोगों िी तरह
असहाय और बेसहारा हो जािा
िाव पर सवार लोगों िी तरह जीवि िी जद्दोजहर्द से हारिर मौि धारर् िर
लेिा
तवयं िो पररनतथनतयों िे भरोसे छोड़ र्देिा
(ख) (ख) (ख) तििीि िे प्रयोग से वतिमाि समय में प्रिार-प्रसार िे तरीिों में भारी अतं र 3
मनु द्रत और इलैक्रानिक्स माध्यमों िा उपयोग
सोशल मीनडया िी मर्दर्द से भी प्रिार-प्रसार
(अन्य उपयि
ु उत्तर भी तवीिायि)
(ग) (ग) (ग) 3
उनित एवं तिि पर्ू ि मि
ु उत्तर तवीिायि
खंड – घ
(िचनात्िक लेखन)
12 12 12 12 निसी एक नवर्षय पर संिेत-नबंर्दओ
ु ं िे आधार पर लगभग 120 शब्र्दों में अिच्ु छे र्द 5 x 1
लेखि : =5
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
● प्रततनु त – 1 अि
ं
4/1/1, 4/1/2, 4/1/3 Page 11
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13 13 14 13 निसी एक नवर्षय पर लगभग 100 शब्र्दों में औपिाररि पि लेखि: 5x1
● आरंभ व अतं िी औपिाररिताएाँ – 1 अि
ं =5
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
14 14 15 16 निसी एक नवर्षय पर लगभग 60 शब्र्दों में सिू िा लेखि: 4x1
● नवर्षय-वततु – 2 अि
ं =4
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
15 15 13 14 निसी एक नवर्षय पर लगभग 40 शब्र्दों में नवज्ञापि : 3x1
● नवर्षय-वततु – 1 अि
ं =3
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
16 16 16 15 ई-मेल लेखि अथवा लघि
ु था लेखि : 5x1
=5
ई-मेल लेखि (लगभग 80 शब्र्दों में ) -
● औपिाररिताएाँ – 1 अि
ं
● नवर्षय-वततु – 2 अि
ं
● प्रततनु त – 1 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
अथवा
लघि
ु था लेखि (लगभग 100 शब्र्दों में) –
● नवर्षय-वततु – 3 अि
ं
● भार्षा – 1 अि
ं
● प्रभाव – 1 अि
ं
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QUESTION PAPERS
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