aglasem.com
Home Schools Admission Career Mock Test PDF Docs Playground
ClassChoose class
StateSelect state

NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली

Get here NCERT Solution for Class 7 हिंदी Chapter 4 for Free. NCERT Solutions for हिंदी Class 7 provided here are best answers by AglaSem School experts, who have many year of experience in this field. Class 7 NCERT Textbook Solutions cover all the exercises of each chapter. NCERT Solutions for Class 7 हिंदी for Hindi Medium वसंत Book are given below.
Book Name: वसंत
Subject: हिंदी
Chapter Number: 4
Chapter Name: कठपुतली
You can also bookmark this page by clicking + Save to Library icon and refer to these NCERT Solutions anytime from your account. More Detail
NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली - Page 1 of 5

About NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली

NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली is available here for free download. Published by NCERT for Class 7, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (5 pages). Candidates preparing for Class 7 can use NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

How can I download NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली?

Open this page and click the Download button to save NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली as a PDF. It is completely free on AglaSem Docs.

Is NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली free to download?

Yes. NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

How many pages does NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली have?

NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली contains 5 pages, which you can read online or download together as a single PDF.

Where can I find more Class 7 study material?

You can find more Class 7 question papers, sample papers, syllabus, and answer keys on AglaSem Docs.

NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 3 कठपुतली – Text

Read the full text of this solution below — useful to quickly search, copy and reference the content online without downloading the PDF.

📄 View text version (5 pages)

Page 1

NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 7th

aglase .co

Page 2

Book : Hindi Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi

Class : 7th

Subject : हिन्दी

Chapter : 4

Chapter Name : कठपुतली

Q1. कठपुतली को गुस्सा क्ोों आया ?

Answer. कठपुतली को गुस्सा इसीहलए आया क्ोोंहक वि चारोों तरफ से धागोों से बोंधी हुई िै | वि इन
धागोों को तोड़कर, ज़मीन पर अपने पैरोों से खड़ी िोना चािती िै |

page : 20, Block Name : कहवता से

Q2. कठपुतली को अपने पााँवो पर खड़े िोने की इच्छा िै , लेहकन वि क्ोों निीों खड़ी िोती ?

Answer: कठपुतली अपने पैरोों पर खड़ा िोने की इच्छा रखती िै परन्तु वि खड़ी निीों िोती | वि ऐसा
इसीहलए करती िै क्ोोंहक जब उस पर सभी कठपुतहलयोों की स्वतोंत्रता की हज़म्मेदारी आती िै तो उसको

लगता िै की उसे बहुत िी सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए |

page : 20, Block Name : कहवता से

Q3. पिली कठपुतली की बात दू सरी कठपुतहलयोों को क्ोों अच्छी लगी ?

Answer : पिली कठपुतली की बात बाकी कठपुतहलयोों को इसहलए पसोंद आती िै क्ोोंहक वि खुद भी
स्वतोंत्र िोना चािती थी पर कि निीों पा रिी थी | वि सभी अपनी पैरोों पर खड़ी िोना चािती थी और अपनी
मज़ी से चलना चािती थी |

page : 20, Block Name : कहवता से

Q4 . पिली कठपुतली ने स्वयों किा हक – ‘ये धागे / क्ोों िै मेरे पीछे – आगे ?इन्हें तोड़ दो ; / मुझे मेरे
पााँवोों पर छोड़ दो।‘ – तो हफर वि हचोंहतत क्ोों हुई हक – ‘ये कैसी इच्छा / मेरे मन में जगी ? ‘नीचे हदए

वाक्ोों की सिायता से अपने हवचार व्यक्त कीहजए -

Page 1 of 4

Page 3

Book : Hindi Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi

⚫ उसे दू सरी कठपुतहलयोों की हज़म्मेदारी मिसूस िोने लगी ।

⚫ उसे शीघ्र स्वतोंत्र िोने की हचोंता िोने लगी।
⚫ वि स्वतोंत्रता की इच्छा को साकार करने और स्वतोंत्र को िमेशा बनाए रखने के उपाय सोचने

लगी ।
⚫ वि डर गई , क्ोोंहक उसकी उम्र कम थी ।

Answer : पिली कठपुतली अपने सारे धागे तोड़ कर शीघ्र स्वतोंत्र िोकर अपने पैरोों पर खड़ा िोना चािती

थी, लेहकन जब दू सरी कठपुतहलयोों की स्वतोंत्रता की हज़म्मेदारी भी उस पर आ गयी तो वि डर गयी
क्ोोंहक उसकी उम्र कम थी | वि चािती थी की जब वि आज़ाद िो तो िमेशा के हलए िो ना की कुछ

समय के हलए |

page : 20, Block Name : कहवता से

कहवता से आगे

Q1 ‘ बहुत हदन हुए / अपने मन के छों द छु ए।‘ – इस पोंक्तक्त का अथथ और क्ा िो सकता िै ? अगले पृष्ठ

पर हदए हुए वाक्ोों की सिायता से सोहचए और अथथ हलक्तखए -

(1) बहुत हदन िो गए ,मन में कोई उमोंग निीों आई ।
(2) बहुत हदन िो गए , मन के भीतर कहवता – सी कोई बात निीों उठी , हजसमें छों द िो , लय िो ।

(3) बहुत हदन िो गए , गाने-गुनगुने का मन निीों हुआ ।
(4) बहुत हदन िो गए, मन का दु ख दू र निीों हुआ और न मन में ख़ुशी आई |

Answer: इस पोंक्तक्त का अथथ िै हक बहुत हदन िो गए िैं मन को ख़ुशी हमले | इस पोंक्तक्त का तात्पयथ िै
की बहुत हदन िो गए कठपुतहलयोों को खुश हुए और कुछ भी अपने मन का करे हुए |

page : 20, Block Name : कहवता से आगे
Q2. नीचे दो स्वतोंत्रता आदोोंलनोों के वर्थ हदए गए िैं। इन दोनोों आदोलनोों के दो - दो स्वतोंत्रता सेनाहनयोों

के नाम हलक्तखए –
(क) सन् 1857

(ख)सन् 1942

Page 2 of 4

Page 4

Book : Hindi Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi

Answer: क) सन् 1857 - मोंगल पाोंडेय, लक्ष्मी बाई

ख) सन् 1942 - मिात्मा गााँधी, जवािर लाल नेिरू
page : 21, Block Name : कहवता से आगे

अनुमान और कल्पना

⚫ स्वतोंत्र िोने की लड़ाई कठपुतहलयााँ कैसे लड़ी िोगी और स्वतोंत्र िोने के बाद स्वावलोंबी िोने के
हलए क्ा-क्ा प्रयत्न हकए िोोंगे? यहद उन्हें हफर से धागे में बााँधकर नचाने के प्रयास हुए िोोंगे तब

उन्होोंने अपनी रक्षा हकस तरि के उपायोों से की िोगी?

Answer - स्वतोंत्र िोने की लड़ाई लड़ने के हलए पिले सभी कठपुतहलयााँ एकजुट हुई िोगी और आपस में
बातचीत कर कोई उपाय खोजा िोगा | सभी धागोों से मुक्त िोकर अपना जीवन जीना चािती थी | स्वतोंत्र

िोने के बाद स्वावलोंबी िोने के हलए उन्होोंने कोई कायथ हकया िोगा क्ोोंहक जीवन-यापन के हलए उन्होोंने
पररश्रम हकया िोगा | यहद उन्हें हफर से धागे में बााँ धकर नचाने के प्रयास हुए िोोंगे तब उन्होोंने अपनी रक्षा के

हलए हवरोध हकया िोगा |

page : 21, Block Name : अनुमान और कल्पना

भार्ा की बात

Q1. कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते िैं तो उनके मूल रूप में पररवतथन िो जाता िै | कठपुतली शब्द
में भी इस प्रकार का सामान्य पररवतथन हुआ िै | जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली

शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई | इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए -
जैसे - काठ(कठ) से बना - कठगुलाब, कठफोड़ा

िाथ - िथ , सोना - सोन , हमट्टी - मट
Answer -
िाथ (िथ) - िथकड़ी, िथगोला
सोना (सोन ) - सोनहचहड़यााँ , सोनपरी
हमट्टी ( मट) - मटमैला

Page 3 of 4

Page 5

Book : Hindi Ncert Solutions | Chapter - 4 Hindi

page : 21, Block Name : भार्ा की बात

Q2. कहवता की भार्ा में लय या तालमेल बनाने के हलए प्रचहलत शब्दोों और वाक्ोों में बदलाव िोता िै। जैसे-

आगे-पीछे अहधक प्रचहलत शब्दोों की जोड़ी िै , लेहकन कहवता में 'पीछे -आगे' का प्रयोग हुआ िै। यिााँ 'आगे'

का '...बोली ये धागे' से ध्वहन का तालमेल िै। इस प्रकार के शब्दोों की जोहड़योों में आप भी पररवतथन कीहजए-
दु बला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएाँ -बाएाँ , गोरा-काला, लाल-पीला आहद।

Answer:
(i) दु बला - पतला = पतला - दु बला
(ii) इधर - उधर = उधर - इधर

(iii) ऊपर - नीचे = नीचे - ऊपर
(iv) दााँए - बााँए = बााँए - दााँए

(v) गोरा - काला = काला - गोरा
(vi) लाल - पीला = पीला - लाल

page : 21, Block name - भार्ा की बात

Page 4 of 4

Document Details

Board / OrgNCERT
ExamClass 7
TypeSolution
Pages5
Languagehindi
Updated11 Aug 2026