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CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_

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CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_ - Page 1 of 17

About CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_

CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_ is available here for free download. Published by CBSE for Class 12, this solution can be viewed online or downloaded as a PDF (17 pages). Candidates preparing for Class 12 can use CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_ to understand the exam pattern, the type of questions asked, and the overall difficulty level.

Frequently Asked Questions

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Yes. CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_ can be viewed online and downloaded as a PDF free of cost on AglaSem Docs.

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CBSE Class 12 History Question Paper 2020 Set 61-3-3 Solutions _Hindi_ – Text

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Page 1

अ यतं गोपनीय - के वल आतं रक एव ं सी मत योग हेत ु

सीिनयर ूल सिटिफके ट परी ा - 2020
अंक-योजना HISTORY
SUBJECT CODE : 027 PAPER CODE : 61/3/3

सामा िनदश :-

1. आप जानते ह क परी ा थय के सही और उिचत आकलन के िलए उ र पुि तका का मू यांकन एक मह वपूण
या है। मू यांकन म एक छोटी-सी भूल भी गंभीर सम या को ज म दे सकती है जो परी ा थय के भिव य,
िश ा णाली और अ यापन- व था को भी भािवत कर सकती है। इससे बचने के िलए अनुरोध कया जाता है
क मू यांकन ारं भ करने से पूव ही आप मू यांकन िनदश को पढ़ और समझ ल। मू यांकन हम सबके िलए 10-12
दन का िमशन है अतः यह आव यक है क आप इसम अपना मह वपूण योगदान द।

2. मू यांकन अंक-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही कया जाना चािहए, अपनी ि गत ा या या कसी
अ य धारणा के अनुसार नह । यह अिनवाय है क अंक-योजना का अनुपालन पूरी तरह और िन ापूवक कया जाए।
हालाँ क, मू याक
ं न करते समय नवीनतम सच
ू ना और ान पर आधा रत अथवा नवाचार पर आधा रत उ र को
उनक स यता और उपयु ता को परखते ए परूे अक ं दए जाएँ।

3. मु य परी क येक मू यांकन कता के ारा पहले दन जाँची गई पाँच उ र पुि तका के मू यांकन क जाँच
यानपूवक कर और आ त ह क मू यांकन-योजना म दए गए िनदश के अनुसार ही मू यांकन कया जा रहा है।
परी क को बाक उ र पुि तकाएँ तभी दी जाएँ जब वह आ त हो क उनके अंकन म कोई िभ ता नह है।
4. परी क सही उ र पर सही का िनशान (√) लगाएँ और गलत उ र पर गलत का (×)। मू यांकन-कता ारा ऐसा
िच न न लगाने से ऐसा समझ म आता है क उ र सही है परं तु उस पर अंक नह दए गए। परी क ारा यह भूल
सवािधक क जाती ह।ै
5. य द कसी का उपभाग ह तो कृ पया के उपभाग के उ र पर दाय ओर अंक दए जाएँ। बाद म इन
उपभाग के अंक का योग बाय ओर के हािशये म िलखकर उसे गोलाकृ त कर दया जाए। इसका अनुपालन
दृढ़तापूवक कया जाए।

6. य द कसी के कोई उपभाग न हो तो बाय ओर के हािशये म अंक दए जाएँ और उ ह गोलाकृ त कया जाए।
इसके अनुपालन म भी दृढ़ता बरती जाए।

7. य द परी ाथ ने कसी का उ र दो थान पर िलख दया है और कसी को काटा नह है तो िजस उ र पर
अिधक अंक ा हो रहे ह , उस पर अंक द और दूसरे को काट द। य द परी ाथ ने अित र / का उ र दे
दया है तो िजन उ र पर अिधक अंक ा हो रहे ह उ ह ही वीकार कर/ उ ह पर अंक द।

8. एक ही कार क अशुि बार-बार हो तो उसे अनदख
े ा कर और उस पर अंक न काटे जाएँ।

Page 2

9. यहाँ यह यान रखना होगा क मू यांकन म संपूण अंक पैमाने 0 – 80 का योग अभी है अथात परी ाथ ने
य द सभी अपेि त उ र- बदु का उ लेख कया है तो उसे पूरे अंक दने े म संकोच न कर।

10. येक परी क को पूण काय-अविध म अथात 8 घंटे ित दन अिनवाय प से मू यांकन काय करना है और
ित दन मु य िवषय क बीस उ र-पुि तकाएँ तथा अ य िवषय क 25 उ र पुि तकाएँ जाँचनी ह। (िव तृत
िववरण ‘ पॉट गाइडलाइन’ म दया गया है)

11. यह सुिनि त कर क आप िन िलिखत कार क ु टयाँ न कर जो िपछले वष म क जाती रही ह –

 उ र पुि तका म कसी उ र या उ र के अंश को जाँचे िबना छोड़ देना।
 उ र के िलए िनधा रत अंक से अिधक अंक देना।
 उ र या दए गए अंक का योग ठीक न होना।
 उ र पुि तका के अंदर दए गए अंक का आवरण पृ पर सही अंतरण न होना।
 आवरण पृ पर ानुसार योग करने म अशुि ।
 योग करने म अंक और श द म अंतर होना।
 उ र पुि तका से ऑनलाइन अंकसूची म सही अंतरण न होना।
 कु ल अंक के योग म अशुि
 उ र पर सही का िच न ( √ ) लगाना कतु अंक न देना। सुिनि त कर क ( √) या (×) का उपयु
िनशान ठीक ढंग से और प प से लगा हो। यह मा एक रे खा के प म न हो)
 उ र का एक भाग सही और दूसरा गलत हो कतु अंक न दए गए ह ।

12. उ र पुि तका का मू यांकन करते ए य द कोई उ र पूण प से गलत हो तो उस पर (x) िनशान लगाएँ
और शू य (0) अंक द।

13. उ र पुि तका म कसी का िबना जाँचे ए छू ट जाना या योग म कसी भूल का पता लगना, मू यांकन काय
म लगे सभी लोग क छिव को और बोड क ित ा को धूिमल करता ह।ै

14. सभी परी क वा तिवक मू यांकन काय से पहले ‘ पॉट इवै यूएशन’ के िनदश से सुप रिचत हो जाएँ।

15. येक परी क सुिनि त करे क सभी उ र का मू यांकन आ है, आवरण पृ पर तथा योग म कोई अशुि
नह रह गई है तथा कु ल योग को श द और अंक म िलखा गया है।

16. क ीय मा यिमक िश ा बोड पुन: मू यांकन या के अंतगत परी ा थय के अनुरोध पर िनधा रत शु क
भुगतान के बाद उ ह उ र पुि तका क फोटो कॉपी ा करने क अनुमित दते ा ह।ै

Page 3

MARKING SCHEME HISTORY-027
CLASS XII A I S S C E-March 2020
CODE NO. 61/3/3

Q.NO. EXPECTED ANSWERS/VALUE POINTS PAGE MARKS
NO.
SECTION - A
1. राजस्थान Pg - 2 1

2. दिल्ली और िौलताबाि Pg – 1
127
3. C – IV, I, III, II Pg – 1
137
4. D – महाजनपि ों का अदविभाव और ल हे का उपय ग Pg – 84 1

5. D –. अमरावती के नष्ट ह ने के बाि ही दवद्वान स्थल परसोंरक्षण का Pg – 98 1

महत्त्व समझ सके
6. C - I, II और III Pg – 1
108
7. ब दिसत्व क उनके प्रयास ों के माध्यम से य ग्यता प्राप्त करने वाले गहन Pg – 1

ियालु मानव के रूप में माना जाता था। 103

अथवा

वाल्टर एदलयट गुोंटूर (आों ध्र प्रिे श) के आयुक्त थे दजन् न
ों े अमरावती का
िौरा दकया और मद्रास के दलए कई मूदतिकला पैनल ों क ले गए दजन्ें

एदलयट माबिल्स कहा जाने लगा। Pg - 98
8. कैलाशनाथ मोंदिर (महाराष्टर) Pg – 1

नेत्रहीन ों के दलए 107

कृष्णा
Pg –
104
9. भारतीय पुरातत्व सवेक्षण Pg – 20 1

1

Page 4

या Pg-

एस एन रॉय 20

10. ररहला 1

11. D – डच बॉम्बे में Pg – 1
319
12. माउों ट आबू और िादजिदलोंग Pg – 1
327
13. D, II-IV-I-III Pg – 1
314
14. नव ग दथक Pg – 1
341
15. A – A और R ि न ों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है। Pg – 1
296
16. दजओवन्नी करे री Pg – 1
216
17. कमल महल Pg – 1
181
18. तालीक टा की लडाई / राक्षसी ताोंगडी की लडाई Pg – 1
173
19. हररहर और बुक्का Pg – 1
171
20. हजारा राम मोंदिर Pg – 1
183
SECTION - B
21. मुगल घरे लू जीवन में पत्निय ों के बीच अोंतर:

i. बेगम- ज शाही और कुलीन पररवार ों से आती थीों, क भारी मात्रा
में नकि और महर प्राप्त ह ता था। उन्ें उच्च िजाि दिया गया था।

ii. अगहा - दजनका जन्म कुलीन पररवार में नहीों हुआ
iii. आघाछा या उप पदियाों -, मादसक भत्ता और उपहार दमलते थे

2

Page 5

iv. शासक की इच्छा के आिार पर बेगम ों की स्स्थदत में वृस्ि ह

सकती
v. अगहा और आगच्छा भी बेगम की स्स्थदत पा सकती थी

vi. प्रेम और मातृत्व ने दवदिसम्मत दववादहक पदिय ों का िजाि दिलाने
में मिि करता था

vii. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।
Pg – 3
दकन्ी तीन की व्याख्या 242

22. . भारत छ ड आों द लन त्ननस्सोंदेह एक जन आों द लन था।
i. आों ि लन का आों रोंभ महात्मा गाोंिी ने दकया था

ii. हजार ों भारतीय एक साथ शादमल हुए।
iii. हडतालें आय दजत की गईों।

iv. छात्र ों ने कॉलेज छ ड दिया।
v. आों ि लन में मदहलाओों ने सदिय रूप से भाग दलया।

vi. वकील ों ने अिालत ों क छ ड दिया।
vii. स्वतोंत्र सरकारें घ दित की गईों।
Pg – 3
viii. ल ग ों ने महात्मा गाोंिी "कर या मर " के नारे का पालन दकया
363
और राष्टर के दलए अपना जीवन लगाने क तैयार थे।
i. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।

दकन्ीों तीन दबोंिुओों की व्याख्या

23. . पहात्नडय ों का जीवन।
i. वे राजमहल पहादडय ों के आसपास रहते थे।
ii. दनवाि ह खेती दकया।

3

Page 6

iii. उन् न
ों े फसल की खेती के दलए जोंगल ों की सफाई की।
iv. उन् न
ों े वन उपज बेची।
v. वे दशकारी, भ जन इकट्ठा करने वाले और रे शम कीडा पालन करने
वाले थे।
vi. वे इमली के पेड ों में रहते थे।
vii. उन् न
ों े अपनी पहचान और अस्ित्व क बचाए रखने के दलए बाहरी
ल ग ों के हिक्षेप का दवर ि दकया।
viii. उन् न
ों े दनयदमत रूप से मैिानी इलाक ों में छापेमारी की।
Pg – 3
ix. व्यापाररय ों ने उन्ें पहादडय ों में पास का उपय ग करने के दलए छ टी
268
रादश िी।
x. वे पूरे क्षेत्र क अपनी भूदम मानते थे।
xi. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।

दकसी भी तीन दबोंिुओों का आकलन
24. हडप्पा धमम के कई पुनत्ननममामण मान्यताओों
i. िे वी की मृणमूदति

ii. पुर दहत राजा
iii. य गी- आद्य दशवा (प्र ट -दशव) - जानवर ों से दघरा

iv. - शोंक्वाकार आकार की पत्थर की विुएँ।

v. वेदियाों
vi. दवशाल स्नानागार

vii. प्रकृदत की पूजा
viii. एकशोंगी
Pg – 23 3
ix. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।
दकन्ी तीन की उिाहरण ों सदहत व्याख्या

अथवा
हडप्पा का रूपान्तरण ग्रामीण जीवन पद्धत्नत की ओर

i. कलाकृदतय ों की अनुपस्स्थदत - मुहर, माला और दमट्टी के बतिन।

4

Page 7

ii. लोंबी िू री के व्यापार, दशल्प दवशेिज्ञता गायब ह गई।

iii. आवास दनमािण के तरीक का ह्वास
iv. हरप्पा स्थल ों की भौदतक सोंस्कृदत में बिलाव

v. ग्रामीण जीवन शैली की ओर
vi. स्थानीय भार के उपय ग के दलए एक मानकीकृत वजन प्रणाली

से बिलाव।
vii. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।

दकसी भी तीन उिाहरण ों का आकलन
Pg - 17 3
SECTION - C
25.

इत्नतहासकार ों ने महाभारत का त्नवश्लेषण करते कई तत् ों पर त्नवचार
त्नकया

i. भाषा - इदतहासकार ों ने दवदभन्न भािाओों जैसे सोंस्कृत, प्राकृत,
पाली या तदमल में ग्रोंथ ों की जाोंच की।

ii. त्नवषय वस्तु - इदतहासकार वतिमान पाठ की दविय विु क ि

व्यापक शीिों के अोंतगित वगीकृत करते हैं - आख्यान और
उपिे शात्मक

a) आख्यान -दजनमें कथाएँ कथा के रूप में दनदिि ष्ट हैं।
b) दजन अनुभाग ों में उपिे शात्मक के रूप में दनदिि ष्ट सामादजक

मानिों ड ों के बारे में नुस्खे हैं।
c) यह दवभाजन दकसी भी तरह से एकाोंकी नहीों है। उपिे शात्मक

खोंड में कहादनयाों शादमल हैं और कथा में अक्सर एक सामादजक
सोंिेश शादमल ह ता है।

iii। लेखक - मूल कथा के रचदयता भाट सारथी थे दजन्े सूत

कहा जाता था ये क्षेत्रीय य िाओों के साथ युि क्षेत्र में जाते थे

5

Page 8

उनकी रचनाएँ मौस्खक रूप से प्रसाररत ह ती थीों।

a) ब्राहमण ों ने ने कथा परों परा पर अपना अदिकार कर दलया
b) नए राजा अपने इदतहास क दनयदमत रूप से दलखना चाहते थे

c) बाि में ऋदि व्यास द्वारा रदचत महाभारत।

iv. त्नतत्नथयाों
a) . इदतहासकार भी ग्रोंथ ों की रचना या सोंकलन की सोंभादवत

तारीख ों के साथ-साथ उस स्थान कीजानने भी क दशश करते हैं ,
जहाँ उनकी रचना हुई ह गी।

b) ईसा पूवि पाँचवीों शताब्दी के प्रारों भ में, महाभारत मौस्खक रूप से
प्रसाररत हुआ था।

c) पाँचवीों शताब्दी ईसा पूवि से, यह ब्राह्मण ों द्वारा दलखा गया था।
d) C200 और 200 CE के बीच - कृष्ण महत्व में बढ़ने पर रचनाएँ

की गईों।
e) C200 से 400 CE के बीच मनुस्मृदत जैसे बडे दसिान् ों क ज डा

गया।

4x2=8
Pg–72-
दकन्ीों चार दबोंिुओों की व्याख्या
76
अथवा

महाभारत बोंधुता और सामात्नजक सोंबोंध ों पर आधाररत कहानी है।

i. बोंधुता - प्राकृदतक और रक्त सोंबोंि ों पर आिाररत पाररवाररक
सोंबोंि। इदतहासकार ों ने पररवार और ररश्तेिारी के प्रदत दृदष्टक ण

की जाोंच और दवश्लेिण दकया।
ii. त्नपतृ वोंत्निकता के त्नवचार - महाभारत ने इस दवचार क पुष्ट

दकया, भूदम और शस्क्त पर झगडा कौरव ों और पाोंडव ों के बीच
था ज कौरव ों के एक ही शासक पररवार से थे।

6

Page 9

iii. त्नववाह के प्रकार - अोंत दववाह , बदह दबवाह.बहुपिी दववाह

,बहुपदत दववाह का पालन दकया गया।
iv. कन्यािान या दववाह में बेटी का उपहार दपता का एक महत्वपूणि

िादमिक कतिव्य माना जाता था।
v. मदहलाओों के ग त्र - मदहलाओों से अपेक्षा की जाती थी दक वे

अपने दपता के ग त्र क त्याग िें और अपने पदत के दववाह पर
उसे अपना लें।

vi. उसी ग त्र के सिस्य दववाह नहीों कर सकते थे।
vii. प्रत्येक ग त्र का नाम एक वैदिक द्रष्टा के नाम पर रखा गया था।
viii. मातृसत्तात्मक समाज - सातवाहन ों में माताओों के ग त्र से प्राप्त
नाम थे।

ix. गुरु दशष्य परम्परा - एकलव्य और द्र णाचायि की कहानी।
x. माँ की सलाह का महत्व - पाोंडव ों ने माँ की सलाह के बाि

द्रौपिी से शािी की। हालाँ दक, गाोंिारी द्वारा अपने पुत्र िु योिन क
िी गई सलाह का पालन नहीों दकया गया था।

xi. मदहलाओों का उत्तरादिकार - यद्यदप सामान्य मदहलाओों के पास
भूदम तक पहुोंच नहीों थी, रानी प्रभाती गुप्ता के पास भूदम पर

अदिकार थे ज उन् न
ों े िान में दिए थे
xii. िमिसूत्र ों और िमिशास्त् ों के दनयम ों का हमेशा पालन नहीों दकया

गया। उिाहरण के दलए, गैर-क्षदत्रय ब्राह्मण भी शासक बन गए।
xiii. बुस्िमान ों की तरह दववाह के आठ रूप ों क मान्यता िी गई थी

लेदकन केवल चार क ही अच्छा माना गया था जबदक शेि की
दनोंिा की गई थी।

xiv. यह सोंभव है दक इनका पालन उन ल ग ों ने दकया ज ब्राह्मणवािी
मानिों ड ों क स्वीकार नहीों करते थे।

xv. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। Pg–55-

दकसी भी आठ उिाहरण ों का आकलन . 60 8

7

Page 10

26. इस्लाम का दिमन।

i. पाँ च दसिाों त - दवश्वास के पाँ च िोंभ कहे जाते हैं ।
ii. एक ईश्वर (अल्लाह) और पैगोंबर म हम्मि क अपने िू त के रूप में
दवश्वास।
iii. दिन में पाों च बार नमाज अिा करना (नमाज)।
iv. / (ज़कात)
v. रमजान के महीने के िौरान उपवास।
vi. मक्का (हज) की तीथियात्रा करना।
vii. दशया और सुदन्नय ों के रूप में साों प्रिादयक सोंबिता।
viii. स्खजाह ने इस्माइदलस की एक शाखा क सोंचार के नए तरीके
दवकदसत दकए।
ix. कुरान से दनकले दवचार ों का प्रसार। Pg-151 8
x. ज्ञान या ज्ञान
xi. पोंजाबी, मुल्तानी, दसोंिी में भस्क्त कदवताएँ ।
xii. स्थानीय रीदत-ररवाज ों क अपनाया क् दों क मातृ और अरब व्यापाररय ों
ने मलयालम क अपनाया।
xiii. मस्िि ों में आस्था की दमसाल।
xiv. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।
xv. दकसी भी आठ मान्यताओों का आकलन त्नकया जाना है ।

अथवा
मीराबाई के जीवन और मान्यताओों का वणमन करें ।

मीराबाई का जीवन और दवश्वास।

i. भस्क्त परों परा के भीतर सविश्रेष्ठ ज्ञात मदहला कदव।
ii. भगवान कृष्ण की प्रशोंसा में उनके भस्क्त भजन के दलए जाना जाता है ,

8

Page 11

ज सदिय ों से मौस्खक रूप से प्रसाररत थे।
iii. एक राजपूत राजकुमारी दजसने पिी और माँ की पारों पररक भूदमका
क पररभादित दकया।
Pg- 164, 8
iv. कृष्ण क अपना भगवान मान दलया।
165
v. भटकते हुए सोंत के रूप में रहने के दलए अपने महल से भाग गया।
vi. तीव्र भावनाओों द्वारा रदचत गीत ज आज भी गाए जाते हैं ।
vii. उनके गुरु रदविास थे, ज एक चमडे के कायि कताि थे।
viii. उसने जादत समाज के मानिों ड ों का दवर ि दकया।
ix. दविवा या भगवा रों ग की केसररया वस्त् पहने।
x. गरीब और दनम्न जादत के ल ग ों के दलए प्रेरणा स्र त के रूप में मान्यता
प्राप्त है ।
xi. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।

दकसी भी आठ दबोंिुओों का आकलन दकया जाना है ।
27. भारत के त्नवभाजन के पररणाम ों

भारत के दवभाजन के पररणाम।
i. पादकिान और भारत में दब्रदटश भारत का प्रशासदनक दवभाजन।
ii. ि न ों सरकारें क्षेत्र ों और सोंपदत्तय ों के दवभाजन पर सहमत हुईों।
iii. लाख ों ल ग उखड गए और शरणादथिय ों में बिल गए।
iv. ल ग ों ने अपनी सभी अचल सोंपदत्त और चल सोंपदत्त ख िी।
v. ल ग ों से उनकी स्थानीय या क्षेत्रीय सोंस्कृदत छीन ली गई।
vi. साों प्रिादयक और क्षेत्रीय दनष्ठाओों का उल्लोंघन हुआ।
vii. साों प्रिादयक घृणा ने अत्यदिक साों प्रिादयक दहों सा और रक्तपात दकया।
viii. मुख्य पीदडत ि न ों पक्ष ों के अल्पसोंख्यक थे।
Pg- 8
ix. मदहलाओों का अपहरण और बलात्कार दकया गया।
380-
x. दवभाजन के अचानक, ल ग ों क यह नहीों पता था दक वे दकस सीमा के 381,
अोंिर हैं या उनका जीवन कैसे बिल जाएगा। 395-398
xi. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु।

9

Page 12

OR
कुछ त्नवद्वान त्नवभाजन क साोंप्रदात्नयक राजनीत्नत की पररणत्नत के रूप में
दे खते हैं । ” उपयुक्त त्नबोंदुओ ों के साथ कथन की जाोंच करें ।

साोंप्रदात्नयक नीत्नत की पररणत्नत के रूप में त्नवभाजन
“i)रूदढ़वािी स च
(ii) 1909 में मुसलमान ों के दलए पृथक दनवाि चन

(iii) दिसोंबर 1916 की काों ग्रेस का लखनऊ सम्मलेन

(iv) आयि समाज का गठन

(v) 1920 के िौरान मस्िि से पहले सोंगीत

(vi) आयि समाज की 1920- 1930 के िशक की शुस्ि आों ि लन

(vii) साों प्रिादयक कायिकताि ओों द्वारा तबलीग आों ि लन (प्रचार) ।

(viii) साों प्रिादयक कायिकताि ओों द्वारा तोंजीम सोंगठन

(ix) 937 के प्राों तीय चुनाव में काों ग्रेस का मुस्िम लीग के साथ गठबोंिन

सरकार के प्रिाव क अस्वीकार करना

(x) दहों िू महासभा का गठन (1916)

(xi) 23 माचि 1940 क मुस्िम ों द्वारा पादकिान प्रिाव

(xii) 1945 के िौरान और युि के बाि के घटनािम - साोंप्रिादयकपररिि।

(xiii) केदबनेट दमशन की दवफलता -

(xiv) डायरे क्ट एक्शन डे - कैदबनेट क अपना समथिन वापस लेने के बाि

दमशन, मुस्िम लीग ने ‟डायरे क्ट एक्शन के दलए दनणिय दलया

16 अगि 1946 क अपनी पादकिान की माँ ग पर दवजय।

(xv) 1946 से 1947 तक कानून और व्यवस्था क वापस लेना - पूणि
8
प्रादिकरण का टू टना।
Pg-381,
(xvi) दमदश्रत समस्याएँ - दहों िू, मुस्िम या दसख साों प्रिादयक तनाव बढ़ा। 384-392
(xvii) क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु

.

10

Page 13

SECTION - D
28. मेरा मानना है त्नक अलग त्ननवामचक मोंडल अल्पसोंख्यक ों के त्नलए
आत्मघाती ह ग
ों े।

(३०.१) "सोंत्नवधान सभा में कुछ नेताओों ने पृथक त्ननवामचक ों की के

त्नलए तकम त्नदया"। कथन की जााँच करें ।
a. सिस्य ों ने दविानसभा में पृथक दनवािचन प्रणाली के दलए तकि

दिया।
b. बी प कर बहािु र जैसे नेताओों ने पृथक दनवाि चक ों की दनरों तरता
के दलए दनवेिन दकया।
c. राजनीदतक प्रणाली में अल्पसोंख्यक ों के सद्भाव और दनष्पक्ष

प्रदतदनदित्व के दलए।
d. उन् न
ों े तकि दिया दक समुिाय ों के बीच मतभेि क कम दकया

जा सकता है।
e. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)

क ई भी ि अोंक।
(30.2) प्रस्ताव के त्नवर ध में ग त्नबोंद बल्लभ पोंत के पररप्रेक्ष्य का

त्नवश्लेषण करें ।

a. उन् न
ों े पृथक दनवािचक के दवचार का दवर ि दकया और इसे
आत्मघाती माना।

b. उन् न
ों े तकि दिया दक अल्पसोंख्यक ों क स्थायी रूप से पृथक

दकया जाएगा और यह उन्ें कमज र बनाएगा।
c. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)

कईि।
(३०.३) भारत क एक मजबूत एकीकृत राष्ट्र बनाने के त्नलए त्नकए गए

तकों का त्नवश्लेषण करें ।

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a. राजनीदतक एकता बनाने और राष्टर क मजबूत बनाने के दलए

एक मजबूत केंद्र क महत्व दिया गया।
b. सभा सिस्य ों ने अस्स्मता पर ज र दिया।

c. समुिाय ों क साोंस्कृदतक सोंस्थाओों के रूप में मान्यता िी पर ज र
Pg-418 2+2+2=6
दिया। और साोंस्कृदतक अदिकार ों का आश्वासन पर ज र दिया।

d. वफािार नागररक बनने के दलए ल ग ों क केवल समुिाय और
स्वयों पर ध्यान केंदद्रत करना बोंि करना पर ज र दिया।

e. क ई अन्य सापेक्ष त्नबोंदु। (2)
कईद।

29. स्र त आधाररत प्रश्न

प्रभावती गुप्ता और दों गुन गााँव

(२ (.१) रानी प्रभावती गुप्ताने धात्नममक य ग्यता अत्नजमत करने की

क त्निि कैसे की?

प्रभावती गुप्ता ने िादमिक य ग्यता अदजित करने का प्रयास दकया
a. उसने जमीनें िान कर िीों।
b. उन् न
ों े आचायि क सम्मान और श्रिाोंजदल अदपित की।
क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)

(२ (.२) भूत्नम दान के असामान्य पहलू

a. सैदनक ों और पुदलसकदमिय ों क िी गई भूदम।
b. जानवर ों और क यला प्रिान करने के िादयत्व से छूट।

c. मदिरा खरीिने और नमक ख िने से मुस्क्त

d. खान ों और खादिरा के पेड ों से मुस्क्त

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e. खदनज पिाथि और खदिर से मुस्क्त

f. फूल और िू ि की आपूदति करने की बाध्यता से छूट।
g. प्रमुख और छ टे कर ों से छूट।

h. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)
कईि।

28.3) त्निलालेख हमें राज्य और सामान्य ल ग ों के बीच के सोंबोंध के
बारे में क्या बतात है ?

a. सािारण ल ग ों क राजा से उपज क दहस्सा दमलने की उम्मीि
थी
b. उन्ें राज्य के आिे श ों का पालन करना ह ता था ।

c. राज्य ने कृदि भूदम के दविार के दलए सोंभवतः छ टे भूखोंड ों का
िान दकया।

d. ल ग लेन-िे न का ररकॉडि नहीों रखते थे।
e. भूदम अनुिान भी राजनीदतक शस्क्त क कमज र करने का

सोंकेत था
f. और शासक अपने क ताकतवर दिखाना चाहते थे

g. क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)
कईि
Pg – 41
2+2+2=6
30.

पेड ों और खेत ों की त्नसोंचाई करना।

(२ ९ .१) मुगल काल के दौरान लाहौर में त्नसोंचाई के स्र त, उदाहरण
के साथ समझाइए।

a. पदहया दसोंचाई।

b. वे कुएों की गहराई के अनुरूप, उनके बीच लकडी के रस्सी के

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ि घेरे बनाते थे ।

c. िुरी पर एक और पदहया
d. अोंदतम पदहये क बैल के जररये घुमाया जा ता था पदहया के एक

छ र पर एक िू सरा पदहया तय ह जाता था
क ई भी ि (2)

(२ ९ .२) आगरा में भूत्नम क त्नसोंत्नचत करने के त्नलए त्नकस प्रणाली का
उपय ग त्नकया गया? उदाहरण सत्नहत स्पष्ट् कीत्नजए।

a. ल ग बाल्टी से पानी भरते हैं ।
b. अच्छी तरह से दकनारे पर, वे लकडी का एक काोंटा स्थादपत

करते हैं दजसमें काोंटे के बीच एक र लर समाय दजत ह ता है , एक
रस्सी क एक बडी बाल्टी से बाँिते हैं , एक र लर के ऊपर रस्सी

डालते हैं और इसके िू सरे दसरे क बैल से बाँ िते हैं।
क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)

(२ ९ .३) त्नसोंचाई पररय जनाओों क मुगल राज्य का समथमन कैसे Pg – 2+2+2=6

त्नमला? 199

मुगल राज्य का समथिन?
a. राज्य ने नई नहर ों की खुिाई का काम शुरू दकया। (नहर, नाला)
b. शाह नहर जैसे पुराने क िु रुि दकया

क ई अन्य प्रासोंदगक दबोंिु। (2)

31. मानत्नचत्र आधाररत प्रश्न 1x6=6

(31.1) सोंलग्न नक्शा दे खें। 1x3
1x3
(31.2) सोंलग्न मानत्नचत्र दे खें।

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Q.No. के बदले में दृत्नष्ट्हीन परीक्षात्नथमय ों के त्नलए 31: Pg- 30 1x3

(३१.१) मगि, पाोंचला, तक्षदशला, गाोंिार, कुरु, उज्जदयनी, वाोंगा, अोंगा,
वादज, वत्स, मल्ल, कौशाम्भी, क सल, कासी, मत्स्य, सुरसेना, असाका,

अवोंती, कम्ब ज
क ई तीन

(31.2) आगरा, लाहौर, फतेहपुरसीकरी, शाहजहानाबाि (दिल्ली) 1x3

क ई तीन

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Document Details

Board / OrgCBSE
ExamClass 12
TypeSolution
Pages17
Updated22 Jul 2026