NCERT Solutions for Class 7 Hindi (वसंत) Chapter 8 रहीम के दोहे – Text
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NCERT
SOLUTIONS
CLASS - 7th
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Class : 7th
Subject : Hindi
Chapter : 11
Chapter Name : रहीम के दोहे
Q1 पाठ में ददए गए दोहोों की कोई पोंक्ति कथन है और कोई कथन को प्रमादित करने वाला उदाहरि। इन
दोनोों प्रकार की पोंक्तियोों को पहचान कर अलग-अलग दलक्तिए।
कथन वाले दोहे –
कदह रहीम सोंपदत सगे, बनत बहुत बहु रीत।
दबपदत कसौटी जे कसे, तेई सााँचे मीत।।
इस दोहे में बताया है दक सोंपदि होने पर तो सब साथ होते है लेदकन कदठन समय में जो साथ रहे वही सच्चा
दमत्र होता हैं |
कथन को प्रमादित करने वाले दोहे –
थोथे बादर क्वार वके, ज्ोों रहीम घहरात।
धनी पुरुष दनधधन भए, करें पादिली बात।।
गरीब लोग जो पहले अमीर थे वे अपनी पुरानी बातें लोगोों को बताकर गवध करते हैं | कदव ने इस कथन को
क्वार के बादल का उदाहरि दे कर प्रमादित दकया हैं |
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Q2. रहीम ने क्वार के मास में गरजने वाले बादलोों की तुलना ऐसे दनधधन व्यक्तियोों से क्ोों की है जो पहले
कभी धनी थे और बीती बातोों को बताकर दू सरोों को प्रभादवत करना चाहते हैं ? दोहे के आधार पर आप सावन
के बरसने और गरजने वाले बादलोों के दवषय में क्ा कहना चाहेंगे?
Answer. क्वार के महीने में बादल केवल गरजते है , उनके बरसने की सोंभावना बहुत कम होती है | सावन
के बादल ही ज्ादातर बरसते हैं | इसी प्रकार जो दनधधन व्यक्ति पहले अमीर थे वे केवल अपने पुराने समय
की कल्पना करके लोगोों को प्रभादवत ही कर सकते हैं | उनके वापस अमीर होने की सोंभावना कम ही होती
है |
Page : 84 , Block Name : दोहे से
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दोहोों से आगे
⚫ नीचे ददए दोहोों में बताई गई सच्चाइयोों को यदद हम अपने जीवन में उतार लें तो उनके क्ा लाभ
होोंगे? सोदचए और दलक्तिए –
(क) तरुवर फल …………. सचदहों सुजान | |
(ि) धरती की-सी …………. यह दे ह | |
(क) इस दोहे में रहीम ने कहा है दक दजस तरह पेड़ अपने फल स्वयों नहीों िाते, सरोवर अपना जल
स्वयों नहीों पीते उसी तरह सज्जन पुरुष अपने धन को दू सरोों के दहत के दलए उपयोग करते हैं
| यदद हम भी अपने जीवन में इस सच्चाई को उतार ले तो हम भी अपने जीवन को साथधक बना
सकते हैं | अपने ज्ञान का, अपने धन का उपयोग जनदहत में कर सकते हैं |
(ि) इस दोहे में रहीम ने कहा है दक दजस तरह धरती हर पररवतधन को सहज रूप से लेती है उसी
तरह हमारा शरीर भी होना चादहए | यदद हम भी धरती की तरह सहनशील हो जाये तो अपने
जीवन में आने वाली दकसी भी पररक्तथथदत को हम आसानी से स्वीकार कर सकते हैं |
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भाषा की बात
Q1. दनम्नदलक्तित शब्ोों के प्रचदलत दहोंदी रूप दलक्तिए-
जैसे-परे -पड़े (रे , डे )
दबपदत बादर
मिरी सीत
दबपदत – दवपदि
बादर - बादल
मिरी - मिली
सीत - शीत
Q2. नीचे ददए उदाहरि पदिए-
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Book : Hindi Ncert Solutions | Chapter - 11 Hindi
(क) बनत बहुत बहु रीत।
(ि) जाल परे जल जात बदह।
उपयुधि उदाहरिोों की पहली पोंक्ति में 'ब' का प्रयोग कई बार दकया गया है और दू सरी में 'ज' का प्रयोग।
इस प्रकार बार-बार एक ध्वदन के आने से भाषा की सुोंदरता बि जाती है। वाक् रचना की इस दवशेषता के
अन्य उदाहरि िोजकर दलक्तिए।
· सोंपदि- सचदहों सुजान ||
· मुददत महीपदत मोंददर आए | |
· सुरुदच सुबास सरस अनुरागा | |
· तरदन तनुजा तट तमाल तरुवर बहु िाए | |
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