NCERT Solutions for Class 6 Social Science (नागरिक शास्त्र) Chapter 2 विविधता एवं भेदभाव – Text
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CLASS - 6TH
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Book : Social and Political Life Ncert Solutions | Chapter-2 Social Science - Civics
Class : 6th
Subject : Social-Science-Civics
Chapter : 2
Chapter Name : विविधता एिं भेदभाि
Q1 विम्नविखित कथि ं का मेि कराइए। रूविबद्ध धारणाओं क कैसे चुिौती दी जा रही है , इस पर चचाा कीवजए।
(क) द डॉक्टर िािा िािे बैठे थे और उिमें से एक 1. दमा का पुरािा मरीज़ है ।
िे म बाइि पर फ ि करके
(ि) वजस बच्चे िे वचत्रकिा प्रवतय विता जीती , िह 2. एक अंतररक्ष यात्री बििे का सपिा अंततः पूरा
मंचपर हुआ।
(ि) संसार के सबसे तेज़ धािक ं में से एक 3. अपिी बेटी से बात की ज उसी समय स्कूि से
िौटी
थी।
(घ) िह बहुत अमीर िहीं थी , िेवकि उसका 4. पुरस्कार िेिे के विए एक पवहय ि
ं ािी कुसी पर
िया।
Answer.
(क) - 3
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(ि) - 4
(ि) - 1
(घ) - 2
Page : 27 , Block Name : प्रश्न अभ्यास (short answer question)
Q2 िड़वकयााँ मााँ-बाप के विए ब झ हैं , यह रूविबद्ध धारणा एक िड़की के जीिि क वकस तरह प्रभावित करती
है ? उसके अिि-अिि पााँ च प्रभाि ं का उल्लेि कीवजए।
Answer. रूवििादी विचार या विश्वास, ज हम वकसी एक व्यखि या समूह के बारे में बिा िेते है , वजसमें िेशमात्र
सच्चाई िहीं ह ती। यह तब ह ता है जब ऐसे विचार एक पीिी से दू सरी पीिी में आते है । ऐसे विचार रूवििादी
धारणा उत्पन्न करते है और शांवत क िष्ट करते है ।
कुछ रूवििादी धारणाएाँ हमारे दे श में प्रचवित है ज इस प्रकार है -
➔ ज ि ि चश्मा पहिते है उिका रिैया बुरा ह ता है ।
➔ अफ्रीकि ि ि बहुत िरीब ह ते है ।
➔ िड़के िेि में अच्छे ह ते है ।
इसी प्रकार एक बहुत ही महत्वपूणा धारणा ज हमारे दे श में प्रचवित है िह है वक िड़वकयााँ अपिे मााँ बाप के विए
ब झ ह ती है । इस रूवििादी धारणा के आधार पर ज व्यिहार िड़क ं के साथ वकया जाता है उससे भेदभाि की
खिवथ भी उत्पन्न ह जाती है ।
िड़वकय ं के जीिि पर विम्नविखित प्रभाि पड़ते है -
➔ िड़वकय ं के साथ बचपि से ही पक्षपात वकया जाता है ।
➔ उिकी महत्वकां क्षाओ क दबा वदया जाता है ।
➔ उन्हें अपिी पसंद का िेि भी िहीं िेििे वदया जाता, कहा जाता है तुम वकचि सेट से िेि फुटबॉि और
विकेट िड़क का िेि है ।
➔ घर के काम ं में मााँ का हाथ बटािे क कहा जाता है , बचपि से वसिाया जाता है वक घर के काम ं पर ध्याि
द , बेवटयां त ह ती ही इसीविए हैं ।
➔ उन्हें ज़्यादा पििे से भी र का जाता है । िड़क के साथ िािे स्कूि में जािे से भी र का जाता है
इि सभी कारण ं से कभी कभी िड़वकय ं की मािवसक खिवथ पर बुरा प्रभाि पड़ता है । िे अपिे आपक द षी भी
माििे ििती है ।
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Q3 भारत का संविधाि समािता के बारे में क्या कहता है ? आपक यह क्य ं ििता है वक सभी ि ि ं में समािता
ह िा ज़रूरी है ?
Answer. भारत के सविंधाि में समािता के अवधकार से तात्पया है वक चाहे क ई भी व्यखि ह , जावत , विंि , िणा ,
धमा , क्षेत्र , िंश, सभी क सामाि अवधकार प्राप्त ह । प्रत्येक िािररक क सामाि रूप से ि ट दे िे का, काया करिे
का ( व्यिसाय ) िौकरी करिे का, पििे का, कहीं भी घूमिे वफरिे का अिसर प्राप्त ह ।
प्रत्येक िािररक के विए कािूि भी समाि ह चाहे िह प्रधािमंत्री ह , आम िािररक ह , या वफर क ई मजदू र ह ।
सभी ि ि में समािता ह िे से भेदभाि की खिवथ िहीं ह िी, ि ही ि ि में ि ध, आि श ह िा, अराजकता िहीं
ह िी। समािता के विए विशेषावधकार ं का अंत ह िा जरूरी है यह असमािता का एक बड़ा कारण है और दे श के
विकास के विए ज़रूरी भी है ।
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